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मुख्य आरोपी फरहान खान सहित छह आरोपियों के खिलाफ कोर्ट ने तय किए आरोप

भोपाल  जिला न्यायालय ने कॉलेज छात्राओं के साथ दुष्कर्म, मारपीट, अश्लील वीडियो बनाकर वायरल करने की धमकी और धर्म परिवर्तन का दबाव डालने के मामले में सभी आरोपियों पर आरोप तय कर दिए हैं। मुख्य आरोपी फरहान खान और उसके साथियों साहिल खान, अली अहमद, नबील, अबरार और साद उर्फ शम्सउद्दीन को न्यायालय ने बीएनएस की धारा 61(2), 64, 115(2), 35(2), 66(ई), 296 और मध्य प्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम-2021 की धारा 3/5 के तहत अभियुक्त माना है। 1 सितंबर को अगली सुनवाई न्यायालय ने एक मामले में धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम की धारा 3/5 को छोड़कर अन्य धाराओं में आरोप तय किए हैं। अब मामले की अगली सुनवाई 1 सितंबर को होगी। इस दिन अपर लोक अभियोजक ट्रायल प्रोग्राम प्रस्तुत करेंगे, जिसके बाद साक्षियों की गवाही शुरू की जाएगी। अलग-अलग सुनवाई की अर्जी मंजूर मुख्य आरोपी फरहान खान की इस मामले में पैरवी अधिवक्ता जगदीश गुप्ता कर रहे हैं। उन्होंने तीनों मामलों की अलग-अलग दिनांक पर सुनवाई का आवेदन किया था। इसको न्यायाधीश ने स्वीकार कर लिया है। चार थानों में दर्ज हुए थे केस छात्रा की शिकायत पर पहली एफआईआर 12 अप्रैल को बाग सेवनिया थाने में दर्ज हुई थी। इसके बाद अन्य पीड़ित छात्राओं ने भी सामने आकर अशोका गार्डन, ऐशबाग और जहांगीराबाद थानों में दुष्कर्म, मारपीट, ब्लैकमेल और धर्म परिवर्तन के दबाव के मामले दर्ज कराए। जांच पूरी होने के बाद जिला न्यायालय में अभियोग पत्र प्रस्तुत किए गए थे।

सचिन का बड़ा खुलासा – क्यों धोनी को युवराज से पहले उतारा गया मैदान में?

नई दिल्ली  'क्रिकेट के भगवान' सचिन तेंदुलकर ने  रेडिट पर 'आस्क मी एनीथिंग' सेशन के जरिए फैंस के तमाम सवालों के जवाब दिए। इस दौरान उनसे एक सवाल यह भी पूछा गया कि 2011 के वर्ल्ड कप फाइनल में उन्होंने युवराज सिंह से पहले महेंद्र सिंह धोनी को उतारने का सुझाव क्यों दिया था। 2011 वर्ल्ड कप में महेंद्र सिंह धोनी कप्तान थे लेकिन युवराज सिंह से पहले उनके उतरने का फैसला उनका खुद का नहीं था, बल्कि सचिन तेंदुलकर का था। मुंबई के वानखेड़े मैदान में भारत और श्रीलंका के बीच खिताबी मुकाबला हुआ था। श्रीलंका ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 6 विकेट पर 274 रन बनाए थे। जवाब में 114 रन पर भारत के 3 विकेट गिर चुके थे। वीरेंदर सहवाग, सचिन तेंदुलकर और विराट कोहली आउट होकर पवैलियन जा चुके थे। कोहली के आउट होने के बाद वैसे तो युवराज सिंह को उतरना था लेकिन उनकी जगह पर महेंद्र सिंह धोनी उतरे। इसके पीछे सचिन तेंदुलकर का दिमाग था। उन्होंने ही तत्कालीन कोच गैरी कर्स्टन को इसका सुझाव दिया था। बाद में वीरेंदर सहवाग ने खुलासा किया था कि फाइनल में युवराज सिंह से पहले धोनी को प्रमोट करके बल्लेबाजी का सुझाव सचिन तेंदुलकर ने दिया था। रेडिट के 'AMA' सेशन में एक फैन ने सहवाग के उसी खुलासे के आधार पर सचिन से पूछा कि क्या वीरु ने जो कहा था वह सच है और इस तरह के रणनीतिक बदलाव की वजह क्या थी? मास्टर-ब्लास्टर ने धोनी को प्रमोट करके युवराज सिंह से पहले उतारने के 2 कारण बताए। उन्होंने कहा, 'इसके दो कारण थे। लेफ्ट-राइट बैटिंग कॉम्बिनेशन से दोनों ऑफ-स्पिनरों को दिक्कत होती। इसके अलावा मुरलीधरन सीएसके के लिए खेल चुके थे (2008 से 2010) और एमएस ने नेट्स में तीन सीजन तक उनको खेला था।' 2011 के फाइनल की बात करें तो वीरेंदर सहवाग के तौर पर भारत का पहला विकेट 1 रन पर ही गिर गया था। उसके बाद स्कोरबोर्ड में सिर्फ 30 रन और जुड़े थे कि सचिन तेंदुलकर भी 18 रन बनाकर लसिथ मलिंगा का शिकार बन गए थे। उस समय गौतम गंभीर और विराट कोहली के बीच साझेदारी ने टीम को मुश्किल से उबारा। 114 रन के टीम स्कोर पर कोहली भी 35 रन बनाकर आउट हो गए। चूंकि गौतम गंभीर बाएं हाथ के बल्लेबाज थे, लिहाजा सचिन ने लेफ्टी युवराज सिंह से पहले राइट-हैंडर महेंद्र सिंह धोनी को उतारने का सुझाव दिया। धोनी और गौती के बीच 119 रन की साझेदारी हुई। गंभीर महज तीन रन से शतक से चूक गए और आउट हो गए। उनके आउट होने के बाद युवराज सिंह बल्लेबाजी के लिए उतरे। उन्होंने और धोनी ने मिलकर भारत को 6 विकेट से जीत दिलाकर विश्व चैंपियन बना दिया। महेंद्र सिंह धोनी ने 79 गेंदों में 91 रन की नाबाद पारी खेली थी।  

रोजगार महाकुंभ से खुलेगा अवसरों का द्वार, सीएम योगी ने किया उद्घाटन

लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्रम न्याय सेतु पोर्टल का सीएम ने शुभारंभ किया। अटल इंटीग्रेटेड मॉनीटरिंग सिस्टम पोर्टल का शुभारंभ। रीयल टाइम निगरानी हो सकेगी। 15 युवाओं को नियुक्ति पत्र दिया। इस दौरान योगी ने कहा कि हर युवा को रोजगार व नौकरी की गारंटी मिलेगी। रोजगार महाकुंभ इसे आगे बढ़ाने का माध्यम है। मार्केट व इंडस्ट्री की डिमांड के अनुसार हमें कोर्स संचालित करने होंगे। उसी के अनुसार अपने युवाओं को प्रशिक्षित करेंगे। उद्यम चलने चाहिए मगर युवाओं का शोषण भी न हो, इसकी जवाबदेही सुनिश्चित की गई है। इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित रोजगार महाकुंभ में कहा कि पीएम के मिशन रोजगार के अभियान की कड़ी में विकसित भारत के संकल्पना के साथ हर व्यक्ति, हर संस्था भी अपना योगदान दे सके, उसके लिए आवश्यक है कि हर युवा के हाथ को उसकी योग्यता के अनुसार कार्य मिल जाए। युवा अपार ऊर्जा का स्त्रोत है। यह उत्तर प्रदेश का सौभाग्य है कि दुनिया में सबसे बड़ी युवा आबादी भारत में और भारत में सबसे ज्यादा युवा आबादी उत्तर प्रदेश में है। जहां भी इन युवाओं को अवसर मिला है, उसने अपनी प्रतिभा व सामर्थ्य का लोहा, उस क्षेत्र और उद्यम को लाभांवित करने में लगाया है। यूपी के इस प्रतिभा व सामर्थ्य की मांग न केवल देश में बल्कि दुनिया के अन्य देशों में भी हो रही है। यह एक अवसर है जब यहां पर इंडस्ट्री और एंप्लायर एक साथ जुड़ रहे हैं। एक ओर वे संस्थाएं हैं जो रोजगार देने को उत्सुक हैं। दूसरी ओर वे युवा हैं जो स्किल डवलपमेंट के साथ जुड़कर उस रोजगार को पाने का इच्छुक है। सीएम योगी ने कहा कि 21 से 40 वर्ष का कोई भी युवा को ब्याज मुक्त, गारंटी मुक्त ऋण की सुविधा उपलब्ध कराई गई। जो लोन वो ले रहा है, उसका ब्याज सरकार देगी। 10 प्रतिशत तक मार्जन मनी भी सरकार उपलब्ध कराएगी। अब तक 70 हजार युवाओं ने इस योजना से जुड़कर काम करना शुरू किया है। सरकार ने अपने स्तर पर भी नौकरी उपलब्ध कराने की कार्रवाई की। आठ साल में यूपी पुलिस में 2.19 लाख भर्तियां कीं। 1.56 लाख शिक्षक भर्ती प्रक्रिया को पूरी पारदर्शिता से संपन्न किया। सभी विभाग शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, सहित सभी को जोड़कर साढ़े आठ लाख युवाओं को सरकारी नौकरी उपलब्ध कराने वाला यूपी सबसे बड़ा राज्य। निवेशकों ने यूपी को सबसे अच्छे डेस्टीनेशन के रूप में चयन किया यूपी में अपराध व अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति का नतीजा यह हुआ कि निवेशकों ने यूपी को सबसे अच्छे डेस्टीनेशन के रूप में चयन किया। इसके लिए प्रदेश सरकार को अपनी नीतियों में परिवर्तन करना पड़ा। अब तक 33 से अधिक सेक्टोरियल पॉलिसी तैयार की हैं। निवेशक इन्वेस्ट यूपी के पोर्टल पर जाकर क्लिक करे और जिस क्षेत्र में निवेश करना है, उसकी पूरी जानकारी मिल जाएगी। उसकी सहायता के लिए निवेश मित्र व निवेश सारथी भी है। यदि उसने निवेश कर लिया है तो पॉलिसी के तहत मिलने वाला निवेश भी ऑनलाइन उपलब्ध कराने की व्यवस्था है। 70 सालों में उद्योगों को जितना इंसेटिंव नहीं मिला, उतना हमने आठ साल में दिया। 15 लाख करोड़ के निवेश धरातल पर उतरे। सात लाख युवाओं को काम। यूपी रोजगार मिशन लागू करने वाला अग्रणी राज्य बना है। यूपी रोजगार के लिए न्यूनतम गारंटी देने वाला राज्य बन रहा आज की मांग एआई, ड्रोन टेक्नोलॉजी, रोबोटिक्स की है। हमने इसके लिए लैब उपलब्ध कराई हैं। नये समय की टेक्नोलॉजी के लिए यूपी के नौजवानों को प्लेटफार्म उपलब्ध कराया है। दुनिया के तमाम देशों में यूपी के नौजवानों की आज मांग हो रही है। आज हम दुनिया की मांग के अनुरूप वर्क फोर्स तैयार कर रहे हैं।यूपी रोजगार के लिए न्यूनतम गारंटी देने वाला राज्य बन रहा है। श्रम एवं सेवायोजन पोर्टल से नियुक्ति पाने वाला और नियोक्ता दोनों को इस पोर्टल से जोड़ना होगा। हर नियोक्ता यह सुनिश्चित करेगा कि वो कार्मिक को उसका पूरा वेतन उपलब्ध कराएगा। किसी कार्मिक के वेतन से कोई कटौती नहीं करेगा। नियोक्ता को जो भी इंसेंटिव होगा, वो उसे सरकार देगी। इसे हम श्रम एवं सेवायोजन विभाग के माध्यम से आगे बढ़ाएंगे।  

रेल हादसा: रायपुर में मालगाड़ी के डिब्बे पटरी से उतरे, जांच में जुटे अधिकारी

रायपुर छत्तीसगढ़ में एक मालगाड़ी पटरी से उतर गई। इससे इस रूट से होकर गुजरने वाली ट्रेनें प्रभावित हुई हैं। प्रचार निरीक्षक शिव प्रसाद ने बताया कि रायपुर रेल मंडल के अंतर्गत उरकुरा क्षेत्र में आज एक मालगाड़ी का डिब्बा पटरी से उतर गया। दुर्घटना की सूचना मिलने के बाद, मरम्मत कार्य शुरू किया गया और यातायात बहाल कर दिया गया। बताया जा रहा है कि ट्रेन के दो पहिए पटरी से उतर गए थे, इसमें कोई भी हताहत नहीं हुआ है। घटना की जानकारी मिलने के बाद कर्मचारी और अधिकारी मौके पर पहुंच गए। ट्रेन को पटरी पर लाने और प्रभावित लाइन को ठीक करने का काम तेजी से किया गया और कई घंटे की मेहनत के बाद आखिरकार पटरी को क्लियर कर दिया गया। जानकारी के मुताबिक, यह हादसा उरकुरा से आरएसडी जाने वाली लाइन में हुआ। मालगाड़ी में ऑटो लोड था, जो कि पुणे से निकली थी। मालगाड़ी के डिरेल होने से होने से दो पैसेंजर गाड़ियां प्रभावित हुई, जिसमें छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस और शालीमार मुंबई एलटीटी एक्सप्रेस शामिल है। जानकारी के अनुसार, रायपुर और उरकुरा के बीच मालगाड़ी के डिब्बे पटरी से उतरे। इससे अप और डाउन रुट की सभी ट्रेनें प्रभावित हुई हैं। प्रभावित ट्रेनों में अमृतसर से चलकर बिलासपुर जानें वाली छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस और सालीमार-कुर्ला एक्सप्रेस शामिल है, जिसे उरकुरा स्टेशन के पास रोक दिया गया था। वहीं मध्यप्रदेश के नर्मदापुरम में एक सेना का जवान चलती ट्रेन से नीचे गिर गया। इसके बाद जवान के ऊपर से एक के बाद एक 3 ट्रेनें गुजर गईं। हालांकि गश्त कर रहे गैंगमेन और कर्मचारियों की नजर जवान पर पड़ गई, जो बेहोश था। इसकी जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को दी और फिर जवान को अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया है। घटना शुक्रवार-शनिवार को देर रात करीब 2 बजे की बताई जा रही है। भूपेंद्र नासिक से जबलपुर जा रहे थे। इटारसी और सोहागपुर के बीच गुरमखेड़ी में अचानक वह ट्रेन से गिर गए। जानकारी मिलते ही 108 एंबुलेंस मौके पर पहुंची और फिर जवान को दूसरी ट्रेन से सोहागपुर रेलवे स्टेशन लाया गया। इसके बाद इलाज के लिए भोपाल मिलिट्री हॉस्पिटल में भर्ती करवाया गया। फिलहाल डॉक्टर की हालत ठीक है।  

उत्सव की सुरक्षा बढ़ी, भोपाल में पंडालों में CCTV और विसर्जन घाटों पर गोताखोर तैनात

भोपाल  नगर निगम ने गणेश उत्सव और आगामी दुर्गा उत्सव को लेकर तैयारियां शुरू कर दी हैं। सोमवार को माता मंदिर स्थित निगम कार्यालय में आयोजित बैठक में निगमायुक्त हरेंद्र नारायन ने अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रतिमाओं का विसर्जन केवल निर्धारित कुंडों और घाटों पर ही कराया जाएगा। विसर्जन की होगी पूरी व्यवस्था निगमायुक्त ने निर्देश दिए कि डोल ग्यारस से अनंत चतुर्दशी तक गणेश प्रतिमाओं का संग्रहण वार्ड और जोन स्तर पर किया जाए। इसके लिए बनाए गए संग्रहण स्थलों, विसर्जन कुण्डों और घाटों पर विशेष व्यवस्थाएं की जाएंगी। पूजन सामग्री को अलग से एकत्र कर निष्पादन स्थल तक पहुंचाने की जिम्मेदारी जोन स्तर के अधिकारियों को सौंपी गई है। साफ-सफाई और मरम्मत कार्य पर रहेगा जोर निगम आयुक्त ने कहा कि विसर्जन स्थलों और चल समारोह मार्गों पर साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था, पेयजल सुविधा और सड़कों के गड्ढों की मरम्मत समय पर पूरी की जाए। श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए गोताखोर, क्रेन, फायर ब्रिगेड और अन्य संसाधनों की व्यवस्था की जाएगी। प्रमुख घाटों पर विशेष इंतजाम प्रेमपुरा, शाहपुरा, बैरागढ़, रानी कमलापति और हथाईखेड़ा डैम पर विशेष इंतजाम करने के निर्देश दिए गए हैं। भीड़ नियंत्रण और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सभी व्यवस्थाएं समय से पहले पूरी करने पर जोर दिया गया है। निगमायुक्त ने अधिकारियों को आठ-आठ घंटे की ड्यूटी लगाने को कहा, जिससे किसी भी श्रद्धालु को असुविधा न हो। जुलूस और विसर्जन स्थलों पर निगरानी बैठक में जुलूस मार्ग, प्रतिमा स्थलों, पंडालों और विसर्जन घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था, सीसीटीवी कैमरों और बिजली की आपूर्ति को लेकर समीक्षा की गई। थाना प्रभारियों से विस्तृत जानकारी लेकर उन्हें पुख्ता सुरक्षा इंतजाम करने के निर्देश दिए गए। अपराध नियंत्रण पर सख्त निर्देश पुलिस आयुक्त ने थाना क्षेत्रों में देर रात तक गश्त बढ़ाने और असामाजिक तत्वों पर नजर रखने को कहा। अवैध शराब, आर्म्स, मादक पदार्थों और जुआ-सट्टा के खिलाफ लगातार कार्रवाई के निर्देश दिए गए। निगरानी बदमाशों और आदतन अपराधियों पर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई के भी आदेश दिए गए।

रायपुर: गोद ग्राम सोनपूरी में राज्यपाल का जनसंवाद, योजनाओं का लाभ अंतिम पंक्ति तक पहुँचाने पर जोर

रायपुर राज्यपाल  रमेन डेका ने अपने  खैरागढ़ प्रवास के दौरान अपने गोद लिए हुए  ग्राम सोनपूरी का भ्रमण किया और जनसंवाद कार्यक्रम में शामिल होकर ग्रामीणों से सीधा संवाद किया। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं का वास्तविक उद्देश्य तभी पूरा होगा जब इनका लाभ अंतिम पंक्ति के हितग्राही तक पहुंचे। ग्राम सोनपूरी को मॉडल ग्राम के रूप में विकसित करने के लिए उन्होंने सभी विभागों को समन्वित प्रयास करने के निर्देश दिए। राज्यपाल ने शासन की योजनाओं का लाभ ले चुके हितग्राहियों से फीडबैक लिया। जनसंवाद के दौरान विद्यार्थियों को कौशल विकास प्रशिक्षण हेतु  राजभवन से 5-5 हजार रुपए सहयोग देने की घोषणा की। इसी तरह ग्रामीणों द्वारा श्मशान घाट के रख-रखाव और बाउंड्रीवाल निर्माण की मांग पर उन्होंने राजभवन से 5 लाख रुपए की सहायता राशि देने की घोषणा की। राज्यपाल श्री डेका ने कहा कि छत्तीसगढ़ की महिलाएं स्व-सहायता समूहों से जुड़कर उल्लेखनीय कार्य कर रही हैं। इन समूहों ने न केवल महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाया है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी सशक्त किया है। उन्होंने कहा कि छोटे-छोटे प्रयास ही भविष्य में बड़े बदलाव का आधार बनते हैं। इस  अवसर पर राज्यपाल की उप सचिव सुश्री निधि साहू, ग्राम सोनपुरी सरपंच सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

रायपुर : प्रदेश में अब तक 832.2 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज

रायपुर छत्तीसगढ़ में 1 जून से अब तक 832.2 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड की जा चुकी है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा स्थापित राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रदेश में अब तक बलरामपुर जिले में सर्वाधिक 1256.5 मि.मी. वर्षा रिकार्ड की गई है। बेमेतरा जिले में सबसे कम 411.5 मि.मी. वर्षा दर्ज हुई है। रायपुर संभाग में रायपुर जिले में 701.5 मि.मी., बलौदाबाजार में 607.2 मि.मी., गरियाबंद में 704.6 मि.मी., महासमुंद में 626.8 मि.मी. और धमतरी में 718.4 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है। बिलासपुर संभाग में बिलासपुर जिले में 822.6 मि.मी., मुंगेली में 803.5 मि.मी., रायगढ़ में 1014.9 मि.मी., सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 695.5 मि.मी., जांजगीर-चांपा में 1012.6 मि.मी., सक्ती में 891.6 मि.मी., कोरबा में 835.6 मि.मी. और गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही 842.1 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है। दुर्ग संभाग में दुर्ग जिले में 660.1 मि.मी., कबीरधाम में 586.7 मि.मी., राजनांदगांव में 752.0 मि.मी., मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में 1060.7 मि.मी., खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में 616.5 मि.मी. और बालोद में 882.6 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है। सरगुजा संभाग में सरगुजा जिले में 613.0 मि.मी., सूरजपुर में 945.1 मि.मी., जशपुर में 860.9 मि.मी., कोरिया में 976.3 मि.मी. और मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 868.6 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है। बस्तर संभाग में बस्तर जिले में 1106.6 मि.मी., कोंडागांव में 755.5 मि.मी., कांकेर में 960.4 मि.मी., नारायणपुर में 984.2 मि.मी., दंतेवाड़ा में 1041.1 मि.मी., सुकमा में 790.7 मि.मी. और बीजापुर में 1056.7 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड की जा चुकी है। 

IAS आंजनेय सिंह की प्रतिनियुक्ति को मिला एक साल का सेवा विस्तार

लखनऊ  उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद के पूर्व मंडलायुक्त आंजनेय कुमार सिंह को सातवां सेवा विस्तार मिल गया है। 14 अगस्त को यूपी कैडर में प्रतिनियुक्ति समाप्त होने के बाद से ही उनके वापस सिक्किम कैडर लौटने की चर्चा थी। योगी आदित्यनाथ सरकार की ओर से इस अधिकारी के सेवा विस्तार के लिए केंद्र सरकार से अनुरोध किया था। इससे पहले छह बार वे सेवा विस्तार ले चुके थे। इसमें से चार सेवा विस्तार एक-एक साल और दो छह-छह माह का था। इस प्रकार वे पिछले पांच वर्षों से सेवा विस्तार के तहत कार्य कर रहे थे। अब उनको केंद्र सरकार ने एक साल का सेवा विस्तार दिया है। इस तरह वे 2026 के अगस्त तक यूपी में अपनी सेवा देंगे। सपा के कद्दावर नेता और पूर्व मंत्री आजम खान के किला को ढाहने में बड़ी भूमिका निभाने वाले आंजनेय कुमार सिंह सीएम योगी के पसंदीदा अधिकारी में से एक माने जाते हैं। 14 अगस्त को समाप्त हुई प्रतिनियुक्ति सीनियर आईएएस आंजनेय कुमार सिंह को एक बार फिर सेवा विस्तार मिल गया है। उन्हें लगातार सातवीं बार एक्सटेंशन मिला है। आंजनेय सिंह की प्रतिनियुक्ति अवधि 14 अगस्त को समाप्त हो गई थी। यूपी सरकार ने केंद्र से उनका कार्यकाल बढ़ाने की सिफारिश की थी, लेकिन मंजूरी में देरी होने पर शनिवार को उन्हें मुरादाबाद कमिश्नर पद से रिलीव कर दिया गया। इसके बाद उन्होंने मुरादाबाद डीएम अनुज सिंह को चार्ज सौंपते हुए 60 दिन की छुट्टी ले ली थी। हालांकि, इसके 48 घंटे बाद ही केंद्र ने यूपी सरकार की सिफारिश स्वीकार कर ली। आंजनेय सिंह का कार्यकाल एक साल के लिए बढ़ा दिया गया। अब वे अपने मूल कैडर सिक्किम नहीं लौटेंगे। यूपी में अब जल्द ही उन्हें नई जिम्मेदारी दी जा सकती है। यूपी में 10 साल से कर रहे सेवा 2005 बैच के आईएएस अफसर आंजनेय कुमार सिंह मूल रूप से मऊ जिले के सलाहादबाद गांव के रहने वाले हैं। उन्होंने सिक्किम कैडर में 8 साल नौकरी की। इसके बाद पूर्व सीएम अखिलेश यादव के कार्यकाल के दौरान वर्ष 2015 में प्रतिनियुक्ति पर यूपी आए। यहां उन्हें 10 साल पूरे हो चुके हैं। अब नए एक्सटेंशन के बाद उनका कार्यकाल 11 साल का हो जाएगा। राजनीतिक सिफारिशों से आए यूपी वर्ष 2015 में तत्कालीन गृहमंत्री राजनाथ सिंह की सिफारिश पर सपा सरकार ने उन्हें यूपी बुलाया था। इसके बाद सीएम योगी आदित्यनाथ की सिफारिश पर उन्हें लगातार प्रतिनियुक्ति विस्तार मिलता रहा। अब तक उन्हें 6 बार केंद्र से मंजूरी मिल चुकी है। यह सातवां मौका रहा, जब केंद्र ने योगी सरकार की सिफारिश को मान लिया है। आजम पर की थी कड़ी कार्रवाई लोकसभा चुनाव 2019 के दौरान रामपुर के डीएम रहते हुए आंजनेय सिंह ने सपा नेता आजम खान के खिलाफ एक के बाद एक कड़े कदम उठाए। आजम ने उस समय भाषण में कलेक्टर को जूते साफ कराने तक की बात कही थी। इस हेट स्पीच केस में आजम को 3 साल की सजा हुई। उनकी विधायकी भी रद्द हो गई। इसके बाद आंजनेय सिंह का नाम यूपी की नौकरशाही में सख्त छवि वाले अफसरों में शामिल हो गया। रामपुर में 2 साल डीएम रहने के बाद आंजनेय सिंह को प्रमोशन देकर मुरादाबाद मंडल का कमिश्नर बनाया गया था। अब एक्सटेंशन मिलने के बाद माना जा रहा है कि योगी सरकार उन्हें फिर किसी अहम पद की जिम्मेदारी सौंप सकती है।

मोहम्मद सिराज बोले – बुमराह के बिना भी क्यों दिखा दमदार प्रदर्शन

नई दिल्ली  मोहम्मद सिराज को लेकर इन दिनों एक बात की चर्चा खूब हुई। चर्चा ये कि जब-जब स्टार पेसर और मौजूदा दौर में दुनिया के सर्वश्रेष्ठ गेंदबाज जसप्रीत बुमराह नहीं खेलते तो सिराज का प्रदर्शन और भी निखर जाता है। आंकड़े भी इसकी गवाही देते हैं। तस्दीक करते हैं। अब सिराज ने पहली बार इस तरह की चर्चाओं पर अपनी चुप्पी तोड़ी है। रेवस्पोर्ट्स से बातचीत में सिराज ने कहा, 'जब मुझे अपने कंधों पर जिम्मेदारी ढोने का मौका मिलता है, यहां तक कि अगर कोई बेजान सी सीरीज भी होती है तो मेरा प्रदर्शन हमेशा और अच्छा हो जाता है। जिम्मेदारी मुझे एक अलग ही तरह की खुशी देती है और मेरे आत्मविश्वास को बढ़ाती है।' जसप्रीत बुमराह की गैरमौजूदगी में अपने बेहतर प्रदर्शन को लेकर चर्चाओं पर सिराज ने कहा, ‘मैंने आपको बताया कि एजबेस्टन में लोग मेरे बारे में बात कर रहे थे। और अब उस चर्चा पर विराम लगाने का वक्त है। मैं आम तौर पर इस बात को लेकर बहुत सजग रहता हूं कि मैं क्या कर रहा हूं और लोग क्या कह रहे हैं उस पर ध्यान नहीं देता क्योंकि लोगों को मेरे संघर्ष के बारे में नहीं पता। इसके बाद भी, मैं समझता हूं कि इस तरह की चर्चा को बंद करने का वक्त है क्योंकि ये बहुत ज्यादा हो रहा है। जस्सी भाई बैक इंजरी और वर्कलोड मैनेजमेंट की वजह से नहीं खेले थे, मैंने गेंदबाजी यूनिट में सकारात्मकता लाने की कोशिश की थी। जब मैं टीममेट्स की बात कर रहा हूं तो आकाश दीप और सभी की बात कर रहा हूं क्योंकि मैं यह विश्वास दिलाने की कोशिश कर रहा था कि हम कर सकते हैं। हम जो पहले कर चुके हैं, उसे दोहरा सकते हैं।’ संयोग से एंडरसन-तेंदुलकर ट्रॉफी के जिन दो मैचों में भारत ने जीत हासिल की थी, उन दोनों ही मैच में जसप्रीत बुमराह वर्कलोड मैनेजमेंट की वजह से नहीं खेले थे। एजबेस्टन में खेले गए दूसरे टेस्ट में सिराज ने 5 विकेट हॉल लिया था। इसी तरह ओवल में खेले गए आखिरी टेस्ट में भी सिराज ने 5 विकेट हॉल लिया और वह प्लेयर ऑफ द मैच चुने गए थे। आंकड़े भी इस बात की गवाही देते हैं कि जसप्रीत बुमराह की गैरमौजूदगी में मोहम्मद सिराज की गेंदबाजी और ज्यादा निखर जाती है। जब वह बुमराह के साथ प्लेइंग इलेवन में खेलते हैं तो एक विकेट के लिए उन्हें औसतन 57 गेंद फेंकनी पड़ती है, वहीं अगर बुमराह नहीं खेल रहे होते तो सिराज औसतन हर 44 गेंद पर विकेट लेते हैं।  

DK पर दबाव बढ़ा, RSS प्रार्थना के बाद हाईकमान से ऐक्शन की मांग; सिद्धारमैया समर्थक बढ़त में

बेंगलुरु  कर्नाटक कांग्रेस में सत्ता संघर्ष नई बात नहीं है, लेकिन अब आरएसएस की प्रार्थना के चलते पार्टी में मतभेद है। डिप्टी सीएम शिवकुमार ने श्रद्धा भाव के साथ आरएसएस की प्रार्थना की दो पंक्तियां विधानसभा में पढ़ दी थीं। इसी को लेकर कांग्रेस के कई विधायक नाराज हैं। यही नहीं कोई डीके शिवकुमार से माफी की मांग कर रहा है तो किसी ने हाईकमान से ऐक्शन की बात ही उठा दी है। डीके शिवकुमार ने नेता विपक्ष आर. अशोक से बातचीत के दौरान आरएसएस की ओर से राज्य में स्कूलों और कई सामाजिक संस्थाएं खोलने का जिक्र करते हुए तारीफ की थी। इसके अलावा आरएसएस की प्रार्थना की भी दो पंक्तियां सुनाई थीं। अब इस मामले में वह पार्टी के अंदर ही घिर गए हैं। राज्य के पीडब्ल्यूडी मंत्री सतीश जरकिहोली का कहना है कि हाईकमान और सीएम सिद्धारमैया के ऊपर है कि वह डीके शिवकुमार पर इस हरकत के लिए क्या ऐक्शन लेते हैं। इसके अलावा एमएलसी बीके हरिप्रसाद का कहना है कि डीके शिवकुमार को इसके लिए माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने कहा कि शिवकुमार पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष भी हैं। कम से कम यह स्पष्ट होना चाहिए कि उन्होंने पार्टी नेता के तौर पर नहीं बल्कि निजी स्तर पर यह प्रार्थना पढ़ी थी। वहीं जरकिहोली ने कहा कि हम अपने स्तर पर तो कुछ नहीं कर सकते। इस मामले में हाईकमान को ही फैसला लेना है। इस मामले के चलते सिद्धारमैया कैंप को भी हावी होने का मौका मिल गया है, जो डीके शिवकुमार की सीएम पद की दावेदारी को लेकर असहज रहा है। जरकिहोली को भी सिद्धारमैया खेमे का नेता माना जाता है। उन्होंने कहा कि यह सवाल तो उठता ही है क्या शिवकुमार ने जो किया, वह राहुल गांधी की लाइन पर है। उन्होंने कहा कि कुछ मामलों को डीके शिवकुमार समझते ही नहीं हैं। उम्मीद है कि वह कुछ सीखेंगे। हालांकि जरकिहोली ने एक दिन पहले ही डिप्टी सीएम का बचाव भी किया था। उन्होंने कहा था कि आरएसएस की प्रार्थना तो मैं भी पढ़ लूंगा। लेकिन क्या वे मुझे सीएम बना देंगे? यही नहीं उन्होंने कहा था कि हमेशा किसी का विरोध ही नहीं किया जा सकता। यह कहना सही नहीं है कि आरएसएस की प्रार्थना पढ़ ली तो अब डीके शिवकुमार भाजपा में ही शामिल हो जाएं। इसमें कुछ गलत नहीं है। वह सब जानते हैं। हमारे पास हमेशा काउंटर इंटेलिजेंस होना चाहिए। यानी विरोधी खेमे के बारे में भी पता होना चाहिए। वहीं हरिप्रसाद ने कहा कि डीके शिवकुमार को जो करना है करें। लेकिन पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष होने के नाते उन्होंने जो किया है, वह गलत था। हम इसका विरोध करते हैं।