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CM योगी के आदेश पर यूपी के 14 शहरों में चला स्पेशल ऑपरेशन

लखनऊ  यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर नगर विकास विभाग ने प्रदेश के विभिन्न नगर निगमों में एक साथ 12 घंटे का विशेष अभियान चलाया. अधिकारियों के मुताबिक इस पहल का मुख्य उद्देश्य नागरिक सुविधाओं में सुधार, स्थानीय समस्याओं का समाधान और जन-जागरूकता बढ़ाना था. यह अभियान स्वच्छ भारत मिशन और पर्यावरण संरक्षण के लक्ष्यों के अनुरूप संचालित किया गया. न्यूज एजेंसी की खबर के अनुसार लखनऊ नगर निगम ने आठ जोनों में 32 कर वसूली और शिकायत निवारण शिविर आयोजित किए. अपर नगर आयुक्त और मुख्य कर निर्धारण अधिकारी के नेतृत्व में 1,365 शिकायतों का मौके पर समाधान किया गया. एक दिन में 2.30 करोड़ रुपये का कर संग्रह सुनिश्चित हुआ. इसके अलावा गोरखपुर नगर निगम ने प्लास्टिक मुक्त अभियान चलाकर दुकानदारों को कपड़े के थैले वितरित किए. साथ ही सिंगल यूज प्लास्टिक के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूकता फैलाई और नियम उल्लंघन करने वालों पर जुर्माना लगाया गया. वाराणसी:नगर निगम की टीम ने कचरा पृथक्करण पहल शुरू की. भरत मिलाप कॉलोनी और महेश नगर कॉलोनी के 86 घरों में घर-घर जाकर जागरूकता अभियान चलाया गया. अब अधिकांश घरों में गीला और सूखा कचरा अलग-अलग डस्टबिन में डाला जा रहा है. मथुरा-वृंदावन नगर निगम ने मछली फाटक के पुराने कूड़ा ढलाव घर का सौंदर्यीकरण किया. राधा अष्टमी के अवसर पर अहिल्या बाई पार्क और आसपास के क्षेत्रों में विशेष सफाई अभियान चला. स्थानीय निवासी कचरा पृथक्करण और पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रेरित हुए. गाजियाबाद में भारी बारिश के दौरान मोहन नगर, शालीमार गार्डन और मोहन नगर बस स्टैंड में जलभराव समाधान किया गया. 20 साल पुराने नालों और पाइपलाइनों की सफाई कर स्थायी समाधान उपलब्ध कराया गया. अयोध्या नगर निगम को भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड से 20 इलेक्ट्रॉनिक हॉपर टिपर प्राप्त हुए. इससे डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण को गति मिली. प्रत्येक वार्ड में टिपर जीपीएस और रूट मैप के साथ संचालित होगा. वहीं शाहजहांपुर में निगोही रोड पर वर्षों पुराने 150 टन गीले कचरे का निस्तारण कर दीर्घकालीन समस्या का समाधान किया गया. मुरादाबाद में विशेष अभियान के तहत 200 मीट्रिक टन कचरे का निस्तारण किया गया. 250 सफाई कर्मियों और आधुनिक उपकरणों की मदद से यह क्षेत्र साफ किया गया. बरेली के वार्ड-53, मोहल्ला रोहली टोला और आशीष रॉयल पार्क कॉलोनी में जल आपूर्ति सुधार की गई. 1,100 मीटर नई पाइपलाइन बिछाकर 200 भवनों में शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया गया. कानपुर नगर निगम ने सिंगल यूज प्लास्टिक के बहिष्कार और स्वच्छता के लिए तीन नए फुटबॉल ग्राउंड का उद्घाटन किया और फ्रेंडली फुटबॉल मैच आयोजित किया. प्रयागराज बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्वच्छता और एंटी-लार्वा फॉगिंग अभियान चलाया गया. अपशिष्ट पृथक्करण और मच्छर जनित बीमारियों की रोकथाम पर जोर दिया गया. मेरठ नगर आयुक्त ने कान्हा गौशाला का निरीक्षण किया. गौवंश की देखभाल, पोषण और स्वास्थ्य प्रबंधन की स्थिति का जायजा लिया गया. यह पहल धार्मिक कर्तव्य के साथ-साथ सामाजिक जिम्मेदारी भी मानी गई. फिरोजाबाद नगर निगम ने बारिश के बाद जलभराव की 12 शिकायतों का त्वरित निस्तारण किया. अलीगढ़: नगर निगम ने लगातार काम करते हुए जलभराव कम करने और खेल सुविधाओं के विकास की तैयारी की. नारंगी लाल स्मार्ट सिटी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स अगले 2-3 सप्ताह में हस्तांतरित किया जाएगा. अधिकारियों का कहना है कि इस 12 घंटे के विशेष अभियान ने न केवल नागरिक सेवाओं और स्वच्छता में सुधार किया, बल्कि लोगों में पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक जिम्मेदारी के प्रति जागरूकता भी बढ़ाई. नगर निगमों के सहयोग से यह पहल प्रदेशभर में एक मॉडल के रूप में उभरी है.

38 जिलों में झमाझम का अलर्ट: गंगा-कोसी उफान पर, कई इलाकों में बाढ़ की आशंका

 पटना बिहार में मानसून थोड़ा कमजोर जरूर पड़ गया है लेकिन सभी जिलों में बारिश के आसार आज से लेकर आठ सितंबर तक हैं। उत्तर-पश्चिम, उत्तर-मध्य, उत्तर-पूर्व, दक्षिण-पश्चिम बिहार, दक्षिण-मध्य, दक्षिण-पूर्व बिहार में एक या दो स्थानों पर बारिश के आसार हैं। पटना, गया, नालंदा, शेखपुरा, नवादा, बेगूसराय, लखीसराय और जहानाबाद समेत पूरे बिहार में बारिश के आसार हैं। मौसम विभाग ने लोगों से सावधान रहने की अपील की है। इधर, लगातार बारिश के कारण गंगा और कोसी उफान पर है। नेपाल में हुई लगातार भारी बारिश का असर बिहार की कोसी नदी पर साफ दिखने लगा है। जलग्रहण क्षेत्रों में मूसलधार बारिश के बाद रविवार शाम से कोसी नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा। नेपाल प्रभाग के बराहक्षेत्र से भी पानी का डिस्चार्ज लगातार बढ़ता घटता रहा। जल संसाधन विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक, खगड़िया के डुमरी और बलतारा, भागलपुर के विजय घाट पुल और कटिहार के कुरसेला में कोसी का बहाव पहले ही खतरे के निशान को पार कर चुका है। प्रशासन ने राहत और बचाव कार्य की तैयारी तेज कर दी है। मौसम वैज्ञानिक के अनुसार, अगले तीन से चार दिनों के दौरान पटना के अधिकांश भागों के अधिकतम तापमान में कोई विशेष परिवर्तन नहीं होने के आसार हैं। वहीं अगले पांच दिनों तक राज्य के अधिकांश भागों में न्यूनतम तापमान में कोई विशेष परिवर्तन नहीं होने की संभावना है। उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी के ऊपर निम्न दबाव बना हुआ है। अगले 24 घंटों के दौरान इसी क्षेत्र में इसके और भी ज्यादा प्रभावी होने की संभावना है। इसके बाद यह अगले 24 घंटे के ऊपर होते हुए पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ेगा। मुंगेर में फिर से बाढ़ का खतरा मुंगेर में गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। पहले ग्रामीण इलाकों में पानी फैलने के बाद अब शहरी क्षेत्रों में भी गंगा का पानी प्रवेश कर चुका है। नगर निगम क्षेत्र अंतर्गत लाल दरवाजा–गीता बाबू लिंक पथ पर लगभग तीन फीट पानी भर गया है, जिससे वाहन चालकों को भारी परेशानी हो रही है। नगर निगम क्षेत्र के कई निचले इलाकों और घरों में भी बाढ़ का पानी घुस गया है। सदर प्रखंड के मोहली पंचायत अंतर्गत आदर्श ग्राम टीका रामपुर में ग्रामीण सड़क और आंगनबाड़ी केंद्र पूरी तरह पानी में डूब गए हैं। भागलपुर में भी बाढ़ का खतरा गंगा के जलस्तर में लगातार वृद्धि से जिले में बाढ़ का खतरा एक बार फिर गहरा गया है। भागलपुर जिले के कहलगांव, सुल्तानगंज, नाथनगर, सबौर और नवगछिया अनुमंडल के तीन प्रखंडों सहित कुल आठ प्रखंडों के निचले इलाके जलमग्न हो गए हैं। गंगा के साथ-साथ कोसी नदी का जलस्तर भी खतरे के निशान से ऊपर बह रहा है, जिससे नवगछिया अनुमंडल के कोसी तटवर्ती क्षेत्रों में पानी तेजी से प्रवेश कर रहा है। प्रशासन ने जिले के 92 पंचायतों को बाढ़ प्रभावित घोषित किया है।

वनडे ऑलराउंडर रैंकिंग में बड़ा उलटफेर, रजा नंबर-1 और नबी पहुंचे हार्दिक के नजदीक

नई दिल्ली  इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी) द्वारा बुधवार को जारी की गई खिलाड़ियों की ताजा रैंकिंग में हलचल हुई। जिम्बाब्वे के अनुभवी ऑलराउंडर सिकंदर रजा को बादशाहत मिल गई है। वह नए नंबर-1 वनडे ऑलराउंडर बन गए हैं। उनके खाते में फिलहाल 302 रेटिंग अंक हैं। रजा अफगानिस्तान के ऑलराउंडर मोहम्मद नबी (292 अंक) और अजमतुल्लाह उमरजई (296) को पछाड़कर शीर्ष पर पहुंचे हैं। नबी तीसरे और उमरजई दूसरे पायदान पर हैं। रजा ने हाल ही में श्रीलंका के खिलाफ दो वनडे मैचों की सीरीज में 92 और नाबाद 59 रनों की पारी खेली। उन्होंने एक विकेट भी चटकाया। 39 वर्षीय रजा साथ ही बल्लेबाजी रैंकिंग में नौ स्थान ऊपर चढ़कर 22वें पर चले गए हैं। जिम्बाब्वे के विरुद्ध हरारे स्पोर्ट्स क्लब में दोनों वनडे जीतने के बाद श्रीलंकाई खिलाड़ियों ने भी रैंकिंग में छलांग लगाई है। पथुम निसांका (654 अंक) बल्लेबाजी रैंकिंग में सात स्थान ऊपर 13वें पर पहुंच गए। उन्होंने सीरीज में 122 और 76 रनों की पारी खेली। जनिथ लियानागे (13 स्थान चढ़कर 29वें पर) की रैंकिंग में सुधार हुआ है। गेंदबाजी रैंकिंग में असिथ फर्नांडो (छह पायदान ऊपर 31वें पर) और दिलशान मदुशंका (आठ स्थान ऊपर 52वें पर) को फायदा मिला है। दक्षिण अफ्रीका के स्पिनर केशव महाराज नंबर-1 वनडे गेंदबाज हैं। उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ पहले वनडे में चार विकेट लेने के बाद 31 रेटिंग अंकों की बढ़त (कुल 690 अंक) बना ली। भारत के शुभमन गिल नंबर-1 वनडे बल्लेबाज हैं। उनके 784 अंक हैं। मोहम्मद नबी को जहां वनडे रैंकिंग में नुकसान हुआ वहीं अफगान खिलाड़ी टी20 ऑलराउंडर्स रैंकिग में हार्दिक पांड्या के करीब पहुंच गया। नबी 231 अंकों के साथ दूसरे स्थान पर हैं। हार्दिक शीर्ष पर हैं। उनके खाते में फिलहाल 252 अंक हैं। नबी ने शारजाह में पिछले हफ्ते तीन मैचों में चार विकेट लिए। अफगानिस्तान टीम इन दिनों यूएई में टी20 इंटरनेशनल ट्राई सीरीज खेल रही है, जिसमें पाकिस्तान भी सामिल है। अफगानिस्तान के इब्राहिम जादरान दो अर्धशतक लगाने के बाद टी20 बल्लेबाजी रैंकिंग में 12 स्थान चढ़कर 20वें पर पहुंच गए हैं। पाकिस्तान के सूफियान मुकीम टी20 गेंदबाजी रैंकिंग में 11 स्थान ऊपर 22वें स्थान पर आ गए।  

PU छात्रसंघ चुनाव: मतदान जारी, पुलिस ने संभाला मोर्चा

चंडीगढ़  चंडीगढ़ स्थित पंजाब यूनिवर्सिटी में आज छात्रसंघ चुनाव को लेकर जबरदस्त हलचल देखने को मिली। एक तरफ जहां लगातार हो रही बारिश छात्रों के लिए चुनौती बनी रही, वहीं दूसरी ओर विश्वविद्यालय कैंपस पूरी तरह से चुनावी रंग में रंगा नजर आया। करीब 17,000 छात्र अपने मताधिकार का प्रयोग कर रहे हैं। छात्रसंघ के विभिन्न पदों के लिए मतदान जारी है, जिसमें प्रेजिडेंट पद पर 8 उम्मीदवार मैदान में हैं। बारिश के बावजूद उम्मीदवार अपने-अपने डिपार्टमेंट्स के बाहर छाता लेकर खड़े दिखे और वोट के लिए अपील करते नजर आए। यूनिवर्सिटी बनी पुलिस छावनी चुनाव को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए पंजाब यूनिवर्सिटी को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया है। सुरक्षा के लिए 11 डीएसपी, 10 एसएचओ, 10 इंस्पेक्टर, 9 चौकी इंचार्ज और 988 पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। एसएसपी कंवरदीप कौर खुद सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी कर रही हैं। 

गया पहुंचे सीएम नीतीश, पितृपक्ष मेला तैयारियों की समीक्षा कर विष्णुपद मंदिर में टेका माथा

पटना विश्व प्रसिद्ध पितृपक्ष मेला की तैयारी को लेकर बुधवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार गया जी पहुंचे। सर्व प्रथम उन्होंने विष्णुपद मंदिर पहुंचकर पूजा अर्चना किया। पूजा अर्चना के बाद सीएम नीतीश कुमार पितृपक्ष मेला की जिला प्रशासन द्वारा की गई तैयारियों का जायजा लिया। मेला क्षेत्र के देवघाट और विष्णु पथ समेत अन्य पिंडवेदियों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान सीएम नीतीश कुमार ने संबंधित अधिकारियों को कई महत्त्वपूर्ण निर्देश दिए। निरीक्षण के बाद कड़ी सुरक्षा के बीच सीएम नीतीश कुमार समाहरणालय पहुंचे। जहां उन्होंने जिला प्रशासन के सभी अधिकारियों के साथ बैठक कर पितृपक्ष मेला की तैयारियों का समीक्षा बैठक की। बैठक में सीएम नीतीश कुमार सभी तैयारियों का बारीकी से जानकारी ली। किसी प्रकार की परेशानियों का सामना नहीं करना पड़े उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि देश के विभिन्न प्रदेशों से आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानियों का सामना नहीं करना पड़े। सभी बुनियादी सुविधाएं ससमय पूरा करने का निर्देश भी दिए। समाहरणालय में अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक के बाद सीएम नीतीश कुमार चाकंद हाई स्कूल पहुंचे। जहां उन्होंने विभिन्न योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। सीएम नीतीश कुमार के आने से पहले मेला क्षेत्रों में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। विष्णुपद, देवघाट, चांद चौरा और समाहरणालय के सभी सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात रहे। इस दौरान केन्द्रीय मंत्री जीतन राम मांझी, बिहार के डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी व विजय कुमार सिन्हा, पर्यटन मंत्री समेत कई जनप्रतिनिधि शामिल होंगे। दस योजनाओं का किया शिलान्यास बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आज गया जी में पितृपक्ष मेला की समीक्षा बैठक के बाद चांकद हाई स्कूल में 899 करोड़ 46 लाख की लागत से कुल 10 योजनाओं का शिलान्यास किया। जिनमें 349 करोड़ 22 लाख की लागत से मुफस्सिल मोड़ पर फ्लाईओवर का निर्माण, 119 करोड़ 74 लाख की लागत से इमामगंज प्रखंड के कोठी से सलैया पथ का निर्माण, 104 करोड़ 72 लाख की लागत से गया परैया गुरुआ होते हुए औरंगाबाद रफीगंज को जोड़ने वाले पथ का चौड़ीकरण, 90 करोड़ 16 लाख की लागत से गया मानपुर रेलखंड पर अवस्थित लेवल क्रॉसिंग संख्या 71 ए बागेश्वरी गुमटी पर आर ओ बी का निर्माण, 77 करोड़ 60 लाख की लागत से बतसपुर वियर योजना अंतर्गत मोराटाल मुख्य पईन का चौड़ीकरण, 58 करोड़ 54 लाख की लागत से नगर प्रखंड के बेल्थु गांव में अल्पसंख्यक आवासीय विद्यालय का निर्माण, 39 करोड़ 82 लाख के लगात से गया जिले के बेला पनारी रोड से अग्नि, शिवरामपुर होते हुए धनावां शाकिरा बीघा तक सड़क का चौड़ीकरण, 19 करोड़ 89 लाख की लागत से कंडी नवादा पार्क एवं 21 करोड़ 81 लाख की लागत से सिलौंजा पार्क के विकास कार्य, 14 करोड़ 52 लाख की लागत से इमामगंज प्रखंड में डिग्री कॉलेज और 3 करोड़ 61 लाख की लागत से इमामगंज प्रखंड अंतर्गत 12 बांध का जीर्णोद्धार समेत अन्य योजनाएं शामिल है। इस मौके पर केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी, डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी व विजय कुमार सिन्हा, जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी, सहकारिता मंत्री डॉ प्रेम कुमार, लघु जल संसाधन मंत्री संतोष कुमार सुमन, पथ निर्माण मंत्री नितिन नवीन, भवन निर्माण मंत्री जयंत राज और पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री डॉ सुनील कुमार समेत कई नेता मौजूद थे।

अमेरिका की टैरिफ नीति पर Moody’s ने दी चेतावनी, आर्थिक मंदी का खतरा बढ़ा

वाशिंगटन  एक ओर जहां अमेरिकी राष्ट्रपति दुनिया के तमाम देशों पर टैरिफ बम फोड़कर हुए बड़े-बड़े दावे करते हुए धौंस दिखा रहे हैं, तो वहीं ग्लोबल रेटिंग एजेंसी मूडीज ने उन्हें बड़ा झटका दिया है. अपनी लेटेस्ट रिपोर्ट में मूडीज ने चेतावनी देते हुए कहा कि अमेरिका गंभीर मंदी की कगार पर पहुंच गया है और यूएस इकोनॉमी का एक तिहाई हिस्सा पहले से ही संकट से जूझ रहा है. ये चेतावनी ट्रंप ही नहीं, बल्कि अमेरिका के लिए एक बुरी खबर है.  मूडीज का ट्रंप को बड़ा अलर्ट मूडीज एनालिटिक्स के मुख्य अर्थशास्त्री मार्क जैंडी ने अमेरिका को चेतावनी देते हुए कहा है कि राज्य-स्तरीय आंकड़े इस ओर इशारा कर रहे हैं, कि अमेरिकी अर्थव्यवस्था मंदी के कगार पर है. उन्होंने विश्लेषण के आधार पर कहा कि हालात ये हैं कि अमेरिकी सकल घरेलू उत्पाद (यूएस जीडीपी) का लगभग एक-तिहाई हिस्सा बनाने वाले राज्य या तो मंदी की चपेट में हैं या मंदी के हाई रिस्क में पहुंच चुके हैं.  अमेरिका राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप जीडीपी ग्रोथ रेट और महंगाई के आंकड़ों को भले ही आर्थिक सफलता का प्रमाण बता रहे हैं और टैरिफ के पॉजिटिव असर के दावे कर रहे हैं, लेकिन मूडीज के अर्थशास्त्रियों का मानना है कि संयुक्त राज्य अमेरिका एक और मंदी के मुहाने पर खड़ा है, जिससे भारी वित्तीय नुकसान का सामना करना पड़ सकता है.  मंदी के खतरे में राज्य, नौकरियां खत्म  रिपोर्ट में जैंडी के हवाले से कहा गया है कि अमेरिका की जीडीपी का एक तिहाई हिस्सा जिन राज्यों के आता है, वो मंदी से गुजर रहे हैं या मंदी के खतरे में हैं. वहीं एक तिहाई राज्यों की ग्रोथ स्थिर दिख रही है, जबकि बचे हुए एक तिहाई राज्यों में ही वृद्धि दर्ज की जा रही है. मार्क जैंडी के मुताबिक, सरकारी नौकरियों में कटौती के कारण संकट बढ़ता नजर आ रहा है. उन्होंने कहा है कि उत्तर-पूर्व, मध्य-पश्चिम और वाशिंगटन डीसी क्षेत्र में सबसे ज्यादा असर दिखा है, जहां नौकरियों कम हो रही हैं. ट्रंप के शपथ ग्रहण के बाद जनवरी से मई तक वाशिंगटन डीसी में 22,100 सरकारी नौकरियां खत्म की गई हैं. विनिर्माण पीएमआई में गिरावट  हाल ही में आई रॉयटर्स की रिपोर्ट भी अमेरिकी अर्थव्यवस्था में मंदी के खतरे से जुड़े कुछ संकेत शेयर किए गए. इसमें बताया गया कि अगस्त 2025 में अमेरिका का मैन्युफैक्चरिंग पीएमआई घटकर 48.7 पर आ गया है और कारखानों की स्थिति 'US Great Recession' के समय से भी बदहाल बताई जा रही है.  रिपोर्ट के मुताबिक, जहां अमेरिका दुनियाभर के देशों पर टैरिफ अटैक कर रहा है, तो वहीं अगस्त में अमेरिकी विनिर्माण क्षेत्र में लगातार छठे महीने तेज गिरावट दर्ज की गई है. इसकी वजह बताते हुए कहा गया है कि देश के कारखाने ट्रंप प्रशासन के आयात शुल्कों के दुष्प्रभावों से जूझ रहे हैं. यानी साफ है कि टैरिफ फायदे की जगह नुकसान पहुंचाने वाला साबित हो रहा है. मैन्युफैक्चरर्स ने टैरिफ टेंशन के बीच मौजूदा कारोबारी माहौल को महामंदी से भी बदतर करार दिया है.  आंकड़ों को दरकिनार कर रहे ट्रंप इंस्टीट्यूट फॉर सप्लाई मैनेजमेंट (आईएसएम) के सर्वे का हवाला देते हुए रिपोर्ट में बताया गया है कि कुछ मैन्युफैक्चरर ने ये साफ किया है कि अत्यधिक आयात शुल्कों के कारण अमेरिका में वस्तुओं का निर्माण अब मुश्किल होता जा रहा है.  जबकि दूसरी ओर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तमाम संकेतों और आंकड़ों के बावजूद अपने ट्रेड पॉलिसी का बचाव कर रहे है और टैरिफ के देश के हित में उठाया गया कदम बताते हुए इसे लंबे समय से गिरते अमेरिकी औद्योगिक आधार को पुनर्जीवित करने के लिए जरूरी बताते नजर आ रहे हैं. 

CAA : केंद्र ने लिया महत्वपूर्ण निर्णय, अल्पसंख्यक नागरिकों की भारत में रहने की अवधि बढ़ी

नई दिल्ली केंद्र सरकार ने धार्मिक उत्पीड़न से बचकर भारत आए अफगानिस्तान, बांग्लादेश और पाकिस्तान के अल्पसंख्यक समुदायों को बड़ी राहत दी है. गृह मंत्रालय ने एक आदेश में कहा कि हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई समुदायों के वे लोग, जो 31 दिसंबर 2024 तक भारत आए हैं, उन्हें पासपोर्ट या अन्य ट्रैवल डॉक्यूमेंट्स के बिना भी देश में रहने की अनुमति दी जाएगी. यह आदेश इमीग्रेशन एंड फॉरेनर्स एक्टर, 2025 के तहत जारी किया गया है. इसके तहत उन लोगों को राहत मिलेगी जो मान्य पासपोर्ट और वीजा के बिना भारत में आए या जिनके डॉक्यूमेंट्स की वैधता खत्म हो चुकी है. गृह मंत्रालय के आदेश में कहा गया है कि ऐसे लोग जो धार्मिक उत्पीड़न या उसके भय से भारत आए और 31 दिसंबर 2024 तक देश में दाखिल हुए, उन्हें पासपोर्ट और वीजा रखने के नियम से छूट दी जाएगी. पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश से भारत आए अल्पसंख्यकों के पासपोर्ट नियमों में बदलाव किया गया है। गृह मंत्रालय ने आदेश जारी करते हुए कहा कि 31 दिसंबर 2024 से पहले इन तीन देशों से भारत आने वाले अल्पसंख्यकों को पासपोर्ट दिखाने की जरूरत नहीं है। वो बिना पासपोर्ट के भी देश में रह सकते हैं। यह आदेश पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश से आए 6 अल्पसंख्यकों – हिंदू, ईसाई, सिक्ख, बौद्ध, जैन और पारसी समुदाय के लोगों पर लागू होगा। अगर यह लोग 21 दिसंबर 2024 से पहले भारत में आए हैं, तो ये बिना पासपोर्ट के यहां रह सके हैं। नेपाल-भूटान के नागरिकों पर भी लागू होगा नियम गृह मंत्रालय ने  Immigration and Foreigners (Exemption) Order 2025 जारी किया है। इस आदेश के अनुसार, 1959 से 30 मई 2003 तक नेपाल, भूटान और तिब्बत से भारत आए लोगों को विदेशी रजिस्ट्रेशन ऑफिसर के पास अपना नाम रजिस्टर करवाना होगा, जिसके बाद वो भी बिना पासपोर्ट के भारत में रह सकते हैं। हालांकि, चीन, मकाउ, हांगकांग और पाकिस्तान से भारत आने वाले नेपाली और भूटानी नागरिकों पर यह नियम लागू नहीं होंगे। गौरतलब है कि सीएए, पिछले साल लागू हुआ था. इसके तहत अफगानिस्तान, बांग्लादेश और पाकिस्तान के अल्पसंख्यक समुदायों – हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई – को, अगर वे 31 दिसंबर 2014 तक भारत आ चुके हैं, तो भारतीय नागरिकता देने का प्रावधान है. कई लोग 2014 के बाद भी धार्मिक उत्पीड़न से बचकर भारत आए थे. इनमें खासतौर पर पाकिस्तान से आए हिंदुओं की संख्या अधिक है. ऐसे लोगों के लिए यह आदेश बड़ी राहत लेकर आया है क्योंकि अब उन्हें देश में रहने के लिए पासपोर्ट या वीजा की वैधता दिखाने की जरूरत नहीं होगी. गृह मंत्रालय ने आदेश में क्या कहा?     31 दिसंबर 2024 तक भारत आए अल्पसंख्यक समुदायों को पासपोर्ट और वीजा की अनिवार्यता से छूट दी जाएगी.     चाहे वे लोग बिना डॉक्यूमेंट्स आए हों या वैध डॉक्यूमेंट्स लेकर आए हों जिनकी अब वैधता समाप्त हो चुकी है.     यह छूट विशेष रूप से उन लोगों को दी गई है जिन्हें धार्मिक उत्पीड़न का सामना करना पड़ा है. क्यों अहम है यह फैसला? यह कदम हजारों लोगों की चिंता दूर करेगा, खासकर पाकिस्तान से आने वाले हिंदू परिवारों को राहत मिलेगी. अब वे देश में बिना किसी कानूनी डर के रह सकेंगे. हालांकि, नागरिकता का अधिकार फिलहाल CAA के प्रावधानों के अनुसार 2014 तक आने वालों को ही मिलेगा, लेकिन 2014 के बाद आए लोगों के लिए यह आदेश भारत में रहने को लेकर एक बड़ी सुरक्षा कवच साबित होगा.

रायपुर में किसानों की बदलती तस्वीर, हितैषी नीतियों से मिल रही नई दिशा

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के पारदर्शी सुशासन का परिणाम अब गावों में दिखने लगा है। नेक नियत व ईमानदारी ने शासकीय योजनाओं को लागू करने से इससे प्रदेश के किसानों का जीवन स्तर कैसे सुधारा जा सकता है, इसका जीता-जागता उदाहरण हमें दिखने को मिल रहा है। जिला मुंगेली के विकासखण्ड पथरिया अंतर्गत ग्राम क़लारजेवरा के कृषक सीताराम राजपूत, पिता ईश्वर प्रसाद ने सब्जी की आधुनिक खेती अपनाकर अपनी मेहनत और लगन से एक नई मिसाल कायम की है। राजपूत के परिवार में उनके दादाजी और पिताजी पहले से ही बागवानी और कृषि कार्य करते आ रहे थे। लगभग 10 वर्षों तक उनके पिता ने परंपरागत धान की खेती की। इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए सीताराम राजपूत ने स्नातक की पढ़ाई पूरी करने के बाद खेती को अपना व्यवसाय बनाने का निर्णय लिया। उन्होंने 02 एकड़ भूमि में सब्जी की खेती की शुरुआत की और धीरे-धीरे इसे बड़े पैमाने पर विस्तार दिया। आज सीताराम राजपूत सब्जी की खेती से प्रतिवर्ष लगभग 15-16 लाख रुपये की आय अर्जित कर रहे हैं।     जिला उद्यानिकी विभाग मुंगेली के मार्गदर्शन में राजपूत ने विभिन्न योजनाओं का लाभ लिया। इनमें सब्जी मिनीकिट, कृषि यंत्र, बीज, जैविक खाद, सामुदायिक नर्सरी और ड्रिप सेट जैसी आधुनिक सुविधाएँ शामिल हैं। इन संसाधनों का उपयोग कर उन्होंने खेती को लाभकारी और टिकाऊ व्यवसाय का रूप दिया। सीताराम राजपूत ने स्वच्छ श्रीजना महोत्सव, जिला स्तरीय किसान मेला, मत्स्य पालन एवं कृषि संगोष्ठियों तथा विभिन्न कृषि प्रदर्शनियों में सक्रिय रूप से भाग लेकर अन्य किसानों के लिए भी प्रेरणादायी उदाहरण प्रस्तुत किया है। उनकी यह उपलब्धि जिले के अन्य किसानों के लिए एक प्रेरणास्रोत है।

छात्रों के लिए बड़ी खबर! पंजाब सरकार ने बढ़ाई छुट्टियां, नई तारीख घोषित

पंजाब  पंजाब में लगातार हो रही भारी बारिश और राज्य के कई जिलों में बने बाढ़ जैसे हालात को देखते हुए पंजाब के स्कूलों में छुट्टियां एक बार फिर बढ़ा दी गई हैं। इस संबंध में शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने खुद ऐलान किया है कि राज्य के सभी स्कूल अब 7 सितंबर (रविवार) तक बंद रहेंगे। इसके बाद 8 सितंबर सोमवार को स्कूल दोबारा खुलेंगे। शिक्षा मंत्री ने लिखा, "माननीय मुख्यमंत्री पंजाब श्री भगवंत सिंह मान जी के दिशा-निर्देशों के अनुसार, पंजाब में बाढ़ की स्थिति को ध्यान में रखते हुए राज्य के सभी सरकारी/एडिड/मान्यता प्राप्त/प्राइवेट स्कूल, कॉलेज, यूनिवर्सिटीज़ और पॉलिटेक्निक कॉलेजों में 7 सितंबर 2025 तक छुट्टियां घोषित की जाती हैं।  बता दें कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने पहले 27 से 30 अगस्त तक राज्य के सभी सरकारी और प्राइवेट स्कूलों में छुट्टियां घोषित की थीं। इसके बाद 31 अगस्त को रविवार होने के कारण स्कूल बंद रहे और फिर शिक्षा मंत्री ने छुट्टियों को 3 सितंबर तक बढ़ाने का ऐलान किया था। अब हालात बिगड़ते देख सरकार ने एक बार फिर छुट्टियाँ बढ़ाते हुए स्कूलों को 7 सितंबर तक बंद रखने का आदेश जारी कर दिया है।  

विधानसभा में हंगामा: स्मार्ट मीटर विरोध में कांग्रेस का वॉकआउट, लगे ‘मोदी मीटर वापस लो’ के नारे

जयपुर राजस्थान विधानसभा के मानसून सत्र में बुधवार को स्मार्ट मीटर योजना को लेकर जबरदस्त हंगामा हो गया। प्रश्नकाल के दौरान कांग्रेस विधायकों ने “मोदी मीटर वापस लो” के नारे लगाते हुए वेल में पहुंचकर प्रदर्शन किया और बाद में सदन से वॉकआउट भी कर दिया। मामला प्रश्नकाल में शुरू हुआ जब लक्ष्मणगढ विधायक और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा की तरफ से कांग्रेस विधायक रोहित बोहरा ने सरकार से स्मार्ट मीटर योजना को लेकर सवाल पूछा। रोहित बोहरा ने पूछा कि क्या राज्य सरकार ने आगामी नगर निगम और पंचायत चुनावों को देखते हुए स्मार्ट मीटर योजना पर रोक लगाई है? जवाब देने खड़े हुए ऊर्जा राज्य मंत्री हीरालाल नागर ने पहले मूल प्रश्न में दिए जवाब को पढ़ना शुरू कर दिया। इस पर कांग्रेस विधायकों ने विरोध करते हुए स्पीकर से पूरक प्रश्न का जवाब दिलवाने की मांग की। ऊर्जा मंत्री बोले कांग्रेस राज में आई यह योजना नागर ने कहा  केंद्र सरकार की RDSS (Revamped Distribution Sector Scheme) के तहत है और यह राज्यों पर निर्भर करता है कि वह इस योजना को लागू करना चाहते हैं या नहीं। उन्होंने कहा कि कई कांग्रेस सरकारों ने इस योजना को लागू नहीं किया लेकिन राजस्थान में पिछली सरकार की कैबिनेट बैठक में ही इस योजना को स्वीकार किया गया था। उन्होंने कहा कि पिछली सरकार का कैबिनेट मीमो भी उनके पास है। अभी कमी, बाद में फिर से लगाएंगे नागर  ने यह भी बताया कि फिलहाल स्मार्ट मीटरों की कमी के चलते अस्थाई रूप से सामान्य मीटर लगाए जा रहे हैं, और जैसे ही स्मार्ट मीटर पर्याप्त संख्या में उपलब्ध होंगे, इन्हें बदला जाएगा। इस पर कांग्रेस विधायकों ने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि स्मार्ट मीटर आम जनता पर बोझ हैं और इन्हें चुनावी लाभ के लिए रोका गया है। इसके बाद कांग्रेस विधायक नारे लगाते हुए वेल में पहुंच गए और “मोदी मीटर वापस लो” के जोरदार नारेबाज़ी करने लगे। करीब 15 मिनट के हंगामे के बाद कांग्रेस विधायक सदन से वॉकआउट कर गए।