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जापान-दक्षिण कोरिया यात्रा से लौटे CM साय, निवेश को लेकर जताई उम्मीदें

एयरपोर्ट पर हुआ भव्य स्वागत, कर्मा-पंथी नृत्यों से सराबोर रहा एयरपोर्ट परिसर  रायपुर, अपनी आठ दिन के जापान और दक्षिण कोरिया के विदेश दौरे के बाद आज मुख्यमंत्री विष्णु देव साय वापस रायपुर लौटे हैं।  साय के वापस लौटने पर आज एयरपोर्ट पर उनका भव्य स्वागत किया गया। छत्तीसगढ़ के पारंपरिक कर्मा और पंथी नृत्यों से पूरा एयरपोर्ट परिसर लगभग एक घंटे तक सराबोर रहा। लोगों की बड़ी संख्या में मौजूदगी ने मुख्यमंत्री साय की लोकप्रियता और उनके विदेश दौरे की सफलता को स्वयं ही बयां कर दिया। मुख्यमंत्री का पुष्प गुच्छों से लेकर गजमाला तक से स्वागत किया गया। एयरपोर्ट के निकास द्वार से मीडिया गैलेरी तक लगभग 100 मीटर की दूरी तय करने में श्री साय को लगभग 15 मिनट लगे। इस दौरान लोगों ने पुष्प वर्षा से भी श्री साय का स्वागत किया। बाद में मुख्यमंत्री ने उपस्थित जनसमुदाय को सम्बोधित किया और इस भव्य स्वागत के लिए सभी का आभार जताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि जापान और दक्षिण कोरिया दोनों ही देशों में बड़ा भारतीय समुदाय बसा हुआ है और हमारे छत्तीसगढ़ के लोग भी वहां पर व्यापारिक कार्यों में लगे हुए हैं। उनसे मिलकर मुझे बहुत अच्छा महसूस हुआ और यह लगा ही नहीं कि हम परदेश में हैं। उन्होंने कहा कि हमारे उद्यमी, हमारे कारोबारी पूरी दुनिया में फैले हुए हैं और भारत भूमि का नाम हर तरफ रोशन कर रहे हैं। इस दौरे से छत्तीसगढ़ में विदेशी निवेश और विकास के रास्ते खुलेंगे – मीडिया से बात करते हुए मुख्यमंत्री साय ने कहा कि उनकी जापान और दक्षिण कोरिया की यात्रा सफल रही है। इस यात्रा से छत्तीसगढ़ में विदेशी निवेश और औद्योगिक विकास के रास्ते खुलेंगे। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की जापान यात्रा के दौरान यह तय हुआ है कि भारत में जापान 6 लाख करोड़ रूपए का निवेश करेगा और 10 साल का आर्थिक रोड मैप तैयार किया गया है। इसका बड़ा हिस्सा छत्तीसगढ़ को भी मिलेगा। भारत और जापार के बीच हुए समझौतों से प्रदेश में एआई, सेमीकंडक्टर और रक्षा क्षेत्रों में निवेश की संभावनाएं बढ़ने से रोजगार के बडे़े अवसर छत्तीसगढ़ के युवाओं को मिलेंगे। जापान और कोरिया से एआई, सेमीकंडक्टर, टेक्सटाइल, खाद्य प्रसंस्करण जैसे क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर निवेश की सहमति – मुख्यमंत्री ने बताया कि इस यात्रा के दौरान जापान और कोरिया दोनों ही देशों से छत्तीसगढ़ में निवेश के संबंध में चर्चा की गई और एआई, सेमीकंडक्टर, टेक्सटाइल, खाद्य प्रसंस्करण जैसे क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर निवेश की सहमति बनी है। इसके साथ ही कई औद्योगिक संस्थानों से छत्तीसगढ़ में निवेश प्रस्ताव भी मिले हैं। इन निवेश प्रस्तावों से बड़ी संख्या में हमारे युवाओं को रोजगार मिलेगा। उन्होंने बताया कि इस दौरे पर जापान और दक्षिण कोरिया के व्यापार संगठन के प्रतिनिधियों से भी चर्चा की गई। दोनों ही देशों के प्रतिनिधियों ने व्यापार बढ़ाने को लेकर और निवेश बढ़ाने को लेकर सकारात्मक रुख दिखाया। मुख्यमंत्री ने बताया कि दोनों ही देशों के व्यापार संगठनों को छत्तीसगढ़ की नई औद्योगिक नीति के बारे में बताया और इसके अनुदान प्रावधानों से उन्हें अवगत कराया गया। एआई और सेमीकंडक्टर में निवेश के लिए बढ़िया अधोसंरचना की उपलब्धता से भी दोनों देशों के व्यापार संगठनों को अवगत कराया गया है। उन्हें बताया गया कि भारत का पहला डाटा सेंटर पार्क छत्तीसगढ़ में है। सेमीकंडक्टर के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ में तेजी से निवेश हो रहा है और इसके लिए आर्थिक अनुदान भी दिया जा रहा है। ओसाका वर्ल्ड एक्सपो में जापानी भाषा में दी गई छत्तीसगढ़ में औद्योगिक संभावनाओं की जानकारी –  मुख्यमंत्री ने बताया कि जापान के ओसाका शहर में वर्ल्ड एक्सपो में हमारे राज्य ने अपना पवेलियन बनाया था। इस पवेलियन में हर दिन 30 हजार से अधिक लोग पहुंचे। श्री साय ने बताया कि इस एक्सपो में छत्तीसगढ़ की औद्योगिक स्थिति के बारे में, निवेश की संभावनाओं के बारे में तथा संस्कृति के बारे में लोगों ने विस्तार से जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने गर्व से बताया कि ओसाका एक्सपो में छत्तीसगढ़ एकमात्र ऐसा राज्य रहा, जिसने अपनी पूरी जानकारी जापानी भाषा में दी, जिससे हमें अपनी बातों को जापानी निवेशकों तक समझाने में पूरी तरह से सफलता मिली। पहली बार दक्षिण कोरिया पहुंचा छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधि मंडल – मुख्यमंत्री साय ने खुशी जाहिर करते हुए बताया कि पहली बार दक्षिण कोरिया में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधि मंडल गया। कोरिया में भी छत्तीसगढ़ के बारे में पूरी बातें कोरियन भाषा में कही। इससे निवेशकों से कनेक्ट करने में मदद मिली। श्री साय ने बताया कि दक्षिण कोरिया में आईसीसीके के साथएमओयू हुआ। आईसीसीके छत्तीसगढ़ के नॉलेज पार्टनर बनेंगे। इससे राज्य की नई औद्योगिक नीति के तहत आने वाले उद्योगों के लिए स्किल मैन पावर उपलब्ध कराने में बड़ी मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ के विकास के लिए जापान और दक्षिण कोरिया की यात्रा से हमने यह साबित किया है कि हम केवल देश भर के बड़े निवेश केंद्रों तक ही नहीं सीमित रहेंगे। हम पूरी दुनिया में जाएंगे और छत्तीसगढ़ के उत्पादों के लिए जगह बनाएंगे साथ ही छत्तीसगढ़ में निवेश को लेकर आएंगे।

डॉ. संजय कुमार निषाद बोले- हर मछुआरे तक पहुँचे दुर्घटना बीमा योजना का लाभ

मत्स्य पालकों को किसान क्रेडिट कार्ड से आच्छादित करने हेतु  बैंकों से संपर्क कर आवश्यक कार्यवाही करायी जाए –  डॉ संजय कुमार निषाद  डॉ. संजय कुमार निषाद बोले- हर मछुआरे तक पहुँचे दुर्घटना बीमा योजना का लाभ  मछुआ दुर्घटना बीमा योजना का व्यापक प्रचार प्रसार किया जाए –  डॉ संजय कुमार निषाद  लखनऊ   उत्तर प्रदेश के मत्स्य विकास विभाग के कैबिनेट मंत्री डॉ० संजय कुमार निषाद ने विभागीय अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा है मत्स्य पालकों को किसान क्रेडिट कार्ड से आच्छादित करने हेतु बैंकों को प्रेषित प्रस्ताव के सापेक्ष बैंकों से संपर्क कर उनके स्वीकृति की कार्यवाही करायी जाए। साथ ही मछुआ दुर्घटना बीमा योजना का व्यापक प्रचार प्रसार किया जाए एवं इससे मत्स्य पालकों/मछुआरों को लाभान्वित कराया जाए।    मत्स्य विकास मंत्री डॉ० संजय कुमार निषाद ने आज यहां विधान भवन स्थित अपने कार्यालय कक्ष में मत्स्य विभाग द्वारा संचालित कार्यक्रमों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए। उन्होंने  कहा कि प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना अंतर्गत भारत सरकार द्वारा वर्ष 20025-26 में जारी वित्तीय स्वीकृत के सापेक्ष शत प्रातश्त व्यय कराते हुए उपभोग प्रमाण पत्र भारत सरकार को प्रेषित करते हुए अगली किश्त की वित्तीय स्वीकृति जारी कराया जाय, ताकि चयनित परियोजनाएं यथा समय पूर्ण हों। उन्होंने निर्देश दिए कि राज्य सेक्टर की योजनाओ के अंतर्गत प्राविधानित बजट धनराशि के सापेक्ष अतिशीघ्र लाभार्थी चयन की कार्यवाही पूर्ण कराते हुए धनराशि का व्यय सुनिश्चित किया जाए। डॉ निषाद ने  कहा कि मत्स्य पालकों के प्रशिक्षण एवं एक्सपोजर विज़िट कार्यक्रम संचालित उत्तर प्रदेश मत्स्य पालक कल्याण कोष एवं एन.एफ.डी. बी. के माध्यम से कराया जाए ताकि उन्हे नई तकनीकी की जानकारी प्राप्त हो। बैठक में मंत्री जी द्वारा विभाग में संचालित केंद्र पुरोनिधानित प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना एवं राज्य सेक्टर की योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई।  बैठक में महानिदेशक मत्स्य एवं निदेशक मत्स्य द्वारा मा. मंत्री जी को बैठक में दिए गए निर्देश के क्रम में ससमय कार्यवाही किए जाने हेतु आश्वस्त किया गया। समीक्षा बैठक  में श्री राजेश प्रकाश, महानिदेशक मत्स्य, श्री एन.एस. रहमानी, निदेशक मत्स्य, श्री पुनीत कुमार उप निदेशक मत्स्य, श्रीमती मोनिशा सिंह उप निदेशक मत्स्य, श्री एजाज अहमद उप निदेशक मत्स्य, सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

प्रदेश में कुल एटीएस की कुल संख्या हुई 14 ,वाहनों की सुरक्षा और प्रदूषण मानकों की होगी जांच

प्रदेश को 4 नए आटोमेटिक टेस्ट स्टेशन की सौगात प्रदेश में कुल एटीएस की कुल संख्या हुई 14 ,वाहनों की सुरक्षा और प्रदूषण मानकों की होगी जांच ऑटोमेटिक टेस्ट स्टेशन (एटीएस) के जरिये और पारदर्शी होगी प्रक्रिया योगी सरकार द्वारा किया जा रहा एटीएस का विस्तार , लखनऊ, आगरा, कानपुर नगर व मीरजापुर में नए एटीएस लखनऊ  योगी सरकार द्वारा सड़क सुरक्षा, पारदर्शिता और प्रदूषण नियंत्रण को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से स्वचालित परीक्षण स्टेशन (Automatic Testing Stations—ATS) नेटवर्क का त्वरित विस्तार किया जा रहा है। निर्धारित प्रक्रिया और मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) के अनुरूप 04 नए एटीएस को Final Registration Certificate (RC) निर्गत किए गए, जिससे प्रदेश में कार्यरत एटीएस की कुल संख्या 14 हो गई है। वर्तमान चरण में RC निर्गमन का यह सिलसिला जनवरी 2025 से चरणबद्ध रूप से चल रहा है। नियमानुसार समस्त आरसी रजिस्ट्रीकरण प्राधिकारी/परिवहन आयुक्त द्वारा ही निर्गत किए गए हैं। आरसी प्राप्त 04 नए एटीएस (RC दिनांक 26-08-2025), प्रदेश में संख्या हुई 14  1. AKRS ATS Private Limited, लखनऊ 2. Sharp-N-India (Consortium) with Triplea Tech Integrator, आगरा 3. M/s Air Sales Corporation, कानपुर नगर 4. M/s Mamta Hygiene Products Pvt. Ltd., मीरजापुर इन नई स्वीकृतियों के साथ प्रदेश में अब फिरोजाबाद, बिजनौर, झांसी, मुरादाबाद, कानपुर देहात, वाराणसी, बरेली, मुरादाबाद (द्वितीय), फतेहपुर, रामपुर, लखनऊ, आगरा, कानपुर नगर और मीरजापुर में कुल 14 एटीएस कार्यरत हैं। नीति/प्रक्रिया सम्बंधी प्रमुख बिंदु (SOP के अनुरूप) जनपद-वार सीमा: किसी भी जनपद में अधिकतम 03 ATS स्थापित किए जा सकते हैं। First Come, First Serve के सिद्धांत पर पात्र आवेदनों को प्राथमिकता दी जाती है। आवेदक-वार सीमा: एक ही आवेदक/संस्था को एक जनपद में एक तथा पूरे प्रदेश में अधिकतम 03 एटीएस अनुमन्य हैं। भूमि/इन्फ्रास्ट्रक्चर मानक: न्यूनतम 2 एकड़ भूमि (प्रारंभिक 2-लेन हेतु); अतिरिक्त प्रत्येक टेस्ट-लेन पर 0.5 एकड़ अतिरिक्त भूमि। कम-से-कम 02 लेन—एक हल्के (LMV/दोपहिया) और एक मध्यम/भारी (MMV/HMV) वाहनों के लिए। वित्तीय/दस्तावेजी शर्तें: 50,000 रुपये ऑनलाइन आवेदन शुल्क। 5,00,000  रुपये की बैंक गारंटी (वैधता 10 वर्ष 6 माह), वैध भूमि/लीज़ दस्तावेज, अग्निशमन (NOC), श्रम विभाग प्रमाणपत्र, आवश्यक कंपनी/एफ़िडेविट/डिक्लेरेशन इत्यादि। ऑडिट व इंटीग्रेशन: Pre-Commissioning Audit/Assessment सफलतापूर्वक पूरा करना अनिवार्य, CCTV-सक्षम, डेटा-लॉग्ड परीक्षण, AFMS–VAHAN–eChallan आदि डिजिटल प्रणालियों से इंटीग्रेशन का सत्यापन होने के बाद ही Final RC निर्गत की जाती है।  पोर्टल व्यवस्था: सभी आवेदन NSWS पोर्टल के माध्यम से दस्तावेजों का ऑनलाइन अपलोड और बाद में मूल प्रतियों का सत्यापन। जनहित में एटीएस के लाभ एटीएस के माध्यम से वाहन-फिटनेस परीक्षण पूरी तरह स्वचालित, कैमरा-सक्षम, एल्गोरिदम-आधारित और डेटा-लॉग्ड होता है। इससे मानवीय त्रुटि एवं विवेकाधीनता कम होती है और पारदर्शिता और विश्वसनीयता बढ़ती है। रोड सेफ़्टी और प्रदूषण नियंत्रण लक्ष्यों की प्राप्ति तेज़ होती है। डिजिटल रिपोर्टिंग, टाइम-स्लॉटिंग, ऑनलाइन भुगतान/रसीद तथा AFMS–VAHAN–eChallan जैसे एकीकरण से नागरिकों को तेज़, सरल और भरोसेमंद सेवा मिलती है तथा राज्य को बेहतर अनुपालन, डेटा-आधारित निगरानी व परिणाम मिलते हैं। एटीएस नेटवर्क का विस्तार उत्तर प्रदेश की रोड सेफ़्टी को प्राथमिकता देने की ठोस प्रतिबद्धता का प्रतीक है। 4 नए एटीएस को अंतिम पंजीकरण प्रमाण-पत्र जारी होने के साथ प्रदेश में कुल 14 एटीएस कार्यरत हैं। स्वचालित, मानकीकृत और कैमरा-आधारित फिटनेस परीक्षण से नागरिकों को पारदर्शी सेवा और राज्य को विश्वसनीय डेटा मिलेगा। हमारा लक्ष्य है कि SOP के अक्षरशः पालन के साथ एटीएस कवरेज का त्वरित विस्तार किया जाए, ताकि हर फिट वाहन सुरक्षित सड़कों का आधार बनें। परिवहन विभाग एटीएस व्यवस्था को प्रक्रिया-सम्मत, समयबद्ध और जनहित-केंद्रित रखते हुए निरंतर विस्तार कर रहा है। सभी नागरिकों और उद्योग जगत से अपेक्षा है कि वे ज़िम्मेदार और सुरक्षित परिवहन के लिए एटीएस-आधारित फिटनेस प्रणाली का सहयोग करें। ब्रजेश नारायण सिंह,  परिवहन आयुक्त, उत्तर प्रदेश 

नोबेल पुरस्कार को लेकर ट्रंप-मोदी के बीच हुई तीखी बातचीत, रिपोर्ट से खुला राज

वॉशिंगटन  अमेरिका और भारत के बीच संबंधों में खटास आ गई है। टैरिफ तो एक वजह है ही साथ ही, दूसरी वजह ट्रंप का बार-बार भारत-पाकिस्तान के बीच सीजफायर करवाने का दावा करना भी माना जा रहा। 17 जून को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच फोन कॉल हुई थी, जिसमें ट्रंप चाहते थे कि मोदी उन्हें नोबेल पुरस्कार के लिए नॉमिनेट करें। इस पर पीएम मोदी भड़क गए थे। दोनों नेताओं के बीच 35 मिनट तक फोन पर बात हुई थी। अमेरिकी अखबार ने खुलासा किया है कि 17 जून को ट्रंप ने मोदी से फोन कॉल पर फिर भारत-पाकिस्तान सीजफायर का मुद्दा उठाया और कहा कि उन्हें सैन्य तनाव खत्म करवाने पर कितना गर्व है। उन्होंने पीएम मोदी से कहा कि पाकिस्तान उन्हें (ट्रंप) नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नॉमिनेट करने वाला है। इसका मतलब यह था कि पीएम मोदी भी ट्रंप को नॉमिनेट करें। भारतीय नेता (पीएम मोदी) भड़क गए और दो टूक कहा कि भारत-पाक सीजफायर में ट्रंप का कोई लेना-देना नहीं है। यह भारत-पाक के बीच ही तय हुआ था। पीएम मोदी की टिप्पणियों को ट्रंप ने नजरअंदाज कर दिया, लेकिन सीजफायर पर असहमति और मोदी द्वारा नोबेल पुरस्कार पर बात करने से इनकार करने की वजह से दोनों नेताओं के बीच संबंध में खटास आ गई। जून में हुई इस फोन कॉल के कुछ समय बाद ट्रंप ने भारत पर 25 फीसदी एक्स्ट्रा टैरिफ लगाने का फैसला किया। उन्होंने हवाला दिया कि भारत रूस से लगातार तेल आयात कर रहा है, जिसकी वजह से अतिरिक्त शुल्क लगाया जा रहा। भारत पर अमेरिका द्वारा कुल 50 फीसदी टैरिफ वसूला जा रहा है। राष्ट्रपति ट्रंप से परिचित लोगों के अनुसार, अब ट्रंप के शरद ऋतु में भारत आने की कोई योजना नहीं है, जबकि पहले उन्होंने पीएम मोदी को बताया था कि वे इस साल के आखिरी में क्वाड शिखर सम्मेलन में भारत आएंगे। 17 जून को हुई बातचीत के बाद से अब तक दोनों नेताओं में कोई भी वार्ता नहीं हुई है, जिससे दोनों के बीच खराब होते संबंधों का पता चलता है। एनवाईटी ने अमेरिका और भारत में एक दर्जन से भी अधिक लोगों के साथ बातचीत के आधार पर रिपोर्ट तैयार की है। ज्यादातर ने नाम न प्रकाशित करने की शर्त रखी थी। उल्लेखनीय है कि ट्रंप के पहले कार्यकाल के दौरान पीएम मोदी और उनके बीच काफी अच्छे रिश्ते थे। पीएम मोदी के अमेरिका में भव्य कार्यक्रम हुए थे, जबकि ट्रंप जब 2020 में भारत आए तब गुजरात में नमस्ते ट्रंप आयोजित किया गया था, लेकिन दूसरे कार्यकाल में अब दोनों नेताओं के बीच रिश्ते खराब हो गए हैं।  

खेल भावना मैदान के साथ जीवन में भी जरूरी : मंत्री विश्वास कैलाश सारंग

राष्ट्रीय खेल दिवस कार्यक्रम के द्वितीय दिवस पर खेल विषयों पर आयोजित हुआ सेमिनार खेल भावना मैदान के साथ जीवन में भी जरूरी : मंत्री विश्वास कैलाश सारंग पूर्व क्रिकेटर मदनलाल ने खिलाड़ियों को दिए टिप्स, कहा– टाइम मैनेजमेंट और एटिट्यूड से ही तय होगा करियर स्पोर्ट्स इंजरी, मनोविज्ञान और एंटी-डोपिंग जागरूकता पर विशेषज्ञों ने दिए उद्बोधन भोपाल सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने कहा कि क्रिकेट निस्संदेह देश का सबसे लोकप्रिय खेल है, लेकिन खेलों का आकर्षण केवल ग्लैमर से नहीं, बल्कि जीत से आता है। यह बात उन्होंने शनिवार को तीन दिवसीय राष्ट्रीय खेल दिवस कार्यक्रम के अंतर्गत दूसरे दिन आयोजित खेल विषयक सेमिनार को संबोधित करते हुए कही। मंत्री सारंग ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के आह्वान से खेल दिवस का महत्व और बढ़ गया है। तीन दिवसीय राष्ट्रीय खेल दिवस गतिविधियों का उद्देश्य देश में खेलों को सकारात्मक सोच और फिटनेस की ओर ले जाना है। उन्होंने कहा कि बिना फिटनेस कोई भी व्यक्ति सफल नहीं हो सकता। “देश की 140 करोड़ जनता भारत की आत्मा है और जब तक देश स्वस्थ नहीं होगा, उसकी आत्मा भी स्वस्थ नहीं रह सकती।” उन्होंने यह भी कहा कि पहले अभिभावक मानते थे कि खेलों में बच्चों का भविष्य उज्ज्वल नहीं हो सकता, लेकिन प्रधानमंत्री जी की पहल ने यह सोच बदल दी है। आज खिलाड़ी मैदान के साथ-साथ जीवन के अन्य क्षेत्रों में भी सफलता प्राप्त कर रहे हैं। मंत्री सारंग ने पूर्व क्रिकेटर मदनलाल शर्मा का उदाहरण देते हुए कहा कि वे कभी ग्लैमर के पीछे नहीं भागे और सादगी के साथ जीवन जीते हुए सफलता हासिल की। टाइम मैनेजमेंट और एटिट्यूड से तय होगा करियर सेमिनार में पूर्व क्रिकेटर मदनलाल शर्मा ने खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए कहा कि सफलता के लिए समय प्रबंधन और सकारात्मक दृष्टिकोण सबसे अहम है। उन्होंने कहा कि समय बर्बाद न करें। उन्होंने ‘खेलो इंडिया’ अभियान की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह पहल खिलाड़ियों की प्रतिभा को निखारने और नए अवसर प्रदान करने में महत्वपूर्ण है। नेशनल एंटी डोपिंग एजेंसी (नाडा) के डोप कंट्रोल ऑफिसर शशिकांत भारद्वाज ने कहा कि यदि किसी खिलाड़ी को बड़ा बनना है तो उसे डोप टेस्ट से घबराना नहीं चाहिए, बल्कि हमेशा तैयार रहना चाहिए। उन्होंने खिलाड़ियों को डोप एजुकेशन, टेस्टिंग प्रक्रिया, उल्लंघन और चिकित्सीय उपयोग छूट की जानकारी दी। हाइपरफॉर्मेंस स्पोर्ट्स साइकोलॉजिस्ट डॉ. संजना किरन ने कहा कि खिलाड़ी यह सोचें कि वे क्या बेहतर कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि अवसर और सुविधाओं का आभार व्यक्त करें और उनका पूरा लाभ उठाएं। स्पोर्ट्स इंजरी विशेषज्ञ डॉ. मनोज नागर ने खेल गतिविधियों के दौरान होने वाली चोटों, उनके उपचार और बचाव के उपायों पर जानकारी दी। उन्होंने वार्मअप, स्ट्रेचिंग और उचित आहार के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि चोट लगने पर उसे नजरअंदाज न करें और तुरंत विशेषज्ञ की सलाह लें। कार्यक्रम में खेल एवं युवा कल्याण विभाग के निदेशक राकेश गुप्ता, स्पोर्ट्स अथोरिटी ऑफ इंडिया सीआरसी भोपाल के रिजनल डायरेक्टर अभिषेक चौहान सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।  

भिंड में पेट्रोल पंप पर गोलीबारी, हेलमेट नियम पर नाराज़ होकर बदमाशों ने की फायरिंग

भिंड  ग्वालियर-इटावा नेशनल हाइवे 719 पर स्थित पेट्रोल पंप संचालक को बिना हेलमेट के बाइक सवार को पेट्रोल नहीं देना संचालक को महंगा पड़ गया। बाइक सवार युवकों ने पंप पर बंदूक और कट्टे से ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। इसी दौरान एक गोली पंप संचालक के दाएं हाथ में लग गई। घायल को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने सीसीटीवी कैमरे के फुटेज के आधार पर दो आरोपितों की पहचान कर ली है। गिरफ्तारी के लिए पुलिस दबिश दे रही है। घटना शनिवार सुबह करीब पांच बजे की है। प्रेट्रोल नहीं देने पर भड़के युवक जानकारी के अनुसार 62 वर्षीय तेजनारायण पुत्र गोरेलाल नरवरिया निवासी पुर थाना देहात का बरोही क्षेत्र में हाइवे पर सावित्री पेट्रोल पंप है। शनिवार सुबह करीब चार बजे एक युवक बाइक से पंप पर पहुंचा और सेल्समैन ने पेट्रोल डालने के लिए कहा। सेल्समैन ने युवक से कहा कि हेलमेट नहीं है। इसलिए पेट्रोल नहीं डलेगी। भिंड कलेक्टर ने बिना हेलमेट पेट्रोल देने पर रोक लगाई है। इस पर युवक भड़क गया और सेल्समैन को धमकाते हुए बोला कि पेट्रोल नहीं डाली तो अंजाम बुरा होगा। इसके बाद युवक वहां से चला गया। पंप पर कर दी ताबड़तोड़ फायरिंग करीब 50 मिनट बाद युवक दो अन्य साथियों के साथ 4.50 बजे पंप पर पहुंचा। इसमें एक युवक 315 बोर की बंदूक और एक युवक 315 बोर का कट्टे लिए था। युवकों ने आते ही सेल्समैन को गालियां देना शुरू कर दी और बोला के बिना हेलमेट के पेट्रोल नहीं दी तो अब गोली खा। इसके बाद दो युवकों ने बंदूक और कट्टे से ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। गोली चलते ही कर्मचारी मौके से भाग गया। संचालक के हाथ में लगी गोली इसी दौरान पंप के ऑफिस में लेटे संचालक तेजनारायण नरवरिया बाहर आए और युवकों से फायरिंग बंद करने के लिए कहा। इसी दौरान एक गोली संचालक तेजनारायण दाएं हाथ में लग गई तो वह जमीन पर गिर गए। इस दौरान गोली पंप के ऑफिस में लगे शटर सहित अन्य जगह लगी हैं। इसके बाद युवक हथियार लहराते हुए बाइक लेकर भाग गए। स्टाफ ने संचालक को जिला अस्पताल में भर्ती कराया। पुलिस ने दो आरोपियों की पहचान की बरोही थाना प्रभारी अतुल भदौरिया का कहना है कि सीसीटीवी कैमरे के फुटेज में दो लोग बंदूक और कट्टे से फायरिंग करते हुए दिखाई दे रहे हैं। फुटेज के आधार पर उनकी पहचान बिजपुरी निवासी भोलू भदौरिया और कुलदीप भदौरिया के रूप में हुई है। आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए टीम लगातार दबिश दे रही हैं। संभवत: देर रात तक आरोपितों को पकड़ लेंगे। 5 अगस्त को बिना हेलमेट के पेट्रोल देने पर लगी थी रोक बिना हेलमेट पेट्रोल नहीं भिंड कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव ने पांच अगस्त को दो पहिया वाहन चालकों के लिए हेलमेट अनिवार्य कर दिया था। बिना हेलमेट पेट्रोल भी नहीं देने के आदेश दिए। नजर रखने के लिए एसडीएम के नेतृत्व में विशेष निरीक्षण दल गठित किए। निरीक्षण के दौरान पंपों पर दोपहिया वाहन चालकों को बिना हेलमेट के पेट्रोल देते पाए जाने पर कार्रवाई भी की गई।

उजड़े घर-परिवार, कटड़ा हादसे में अपनों के शव देखकर फूट-फूटकर रोए परिजन

जम्मू  कटड़ा त्रासदी में सभी 34 मृतकों की पहचान हो चुकी है, जिनमें कई परिवारों के कई सदस्य शामिल थे, शव देख परिजन रो पड़े। श्राइन बोर्ड ने शवों को ले जाने के लिए निशुल्क एंबुलेंस सेवा और मृतकों का सामान परिजनों को सौंपने की व्यवस्था की है। कटड़ा त्रासदी के सभी 34 मृतकों की पहचान हो गई है। शुक्रवार को 19 शवों की पहचान की गई। वीरवार को 15 शवों की पहचान हुई थी। अपनों के शव देखकर परिजन फफक उठे। शव लेने के लिए परिजन सुबह से ही जम्मू जीएमसी पहुंचने लगे थे। हर तरफ बेबसी के आंसू थे। दिल पर पत्थर रख उन्होंने शव देख अपने प्रियजनों को पहचाना।शव लेने के लिए उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर, दिल्ली के बुराड़ी, गाजियाबाद, पंजाब के अमृतसर से परिजन पहुंचे थे। परिजनों की चीखों से पोस्टमार्टम हाउस का हर कोना कराह उठा। हर आंख नम थी। श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने शवों को ले जाने के लिए निशुल्क एंबुलेंस सेवा की व्यवस्था की है। पत्नी व बेटी के शव को रो पड़े मुज्जफरनगर के इंद्रपालमुज्जफरनगर के गांव रामपुरी निवासी इंद्रपाल पर दुखों का पहाड़ टूटा है। पत्नी रामवीरी व बेटी आकांक्षा के शव को देख वह कराह उठे। इंद्रपाल ने बताया कि क्या पता था कि जीवनसंगिनी व बेटी का साथ इस तरह छूटेगा। कैसे आगे की जिंदगी कटेगी। रुंधे गले से कहा कि जब मौसम खराब था तो प्रशासन को चाहिए था कि यात्रा रोक देता। उन्होंने बताया कि त्रासदी में भाई रविंद्र की पत्नी ममता, भतीजी अंजलि, भाई अजय घायल हुए हैं जबकि अज्य के बेटे दीपेश की भी मौत हो गई है। परिवार के छह शवों देखकर फफक उठे परिजन दिल्ली के बुराड़ी के एक परिवार ने छह लोगों को खोया है। अभिषेक ने बताया कि उनकी भतीजी दीपांशी, बहन पिंकी, भाई राजा व अजय की मौत हो गई है। रिश्तेदारों में तान्या व पुकार निवासी खेड़ा धर्मपुरा (गाजियाबाद) की भी जान गई है। अभिषेक की मां रामकुमारी शवों को देखकर दहाड़ मारकर रो पड़ीं। बेटे अभिषेक व मनोहर ने उनको संभाला।  श्राइन बोर्ड बरामद सामान भी कर रहा सुपुर्दश्राइन बोर्ड के अधिकारियों ने मृतकों के परिजनों को शवों के पास से बरामद सामान भी सुपुर्द किया। बोर्ड के डिप्टी सीईओ पवन कुमार ने बताया कि बरामद सामान में नगदी व आभूषण शामिल हैं। शवों को ले जाने के लिए एंबुलेंस की निशुल्क व्यवस्था की है। 

सिर्फ व्यापार ही नहीं, कला-संस्कृति का भी संगम बनने जा रहा है यूपीआईटीएस

सांस्कृतिक रंगों से सराबोर होगा यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो 2025 सिर्फ व्यापार ही नहीं, कला-संस्कृति का भी संगम बनने जा रहा है यूपीआईटीएस  रंगारंग प्रस्तुतियों से सराबोर होगी इस मेगा आयोजन की हर शाम  भोजपुरी, अवधी, बुंदेली और थारू जैसी लोक परंपराओं का होगा प्रदर्शन  ‘निरहुआ’से लेकर पद्मश्री मालिनी अवस्थी देंगी अपनी-अपनी प्रस्तुतियां देश और प्रदेश की चर्चित हस्तियां इस आयोजन को बनाएंगी यादगार UP International Trade Show 2025: सूफी गायन, कथक नृत्य और सुगम संगीत तक का देखने को मिलेगा संगम  लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल पर उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान को वैश्विक मंच देने के लिए इंटरनेशनल ट्रेड शो-2025 सिर्फ व्यापार का नहीं बल्कि कला-संस्कृति का भी संगम बनने जा रहा है। ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो मार्ट में 25 सितंबर से 29 सितंबर तक आयोजित होने वाले इस मेगा आयोजन की हर शाम रंगारंग प्रस्तुतियों से सराबोर होगी, जिसमें भोजपुरी, अवधी, बुंदेली और थारू जैसी लोक परंपराओं से लेकर सूफी गायन, कथक नृत्य और सुगम संगीत तक का संगम देखने को मिलेगा। शो में देश और प्रदेश के दिग्गज कलाकार अपनी प्रस्तुतियां देंगे। भोजपुरी सुपरस्टार दिनेश लाल यादव ‘निरहुआ’, पद्मश्री मालिनी अवस्थी, सूफी गायिका प्रतिभा सिंह बघेल, कथक नृत्यांगना अनुराधा शर्मा, तथा बैंड प्रस्तुति देने वाली संस्कृति गाथा ग्रुप जैसी हस्तियां इस आयोजन को यादगार बनाएंगी।  पहला दिन: भोजपुरी और कथक का संगम 25 सितंबर की शाम का आरंभ भोजपुरी सुपरस्टार दिनेश लाल यादव ‘निरहुआ’ की गायकी से होगा, जो अपने लोकगीतों से दर्शकों का दिल जीतेंगे। इसी दिन वाराणसी की सोनी सेठ "राम रामेति रामायाः" शीर्षक कथक नृत्य नाटिका प्रस्तुत करेंगी। इसके साथ ही संस्कृति गाथा गर्ल्स बैण्ड की मोहिनी, सोनल और अनन्या लोकधुनों की मधुरता बिखेरेंगी, जबकि मेरठ के पवन धानक अपनी शहनाई की धुन से वातावरण को मंत्रमुग्ध कर देंगे। दूसरा दिन: सूफी और रसिया की जुगलबंदी 26 सितंबर को मंच होगा सूफी और ब्रज संस्कृति के नाम। रीवा की गायिका प्रतिभा सिंह बघेल अपने सूफी गायन से समां बांधेंगी, वहीं मथुरा के मुरारी लाल शर्मा चरकुला नृत्य के जरिए ब्रज की अनूठी परंपरा दिखाएंगे। गजेन्द्र सिंह रसिया गायन से श्रोताओं को बांधेंगे और नोएडा की नीलाक्षी राय सूफी नृत्य नाटिका प्रस्तुत करेंगी। तीसरा दिन: अवधी लोकगायन और थारू नृत्य का आकर्षण 27 सितंबर की शाम लखनऊ की पद्मश्री मालिनी अवस्थी के अवधी लोकगायन से सराबोर होगी। साथ ही महाराजगंज के अमित अंजन लोकगायन प्रस्तुत करेंगे। अयोध्या की संगम लता बधावा नृत्य से दर्शकों को लुभाएंगी, जबकि पीलीभीत की रिंकू देवी थारू नृत्य के जरिए आदिवासी परंपरा का जादू बिखेरेंगी। चौथा दिन: बुंदेली और राई-सैरा की झलक 28 सितंबर को मंच पर आएंगे बुंदेलखंड और उसकी सांस्कृतिक धरोहर। बस्ती के ब्रजेश साण्डिल्य भजन गायन से भक्तिभाव का माहौल बनाएंगे। अंबेडकर नगर की मानसी सिंह रघुवंशी लोकगायन करेंगी। ललितपुर के जितेन्द्र कुमार बुंदेली गायन से मन मोह लेंगे और मोहिनी राई-सैरा लोकनृत्य प्रस्तुत करेंगी। पांचवा दिन: सुगम संगीत और कबीर गायन का समापन 29 सितंबर की अंतिम शाम को आधुनिक और आध्यात्मिक संगीत का संगम देखने को मिलेगा। लखनऊ की लोकप्रिय जोड़ी सचेत-परम्परा सुगम संगीत से समां बांधेंगे। सोनभद्र के संतोष मादल सिंहा नृत्य से लोकजीवन की ऊर्जा दिखाएंगे। प्रयागराज के जलज श्रीवास्तव कबीर गायन से संत परंपरा को जीवंत करेंगे और नोएडा की अनुराधा शर्मा कथक नृत्य से कार्यक्रम का भव्य समापन करेंगी। सांस्कृतिक महाकुंभ का संदेश योगी सरकार ने इंटरनेशनल ट्रेड शो को सिर्फ व्यापारिक आदान-प्रदान का मंच ही नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश की समृद्ध लोककलाओं और सांस्कृतिक धरोहर को प्रस्तुत करने का भी अवसर बनाया है। यह आयोजन उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक विविधता को दुनिया के सामने पेश करेगा। पांच दिनों का यह कार्यक्रम राज्य की सांस्कृतिक समृद्धि का जीवंत दस्तावेज होगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का मानना है कि व्यापार और संस्कृति एक-दूसरे के पूरक हैं। योगी सरकार ने इस बार इंटरनेशनल ट्रेड शो को एक ऐसा मंच बनाने का प्रयास किया है, जहां उद्यमिता और निवेश के साथ-साथ उत्तर प्रदेश की समृद्ध कला और संस्कृति का भी प्रचार-प्रसार हो। थारू, बुंदेली, अवधी और भोजपुरी लोकधरोहरों की झलक दुनिया के सामने पेश होगी, जिससे न सिर्फ कलाकारों को प्रोत्साहन मिलेगा, बल्कि प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान भी मजबूत होगी।

CM विष्णुदेव साय का विदेश दौरा संपन्न, दिल्ली पहुंचकर देंगे रिपोर्ट

रायपुर/दिल्ली मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय अपना विदेश दौरा ख़त्म कर स्वदेश लौट आये है। राजधानी दिल्ली में उप मुख्यमंत्री सह गृहमंत्री, मीडिया सलाहकार पंकज कुमार झा और युवा नेता प्रबल प्रताप सिंह जूदेव ने उनका पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया। बताया जा रहा है कि आज दोपहर ढाई बजे सीएम साय रायपुर के माना स्थित स्वामी विवेकानंद अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पहुंचेंगे। यहाँ सरकार के सीनियर मंत्री, पार्टी के बड़े पदाधिकारी और भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा उनका भव्य स्वागत किया जाएगा। सीएम साय ने प्रधानमंत्री मोदी की जापान यात्रा का जिक्र करते हुए कहा, पीएम का यह विदेश दौरा दोनों देशों की ऐतिहासिक मित्रता को और गहरा बनाएगी. उन्होंने जोर देकर कहा, “भारत और जापान की दोस्ती सदियों पुरानी है। पीएम मोदी का दौरा तकनीकी, औद्योगिक और सांस्कृतिक सहयोग को बढ़ावा देगा, जिससे दोनों देशों की जनता को लाभ मिलेगा और साझा समृद्धि का रास्ता खुलेगा।”

प्रदेश में कुल एटीएस की कुल संख्या हुई 14 ,वाहनों की सुरक्षा और प्रदूषण मानकों की होगी जांच

प्रदेश को 4 नए आटोमेटिक टेस्ट स्टेशन की सौगात प्रदेश में कुल एटीएस की कुल संख्या हुई 14 ,वाहनों की सुरक्षा और प्रदूषण मानकों की होगी जांच ऑटोमेटिक टेस्ट स्टेशन (एटीएस) के जरिये और पारदर्शी होगी प्रक्रिया लखनऊ, आगरा, कानपुर नगर व मीरजापुर में नए एटीएस योगी सरकार द्वारा किया जा रहा एटीएस का विस्तार  लखनऊ, योगी सरकार द्वारा सड़क सुरक्षा, पारदर्शिता और प्रदूषण नियंत्रण को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से स्वचालित परीक्षण स्टेशन (Automatic Testing Stations—ATS) नेटवर्क का त्वरित विस्तार किया जा रहा है। निर्धारित प्रक्रिया और मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) के अनुरूप 04 नए एटीएस को Final Registration Certificate (RC) निर्गत किए गए, जिससे प्रदेश में कार्यरत एटीएस की कुल संख्या 14 हो गई है। वर्तमान चरण में RC निर्गमन का यह सिलसिला जनवरी 2025 से चरणबद्ध रूप से चल रहा है। नियमानुसार समस्त आरसी रजिस्ट्रीकरण प्राधिकारी/परिवहन आयुक्त द्वारा ही निर्गत किए गए हैं। आरसी प्राप्त 04 नए एटीएस (RC दिनांक 26-08-2025), प्रदेश में संख्या हुई 14  1. AKRS ATS Private Limited, लखनऊ 2. Sharp-N-India (Consortium) with Triplea Tech Integrator, आगरा 3. M/s Air Sales Corporation, कानपुर नगर 4. M/s Mamta Hygiene Products Pvt. Ltd., मीरजापुर इन नई स्वीकृतियों के साथ प्रदेश में अब फिरोजाबाद, बिजनौर, झांसी, मुरादाबाद, कानपुर देहात, वाराणसी, बरेली, मुरादाबाद (द्वितीय), फतेहपुर, रामपुर, लखनऊ, आगरा, कानपुर नगर और मीरजापुर में कुल 14 एटीएस कार्यरत हैं। नीति/प्रक्रिया सम्बंधी प्रमुख बिंदु (SOP के अनुरूप) जनपद-वार सीमा: किसी भी जनपद में अधिकतम 03 ATS स्थापित किए जा सकते हैं। First Come, First Serve के सिद्धांत पर पात्र आवेदनों को प्राथमिकता दी जाती है। आवेदक-वार सीमा: एक ही आवेदक/संस्था को एक जनपद में एक तथा पूरे प्रदेश में अधिकतम 03 एटीएस अनुमन्य हैं। भूमि/इन्फ्रास्ट्रक्चर मानक: न्यूनतम 2 एकड़ भूमि (प्रारंभिक 2-लेन हेतु); अतिरिक्त प्रत्येक टेस्ट-लेन पर 0.5 एकड़ अतिरिक्त भूमि। कम-से-कम 02 लेन—एक हल्के (LMV/दोपहिया) और एक मध्यम/भारी (MMV/HMV) वाहनों के लिए। वित्तीय/दस्तावेजी शर्तें: 50,000 रुपये ऑनलाइन आवेदन शुल्क। 5,00,000  रुपये की बैंक गारंटी (वैधता 10 वर्ष 6 माह), वैध भूमि/लीज़ दस्तावेज, अग्निशमन (NOC), श्रम विभाग प्रमाणपत्र, आवश्यक कंपनी/एफ़िडेविट/डिक्लेरेशन इत्यादि। ऑडिट व इंटीग्रेशन: Pre-Commissioning Audit/Assessment सफलतापूर्वक पूरा करना अनिवार्य, CCTV-सक्षम, डेटा-लॉग्ड परीक्षण, AFMS–VAHAN–eChallan आदि डिजिटल प्रणालियों से इंटीग्रेशन का सत्यापन होने के बाद ही Final RC निर्गत की जाती है।  पोर्टल व्यवस्था: सभी आवेदन NSWS पोर्टल के माध्यम से दस्तावेजों का ऑनलाइन अपलोड और बाद में मूल प्रतियों का सत्यापन। जनहित में एटीएस के लाभ एटीएस के माध्यम से वाहन-फिटनेस परीक्षण पूरी तरह स्वचालित, कैमरा-सक्षम, एल्गोरिदम-आधारित और डेटा-लॉग्ड होता है। इससे मानवीय त्रुटि एवं विवेकाधीनता कम होती है और पारदर्शिता और विश्वसनीयता बढ़ती है। रोड सेफ़्टी और प्रदूषण नियंत्रण लक्ष्यों की प्राप्ति तेज़ होती है। डिजिटल रिपोर्टिंग, टाइम-स्लॉटिंग, ऑनलाइन भुगतान/रसीद तथा AFMS–VAHAN–eChallan जैसे एकीकरण से नागरिकों को तेज़, सरल और भरोसेमंद सेवा मिलती है तथा राज्य को बेहतर अनुपालन, डेटा-आधारित निगरानी व परिणाम मिलते हैं। एटीएस नेटवर्क का विस्तार उत्तर प्रदेश की रोड सेफ़्टी को प्राथमिकता देने की ठोस प्रतिबद्धता का प्रतीक है। 4 नए एटीएस को अंतिम पंजीकरण प्रमाण-पत्र जारी होने के साथ प्रदेश में कुल 14 एटीएस कार्यरत हैं। स्वचालित, मानकीकृत और कैमरा-आधारित फिटनेस परीक्षण से नागरिकों को पारदर्शी सेवा और राज्य को विश्वसनीय डेटा मिलेगा। हमारा लक्ष्य है कि SOP के अक्षरशः पालन के साथ एटीएस कवरेज का त्वरित विस्तार किया जाए, ताकि हर फिट वाहन सुरक्षित सड़कों का आधार बनें। परिवहन विभाग एटीएस व्यवस्था को प्रक्रिया-सम्मत, समयबद्ध और जनहित-केंद्रित रखते हुए निरंतर विस्तार कर रहा है। सभी नागरिकों और उद्योग जगत से अपेक्षा है कि वे ज़िम्मेदार और सुरक्षित परिवहन के लिए एटीएस-आधारित फिटनेस प्रणाली का सहयोग करें। ब्रजेश नारायण सिंह,  परिवहन आयुक्त, उत्तर प्रदेश