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सिंधु जल समझौता रोकने का डर दिखाकर पाकिस्तान ने बाढ़ की जिम्मेदारी भारत पर डाली

लाहौर  रावी, सतलुज और ब्यास नदियों के जलस्तर में अप्रत्याशित इजाफा होने से पंजाब में बाढ़ आ गई है। राज्य के ज्यादातर जिलों के निचले इलाके डूबे हुए हैं। सैकड़ों गांवों में जलस्तर इतना बढ़ गया है कि दूर तक पानी-पानी ही दिख रहा है। हजारों लोगों को पलायन करना पड़ा है। यही नहीं रावी नदी के बढ़े जलस्तर से सीमा पार यानी पाकिस्तान में भी बाढ़ आ गई है। पाकिस्तानी पंजाब के बड़े शहर लाहौर में भी पानी घुस गया है। इससे बौखलाये पाकिस्तान ने बाढ़ के लिए भी भारत को ही जिम्मेदार ठहराना शुरू कर दिया है। पाकिस्तान का कहना है कि रावी नदी पर भारत में बने माधोपुर हेडवर्क्स में तकनीकी समस्या के चलते यह स्थिति पैदा हुई है। पाकिस्तान का कहना है कि इसी के कारण तेजी से पानी का बहाव इस तरफ आया है। यही नहीं पाकिस्तान का कहना है कि भारत ने इसकी सूचना नहीं दी और हमें तैयारी का भी मौका नहीं मिली। मीडिया रिपोर्ट में पाकिस्तानी अधिकारियों के हवाले से कहा गया कि यह सबसे चिंता की बात है कि भारत ने एक बार जानकारी तक नहीं दी कि ऐसी स्थिति पैदा हो सकती है। पाकिस्तान का कहना है कि सिंधु जल समझौते को रोकने के चलते ऐसे हालात बने हैं वरना ऐसा नहीं होता। पाकिस्तान का कहना है कि रविवार के बाद से अब तीन बार ही भारत से सूचना मिली थी। पहली सूचना यह मिली कि तवी नदी में जलस्तर बढ़ने वाला है। फिर दो बार सतलुज नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी के बारे में बताया गया। लेकिन रावी के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली। द न्यूज लिखता है कि ऐसे हालात बने हैं कि पाकिस्तान का सिंधु जल आयोग भारत से इस बारे में बात भी नहीं कर पा रहा है ताकि समस्या का समाधान किया जा सके। पाकिस्तानी मीडिया का कहना है कि माधोपुर हेडवर्क्स के कम से कम 4 गेट खराब हो गए हैं। इसके कारण बड़ी संख्या में खेती की जमीन डूब गई है। गांवों में भी पानी घुस आया है और लोग पलायन को मजबूर हैं। पाकिस्तान का आरोप है कि कुल 54 फ्लडगेट्स हैं, जिनमें से किसी को भी बीते कई सालों से अपग्रेड नहीं किया गया है। माधोपुर हेडवर्क रावी नदी पर गुरदासपुर जिले में स्थित है। इसी के माध्यम से ऊपरी बारी दोआब नहर में सिंचाई के लिए पानी डाला जाता है। यह नहर पंजाब के गुरदासपुर, अमृतसर, तरन तानर और अन्य इलाकों में सिंचाई की व्यवस्था करती है। पाकिस्तान का कहना है कि लाहौर के पास स्थित शाहदरा में अचानक ही रावी नदी में 2 लाख 20 हजार क्यूसेक पानी आ गया। इसके चलते हालात बिगड़ गए हैं। क्या होता है हेडवर्क, जिसमें खराबी की बात कर रहा पाकिस्तान नदी में डायवर्जन हेडवर्क्स का निर्माण किया जाता है ताकि नहर में आने वाले पानी को नियंत्रित किया जा सके। ये नहर में गाद के प्रवेश को नियंत्रित करते हैं। ये बैराज से थोड़े छोटे होते हैं। हेडवर्क्स एक इंजीनियरिंग का शब्द है, जिसका उपयोग जलमार्ग के शीर्ष या मोड़ बिंदु पर किसी भी संरचना के लिए किया जाता है। इसका उपयोग नदी के पानी को नहर में या बड़ी नहर के पानी को छोटी नहर में मोड़ने के लिए किया जाता है।  

सड़क पर लगे ‘इस्लाम जिंदाबाद’ बैनर से हंगामा, इंदौर में बढ़ा विवाद

इंदौर   इंदौर का एक वीडियो वायरल हो रहा है। शहर के मुस्लिम कॉलोनी में बीच सड़क पर इस्लाम जिंदाबाद के बैनर लगे हुए हैं। इसका वीडियो सामने आते ही हड़कंप मच गया है। इसके बाद विश्व हिंदू परिषद ने विरोध जताया है। विरोध के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने बैनर को हटवा दिया है। साथ ही मामले की जांच की जा रही है कि इसे किसने लगवाया था। बैनर पर लिखा था इस्लाम जिंदाबाद इंदौर के मुस्लिम बहुल इलाके में कुछ बैनर लगाए गए थे। इन बैनरों पर 'इस्लाम जिंदाबाद' लिखा हुआ था। वीएचपी के कुछ नेताओं ने इस पर आपत्ति जताई। उन्होंने पुलिस से इसकी शिकायत की। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की। थाने पहुंचकर दी शिकायत वीएचपी नेता तन्नू शर्मा मल्हारगंज थाने पहुंचे। उन्होंने एसीपी विवेक सिंह से मुलाकात की। उन्होंने बैनर को लेकर अपनी आपत्ति दर्ज कराई। शर्मा ने कहा कि ऐसे बैनर धार्मिक भावनाओं को भड़का सकते हैं। उनका कहना था कि यह एकतरफा प्रचार करने का तरीका है। उन्होंने पुलिस से इस पर कार्रवाई करने की मांग की। विवादित बैनर जिंसी चौराहे पर लगाए गए थे, जिसकी जानकारी मिलते ही हिंदूवादी नेता तन्नू शर्मा मल्हारगंज पहुंचे और एसीपी विवेक सिंह से मुलाकात कर आपत्ति दर्ज कराई। शर्मा ने बताया कि यह बैनर धार्मिक भावनाएं भड़काने और एकतरफा प्रचार के उद्देश्य से लगाए गए हैं। शिकायत के बाद मल्हारगंज थाना क्षेत्र की पुलिस टीम मौके पर पहुंची और विवाद को देखते हुए बैनर तत्काल हटा दिए गए। पुलिस का कहना है कि इलाके में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए कार्रवाई की गई है और मामले की जांच की जा रही है। पुलिस ने बैनर को तुरंत हटा दिया वहीं, पुलिस ने मामले की गंभीरता को समझते हुए तुरंत कार्रवाई की है। मौके पर पहुंची पुलिस ने तुरंत बैनर को हटा दिया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है कि आखिर सड़क पर यह बैनर किसने लगाए थे। साथ ही उनका मकसद क्या था। लोगों से अपील की है कि अफवाहों पर ध्यान नहीं दें। आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

सीएम हेमंत सोरेन का बड़ा फैसला: मृत कर्मियों के परिजनों को मिली आर्थिक सहायता

रांची झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अलग-अलग दुर्घटनाओं में जान गंवाने वाले तीन सरकारी कर्मचारियों के परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये के चेक सौंपे। एक आधिकारिक बयान के अनुसार, गुमला के कांस्टेबल अजीत कुमार, सरायकेला के कांस्टेबल अनिल कुमार और राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित शिक्षक सुशील कुमार मरांडी अलग-अलग दुर्घटनाओं में मारे गए थे। मृतकों के परिवारों को राज्य विधानसभा में एक विशेष बीमा योजना के तहत यह राशि प्रदान की गई। सोरेन ने चेक सौंपने के बाद ‘एक्स' पर लिखा, “हमारी सरकार राज्य में कार्यरत उन कर्मचारियों के परिवारों के साथ हमेशा खड़ी है, जिनकी सेवा के दौरान किसी दुर्घटना में मृत्यु हो गई। मृतक कर्मचारियों के परिवारों को उनके अधिकार और हक सम्मान के साथ दिलाने के प्रयास किए जा रहे हैं।” मौके पर दिवंगत कर्मियों के परिजनों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के प्रति आभार व्यक्त किया। आश्रितों ने कहा कि राज्य सरकार के कार्य सराहनीय हैं। मुख्यमंत्री को आज सभी आश्रित परिजन धन्यवाद देते हैं। राज्य सरकार के प्रयास से स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की विशेष बीमा कवरेज योजना के तहत सभी आश्रित परिजनों को एक-एक करोड़ रुपए का आकस्मिक लाभ मिला है।. इस राशि से परिवार का भरण-पोषण एवं बच्चों की पढ़ाई में काफी मदद मिलेगी।  

ब्रॉन्को टेस्ट पर विवाद, पूर्व खिलाड़ी बोले- रोहित शर्मा को बाहर करने की साजिश

नई दिल्ली पूर्व क्रिकेटर मनोज तिवारी ने विस्फोटक दावा करते हुए कहा है कि कोई है जो रोहित शर्मा को पसंद नहीं करता। वह नहीं चाहता कि हिटमैन वनडे टीम का हिस्सा हों। उन्हें टीम से बाहर करने के लिए ही भारतीय क्रिकेट में नए ब्रोन्को टेस्ट को लाया गया है। आम तौर पर रग्बी खिलाड़ियों को इस टेस्ट से गुजरना पड़ता है लेकिन टीम इंडिया के स्ट्रेंथ ऐंड कंडिशनिंग कोच एड्रिय ले रॉक्स की देखरेख में इसे भारतीय टीम के लिए एक अतिरिक्त लेयर के तौर पर लाया गया है। अब टीम में शामिल होने के लिए खिलाड़ियों को यो-यो टेस्ट, 2 किलोमीटर की दौड़ और ब्रोन्को टेस्ट तीनों को क्लियर करना पड़ेगा। क्रिकट्रैकर से बातचीत में तिवारी ने दावा किया कि ब्रोन्को टेस्ट लाने की टाइमिंग और इस फिटनेस टेस्ट के पीछे की मंशा से कई गंभीर सवाल उठ रहे हैं। खासकर तब जब भारतीय टीम 2027 वर्ल्ड कप से पहले संक्रमण के दौर से गुजर रही है। मनोज तिवारी ने कहा, ‘मुझे लगता है कि विराट कोहली को 2027 वर्ल्ड कप की योजना से बाहर रखना बहुत मुश्किल होगा। लेकिन मुझे संदेह है कि वे रोहित शर्मा को लेकर कुछ सोच रहे हैं।’ तिवारी ने कहा कहा, 'देखिए, भारतीय क्रिकेट में क्या कुछ हो रहा है, उसे मैं बहुत ही बारीकी से देखता हूं। और मुझे विश्वास है कि यह ब्रोन्को टेस्ट जिसे कुछ दिन पहले ही इंट्रोड्यूस किया गया है, मुझे लगता है कि यह रोहित शर्मा जैसे खिलाड़ियों के लिए है। मुझे लगता है कि कोई है जो नहीं चाहता कि वह भविष्य में टीम का हिस्सा रहे। और इसीलिए इसे इंट्रोड्यूस किया गया है।' बोन्को टेस्ट की टाइमिंग पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा, 'सवाल है कि अभी क्यों? तब क्यों नहीं जब नए हेड कोच आए और पहली सीरीज की जिम्मेदारी संभाले? ये किसका आइडिया है? किसने इंट्रोड्यूस किया? किसने कुछ दिन पहले इस ब्रोन्को टेस्ट को लागू किया? ये वो सवाल हैं जिसका मुझे उत्तर नहीं मिल रहा लेकिन ऑब्जर्वेशन कहता है कि रोहित शर्मा के लिए मुश्किल होने वाली है क्योंकि वह अपनी फिटनेस को लेकर बहुत ज्यादा मेहनत नहीं करते। और मुझे लगता है कि ब्रोन्को टेस्ट के जरिए उन्हें रोक दिया जाएगा।'  

राजनीतिक हलकों में चर्चाएं तेज़, वसुंधरा ने ‘वनवास’ को जोड़ा जीवन से

 धौलपुर राजस्थान की राजनीति में एक बार फिर पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सुर्खियों में हैं। धौलपुर में रामकथा के दौरान उन्होंने धार्मिक अंदाज में संबोधित करते हुए कहा कि वनवास केवल भगवान राम के जीवन का हिस्सा नहीं है, बल्कि हर इंसान के जीवन का भी हिस्सा है। राजे ने कहा कि जीवन में चाहे सुख हो या दुख, कुछ भी स्थायी नहीं होता। जिस तरह वनवास आता है, उसी तरह चला भी जाता है, इसलिए धैर्य और विश्वास के साथ हर परिस्थिति का सामना करना चाहिए।  राजे गुरुवार को धौलपुर शहर की परशुराम धर्मशाला में कई दिनों से चल रही राम कथा सुनने के लिए आई थीं। इसी कथा के मध्य में उन्होंने उपस्थित जनसमूह को संबोधित भी किया। अपने संबोधन में राजे ने धौलपुर को अपना परिवार तथा अपने आप को इस परिवार की बहू बताया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक परिवार में बहू, बेटी, मां, सास आज सभी की अपनी अपनी भूमिका एवं कर्तव्य होते हैं और सभी को इस प्रकार निर्वहन करना होता है। उन्होंने भगवान राम की सीख का उल्लेख करते हुए कहा कि रामराज्य का मूल मंत्र है- सभी जाति, धर्म और वर्ग के लोग मिलकर साथ रहें। परिवार और समाज को एकजुट करके आगे बढ़ाना ही रामराज्य की भावना है। राजे ने यह भी कहा कि डर तभी लगता है जब इंसान जान-बूझकर गलत करता है। यदि जीवन में धर्म और वेद विज्ञान को अपनाया जाए तो भय समाप्त हो जाता है। हालांकि वसुंधरा राजे ने यह बयान धार्मिक कथा के संदर्भ में दिया था लेकिन उनके इस भाषण के सियासी मायने भी निकाले जा रहे हैं। राजनीतिक जानकार मानते हैं कि मौजूदा हालात में लंबे समय से राजस्थान की राजनीति में सक्रिय रहते हुए वसुंधरा पार्टी और प्रदेश संगठन के भीतर उतार-चढ़ाव का सामना करती रही हैं। ऐसे में उनके वनवास वाले कथन को राजनीतिक वनवास से भी जोड़ा जा रहा है। राजे का यह धार्मिक बयान धार्मिक मंच से उठकर राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है।

जिले में उर्वरक वितरण होगा हाई-टेक, निजी विक्रेताओं को मिली L1 Pos मशीनें

एमसीबी जिले के निजी उर्वरक विक्रेताओं को अब उर्वरक वितरण में पारदर्शिता और सुविधा सुनिश्चित करने के लिए नई पीढ़ी की L1 Pos मशीनें प्रदान की गई हैं। गुरुवार को कार्यालय उप संचालक कृषि मनेन्द्रगढ़ के सभा कक्ष में आयोजित कार्यक्रम में इन मशीनों का वितरण किया गया। इस अवसर पर उप संचालक कृषि इन्द्रासन पैकरा ने बताया कि 15 अगस्त 2025 से पूर्व प्रदाय Lo Pos मशीनें निष्क्रिय हो चुकी थीं, जिसके बाद आधुनिक तकनीक से युक्त  L1 Pos  मशीनों की व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि नई मशीन से किसानों को उर्वरक प्राप्त करने में आसानी होगी, वहीं विक्रेताओं को स्टॉक और बिक्री संबंधी अद्यतन जानकारी रखने में भी सुविधा मिलेगी। कार्यक्रम में निजी उर्वरक विक्रेताओं सहित  IPL कंपनी के प्रतिनिधि, सहायक संचालक कृषि जयंत कुमार पैकरा और शाखा प्रभारी दीपक कुमार साहू भी उपस्थित रहे। उप संचालक कृषि ने आशा व्यक्त की कि इस तकनीकी पहल से जिले में उर्वरक वितरण व्यवस्था और अधिक पारदर्शी व व्यवस्थित होगी।

कलेक्टर से विवाद पर पार्टी की नाराज़गी, विधायक नरेंद्र कुशवाह को BJP ने लगाई फटकार

भोपाल  भिंड कलेक्‍टर से अभद्रता व हाथापाई की कोशिश मामले के सामने आने के बाद भाजपा विधायक नरेंद्र कुशवाह की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। संगठन ने उन्‍हें भोपाल बुलाकर कड़े शब्‍दों में चेतावनी दी है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया है। अब पार्टी ने अपनी साख बचाने के लिए अपने बेलगाम विधायक को समझाइश देकर डेमेज कंट्रोल की शुरुआत की है। इस क्रम में भाजपा प्रदेश अध्‍यक्ष हेमंत खंडेलवाल, प्रदेश प्रभारी डॉ. महेंद्र सिंह और संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा ने नरेंद्र कुशवाह से चर्चा की। विधायक ने संगठन महामंत्री से की मुलाकात भोपाल में कुशवाह ने प्रदेश अध्यक्ष व विधायक हेमंत खंडेलवाल, प्रदेश प्रभारी डॉ. महेंद्र सिंह और संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा से मुलाकात की। इस दौरान संगठन ने उनके व्यवहार को गंभीर मानते हुए साफ चेतावनी दी कि 'आपका आचरण पार्टी लाइन के खिलाफ है, इसे किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। भविष्य में इस तरह की घटना स्वीकार्य नहीं होगी।' अन्य जिलों के विवाद बड़वानी– प्रभारी मंत्री गौतम टेटवाल ने कलेक्टर काजल जावला को हटाने की मांग मुख्यमंत्री से की। भोपाल- सांसद आलोक शर्मा ने निगम आयुक्त हरेंद्र नारायण पर फोन न उठाने का आरोप लगाकर बैठक छोड़ दी थी। डिंडोरी- विधायक ओमप्रकाश धुर्वे ने कलेक्टर नेहा मारव्या पर अभद्रता और योजनाएं बिगाड़ने के आरोप लगाए। मंडला– विधायक नारायण सिंह पट्टा ने प्रशिक्षु IAS आकिब खान पर घर में घुसकर उनकी मां को धक्का देने का आरोप लगाया। रायसेन– राज्य मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने अवैध शराब बिक्री पर कार्रवाई न करने को लेकर कलेक्टर अरुण विश्वकर्मा को घेरा। ग्वालियर- पूर्व मंत्री गोपाल भार्गव ने आबकारी अधिकारी राकेश कुर्मी को कांग्रेस समर्थक बताकर मुख्यमंत्री से हटाने की मांग की। सेवानिवृत्त अपर मुख्य सचिव केके सिंह का कहना है – 'विवाद की स्थिति आनी ही नहीं चाहिए। चाहे जनप्रतिनिधि हों या प्रशासनिक अधिकारी, सभी को संयमित रहना चाहिए। पहले अधिकारी और नेता बहुत शालीनता से रहते थे, लेकिन अब माहौल बिगड़ता जा रहा है।'

विधानसभा भवन को मिलेगा नया गौरव, स्थापित होगी डॉ. भीमराव अंबेडकर की विशाल प्रतिमा

रायपुर नवा रायपुर अटल नगर स्थित नवनिर्मित छत्तीसगढ़ विधानसभा भवन परिसर में भारतीय संविधान के शिल्पकार, भारत रत्न बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की 25 फीट से ऊंची भव्य प्रतिमा स्थापित की जाएगी. छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने इसके लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को पत्र लिखकर नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही की अनुशंसा की है. विधानसभा अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री से लोक निर्माण विभाग और संबंधित अधिकारियों को इस संबंध में जल्द आवश्यक निर्देश जारी करने का भी आग्रह किया है. उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य ने अपने गठन के 25 वर्षों की यात्रा में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं. संविधान में निहित स्वतंत्रता, समता, न्याय और बंधुत्व के सिद्धांतों से प्रेरित होकर यह राज्य समावेशी विकास की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रहा है. उन्होंने कहा कि नवनिर्मित विधानसभा परिसर में प्रस्तावित डॉ. अंबेडकर की यह भव्य प्रतिमा न केवल संविधान निर्माता को यथोचित सम्मान अर्पित करेगी, बल्कि भावी पीढ़ियों के लिए सामाजिक समता, न्याय और लोकतांत्रिक मूल्यों की प्रेरणा का प्रतीक भी बनेगी. उल्लेखनीय है कि बाबा साहेब डॉ. अंबेडकर 12 दिसंबर 1945 को रायपुर आए थे और वर्तमान माधवराव सप्रे शाला परिसर (तात्कालीन लॉरी स्कूल) में ऐतिहासिक जनसभा को संबोधित किया था. इस यात्रा ने छत्तीसगढ़ की धरती को उनके विचारों और व्यक्तित्व से सशक्त बनाया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस और छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव के अवसर पर नवा रायपुर में नवनिर्मित विधानसभा भवन का लोकार्पण करेंगे. यह पहल डॉ. अंबेडकर वेलफेयर सोसाइटी (ए.डब्ल्यू.एस.) की ओर से की गई है. सोसाइटी के चेयरमैन दिलीप वासनीकर एवं प्रतिनिधिमंडल ने विधानसभा अध्यक्ष से विगत दिनों मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा था. उन्होंने राज्य स्थापना के रजत महोत्सव वर्ष में यह प्रतिमा स्थापित करने का निवेदन करते हुए इसे सामाजिक समता और लोकतांत्रिक मूल्यों के संवर्द्धन की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया.

एकलव्य छात्रावास में गणेश उत्सव का भव्य आयोजन

एमसीबी/मनेन्द्रगढ़ एकलव्य वनवासी बालक छात्रावास, चैनपुर में इस वर्ष गणेश उत्सव का भव्य आयोजन श्रद्धा और उल्लास के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम में जिला अध्यक्ष गणेश अग्रवाल, छात्रावास अध्यक्ष जगदंबा अग्रवाल, सचिव प्रभात वर्मा, जिला उपाध्यक्ष आर. डी. दीवान, नगर सचिव रितेश श्रीवास्तव, छात्रावास के भैया जोग सिंह, संदीप सिंह, पीयूष सिंह, दीपक सिंह तथा जिला संगठन मंत्री हरभजन सिंह मुख्य रूप से उपस्थित रहे। धार्मिक आयोजन के बीच विनोद शुक्ला ने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि सनातन धर्म से जुड़ाव और संस्कार ही जीवन की वास्तविक धरोहर हैं। उन्होंने भगवान श्री गणेश जी के जीवन चरित्र एवं उनकी स्थापना के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बच्चों को सनातन धर्म की परंपराओं से अवगत कराया। गणेश प्रतिमा की स्थापना 27 अगस्त को की गई थी, जिसके उपरांत कल 31 अगस्त, रविवार को दोपहर 2 बजे से भजन संध्या एवं भंडारे का आयोजन हुआ। इसमें नगरवासियों और श्रद्धालुओं को आमंत्रित किया गया है.

कौन हैं दानिश मालेवार? जिनकी पारी से दलीप ट्रॉफी में बना रिकॉर्ड

नई दिल्ली दलीप ट्रॉफी में 21 साल के दानिश मालेवार ने दोहरा शतक जड़ इतिहास रच दिया है। वह इस टूर्नामेंट में विदर्भ के लिए ऐसा कारनामा करने वाले पहले खिलाड़ी बने हैं। दानिश ने अपना यह दोहरा शतक दलीप ट्रॉफी के डेब्यू मैच में जड़ा। नोर्थ जोन रिटायर आउट होने से पहले सेंट्रल जोन के दानिश ने 203 रनों की शानदार पारी खेली। इन 203 रनों के साथ उन्होंने फर्स्ट क्लास क्रिकेट में भी 1000 रन का आंकड़ा भी छूआ। उन्होंने यह कमाल मात्र 16 पारियों में किया। फर्स्ट क्लास क्रिकेट में सबसे तेज 1000 रन बनाने का रिकॉर्ड यशस्वी जायसवाल, रूसी मोदी और अमोल मजूमदार के नाम है जिन्होंने यह कारनामा मात्र 13-13 पारियों में किया था। कौन है दानिश मालेवार? 2024 के अंत में फर्स्ट क्लास में डेब्यू करने के बाद से मालेवार तेजी से उभर रहे हैं। उन्होंने अपने पहले रणजी सीजन में 783 रन बनाए, जिसमें केरल के खिलाफ फाइनल में खेली गई 153 ​​रनों की महत्वपूर्ण पारी भी शामिल है, जिसने विदर्भ को अपना तीसरा रणजी ट्रॉफी खिताब दिलाया। वह उस सीज़न में यश राठौड़ और करुण नायर के बाद विदर्भ के लिए तीसरे सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी थे। अब, वह दलीप ट्रॉफी के इतिहास में विदर्भ के पहले शतकवीर भी बन गए हैं। 2024 के रणजी ट्रॉफी नॉकआउट चरणों में उनका शानदार प्रदर्शन देखने को मिला। मालेवार ने सेमीफाइनल में मुंबई के खिलाफ 79 रनों की जुझारू पारी खेली और फिर केरल के खिलाफ फाइनल मुकाबले में भी शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने 52.20 की औसत से सीजन खत्म किया और सीजन के पांचवें सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी रहे। तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करने वाले दानिश की तुलना अभी से राहुल द्रविड़ और चेतेश्वर पुजारा जैसे खिलाड़ियों से हो रही है। नागपुर में जन्मा यह खिलाड़ी भी द्रविड़ और पुजारा की तरह शांत स्वभाव का है, मगर गेंदबाजों को आड़े हाथ लेता है। केवल 10 फर्स्ट क्लास मैचों में, उन्होंने पांच बार पचास से ज्यादा का स्कोर बनाया है, कई स्कोर को शतकों में बदला है उनका औसत फिलहाल 65 के पार का है।। हालाँकि, इस युवा खिलाड़ी के लिए राह आसान नहीं रही है, क्योंकि वह एक निम्न-मध्यम वर्गीय परिवार से आते हैं।