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लगातार हो रही बारिश के बीच भयानक सड़क हादसा, लगा लंबा जाम

लुधियाना लगातार हो रही बारिश के बीच चंडीगढ़ रोड पर मोहिनी रिसोर्ट के सामने एक ट्रक पलट गया, जिसकी वजह से यातायात धीमा चल रहा है। ट्रैफिक पुलिस के एएसआई मोहन सिंह ने आकर मौका संभाला तथा ट्रैफिक को सुचारू ढंग से चलाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि उक्त ट्रक हिमाचल से लुधियाना माल लेकर आ रहा था लेकिन शहर के नजदीक पहुंचते ही पलट गया, जिसकी वजह से यातायात बाधित हो रहा है। पुलिस द्वारा हाइड्रा क्रेन मंगवा कर ट्रक को वहां से हटाने के प्रयास शुरू कर दिए गए है। 

लुटियंस दिल्ली का ऐतिहासिक नेहरू बंगला अब नया मालिक पा चुका है

नई दिल्ली देश की राजधानी के बेहद वीवीआईपी इलाके लुटियंस बंगलो ज़ोन में स्थित एक बंगला इन दिनों खूब सुर्खियों में है. यह बंगला देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू का पहला आधिकारिक आवास था. लुटियंस दिल्ली के 17 मोतीलाल नेहरू मार्ग (पहले यॉर्क रोड) पर स्थित यह बंगला इस 14,973 वर्ग मीटर (करीब 3.7 एकड़) में फैला है. इस बंगले को अब बेच दिया गया है. यह सौदा देश की अब तक की सबसे महंगी प्रॉपर्टी डील बताई जा रही है. 1100 करोड़ में हुई डील अंग्रेजी अखबार इकोनॉमिक टाइम्स ने सूत्रों के हवाले से बताया, इस बंगले के मालिकों ने 1,400 करोड़ रुपये मांगे थे. हालांकि भारतीय पेय उद्योग (beverage industry) से जुड़े एक बड़े कारोबारी ने लगभग 1,100 करोड़ रुपये में डील को फाइनल कर दिया है. कौन हैं इस बंगले के मालिक? राजकुमारी कक्कड़ और बीना रानी इस बंगले की मौजूदा मालिक है. ये दोनों राजस्थान के एक शाही परिवार से ताल्लुक रखते हैं. अखबार के मुताबिक, कानूनी प्रक्रिया के अंतिम चरण के तहत एक नामी लॉ फर्म ने सार्वजनिक नोटिस जारी किया है. नोटिस में कहा गया है, ‘हमारे क्लाइंट इस संपत्ति (प्लॉट नंबर 5, ब्लॉक नंबर 14, 17, मोतीलाल नेहरू मार्ग) को खरीदने के इच्छुक हैं. इस संपत्ति के मौजूदा मालिक राजकुमारी कक्कड़ और बीना रानी हैं. अगर किसी अन्य व्यक्ति का इस संपत्ति पर कोई हक या दावा है तो वह सात दिनों के भीतर दस्तावेज़ी सबूत के साथ हमें सूचित करें. वरना यह माना जाएगा कि इस संपत्ति पर किसी का कोई विरोधी दावा नहीं है.’ साल भर से चल रही थी बात करीब 24,000 वर्ग फुट में बनी इस विशाल संपत्ति को बेचने को लेकर साल भर से बातचीत चल रही थी. एक जानकार के अनुसार, ‘इसकी लोकेशन, वीवीआईपी स्टेटस और आकार को देखते हुए यह बेहद कीमती संपत्ति है. लेकिन कीमत के चलते सिर्फ अरबपति खरीदार ही इसमें रुचि दिखा सकते थे.’ यह संपत्ति लुटियंस बंगलो ज़ोन में स्थित है, जिसे ब्रिटिश आर्किटेक्ट एडविन लुटियंस ने 1912 से 1930 के बीच डिजाइन किया था. करीब 28 वर्ग किलोमीटर में फैले इस क्षेत्र में लगभग 3,000 बंगले हैं, जिनमें ज्यादातर मंत्री, जज और वरिष्ठ सरकारी अधिकारी रहते हैं. यहां लगभग 600 निजी संपत्तियां भी हैं, जो भारत के सबसे अमीर लोगों की झोली में हैं. इस डील के पूरा होने के बाद 17 मोतीलाल नेहरू मार्ग स्थित यह बंगला देश की सबसे महंगी आवासीय प्रॉपर्टी बिक्री का नया रिकॉर्ड कायम करेगा.

शॉपिंग का धमाका: Amazon पर शुरू होगी मेगा सेल, हर प्रोडक्ट पर भारी छूट

मुंबई  भारत का सबसे बड़ा ऑनलाइन शॉपिंग इवेंट Amazon Great Indian Festival 2025 वापस लौट रहा है. हर साल की तरह इस बार भी ग्राहकों को स्मार्टफोन, लैपटॉप, होम अप्लायंसेज़, फैशन और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसी कैटेगरी पर बड़े डिस्काउंट और ऑफर्स मिलने वाले हैं. अमेज़न ने सेल का आधिकारिक ऐलान तो कर दिया है लेकिन लॉन्च की सही तारीख अभी सामने नहीं आई है. उम्मीद की जा रही है कि यह सेल नवरात्रि और दिवाली के बीच आयोजित होगी जिससे त्योहारों की खरीदारी का मज़ा दोगुना हो जाएगा. क्या मिलेगा इस बार की सेल में खास अमेज़न इस बार भी “Blockbuster Deals”, “Trending Deals”, “Top 100 Deals” और “Can’t-Miss Price Drops” जैसी ऑफर्स लाने वाला है. इन डील्स में स्मार्टफोन, वियरेबल्स, इलेक्ट्रॉनिक्स, लैपटॉप और घरेलू उपकरणों पर भारी छूट दी जाएगी. साथ ही, ग्राहकों को बैंक ऑफर्स भी मिलेंगे. SBI क्रेडिट और डेबिट कार्ड पर 10% इंस्टैंट डिस्काउंट मिलेगा, जबकि EMI ट्रांज़ैक्शंस पर भी अतिरिक्त बचत का मौका होगा. इसके अलावा, एक्सचेंज ऑफर भी मौजूद रहेंगे जहां पुराने डिवाइस देकर नए प्रोडक्ट पर छूट पाई जा सकेगी. एक्सचेंज वैल्यू डिवाइस के मॉडल और उसकी स्थिति पर निर्भर करेगी. शॉपिंग अनुभव को और बेहतर बनाएंगे ये बेनिफिट्स ग्राहकों को अतिरिक्त फायदे देने के लिए अमेज़न कई खास ऑफर्स लेकर आ रहा है: Amazon Pay Later: इंस्टैंट क्रेडिट और 600 रुपये तक के रिवॉर्ड्स. Amazon Pay Wallet: 100 रुपये तक का कैशबैक. Amazon Rewards: चुनिंदा यूज़र्स को 5% तक का गारंटीड कैशबैक. शॉपर्स को सलाह दी जा रही है कि सेल शुरू होने से पहले ही अपनी पेमेंट डिटेल्स और एड्रेस अपडेट कर लें, क्योंकि कई प्रोडक्ट्स तेजी से आउट ऑफ स्टॉक हो जाते हैं. मिल रहा है इन ऑफर्स का फायदा Xiaomi 15 का 12GB रैम और 512GB स्टोरेज वेरिएंट Amazon पर 64,999 रुपये में लिस्ट किया गया है। खास बात यह है कि ICICI Bank क्रेडिट कार्ड यूजर्स को 5,000 रुपये तक का इंस्टेंट डिस्काउंट मिलेगा, जिससे फोन की कीमत घटकर 59,999 रुपये हो जाएगी। वहीं अगर आप पुराना फोन एक्सचेंज में देते हैं तो 52,150 रुपये तक एक्सट्रा बचत भी हो सकती है। बता दें, आप बैंक या एक्सचेंज डिस्काउंट में से किसी एक का फायदा ही एक बार में ले सकते हैं। इसके अलावा एक्सचेंज डिस्काउंट की वैल्यू आपके पुराने फोन के मॉडल और उसकी कंडीशन पर निर्भर करती है। ऐसे हैं Xiaomi 15 के स्पेसिफिकेशंस Xiaomi 15 में 6.36 इंच का क्रिस्टल रेज AMOLED पैनल मिलता है, जिसका रेजॉल्यूशन 2670×1200 पिक्सल है। यह डिस्प्ले 1-120Hz रिफ्रेश रेट और 3,200 निट्स पीक ब्राइटनेस सपोर्ट करता है, जिससे यह फोन स्ट्रीमिंग और गेमिंग दोनों के लिए बेहतरीन है। प्रोसेसिंग पावर की बात करें तो फोन क्वालकॉम के लेटेस्ट Snapdragon 8 Elite चिपसेट के साथ आता है। डिवाइस में Android 15 बेस्ड Xiaomi HyperOS 2 का सपोर्ट मिलता है, जो यूजर्स को स्मूद और पावरफुल परफॉर्मेंस देता है। पावर बैकअप के लिए इसमें 5240mAh की बैटरी दी गई है, जो 90W फास्ट वायर्ड और 50W वायरलेस चार्जिंग सपोर्ट करती है। फोन का वजन 191 ग्राम और मोटाई सिर्फ 8.08mm है, जो इसे स्टाइलिश और हल्का बनाता है। कैमरा इस फोन का सबसे बड़ा हाइलाइट है, इसमें रियर साइड पर ट्रिपल कैमरा सेटअप- 50MP का प्राइमरी लेंस, 50MP का टेलीफोटो लेंस और 50MP का अल्ट्रा-वाइड लेंस के साथ मिलता है। वहीं, सेल्फी और वीडियो कॉलिंग के लिए 32MP का फ्रंट कैमरा दिया गया है। फोन के जरिए प्रोफेशनल लेवल फोटोग्राफी चाहने वालों के लिए यह डिवाइस एक बेहतरीन पैकेज है। फेस्टिव मस्ती और कॉन्टेस्ट्स अमेज़न ग्रेट इंडियन फेस्टिवल सिर्फ डिस्काउंट तक ही सीमित नहीं है. कंपनी इस दौरान Fun Zone भी आयोजित करेगी, जहाँ “Spin & Win” और क्विज़ गेम्स जैसे कॉन्टेस्ट होंगे. इनमें भाग लेकर ग्राहक iPhone 16 Pro जैसे बड़े इनाम और 15,000 रुपये तक के रिवॉर्ड जीत सकते हैं. इस बार का Amazon Great Indian Festival 2025 पहले से कहीं बड़ा और बेहतर होने वाला है. बंपर डिस्काउंट, कैशबैक ऑफर्स और मज़ेदार कॉन्टेस्ट्स के साथ यह त्योहारों की खरीदारी को और रोमांचक बना देगा. अगर आप स्मार्टफोन, गैजेट्स या घर के लिए कोई बड़ा सामान लेने की सोच रहे हैं तो यह मौका बिल्कुल मिस न करें.

बैरक बदलने की मांग लेकर अदालत पहुंचे मजीठिया, कोर्ट ने क्या कहा?

मोहाली  पूर्व अकाली मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया द्वारा नाभा जेल में अपनी बैरक बदलने के लिए अतिरिक्त जिला सत्र न्यायाधीश हरदीप सिंह की अदालत में दायर अर्जी पर बचाव पक्ष की ओर से एडवोकेट एच.एस. धनोआ पेश हुए, जबकि सरकार की ओर से प्रीतइंदर पाल सिंह और फैरी सोफेट विशेष पी.पी. और मंजीत सिंह अतिरिक्त पी.पी. के रूप में पेश हुए। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने इस अर्जी पर अगली सुनवाई की तारीख 6 सितंबर तय की है। गौरतलब है कि आय से अधिक संपत्ति के मामले में विजिलेंस द्वारा गिरफ्तार कर जेल भेजे गए पूर्व अकाली मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया ने अपने वकीलों के माध्यम से अदालत में अर्जी दायर कर अदालत से अनुरोध किया था कि उन्हें (बिक्रम सिंह मजीठिया) सामान्य कैदियों के साथ न रखा जाए। उनकी बैरक बदली जानी चाहिए, क्योंकि एक तरफ सरकार उनकी सुरक्षा की बात करती है, दूसरी तरफ उन्हें आम कैदियों के साथ रखा जा रहा है। जिस बैरक में उन्हें रखा जाता है, वहां कैमरे लगे हैं और गंभीर अपराधों में शामिल लोगों को भी उनके साथ रखा जा रहा है। 

सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप, कपिल परमार ने अर्जुन सम्मान ठुकराया!

भोपाल  पिछले साल फ्रांस पैरालंपिक्स में भारत का नाम रोशन करने वाले कपिल परमार ने अर्जुन पुरस्कार लौटाने का फैसला किया है। उनका कहना है कि राज्य सरकार ने उन्हें नौकरी नहीं दी। परमार पैरा-जूडो खिलाड़ी हैं। उन्होंने फ्रांस में कांस्य पदक जीता था। उन्होंने जूडो में भारत के लिए पहला पैरालंपिक पदक जीतकर इतिहास रचा था। परमार के अलावा, देश की प्रमुख वाटर स्पोर्ट्स एथलीट, प्राची यादव ने भी सरकार पर नौकरी न देने का आरोप लगाया है। हालांकि, उन्होंने अभी तक अपना अर्जुन पुरस्कार लौटाने का फैसला नहीं किया है। दोनों खिलाड़ियों को 2024 में अर्जुन पुरस्कार मिला था। सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप कपिल परमार ने मंगलवार को कहा कि राज्य सरकार ने उनसे नौकरी का वादा किया था। मध्य प्रदेश खेल विभाग का कहना है कि उनकी नौकरी का अनुरोध प्रक्रिया में है। उचित जांच के बाद नौकरी दी जाएगी। परमार का कहना है कि शिवराज सिंह चौहान के मुख्यमंत्री रहने के दौरान उन्हें सरकारी नौकरी और 1 करोड़ रुपये देने का वादा किया गया था। डीएसपी का पद किया गया था ऑफर परमार का कहा है कि यह पूरा मामला दबा दिया गया है। मुझसे सरकारी नौकरी और 1 करोड़ रुपये देने का वादा किया गया था जब शिवराज सिंह चौहान मुख्यमंत्री थे। वादा डीएसपी पद का था। मुझे 50 लाख रुपये मिले, और नौकरी कभी नहीं आई। पिछले एक महीने से, मैं अधिकारियों से मिलने की कोशिश कर रहा हूं, लेकिन कोई मुझे फोन नहीं करता है। कोई मुझे सरकारी कार्यक्रमों में आमंत्रित नहीं करता है। वे केवल हमारे साथ तब तस्वीरें खिंचवाते हैं जब हम पदक जीतते हैं और हमारी जरूरत के समय हमें छोड़ देते हैं। कौन है कपिल परमार सीहोर में जन्मे परमार ने 2009 में एक बिजली के झटके में अपनी दृष्टि खो दी थी। एक मध्यमवर्गीय परिवार से ताल्लुक रखने वाले उनके पिता टैक्सी ड्राइवर के रूप में काम करते थे जबकि उनके सबसे बड़े भाई होम गार्ड के रूप में तैनात थे। उनका दूसरा भाई परमार के प्रशिक्षण में मदद करता है। कपिल परमार ने 2024 पैरालंपिक्स में कांस्य पदक जीता था। उन्होंने जूडो में भारत के लिए पहला पैरालंपिक पदक जीता था। उन्होंने 2019 कॉमनवेल्थ चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक, 2023 ग्रां प्री में स्वर्ण पदक, 2023 वर्ल्ड गेम्स में कांस्य पदक और 2022 एशियाई पैरा गेम्स में रजत पदक भी जीता था।  

मुख्यधारा में वापसी: 33 लाख इनामी 20 नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण, महिलाओं की भी बड़ी भूमिका

सुकमा छत्तीसगढ़ के सुकमा में 33 लाख के ईनामी नक्सली समेत कुल 20 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर दिया है. सरेंडर करने वाले नक्सलियों में 9 महिलाएं और 11 पुरुष शामिल हैं, जिनमें  1 एसीएम,  4 पार्टी सदस्य और 15 अग्र संगठन सदस्य हैं. इनमें से एक PLGA बटालियन (माओवादी संगठन) की सक्रीय हार्डकोर महिला नक्सली थी. इन सभी ने आज सुकमा पुलिस के पास जाकर आत्मसमर्पण किया है. बता दें, सुरक्षा बलों द्वारा लगातार चलाए जा रहे सर्चिंग ऑपरेशन के चलते नक्सलियों पर भारी दबाव बढ़ा है. इसके साथ ही सरकार द्वारा आत्मसमर्पिण करने वाले नक्सलियों के लिए चलाए जा रहे पुनर्वास नीति और नियद नेल्ला नार योजना से प्रभावित हो कर नक्सलियों ने हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा को चुना है. आत्मसमर्पित में से 2 नक्सलियों पर ₹08-08 लाख के ईनाम घोषित थे. 1 नक्सली पर ₹05 लाख घोषित थे. 4 नक्सलियों पर ₹02-02 लाख और अन्य 4 नक्सलियों पर ₹01-01 लाख घोषित थे. इस तरह आज कुल ₹33 लाख ईनामी नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है.

गृह मंत्री अमित शाह का बिहार दौरा, सीट शेयरिंग और चुनावी समीकरण पर मंथन

पटना बिहार विधानसभा चुनाव से पहले गृह मंत्री अमित शाह ने बड़ी बैठक बुलाई है। यह बैठक आज दिल्ली में होगी। इसके लिए बिहार भाजपा के सभी वरिष्ठ नेता दिल्ली तलब किए गए हैं। दोनों उपमुख्यमं सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा, प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवल समेत सभी वरिष्ठ नेता दिल्ली पहुंच चुके हैं। भाजपा सूत्रों की मानें तो बिहार चुनाव को लेकर अमित शाह ने यह बैठक बुलाई है। इसमें 243 सीटों पर बात की जाएगी। बिहार भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सारे आंकड़ें और रिपोर्ट लेकर दिल्ली पहुंचे हैं। गृह मंत्री इस रिपोर्ट को देखेंगे। राजनीतिक पंडितों को मानें तो राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन में किस दल को कितनी सीटें मिलेंगी? इसका फैसला अब तक नहीं लिया गया है। ऐसे में गृह मंत्री अमित शाह द्वारा बुलाई गई यह बैठक काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। भाजपा प्रवक्ता प्रेम रंजन पटेल के अनुसार, बिहर में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर अलग-अलग मुद्दों पर चर्चा होगी। इसमें गृह मंत्री अमित शाह भाजपा के सभी वरिष्ठ नेताओं के साथ बातचीत करेंगे। जानिए, किसे कितनी सीट चाहिए सूत्रों की मानें तो  एनडीए के अंदर इस बार सीटों का बंटवारा इस तरह से हो रहा है कि जनता दल यूनाईटेड एक तरफ है और दूसरी तरफ भाजपा व बाकी दल। एनडीए में बिहार विधानसभा की 243 में से 100 सीटें जदयू को मिल रही हैं। जदयू इसे बढ़ाने की कोशिश में है, लेकिन भाजपा उसे इतने पर राजी कराने की कोशिश में है। भाजपा के कोटे में लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास), हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा (सेक्युलर) और राष्ट्रीय लोक मोर्चा है। भाजपा को 143 सीटों में से अपने पास 100+ रखकर बाकी को बांटना है। वहीं चिराग पासवान 40 तक सीटें चाह रहे हैं, लेकिन उन्हें 20 से अधिक सीटें नहीं देने की राय बनी हुई है। वहीं राष्ट्रीय लोक मोर्चा के प्रमुख व सांसद उपेंद्र कुशवाहा 10 सीटों की मांग कर रहे हैं। भाजपा उनके लिए एक रास्ता तलाश रही है ताकि विधानसभा के सीट बंटवारे में उन्हें संतुष्ट किया जा सके।

मध्यप्रदेश में दे दनादन तबादले, पुलिस विभाग में हड़कंप

भोपाल  मध्य प्रदेश में देर रात फिर तबादला एक्सप्रेस दौड़ी है. मध्य प्रदेश शासन ने पुलिस विभाग के 25 अधिकारियों के ट्रांसफर कर दिए हैं. ट्रांसफर की ये लिस्ट देर रात जारी हुई है, जिसमें सभी अधिकारियों की वर्तमान पदस्थापना की साथ नवीन पदस्थापना की जानकारी दी गई है. इन अधिकारियों के हुए तबादले मध्य प्रदेश शासन के गृह विभाग द्वारा जारी आदेश के मुताबिक PHQ भोपाल में एआईजी अनिल कुमार पाटीदार को स.म.नि. कार्यालय पुलिस महानिरीक्षक, भोपाल (ग्रामीण) जोन, पीएचक्यू भोपाल में ही पदस्थ एआईजी गीतेश कुमार गर्ग को जोनल पुलिस अधीक्षक, विशेष शाखा, ग्वालियर, इंदौर रेल एडिशनल एसपी मनीषा पाठक को पीटीएस एसपी उज्जैन, रेडियो मुख्यालय भोपाल में एसपी संदीप मिश्रा को एडिशनल एसपी रीवा नवीन पदस्थापना दी गई है. कई अधिकारियों के मुख्यालय से ट्रांसफर इसी तरह पुलिस मुख्यालय में सहायक पुलिस महानिरीक्षक (शिकायत) पल्लवी त्रिवेदी को पुलिस अधीक्षक भौंरी, भोपाल, बिट्टी सेहगल, उप सेनानी 13वीं वाहिनी विसबल ग्वालियर को एडिशनल एसपी खरगौन. पुलिस मुख्यालय अअवि में सहायक पुलिस महानिरीक्षक धनंजय शाह को अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अअवि इंदौर जोन भेजा गया है. इसी प्रकार उज्जैन जोन की अजाक एसपी मीना चौहान को अतिरिक्त पुलिस आयुक्त आसूचना इंदौर नगरीय पुलिस की जिम्मेदारी दी गई है.  जमकर दौड़ रही मोहन सरकार की तबादला एक्सप्रेस गौरतलब है कि मध्य प्रदेश सरकार द्वारा पिछले कई दिनों से कई विभागों में प्रशासनिक सजरी भी की जा रही है और कई कर्मचारियों व अधिकारियों के ट्रांसफर किए जा रहे हैं. बता दें कि मोहन यादव सरकार ने अपनी ट्रांसफर पॉलिसी में कई बदलाव भी किए हैं. इसके तहत एक ही स्थान पर लंबे समय से जमे अधिकारियों व कर्मचारियों के लिए ट्रांसफर पॉलिसी बनाई गई है. हर विभाग में इस फॉर्मूले को अपनाया जा रहा है. अप्रैल में हटा है तबादलों से प्रतिबंध बता दें कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस वित्तीय वर्ष की शुरुआत में आयोजित कैबिनेट बैठक में तबादलों से प्रतिबंध हटाने का निर्णय लिया था. नई ट्रांसफर पॉलिसी में ट्रांसफर रेशियो भी निर्धारित किया गया है. यदि किसी विभाग में 200 पद हैं तो 20 फीसदी तबादले हो सकेंगे. इसी तरह यदि किसी विभाग में 201 से लेकर 1 हजार पद हैं तो 15 प्रतिशत ही तबादले हो सकेंगे. इसी तरह 1 हजार से लेकर 2 हजार पद वाले विभाग में 10 फीसदी और 2001 से ज्यादा पद वाले विभागों में 5 फीसदी अधिकारी-कर्मचारियों के तबादले हो सकेंगे.

विधानसभा में पास होगा कोचिंग रेगुलेशन बिल , कांग्रेस ने शिक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल

जयपुर राजस्थान विधानसभा का बुधवार का सत्र हंगामेदार रहा। झालावाड़ स्कूल हादसे और प्रदेश में जर्जर स्कूल भवनों की स्थिति को लेकर कांग्रेस विधायकों ने जोरदार प्रदर्शन किया। विपक्षी विधायक विधानसभा गेट की सीढ़ियों पर नारेबाजी करते हुए शिक्षा मंत्री से इस्तीफे की मांग करने लगे। सदन के भीतर भी कांग्रेस विधायक काली पट्टी बांधकर पहुंचे और सरकार पर संवेदनहीन होने का आरोप लगाया। कांग्रेस का कहना है कि झालावाड़ हादसे में बच्चों की मौत के बाद भी सदन में उन्हें श्रद्धांजलि तक नहीं दी गई। इस कारण विपक्ष ने विधानसभा परिसर में मृतक बच्चों को श्रद्धांजलि अर्पित की। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली, सचिन पायलट और हरीश चौधरी सहित कई वरिष्ठ नेता प्रदर्शन में शामिल हुए। कांग्रेस का आरोप है कि सरकार जर्जर स्कूल भवनों की मरम्मत करने की बजाय लापरवाही बरत रही है, जिससे हादसों का खतरा बढ़ रहा है। वहीं सदन में राजस्थान कोचिंग इंस्टीट्यूट कंट्रोल्ड एंड रेगुलेशन बिल-2025 पर बहस हुई। इस बिल में जुर्माने की राशि घटाई गई है। पहले उल्लंघन पर 2 लाख और दूसरी बार पर 5 लाख रुपये का जुर्माना तय था, लेकिन अब इसे घटाकर पहली बार पर 50 हजार और दूसरी बार 2 लाख किया गया है। इसके अलावा पहले 50 से अधिक छात्रों वाले कोचिंग संस्थानों को रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य था, अब यह सीमा 100 कर दी गई है। विशेषज्ञों के मुताबिक इस बदलाव से छोटे स्तर पर चल रही कोचिंग संस्थाओं को राहत मिलेगी और बड़े संस्थानों पर नियंत्रण बढ़ेगा। हालांकि विपक्ष का आरोप है कि जुर्माना घटाकर सरकार बड़े कोचिंग संस्थानों को फायदा पहुंचा रही है।

CM योगी ने छात्रवृत्ति योजना में लापरवाही पर दिखाई सख्ती, दिए कड़े निर्देश

लखनऊ  उत्तर प्रदेश सरकार ने छात्रवृत्ति और शुल्क भरपाई योजना में हुई भारी लापरवाही पर कड़ा रुख अपनाया है. प्रदेश के करीब छह लाख पात्र छात्रों को वर्ष 2024-25 में योजना का लाभ नहीं मिल सका. यह मामला सामने आने पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कार्रवाई के आदेश दिए. इसके तहत अयोध्या, बहराइच, रायबरेली और सीतापुर समेत 14 जिलों के समाज कल्याण अधिकारियों को प्रतिकूल प्रविष्टि दी गई है. वहीं बरेली में सबसे ज्यादा गड़बड़ी सामने आने पर वहां के बाबू प्रमोद जोशी को निलंबित कर दिया गया है. अधिकारियों की लापरवाही के चलते नहीं आई स्कॉलरशिप जानकारी के मुताबिक सरकार ढाई लाख रुपये तक वार्षिक आय वाले एससी-एसटी छात्रों और दो लाख रुपये तक आय वाले अन्य वर्गों के छात्रों को छात्रवृत्ति के साथ शुल्क की भरपाई करती है. लेकिन कई शिक्षण संस्थानों और अधिकारियों की लापरवाही के कारण छह लाख से अधिक छात्र इस योजना से वंचित रह गए. कहीं अधिकारियों ने डाटा लॉक नहीं किया तो कहीं विश्वविद्यालयों और कॉलेजों ने ऑनलाइन आवेदन ही आगे नहीं बढ़ाए. कार्रवाई की जद में आए अधिकारियों में अलीगढ़ की संध्या रानी बघेल, औरेया की इंदिरा सिंह, अयोध्या के रणविजय सिंह, बहराइच के रमाशंकर, बलिया के दीपक श्रीवास्तव, बरेली के सुधांशु शेखर, बिजनौर के जागेश्वर सिंह, गौतमबुद्धनगर के सतीश कुमार, गाजियाबाद के वेद प्रकाश मिश्रा, कन्नौज के सत्य प्रकाश सिंह, प्रतापगढ़ के नागेंद्र मौर्य, रायबरेली की सृष्टि अवस्थी, सीतापुर के हर्ष मवार और वाराणसी के गिरीश दुबे शामिल हैं. इनके साथ ही कई जिलों के बाबुओं को भी प्रतिकूल प्रविष्टि और चेतावनी दी गई है. छात्रों के खाते में जल्द भेजी जाएगी राशि मुख्यमंत्री योगी ने निर्देश दिए हैं कि दोषी अधिकारियों-कर्मचारियों के साथ-साथ विश्वविद्यालयों और निजी शिक्षण संस्थानों पर भी सख्त कार्रवाई की जाए. मामले को लेकर 14 राज्य विश्वविद्यालयों, 19 निजी विश्वविद्यालयों और कई आईटीआई के संयुक्त निदेशकों पर भी कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं. सरकार का कहना है कि छात्रों का हक हर हाल में सुरक्षित किया जाएगा और जिन विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति व शुल्क भरपाई नहीं मिली है, उनके खाते में जल्द ही राशि भेजी जाएगी.