samacharsecretary.com

नीम करोली बाबा के अनुसार अमीर बनने के 5 अचूक मंत्र

नीम करौली बाबा एक बहुत ही सरल लेकिन चमत्कारी संत थे। उनके पास जो भी गया, उसे जीवन का सही रास्ता मिला, सुकून मिला और उसके जीवन में बदलाव भी आया। बाबा ने सिखाया कि असली समृद्धि कैसे आती है। उनका मानना था कि अगर इंसान अपने मन, सोच और कर्म को सही दिशा में ले जाए, तो पैसा और सुख अपने आप जीवन में आने लगते हैं। बाबा ने हमेशा सच्चे जीवन और अच्छे कर्मों पर जोर दिया। उन्होंने कुछ ऐसे आसान नियम बताए, जो अगर हर इंसान अपनाए, तो ना सिर्फ वह अमीर बन सकता है, बल्कि मन से भी संतुष्ट रह सकता है। चलिए जानते हैं नीम करौली बाबा के अनुसार जीवन में अमीर बनने के लिए क्या करना चाहिए। सेवा भावना को अपनाएं नीम करौली बाबा का सबसे पहला और महत्वपूर्ण संदेश था- निःस्वार्थ सेवाभाव। उनका कहना था कि जब आप बिना किसी स्वार्थ के दूसरों की मदद करते हैं, तो ईश्वर आपको इसके बदले में कई गुना ज्यादा लौटा कर वापस देता है। इसलिए नीम करोली बाबा का कहना मानकर जरूरतमंदो की हमेशा सहायता करनी चाहिए फिर वो चाहे आर्थिक रूप से हो या इमोशनली। जो लोग दूसरों की सहायता करते हैं, उनके जीवन में पॉजिटिव एनर्जी आती है, जिससे धन की देवी लक्ष्मी उनकी तरफ आकर्षित होती है। हमेशा सच्चाई और ईमानदारी से रहें नीम करौली बाबा हमेशा सत्य और ईमानदारी की राह पर चलने की प्रेरणा देते थे। उनका मानना था कि अगर इंसान सच्चे दिल से अपने कर्म करे और छल-कपट से दूर रहे, तो भगवान खुद उस व्यक्ति को जीवन के सही रास्ते पर ले जाते हैं। जो लोग सच्चाई और ईमानदारी से रहते हैं, उन्हें व्यापार और नौकरी हर जगह पर तरक्की मिलती है, साथ ही सामाजिक तौर पर भी उनकी इज्जत बढ़ती है। ध्यान और भक्ति से जुड़ें नीम करौली बाबा खुद भक्ति और साधना से जुड़े हुए थे। ऐसे में वे दूसरों को भी भक्ति की राह पर चलने की सलाह देते थे। उनका कहना था कि अगर कोई व्यक्ति रोज थोड़ी देर के लिए ध्यान करता है और भगवान का नाम जपता है, तो उसके अंदर की सारी नेगेटिव एनर्जी खत्म हो जाती है और मन शांत होता है। ऐसे शांत मन के साथ जब कोई व्यक्ति कुछ भी काम करता है तो उसे अपने काम में सफलता जरूर मिलती है। जीवन में उदारता अपनाएं नीम करोली बाबा का कहना था कि धन को कभी भी बांधकर नहीं रखना चाहिए, बल्कि अगर आपके पास धन है तो उससे जरूरतमंदों की मदद करनी चाहिए और दान करना चाहिए। जब आप किसी भूखे को भोजन देते हैं या अनाथ बच्चों की पढ़ाई में सहायता करते हैं, तो इससे आपके जीवन में समृद्धि आती है। कर्म पर भरोसा करें, फल की चिंता ना करें नीम करौली बाबा ने जीवन से जुड़ी एक बहुत ही महत्वपूर्ण सीख दी है कि इंसान को अपना कर्म करना चाहिए और फल की चिंता नहीं करनी चाहिए। जब कोई व्यक्ति पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ अपने कर्मों में लगा रहता है, तो उसे जीवन में सफलता जरूर मिलती है। ऐसे व्यक्ति के जीवन में कभी सुख और समृद्धि की कमी नहीं होती।  

ठगी का नया जाल: शराब भट्टी खुलवाने का लालच देकर हिस्ट्रीशीटर ने ठगे लोग

दुर्ग भिलाई में निगरानीशुदा बदमाश का नया कारनामा सामने आया है। उसने लोगों से लाखों रुपए की ठगी की है। चरोदा बस्ती निवासी भवानी शंकर तिवारी ने लोगों को उनके भवन में शराब भट्ठी खुलवाने के नाम पर पैसे लेकर न सिर्फ उनसे ठगी की बल्कि इसके लिए उसने फर्जी आबाकरी अधिकारी भी बनाया। अब जाकर लोगों ने पुरानी भिलाई थाना में बदमाश भवानी सिंह के खिलाफ अपराध दर्ज कराया है। दरअलस भवानी सिंह पर पहले से ही चाकूबाजी, हत्या के प्रयास और अन्य गंभीर धाराओं के करीब एक दर्जन से अधिक मामले दर्ज हैं। अब एक नई ठगी के मामले में आरोपी बना है। भवानी ने एक महिला को आबकारी विभाग का अधिकारी बताकर गांव-गांव में शराब भट्टी खुलवाने का झांसा दिया। किसानों और ग्रामीणों को झांसे में फंसाकर उनसे लाखों की रकम वसूली और फरार हो गया। अब तक सामने आए मामलों के मुताबिक, 10 लाख रुपए की धोखाधड़ी की गई है। 5 पीड़ितों ने थाने में मामले की शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस की माने तो इस ठगी में भवानी के साथ उसका साथी अपराधी फरीद भी शामिल था। फरीद को गिरफ्तार कर लिया गया है, लेकिन भवानी फिलहाल फरार है, जिसकी तलाश पुलिस कर रही है।

नीतीश कुमार का बड़ा ऐलान, 50,000 लोगों को मिलेगा रोजगार

बोधगया बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शुक्रवार को बोधगया में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी  के साथ मंच साझा करते हुए युवाओं और जन कल्याण के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। गया जी में जनसभा को संबोधित करते हुए, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने घोषणा की कि बिहार में एनडीए सरकार बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। पांच वर्षों में एक करोड़ युवाओं को मिलेगी नौकरी नीतीश कुमार ने कहा, चुनाव से पहले, हम 50,000 और लोगों को नौकरी और रोजगार प्रदान करेंगे। अगले पांच वर्षों में एक करोड़ युवाओं को नौकरी और रोज़गार दिया जाएगा। हमने हमेशा रोज़गार के लिए काम किया है जबकि अन्य (राजद) ने कुछ नहीं किया। हाल के फैसलों पर प्रकाश डालते हुए, मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि सामाजिक सुरक्षा पेंशन 400 रुपये से बढ़ाकर 1,100 रुपये प्रति माह कर दी गई है। उन्होंने आगे कहा कि सरकार समाज के सभी वर्गों- महिलाओं, अल्पसंख्यकों और गरीबों के लिए काम कर रही है। उन्होंने कहा, "पहले बिहार की स्थिति बहुत खराब थी। किसी ने महिलाओं या मुसलमानों के लिए काम नहीं किया था। लेकिन हमने सबके लिए काम किया है। प्रधानमंत्री मोदी ने बिहार के लिए बहुत काम किया मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने याद दिलाया कि 2018 तक हर घर में बिजली पहुंच गई थी। उन्होंने आगे कहा कि बिहारवासियों को प्रति माह 125 यूनिट बिजली पहले ही मुफ्त दी जा चुकी है। मुख्यमंत्री ने जनभावनाओं का सम्मान करते हुए गया का नाम बदलकर गया जी करने, फल्गु नदी पर रबर डैम और पुल का निर्माण, और बोधगया में एक गेस्ट हाउस और अन्य सुविधाओं के विकास सहित अन्य उपलब्धियों का जिक्र किया मुख्यमंत्री ने केंद्र की एनडीए सरकार की प्रशंसा करते हुए कहा कि इस साल के केंद्रीय बजट में बिहार को एक विशेष पैकेज मिला है और राज्य ने खेलो इंडिया यूथ गेम्स की मेजबानी की है। उन्होंने कहा, "बिहार को केंद्र सरकार का पूरा सहयोग मिल रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने बिहार के लिए बहुत काम किया है।"  

कश्‍मीर के लग्‍जरी शिकारे का मजा कैमूर में! लोगों को जल्‍द मिलेगी ‘सुकून डेस्टिनेशन’ की सौगात

10-12 झरनों और हरियाली के बीच हाउसबोट की सैर! करमचट डैम बनेगा नया आकर्षण पटना/कैमूर, वो लोग जो शिकारे पर सफर के लिए कश्‍मीर जाने की इच्‍छा दिल में दबाए बैठे हैं। उनकी ये दिली हसरत बिहार में पूरी होने वाली है। वो भी उनके मन लायक मौसम में! यहां न तो बहुत ठंड होगी और न ही दूर से आने की थकान। कैमूर जिले के दुर्गावती जलाशय का करमचट डैम अब पर्यटन के नक्शे पर उभरने वाला है। यहां पहली बार आधुनिक सुविधाओं से लैस हाउसबोट सेवा शुरू होने वाली है। यह हाउसबोट डैम में पहुंच भी चुके हैं। इसका उद्घाटन 24 अगस्त को पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री डॉ. सुनील कुमार करेंगे। लेकिन लंबे ट्रायल के बाद इसे आम लोगों के लिए खोला जाएगा। ऐसा दिखेगा नजारा इस करमचट डैम पर हाउसबोट पर यात्रा करने वालों को प्राकृतिक की जबरदस्‍त सुंदरता का अनुभव होने वाला है। हाउसबोट के सफर के रास्‍ते में उन्‍हें 10 – 12 झरने दिखेंगे। इसके अलावा डैम के चारों ओर फैली हरियाली इस रोमांचित करेन वाले सफर को और खास बनाएगी। लहरों पर यह सफर सुकून का नया ठिकाना होगा। यह जगह पर्यटकों के लिए सूकून के डेस्टिनेशन के रूप में उभरेगी। जहां लोग पानी की लहरों पर रोमांचित करने वाली सुकून भरी शाम बिताने पहुंचेंगे। हाउसबोट की खासियत अभी इस हाउसबोट का ट्रायल चल रहा है। जिसे अच्‍छी तरह से टेस्‍ट करने और सभी सुविधाओं से लैस कर आम लोगों के लिए खोल दिया जाएगा। इस हाउसबोट होटल वाली तमाम सुविधा होंगी। बोट एसी कमरे, आधुनिक बाथरूम और किचन से लैस होंगे। जिस पर 8 से 10 लोगों के लिए आरामदायक सुविधा होगी। जहां लोग पानी की लहरों पर हरी भरी प्राकृतिक वादियों के बीच खाने पीने के साथ सुकून का वक्‍त बिता पाएंगे। 10 -12 झरनों से घिरा होगा रोमांचित नजारा : सीएफ इकोटूरिज्म सीएफ इकोटूरिज्म सत्यजीत कुमार ने बताया कि 24 अगस्‍त को इसका उद्घाटन कर दिया जाएगा। फिलहाल ये हाउसबोट ट्रायल के चरण में हैं। हाउसबोट पर सभी तरह की सुविधाएं मुहैया कराने और सुरक्षा मानकों के टेस्टिंग के पूरे होने के बाद इसे आम लोगों के लिए खोल दिया जाएगा। पर्यटन और रोजगार, दोनों को मिलेगा सहारा हाउसबोट सेवा से इस इलाके में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। कैमूर ऐतिहासिक और प्राकृतिक धरोहरों से समृद्ध है। नई सुविधा से यहां आने वाले सैलानियों की संख्या बढ़ेगी, जिससे स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलेंगे। होटल, रेस्टोरेंट, गाइड, परिवहन और हस्तशिल्प जैसे व्यवसायों को भी रफ्तार मिलेगी। करमचट डैम अब केवल पिकनिक और प्राकृतिक नजारों का ही ठिकाना नहीं रहेगा, बल्कि यह बिहार के पर्यटन मानचित्र पर एक रोमांचक और लग्जरी अनुभव के रूप में अपनी पहचान बनाएगा।

गोयनका समुदाय को समर्थन, उद्योग जगत को आमंत्रित किया मुख्यमंत्री ने

फतेहपुर  राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने देश के  गोयनका समुदाय के चोटी के उद्यमियों को राजस्थान में निवेश के लिए आमन्त्रित किया है। आज फतेहपुर शेखावाटी में गोयनका समुदाय के वार्षिक 'गोयनका संगम' को वर्चुअल माध्यम से सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री जी ने कहा कि इस समय राज्य में ऊर्जा, पर्यटन सौर ऊर्जा, खनन और इन्फ्रास्ट्र्रक्चर विकास में  निवेश की असीम संभावनाएं हैं और राज्य सरकार औद्योगिक विकास में गोयनका समुदाय के उद्योगपतियों की सक्रिय हिस्सेदारी सुनिश्चित करना चाहती है। मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने कहा कि नई सरकार ने पारदर्शिता और ईमानदारी  से कार्य करते हुए प्रदेश में अनुकूल औद्योगिक माहौल तैयार किया है तथा राज्य सरकार औद्योगिक निवेश को प्रोत्साहन देने के लिए कृत संकल्प है। उन्होंने कहा की सरकार औद्योगिक निवेश की निरंतरता बनाये रखने के लिए कृत संकल्प है ताकि प्रदेश की जी.डी.पी. को बढ़ाया जा सके तथा युवाओं को उनके नजदीकी स्थानों पर आकर्षक रोगजार के अवसर मिल सकें। उन्होंने श्री शक्ति गोयनका ट्रस्ट द्वारा राजस्थान में सामाजिक क्षेत्रों में किये गए उत्कृष्ट कार्यों के लिए उनकी सराहना की और उन्हें समाज सेवा के अतिरिकत दूसरे क्षेत्रों में भी सकारत्मक हिस्सेदारी करने की अपील की। इस सम्मान समारोह की अध्यक्षता करते हुए राजस्थान विधान सभा के स्पीकर बासुदेव जी देवनानी ने अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प के टैरिफ से निपटने के लिए स्वदेशी अपनाने का मूल मन्त्र दिया।  बासुदेव जी  देवनानी ने कहा कि हर भारतीय अगर स्वदेशी वस्तुओं का उपयोग करेगा तो अमेरिकी टैरिफ का भारतीय अर्थ व्यवस्था पर कतई असर नहीं होगा और इसके लिए उन्होंने सभी को एकजुट होने की अपील की ताकि भारत की अर्थव्यवस्था को मजबूत रखा जाये और भारत को विकसित देशो की श्रेणी में खड़ा किया जा सकें।  वासुदेव देवनानी ने कहा की प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदी की गतिशील नीतियों के वजह से बर्ष 2014 में 11वें स्थान से आज भारतीय अर्थव्यवस्था दुनिया की तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बन गई है जोकि उनके कुशल नेतृत्व का जीता जागता उदहारण है। उन्होंने इस सम्मान समारोह में पुरस्कार विजेताओं को बधाई देते हुए कहा कि उन्होंने गोयनका समुदाय के बजुर्गो द्वारा स्थापित उच्च मूल्यों को आगे बढ़ाया है जिसके लिए वह बधाई के पात्र हैं।   उन्होंने कहा कि गोयनका समुदाय ने भारत के अलावा दुबई, जापान, ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका जैसे देशो में व्यापार के साथ-साथ भारतीय सांस्कृति का परचम लहराया है जोकि दूसरे समुदाय के लिए  प्रेरणा का स्त्रोत है। उन्होंने कहा की समाज की प्रगति ऊंची गगन चुम्बी इमारतों से नहीं बल्कि मानवीय मूल्यों से आंकी जाती है। उन्होंने गोयनका समुदाय को व्यापार के साथ-साथ सामाजिक क्षेत्रों में अपनी भागीदारी बढ़ाने का आग्रह किया ताकि वह मातृभूमि के ऋण को चुकता कर सकें। उन्होंने कहा कि जब शुरू में यह कहा गया था की 21वीं शताब्दी भारत की होगी तो उन्हें कुछ संशय था लेकिन वर्ष 2014 में नरेन्द्र मोदी जी के प्रधानमंत्री बनने के बाद यह अहसास हो गया कि यह सपना साकार होने जा रहा  है। इससे पहले  विधानसभा के स्पीकर वासुदेव जी देवनानी का गोयनका मन्दिर में पहुंचने पर ट्रस्ट के मैनेजिंग ट्रस्टी सुशील गोयनका, अवार्ड समिति के अध्यक्ष अरुण गोयनका  और सभी ट्रस्टियों ने उनका फूलमालाओं से पूरी गर्म जोशी से स्वागत किया।  उन्होंने  दादी जी के मन्दिर में पूजा अर्चना की और श्रद्धा सुमन अर्पित किये। इस अवसर पर मात्र ढाई साल की उम्र में ही हेयांश गोयनका ने भारत के मानचित्र में राज्य चिन्हित करने और उसकी राजधानी बताने के लिए वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में अपना नाम दर्ज करने के लिए उसकी प्रसंशा की गई  है। 4 साल की उम्र से ही वह कई श्लोक, मंत्र, आरती और पौराणिक कथाओं का कंठस्त उच्चारण करते हैं। वे सार्वजनिक रूप से भारी भीड़ के सामने पौराणिक कथाएं सुनते  हैं और उन्होंने विधान सभा स्पीकर के सामने भी मंत्रोच्चारण किया।  इस अवसर पर बोलते हुए श्री शक्ति ट्रस्ट के मैनेजिंग ट्रस्टी सुशील गोयनका ने फतेहपुर शेखावाटी में सड़कों और अन्य ढांचागत सुविधाओं को सुदृड़ करने की आवश्यकता पर बल दिया और इसमें ट्रस्ट की सक्रिय हिस्सेदारी का भरोसा दिलाया। इस अवसर पर गिरधारी लाल गोयनका ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया। 5 दिन तक चलने वाले इस उत्सव में पूज्य भूपेंद्र भाई पंड्या जी ने हनुमान कथा का उच्चारण किया। इसके अलावा अनेक धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किये गए जिसमे  युवाओं की सक्रिय हिस्सेदारी सुनिश्चित की गई ताकि वह अपनी जड़ों से जुड़े रहें और उनका राजस्थानी संस्कृति से कनेक्ट रखा जा सके। इस दौरान गोयनका समुदाय की कुल देवी दादी जी के मन्दिर में रोज भजन संध्या का आयोजन किया गया ।  

PM-CM से जुड़े नए बिल पर बोले अमित शाह, केजरीवाल पर भी की कटाक्ष

तिरुवनंतपुरम केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह इन दिनों केरल के दौरे पर हैं. इस दौरान उन्होंने केंद्र सरकार के उस बिल का भी जिक्र किया जिसके तहत प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री या मंत्री अगर गंभीर आपराधिक आरोपों में 30 दिन से ज्यादा हिरासत में रहते हैं तो पद से हटा दिए जाएंगे. अमित शाह ने एक निजी चैनल से बातचीत करते हुए कहा कि  दिल्ली के (पूर्व) मुख्यमंत्री जेल जाने के बाद भी सरकार चला रहे थे, अगर जेल जाने के बाद केजरीवाल ने इस्तीफा दे दिया होता, तो आज इस बिल की जरूरत ही नहीं होती. अमित शाह ने कहा कि क्या देश की जनता चाहती है कि कोई भी मुख्यमंत्री जेल में रहकर सरकार चलाए? अब ये लोग (विपक्षी दल) कहते हैं कि संविधान में ऐसा कोई प्रावधान पहले क्यों नहीं हुआ? अरे, जब संविधान बना था, तब ऐसे निर्लज्ज लोगों की कल्पना ही नहीं की गई थी कि जेल जाने के बाद भी इस्तीफा नहीं देंगे. साथ ही कहा कि ये बिल किसी पार्टी के लिए नहीं है, ये बिल भाजपा के मुख्यमंत्रियों पर भी लागू होगा और प्रधानमंत्री पर भी लागू ​होगा.  केंद्रीय गृहमंत्री ने कहा कि 70 साल पहले एक ऐसी घटना हुई थी, जिसमें कई मंत्री और मुख्यमंत्री जेल गए थे और जेल जाने से पहले सबने इस्तीफा दे दिया था. लेकिन कुछ समय पहले एक घटना हुई, जिसमें दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री जेल जाने के बाद भी सरकार चला रहे थे. तो सवाल उठता है कि संविधान बदलना चाहिए या नहीं बदलना चाहिए? लोकतंत्र में नैतिकता का स्तर बनाए रखने की जिम्मेदारी सत्तापक्ष और विपक्ष दोनों की है. बिल में क्या प्रावधान है? केंद्र सरकार ने लोकसभा में एक बिल पेश किया है, इस पर काफी विवाद हो रहा है. प्रस्तावित बिल में लिखा है कि अगर प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री या किसी मंत्री पर ऐसी धाराओं में आपराधिक मुकदमा दर्ज होता है, जिनमें 5 साल या उससे ज्यादा सज़ा का प्रावधान है, तो ऐसी स्थिति में गिरफ्तार होने के 31वें दिन उन्हें अपना पद छोड़ना होगा और अगर वो ऐसा नहीं करेंगे. तो गिरफ्तारी के 31वें दिन खुद-ब-खुद इस पद से उन्हें हटा दिया जाएगा. ऐसी स्थिति में भारत के राष्ट्रपति देश के प्रधानमंत्री की सलाह पर उस केन्द्रीय मंत्री को उसकी गिरफ्तारी के 31वें दिन तक उसके पद से हटा सकते हैं. अगर किसी वजह से देश का प्रधानमंत्री इस पर कोई फैसला नहीं लेता और वो केन्द्रीय मंत्री को बचाने की कोशिश करते हैं, तो ऐसी स्थिति में वो केन्द्रीय मंत्री अपनी गिरफ्तारी के 31वें दिन खुद इस पद से हट जाएगा और उनसे सारी ज़िम्मेदारी वापस ले ली जाएगी. इसी तरह अगर प्रधानमंत्री को किसी आपराधिक मुकदमे में गिरफ्तार किया जाता है, तो प्रधानमंत्री को भी गिरफ्तारी के 31वें दिन तक इस्तीफा देना होगा और अगर वो ऐसा नहीं करते तो वो भी खुद-ब-खुद इस पद से हटा दिए जाएंगे. यहां दोनों मामलों में छूट ये होगी कि कोर्ट से ज़मानत मिलने के बाद सत्तारूढ़ पार्टी चाहे तो वो उस नेता को फिर से प्रधानमंत्री या केन्द्रीय मंत्री चुन सकती है.  इसी तरह के प्रावधान राज्यों के मुख्यमंत्रियों और मंत्रियों पर भी लागू होंगे, जिसके लिए अनुच्छेद 164 में एक नया भाग जोड़ा जाएगा. इसके तहत राज्य सरकार में कोई मंत्री गिरफ्तार होता है तो राज्यपाल, मुख्यमंत्री की सलाह पर 31वें दिन तक उस मंत्री को उसके पद से हटा सकते हैं और अगर खुद मुख्यमंत्री ही गिरफ्तार हो जाएं तो उन्हें भी 30 दिनों तक जेल में रहने के बाद 31वें दिन इस पद से हटा दिया जाएगा या उन्हें भी इससे पहले इस्तीफा देना होगा.  

रेलवे की खुशखबरी: त्योहारों में बढ़ेंगी ट्रेनें, यात्रियों को मिलेगा 20% छूट

पंजाब  ट्रेन में सफर करने वाले यात्रियों के लिए बेहद ही खास खबर सामने आई है। दीवाली और छठ के त्योहारों पर लोग हमेशा ट्रेनों का सफर करते हैं। इसी के चलते रेल यात्रियों की सुविधा को देखते हुए रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि, दीवाली और छठ के त्योहारों पर बिहार के यात्रियों की सुविधा के लिए 12 हजार से अधिक विशेष ट्रेनें चलाई जाएंगी।  बिहार के नेताओं के साथ विचार-विमर्श के बाद मंत्रालय ने नई ट्रेनें चलाने की योजना बनाई है। इसके साथ ही कई अन्य योजनाओं और बुनियादी ढांचे के प्रोजेक्ट्स पर भी काम किया जा रहा है आम वर्ग के यात्रियों के लिए 4 नई अमृत भारत ट्रेनें शुरू की जाएंगी, जो दिल्ली-गया, सहारसा-अमृतसर, छपरा-दिल्ली और मुजफ्फरपुर-हैदराबाद रूट पर चलेंगी। इसके अलावा, पूर्णिया और पटना के बीच जल्द ही एक वंदे भारत ट्रेन शुरू की जाएगी, जिससे समाज के सभी वर्गों को लाभ होगा।  रेल मंत्री ने बताया कि मंत्रालय ने बौद्ध धर्म से जुड़े स्थलों तक पहुंच बढ़ाने के लिए नालंदा और राजगीर तक एक बौद्ध सर्किट ट्रेन चलाने की योजना बनाई है। रेलवे बोर्ड की नई पायलट योजना के तहत यात्रियों को 13 से 26 अक्टूबर 2025 के बीच रवाना होने और 17 नवंबर से 1 दिसंबर 2025 के बीच वापसी की यात्रा करने पर टिकट किराए में 20% की छूट मिलेगी।  

जो-जो कंपनियां टीम इंडिया की जर्सी पर थीं, अब वही हो रही हैं हटाई गई

मुंबई  भारतीय क्रिकेट टीम की जर्सी पर जगह पाना किसी भी कंपनी के लिए गर्व और प्रतिष्ठा की बात होती है. मगर अजीब इत्तेफाक ये है कि 21वीं सदी में जिन कंपनियों ने टीम इंडिया की जर्सी की मुख्य स्पॉनशरशिप हासिल की, वे किसी कानूनी या वित्तीय विवाद में फंसीं. साथ ही वो कंपनी अर्श से फर्श पर भी आई. अब इसमें नया नाम ड्रीम11 (Dream11) का जुड़ चुका है. ऑनलाइन गेमिंग बिल के संसद से पारित होने के बाद ड्रीम11 भी अपना बोरिया बिस्तर समेटने की तैयारी कर रहा है. बता दें कि 21 अगस्त (गुरुवार) को प्रमोशन एंड रेग्युलेशन ऑफ ऑनलाइन गेमिंग बिल, 2025 राज्यसभा से पास हो गया था. लोकसभा में यह बिल पहले ही पास हो चुका था, ऐसे में अब राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने के बाद ये बिल कानून का रूप ले लेगा. इस बिल में स्पष्ट किया गया है कि कोई भी गेमिंग ऐप जिसमें पैसे का लेन-देन होता हो, उस पर पूर्ण प्रतिबंध लगेगा. इसमें किस्मत आधारित और स्किल आधारित गेम भी शामिल हैं. चूंकि ड्रीम11 भी स्किल-बेस्ड कैटेगरी में आता है. ऐसे में बिल के कानून बनते ही ड्रीम11 के मौजूदा ऑपरेशन्स भारत में पूरी तरह बंद हो जाएंगे. ड्रीम11 से पहले  बायजू, ओप्पो, स्टार इंडिया और सहारा ने बीसीसीआई के साथ करार किया था, लेकिन इन सभी का सफर मुश्किलों भरा रहा… सहारा (2001-2013): पहले बात सहारा की करते हैं, भारतीय क्रिकेट टीम की जर्सी पर सबसे लंबे समय तक अगर किसी ब्रांड का नाम जुड़ा रहा, तो वह था सहारा ग्रुप का. 12 सालों तक सहारा भारतीय टीम की जर्सी का मुख्य स्पॉन्सर रहा. इस दौरान भारतीय टीम 2003 के वर्ल्ड कप फाइनल में हारी, वहीं टी20 वर्ल्ड 2007 और वनडे वर्ल्ड कप 2011 की वो विजेता बनी. टीम इंडिया के साथ इतनी लंबी साझेदारी के बावजूद सहारा का कारोबार धीरे-धीरे डगमगाने लगा. सहारा ग्रुप ने अपने दो हाउसिंग बॉन्ड्स के जरिए निवेशकों से लगभग 24,000 करोड़ रुपये जुटाए थे. हालांकि SEBI (भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड) का मानना था कि यह पैसा गलत तरीके से और नियमों का उल्लंघन करते हुए जुटाया गया. 2012 में सुप्रीम कोर्ट ने सहारा को यह पूरा पैसा निवेशकों को वापस करने का आदेश देते हुए इसे SEBI के पास जमा करने के लिए कहा. सहारा ने कोर्ट के आदेशों का पालन ठीक से नहीं किया. 2014 में ग्रुप के चेयरमैन सुब्रत रॉय को गिरफ्तार कर लिया गया. 2023 में सुब्रत रॉय का निधन हो गया, मगर अभी तक निवेशकों को पैसों की वापसी की प्रक्रिया जारी है. स्टार इंडिया (2014–2017): सहारा के बाद भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड (BCCI) ने स्टार इंडिया (Star India) के साथ डील किया. 2014-17 का वो दौर विराट कोहली और रोहित शर्मा के लिए काफी खास था और उन्होंने इस पीरियड में रनों का अंबार लगाया. हालांकि इसी बीच स्टार इंडिया की मुश्किलें बढ़ती गईं. वॉल्ट डिज्नी के स्वामित्व वाले स्टार पर मार्केट डॉमिनेंस के दुरुपयोग का आरोप लगा. आगे चलकर इस कंपनी की पकड़ कमजोर होती गई और इसे जियो के साथ मर्जर करना पड़ा. ओप्पो (2017–2020): चीनी कंपनी ओप्पो (Oppo) ने बीसीसीआई के साथ 1079 करोड़ रुपये का भारी-भरकम सौदा किया, जो पांच सालों के लिए था. हालांकि ओप्पो को उम्मीद के मुताबिक फायदा नहीं हुआ और स्पॉन्सरशिप का खर्च कंपनी को भारी पड़ने लगा. इस दौरान Nokia और InterDigital के साथ पेटेंट विवादों ने कंपनी की मुश्किलें और बढ़ा दी थीं. नतीजा ये हुआ कि ओप्पो ने ये करार बीच में ही तोड़ दिया. बायजू (2020-22): साल 2020 में भारतीय टीम की जर्सी के मुख्य स्पॉन्सर के तौर पर ओप्पो की जगह बायजू (BYJU'S) ने ली. लेकिन जल्द ही कंपनी अर्श से फर्श पर आ गई. इसकी वेल्यू 2022 तक 22 अरब डॉलर डॉलर थी, जो बाद में शून्य हो गई. कंपनी के पास बीसीसीआई को भुगतान करने के लिए भी पर्याप्त पैसे नहीं थे. BCCI ने 158 करोड़ रुपये की वसूली के लिए NCLT (राष्ट्रीय कंपनी कानून अपीलीय न्यायाधिकरण) का दरवाजा खटखटाया था. ड्रीम11 (2023 से अब तक): फिर ड्रीम11 ने साल 2023 में 3 सालों के लिए भारतीय टीम की किट के लिए स्पॉन्सरशिप राइट्स हासिल किए. बीसीसीआई के साथ ड्रीम 11 की ये डील 358 करोड़ रुपये में हुई थी. शुरुआत में इसे एक बेहतरीन डील माना गया क्योंकि ड्रीम11 फैंटेसी गेम खेलने वाले यूजर्स के बीच बेहद पॉपुलर हो चुका था और क्रिकेट से उसका सीधा कनेक्शन भी था.  2021–22 में ड्रीम11 पर 1200 करोड़ रुपये की GST टैक्स चोरी का आरोप लगा. इस विवाद ने ड्रीम11 की छवि और भरोसे पर गहरा असर डाला. अब नया ऑनलाइन गेमिंग बिल इसके बिजनेस मॉडल पर सीधा प्रहार है. इससे न सिर्फ कंपनी की कमाई पर असर पड़ेगा, बल्कि टीम इंडिया की जर्सी से इसका नाम भी हट सकता है. देखा जाए तो ड्रीम11 की मौजूदा वैल्यू करीब 8 अरब डॉलर है और यह भारत की 3.8 बिलियन डॉलर की गेमिंग इंडस्ट्री में सबसे बड़ा खिलाड़ी है. लेकिन अगर यह मॉडल बंद होता है, तो कंपनी अपनी कमाई का बड़ा हिस्सा खो देगी. फिर बीसीसीआई के साथ की गई 358 करोड़ रुपये की डील को निभाना मुश्किल होगा. बीसीसीआई के इन स्पॉनशर्स की कहानी कुछ वैसी ही है जैसे बॉलीवुड के सुपरस्टार्स की. पहले शाहरुख, सलमान, आमिर की फिल्म लगभग हिट हो जाती थी. लेकिन अब उनकी कई फिल्में फ्लॉप हुईं. जैसे- ठग्स ऑफ हिंदोस्तान, लाल सिंह चड्ढा, ट्यूबलाइट, किसी का भाई किसी की जान. सुपरस्टार होने से लोकप्रियता मिलती है, लेकिन हमेशा सफलता की गारंटी नहीं रहती. ठीक ऐसा ही जर्सी स्पॉन्सर्स के साथ हुआ है. नाम मिलता है, पहचान मिलती है, लेकिन अक्सर नतीजा खास नहीं होता है. BCCI के लिए आगे बड़ा चैलेंज ये होगा कि उसे ऐसा ब्रांड मिले, जो प्रेशर और पब्लिसिटी को झेल पाए.

मेट्रो ट्रैक का ट्रॉली टेस्ट, अफसरों ने लिया जायजा; MD ने बारिश में भी काम रोकने से किया इनकार

इंदौर इंदौर में मेट्रो ट्रेन के 17 किलोमीटर हिस्से का काम पूरा करने पर मेट्रो रेल कार्पोरेशन का फोकस है, ताकि यहां तक मेट्रो का संचालन किया जा सके। अभी जिस सात किलोमीटर हिस्से में मेट्रो चल रही है, वहां यात्री नहीं मिल पा रहे है। शुक्रवार को मेट्रो रेल कार्पोरेशन के एमडी एस कृष्ण चैतन्य ने 11 किलोमीटर हिस्से का ट्राॅली रन कर जायजा लिया। उन्होंने अफसरों से कहा कि बारिश के दौरान भी मेट्रो के काम की गति कम नहीं होना चाहिए। छह माह के भीतर हमे मेट्रो ट्रेन का ट्रायल रन रेडिसन चौराहे तक करना है। उन्होंने कहा कि मेट्रो स्टेशन के बचे काम भी पूरे कर लिए जाए। दौरे में उन्होंने विजय नगर, मेघदूत गार्डन, बापट चौराहा, चंद्रगुप्त मोर्य प्रतिमा चौराह के स्टेशनों के काम देखे। इसके अलावा गांधी नगर डिपो का भी निरीक्षण किया। वहां ट्रेनों के रखरखावल तकनीकी सेटअप, कंट्रोल रुम की जानकारी ली और जरुरत के हिसाब से स्टाॅफ बढ़ाने के लिए भी कहा। निरीक्षण के बाद उन्होंने अफसरों व ठेेकेदार एजेसिंयों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की और समयसीमा में काम पूरा करने के निर्देश दिए। इंदौर से उज्जैन के बीच मेट्रो के लिए बनेगी डीपीआर इंदौर से उज्जैन के बीच मेट्रो के लिए हुए सर्वे की रिपोर्ट अफसरों के सामने प्रस्तुत की गई। 45 किलोमीटर के रुट के निर्माण पर दस हजार करोड़ का खर्च आएगा। अब इसकी डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार होगी। इसे लेकर हुई बैठक में बताया गया कि इस रुट पर 11 स्टेशन बनेंगे और उज्जैन में चार किलोमीटर का हिस्सा अंडरग्राउंड बनेगा। मुख्यमंत्री चाहते है कि सिंहस्थ से पहले मेट्रो का निर्माण हो जाएगा, लेकिन तीन साल में काम संभव नहीं है,क्योकि अभी डीपीआर बनने में ही छह माह से अधिक का समय लग जाएगा।  

मां लक्ष्मी का वाहन उल्लू देता है भविष्य के संकेत, समझें इशारे

मां लक्ष्मी का वाहन उल्लू माना गया है। यह प्रतीक है कि धन-सम्पदा और वैभव तभी स्थिर रहते हैं जब व्यक्ति में विवेक हो। विशेषकर सफेद उल्लू लक्ष्मी जी के शुद्ध और सात्त्विक स्वरूप का प्रतिनिधित्व करता है। यह सफाई, पवित्रता और शुभता का द्योतक है। पौराणिक दृष्टि से देखें तो लक्ष्मी जी उल्लू पर विराजमान होकर बताती हैं कि “संसार में धन का उपयोग अंधेरे (अज्ञान) में न हो, बल्कि ज्ञान के साथ हो।” सफेद उल्लू यदि घर की छत, आंगन या आंगन के वृक्ष पर बैठता है तो इसे लक्ष्मी जी का आगमन माना जाता है लेकिन यदि यह बार-बार बैठे और घर की दिशा दक्षिण या पश्चिम हो तो इसे खर्च बढ़ने या परिवार के निर्णयों में भ्रम की स्थिति से भी जोड़ा जाता है। मंदिर की छत या शिखर पर सफेद उल्लू बैठना अत्यंत शुभ है। यह मान्यता है कि वहां दिव्य ऊर्जा का प्रवाह बढ़ता है और उस स्थान पर लक्ष्मी कृपा स्थायी होती है। तांत्रिक दृष्टिकोण से इसे स्थिर लक्ष्मी का संकेत भी कहा गया है। धार्मिक विद्वान इसे मां लक्ष्मी की उपस्थिति और आशीर्वाद का प्रतीक मानते हैं। तांत्रिक परंपरा के अनुसार सफेद उल्लू को गुप्त साधनाओं और लक्ष्मी साधना में विशेष महत्व दिया गया है। माना जाता है कि यह साधना को सिद्ध करने वाला पक्षी है। सफेद उल्लू का घर या मंदिर पर बैठना अधिकतर सकारात्मक है, खासकर यदि यह क्षणिक रूप से आए तो। यदि यह बार-बार किसी एक ही घर पर ठहरता रहे तो उसे सावधानी का संकेत मानकर घर की ऊर्जा (साफ-सफाई, दीपक, पूजा) को शुद्ध रखना चाहिए। लक्ष्मी जी का वाहन उल्लू जो रात्रि में जागता और दिन में सोता है बहुत ही रहस्यमय है जिसे आज तक कोई भी व्यक्ति समझ नहीं पाया है। भारत में प्रत्येक परिवार में उल्लू शुभ व अशुभ दायरे में विद्यमान है। कहते हैं कि उल्लू को संकट से पूर्व में ही अनुभव हो जाता है। इसलिए इसे अपशकुन का प्रतीक माना जाता है लेकिन कुछ विद्वानों  ने उल्लू के निम्र संकेतों को शुभ व लाभदायक माना है। कहते हैं कि रोगी व्यक्ति को प्राकृतिक रूप से उल्लू छू ले तो वह शीघ्र ही स्वस्थ हो जाता है। सुबह-सवेरे उल्लू की वाणी सुनना लाभदायक व मंगलकारी है। यदि उल्लू गर्भवती औरत को छूता है तो पुत्री होने का संकेत है। पूर्व दिशा में और वृक्ष पर बैठे उल्लू को देखने और उसकी आवाज सुनने वाले व्यक्ति को धन लाभ होता है। दक्षिण दिशा में उल्लू की आवाज सुनने पर उस व्यक्ति के शत्रुओं का नाश होता है। उल्लू का प्राकृतिक स्पर्श पाने वाले व्यक्ति का जीवन सुख ऐश्वर्य से व्यतीत होता है। यदि यात्रा करते समय उल्लू पीछे उड़ रहा हो या आवाज कर रहा हो तो यात्रा शुभ होती है। यदि उल्लू  उत्तर दिशा की ओर आवाज करे तो सुनने वाले को भयंकर बीमारी होने की संभावना होती है। रात को यदि उल्लू पास बैठकर आवाज करे तो यह मंगल कार्य का सूचक होता है। उल्लू यदि किसी विशेष स्थान पर आकर रोज-रोज रोए तो यह भयंकर दुखदायी घटना का सूचक है। इसके अलावा यदि उल्लू घर के आंगन में मरा मिले तो पारिवारिक कलह का सूचक है। पश्चिम दिशा की ओर बैठे उल्लू की आवाज सुनने वाले व्यक्ति को भयंकर धन हानि होती है। इस प्रकार उल्लू हमेशा हमें शुभ और अशुभ संकेत देता है।