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रायपुर में त्योहारों पर सख्ती, CCTV से निगरानी और एक्स्ट्रा फोर्स तैनात, DJ-पटाखे बैन

रायपुर   रायपुर में गणेश विसर्जन और ईद मिलाद-उन-नबी पर जिला प्रशासन ने डीजे और पटाखों पर बैन लगा दिया है। शांति समिति की बैठक में यह निर्णय लिया गया है। बैठक में बताया गया कि चौक-चौराहों पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती होगी। साथ ही हुड़दंगियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।  एडीएम उमाशंकर बंदे और एएसपी लखन पटले ने समाज प्रमुखों से बातचीत करते हुए कहा कि, लोग परंपराओं और उत्साह के साथ त्योहार मनाएं, लेकिन शांति और भाईचारा बनाए रखना सबसे अहम है। एएसपी ट्रैफिक प्रशांत शुक्ला और अन्य विभागीय अधिकारी भी बैठक में मौजूद रहे। शांति भंग करने की कोशिश करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह की मौजूदगी में बैठक आयोजित की गई, जिसमें सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष जोर दिया गया। ईद मिलाद-उन-नबी पर भी जिला प्रशासन ने DJ और पटाखों पर बैन लगा दिया है। ईद मिलाद-उन-नबी 4 या 5 सितंबर को मनाई जाएगी। शांति समिति की बैठक में यह निर्णय लिया गया है। एडीएम उमाशंकर बंदे और एएसपी लखन पटले ने समाज प्रमुखों से बातचीत करते हुए कहा कि लोग परंपराओं और उत्साह के साथ त्योहार मनाएं इस दौरान शांति और भाईचारा बनाए रखना सबसे अहम है। एएसपी ट्रैफिक प्रशांत शुक्ला और अन्य विभागीय अधिकारी भी बैठक में मौजूद रहे। DJ और पटाखों पर पूर्ण प्रतिबंध एएसपी लखन पटले ने कहा कि जुलूस के दौरान समय का विशेष ध्यान रखा जाएगा। डीजे का इस्तेमाल पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। इस बार जुलूस में पटाखों का भी इस्तेमाल नहीं किया जाएगा। यातायात व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए रूट तय किए गए हैं। हुड़दंगियों पर होगी सख्त कार्रवाई पुलिस ने स्पष्ट किया कि त्योहारों के दौरान हुड़दंग और शांति भंग करने की कोशिश करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी। जिले के सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्र में शांति समिति और स्थानीय नागरिकों के साथ बैठक करें। यह बैठक न केवल थानों में बल्कि मोहल्लों, कॉलोनियों और भीड़-भाड़ वाले इलाकों में भी ली जाए। जिले के सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्र में शांति समिति और स्थानीय नागरिकों के साथ बैठकें करें। यह बैठकें न केवल थानों में बल्कि मोहल्लों, कॉलोनियों और भीड़-भाड़ वाले इलाकों में भी ली जा जाए। त्योहारों के दौरान सुरक्षा के मद्देनजर सभी चौक-चौराहों पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की जाएगी। पुलिस बल हर गतिविधि पर पैनी नजर रखेगा। इसके अलावा, सीसीटीवी कैमरों से भी निगरानी रखी जाएगी। ताकि किसी भी स्थिति से तुरंत निपटा जा सके। पुलिस ने स्पष्ट किया कि त्योहारों के दौरान हुड़दंग और शांति भंग करने की अधिकारियों ने कहा कि गणेश विसर्जन और ईद-ए-मिलाद दोनों पर्व सौहार्दपूर्ण माहौल में भाईचारे के साथ मनाए जाएं। त्योहारों में शांति और ख़ुशी का माहौल बनाये रखना हर समुदाय की जिम्मेदारी है. हर चौक-चौराहे पर अतिरिक्त बल तैनात त्योहारों के दौरान सुरक्षा के मद्देनजर सभी चौक-चौराहों पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की जाएगी। पुलिस बल हर गतिविधि पर पैनी नजर रखेगा। इसके अलावा, सीसीटीवी कैमरों से भी निगरानी रखी जाएगी ताकि किसी भी स्थिति से तुरंत निपटा जा सके। अधिकारियों ने कहा कि गणेश विसर्जन और ईद-ए-मिलाद दोनों पर्व सौहार्दपूर्ण माहौल में भाईचारे के साथ मनाए जाएं। त्योहारों की खुशी में शांति और सुरक्षा का ध्यान रखना सभी की जिम्मेदारी है।

गौहर खान ने 42 की उम्र में दिया जीवन को नया तोहफा, बेटे के साथ खुशखबरी

मुंबई एक्ट्रेस गौहर खान दूसरी बार मां बन गई हैं। गौहर ने प्यारे से बेटे को जन्म दिया।हाल ही में उनकी गोद भराई की रस्म हुई, जिसमें खुशी-खुशी नाचती-झूमती दिखीं. गौहर खान ‘बिग बॉस 7’ की विनर रही हैं. वह सलमान खान की काफी अच्छी दोस्त भी हैं. सलमान संग फिल्मों में भी काम किया है. गौहर ने साल 2009 में वाईआरएफ की फिल्म ‘रॉकेट सिंह: सेल्समैन ऑफ द ईयर’ से अपने एक्टिंग करियर की शुरुआत की. 23 अगस्त 1983 को महाराष्ट्र के पुणे में एक मुस्लिम परिवार में जन्मीं गौहर खान पांच भाई-बहनों में सबसे छोटी हैं और उनकी बड़ी बहन निगार खान भी एक जानी-मानी टीवी एक्ट्रेस हैं. गौहर ने मॉडलिंग से अपने करियर की शुरुआत की और 2002 में फेमिना मिस इंडिया प्रतियोगिता में हिस्सा लिया, जहां उन्हें ‘मिस टैलेंटेड’ का खिताब मिला. ‘बिग बॉस 7’ की विनर बनी थीं गौहर खान साथ ही वाईआरएफ की फिल्म ‘इशकजादे’ (2012) में भी अहम भूमिका निभाई. ‘इशकजादे’ में उनके आइटम नंबर ‘झल्ला वल्ला’ और ‘छोकरा जवां’ को खूब सराहा गया. गौहर ने 2013 में रियलिटी शो ‘बिग बॉस 7’ में हिस्सा लिया और विजेता बनीं, जिससे उनकी लोकप्रियता में जबरदस्त इजाफा हुआ. इसके अलावा, वह ‘झलक दिखला जा’ और ‘तांडव’ (2021) जैसे टीवी शोज में भी नजर आईं. गौहर खान का कुशाल टंडन संग हुआ था ब्रेकअप गौहर की पर्सनल लाइफ की बात करें तो वह ‘बिग बॉस 7’ के सह-प्रतियोगी कुशाल टंडन के साथ रिलेशनशिप में थीं, लेकिन बाद में उनका ब्रेकअप हो गया. गौहर ने 25 दिसंबर 2020 को जैद दरबार से शादी की. 10 मई 2023 को उन्होंने अपने पहले बच्चे को जन्म दिया. वह दूसरी बार मां बनने जा रही हैं.

असम के आदिवासी बहुल जिले में जमीन विवाद, हाईकोर्ट ने पूछा: निजी कंपनी इतनी बड़ी जमीन कैसे खरीद सकती है?

गौहाटी  गौहाटी हाई कोर्ट ने असम के आदिवासी बहुल दीमा हसाओ जिले में एक प्राइवेट सीमेंट कंपनी को 3,000 बीघा (करीब 1,000 एकड़) जमीन आवंटित किए जाने पर नाराजगी जाहिर की है और पूछा है कि एक निजी कंपनी 3,000 बीघा जमीन कैसे खरीद सकती है। हाई कोर्ट ने छठी अनुसूची के तहत आने वाले इस क्षेत्र के 22 निवासियों की एक रिट याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि एक निजी कंपनी द्वारा इतने बड़े भू-भाग की खरीद से ‘परेशान और स्तब्ध’ हैं। सोमवार को हुई सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने पूछा कि क्या इस परियोजना के लिए पर्यावरण मंजूरी ली गई है। रिट याचिका की सुनवाई के दौरान जस्टिस संजय कुमार मेधी और राज्य के महाधिवक्ता देबोजीत सैकिया के बीच इस बात पर लंबी बहस हुई कि क्या छठी अनुसूची क्षेत्र के उमरंगसो में कारखाना स्थापित करने के लिए महाबल सीमेंट को इतनी अधिक जमीन दी जानी चाहिए। सुनवाई का यूट्यूब चैनल पर सीधा प्रसारण इस सुनवाई का हाई कोर्ट के आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर सीधा प्रसारण किया गया। सुनवाई के दौरान जस्टिस मेधी ने कहा, "अदालत 3,000 बीघा जमीन के आवंटन से परेशान है। हम सिर्फ़ यह रिकॉर्ड देखना चाहते हैं कि नीति कैसे बनाई गई।" इस दौरान असम के महाधिवक्ता सैकिया ने अदालत को बताया कि एक सीमेंट कंपनी ने 2 लाख रुपये प्रति बीघा की दर से जमीन खरीदी है। महाधिवक्ता के बार-बार अनुरोध के बाद, अदालत ने सरकार से 3 सितंबर को अपना हलफनामा दाखिल करने को कहा। जज बोले- मैं तो हैरान-परेशान सुनवाई के दौरान जस्टिस संजय कुमार मेधी 3,000 बीघा की बात सुनकर हैरान रह गए! "पूरा जिला? क्या हो रहा है? एक निजी कंपनी को 3,000 बीघा जमीन दी जा रही है।" इस दौरान एनसी हिल्स स्वायत्त परिषद (NCHAC) के वकील, जिनके पास भूमि का अधिकार क्षेत्र है, ने दीमा हसाओ में एक सीमेंट कारखाने को 3,000 बीघा भूमि के आवंटन से संबंधित कुछ कागजात प्रस्तुत किए, लेकिन कोर्ट ने उन्हें पूरी फाइल पेश करने का निर्देश दिया, जिसमें छठी अनुसूची क्षेत्र में भूमि के बड़े हिस्से को निजी फर्म को आवंटित करने का निर्णय शामिल है। पूरी फाइल पेश करने का आदेश रिपोर्ट के मुताबिक, जस्टिस मेधी ने कहा, "NCHAC के वकील ने कुछ कागजात पेश किए। पिछले आदेश का उद्देश्य कुछ कागजात देखना नहीं था, बल्कि उस फाइल को देखना था जिसमें जमीन के बड़े हिस्से को आवंटित करने का निर्णय शामिल है।" उन्होंने NCHAC को अगली सुनवाई में फाइल पेश करने का निर्देश दिया। महाधिवक्ता ने कहा कि राज्य सरकार ने मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित की थी और उसने रिपोर्ट सौंप दी है।

रोजाना मॉइस्चराइज़र के बावजूद स्किन क्यों रहती है ड्राई? जानें 5 छुपे कारण

नई दिल्ली क्या आप भी उन लोगों में से हैं, जो रोजना मॉइस्चराइजर लगाते हैं, लेकिन फिर भी आपकी त्वचा खिंची-खिंची और बेजान महसूस होती है? अगर हां, तो यह आर्टिकल आपको जरूर पढ़ना चाहिए। अक्सर हम सोचते हैं कि सिर्फ मॉइस्चराइजर लगा लेना ही काफी है, लेकिन सच्चाई यह है कि कुछ ऐसी छोटी-छोटी गलतियां हैं, जो आपकी त्वचा की नमी को खत्म कर देती हैं। आइए जानते हैं उन 5 चौंकाने वाली वजहों के बारे में, जिन पर अक्सर हम ध्यान नहीं देते हैं। गलत समय पर मॉइस्चराइजर लगाना आप मॉइस्चराइजर कब लगाते हैं, यह बहुत जरूरी है। नहाने या चेहरा धोने के बाद, जब आपकी त्वचा थोड़ी नम हो, तभी मॉइस्चराइजर लगाना सबसे सही होता है। अगर आप त्वचा को पूरी तरह से सुखाने के बाद लगाते हैं, तो यह नमी को अंदर लॉक नहीं कर पाता, जिससे स्किन फिर से ड्राई हो जाती है। ल के साथ-साथ अंदरूनी हाइड्रेशन भी बहुत ज़रूरी है। अगर आप पूरे दिन में पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं पीते हैं, तो आपकी त्वचा डिहाइड्रेटेड हो जाती है। शरीर में पानी की कमी का सीधा असर त्वचा पर दिखता है, जिससे वह रूखी और बेजान लगने लगती है। गलत मॉइस्चराइजर चुनना क्या आप अपनी स्किन टाइप के हिसाब से मॉइस्चराइजर चुनते हैं? बता दें, बाजार में कई तरह के मॉइस्चराइजर उपलब्ध हैं जैसे- क्रीम-बेस्ड, जेल-बेस्ड या लोशन। अगर आपकी त्वचा बहुत ज्यादा रूखी है, तो हल्के लोशन की जगह शिया बटर या हयालूरोनिक एसिड वाले क्रीम-बेस्ड मॉइस्चराइजर का यूज करना ज्यादा फायदेमंद हो सकता है, क्योंकि गलत प्रोडक्ट आपकी समस्या को और भी बढ़ा सकता है। गर्म पानी से नहाना गर्म पानी से नहाना बेशक अच्छा लगता है, लेकिन यह आपकी स्किन के लिए बिल्कुल भी सही नहीं है। दरअसल, बहुत ज्यादा गर्म पानी आपकी स्किन के नेचुरल ऑयल्स को हटा देता है, जिससे त्वचा की नमी खत्म हो जाती है। इससे बचने के लिए गुनगुने पानी का इस्तेमाल करें और नहाने का समय भी कम रखें। हार्श साबुन या फेस वॉश का इस्तेमाल कुछ साबुन और फेस वॉश में ऐसे हार्श केमिकल्स होते हैं, जो स्किन की नमी को छीन लेते हैं। अगर आप ऐसे प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल कर रहे हैं, तो मॉइस्चराइजर लगाने के बाद भी आपकी त्वचा रूखी महसूस हो सकती है। हमेशा अपनी स्किन टाइप के अनुसार माइल्ड और हाइड्रेटिंग क्लींजर का इस्तेमाल करें। अगर आप इन 5 बातों का ध्यान रखते हैं, तो आपकी त्वचा न केवल मॉइस्चराइज रहेगी, बल्कि वह पहले से ज्यादा हेल्दी और शाइनी भी नजर आएगी। ऐसे में, अब अगली बार जब आपको अपनी स्किन ड्राई लगे, तो सिर्फ मॉइस्चराइजर बदलने के बजाय इन आदतों पर भी एक नजर जरूर डाल लें।  

हार्ट अटैक से बचाव का उपाय: इन 2 टेस्ट से हर आधे साल में जांचें दिल का हाल

युवाओं में बढ़ते हार्ट अटैक के मामले इस ओर ध्यान खींचते हैं कि हमें अपनी हार्ट हेल्थ का ज्यादा ध्यान रखने की जरूरत है। खराब लाइफस्टाइल, डाइट, एक्सरसाइज की कमी और स्ट्रेस जैसी कई वजहों से हमारे दिल पर काफी दबाव पड़ता है, जो एक दिन अचानक दिल की बीमारी बनकर हमारे सामने आ खड़ा होता है। क्योंकि, दिल की बीमारियों का वक्त पर पता लगाना जरूरी है। इसलिए हेल्थ चेकअप (Tests for Heart Disease) पर ध्यान देना जरूरी है। दो बेहद सिंपल टेस्ट, जिन्हें हर 6 महीने पर करवाना आपकी हार्ट हेल्थ के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है। आइए जानें कौन-से हैं ये दो टेस्ट। लिपिड प्रोफाइल टेस्ट सबसे पहला है- लिपिड प्रोफाइल टेस्ट। यह एक ब्लड टेस्ट है, जो शरीर में कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड्स के लेवल की जांच करता है। यह टेस्ट मुख्य रूप से चार चीजों को मापता है-     टोटल कोलेस्ट्रॉल- खून में कोलेस्ट्रॉल की कुल मात्रा।     एचडीएल कोलेस्ट्रॉल- इसे "गुड कोलेस्ट्रॉल" कहा जाता है, जो दिल की बीमारियों के रिस्क को कम करता है।     एलडीएल कोलेस्ट्रॉल- इसे "बैड कोलेस्ट्रॉल" माना जाता है। यह आर्टरीज में जमकर ब्लॉकेज पैदा कर सकता है।     ट्राइग्लिसराइड्स- एक तरह का फैट जो बढ़ने पर दिल के लिए नुकसान पहुंचाता है। यह टेस्ट क्यों जरूरी है? जब खून में एलडीएल कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड्स का स्तर बढ़ जाता है, तो यह आर्टरीज की दीवारों पर प्लाक जमने लगता है। इससे आर्टरीज संकरी और कठोर हो जाती हैं। इसके कारण हाई ब्लड प्रेशर, हार्ट अटैक या स्ट्रोक होने का खतरा बढ़ जाता है। नियमित लिपिड प्रोफाइल टेस्ट करवाने से आप अपने कोलेस्ट्रॉल के स्तर पर नजर रख सकते हैं और समय रहते डाइट और लाइफस्टाइल में सुधार करके खतरे को कम कर सकते हैं। HbA1c टेस्ट यह टेस्ट खून में ब्लड शुगर लेवल की जांच करता है। आमतौर पर डायबिटीज टेस्ट खून में ग्लूकोज के लेवल की जांच करता है। इसे फास्टिंग ब्लड शुगर या HbA1c टेस्ट के जरिए किया जा सकता है। लेकिन HbA1c टेस्ट पिछले 2-3 महीनों में एवरेज ब्लड शुगर लेवल बताता है, इसलिए यह ज्यादा बेहतर माना जाता है। यह टेस्ट दिल की सेहत से कैसे जुड़ा है? डायबिटीज और दिल की बीमारियां आपस में जुड़े हुए हैं। लंबे समय तक हाई ब्लड शुगर लेवल रहने से ब्लड वेसल्स और नर्वस को नुकसान पहुंचता है। इससे आर्टरीज सख्त और संकरी हो सकती हैं, जिससे दिल तक खून सही मात्रा में पहुंचाने में दिक्कत होती है। डायबिटीज के मरीजों में हार्ट अटैक का खतरा सामान्य लोगों की तुलना में दोगुना या उससे भी ज्यादा होता है। इसलिए, ब्लड शुगर लेवल की जांच जरूरी है।  

आईआईटी कानपुर के ‘समन्वय’ से उद्योग-अकादमिक जुड़ाव कार्यक्रम में सम्मिलित हुए सीएम योगी

इंडस्ट्री–एकेडमिया समन्वय से भारत बनेगा तकनीक और विकास का केंद्र : मुख्यमंत्री आईआईटी कानपुर के 'समन्वय' से उद्योग-अकादमिक जुड़ाव कार्यक्रम में सम्मिलित हुए सीएम योगी  एआई, साइबर सिक्योरिटी और सस्टेनेबल डेवलपमेंट पर मंथन से यूपी और प्रदेश को मिलेगी नई दिशाः मुख्यमंत्री  पिछले 11 वर्षों में हमने भारत को बदलते देखा, यह यात्रा विकसित और आत्मनिर्भर भारत की दिशा के अनुकूलः सीएम आज भारत दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था और अगले दो वर्षों में तीसरी अर्थव्यवस्था बनने की राह पर: मुख्यमंत्री हर अक्षर, वनस्पति और मनुष्य में कुछ बनने की क्षमता, आईआईटी जैसे संस्थान इन्हें जोड़ने का काम कर रहेः योगी  कानपुर  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बुधवार को आईआईटी कानपुर के 'समन्वय' से उद्योग-अकादमिक जुड़ाव कार्यक्रम में सम्मिलित हुए। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि आज इंडस्ट्री और अकादमिक संस्थानों के सहयोग का मुद्दा केवल शोध और नवाचार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सीधे-सीधे आम नागरिक के जीवन स्तर, वैश्विक चुनौतियों और सतत विकास से जुड़ा हुआ है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सिक्योरिटी और सस्टेनेबिलिटी जैसे विषयों पर मंथन भारत को न केवल आत्मनिर्भर और विकसित राष्ट्र बनाएगा, बल्कि तकनीक और विकास का वैश्विक केंद्र स्थापित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इंडस्ट्री–एकेडमिया सहयोग से वैश्विक चुनौतियों का समाधान मुख्यमंत्री ने कहा कि आज हम जिस विषय पर एकत्र हुए हैं, वह केवल इंडस्ट्री–एकेडमिया सहयोग का 'समन्वय' ही नहीं है, बल्कि पूरी दुनिया के सामने खड़ी चुनौतियों से जुड़ा हुआ है। ये चुनौतियां सीधे-सीधे आम नागरिक के जीवन स्तर को प्रभावित करती हैं। इसीलिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सिक्योरिटी और सतत विकास (सस्टेनेबिलिटी) जैसे तीन महत्त्वपूर्ण स्तंभों पर तकनीकी सत्र होंगे और चर्चा होगी। कभी 17वीं शताब्दी तक भारत विश्व की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था था। वैश्विक जीडीपी में हमारा योगदान 25 प्रतिशत तक था। लेकिन 150-200 वर्षों में ऐसा क्या कुछ हुआ कि यह लगातार गिरता गया और 1947 तक आते-आते भारत का योगदान केवल 2 प्रतिशत रह गया। सीएम योगी ने कहा कि पिछले 11 वर्षों में हमने भारत को बदलते हुए देखा है। आज भारत दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है और अगले दो वर्षों में तीसरी अर्थव्यवस्था बनने की राह पर है। आगे चलकर हमें दूसरी अर्थव्यवस्था बनने का अवसर भी मिलेगा। यह यात्रा केवल आर्थिक विकास की नहीं है, बल्कि विकसित भारत और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में है।  हर अक्षर, हर वनस्पति और हर मनुष्य में कुछ बनने की क्षमता  आईआईटी कानपुर का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आईआईटी कानपुर का गौरवशाली इतिहास है। पिछले छह दशकों में इस संस्थान ने देश को तकनीक की दिशा में बहुत कुछ दिया है। हाल ही में मैंने नोएडा में ड्रोन टेक्नोलॉजी केंद्र का दौरा किया। वहां आईआईटी कानपुर से जुड़े लोग भी मिले। मैंने देखा कि हमारे युवा नई सामरिक चुनौतियों का सामना करने के लिए कैसे तैयार हो रहे हैं। आईआईटी कानपुर भी उसमें अपना योगदान दे रहा है। हमें हमेशा यह विश्वास रखना चाहिए कि हम कर सकते हैं। दुनिया का सबसे प्राचीन विश्वविद्यालय तक्षशिला भी भारत में था। वहीं से चरक और सुश्रुत जैसे आयुर्वेदाचार्य निकले। यही हमारी परंपरा है कि हर अक्षर, हर वनस्पति और हर मनुष्य में कुछ बनने की क्षमता होती है। बस एक जोड़ने वाले की आवश्यकता होती है। मुझे विश्वास है कि आईआईटी जैसे संस्थान वही जोड़ने का काम कर रहे हैं। हर क्षेत्र में यूपी ने स्थापित किए नए मानक  उन्होंने कहा कि 1947 में उत्तर प्रदेश का योगदान राष्ट्रीय जीडीपी में 14 प्रतिशत तक था। लेकिन 2017 तक यह घटकर केवल 7-8 प्रतिशत रह गया। निराशा का माहौल था, उद्योग निवेश नहीं करना चाहते थे, युवा पलायन कर रहे थे। कभी समृद्ध रहा प्रदेश बीमारू कहलाने लगा। पिछले आठ वर्षों में उत्तर प्रदेश की तस्वीर बदली है। आज प्रदेश, देश की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है। बेहतर सुरक्षा, निवेश, बुनियादी ढांचा और सुशासन के साथ यूपी ने नए मानक स्थापित किए हैं। हर क्षेत्र में परिवर्तन दिखाई दे रहा है। सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल्स के क्षेत्र में भी उत्तर प्रदेश ने नेतृत्व किया है। प्रदेश की विधान सभा देश की पहली विधान सभा है, जिसने लगातार 36 घंटे चर्चा कर यह तय किया कि कैसे सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल्स पूरे किए जा सकते हैं। आज शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, जल प्रबंधन हर क्षेत्र में ठोस काम हो रहा है। मुख्यमंत्री ने बुंदेलखंड का उदाहरण देते हुए कहा कि कभी यह इलाका सूखे, पलायन और डकैतों की समस्या से जूझता था। आज यहां हर घर नल से जल पहुंच रहा है, खेतों तक सिंचाई हो रही है और डिफेंस कॉरिडोर के दो महत्वपूर्ण नोड (चित्रकूट और झांसी) में निवेश आ रहा है। पहले जहां किसान सालाना ₹5000 कमाता था, आज वही किसान ₹50,000 तक कमा रहा है।  साइबर सिक्योरिटी के क्षेत्र में अभी बहुत कुछ करना बाकी  मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यावरण की दिशा में भी प्रदेश ने मिसाल कायम की है। पिछले आठ वर्षों में 240 करोड़ पौधरोपण कर एक नया रिकॉर्ड बनाया गया है। फॉरेस्ट रिसर्च इंस्टिट्यूट भी मान चुका है कि उत्तर प्रदेश में वन क्षेत्र बढ़ा है। यही सतत विकास की ओर हमारे प्रयासों का प्रमाण है। मुख्यमंत्री ने कहा कि साइबर सुरक्षा आज की सबसे बड़ी चुनौती है। 2017 में केवल दो साइबर थाने थे, वह भी सक्रिय नहीं थे। आज प्रदेश के 75 जिलों में साइबर थाने हैं, 1500 से अधिक थानों में साइबर डेस्क है और राज्य साइबर एवं फॉरेंसिक संस्थान की स्थापना भी हो चुकी है। लेकिन अभी और बहुत कुछ करना बाकी है। इसी दिशा में हम आईआईटी कानपुर के साथ मिलकर कार्य करना चाहते हैं। मेरा मानना है कि भारत का पहला डीप-टेक भारत 2025 मॉडल तैयार करने में आईआईटी कानपुर इसका केंद्र बने। गौतमबुद्धनगर में हमने इसके लिए कुछ भूमि भी अलॉट की है।  समन्वय से आगे बढ़ें तो भारत फिर से अपना गौरव हासिल कर सकता है  मुख्यमंत्री ने कहा कि उद्योग जगत से भी मेरा आग्रह है कि केवल लाभ कमाने की मानसिकता से आगे न बढ़ें। लाभ का एक बड़ा हिस्सा नवाचार और अनुसंधान में लगाएं। आईआईटी कानपुर इस दिशा में एक मॉडल स्टडी बन सकता है जो इंस्टीट्यूशन को इस बारे में अवगत करा सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने 2017 से पहले … Read more

पुलिस की सटीक कार्रवाई: उज्जैन बैंक लूट के 5 आरोपी गिरफ्तार, नेपाल भागने का था प्लान

 उज्जैन  उज्जैन में सनसनीखेज एसबीआई बैंक शाखा में देर रात 5 करोड़ के सोने चांदी के आभूषण और 8 लाख नगद रुपये चोरी के मामले का पुलिस ने 12 घंटो में ही खुलासा कर दिया है। मंगलवार देर रात उज्जैन पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा ने मामले का खुलासा करते हुए कहा कि इस पूरे मामले में बैंक का आउटसोर्स बैंककर्मी मास्टर माइंड निकला है। पुलिस ने मास्टरमाइंड जय उर्फ जीशान सहित कुल पांच आरोपी गिरफ्तार किए हैं और पांच करोड़ का सोना सहित लाखों रुपये भी बरामद कर लिए हैं। इस मामले में लापरवाही बरतने पर बैंक के 2 अधिकारी को निलंबित किया है। बताया जा रहा है कि चोरी के बाद आरोपी देवास जिले के हाट पिपलिया में रिश्तेदारों के छुपे हुए थे,जिन्हें मंगलवार देर शाम गिरफ्तार कर उज्जैन लेकर आई थी। जानकारी के अनुसार,आरोपियों ने माल का बंटवारा भी कर लिया था और इसके बाद पुरानी कार वाहन खरीद कर सुबह नेपाल भागने की तैयारी में थे। उज्जैन शहर के माधवनगर थाना क्षेत्र के महानंदा नगर में स्थित स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की ब्रांच शाखा है,जहां सोमवार देर रात बैंक के लॉकर में रखे 5 करोड़ के आभूषण सहित 8 लाख नगद चोरी की सनसनीखेज घटना सामने आई थी। घटना की जानकरी मंगलवार सुबह लगी,जब सफाई कर्मचारी बैंक पहुंचे। बैंक के ताले खुले मिले। सूचना पर मौके पर एडीजी ,एसपी प्रदीप शर्मा सहित पुलिस अधिकारी और थाने का बल पहुंचा ओर जांच पड़ताल में जुट गया। पुलिस को पहले ही आशंका थी, कि इस वारदात में बैंक का ही कोई कर्मचारी शामिल है। मामले को लेकर एक सीसीटीवी भी सामने आया था जिसमे 2 लोग भागते दिखाई दे रहे थे। मास्टरमाइंड सहित 4 गिरफ्तार बैंक का आउटसोर्स कर्मचारी जय भावसार पूर्व जीशान निवासी दानी गेट इस चोरी का मास्टरमाइंड है। उसने साथी अब्दुल्ला कोहिनूर साहिल और अरबाज निवासी जीवाजी गंज के साथ मिलकर पूरी घटना को अंजाम दिया था। इन्होंने पहले खिड़की में हाथ डालकर जय और अब्दुल्ला ने गेट खोला और बैंक में दाखिल हुए। यहां गोल्ड लोन का 19 लॉकरों में रखा, 75 लोगों का करीब 5 करोड़ का सोना चुराने के बाद बाइक से फरार हो गए थे। आरोपियों का सीसीटीवी फुटेज सामने आया था। जिस तरह से बिना ताला तोड़े चोरी की घटना को अंजाम दिया गया था, उससे पुलिस को पहले ही आशंका थी कि बैंक का ही कोई कर्मचारी इसमें लिप्त हो सकता है। जन्माष्ठमी से बना रहे थे प्लान, सम्भवतः लगवाई थी आग मिली जानकारी के अनुसार मास्टरमाइंड जय जन्माष्टमी से बैंक में चोरी करने का प्लान बना रहे थे। इसके लिए कुछ दिन पहले बैंक मे लगी आग सम्भवतः उसने ही लगवाई थी, जिसमें कैमरे और फर्नीचर जल गए थे। इसके बाद बैंक को फर्स्ट फ्लोर पर शिफ्ट किया गया। इस दौरान लॉकर नीचे ही थे,जबकि पूरी बैंक ऊपर पहली मंजिल पर शिफ्ट कर दी गई थी। इस पूरे काम को आउटसोर्स कर्मचारी जय ने ही करवाया था और शिफ्टिंग के समय अपने साथियों को मजदूर बनकर बैंक में लेकर आया और पूरी बैंक की रेकी की शिफ्टिंग के दौरान ही उसने कैसे लॉकर खुला छोड़ दिया,जिस पर प्रबंधन ने ध्यान नहीं दिया। इस दौरान ही लॉकर की चाबी कहां रखते हैं,यह भी उसे अच्छे से मालूम हो गया था। कुछ दिन पहले किया धर्म परिवर्तन मिली जानकारी के अनुसार बताया जा रहा है कि इस पूरे मामले का मास्टर माइंड जय उर्फ जीशान ने कुछ दिनों से कुछ वीडियो लगातार देख रहा था और इसके बाद उसने अपना धर्म परिवर्तन कर लिया था। पुलिस ने उससे पूछताछ की तो उसने बताया कि धार्मिक वीडियो देख धर्म परिवर्तन किया था हालांकि इस मामले में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गुरु प्रसाद पाराशर और सीएसपी दीपिका शिंदे जांच पड़ताल कर रही है कि कहीं और लोग तो नहीं हैं, जिनका धर्म परिवर्तन कराया जा रहा है।

योगी सरकार उत्तर प्रदेश को बना रही है विदेशी निवेश का हॉटस्पॉट

विदेश से बड़े निवेश के प्रयास में जुटी योगी सरकार चीन+1 स्ट्रैटेजी के तहत 200 से ज्यादा कंपनियों से की जा रही बातचीत योगी सरकार उत्तर प्रदेश को बना रही है विदेशी निवेश का हॉटस्पॉट भारतीय एंबेसीज और अन्य संस्थाओं के साथ मिलकर किया जा रहा प्रयास  निवेशक हितैशी नीतियों के चलते विदेशी निवेशकों का भी यूपी पर बढ़ रहा भरोसा  लखनऊ  उत्तर प्रदेश में निवेश को आकर्षित करने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार ने एक बड़े अभियान की शुरुआत की है। सरकार का फोकस विदेश से पूंजी लाना और राज्य को ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में स्थापित करना है। इसके लिए योगी सरकार चीन+1 स्ट्रैटेजी पर काम कर रही है और अब तक करीब 200 से अधिक अंतरराष्ट्रीय कंपनियों से बातचीत की जा चुकी है। चीन+1 लीड्स को वास्तविक निवेश में बदलने के लिए राज्य सरकार इन देशों में भारत की एंबेसीज और अन्य संस्थाओं के साथ मिलकर प्रयास कर रही है। इसका नतीजा यह है कि निवेशकों का भरोसा लगातार बढ़ रहा है और उत्तर प्रदेश तेजी से एक ग्लोबल डेस्टिनेशन के रूप में उभर रहा है। यूपी को मिल रहा विदेशी निवेशकों का भरोसा चीन+1 लीड्स के तहत जिन देशों पर सबसे ज्यादा फोकस है, उनमें अमेरिका, जापान, चीन, फ्रांस, डेनमार्क की कंपनियां शामिल हैं।  इनमें अमेरिका से 30 से ज्यादा, जर्मनी से 30 के करीब, जापान से 20, चीन से 14, स्विट्जरलैंड और फ्रांस से 7-7, डेनमार्क से 6 और स्पेन से 5 कंपनियां शामिल हैं। इन देशों की कंपनियां भी उत्तर प्रदेश में निवेश की इच्छुक हैं। उनकी इच्छा को धरातल पर उतारने के लिए यूपी सरकार विशेष टीम और कंट्री-स्पेसिफिक डेस्क बनाने पर भी विचार कर रही है। उत्तर प्रदेश सरकार इन लीड्स को हर हाल में कम्फर्म निवेश में बदलने के लिए प्रयासरत है और इसके लिए इन देशों में इंडियन एंबेसी की भी मदद ली जा रही है।  पीएलआई स्कीम बनी निवेश की नई ताकत निवेश प्रोत्साहन की पहल के तहत उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से कई और भी इनीशिएटिव्स लिए जा रहे हैं। इसके अंतर्गत भारत सरकार द्वारा अब तक 574 प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (पीएलआई) प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी जा चुकी है। इनमें से 70 कंपनियां पहले से ही उत्तर प्रदेश में कार्यरत हैं। इसके अलावा 11 कंपनियों के पास नए प्रोजेक्ट्स हैं। 20 कंपनियों ने सीधे यूपी सरकार के साथ एमओयू किया है। वहीं, 473 कंपनियों के साथ सरकार लगातार एक्टिव फॉलो-अप कर रही है। निवेशकों के लिए बनाई गई सुविधा प्रणाली विदेशी निवेशकों को बेहतर सुविधा देने के लिए यूपी सरकार ने एक अभिनव कदम उठाया है। 814 कंपनियों (फॉर्च्यून 500 और इंडिया नेक्स्ट 500 से जुड़ी) के लिए अकाउंट मैनेजर्स नियुक्त किए गए हैं। इन कंपनियों में शिपिंग, शिप बिल्डिंग, टेलीकॉम, रिटेल, पेट्रोकेमिकल्स, इंश्योरेंस और पब्लिक सेक्टर बैंक शामिल हैं। साथ ही गुजरात स्टेट पेट्रोनेट और टीएन न्यूजप्रिंट जैसी स्टेट पीएसयू कंपनियां भी इस मिशन में शामिल हैं। इस पहल के माध्यम से अब तक 50 नए एमओयू साइन किए जा चुके हैं, जबकि 16 नई लीड्स और 282 कंपनियों के साथ चर्चा अभी भी चल रही है। इसलिए विदेशी कंपनियों के लिए यूपी में फायदेमंद है निवेश   उत्तर प्रदेश में निवेश को लेकर विदेशी कंपनियों की रुचि कई वजहों से है। इसमें सबसे बड़ी वजह स्ट्रॉन्ग पॉलिटिकल लीडरशिप है, जिसके तहत सीएम योगी की स्थिर और निर्णायक नीतियां महत्वपूर्ण रही हैं। इसके अलावा, बेहतर इन्फ्रास्ट्रक्चर – एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट्स, इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के अलावा, सबसे बड़ा उपभोक्ता राज्य होने का लाभ भी मिलने की संभावना है। यही नहीं, सिंगल विंडो सिस्टम और निवेशक सुविधा केंद्र जैसे ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में सुधार भी अहम भूमिका निभा रहा है।  क्या है चीन+1 स्ट्रैटेजी? चीन+1 स्ट्रैटेजी एक ग्लोबल बिज़नेस स्ट्रैटेजी है, जिसे दुनिया भर की मल्टीनेशनल कंपनियां अपनाती हैं और अब प्रदेश सरकार भी इस पर आगे बढ़ रही है। इसका उद्देश्य यह है कि कंपनियां अपना मैन्युफैक्चरिंग और सप्लाई चेन सिर्फ चीन पर निर्भर न रखकर, एक या अधिक अतिरिक्त देशों में भी सेटअप करती हैं। उत्तर प्रदेश को इससे सबसे बड़ा फायदा मिल सकता है, क्योंकि यहां बड़ी जनसंख्या और वर्कफोर्स उपलब्ध है। सस्ता और स्किल्ड लेबर है। विशाल घरेलू मार्केट है। इसी को देखते हुए सरकार पीएलआई स्कीम और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस सुधार के जरिए निवेशकों को आकर्षित कर रही है। स्ट्रैटेजी के तहत कंपनियों से बातचीत कर रही है, ताकि विदेशी निवेश सीधे प्रदेश में आकर लगे।

हैकर्स का गूगल को अल्टीमेटम : कर्मचारियों को निकालो, वरना कर देंगे डेटा लीक

दिग्गज टेक कंपनी गूगल पर इन दिनों हैकर्स बुरी नजर गड़ाए हुए हैं। एक बार फिर गूगल हैकर्स के निशाने पर आ गई है। हैकर्स के ग्रुप का नाम स्कैटर्ड लैपसस हंटर्स बताया जा रहा है। हैकर्स ग्रुप ने गूगल को धमकी दी है कि वह अपने दो कर्मचारियों को नौकरी से निकाले और नेटवर्क जांच बंद करने की मांग की है। यदि ये मांग पूरी नहीं की गईं, तो हैकर्स ने लाखों यूजर्स का डेटा, पासवर्ड और बाकी निजी जानकारी लीक करने की धमकी दी है। चलिए जान लेते हैं कि हैकर्स किन दो कर्मचारियों को नौकरी से निकालने के लिए कह रहे हैं और यूजर्स को इस दौरान क्या सावधानी बरतने की जरूरत है? गूगल से हैकर्स ने क्या मांगा है? न्यूजवीक की एक रिपोर्ट के मुताबिक, हैकर्स ने टेलीग्राम पर एक पोस्ट के जरिए अपनी मांगें रखी हैं और गूगल को धमकी दी है। उनकी पहली मांग है कि गूगल अपनी थ्रेट इंटेलिजेंस ग्रुप की नेटवर्क जांच बंद करे। दूसरी मांग है कि गूगल अपने दो कर्मचारी, ऑस्टिन लार्सन और चार्ल्स कार्मकल को नौकरी से निकाले। हैकर्स का कहना है कि अगर गूगल ने ये मांगें नहीं मानीं, तो वे लाखों यूजर्स की निजी जानकारी लीक कर देंगे। इस निजी जानकारी में लोगों का डेटा, पासवर्ड और फाइल्स शामिल हैं। हैकर्स ग्रुप कौनसा है? हैकर्स ग्रुप 'स्कैटर्ड लैपसस हंटर्स' में तीन अलग-अलग हैकिंग ग्रुप शामिल हैं। इनका नाम स्कैटर्ड स्पाइडर, लैपसस और शाइनीहंटर्स है। हैकर्स के ये ग्रुप पहले भी कई बड़ी कंपनियों को निशाना बना चुके हैं। इनका मकसद गूगल पर दबाव बनाना और कंपनी की साख को नुकसान पहुंचाना हो सकता है। गूगल ने अभी तक इन मांगों पर कोई आधिकारिक जवाब नहीं दिया है। हालांकि, अभी तक यह भी पता नहीं चल पाया है कि यूजर्स के पास लीक करने के लिए कोई डेटा है भी या नहीं। जीमेल यूजर्स के लिए राहत की खबर जीमेल और गूगल क्लाउड अकाउंट को यूज करने वाले यूजर्स के लिए राहत की खबर है कि इनमें कोई सीधी सेंधमारी नहीं हुई है। गूगल ने साफ किया है कि हैकर्स के पास यूजर्स के पासवर्ड या निजी जानकारी नहीं है। लेकिन, इस घटना के बाद फिशिंग और धोखाधड़ी की कोशिशें बढ़ गई हैं। हैकर्स ने गूगल की आधिकारिक ईमेल जैसी दिखने वाली फर्जी ईमेल भेजना शुरू कर दिया है। ये फर्जी ईमेल और फोन कॉल्स के जरिए यूजर्स को ठगने की कोशिश हो रही है। इसलिए यूजर्स को सावधानी और सतर्कता बरतने की आवश्यकता है। सावधानी बरतें गूगल यूजर्स गूगल के यूजर्स किसी भी संदिग्ध ईमेल या फोन कॉल पर भरोसा न करें। यदि कोई ईमेल गूगल की तरफ से होने का दावा करता है, तो उसकी अच्छे से जांच करें। अपने पासवर्ड को भी निरंतर बदलते रहें, टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन करें। गूगल ने यूजर्स को आश्वासन दिया है कि उनकी सिक्योरिटी टीम इस मामले पर नजर रखे हुए है और जल्द ही इस समस्या का हल निकल आएगा।

मंदसौर में ED की कार्रवाई… ट्रांसफर के बाद भी पदस्थ आबकारी अधिकारी के घर मारा छापा

मंदसौर  मंदसौर में जिला आबकारी अधिकारी बीएल दांगी के घर बुधवार अलसुबह ईडी ने बड़ी कार्रवाई की। बताया जा रहा है कि यश नगर स्थित उनके आवास पर सुबह करीब 4 बजे ईडी की टीम पहुंची और छापेमारी शुरू कर दी।आर्थिक अनियमितताओं की शिकायत के बाद की जा रही इस कार्रवाई से इलाके में हड़कंप मच गया है। दांगी का हाल ही में मंदसौर से दतिया तबादला हुआ है, हालांकि वे अभी रिलीव नहीं हुए हैं। बता दें कि, डांगी के खिलाफ वित्तीय अनियमितताओं की जांच चल रही है और ईडी की ये कार्रवाई उसी जांच के सिलसिले में होना मानी जा रही है। इस कार्रवाई से इलाके में हड़कंप मच गया है।ये भी बता दें कि, बीएल दांगी का हाल ही में मंदसौर जिला आबकारी पद से दतिया तबादला किया गया है, हालांकि, वो अबतक रिलीव नहीं हुए हैं। वहीं, दूसरी तरफ जांच टीम के सूत्रों का मानना है कि, इस छापामार कार्रवाई में बड़े खुलासे हो सकते हैं। ऐसे में बीएल दांगी की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।