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इंडस्ट्रियल एरिया चंडीगढ़ में सिफ्ट सिटी का प्रस्ताव, गिफ्ट सिटी की तरह विकसित होगा हब

चंडीगढ़ गुजरात के गिफ्ट सिटी की तर्ज पर चंडीगढ़ में सिफ्ट सिटी बनाने की तैयारी शुरू हो चुकी है। यूटी प्रशासन ने केंद्र सरकार को इस संबंध में एक आधिकारिक नोट भेज दिया है। इस हाईटेक फिनटेक हब के लिए प्रशासन ने कंसल्टेंट नियुक्त कर लिया गया है और 30 नवंबर तक डीपीआर तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है ताकि आने वाले बजट में इसकी घोषणा हो सके। चंडीगढ़ को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फाइनेंशियल और टेक्नोलॉजी हब बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। चंडीगढ़ प्रशासन ने इंडस्ट्रियल एरिया फेज-3 में सिफ्ट सिटी (Chandigarh International Finance Tech City) बनाने का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेज दिया है गुजरात के गांधीनगर में बने गिफ्ट सिटी की तर्ज पर चंडीगढ़ इंटरनेशनल फाइनेंस-टेक (सिफ्ट) सिटी विकसित की जाएगी। इसके लिए चंडीगढ़ प्रशासन ने भारत सरकार को औपचारिक रूप से एक नोट भेजा है। प्रशासन का मानना है कि यह कदम शहर को नई दिशा देगा और इसे राष्ट्रीय स्तर पर एक प्रमुख फाइनेंशियल व टेक्नोलॉजी हब के रूप में पहचान दिलाएगा। कुछ महीने पहले हुई नीति आयोग की बैठक में भी चंडीगढ़ प्रशासन की ओर से इस प्रोजेक्ट पर विस्तार से चर्चा की गई थी। प्रशासन ने भारत सरकार को भेजे नोट में कहा है कि इंडस्ट्रियल एरिया फेज-2 और फेज-3 में काफी जमीन उपलब्ध है, विशेषकर फेज-3 में बड़ी मात्रा में खाली जमीन पड़ी है। इस भूमि का उपयोग कर चंडीगढ़ को एक नई पहचान दिलाई जा सकती है। प्रशासन का मानना है कि चंडीगढ़ की भौगोलिक स्थिति, उसका महत्व और इको सिटी की पहचान इस तरह के प्रोजेक्ट के लिए मॉडल शहर है। आईटी और फाइनेंशियल कंपनियों को मिलेगा न्योता इस प्रोजेक्ट के पूरा होने के बाद देश-विदेश की आईटी और फाइनेंशियल कंपनियों को निवेश के लिए आमंत्रित किया जाएगा। अधिकारियों का मानना है कि इससे बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे और चंडीगढ़ को ग्लोबल लेवल का फाइनेंशियल और टेक्नोलॉजी हब बनाया जा सकेगा। प्रशासन के अनुसार, इंडस्ट्रियल एरिया फेज-2 और फेज-3 में काफी खाली जमीन है। खासकर फेज-3 में 153 एकड़ भूमि लगभग पूरी तरह खाली है, जिसे सिफ्ट सिटी के लिए विकसित किया जाएगा। चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाबचंद कटारिया ने कहा कि शहर को आगे ले जाने के लिए गुजरात मॉडल का सहारा लिया जाएगा। उन्होंने माना कि बीते वर्षों में चंडीगढ़ इस क्षेत्र में पीछे रह गया है, इसलिए अब इसे तेजी से आगे बढ़ाने की जरूरत है। नवंबर से पहले पूरी होगी डीपीआर इस महत्वाकांक्षी योजना के लिए डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। उद्योग सचिव निशांत कुमार यादव ने कहा है कि नवंबर तक इस प्रोजेक्ट की डीपीआर पूरी करने का लक्ष्य है, ताकि आगामी बजट में भारत सरकार की तरफ से इस प्रोजेक्ट की घोषणा हो सके। इसके लिए प्रशासन ने एक कंसल्टेंट नियुक्त कर दिया है, जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि रिपोर्ट में किसी भी तरह की कमी न रहे और योजना व्यावहारिक व निवेशकों को आकर्षित करने वाला बने। आईटी और फाइनेंशियल कंपनियों को किया जाएगा आमंत्रित अधिकारियों का मानना है कि इस प्रोजेक्ट के पूरा होने के बाद देश-विदेश की आईटी और फाइनेंशियल कंपनियां चंडीगढ़ में निवेश करेंगी। इससे बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे। चंडीगढ़ को एक ग्लोबल स्टैंडर्ड का टेक्नोलॉजी व फाइनेंशियल हब बनाया जा सकेगा। साथ ही, प्रशासन की कोशिश है कि फेज-2 और फेज-3 की खाली जमीनों का बेहतर उपयोग किया जा सके। विकास नगर के पास मौजूद फेज-3 अभी लगभग पूरा खाली पड़ा है। गुजरात मॉडल का लिया जाएगा सहाराः गुलाबचंद कटारिया इस प्रोजेक्ट पर पंजाब के राज्यपाल और चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाबचंद कटारिया ने कहा कि चंडीगढ़ को आगे ले जाने के लिए गुजरात मॉडल का सहारा लिया जाएगा। बीते कुछ वर्षों में चंडीगढ़ इस क्षेत्र में पीछे रह गया है, इसलिए अब इस दिशा में तेजी से काम करने की जरूरत है। सिफ्ट सिटी में बिजनेस करने को मिलेंगी कई रियायतें -कई रेगुलेटरी छूट -बिल्डिंग अप्रूवल में आसानी – एफएआर (फ्लोर एरिया रेशियो) में लचीलापन -लेबर लॉज में राहत -कंपनियों के लिए सिंगल विंडो सिस्टम -इंफ्रास्ट्रक्चर सपोर्ट और टैक्स इंसेंटिव एक नजर में चंडीगढ़ का इंडस्ट्रियल एरिया – फेज-1 में जमीन 776.14 एकड़ – फेज-2 में जमीन 486 एकड़ – फेज-1 और 2 में कुल 1966 प्लॉट – 5 मरला से लेकर 1 कनाल तक के क्षेत्र में छोटे प्लॉट सबसे ज्यादा फेज-1 में – फेज-2 में सभी छोटे इंडस्ट्रियल प्लॉट – फेज-3 में 153 एकड़ की जमीन 

TikTok इंडिया फिर लौट रहा, वेबसाइट एक्टिव होने से बढ़ी उम्मीदें

नईदिल्ली    TikTok की भारत वापसी को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।  अभी तक कुछ भी पक्का नहीं है, लेकिन जो लोग TikTok को पसंद करते हैं, उनके लिए कुछ अच्छी खबरें जरूर सामने आई हैं। TikTok, जो एक चीनी कंपनी का ऐप है, 2020 में भारत में बैन कर दिया गया था।  TikTok की वेबसाइट फिर से दिखने लगी है! हाल ही में कुछ लोगों ने देखा कि TikTok की वेबसाइट (mobile और laptop पर) फिर से काम कर रही है। हालांकि, कुछ लोग अभी भी इसे नहीं खोल पा रहे हैं, जिससे लगता है कि शायद वेबसाइट कुछ चुनिंदा लोगों के लिए या टेस्टिंग के लिए खोली गई है। लेकिन TikTok का ऐप अभी भी Google Play Store या Apple App Store पर उपलब्ध नहीं है। इसलिए सिर्फ वेबसाइट का दिखना यह नहीं कह सकता कि TikTok पूरी तरह वापस आ गया है। भारत-चीन के रिश्तों में सुधार? TikTok की वापसी की चर्चा इसलिए भी हो रही है क्योंकि हाल ही में भारत और चीन के बीच रिश्ते थोड़े बेहतर होते दिख रहे हैं। सरकार की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान नहीं हालांकि TikTok की वेबसाइट दिख रही है, लेकिन भारत सरकार ने अभी तक TikTok की वापसी को मंजूरी नहीं दी है, और कंपनी की ओर से भी कोई घोषणा नहीं की गई है।इसका मतलब है कि TikTok अभी भी भारत में आधिकारिक रूप से बैन ही है, और वह बिना सरकार की इजाजत के काम नहीं कर सकता।

मटकी फोड़ महोत्सव का धमाका भोपाल में, सुनील शेट्टी और सवाई भट्ट बनेंगे आकर्षण का केंद्र

भोपाल  प्रदेश के सबसे बड़े मटकी फोड़ प्रतियोगिता का आयोजन आज राजधानी भोपाल में होगा। कार्यक्रम में बॉलीवुड अभिनेता सुनील शेट्टी और इंडियन आइडल से चर्चित गायक सवाई भट्ट विशेष आकर्षण रहेंगे। श्री कृष्ण जन्माष्टमी उत्सव समिति के अध्यक्ष और भाजपा के पूर्व जिला अध्यक्ष सुमित पचौरी ने बताया कि वर्ष 2003 से निरंतर प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है और यह प्रदेश की सबसे बड़ी मटकी फोड़ प्रतियोगिता बन चुकी है। पचौरी ने कहा कि बांके बिहारी की कृपा से यह आयोजन हर साल और बड़ा होता जा रहा है। कई जिलों की टीमें लेती हैं भाग  पचौरी ने बताया कि इस प्रतियोगिता में हर साल प्रदेशभर से कई जिलों की टीमें भाग लेती हैं। बड़ी संख्या में युवाओं की टोली मटकी फोड़ने के लिए जुटती है। इस बार भी दर्जनों टीमें प्रतियोगिता में शामिल होंगी।आयोजन में हर साल सामाजिक संदेश भी दिए जाते हैं।प्रतियोगिता के दौरान बाल विवाह रोकथाम, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ और नशामुक्ति को लोगों तक पहुंचाया जाता है। शुभारंभ दोपहर बाद होगा और देर रात तक चलेगा  पचौरी ने बताया कि प्रतियोगिता का शुभारंभ दोपहर बाद होगा और देर रात तक चलेगा। टीमें एक-एक कर मंच पर पहुंचेंगी और पारंपरिक अंदाज में मटकी फोड़ने का प्रयास करेंगी। दर्शकों में बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक सभी वर्गों का उत्साह देखने को मिलेगा। आयोजन में बॉलीवुड के प्रसिद्ध अभिनेता सुनील शेट्टी विशेष रूप से मौजूद रहेंगे। उनके साथ इंडियन आइडल में अपनी गायकी से पहचान बनाने वाले गायक सवाई भट्ट भी शिरकत करेंगे। इन सितारों की मौजूदगी से आयोजन का आकर्षण और भी बढ़ेगा तथा युवाओं में खासा उत्साह देखने को मिलेगा।  

बांग्लादेश टीम का एशिया कप स्क्वाड घोषित, नुरुल हसन लौटे और लिटन दास होंगे कप्तान

ढाका  एशिया कप 2025 में बांग्लादेश की टीम भी भाग लेने जा रही है. अब इस टूर्नामेंट के लिए बांग्लादेशी क्रिकेट टीम का ऐलान हो गया है. एशिया कप के लिए बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) ने 22 अगस्त (शुक्रवार) को 16 सदस्यीय टीम की घोषणा की, जिसकी कप्तानी लिटन कुमार दास को सौंपी गई है. बांग्लादेशी टीम में विकेटकीपर बल्लेबाज काजी नुरुल हसन सोहन की भी वापसी हुई है. नुरुल हसन को लगभग तीन साल बाद बांग्लादेश की टी20 टीम में शामिल किया गया है. 31 वर्षीय नुरुल हसन ने बांग्लादेश के लिए इस फॉर्मेट में अपना आखिरी मुकाबला ऑस्ट्रेलिया में आयोजित आईसीसी मेन्स टी20 विश्व कप 2022 के दौरान खेला था. बता दें कि बांग्लादेशी टीम को एशिया कप से पहले नीदरलैंड्स के खिलाफ तीन मैचों की टी20 इंटरनेशनल सीरीज भी खेलनी है. इस टी20 सीरीज में भी बांग्लादेश की ओर से वही खिलाड़ी भाग लेंगे, जिन्हें एशिया कप में खेलना है. बांग्लादेश और नीदरलैंड्स के बीच टी20 सीरीज के मुकाबले 30 अगस्त, 1 सितंबर और 3 सितंबर को सिलहट इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में आयोजित होंगे. लिटन दास की कप्तानी में बांग्लादेश का शानदार प्रदर्शन लिटन दास की कप्तानी में बांग्लादेश ने श्रीलंका के खिलाफ पहली बार टी20 सीरीज जीती थी. उसके बाद लिटन दास के अंडर बांग्लादेश ने पाकिस्तान के खिलाफ अपने घर पर टी20 सीरीज जीती. टीम में मुस्तफिजुर रहमान और तस्कीन अहमद जैसे अनुभवी तेज गेंदबाज भी शामिल हैं. सौम्य सरकार, मेहदी हसन मिराज, तनवीर इस्लाम और हसन महमूद को एशिया कप के लिए स्टैंडबाय खिलाड़ियों में शामिल किया गया है. एशिया कप और नीदरलैंड्स के खिलाफ टी20 सीरीज के लिए बांग्लादेश का स्क्वॉड: लिटन कुमार दास (कप्तान), तंजीद हसन, परवेज हुसैन इमोन, सैफ हसन, तौहीद हृदोय, जेकर अली अनिक, शमीम हुसैन, काजी नुरुल हसन सोहन, महेदी हसन, रिशाद हुसैन, नसुम अहमद, मुस्ताफिजुर रहमान, तंजीम हसन साकिब, तस्कीन अहमद, शोरिफुल इस्लाम, मोहम्मद सैफुद्दीन. स्टैंडबाय (केवल एशिया कप के लिए): सौम्य सरकार, मेहदी हसन मिराज, तनवीर इस्लाम, हसन महमूद. एशिया कप 2025 में बांग्लादेश को हॉन्ग कॉन्ग, अफगानिस्तान और श्रीलंका के साथ ग्रुप-बी में रखा गया है. एशिया कप की शुरुआत 9 सितंबर को होगी और इसका फाइनल 28 सितंबर को निर्धारित है. एशिया कप के मुकाबले इस बार संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के दो शहरों अबू धाबी और दुबई में खेले जाएंगे.

तलाक के बीच गोविंदा थाईलैंड पहुंचे, 170 करोड़ में से कितनी राशि देंगी सुनीता आहूजा?

मुंबई  सुपरस्टार गोविंदा का पत्नी सुनीता के साथ 38 साल के शादी का रिश्ता टूटने की चर्चा सोशल मीडिया पर चर्चा में हैं. वहीं इस बार कहा जा रहा है कि सुनीता आहूजा ने गोविंदा पर धोखाधड़ी और क्रूरता का आरोप लगाते हुए तलाक की मांग की थी. रिपोर्ट्स में कहा गया कि सुनीता ने 5 दिसंबर, 2024 को बांद्रा फैमिली कोर्ट में हिंदू विवाह अधिनियम 1955 की धारा 13 (1) (i), (ia), (ib) के तहत व्यभिचार, क्रूरता और परित्याग के आधार पर तलाक के लिए अर्जी दी थी. जबकि हाउटरफ्लाई द्वारा शेयर की गई रिपोर्ट में दावा किया गया है कि कपल इस साल जून से अदालत द्वारा अनिवार्य परामर्श के साथ अपने मुद्दों को सुलझाने की कोशिश कर रहा था, जिसमें सुनीता ने भाग लिया और गोविंदा कथित तौर पर नहीं आए. लेकिन अब तलाक की खबरों के कुछ घंटे बाद ही सुनीता आहूजा का इंटरव्यू सामने आया है, जिसमें वह तलाक को लेकर नहीं बल्कि गोविंदा के लिए अपने प्यार के बारे में बात करती नजर आ रही हैं. ईट ट्रैवल और रीपिट के साथ बातचीत में सुनीता आहूजा ने अपने 38 साल की गोविंदा के साथ शादी के बारे में बात करते हुए कहा, उसको भूख कब लगता है मुझे ये भी पता है. कि अभी इसको कोक कब चाहिए मुझे ये भी पता है. उसको एसिडिटी कब हो रहा है मुझे ये भी पता है. मेरे जितना गोविंदा को कोई नहीं जानेगा और कभी जिंदगी में नहीं जानेगा कोई. क्योंकि अंदर से प्यार करती हूं ना उसको. जितना भी कोई करले प्यार. कुछ भी करले. लेकिन मेरा अंदर का प्यार है. वो मेरे जैसा गोविंदा को कोई नहीं प्यार कर सकता है. ना कोई उसको इतना समझ सकता है. गोविंदा-सुनीता की शादी बता दें, गोविंदा और सुनीता ने साल 1987 में शादी रचाई थी और इस शादी से कपल के दो बच्चे भी हैं, जो फिल्मी दुनिया में संभावनाएं तलाश रहे हैं. उन्हें अभी तक बड़ा ब्रेक नहीं मिला है. गोविंदा भी अपने कमबैक के लिए भरसक प्रयास कर रहे हैं, लेकिन बार-बार निराशा ही हाथ लग रही है. इधर, सुनीता ने अपना यूट्यूब चैनल खोल लिया है, जिस पर उनकी फोटो के साथ लिखा है, बीवी नंबर 1. हफ्तेभर पहले ही गोविंदा की पत्नी ने अपना यह यूट्यूब अकाउंट बनाया है, जिस पर अब तक 1 लाख से ज्यादा सब्सक्राइबर हो चुके हैं. आगे उनसे जब पूछा गया कि वह 90s के या 2000 के गोविंदा में से किसे पसंद करती हैं तो सुनीता आहूजा ने कहा, 90s का. मैं वो ही गोविंदा पसंद करती हूं. पुराना गोविंदा. वापस आज गोविंदा तू यार. मेरा चीची तू आजा वापस चीची. आजा मेरे पास चीची. वहीं इंटरव्यू में सुनीता आहूजा अपनी सगाई की अंगूठी को भी फ्लॉन्ट करती हुई नजर आती हैं. बता दें, यह इंटरव्यू तलाक की खबरों के बाद शेयर किया गया है. लेकिन ऐसा लगता है कि यह उनके पहले व्लॉग के 8 दिन पहले शूट किया गया है क्योंकि सुनीता आहूजा बताती हैं कि वह जल्द ही कुछ नया करने वाली हैं. सुनीता आहूजा से तलाक हुआ तो 170 करोड़ के मालिक गोविंदा को कितने पैसे देने पड़ेंगे हॉटरफ्लाई की एक रिपोर्ट के मुताबिक, गोविंदा की पत्नी सुनीता आहूजा ने बांद्रा फैमिली कोर्ट में तलाक की याचिका दाखिल की है. उन्होंने हिंदू विवाह अधिनियम, 1955 की धारा 13 (1) (i), (ia), और (ib) के तहत याचिका दायर की. इसमें चीटिंग, दूसरी महिला से अफेयर और क्रूरता को 38 साल लंबी शादी को तोड़ने का आधार बताया है. कथित तौर पर गोविंदा को 25 मई को समन भेजा गया था लेकिन वो व्यक्तिगत रूप से वहां उपस्थित नहीं हुए. इसके बाद कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया है. रिपोर्ट्स के मुताबिक सुनीता हर कार्रवाई के दौरान मौजूद रही हैं. अगर दोनों अलग होते हैं तो गोविंदा का भारी-भरकम रकम चुकानी होगी. गोविंदा की नेटवर्थ कितनी है  रिपोर्ट के मुताबिक गोविंदा के पास 170 करोड़ रुपये की संपत्ति है. उनके पास 16 करोड़ से ज्यादा की कीमत का जुहू में बंगला है जिसका नाम जल दर्शन है. साथ ही, उनके पास कई कोलकाता और लखनऊ जैसे शहरों में फ्लैट्स और फार्महाउस हैं. तलाक होता है तो गोविंदा को देना पड़ेंगे कितने रुपये कोर्ट या कानून में ऐसी कोई रकम तय नहीं है. तलाक की स्थिति में पत्नी को भरण-पोषण का राइट है जो कई अलग-अलग चीजों पर डिपेंड करता है. जैसे पति की आय कितनी है. इसके अलावा और भी कई एलीमेंट हैं जैसे-     पति की संपत्ति     पत्नी की संपत्ति     शादी के दौरान लाइफस्टाइल     इसके अलावा, बच्चों की और फैमिली की जिम्मेदारी. हालांकि, गोविंदा के पास 170 करोड़ रुपये की संपत्ति है तो अगर तलाक होता है तो ये तो जाहिर है कि इसका एक बड़ा हिस्सा सुनीता के पास जाएगा. लेकिन वो कितना होगा ये कोर्ट तय करेगी जो गोविंदा की कमाई पर डिपेंड करेगी. हालांकि, गोविंदा की नेटवर्थ देखकर लगता है कि अगर उन्हें पैसा देना पडता है तो ये करोड़ों में हो सकता है.

काल बनकर बरसा मानसून, झारखंड में भारी बारिश ने मचाई तबाही

रांची  झारखंड में मानसून लगातार सक्रिय देखने को मिल रहा है। राज्य में लगातार हो रही भारी बारिश ने कहर बरपाया है। बारिश से हुई अलग-अलग घटनाओं में 5 लोगों की मौत हो गई है, जबकि 1 व्यक्ति लापता है। इसके अलावा कई लोग घायल बताए जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि सरायकेला-खरसावां के राजनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत डांडू गांव में पिछले कुछ दिनों से हो रही भारी बारिश से कच्चे मकान कमजोर हो गए हैं जिस वजह से घर ढह गया। घर के भीतर मौजूद पूरे परिवार और आए मेहमान सहित 10 लोग मलबे में दब गए। ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत के साथ मिट्टी हटाकर दबे लोगों को बाहर निकाला। सभी घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया जहां 7 लोगों को बेहतर इलाज के लिए एमजीएम रेफर कर दिया गया। हादसे में एक महिला और उसके सात वर्षीय बेटे की मौत हो गई और 8 लोगों का इलाज चल रहा है। जिले में एक अन्य घटना में, शनिवार सुबह एक घर की दीवार गिरने से 5 साल के बच्चे की मौत हो गई और 3 अन्य घायल हो गए। यह घटना खरसावां थाना क्षेत्र के कोल शिमला में हुई। वहीं, चतरा जिले के कटघरा गांव में शुक्रवार को एक दंपति उफनती नदी में बह गए। गिधौर के बीडीओ राहुल देव ने बताया, ‘‘पति का शव बरामद कर लिया गया है, जबकि पत्नी अब भी लापता है।'' जिले के पत्थलगडा प्रखंड के खैराटोला गांव में भी बारिश से संबंधित घटना में एक व्यक्ति की मौत हो गई।  

पूजा पाल ने अखिलेश यादव को लिखी चिट्ठी, जताया खतरे का संकेत, सपा पर लगाया जिम्मेदारी का आरोप

कौशांबी  यूपी में कौशांबी जिले की चायल सीट से विधायक पूजा पाल ने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव को चिट्ठी लिखी है. इस चिट्ठी में उन्होंने अपनी हत्या की आशंका जताई है. उन्होंने साफ कहा है कि यदि मेरी हत्या होती है तो इसके लिए समाजवादी पार्टी और अखिलेश यादव जिम्मेदार होंगे. पूजा पाल ने अपनी चिट्ठी में उल्लेख किया है कि उन्होंने जीवन का सबसे बड़ा लक्ष्य हासिल कर लिया है. उनके पति की हत्या के दोषियों को सजा मिल चुकी है. उन्होंने लिखा, मैंने अपना वास्तविक लक्ष्य प्राप्त कर लिया है, मेरे पति के हत्यारों को सजा मिल गई है. अब मुझे मौत भी मिले तो भी गर्व ही होगा. पत्र के अंतिम हिस्से में उन्होंने गंभीर आरोप लगाते हुए लिखा कि अखिलेश यादव ने उन्हें बीच रास्ते में अपमानित करके छोड़ दिया है. इस कारण समाजवादी पार्टी के अपराधी समर्थकों का मनोबल काफी बढ़ गया है और ठीक वैसे ही जैसे उनके पति की हत्या हुई थी, वैसे ही उनकी हत्या भी हो सकती है. पूजा पाल ने पत्र में कहा, यदि ऐसा होता है तो मैं सरकार और प्रशासन से मांग करती हूं कि मेरी हत्या की वास्तविक दोषी समाजवादी पार्टी और अखिलेश यादव को ही माना जाए. कौन हैं पूजा पाल? पूजा पाल की शादी 16 जनवरी 2005 को राजू पाल से हुई थी. राजू इलाहाबाद (पश्चिमी) विधानसभा सीट से बसपा विधायक थे. शादी के महज 9 दिन बाद 25 जनवरी 2005 को राजू की दिनदहाड़े हत्या कर दी गई. यह हत्या इलाहाबाद की सियासत में भूचाल लाने वाली घटना थी. पूजा पाल ने अपने पति की हत्या के बाद अतीक अहमद और उसके गुर्गों के खिलाफ FIR दर्ज कराई, जिसके चलते वो 'अतीक गैंग से लोहा लेने वाली' नेता के रूप में उभरीं. पति की हत्या के बाद उन्होंने उपचुनाव लड़ा लेकिन हार गईं. उसके बाद 2007 और 2012 में इलाहाबाद शहर (पश्चिम) से BSP से विधायक चुनी गईं. हालांकि 2017 में वे हार गईं. बाद में 2022 में सपा के टिकट पर चायल विधानसभा सीट से विधायक बनीं.

कमलनाथ सरकार गिरने की वजह बताते हुए दिग्विजय सिंह ने किया व्यक्तिगत खुलासा

भोपाल  पूर्व मुख्यमंत्री और राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने मध्य प्रदेश में 5 साल पहले कांग्रेस सरकार गिरने पर खुलकर बातचीत की और कमलनाथ को जिम्मेदार ठहराया है. दिग्विजय ने आरोप लगाया कि कमलनाथ ने ज्योतिरादित्य सिंधिया की वो मांग नहीं मानी, जिस पर डिनर के दौरान सहमति बनी थी. इसी कारण सरकार गिर गई. बातचीत में दिग्विजय ने कहा, इस बात का दुख है कि हमें जिन पर पूरा भरोसा था, उन लोगों ने धोखा दे दिया. आइडियोलॉजिकल क्लैश नहीं था. ये क्लैश ऑफ पर्सनालिटी हो गया. दिग्विजय से जब पूछा गया कि अगर कमलनाथ ग्वालियर-चंबल संभाग से जुड़ी मांगें मान लेते तो शायद यह नौबत नहीं आती? इस पर उन्होंने स्वीकार किया कि शायद फिर यह नौबत नहीं आती.  दरअसल, मध्य प्रदेश में 2018 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने बहुमत हासिल किया था और 15 साल के लंबे इंतजार के बाद सत्ता में वापसी की थी. पार्टी ने तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ को मुख्यमंत्री बनाया था. हालांकि, अंदरखाने नाराजगी की खबरें आती रहीं. इस बीच, 15 महीने बाद सिंधिया ने बगावत कर दी और बीजेपी में शामिल हो गए. कई विधायकों ने भी कांग्रेस छोड़ दी और सिंधिया खेमे में चले गए. जिससे कांग्रेस सरकार अल्पमत में आ गई और कमलनाथ को मुख्यमंत्री पद छोड़ना पड़ा. दिग्विजय ने बताया- कैसे गिरी थी कमलनाथ सरकार? सियासी गलियारों में यह चर्चा जोरों पर रही कि दिग्विजय और सिंधिया के बीच लड़ाई के कारण कांग्रेस सरकार गिर गई. अब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने कयासों पर विराम लगाया है. MPTak के साथ विशेष पॉडकास्ट में दिग्विजय ने पहली बार इस मामले में चुप्पी तोड़ी और बताया कि कमलनाथ की सरकार कैसे गिरी थी. उन्होंने एक इंडस्ट्रियलिस्ट के घर सिंधिया और कमलनाथ के डिनर की वो कहानी भी बताई. दिग्विजय से जब पूछा गया कि कहा जाता है कि आपकी वजह से कमलनाथ सरकार गिरी? इस पर उन्होंने कहा, ये प्रचारित किया गया कि मेरी और सिंधिया की लड़ाई की वजह से कमलनाथ की सरकार गिर गई. लेकिन सच्चाई ये नहीं है. मैंने चेताया था कि ऐसी घटना हो सकती है. दिग्विजय का कहना था कि मेरा दुर्भाग्य है कि शायद मेरी कुंडली में यह है कि मुझ पर हमेशा वह आरोप लगेगा जिसमें मैं दोषी नहीं हूं.  दिग्विजय ने सुनाई डिनर की वो कहानी दिग्विजय का कहना था कि एक बड़े इंडस्ट्रियलिस्ट हैं. मैं उनका नाम नहीं लेना चाहूंगा. कमलनाथ और सिंधिया दोनों से उनके अच्छे संबंध हैं. मैं उनके पास गया और कहा कि देखिए इन दोनों की लड़ाई में हमारी सरकार गिर जाएगी. आप जरा संभालिए, क्योंकि आपके दोनों से अच्छे संबंध हैं. दिग्विजय ने बताया कि उनके घर डिनर रखा गया और मैं भी उसमें शामिल हुआ. मैंने बहुत कोशिश की कि ये मामला निपट जाए. वहां पर सभी इश्यूज को लेकर एक लिस्ट तैयार हुई, लेकिन उसका पालन नहीं हो पाया. ये बात सच है कि तमाम प्रयासों के बावजूद कमलनाथ सरकार नहीं बच पाई. मेरा ना माधवराव सिंधिया से कोई विवाद था, ना ज्योतिरादित्य से कोई विवाद था. दिग्विजय से पूछा गया कि डिनर मीटिंग में कौन-कौन मांगें रखी गईं थीं? उन्होंने कहा, छोटी-मोटी बातें हुईं थी. ये हुआ था कि ग्वालियर-चंबल संभाग में जैसा हम दोनों कहेंगे, वैसा कर देंगे. हम दोनों ने दूसरे दिन विशलिस्ट बनाकर दे दिया, मैंने भी दस्तखत किए. लेकिन विशलिस्ट का पालन नहीं हुआ. 

गाजा पीड़ित बनकर मस्जिदों से पैसा वसूलने वाले सीरियाई गैंग को पुलिस ने पकड़ा

अहमदाबाद अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने एक सीरियाई गिरोह का भंडाफोड़ किया है. यह गिरोह गाजा पीड़ितों के रूप में मस्जिदों से पैसे वसूल रहा था. मामले में पुलिस ने अली मेघात अलजाहर नाम के एक सीरियाई नागरिक को गिरफ्तार किया है. वह टूरिस्ट वीजा पर भारत आया था. पूछताछ के दौरान पता चला कि वह पैसों का इस्तेमाल ऐशो-आराम की ज़िंदगी जीने में कर रहा था. पुलिस कार्रवाई के बाद उसके तीन साथी फरार हैं. जिनकी तलाश की जा रही है. पुलिस का दावा है कि जल्द ही तीनों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा. ऐसी गतिविधियां देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए हैं खतरा: पुलिस क्राइम ब्रांच ने कहा है कि ये गतिविधियां देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा हैं. वे वीजा नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं और संदिग्ध गतिविधियों में शामिल हैं. हालांकि एकत्रित धन का इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया जा रहा था, इसका पता लगाने के लिए जांच चल रही है.  मामले की जांच राज्य और केंद्रीय एजेंसियों द्वारा की जा रही है. फिलहाल अली को हिरासत में लेकर ब्लैकलिस्ट करने और डिपोर्ट करने की कार्रवाई की जा रही है. पुलिस द्वारा ऐसे अन्य गैंग का भी पता लगाया जा रहा है.  मेधात अल-ज़हर दमास्क्स का रहने वाला है अली मेधात पुलिस ने बताया कि क्राइम ब्रांच द्वारा पकड़ा गया अली मेधात, अल-ज़हर दमास्क्स का रहने वाला है और खुद को सीया मुस्लिम बता रहा है. वह अहमदाबाद की एक होटल में रुका था, जहां से उसे पकड़ा गया. क्राइम ब्रांच की जांच में सामने आया कि आरोपी के शरीर पर घाव के निशान हैं, जिसे वह युद्ध में लगे चोट होने का दावा कर रहा है.  आरोपी के गैंग में शामिल झकरीया अलजर, अहमदा अल्हबश, युसेफ अलजहर अभी फरार हैं. पुलिस उन्हें ढूंढ रही है. यह लोग लेबनान में एकत्रित हुए और फिर वहां से भारत आए थे.

US ने ईरानी तेल ट्रेड को किया निशाना, चीन और ग्रीस के नेटवर्क पर प्रतिबंध लागू

वाशिंगटन अमेरिका ईरान के अवैध क्रूड ऑयल (Iran Crude Oil) निर्यात पर शिकंजा कसने के लिए सख्त रुख अपना रहा है और इसके तहत US ने ईरानी तेल एक्सपोर्ट को बढ़ावा देने के लिए चीन के दो ऑयल टर्मिनल पर कार्रवाई करते हुए उन्हें बैन कर दिया है. इसके अलावा एक ग्रीक शिपिंग नेटवर्थ ऑपरेटर एंटोनियोस मार्गारिटिस पर भी प्रतिबंध लगाया गया है. अमेरिका के इस एक्शन का उद्देश्य तेहरान के हथियार कार्यक्रमों और आतंकवाद से होने वाले राजस्व में कटौती करना है. विदेश विभाग ने बताई बैन की वजह अमेरिका के विदेश विभाग (US Department of State) ने चीन स्थित दो कच्चे तेल और पेट्रोलियम प्रोडक्ट टर्मिनल्स संचालकों पर प्रतिबंधों का ऐलान किया है. उनपर यह कार्रवाई इन आरोपों के तहत की गई है, कि उन्होंने कई अमेरिकी-निर्धारित टैंकरों पर लाखों बैरल अवैध ईरानी तेल आयात करने में मदद की थी. यह ईरान के तेल व्यापार नेटवर्क में चीनी संचालकों को टारगेट करते हुए अमेरिका प्रतिबंधों का चौथा चरण है. विदेश विभाग के प्रवक्ता के मुताबिक, ये दोनों टर्मिनल ऑपरेटर Iranian Crude Oil के व्यापार नेटवर्क में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे थे, जो विदेशों में ईरान के आतंकवाद को वित्तपोषित करता है और क्षेत्र को अस्थिर करता है. दोनों टर्मिनल के बारे में विस्तार से बात करें, तो मार्शल आइलैंड स्थित चांगबाई ग्लोरी शिपिंग लिमिटेड, लाइबेरियाई फ्लैग्ड वाले LAFIT (IMO 9379698) का रजिस्टर्ड ऑनर है, जिसने मार्च 2025 से अब तक चीन में ग्राहकों तक 4 मिलियन बैरल से ज्यादा ईरानी तेल पहुंचाया है. वहीं दूसरी ओर ब्रिटिश वर्जिन आईलैंड स्थित रीगल लिबर्टी लिमिटेड, हांगकांग फ्लैग्ड GIANT (IMO 9238868) का मालिक है, जिसने 2025 की शुरुआत में OFAC द्वारा स्वीकृत SALVIA (IMO 9297319) के साथ लगभग 2 मिलियन बैरल ईरानी तेल चीन पहुंचाया. ग्रीक नागरिक निभा रहा था अहम रोल China के दो ऑयल टर्मिनल पर बैन लगाने के साथ ही विदेश विभाग की ओर से ग्रीक मूल के नागरिक एंटोनियोस मार्गारिटिस, उसकी कंपनियों के नेटवर्क और ईरान के सीक्रेट बेड़े से जुड़े करीब एक दर्जन जहाजों पर भी कार्रवाई की गई है. इस ग्रीक नागरिक ने कथित तौर पर शिपिंग के अपने लंबे एक्सपीरियंस का इस्तेमाल ईरानी पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स की अवैध बिक्री और ट्रांसपोर्टेशन को सुगम बनाने के लिए किया है. इस संबंध में जानकारी देते हुए अमेरिकी वित्त मंत्री (Finance Minister Of US) ने कहा कि Antonios Margaritis और उसके नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई तेहरान (Tehran) के हथियार कार्यक्रमों को वित्तीय मदद करने, आतंकवादी समूहों का समर्थन करने के चलते की गई है.  ईरान पर आर्थिक दबाव के लिए एक्शन Scott Bessent के मुताबिक, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) के नेतृत्व में वित्त मंत्रालय उन सभी लोगों को जवाबदेह ठहराने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है, जो ईरानी शासन की सहायता करना चाहते हैं और वैश्विक सुरक्षा (Global security) के लिए खतरा हैं. इन प्रतिबंध को कार्यकारी आदेश 13902 के तहत लगाया जा रहा है और ये राष्ट्रीय सुरक्षा राष्ट्रपति ज्ञापन 2 (NSPM-2) के तहत शुरू किए गए व्यापक अभियान का हिस्सा हैं, जिसका उद्देश्य ईरानी शासन पर आर्थिक दबाव को अधिकतम करना है.