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मुख्यमंत्री साय ने किया बायंग एनीकट कम काजवे का भूमिपूजन, 38 करोड़ की लागत से सिंचाई और आवागमन सुविधा होगी बेहतर

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज रायगढ़ जिले के ग्राम बायंग (कछार) में 38 करोड़ रुपये की लागत से मांड नदी बायंग एनीकट कम काजवे निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया। इससे लाभान्वित गांवों में भू-जल संवर्द्धन होगा तथा आवागमन की सुविधा भी बढ़ेगी। एनीकट कम काजवे निर्माण से 100 हेक्टेयर क्षेत्र में सोलर संयंत्र और पाइपलाइन के जरिए सिंचाई सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री अरुण साव, वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी और महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े उपस्थित थीं। मुख्यमंत्री साय ने लोकार्पण कार्यक्रम में ग्रामवासियों को संबोधित करते हुए कहा कि रायगढ़ क्षेत्र में जब भी मैं आता हूँ तो ऐसा लगता है जैसे अपने ही परिवार के बीच आया हूँ। आप सभी ने 20 वर्षों तक आशीर्वाद देकर मुझे सांसद बनाकर दिल्ली भेजा, अब मुख्यमंत्री के रूप में मैं अपने परिवार से मिलने आप सबके बीच आया हूँ। मुख्यमंत्री साय ने राज्य सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि विगत 20 महीनों में ‘मोदी की गारंटी’ के तहत अनेक जनकल्याणकारी कदम उठाए गए हैं। इनमें धान की खरीदी 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से, 70 लाख महिलाओं को महतारी वंदन योजना के अंतर्गत प्रतिमाह 1000 रुपये की सहायता, तेंदूपत्ता संग्राहकों को पुनः चरण पादुका वितरण, किसानों को धान बोनस तथा 5 लाख 62 हजार भूमिहीन कृषि मजदूरों को प्रतिवर्ष 10 हजार रुपये की आर्थिक मदद जैसी योजनाएँ शामिल हैं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमारे देश के यशस्वी प्रधानमंत्री ने कहा था कि छत्तीसगढ़ के युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। आज प्रदेश के युवा देख रहे हैं कि जिन्होंने पीएससी परीक्षा में घोटालेबाजी की, वे जेल के अंदर हैं और कुछ जाने की तैयारी में हैं। साय ने कहा कि हमारी सरकार में श्रद्धालुओं के लिए रामलला दर्शन योजना और बुजुर्गों के लिए तीर्थ स्थलों की यात्रा की योजना प्रारंभ की गई है।  उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने एनीकट भूमिपूजन के अवसर को बायंग (कछार) गांव के लिए ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा कि हमने जो वादा किया था, उसे पूरा किया। अब गांव-गांव में प्रधानमंत्री आवास बन रहे हैं, महतारी वंदन योजना का पैसा समय पर हर महीने मिल रहा है।  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सुशासन तथा डबल इंजन की सरकार में विकास के कार्य तेजी से हो रहे हैं। वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि रायगढ़ क्षेत्र का संसद में पिछले 20 वर्षों से प्रतिनिधित्व करने वाले हमारे मुख्यमंत्री प्रत्येक गांव के लिए परिवार के सदस्य जैसे हैं। रायगढ़ से सांसद रहते हुए शायद ही ऐसा कोई गांव बचा हो जहाँ मुख्यमंत्री साय न गए हों। छत्तीसगढ़ में हमारी सरकार बने मात्र 20 महीने हुए हैं और इस अवधि में अनेक कार्य किए गए हैं। किसानों के एक-एकड़ पर 3100 रुपये प्रति क्विंटल धान खरीदी, दो वर्षों का बकाया बोनस, भूमिहीन मजदूरों के खाते में हर साल 10 हजार रुपये की राशि पहुँच रही है। हर गांव में प्रधानमंत्री योजना के अंतर्गत मकान बनाए जा रहे हैं। राजमिस्त्री और सेंट्रिंग प्लेट कम पड़ गए हैं, फिर भी लगातार कार्य हो रहे हैं। केवल कछार गांव में ही 180 से अधिक प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत किए गए हैं। महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ विकास की नई गाथा लिख रहा है। हमारी माताएँ-बहनें हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं और आर्थिक व सामाजिक रूप से सशक्त हो रही हैं। ग्राम पंचायत कछार के किसानों के लिए आज का दिन बहुत महत्वपूर्ण है। एनीकट बनने से कृषि संबंधी सुविधाएँ बढ़ेंगी। छत्तीसगढ़ की जनता देख रही है कि विष्णुदेव साय के सुशासन में सभी घोषणाएँ पूरी हो रही हैं और ऐसी योजनाएँ चलाई जा रही हैं जिनके परिणामस्वरूप छत्तीसगढ़ निरंतर प्रगति कर रहा है। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती शिखा रविन्द्र गबेल, जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सुजाता सुखलाल चौहान, जनपद पंचायत सदस्य श्रीमती गंगाबाई पटेल, ग्राम बायंग के सरपंच गौरीशंकर सिदार सहित बड़ी संख्या में ग्रामवासी उपस्थित थे।

सीएम विष्णु देव साय ने रायगढ़ के गढ़ उमरिया में नवगुरुकुल का किया शुभारंभ

रायपुर: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शिक्षा को नई दिशा देने के लिए नवगुरुकुल का उद्घाटन किया नवगुरुकुल : बालिकाओं की शिक्षा और संस्कारों के संवर्धन की नई पहल रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज रायगढ़ जिले के प्रवास के दौरान खरसिया तहसील अंतर्गत ग्राम गढ़ उमरिया में नवगुरुकुल का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने नवप्रवेशी छात्राओं को लैपटॉप वितरित कर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ दीं।  मुख्यमंत्री साय ने नवगुरुकुल में स्थापित आधुनिक कंप्यूटर लैब का निरीक्षण करते हुए शिक्षकों को निर्देश दिए कि वे बालिकाओं को उच्चस्तरीय शिक्षा और मूल्य आधारित संस्कार प्रदान करें ताकि उनका भविष्य सुनहरा बने।  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शुभारंभ समारोह को संबोधित करते हुए सर्वप्रथम गणेशोत्सव, शिक्षक दिवस और चक्रधर समारोह की बधाई दी। उन्होंने कहा कि एक शिक्षक राष्ट्र निर्माता होता है, इसलिए समाज में उनका सर्वोच्च सम्मान होना चाहिए। मुख्यमंत्री साय ने स्मरण कराया कि पिछले वर्ष चक्रधर समारोह के समापन अवसर पर रायगढ़ में प्रयास विद्यालय का उद्घाटन किया गया था और आज नवगुरुकुल की स्थापना इस कड़ी को आगे बढ़ाती है। उन्होंने इस अभिनव पहल के लिए वित्त मंत्री ओ. पी. चौधरी, नवगुरुकुल की सह-संस्थापक सुनिधि और उनकी टीम की प्रशंसा की तथा कार्यक्रम में उपस्थित सभी बालिकाओं को बधाई देकर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार लगातार युवाओं के लिए रोजगार सृजन पर कार्य कर रही है। इसके साथ ही निजी क्षेत्र में भी रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए नई औद्योगिक नीति लागू की गई है, जिससे प्रदेश के युवाओं को व्यापक लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री साय ने विशेष रूप से नवगुरुकुल संस्था द्वारा जशपुर जिले की 150 बालिकाओं को प्लेसमेंट के माध्यम से रोजगार उपलब्ध कराने की सराहना की और इस प्रयास को और व्यापक बनाने की प्रेरणा दी। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि संस्था में प्रवेश पाने वाली 120 बालिकाएँ अपनी योग्यता और मेहनत का प्रमाण प्रस्तुत करती हैं। उन्होंने कहा कि जीवन में आगे बढ़ने के लिए आत्मविश्वास, ऊर्जा, जज्बा, जुनून और कठिन परिश्रम की पराकाष्ठा आवश्यक है। निराशा के लिए जीवन में कोई स्थान नहीं होना चाहिए क्योंकि निराशा के साथ कोई भी व्यक्ति प्रगति नहीं कर सकता। उप मुख्यमंत्री ने सभी बालिकाओं को निरंतर आगे बढ़ने और सफलता हासिल करने की प्रेरणा दी। वित्त मंत्री ओ. पी. चौधरी ने अपने संबोधन में कहा कि राज्य सरकार बनने के बाद से प्रदेश में निरंतर विकास कार्य हो रहे हैं। उन्होंने नवगुरुकुल की स्थापना को वर्तमान समय की आवश्यकता बताया और कहा कि यह संस्था विशेष रूप से बहनों के लिए समर्पित होकर काम कर रही है। उन्होंने जानकारी दी कि रायगढ़ जिले में 35 करोड़ रुपये की लागत से नालंदा परिसर का निर्माण कार्य प्रगति पर है।  महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने बदलती तकनीक और समय की जरूरतों के अनुरूप छात्राओं को शिक्षा प्राप्त कर जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। नवगुरुकुल की सह-संस्थापक सुनिधि ने गुरुकुल की शिक्षा प्रक्रिया और प्रशिक्षण पद्धति की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि संस्था का उद्देश्य छात्राओं को न केवल तकनीकी शिक्षा देना है बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनाकर जीवन के हर क्षेत्र में आगे बढ़ने योग्य बनाना है। शुभारंभ समारोह में पूर्व विधायक विजय अग्रवाल, गुरुपाल भल्ला, कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी, जिला पंचायत सीईओ जितेंद्र यादव सहित अनेक जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में छात्राएँ उपस्थित थीं। सभी ने नवगुरुकुल की स्थापना को इस क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक पहल बताते हुए इसे बालिकाओं के विकास और सशक्तिकरण की दिशा में मील का पत्थर करार दिया।

क्रिकेट जगत की बड़ी खबर: BCCI अध्यक्ष पद के लिए फाइनल लिस्ट तैयार, राजीव शुक्ला रेस में शामिल

नई दिल्ली  भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड (BCCI) की 94वीं वार्षिक आम बैठक (AGM) इस महीने मुंबई में होनी है. इस आम बैठक में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पदों के लिए चुनाव होगा. सूत्रों ने बताया है कि एजीएम से पहले एक हाई लेवल मीटिंग होने वाली है, जिसमें बोर्ड के शीर्ष अधिकारी भाग लेंगे. बंद कमरे में होने वाली इस मीटिंग में आगामी चुनावों के लिए उम्मीदवारों के नामों को अंतिम रूप दिए जाने की उम्मीद है. बीसीसीआई में सचिव, संयुक्त सचिव और कोषाध्यक्ष के पदों पर पुराने पदाधिकारी ही बने रहेंगे. अध्यक्ष पद के लिए बीसीसीआई ने अभी तक कोई नाम तय नहीं किया है. अध्यक्ष कोई पूर्व खिलाड़ी भी हो सकता है या फिर कोई वरिष्ठ क्रिकेट प्रशासक. बोर्ड ने अभी तक किसी एक उम्मीदवार पर अंतिम फैसला नहीं लिया है. अंतिम निर्णय हाई लेवल मीटिंग में लिया जाएगा. सूत्रों के अनुसार, राजीव शुक्ला के लिए तीन संभावनाएं हैं. बीसीसीआई के वो वाइस-प्रेसिडेंट बने रह सकते हैं. या आईपीएल के चेयरमैन बन सकते हैं. या उनका प्रमोशन हो सकता है और वो बीसीसीआई अध्यक्ष बन सकते हैं. हालांकि सबसे ज्यादा संभावना है कि वो मौजूदा पद (उपाध्यक्ष) पर बने रहें, लेकिन अध्यक्ष पद के लिए भी उनके पक्ष में समीकरण 60-40 बताया जा रहा है. कौन बनेगा अगला IPL चैयरमैन? उधर इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के अध्यक्ष पद में बदलाव हो सकता है. पूर्व कोषाध्यक्ष अनिरुद्ध चौधरी आईपीएल के अगले चेयरमैन बन सकते हैं. आईपीएल चेयरमैन पद के लिए  बंगाल से अभिषेक डालमिया का नाम भी चर्चा में है. डालमिया फिलहाल आईपीएल गवर्निंग काउंसिल के सदस्य हैं. रोजर बिन्नी की उम्र 70 साल से ज्यादा हो गई है, जिसके चलते उन्होंने हाल ही में बीसीसीआई के अध्यक्ष का पद छोड़ दिया था. बीसीसीआई के संविधान के अनुसार 70 साल से ज्यादा की उम्र के व्यक्ति को बोर्ड में कोई पद नहीं मिलेगा. फिलहाल उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला टीम इंडिया के पूर्व क्रिकेटर रोजर बिन्नी की जगह कार्यवाहक अध्यक्ष का पदभार संभाले हुए हैं. बीसीसीआई की वार्षिक आम सभा (AGM) सितंबर के आखिरी हफ्ते में होने की संभावना है. इसके लिए नोटिस अगले 2-3 दिनों में जारी किया जाएगा.

अदाणी पावर को मिली सिंगरौली कोल ब्लॉक की मंजूरी, उत्पादन होगा जल्द शुरू

भोपाल सिंगरौली जिले के धिरौली में अदाणी पावर लिमिटेड कंपनी कोयला खदान का संचालन करेगी। कंपनी को खदान संचालन की स्वीकृति मिल गई है। धिरौली खदान की पीक उत्पादन क्षमता 6.5 मिलियन टन प्रति वर्ष (एमटीपीए) है। इसमें से पांच एमटीपीए उत्पादन ओपन कास्ट माइनिंग से और शेष भूमिगत खनन से होगा। भू-विज्ञानिक रिपोर्ट के अनुसार इस ब्लाक में 620 मिलियन मीट्रिक टन (एमएमटी) ग्रास जियोलाजिकल रिजर्व और 558 एमएमटी शुद्ध भंडार मौजूद है, जो आने वाले कई दशकों तक स्थिर आपूर्ति, ईंधन सुरक्षा और परिचालन स्थिरता सुनिश्चित करेगा।   जिम्मेदार खनन पहल के तहत, अदाणी पावर खदान क्षेत्र में ही कोयले को धोकर और प्रोसेस करके उसकी अशुद्धियों को यहीं सीमित रखेगी, ताकि बाहरी क्षेत्र में अनावश्यक उत्सर्जन न हो और पर्यावरण पर न्यूनतम प्रभाव पड़े। यह अदाणी पावर की पहली कैप्टिव खदान है। खदान की ओपन कास्ट पीक रेट क्षमता वित्त वर्ष 2027 तक हासिल करने का लक्ष्य है, जबकि भूमिगत खनन का आरंभ नौ वर्षों बाद किया जाएगा। अदाणी पावर के पास इस ब्लाक की 30 वर्ष की लीज़ है। धिरौली ब्लाक से अदाणी पावर की मर्चेंट पावर आवश्यकताओं को पूरा करेगा और साथ ही 1,200 मेगावाट क्षमता वाले पावर प्लांट को आपूर्ति की जाएगी, जिसे वर्तमान में 3,200 मेगावाट तक विस्तारित करने की महत्वाकांक्षी योजना पर काम हो रहा है।  

ग्रामीण बिहार में बड़ी पहल: 704 नए पुलों का निर्माण कार्य जल्द शुरू, सख्त निर्देश जारी

पटना  बिहार के सभी गांवों को शहरों से जोड़ने और ग्रामीण स्तर पर बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए बिहार सरकार ने एक बड़ी पहल की है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री ग्रामीण सेतु योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2025-26 में राज्यभर में कुल 704 नए पुलों का निर्माण कार्य 10 सितंबर से शुरू कर दिया जाएगा. इस योजना पर सरकार कुल 3,688 करोड़ रूपये की धनराशि खर्च कर रही है. जिससे राज्य के हजारों गांवों को स्थायी और सुरक्षित सड़क संपर्क मिल सकेगा. ग्रामीण कार्य विभाग ने ग्रामीण इलाकों में सड़क और पुल बनाने वाले संवेदकों को स्पष्ट रूप से निर्देश जारी कर दिया है कि यदि 10 सितंबर से उन्होंने ग्रामीण सड़कों और पुलों का नरमन कार्य शुरू नहीं किया तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. उनकी जमानत राशि जब्त करने के साथ-साथ उन्हें कालीसूची (ब्लैक लिस्टेड) कर दिया जाएगा. ग्रामीण क्षेत्रों में निर्बाध सड़क संपर्क अभियान मुख्यमंत्री ग्रामीण सेतु योजना योजना का उद्देश्य राज्य के उन ग्रामीण क्षेत्रों में निर्बाध सड़क संपर्कता स्थापित करना है, जहां आज भी बरसात, बाढ़ या पुराने जर्जर पुलों के कारण आवागमन बाधित हो जाता है. मुख्यमंत्री ग्रामीण सेतु योजना के तहत न सिर्फ पुराने और जर्जर पुलों की जगह नए और मजबूत पुल बनाए जाएंगे, बल्कि उन मार्गों को पुलों से जोड़ा जाएगा, जहां आज भी मिसिंग ब्रिज की वजह से रास्ते अधूरे पड़े हैं. साथ ही, बाढ़ या अन्य प्राकृतिक आपदाओं से क्षतिग्रस्त पुलों को फिर से खड़ा किया जा रहा है. राज्य के कई ग्रामीण इलाकों में पुल तो पहले से बने हुए हैं लेकिन पहुंच पथ (एप्रोच रोड) का निर्माण नहीं हो सका है. अब वहां भी पुलों के अधूरे निर्माण कार्य को पूरा कराया जाएगा, ताकि लोगों को आवागमन में किसी तरह की परेशानी न हो. राज्य के जिन जिलों में इन पुलों के निर्माण की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई है, उसमें उत्तर बिहार के साथ-साथ दक्षिण बिहार के जिले भी शामिल हैं. सबसे अधिक पुलों का निर्माण पूर्वी चंपारण में किया जा रहा है. पूर्वी चंपारण में कुल 56 पुलों के निर्माण की मंजूरी दी गई है. इसी तरह, दरभंगा में 38, गया, सिवान और सीतामढ़ी में 30-30, सारण और वैशाली में 28-28, भागलपुर और गोपालगंज में 27-27, रोहतास और शेखपुरा में 26-26, नालंदा में 24, बेगूसराय में 20 और राजधानी पटना में 18 पुलों का निर्माण कराया जाएगा. जनता की मांग को मिली प्राथमिकता यह योजना खास इसलिए भी है, क्योंकि इसमें आम जनता की मांग को सरकार ने प्राथमिकता दी है. जनता के दरबार में मुख्यमंत्री कार्यक्रम में आए प्रस्ताव और मुख्यमंत्री द्वारा की गई सार्वजनिक घोषणाएं, दोनों को इस योजना में शामिल किया गया है. यानी यह योजना सिर्फ विभागीय पहल नहीं बल्कि जनभागीदारी से बनी योजना है. बदलेंगे गांवों के हालात सरकार का मानना है कि यह योजना सिर्फ पुलों का निर्माण नहीं, बल्कि गांवों के सामाजिक और आर्थिक विकास की आधारशिला है. किसानों को अपने उत्पाद मंडी तक पहुंचाने में आसानी होगी. बच्चों को स्कूल आने-जाने के लिए सुरक्षित और सुगम मार्ग उपलब्ध होगा और आपात स्थिति में लोगों को इलाज के लिए शहरों के बड़े अस्पतालों तक पहुंचने में आसानी होगी.  

एडिशनल डिप्टी कमिश्नर की अध्यक्षता में हरियाणा में आयुष कॉलेजों की जांच शुरू

हरियाणा  हरियाणा सरकार ने प्रदेश में आयुष (आयुर्वेद, योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा, यूनानी, सिद्धा, सोवा-रिग्पा और होम्योपैथी) से जुड़े शैक्षणिक संस्थानों की जांच और निरीक्षण के लिए नई कमेटी गठित की गई है। राज्यपाल की स्वीकृति के बाद स्वास्थ्य एवं आयुष विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव सुधीर राजपाल ने इसका नोटिफिकेशन जारी किया है। सरकार के अनुसार, कोई भी नया आयुष शैक्षणिक संस्थान शुरू करने से पहले नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (एनओसी) या एसेंशियल सर्टिफिकेट (ईसी) लेना जरूरी होगा। इसके लिए गठित कमेटी स्थल का निरीक्षण करेगी और रिपोर्ट सौंपेगी। जिलों के लिए बनने वाली यह कमेटी एडीसी की अगुवाई में बनेगी। संबंधित जिले के आयुर्वेदिक अधिकारी इस कमेटी के मेंबर सेक्रेटरी व कंवीनर होंगे।   इसी तरह से संबंधित एरिया के तहसीलदार, फायर एंड इमरजेंसी सर्विसेज विभाग, शहरी निकाय/टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग के प्रतिनिधि तथा पीडब्ल्यूडी या पंचायत विभाग के एक्सईएन/एसडीओ तथा आयुर्वेद, सिद्धा, यूनानी, सोवा-रिग्पा, होम्योपैथिक और योग एवं नेचुरोपैथी के विषय विशेषज्ञ को बतौर सदस्य कमेटी में शामिल किया जाएगा। कॉलेज की श्रेणी के अनुसार 3-3 विषय विशेषज्ञ समिति में शामिल होंगे। नये कोर्स के साथ सीटें भी बढ़ेंगी अगर किसी मौजूदा आयुष संस्थान में सीटें बढ़ानी हों या नए कोर्स शुरू करने हों और भवन व भूमि का विस्तार न किया गया हो, तो केवल तकनीकी विशेषज्ञ ही निरीक्षण करेंगे। लेकिन यदि भूमि और भवन का विस्तार किया गया है, तो पूरी समिति निरीक्षण करेगी। अगर किसी आयुष संस्थान के खिलाफ शिकायत आती है तो मामले की जांच आयुष महानिदेशक द्वारा गठित कमेटी करेगी। जरूरत पड़ने पर जिला प्रशासन का कोई भी अधिकारी इसमें शामिल किया जा सकेगा। सुधीर राजपाल ने कहा कि इस कदम का मकसद प्रदेश में चल रहे आयुष शिक्षण संस्थानों की गुणवत्ता और पारदर्शिता सुनिश्चित करना है। साथ ही, केंद्रीय नियामक संस्थाओं के मानकों के अनुसार सीट वृद्धि और कोर्स शुरू करने की प्रक्रिया को लागू करना है।

इन ट्रिक्स को रोज अपनाएं और बनें खूबसूरत

  हर किसी लड़की को खूबसूरत दिखना अच्छां लगता है। इसके लिए वो ना जानें कितनी ट्रिक्सा को अपनाती है लेकिन कई बार उसे असफलता ही हाथ लगती है। ये पांच ट्रिक्स् अपनाकर दिखें और खूबसूरत… हो सकता है आप अपना कंसीलर डॉट्स बनाकर यूज करते हैं लेकिन सबसे अच्छा तरीका है कि आप आंखों के नीचे एक ट्राइएंगल फॉर्म कर लें। इसे अपनी लैशलाईन के ठीक नीचे लगाएं। अब साफ फिंगर से या मेकअप ब्रश से इसे ब्लेंड कर लें। ऐसा करने से आपके चेहरे को एक लिफ्टेड लुक मिलेगा। शियर या लाईट आइशैडो आपकी आंखों में ज्यादा कलरफुल नजर आते हैं। एक वाईट आइलाइनर पेंसिल लें और अपनी लिड पर लगाएं। आपके चेहरे पर ये कलर अलग से ही नजर आएगा और बहुत खूबसूरत भी लगेगा। सुपर ईजी स्मोकी आंखों के लिए आय पेंसिल से आंखों के बाहरी कॉर्नर पर एक पाउंड सिंबल बनाएं। अब एक स्मजिंग टूल से इसे दूसरे एंड पर ब्लेंड करें। अपने लिपस्टिक के ही शेड का लिप लाइनर लें और क्युपिड्स बो पर एक्स का निशान बना लें। अब नॉर्मल तरह से अपनी लिपस्टिक लगाएं। ये परफेक्ट पाउट पाने का सबसे आसान तरीका है। मस्कारा कोट लगाने से पहले ट्रांसलूसेंट प्रेस पाउडर पलकों पर लगाएं। ऐसा करने से मस्कारा अच्छे से चिपक जाएगा।  

सिंहस्थ 2028 की तैयारी: सीएम डॉ. यादव ने अनुभवी अधिकारियों से मांगा मार्गदर्शन

सिंहस्थ 2028 की तैयारी: सीएम डॉ. यादव ने अनुभवी अधिकारियों से मांगा मार्गदर्शन सिंहस्थ 2028 के आयोजन को लेकर सीएम डॉ. यादव की बड़ी घोषणा, वरिष्ठ अधिकारियों का अनुभव होगा शामिल मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वरिष्ठ अधिकारियों से चर्चा की भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सिंहस्थ : 2028 प्रतिष्ठापूर्ण आयोजन है। इसके लिए उज्जैन में पिछले दो सिंहस्थ वर्ष 2004 और 2016 के दौरान पदस्थ रहे वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के अनुभव का लाभ भी लिया जाए। इलाहाबाद में सम्पन्न महाकुंभ की व्यवस्थाओं का अध्ययन भी किया गया है। मध्यप्रदेश सरकार का संकल्प है कि सिंहस्थ : 2028 श्रद्धालुओं की दृष्टि से सुविधाजनक, दुर्घटनाविहीन, आवास, आवागमन, भोजन और अन्य व्यवस्थाओं के साथ श्रेष्ठ आपदा प्रबंधन का भी उदाहरण बने। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शुक्रवार की शाम मुख्यमंत्री निवास समत्व भवन में सिंहस्थ : 2028 की व्यवस्थाओं के संबंध में वरिष्ठ अधिकारियों से चर्चा कर रहे थे। इस अवसर पर मुख्य सचिव अनुराग जैन और पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिंहस्थ : 2028 के प्रबंधों पर गत मंगलवार को भी विस्तृत बैठक हुई है। बैठक और संवाद का सिलसिला निरंतर चलेगा। प्रत्येक व्यवस्था को सुनिश्चित करने के लिए विभागों को दायित्व दिए गए हैं। तैयारियों की नियमित रूप से समीक्षा की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि केन्द्र सरकार के संबंधित विभागों से भी आवश्यक सहयोग प्राप्त किया जा रहा है। हाल ही में प्रदेश के विभिन्न रेल मंडल प्रबंधकों ने उनसे भेंट कर सिंहस्थ के लिए रेल सुविधाओं की उपलब्धता और विस्तार के संबंध में अवगत करवाया है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए निर्मित होने वाले घाटों और उनके निकट विभिन्न सुविधाओं के विकास पर ध्यान दिया जा रहा है। सरलता और सुगमता से स्नान सम्पन्न हो सकें, इस दृष्टि से सभी जरूरी प्रबंध किए जाएंगे। पर्यटन विभाग और निजी क्षेत्र द्वारा होटलों की व्यवस्था, पुलिस और अन्य विभागों के अधिकारियों के लिए रहवास व्यवस्था को सुनिश्चित किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा अधिकारियों को दिए गए प्रमुख निर्देश     सिंहस्थ से जुड़े कार्यों की सतत् समीक्षा की जाए। विभागवार बैठकें भी हों।     अधिकारी-कर्मचारियों के प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए जाएं।     सिंहस्थ के दौरान सुरक्षा व्यवस्थाओं में आधुनिक तकनीक का प्राथमिकता से उपयोग हो।     विभिन्न देवस्थानों के परिसरों के विकास कार्य भी प्रारंभ किया जाए।     अनुभवी अधिकारियों की सेवाएं और मार्गदर्शन लेने का कार्य भी किया जाए।     भीड़ नियंत्रण में एआई के उपयोग के लिए आवश्यक अध्ययन किया जाए।     अन्य देशों में सिंहस्थ केन्द्रित सांस्कृतिक गतिविधियों की रूपरेखा को अंतिम रूप दें।

महंगाई पर राहत की उम्मीद! SBI रिपोर्ट से सामने आया सबूत

नई दिल्ली  जीएसटी दरों में बड़ा बदलाव होने वाला है, जिससे आम घरेलू सामान और सेवाओं पर टैक्स कम होगा. इससे अगले वित्त वर्ष (2025-26) में रिटेल इंफ्लेशन 0.65 से 0.75 प्रतिशत तक घट सकता है. एसबीआई रिसर्च की एक रिपोर्ट के मुताबिक, नए जीएसटी नियम लागू होने के बाद देश में महंगाई कम होगी जीएसटी काउंसिल की 56वीं मीटिंग में पुरानी चार स्तरीय टैक्स स्ट्रक्चर (5%, 12%, 18%, 28%) को हटाकर दो स्तरीय टैक्स स्ट्रक्चर (5% और 18%) को मंजूरी दी गई. साथ ही, कुछ लग्जरी सामान और सेवाओं के लिए 40% की स्पेशल टैक्स दर तय की गई है, जिसके तहत रोजमर्जा की काफी चीजें सस्ती हो गई हैं और कुछ तो टैक्स फ्री ही हो गई हैं. नई दरें कब से लागू होंगी? तंबाकू और उससे जुड़े प्रोडक्ट्स को छोड़कर नई टैक्स दरें 22 सितंबर 2025 से लागू होंगी. रिपोर्ट कहती है कि 453 सामानों की जीएसटी दर में बदलाव हुआ है. इनमें से 413 सामानों पर टैक्स कम हुआ है, जबकि सिर्फ 40 सामानों पर टैक्स बढ़ा है. करीब 295 जरूरी सामानों पर जीएसटी 12% से घटकर 5% या 0% हो गई है. इससे खासकर खाने-पीने की चीजों पर 60% फायदा ग्राहकों को मिलेगा, जिससे कंज्यूमर वैल्यू इंडेक्स आधारित इंफ्लेशन 0.25 से 0.30% तक कम हो सकती है. रिटेल इंफ्लेशन पर क्या असर होगा? एसबीआई रिसर्च रिपोर्ट में कहा गया कि इसके अलावा, सेवाओं पर जीएसटी दरों को रेशनाइलज बनाने से अन्य वस्तुओं और सेवाओं पर खुदरा मुद्रास्फीति में 0.40 से 0.45 प्रतिशत की और कमी आएगी. इसमें ग्राहकों को लाभ 50 प्रतिशत मिलने का अनुमान लगाया गया है. रिपोर्ट के मुताबिक, कुल मिलाकर, वित्त वर्ष 2026-27 के दौरान रिटेल इंफ्लेशन में 0.65 से 0.75 प्रतिशत तक कमी आ सकती है. जीएसटी की औसत दर कितनी हुई? जीएसटी काउंसिल के रेट रेशनलाइजेशन से सितंबर 2019 में औसत जीएसटी दर 14.4% से घटकर 11.6% हो गई थी. अब नए बदलावों के बाद ये और कम होकर 9.5% हो सकती है. नए जीएसटी नियमों से जरूरी सामान और सेवाएं सस्ती होंगी, जिससे महंगाई कम होगी और आम लोगों को फायदा होगा.  

AAP का बड़ा ऐलान: बाढ़ में मारे गए व्यक्ति के परिवार को नौकरी का भरोसा

पंजाब  पंजाब में आई बाढ़ ने कई परिवारों की ज़िंदगी छीन ली. किसी ने अपना बेटा खोया, किसी ने पिता, तो किसी ने घर का अकेला सहारा. लेकिन इस संकट की घड़ी में एक पहल ऐसी हुई है जिसने लोगों को सिर्फ राहत नहीं, बल्कि भविष्य की उम्मीद दी है. आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद अशोक मित्तल ने एलान किया है कि बाढ़ में जान गंवाने वाले हर परिवार से एक सदस्य को LPU यूनिवर्सिटी में स्थायी नौकरी दी जाएगी. यह कोई औपचारिक घोषणा नहीं, बल्कि उन परिवारों के लिए एक जीवन की नई शुरुआत का भरोसा है. CM मान की सरकार के कार्यों की सराहना आम आदमी पार्टी सांसद अशोक मित्तल ने मुख्यमंत्री भगवंत मान की सरकार द्वारा चलाए जा रहे राहत और बचाव कार्यों की खुले दिल से सराहना की. खासतौर पर 196 राहत कैंपों की स्थापना और 20,000 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित निकालने जैसे कदम की भरपूर प्रशंसा की. मित्तल ने यह साफ किया कि LPU की टीम हर परिवार से खुद संपर्क करेगी, लेकिन जिनसे संपर्क नहीं हो पाया है, वो खुद सामने आएं ताकि मदद तुरंत मिल सके. संकट के समय स्थायी समाधान की जरूरत यह कहानी सिर्फ एक नेता के एलान की नहीं, बल्कि उस सोच की है जो संकट के समय स्थायी समाधान, स्थानीय रोजगार और सामाजिक जिम्मेदारी की बात करती है. जब देश के कई हिस्सों में लोग सिर्फ बयानबाज़ी में लगे हैं, पंजाब में एक सांसद अपने संसाधन और संस्थान को आम लोगों के लिए खोल रहे हैं. इस पहल से न सिर्फ 43 परिवारों को सहारा मिलेगा, बल्कि पूरे पंजाब को एक संदेश जाएगा कि आम आदमी पार्टी सिर्फ चुनावी वादे नहीं, ज़मीन से जुड़ी राहत और रोज़गार की सच्ची राजनीति करती है.