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दीपेंद्र हुड्डा ने बाढ़ पर सरकार पर निशाना साधा, जनता के लिए मुआवजे की अपील

चंडीगढ़  कांग्रेस सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने हरियाणा में बाढ़ और जलभराव की स्थिति को लेकर राज्य की भाजपा सरकार पर जमकर हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की निष्क्रियता के कारण बाढ़ की स्थिति विकराल होती जा रही है, जिससे कई क्षेत्रों में हालात बदतर हो गए हैं। मीडिया से बातचीत में सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि पिछले 10 सालों में भाजपा सरकार ने न तो कोई नई नहर बनाई और न ही ड्रेनेज सिस्टम को मजबूत किया। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर की नीति का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार ने सिर्फ उन किसानों की जमीन पर ड्रेन बनाने की नीति अपनाई, जो खुद जमीन उपलब्ध कराते थे। इसके अलावा, उन्होंने दादूपुर-नलवी नहर परियोजना को रद्द करने के फैसले की आलोचना की। कांग्रेस सांसद ने सरकार से मांग की कि सिर्फ क्षतिपूर्ति पोर्टल शुरू करने से समस्या का समाधान नहीं होगा। उन्होंने विशेष गिरदावरी करवाकर किसानों को प्रति एकड़ कम से कम 50 हजार रुपए मुआवजे की मांग की। साथ ही, प्रभावित क्षेत्रों में पंप सेट, पाइप, बिजली कनेक्शन और लाइनों की तत्काल व्यवस्था करने की अपील की। उन्होंने कहा कि सरकार को युद्ध स्तर पर स्थिति की निगरानी कर इन सुविधाओं को उपलब्ध कराना चाहिए। हुड्डा ने सरकार की चुप्पी पर भी सवाल उठाए, यह कहते हुए कि हरियाणा में बाढ़ के कारण कई लोगों की जान जा चुकी है, लेकिन सरकार की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। उन्होंने आरोप लगाया कि हरियाणा सरकार सोई हुई है। कांग्रेस सांसद ने आखिर में बात दोहराते हुए कहा कि तत्काल कार्रवाई की जरूरत है। इस बीच, कांग्रेस सांसद रणदीप सिंह सुरजेवाला ने हिसार के साबरवास गांव का दौरा किया और बाढ़ प्रभावित लोगों से मुलाकात की। सुरजेवाला ने भी हरियाणा सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "ये संकट की घड़ी है। स्थिति बहुत ही चिंताजनक है। घर, फसलें और आजीविका तबाह हो चुकी है। बहुत ही दुख व चिंता की बात है कि भाजपा सरकार की ओर से समय पर राहत कार्यों में कमी दिख रही है। इस वक्त प्रभावित परिवारों को तत्काल सहायता की जरूरत है, लेकिन भाजपा की लापरवाही व ढिलाई लोगों का दर्द और ज्यादा बढ़ा रही है।"

उदयनिधि से अपील: अन्नाद्रमुक गुटबाजी में उलझा, पलानीस्वामी ने किया चेतावनी भरा बयान

चेन्नई तमिलनाडु के उपमुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन ने द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के नेतृत्व वाले गठबंधन की आलोचना करने पर कड़ी आपत्ति जताते हुए अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (अन्नाद्रमुक) के महासचिव ई. के. पलानीस्वामी को गुटबाजी से ग्रस्त अपनी पार्टी को बचाने की सलाह दी। उदयनिधि ने विपक्षी दल अन्नाद्रमुक में आई दरार का जिक्र करते हुए कहा कि अन्नाद्रमुक में उभरा यह एक नया समूह है। अन्नाद्रमुक के वरिष्ठ नेता के ए सेंगोट्टैयन ने पांच सितंबर को पलानीस्वामी से पार्टी छोड़ने वाले सभी लोगों को दोबारा दल में शामिल करने का आग्रह किया था। उदयनिधि ने शुक्रवार शाम पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए व्यंग्यात्मक लहजे में कहा, “जब अन्नाद्रमुक के दो गुटों के सदस्य मिलते हैं, तो वे केवल यह पूछते हैं कि कौन किस गुट से है जैसे ईपीएस (एडप्पादी के. पलानीस्वामी), ओपीएस (ओ. पन्नीरसेल्वम), टी.टी.वी (टीटीवी दिनाकरन), शशिकला (अपदस्थ अंतरिम महासचिव), सेल्लूर राजू या नया उभरा सेंगोट्टैयन समूह।” अन्नाद्रमुक में गुटबाजी की खबरों के बीच पलानीस्वामी हालांकि यह दावा करते रहे कि द्रमुक अपने सहयोगियों को निगल जाएगी। उदयनिधि ने कहा, “उन्हें (पलानीस्वामी को) द्रमुक की आलोचना करने के बजाय पहले अपनी पार्टी के संकट को सुलझाना चाहिए।” उन्होंने कहा, “अन्नाद्रमुक और भाजपा दोनों की विचारधारा एक ही है, खासकर ‘आत्मघाती’ होने और ‘एक-दूसरे को निगलने’ के मामले में।” द्रमुक युवा शाखा के सचिव उदयनिधि ने कहा, “पलानीस्वामी को सिद्धांतों पर आधारित हमारे गठबंधन के बारे में बात करने का कोई अधिकार नहीं है। यह विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखकर नहीं बनाया गया है।” उन्होंने चेतावनी दी कि तमिलनाडु में अगर अन्नाद्रमुक-भाजपा गठबंधन सत्ता में आया तो ये त्रिभाषा फार्मूले के माध्यम से हिंदी लागू करने, निर्वाचन क्षेत्रों का पुनः परिसीमन करने, नई शिक्षा नीति को लागू करने और राज्य के वित्तीय अधिकारों को त्यागने का मार्ग प्रशस्त करेगा। तमिलनाडु में विधानसभा की 234 सीट हैं।  

मोदी-मैक्रों वार्ता: वैश्विक तनाव और द्विपक्षीय संबंधों पर हुई गहन चर्चा

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के बीच फोन पर बात हुई। दोनों नेताओं के बीच रूस-यूक्रेन युद्ध सहित कई अहम मुद्दों पर बात हुई। फ्रांसीसी राष्ट्रपति से बात करने के बाद पीएम मोदी 'एक्स' पर बताया, "राष्ट्रपति मैक्रों के साथ बहुत अच्छी बातचीत हुई। हमने विभिन्न क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग की प्रगति की समीक्षा और सकारात्मक मूल्यांकन किया।" पीएम मोदी ने फ्रांसीसी राष्ट्रपति मैक्रों से की बात पीएम मोदी ने कहा कि यूक्रेन में संघर्ष को शीघ्र समाप्त करने के प्रयासों सहित अंतर्राष्ट्रीय और क्षेत्रीय मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान किया। भारत-फ्रांस रणनीतिक साझेदारी वैश्विक शांति और स्थिरता को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती रहेगी।  

यूक्रेन में तबाही: रूस ने पहले हफ्ते में 1300 ड्रोन से किया जोरदार हमला

कीव  पिछले कई सालों से रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध जारी है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप युद्ध को रोकने की कोशिश में लगे हुए हैं, लेकिन सफलता नहीं मिल रही। इस बीच, रूस ने सितंबर के पहले हफ्ते में यूक्रेन पर हमले बढ़ाते हुए कई इलाकों को धुआं-धुआं कर दिया। यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने शनिवार को जानकारी दी कि रूस ने सितंबर के पहले छह दिनों में ही यूक्रेन के खिलाफ 1,300 से ज्यादा हमलावर यूएवी ड्रोन और लगभग 900 गाइडेड हवाई बमों, साथ ही विभिन्न प्रकार की 50 मिसाइलें दागी हैं, जो चल रहे संघर्ष में एक महत्वपूर्ण वृद्धि का संकेत है। 'एक्स' पर पोस्ट किए गए एक विस्तृत बयान में, जेलेंस्की ने रूसी हमलों की लगातार हो रही घटनाओं की निंदा की और स्थायी शांति सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबंधों में वृद्धि, मजबूत सैन्य समर्थन और दीर्घकालिक सुरक्षा गारंटी का आह्वान किया। जेलेंस्की ने कहा, "सितंबर की शुरुआत से ही, रूस ने यूक्रेन के खिलाफ 1,300 से ज़्यादा हमलावर यूएवी, लगभग 900 निर्देशित हवाई बम और विभिन्न प्रकार की पचास से ज़्यादा मिसाइलें दागी हैं। कल रात, नागरिक बुनियादी ढांचे पर फिर से हमला हुआ। सभी आवश्यक सेवाएं प्रभावित स्थलों पर काम कर रही हैं।" उन्होंने कहा कि सितंबर के पहले सप्ताह के दौरान यूक्रेन के लगभग हर क्षेत्र में विस्फोटों की सूचना मिली थी, जिसमें चेर्निहाइव, खार्किव, ओडेसा, खेरसॉन, कीव, ज़ापोरिज़िया, डीनिप्रो, किरोवोह्रद, खमेलनित्सकी, ज़ाइटॉमिर, वोलिन, इवानो-फ्रैंकिव्स्क, रिव्ने और लविव क्षेत्रों को निशाना बनाकर हमले किए गए थे। जेलेंस्की ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की उस टिप्पणी का भी जिक्र किया जिसमें उन्होंने रूसी तेल और गैस व्यापार पर कड़े प्रतिबंध लगाने की जरूरत बताई थी, जो अमेरिकी राष्ट्रपति के अनुसार, कीव के खिलाफ मास्को के युद्ध प्रयासों को बढ़ावा देता है। उन्होंने कहा, ''रूस इस युद्ध को लगातार लंबा खींच रहा है और कूटनीति को पूरी तरह से तमाशा बनाना चाहता है। और इसका जवाब एकजुट होकर दिया जाना चाहिए, हमलों और विनाश के खिलाफ, कूटनीतिक प्रयासों और सभ्य संवाद की अवहेलना के खिलाफ। राष्ट्रपति ट्रंप बिल्कुल सही कह रहे हैं कि कूटनीति को पटरी पर लाने के लिए रूसी तेल और गैस व्यापार पर प्रभावी प्रतिबंध जरूरी है।  

प्रशांत किशोर किस सीट से उतरेंगे मैदान में—सासाराम या राघोपुर?

पटना बिहार की सियासत में हलचल मचाने वाले जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने अब खुद चुनाव लड़ने के संकेत दे दिए हैं। लंबे समय से यह सवाल उठ रहा था कि क्या रणनीति के मास्टरमाइंड अब मैदान में उतरेंगे? इस बार उन्होंने साफ तौर पर कहा कि अगर नीतीश कुमार चुनाव लड़ते हैं तो वह भी जरूर लड़ेंगे। इतना ही नहीं उन्होंने यह भी बताया कि अगर चुनाव लड़ना पड़ा तो अपनी जन्मभूमि या कर्मभूमि से ही लड़ेंगे। ऐसे में सवाल यह उठता है कि क्या पीके सासाराम, करगहर या फिर राघोपुर से ताल ठोक सकते हैं? अब तक दूसरों के लिए चुनावी रणनीति बनाने वाले प्रशांत किशोर अब खुद सियासी मैदान में उतरने को तैयार दिख रहे हैं। बिहार के हर जिले का दौरा कर चुके पीके ने दो साल तक जन संवाद और जन सुराज पदयात्रा के जरिए लोगों से सीधा संवाद किया है। अब वह केवल पार्टी के चेहरे नहीं बल्कि उसके उम्मीदवार भी बन सकते हैं। नीतीश कुमार पर डाली गेंद प्रशांत किशोर से जब पूछा गया कि वह खुद चुनाव लड़ेंगे या नहीं तो उन्होंने सीधे तौर पर नीतीश कुमार का नाम लिया। उन्होंने कहा "मैंने पहले भी कहा है कि अगर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार चुनाव लड़ते हैं तो निश्चित तौर पर मैं भी चुनाव लड़ूंगा।" इस बयान से साफ है कि पीके चुनाव लड़ने के लिए तैयार हैं लेकिन उन्होंने अंतिम फैसला नीतीश कुमार की चुनावी भागीदारी पर टाल दिया है। गौरतलब है कि नीतीश कुमार पिछले करीब 20 वर्षों से खुद कोई चुनाव नहीं लड़ रहे हैं। तेजस्वी यादव से भी मुकाबले के संकेत प्रशांत किशोर ने तेजस्वी यादव को लेकर भी बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि अगर उनकी पार्टी चाहे तो वह तेजस्वी यादव के खिलाफ भी चुनाव लड़ सकते हैं। उन्होंने तर्क दिया कि "अगर विपक्ष के मुख्य चेहरे के खिलाफ लड़ना है तो लड़ने में कोई हर्ज नहीं है, लेकिन सिर्फ किसी के खिलाफ लड़ने का फायदा नहीं है।" यह बयान उनके आत्मविश्वास को दिखाता है और यह भी कि वह राजनीतिक चुनौतियों से भागने वाले नहीं हैं। जन्मभूमि बनाम कर्मभूमि – कौन सी सीट होगी चुनौतियों भरी? प्रशांत किशोर ने अपने आगामी चुनाव लड़ने को लेकर दो अहम विकल्पों की ओर इशारा किया है – उनकी जन्मभूमि और कर्मभूमि। उन्होंने स्पष्ट कहा कि अगर उन्हें चुनाव लड़ना पड़ा, तो वह या तो अपनी जन्मभूमि या फिर कर्मभूमि से चुनाव मैदान में उतरेंगे। जन्मभूमि के आधार पर दो संभावित सीटों के नाम सामने आए हैं – सासाराम और करगहर। वहीं, कर्मभूमि के रूप में उन्होंने राघोपुर का नाम लिया, जहां उन्होंने सबसे अधिक समय बिताया और जन सुराज की नींव मजबूत की। पीके ने यह भी कहा कि वह खुद लोगों को सलाह देते हैं कि अगर चुनाव लड़ना है तो एक सीट जन्मभूमि से और दूसरी कर्मभूमि से लड़नी चाहिए। उनके इस बयान से यह भी संकेत मिलता है कि वे पार्टी की अनुमति मिलने पर दो सीटों से चुनाव लड़ सकते हैं, जिससे उनकी राजनीतिक मौजूदगी और असर दोनों और अधिक मजबूत हो सकते हैं। जन सुराज पार्टी की तैयारी और पीके की भूमिका जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने पहले ही एलान कर दिया है कि उनकी पार्टी बिहार की 243 विधानसभा सीटों पर उम्मीदवार उतारेगी। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या पार्टी का चेहरा बने प्रशांत किशोर खुद मैदान में उतरेंगे या केवल प्रचार तक सीमित रहेंगे। उन्होंने कहा "हम पार्टी के ऊपर नहीं हैं, पार्टी जो तय करेगी वही होगा।" इस बयान से यह साफ है कि वह एक लोकतांत्रिक ढंग से पार्टी चला रहे हैं और व्यक्तिगत निर्णयों से ऊपर संगठनात्मक निर्णयों को महत्व दे रहे हैं। प्रशांत किशोर की तरफ से यह अब तक का सबसे मजबूत संकेत है कि वह चुनाव लड़ने को लेकर गंभीर हैं। सियासी गलियारों में यह चर्चा जोरों पर है कि अगर पीके चुनाव लड़ते हैं तो वह सीट "वीआईपी" सीट बन जाएगी। चाहे वह सासाराम हो, करगहर हो या राघोपुर – वहां मुकाबला दिलचस्प और हाई-प्रोफाइल हो जाएगा।  

टेनिस की बड़ी जंग: सबालेंका चौथे और अनिसिमोवा पहले ग्रैंड स्लैम की ओर

न्यूयॉर्क दुनिया की नंबर एक खिलाड़ी एरिना सबालेंका शनिवार को जब यहां आर्थर ऐश स्टेडियम में महिला वर्ग के फाइनल में अमांडा अनिसिमोवा से भिड़ेंगी, तो उनकी निगाह अपना चौथा ग्रैंड स्लैम और अमेरिकी ओपन में लगातार दूसरे खिताब पर रहेंगी। बेलारूस की 27 वर्षीय सबालेंका 2025 में अपने तीसरे ग्रैंड स्लैम फाइनल में खेलेगी। इससे पहले वह दो अवसर पर अमेरिका की खिलाड़ियों से हार गई थी और इस बार भी फाइनल में उनका मुकाबला एक अमेरिकी खिड़की से है। इसलिए यह देखना दिलचस्प होगा कि वह अमेरिकी खिलाड़ियों से फाइनल में हार का यह सिलसिला तोड़ पाती है या नहीं। वह जनवरी में ऑस्ट्रेलियाई ओपन में मैडिसन कीज़ से और जून में फ्रेंच ओपन में कोको गॉफ़ से हार गई थीं। सबालेंका ने पिछले वर्ष न्यूयॉर्क में हुए फाइनल में अमेरिकी खिलाड़ी जेसिका पेगुला को भी हराया था और वह इस जीत से प्रेरणा देने की कोशिश करेगी। यही नहीं वह 2012-14 में सेरेना विलियम्स के बाद अमेरिकी ओपन में लगातार ट्रॉफी जीतने वाली पहली महिला बनने की कोशिश भी करेंगी। सबालेंका जुलाई में विंबलडन के सेमीफाइनल में अनिसिमोवा से हार गई थी और वह इसका बदला चुकता करने के लिए प्रतिबद्ध होगी। वह अमेरिका की इस खिलाड़ी के खिलाफ अपने रिकॉर्ड में सुधार भी करना चाहेगी। इन दोनों खिलाड़ियों के बीच अभी तक जो नौ मैच खेले गए हैं उनमें अनिसिमोवा ने छह में जीत हासिल की है। दो महीने से भी कम समय पहले ऑल इंग्लैंड क्लब में सबालेंका को हराने के बाद अनिसिमोवा अपना पहला ग्रैंड स्लैम फाइनल इगा स्वियातेक से 6-0, 6-0 से हार गई थी। यह 24 वर्षीय खिलाड़ी अमेरिकी ओपन में इस तरह की कोई गलती नहीं करने के लिए प्रतिबद्ध होगी। उन्होंने हालांकि उस पराजय को पीछे छोड़ दिया है जो इस टूर्नामेंट में उनके शानदार प्रदर्शन से स्पष्ट नजर आता है। वह स्वियातेक को अमेरिकी ओपन के क्वार्टर फाइनल में हराकर विंबलडन की हार का बदला चुकता चुकी हैं और उनका पूरा ध्यान अब पहली बार ग्रैंड स्लैम चैंपियन बनने पर लगा होगा।  

पावागढ़ शक्तिपीठ त्रासदी: रोपवे गिरा, 6 श्रद्धालुओं की जान गई

नई दिल्ली गुजरात के पंचमहल में शनिवार बड़ा हादसा हो गया। मध्य गुजरात के प्रसिद्ध शक्तिपीठ पावागढ़ में एक माल रोपवे का तार टूटने से 6 लोगों की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि इस रोपने का इस्तेमाल पावागढ़ के मांची इलाके से निज मंदिर तक निर्माण सामग्री को आसानी से पहुंचाने के लिए किया जाता था। शनिवार को भी रोपवे से सामान ले जाया जा रहा था। लेकिन इसी दौरान तार टूट गया और हादसा हो गया। इस घटना में दो लिफ्ट ऑपरेटर, दो मजदूर और दो अन्य लोगों की मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। राहत और बचाव का कार्य किया जा रहा है। हादसे के कारणों का पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी गई है। बता दें कि यह शक्तिपीठ मध्य गुजरात में स्थित है।  

पानी-पानी झज्जर: महिलाओं का विरोध, बादली रोड पर लगाया ताला

झज्जर  झज्जर की लाल सिंह कॉलोनी में तीन दिन से हो रहे जल भराव से परेशान महिलाओं का सब्र शनिवार को टूट गया। कॉलोनी की दर्जनों महिलाओं ने झज्जर-बादली रोड पर उतरकर प्रदर्शन किया और सड़क पर जाम लगा दिया। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन पर सुनवाई न करने का आरोप लगाते हुए कहा कि वे लगातार तीन दिन से डीसी कार्यालय जाकर शिकायत कर रही हैं, लेकिन कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। जाम के कारण करीब आधे घंटे तक झज्जर-बादली रोड पर यातायात पूरी तरह बाधित रहा। राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और महिलाओं को समझाने का प्रयास किया। स्थिति को गंभीर होता देख पुलिस ने नगर परिषद के कर्मचारियों को तत्काल मौके पर बुलाया। नगर परिषद की टीम ने जल निकासी के लिए पंप सेट लगाए और पानी निकालने का कार्य शुरू किया। इसके बाद महिलाओं को समझाकर जाम खुलवाया गया। जाम हटने के बाद झज्जर-बादली रोड पर ट्रैफिक व्यवस्था सामान्य हो सकी।महिलाओं का कहना है कि कॉलोनी में जल भराव के कारण घरों में घुटनों तक पानी भरा है। बच्चों और बुजुर्गों का बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। कई घरों में नालियों का गंदा पानी भर गया है, जिससे बीमारी फैलने का खतरा बना हुआ है।

नए रूट की शुरुआत: पूर्णिया-अहमदाबाद फ्लाइट 17 सितंबर से होगी ऑपरेशन में

पूर्णिया लंबे इंतजार के बाद पूर्णिया के लोगों का सपना आखिरकार पूरा हो गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 15 सितंबर को पूर्णिया हवाई अड्डे का उद्घाटन करेंगे। इस ऐतिहासिक मौके के साथ ही पूर्णिया अब आधिकारिक रूप से देश के हवाई मानचित्र पर दर्ज हो जाएगा। हवाई अड्डे के शुभारंभ के साथ ही स्टार एयर ने बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि 17 सितंबर से पूर्णिया और अहमदाबाद के बीच सीधी उड़ान सेवा शुरू की जाएगी। यह कनेक्टिविटी न केवल पूर्णिया और आसपास के जिलों के यात्रियों को अहमदाबाद से जोड़ेगी, बल्कि उन्हें देश के अन्य प्रमुख शहरों तक भी आसानी से पहुंचने का रास्ता खोलेगी। स्टार एयर ने सोशल मीडिया पर लिखा, 'आपको बिहार के रत्न पूर्णिया से जोड़ते हुए हमें गर्व है। संस्कृति, इतिहास और विरासत से समृद्ध यह शहर अब सीधे बुद्ध की भूमि के प्रवेश द्वार से जुड़ रहा है।” एयरलाइन ने इसे पर्यटन और व्यापार, दोनों दृष्टि से अहम कदम बताया है। पिछले कई महीनों से हवाई अड्डे को चालू करने के लिए युद्धस्तर पर तैयारियां की जा रही थीं। बिहार सरकार के मंत्री और जिला प्रशासन लगातार साइट का निरीक्षण करते रहे ताकि उद्घाटन से पहले सभी व्यवस्थाएं पूरी हो सकें। इस एयरपोर्ट के शुरू होने से यात्रियों को अब पटना या बागडोगरा जैसे दूरस्थ हवाई अड्डों का रुख नहीं करना होगा। नई सुविधा समय और संसाधन दोनों बचाएगी, साथ ही पूरे सीमांचल क्षेत्र में आर्थिक विकास को नई गति देने का काम करेगी।

ड्रग माफिया पर बड़ी कार्रवाई, मुंबई में 12 गिरफ्तार और 12 हजार करोड़ का खुलासा

मुंबई  मुंबई से सटे मिरा-भायंदर पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। पुलिस ने ड्रग्स तस्करी के मामले में बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए हैदराबाद में चल रही अब तक की सबसे बड़ी एमडी ड्रग फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इस फैक्ट्री से 32,000 लीटर ड्रग्स का कच्चा माल, खतरनाक केमिकल, और मशीनें भी जब्त की है। बताया जा रहा है कि पुलिस द्वारा जब्त की गई इस खेप की कीमत अंतर्राष्ट्रीय बाजार में करीब 12 हजार करोड़ रुपये बताई जा रही है। 12 हजार करोड़ का माल बरामद पुलिस ने दावा किया है कि ड्रग्स का ये बड़ा नेटवर्क महाराष्ट्र समेत कई राज्यों से ऑपरेट किया जा रहा था। इस नेटवर्क का पर्दाफाश होने से देश भर में ड्रग्स की सप्लाई चेन को तगड़ा झटका लगेगा। बता दें कि पुलिस मिरा रोड में दर्ज एक मामले की जांच में जुटी थी, महज 25 लाख कीमत के 200 ग्राम ड्रग्स की जड़ें जब खंगाली गई तो पुलिस इसके सुराग तलाशते हुए हैदराबाद की इस फैक्ट्री तक जा पहुंची और 32 हजार लीटर का कच्चा माल आदि बरामद किया। पुलिस ने बताया कि अंतर्राष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत 12 हजार करोड़ रुपए है। फल बेचने की आड़ में तस्‍करी मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच ने कुछ दिनों पहले बांद्रा इलाके में केले बेचने की आड़ में ठेले पर एमडी ड्रग्स बेचने के आरोप में एक बुजुर्ग को गिरफ्तार किया है. इस आरोपी की पहचान 60 वर्ष के मोहम्मद अली अब्दुल गफ्फार शेख के रूप में हुई है और आरोपी के पास से 35 लाख रुपये कीमत की 153 ग्राम एमडी ड्रग्स बरामद हुई है. इसके बाद मोहम्मद अली अब्दुल के खिलाफ NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज कर गिरफ्तार कर लियागया था. नेवी को मिली थी बड़ी सफलता इस साल भारतीय नौसेना के अग्रणी युद्धपोत आइएनएस तरकश ने पश्चिमी हिंद महासागर में 2,500 किलोग्राम से अधिक ड्रग्स जब्त की थी. 31 मार्च को नौसेना को कुछ जहाजों की संदिग्ध गतिविधियों के बारे में सूचना मिली थी. इसके बाद अभियान चलाकर ये ड्रग्स जब्त किए गए थे. इस ड्रग्स में 2,386 किलोग्राम हशीश और 121 किलोग्राम हेरोइन था. यह सीलबंद पैकेटों में भरी हुई थी. पुलिस को शक है कि इस नेटवर्क का कनेक्शन अंडरवर्ल्ड के किसी गैंग या पड़ोसी मुल्क समेत किसी इंटरनेशनल माफिया से जुड़ा हो सकता है। इस जड़ें खंगाली जा रही है और मामले की आगे की जांच की जा रही है। बता दें कि पुलिस ने इस कार्रवाई के दौरान 13 लोगों को गिरफ्तार किया है और उनसे पूछताछ की जा रही है। इस मामले में शामिल अन्य लोगों को भी जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। मुंबई भेजे जाते थे ड्रग्स यह ड्रग्स फैक्ट्री में तैयार किए जाते थे और फिर स्थानीय आरोपियों और एजेंट्स के द्वारा यह ड्रग्स मुंबई भेजे जाते थे। कैमिकल फैक्ट्री के नामपर इस जगह बड़े पैमाने पर ड्रग्स का कारोबार हो रहा था। 1 महीने की निगरानी के बाद छापेमारी अनुमान के अनुसार, अब तक हजारों किलोग्राम मेफेड्रोन नामक ड्रग्स बनाकर बाजार में सप्लाई किए जा चुके हैं। मुंबई पुलिस ने टिप के आधार पर मिया भयंदर पुलिस, वसाई विरार पुलिस और क्राइम ब्रांच के साथ मिलकर पिछले 1 महीने से इस पूरे प्रकरण पर नजर रखी थी। जानकारी पुख्ता होने के बाद पुलिस ने 60 से ज्यादा जगहों पर छापेमारी की। 12 लोग हिरासत में पुलिस ने एक बांग्लादेशी महिला समेत 12 लोगों को हिरासत में लिया है। महिला का नाम फातिमा मुराद शेख अलियास मोल्लाह है, जिसकी उम्र 23 वर्ष के आसपास है। आरोपी महिला के पास 24 लाख रुपये के ड्रग्स भी बरामद हुए हैं। कौन है मुख्य आरोपी? वहीं, इस पूरे मामले का मुख्य आरोपी एक आईटी एक्सपर्ट है, जो कैमिकल फैक्ट्री के नाम पर इसका दुरुपयोग कर रहा था। इस ड्रग रैकेट में विदेशियों के भी शामिल होने की आशंका है। पुलिस पूरे मामले की तह तक जाने की कोशिश कर रही है। कैसे हुआ ड्रग फैक्ट्री का खुलासा पुलिस को पिछले कई दिनों से जानकारी मिल रही थी कि मीरा-भायंदर इलाके में बड़ी मात्रा में ड्रग्स तैयार की जा रही है. इसके बाद पुलिस की एक टीम ने जाल बिछाकर छापेमारी की. पुलिस की गाड़ी देखते ही वहां मौजूद लोग भागने लगे, लेकिन पुलिस ने घेराबंदी कर 12 लोगों को धर दबोचा. 32,000 लीटर कच्ची ड्रग्स बरामद कार्रवाई के दौरान पुलिस को करीब 32,000 लीटर कच्ची ड्रग्स मिली. पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, इन ड्रग्स को प्रोसेस करके अंतरराष्ट्रीय बाजार साथ-साथ देश के दूसरे हिस्सों में बेचने की तैयारी की जा रही थी. बरामद ड्रग्स की कीमत करीब ₹12,000 करोड़ आंकी गई है. जोकि ड्रग्स बहुत बड़ी खेप है. मीरा-भायंदर पुलिस ने कहा कि यह हाल के समय की सबसे बड़ी कार्रवाई है. ₹12,000 करोड़ की ड्रग्स जब्त करना बड़ी सफलता है. उन्होंने बताया कि जांच अभी जारी है और जल्द ही इस गिरोह से जुड़े और लोगों को भी गिरफ्तार किया जाएगा. ड्रग्स के खिलाफ सरकार सख्त पिछले कुछ महीनों में महाराष्ट्र पुलिस और एनसीबी (नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो) ने कई जगहों पर बड़ी ड्रग्स फैक्ट्रियों का भंडाफोड़ किया है. महाराष्ट्र सरकार भी लगातार कह रही है कि ड्रग्स के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई जाएगी. ये ड्रग्स माफिया अक्सर युवाओं को अपना शिकार बनाते है. जिसको लेकर सरकार लगातार एक्शन मोड में है. पहले भी पकड़ी जा चुकी है ड्रग्स की खेप बता दें बीते अप्रैल के महीने में साकीनाका पुलिस ने वसई की एमके ग्रीन फैक्ट्री में छापेमारी कर 8 करोड़ रुपये का 4 किलो एमडी ड्रग्स जब्त की थी. इस मामले में 3 आरोपियों सादिक शेख, सिराज पंजवानी और सय्यद ईरानी की गिरफ्तारी हुई थी. वहीं बार्शी में भी ड्रग्स रैकेट पकड़ा गया था, जिसमें 7 लोगों को हिरासत में लिया गया था.