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पूर्व CM कमलनाथ बोले, सिंधिया को लगा दिग्विजय सरकार चला रहे थे, इसलिए बगावत

भोपाल  2020 में मध्य प्रदेश कांग्रेस सरकार गिरने की वजह का खुलासा पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने पांच साल बाद किया है. कमलनाथ ने कहा कि ज्योतिरादित्य सिंधिया को लगता था कि सरकार दिग्विजय सिंह चला रहे हैं, जिसके चलते उन्होंने कांग्रेस के 22 विधायकों को तोड़कर सरकार गिरा दी. इस बयान ने मध्य प्रदेश की सियासत में हलचल मचा दी है. दरअसल, पूर्व मुख्यमंत्री और राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने हाल ही में MPTAK के पॉडकास्ट में बताया कि कमलनाथ और ज्योतिरादित्य सिंधिया के बीच मतभेद विचारधारा (आइडियोलॉजिकल) नहीं, बल्कि व्यक्तिगत (पर्सनालिटी) थे. वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिग्विजय ने बताया कि उन्होंने कई बार दोनों पक्षों के बीच मध्यस्थता की कोशिश की. यहां तक कि एक उद्योगपति के घर डिनर मीटिंग आयोजित कर कई मुद्दों पर सहमति बनाई गई और एक 'विशलिस्ट' तैयार हुई, जिसमें ग्वालियर-चंबल संभाग से जुड़े मुद्दों पर सहयोग का आश्वासन भी था. दिग्विजय सिंह ने कहा कि उन्होंने भी उस लिस्ट पर दस्तखत किए थे, लेकिन बाद में उसका कोई पालन नहीं हुआ. इसी वजह से विवाद बढ़ा और सरकार गिर गई. दिग्विजय ने यह भी स्पष्ट किया कि उन्होंने सरकार गिरने की चेतावनी पहले ही दी थी, न कि भरोसा दिलाया था कि सरकार बचेगी.  अब दिग्विजय सिंह के इस बयान के बाद राजनीति गरमा गई है. कमलनाथ ने भी कड़ा पलटवार किया है. कमलनाथ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर लिखा, ''मध्य प्रदेश में 2020 में मेरे नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार गिरने को लेकर हाल ही में कुछ बयानबाजी हुई है. मैं सिर्फ इतना कहना चाहता हूं कि पुरानी बातें उखाड़ने से कोई फायदा नहीं. लेकिन यह सच है कि व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा के अलावा ज्योतिरादित्य सिंधिया को लगता था कि सरकार दिग्विजय सिंह चला रहे हैं. इसी नाराजगी में उन्होंने कांग्रेस के विधायकों को तोड़ा और हमारी सरकार गिराई.'' 2018 में सरकार बनी, 2020 में गिरी बता दें कि साल 2018 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने 114 सीटें जीतकर सत्ता में वापसी की थी, जबकि BJP को 109 सीटें मिली थीं. बसपा (2), सपा (1) और निर्दलियों (4) के समर्थन से कमलनाथ के नेतृत्व में सरकार बनी. लेकिन डेढ़ साल बाद मार्च 2020 में ज्योतिरादित्य सिंधिया अपने 22 समर्थक विधायकों के साथ कांग्रेस छोड़कर BJP में शामिल हो गए, जिसके बाद कमलनाथ सरकार अल्पमत में आ गई और 20 मार्च 2020 को गिर गई.  BJP ने कहा- अब सच्चाई सामने है इस मुद्दे पर BJP ने भी प्रतिक्रिया दी. पार्टी के प्रदेश मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल ने कहा, ''अब सच्चाई सामने है कि कांग्रेस की कमलनाथ सरकार मिस्टर बंटाधार चला रहे थे. सरकार पर माफियाओं और भ्रष्टाचार का शिकंजा था. कुशासन और अव्यवस्था का बोलबाला था. इसलिए ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मध्य प्रदेश को बचाने और सुशासन व विकास की पटरी पर लाने के लिए भाजपा की स्थिर सरकार बनाई.''  BJP मीडिया प्रभारी ने यह भी आरोप लगाया कि कमलनाथ का बयान कांग्रेस के भीतर चल रही गुटबाजी और दिग्विजय सिंह के प्रभाव को उजागर करता है. 

घना कोहरा और अंधेरा बना चुनौती, ट्रेकिंग के दौरान गुम शख्स की खोज मुश्किल

सिरोही राजस्थान के सिरोही जिले में स्थित माउंटआबू एक प्रचलित हिल स्टेशन है।  माउंटआबू नगरपालिका आपदा प्रबंधन दल प्रभारी राजकिशोर शर्मा ने बताया कि माउंटआबू से शेरगांव जाने के लिए पहले गुरु शिखर जाना पड़ता है।  वहां से पैदल जंगलों में से होते हुए करीबन शेरगांव पहुंचने में करीब छह घंटे का समय लगता है। घने जंगल एवं गहरी घाटियों के बीच से होते हुए ट्रेकिंग के माध्यम से शैर गांव तक पहुंच सकते हैं। यह बहुत ही कठिन रास्ता है। घने जंगल एवं जीव जंतुओं का खतरा इस ट्रैकिंग मार्ग पर मौजूद है। यह ग्रुप शेरगांव गया था। इस दौरान इस ग्रुप के आते समय एक व्यक्ति के गुम हो जाने की खबर नगरपालिका आपदा प्रबंधन दल को मिली। इसके बाद आपदा प्रबंधन दल प्रभारी राजकिशोर शर्मा द्वारा माउंटआबू उपखंड अधिकारी को भी इस घटना की पूरी जानकारी दी गई। इस घटना की गंभीरता को देखते हुए तुरंत नगर पालिका आपदा दल की टीम को मौके पर गुम हुए व्यक्ति को ढूंढने के लिए रवाना किया गया। इसके साथ ही पुलिस प्रशासन एवं वन विभाग की टीम भी रवाना हो गई है। घने जंगल के बीच गहरे गड्ढे में गिरकर घायल है व्यक्ति इस मामले में गुम व्यक्ति से जब फोन पर बात हुई तो उसने बताया कि वह किसी गहरे खड्डे में गिरकर घायल हो चुका है और उसके चारों तरफ घनी झाड़ियां है। वहा अंधेरा होने के कारण ज्यादा कुछ नहीं देख पा रहा है और उसके मोबाइल की बैटरी 30% ही बची है। यह घटना कल दोपहर की है उसके साथ में जो लोग गए थे वे लोग गुरु शिखर पहुंच चुके हैं। बीते दिन से ही माउंटआबू में मूसलाधार बारिश का दौर जारी है। पूरा माउंटआबू घने कोहरे में ढका हुआ है जिसके कारण उसे ढूंढने में काफी मुश्किल आ रही है। इस कार्य में जिला प्रशासन एवं माउंटआबू प्रशासन के निर्देशन में यह अभियान चलाया जा रहा है रात्रि का समय होने के कारण कार्य बहुत ही कठिन है रात्रि एवं मूसलाधार बारिश और घने कोहरे के कारण इस कार्य में मुश्किल आ रही है।

इंडिया एक्सपो मार्ट में लगेगा उपलब्धियों और योजनाओं का अनोखा संगम

विभागीय प्रदर्शनी से बढ़ेगी यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो की भव्यता इंडिया एक्सपो मार्ट में लगेगा उपलब्धियों और योजनाओं का अनोखा संगम 28649 स्क्वायर मीटर स्पेस बुक, कुल 37085 स्क्वायर मीटर में लगेंगे स्टॉल्स  प्रदेश की आर्थिक और सांस्कृतिक ताकत को नई पहचान देगा यूपीआईटीएस विभागीय स्टॉल्स के अतिरिक्त, फूड कोर्ट्स और बी2बी एवं बी2सी स्टेज भी बनेंगे सीएम युवा, न्यू एंटरप्रेन्योर्स और पार्टनर कंट्री पवेलियन होंगे आकर्षण का केंद्र  कल्चरल स्टेज पर विभिन्न कल्चरल एक्टिविटीज और शोज का किया जाएगा आयोजन लखनऊ ग्रेटर नोएडा स्थित इंडिया एक्सपो मार्ट में होने वाले यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो के तीसरे संस्करण की तैयारी ज़ोरों पर है। इस बार का शो सिर्फ़ व्यापार तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि राज्य सरकार के विभिन्न विभाग भी इसमें अपनी उपलब्धियों, परियोजनाओं और योजनाओं का पूरा लेखा-जोखा पेश करेंगे। 25 से 29 सितंबर के बीच होने वाले इस भव्य आयोजन में विभिन्न स्टॉल्स के लिए कुल 37085 स्क्वायर मीटर क्षेत्र निर्धारित किया गया है, जिसमें से अब तक 28649 स्क्वायर मीटर स्पेस बुक भी हो चुका है। इससे साफ़ है कि इस बार का यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो वाकई रिकॉर्ड तोड़ भागीदारी के साथ प्रदेश की आर्थिक और सांस्कृतिक ताकत को नई पहचान देगा। योगी सरकार की योजनाओं का होगा प्रदर्शन शो में इन्वेस्ट यूपी, यूपीसीडा, जीनीडा, यीडा और नोएडा जैसे औद्योगिक विकास से जुड़े विभाग प्रमुख आकर्षण होंगे। साथ ही आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स, ऊर्जा और अतिरिक्त ऊर्जा विभाग भी अपनी योजनाओं को प्रदर्शित करेंगे। आने वाले विजिटर्स को आकर्षित करने के लिए नगर विकास, पर्यटन एवं संस्कृति और स्वच्छ गंगा मिशन से जुड़े विशेष स्टॉल भी लगाए जाएंगे। वहीं, सिंचाई विभाग, फूड सेफ्टी एंड ड्रग्स एडमिनिस्ट्रेशन, हेल्थ एंड हॉस्पिटल्स, आयुष, पर्यावरण और वन विभाग भी इसमें हिस्सा लेंगे। कृषि, डेयरी और जीआई प्रोडक्ट्स को मिलेगा मंच ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जुड़े विभाग जैसे कृषि विभाग, डेयरी डेवलपमेंट, एनीमल हज्बंड्री, फिशरीज और यूपीएसआरएलएम अपने-अपने सेक्टर की उपलब्धियों को सामने रखेंगे। साथ ही ओडीओपी और जीआई प्रोडक्ट्स भी घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय आगंतुकों का ध्यान खींचेंगे। इस बार शुगर एंड केन, टेक्सटाइल्स एंड हैंडलूम्स, क्रेडाई, बैंकिंग एंड फाइनेंस, ट्रांसपोर्ट (ऑटो व ईवी), यूपीएसडीएम और हायर एजुकेशन से जुड़े स्टॉल भी शोभा बढ़ाएंगे। इसके अलावा सीएम युवा, न्यू एंटरप्रेन्योर्स और पार्टनर कंट्री पवेलियन जैसी पहल भी आकर्षण का केंद्र होंगी। यही नहीं, विभागीय स्टॉल्स के अतिरिक्त, आयोजन स्थल पर फूड कोर्ट्स, बी2बी एवं बी2सी स्टेज के अतिरिक्त कल्चरल स्टेज भी बनाया जाएगा, जहां पर विभिन्न कल्चरल एक्टिविटीज और शोज का आयोजन किया जाएगा।     

मलबे में दबी जिंदगियां: बारिश से मकान गिरा, मां-बेटे ने गंवाई जान

फतेहपुर फतेहपुर के बिंदकी में रविवार की देर शाम से लगातार हो रही बारिश के कारण कच्चा मकान ढह गया। जिसमें दबाकर मां बेटे की मौत हो गई। परिवार के पांच सदस्य गंभीर रूप से घायल हो गए। कोतवाली क्षेत्र के हरदौली गांव में मुकेश कुमार का परिवार घर के बरामदे में सो रहा था। तभी सोमवार की भोर पहर लगभग 4 बजे बरामदे की छत और दीवार पूरी तरह से ढह गई। जिससे बरामदे में सो रहे मुकेश कुमार (50), मां माधुरी (85), पत्नी रन्नो देवी (47), बेटी क्षमा (22), प्रकाशनी (16), कामिनी (12), बेटा प्रखर (11) सभी मलबे के नीचे दब गए। आसपास मौजूद ग्रामीणों ने देखा तो अफरा-तफरी का माहौल बन गया। आनन-फानन ग्रामीणों ने फावड़े से मलबा हटाना शुरू किया। आधे घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद सभी को मलबे से बाहर निकाला जा सका। ग्रामीणों ने सभी को सीएचसी बिंदकी में भर्ती कराया। जहां मुकेश और उसकी मां माधुरी को डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। जबकि पत्नी व चारों बच्चों की हालत नाजुक देखते हुए जिला अस्पताल रेफर किया गया है।

ड्रग तस्करी में भाई-भतीजे जेल में, शारिक मछली पर गंभीर आरोप अभी तक बिना FIR, ड्रग तस्करी में भाई-भतीजे जा चुके हैं जेल

भोपाल  भोपाल के हाईप्रोफाइल ड्रग तस्करी, यौन शोषण और जमीन कब्जाने के मामलों में शारिक मछली का नाम लगातार सरगना के तौर पर सामने आ रहा है। हाल ही में पुलिस और प्रशासन की टीम ने संयुक्त कार्रवाई कर उसकी 100 करोड़ कीमत की 7 अवैध संपत्तियों को जमींदोज कर दिया है। 23 जुलाई उसके भाई शाहवर और भतीजे यासीन को ड्रग तस्करी में पकड़ा गया था। यासीन के मोबाइल फोन में कई लड़कियों और महिलाओं के आपत्तिजनक वीडियो और फोटो मिले थे। जिसके बाद कुछ पीड़िताओं ने सामने आकर इन दोनों के खिलाफ रेप और पाक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज कराए थे। पूरी कार्रवाई के दौरान शारिक का नाम संरक्षक के तौर पर चर्चाओं में आया है। लेकिन, भाई और भतीजे की गिरफ्तारी के 34 दिन बाद भी उसके खिलाफ गFIR दर्ज नहीं की गई है। इन दो मामलों में कार्रवाई का इंतजार पहला मामला: पिपलानी थाने में 11 सितंबर 2024 को एक युवती ने शिकायत की थी। जिसमें बताया था कि शारिक के परिचित ने उससे रेप किया और वीडियो बनाया। यह वीडियो शारिक को भेजा गया था। उसी के रेस्टोरेंट में वारदात को भी अंजाम दिया। लेकिन, पुलिस शारिक के खिलाफ FIR दर्ज नहीं कर रही है। शाहवर और यासीन की गिरफ्तारी के बाद पीड़िता ने 25 जुलाई को फिर शिकायत की। लेकिन, करीब 32 दिन भी कोई कार्रवाई नहीं की गई। दूसरा मामला: 31 जुलाई को अशोका गार्डन थाने में ​​​​​​राजेश तिवारी नाम के व्यक्ति ने अपहरण बंधक बनाकर पीटने और अवैध वसूली करने की शिकायत कराई थी। इसकी जांच 25 दिन से चल रही है। लेकिन, शिकायत किसी नतीजे पर नहीं पहुंची है। कोल्डड्रिंक पिलाकर रेप, न्यूड वीडियो बनाया पिछले 11 सितंबर 2024 को एक 22 वर्षीय पीड़िता अपने पिता के साथ पिपलानी थाने पहुंची थी। उसने 2019 से अक्टूबर 2024 तक शोषण करने के आरोप लगाए। पुलिस ने शिकायती आवेदन तो लिया लेकिन आगे कार्रवाई नहीं की। तब वरिष्ठ अधिकारियों तक शिकायत पहुंची और जांच एममी नगर थाने की महिला सब इंस्पेक्टर को सौंप दी गई। पीड़िता ने अपने बयान में बताया था कि 2019 में जब वह 11वीं में थी तब पीएससी की तैयारी के लिए आनंद नगर स्थित कोचिंग क्लास जाती थी, तब कोचिंग संचालक ने उसका परिचय दिव्यांश अहिरवार से करवाया था। दिव्यांश ने खुद को मैनिट का छात्र बताया। कोचिंग खत्म होने के बाद एक दिन दिव्यांश ने मुझे अपनी स्कूटी से घर छोड़ने को कहा। दिव्यांश मुझे पटेल नगर स्थित अपने घर ले गया और एमपीपीएससी की किताब देने के बहाने कमरे में बुलाया। वहां उसने कोल्डड्रिंक दी, जिसे पीते ही मैं बेहोश हो गईं। होश आया तो मेरे शरीर पर कपड़े नहीं थे। दिव्यांश ने न्यूड वीडियो और फोटो बना लिए थे और वायरल करने की धमकी देकर ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। इस डर से अपने पिता से मिलने वाले कोचिंग के पैसे दिव्यांश को देने शुरू कर दिए। पीड़िता के पिता को दिल का दौरा पड़ने के बाद डॉक्टरों ने उन्हें तनाव से दूर रखने की सलाह दी थी। इसी वजह से उसने दिव्यांश द्वारा किए जा रहे शोषण के बारे में अपने पिता को नहीं बताया। इस बीच, दिव्यांश ने उसे बार-बार ब्लैकमेल किया और संबंध बनाने के लिए दबाव डाला। मना करने पर मारपीट भी करता था। क्लब 90 के रूम में ले जाकर रेप किया पीड़िता ने यह भी बताया कि जिस क्लब 90 में हिंदू छात्राओं से फरहान और उसके साथी रेप करते थे, इसी में दिव्यांश जबरन पीड़िता को ले गया। यहां उसने शारिक मछली और मोहित बघेल से परिचय करवाया। दिव्यांश ने बताया कि वह शारिक के लिए काम करता है और न्यूड वीडियो शारिक को ही देता है। उसने यह भी दावा किया कि शारिक के रसूख के कारण ही पुलिस उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करती है। महिला संबंधी अपराध, इसलिए जांच ट्रांसफर की पिपलानी थाना प्रभारी चंद्रिका यादव के मुताबिक आनंद नगर चौकी में केस की शिकायत की गई थी, क्योंकि महिला संबंधी अपराध था इसलिए केस एमपी नगर थाने में ट्रांसफर किया, महिला एसआई मामले की जांच कर रही हैं। जांच के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

बाढ़ में मवेशियों के लिए भूख नहीं बनेगी जानलेवा! ऐसे मिलेगा सूखा चारा

बाढ़ में नहीं भूख से तड़पेंगे पशुधन!नीतीश सरकार पहुंचाएगी चारा  बाढ़ में मवेशियों के लिए भूख नहीं बनेगी जानलेवा! ऐसे मिलेगा सूखा चारा पशुओं की जान बचाने उतरी नीतीश सरकार, हर शिविर में पहुंचेगा चारा  बाढ़ के दौरान पशुओं का डायर्ट प्‍लान तैयार! जरूरत के अनुसार मिलेगा चारा पटना बाढ़ की विभीषिका केवल इंसानों को ही नहीं, पशुओं के लिए भी मुश्किल खड़ी कर देती है। मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार बिहार के पशुपालकों की समस्‍या को समझते हैं। ऐसे वक्‍त में जब घर-आंगन जलमग्न हो जाते हैं और चारागाह डूब जाते हैं। बिहार सरकार पशुपालकों के पशुधन को बचाने के लिए बड़ी सहारा बनी है। पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग ने आपदा प्रभावित इलाकों में पशु चारा वितरण कार्यक्रम शुरू किया है, ताकि किसी भी पशुपालक को अपने मवेशियों को भूखा रखने की नौबत न आए। पशुओं के हिसाब से मिलेगा चारा जिला प्रशासन के सहयोग से चल रहे इस कार्यक्रम के तहत हर जिले में पशुपालन पदाधिकारी की देखरेख में प्रभावित गांवों और पशु शिविरों तक चारा पहुंचाया जा रहा है। खास बात यह है कि वितरण पूरी तरह पशुओं की ज़रूरत के हिसाब से तय किया गया है। किसके लिए कितना चारा  बिहार सरकार जिला प्रशासन के सहयोग से बड़े जानवरों के लिए 6 किलो चारा तय किया है। छोटे जानवरों के लिए 3 किलो चारा तय किया है। वहीं, उससे छोटे जैसे भेंड बकरी और दूसरे मवेशियों के लिए एक किलो चारा तय किया गया है। चारे में इस बात का ध्‍यान रखा गया है कि मवेशियों की जरूरत का पोषण उन्‍हें मिल जाए। ये है प्रक्रिया जिला प्रशासन की ओर से पशुपालकों को एक बार में 3 दिन से लेकर एक हफ्ते तक का चारा मुहैया कराया जा रहा है। गौर करने वाली बात ये है कि बाढ़ की वजह से हालात बिगड़ने पर यह व्यवस्था शिविर संचालन तक जारी रखने का आदेश दिया गया है। चारा वितरण से पहले प्रभावित पशुओं की संख्या गिनी जाती है और हर पशुपालक को टोकन दिया जाता है। इसी आधार पर लाइनवार और व्यवस्थित तरीके से चारा पहुंचाया जाता है। ऐसे ले सकते हैं लाभ बताते चलें, बाढ़ के समय पशुओं का जीवन दांव पर होता है। तब यह योजना पशुपालकों के लिए वरदान साबित हो रही है। जरूरत पड़ने पर मवेशी पालक, पशुपालन निदेशालय, बिहार के 0612-2230942 नंबर या पशु स्वास्थ्य एवं उत्पादन संस्थान, बिहार 0612-2226049 नंपर पर भी संपर्क कर सकते हैं।

हरियाणा के कपिल बैंसला गोल्ड मेडल के साथ लौटे, गांव में जश्न का माहौल

पलवल  कजाकिस्तान में आयोजित की गई 16वीं एशियन शूटिंग चैंपियनशिप में पलवल के खिलाड़ी कपिल बैंसला ने देश की झोली में गोल्ड मेडल डालने का काम किया। कपिल बैंसला का रविवार को उनके पैतृक गांव मुनीरगढ़ी में पहुंचने पर भव्य स्वागत किया गया। खेल, युवा अधिकारिता एवं उद्यमिता और कानून विधायी राज्य मंत्री गौरव गौतम ने कपिल बैसला के निवास पर पहुंचकर उन्हें बधाई दी।  खेल, युवा अधिकारिता एवं उद्यमिता और कानून विधायी राज्य मंत्री गौरव गौतम ने कहा कि कपिल बैंसला की इस उपलब्धि पर पलवल जिला गौरवान्वित महसूस कर रहा है। उन्होंने कहा कि कपिल बैसला ने देश की झोली में मेडल डालकर युवाओं को प्रेरणा देने का कार्य किया है। उन्होंने कहा कि पहले पलवल जिला खेलों में पीछे रहता था लेकिन अब पलवल जिला खेलों में किसी भी प्रकार से पीछे नहीं रहेगा। गौरव गौतम ने कहा कि सरकार द्वारा खेलों को बढ़ावा दिया जा रहा है। सरकार द्वारा खिलाड़ियों को प्रोत्साहन राशि प्रदान की जा रही है। उन्होंने कहा कि युवाओं को नशे से दूर रहना चाहिए। नशा परिवारों को बर्बाद करता है। इसलिए युवाओं को खेलों में भाग लेना चाहिए। कपिल बैसला ने कहा कि देश के लिए खेलना गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि युवाओं को खेलों में भाग लेना चाहिए और देश का नाम रोशन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि उनकी इस उपलब्धि में उनके माता पिता के साथ समाज के सभी लोगों का योगदान है। उनकी बदौलत ही यह मुकाम हासिल हुआ है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के मुख्य मंत्री नायब सैनी और खेल मंत्री गौरव गौतम खेलों को बढ़ावा दे रहे है।   गौरव गौतम ने कहा कि सरकार द्वारा खेलों को बढ़ावा दिया जा रहा है। सरकार द्वारा खिलाड़ियों को प्रोत्साहन राशि प्रदान की जा रही है। उन्होंने कहा कि युवाओं को नशे से दूर रहना चाहिए। नशा परिवारों को बर्बाद करता है। इसलिए युवाओं को खेलों में भाग लेना चाहिए। कपिल बैसला ने कहा कि देश के लिए खेलना गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि युवाओं को खेलों में भाग लेना चाहिए और देश का नाम रोशन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि उनकी इस उपलब्धि में उनके माता पिता के साथ समाज के सभी लोगों का योगदान है। उनकी बदौलत ही यह मुकाम हासिल हुआ है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के मुख्य मंत्री नायब सैनी और खेल मंत्री गौरव गौतम खेलों को बढ़ावा दे रहे है। 

कांग्रेस में स्थिरता का संकेत, राहुल गांधी बोले- 6 महीने तक नहीं होंगे बदलाव

भोपाल  लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने मध्य प्रदेश के नवनिर्वाचित कांग्रेस जिलाध्यक्षों को किसी का रिमोट न बनने को कहा, साथ ही गुटबाजी और अपनी-अपनी चलाने वाले बड़े नेताओं को समन्वय की नसीहत भी दी है। संगठन सृजन अभियान के अंतर्गत शहर और ग्रामीण मिलाकर बने मध्य प्रदेश के कुल 71 जिलाध्यक्षों के प्रशिक्षण में रविवार को राहुल ने यह भी कहा कि छह महीने तक जिलाध्यक्षों के कामों का मूल्यांकन किया जाएगा, तब तक किसी को भी नहीं बदला जाएगा। उल्लेखनीय है कि जिलाध्यक्षों के चयन को लेकर कई जिलों में किए जा रहे विरोध के बीच राहुल गांधी का यह कहना महत्वपूर्ण है। उन्होंने पार्टी नेताओं और जिलाध्यक्षों से कहा कि गुटबाजी नहीं समन्वय से काम करें। जिलाध्यक्ष सत्ता परिवर्तन नहीं, व्यवस्था परिवर्तन में जुटें। वे देखें कि लोगों को उनके संवैधानिक अधिकार मिल पा रहे हैं या नहीं। किसी वर्ग का हक तो नहीं मारा जा रहा है। उन्होंने जिलाध्यक्षों से कहा, किसी का रिमोट मत बनना। आपको संगठन ने बैठाया है, किसी नेता ने नहीं। नई दिल्ली में हुए इस एक दिनी प्रशिक्षण कार्यक्रम को उन्होंने एक घंटे संबोधित किया। प्रशिक्षण 10 घंटे चला। प्रशिक्षण शिविर में पार्टी की सोशल मीडिया विभाग की प्रमुख सुप्रिया सीनेत ने स्थानीय मु्द्दों को पोस्ट करने के लिए कहा। पहले तीन नेता टिकट बांट देते थे, अब ऐसा नहीं होगा राहुल गांधी ने कहा कि पहले दो-तीन बड़े नेता विधानसभा और लोकसभा के टिकट बांट देते थे। अब ऐसा नहीं होगा। टिकट में जिलाध्यक्षों की अनुशंसा महत्वपूर्ण रहेगी। उनके पास किसी की अनुशंसा के पीछे तर्क और तथ्य रहेंगे। जिलाध्यक्ष कांग्रेस की नींव बनेंगे। उनके नीचे जो संगठन बूथ स्तर तक बनेगा में उसमें युवा, महिला और सभी वर्गों को स्थान दिया जाएगा। हमें विचारधारा के आधार पर सत्ता में आना है। जिलाध्यक्ष का चेहरा अनुशासन वाला हो : खरगे कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा जिला अध्यक्ष व उनके नीचे की टीम अनुशासित रहे। कई बार बड़े नेताओं को कठोर और नीतिगत निर्णय लेने पड़ते हैं, जो हमे अच्छे नहीं लगते पर पार्टी के लिए आवश्यक होते हैं। गुटबाजी से दूर रहे हैं। जिलाध्यक्षों का चयन संगठन सृजन के अंतर्गत पर्यवेक्षकों की रिपोर्ट के आधार पर हुआ है। एआईसीसी मुख्यालय के बाहर इंदौर ग्रामीण अध्यक्ष वानखेड़े के विरोध में प्रदर्शन राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे जब दिल्ली में कांग्रेस मुख्यालय में जिला अध्यक्षों को अनुशासन का पाठ पढ़ा रहे थे तो बाहर अनुशासन टूट रहा था। 100 से अधिक कार्यकर्ता इंदौर ग्रामीण के अध्यक्ष विपिन वानखेड़े को हटाने के लिए प्रदर्शन कर रहे थे। उनका कहना था कि बाहरी नेता को यह जिम्मेदारी गई है।

बारिश बनी आफत: राजस्थान में जानलेवा मानसून, 91 की गई जान

जयपुर राजस्थान में लगातार हो रही भारी बारिश ने जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। कोटा, बूंदी, सवाई माधोपुर और झालावाड़ जिलों में हालात सबसे ज्यादा गंभीर हैं। हाड़ौती क्षेत्र में मूसलाधार बारिश के चलते जन-धन की भारी क्षति हुई है। कई गांव पूरी तरह जलमग्न हो गए हैं और कई जगहों का संपर्क कट गया है। रविवार को सबसे ज्यादा 7 इंच बरसात नागौर में दर्ज हुई। नागौर के बच्चाखाडा में मकान ढहने से 2 लोगों की मौत हो गई।  उदयपुर के डबोक में रविवार को कुंवारी माइंस में भरे पानी में डूबने से 4 बच्चों की मौत हो गई। आपदा प्रबंधन, सहायता एवं नागरिक सुरक्षा विभाग के अनुसार, राजस्थान में मानसून सीजन 15 जून 2025 से 24 अगस्त तक बहने या डूबने से 44, बिजली गिरने से 24 लोगों सहित 91 मौत हुई हैं। 51 लोग वर्षा जनित हादसों के कारण घायल हुए हैं। जयपुर में प्रशासन अलर्ट मोड पर लगातार हो रही वर्षा के कारण जयपुर जिले के कई ग्रामीण इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है। गांवों की रपटों और रास्तों पर पानी भर जाने से आमजन को आवाजाही में भारी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है।  जिला प्रशासन ने एहतियातन सोमवार और मंगलवार को जिले के सभी राजकीय एवं गैर-राजकीय विद्यालयों में विद्यार्थियों के लिए अवकाश घोषित किया है। कलक्टर डॉ. सोनी ने आमजन से अपील की है कि वे जलभराव और वर्षाजनित परिस्थितियों में अतिरिक्त सतर्कता बरतें। उन्होंने कहा है कि किसी भी बहते पानी की रपट अथवा पुलिया को पार न करें, बच्चों को जलभरे स्थानों और नालों के पास न जाने दें तथा जल स्रोतों से दूर रहें। किसी भी आपात स्थिति में प्रशासन द्वारा स्थापित बाढ़ नियंत्रण कक्ष से तुरंत संपर्क किया जा सकता है। इस कक्ष के दूरभाष नंबर 0141-2204475 और 0141-2204476 हैं, जहां 24 घंटे संपर्क किया जा सकता है। बीते 24 घंटों में बारिश के आंकड़े बीते 24 घंटों में नागौर जिले के मुख्यालय पर 173 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो इस मानसून सत्र की अब तक की सर्वाधिक वर्षा में से एक है। इसके अलावा:अजमेर के नसीराबाद में 51 मिमी और शहर में 61 मिमी बीकानेर के लूणकरणसर में 91 मिमी, कोलायत में 63 मिमी, शहर में 53 मिमी जयपुर के जालसू में 49 मिमी बारिश दर्ज की गई। वहीं दौसा के लालसोट में 62 मिमी, रामगढ़-पचवारा में 59 मिमी धौलपुर में 57 मिमी हनुमानगढ़ के गोलूवाला में 92 मिमी, संगरिया में 90 मिमी, पीलीबंगा में 73 मिमी झुंझुनूं के मलसीसर में 59 मिमी जोधपुर के बिलाड़ा में 76 मिमी सिरोही के माउंट आबू में 71 मिमी बारिश दर्ज की गई। अभी तीन दिन भारी बारिश का अलर्ट अभी तीन दिन और बरसने वाला है मानसून मौसम विभाग के अनुसार, मानसून ट्रफ इस समय बीकानेर, जयपुर, ग्वालियर, प्रयागराज होते हुए पूर्व की ओर जा रही है। इसके साथ ही राजस्थान के ऊपर एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम सक्रिय है, जिसके कारण आगामी तीन दिन राज्य के अधिकांश हिस्सों में तेज बारिश की संभावना बनी हुई है। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि अगले कुछ दिन निम्न दबाव प्रणाली और ट्रफ लाइन के प्रभाव से भारी वर्षा हो सकती है।

हरियाणा का नया टोल: मासिक पास 50 हजार तक, सिंगल यात्रा का किराया 235–2260

गुरुग्राम  हरियाणा में बने अर्बन एक्सटेंशन रोड-2 (UER-2) के लिए नेशनल हाईवे अथॉरिटी (NHAI) ने टोल रेट की लिस्ट जारी कर दी है। इस एक्सप्रेसवे से गुजरने पर 235 से 2260 रुपए तक का टोल चुकाना होगा। इसके अलावा मासिक पास 50 हजार तक का है। इसके अलावा टोल प्लाजा के 20 किमी के दायरे में रहने वाले लोगों को गाड़ियों के लिए 350 रुपए का पास लेना होगा। यह टोल प्लाजा मुंडका–बक्करवाला में बनाया गया है। यह टोल एक्सप्रेसवे के 46 किमी हिस्से से गुजरने के बदले देना होगा। PM नरेंद्र मोदी ने दिल्ली के रोहिणी से 17 अगस्त को द्वारका एक्सप्रेसवे के साथ इसका उद्घाटन किया था। महंगे टोल से लोग नाराज, पहले दिन बहस हुई तो पुलिस बुलाई टोल की यह वसूली रविवार को ही शुरू हुई। जैसे ही लोगों ने महंगे रेट देखे तो टोल कर्मियों से उनकी बहस हो गई। आसपास के लोगों ने भी कहा कि इसके बारे में पूरी जानकारी तक नहीं दी गई। अचानक टोल वसूली ने उन्हें चौंका कर रख दिया। कंपनी बोली- भारी लागत आई है टोल की वसूली का जिम्मा रिद्दी कंपनी को दिया गया है। इस बारे में कंपनी के अधिकारियों से बात की गई तो उनका कहना था कि UER–2 महत्वपूर्ण परियोजना है। जिसके निर्माण में 7,700 करोड़ रुपए की लागत आई है। इसके रखरखाव में भी बड़ा खर्चा होगा। इस वजह से टोल की दरें ज्यादा हैं। 17 अगस्त को रोहिणी, दिल्ली में PM मोदी ने कहा कि UER-2 रोड से गुरुग्राम और दिल्ली एयरपोर्ट तक सफर सिर्फ एक घंटे में पूरा होगा, बिना ब्रेकर और ट्रैफिक लाइट के। भास्कर की ग्राउंड रिपोर्ट में दावा लगभग सही निकला, लेकिन सफर आसान नहीं, महंगा होगा। जल्द ही इस रोड पर टोल लगेगा, जहां 235 से 350 रुपए तक देना होगा।