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DM और मेयर से गुहार: घायल बच्चे ने कहा, ‘कुत्तों से बचाइए, तभी जाऊंगा स्कूल’

बरेली  उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में कुत्तों का आतंक इतना बढ़ गया है कि बच्चे अब स्कूल जाने तक से डरने लगे हैं। हाल ही में 5वीं कक्षा के एक छात्र अविरल अग्रवाल को कुत्तों ने इतनी बुरी तरह से घायल कर दिया कि वह अब स्कूल जाने से डर रहा है। घायल बच्चा शहर के महापौर और जिलाधिकारी से गुहार लगा चुका है कि कॉलोनी और स्कूल के आसपास के कुत्तों को तुरंत पकड़ा जाए। अविरल ने बताया कि जब तक कुत्ते नहीं पकड़े जाएंगे, वह स्कूल नहीं जाएगा। इस घटना का वीडियो सामने आने के बाद जिला प्रशासन भी सक्रिय हो गया है। जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने नगर निगम को आदेश दिए हैं कि कुत्तों को जल्द से जल्द पकड़ा जाए और उनका वैक्सीनेशन (टीकाकरण) किया जाए। घटना का पूरा विवरण मिली जानकारी के मुताबिक, राम वाटिका कॉलोनी के रहने वाला अविरल अपने दोस्तों के साथ घर लौट रहा था, तभी अचानक रास्ते में कुत्तों ने उस पर हमला कर दिया। कुत्तों ने अविरल के पैर में गहरे घाव किए और मांस का टुकड़ा नोच लिया। राहगीरों की मदद से बच्चे को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसकी हालत नाजुक बनी हुई है। पहली बार नहीं था कुत्तों का हमला अविरल ने बताया कि कुछ महीने पहले भी कॉलोनी में साइकिल चलाते समय कुत्तों ने उस पर हमला किया था। अब तक वह दो बार कुत्तों के हमले का शिकार हो चुका है। कॉलोनी और स्कूल के आसपास बहुत सारे आवारा कुत्ते घूम रहे हैं जो बच्चों पर हमला करते रहते हैं डॉक्टरों की राय और इलाज डॉक्टर प्रवेंद्र माहेश्वरी ने बताया कि बच्चे की हालत गंभीर है। उसे एंटी रैबीज इंजेक्शन दिया जा चुका है और घाव गहरे होने की वजह से प्लास्टिक सर्जरी करनी पड़ेगी। वहीं, नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य ने कुत्तों को पकड़ने और टीकाकरण करने के लिए टीम का गठन कर दिया है। जिलाधिकारी ने भी कुत्तों की नसबंदी और वैक्सीनेशन का आदेश दिया है।  घायल बच्चे की फरियाद अविरल ने बताया कि वह स्कूल से वैन से घर लौट रहा था जब कुत्तों ने उस पर हमला किया। पहली बार तो बच गया था, लेकिन इस बार बच नहीं पाया। कॉलोनी में कुत्तों की संख्या इतनी ज्यादा है कि वह ठीक से साइकिल भी नहीं चला पाता। वह जिलाधिकारी और महापौर से अनुरोध करता है कि कुत्तों को तुरंत पकड़ा जाए, क्योंकि वह अब कुत्तों से डर गया है और तब तक स्कूल नहीं जाएगा। जानिए, क्या कहना जिलाधिकारी का? जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने बताया कि इस मौसम में कुत्तों के काटने की घटनाएं बढ़ रही हैं, जिससे रेबीज का खतरा बना रहता है। उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देश दिए हैं कि जरूरतमंद लोगों को तुरंत वैक्सीनेशन दिया जाए। साथ ही प्राइवेट अस्पतालों को भी वैक्सीनेशन करने के निर्देश दिए गए हैं। नगर निगम को कुत्तों की नसबंदी और वैक्सीनेशन कराने का भी जिम्मा सौंपा गया है।  

हिसार एयरपोर्ट से जयपुर की सीधी फ्लाइट शुरू, कितने बजे और कितने रुपए में मिलेगा टिकट

हिसार  हरियाणा में हिसार स्थित महाराजा अग्रसेन एयरपोर्ट से अब जयपुर के लिए हवाई सेवाएं शुरू होने वाली है। इसके लिए डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) ने शेड्यूल को मंजूरी दे दी है। 12 सितंबर से हिसार से जयपुर के लिए पहली फ्लाइट जाएगी। जानकारी के अनुसार जयपुर के लिए हवाई सेवा  हर शुक्रवार शाम 5:35 बजे उपलब्ध रहेगी। हिसार से जयपुर के लिए टिकट का किराया 1950 रुपए निर्धारित किया गया है। हिसार से जयपुर पहुंचने में लगभग 1 घंटा 5 मिनट का समय लगेगा। बता दें दिल्ली से हिसार आने वाली फ्लाइट अब सप्ताह में एक दिन वाया जयपुर रूट पर भी शुरू की गई है। यह फ्लाइट हिसार से आगे अयोध्या भी जाएगी, जहां की हवाई सेवा पहले से ही जारी है। हिसार से अयोध्या के लिए वाया जयपुर रूट पर यह सेवा शुक्रवार और रविवार को उपलब्ध रहेगी। गौरतलब है कि हिसार से जयपुर सड़क मार्ग द्वारा लगभग 5 घंटे का समय लगता था, लेकिन फ्लाइट से यात्रा करके करीब 4 घंटे की बचत होगी। हिसार से चंडीगढ़ फ्लाइट का समय बदला गया इसके अलावा, हिसार से चंडीगढ़ के लिए फ्लाइट के समय में भी बदलाव किया गया है। अब हिसार से चंडीगढ़ फ्लाइट हर सोमवार और बुधवार सुबह 10 बजे उड़ान भरेगी और 11 बजे चंडीगढ़ पहुंचेगी। वापसी में यह फ्लाइट चंडीगढ़ से सुबह 8 बजे उड़ान भरेगी और सुबह 9:40 बजे हिसार पहुंचेगी। पहले हिसार से चंडीगढ़ की फ्लाइट सोमवार और शुक्रवार को दोपहर 3:20 बजे उड़ान भरती थी और 4:30 बजे चंडीगढ़ पहुंचती थी। वापसी में यह फ्लाइट शाम 4:55 बजे उड़ान भरती थी और 5:55 बजे हिसार पहुंचती थी।

भारत पर ट्रंप टैरिफ का असर, शेयर बाजार बुरी तरह प्रभावित, बड़ी कंपनियों के शेयर धड़ाम

मुंबई  शेयर बाजार (Stock Market) में मंगलवार को कारोबार की शुरुआत के साथ जो गिरावट शुरू हुई, वो मार्केट क्लोज होने तक बढ़ती ही चली गई और अंत में दोनों इंडेक्स बुरी तरह टूटकर बंद हुए. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज की 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 849 अंक की तगड़ी गिरावट लेकर बंद हुआ, तो वहीं दूसरी ओर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के निफ्टी इंडेक्स ने 255 अंक टूटकर क्लोजिंग की. इस बीच लार्जकैप से लेकर स्मॉलकैप कंपनियों तक के शेयर भरभराकर टूटे. बाजार में अचानक ये बड़ी गिरावट अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) द्वारा भारत पर लगाए गए एक्स्ट्रा 25% टैरिफ की औपचारिक अधिसूचना जारी होने के बाद आई.  849 अंक टूटा सेंसेक्स, निफ्टी भी धराशायी बीएसई का सेंसेक्स मंगलवार को 81,377.39 पर ओपन होने के बाद दिनभर गिरावट में कारोबार करता हुआ नजर आया और 80,685.98 के स्तर तक फिसला. हालांकि शेयर मार्केट के बंद होते-होते मामूली रिकवरी देखने को मिली फिर भी Sensex अंत में 849.37 अंक या 1.04% की गिरावट लेकर 80,786.54 पर बंद हुआ. इसके अलावा Nifty ने भी बड़ी गिरावट लेकर कारोबार खत्म किया. एनएसई का ये इंडेक्स 24,899.50 पर ओपन होने के बाद कारोबार के दौरान 24,689.60 के स्तर तक टूटा और अंत में 255.70 अंक या 1.02% फिसलकर 24,713.05 पर बंद हुआ. इन बड़ी कंपनियों के शेयर बिखरे शेयर मार्केट में मंगलवार को आई इस बड़ी गिरावट के बीच देश की बड़ी कंपनियों के शेयर बिखरे हुए नजर आए. मार्केट क्लोज होने पर लार्जकैप कैटेगरी में शामिल SunPharma Share (3.40%), Tata Steel Share (2.88%), Bajaj Finance Share (2.67%), Trent Share (2.45%), M&M Share (2.02%), Bajaj Finserve Share (2%), Reliance Stock (2%) और Axis Bank Share (1.86%) गिरकर बंद हुए.  मिडकैप और स्मॉलकैप में ये स्टॉक टूटे बात करें मिडकैप कैटेगरी पर ट्रंप टैरिफ के असर की, तो इसमें शामिल PEL Share (4.81%), Gillette Share (3.49%), Solar Inds Share (3.44%), Bandhan Bank Share (3.30%), MRF Share (3.28%) फिसलकर बंद हुआ. वहीं स्मॉलकैप कैटेगरी में शामिल Infobeam Share (8.38%), JK Paper Share (7.38%) तक गिरकर बंद हुए.  ट्रंप के टैरिफ अटैक से सहमा बाजार गौरतलब है कि US President डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर 25% रेसिप्रोकल टैरिफ लगाया था और ये 1 अगस्त से प्रभावी है. इसके भारत की रूसी तेल और हथियार खरीद को मुद्दा बनाते हुए उन्होंने एक्स्ट्रा 25% टैरिफ का ऐलान किया था और ये अतिरिक्त टैरिफ कल यानी 27 अगस्त 2025 से लागू होने वाला है. भारत से आयातित वस्तुओं पर इस अतिरिक्त टैरिफ लगाने की औपचारिक अधिसूचना अमेरिका की ओर से जारी कर दी गई है. इसके बाद भारत ब्राजील के साथ सबसे ज्यादा 50% Trump Tariff झेलने वाला देश बन जाएगा. इसका असर प्रभाव एनर्जी से लेकर फाइनेंस स्टॉक, बैंकिंग और स्टील शेयरों में गिरावट के रूप में देखने को मिला.  टूटते बाजार में भी उछले ये शेयर इस गिरावट के दौर में भी Eicher Motor के शेयर 2.65 फीसदी चढ़कर, HUL के शेयर 2.38 फीसदी और मारुति के शेयर 1.85 फीसदी चढ़कर बंद हुए. हालांकि रेनुअल एनर्जी के स्टॉक्स में थोड़ी तेजी दर्ज की गई. मिडकैप स्टॉक्स Waree एनर्जी के शेयर 3.45 फीसदी, VMM के शेयर 2.89 फीसदी और प्रीमियर एनर्जी के शेयर करीब 1 फीसदी चढ़कर बंद हुए. स्मॉलकैप कैटेगरी में Craftsman के शेयर साढ़े 5 फीसदी चढ़कर बंद हुए.

विधानसभा अध्यक्ष देवनानी ने हरितालिका तीज की प्रदेशवासियों को दी शुभकामनाएं

जयपुर राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष श्री वासुदेव देवनानी ने हरितालिका तीज के पावन अवसर पर प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं प्रेषित की हैं। श्री देवनानी ने कहा कि हरितालिका तीज केवल व्रत और आस्था का पर्व नहीं, बल्कि नारी शक्ति, परिवारिक समरसता और दांपत्य जीवन की पवित्रता का प्रतीक है। इस दिन महिलाएं भगवान शिव-पार्वती की उपासना कर परिवार की सुख-समृद्धि और सौभाग्य की कामना करती हैं। श्री देवनानी ने कहा कि भारतीय संस्कृति के इन पर्वों से नई पीढ़ी को जोड़ना आवश्यक है, क्योंकि यही त्यौहार हमें समानता, संस्कार और सामाजिक सद्भाव का संदेश देते हैं। उन्होंने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे इस अवसर पर भारतीय परंपराओं को आत्मसात करते हुए सामाजिक एकता और संस्कृति की गरिमा को और अधिक सशक्त बनाएं।

रजिस्ट्री कराने वालों को लगेगा झटका, पंजाब में देना होगा 10,000 रुपए

जालंधर  पंजाब सरकार ने जनता की सहूलियत और तहसीलों में व्याप्त भ्रष्टाचार को खत्म करने की कवायद के तहत पूरे राज्य में इजी रजिस्ट्रेशन पॉलिसी लागू की थी। शुरूआत में इसे पारदर्शी और सरल व्यवस्था बता कर पेश किया गया था ताकि संपत्ति रजिस्ट्रेशन में आम नागरिकों को राहत मिल सके। लेकिन समय के साथ पॉलिसी में लगातार हो रहे बदलावों ने आमजन के साथ-साथ डीड राइटरों को भी परेशान कर दिया है। सरकार ने अब नया आदेश जारी करते हुए कहा है कि यदि कोई व्यक्ति आपात स्थिति में अपनी प्री-स्क्रूटनी तुरंत करवाना चाहता है तो उसे 10,000 रुपए का तत्काल शुल्क देना होगा। यह ‘शार्टकट’ के रास्ते वाला शुल्क पंजाब के सभी सब-रजिस्ट्रार और तहसीलदार कार्यालयों में एक समान रहेगा। यानी यदि किसी को अचानक लेन-देन करना है या किसी पारिवारिक/कानूनी आपात स्थिति में रजिस्ट्री तुरंत पूरी करनी है तो अब उसके पास 10 हजार रुपए देने के अलावा कोई विकल्प नहीं रहेगा। जनता का सवाल: सहूलियत या मजबूरी का फायदा? सरकार के इस नए फरमान ने आम लोगों में असंतोष की लहर पैदा कर दी है। लोग खुले तौर पर सवाल उठा रहे हैं कि क्या यह कदम सहूलियत देने के लिए उठाया गया है या फिर जनता की मजबूरी का फायदा उठाने का तरीका है? प्रॉपर्टी कारोबारी जसविंदर सिंह का कहना है कि "सरकार ने भ्रष्टाचार खत्म करने और लोगों को राहत देने के नाम पर इजी रजिस्ट्रेशन पॉलिसी लागू की थी। लेकिन अब 10 हज़ार रुपए का आपात शुल्क लगाकर उन्हीं लोगों की जेब पर बोझ डाला जा रहा है। यह सहूलियत नहीं, मजबूरी का फायदा उठाना है।" जिला कांग्रेस के उपप्रधान दीपक मोदी ने कहा कि "हर किसी के पास इतनी बड़ी रकम तुरंत देने की क्षमता नहीं होती। सरकार को गरीब और मध्यमवर्गीय लोगों के लिए राहत का रास्ता निकालना चाहिए, न कि उन्हें और मुश्किलों में धकेलना चाहिए।"   पंजाब सरकार ने नया आदेश जारी करते हुए सभी सब-रजिस्ट्रार और तहसीलदार कार्यालयों में नोटिस बोर्ड लगाने को कहा है, जिन पर रजिस्ट्री संबंधी जानकारी स्पष्ट रूप से प्रदर्शित की जाएगी। इन नोटिस बोर्डों पर अब नागरिक उप-पंजीयक कार्यालय में स्थापित सुविधा केंद्र से मात्र 550 रुपए शुल्क देकर अपनी रजिस्ट्री लिखवा सकते हैं। इसके लिए सरकार द्वारा नियुक्त वकील और सेवानिवृत्त पटवारी/कानूनगो दस्तावेज़ तैयार करेंगे। दस्तावेज़ लिखने के बाद उन्हें पूर्व-जांच (प्री-स्क्रूटनी) के लिए उप-पंजीयक के पास भेजा जाएगा। इस चरण में किसी स्टाम्प पेपर या सरकारी शुल्क की आवश्यकता नहीं होगी और पक्षकारों को तहसील भी नहीं आना पड़ेगा। पूर्व-जांच एफ.आई.एफ.ओ. (फीफो) सिद्धांत के आधार पर की जाएगी। सही पाए गए मामलों की सूचना संबंधित पक्षकारों को शाम 7 बजे व्हाट्सएप पर भेज दी जाएगी। इसके बाद नागरिक ऑनलाइन शुल्क जमा कर रजिस्ट्री के लिए अप्वाइंटमैंट ले सकते हैं। रजिस्ट्री के दिन सभी पक्षकारों को पहचान पत्र और दस्तावेजों के साथ समय पर उप-पंजीयक कार्यालय पहुंचना अनिवार्य लिखा होगा। पॉलिसी का उद्देश्य और हकीकत इजी रजिस्ट्रेशन पॉलिसी का उद्देश्य तहसीलों और सब-रजिस्ट्रार कार्यालयों में फैले भ्रष्टाचार और बिचौलियों की भूमिका को खत्म करना था। वर्षों से यह शिकायतें मिलती रही थीं कि लोग अपने दस्तावेज़ समय पर तैयार कराने के लिए मजबूरी में अतिरिक्त पैसे खर्च करते हैं। हालांकि सरकार ने तकनीकी व्यवस्था और ऑनलाइन सिस्टम लागू कर इस प्रक्रिया को आधुनिक बनाने की कोशिश की, लेकिन बार-बार होने वाले बदलावों से लोग और अधिक परेशान होते जा रहे हैं। इजी रजिस्ट्रेशन ने उल्टा बढ़ाई उलझनें : एडवोकेट अनूप गौतम वहीं इजी रजिस्ट्रेशन पॉलिसी को लेकर सीनियर एडवोकेट अनूप गौतम ने सरकार पर सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि इस पॉलिसी का उद्देश्य भ्रष्टाचार खत्म करना और जनता को सहूलियत देना था, लेकिन लगातार बदलावों ने प्रक्रिया को आसान बनाने के बजाय और अधिक उलझा दिया है। एडवोकेट गौतम ने कहा कि सरकार को चाहिए कि पॉलिसी में स्थिरता लाई जाए और जनता को राहत देने वाले प्रावधान शामिल किए जाएं। आपात स्थिति में 10,000 रुपए का शुल्क लगाना मजबूर लोगों के साथ अन्याय है और यह उनकी मजबूरी का फायदा उठाने जैसा है। उन्होंने सुझाव दिया कि जिस तरह नागरिक सब-रजिस्ट्रार कार्यालय में बने सुविधा केंद्र से केवल 550 रुपए शुल्क देकर रजिस्ट्री लिखवा सकते हैं, उसी तर्ज पर आपात प्री-स्क्रूटनी के लिए भी शुल्क 1000 से 2000 रुपए के बीच रखा जाना चाहिए, ताकि जनता को सरकार के “रैवेन्यू चाबुक” से राहत मिल सके।

राशन वितरण में पारदर्शिता: हरियाणा सरकार का बड़ा फैसला, अब नहीं होगी हेराफेरी

चंडीगढ़ हरियाणा में सस्ते अनाज की सभी सरकारी दुकानों पर आॅनलाइन सीसीटीवी कैमरे लगाएं जाएंगे। खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने यह फैसला राशन वितरण प्रणाली में गड़बड़ी रोकने को लेकर उठाया है। ताकि डिपो संचालक राशन वितरण के दौरान कोई गड़बड़ी न कर सके। विभाग का सीसीटीवी कैमरे लगाने का मकसद डिपो पर होने वाली हर गतिविधि पर नजर रखना है।प्रदेश में प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत लगभग 30 लाख परिवार पीडीएस योजना का फायदा उठा रहे हैं। वर्तमान में प्रदेश में उचित मूल्य की लगभग 9400 दुकानें हैं, जिन पर स्वचालित पीओएस मशीनों द्वारा लोगों को राशन दिया जा रहा है। इसके साथ ही विभाग को डिपो पर रखे स्टॉक और राशन वितरण की पूरी जानकारी ऑनलाइन मिलेगी। कैमरे की निगरानी में डिपो होल्डर उपभोक्ताओं के साथ किसी तरह की गड़बड़ी नहीं कर पाएंगे। इससे राशन डिपो पर गड़बड़ी की शिकायतों पर लगाम लगेगा और उपभोक्ताओं को सही मात्रा में राशन मिलेगा।   करनाल के जिला खाद्य एवं आपूर्ति अधिकारी अनिल कुमार ने जानकारी दी कि विभाग के मंत्री राजेश नागर के दिशा निर्देशों के अनुसार यह योजना बनाई गई है। कैमरों की फुटेज विभाग के सर्वर में स्टोर होगी। उन्होंने बताया कि इससे उपभोक्ताओं द्वारा डिपो होल्डर के खिलाफ अक्सर दी जाने वाली शिकायतें काफी हद तक खत्म हो जाएगी। सीसीटीवी कैमरों की मदद से विभाग को डिपो पर स्टॉक की स्थिति की वास्तविक जानकारी मिलेगी। इससे न केवल राशन वितरण में पारदर्शिता बढ़ेगी, बल्कि यह भी सुनिश्चित होगा कि किसी भी परिवार को राशन वितरण में कमियां न हों। इस योजना से सार्वजनिक वितरण प्रणाली अधिक भरोसेमंद और गड़बड़ी मुक्त बनेगी।

अम्बिकापुर : गणेश चतुर्थी एवं ईद मिलाद-उन-नबी त्योहार शांतिपूर्ण मनाने एवं सुव्यवस्था सुनिश्चित करने कलेक्टर ने जारी किए दिशा निर्देश

अम्बिकापुर कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी सरगुजा ने आगामी त्यौहारों के मद्देनजर शांति एवं सुव्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। गणेश चतुर्थी से लेकर गणेश विसर्जन तक होने वाले धार्मिक आयोजन तथा दिनांक 5 सितम्बर 2025 को मुस्लिम समुदाय द्वारा मनाए जाने वाले ईद मिलाद-उन-नबी पर्व के दौरान जिले में भीड़-भाड़ की संभावना को देखते हुए यह आदेश लागू किए गए हैं। पंडाल व्यवस्था पर कड़े नियम सड़कों पर पंडाल लगाकर मार्ग अवरुद्ध नहीं किए जाएंगे। विशेष रूप से विद्यालयों, अस्पतालों और आपात सेवा मार्गों पर ध्यान रखा जाएगा। आयोजन समितियों को यातायात, पुलिस एवं नगर निगम से अनापत्ति प्रमाणपत्र लेना अनिवार्य होगा। पंडाल में सीसीटीवी कैमरे, वालंटियर्स की व्यवस्था और डस्टबिन रखना आवश्यक होगा। भंडारा के दौरान प्लास्टिक सामग्री का उपयोग प्रतिबंधित रहेगा। मूर्ति स्थापना एवं पर्यावरण संरक्षण केवल मिट्टी से निर्मित मूर्तियों की स्थापना की अनुमति दी गई है। केमिकल युक्त रंग और प्लास्टर ऑफ पेरिस की मूर्तियों पर रोक लगाई गई है। मुख्य पंडाल के बाहर मूर्ति रखने की अनुमति नहीं होगी। ध्वनि विस्तारक यंत्र का उपयोग सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक ही अनुमति होगी। रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। ध्वनि स्तर 45 से 70 डीबी की सीमा में रखना होगा तथा साउंड लिमिटर का उपयोग अनिवार्य है। अश्लील या धार्मिक उन्माद फैलाने वाले गीतों पर प्रतिबंध रहेगा। मूर्ति विसर्जन के दिशा-निर्देश विसर्जन केवल निर्धारित तिथि, स्थल और मार्ग के अनुसार किया जाएगा। विसर्जन के दौरान सड़कों पर मंच बनाने की अनुमति नहीं होगी। घाटों की सफाई, प्रकाश व्यवस्था, गोताखोर, जेसीबी और क्रेन की व्यवस्था निगम द्वारा की जाएगी। शांति व्यवस्था की जिम्मेदारी जिले के सभी अनुविभागीय दण्डाधिकारी अपने क्षेत्र में शांति समिति की बैठक आयोजित कर इन निर्देशों का पालन सुनिश्चित करेंगे। पुलिस विभाग को पर्याप्त बल तैनात करने के निर्देश दिए गए हैं। कलेक्टर ने नागरिकों से अपील की है कि त्योहारों को सौहार्द्र और शांतिपूर्ण तरीके से मनाएं और प्रशासन को सहयोग दें।

रायपुर: CM विष्णु देव साय ने ओसाका की SAS सानवा कंपनी को छत्तीसगढ़ में निवेश का आमंत्रण दिया

रायपुर : CM साय ने ओसाका की एसएएस सानवा कंपनी लिमिटेड को छत्तीसगढ़ में निवेश के लिए किया आमंत्रित राज्य में अत्याधुनिक खाद्य प्रसंस्करण इकाई और उन्नत इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण सुविधा  होगी स्थापित: कृषि मूल्य शृंखला और रोजगार को मिलेगा नया आयाम रायपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने ओसाका की एसएएस सानवा कंपनी लिमिटेड को छत्तीसगढ़ में निवेश के लिए आमंत्रित कियामुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने ओसाका की एसएएस सानवा कंपनी लिमिटेड को छत्तीसगढ़ में निवेश के लिए आमंत्रित कियामुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने ओसाका की एसएएस सानवा कंपनी लिमिटेड को छत्तीसगढ़ में निवेश के लिए आमंत्रित किया मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने अपने जापान प्रवास के दौरान ओसाका स्थित एसएएस सानवा कंपनी लिमिटेड को राज्य में निवेश के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने कंपनी को छत्तीसगढ़ में अत्याधुनिक खाद्य प्रसंस्करण इकाई तथा उन्नत इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण सुविधा स्थापित करने का प्रस्ताव दिया। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि ये परियोजनाएँ न केवल कृषि मूल्य शृंखलाओं को मज़बूत करेंगी बल्कि उच्च-तकनीकी विनिर्माण को भी प्रोत्साहित करेंगी और राज्य के युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर नए रोजगार अवसर सृजित करेंगी। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार निवेशकों के लिए अनुकूल वातावरण, सुगम प्रक्रिया और प्रत्येक स्तर पर सहयोग सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री श्री साय ने आशा व्यक्त की कि एसएएस सानवा कंपनी लिमिटेड की प्रस्तावित खाद्य प्रसंस्करण इकाई से किसानों को अपनी उपज का बेहतर मूल्य मिलेगा और कृषि आधारित उद्योगों को नई मजबूती प्राप्त होगी। साथ ही, इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण सुविधा राज्य को उच्च-तकनीकी उत्पादन का नया केंद्र बनाएगी और युवाओं को आधुनिक उद्योगों से जुड़ने का अवसर प्रदान करेगी। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने विश्वास जताया कि ये निवेश परियोजनाएँ आने वाले समय में छत्तीसगढ़ को न केवल देश में बल्कि वैश्विक स्तर पर भी उद्योग और निवेश का प्रमुख केंद्र बनाएंगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता जनता की समृद्धि, युवाओं का भविष्य और निवेशकों का विश्वास है, और इसी संकल्प के साथ छत्तीसगढ़ सतत विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

‘मजार को छूकर देख लो…’ धमकी भरा संदेश, CM योगी और विधायक शलभ मणि पर खतरा

देवरिया  उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले से एक गंभीर और सनसनीखेज मामला सामने आया है। देवरिया सदर से विधायक डॉ. शलभ मणि त्रिपाठी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को जान से मारने की धमकी दी गई है। यह धमकी 'एमडी सेराज' नाम की ईमेल आईडी से भेजी गई है। पुलिस को जैसे ही इसकी जानकारी मिली, जांच शुरू कर दी गई है और मामला साइबर सेल को सौंप दिया गया है। धमकी क्यों मिली? मामला देवरिया के गोरखपुर रोड पर बने एक मजार (दरगाह) से जुड़ा है। विधायक शलभ मणि त्रिपाठी ने पहले शिकायत की थी कि यह मजार रेलवे के ओवरब्रिज के पास बनी है और हर साल इसका दायरा अवैध रूप से बढ़ता जा रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि बंजर जमीन और नेशनल हाइवे पर यह मजार कैसे बनी? इसका नक्शा किसने पास किया? क्या रेलवे ब्रिज के नीचे निर्माण की इजाजत दी जा सकती है? इसी मुद्दे को लेकर विधायक जून 2025 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी मिले थे और उन्होंने खुद मजार के विस्तार पर आपत्ति जताई थी। क्या लिखा था धमकी में? 'मजार को छूकर देख लो', 'सदर विधायक को गोली मार देंगे', मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का हाल भी बुरा कर देंगे'। यह धमकी सोशल मीडिया और एक वेबसाइट के कमेंट बॉक्स में पोस्ट की गई थी, जिसके बाद मामला तेजी से वायरल हो गया। पुलिस और साइबर सेल की जांच शुरू देवरिया के एसपी विक्रांत वीर ने बताया कि सोशल मीडिया पर जैसे ही यह धमकी वायरल हुई, पुलिस ने स्वतः संज्ञान लेते हुए जांच शुरू की। कमेंट बॉक्स की जांच हो रही है, IP ऐड्रेस और ईमेल आईडी की ट्रेसिंग के लिए मामला साइबर सेल को सौंप दिया गया है।

SIR विवाद के बीच चुनाव आयोग की सख्ती, मतदाता सूची पर मांगे जवाब

नई दिल्ली  बिहार में मतदाता सूची की विशेष गहन समीक्षा (SIR) को लेकर मचे शोर-शराबे के बीच चुनाव आयोग ने मंगलवार को जनता की अदालत का रुख करते हुए देश के हरेक नागरिक से पांच सवाल पूछे हैं और विशेष पुनरीक्षण कार्य में सहयोग मांगा है। आयोग की तरफ से जारी किए गए इन सवालों का मकसद मतदाता सूची को शुद्ध, पारदर्शी और विश्वसनीय बनाना है, ताकि स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित किए जा सकें। आयोग ने लोगों से कहा है कि अगर वे आयोग के सवालों से सहमत हैं तो इस विशेष पुनरीक्षण कार्य में सहयोग करें। आयोग ने जो पांच अहम सवाल हरेक मतदाता से पूछे हैं, वो इस प्रकार हैं: 1. क्या मतदाता सूची की गहन जाँच होनी चाहिए या नहीं? 2. क्या दिवंगत लोगों के नाम हटाए जाने चाहिए या नहीं? 3. अगर किसी का नाम मतदाता सूची में दो या अधिक स्थानों पर है, तो क्या उसे केवल एक ही स्थान पर रखा जाना चाहिए या नहीं? 4. क्या उन लोगों के नाम हटाए जाने चाहिए जो दूसरी जगह चले गए हैं? 5. क्या विदेशियों के नाम हटाए जाने चाहिए या नहीं? आयोग का साथ देने का आह्वान आयोग ने कहा है कि अगर आपका उत्तर "हाँ" है, तो मतदाता सूची को शुद्ध करने के इस कठिन कार्य में चुनाव आयोग की सफलता में योगदान दें। इस बीच, चुनाव आयोग के अधिकारियों का कहना है कि सूची की शुद्धता सुनिश्चित करने और चुनाव प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए पिछले छह महीने में सभी दलों के साथ संवाद की नयी व्यवस्था के साथ 28 ठोस कदम उठाए गए हैं जिससे बिहार में सूची की सफाई का काम सहज ढंग से चल रहा है। राजनीतिक दलों के साथ 4719 बैठकें आयोग ने पिछले छह महीने से राजनीतिक दलों के साथ उप-मंडल, जिला, प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर पर राजनीतिक दलों के साथ व्यवस्थित बैठक का कार्यक्रम चलाया है। मार्च में सभी राज्यों में उप-मंडल पर मतदाता-पंजीयन अधिकारियों (ईआरओ) से लेकर राज्य स्तर पर मुख्य चुनाव अधिकारियों ने राजनीतिक दलों के साथ 4719 बैठकें आयोजित की । इनमें विभिन्न दलों के कुल 28,000 प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इनमें 40 बैठकें मुख्य चुनाव अधिकारियों ने, 800 जिला निर्वाचन अधिकारियों और 3879 मतदाता पंजीयन ने ली थी। महज 10 दावे और आपत्तियां ही मिलीं आयोग ने यह भी कहा है कि 25 अगस्त की सुबह तक सभी राजनीतिक दलों से प्रारूप नामावली से जुड़े महज 10 दावे और आपत्तियां ही आयोग को प्राप्त हुई हैं। चुनाव आयोग के सूत्रों ने बताया कि सभी 10 दावे और आपत्ति क्षेत्रीय पार्टी कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ़ इंडिया (मार्क्सवादी- लेनिनवादी) के बीएलओ के माध्यम से प्राप्त हुई हैं। आयोग के सूत्रों ने कहा कि आपत्तियों के निष्पादन की प्रक्रिया जारी है। आयोग ने सकी जानकारी सुप्रीम कोर्ट को भी दी है। आयोग ने ये भी कहा है कि बिहार में SIR के तहत मतदाता सूची के संशोधन में लोगों के नाम हटाने और योग्य मतदाताओं के नाम शामिल करने का आवेदन देने के लिए सिर्फ पांच दिन बचे हैं लेकिन राजनीतिक दल आपत्तियां दर्ज कराने में नदारद रहे हैं।