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संघ प्रमुख की मौजूदगी में आरएसएस की अहम बैठक, बीजेपी और अन्य संगठनों के नेता उपस्थित

 जोधपुर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की तीन दिवसीय राष्ट्र स्तरीय समन्वय बैठक जोधपुर में शुरू हो गई है। इस बैठक को लेकर संघ से जुड़े संगठनों और भाजपा के शीर्ष नेताओं की मौजूदगी ने कार्यक्रम को और भी अहम बना दिया है। मुख्य पंडाल में संघ प्रमुख सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत मौजूद हैं। उनके साथ कार्यवाहक सरसंघचालक दत्तात्रेय होसबोले विभिन्न विषयों पर सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और राजस्थान भाजपा अध्यक्ष मदन राठौड़ भी बैठक में भाग ले रहे हैं, जो बैठक की संगठनात्मक और राजनीतिक महत्ता को दर्शाता है। राष्ट्रीय स्तर पर संघ से जुड़े 32 संगठनों के लगभग 320 प्रतिनिधि बैठक में शामिल हुए हैं। इनमें 249 संगठन पदाधिकारी हैं। प्रतिनिधि अलग-अलग समूहों में बैठकर कार्ययोजना, भविष्य की रणनीति और राष्ट्रीय मुद्दों पर विचार-विमर्श कर रहे हैं। बैठक का प्रमुख उद्देश्य सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक गतिविधियों के बीच बेहतर तालमेल बनाना और आगामी समय की प्राथमिकताओं पर चर्चा करना है। इसमें संघ से प्रेरित 32 संगठनों के पदाधिकारी, महिला कार्यकर्ता और अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी जैसे डॉ. कृष्ण गोपाल, मुकुंद, अरुण कुमार, रामदत्त चक्रधर, अतुल लिमये और आलोक कुमार भी उपस्थित हैं। बैठक में विभिन्न संगठनों का वार्षिक कार्यवृत्त प्रस्तुत किया जा रहा है, जिसमें वर्षभर के अनुभव और उपलब्धियों का विवरण शामिल है। बैठक शामिल होने वाले संगठनों में एबीवीपी, भारतीय किसान संघ, भारतीय मजदूर संघ, विद्या भारती और सक्षम (दिव्यांगजन सेवा संगठन) प्रमुख हैं। बैठक में देश के विभिन्न क्षेत्रों विशेषकर पंजाब, बंगाल, असम और पूर्वोत्तर के जनजातीय इलाकों की सामाजिक-आर्थिक परिस्थितियों पर भी चर्चा होनी है। इसके साथ ही पंच परिवर्तन- सामाजिक समरसता, कुटुंब प्रबोधन, पर्यावरण-अनुकूल जीवन, स्वर आधारित रचना और नागरिक कर्तव्य पालन जैसे विषयों पर भी विमर्श किया जा रहा है।  

खराब नियत वाले लोग अक्सर अपनाते हैं ये 5 आदतें, इन्हें देखें तो रखें दूरी!

किसी इंसान की नीयत को उसके चेहरे से नहीं पहचाना जा सकता। बाहर से कोई कितना भी सीधा-सादा या भला लगे, जरूरी नहीं कि उसके दिल में भी उतनी ही अच्छाई हो। इंसान की असली पहचान तो उसकी आदतों से होती है। कुछ छोटी-छोटी बातें और व्यवहार, ये दो ही चीजें ऐसी हैं, जिनके जरिए आप इंसान की अच्छी और बुरी नीयत को पहचान सकते हैं। कुछ लोग बाहर से तो बहुत अच्छे बने रहते हैं लेकिन उनकी नियत खराब होती है। ऐसे लोगों से बचकर रहना बहुत जरूरी होता है क्योंकि ये किस फायदे के लिए आपके साथ जुड़े हुए हैं, ये कहना मुश्किल होता है। तो चलिए जानते हैं कुछ ऐसी आदतें, जो अक्सर खराब नियत वालों में देखने को मिल जाती हैं। हर बात में अपना फायदा ढूंढना खराब नीयत वाले लोग हर स्थिति को इस नजरिए से देखते हैं कि इसमें उनका क्या फायदा हो सकता है। चाहे वह दोस्ती हो, काम का रिश्ता हो या परिवार से जुड़ा मामला। उनके मन में हमेशा यह कैलकुलेशन चलती रहती है कि उन्हें इस चीज से क्या फायदा मिलने वाला है। ये लोग किसी की मदद भी तब ही करते हैं, जब उन्हें यकीन हो कि बाद में उससे उन्हें कोई लाभ मिल सकता है। अगर उन्हें किसी रिश्ते से फायदा नहीं मिल रहा होता है तो वो उससे किनारा करने लगते हैं। दूसरों की बुराई करके खुद को बेहतर दिखाना जो लोग हमेशा दूसरों को बुरा दिखाकर खुद को अच्छा साबित करने की फिराक में लगे रहते हैं, ऐसे लोग भी खराब नीयत वाले होते हैं। ऐसे लोग अक्सर दूसरों की कमियों को उजागर करते हैं, ताकि खुद को ऊँचा दिखा सकें। पीठ पीछे बुराई करना इन लोगों की खास आदत होती है। ऐसे लोगों की बातें सुनने में तो तर्कपूर्ण लग सकती हैं, लेकिन उनका मकसद सिर्फ अपनी छवि को चमकाना और दूसरों को कमजोर साबित करना होता है। जिन्हें हो झूठ बोलने की आदत खराब नियत वाले इंसान की एक खास आदत ये भी होती है कि उन्हें झूठ बोलने में कोई झिझक नहीं होती। ऐसे लोगों के लिए सच को तोड़-मरोड़कर पेश करना या पूरी तरह से झूठी बातें बना लेना आम बात है। इस तरह के लोग अपने झूठ को इतनी सफाई से कहते है कि सामने वाला तुरंत पकड़ भी नहीं पाता। धीरे-धीरे जब सच्चाई सामने आती है, तब तक कई लोगों को काफी नुकसान हो चुका होता है। जिन्हें दूसरों के इमोशन की कद्र ना हो खराब नीयत वाले इंसान कभी दूसरों के इमोशन की कद्र नहीं करते हैं। किसी के सुख-दुख का इन्हें कोई ख्याल नहीं रहता। ऐसे लोग किसी का भरोसा जीतकर, फिर उसी का गलत इस्तेमाल करने से भी नहीं चूकते। इनके लिए प्यार, दोस्ती, सहानुभूति जैसे इमोशन सिर्फ एक हथियार है, जिसका इस्तेमाल वो अपने मतलब को पूरा करने के लिए करते हैं। कभी अपनी गलती नहीं मानना खराब नीयत वाले व्यक्ति में विनम्रता की भी कमी होती है। ऐसे लोग इस बात को कभी एक्सेप्ट नहीं करते हैं कि उनसे कोई गलती हुई है। उल्टा वे अपनी गलती को दूसरों पर डालने की कोशिश करते हैं। ऐसे लोग अपनी इमेज को सुधारने के लिए किसी को भी बलि का बकरा बना सकते हैं।  

बिहार में विकास की नई राह, CM नीतीश के विज़न से 26,000 किमी तक पहुँचना अब आसान

पटना मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार की सड़कों ने विकास की नई गाथा लिख दी है। पिछले दो दशकों में राज्य में सड़कों की लंबाई दोगुनी हो गई है। 2005 में जहां महज 14,468 किलोमीटर सड़कें थीं, वहीं 2025 तक यह बढ़कर 26,000 किलोमीटर से अधिक हो चुकी हैं। राष्ट्रीय और जिला मार्गों में लंबी छलांग 2005 तक राज्य में राष्ट्रीय उच्च पथों की कुल लंबाई 3,629 किलोमीटर थी, जो अब बढ़कर 6,147 किलोमीटर हो गई है। इसी तरह वृहद जिला पथों की लंबाई 8,457 किलोमीटर से दोगुनी होकर 16,296 किलोमीटर तक पहुंच चुकी है। पहले जहां अधिकांश सड़कें सिंगल लेन तक सीमित थीं, वहीं अब दो, चार और छह लेन की सड़कों का जाल बिछ चुका है। ग्रामीण सड़कों ने खोले रोजगार के रास्ते ग्रामीण क्षेत्रों में भी सड़क क्रांति दिखाई दे रही है। नाबार्ड के सहयोग से 2025 तक स्वीकृत 2,025 सड़कों में से 1,859 का निर्माण पूरा हो चुका है। इनकी कुल लंबाई लगभग 4,822 किलोमीटर है। साथ ही 1,235 स्वीकृत पुलों में से 910 बनकर तैयार हो गए हैं। ये पुल और सड़कें ग्रामीण इलाकों को शहरों से जोड़ने में अहम भूमिका निभा रही हैं। सड़कों ने बदली बिहार की तकदीर बिहार की सड़कें केवल आवागमन का साधन नहीं, बल्कि आर्थिक और सामाजिक विकास की धुरी बन चुकी हैं। इनसे गांव सीधे शहरों से जुड़ गए हैं, बाजार, स्कूल और अस्पताल तक पहुंचना आसान हो गया है। व्यापार और कृषि उत्पादों की आवाजाही बढ़ने से किसानों की आमदनी भी मजबूत हुई है। चौतरफा विकास की राह विशेषज्ञ मानते हैं कि बेहतर सड़क नेटवर्क से न सिर्फ यात्रा का समय कम हुआ है, बल्कि रोजगार और व्यापार की नई संभावनाएं भी खुली हैं। यही कारण है कि बिहार अब ग्रामीण बुनियादी ढांचे और सड़क कनेक्टिविटी में देश के अग्रणी राज्यों में गिना जा रहा है।  

नारायणपुर-अबूझमाड़ से बड़ी खबर: सुरक्षाबलों ने छह माओवादियों के शव किए बरामद

जगदलपुर माओवाद विरोधी अभियान को लेकर जहां राजधानी रायपुर में उच्चस्तरीय बैठक जारी है, वहीं बस्तर में सुरक्षाबलों ने नारायणपुर, दंतेवाड़ा और बीजापुर की सीमावर्ती पहाड़ियों में शुक्रवार सुबह हुई मुठभेड़ में छह माओवादियों को मार गिराया है। पुलिस ने अब तक छह माओवादियों के शव बरामद कर लिए हैं। सुरक्षाबलों के अनुसार कई अन्य माओवादी भी मारे गए या घायल हुए हैं। उधर रायपुर के मेफ़ेयर होटल में केंद्रीय गृह मंत्रालय और राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी माओवाद विरोधी रणनीति पर मंथन कर रहे हैं। बैठक में हालिया अभियानों की समीक्षा और आगे की कार्ययोजना पर चर्चा हो रही है। माओवादियों पर लगातार बना है दबाव बस्तर में इस साल सुरक्षाबलों ने माओवादियों पर लगातार दबाव बनाया है। अप्रैल–मई में चले ऑपरेशन ब्लैक फॉरेस्ट में 31 माओवादी मारे गए थे। जुलाई में अबूझमाड़ में हुई मुठभेड़ में छह माओवादी ढेर किए गए, जिनमें एक डिविजनल कमेटी सदस्य भी शामिल था। अब तक इस वर्ष बस्तर में 200 से अधिक माओवादी मारे जा चुके हैं। सबसे बड़ी सफलता मई में मिली, जब संगठन का शीर्ष कमांडर और महासचिव नंबाला केशव राव उर्फ बसवराजू सुरक्षाबलों की कार्रवाई में मारा गया। इसके बाद जून में केंद्रीय समिति का वरिष्ठ नेता और विचारधारा प्रमुख सुधाकर उर्फ नरसिम्हा चालन भी ढेर हो गया। शीर्ष नेतृत्व के लगातार खात्मे से संगठन की पकड़ और मनोबल दोनों कमजोर पड़े हैं। प्रदेश में दिसंबर 2023 से अब तक 453 माओवादी मारे गए, 1,616 गिरफ्तार हुए और 1,666 ने आत्मसमर्पण किया है। इन अभियानों से माओवादियों का प्रभाव क्षेत्र तेजी से सिमट रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार मिल रही सफलताओं और बड़े नेताओं के सफाये ने माओवादी संगठन को अब तक का सबसे बड़ा झटका दिया है। सुरक्षा एजेंसियां इसे निर्णायक चरण मान रही हैं और लक्ष्य है कि 2026 तक बस्तर को पूरी तरह माओवादी प्रभाव से मुक्त किया जाए।

विधानसभा से बाहर किए जाने का जिक्र, अनिल विज ने ममता पर साधा निशाना

हरियाणा  हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर तीखा हमला बोला है। विज ने कहा कि ममता बनर्जी का हाल भी हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा जैसा होने वाला है, क्योंकि दोनों का रवैया तानाशाही रहा है। हुड्डा ने भी मुझे विधानसभा से बाहर फिंकवाया मीडिया से बातचीत में विज ने कहा,“जब भूपेंद्र सिंह हुड्डा हरियाणा के मुख्यमंत्री थे, तब उन्होंने मुझे कई बार विधानसभा से बाहर उठवाकर फिंकवाया था। अब ममता बनर्जी भी भाजपा विधायकों के साथ वही कर रही हैं, लेकिन यह प्रजातंत्र के खिलाफ है।” उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि आज हुड्डा ‘‘खुड्डे लाइन’’ लगे हुए हैं और ममता का भी यही हाल होने वाला है। प्रजातंत्र में विधायकों को बोलने का अधिकार विज ने कहा कि भारत की शासन प्रणाली प्रजातंत्र पर आधारित है और इसमें चुने हुए प्रतिनिधियों को विधानसभा में अपनी बात रखने का पूरा अधिकार है। लेकिन कुछ दल और नेता प्रजातंत्र को बर्दाश्त नहीं कर पाते और अपनी तानाशाही प्रवृत्ति दिखाते हैं। चुने हुए विधायकों की आवाज दबाना लोकतंत्र का अपमान है। ममता बैनर्जी का रवैया इसी दिशा को दिखाता है। भाजपा विधायकों को बाहर फिंकवाना गलत कोलकाता में विधानसभा सत्र के दौरान भाजपा विधायकों को मार्शलों से घसीटकर बाहर निकाले जाने की घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए विज ने कहा, “यह कृत्य प्रजातंत्र की आत्मा को ठेस पहुंचाने वाला है। विपक्ष की बात सुनना और सहन करना लोकतंत्र की मूल भावना है। लेकिन ममता बैनर्जी इसको स्वीकार नहीं कर पा रही हैं।”

सामाजिक चुनौतियों के समाधान के लिए शिक्षक आगे आयें : राज्यपाल पटेल ज्ञान का दान सेवा भी है और समर्पण भी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

सामाजिक चुनौतियों के समाधान के लिए शिक्षक आगे आयें : राज्यपाल पटेल ज्ञान का दान सेवा भी है और समर्पण भी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री ने की शिक्षक संवर्ग को चतुर्थ वेतनमान देने की घोषणा प्रदेश के 55 लाख विद्यार्थियों को गणवेश खरीदने 330 करोड़ राशि हुई अंतरित राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह में उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों को किया सम्मानित भोपाल  राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह राज्यपाल मंगुभाई पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शिक्षक दिवस पर उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों को सम्मानित किया। साथ ही शासकीय विद्यालयों में कक्षा एक से 8 तक के 55 लाख विद्यार्थियों के खातों में शाला गणवेश की 330 करोड़ की राशि अंतरित की। आर.सी.व्ही.पी नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी भोपाल में आयोजित राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शैक्षणिक संवर्ग के सहायक शिक्षक, उच्च श्रेणी तथा नवीन शैक्षणिक संवर्ग के प्राथमिक शिक्षक एवं माध्यमिक शिक्षकों को क्रमोन्नत योजना प्रभावशील होने से चतुर्थ समयमान वेतनमान के लाभ के समरूप चतुर्थ क्रमोन्नत वेतनमान का लाभ दिये जाने की घोषणा की। राज्यपाल पटेल ने कहा है कि समय की जरूरत है कि सामाजिक चुनौतियों के समाधान के लिए शिक्षक आगे आयें और परिवार एवं समाज का मार्गदर्शन करें। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा विकसित भारत 2047 के लक्ष्य पर कार्य किया जा रहा है। प्रधानमंत्री ने युवाओं के साथ विवेकानंद जयंती पर संवाद कर इस दिशा में पहल की है। गुरूजन के सम्मान और गुरू शिष्य परम्परा की महत्ता भारत की गौरवशाली संस्कृति की धरोहर है। भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण युग की गुरू शिष्य परम्परा से प्रेरणा लेकर बच्चों को संस्कारित करना होगा। राज्यपाल पटेल ने कहा कि देश और समाज के निर्माता शिक्षक होते हैं, वह भावी पीढ़ी को संस्कार, ज्ञान और कौशल प्रदान करते हैं। व्यक्तित्व का विकास और चरित्र निर्माण करते हैं। भावी जीवन की सफलताओं के लिए तैयार करते हैं। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों में शिक्षकों के प्रति सम्मान और आभार का भाव सारे जीवन बना रहे, इसके लिए शिक्षकों और पालकों को आगे आना होगा। उन्होंने आधुनिक समाज में बच्चों की आत्म हत्या की बढ़ती चुनौती के प्रति चिंता व्यक्त की। पटेल ने कहा कि समारोह का आयोजन राष्ट्र निर्माता शिक्षकों के देश, समाज के निर्माण में उनके समर्पण और निष्ठा के प्रति देशवासियों का आभार प्रदर्शन है। शिक्षा वह शक्ति और साधन है जो राष्ट्र को ज्ञान, कौशल और जीवन के मूल्यों से संस्कारित करती है। राष्ट्र को सामाजिक, आर्थिक विकास के लिए सक्षम बनाती है। राज्यपाल पटेल ने गर्व के साथ कहा कि हमारे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विकसित भारत निर्माण में शिक्षकों की भूमिका को नया आयाम प्रदान किया है। उन्होंने देश की स्थानीय, वैश्विक जरूरतों और भारत को दुनिया की ज्ञान की महाशक्ति बनाने के लिए दूरगामी छात्र केंद्रित राष्ट्रीय शिक्षा नीति तैयार कराई है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति संभवतः आजादी के बाद शिक्षा के क्षेत्र में सबसे अभिनव प्रयास और राष्ट्र की जन भावनाओं का जीवंत दस्तावेज है। शिक्षक दिवस के उपलक्ष्य में राज्य के प्रथम नागरिक के रूप में राज्यपाल ने सभी शिक्षकों का अभिनंदन किया और सम्मानित शिक्षकों को बधाई दी। राष्ट्र के स्वतंत्रता आंदोलन के सेनानी, भारतीय संस्कृति के प्रबल पोषक, चिंतक और संवाहक डॉ. राधाकृष्णन की जयंती पर नमन भी किया। एक लाख 50 हजार शिक्षकों को मिलेगा चतुर्थ समयमान वेतनमान: मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घोषणा की प्रदेश के शैक्षणिक संवर्ग के सहायक शिक्षक, उच्च शिक्षक, नवीन शैक्षणिक संवर्ग के प्राथमिक शिक्षक, माध्यमिक शिक्षकों को चतुर्थ समयमान वेतनमान दिया जाएगा। इससे प्रदेश के 1 लाख 50 हजार शिक्षक लाभान्वित होंगे। इसके लिए जल्द ही कैबिनेट में प्रस्ताव लाया जाएगा। सभी पात्र शिक्षकों को चौथे वेतनमान की सौगात वित्त वर्ष 2025-26 से मिलेगी। इससे सरकार पर करीब 117 करोड़ रुपए का अतिरिक्त व्यय भार आएगा। उन्होंने कहा कि शिक्षकों के मान-सम्मान और उन्हें सुविधा सम्पन्न बनाने के लिए हमारी सरकार हर जरूरी कदम उठायेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि भारतीय परंपरा में अनंत काल से ध्यान का आधार गुरु का स्वरूप, पूजा का आधार गुरु के चरण, मंत्र का आधार गुरु के वचन और मोक्ष का आधार गुरु की कृपा है। प्राचीन काल में गुरु ही भविष्य के लिए शासक तैयार करते थे, जिस प्रकार महर्षि विश्वामित्र भगवान श्रीराम और लक्ष्मण को अपने साथ ले गए और उन्हें शस्त्र और शास्त्रों का ज्ञान देकर राक्षसों का नाश कराया। उसी प्रकार कंस का वध करने के बाद भगवान श्रीकृष्ण उज्जैन में महर्षि सांदीपनि आश्रम पहुंचे और अनेक लीलाएं कीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि ज्ञान पाना और ज्ञान देना दोनों सुसंस्कृत समाज के निर्माण के लिए जरूरी है। ज्ञान का दान समाज की सेवा भी और अपने नैतिक मूल्यों के प्रति समर्पण भी है। हमारे गुरुजन बड़े प्रभावी तरीके से इस भूमिका का निर्वहन कर रहे हैं। गुरु के बिना जीवन तमस में होता है। गुरु ही अपने ज्ञान से सबके जीवन को ज्योतिर्मय बनाते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि शिक्षा ही व्यक्ति को सुसंस्कृत और संस्कारवान इंसान बनाती है। दशरथनंदन श्रीराम को मर्यादा पुरुषोत्तम बनाने का श्रेय आचार्य विश्वामित्र को जाता है, वहीं गुरु सांदीपनि ने कान्हा को वह शिक्षा दी, जिसने उन्हें भगवत गीता का ज्ञान देने वाला श्रीकृष्ण बनाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरुजन सदैव पूजनीय हैं, क्योंकि वे अपने ज्ञान और परिश्रम से शिक्षा के मंदिरों को प्रकाशित करते हैं। प्रदेश सरकार शिक्षकों के मान-सम्मान के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने सम्मानित सभी शिक्षकों का अभिवादन कर प्रदेश के विद्यार्थियों के भविष्य निर्माण में उनके योगदान की सराहना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भारत रत्न डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन को आदरांजलि अर्पित करते हुए कहा कि वे एक महान दार्शनिक और विद्वान थे, जिन्होंने राष्ट्रपति पद की गरिमा को अपनी प्रतिभा से गौरवान्वित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत मजबूती के साथ आगे बढ़ रहा है। दुश्मन से रक्षा के लिए हमारे वैज्ञानिकों ने आधुनिक सुदर्शन चक्र विकसित कर सेना को सौंपा है। भारत ने हमेशा वसुधैव कुटुम्बकम, जियो और जीने का संदेश दुनिया को दिया है। भारत ने विश्व गुरु रहते हुए शिक्षा के माध्यम से … Read more

उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय ने केजीएमयू जाकर घायल छात्रों से की मुलाकात

छात्रों के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा- मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय लखनऊ, प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय शुक्रवार को किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय  लखनऊ पहुंचे, जहाँ उन्होंने रामस्वरूप मेमोरियल विश्वविद्यालय में एलएलवी पाठ्यक्रम की मान्यता नवीनीकरण एवं अवैध वसूली को लेकर प्रदर्शन के दौरान घायल हुए छात्रों से भेंट की। मंत्री ने घायल छात्रों से उनका हालचाल पूछा, उनकी चिकित्सा व्यवस्था की जानकारी ली और उन्हें हर संभव सहयोग देने का आश्वासन दिया। मुलाकात के दौरान छात्रों ने मंत्री को वीडियो दिखाते हुए विस्तार से बताया  कि किस प्रकार शांतिपूर्ण ढंग से अपनी समस्याएँ उठाने पर भी उनके साथ बर्बरता की गई। मंत्री ने छात्रों की बात ध्यानपूर्वक सुनी और कहा कि योगी सरकार छात्रों की न्यायोचित मांगों के साथ खड़ी है तथा उनके हितों की अनदेखी किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं होगी। उच्च शिक्षा मंत्री को घायल छात्रों ने अवगत कराया कि विश्वविद्यालय प्रशासन के स्थानीय असामाजिक तत्वों ने छात्रों पर हमला किया तथा मौजूदा पुलिस कर्मियों ने उनके साथ मिलकर पाशविक कृत्य किया। उच्च शिक्षा मंत्री ने बताया कि इस घटना में संलिप्त पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है और मंडलायुक्त को  मामले की जांच के निर्देश दिए गए हैं। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर कठोरतम कार्रवाई की जाएगी। इस संबंध में उच्च शिक्षा परिषद के सचिव दिनेश राजपूत की ओर से विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है। उच्च शिक्षा मंत्री ने विश्वविद्यालय प्रशासन की लापरवाही पर भी गहरी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि एलएलवी पाठ्यक्रम की मान्यता का समय से नवीनीकरण न कराना, बिना अनुमति के प्रवेश लेना, छात्रों से अवैध वसूली करना और उनकी जायज मांगों को दबाने के लिए बाहरी तत्वों की मदद लेना गंभीर अपराध है। उच्च शिक्षा मंत्री ने कहा कि योगी सरकार किसी भी हालत में छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ नहीं होने देगी। उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन को सख्त निर्देश दिए कि सभी मान्यता प्राप्त पाठ्यक्रमों का संचालन निर्धारित मानकों के अनुरूप ही हो और छात्रों को अनावश्यक दबाव या अनिश्चितता का सामना न करना पड़े। उन्होंने यह भी कहा कि छात्रों की समस्याओं का समाधान संवाद और संवेदनशीलता से किया जाना चाहिए, न कि बल प्रयोग से।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों का किया सम्मान

प्रदेश के 2204 विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को वितरित किये गये टैबलेट सीएम योगी ने किया प्रदेश के 1236 राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में दो-दो स्मार्ट क्लास का लोकार्पण एससीईआरटी की बाल कहानी संग्रह ‘गुल्लक’ और ‘उद्गम’ पुस्तिका का सीएम ने किया विमोचन उद्गम के डिजिटल प्लेटफॉर्म का मुख्यमंत्री ने किया शुभारंभ समर कैम्प और वृक्षारोपण पर आधारित लघु फिल्म का किया गया प्रदर्शन लखनऊ, राजधानी के लोकभवन सभागार में शुक्रवार को शिक्षक दिवस के अवसर पर राज्य शिक्षक पुरस्कार समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर भारत रत्न, पूर्व राष्ट्रपति एवं महान शिक्षाविद् डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती पर बेसिक और माध्यमिक शिक्षा क्षेत्र के कुल 81 शिक्षकों को राज्य शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इसमें बेसिक शिक्षा के 66 और माध्यमिक शिक्षा के 15 शिक्षकों को उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए शामिल किया गया। 'उद्गम' के डिजिटल प्लेटफॉर्म का मुख्यमंत्री ने किया शुभारंभ कार्यक्रम में एससीईआरटी द्वारा तैयार की गई बाल कहानी संग्रह 'गुल्लक', 'बाल वाटिका' हस्त पुस्तिका, शैक्षिक नवाचारों के संकलन की पुस्तिका 'उद्गम' का विमोचन और उद्गम के डिजिटल प्लेटफॉर्म का शुभारंभ किया गया। बता दें कि 'गुल्लक' के माध्यम से शिक्षक विद्यार्थियों के ज्ञान को सहज और रोचक बनाने के साथ साथ नैतिक एवं मानवीय मूल्यों को विकसित करने में सफल हो सकेंगे। पुस्तक 'उद्गम' में शिक्षकों द्वारा विद्यालयों में किये जा रहे नवाचारों के उत्कृष्ट प्रयासों को समाहित किया गया है। इसके अलावा बेसिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग द्वारा संचालित समर कैम्प और वृक्षारोपण से संबंधित लघु फिल्म का भी प्रदर्शन हुआ। समारोह की शुरुआत जनता गर्ल्स आलमबाग की छात्राओं ने सरस्वती वंदना से की। मुख्यमंत्री द्वारा इस अवसर पर बेसिक शिक्षा और माध्यमिक शिक्षा से जुड़े 5-5 प्रधानाचार्य/शिक्षकों को सम्मान स्वरूप 25 हजार की धनराशि, प्रशस्ति पत्र, स्मृति चिह्न के रूप में मां सरस्वती की प्रतिमा एवं शाल भेंट किया गया। बेसिक शिक्षा के इन शिक्षकों का सीएम ने किया सम्मान सम्मानित शिक्षकों में बेसिक शिक्षा विभाग से भदोही के सहायक अध्यापक संतोष कुमार सिंह, मेरठ से सहायक अध्यापिका रेनू सिंह, लखीमपुर खीरी से सहायक अध्यापिका मोहिनी श्रीवास्तव, प्रयागराज से सहायक अध्यापिका डॉ. रीना मिश्रा, गोरखपुर से सहायक अध्यापक प्रमोद कुमार सिंह शामिल रहे। माध्यमिक शिक्षा से जुड़े इन शिक्षकों का सीएम ने किया सम्मान माध्यमिक शिक्षा से जुड़े हमीरपुर के प्रधानाचार्य रामप्रकाश गुप्त, गाजियाबाद की अध्यापिका वाणिज्य कोमल त्यागी, बरेली से प्रधानाचार्य चमन जहां, जौनपुर से प्रधानाचार्य जंगबहादुर, गोरखपुर के विज्ञान अध्यापक डॉ. वीरेन्द्र कुमार पटेल को मुख्यमंत्री ने मंच से सम्मानित किया। 2204 राजकीय माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को वितरित किया गया टैबलेट इस अवसर पर प्रदेश के 2204 राजकीय माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को टैबलेट वितरण किया गया। इनमें महोबा से सरगम खरे और ज्ञानवंत सिंह, प्रयागराज के धर्मेन्द्र कुमार, चंदौली के राजेश यादव और गाजियाबाद की डॉ. विभा चौहान को मुख्यमंत्री द्वारा मंच से टैबलेट प्रदान किया गया। 1236 राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में स्मार्ट क्लास का मुख्यमंत्री ने किया लोकार्पण मुख्यमंत्री ने प्रदेश के 1236 राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में स्थापित स्मार्ट क्लास का भी लोकार्पण किया और पांच विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को इस बाबत मंच से प्रमाण पत्र प्रदान किया। इनमें बांदा के अजय प्रकाश सिंह, गाजीपुर के दिनेश यादव, गोरखपुर की किरणमई तिवारी, ललितपुर की अंजना वर्मा और गोरखपुर से विश्वप्रकाश सिंह शामिल थे। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ माध्यमिक शिक्षा मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गुलाब देवी, बेसिक शिक्षा मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह, प्रभारी मुख्य सचिव एवं माध्यमिक शिक्षा एवं बेसिक शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार, महानिदेशक स्कूल शिक्षा कंचन वर्मा सहित प्रदेशभर से आये शिक्षकगण उपस्थित रहे। गुणवत्तापूर्ण कंटेंट के माध्यम से बच्चों को समान शिक्षा मिल रही बेसिक शिक्षा मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह ने अपने उद्बोधन में कहा कि सरकार बच्चों को आधुनिक पद्धति से बिना भेदभाव शिक्षा प्रदान कर रही है। स्मार्ट क्लास, अच्छे शिक्षक और गुणवत्तापूर्ण कंटेंट के माध्यम से बच्चों को समान शिक्षा मिल रही है। सरकार बालिकाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के लिए प्रतिबद्ध है। शिक्षक विद्यार्थी को विद्वान बनाता है और गुरु विद्यार्थी को महान माध्यमिक शिक्षा मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गुलाब देवी ने कहा कि योगी सरकार के नेतृत्व में नकल पर पूरी तरह नकेल लगी है। नकल माफिया अब पराजित हैं और पकड़े जाने पर उन्हें एक करोड़ रुपए का जुर्माना और आजीवन कारावास का प्रावधान है। उन्होंने कहा कि शिक्षक विद्यार्थी को विद्वान बनाता है और गुरु विद्यार्थी को महान। शिक्षक समाज और बच्चों के लिए आदर्श हैं।

रूसी तेल पर भारत अडिग, ट्रंप ने यूरोप से कहा– सिर्फ हमें नहीं, चीन को भी रोको

वाशिंगटन रूसी तेल की खरीद को लेकर भारत को टैरिफ का दंड देने वाले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अब यूरोप के पीछे पड़ गए हैं. गुरुवार को दुनिया के नेताओं के साथ एक बैठक में उन्होंने कहा कि यूरोप को रूसी तेल खरीदना बंद कर देना चाहिए. उन्होंने कहा कि यूक्रेन में युद्ध को खत्म करने के लिए चीन पर आर्थिक दबाव डालना चाहिए. व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने अमेरिका ब्रॉडकास्टर सीएनएन को यह जानकारी दी. ट्रंप ने गुरुवार को यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की और अन्य यूरोपीय नेताओं के साथ 'Coalition of the Willing' की बैठक में यह टिप्पणी की. यह यूक्रेनी सहयोगियों का एक समूह है जो युद्ध को समाप्त करने और भविष्य के हमलों से यूक्रेन को सुरक्षा प्रदान करने की कोशिश कर रहा है. यूरोपीय देशों पर ट्रंप की टिप्पणी के बाद फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने यूक्रेन में शांति को लेकर अपनी बात रखी. उन्होंने कहा कि 26 देशों ने वादा किया है कि अगर युद्ध विराम समझौते को अंतिम रूप दिया जाता है तो वे संभावित शांति सेना में योगदान देंगे. हालांकि, माना जाता है कि अमेरिकी के बिना यूरोपीय देश यूक्रेन को सुरक्षा की गारंटी नहीं दे पाएंगे. मैक्रों ने गुरुवार को इस बात को स्वीकार करते हुए कहा कि यूक्रेन की सेना को मजबूत करने और यूक्रेन में यूरोपीय सैनिकों को तैनात करने में तीसरा फैक्टर अमेरिका का 'सेफ्टी नेट' होना चाहिए. फ्रांसीसी राष्ट्रपति ने कहा, 'आने वाले दिनों में हम इन सुरक्षा गारंटियों के लिए अमेरिकी समर्थन को अंतिम रूप दे देंगे.' पुतिन के साथ मीटिंग के हफ्तों बाद भी रूस के साथ ट्रंप की बात नहीं बन रही ट्रंप और यूरोपीय नेताओं की यह बैठक यूक्रेन में युद्ध समाप्त न करा पाने की ट्रंप की हताशा के बीच हो रही है. रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ अलास्का शिखर सम्मेलन के लगभग तीन हफ्ते बाद भी ट्रंप शांति वार्ता में प्रगति न होने से लगातार निराश हो रहे हैं. अमेरिकी अधिकारियों ने बताया कि ट्रंप इस बात पर विचार कर रहे हैं कि रूस और यूक्रेनी नेताओं के बीच बैठक कराने में उन्हें पर्सनली कितना शामिल होना चाहिए. रूस की सरकारी न्यूज एजेंसी आरआईए के अनुसार, क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने शुक्रवार को कहा कि रूस और यूक्रेन के बीच किसी भी शीर्ष स्तरीय बैठक से पहले 'काफी काम' करने की जरूरत है. व्हाइट हाउस के अधिकारी ने कहा कि मैक्रों और यूरोपीय नेताओं ने ट्रंप को बैठक में बुलाया था जिसमें ट्रंप ने 'इस बात पर जोर दिया कि यूरोप को रूसी तेल खरीदना बंद करना चाहिए क्योंकि इससे रूस को युद्ध में मदद मिल रही है. ट्रंप ने यह भी कहा कि रूस ने एक साल में यूरोपीय संघ को ईंधन बेचकर 1.1 अरब यूरो कमाया है. अधिकारी ने कहा, 'राष्ट्रपति ने इस बात पर भी जोर दिया कि यूरोपीय नेताओं को रूस के युद्ध प्रयासों की फंडिंग के लिए चीन पर आर्थिक दबाव डालना चाहिए.' रूस के साथ व्यापार करने वालों को निशाना बना रहे ट्रंप लेकिन… रिपोर्ट में कहा गया कि भले ही ट्रंप रूस के साथ बिजनेस करने वाले देशों को निशाना बना रहे हैं लेकिन निजी तौर पर वो इस बात से फिक्रमंद भी हैं कि ऐसा करने से रूस के साथ यूक्रेन में युद्ध खत्म करने की वार्ता प्रभावित हो सकती है.  जब ट्रंप से पूछा गया कि क्या वो रूस के साथ व्यापार करने वाले देशों पर प्रतिबंध लगाने पर विचार कर रहे हैं, तो ट्रंप ने कहा कि वो ऐसा पहले ही कर चुके हैं. ट्रंप ने कहा, 'मैंने भारत के संबंध में पहले ही ऐसा कर दिया है.' उन्होंने रूसी तेल आयात करने को लेकर भारत पर टैरिफ बढ़ाकर 50% करने के अपने फैसले का जिक्र किया. 

बीजेपी बैठक में सीएम बोले– विपक्ष खतरे से भागता है, वन नेशन-वन इलेक्शन पर चर्चा

भोपाल  भोपाल में भाजपा कार्यालय में सेवा पखवाड़े की तैयारियों को लेकर हुई बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कांग्रेस पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस न्यायालय और लोकतांत्रिक संस्थाओं की धज्जियां उड़ाने वाली पार्टी है. सीएम ने कहा कि – 'विपक्ष शुतुरमुर्ग की तरह खतरे से आंख मूंदकर जनता को भ्रमित कर रहा है, जबकि भाजपा के तपोनिष्ठ कार्यकर्ता कच्ची मिट्टी के नहीं बने हैं। उन्होंने कहा कि आने वाला समय वन नेशन, वन इलेक्शन का है और कांग्रेस के लिए और भी चुनौतीपूर्ण होने वाला है।' 17 दिनों में हम अपने कामों को नीचे तक लेकर जाएं CM ने कहा- 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्म दिवस पर सेवा पखवाड़े चलेगा। सारी गतिविधियां और कार्यक्रम चलेंगे। आज के समय हमारी भूमिका को जनता के बीच जिस ढंग का माहौल हमारे विपक्षी लोग कर रहे हैं। दुनिया भारत को सम्मान और गर्व की निगाह से देख रही है। आज के इस दुविधापूर्ण समय में कांग्रेस अपना काम कर रही है। लेकिन, हम अपनी पार्टी और केन्द्र सरकार के एक-एक काम को सेवा पखवाड़े के माध्यम से नीचे तक ले जाएं। और ताकत के साथ हम अपने विषय रखें। हम अपनी जड़ें और नीचे तक बनाते जाएं। ये 17 दिन का समय हमारे लिए हमारी पूरी व्यवस्थाओं को नीचे तक विश्वास बनाने का अवसर है। दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी बनने का गौरव भाजपा ने प्राप्त किया है। आइडियोलॉजी को लेकर कोई दुविधा नहीं सीएम ने कहा- शहजादों की भाषा उनके अपने आचरण और व्यवहार जो अपने आपको पार्टी भले ही कहती हो। लेकिन, सच्चे अर्थों में लोकतांत्रिक पार्टी भाजपा है। हम अपने एक-एक काम से संदेश दे रहे हैं। भाजपा के कार्यकर्ता यदि काम कर रहे हैं तो वह राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत होकर सांस्कृतिक धारा में तपोनिष्ठ कार्यकर्ता की तरह अपनी भूमिका निभा रहे हैं। राजनीतिक विचारधारा में आइडियोलॉजी को लेकर कोई दुविधा नहीं हैं। हमारी सफलता से दुश्मन बौखलाए हैं सीएम ने कहा- हमारी राजनीतिक यात्रा जनसंघ के जमाने से शुरू हुई थी। उस यात्रा के आधार पर हमने सफलता के परचम लहराए हैं। हमारी सफलता से दुश्मन बौखलाए हुए हैं। दुश्मनों के हालात आज उनके लिए तो करो या मरो के समान हैं। इसलिए वो सारे नाटक कर रहे हैं। जिसके आधार पर उनको लगता है कि वो मूल उद्देश्य की प्राप्ति कर लेंगे। हमारे दुश्मन रावण की तरह आते हैं सीएम ने कहा- आज हमारे राज्य में और कई सारे राज्यों में चुनाव की कोई बेला नहीं हैं। ऐसे में हम अपनी बात बहुत शिष्टता से करें। लेकिन दुश्मन बहुत चालाक है। वो भगवान राम के समय से माता सीता का अपहरण करने साधु के वेश में आता है। वो उसी नाटक से आज भी बाहर नहीं आ रहे। इसलिए, आज भी वो संविधान की किताब दिखाते हुए। उन्होंने सौ-सौ बार संविधान का संशोधन करते हुए अपना चरित्र दिखाया। चुनाव आयोग ने दमदारी से जवाब दिया सीएम ने कहा कि आज कांग्रेस न्यायालय की बात करती है, लेकिन न्यायालय की धज्जियां उड़ाने का इतिहास भी कांग्रेस का ही रहा है। लोकतंत्र में सबसे बड़ी विश्वसनीयता चुनाव आयोग की होती है, लेकिन कांग्रेस उसके खिलाफ जिस तरह की भाषा इस्तेमाल कर रही है, वह दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि मैं चुनाव आयोग का धन्यवाद करता हूं कि आजादी के बाद पहली बार चुनाव आयोग ने मजबूती और दमदारी से अपनी बात रखी है। चुनाव आयोग की यही भूमिका होनी चाहिए- सही को सही और गलत को गलत कहना। विपक्ष ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग पक्षपात कर रहा है, लेकिन आयोग ने स्पष्ट कर दिया कि वह न पक्ष में है, न विपक्ष में, बल्कि निष्पक्ष है। आयोग ने कहा कि सभी पंजीकृत दल हमारे लिए बराबर हैं। खतरे को देख रेत में सिर घुसा लेते हैं सीएम ने कहा- न्यायालय की परंपरा के आधार पर देश गौरवान्वित हुआ था, जब इंदिरा गांधी प्रधानमंत्री होते हुए पद का दुरुपयोग कैसे कर सकती हैं। इसके खिलाफ वो सच्चाई सामने लाए। और ये शुतुरमुर्ग की तरह आने वाले खतरे को देखकर अपनी मुंडी रेत में घुसाकर जनता को बेवकूफ बनाने वाले लोग हैं। शुतुरमुर्ग का यह तरीका रहता है जब वह खतरे का सामना नहीं कर पाता है तो रेत में अपना सिर घुसा कर सोचता है कि खतरा टल गया। राम के नाम पर देश में दंगे कराने का पाप मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि कांग्रेस ने अपने एक-एक फैसले से देश का नुकसान किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि यही वे लोग हैं, जिन्होंने भगवान राम के मुद्दे पर देश में दंगे कराए। इन्हीं के कारण तीन तलाक की प्रथा बनी रही, जिसने मुस्लिम बहनों की जिंदगी को नरक बना दिया। आजादी के बाद धारा 370 लगाने के चलते 40 हजार निर्दोष लोगों की जान गई, जिसका पाप भी कांग्रेस के सिर पर है। विपक्ष के लिए आने वाला वक्त और चुनौती का सीएम ने कहा कि आज का समय वन नेशन, वन इलेक्शन का है। विपक्ष को मालूम है कि आने वाला वक्त उनके लिए और भी चुनौतीपूर्ण होने वाला है। इसी कारण वे आखिरी कोशिश करेंगे कि किसी भी तरह भाजपा के विजय रथ को रोक सकें। लेकिन हमें पूरा विश्वास है कि भाजपा के कार्यकर्ता कच्ची मिट्टी के नहीं बने हैं। वे तपोनिष्ठ और समर्पित हैं। मध्यप्रदेश तो संगठन की नर्सरी है, जहां हर बूथ से मजबूत कार्यकर्ता तैयार होकर निकलते हैं। इसी संगठन और कार्यकर्ताओं की फौज के बल पर हम हर चुनौती का सामना करने में सक्षम हैं।