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‘आप’ पार्टी पर कोई असर नहीं, आतिशी ने किया भरोसा दिलाने वाला बयान

नई दिल्ली आम आदमी पार्टी (आप) की नेता और दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आतिशी ने सौरभ भारद्वाज के घर हुई ईडी की रेड को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की डिग्री पर देशभर में उठ रहे सवालों से ध्यान भटकाने के लिए यह छापेमारी कराई गई है। आतिशी ने मंगलवार को यह आरोप लगाया कि यह पूरी कार्रवाई राजनीति से प्रेरित है और इसका मकसद जनता का ध्यान असल मुद्दों से हटाना है। जब एक आरटीआई कार्यकर्ता ने प्रधानमंत्री की डिग्री की जानकारी मांगी थी, तो केंद्रीय सूचना आयोग ने दिल्ली विश्वविद्यालय को डिग्री दिखाने का आदेश दिया। इसके बावजूद विश्वविद्यालय ने डिग्री नहीं दिखाई, बल्कि सीआईसी के आदेश को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। उन्होंने सवाल किया कि आखिर यह कैसी यूनिवर्सिटी है, जिसे इस बात का गर्व नहीं है कि देश के प्रधानमंत्री उसके पूर्व छात्र रहे हैं? उदाहरण देते हुए आतिशी ने कहा कि जब रेखा गुप्ता मुख्यमंत्री बनीं तो दिल्ली यूनिवर्सिटी ने उन्हें सम्मानित किया। इसी तरह, जब वह खुद मुख्यमंत्री बनीं तो सेंट स्टीफंस कॉलेज और ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी ने उनकी उपलब्धियों पर गर्व व्यक्त किया। लेकिन, दिल्ली यूनिवर्सिटी डिग्री सार्वजनिक करने से लगातार बच रही है। आतिशी ने कहा कि जिस समय का मामला बताया जा रहा है, 2018-19 के दौरान दिल्ली के 24 अस्पतालों के निर्माण से जुड़ा, उस वक्त सौरभ भारद्वाज मंत्री नहीं थे ही। वह दो साल बाद मंत्री बने। ऐसे में इस केस की कोई सच्चाई नहीं है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अगर इसी तर्क पर रेड हो सकती है तो क्या भाजपा-कांग्रेस शासनकाल के 2जी, कोल गेट और कॉमनवेल्थ घोटाले में प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्री पर भी छापे मारे जाएंगे? आतिशी ने कहा कि 'आप' ने आज तक भ्रष्टाचार का एक भी मामला नहीं किया। उन्होंने सत्येंद्र जैन का उदाहरण दिया, जिन पर वर्षों तक कार्रवाई चली, लेकिन आखिरकार सीबीआई और ईडी को क्लोजर रिपोर्ट दाखिल करनी पड़ी क्योंकि उनके खिलाफ कोई सबूत नहीं मिला। इसी तरह, सौरभ भारद्वाज पर डाली गई रेड भी राजनीति से प्रेरित है। उन्होंने कहा कि 'आप' को डराने की हर कोशिश नाकाम होगी। हम जनता की आवाज उठाते रहेंगे और सरकार की सच्चाई सामने लाते रहेंगे।

मूसलधार बारिश ने बस्तर में मचाई तबाही, कई गांवों में संपर्क बाधित

जगदलपुर छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में पिछले 12 घंटों से लगातार मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचाई है। जगदलपुर, सुकमा, दंतेवाड़ा और बीजापुर जिलों में नदी-नाले उफान पर हैं, जिससे नेशनल हाइवे-30 बंद हो गया है। केशलूर के पास सड़क पर 2-3 फीट पानी बह रहा है, जिससे सैकड़ों वाहन फंस गए हैं। सुकमा के झीरम नाले में एक कार बह गई, लेकिन ग्रामीणों ने चार लोगों को सुरक्षित बचा लिया। बीजापुर में भी एक पिकअप वाहन बाढ़ में फंसा, पर सभी यात्री सुरक्षित हैं। इंद्रावती, शंखनी, और डंकनी नदियों का जलस्तर खतरनाक स्तर पर है, जिससे कई गांव टापू बन गए हैं। मूसलाधार बारिश: चेरपाल में बाढ़ से 100 गांवों का जिला मुख्यालय से संपर्क टूटा बीजापुर जिले में देर रात से हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। भारी बारिश के चलते चेरपाल नदी में आई बाढ़ की वजह से करीब 100 गांवों का संपर्क जिला मुख्यालय से कट गया है। बाढ़ के कारण आवागमन बंद है। जानकारी के मुताबिक चेरपाल नदी में रपटा पार करते समय एक ग्रामीण के बह जाने की खबर भी सामने आई है। स्थानीय प्रशासन राहत एवं बचाव कार्य में जुट गया है। उफनती नदी और लगातार बारिश के कारण जन जीवन अस्त व्यस्त हो गया हैं।   नदी के दोनों छोर पर वाहनों की लंबी कतारें लगी हुई हैं, जिससे यातायात पूरी तरह बाधित हो गया है। एहतियातन नदी के किनारे बसे घरों को खाली करवाया जा रहा है और प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे नदी के आसपास न जाएं। प्रशासन ने अलर्ट जारी करते हुए ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचने और अफवाहों से बचने की सलाह दी है। मौसम विभाग के अनुसार, आगामी 24 घंटों में और अधिक बारिश की संभावना जताई जा रही है। वही दूसरी ओर इंद्रावती नदी के मरकापाल घाट में फंसे ग्रामीण कृष्णा जुर्री को एसडीआरएफ की टीम ने रेस्क्यू सकुशल निकाल लिया है। बीजापुर जिले में बारिश की स्थिति बीजापुर जिले के विभिन्न तहसीलों में औसत वार्षिक वर्षा की स्थिति पर नजर डाले तो बीजापुर: 74.5% गंगालूर : 80.2% भैरमगढ़: 68.3% कुटरू : 75.2% भोपालपटनम: 50.5% उसूर: 72.7% वही जिले में हुई औसत वर्षा अब तक वर्षा का 70.6% दर्ज किया गया है। इंद्रावती नदी का जलस्तर वर्तमान जलस्तर: 5.520 मीटर खतरे का स्तर: 12.50 मीटर मापा गया है। सबसे ज्यादा बारिश बारसूर तहसील में, गीदम-बारसूर मार्ग पर पुल हुआ ध्वस्त     दंतेवाड़ा में सोमवार की रात से हो रही लगातार बारिश से दक्षिण बस्तर में जन जीवन अस्त व्यस्त हो गया है। सबसे ज्यादा 2 सेमी बारिश बारसूर तहसील में दर्ज की गई है। इस बारिश की वजह से बारसूर-चित्रकोट मार्ग और गीदम-बारसूर मार्ग जगह-जगह बाधित हो गया है।     गीदम-बारसूर मार्ग पर राम मंदिर के पास गणेश बहार नाला का पुल घन्टो बाढ़ में डूबा रहा, जिससे पुल बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई है। पुल का एक स्पॉन टूटने की वजह से स्टेट हाइवे पर आवाजाही ठप हो गई है।     इसी जगह पर सुबह दंतेवाड़ा से नारायपुर लौट रहा सीएएफ का जवान भूषण सेठिया बाइक समेत नाले में बह गया।     कुछ दूरी पर जाकर उसने एक पेड़ को पकड़ लिया, लेकिन तेज बहाव की वजह से करीब 3 घन्टे तक वहां फंसा रहा। कलेक्टर कुणाल दुदावत को सूचना मिलने पर उन्होंने तत्काल एसडीआरएफ की टीम को रवाना किया। बारसूर थाना की तरफ से भी पुलिस की टीम पहुंची।     एसडीआरएफ व पुलिस के जवानों ने मिलकर बाढ़ में फंसे जवान भूषण सेठिया को बड़ी मशक्कत से सुरक्षित निकाल लिया।     भूषण की पोस्टिंग सीएएफ 9 वीं बटालियन मुख्यालय कारली में है, जहां से वह मंगलवार की सुबह हरितालिका तीज मनाने नारायणपुर जिला स्थित अपने गांव के लिए बाइक पर रवाना हुआ बारसूर-गीदम के बीच राम मंदिर के पास गणेश बहार नाला में पुल के ऊपर से पानी बह रहा था, जिसे पार करने की कोशिश में आरक्षक बाइक समेत नाला के तेज बहाव में बह गया। जिला प्रशासन, पुलिस व एसडीआरएफ की तत्परता से उसकी जान बचाई जा सकी। 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा- वर्तमान युग में विद्युत (ऊर्जा) का महत्व वायु और जल के समान है

पिछले 11 वर्षों में 30% बढ़ी सौर ऊर्जा विद्युत उत्पादन के लिए सभी उपलब्ध संसाधनों का हो रहा है उपयोग मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नव नियुक्त विद्युत कार्मिकों को प्रदान किए नियुक्ति-पत्र मुख्यमंत्री डॉ. यादव का किया अभिनन्दन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया राज्य स्तरीय कार्यक्रम को संबोधित भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि वर्तमान युग में विद्युत (ऊर्जा) का महत्व वायु और जल के समान है। गर्व का विषय है कि हम उद्योगों और किसानों सहित सभी प्रदेशवासियों की बिजली की मांग के साथ देश की बिजली की जरूरत को भी पूरा कर रहे हैं। देश की राजधानी दिल्ली की मेट्रो ट्रेन मध्यप्रदेश की बिजली से चल रही है। अब इस तरह की योजना बनाई जा रही है कि वर्ष 2047 तक बिजली की कोई कमी नहीं होगी, प्रदेश ऊर्जा क्षेत्र में सरप्लस रहेगा। प्रदेश में विद्युत उत्पादन के लिए सभी उपलब्ध संसाधनों का उपयोग किया जा रहा है। देश में क्लीन एनर्जी के लिए गतिविधियों का विस्तार हो रहा है। प्रदेश में पिछले 11 वर्षों में सौर ऊर्जा 30 प्रतिशत बढ़ी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव 6 विद्युत कंपनियों के नवनियुक्त 1060 कार्मिकों को नियुक्त-पत्र वितरण और अभिनंदन समारोह को रवीन्द्र भवन में संबोधित कर रहे थे। उन्होंने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को औषधीय पौधा भेंट कर स्वागत किया गया। बिजली कंपनियों में 51 हजार से अधिक नए पद भरे जाएंगे मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बिजली कंपनियों के द्वारा एक हजार से अधिक युवाओं को नियुक्ति पत्र बांटे जा रहे हैं। प्रदेश की बिजली कंपनियों में 51 हजार से अधिक नए पद भरे जाएंगे। इससे बिजली कम्पनियों की स्थिति सुदृढ़ होगी। किसान भाइयों को लगभग 20 हजार 267 करोड़ रुपए की सब्सिडी इस वर्ष दी जा रही है। प्रदेश के एक करोड़ से अधिक परिवारों को बिजली विभाग ने 6445 करोड़ रुपए की सब्सिडी प्रदान की है। प्रदेश में बिजली तैयार करने के लिए हर उपलब्ध संसाधन का उपयोग किया जा रहा है। पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना को भी प्रोत्साहन दिया जा रहा है। सांची को प्रदेश की पहली सोलर सिटी बनाया गया है। राज्य के 32 लाख किसानों को सोलर पंप प्रदान किए जा रहे हैं। प्रदेश में उत्पादित क्लीन एनर्जी से बिजली, उद्योग का रूप ले रही है। प्रदेश के अन्य विभागों द्वारा अपनी स्वयं की बिजली बनाने की पहल लोक स्वास्थ्य विभाग ने आरंभ की है। इससे ऊर्जा विभाग की जिम्मेदारी बढ़ेगी तथा प्रबंधन के लिए दक्ष मानव संसाधन की आवश्यकता होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश को सभी क्षेत्रों में देश के अग्रणी राज्यों की श्रेणी में शामिल कराने के लिए संकल्पित है। बिजली कंपनियों की उपलब्धियों पर केंद्रित प्रदर्शनी का किया शुभारंभ मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर प्रदेश की विभिन्न बिजली कंपनियों की उपलब्धियों पर केंद्रित प्रदर्शनी का शुभारंभ कर अवलोकन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विद्युत कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों से भेंट भी की। कार्यक्रम में मध्यप्रदेश में ऊर्जा क्षेत्र पर केंद्रित एक लघु फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नव नियुक्त विद्य़त कार्मिकों को नियुक्ति-पत्र प्रदान किए। ऊर्जा विभाग के अंतर्गत सभी बिजली कंपनियों के लिये 51 हजार से अधिक नियमित पद स्वीकृत करने पर ऊर्जा मंत्री ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव का पगड़ी पहना कर तथा अंग वस्त्रम और प्रशस्ति-पत्र भेंट कर अभिनंदन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के सम्मान में प्रशस्ति-पत्र का वाचन भी किया गया। इस अवसर पर नव नियुक्त कर्मिकों के अभिभावक भी उपस्थित थे। बिजली कंपनियों को मिला जीवनदान ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने कहा कि बिजली कंपनियों में बड़ी संख्या में नियुक्ति देकर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बिजली कंपनियों को जीवनदान प्रदान किया है। उन्होंने कहा कि पहली बार इतनी बड़ी संख्या में नियमित पद स्वीकृत किये गये हैं। इसीलिये आज मुख्यमंत्री डॉ. यादव का अभिनंदन किया गया है। उन्होंने कहा कि ऊर्जा विभाग लगातार बिजली उपभोक्ताओं और किसानों के हित में कार्य कर रहा है। किसानों को अब कड़कड़ाती ठंडी रातों में सिंचाई नहीं करनी पड़ेगी। अब इन्हें सिंचाई के लिये दिन में बिजली उपलब्ध कराई जायेगी। उन्होंने अधोसंरचना सुधार के लिये राशि की जरूरत पर भी बल दिया। प्रदेश ऊर्जा क्षेत्र में नवाचारों के साथ तेजी से आगे बढ़ रहा है अपर मुख्य सचिव ऊर्जा श्री नीरज मंडलोई ने कहा कि 1000 से अधिक युवा आज ऊर्जा विभाग से नियुक्ति-पत्र लेकर जाएंगे। उनका और उनके अभिभावकों का हार्दिक अभिनंदन है। प्रदेश की 6 ऊर्जा कंपनियों में 51 हजार 700 नए स्थाई पद स्वीकृत किए गए हैं। यह प्रयास प्रदेश को भारत में ऊर्जा क्षेत्र में नए मानकों के साथ स्थापित करेगा। ऊर्जा विभाग ने हमेशा प्रदेश और देश की ऊर्जा मांग को पूरा किया है। प्रदेश का ऊर्जा विभाग सौर ऊर्जा और पारंपरिक ऊर्जा क्षेत्र में नवाचारों के साथ तेजी से आगे बढ़ रहा है। हमारी कोशिश है कि प्रदेश में आने वाले नए उद्योगपतियों को हर संभव सहयोग उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने ऊर्जा विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों और कर्मचारी संगठनों का उनके सहयोग के लिये आभार माना। कार्यक्रम में महापौर श्रीमती मालती राय, विधायक सर्वश्री रामेश्वर शर्मा और विष्णु खत्री, एमडी पॉवर मैनेजमेंट कंपनी श्री अविनाश लवानिया सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।  

उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने दी श्री गणेश चतुर्थी की शुभकामनाएं

भोपाल  उप मुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा ने श्री गणेश चतुर्थी और गणेश उत्सव के शुभारंभ पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दी हैं। श्री देवड़ा ने विघ्नहर्ता भगवान श्री गणेश से प्रदेश की सुख, समृद्धि और खुशहाली की प्रार्थना की है। उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने कहा कि भगवान श्री गणेश की कृपा और आशीर्वाद से सभी प्रदेशवासी सुखी और समृद्ध हों। श्री देवड़ा ने श्री गणेश चतुर्थी पर लोगों से शांति और सद्भाव का संदेश जन-जन तक पहुंचाकर श्री गणेश उत्सव को खुशी और उत्साह के साथ मनाने की कामना की है। उन्होंने प्रदेशवासियों से स्वदेशी का उपयोग कर प्रोत्साहित करने का आहवान किया।  

विलायती बबूल को हटाने के लिए आवश्यक दिशा निर्देश जारी करे: पंचायती राज मंत्री

जयपुर पंचायती राज मंत्री श्री मदन दिलावर ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि विलायती बबूल (प्रोसोपिस जूलीफ्लोरा) को जड़ सहित हटाने के लिए अध्ययन कर आवश्यक दिशा निर्देश जारी करें और इसके उन्मूलन के संबंध में ऐसे विकल्पों को तलाश करें जिससे इस दिशा में सेफ जोन में काम किया जा सके। उन्होंने कहा कि विलायती बबूल के उन्मूलन के लिए क्षेत्र चिन्हित कर चरणबद्ध रूप से काम किया जाए। श्री दिलावर ने मंगलवार को पंचायती राज सभागार में राज्य में विलायती बबूल उन्मूलन के संबंध में वन विभाग, ग्रामीण विकास एवं अन्य संस्था प्रतिनिधियों के साथ आयोजित बैठक में ये निर्देश दिए।   पंचायती राज मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य केवल विलायती बबूल को काटना नहीं, बल्कि उनकी जड़ों को पूरी तरह से खत्म करना है ताकि दोबारा न उगें। उन्होंने कहा कि आज हमारे सामने विलायती बबूल खतरा साबित हो रहा है। प्रदेश में बहुतायत में उग आया विलायती बबूल अब अपने आसपास किसी अन्य वनस्पति को पनपने नहीं दे रहा है, इसलिए इसका प्रभावी उन्मूलन आवश्यक है।  उन्होंने कहा कि इस पेड़़ के कारण खेती की मिट्टी अनुपजाऊ बन जाती है। विलायती बबूल ने चारागाह क्षेत्र को भी नष्ट कर दिया है। इस पेड़ के कारण किसानों को पशु चराने में  बड़ी समस्या से गुजरना है पड़ता है।   विलायती बबूल का एक पौधा उग जाता है तो उसके आसपास बहुत सारे पौधे उगते हैं जो अन्य वनस्पति को विकसित नहीं होने देते हैं। उन्होंने विलायती बबूल के उन्मूलन के लिए वर्तमान में उपलब्ध वैधानिक प्रावधानों और नीतियों पर चर्चा की और कहा कि इन विलायती बबूल को हटाने का सरकार अपने स्तर पर प्रयास कर रही है। कुछ अड़चनें हैं, उन्हें दूर कर इनको भी निकालने की कोशिश करेंगे। बैठक में इससे संबंधित उत्पादों ईंधन, चारकोल, पशु आहार आदि के बारे में चर्चा की गई।  बैठक में पंचायती राज के शासन सचिव एवं आयुक्त डाॅ. जोगाराम , वाटरशेड निदेशक श्री मोहम्मद जुनैद,  श्री कर्ण नरेन्द्र कृषि विश्वविद्यालय, जोबनेर के कुलगुरु श्री बलराज सिंह सहित अन्य विभागीय अधिकारीगण एवं इस क्षेत्र में कार्य कर रही विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधिगण उपस्थित रहे।

भारी बारिश ने खैबर पख्तूनख्वा में मचाई तबाही, पाकिस्तान में हालात गंभीर

इस्लामाबाद  पाकिस्तान में मानसूनी बारिश कहर बरपा रही है। खैबर पख्तूनख्वा (केपी) प्रांत में पिछले तीन महीनों से भीषण बारिश का दौर जारी है और भारी बारिश व बाढ़ से अब तक 406 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं, इससे 245 लोग घायल हुए हैं। प्रांतीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (पीडीएमए) के अनुसार, मृतकों में 167 महिलाएं और 108 बच्चे शामिल हैं। वहीं, घायलों में 121 पुरुष, 92 महिलाएं और 32 बच्चे हैं। ब्यूनर जिला सबसे अधिक प्रभावित हुआ है, जहां 237 लोगों की मौत हुई और 128 लोग घायल हुए। इसके अलावा, विभिन्न जिलों में भी भारी तबाही दर्ज की गई है, स्वाबी में 42, शांगला में 36, मानसेहरा में 25, बाजौर में 22 और स्वात में 20 लोगों की मौत हुई है। पीडीएमए की रिपोर्ट के मुताबिक, भारी बारिश और बाढ़ से केपी में 2,810 मकानों को नुकसान पहुंचा है, जिनमें 2,136 आंशिक और 674 पूरी तरह नष्ट हुए। केवल ब्यूनर जिले में ही 1,469 घर क्षतिग्रस्त हुए हैं। इसके अलावा, 324 शैक्षणिक संस्थान प्रभावित हुए हैं, जिनमें 18 स्कूल पूरी तरह और 306 आंशिक रूप से नष्ट हुए। साथ ही, बाढ़ और बारिश से 5,916 पशुओं की मौत भी हो गई। स्थानीय मीडिया के अनुसार, पूरे पाकिस्तान में 26 जून से अब तक 788 लोगों की मौत हो चुकी है और 1,000 से अधिक घायल हुए हैं। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) के आंकड़ों के अनुसार, मृतकों में 200 बच्चे, 117 महिलाएं और 471 पुरुष शामिल हैं। प्रांतवार आंकड़ों में, पंजाब में 165, खैबर पख्तूनख्वा में सर्वाधिक 469, सिंध में 51, बलूचिस्तान में 24, पाकिस्तान-आकृत गिलगित-बाल्टिस्तान में 45, पाकिस्तान-आकृत कश्मीर में 23 और इस्लामाबाद में आठ लोगों की मौत हुई है।

योगी सरकार के जागरुकता कार्यक्रमों से पिछले 8 वर्ष में कृषि क्षेत्र में हुई अभूतपूर्व उन्नति

त्वरित मक्का विकास कार्यक्रम को मिली ऊंचाई लखनऊ योगी सरकार ने कृषि के क्षेत्र में यूपी को अभूतपूर्व प्रगति दी। सरकार के जागरूकता कार्यक्रम और सकारात्मक पहल से उत्तर प्रदेश ने नया अध्याय लिखा है।  कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने मंगलवार को कृषि भवन में "सोशल मीडिया की कार्यशाला " का शुभारंभ किया। सोशल मीडिया के कृषि पर  सकारात्मक प्रभाव एवं भविष्य की संभावना पर जोर देते हुए कृषि के क्षेत्र में प्रदेश मे हुए समग्र विकास का ब्योरा मीडिया के समक्ष प्रस्तुत किया।  उत्तर प्रदेश मे रबी, खरीफ एवं जायद सीजन में किसानों द्वारा सफलतापूर्वक फसल उत्पादन का कार्य किया जाता है। जिसमें मौसम की विभिन्न स्थितियों के अनुरूप  प्रजातियों/ फसलों की बुआई एवं उनकी विभिन्न विकास की अवस्थाओं पर तकनीकी पहलुओं के साथ साथ कृषि निवेशों की उचित प्रयोग से पहले की अपेक्षा अब कृषि का तेजी से विकास हो रहा है तथा अधिक उत्पादन भी सुनिश्चित हुआ है l इसमें सोशल मीडिया के माध्यम से कृषि से सम्बंधित सूचनाओं के त्वरित गति से सम्प्रेषण का बड़ा योगदान है l कृषि में उत्तर प्रदेश की उपलब्धि  कृषि क्षेत्र का GDP विकास दर में योगदान: वर्ष 2016-17 में कृषि सेक्टर की विकास दर 8.8 प्रतिशत जब कि वर्ष 2024-25 में कृषि सेक्टर की विकास दर 15.7 प्रतिशत हो गयी है,जो कि सरकार द्वारा संचालित योजनाओं एवं कृषि के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण का परिणाम है।   कृषि GSVA (Gross State Value Added) में योगदान   कृषि GSVA वर्ष 2016-17 के 2.00 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर वर्ष 2024-25 में 4.37 लाख करोड़ रुपये हो गया, जो लगभग 118 प्रतिशत वृद्धि को प्रदर्शित करता है l वर्तमान सरकार के प्रयास एवं सघन रूप से चलाये जा रहे कृषि में जागरुकता कार्यक्रमों से प्रदेश के 161 लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल पर वर्ष 2024-25 में कुल 737.20 लाख मीट्रिक टन खाद्यान्न का उत्पादन हुआ, जो राष्ट्रीय स्तर पर 20.89 प्रतिशत का योगदान है l इसी प्रकार प्रदेश मे कृषि फसलों के आच्छादन, उत्पादन एवं उत्पादकता में भी अद्वितीय वृद्धि हुई है l   फसल आच्छादन खरीफ वर्ष 2016-17 में कुल 91.45 लाख हेक्टेयर कृषि फ़सलों का आच्छादन रहा, जबकि योगी सरकार द्वारा किसानों के हित में योजनाओं के क्रियान्वयन के उपरांत खरीफ सीजन वर्ष 2024-2025 में आच्छादन 105.93 लाख हेक्टेयर हो गया, जो कि पूर्व से लगभग 14.48 लाख हेक्टेयर अधिक है l कृषि उत्पादन के आंकड़े, सरकार के विजन व उपलब्धियां  चावल वर्ष 2016-17 में चावल का उत्पादन 144.70 लाख मीट्रिक टन से बढ़कर वर्ष 2024-25 में कुल 212.25 लाख मीट्रिक टन हुआ l  गेहूं – वर्ष 2016-17 में गेहूँ का उत्पादन 349.71 लाख मीट्रिक टन से बढ़ कर वर्ष 2024-25 में कुल 414.39 लाख मीट्रिक टन हुआl  दलहन वर्ष 2016-17 में दलहन का उत्पादन 23.90 लाख मीट्रिक टन से बढ़कर वर्ष 2024-25 में कुल 36.30 लाख मीट्रिक टन हुआ है l  तिलहन: वर्ष 2016-17 में तिलहन का उत्पादन 12.40 लाख मीट्रिक टन से बढ़ कर वर्ष 2024-25 में कुल 30.80 लाख मीट्रिक टन हुआ है।  फसल सघनता : कृषि के महत्वपूर्ण इंडिकेटर फसल सघनता जो वर्ष 2016-17 में 163 प्रतिशत  थी, के सापेक्ष वर्ष 2024-25 में 182 प्रतिशत है, में 19 प्रतिशत की वृद्धि हुई।   योगी सरकार द्वारा कृषकों के हित में जागरुकता के  लिए किए गये ठोस प्रयास  विकसित कृषि संकल्प यात्रा कुल 14170 ग्रामों में आयोजित की गई, जिससे कुल 23.30 लाख कृषकों को ICAR, कृषि विश्वविद्यालय तथा कृषि विज्ञान केन्द्र के वैज्ञानिकों द्वारा क्षेत्र में जा कर वैज्ञानिक कृषि हेतु प्रोत्साहित/लाभान्वित किया गया l किसान पाठशाला: कृषकों में क्षमता विकास के लिए कुल 76000 ग्रामों में आयोजित किया गया, जिसमे 1.71 करोड़ किसानों को कृषि नवीनतम तकनीकों का प्रशिक्षण प्रदान किया गया l  त्वरित मक्का विकास कार्यक्रम  प्रदेश में मक्का को अधिक उपयोगी एवं उत्पादक बनाए जाने हेतु सरकार द्वारा कृषक हित में  यह कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है। यह बहुपयोगी फसल के रूप में प्रदेश सरकार द्वारा चिन्हित है, जिसका इस्तेमाल खाद्यान्न, पशु आहार एवं औद्योगिक (एथनॉल) उद्देश्यों के लिए किया जाता है l वर्ष 2016-17 में  मक्का के क्षेत्रफल 3.06 लाख हेक्टेयर के सापेक्ष वर्ष 2024-25 में कुल 5.42 लाख हेक्टेयर तथा उत्पादन 11.87 लाख मीट्रिक टन है l कृषकों के क्षमता विकास हेतु ग्राम पंचायत स्तरीय 6510 गोष्ठियां, विकास खण्ड स्तरीय 825 गोष्ठियां, जनपद स्तरीय 75 गोष्ठियां आयोजित की गई कृषि वैज्ञानिकों का क्षेत्र भ्रमण : कृषि विश्वविद्यालय/ICAR /कृषि विज्ञान केन्द्र के कृषि वैज्ञानिकों तथा कृषि विभाग के अधिकारियों द्वारा किसानों के खेतों का भ्रमण/निरीक्षण कर कृषकों की तकनीकी समस्याओं का समाधान कराया गया, जिससे फसलों के आच्छादन, उत्पादन के साथ कृषकों के कार्य करने के तरीकों में सकारात्मक परिवर्तन हुए और  उत्पादन बढ़ा है l उत्तर प्रदेश: देश के कृषि क्षेत्र मे (उत्पादन में)  ⚫गेहूँ में प्रथम स्थान  ⚫चावल में प्रथम स्थान ⚫गन्ना में प्रथम स्थान ⚫आलू में प्रथम स्थान ⚫बाजरा में दूसरा स्थान ⚫मसूर में दूसरा स्थान  ⚫राई/सरसों में दूसरा स्थान  ⚫दलहन में तीसरा स्थान  कृषि एवं किसान उत्तर प्रदेश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता में सम्मिलित है जिनके सर्वांगीण विकास के लिए सरकार प्रतिबद्ध है l इस अवसर पर कृषि सचिव इंद्र विक्रम सिंह, सचिव उपकार एके सिंह,एम डी बीज विकास निगम पीयूष शर्मा, अपर कृषि निदेशक प्रसार आरके सिंह, संयुक्त कृषि निदेशक उर्वरक आशुतोष मिश्र, संयुक्त कृषि निदेशक(ब्यूरो) एके सिंह सहित राजस्थान के कृषि में सोशल मीडिया के विशेषज्ञ पिंटू मीना पहाड़

भारत-जापान के बीच खास दोस्ताना रिश्ता, पीएम मोदी ने बताया ‘मेड फॉर ईच अदर’

अहमदाबाद  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को गुजरात में मारुति सुजुकी ई-विटारा इलेक्ट्रिक एसयूवी और हाइब्रिड बैटरी यूनिट का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने भारत और जापान के मजबूत संबंधों का जिक्र करते हुए कहा कि दोनों देशों के रिश्ते 'मेड फॉर ईच अदर' वाले हैं। भारत-जापान के बीच 'पीपल टू पीपल' कनेक्ट बढ़ा है। स्किल और ह्यूमन रिसोर्स से जुड़ी एक-दूसरे की जरूरतों को भी हम पूरा कर पा रहे हैं। आने वाले वर्षों में सभी प्रमुख क्षेत्रों में निरंतर प्रगति की आवश्यकता पर जोर देते हुए प्रधानमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि आज के प्रयास 2047 तक एक विकसित भारत की नींव मजबूत करेंगे। उन्होंने यह विश्वास व्यक्त करते हुए समापन किया कि जापान इस लक्ष्य को प्राप्त करने में एक विश्वसनीय भागीदार बना रहेगा। प्रधानमंत्री ने घोषणा की कि वह अगले हफ्ते जापान जाएंगे। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भारत और जापान के बीच संबंध सिर्फ कूटनीतिक संबंधों से कहीं आगे तक फैले हैं, यह संस्कृति और आपसी विश्वास पर आधारित है। दोनों देश एक-दूसरे के विकास में अपनी प्रगति देखते हैं। मारुति सुजुकी के साथ शुरू हुआ सफर अब बुलेट ट्रेन की गति तक पहुंच गया है। उन्होंने कहा कि भारत-जापान साझेदारी की औद्योगिक क्षमता को साकार करने की प्रमुख पहल गुजरात में शुरू हुई थी। अतीत को याद करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि 20 साल पहले जब वाइब्रेंट गुजरात शिखर सम्मेलन शुरू हुआ था, तब जापान एक प्रमुख साझेदार था। उद्योग से जुड़े नियम और कानून जापानी भाषा में छपवाए गए, ताकि उन्हें समझना आसान हो। उन्होंने गोल्फ के प्रति जापानियों के लगाव की सराहना की और बताया कि उनके हितों को ध्यान में रखते हुए 7-8 नए गोल्फ कोर्स विकसित किए गए हैं। पीएम मोदी ने आगे बताया कि भारत के कॉलेज और विश्वविद्यालय अब जापानी भाषा की शिक्षा को प्राथमिकता दे रहे हैं। प्रधानमंत्री ने कहा, "भारत के निरंतर प्रयास भारत और जापान के लोगों के बीच आपसी संपर्क को मजबूत कर रहे हैं। दोनों देश अब कौशल विकास और मानव संसाधन के क्षेत्र में एक-दूसरे की जरूरतों को पूरा करने में सक्षम हैं।" उन्होंने मारुति सुजुकी जैसी कंपनियों से ऐसी पहलों में सक्रिय रूप से भाग लेने और युवा आदान-प्रदान कार्यक्रमों को बढ़ावा देने का आग्रह किया। ओसामु सुजुकी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत सरकार को उन्हें पद्म विभूषण से सम्मानित करने का गौरव प्राप्त हुआ था। उन्हें मारुति सुजुकी इंडिया के लिए ओसामु सुजुकी के विजन के व्यापक विस्तार को देखकर प्रसन्नता हो रही है। उन्होंने बताया कि सुजुकी जापान भारत में निर्माण कर रही है और यहां उत्पादित वाहनों का निर्यात जापान को किया जा रहा है। यह न सिर्फ भारत-जापान संबंधों की मजबूती को दर्शाता है, बल्कि वैश्विक कंपनियों के भारत में बढ़ते विश्वास को भी दर्शाता है। मारुति सुजुकी जैसी कंपनियां प्रभावी रूप से 'मेक इन इंडिया' की ब्रांड एंबेसडर बन गई हैं। यह उल्लेख करते हुए कि मारुति सुजुकी लगातार 4 वर्षों से भारत की सबसे बड़ी कार निर्यातक रही है, प्रधानमंत्री ने घोषणा की कि आज से इलेक्ट्रिक वाहनों का निर्यात भी उसी पैमाने पर शुरू होगा। उन्होंने कहा कि दुनिया भर के दर्जनों देशों में चलने वाले इलेक्ट्रिक वाहनों पर गर्व से 'मेड इन इंडिया' का लेबल लगा होगा। पीएम मोदी ने जोर देकर कहा, "भारत के पास डेमोक्रेसी की मजबूती और डेमोग्राफी का लाभ है। भारत में कुशल कार्यबल का एक विशाल भंडार भी है, जो प्रत्येक भागीदार के लिए जीत की स्थिति पैदा करता है।" भारत की सफलता की कहानी के बीज 12-13 साल पहले बोए गए थे। यह याद करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि 2012 में उनके मुख्यमंत्री कार्यकाल के दौरान हंसलपुर में मारुति सुजुकी को जमीन आवंटित की गई थी। उन्होंने जोर देकर कहा कि उस समय भी, आत्मनिर्भर भारत और मेक इन इंडिया का विजन था। उन्होंने कहा कि वे शुरुआती प्रयास अब देश के वर्तमान संकल्पों को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से अपील करते हुए कहा कि आत्मनिर्भर भारत के अभियान को सभी मिलकर आगे बढ़ाएं और वोकल फॉर लोकल बनें। उन्होंने कहा कि स्वदेशी चीजें ही जीवन मंत्र बननी चाहिए। गर्व से स्वदेशी चीजों की तरफ चल पड़ो। उन्होंने कहा, "मेरी स्वदेशी की व्याख्या बहुत साधारण है। पैसा किसका लगता है, उससे मुझे कोई लेना-देना नहीं है। चाहे वह डॉलर हो, पाउंड हो या करेंसी काली हो या गोरी, इससे लेना-देना नहीं है, लेकिन जो प्रोडक्शन है, उसमें पसीना मेरे देशवासियों का होगा। जो प्रोडक्शन होगा, उसमें महक मेरे देश की मिट्टी की होगी। इस भाव के साथ मेरे साथ चलें और 2047 में ऐसा हिंदुस्तान बनाएं कि आने वाली पीढ़ियां आपके त्याग का गर्व करेंगी। आपके योगदान का गर्व करेंगी।" प्रधानमंत्री ने सबसे आखिरी में कहा, "आत्मनिर्भर भारत के मंत्र और स्वदेशी के मार्ग के लिए आज देशवासियों को न्योता देता हूं कि आइए, सभी चल पड़ें और 2047 तक विकसित भारत बनाकर रहेंगे। दुनिया की भलाई में भारत का योगदान बढ़ाते रहेंगे।"

सरकार ने जारी किया आदेश: होटल और पेट्रोल पंप के टॉयलेट अब आम लोगों के लिए खुलेंगे

भिंड जिला शहरी विकास अभिकरण (डूडा) की पहल पर अब नगर निकाय क्षेत्र के होटल, रेस्टोरेंट और पेट्रोल पंपों में स्थित शौचालय आम नागरिकों के उपयोग के लिए उपलब्ध रहेंगे। इस संबंध में डूडा कार्यालय द्वारा नगरीय निकाय को आदेशित किया गया है। अगर इनका उपयोग करने से कोई रोकता है तो संबंधित पर चालानी कार्रवाई भी की जा सकती है। नियमित सफाई एवं निगरानी पर विशेष ध्यान बता दें कि डूडा कार्यालय से जारी निर्देशों के अनुसार, सभी नगरीय निकायों को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनके अधीनस्थ वार्डों में संचालित होटल, रेस्टोरेंट एवं पेट्रोल पंप आदि पर बने सार्वजनिक शौचालयों को नागरिकों के लिए उपयोग के लिए उपलब्ध कराया जाए। साथ ही, इन संस्थानों पर स्थित शौचालयों की नियमित सफाई एवं निगरानी पर विशेष ध्यान दिया जाए। नपा अधिकारियों का कहना है कि यह व्यवस्था स्वच्छता मिशन एवं जनसुविधा को ध्यान में रखते हुए लागू की गई है। सार्वजनिक स्थानों पर स्वच्छ और सुलभ शौचालय उपलब्ध होने से लोगों को सुविधा मिलेगी और खुले में शौच की प्रवृत्ति पर भी रोक लगेगी। साफ-सफाई न रखने पर भी कार्रवाई करने का नियम स्थानीय निकायों को साफ-सफाई की नियमित जांच करने और लापरवाही पाए जाने पर संबंधित होटल, रेस्टोरेंट एवं पेट्रोल पंप संचालकों के खिलाफ कार्रवाई करने के भी निर्देश दिए गए हैं। इस आदेश से यात्रियों, राहगीरों और स्थानीय नागरिकों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है, क्योंकि अब उन्हें शहरी सीमा क्षेत्रों में स्वच्छ शौचालयों की सुविधा आसानी से मिल सकेगी। नपा टीम कर रही निरीक्षण शहर में इन दिनों प्रभारी स्वच्छता निरीक्षक रविंद्र सिंह भदौरिया, नरेंद्र गुप्ता के द्वारा शहर में रेस्टोरेंट, होटल व पेट्रोल पंप का सर्वे किया जा रहा है। मंगलवार को नपा टीम के द्वारा शहर के इटावा रोड स्थित पेट्रोल पंप, 17वीं बटालियन सहित अन्य पेट्रोल पंप का निरीक्षण किया गया। प्रभारी स्वच्छता निरीक्षक रविंद्र सिंह भदौरिया ने बताया कि जिन पेट्रोल पंप पर टॉयलेट नहीं बने हुए हैं या फिर उपयोग करने की स्थिति में नहीं हैं। ऐसे टॉयलेट को व्यवस्थित करने के लिए संबंधित संचालकों को निर्देशित किया जा रहा है। जिन पेट्रोल पंप, रेस्टोरेंट में टॉयलेट नहीं हैं, उनमें टॉयलेट का निर्माण कराए जाने को लेकर निर्देश दिए जा रहे हैं। टॉयलेट में ताला डालकर नहीं कर सकते बंद बाजार व अन्य स्थानों पर संचालित होटल, रेस्टोरंट व पेट्रोल पंप के टॉयलेट के गेट पर ताला डालकर बंद नहीं किया जा सकता। इस टॉयलेट का उपयोग आम नागरिक कभी भी कर सकते हैं। साथ ही टॉयलेट में नियमित साफ-सफाई कराने की जिम्मेदारी भी संबंधित प्रतिष्ठान की होगी। अगर किसी टॉयलेट में गंदगी मिलती है या ताला डला मिलता है तो उस पर दो हजार या इससे अधिक तक का चालान भी किया जा सकता है। राजीव जैन, स्वास्थ्य अधिकारी, नपा – भिंड  ने बताया- होटल, रेस्टोरेंट व पेट्रोल पंप के टॉयलेट उपयोग करने लायक हैं या नहीं इसके निरीक्षण को लेकर स्वच्छता निरीक्षकों को निर्देशित किया गया है। इनमें से अगर कोई आम लोगों को टॉयलेट का उपयोग करने से रोकता है तो संबंधित के खिलाफ चालानी कार्रवाई की जाएगी। 

बोले उप मुख्यमंत्री- एनडीए गठबंधन के प्रत्याशी सीपी राधाकृष्णन प्रचंड मतों से विजयी होंगे

बोले उप मुख्यमंत्री- समाजवादी पार्टी और इंडी गठबंधन के लोग केवल कुर्सी के लिए लड़ रहे हैं उप मुख्यमंत्री ने कहा- सपा ने उत्तर प्रदेश को अपराधियों का चारागाह बना दिया गया था लखनऊ उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि एमएलसी की 11 सीटों पर दोनों दलों का अलग-अलग चुनाव लड़ना ही इंडी गठबंधन की असलियत को उजागर करता है। उन्होंने कहा कि यह गठबंधन केवल अवसरवाद और सत्ता की लालसा पर आधारित है, इसमें न कोई वैचारिक प्रतिबद्धता है और न ही जनता के लिए कोई गंभीर सोच। ब्रजेश पाठक ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी और एनडीए गठबंधन के प्रत्याशी सीपी राधाकृष्णन प्रचंड मतों से विजयी होंगे। उन्होंने कहा कि जनता का विश्वास भाजपा और एनडीए के साथ है और यही भारतीय लोकतंत्र की सच्ची ताकत है।   ब्रजेश पाठक ने कहा कि समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव का बयान अंतर्विरोधों से भरा हुआ है। उन्हें कांग्रेस के काले इतिहास का अध्ययन करना चाहिए। यही कांग्रेस है जिसने देश पर आपातकाल थोपकर पूरे भारत को कैदखाने में बदल दिया था। यही नहीं, कांग्रेस ने अलग-अलग समय पर जनता द्वारा चुनी गई 90 राज्य सरकारों को बर्खास्त कर लोकतंत्र का गला घोंटने का काम किया। उन्होंने कहा कि यह भारतीय लोकतंत्र का सबसे काला अध्याय है, जिसे देश कभी भूल नहीं सकता।   ब्रजेश पाठक ने कहा कि समाजवादी पार्टी को आत्मावलोकन की आवश्यकता है। प्रदेश की सत्ता में जब-जब सपा रही, गुंडे और माफिया सत्ता के आशीर्वाद से पनपे। उन्होंने कहा कि उस दौर में पूरा प्रदेश कहता था, "देख सपाई, बिटिया घबराई"। यही नहीं, सपा के लोग नारा देते थे, "समाजवाद का नारा है, खाली प्लॉट हमारा है।" विधानसभा सत्र के दौरान दर्जनों गाड़ियों में असलहा भरकर माफिया सदन में पहुंचते थे। उस दौर में उत्तर प्रदेश को अपराधियों का चारागाह बना दिया गया था।   ब्रजेश पाठक ने कहा कि समाजवादी पार्टी और इंडी गठबंधन के लोग केवल कुर्सी के लिए लड़ रहे हैं। कांग्रेस और सपा दोनों दल जनता को छलने का काम कर रहे हैं। एक ओर वे गठबंधन की बातें करते हैं और दूसरी ओर एमएलसी की 11 सीटों पर अलग-अलग मैदान में उतरते हैं। इससे साफ हो जाता है कि इंडी गठबंधन केवल दिखावा है। यह गठबंधन जनता को भ्रमित करने का एक और प्रयास है, जिसका पर्दाफाश हो चुका है। ब्रजेश पाठक ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी सुचिता और पारदर्शिता की राजनीति का उदाहरण बनी है। यही कारण है कि भाजपा आज दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी के रूप में स्थापित हुई है। उन्होंने विश्वास जताया कि समाजवादी पार्टी और कांग्रेस जैसे अवसरवादी दलों को जनता कभी माफ नहीं करेगी।