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भारत-अमेरिका: राजदूत ने की नेताओं से बातचीत, व्यापार और ऊर्जा सहयोग पर फोकस

वॉशिंगटन अमेरिका में भारत के राजदूत विनय मोहन क्वात्रा ने अमेरिकी नेताओं से लगातार हो रही मुलाकातों के तहत रिपब्लिकन पार्टी के सीनेटर बिल हेगर्टी से भेंट की। इस दौरान उन्होंने द्विपक्षीय संवाद की प्रगति पर चर्चा की, जिसका उद्देश्य निष्पक्ष, संतुलित और पारस्परिक रूप से लाभकारी व्यापारिक साझेदारी सुनिश्चित करना है। दोनों पक्षों ने भारत की ऊर्जा सुरक्षा और भारत-अमेरिका के बीच बढ़ते हाइड्रोकार्बन व्यापार पर भी विचार साझा किए। क्वात्रा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “आज सीनेटर बिल हेगर्टी के साथ उपयोगी चर्चा हुई। भारत-अमेरिका साझेदारी के प्रति उनके निरंतर और मजबूत समर्थन के लिए आभारी हूं। निष्पक्ष और संतुलित व्यापारिक संबंधों पर जारी वार्ताओं की जानकारी दी। साथ ही, भारत की ऊर्जा सुरक्षा और हाइड्रोकार्बन व्यापार में वृद्धि पर भी विचार साझा किए।” भारतीय राजदूत ने डेमोक्रेटिक पार्टी के सांसद ग्रेग लैंड्समैन से भी रचनात्मक बातचीत की। इस दौरान उन्होंने द्विपक्षीय व्यापार संवाद और ऊर्जा सुरक्षा पर हालिया प्रगति से उन्हें अवगत कराया। गुरुवार को क्वात्रा ने हाउस आर्म्ड सर्विसेज डेमोक्रेट्स के रैंकिंग सदस्य एडम स्मिथ से भी बातचीत की। इस चर्चा में भारत-अमेरिका संबंधों में हालिया घटनाक्रमों और व्यापार, ऊर्जा तथा रक्षा सहयोग को आगे बढ़ाने पर स्पष्ट विचार साझा किए। उन्होंने कहा, “प्रतिनिधि एडम स्मिथ के साथ रोचक चर्चा हुई। भारत-अमेरिका रिश्तों और आपसी सहयोग के विभिन्न पहलुओं पर उनके निरंतर समर्थन के लिए आभारी हूं।” इसके अलावा, क्वात्रा ने अमेरिकी सांसद जोश गॉथहाइमर से भी मुलाकात की, जो हाउस इंटेलिजेंस कमेटी की नेशनल सिक्योरिटी एजेंसी और साइबर उपसमिति के रैंकिंग सदस्य हैं। इस बैठक में द्विपक्षीय ऊर्जा सहयोग, खासकर तेल और गैस व्यापार तथा संतुलित और निष्पक्ष व्यापारिक संबंधों पर विचार साझा किए गए। क्वात्रा की ये बैठकें ऐसे समय में हुई हैं जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस महीने की शुरुआत में भारत पर अतिरिक्त 25 प्रतिशत टैरिफ बढ़ोतरी की घोषणा की। ट्रंप ने भारत के रूस से लगातार कच्चा तेल आयात करने को इसका मुख्य कारण बताया। इससे पहले 20 जुलाई को 25 प्रतिशत का एक और टैरिफ लागू हो चुका है। अमेरिकी कदम पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए भारत के विदेश मंत्रालय ने इसे “अनुचित, अन्यायपूर्ण और अव्यावहारिक” करार दिया। मंत्रालय ने कहा कि भारत की ऊर्जा जरूरतों और रणनीतिक स्वायत्तता का सम्मान किया जाना चाहिए।

श्रम विभाग और संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष के बीच समझौता ज्ञापन हस्ताक्षरित

भोपाल  श्रमिकों के कल्याण, शिक्षा और सामाजिक सहभागिता को बढ़ाने की दिशा में प्रदेश श्रम विभाग और संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष के मध्य एक समझौता ज्ञापन पर शुक्रवार को मंत्रालय में हस्ताक्षर किए गए। इस अवसर पर सचिव श्रम विभाग श्री रघुराज राजेंद्रन, यूएनएफपीए भूटान प्रतिनिधि एंड्रिया एम. वोज्नार आदि उपस्थित थी। इस समझौता ज्ञापन का उद्देश्य किशोरों और युवाओं के कल्याण को बढ़ावा देने और उनके स्वास्थ्य, शिक्षा और जीवन कौशल में सुधार करने के लिए सहयोग करना है। स्वास्थ्य प्रणालियाँ सुदृढ़ होंगी समझौता ज्ञापन के अनुसार दोनों पक्ष किशोरों और युवाओं के कल्याण को सुदृढ़ करने के अवसरों की पहचान करने के लिए श्रम विभाग के अंतर्गत मौजूदा संचालित श्रमोदय विद्यालय और आईटीआई सहित अन्य कार्यक्रमों और योजनाओं का संयुक्त रूप से मानचित्रण और मूल्यांकन करने पर सहमत हैं। निष्कर्षों के आधार पर, यूएनएफपीए सबसे कमजोर आबादी तक पहुँचने के उद्देश्य से एक व्यापक, साक्ष्य-आधारित प्रस्ताव विकसित करने में विभाग का समर्थन करेगा। इस समझौता ज्ञापन के माध्यम से, संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष और मध्य प्रदेश सरकार का श्रम विभाग किशोरों और युवाओं के कल्याण को बढ़ावा देने और उनके स्वास्थ्य, शिक्षा और जीवन कौशल में सुधार करने के लिए मिलकर काम करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। दोनों पक्षों ने इस समझौता ज्ञापन के माध्यम से किशोरों और युवाओं के कल्याण को बढ़ावा देने के लिए अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की है। समझौता ज्ञापन के प्रमुख बिंदु     किशोरों और युवाओं के लिए स्वास्थ्य और कल्याण शिक्षा सत्र आयोजित करने के लिए क्षमता निर्माण करना।     स्कूलों में सामाजिक स्वास्थ्य क्लब लागू करना और इसे सह-संस्थागत बनाना।     किशोरों के कल्याण को बढ़ावा देने के लिए शिक्षकों की मदद लेना।     मानसिक स्वास्थ्य और मनो-सामाजिक सहायता प्रणालियों को बढ़ाने के लिए समर्थन।  

बिहार में मतदाता सूची विवाद: कांग्रेस ने सुप्रीम कोर्ट के निर्णय का किया समर्थन

नई दिल्ली बिहार की मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर नाम काटे जाने (एसआईआर मुद्दे) को लेकर कांग्रेस पार्टी ने आज सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत किया। कांग्रेस ने कहा कि यह फैसला लोकतंत्र पर हुए एक कठोर हमले से देश को बचाने वाला है और चुनाव आयोग (ECI) की कार्यप्रणाली को पूरी तरह उजागर कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट का आदेश 14 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा था कि काटे गए मतदाताओं की पूरी सूची सार्वजनिक की जाए। इसके साथ ही सूची के साथ-साथ नाम काटने की वजह भी बताई जाए। कोर्ट ने या भी कहा कि जिन मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं, वे आधार कार्ड को पहचान पत्र के तौर पर दिखाकर मतदान कर सकें। आज अदालत ने अपने ही आदेश को दोहराते हुए साफ कहा कि चुनाव आयोग को आधार कार्ड को वैध पहचान पत्र मानना ही होगा। कोर्ट के फैसले पर कांग्रेस की प्रतिक्रिया कांग्रेस ने फैसले का स्वागत करते हुए कहा, 'आज सुप्रीम कोर्ट ने लोकतंत्र को सुरक्षित किया है। चुनाव आयोग ने अब तक बाधा डालने वाली और मतदाताओं के अधिकारों के खिलाफ काम करने वाली भूमिका निभाई थी। लेकिन अब अदालत ने राजनीतिक दलों को भी इस पूरी प्रक्रिया में शामिल करने का रास्ता खोल दिया है। यह एक ऐतिहासिक कदम है।' कांग्रेस नेताओं का कहना है कि अब उन्हें एक लागू होने योग्य अधिकार मिल गया है जिसे चुनाव आयोग अनदेखा नहीं कर सकता। चुनाव आयोग पर तीखा हमला कांग्रेस ने सीधे चुनाव आयोग पर निशाना साधते हुए कहा- 'आज चुनाव आयोग पूरी तरह बेनकाब और बदनाम हो चुका है। उसके पीछे के 'जी-2 कठपुतली संचालक' भी पूरी तरह पराजित हो गए हैं।'

पूर्व राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे पर भ्रष्टाचार का आरोप, श्रीलंका पुलिस ने किया गिरफ्तार

कोलंबो  श्रीलंका के पूर्व राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे को शुक्रवार को आपराधिक जांच विभाग (सीआईडी) ने गिरफ्तार कर लिया है। वे सरकारी धन के दुरुपयोग के आरोप को लेकर कोलंबो स्थित सीआईडी कार्यालय में बयान दर्ज कराने गए थे, जहां उनको गिरफ्तार कर लिया गया। श्रीलंकाई मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, यह जांच सितंबर 2023 में उनकी लंदन यात्रा से संबंधित है, जहां वे अपनी पत्नी, प्रोफेसर मैत्री विक्रमसिंघे के वॉल्वरहैम्प्टन विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में शामिल हुए थे। जांचकर्ताओं का दावा है कि इस यात्रा और सुरक्षा खर्चों के लिए सरकारी धन का उपयोग किया गया था। पूर्व राष्ट्रपति विक्रमसिंघे ने इन आरोपों का खंडन किया है और कहा है कि उनकी पत्नी ने अपने खर्चे खुद उठाए थे और किसी भी सार्वजनिक धन का दुरुपयोग नहीं हुआ। सीआईडी ने पहले फोर्ट मजिस्ट्रेट कोर्ट में साक्ष्य प्रस्तुत किए थे और उनके पूर्व निजी सचिव सैंड्रा परेरा और पूर्व राष्ट्रपति सचिव समन एकनायके के बयान दर्ज किए थे। शुक्रवार सुबह चार घंटे से अधिक समय तक बयान दर्ज कराने के बाद उन्हें हिरासत में लिया गया और जल्द ही फोर्ट मजिस्ट्रेट कोर्ट में पेश किए जाने की उम्मीद है। बता दें कि मंगलवार को सीआईडी अधिकारियों का उनके पास पेश होने के लिए फोन आया था। इसके बाद उन्होंने अपने वकीलों को सूचित किया था कि वह इस सप्ताह ही उपस्थित होंगे। उनके वकीलों ने सीआईडी को बताया था कि वह शुक्रवार को पेश होंगे। विक्रमसिंघे के वकीलों ने उन्हें गिरफ्तारी के लिए तैयार रहने की सलाह दी थी। पूर्व राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे की पेशी से पहले फोर्ट मजिस्ट्रेट कोर्ट के आसपास सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त कर दिया गया है। विक्रमसिंघे ने जुलाई 2022 में गोटाबाया राजपक्षे के इस्तीफे के बाद श्रीलंका के राष्ट्रपति का पद संभाला था, और सितंबर 2024 में वह चुनाव हार गए थे। वह श्रीलंका के इतिहास में गिरफ्तार होने वाले पहले पूर्व राष्ट्रपति हैं।

नगरीय निकायों की फोटोयुक्त मतदाता सूची का पुनरीक्षण कार्यक्रम जारी

13 नवम्बर को होगा अंतिम प्रकाशन भोपाल सचिव राज्य निर्वाचन आयोग श्री अभिषेक सिंह ने जानकारी दी है कि नगरीय निकायों की फोटोयुक्त मतदाता सूची के वार्षिक पुनरीक्षण का कार्यक्रम जारी कर दिया गया है। पुनरीक्षण 1 जनवरी 2025 की संदर्भ तारीख के आधार पर किया जाएगा। जिन नगरीय निकायों की मतदाता सूची का पुनरीक्षण कार्य उप निर्वाचन वर्ष 2025 पूर्वार्ध के लिये किया जा चुका है, उनके लिये यह लागू नहीं होगा। फोटोयुक्त मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन 13 नवम्बर 2025 को होगा। रजिस्ट्रीकरण, सहायक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी और मास्टर ट्रेनर्स की नियुक्ति तथा जिला स्तरीय प्रशिक्षण 25 अगस्त तक किया जाएगा। फोटोयुक्त प्रारूप मतदाता सूची का नगर पालिका वार्ड और अन्य विहित स्थानों पर सार्वजनिक प्रकाशन 8 अक्टूबर 2025 को किया जाएगा। प्रारूप मतदाता सूची के संबंध में 8 से 17 अक्टूबर तक दावे-आपत्ति लिये जाएंगे। दावे-आपत्तियों का निराकरण 27 अक्टूबर तक किया जाएगा। फोटोयुक्त अंतिम मतदाता सूची का नगर पालिका वार्ड तथा अन्य विहित स्थानों पर सार्वजनिक प्रकाशन 13 नवम्बर 2025 को किया जाएगा। इस संबंध में विस्तृत निर्देश कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारियों को जारी कर दिये गये हैं।  

अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री चौहान ने अलीराजपुर में किया नि:शुल्क साइकिल वितरण

सोण्डवा जनपद में 24 लाख रुपये की विद्युत डीपी का हुआ शुभारंभ भोपाल  अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री श्री नागर सिंह चौहान ने शासन की निशुल्क साइकिल वितरण योजना के तहत शुक्रवार को अलीराजपुर जिले के ग्राम मथवाड और छकतला में कक्षा 6 और 9 में प्रवेश लेने वाले छात्र-छात्राओं को 176 साइकिलें वितरित कीं। मंत्री श्री चौहान ने कहा कि इस योजना का उद्देश्य दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले या छात्रावासों में निवासरत विद्यार्थियों को स्कूल आने-जाने में सुविधा प्रदान करना है, जिससे वे निरंतर शिक्षा प्राप्त कर सकें। इस पहल से जिले में स्कूली बच्चों की संख्या में वृद्धि हुई है और विशेषकर छात्राओं के शैक्षिक स्तर में उल्लेखनीय सुधार देखा जा रहा है। मंत्री श्री चौहान नेकहा कि सरकार बच्चों की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। मेधावी विद्यार्थियों को लैपटॉप, स्कूटी और उच्च शिक्षा के लिए छात्रवृत्ति जैसी सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं। इसके अलावा, अनुसूचित जनजाति के विद्यार्थियों को नीट, जेईई, क्लेट जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए आकांक्षा योजना के तहत नि:शुल्क कोचिंग और आवासीय सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिससे वे प्रतिष्ठित कॉलेजों में प्रवेश प्राप्त कर चिकित्सक, इंजीनियर आदि बन सकें। नवीन विद्युत डीपी का उद्घाटन मंत्री श्री चौहान ने अलीराजपुर जिले के सोण्डवा जनपद में 24 लाख रुपये की लागत की नवीन विद्युत डीपी का उद्घाटन किया। यह डीपी ग्राम छिनकी और उमरी में विद्युत संबंधी समस्याओं के समाधान और कृषकों को सिंचाई के लिए पर्याप्त बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से स्थापित की गई है। इस अवसर पर उन्होंने ग्रामीणों से भेंट कर उनकी समस्याओं को सुना और समाधान किया।  

मुख्यमंत्री का निर्देश, यात्री सुरक्षा, सुविधा और राजस्व वृद्धि पर विभाग करे हरसंभव प्रयास

पीपीपी मॉडल पर 23 बस स्टेशनों का आधुनिकीकरण, दूसरे चरण में 54 और तैयार राज्य में बन रहे 8 इलेक्ट्रिक डिपो, ईवी को मिलेगा प्रोत्साहन,  सड़क सुरक्षा पर सख्ती, ‘नो हेलमेट-नो फ्यूल’ 78 लाख से अधिक लोगों ने रक्षाबंधन पर उठाया निःशुल्क यात्रा का लाभ 2024-25 में 37.9 लाख नए वाहन पंजीकृत, ई-वाहनों को मिली 942 करोड़ की कर छूट लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में ई-बसों की खरीद में ‘मेड इन यूपी’ को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि परिवहन विभाग द्वारा आगे से खरीदी जाने वाली बसें यथासंभव उत्तर प्रदेश में ही निर्मित हों। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कदम राज्य की औद्योगिक प्रगति को गति देगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ाएगा। शुक्रवार को परिवहन विभाग और उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि बस स्टेशनों के निर्माण कार्यों में तेजी लाई जाए, यात्रियों की सुविधा सर्वोपरि हो और सड़क सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने इलेक्ट्रिक बसों के संचालन को प्रोत्साहन देने और राजस्व वृद्धि के लिए हर संभव प्रयास करने पर बल दिया। बैठक में प्रस्तुतिकरण के दौरान बताया गया कि रोडवेज 23 बस स्टेशनों को पीपीपी मॉडल पर विश्वस्तरीय टर्मिनल के रूप में विकसित कर रहा है। दूसरे चरण में 54 अतिरिक्त बस स्टेशनों का विकास प्रस्तावित है, जबकि 50 बस स्टेशनों का निर्माण कार्य प्रगति पर है। यूपीएसआरटीसी 8 शहरों में इलेक्ट्रिक डिपो भी स्थापित कर रहा है, जहाँ 240 किलोवाट क्षमता के 4 से 8 यूनिवर्सल चार्जर लगाए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने सुगम आवागमन के लिए नए रूट चिन्हित करने और निजी क्षेत्र की भागीदारी को बढ़ावा देने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने रक्षाबंधन के अवसर पर माताओं-बहनों और उनके एक सहयात्री को तीन दिन तक निःशुल्क यात्रा की सुविधा का लाभ 78 लाख से अधिक लोगों द्वारा लिए जाने पर प्रसन्नता जताई। परिवहन विभाग की उपलब्धियों पर चर्चा करते हुए अधिकारियों ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में प्रदेश में 37.9 लाख नए वाहन पंजीकृत हुए, जबकि चालू वित्तीय वर्ष में जून तक ही 11 लाख से अधिक वाहनों का पंजीकरण हो चुका है। इलेक्ट्रिक वाहनों को प्रोत्साहित करने के लिए कर एवं शुल्क में 942 करोड़ रुपये से अधिक की छूट दी गई है। सड़क सुरक्षा को लेकर ‘नो हेलमेट-नो फ्यूल’ जैसी नीति लागू है। मुख्यमंत्री ने कहा कि दुर्घटनाओं को कम करने के लिए आधुनिक तकनीक का उपयोग तथा पुलिस के साथ समन्वय बढ़ाया जाए।

परिवारवाद पर अमित शाह की तीखी टिप्पणी, स्टालिन और सोनिया गांधी घिरे

चेन्नई केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को तमिलनाडु में बूथ कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि मैं देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा का हार्दिक आभार व्यक्त करता हूं कि उन्होंने एक प्रतिष्ठित तमिल नेता, सीपी राधाकृष्णन को उपराष्ट्रपति जैसे प्रतिष्ठित पद के लिए मनोनीत किया है। अमित शाह ने कहा कि पहलगाम में, पाकिस्तान प्रायोजित आतंकियों ने निर्दोष नागरिकों की दुखद जान ले ली। मोदी ने देश को दृढ़ता से आश्वस्त किया कि आतंकियों और उनके कृत्यों को अंजाम देने वालों, दोनों को परिणाम भुगतने होंगे। 'ऑपरेशन सिंदूर' के तहत पाकिस्तान स्थित आतंकी ठिकानों को तबाह कर दिया गया। इसके अलावा, 'ऑपरेशन महादेव' ने पहलगाम में हुए जघन्य हमले के लिए जिम्मेदार तीन आतंकवादियों को सफलतापूर्वक मार गिराया। उन्होंने कहा कि लोकसभा में प्रधानमंत्री मोदी ने 130वां संविधान संशोधन विधेयक पेश किया। पूरा विपक्ष एकजुट होकर इस विधेयक का विरोध कर रहा है। प्रस्तावित विधेयक में कहा गया है कि अगर किसी मुख्यमंत्री या प्रधानमंत्री को जेल होती है, तो उन्हें अपने पद से इस्तीफा देना होगा। विपक्ष ने इस विधेयक पर सवाल उठाए। हालांकि, यह उल्लेखनीय है कि डीएमके के दो वरिष्ठ मंत्री लगभग आठ महीने जेल में रहे और इस दौरान उन्होंने अपने पदों से इस्तीफा नहीं दिया। किसी व्यक्ति का जेल से शासन करना अव्यावहारिक और अनुचित है। केंद्रीय गृह मंत्री ने आगे कहा कि यहां तक कि डीएमके इस विधेयक को 'काला विधेयक' बताकर इसकी आलोचना कर रहा है। मैं स्टालिन को याद दिलाना चाहूंगा कि अनैतिक कार्यों में लिप्त लोगों को ऐसे आरोप लगाने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि डीएमके सरकार देश की सबसे भ्रष्ट सरकारों में से एक है, जो कई हाई-प्रोफाइल घोटालों में फंसी है। इनमें टीएएसएमएसी शराब घोटाला, रेत खनन घोटाला, परिवहन विभाग में भ्रष्टाचार और नौकरी के बदले पैसे कांड जैसे कई अन्य घोटाले शामिल हैं। उन्होंने कहा कि 2024 के लोकसभा चुनावों में एनडीए को 18 प्रतिशत वोट शेयर मिला, जबकि हमारी सहयोगी पार्टी, एआईएडीएमके को 21 प्रतिशत वोट मिले। कुल मिलाकर इस गठबंधन को कुल वोट शेयर का लगभग 39 प्रतिशत हिस्सा मिला। एनडीए और एआईएडीएमके के बीच यह साझेदारी सिर्फ एक राजनीतिक सहयोग नहीं है, यह तमिलनाडु के विकास और प्रगति को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता है। अमित शाह ने परिवारवाद पर हमला करते हुए कहा कि एमके स्टालिन का एकमात्र एजेंडा अपने बेटे के लिए मुख्यमंत्री पद सुरक्षित करना है, जबकि सोनिया गांधी का प्राथमिक लक्ष्य अपने बेटे को प्रधानमंत्री बनाना है। मैं बिल्कुल स्पष्ट कर दूं कि दोनों ही अपनी महत्वाकांक्षाओं में विफल रहेंगे, क्योंकि एनडीए पूरी तरह से जीत की ओर अग्रसर है।

एप्को की पहल : मिट्टी के गणेश से सजेगा पर्यावरण संरक्षण का पर्व

भोपाल  पर्यावरण नियोजन एवं समन्वय संगठन (एप्को) द्वारा पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल के रूप में ग्रीन गणेश अभियान-2025 का संचालन किया जा रहा है। अभियान के अंतर्गत ‘आओ, बनाओ, घर ले जाओ’ निःशुल्क 4 दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ शुक्रवार को एप्को इंस्टिट्यूट भवन, पर्यावरण परिसर में हुआ। कार्यशाला का शुभारंभ एप्को के कार्यपालन संचालक श्री दीपक आर्य ने किया। कार्यशाला 22 से 25 अगस्त तक प्रतिदिन दोपहर 2 बजे से शाम 6 बजे तक होगी। यहां अनुभवी मूर्तिकार प्रतिभागियों को मिट्टी से गणेश प्रतिमा बनाने का प्रशिक्षण दे रहे हैं। कार्यशाला में बनाई गई प्रतिमाएँ प्रतिभागियों को निःशुल्क उपलब्ध कराई जा रही हैं। कार्यशाला में एप्को के कार्यपालन संचालक श्री आर्य ने कहा कि प्लास्टर ऑफ पेरिस और रासायनिक रंगों से बनी मूर्तियाँ जल स्रोतों को प्रदूषित करती हैं। उन्होंने अपील की है कि गणेशोत्सव के लिए मिट्टी और प्राकृतिक रंगों से बनी प्रतिमाएँ स्थापित करें तथा उनका विसर्जन घर पर ही करें। उन्होंने इसे पर्यावरण संरक्षण का संकल्प बनाने का आह्वान भी किया। कार्य़शाला में शासकीय नवीन उ.मा. विद्यालय ओल्ड कैम्पियन, भोपाल के ईको क्लब प्रभारी श्री अमोल अधोलिया अपने 50 विद्यार्थियों के साथ उपस्थित रहे। शासकीय मा. विद्यालय बोर्ड कॉलोनी की श्रीमती कल्पना श्रीवास्तव एवं श्रीमती अर्चना दुबे 35 छात्राओं के साथ कार्यशाला में शामिल हुईं। एप्को की कार्यशाला के पहले दिन 350 प्रतिभागियों ने गणेश प्रतिमाएँ बनाईं और उन्हें अपने साथ घर ले गए। प्रतिभागियों ने इस पहल को अत्यंत सराहनीय बताया। कार्यशाला में एप्को के प्रशासनिक अधिकारी श्री मनोहर पाटिल, प्रमुख वास्तुविद श्रीमती अनिता वर्मा, वरिष्ठ वैज्ञानिक श्री लोकेंद्र ठक्कर, वास्तुविद श्री कमलेश वर्मा, शिक्षा अधिकारी श्री दिलीप चक्रवर्ती, कार्यक्रम के समन्वयक कार्यपालन यंत्री श्री राजेश रायकवार सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।  

साइबर अपराध से बचाव: डर, आलस्य और लालच सबसे बड़ी कमजोरी: विशेषज्ञ

भोपाल प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB) भोपाल और केंद्रीय संचार ब्यूरो (CBC) भोपाल के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यशाला के तकनीकी सत्र में विशेषज्ञ वक्ताओं ने साइबर अपराध और डिजिटल सुरक्षा से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम के प्रमुख वक्ता साइबर कमांडो अनुज समाधिया ने "डिजिटल अरेस्ट एवं साइबर स्लेवरी" विषय पर चर्चा करते हुए कहा कि साइबर अपराधियों की सबसे बड़ी ताकत डर, आलस्य और लालच हैं। उन्होंने बताया कि अक्सर लोग बिना सोचे-समझे किसी भ्रामक संदेश, लिंक या कॉल पर प्रतिक्रिया कर देते हैं, जो उन्हें जाल में फंसा देता है। श्री समाधिया ने कहा—“किसी भी संदिग्ध संदेश या कॉल पर कार्रवाई करने से पहले ठहर कर उसकी वास्तविकता पर विचार करना चाहिए।” बैंकिंग और वित्तीय लेन-देन में सावधानी जरूरी सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के सीनियर फैकल्टी अरुण पोनप्पन ने बैंकिंग एवं वित्तीय लेन-देन के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि ग्राहकों को कभी भी अपना ओटीपी, पासवर्ड या एटीएम कार्ड की डिटेल किसी के साथ साझा नहीं करनी चाहिए। साथ ही, संदिग्ध लिंक या फर्जी कॉल से सतर्क रहना जरूरी है। सोशल मीडिया पर फर्जी सूचनाओं से बचें साइबर सुरक्षा प्रशिक्षक  अतुल श्रीवास्तव ने सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाली भ्रामक सूचनाओं और उनसे बचाव के उपायों पर मार्गदर्शन दिया। उन्होंने कहा कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर फेक न्यूज और गुमराह करने वाले संदेश बड़ी चुनौती हैं, जिन्हें साझा करने से पहले सत्यापन करना चाहिए। पत्रकारों और मीडिया प्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी कार्यशाला में बड़ी संख्या में पत्रकारों, मीडिया प्रतिनिधियों और विभिन्न संस्थानों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। कार्यक्रम का संचालन पीआईबी भोपाल के सहायक निदेशक अजय उपाध्याय ने किया। वहीं, सीबीसी भोपाल के उप निदेशक शारिक नूर ने आभार प्रदर्शन किया। इस अवसर पर पीआईबी भोपाल के सहायक निदेशक समीर वर्मा, सीबीसी भोपाल के सहायक निदेशक पराग मांदले सहित अन्य गणमान्य अतिथि भी उपस्थित रहे।