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ऑस्ट्रेलिया पर साउथ अफ्रीका का दबदबा, पांचवीं लगातार ODI सीरीज में जीता मुकाबला

 एरिना साउथ अफ्रीका ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वनडे सीरीज जीत ली है. 22 अगस्त (शुक्रवार) को मैके के ग्रेट बैरियर रीफ एरिना में हुए वनडे सीरीज के दूसरे मुकाबले में साउथ अफ्रीका ने मेजबान टीम को 84 रनों से हराया. मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया को जीत के लिए 277 रनों का टारगेट मिला था, लेकिन उसकी पूरी टीम 37.4 ओवर्स में 193 रनों पर सिमट गई. तीन मैचों की वनडे सीरीज का आखिरी मुकाबला 24 अगस्त (रविवार) को इसी मैदान पर खेला जाएगा. साउथ अफ्रीका ने ऑस्ट्रेलिया के विरुद्ध पिछली 10 द्विपक्षीय ओडीआई सीरीज में से आठ में जीत हासिल की है. साथ ही साउथ अफ्रीका की ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ ये लगातार पांचवीं द्विपक्षीय वनडे सीरीज जीत है. देखा जाए, तो ऑस्ट्रेलिया ने अपने पिछले आठ ओडीआई मैचों में से सिर्फ एक में जीत हासिल की है. इस साल चैम्पियंस ट्रॉफी में कंगारू टीम ने लाहौर में इंग्लैंड के खिलाफ 352 रनों का सफलतापूर्वक पीछा किया था. मुकाबले में साउथ अफ्रीकी ने टॉस जीतकर पहले बैटिंग करते हुए 49.1 ओवर्स में 277 रन बनाए थे. मैथ्यू ब्रीट्जके ने 88 और ट्रिस्टन स्टब्स ने 74 रनों का योगदान दिया. ऑस्ट्रेलिया की ओर से स्पिनर एडम जाम्पा ने सबसे ज्यादा तीन विकेट चटकाए. जबकि जेवियर बार्टलेट, नाथन एलिस और मार्नस लाबुशेन को दो-दो सफलताएं मिलीं. लुंगी एनगिडी ने खोला 'पंजा' जवाब में ऑस्ट्रेलियाई टीम विकेटकीपर बल्लेबाज जोश इंग्लिस की शानदार इनिंग्स के बावजूद लक्ष्य से काफी दूर रह गई. इंग्लिस ने 74 गेंदों पर 87 रन बनाए, जिसमें 10 चौके और दो छक्के शामिल रहे. साउथ अफ्रीका की ओर से तेज गेंदबाज लुंगी एनिगडी ने सबसे ज्यादा 5 विकेट झटके. सेनुरन मुथुसामी और नंद्रे बर्गर को दो-दो सफलताएं हासिल हुईं. साउथ ने इस जीत के साथ ही टी20 सीरीज में मिली हार का बदला ले लिया. बता दें कि ऑस्ट्रेलिया और साउथ अफ्रीका के बीच वनडे सीरीज का पहला मुकाबला 19 अगस्त को केर्न्स के कैजली स्टेडियम में खेला गया था, जिसमें मेहमान टीम ने 98 रनों से जीत हासिल की. अब उसने दूसरे वनडे में भी जीत हासिल कर कंगारुओं का घमंड चकनाचूर कर दिया. नियमित कप्तान टेम्बा बावुमा अनफिट होने के चलते दूसरे वनडे में नहीं खेले, जिसके कारण एडेन मार्करम ने साउथ अफ्रीका की कप्तानी की.

OpenAI भारत में खोलेगा अपना पहला ऑफिस, सैम ऑल्टमैन अगले महीने करेंगे दौरा

मुंबई  भारत में ओपनएआई अपना पहला दफ्तर खोलने वाला है, जिसके लिए कंपनी के सीईओ सैम ऑल्टमैन अगले महीने सितंबर में देश के दौरे पर आएंगे। ओपनएआई के सीईओ ने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इसकी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि वह इस साल भारत में अपना पहला ऑफिस खोलेंगे। उन्होंने देश में चैटजीपीटी के बढ़ते यूजर्स पर बात की। एक्स पर उन्होंने लिखा, "हम इस साल के अंत में भारत में अपना पहला कार्यालय खोल रहे हैं! और मैं अगले महीने आने के लिए उत्सुक हूं। भारत में एआई को अपनाते हुए देखना अद्भुत रहा है-पिछले एक साल में चैटजीपीटी यूजर्स की संख्या चार गुना बढ़ी है-और हम भारत में और अधिक निवेश करने के लिए उत्साहित हैं!" केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने किया स्वागत केंद्रीय आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने भारत में ओपनएआई का स्वागत किया और कहा कि भारत एआई-आधारित परिवर्तन की अगली लहर को आगे बढ़ाने के लिए अद्वितीय स्थिति में है। उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, "भारत एआई-आधारित परिवर्तन की अगली लहर को आगे बढ़ाने के लिए अद्वितीय स्थिति में है। इंडियाएआई मिशन के हिस्से के रूप में, हम विश्वसनीय और समावेशी एआई के लिए एक पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण कर रहे हैं।" उन्होंने आगे कहा, "एआई के लाभों को प्रत्येक नागरिक तक पहुंचाने के इस दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने में हम ओपनएआई की साझेदारी का स्वागत करते हैं।" फरवरी में ओपनएआई सीईओ से हुई थी मुलाकात इस साल फरवरी में, केंद्रीय आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सैम ऑल्टमैन से मुलाकात की थी, जिसमें संपूर्ण एआई स्टैक – जीपीयू, मॉडल और ऐप्स – बनाने की भारत की रणनीति पर चर्चा हुई थी। केंद्रीय मंत्री ने एक्स पर लिखा कि ऑल्टमैन इन तीनों क्षेत्रों में भारत के साथ सहयोग करने को तैयार हैं। उन्होंने आगे कहा कि ओपनएआई के सीईओ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रौद्योगिकी के लोकतंत्रीकरण के दृष्टिकोण की सराहना की। बैठक के दौरान, जिसमें कई स्टार्टअप उपस्थित थे, वैष्णव ने स्टार्टअप समुदाय से अनूठे समाधान प्रस्तुत करने का अनुरोध किया। मंत्री ने ऑल्टमैन और स्टार्टअप समूह के साथ अपनी बातचीत का एक क्लिप साझा किया। वीडियो में मंत्री ने कहा, "हम बहुत जल्द (एआई के लिए) एक तरह की खुली प्रतियोगिता शुरू करने जा रहे हैं।"

वाणिज्य मंत्री लखन लाल देवांगन ने प्रदेशवासियों को पारंपरिक तिहार पोला की बधाई दी

रायपुर प्रदेश के वाणिज्य उद्योग, श्रम, सार्वजनिक उपक्रम एवं आबकारी मंत्री लखन लाल देवांगन ने प्रदेशवासियों को छत्तीसगढ़ के पारंपरिक पोला तिहार की बधाई और शुभकामनाएं दी है। इस अवसर पर देवांगन ने लोगों के सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की है। अपने शुभकामना संदेश में उन्होंने कहा है कि पोला तिहार छत्तीसगढ़ की परम्परा, संस्कृति और लोक जीवन की गहराइयों से जुड़ा है। पोला के अवसर पर बैलों को वनौषधि युक्त लोंदी खिलाकर उसकी पूजा अर्चना की जाती है तथा किसान भाई महामारी से रक्षा की प्रार्थना करते हैं। इस त्यौहार में उत्साह से बैलों और जाता-पोरा की पूजा कर अच्छी फसल और घर को धन-धान्य से परिपूर्ण होनेे के लिए प्रार्थना की जाती है। यह त्यौहार हमारे जीवन में खेती-किसानी और पशुधन के संरक्षण का महत्व बताता है। घरों में प्रतीक स्वरूप मिट्टी के नांदिया बैल और मिट्टी के बर्तनों की पूजा कर बच्चों को खेलने के लिए दिया जाता है, जिससे बच्चे अपनी मिट्टी और उसके सरोकारों से जुड़ते हैं। केबिनेट मंत्री ने पोला के पश्चात मनाये जाने वाले माताओं एवं बहनों के तीजा पर्व की भी अपनी बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।

मध्यप्रदेश माइनिंग कॉन्क्लेव: कटनी में आज होगा आयोजन, मुख्यमंत्री निवेशकों से वन-टू-वन चर्चा करेंगे

 कटनी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उपस्थिति में शनिवार को कटनी में माइनिंग कॉन्क्लेव 2.0 का आयोजन होगा। इनमें मुख्य फोकस कोयला एवं ऊर्जा, ऊर्जा एवं हाइड्रोकार्बन, प्रौद्योगिकीय प्रगति, महत्वपूर्ण खनिज (क्रिटिकल मिनरल्स) और चूना पत्थर एवं सीमेंट पर होगा। मुख्यमंत्री समिट में शामिल होने वाले विषय-विशेषज्ञों और निवेशकों के साथ वन-टू-वन चर्चा करेंगे। कॉन्क्लेव में दो हजार से अधिक प्रतिभागी शामिल होंगे। कॉन्क्लेव में मिनरल एवं माईनिंग से संबंधित विभिन्न सत्रों के दौरान चर्चा होगी। खनन क्षेत्र में राष्ट्रीय उत्पादन में मध्य प्रदेश का महत्वपूर्ण योगदान हैं। यहां राष्ट्रीय उत्पादन का 73 प्रतिशत तांबा, 29 प्रतिशत राक फास्फेट, 26 प्रतिशत मैंगनीज, नौ प्रतिशत चूना पत्थर, आठ प्रतिशत कोयला, तीन प्रतिशत बाक्साइट और एक प्रतिशत लोह अयस्क मिलता है। प्रदेश में मौजूद खनिज संपदा को प्रदर्शित करते हुए कॉन्क्लेव स्थल पर प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। कटनी माइनिंग कॉन्क्लेव में देशभर के बड़े औद्योगिक घरानों ने दिलचस्पी दिखाई है। बता दें कि प्रदेश में पहली खनिज कॉन्क्लेव 17 एवं 18 अक्टूबर को कुशाभाऊ ठाकरे इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर भोपाल में आयोजित की गई थी, जिसमें विभिन्न 11 औद्योगिक संस्थानों की ओर से 19 हजार 650 करोड़ रूपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए। होंगे एमओयू माइनिंग कॉन्क्लेव में कोयला, चूना पत्थर, तेल और गैस, सहित अन्य महत्वपूर्ण खनिजों की संभावनाओं पर चर्चा होगी। साथ ही खनन में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और मशीन लर्निंग की भूमिका पर भी जोर दिया जाएगा। इस आयोजन में डिजिटल परिवर्तन, ऊर्जा सुरक्षा, और स्थिरता पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा, जिसमें खनन कार्यों में ऑटोमेशन के साथ एआई और मशीन लर्निंग के उपयोग पर चर्चा होगी। कोल गैस (सीबीएम) जैसे वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों की संभावनाओं का भी अन्वेषण किया जाएगा। सीमेंट, ऊर्जा, और खनिज-आधारित उद्योगों से संबंधित मुद्दों पर गहन चर्चा होगी। कॉन्क्लेव में कई संस्थानों के साथ एमओयू भी होंगे, जिससे राज्य के खनन बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के उद्देश्य से किए गए सभी निवेश प्रस्ताव फलीभूत होंगे।

बोर्ड परीक्षा फॉर्म में APAAR ID अनिवार्यता हटाई गई, छात्रों के लिए राहत

भोपाल माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं) की 10वीं व 12वीं की परीक्षा सात फरवरी से आयोजित होने वाली है। इस बार 10वीं व 12वीं बोर्ड परीक्षा के फॉर्म भरने के लिए अपार आईडी (ऑटोमेटेड परमानेंट एकेडमिक अकाउंट रिकॉर्ड) को अनिवार्य किया था। इसे लेकर विद्यार्थियों के आवेदन आ रहे थे। उनके पास दस्तावेज नहीं पूरे हो रहे थे। इस कारण मंडल ने इसकी अनिवार्यता को समाप्त कर दिया है। अब मंडल ने शैक्षणिक सत्र 2025-26 में बोर्ड परीक्षा के फॉर्म भरने के लिए खत्म किया है। अगले सत्र से अनिवार्य की जाएगी अपार आईडी अगले सत्र 2026-27 में बोर्ड परीक्षाओं में अपार आईडी अनिवार्य की जाएगी। मंडल द्वारा जारी आदेश के अनुसार पिछले निर्देशों में नौवीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों के लिए ऑनलाइन आवेदन पत्र भरते समय अपार आईडी का उल्लेख जरूरी किया गया था। स्कूलों और विद्यार्थियों को इसे बनाने में समस्या आ रही हैं। प्रदेश में मप्र बोर्ड 10वीं व 12वीं परीक्षा में 17 लाख से अधिक विद्यार्थी शामिल होते हैं। इनमें से लाखों विद्यार्थी परीक्षा फॉर्म भरने से वंचित रह सकते हैं। विद्यार्थी हित को देखते हुए मप्र बोर्ड ने अपार आईडी की अनिवार्यता को इस साल खत्म करते हुए वैकल्पिक कर दिया है।   अधूरे दस्तावेजों से विद्यार्थियों को हो रही है परेशानी अपार आईडी बनवाने में विद्यार्थियों को परेशानी आ रही है। कई विद्यार्थियों के दस्तावेज आधे-अधूरे या गलत जमा किए गए हैं। इससे दस्तावेज सत्यापन में समस्या आ रही है। आधार कार्ड और समग्र पोर्टल के रिकॉर्ड स्कूल के दस्तावेजों से मेल नहीं खा रहे हैं, इसलिए अपार आईडी तैयार नहीं हो पा रही है। इसके चलते स्कूल में 15 से 20 प्रतिशत विद्यार्थियों की आईडी ही तैयार हो पाई है। इससे अपार आईडी के बिना दोनों परीक्षाओं की नामांकन प्रक्रिया पूरी नहीं हो पा रही है। सामान्य शुल्क के साथ 15 सितंबर तक आवेदन कर सकेंगे 10वीं व 12वीं बोर्ड परीक्षा के लिए आवेदन 15 सितंबर तक सामान्य शुल्क 1200 रुपये जमा कर सकते हैं। 16 सितंबर से 25 अक्टूबर तक सामान्य शुल्क 1200 रुपये और विलंब शुल्क 100 रुपये जमा कर आवेदन कर सकते हैं। वहीं 26 अक्टूबर से 10 नवंबर तक दो हजार रुपये विलंब शुल्क के साथ और 11 नवंबर से 25 नवंबर तक विलंबर शुल्क पांच हजार और 26 नवंबर से 10 दिसंबर तक 10 हजार रुपये के साथ आवेदन कर सकते हैं।

उत्तराखंड के थराली में बादल फटने से हड़कंप, मलबे में दबे कई घर और लोग

चमोली  उत्तराखंड के चमोली जिले के थराली क्षेत्र में शुक्रवार की आधी रात के बाद बादल फटने की घटना ने भारी तबाही मचाई. इस घटना से थराली कस्बे, आसपास के गांवों और बाजारों में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया. भारी बारिश और मलबे से कई घरों, दुकानों और सड़कों को नुकसान पहुंचा है. प्रशासन और एसडीआरएफ की टीमें राहत और बचाव कार्य में जुटी हुई हैं. बादल फटने का सबसे ज्यादा असर थराली बाजार, कोटदीप और तहसील परिसर में देखने को मिला. यहां तहसील परिसर, एसडीएम आवास और कई घरों में मलबा घुस गया. तहसील परिसर में खड़ी कई गाड़ियां मलबे में दब गईं. कस्बे की सड़कों पर इतना मलबा भर गया कि वह तालाब जैसी नजर आने लगीं. पास के सागवाड़ा गांव में मलबे के कारण एक युवती की दबकर मौत हो गई. इस घटना से क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई और लोग अपने घरों से बाहर निकल आए. पुलिस और प्रशासन की टीमें तुरंत गांव में राहत कार्य के लिए पहुंचीं. चेपड़ों बाजार में मलबे की चपेट में आने से कई दुकानें क्षतिग्रस्त हुईं. साथ ही, एक व्यक्ति के लापता होने की सूचना भी है, जिससे स्थानीय लोगों की चिंता और बढ़ गई है. यातायात पूरी तरह बाधित भारी बारिश और मलबे के कारण थराली-ग्वालदम मार्ग मिंग्गदेरा के पास बंद हो गया है. इनके अलावा, थराली-सागवाड़ा मार्ग भी बाधित है. इन दोनों मार्गों के बंद होने से क्षेत्र में आवाजाही ठप हो गई है और लोगों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है. गौचर से स्टेट डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (SDRF) की टीम घटनास्थल पर है. प्रशासन ने राहत और बचाव कार्यों को तेज करने के निर्देश दिए हैं. बॉर्डर रोड्स ऑर्गनाइजेशन (BRO) की टीम मिंग्गदेरा के पास सड़क खोलने की कोशिशों में जुटी है, ताकि यातायात और राहत कार्यों को जल्द सुचारू किया जा सके. स्कूल और आंगनबाड़ी बंद जिला प्रशासन ने सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए थराली तहसील के सभी स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों को शनिवार (23 अगस्त 2025) के लिए बंद रखने का आदेश दिया है. जिलाधिकारी डॉक्टर संदीप तिवारी ने बताया कि पुलिस और प्रशासन की टीमें लगातार मौके पर मौजूद हैं और राहत एवं बचाव कार्य में तेजी से जुटी हैं. उत्तरकाशी से रुद्रप्रयाग तक बादल फटने से तबाही उत्तराखंड में इस मॉनसून सीजन के दौरान कई बड़े बादल फटने की घटनाओं ने भारी तबाही मचाई है. सबसे गंभीर घटना 5 अगस्त 2025 को उत्तरकाशी के धराली और हर्षिलल क्षेत्रों में हुई. उत्तरकाशी में बादल फटने से आई अचानक बाढ़ (फ्लैश फ्लड) ने धराली और हर्षिल इलाके को तहस-नहस कर दिया. कई घर, होटल और इंफ्रास्ट्रक्चर पानी में बह गए. इस हादसे में कम से कम चार लोगों की मौत हुई, जबकि दर्जनों लोग लापता हुए. सुखी और बगोरी समेत कई गांव प्रभावित हुए, जहां घरों और कृषि संपत्तियों को भारी नुकसान हुआ. वही रुद्रप्रयाग में जुलाई के आखिर में केदारघाटी क्षेत्र में बादल फटने से आई बाढ़ ने यहां भी कहर बरपाया. कई घर और गाड़ियां मलबे में दब गईं और नदियां उफान पर आ गईं.

जापान पहुंचते ही मुख्यमंत्री साय ने टोक्यो असाकुसा मंदिर में अर्चना कर की यात्रा की शुरुआत

रायपुर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जापान पहुंचने के बाद सबसे पहले जापान की राजधानी टोक्यो में स्थित ऐतिहासिक असाकुसा मंदिर के दर्शन किए। टोक्यो का यह सबसे प्राचीन और प्रतिष्ठित मंदिर शांति और सामर्थ्य का प्रतीक माना जाता है। मुख्यमंत्री साय ने मंदिर में पूजा-अर्चना कर छत्तीसगढ़ की 3 करोड़ जनता की खुशहाली, समृद्धि और निरंतर प्रगति की कामना की। उन्होंने कहा कि यह मंदिर मानवता को शांति और शक्ति का संदेश देता है और यही भाव छत्तीसगढ़ की जनता की आकांक्षाओं में भी झलकता है। उल्लेखनीय है कि भारतीय व्यापार संवर्धन संगठन (ITPO), भारत सरकार के आमंत्रण पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ का एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल जापान और दक्षिण कोरिया के दौरे पर है। इस ग्लोबल आउटरीच मिशन का उद्देश्य छत्तीसगढ़ को वैश्विक निवेश मानचित्र पर स्थापित करना और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के नए अवसरों को तलाशना है।

ये राज्य हैं भारत के सबसे बड़े दाल उत्पादक, UP केवल 5वें स्थान पर

नई दिल्ली दालें भारत की प्रमुख फसलों में से एक हैं। इसकी खेती करके किसान अच्छा-खासा मुनाफा कमाते हैं। दालों की खेती कई राज्यों में की जाती है। खरीफ और रबी सीजन में अलग-अलग दालों की खेती की जाती हैं। सरकार दलहन की खेती को बढ़ावा भी दे रही है। इसके लिए सरकार किसानों को प्रोत्साहित भी करती है। अलग-अलग राज्य अलग-अलग तरह के दालों की खेती करते हैं। लेकिन सवाल यह है कि भारत का सबसे बड़ा दाल उत्पादक राज्य कौन सा है? अगर आप उत्तर प्रदेश के हैं और आपको लग रहा है कि यूपी ही दाल उत्पादन में नंबर वन होगा तो आप गलत हैं। आइए भारत के टॉप 5 दाल उत्पादक राज्यों के बारे में जानते हैं।   ये भारत के टॉप 5 दाल उत्पादक राज्य  सामान्य क्षेत्रफल लगभग 290 लाख हेक्टेयर (खरीफ- 140 लाख हेक्टेयर + रबी- 150 लाख हेक्टेयर) में दालों की खेती की जाती है।। खरीफ क्षेत्र का मौसमी प्रतिशत हिस्सा 48% है, शेष 52% क्षेत्र रबी दलहन के लिए जाता है।     Madhya Pradesh     Rajasthan     Maharashtra     Karnataka     Uttar Pradesh भारत का सबसे बड़ा दाल उत्पादक राज्य MP मध्य प्रदेश भारत का सबसे बड़ा दलहन उत्पादक राज्य है। वित्त वर्ष 2016-17 और 2020-21 के औसत की बात करें तो राज्य का वार्षिक दलहन उत्पादन लगभग 59.70 लाख टन रहा। चना, तुअर और उड़द दलहनों की सूची में सबसे ऊपर हैं। मध्य प्रदेश में इनकी खेती और उत्पादन काफी ज्यादा होती है। दाल उत्पादन में दूसरे और तीसरे नंबर पर राजस्थान और महाराष्ट्र दाल उत्पादन के मामले में दूसरे नंबर पर राजस्थान है। वित्त वर्ष 2016-17 और 2020-21 के औसत की बात करें तो राज्य का वार्षिक उत्पादन लगभग 38.19 लाख टन रहा है। राज्य रबी सीजन में मूंग, मोठ, मूंग और चना जैसी दालों और खरीफ सीजन में अरहर जैसी दालों का सबसे अधिक उत्पादन करता है। महाराष्ट्र भारत का तीसरा सबसे बड़ा दलहन उत्पादक राज्य है। वित्त वर्ष 2016-17 और 2020-21 के औसत की बात करें तो राज्य 35.71 लाख टन रहा है। महाराष्ट्र में लगभग 20 लाख हेक्टेयर भूमि पर मुख्यतः तुअर दाल की खेती होती है। दाल उत्पादन में चौथे पर कर्नाटक और पांचवें पर UP दाल उत्पादन के मामले में कर्नाटक चौथे नंबर पर है। वित्त वर्ष 2016-17 और 2020-21 के औसत की बात करें तो कर्नाटक में औसत दलहन उत्पादन 19.37 लाख टन रहा है। राज्य में चना और अरहर की फसलों की 60% वृद्धि होती है। यह राज्य चना, अरहर, कुलथी, उड़द और मूंग जैसी विभिन्न प्रकार की दालों की खेती के लिए जाना जाता है। दाल उत्पादन के मामले में उत्तर प्रदेश पांचवें नंबर पर है। वित्त वर्ष 2016-17 और 2020-21 के औसत की बात करें तो यूपी में औसत दलहन उत्पादन 23.43 लाख टन रहा है। दालों की सूची में चना सबसे ऊपर है क्योंकि इसका उत्पादन क्षेत्र सबसे अधिक है। भारत है दुनिया का सबसे बड़ा दाल उत्पादक देश भारत 28 मिलियन मीट्रिक टन दालों के उत्पादन के साथ दुनिया का सबसे बड़ा दाल उत्पादक देश है। पिछले 20 वर्षों में, भारत का दाल उत्पादन 2002 के 11.13 मिलियन मीट्रिक टन से दोगुने से भी ज़्यादा हो गया है। प्रमुख उत्पादक राज्यों में कर्नाटक, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान और उत्तर प्रदेश शामिल हैं। भारत में चना, अरहर और मसूर जैसी विभिन्न दालें उगाई जाती हैं, जो इनकी व्यापक खपत को दर्शाता है।  

उप मुख्यमंत्री शुक्ल का कहना: एक देश, एक चुनाव ही वर्तमान समय की प्रमुख चुनौती

रीवा उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने रीवा में “एक देश एक चुनाव” संगोष्ठी में कहा कि एक देश एक चुनाव वर्तमान समय की सबसे बड़ी मांग और चुनौती है। देश में 1952 से 1967 तक लोकसभा और विधानसभा के चुनाव साथ-साथ हुए हैं। अलग-अलगर कारणों से सरकारें भंग हुई और मध्यावधि चुनाव की नौबत आई। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पुन: एक देश एक चुनाव का कठिन संकल्प लिया है। जिस तरह प्रधानमंत्री मोदी के अन्य संकल्प पूरे हुए उसी तरह यह संकल्प भी पूरा होगा। लोकसभा और विधानसभा के चुनाव एक साथ होने पर हजारों करोड़ रुपए की बचत होगी। विकास कार्यों के लिए अधिक राशि और अधिक समय मिलेगा। इस अभियान को सफल बनाने के लिए हर व्यक्ति और हर मतदाता को जागरूक करके इसमें शामिल करना होगा। संगोष्ठी का आयोजन जेएनसीटी इंजीनियरिंग कालेज रीवा में किया गया। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि वर्तमान समय में नशे की लत बड़ी सामाजिक बुराई के रूप में हमारे सामने कठिन चुनौती की तरह है। कोरेक्स और अन्य नशीले पदार्थों के कारण युवा पीढ़ी अपने उद्देश्य से भटक रही है। नशा तन, मन और धन तीनों का विनाश करता है। भावी पीढ़ी को नशे से बचाकर ही समाज और देश का विकास होगा। भावी पीढ़ी यदि नशे की राह में चली गई तो हर तरह का विकास बेमानी हो जाएगा। आज विकास के जो कार्य हो रहे हैं उनका सर्वाधिक उपभोग भावी पीढ़ी ही करेगी। नशे पर नियंत्रण के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। पुलिस ने करोड़ो रुपए के नशीले पदार्थ जप्त किए हैं तथा 600 से अधिक नशे के सौदागरों को जेल भेजा है। नशे की बुराई को समाप्त करने के लिए समाज के सभी वर्गों विशेषकर युवाओं को योगदान देना आवश्यक है। हर व्यक्ति जागरूक होकर और देश के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझकर नशे का विरोध करे। जो नशे की गिरफ्त में हैं उन्हें उपचार और समाज की मुख्यधारा में जोड़ने का भी प्रयास किया जा रहा है। सांसद जनार्दन मिश्र ने कहा कि एक देश एक चुनाव बहुत आवश्यक है। दुनिया के कई देशों में तीन-चार तरह के चुनाव एक साथ होते हैं। बेल्जियम में मतदाता एक बार मतदान करके पाँच अलग-अलग तरह के जनप्रतिनिधि चुनता है जिनसे लोकसभा, विधानसभा और स्थानीय निकाय की सरकारों का गठन होता है। देश में भी प्रथम आम चुनाव से ही लोकसभा और विधानसभा के चुनाव एक साथ होते रहे हैं। भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है। यहाँ सर्वाधिक मतदाता हैं। यदि लोकसभा और विधानसभा के चुनाव एक साथ होने लगें तो करोड़ों मतदाता एक ही चुनाव में दो सरकारों के प्रतिनिधि चुन लेंगे। इससे परिश्रम, धन और समय तीनों की बचत होगी। जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती नीता कोल, पूर्व महापौर वीरेन्द्र गुप्ता, समाजसेवी डॉ. राजेन्द्र मिश्रा, राम सिंह, राजेश पाण्डेय, पूर्व विधायक श्यामलाल द्विवेदी सहित बड़ी संख्या में स्थानीय जनप्रतिनिधि, कालेज के संचालक एस.एन. तिवारी, प्राध्यापकगण तथा विद्यार्थी उपस्थित रहे।  

क्याकिंग और केनोइंग में मप्र के खिलाड़ियों ने दिखाया दम, खेल मंत्री सारंग ने दी बधाई

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि श्रीनगर (कश्मीर) की डल झील में हो रहे देश के पहले 'खेलो इंडिया जल-खेल महोत्सव-2025' में मध्यप्रदेश की खिलाड़ी सुडॉली विश्नोई ने कयाकिंग स्पर्धा की (के-1) 500 मीटर महिला वर्ग में स्वर्ण पदक और इसी स्पर्धा की (के-2) 500 मीटर में सुनिहारिका सिंह और सुचंद्रकला ने स्वर्ण पदक हासिल कर प्रदेशवासियों को गौरवान्वित किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने तीनों बेटियों को इस स्वर्णिम उपलब्धि के लिए बधाई देकर इनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की बेटियां और सभी खिलाड़ी हमारा गौरव हैं। इन्हें पदक मिलने से पूरा प्रदेश गौरवान्वित हुआ है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि इसी खेल महोत्सव में मध्यप्रदेश के मंजीत मैतेई और आदित्य सिंह ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पुरुष वर्ग की (के-2) 500 मीटर स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतकर देश और प्रदेश का नाम रोशन किया है। मुख्यमंत्री ने इन दोनों प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को बधाई देकर इनके उज्ज्वल भविष्य कामना की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इसी खेल महोत्सव में मध्यप्रदेश के सुधीर कुमार और प्रिंस गोस्वामी ने कैनो स्पर्धा की (सी-2) 500 मीटर पुरुष वर्ग में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक हासिल करने पर इन्हें बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एथलीट अर्जुन वास्कले को दी बधाई मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने चेन्नई में हो रहे 64वें राष्ट्रीय प्रादेशिक सीनियर एथलेटिक्स चैम्पियनशिप में मध्यप्रदेश के प्रतिभावान खिलाड़ी अर्जुन वास्कले द्वारा पुरूष स्पर्धा के 1500 मीटर इवेंट में कांस्य पदक जीतने पर बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वास्कले निरंतर आगे बढ़ते रहें और नए-नए कीर्तिमान रचते रहें।