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जनजातीय परिवारों को सशक्त करने बनेगा तीन लाख आदि कर्मयोगियों का समर्प‍ित संवर्ग

41 जिलों के 11294 जनजातीय बहुल गांवों को मिलेगा लाभ भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में जनजातीय परिवारों को सशक्त बनाने और प्रत्येक परिवार को योजनाओं का लाभ देने के लिए तीन लाख "आदि कर्मयोगियों" का समर्प‍ित संवर्ग तैयार किया जा रहा है। इससे 41 जिलों के 11 हजार 294 जनजातीय बहुल गांवों में रह रहे परिवारों को लाभ होगा। इसका उद्देश्य जनजातीय कल्याण के लिए उत्तरदायी, पारदर्शी और जवाबदेह शासन को बढ़ावा देना है। यह प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की सोच है कि विकसित भारत के निर्माण में जनजातीय परिवारों की समान भागीदारी हो। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देशानुसार आदि कर्मयोगी अभियान में शासकीय अधिकारी 'आदि कर्मयोगी' के रूप में, युवा नेता, शिक्षक, डॉक्टर, सामाजिक कार्यकर्ता एवं जनजातीय कार्यों में रूचि रखने वाले प्रतिबद्ध लोग 'आदि सहयोगी' के रूप में और स्व-सहायता समूह, जनजातीय नेता, स्वयंसेवक, सांस्कृतिक कार्यकर्ता, गांव के निवासी "आदि साथी" के रूप में जुड़ सकते हैं। धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत आदि कर्मयोगी अभियान में मध्यप्रदेश में विशेषज्ञ संस्था भारत ग्रामीण आजीविका फाउंडेशन – बी.आर.एल.एफ द्वारा आदि कर्मयोगियों को राज्य, जिला, विकासखंड और ग्राम स्तरीय प्रशिक्षण देकर मास्टर ट्रेनर तैयार किये जा रहे हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने 02 अक्टूबर 2024 को धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान का शुभारंभ किया था। केन्द्रीय जनजातीय कार्य मंत्रालय द्वारा इस अभियान के अंतर्गत प्रधानमंत्री श्री मोदी के मिशन अनुरूप आदि कर्मयोगी अभियान प्रारंभ किया गया है। आदि कर्मयोगी एक राष्ट्रीय मिशन है। इसमें जमीनी स्तर पर शासन-प्रशासन तंत्र तथा सेवाओं को जनजातीय परिवारों के हित में मजबूत बनाया जायेगा। इस अभियान से देश में 20 लाख जिला अधिकारियों एवं अन्य हितधारकों का एक कैडर विकसित हो रहा है। इसमें मध्यप्रदेश के तीन लाख आदि कर्मयोगी शामिल हैं। आदि कर्मयोगी अभियान में स्वास्थ्य, शिक्षा, महिला एवं बाल विकास, समाज कल्याण, ग्रामीण विकास, वन, पंचायती राज विभाग और जल जीवन मिशन शामिल हैं। यह अभियान केन्द्र से लेकर विकासखंड स्तर तक जनजातीय विकास के संपूर्ण दृष्टिकोण को बढ़ावा देने और सार्वजनिक संस्थानों में विश्वास बढ़ाने का कार्य करेगा। आदि कर्मयोगी अभियान के प्रथम चरण में देश के 27 राज्यों के 326 जिलों को शामिल किया गया है। इसमें मध्यप्रदेश के 41 जिले शामिल हैं। अभियान अंतर्गत धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के लक्ष्यों को पूरा करने के लिए ग्राम स्तर पर अपेक्षित परिणामों में मुख्य रूप से महत्वपूर्ण सेवाओं जैसे – आवास, सड़क, पोषण, शिक्षा, स्वास्थ्य में सौ प्रतिशत लक्ष्य हासिल करना है। मध्यप्रेश में प्रगति स्‍टेट प्रोसेस लैब प्रशिक्षण का चार दिवसीय दूसरा सत्र 23 अगस्त से भोपाल सहित 24 जिलों में शुरू हो रहा है। प्रथम चरण के 17 जिलों में एक दिवसीय अभिमुखीकरण कार्यक्रम हुआ। राज्य स्तरीय प्रोसेस लैब प्रशिक्षण के प्रथम चरण में 11 से 14 अगस्‍त को भोपाल में दो स्थानों पर 17 जिलों के 136 डिस्ट्रिक्ट मास्टर ट्रेनर्स को प्रशिक्ष‍ित किया गया। डिस्ट्रिक्ट प्रोसेस लैब 20 से 22 अगस्त तक चली। इसमें केन्‍द्रीय जनजातीय कार्य राज्‍यमंत्री श्री दुर्गादास उइके और मध्यप्रदेश के जनजातीय कार्य मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह ने मार्गदर्शन दिया। आदि कर्मयोगी अभियान की प्रगति की समीक्षा के लिए राज्य, जिला, विकासखंड और ग्राम स्तर पर उत्तरदायी समूह बनाये गये हैं। राज्य स्तर पर मुख्य सचिव जिला स्तर पर संबंधित कलेक्टर और विकासखंड स्तर पर एसडीएम उत्तरदायी समूहों की अध्यक्षता करेंगे। जनजातीय बहुल गांव अब नया परिवर्तन अनुभव करने के लिए तैयार हो रहे हैं। सड़क संपर्क, पक्के मकान, पेयजल, घरेलू बिजली, आयुष्यमान भारत, डिजिटल सेवा जैसी सेवाओं से जनजातीय परिवार अब वंचित नहीं रहेंगे। प्रदेश में आदि सेवा केन्द्र बनाने की भी तैयारी है, जहां शिकायत निवारण रजिस्टर, नोडल अधिकारियों के संपर्क नम्बर और ग्राम के विकास का विजन तैयार करने के लिए आवश्यक मार्गदर्शन दिया जायेगा।  

सेना अलर्ट पर: चीन की ओर से बढ़ाया तनाव, भेजे गए 14 जहाज और ड्रोन

मनीला दक्षिण चीन सागर में तनाव एक बार फिर चरम पर है। चीन की बढ़ती आक्रामकता को देखते हुए फिलीपींस सैन्य बलों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। चीन ने विवादित सेकंड थॉमस शोल के पास अपने तटरक्षक जहाजों और कई मिलिशिया पोतों को तैनात किया है। फिलीपींस के सैन्य अधिकारियों ने गुरुवार को बताया कि चीन ने विवादित दक्षिण चीन सागर के तटवर्ती क्षेत्र में लंबे समय से खड़े फिलीपीन युद्धपोत- बीआरपी सिएरा माद्रे के निकट तटरक्षक जहाजों और कई मिलिशिया जहाजों को तैनात किया है। उन्होंने कहा कि कम से कम 14 चीनी तटरक्षक और संदिग्ध मिलिशिया जहाज उनके युद्धपोत के आसपास निगरानी में देखे गए हैं। चीन की नेवी फोर्स बुधवार को देखी गई थी और गुरुवार को भी क्षेत्र में मौजूद बताई गई है। इनमें से कुछ हाई-कैलिबर हथियारों से लैस हैं और एक शिप पर हेलीकॉप्टर व ड्रोन भी देखे गए हैं। अधिकारी ने बताया कि चीनी सेना को करीब आने से रोकने के लिए सिएरा माद्रे से दो नावों के जरिए फिलीपीन सेना तैनात की गई थी। विवाद का केंद्र: सेकंड थॉमस शोल सेकंड थॉमस शोल को फिलीपीन में आयुंगिन शोल और चीन में रेन’आई रीफ के नाम से जाना जाता है। यह दक्षिण चीन सागर में एक प्रमुख विवादित क्षेत्र है। यह शोल फिलीपीन के 200-नॉटिकल मील विशेष आर्थिक क्षेत्र (EEZ) के भीतर स्थित है, लेकिन चीन इसे अपने “नाइन-डैश लाइन” दावे के हिस्से के रूप में मानता है। 1999 में, फिलीपीन ने इस क्षेत्र में अपनी संप्रभुता को बनाए रखने के लिए बीआरपी सिएरा माद्रे नामक एक पुराने युद्धपोत को जानबूझकर इस शोल पर तैनात किया था, जो अब एक क्षेत्रीय चौकी के रूप में कार्य करता है। अतीत में, चीन ने बार-बार मांग की है कि फिलीपींस बीआरपी सिएरा माद्रे को शोल से हटा ले। फिलीपींस ने चीन की मांग को मानने से इनकार कर दिया है। फिलीपीन नौसेना के प्रवक्ता रियर एडमिरल रॉय त्रिनिदाद ने एसोसिएटेड प्रेस को टेलीफोन पर बताया, "उनकी कार्रवाइयों और संख्या में वृद्धि के कारण यह चिंताजनक है। अगर स्थिति बिगड़ती है, तो हमारे पास एक आकस्मिक योजना तैयार है। इन सभी बलपूर्वक और आक्रामक कार्रवाइयों के बीच, कमांडर-इन-चीफ का निर्देश बिल्कुल स्पष्ट है: हम अपने क्षेत्र, संप्रभुता और संप्रभु अधिकारों के विरुद्ध किसी भी खतरे से पीछे नहीं हटेंगे।" त्रिनिदाद ने बताया कि घटनास्थल पर मौजूद पांच चीनी तटरक्षक जहाजों में से एक ने बिना किसी लक्ष्य के अपनी वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। इसके अलावा, चीनी की छोटी नावों को उथले पानी के प्रवेश द्वार पर जाल डालते देखा गया, जहां से फिलीपीन जहाज पहले सिएरा माद्रे को आपूर्ति पहुंचाने के लिए गुजरते थे। बड़ी प्लानिंग से आई है चीनी सेना? फिलीपींस की सेना ने एक बयान में कहा, "चीनी तटरक्षक बल के जहाजों को समुद्र में पानी की बौछारों का इस्तेमाल करते हुए युद्धाभ्यास और अभ्यास करते देखा गया है, जबकि कई छोटे जहाज, जैसे कठोर पतवार वाली फुलाने वाली नावें और तेज नावें, भी उथले पानी में तैनात की गई हैं। चीनी तटरक्षक बल की कुछ तेज नावें भारी चालक दल वाले हथियारों सहित माउंटेड हथियारों से लैस देखी गईं।" हाल की घटनाएं और बढ़ गया तनाव फिलीपीन सैन्य अधिकारियों के अनुसार, चीनी बलों की इस तैनाती ने क्षेत्र में तनाव को और बढ़ा दिया है। बीआरपी सिएरा माद्रे से दो नावों में सवार फिलीपीन सैनिकों को तैनात किया गया है ताकि चीनी जहाजों को और करीब आने से रोका जा सके। चीनी अधिकारियों ने इस सैन्य बयान पर तत्काल कोई टिप्पणी नहीं की है, लेकिन अतीत में वे बार-बार मांग कर चुके हैं कि फिलीपीन बीआरपी सिएरा माद्रे को शोल से हटाए। इससे पहले, जून 2024 में सेकंड थॉमस शोल पर एक हिंसक टकराव हुआ था, जिसमें फिलीपीन नौसेना के कर्मियों को चोटें आई थीं, जिसमें एक सैनिक का अंगूठा भी कट गया था। इस घटना के बाद, चीन और फिलीपीन ने टकराव को रोकने के लिए एक अस्थायी व्यवस्था की थी, जिसके तहत चीनी तटरक्षक और नौसेना बल शोल से दूरी बनाए रखते थे और फिलीपीन सैनिक बीआरपी सिएरा माद्रे को सप्लाई और सैनिकों की तैनाती बिना किसी बाधा के कर सकते थे। इस समझौते के बाद, फिलीपीन नौसेना ने कम से कम आठ बार बिना किसी घटना के आपूर्ति और सैनिकों को पहुंचाया, जिसमें केवल तीन से चार चीनी तटरक्षक जहाज दूर से निगरानी करते थे। पिछली घटनाएं और क्षेत्रीय तनाव यह ताजा तैनाती उस समय हुई है जब कुछ ही दिन पहले, 11 अगस्त को, स्कारबोरो शोल के पास एक चीनी नौसेना जहाज और तटरक्षक पोत के बीच टक्कर हुई थी। यह घटना तब हुई जब दोनों चीनी जहाज फिलीपीन तटरक्षक जहाज बीआरपी सुलुआन का पीछा कर रहे थे, जो मछुआरों को सहायता प्रदान करने के लिए एक मिशन पर था। इस टक्कर में चीनी तटरक्षक जहाज को भारी नुकसान हुआ और वह समुद्र में चलने लायक नहीं बचा था। फिलीपीन तटरक्षक ने इस घटना की निंदा करते हुए इसे “खतरनाक युद्धाभ्यास” करार दिया और चीनी चालक दल को सहायता की पेशकश की, जिसे स्वीकार नहीं किया गया। 

अब भगोड़े अपराधी भी नहीं बच पाएंगे, दूसरे राज्यों से दबोचे गए 64 कुख्यात

– एडीजी (अभियान) कुंदन कृष्णन ने प्रेस वार्ता में दी जानकारी – इस वर्ष जनवरी से अब तक एसटीएफ दूसरे राज्यों से 64 अपराधियों को दबोचकर ला चुकी  – सबसे ज्यादा दिल्ली से 14 अपराधी गिरफ्तार किए गए, फिर पश्चिम बंगाल से गिरफ्तार हुए 9 – एसटीएफ निरंतर संगठित आपराधिक गिरोहों का सफाया करने में हैं जुटी पटना बिहार में अपराध करके दूसरे राज्य भागने वाले अपराधी भी अब नहीं बच रहे हैं। इस वर्ष जनवरी से 20 अगस्त तक ऐसे 64 अपराधियों को एसटीएफ (स्पेशल टास्क फोर्स) ने अलग-अलग राज्यों से गिरफ्तार किया गया है। इसमें कुख्यात और इनामी अपराधी भी शामिल हैं। यह जानकारी एडीजी (अभियान) सह एडीजी (मुख्यालय) कुंदन कृष्णन ने शुक्रवार को पुलिस मुख्यालय सरदार पटेल भवन में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान दी। उन्होंने कहा कि सबसे ज्यादा 14 की संख्या में अपराधियों को दिल्ली से दबोचा गया है। इसके बाद पश्चिम बंगाल से 9, उत्तर प्रदेश से 7, गुजरात से 7, झारखंड से 6, हरियाणा से 5, महाराष्ट्र से 4, मध्य प्रदेश से 4, हिमाचल प्रदेश से 2, पंजाब से 2 के अलावा राजस्थान, गोवा, उड़ीसा, उत्तराखंड, कर्नाटक, जम्मू-कश्मीर औऱ मणिपुर से 1-1 अपराधी को गिरफ्तार किया गया है।  एडीजी कृष्णन ने कहा कि राज्य में नक्सली हिंसा में काफी कमी आने के बाद से एसटीएफ को संगठित अपराध और इससे जुड़े अपराधियों का समूल नाश करने में लगा दिया गया है। राज्य के अंदर पनप रहे सभी तरह के संगठित अपराधों को खत्म करने में इसकी भूमिका बेहद अहम है और इसकी उल्लेखनीय उपलब्धि की फेहरिस्त लंबी होती जा रही है। पिछले वर्ष अपराधियों से मुठभेड़ के 8 मामले सामने आए थे। इस वर्ष इनकी संख्या बढ़कर 23 हो गई है। पिछले वर्ष 2024 में की गई कार्रवाई में 752 अपराधियों को दबोचा गया था, लेकिन इस वर्ष अब तक 857 अपराधियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इसी तरह 2024 में 44 और 2025 में अब तक 101 नक्सलियों को गिरफ्तार किया गया है। पिछले वर्ष जहां 3681 कारतूस बरामद किए गए थे। वहीं, इस वर्ष अब तक 12 हजार 176 कारतूस बरामद किए जा चुके हैं। पिछले वर्ष अपराधियों से 19 रेगुलर हथियार तथा इस वर्ष 32 रेगुलर हथियार बरामद किए गए हैं। इन कुख्यात अपराधियों को किया गया गिरफ्तार एडीजी ने कहा कि एसटीएफ की विशेष टीम के स्तर पर निरंतर इनामी औऱ कुख्यात अपराधियों को गिरफ्तार किया जा रहा है। इस क्रम में 18 अगस्त को 2 लाख का इनामी अपराधी बुटन चौधरी को महाराष्ट्र के उदवंतनगर थाना से गिरफ्तार किया गया है। 5 अप्रैल को दिल्ली पुलिस के साथ संयुक्त कार्रवाई करते हुए पहाड़गंज से अंतरराज्यीय सोना लुटेरा सुबोध सिंह, 2 लाख का इनामी विकास कुमार उर्फ जॉन राइट को गिरफ्तार किया गया था। 28 मार्च को औरंगाबाद जिला का एक लाख का इनामी नक्सली राजेश यादव को महाराष्ट्र के महार्ड (रायगढ़) क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया। 8 फरवरी को सीवान और गोपालगंज का 50 हजार का कुख्यात इनामी अपराधी मनीष को दिल्ली से गिरफ्तार किया गया।    ऑपरेशन में ये जवान हुए शहीद राज्य के बाहर ऑपरेशन के दौरान एसटीएफ के कई जवान भी शहीद हुए हैं। इसमें दारोगा मुकुंद मुरारी, जेसी विकास कुमार, जेसी जीवधारी कुमार, दारोगा संतोष कुमार, मिथिलेस पासवान शामिल हैं। ये लोग गुजरात के सूरत में सरकारी वाहन से एक अपराधी को गिरफ्तार करने गए थे, लेकिन एनएच पर वाहन दुर्घटना के दौरान इनकी मौत हो गई थी। एनआईए भी कर रही मामले की जांच एडीजी ने बताया कि अवैध हथियार या गोलियों की खरीद-बिक्री के मामले की तफ्तीश एनआईए के स्तर से भी की जा रही है। इससे अपराधियों को मिलने वाली गोलियों की सप्लाइ चेन को ध्वस्त करने में मदद मिलेगी। हाल में हाजीपुर समेत 7 ठिकानों पर एनआईए की छापेमारी की गई थी। उन्होंने कहा कि अपराधियों की संपत्ति जब्त करने से संबंधित प्रस्ताव ईओयू को भेजा जा रहा है। दानापुर के विधायक रीतलाल यादव के भाई की अवैध संपत्ति जब्त करने से संबंधित प्रस्ताव ईओयू को भेजा गया है। वहां से इसे ईडी को भेजा जा सकता है।     ऑपरेशन लंगड़ा नहीं चला रहा पुलिस मुख्यालय एडीजी कुंदन कृष्णन ने स्पष्ट किया कि पुलिस मुख्यालय के स्तर से ऑपरेशन लंगड़ा नहीं चलाया जा रहा है। इस तरह का कोई ऑपरेशन पुलिस नहीं चला रही है। अपराधियों को गिरफ्तार करना पुलिस खासकर एसटीएफ के स्तर से निरंतर प्रयास जारी है। अगर इस दौरान अपराधियों की तरफ से पुलिस टीम पर गोलीबारी की जाती है, तो जवाबी कार्रवाई करते हुए पुलिस के स्तर से फायरिंग होती है।

साइंस सिटी में बच्चों के लिए हो थ्री डी विज्ञान फिल्म दिखाने की व्यवस्था: कुमार रवि

सचिव कुमार रवि ने डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम साइंस सिटी का किया निरीक्षण पटना भवन निर्माण विभाग के सचिव कुमार रवि ने शुक्रवार को निर्माणाधीन डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम साइंस सिटी का स्थल निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कुमार रवि ने आदेश दिया कि यहां आने वाले बच्चों के लिए ऑडिटोरियम में थ्री डी विज्ञान फिल्म दिखाने की व्यवस्था हो। साइंस सिटी में प्रदर्श अधिष्ठापन कार्य, एट्रियम एरिया, ऑडिटोरियम, डोरमेटरी, अस्थाई प्रदर्श गैलरी सहित परीसर में चल रहे जरूरी कार्यों का बारीकी से जायजा लिया गया।  भवन निर्माण विभाग की ओर से मोईन-उल-हक स्टेडियम के पास 20.5 एकड़ में डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम साइंस सिटी का निर्माण किया जा रहा है। पहले चरण के लिए प्रथम गैलरी (बी ए साइंटिस्ट्स गैलरी) में प्रदर्श अधिष्ठापन का कार्य भी पूरा कर लिया गया है जबकि द्वितीय गैलरी (बेसिक साइंस गैलरी) में प्रदर्श लगाने का कार्य तेजी से प्रगति पर है।  साइंस सिटी में कुल पांच गैलरियों का निर्माण किया जाना है यथा- बी ए साइंटिस्ट्स गैलरी, बेसिक साइंस गैलरी, सस्टेनेबल प्लैनेट गैलरी, स्पेस एंड एस्ट्रोनोमी गैलरी तथा बॉडी एंड माइंड गैलरी। पांचों गैलरियों का कुल क्षेत्रफल लगभग 7725 वर्गमीटर है और इनमें 26 थीम पर आधारित 269 विज्ञान प्रदर्श स्थापित किया जाना है। सचिव ने स्थल निरीक्षण के दौरान बचे हुए कार्यों को तेजी से पूर्ण करने का निदेश दिया। अभियंताओं एवं एजेंसी को निदेशित किया गया है कि प्रदर्श अधिष्ठापन के साथ ही फिनशिंग कार्य को भी तेजी से पूर्ण करें ताकि साइंस सिटी का उद्घाटन संभावित समय पर हो सके।  एट्रियम में अब्दुल कलाम की मूर्ति, डिजिटल पैनल और म्यूरल लगाए गए हैं। बच्चों एवं आगंतुकों के लिए सेल्फी पॉइंट विकसित की गई है। इस परिसर में 500 सीटों की क्षमता वाला आधुनिक ऑडिटोरियम तथा 150 छात्रों एवं 3 शिक्षकों के लिए डोरमेटरी का निर्माण कार्य पूरा कर लिया गया है। निरीक्षण के दौरान विभाग के संयुक्त सचिव आशुतोष  द्विवेदी, अभियंता प्रमुख, मुख्य अभियंता सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।

नेशनल हाईवे पर फिसलन से वाहनों की रफ्तार ठहरी, दिल्ली-कानपुर मार्ग पर लंबा जाम

आगरा दिल्ली-कानपुर नेशनल हाईवे पर केके नगर के पास शुक्रवार सुबह किसी वाहन से चिकनाई युक्त केमिकल सड़क पर गिर पड़ा। इससे सड़क पर फिसलन हो गई। यहां से गुजरने वाले कई वाहन फिसलने के कारण दुर्घटनाग्रस्त हो गया। कैंटर मेट्रो की बैरिकेडिंग से टकरा गया, इससे उसका चालक गंभीर रूप से घायल हो गया। पांच घंटे तक कानपुर की ओर जाने वाली लेन पर यातायात प्रभावित रहा। ट्रैफिक पुलिस ने मेट्रो के निर्माण में जुटे कर्मियों के सहयोग से सड़क की धुलाई कराई। इसके बाद यातायात सामान्य हो सका। नेशनल हाईवे पर कानपुर की ओर जाने वाली लेन पर केके नगर के पास शुक्रवार सुबह 10 बजे किसी वाहन से तेल की तरह का केमिकल सड़क पर गिर गया। इससे सड़क पर फिसलन हो गई। यहां से गुजरने वाले दोपहिया वाहन सवार फिसलकर गिरने लगे। इसी बीच एक ट्रक और उसके पीछे चल रहा कैंटर भी फिसल गया। स्थानीय लोगों के अनुसार कैंटर आगे चल रहे ट्रक से रगड़ता हुआ मेट्रो की बैरिकेडिंग से टकरा गया। इससे कैंटर की केबिन क्षतिग्रस्त हो गई और उसमें सवार चालक गंभीर रूप से घायल हो गया। सिकंदरा थाना और ट्रैफिक पुलिस ने तत्काल मौके पर पहुंचकर घायल चालक को अस्पताल भिजवाने के साथ ही क्रेन की मदद से दुर्घटनाग्रस्त कैंटर को हटवाया। इस कारण हाईवे पर जाम लग गया। सड़क पर फिसलन होने के कारण पुलिस ने बैरियर लगाकर यातायात को कंट्रोल किया। ट्रैफिक पुलिस ने मेट्रो के निर्माण में जुटे कर्मचारियों और प्रेशर मशीन से सड़क कि धुलाई कराई। मिट्टी और चूना सड़क पर डाला। इस बीच दोपहर तीन बजे तक हाईवे पर यातायात प्रभावित होने से पांच घंटे तक जाम की स्थित रही। केके नगर से लेकर सिकंदरा मंडी तक वाहन जाम में फंसे रहे। वाहन चालक राजेश कुमार ने बताया कि करीब दो दर्जन वाहन दुर्घटनाग्रस्त हुए। जिसमें दोपहिया वाहनों की संख्या सबसे ज्यादा दी। इंस्पेक्टर सिकंदरा नीरज शर्मा ने बताया कि किसी वाहन से तेल जैसा केमिकल सड़क के कुछ हिस्से में गिर गया था। इस कारण वहां फिसलन हो गई थी। जाम के कारण परेशान रहे लोग हाईवे पर यातायात प्रभावित होने के कारण जाम में सैकड़ों वाहन फंस गए। इस कारण वाहन सवार लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। महिलाएं, बच्चे व बुजुर्ग गर्मी और प्यास से परेशान रहे। पुलिसकर्मियों ने बैरियर लगाकर वाहन निकलवाने की कोशिश की, लेकिन मेट्रो की बैरिकेडिंग लगी होने के कारण जगह कम होने से वाहन निकालने में परेशानी आई।

अश्विन के शो में द्रविड़ ने बताया अपना पसंदीदा चुनौतीपूर्ण गेंदबाज

नई दिल्ली  ये दीवार टूट क्यों नहीं रही है…है तो ये एक सीमेंट कंपनी के विज्ञापन की टैगलाइन लेकिन राहुल द्रविड़ अपने दौर में भारत के लिए ऐसी ही दीवार थे। गेंदबाज ऐसे सिर खुजाते थे जैसे कह रहे हों- ये दीवार टूट क्यों नहीं रही। लेकिन भारत की इस 'दीवार' को किस गेंदबाज को खेलना चुनौतीपूर्ण लगता था? रविचंद्रन अश्विन के साथ बातचीत में राहुल द्रविड़ ने इसका जवाब दिया है। राहुल द्रविड़ ने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर में 164 टेस्ट, 344 वनडे और 1 टी20 मैच खेला। 1996 से 2012 तक उन्होंने दुनिया के एक से बढ़कर एक खतरनाक गेंदबाजों का सामना किया। वसीम अकरम से लेकर वकार यूनुस और शोएब अख्तर तक; शेन वॉर्न से लेकर ग्लेन मैकग्रा और ब्रेट ली तक; मुथैया मुरलीधरन से लेकर चामिंडा वास तक; कोर्टनी वाल्स से लेकर कोर्टनी एंब्रोज तक; जेम्स एंडरसन से लेकर स्टुअर्ट ब्रॉड तक; एलन डोनाल्ड से लेकर मखाया एंटिनी तक…उन्होंने तमाम वर्ल्ड क्लास गेंदबाजों के खिलाफ खेला। 'कुट्टी स्टोरीज विद एश' शो में आर अश्विन ने राहुल द्रविड़ से पूछा कि उन्हें कौन सा तेज गेंदबाज सबसे ज्यादा चुनौतीपूर्ण लगा। जवाब में द्रविड़ ने ग्लेन मैकग्रा का नाम लिया। भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कोच ने कहा, 'तेज गेंदबाज की बात करूं तो ग्लेन मैकग्रा। वैसे मैंने वसीम (अकरम) और वकार (यूनुस) को भी उनके करियर के आखिरी वक्त में खेला है। इसलिए यह सही नहीं होगा…जिन लोगों ने वसीम को पहले खेला था वे कहते हैं कि वह एक अलग ही किस्म के थे और वीडियो देखकर मैं कल्पना कर सकता हूं…और यहां तक कि अपने करियर के आखिरी दिनों में गेंदबाजी करने वक्त वह बहुत ही अच्छे थे। लेकिन मैंने मैकग्रा को उनके पीक के वक्त खेला है। वह जबरदस्त गेंदबाज थे। उन्होंने मेरे ऑफ स्टंप को किसी भी अन्य गेंदबाज से कहीं ज्यादा चुनौती दी…मैंने उनसे भी ज्यादा तेज गेंद फेंकने वालों को भी खेला है, लेकिन निरंतरता और कौशल के मामले में वह सबसे मुश्किल गेंदबाज थे, जिनका मैंने सामना किया है।' किस स्पिनर को खेलना उन्हें सबसे मुश्किल लगता था, इसके जवाब में द्रविड़ ने मुथैया मुरलीधरन का नाम लिया। उन्होंने कहा, 'स्पिनर की बात करें करें तो मैं जिनके खिलाफ खेला, उनमें मुथैया मुरलीधरन सर्वश्रेष्ठ गेंदबाज थे। खासकर तब जब वह राउंड द विकेट आते थे और दूसरा फेंकते थे। वह ऐसे गेंदबाज रहे जो कभी नहीं थकते थे और लंबे स्पेल फेंकते थे। वह जबरदस्त स्पिनर थे।'  

केंद्रीय मंत्री गडकरी और CM डॉ. यादव करेंगे जबलपुर में 1052 करोड़ के फ्लाईओवर का उद्घाटन

यातायात होगा सुगम और मिलेगी नई रफ्तार भोपाल  केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री श्री नितिन गडकरी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 23 अगस्त, शनिवार को जबलपुर नगर को प्रदेश के सबसे बड़े और अत्याधुनिक फ्लाईओवर की सौगात देंगे। यह फ्लाईओवर जबलपुर शहर को नए यातायात स्वरूप में महानगरीय पहचान देगा। जबलपुर में 1052 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित 6.855 किलोमीटर लंबा यह एलिवेटेड कॉरिडोर न केवल मध्यप्रदेश का सबसे बड़ा फ्लाईओवर है, बल्कि इसमें कई ऐसी विशेषताएं भी शामिल हैं जो इसे विशिष्ट पहचान देती हैं। इस फ्लाईओवर का सबसे बड़ा तकनीकी आकर्षण रेल मार्ग के ऊपर निर्मित 192 मीटर लंबा सिंगल स्पान केबल स्टे ब्रिज है। इस परियोजना में कुल 3 बो-स्ट्रिंग ब्रिज भी शामिल किए गए हैं। इनमें से दो पुल रानीताल क्षेत्र में और एक पुल बलदेवबाग क्षेत्र में बनाया गया है। उल्लेखनीय है कि ये सभी पुल पूरी तरह स्टील से निर्मित हैं और प्रत्येक की लंबाई लगभग 70 मीटर है। आधुनिक इंजीनियरिंग तकनीकों से निर्मित यह संरचना न केवल जबलपुर बल्कि पूरे देश के लिए एक अद्वितीय और प्रेरणादायी उदाहरण प्रस्तुत करती है।” यातायात की दृष्टि से यह फ्लाईओवर क्रांतिकारी बदलाव लाएगा। जहां पहले मदनमहल से दमोह नाका तक पहुँचने में 40 से 45 मिनट का समय लगता था, अब फ्लाईओवर शुरू होने के बाद यह दूरी मात्र 6 से 8 मिनट में तय की जा सकेगी। इससे न केवल समय और ईंधन की बचत होगी, बल्कि शहर में प्रदूषण का स्तर भी घटेगा। व्यापारिक गतिविधियों को गति मिलेगी, नागरिकों की दैनिक जीवनशैली सरल होगी और जबलपुर एक नए यातायात मॉडल के रूप में देश के अन्य शहरों के लिए उदाहरण प्रस्तुत करेगा। यह परियोजना जबलपुर की समृद्ध सांस्कृतिक और ऐतिहासिक धरोहर के बीच आधुनिकता का संगम प्रस्तुत करती है। यह शहर की पहचान को महानगरीय स्वरूप देने में सहायक होगी।री स्थानीय नागरिकों और पर्यटकों के लिए बेहतर आवागमन और जीवनशैली सुनिश्चित करेगी।  

बारिश में कैसा हो पहनावा, पढ़ें 6 टिप्स

मौसम के अनुसार कपड़ों का चयन फैशन और स्वास्थ, दोनों के लिहाज से बिल्कुल फिट होता है। हर मौसम में हम पहनावा चुनते समय हम अपनी सुविधा अनुसार कुछ सावधानियां जरूर रखते हैं। उसी प्रकार बरसात के दिनों में भी कुछ सावधानियां रखकर कपड़ों का चयन किया जाए तो आपको अधकि सुविधा होती है। जानते हैं, कैसा हो बारिश में कपड़ों का चयन। जार्जेट या शिफॉन:- इन कपड़ों का एक सकारात्मक पक्ष यह है, कि ये कपड़े भीगने के बाद गर्मी या हवा में जल्दी और आसानी से सूख भी जाते हैं। इन कपड़ों में जरा भी नमी लगी या फिर भीग गए तो ये पारदर्शी हो सकते हैं, और आप गीलेपन से परेशान होंगे सो अलग। इसीलिए सोच समझ कर इस तरह के कपड़ों का चयन करें। बारिश के दिनों में कॉटन यानि सूती कपड़े पहन सकते हैं। बारिश के दिनों में मौसम में नमी बहुत होती है, और सूती कपड़े नमी को सोखने का काम करते हैं। ऐसे में आप हल्की फुल्की बारिश में भीग भी गए, तो गीलेपन के कारण होने वाली परेशानी या चिड़चिड़ाहट नहीं होगी। लेकिन भीगने के बाद ये असानी से नहीं सूखते, इस बात का ध्यान रखें।   नाइलॉन फेब्रिक:- भीगते मौसम में नाइलॉन फेब्रिक काफी आरामदायक साबित हो सकता है। यह कपड़ा पानी को टिकने नहीं देता और गर्मी पैदा करता है। इस कपड़े की भी यह खासियत है, कि यह बहुत जल्दी सूखता है, इसीलिए बारिश में आप इसे पहनने के बारे में सोच सकते हैं, लेकिन ध्यान रखें कि ये कपड़े एकदम फिट न हों। स्किन टाइट से बचें:- इस मौसम में बहुत टाइट या स्किन फिटिंग के कपड़े पहनने से बचें, क्योंकि ये नमी लगने पर तुरंत पारदर्शी होते हैं। ऐसे में आपका शरीर या अंतर्वस्त्र भी दिखाई दे सकते हैं, और सर्दी लगने का खतरा भी होता है। स्कार्फ रखें पास:- बारिश के दिनों में आप जो भी कपड़े पहनते हैं, उसके साथ एक मैचिंग या कलरफल स्कार्फ या दुपट्टा जरूर साथ रखें, ताकि प्राथमिक तौर बाल, कान, उपरी वस्त्र की रक्षा कर सकें। कपड़ों के भीग कर पारदर्शी हो जाने पर यह स्कार्फ आपका सहयोग करेगा। चटक रंगों का चुनाव:- अन्यआ मौसम में भले ही चटक रंग बिल्कुलल न भाते हों, लेकिन बारिश के मौसम में ये खूब पसंद किए जाते हैं। आप रेट, पिंक, येलो, लइट ग्रीन के ब्राइट कलर्स को चुन सकते हैं।   फ्लोरल प्रिंट चुनें:- बारिश के मौसम में फ्लोरल प्रिंट काफी पसंद किए जाते हैं। क्योंुकि बारिश हरियाली और बहार का मौसम होता है। ऐसे में रंगीन अंदाज हर किसी को भाता है।  

तहसीन सैयद का क्या कनेक्शन? रेखा गुप्ता पर हमले में नया गिरफ्तारी

नई दिल्ली  दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर हमले की जांच का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। हमलावार राजेश खिमजी सकारिया की गिरफ्तारी के बाद दिल्ली पुलिस ने अब गुजरात के राजकोट से उसके एक साथी को पकड़ा है। राजकोट में पूछताछ के बाद उसे हिरासत में लिया गया और पुलिस दिल्ली के लिए रवाना हो गई। आरोपी का नाम तहसीन सैयद बताया जा रहा है। दिल्ली पुलिस ने राजकोट में जिस तहसीन सैयद को हिरासत में लिया है, उस आरोप है कि उसने हमलावर राजेश खिमजी को पैसे भेजे थे। तहसीन ने दिल्ली में आकर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर हमला करने वाले राजेश को 2000 रुपये ट्रांसफर किए थे। एक पुलिस अधिकारी के मुताबिक तहसीन ऑटोरिक्शा चालक है और उसने सकारिया को गूगल-पे के माध्यम से 2000 रुपये भेजे थे। 5 लोगों से संपर्क में था राजेश बताया गया है कि पुलिस ने राजकोट में राजेश खिमजी सकारिया से जुड़े कुल 5 लोगों से पूछताछ की और सैयद को अपने साथ दिल्ली ले गई। बताया जा रहा है कि दिल्ली आने के दौरान सकारिया अपने शहर के 5 लोगों के संपर्क में था। हालांकि, पुलिस की ओर से इस संबंध में अभी कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया गया है। क्या हमले में शामिल था सैयद पुलिस दिल्ली में तहसीन सैयद से विस्तृत पूछताछ करेगी। यह पता लगाया जा रहा है कि वह इस हमले में राजेश के साथ किस तरह और किस हद तक जुड़ा हुआ था? क्या दोनों ने मिलकर यह साजिश रची थी? इस तरह के कई सवालों के जवाब पुलिस अभी तलाश रही है। दिल्ली में दोनों का आमना-सामना भी कराया जा सकता है। राजेश खुद को बता रहा पशु प्रेमी राजकोट के कोठारिया रोड निवासी 41 साल के राजेश खिमजी सकारिया ने 20 अगस्त को दिल्ली में 'जन सुनवाई' कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर हमला कर दिया था। उसने कथित तौर पर मुख्यमंत्री को थप्पड़ मारा और बाल खींचे। सकारिया का दावा है कि वह पशु प्रेमी है और कुत्तों पर दिल्ली सरकार के रुख से नाराज था। हालांकि, पुलिस अभी उसके दावों की पड़ताल कर रही है।  

कहीं आपको हाइपर एसिडिटी तो नहीं!

जब गलत खानपान और अपच के कारण पेट में पित्त के विकृत होने पर अम्ल की अधिकता हो जाती है, तो उसे अम्लपित्त कहते हैं। यही अम्लपित्त हाईपर एसिडिटी कहलाता है। आइए जानते हैं, इसके कारण, लक्षण और इससे बचने के उपाय… हाइपर एसिडिटी के कारण:- अत्यधिक गर्म, तीखा, मसालेदार भोजन करने, अत्यधिक खट्टी चीजों का सेवन, देर से पचने वाले खाद्य पदार्थों का सेवन, नशीले पदार्थों का सेवन करने से हाइपर एसडिटी की समस्या पैदा होती है। भोजन को पचने के लिए पर्याप्त समय न देना और अपच के बावजूद खाते रहना, आपकी इस समस्या को बढ़ा सकता है। लक्षण:- भोजन का पाचन नहीं होना, बगैर किसी मेहनत के ज्यादा थकावट होना, कड़वी या खट्टी डकार आना, शरीर में भारीपन, हृदय के पास या पेट में जलन होना, कभी-कभी उल्टी होना, उल्टी में अम्ल या खट्टे पदार्थ का निकलना, मिचली होना और मुंह से खट्टा पानी आना, सिरदर्द, आंखों में जलन, जीभ का लाल होना जैसे लक्षण हाइपर एसिडिटी में सामने आते हैं।   हाइपर एसिडिटी की समस्या से बचने के लिए आप घर पर ही कुछ उपाय और सावधानियां अपना सकते हैं जिससे आपको यह समस्या न हो… -गेहूं या जौ के आटे की बनी चपातियां ही खाएं, क्योंकि यह पाचन संबंधी समस्या पैदा नहीं करती, ना ही इससे गैस बनने जैसी समस्या होती है। बल्कि यह आपकी पाचनक्रिया को बेहतर करेगी।   -मूंग की दाल, लौकी, तरोई, परवल, गिलकी, टिंडे, कद्दू जैसी सब्जिुयों को अनदेखा बिल्कुल न करें। यह आपके पाचन तंत्र को स्वस्थ बनाए रखती है, और हाइपर एसिडिटी से आपको बचाती है। -फलों में पपीता, मौसंबी, अनार आदि को अपनी डाइट का हिस्सा बनाएं। इसके अलावा नारियल और नारियल पानी का भी भरपूर सेवन करें।   -मुनक्का, आंवले का मुरब्बा, कच्चा आंवला भी खाना बेहतर होगा। -अनार और आंवले के अलावा, खट्टी चीजों का अत्यधिक सेवन करने से बचें। इससे एसिडिटी बढ़ सकती है। -नींबू और टमाटर जैसी चीजों को भी नियंत्रित करें, इनके प्रयोग से आपकी यह समस्या बढ़ने में मदद मिलती है। -अत्यधिक गर्म, तीखा व मसालेदार भोजन करने से बचें। भारी खाद्य पदार्थों को भी खाने से बचें, ये आसानी से नहीं पचते जिससे आपकी समस्या कम होने के बजाए बढ़ जाती है।   -दही और छाछ का ज्यादा सेवन न करें और उड़द की दाल की बनी चीजों व शराब या अन्य नशीले पदार्थों से दूरी बनाए रखें। -हल्का व आसानी से जल्दी पचने वाला भोजन ही करें, अन्यथा आपको बहुत अधिक परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।   -गुलकंद व गुलाब से बनी चीजों का सेवन आपके लिए फायदेमंद हो सकता है, क्योंकि यह आपके पेट में जाकर ठंडक पैदा करता है, जिससे एसिडिटी में राहत मिलती है।