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32 साल का पहला झटका: अमेरिका की रूस नीति फेल, विदेश से अंडे खरीदने पर विवश

वाशिंगटन  रूस की अर्थव्यवस्था को पंगु बनाने की कोशिश में जुटा अमेरिका अब खुद ही उसके साथ व्यापार करने के लिए मजबूर है। दरअसल अमेरिका ने इसी साल जुलाई में रूस से पहली बार मुर्गी के अंडों की खेप आयात की है। यह जानकारी रूस की सरकारी समाचार एजेंसी RIA नोवोस्ती ने अमेरिकी सांख्यिकीय सेवा के आंकड़ों का हवाला देते हुए दी। बताया जा रहा है कि यह आयात 32 वर्षों में पहली बार हुआ है। आखिरी बार अमेरिका ने 1992 में रूस से अंडे खरीदे थे। रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका ने जुलाई महीने में रूस से ताजा मुर्गी के अंडों पर 4.55 लाख डॉलर (करीब 3.8 करोड़ रुपये) खर्च किए। यह कदम उस समय उठाया गया जब देश में बर्ड फ्लू महामारी के चलते पोल्ट्री उद्योग को भारी नुकसान हुआ और अंडों की आपूर्ति संकट पैदा हो गया। बर्ड फ्लू से संकट और महंगाई साल 2025 की शुरुआत में फैले बर्ड फ्लू प्रकोप से लाखों मुर्गियां प्रभावित हुईं। जनवरी में सीएनएन की एक रिपोर्ट के मुताबिक, हालात इतने गंभीर थे कि कई स्टोर्स को अंडों पर खरीद की सीमा लगानी पड़ी। फरवरी तक एक दर्जन अंडों की कीमत 7 डॉलर तक पहुंच गई। हालांकि पिछले महीनों में दामों में कुछ कमी आई है, लेकिन जुलाई 2025 में अंडे पिछले साल की तुलना में अब भी 16.4% महंगे रहे। वाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलीन लेविट ने इस संकट के लिए पूर्व बाइडेन प्रशासन को जिम्मेदार ठहराते हुए आरोप लगाया कि उन्होंने पद छोड़ने से पहले करीब 80 लाख मुर्गियों की अकारण कुरबानी दी, जिससे स्थिति और बिगड़ी। पाबंदियों के बीच व्यापार फरवरी 2022 में यूक्रेन पर रूस के पूर्ण पैमाने पर हमले के बाद अमेरिका और पश्चिमी देशों ने मॉस्को पर कड़े प्रतिबंध लगाए। अमेरिका ने रूस की अर्थव्यवस्था को कमजोर करने, उसकी सैन्य क्षमताओं को सीमित करने और उसे वित्तीय व कूटनीतिक रूप से अलग-थलग करने के लिए ये व्यापक प्रतिबंध लगाए हैं। इनमें रूसी सेंट्रल बैंक की अरबों डॉलर की संपत्ति को फ्रीज करना, प्रमुख रूसी बैंकों को स्विफ्ट सिस्टम से बाहर करना, रूस के ऊर्जा क्षेत्र में व्यापार और निवेश पर भारी प्रतिबंध लगाना, और प्रमुख रूसी अधिकारियों पर प्रतिबंध शामिल हैं। इन पाबंदियों के बावजूद, 2024 में अमेरिका ने रूस से करीब 3 अरब डॉलर के सामान आयात किए। इनमें उर्वरक (2025 की पहली छमाही में 927 मिलियन डॉलर), यूरेनियम व प्लूटोनियम (755 मिलियन डॉलर) और पैलेडियम जैसे कीमती धातु शामिल हैं। पिछले तीन वर्षों में अमेरिका-रूस व्यापार लगभग 90% तक गिर चुका है। लेकिन अगस्त 2025 में अलास्का में हुए ट्रंप-पुतिन शिखर सम्मेलन के बाद दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग की संभावना के संकेत मिले।  

मौसम अपडेट: MP के 12 जिलों में भारी बारिश, अगले दिन बरसात की संभावना

भोपाल  मध्य प्रदेश में स्ट्रांग सिस्टम एक्टिव होने की वजह से लगातार बारिश का दौर चल रहा है। शनिवार को भी प्रदेश के 12 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। भोपाल में सुबह से बारिश हो रही है। शुक्रवार को इंदिरा सागर समेत 5 डैम के गेट खोलने पड़े। मौसम विभाग ने जिन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है, उनमें उज्जैन, नीमच, मंदसौर, रतलाम, आगर-मालवा, झाबुआ, धार, शाजापुर, राजगढ़, गुना और श्योपुर शामिल हैं। यहां अगले 24 घंटे में ढाई से साढ़े 4 इंच तक पानी गिर सकता है। 20 जिलों में गिरा पानी शुक्रवार को उज्जैन में सवा 2 इंच और इंदौर में डेढ़ मिमी पानी गिर गया जबकि शिवपुरी में 1 इंच बारिश हुई। इसके अलावा भोपाल, दतिया, गुना, ग्वालियर, नर्मदापुरम, रतलाम, सिवनी, टीकमगढ़, बालाघाट, धार, बड़वानी, श्योपुर, दतिया, विदिशा, मुरैना समेत कई जिलों में हल्की बारिश का दौर जारी रहा। इसलिए हो रही तेज बारिश मौसम विभाग की सीनियर वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि प्रदेश में शुक्रवार को बारिश के तीन स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव रहे। इनमें एक मानसून समेत दो ट्रफ, एक लो प्रेशर एरिया (कम दबाव का क्षेत्र) शामिल हैं। शनिवार को भी सिस्टम की एक्टिविटी देखने को मिल सकती है इसलिए कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। प्रदेश में 40.6 इंच हुई बारिश मौसम विभाग के अनुसार, एमपी में अब तक 40.6 इंच बारिश हो चुकी है, जो सीजन की 110 प्रतिशत है। अब तक 32.4 इंच बारिश होनी थी। प्रदेश की सामान्य बारिश औसत 37 इंच है। पिछले मानसूनी सीजन में औसत 44 इंच बारिश हुई थी। गुना सबसे बेहतर है यहां 63.1 इंच बारिश हो चुकी है। गुना में सामान्य से 30 इंच पानी ज्यादा गिर चुका है। श्योपुर में 55.8 इंच, मंडला में 55.8 इंच और शिवपुरी में 53.3 इंच बारिश हुई है। इंदौर और उज्जैन संभाग के हैं। खरगोन में सबसे कम 25.1 इंच, खंडवा में 25.4 इंच, बुरहानपुर में 25.5 इंच, बड़वानी में 25.6 इंच और शाजापुर में 26.2 इंच बारिश हो चुकी है। 

स्कूल में अब ताज़ा और हेल्दी खाना, रांची के 1777 स्कूलों में शुरू हुआ पोषण बागान

रांची झारखंड की राजधानी रांची में बेहतर स्वास्थ्य और पर्यावरण जागरूकता फैलाने के लिए जिले के प्राथमिक और माध्यमिक स्कूलों में सुपोषण परियोजना के तहत पोषण बागान शुरू किए गए हैं। इस पहल का मकसद स्कूलों में ताजा और बिना कीटनाशक वाली सब्जियां उगाकर बच्चों को पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराना और उन्हें खेती व सतत जीवन के बारे में प्रत्यक्ष अनुभव देना है। यह प्रोजेक्ट सिर्फ बच्चों को ताजी सब्जियां देने तक सीमित नहीं है, बल्कि कुपोषण की लड़ाई को एक नया आयाम दे रहा है और अन्य राज्यों के लिए भी एक नई राह दिखा सकता है। अभी तक 2,128 में से 1,771 स्कूलों में किचन गाडर्न तैयार हो चुके हैं जबकि दिसंबर 2025 तक जिले के सभी 2128 सरकारी स्कूलों में यह योजना पूरी तरह से लागू करने का लक्ष्य रखा गया है। इन बागानों में पालक, मेथी, सहजन, पपीता और मौसमी सब्जियां जैसे टमाटर, गाजर, भिंडी उगाई जाएंगी, जो बालकों में कुपोषण और एनीमिया जैसी समस्याओं को दूर करने में मदद करेंगी। अधिकारियों ने बताया कि ये बागान जीवित कक्षाएं साबित हो रही हैं, जहां बच्चे पौधा लगाना, कंपोस्ट बनाना और प्राकृतिक उर्वरक तैयार करना सीखेंगे। सीमित जगह वाले स्कूल वटिर्कल गार्डनिंग और ग्रो बैग जैसी तकनीकों को अपनाएंगे। साथ ही, यहां जैविक कचरे का पुनर्चक्रण भी होगा। शिक्षा अधीक्षक बादल राज ने आज कहा कि परियोजना से सामुदायिक सहभागिता भी बढ़ेगी, अतिरिक्त सब्जियां स्थानीय रूप से साझा की जाएंगी जिससे आत्मनिर्भरता और अभिभावक-विद्यालय संबंध मजबूत होंगे।' उन्होंने यह भी बताया कि सर्वोत्तम प्रदर्शन करने वाले स्कूलों को पुरस्कार भी दिए जाएंगे। सरकारी मध्य विद्यालय, ऑरमांझी के प्रिंसिपल नसीम अहमद ने कहा, 'यह पहल स्कूलों को स्वास्थ्य, शिक्षा और सततता के केंद्र में बदल रही है, जो न केवल बच्चों को बल्कि पूरे समुदाय के लिए हरित और स्वस्थ भविष्य का निर्माण कर रही है।'सुपोषण परियोजना से बच्चों के पोषण स्तर में सुधार के साथ-साथ उनमें अनुशासन, सहयोग और प्रकृति के प्रति सम्मान भी बढ़ेगा।  

अभिनेता आशुतोष राणा का महाकाल दरबार दौरा, अपने अंदाज में पेश किया शिव स्त्रोत

उज्जैन   फेसम फिल्म अभिनेता आशुतोष राणा शुक्रवार को मध्य प्रदेश की धर्मनगरी उज्जैन में स्थित विस्व प्रसिद्ध 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक बाबा महाकाल के दरबार में पहुंचे। यहां उन्होंने नंदी हॉल में बैठकर शिव आराधना की और उसके बाद चांदी द्वार से बाबा महाकाल के दर्शन किए। बाबा महाकाल के दर्शन के बाद आशुतोष राणा ने नंदीजी का पूजन अर्चन किया और उनके कानों में अपनी मनोकामना भी कही। इसी के साथ मीडिया से चर्चा करते हुए उन्होंने अपने अंदाज में शिव तांडव का स्त्रोत भी सुनाया। महाकालेश्वर मंदिर के सहायक प्रशासक मूलचंद जुनवाल क कहना है कि, आशुतोष राणा बाबा महाकाल के अनन्य भक्त हैं। उन्होंने महाकालेश्वर मंदिर में शिव तांडव स्तोत्र का पाठ नंदी हॉल में बैठकर किया। अभिनेता आशुतोष राणा ने महाकालेश्वर भगवान के दर्शन किए। पूजन पुजारी पं. जितेन्द्र शर्मा एवं पं. दिनेश त्रिवेदी द्वारा करवाया गया। इसके बाद उन्होंने बाबा महाकाल के सामने शीश नवाया। महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति की ओर से सहायक प्रशासक मूलचंद जूनवाल एवं आशीष फलवाडिया द्वारा स्वागत व सत्कार किया गया। याद रहे कि आशुतोष राणा समय मिलते ही बाबा महाकाल के दर्शन के लिए उज्जैन आते हैं, बॉलीवुड के साथ-साथ मराठी, कन्नड़, तेलुगू, और तमिल फिल्म उद्योगों में भी सक्रिय हैं। 'मुझ पर बाबा की परम कृपा' अभिनेता आशुतोष राणा ने बाबा महाकाल के दर्शन करने के बाद मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि, कालों के कल बाबा महाकाल हमेशा अपना आशीर्वाद प्रदान करने के लिए मुझे बुलाते हैं। बाबा महाकाल तीनों लोगों के स्वामी हैं। यहां आकर मन आनंद से भर जाता है। बाबा की परम कृपा मुझ पर बनी हुई है। उन्होंने इस दौरान शिव तांडव स्त्रोत भी सुनाया।

शहीद हुए 2 जवान, झारखंड पुलिस ने कड़ा कदम उठाया, 6 माओवादियों के खिलाफ कार्रवाई

पलामू झारखंड के पलामू में पुलिसकर्मियों के साथ हुई मुठभेड़ के संबंध में तृतीय सम्मेलन प्रस्तुति समिति (टीएसपीसी) के छह सदस्यों के खिलाफ शुक्रवार को प्राथमिकी दर्ज की गई। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि इस मुठभेड़ में दो पुलिसकर्मी शहीद हो गये और एक पुलिसकर्मी घायल हो गया। पुलिस के मुताबिक, टीएसपीसी के स्वयंभू जोनल कमांडर शशिकांत गंझू, कार्यकर्ता मुखदेव यादव, उमेश सिंह खरवार, रोहिणी गंझू, कुलदीप और एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस ने बताया कि पलामू जिले के मनातू थाना क्षेत्र के केदल गांव में बृहस्पतिवार रात करीब साढ़े 12 बजे सुरक्षा बलों और प्रतिबंधित टीएसपीसी संगठन के सदस्यों के बीच मुठभेड़ हुई। पुलिस के मुताबिक, मुठभेड़ में कांस्टेबल संतन मेहता और सुनील राम शहीद हो गए जबकि एक पुलिसकर्मी घायल हो गया, जिसका मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में इलाज जारी है। लेस्लीगंज अनुमंडल पुलिस अधिकारी (एसडीपीओ) मनोज कुमार झा ने बताया कि मनातू थाना प्रभारी निर्मल उरांव के बयान के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। उन्होंने बताया, “मुठभेड़ के बाद इलाके में व्यापक तलाशी अभियान शुरू कर दिया गया है। मनातू और तरहसी थाना क्षेत्रों में बड़ी संख्या में केंद्रीय एवं राज्य सुरक्षा बलों को तैनात किया गया है और टीएसपीसी सदस्यों की धरपकड़ के लिए छापेमारी की जा रही है।”

गयाजी में पितृपक्ष मेले में कहां मिलेगा मुफ्त ठहराव, जानें

गयाजी 6 सितंबर 2025 से शुरू हो रहे पितृमुक्ति के महापर्व पितृपक्ष मेले को लेकर गया जिला प्रशासन की सभी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। इस वर्ष, मेले में देश-विदेश से लाखों श्रद्धालुओं के आने की संभावना है, जो अपने पूर्वजों का पिंडदान और तर्पण करने के लिए गया की मोक्ष भूमि पर आते हैं। पितृपक्ष मेले के महत्व को देखते हुए बिहार सरकार ने व्यापक तैयारियां की हैं। पितृपक्ष की अवधि में हर तिथि का धार्मिक महत्व अलग-अलग होता है, और इन विशेष तिथियों पर संबंधित पिंडदान वेदियों और धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ जाती है। पितृपक्ष मेले से संबंधित कुल 55 पिंडदान वेदियाँ हैं, जिनमें से 45 गया में और एक पुनपुन (पटना जिले) में स्थित है। इसके अलावा, 9 तर्पण स्थल भी गया में हैं। महत्वपूर्ण सरोवरों में ब्रह्म सरोवर, रुक्मिणी तालाब, पितामहेश्वर, रामशिला, वैतरणी, सूर्यकुंड, गोदावरी और प्रेतशिला शामिल हैं। साथ ही, चार महत्वपूर्ण घाट—देवघाट, गजाधर घाट, ब्राह्मणी घाट और सीढ़ियां घाट—भी तैयारियों का हिस्सा हैं। तीर्थयात्रियों के लिए आवासन और सुविधाएं देश-दुनिया से आने वाले तीर्थयात्रियों के लिए जिला प्रशासन ने ठहरने की व्यापक व्यवस्था की है। सरकारी 64 आवासों में 18,000 तीर्थयात्रियों के लिए निःशुल्क ठहरने की व्यवस्था है। इसके अलावा, पर्यटन विभाग ने गयाजी के गांधी मैदान में 2500 लोगों की क्षमता वाला एक टेंट सिटी भी बनवाया है, जहाँ तीर्थयात्रियों को निःशुल्क ठहराया जाएगा। इन आवास स्थलों पर शौचालय, स्नानागार, पीने के पानी, साफ-सफाई, प्रकाश, सुरक्षा, खाना बनाने की सुविधा और खाद्य सामग्री की व्यवस्था की गई है। इस वर्ष भी गांधी मैदान टेंट सिटी में यात्रियों के लिए गंगाजल की आपूर्ति की जाएगी। महाकुंभ की तर्ज पर साफ-सफाई पितृपक्ष मेले के दौरान घाटों, मंदिरों, वेदियों, तालाबों, आवास स्थलों और पूरे शहर की साफ-सफाई महाकुंभ की तर्ज पर की जा रही है। शहर को 4 जोन और 54 सेक्टरों में बाँटकर आउटसोर्सिंग के माध्यम से सफाई कराई जा रही है। वहीं, नगर निगम ने 30,000 अतिरिक्त सफाईकर्मियों को पाली (शिफ्ट) के अनुसार तैनात किया है। फल्गु नदी की निरंतर साफ-सफाई के लिए ट्रैश क्लीनिंग बोट का उपयोग किया जा रहा है। स्वास्थ्य और पेयजल की व्यवस्था तीर्थयात्रियों के लिए पेयजल के लिए 96 स्थानों पर 299 हैंडपंप, 43 प्याऊ और 620 नल लगाए गए हैं। इसके अलावा, 20 पानी के टैंकर और 4 वाटर एटीएम से भी जलापूर्ति की जाएगी। 94 स्थानों पर 633 स्थायी शौचालयों की मरम्मत की गई है, और 240 प्री-फैब्रिकेटेड अस्थायी शौचालय तथा 131 स्नानागार बनाए गए हैं। मेला क्षेत्र में 125 चिकित्सकों और 178 पैरामेडिकल स्टाफ की सहायता से 70 स्वास्थ्य शिविर स्थापित किए गए हैं। गयाजी के प्रमुख अस्पतालों में 125 बेड, मगध मेडिकल कॉलेज में 100 बेड, प्रभावती अस्पताल में 10 बेड, जयप्रकाश नारायण अस्पताल में 5 बेड और एम्स में 5 बेड आरक्षित रखे गए हैं। मेले के लिए 12 एडवांस लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस, 2 शव वाहन (मॉर्चरी वैन) और 5 मोबाइल टीमें भी गठित की गई हैं। सुरक्षा और तकनीक का उपयोग प्रकाश व्यवस्था के लिए मेला क्षेत्र में 49 हाईमास्ट लाइट, 34 मिनी हाईमास्ट लाइट, 3500 स्ट्रीट लाइट और 7500 तिरंगा रोप लाइट लगाई गई हैं। देश-दुनिया के तीर्थयात्रियों को घर बैठे मेले से संबंधित सभी जानकारी उपलब्ध कराने के लिए www.pinddaangaya.bihar.gov.in वेबसाइट का संचालन किया जा रहा है। साथ ही, पिंडदान गया नामक एक मोबाइल ऐप भी विकसित किया गया है, जिसमें आवास, स्वास्थ्य शिविर, पुलिस शिविर, बस स्टैंड, वेदियाँ, घाट, सरोवर, बैंक एटीएम, पेट्रोल पंप आदि की जानकारी दी गई है।

अफगानिस्तान :शरिया कानून की पाबंदी बनी संकट, मलबे में फंसी महिलाओं को नहीं बचा पा रहे राहतकर्मी

 काबुल अफगानिस्तान में भूकंप के बाद हालात बदहाल हैं। हजारों लोगों की जान जा चुकी है। इसमें सबसे ज्यादा मुसीबत महिलाओं के लिए हो रही है। असल में अफगानिस्तान में कानून है कि गैर पुरुष महिलाओं को छू नहीं सकते। इसके चलते बचाव कार्य के दौरान महिलाओं को मलबे में ही छोड़ दिया जा रहा है। तालिबान शासन में जेंडर रूल महिलाओं की जान के लिए मुसीबत बन गया है। बता दें कि अफगानिस्तान भूकंप के चलते करीब 2200 लोग मारे जा चुके हैं। हर तरफ मलबा फैला हुआ है और लोग जिंदगी के लिए जूझ रहे हैं। नहीं हैं महिला बचावकर्मी अफगानिस्तान में महिला बचावकर्मियों की कमी है। इसके चलते महिला पीड़ितों के सामने खासी मुसीबत हो गई है। जो महिलाएं मलबे में फंसी हुई हैं, उन्हें उनके हाल पर छोड़ दिया गया है। वहीं, जिन महिलाओं की मौत हो गई है, उन्हें भी कपड़ों से पकड़कर खींचा जा रहा है। एक रिपोर्ट के मुताबिक भूकंप पीड़ितों में से एक बीबी आयशा हैं। उनका गांव कुनार प्रांत में हैं। आयशा ने कहा कि बचावकर्मी हमें जुटाकर किसी कोने में छोड़ देते हैं। इसके बाद हमें भुला दिया जाता है। महिलाओं की मदद करना तो दूर, कोई उन्हें पूछ तक नहीं रहा। जैसे महिलाएं अदृश्य हैं तहजीबुल्ला महजेब वॉलंटियर टीम के सदस्य हैं। बचाव कार्य को लेकर उन्होंने कहा कि जैसे महिलाएं अदृश्य हैं। बचाव कार्य करने वाली टीम में लोग महिलाओं को बचा ही नहीं रहे हैं। सबसे पहले पुरुषों और बच्चों को बचाया जा रहा है। वहीं, महिलाएं एक तरफ बैठी रहती हैं और अपने लिए मदद का इंतजार करती हैं। तहजीबुल्ला ने कहा कि पुरुष रिश्तेदारों के नहीं होने के चलते अजनबी बचावकर्मी उन्हें कपड़ों से पकड़कर खींच रहे हैं, ताकि स्किन टच न हो। महिलाओं की हालत है खराब गौरतलब है कि अफगानिस्तान में तालिबान शासन के दौरान महिलाएं मूल अधिकारों तक से वंचित हैं। तालिबान ने दूसरी बार जब अफगानिस्तान में शासन शुरू किया तो महिलाओं को ज्यादा अधिकार देने की बात कही थी। हालांकि अभी तक वह अपनी इस बात पर खरा नहीं उतरा है। यहां पर छठवीं क्लास के बाद लड़कियां स्कूल नहीं जा सकती हैं। वहीं, पुरुष साथी के बिना बहुत दूर तक की यात्रा करने की इजाजत भी महिलाओं को नहीं है। बहुत सारी नौकरियों में भी उन्हें मौका नहीं मिल रहा है।

पुलिस पर हमला, आइसक्रीम विवाद हुआ हिंसक; थानाध्यक्ष सहित 4 घायल

वैशाली बिहार के वैशाली जिले में बीती रात आइसक्रीम खाने के पैसे को लेकर शुरू हुआ मामूली विवाद हिंसक झड़प में बदल गया। राजापाकर थाना क्षेत्र के भलुई कल्याणपुर गांव में असामाजिक तत्वों ने पुलिस टीम पर हमला कर दिया। इस हमले में महुआ थानाध्यक्ष राजेश रंजन सहित चार पुलिसकर्मी घायल हो गए। भीड़ ने पुलिस वाहन को क्षतिग्रस्त कर दिया और पिस्टल व रायफल भी छीन ली, जिन्हें बाद में पुलिस ने बरामद कर लिया। फकीर टोला में आइसक्रीम बेचने वाले और स्थानीय युवकों के बीच पैसे को लेकर विवाद हुआ। सूचना मिलने पर डायल 112 की टीम मौके पर पहुंची, जिस पर युवकों ने हमला कर दिया। स्थिति बिगड़ने पर क्यूआरटी टीम और महुआ थानाध्यक्ष दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे और आरोपियों को पकड़ने लगे। इसी दौरान असामाजिक तत्वों ने फिर से पुलिस पर हमला बोल दिया, जिसमें थानाध्यक्ष सहित चार जवान घायल हो गए। घटना के बाद पुलिस ने तीन हमलावरों को गिरफ्तार कर लिया। पूरे गांव को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया है। महुआ एसडीपीओ सहित भारी संख्या में पुलिस बल मौके पर कैंप कर रहा है और हालात नियंत्रण में हैं। वैशाली एसपी ललित मोहन शर्मा ने बताया कि आइसक्रीम खाने के बाद पैसे नहीं देने को लेकर विवाद बढ़ा और इसी से बवाल शुरू हुआ। फिलहाल घायलों का इलाज निजी अस्पताल में चल रहा है और स्थिति सामान्य है।

पीएम मोदी का बड़ा फैसला, अब नहीं जाएंगे अमेरिका की यूनाइटेड नेशंस मीटिंग में

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस साल के अंत में होने जा रही संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) की बैठक में हिस्सा नहीं लेंगे. उनकी जगह विदेश मंत्री एस. जयशंकर अमेरिका जाएंगे. बैठक के वक्ताओं की संशोधित सूची जारी होने के बाद यह जानकारी सामने आई है. इस फैसले से भारत ने राष्ट्रपति ट्रंप को एक और बड़ा मैसेज देने की कोशिश की है. पीएम मोदी ने संयुक्त राष्ट्र महासभा की सालाना बैठक से किनारा कर लिया है. संयुक्त राष्ट्र महासभा का 80वां सत्र नौ सितंबर से शुरू होगा. इसके बाद उच्चस्तरीय बैठक 23 से 29 सितंबर तक चलेगी. इस बैठक में पहला वक्ता ब्राजील होगा जबकि इसके बाद अमेरिका महासभा को संबोधित करेगा. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप 23 सितंबर को यूएनजीए पोडियम से वैश्विक नेताओं को संबोधित करेंगे. राष्ट्रपति के तौर पर उनके दूसरे कार्यकाल में वह पहली बार संयुक्त राष्ट्र सत्र को संबोधित करेंगे.  भारत की ओर से विदेश मंत्री जयशंकर 27 सितंबर को सत्र को संबोधित करेंगे. लेकिन इससे पहले जुलाई में जारी की गई वक्ताओं की सूची में पीएम मोदी का नाम शामिल था. उस लिस्ट के मुताबिक पीएम मोदी 26 सितंबर को यूएनजीए को संबोधित करने वाले थे. हालांकि, वक्ताओं की इस सूची में आगे भी संशोधन हो सकता है.  बता दें कि चीन, पाकिस्तान, बांग्लादेश और इजरायल के राष्ट्राध्यक्ष 26 सितंबर को संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित करेंगे. यह सत्र 22 सितंबर को संयुक्त राष्ट्र की 80वीं वर्षगांठ के मौके पर एक बैठक के साथ शुरू होगा. संयुक्त राष्ट्र की ओर से बताया गया है कि यह बैठक बीजिंग में 1995 के ऐतिहासिक सम्मेलन के बाद से हुई प्रगति पर भी विचार करेगी. इसके साथ ही संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस 24 सितंबर को जलवायु शिखर सम्मेलन आयोजित करेंगे, जो वैश्विक नेताओं के लिए अपनी नई राष्ट्रीय जलवायु कार्य योजनाओं को पेश करने का मंच होगा. बता दें कि यह सत्र ऐसे समय में हो रहा है, जब दुनिया के कई मुल्क ट्रंप के टैरिफ वॉर, रूस-यूक्रेन युद्ध और मिडिल ईस्ट में तनाव जैसे हालात से जूझ रही है.

दो साल से काम कर रही कंपनी पर संकट, इंदौर में पेस्ट कंट्रोल ठेका बदलने की कवायद

इंदौर इंदौर के एमवाय अस्पताल में दो नवजात बच्चियों के शरीर चूहों द्वारा कुतरे जाने और उनकी मौत के मामले में अस्पताल प्रबंधन पेस्ट कंट्रोल कंपनी पर जिम्मेदारी डाल रहा है। कंपनी से पेस्ट कंट्रोल का ठेका छीनने की तैयारी की जा रही है। एलाइजा कंपनी को नोटिस भी जारी कर दिया गया है। इस बार अस्पताल के बजट में कंपनी को 11 करोड़ रुपये देने की तैयारी थी, लेकिन अब उस पर भी संकट गहरा गया है। आमतौर पर काम प्रभावित न हो, इसलिए अलग-अलग एजेंसियों को हायर किया जाता है, लेकिन एमवाय अस्पताल प्रबंधन एक ही कंपनी पर मेहरबान था। उसे सफाई, पेस्ट कंट्रोल और सुरक्षा का जिम्मा सौंपा गया था। बताया जाता है कि कंपनी ने स्टाफ भी काफी कम रखा था, जिसके कारण व्यवस्थाएं प्रभावित हो रही थीं। डेटा एंट्री ऑपरेटर कम होने से कई बार पर्चियां बनाने के लिए अस्पताल में लंबी कतारें लग जाती थीं। कंपनी अस्पताल बिल्डिंग के कुछ हिस्सों में ही पेस्ट कंट्रोल करती थी, जबकि परिसर में हजारों की संख्या में चूहों के बिल हैं। परिसर से चूहों को भगाने पर कोई ध्यान नहीं दिया गया। पेस्ट कंट्रोल से पहले कंपनी ने कभी वार्डों को भी खाली नहीं कराया। आपको बता दें कि "चूहाकांड" के बाद एक उच्च स्तरीय कमेटी गठित की गई है, जो मामले की जांच कर रही है। शुक्रवार को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी भी अस्पताल पहुंचे थे। उन्होंने अधीक्षक और डीन को हटाने की मांग की है।