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यूपी में खेलों को बढ़ावा देने के लिए हो रहे हैं व्यापक कार्य- मुख्यमंत्री

 यूपी टी20 लीग के समापन में शामिल हुए सीएम योगी, घंटा बजाकर किया फाइनल मैच का शुभारंभ – मुख्यमंत्री ने दोनों टीमों के कप्तानों और खिलाड़ियों से की मुलाकात, फाइनल मैच के लिए उछाला टॉस – काशी रुद्रास और मेरठ मावेरिक्स के बीच यूपी टी20 लीग का फाइनल मैच – सीएम योगी ने बीबीसीआई से किया आग्रह, यूपी को मिले दो टीमें, ताकि स्थानीय खिलाड़ियों को अधिक अवसर मिलें लखनऊ उत्तर प्रदेश प्रीमियर टी20 लीग का भव्य समापन शनिवार को भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेई इकाना स्टेडियम में हुआ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस अवसर पर फाइनल मैच का टॉस उछालकर शुभारंभ किया। काशी रुद्रास और मेरठ मावेरिक्स के बीच हुए इस रोमांचक मुकाबले ने दर्शकों को उत्साहित कर दिया। सीएम योगी के आगमन पर दर्शकों का उत्साह चरम पर दिखा। पूरा स्टेडियम "योगी-योगी" के नारों से गूंज उठा। सीएम योगी ने बीसीसीआई वरिष्ठ पदाधिकारियों, सरकार के मंत्रियों और अधिकारियों के साथ मैच का लुत्फ भी उठाया। सीएम योगी ने कहा कि यूपी टी-20 लीग युवाओं के लिए बेहतर है। सरकार सूबे में कई क्रिकेट स्टेडियम का निर्माण करा रही है।  सीएम योगी ने मैदान में पहुंचकर दोनों टीमों के कप्तानों और खिलाड़ियों से मुलाकात कर परिचय प्राप्त किया और ट्रॉफी के साथ तस्वीरें खिंचवाईं। उन्होंने स्टेडियम में तैयारियों में जुटे कर्मचारियों से भी बातचीत की और उनका उत्साहवर्धन किया। सीएम योगी ने रोबोट चुलबुल से सिक्का लेकर फाइनल मैच का टॉस कराया और घंटा बजाकर मैच के शुभारंभ किया। यूपी में खेलों को बढ़ावा देने के लिए हो रहे हैं व्यापक कार्य- मुख्यमंत्री बीसीसीआई उपाध्यक्ष व राज्यसभा सांसद राजीव शुक्ला ने सीएम का शॉल ओढ़ाकर स्वागत किया। सीएम योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में खेलों को बढ़ावा देने के लिए व्यापक कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि वाराणसी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से बन रहा अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम इस वर्ष के अंत तक पूरा होगा, जिसमें 70% कार्य पूर्ण हो चुका है। अयोध्या और गोरखपुर में भी स्टेडियम निर्माणाधीन हैं, जबकि मेरठ में स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी के साथ अंतरराष्ट्रीय मानकों के स्टेडियम बनाए जा रहे हैं। प्रदेश के हर गांव से लेकर ब्लाक और जनपदों में बन रहे स्टेडियम- सीएम योगी सीएम योगी ने उत्तर प्रदेश की खेल नीति की सराहना करते हुए कहा कि हर गांव में खेल मैदान, हर विकासखंड में मिनी स्टेडियम और हर जनपद में स्टेडियम बनाने का कार्य तेजी से चल रहा है। पुराने खिलाड़ियों को कोच के रूप में नियुक्त कर उभरते खिलाड़ियों को मार्गदर्शन देने की योजना भी लागू की जा रही है। उन्होंने बीसीसीआई से अनुरोध किया कि 25 करोड़ की आबादी वाले उत्तर प्रदेश को कम से कम दो टीमें दी जाएं, ताकि स्थानीय खिलाड़ियों को अधिक अवसर मिलें। सीएम योगी ने खिलाड़ियों और दर्शकों के उत्साह की प्रशंसा की और कहा कि इस तरह के आयोजन युवाओं को खेलों में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेंगे। उन्होंने सभी को धन्यवाद देते हुए उत्तर प्रदेश को खेलों में अग्रणी बनाने का संकल्प दोहराया। इस मौक़े पर बीसीसीआई के वरिष्ठ पदाधिकारी, यूपीसीए के वरिष्ठ पदाधिकारी, बीसीसीआई के उपाध्यक्ष व राज्य सभा सांसद राजीव शुक्ला, यूपी टी 20 लीग के चेयमैन डॉ. डीएम चौहान, कैबिनेट मंत्री स्वतंत्र देव सिंह समेत कई गणमान्य भी मौजूद रहे। 

मध्यप्रदेश में बढ़ा धान का रकबा, लेकिन यूरिया की कमी से जूझ रहे किसान

सतना इस खरीफ सीजन की बुवाई के बाद यूरिया की मांग में भारी वृद्धि देखी जा रही है। इसका प्रमुख कारण दलहन फसलों की जगह धान की खेती के रकबे में लगातार बढ़ोतरी है। साथ ही धान को सरकार द्वारा न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदे जाने से भी इसके प्रति किसानों का रुझान बढ़ा है। इस तरह एक तरफ धान की बढ़ती बुवाई ने यूरिया की खपत बढ़ा दी, वहीं दूसरी तरफ इस वर्ष देश में यूरिया का उत्पादन सीमित रहा और आयात की मात्रा भी हर साल घटती जा रही है। सरकार हर वर्ष दलहन व तिलहन फसलों का रकबा बढ़ाने के लिए अनुमानित लक्ष्य तय करती है, लेकिन किसानों की रुचि गेहूं व धान की फसलों की ओर ज्यादा है। यही वजह है कि एक बोरी यूरिया के लिए किसान रात-रात भर लंबी कतारों में लगा रहता है।   धान का रकबा 35 लाख हेक्टेयर केंद्रीय कृषि कल्याण एवं विकास विभाग की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, देश में धान का क्षेत्रफल इस बार 1039.81 लाख हेक्टेयर तक पहुंच गया है, जबकि पिछले वर्ष यह 1002.41 लाख हेक्टेयर था। यानी लगभग 37 लाख हेक्टेयर की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। वहीं दलहन का रकबा बहुत मामूली बढ़ा है। इस बार दलहन फसलों का कुल क्षेत्रफल 109.52 लाख हेक्टेयर रहा, जो पिछले वर्ष से केवल 1.14 लाख हेक्टेयर अधिक है। मूंग और उड़द में हल्की बढ़ोतरी हुई है, लेकिन अरहर में 1.34 लाख हेक्टेयर की कमी दर्ज हुई है। धान में यूरिया की होती है अधिक खपत कृषि विभाग सतना के उपसंचालक आशीष पांडे बताते हैं कि दलहन फसलों में यूरिया की आवश्यकता बहुत कम होती है, क्योंकि वे स्वयं नाइट्रोजन का स्रोत होती हैं। इसके विपरीत धान की बुवाई और जर्मिनेशन के दौरान यूरिया की भारी मात्रा में जरूरत होती है। वहीं कृषि विज्ञान केंद्र मझगवां के विज्ञानी डॉ. अखिलेश कुमार का कहना है कि किसानों को धान और गेहूं की जगह दलहन व तिलहन फसलों की ओर ध्यान देना चाहिए। इससे न केवल मिट्टी की उर्वरता बनी रहेगी, बल्कि खाद की समस्या से भी राहत मिलेगी। हालांकि, न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर धान व गेहूं की सरकारी खरीद होने से किसान इन्हीं फसलों पर निर्भर हैं। यूरिया का आयात घटा, आपूर्ति में कमी     हर साल यूरिया और डीएपी की मांग बढ़ती जा रही है, जबकि उत्पादन और आयात दोनों घट रहे हैं।     आरटीआई से मिली जानकारी के मुताबिक, बीते चार वर्षों में भारत में आयातित यूरिया की मात्रा में लगातार गिरावट आई है।     इसकी वजह वैश्विक भी हो सकती है। चीन, सऊदी अरब, ओमान से यूरिया आयात होता है। तिलहन फसलों में गिरावट दलहन की तरह तिलहन फसलों का रकबा भी घटा है। इस बार तिलहनों की बुवाई 178.64 लाख हेक्टेयर दर्ज हुई, जो पिछले वर्ष से 6.74 लाख हेक्टेयर कम है। सोयाबीन और मूंगफली जैसी प्रमुख तिलहन फसलों में गिरावट देखी गई है।

286 राजकीय आईटीआई में 1.84 लाख सीटें उपलब्ध

60 से अधिक नए आईटीआई की हुई स्थापना 5000 करोड़ की परियोजना से 150 आईटीआई का उन्नयन भविष्य की तकनीकों में युवाओं को मिल रहा प्रशिक्षण कौशल विकास मिशन से 14 लाख से अधिक युवा प्रशिक्षित प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना से 1.20 लाख कारीगर लाभान्वित रोजगार मेलों से अब तक 4.13 लाख युवाओं को नौकरी प्रोजेक्ट प्रवीण से स्कूली छात्रों को मिल रहा कौशल प्रशिक्षण लखनऊ उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग, लखनऊ द्वारा वर्ष 2025 में घोषित अंतिम परिणामों में व्यावसायिक शिक्षा के चयनित विभिन्न व्यवसायों के 1510 अनुदेशकों को नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम का शुभारम्भ रविवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोक भवन स्थित ऑडिटोरियम में किया। इस अवसर पर प्रदेश के सभी जनपदों में भी भव्य कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जहां सांसद एवं विधायकगण सफल अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान कर युवाओं के सपनों को साकार करने के साक्षी बने। उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश सरकार “सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास” के मंत्र के साथ निरंतर कार्यरत है। देश के सबसे अधिक युवाओं वाले प्रदेश की युवा आकांक्षाओं को देखते हुए उन्हें रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।  शेष 341 पदों का परिणाम भी जल्द होगा घोषित  प्रदेश के  व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि प्रशिक्षण क्षमता बढ़ाने के लिए प्रदेश के 286 राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में 92 व्यवसाय संचालित हैं, जिनमें 1,84,280 सीटें उपलब्ध हैं। इन संस्थानों में 7768 अनुदेशक के पद स्वीकृत हैं, जिनमें से 6577 नियमित और 1191 आउटसोर्सिंग के हैं। वर्ष 2022 में रिक्त 2406 पदों पर भर्ती प्रक्रिया अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के माध्यम से प्रारम्भ की गई थी, जिसके तहत 1510 अनुदेशकों का चयन हुआ है। शेष 341 पदों का परिणाम भी शीघ्र घोषित होने की संभावना है। इस प्रकार कुल 1851 चयनित अनुदेशक विभाग को प्राप्त होंगे, जिनसे राजकीय आईटीआई में गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण सुनिश्चित होगा। 82 ट्रेड में लगभग 1.84 लाख युवाओं को कौशल प्रशिक्षण प्रदेश सरकार ने बीते आठ वर्षों में 60 से अधिक नए राजकीय आईटीआई स्थापित कर संचालन प्रारम्भ कराया है। वर्तमान में 324 राजकीय आईटीआई के माध्यम से 82 ट्रेड में लगभग 1.84 लाख युवाओं को कौशल प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जा रहा है। किसी भी इच्छुक युवा की आर्थिक स्थिति प्रशिक्षण में बाधा न बने, इसके लिए मासिक फीस मात्र 40 रुपए निर्धारित की गई है। साथ ही प्रदेश के लगभग 3000 निजी आईटीआई में 6 लाख सीटों पर प्रशिक्षण उपलब्ध है। यहां प्रवेश लेने वाले युवाओं को फीस प्रतिपूर्ति और छात्रवृत्ति की सुविधा भी दी जा रही है। 900 से अधिक पद आउटसोर्सिंग से भरे गए  सरकार ने राजकीय आईटीआई को सुदृढ़ करने हेतु प्रधानाचार्यों के 150 से अधिक और प्रशिक्षकों के 1510 रिक्त पदों पर योग्य अभ्यर्थियों की नियुक्ति की है। इसके अतिरिक्त 900 से अधिक पद आउटसोर्सिंग के माध्यम से भरे गए हैं। भविष्य की तकनीकों जैसे सेमीकंडक्टर टेक्नोलॉजी, इलेक्ट्रिक व्हीकल, लेजर कटिंग, सीएनसी, थ्री डी प्रिंटिंग, डिजिटल कम्युनिकेशन आदि में युवाओं को प्रशिक्षित करने के लिए आईटीआई का उन्नयन किया जा रहा है। 9 नए ट्रेड और 23 शॉर्ट टर्म कोर्स शुरू इस दिशा में टाटा टेक्नोलॉजीज लि. एवं 18 विश्वस्तरीय कंपनियों के सहयोग से प्रथम चरण में 150 आईटीआई का उन्नयन किया गया, जिसके तहत 9 नए ट्रेड और 23 शॉर्ट टर्म कोर्स शुरू हुए हैं। इस परियोजना पर लगभग 5000 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं और हर वर्ष 15 हजार से अधिक युवा प्रशिक्षित हो रहे हैं। सफलता को देखते हुए 62 अन्य आईटीआई के उन्नयन को भी स्वीकृति दी गई है, जिस पर 3350 करोड़ रुपये व्यय होंगे। कौशल विकास मिशन से 14 लाख युवाओं को प्रशिक्षण  प्रदेश के प्रत्येक इच्छुक युवा को उसके घर के नजदीक निःशुल्क कौशल प्रशिक्षण देने के लिए उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन सक्रिय है। पिछले आठ वर्षों में इस मिशन के माध्यम से 14 लाख से अधिक युवाओं को प्रशिक्षित किया गया है, जिनमें से 5.65 लाख को रोजगार और सेवायोजन से जोड़ा गया है। वर्तमान में 1000 से अधिक प्रशिक्षण पार्टनर्स के सहयोग से 350 से अधिक कोर्स संचालित हो रहे हैं। मिशन के तहत उद्योगों को सीधे जोड़ने के लिए फ्लेक्सी ट्रेनिंग पार्टनर्स की व्यवस्था शुरू की गई है। अब तक 33 औद्योगिक इकाइयों को जोड़ा गया है और प्रत्येक जनपद से 5 नई इकाइयों को अनुबंधित करने का लक्ष्य रखा गया है। विदेश कामगार कौशल प्रशिक्षण एवं सेवायोजन योजना पर विचार प्रदेश के युवाओं को विदेश में सेवायोजन उपलब्ध कराने के लिए “विदेश कामगार कौशल प्रशिक्षण एवं सेवायोजन योजना” प्रारम्भ करने पर विचार किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के अंतर्गत 1.20 लाख पारंपरिक कारीगरों को कौशल प्रशिक्षण और अर्ह लाभार्थियों को 1 लाख रूपए ब्याजमुक्त ऋण दिया गया है।  प्रोजेक्ट प्रवीण में 20 हजार छात्रों को प्रमाणपत्र  राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत प्रोजेक्ट प्रवीण कार्यक्रम माध्यमिक विद्यालयों में लागू किया गया है, जिसके अंतर्गत 600 से अधिक विद्यालयों में कक्षा 9 से 12 तक के छात्रों को प्रतिदिन 90 मिनट कौशल प्रशिक्षण दिया जा रहा है। अब तक 20 हजार छात्र-छात्राओं को राष्ट्रीय स्तर के प्रमाणपत्र प्रदान किए जा चुके हैं। 1.80 लाख ग्रामीण युवाओं को प्रशिक्षण दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना के माध्यम से पिछले आठ वर्षों में 1.80 लाख ग्रामीण युवाओं को प्रशिक्षण दिया गया, जिनमें से 1.30 लाख को सेवायोजित किया गया। वहीं प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना के अंतर्गत 500 प्रतिष्ठित कंपनियों में 2.50 हजार से अधिक युवाओं की इंटर्नशिप प्रारम्भ की गई है, जिसमें उन्हें 5000 रूपए मासिक मानदेय दिया जा रहा है। रोजगार मेलों के जरिए 4.13 लाख से अधिक युवाओं को नौकरी रोजगार मेलों के माध्यम से भी प्रदेश में 1736 कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं, जिनमें 4.13 लाख से अधिक युवाओं को 2537 कंपनियों में नौकरी का अवसर मिला है।  

खतरनाक खुलासा! मंडला में विस्फोटकों का गुप्त जखीरा मिला, बच्चों और ग्रामीणों की जान पर मंडराया खतरा

बालाघाट सर्चिंग के दौरान जवानों को अक्सर नक्सली डंप में डेटोनेटर, जिलेटिन जैसे घातक विस्फोटक मिलते आए हैं, लेकिन नक्सलियों तक ये विस्फोटक कैसे और किस माध्यम से पहुंच रहे हैं, पुलिस इसकी तफ्तीश में जुटी है। जांच की कड़ी को जोड़ते हुए बालाघाट पुलिस मंडला के बीजाडांडी अंतर्गत डूंगरिया के जंगल में खेत पर बने उस गोदाम तक पहुंची है, जिसके संचालन में सुरक्षा मानकों की खुलेआम अनदेखी की जा रही थी। 2023 में स्थापित इस गोदाम में भारी मात्रा में एक्सपायर हो चुका विस्फोटक भंडारित मिला है। विस्फोटक अधिनियम के जो सुरक्षा नियम होते हैं, उन नियमों का यहां पालन नहीं हो रहा था। गोदाम, लावारिस हालात में है, जहां पुलिस को न सुरक्षा गार्ड मिला, न सीसीवीटी कैमरे, न ही बाउंड्रीवाल। दो साल में ही खंडहर में बदल चुके इस गोदाम के चारों तरफ झाड़ियां हैं। डीएसपी (हाकफोर्स) आशीष पटेल ने बताया कि गोदाम से महज 300 मीटर की दूरी पर स्कूल है। डेढ़ किमी पर गांव है।   बगैर सुरक्षा के भारी मात्रा में रखा विस्फोटक कभी भी बड़ी घटना का कारण बन सकता था। नक्सली, गोदाम लूट भी सकते थे। इसलिए पुलिस ने गोदाम को सील किया है। पुलिस ने नर्मदा इंटरप्राइजेस के मालिक तथा लाइसेंस धारक हरजिंदर सिंह गुजराल, मैनेजर प्रदीप झारिया और गार्ड प्रमोद कुमार दाहिया से पूछताछ शुरू कर दी है। बता दें कि गोदाम में 3075 किलो जिलेटिन, 6995 नग डेटोनेटर, समेत अन्य घातक विस्फोटक हैं, जिसे सील कर दिया गया है। नागपुर की सोलर इंडस्ट्री से मांगी डीलरों की लिस्ट पुलिस जानकारी के अनुसार, 2023 से नर्मदा इंटरप्राइजेस डीलर के रूप में बोरवेल खनन, स्टोन क्रशर कंपनी, माइंस या अन्य ब्लास्टिंग करने वाले कंपनियों को विस्फोटक बेचता आ रहा है। नर्मदा इंटरप्राइजेस में नागपुर की सोलर इंडस्ट्री से विस्फोटकों की खरीदारी होती है। सोलर इंडस्ट्री बड़ी फर्म है, जो मप्र सहित महाराष्ट्र, राजस्थान जैसे राज्यों में विस्फोटकों की वैध तरीके से सप्लाई करती है। पुलिस ने सोलर इंडस्ट्री से भी पत्राचार कर उन डीलर की सूची मांगी है, जिसे विस्फोटकों की सप्लाई की जाती है। जांच में सामने आया है कि नर्मदा इंटरप्राइजेस मंडला में तीन विक्रेताओं को विस्फोटक क्रय करता है। इसमें कुलदीप गुप्ता, दादा थनथनपाल स्टोन क्रशर और हीरक इन्फ्रा माइन है। अब मंडला प्रशासन की निगरानी में गोदाम बालाघाट पुलिस की सीलबंद कार्रवाई के बाद गोदाम की निगरानी अब मंडला जिला प्रशासन के अधीन है। अब बड़ा सवाल खड़ा एक्सपायर हो चुके इन विस्फोटकों को किसी सुरक्षित स्थान पर ले जाया जाएगा या नहीं। डीएसपी पटेल ने बताया कि इस संबंध में नागपुर की सोलर इंडस्ट्री और पेट्रोलियम एंड एक्सप्लोसिव सेफ्टी आर्गनाइजेशन (पीईएसओ) से संपर्क कर गोदाम में भंडारित विस्फोटकों को लेकर निर्णय लिया जाएगा। दस्तावेजों की जांच से स्पष्ट हुआ है कि नर्मदा इंटरप्राइजेस द्वारा खपत से अधिक विस्फोटक भंडारित किया गया है। पुलिस इसी बिंदू पर जांच करेगी कि आखिर खपत से अधिक विस्फोटक रखने का मकसद क्या है। कल आठ सितंबर को गढ़ी पुलिस जांच से जुड़े अन्य तथ्य जुटाएगी। मंडला के बाद अब जबलपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्ना में भी जांच होगी। बालाघाट में एचसीएल, मायल व अन्य माइंस सीधे कंपनी से विस्फोटक खरीदते हैं। गोदाम में सोलर प्राइम गोल्ड, इको पावर सोलर, डेटोनेटर, जिलेटिन, सोलर कोर्ड हैं। एक्सपायर विस्फोटक हो सकता है घातक विस्फोटक अधिनियम के अनुसार विस्फोटकों के उपयोग की निश्चित वैधता होती है। वैधता समाप्त होने के बाद आमतौर पर विस्फोटक का प्रभाव कम होता है, लेकिन कई बार ये घातक भी हो सकते हैं। इनके रख-रखाव में चूक या विद्युतीकरण से संपर्क में आने से विस्फोटक में ब्लास्ट भी हो सकता है। इसलिए एक्सपायर हो चुके विस्फोटक हमेशा के लिए निष्क्रिय या प्रभावहीन हो गए हैं, ऐसा आंकलन करना, जानलेवा भूल हो सकती है।

ऐतिहासिक जीत! सबालेंका ने फाइनल में रचा कमाल, सेरेना के रिकॉर्ड की बराबरी

नई दिल्ली  यूएस ओपन 2025 के विमेंस सिंगल्स फाइनल में बेलारूस की स्टार खिलाड़ी और विश्व नंबर-1 आर्यना सबालेंका (Aryna Sabalenka Won Women's Singles Title) ने खिताबी जीत हासिल की। उन्होंने अमेरिका की अमांडा अनिसिमोवा को सीधे सेटों में 6-3, 7-6 (7-3) से हराकर लगातार दूसरी बार यह खिताब जीता। इसके साथ ही सबालेंका ने दिग्गज खिलाड़ी सेरेना विलियम्स (Serena Williams) की बराबरी कर ली। सेरेना ने भी यूएस ओपन लगातार दूसरी बार जीता था। ऑस्ट्रेलियन और फ्रेंच ओपन के फाइनल में हारीं सबालेंका के लिए यह इस साल का पहला ग्रैंड स्लैम खिताब है। इससे पहले वह ऑस्ट्रेलियन ओपन और फ्रेंच ओपन के फाइनल तक पहुंचीं, लेकिन दोनों बार उन्हें हार का सामना करना पड़ा। ऑस्ट्रेलियन ओपन में मेडिसन कीज ने और फ्रेंच ओपन में कोको गॉफ ने उन्हें हराया था। वहीं, विंबलडन में वह ज्यादा आगे नहीं बढ़ सकीं। इस बार जीत के बाद सबालेंका बेहद भावुक हो गईं और घुटनों के बल बैठकर खुशी जताई। मैच के बाद ईएसपीएन से बातचीत में सबालेंका ने कहा, “दो फाइनल हारने के बाद मैं भावनाओं पर नियंत्रण खो बैठी थी। इस बार मैंने शांत रहकर खेल पर ध्यान दिया और खुद को चीजों के साथ बहने दिया।” अमांडा अनिसिमोवा का टूटा सपना दूसरी ओर, अमेरिका की अमांडा अनिसिमोवा का सपना टूटा। यह उनका दूसरा मेजर फाइनल था। उन्होंने सेमीफाइनल में दुनिया की नंबर-2 खिलाड़ी इगा स्विएंटेक को सीधे सेटों में 6-0, 6-0 से हराकर सबको चौंका दिया था। लेकिन खिताबी मुकाबले में वह सात डबल फॉल्ट की बड़ी गलतियों से जूझती रहीं। मैच के बाद उन्होंने अपनी हार के लिए कहीं न कहीं आर्थर एश स्टेडियम की फ्लड लाइट्स को भी जिम्मेदार ठहराया। अनिसिमोवा ने कहा, “यह समर मेरे लिए शानदार रहा। लगातार दो ग्रैंड स्लैम फाइनल तक पहुंचना एक उपलब्धि है, लेकिन हार का दुख भी है। आज मैं अपने सपनों के लिए पूरी तरह नहीं लड़ सकी।” इससे पहले वह विंबलडन 2025 के फाइनल तक भी पहुंची थीं, लेकिन वहां उन्हें पोलैंड की इगा स्विएंटेक से हार का सामना करना पड़ा था।  

बच्चों की सेहत के साथ खतरा! स्कूल के खाने में कीड़े मिलने पर कार्रवाई

रायगढ़ सरकारी स्कूलों में बच्चों को पौष्टिक व स्वच्छ भोजन उपलब्ध कराने के लिए शासन द्वारा करोड़ों खर्च किए जा रहे हैं, दूसरी ओर स्कूल प्रबंधन की लापरवाही के कारण बच्चों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ हो रहा है। ताजा मामला घरघोड़ा विकासखंड के संकुल केंद्र टेरम स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय का है। यहां आकस्मिक निरीक्षण पर पहुंचे अधिकारी को मध्याह्न भोजन में कीड़े मिले हैं। मामले में बीईओ ने प्राचार्य को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है।   प्रिंसिपल को मिला नोटिस टेरम स्कूल के प्राचार्य किशोर देवांगन पर यह आरोप है कि उनकी सीधी निगरानी में बच्चों को गंदा भोजन परोसा जा रहा था। यह आचरण न सिर्फ घोर लापरवाही है बल्कि छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम 1965 का भी खुला उल्लंघन है। विकासखंड शिक्षा अधिकारी ने इस गंभीर लापरवाही पर प्राचार्य को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। शासन द्वारा समय-समय में जारी साफ-सफाई, सावधानी एवं सतर्कता बरतने संबंधी आवश्यक दिशा-निर्देशों को रसोईयों एवं स्व सहायता समूहों को आपके द्वारा निर्देशित नहीं किया गया। इससे प्रतीत होता है कि बच्चों के सेहत का कोई ख्याल नहीं रखते हुए बिना साफ-सफाई कर भोजन तैयार किया जा रहा है तथा अपने कर्तव्य के प्रति लापरवाही व अनुशासनहीनता बरती जा रही है जो कि छ०ग० सिविल सेवा आचरण अधिनियम-1965 के नियम-3 के विपरीत है। इस कृत्य के लिए क्यों न वरिष्ठ कार्यालय को आपके विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही हेतु प्रस्तावित किया जाए। बहरहाल तीन दिवस के भीतर शालेय कार्यावधि के पश्चात अधोहस्ताक्षरकर्ता के समक्ष स्वतः उपस्थित होकर अपना स्पष्टीकरण अनिवार्यतः प्रस्तुत करना सुनिश्चित करने का निर्देश दिए है। वहीं, स्पष्टीकरण संतोषजनक स्थिति नहीं पाये जाने पर आगामी माह का वेतन लंबित रखते हुए खिलाफ एकपक्षीय कार्यवाही की चेतावनी दी गई है। सेहत से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं के निर्देश से मचा हड़कंप स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा जारी नोटिस में कई तथ्यों का उल्लेख किया गया है। नोटिस में स्पष्ट कहा गया है कि बच्चों की जान से खिलवाड़ किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अधिकारियों की इस सख्त चेतावनी और निर्देश से अन्य स्कूलों के प्रचार्य एवं प्रधान पाठकों में हड़कंप मच गया है। वही देखना यह भी होगा कि इस निर्देश और सख्ती बातों का कितना असर पड़ता है। क्या कहते हैं विकासखंड शिक्षा अधिकारी इस विषय मे जानकारी लेने जब हमने विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी संतोष सिंह से बच्चों के खाने में कीड़े निकलने पर उनके द्वारा जारी नोटिस के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा मेरे ध्यान में नही है,अभी थोड़ा व्यस्त हूं। 

वीरता पुरस्कार का हकदार: हरियाणा के जवान ने खतरे को ठुकराकर किया वीर कार्य

हिसार  ऑपरेशन सिंदूर में असाधारण साहस और नेतृत्व क्षमता का परिचय देने वाले हिसार जिले के रावलवास खुर्द गांव के सैनिक भले सिंह बालौदा को राष्ट्रपति द्वारा वीरता पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। उनका चयन 14 अगस्त को किया गया था और आगामी राष्ट्रीय कार्यक्रम में उन्हें यह सम्मान प्रदान होगा। मूल रूप से राजस्थान से ताल्लुक रखने वाले भले सिंह का परिवार पिछले 35 वर्षों से हिसार जिले में रह रहा है। उन्होंने प्राथमिक से लेकर दसवीं तक की पढ़ाई अपने ही गांव से की। वर्तमान में वे वायुसेना की एस-400 यूनिट में तैनात हैं और ऑपरेशन सिंदूर के दौरान लॉन्चर प्रभारी की जिम्मेदारी निभा रहे थे। खतरे के बावजूद लॉन्चर दुरुस्त किया ऑपरेशन सिंदूर के समय 10 मई की रात मिसाइलों की लगातार फायरिंग के बीच एक लॉन्चर अचानक खराब हो गया। खतरे के बावजूद उसे मौके पर छोड़ने के बजाय भले सिंह ने 4 अन्य सैनिकों के साथ मिलकर उसे दुरुस्त करने का फैसला लिया। उस समय दुश्मन की ओर से ड्रोन और मिसाइलों की लगातार बौछार हो रही थी, फिर भी उन्होंने जोखिम उठाकर लॉन्चर को ठीक किया और सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया।

शिप्रा नदी त्रासदी: कार डूबने से TI और SI के शव बरामद, महिला आरक्षक की खोज जारी

उज्जैन उज्जैन में शिप्रा के बड़े पुल से शनिवार रात 9. 30 बजे एक कार नीचे नदी में गिर गई थी। कार में उन्हेल टीआई अशोक शर्मा, एसआई मदनलाल निनामा और एक महिला आरक्षक आरती पाल बैठे थे। 11 घंटे चले रेस्क्यू के बाद टीआई शर्मा का शव मंगलनाथ क्षेत्र से मिला है। वहीं भैरवगढ़ क्षेत्र में एसआई निनामा का शव मिला है। महिला आरक्षक की तलाश जारी है। एसपी प्रदीप शर्मा ने बताया कि ग्राम गुराड़िया सांग से एक महिला लापता हुई थी। इसकी तलाश में उन्हेल टीआई अशोक शर्मा, एसआई निनामा और महिला आरक्षक चिंतामण क्षेत्र की ओर जा रहे थे। इस दौरान शिप्रा नदी का बड़ा पुल पार करते समय कार नीचे गिर गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और एनडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची और रेस्क्यू शुरू किया। शिप्रा के बढ़े हुए जलस्तर, तेज बहाव और मटमैले पानी के कारण रेस्क्यू में परेशानी हुई।    लगातार सर्चिंग अभियान के बीच रविवार सुबह उन्हेल टीआई और दो अन्य पुलिसकर्मियों के मोबाइल बंद मिले। इनकी आखिरी लोकेशन घटनास्थल के पास पाई गई। इस बीच मंगलनाथ के समीप शिप्रा नदी में पुलिस यूनिफार्म में एक शव मिला। शव उन्हेल टीआइ अशोक शर्मा का है। इसके बाद एसआई का शव मिला। सर्चिंग में दो ड्रोन भी लगाए गए हैं देर रात कार नदी में गिरने की सूचना मिलने पर महाकाल टीआई गगन बादल व होमगार्ड के जवान मौके पर पहुंचे गए थे। रेस्क्यू ऑपरेशन अब भी जारी है। सर्चिंग के लिए दो ड्रोन भी लगाए गए हैं। टीआई बादल ने बताया कि शनिवार रात को बड़नगर रोड पर शिप्रा नदी पर बने बड़े पुल से एक कार गिरने की सूचना मिली थी। कार सवार लोग चक्रतीर्थ की ओर से कार्तिक मेला मैदान तरफ जाते समय पुल पर रैलिंग नहीं लगी होने के कारण कार सीधे नदी में गिर गई। जिले व आसपास के क्षेत्रों में कुछ दिनों से हो रही लगातार बारिश के कारण शिप्रा नदी का जलस्तर बढ़ा हुआ है। पुलिस का कहना है कि गोताखोरों की मदद से कार निकालने के प्रयास किए जा रहे हैं। एक दिन पहले ही पुल पर निरीक्षण करने पहुंचे थे एसपी     शुक्रवार रात को ही पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा बड़े पुल का निरीक्षण करने पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने 24 घंटे पुलिस बल तैनात रहने के निर्देश दिए थे।     जिससे किसी भी आपात स्थिति में आमजन को तत्काल सहायता उपलब्ध हो सके। ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों के पास प्राथमिक उपचार किट एवं लाइफ जैकेट भी अनिवार्य रूप से उपलब्ध रहे।     पुलिस टीम द्वारा नियमित पेट्रोलिंग करते हुए स्थिति पर सतत निगरानी रखने को भी कहा था। वहीं आवश्यक बैरिकेडिंग एवं सुरक्षा व्यवस्था करने के निर्देश भी दिए थे।     इसके अतिरिक्त, वर्षा एवं बाढ़ जैसी परिस्थितियों में रेस्क्यू कार्यवाही के लिए पुलिसकर्मियों को रस्सी, टार्च एवं वायरलेस सेट उपलब्ध कराने को कहा था।

वेस्ट बैंक पर इजराइल का बड़ा कदम: नया नक्शा जारी, फिलीस्तीनियों के लिए चेतावनी

इजराइल मध्यपूर्व में तनाव और बढ़ने वाला है। इज़राइल के वित्त मंत्री बेज़ालेले स्मोट्रिच  ने एक ऐसा नक्शा पेश किया है जिसमें इज़राइल ने वेस्ट बैंक के 82% हिस्से को अपने कब्ज़े में लेने की योजना  दिखाई है। यह कदम न केवल फिलिस्तीनियों के लिए झटका है, बल्कि पूरे विश्व के लिए चिंता का विषय बन गया है। वेस्ट बैंक क्यों अहम  वेस्ट बैंक लाखों फिलीस्तीनियों का घर है। यह वही इलाका है जो लंबे समय से इज़राइल-फिलिस्तीन संघर्ष का केंद्र रहा है। अंतरराष्ट्रीय कानून के मुताबिक वेस्ट बैंक को  कब्ज़ा किया हुआ इलाका (Occupied Territory)  माना जाता है। यही कारण है कि यहां इज़राइल का नियंत्रण बढ़ाना अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विवादास्पद माना जाता है।   नक्शे में क्या दिखाया  स्मोट्रिच द्वारा जारी नक्शा इज़राइली रक्षा मंत्रालय (Defense Ministry)  के लोगो के साथ पेश किया गया। इस नक्शे में लगभग पूरा वेस्ट बैंक इज़राइल के हिस्से में शामिल कर लिया गया है। फिलिस्तीनियों के लिए केवल कुछ  छोटे-छोटे इलाके छोड़े गए हैं, जिन्हें चारों ओर से इज़राइल के कब्ज़े वाले क्षेत्रों ने घेर रखा है। इसका मतलब यह होगा कि फिलिस्तीनी इलाकों का आपस में कोई सीधा संबंध नहीं रहेगा और वे अलग-थलग पड़ जाएंगे।    वैश्विक प्रतिक्रिया   यह फैसला फिलिस्तीनियों के लिए बेहद मुश्किल हालात पैदा कर सकता है। इससे उनकी जमीन, संसाधन और आवाजाही पर सीधा नियंत्रण इज़राइल का हो जाएगा। इस कदम को अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ संघर्ष को और भड़काने वाला  मान रहे हैं।संयुक्त राष्ट्र और यूरोपीय देश पहले ही साफ कर चुके हैं कि वेस्ट बैंक पर इज़राइल का कब्ज़ा अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ है। अब इज़राइल की इस नई योजना पर  दुनियाभर से कड़ी प्रतिक्रिया  आने की संभावना है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह कदम न केवल शांति प्रक्रिया को खत्म करेगा, बल्कि पूरे मध्यपूर्व को नए संकट की ओर धकेल सकता है। 

बिहार के 6 अमृत भारत स्टेशन होंगे नए उद्घाटन के साथ तैयार, 15 सितंबर को पीएम मोदी करेंगे लोकार्पण

सुपौल आगामी 15 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पूर्णिया में होंगे। इस दौरान वह पूर्णिया से ही पूर्व मध्य रेलवे के समस्तीपुर मंडल अंतर्गत अमृत भारत स्टेशन के तहत नवनिर्मित 06 रेलवे स्टेशनों का उद्घाटन करेंगे। इसमें 14.50 करोड़ की लागत से निर्मित सुपौल रेलवे स्टेशन भी शामिल है। इसको लेकर बीते 15 दिनों से रेलवे स्टेशन परिसर में काम युद्ध स्तर पर चल रहा है। इस कार्यक्रम के साथ ही स्टेशन का नया भवन सहित पूरा परिसर आम यात्रियों की सुविधा के लिए चालू हो जाएगा। इसके अलावा 15 सितंबर से ही पूणे-दानापुर सुपरफास्ट एक्सप्रेस 12149/50 के सुपौल तक विस्तार की औपचारिक शुरुआत भी हो सकती है। सुपौल से लंबी दूरी के सफर के लिए यह पहली नियमित ट्रेन होगी। फिलहाल सुपौल से पैसेंजर ट्रेनों के अलावा केवल स्पेशल ट्रेनों का परिचालन हो रहा है, जो यात्रियों की जेब पर भी भारी पड़ रहा है। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस ट्रेन के विस्तार को लेकर बीते 02 सितंबर को ही सांसद दिलेश्वर कामैत को पत्र लिख चुके हैं। लेकिन रेलवे की ओर से इसका नोटिफिकेशन जारी नहीं किया गया है। फिलहाल यह ट्रेन 03349/50 स्पेशल के रूप में सहरसा, बरौनी, हाजीपुर के रास्ते सुपौल और दानापुर के बीच चलती है। 03349 ट्रेन रोजाना दोपहर 02:30 बजे सुपौल के खुल कर रात 09:30 बजे दानापुर पहुंचती है। इसके बाद पुन: यह ट्रेन 12150 बन कर रात 11:15 बजे दानापुर से खुलती है और 28 घंटे 45 मिनट के सफर के बाद अगले दिन सुबह 04 बजे पूणे पहुंचती है। वही 12149 ट्रेन पूणे से रोजाना रात 09:05 बजे खुल कर 28 घंटे 45 मिनट का सफर करते हुए अगले दिन सुबह 02:15 बजे दानापुर पहुंचती है। इसके बाद 03350 स्पेशल बन कर सुबह 04:30 बजे दानापुर से पुन: उसी रास्ते दोपहर 01:15 बजे सुपौल पहुंचती है। ट्रेन के नियमित होने से यात्रियों को होगा लाभ 12149/50 पूणे-दानापुर सुपरफास्ट एक्सप्रेस के सुपौल तक नियमित हो जाने से खास तौर पर सुपौल वासियों को बड़ा लाभ होगा। इसके अलावा इस ट्रेन के नियमित ठहराव वाले सभी स्टेशन के यात्री लाभान्वित होंगे। दरअसल, फिलहाल इस ट्रेन से पूणे तक के सफर के लिए दानापुर स्टेशन से पहले सवार होने वाले यात्रियों को दो टिकट बनाना पड़ता था। ट्रेन का नंबर बदल जाने की वजह से यात्रियों को यह परेशानी होती थी। इसमें रिजर्वेशन के फिक्स चार्ज के अलावा अन्य कई प्रकार की फीस भी बढ़ जाती थी। लेकिन अब ट्रेन के नियमित होने के बाद एक बार में ही लोग अपने गंतव्य के लिए टिकट ले सकेंगे, जो सस्ता और सुलभ भी होगा। सुपौल से ट्रेन की शुरुआत होने की वजह से यहां रिजर्वेशन का कोटा भी अधिक रहने की उम्मीद है। हालांकि, नोटिफिकेशन के बाद ट्रेन के टाइमिंग में बदलाव हो सकता है। इन छह स्टेशनों का उद्घाटन करेंगे पीएम 15 सितंबर काे पीएम नरेंद्र मोदी अमृत भारत स्टेशन के तहत विकसित सुपौल सहित कुल रेलवे स्टेशनों का उद्घाटन करेंगे। इसमें 41.60 करोड़ की लागत से विकसित सहरसा सहित 21.40 करोड़ से विकसित सलौना, 14.55 करोड़ से विकसित सिमरी बख्तियारपुर, 15.96 करोड़ से विकसित दौरम मधेपुरा और 23.35 करोड़ से विकसित बनमनखी स्टेशन शामिल है। इन स्टेशनों का अमृत भारत स्टेशन के रूप में चयन वर्ष 2022 में हुआ था। फरवरी 2023 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसका वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शिलान्यास किया था। यात्रियों के लिए आरामदेह वेटिंग एरिया, पार्किंग की भी व्यवस्था अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत विकसित सुपौल रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की सुविधा का विशेष ख्याल रखा गया है। आरामदेह वेटिंग हॉल के अलावा फ्री वाई-फाई सुविधा, कैंटिन, लिफ्ट, महिलाओं और दिव्यांगजनों के सुविधाओं का ध्यान रखा गया है। परिसर में वाहनों के पार्किंग की विशेष व्यवस्था की गई है। साथ ही एक कॉमर्शियल बुकिंग काउंटर बनाया गया है, जहां से लोग व्यवसायिक बुकिंग भी कर सकेंगे। समस्तीपुर रेल मंडल के पीआरओ आरके सिंह ने बताया कि 15 मई को पीएम संभवत: मंडल क्षेत्र के 06 अमृत भारत स्टेशनों का उद्घाटन कर सकते हैं। सुपौल में फिलहाल सामान्य और आरक्षित टिकट काउंटर बढ़ाने को लेकर कोई निर्णय नहीं हुआ है। डिमांड के अनुरुप काउंटर की संख्या बढ़ाई या घटाई जा सकती है। अभी त्रिवेणीगंज तक सेवा विस्तार में देरी सुपौल-अररिया नई रेल लाईन पर फिलहाल निर्माण कार्य जारी है और पिपरा तक ट्रेन का परिचालन किया जा रहा है। इस बीच मंगलवार को त्रिवेणीगंज तक स्पीड ट्रायल होने के बाद कयास लगाए जा रहे हैं कि 15 सितंबर से त्रिवेणीगंज तक ट्रेन परिचालन आरंभ हो सकता है। हालांकि समस्तीपुर रेल मंडल के पीआरओ आरके सिंह ने बताया कि अभी त्रिवेणीगंज तक ट्रेन विस्तार में कुछ विलंब हो सकता है। स्पीड ट्रायल के बाद सीआरएस जांच होनी है। लेकिन सीआरएस का कार्यक्रम तय नहीं हुआ है। जांच के बाद अगर सबकुछ ठीक रहा तो रेल परिचालन का प्रस्ताव बोर्ड को भेजा जा सकता है। फिलहाल 15 सितंबर से त्रिवेणीगंज तक ट्रेन परिचालन की कोई योजना नहीं है।