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रायपुर में उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने दिव्यांग युवक को दी स्कूटी, कहा- आगे बढ़ने से मत रुको

 रायपुर उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा के कवर्धा विधायक कार्यालय में आज एक भावुक पल देखने को मिला। जब बोड़ला विकासखंड के ग्राम घोंघा निवासी अमर मरकाम, जो शारीरिक रूप से दिव्यांग हैं। उन्होंने अपनी पीड़ा उप मुख्यमंत्री के समक्ष व्यक्त की। उन्होंने बताया कि बाहर आने-जाने में उन्हें अत्यधिक कठिनाई होती है और उन्हें स्कूटी की आवश्यकता है। अमर मरकाम की व्यथा सुनते ही उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने अत्यंत संवेदनशीलता का परिचय देते हुए तत्काल उन्हें स्कूटी प्रदान की।  उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उन्हें जरूरतमंदों तक वास्तविक रूप से पहुंचाना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता समाज के अंतिम छोर तक विकास और सुविधा पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि जो लोग अपनी असमर्थताओं के कारण कठिनाई झेल रहे हैं, उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना ही सच्ची जनसेवा है। उप मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ की सरकार समाज के कमजोर, वंचित और दिव्यांग वर्ग के साथ खड़ी है। सरकार लगातार ऐसे कदम उठा रही है, जिससे हर व्यक्ति सम्मानपूर्वक और आत्मनिर्भर जीवन जी सके। अमर मरकाम को दी गई स्कूटी केवल एक सहायता नहीं, बल्कि सरकार की संवेदनशीलता और आमजन के प्रति समर्पण का प्रतीक है। इस पहल ने पूरे जिले में संदेश दिया है कि जरूरतमंद की आवाज सरकार तक न केवल पहुंचती है, बल्कि उस पर त्वरित कार्रवाई भी होती है।

बस्तर एयरपोर्ट से तीन लाख यात्रियों ने भरी उड़ान, नियमित सेवा से बड़े शहरों से जुड़ा संभाग

रायपुर रायपुर : छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव 2025 छत्तीसगढ़ राज्य के गठन के 25 वर्षों की विकास यात्रा में आवागमन की सुविधाओं का विस्तार महत्वपूर्ण उपलब्धि रही है। जहां राजधानी रायपुर पहले से ही देश के प्रमुख शहरों से वायु मार्ग से जुड़ा था, वहीं अब बस्तर, बिलासपुर और अंबिकापुर जैसे शहर भी विमान सेवाओं से लाभान्वित हो रहे हैं। विशेषकर बस्तर संभाग मुख्यालय जगदलपुर में एयरपोर्ट और नियमित यात्री उड़ानों की सुविधा से क्षेत्र में विकास की नई संभावनाएं खुली हैं। जगदलपुर स्थित माँ दंतेश्वरी हवाई अड्डा का ऐतिहासिक महत्व है। इसका निर्माण वर्ष 1939 में ब्रिटिश शासनकाल में किया गया था और इसे उस समय ‘‘जहाज भाटा’’ नाम से जाना जाता था। वर्ष 2017 में केंद्र सरकार की उड़ान योजना के अंतर्गत भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण द्वारा हवाई अड्डे के उन्नयन का कार्य प्रारंभ किया गया। वर्ष 2019 में इसे 3-सी श्रेणी में अपग्रेड किया गया, जिससे एटीआर-72 जैसे विमानों का संचालन संभव हुआ। वर्ष 2020 में छत्तीसगढ़ सरकार ने हवाई अड्डे का नामकरण बस्तर की आराध्य देवी माँ दंतेश्वरी के नाम पर किया। सितंबर 2020 में जगदलपुर से रायपुर और हैदराबाद के लिए एलायंस एयर द्वारा नियमित व्यावसायिक उड़ानें शुरू की गईं। इसके बाद दिल्ली, जबलपुर और बिलासपुर के लिए भी उड़ान सेवाएँ प्रारंभ हुईं। मार्च 2024 से इंडिगो एयरलाइंस ने जगदलपुर को हैदराबाद और रायपुर से जोड़ते हुए दैनिक सेवा शुरू की। पैरामिलिट्री बलों के लिए विशेष दिल्ली सेवा का संचालन भी किया जा रहा है। वर्तमान में जगदलपुर एयरपोर्ट से अब तक लगभग तीन लाख यात्री हवाई यात्रा कर चुके हैं। इससे न केवल स्थानीय नागरिकों को सुविधा मिली है, बल्कि व्यापार, पर्यटन, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं में भी उल्लेखनीय सुधार हुआ है। गंभीर मरीजों को बड़े शहरों तक शीघ्र उपचार हेतु पहुंचाना संभव हो पाया है। विद्यार्थी और युवा रोजगार एवं उच्च शिक्षा के लिए बड़े शहरों तक आसानी से पहुँच रहे हैं। बस्तर के हस्तशिल्प, वनोपज और हर्बल उत्पाद अब देश के बड़े बाजारों तक सरलता से पहुँच रहे हैं। वहीं चित्रकूट और तीरथगढ़ जलप्रपात, कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान और ऐतिहासिक बस्तर दशहरा जैसे पर्यटन स्थलों तक देश-विदेश से पर्यटकों की पहुँच भी सहज हुई है। जगदलपुर एयरपोर्ट का संचालन बस्तर अंचल के लिए विकास का नया द्वार सिद्ध हो रहा है। इससे आंतरिक क्षेत्रों तक आधुनिक सुविधाएँ पहुँच रही हैं और बस्तर को राष्ट्रीय परिदृश्य पर नई पहचान मिल रही है। आने वाले समय में यह एयरपोर्ट क्षेत्र की आर्थिक और सामाजिक प्रगति का महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा।

रायपुर: वन मंत्री कश्यप ने नारायणपुर में 91 लाख के विकास कार्यों का किया भूमिपूजन और लोकार्पण

रायपुर छत्तीसगढ़ के वन एवं परिवहन मंत्री केदार कश्यप ने आज नारायणपुर विधानसभा क्षेत्र में 91 लाख 80 हजार रुपये की लागत से होने वाले विकास कार्यों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण किया। इनमें पुलिया, महतारी सदन, बाजार शेड, शालाओं में अतिरिक्त कक्ष, आंगनबाड़ी केंद्र सहित अन्य निर्माण कार्य शामिल हैं। मंत्री कश्यप ने ग्राम पंचायत केशरपाल स्थित दंतेश्वरी मंदिर पारा में 3.30 लाख रुपये की लागत से पुलिया निर्माण तथा 30 लाख रुपये की लागत से महतारी सदन निर्माण का भूमिपूजन किया। इसके साथ ही ग्राम पंचायत बनियागांव में 23.51 लाख रुपये की लागत से बाजार शेड निर्माण, सीसी रोड का लोकार्पण किया। उच्च प्राथमिक शाला बनियागांव में 8.07 लाख रुपये की लागत से अतिरिक्त कक्ष निर्माण तथा ग्राम पंचायत नंदपुरा में 10 लाख रुपये की लागत से आदर्श आंगनबाड़ी केंद्र और प्राथमिक शाला नंदपुरा में 8.07 लाख रुपये की लागत से अतिरिक्त कक्ष निर्माण कार्यों का भूमिपूजन किया। मंत्री कश्यप ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में बस्तर क्षेत्र का चहुंमुखी विकास सुनिश्चित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने सड़क, पुल-पुलिया, शिक्षा, स्वास्थ्य और आधारभूत संरचना के विकास को सर्वाेच्च प्राथमिकता दी है। नारायणपुर-कोंडागांव मार्ग का निर्माण कार्य जारी है, वहीं अंतागढ़-नारायणपुर और ओरछा-नारायणपुर मार्ग निर्माण कार्यों की भी स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है। उन्होंने बताया कि बस्तर क्षेत्र में शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए 45 आंगनबाड़ी केंद्र, नवीन स्वास्थ्य केंद्र, पीएससी भवन और महतारी सदन स्वीकृत किए गए हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत हजारों आवास स्वीकृत हुए हैं। वन मंत्री ने कहा कि हमारी सरकार का लक्ष्य है कि हर गांव तक सड़क, पुलिया, बाजार शेड, हाई मास्ट लाइट और डिजिटल केंद्र जैसी बुनियादी सुविधाएं समय पर पहुँचें। उन्होंने जनता को आश्वस्त किया कि शासन की सभी योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक समय पर पहुँचाया जाएगा। इस अवसर पर जनपद अध्यक्ष संतोष बघेल, जिला पंचायत सदस्य निर्देश दिवान, श्रीमती शकुंतला कश्यप, रूपसिंह मंडावी, विजय पांडेय, मंडल अध्यक्ष प्रवीण सांखला सहित अनेक जनप्रतिनिधि, पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।

रायपुर: वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने दिए निर्देश, प्रयास आवासीय विद्यालय को बनाया जाएगा मॉडल स्कूल

प्रयास आवासीय विद्यालय को मिलेगा मॉडल स्कूल का दर्जा, वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने की पहल विद्यार्थियों से संवाद कर सुविधाओं का लिया जायजा प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं के लिए मेहनत करने का दिया संदेश रायपुर वित्त मंत्री ओ.पी. चैधरी आज रायगढ़ स्थित शासकीय प्रयास आवासीय विद्यालय पहुंचे और विद्यार्थियों से सीधे संवाद किया। उन्होंने विद्यालय की व्यवस्थाओं का निरीक्षण करते हुए अधिकारियों को इसे मॉडल विद्यालय के रूप में विकसित करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस दौरान कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी भी उपस्थित थे। मंत्री चैधरी ने विद्यार्थियों से विद्यालय की मूलभूत सुविधाओं जैसे पेयजल, बिजली, साफ-सफाई, भोजन, सुरक्षा और अध्ययन सामग्री की उपलब्धता के बारे में जानकारी ली। विद्यार्थियों ने बताया कि उन्हें सभी आवश्यक सुविधाएँ समय पर मिल रही हैं और अध्ययन भी सुचारु रूप से चल रहा है। वित्त मंत्री ने विद्यार्थियों को शिक्षा के प्रति समर्पित रहने और आईआईटी, एनआईटी और नीट जैसी राष्ट्रीय स्तर की प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं को लक्ष्य बनाकर निरंतर मेहनत करने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि रायगढ़ का प्रयास विद्यालय प्रदेश का आदर्श विद्यालय बने और यहां से बच्चे राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में चयनित हों, यही हमारी प्राथमिकता है। चैधरी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विद्यालय में नियमित साफ-सफाई, पौष्टिक भोजन, खेलकूद और योग गतिविधियाँ, खेल सामग्री और अन्य सभी आवश्यक सुविधाएँ सुनिश्चित की जाएँ। साथ ही विद्यालय का समय-समय पर निरीक्षण भी अनिवार्य रूप से किया जाए। प्रयास विद्यालय: मेधावी छात्रों के लिए विशेष पहल प्रयास आवासीय विद्यालय, छत्तीसगढ़ सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना है। इन विद्यालयों की स्थापना आदिवासी और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के मेधावी छात्रों को  उत्कृष्ट शिक्षा और प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं की तैयारी के अवसर उपलब्ध कराने के लिए की गई है। यहाँ छात्रों को निःशुल्क आवास, भोजन और कोचिंग दी जाती है, ताकि वे आईआईटी, एनआईटी और नीट जैसी परीक्षाओं में सफलता पाकर प्रदेश और देश का नाम रोशन कर सकें।

संस्कृत हमारी विरासत का आधार, इसे संरक्षित करना सबकी जिम्मेदारी : मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री साय विराट संस्कृत विद्वत्-सम्मेलन में हुए शामिल रायपुर भारतीय संस्कृति की आत्मा संस्कृत में निहित है, जो हमें विश्व पटल पर एक विशिष्ट पहचान प्रदान करती है। संस्कृत भाषा व्याकरण, दर्शन और विज्ञान की नींव है, जो तार्किक चिंतन को बढ़ावा देती है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज राजधानी रायपुर के संजय नगर स्थित सरयूपारीण ब्राह्मण सभा भवन में आयोजित विराट संस्कृत विद्वत्-सम्मेलन को संबोधित करते हुए यह बात कही।  मुख्यमंत्री साय ने कहा कि संस्कृत शिक्षा आधुनिक युग में भी प्रासंगिक और उपयोगी है। संस्कृत भाषा और साहित्य हमारी विरासत का आधार हैं, जिन्हें हमें संरक्षित और संवर्धित करना चाहिए।  मुख्यमंत्री साय ने कहा कि देववाणी संस्कृत पर चर्चा के साथ यह सम्मेलन भारतीय संस्कृति, संस्कार और राष्ट्र को सुदृढ़ बनाने का एक महान प्रयास है। मुख्यमंत्री साय ने संस्कृत भाषा के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए संस्कृत भारती छत्तीसगढ़ और सरयूपारीण ब्राह्मण सभा छत्तीसगढ़ द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की तथा उन्हें बधाई और शुभकामनाएँ दीं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आधुनिक शिक्षा में संस्कृत भाषा को शामिल करने से विद्यार्थियों का बौद्धिक विकास सुनिश्चित होगा। संस्कृत में वेद, उपनिषद और पुराण जैसे ग्रंथों का विशाल भंडार है, जो दर्शन, विज्ञान और जीवन-मूल्यों का संदेश देते हैं। वेदों में वर्णित आयुर्वेद, गणित और ज्योतिष आज भी प्रासंगिक हैं और शोध का विषय हो सकते हैं। इन ग्रंथों में कर्म, ज्ञान और भक्ति के सिद्धांत स्पष्ट रूप से प्रतिपादित हैं, जो आधुनिक जीवन में शांति और संतुलन ला सकते हैं।ऐसे में संस्कृत शिक्षा आधुनिक युग में भी उतनी ही प्रासंगिक और उपयोगी है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि वेदों और उपनिषदों के ज्ञान को अपनाकर हम अपनी विरासत को संजोने के साथ-साथ अपने जीवन को भी समृद्ध बना सकते हैं। उन्होंने कहा कि हमें युवाओं को संस्कृत साहित्य से जोड़ने के लिए प्रेरित करना होगा, ताकि वे इस ज्ञान को नई पीढ़ी तक पहुँचा सकें। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि तकनीक के माध्यम से संस्कृत शिक्षा को आकर्षक और प्रासंगिक बनाया जा सकता है। राज्य में संस्कृत विद्वानों और शिक्षकों की सक्रिय भागीदारी से इस दिशा में ठोस कदम उठाए जा सकते हैं। उन्होंने आह्वान किया कि इस सम्मेलन के माध्यम से हमें संस्कृत विद्या के प्रचार-प्रसार और अगली पीढ़ी को जोड़ने का संकल्प लेना चाहिए। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री साय ने सरयूपारीण ब्राह्मण सभा, छत्तीसगढ़ के प्रचार पत्रक का विमोचन भी किया। विराट संस्कृत विद्वत्-सम्मेलन का आयोजन संस्कृत भारती छत्तीसगढ़ एवं सरयूपारीण ब्राह्मण सभा छत्तीसगढ़ के संयुक्त तत्वावधान में किया गया।  सम्मेलन को संबोधित करते हुए संस्कृत भारती के प्रांताध्यक्ष डॉ. दादू भाई त्रिपाठी ने कहा कि इतिहास में ऐसे अनेक प्रमाण मिलते हैं, जिनसे सिद्ध होता है कि एक समय संस्कृत जनभाषा के रूप में प्रचलित थी। छत्तीसगढ़ी भाषा का संस्कृत से सीधा संबंध है। छत्तीसगढ़ी में पाणिनि व्याकरण की कई धातुओं का सीधा प्रयोग होता है। उन्होंने यह भी बताया कि सरगुजा क्षेत्र में सर्वाधिक आदिवासी विद्यार्थी संस्कृत की शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। मुख्यमंत्री साय ने कार्यक्रम में सरयूपारीण ब्राह्मण समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले व्यक्तियों को सम्मानित किया। इनमें गठिया रोग विशेषज्ञ डॉ. अश्लेषा शुक्ला, उत्कृष्ट तैराक अनन्त द्विवेदी तथा पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सच्चिदानंद शुक्ला शामिल थे। सम्मेलन को दंडी स्वामी डॉ. इंदुभवानंद महाराज, सरयूपारीण ब्राह्मण सभा छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष डॉ. सुरेश शुक्ला और अखिल भारतीय संस्कृत भारती शिक्षण प्रमुख डॉ. श्रीराम महादेव ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर डॉ. सतेंद्र सिंह सेंगर, अजय तिवारी, बद्रीप्रसाद गुप्ता सहित बड़ी संख्या में संस्कृत शिक्षकगण, सामाजिक प्रतिनिधि और गणमान्यजन उपस्थित थे।

मंत्री देवांगन ने छात्रावास का व्यवस्थित व सुचारू संचालन हेतु कॉलेज प्रबंधन को दी शुभकामनाएं

रायपुर : कैबिनेट मंत्री लखन लाल देवांगन के मुख्य आतिथ्य में कन्या छात्रावास  शुभारंभ कार्यक्रम का हुआ आयोजन मुख्य आतिथ्य में कन्या छात्रावास  शुभारंभ कार्यक्रम का हुआ आयोजन छात्रावास का व्यवस्थित व सुचारू संचालन हेतु कॉलेज प्रबंधन को दी शुभकामनाएं छात्रावास संचालन से दूर दराज क्षेत्रों से आने वाली छात्राओं को मिलेगा लाभ:- मंत्री देवांगन छात्रावास में प्रवेश हेतु निर्धारित राशि का भुगतान करने में असक्षम,पिछड़े परिवार की योग्य छात्रा की डीएमएफ से  की जायेगी मदद : – कलेक्टर वसंत पीवीटीजी वर्ग की महिलाओं को कन्या छात्रावासों में चतुर्थ श्रेणी पद पर प्रदान की गई नियुक्ति पत्र पीजी कॉलेज में 100 व 50 सीटर एवं मिनीमाता कन्या महाविद्यालय में 100 सीटर कन्या छात्रावास का हुआ शुभारंभ रायपुर शासकीय इंजीनियर विश्वेसरैया स्नाकोत्तर महाविद्यालय  परिसर कोरबा में कल वाणिज्य, उद्योग, सार्वजिनक उपक्रम, वाणिज्यिक कर (आबकारी) व श्रम मंत्री छत्तीसगढ़ शासन लखन लाल देवांगन के मुख्य आतिथ्य में कन्या छात्रावास का शुभारंभ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मंत्री देवांगन ने शासकीय ई व्ही पी जी कॉलेज के 100 व 50 सीटर एवं शासकीय मिनीमाता कन्या महाविद्यालय के 100 सीटर कन्या छात्रावास के जीर्णोद्धार कार्य का शुभारंभ किया एवं रिबन काटकर संस्थाओं में कन्या छात्रावास संचालन कार्य प्रारंभ किया। उन्होंने कॉलेज प्रबंधन एवं सभी छात्राओं को बधाई देते हुए छात्रावास के बेहतर  संचालन हेतु  शुभकामनाएं दी। कैबिनेट मंत्री देवांगन ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए जिला प्रशासन की इस पहल की सराहना की। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को धन्यवाद देते हुए  हुए कहा कि उन्होंने डीएमएफ राशि का उपयोग करने का अधिकार जिला को दिया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मंशानुरूप डीएमएफ राशि का उपयोग जिले में अनेक महत्वपूर्ण कार्यो में किया जा रहा है। पहुँचविहीन, दूरस्थ  क्षेत्रों में अनेक स्थानों में जरूरत अनुसार नए सड़क, पुल पुलिया, स्कूल, आंगनबाड़ी भवन का निर्माण किया जा रहा है। जिले के सभी शासकीय प्राथमिक व माध्यमिक शाला में सबेरे पौष्टिक नास्ता का वितरण, पीवीटीजी वर्ग के शिक्षित युवाओं को रोजगार, मेधावी छात्रों को निःशुल्क नीट व जेईई की तैयारी जैसे अनेक कार्य डीएमएफ के माध्यम से किए जा रहे है।  मंत्री देवांगन ने छात्रावास संचालन से होने वाले लाभ के बारे में बताते हुए कहा कि जिले के दूर दराज क्षेत्रों से छात्राएं अध्ययन के लिए आते है, छात्रावास के संचालन से निश्चित ही उन्हें लाभ मिलेगा। इससे छात्राओं की समय और धन की बचत होगी, जिससे उनका पढ़ाई और रुचिकर होगी। उन्होंने कहा कि इस छात्रावास का संचालन रियायती दरों पर किया जा रहा है, जिससे छात्राएं इसका लाभ उठा सकें साथ ही अति पिछड़ी वर्ग से सम्बंधित छात्राएं जो छात्रावास की राशि जमा करने में असक्षम हो ऐसे योग्य छात्राओं के छात्रावास का खर्च जिला प्रशासन द्वारा डीएमएफ से उठाया जाएगा।  देवांगन ने कहा कि आज के छात्र कल के भविष्य है, बेटियों से दो कुल का नाम रौशन होता है, एक बेटी के शिक्षित होने से पूरा परिवार शिक्षित बनता है। इसलिए आप सभी मन लगाकर अपना पढ़ाई करिए। उन्होंने छात्रावास में सुरक्षा व्यवस्था, स्ट्रीट लाइट जैसी आवश्यकताओं की पूर्ति शीघ्र करने की बात कही। जिससे छात्राएं सुरक्षित माहौल में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त कर सकें।  उन्होंने हॉस्टल का संचालन बेहतर ढंग से करने के निर्देश कॉलेज प्रशासन को दिए एवं हॉस्टल की व्यवस्था को और अधिक मजबूती प्रदान करने हेतु मिल जुलकर प्रयास करने की बात कही। विधायक कटघोरा प्रेमचंद पटेल एवं महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत ने भी छात्रावास संचालन के लिए जिला प्रशासन की पहल की प्रशंसा करते हुए छात्राओं को शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा हेतु कन्या छात्रावास प्रारम्भ करने की मांग लंबे समय से आती रही है। डीएमएफ से  छात्रावास का जीर्णोद्धार व जरूरत की चीजों की पूर्ति कर छात्राओं को सुव्यवस्थित हॉस्टल सौंपा गया है। गर्ल्स हॉस्टल शुरू होने से छात्राओं का उच्च अध्ययन का मार्ग आसान होगा और उनके बेहतर भविष्य की पथ प्रदर्शित होगी। उन्होंने हॉस्टल के उचित व प्रभावी ढंग से संचालन करने एवं ग्रामीण आदिवासी क्षेत्रों से आने वाली छात्राओं को लाभांवित करने के लिए कहा। कलेक्टर अजीत वसंत ने कहा कि जिला प्रशासन की मंशा थी कि इस सत्र से महाविद्यालय में हॉस्टल संचालन का कार्य प्रारंभ हो, जिससे कॉलेज की छात्राओं को इसका लाभ मिल सकें।  लाइट एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएंगी। इस दौरान कैबिनेट मंत्री देवांगन सहित अन्य अतिथियों द्वारा कोरबा व कटघोरा के शासकीय महाविद्यालयों के कन्या छात्रावासों में पहाड़ी कोरवा वर्ग की नियुक्त चतुर्थ श्रेणी महिला कर्मचारियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किया। जिसमें सुमित्रा बाई, सरोजनी कुमारी, सामायन कुमारी, फगनी, कुसुम, किरण शामिल है। मंत्री देवांगन ने सभी महिला कर्मचारियों को मन लगाकर कार्य करने हेतु प्रेरित किया। पीवीटीजी वर्ग की सभी महिला कर्मचारियों ने रोजगार उपलब्ध कराकर आर्थिक रूप से मजबूत बनाने हेतु मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, कैबिनेट मंत्री देवांगन एवं जिला प्रशासन को धन्यवाद दिया। इस अवसर पर एसडीएम कोरबा सरोज महिलांगे, सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग श्रीकांत कसेर, प्राचार्य पीजी कॉलेज डॉ शिखा शर्मा, प्राचार्य मिनीमाता कॉलेज राजेन्द्र सिंह, डॉ राजीव सिंह, अन्य जनप्रतिनिधि , जनभागीदारी के सदस्य, महाविद्यालय के प्राध्यापक एवं छात्राएं उपस्थित थी।  गौरतलब है कि जिला प्रशासन द्वारा दोनों महाविद्यालयो के कन्या छात्रावास के संचालन हेतु लगभग 3 करोड़ की राशि प्रदान की गई है। जिसमें  शासकीय ई व्ही पी जी कॉलेज में 100 सीटर कन्या छात्रावास के जीर्णोद्धार कार्य हेतु 31.40 लाख एवं संचालन हेतु आवश्यक सामग्री क्रय के लिए 57 लाख की राशि प्रदान की गई है। इसी प्रकार शासकीय ई व्ही पी जी कॉलेज में 50 सीटर कन्या छात्रावास के जीर्णोद्धार कार्य हेतु 38.13 लाख एवं संचालन हेतु आवश्यक सामग्री क्रय हेतु 41 लाख की राशि एवं शासकीय मिनीमाता कन्या महाविद्यालय कोरबा में 100 सीटर कन्या छात्रावास के जीर्णोद्धार कार्य हेतु 58.30 लाख एवं संचालन हेतु आवश्यक सामग्री क्रय हेतु 57 लाख की राशि प्रदान की गई है।

खाद्य मंत्री राजपूत का संदेश- कठिन हालात में भी धर्म, कर्तव्य और सच्चाई का साथ निभाना जरूरी

खाद्य मंत्री राजपूत का संदेश- कठिन हालात में भी धर्म, कर्तव्य और सच्चाई का साथ निभाना जरूरी मंत्री राजपूत बोले- विपरीत परिस्थितियों में धर्म और सच्चाई से समझौता नहीं करना चाहिए 50 लाख रुपए से निर्मित लव कुश भवन का किया लोकार्पण भोपाल सागर के जैसीनगर में कुशवाहा समाज द्वारा भगवान लव-कुश जयंती के अवसर पर भव्य शोभायात्रा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत शामिल हुए। उन्होंने हिमांचल टौरी पर 50 लाख रुपए की लागत से निर्मित भगवान लव कुश भवन का लोकार्पण किया। मंत्री सिंह राजपूत ने भगवान लव-कुश की मनमोहक झांकी का पूजन-अर्चना किया। कुशवाहा समाज के लोगों ने मंत्री राजपूत का फलों से तुलादान कर स्वागत किया। मंत्री राजपूत ने समाज को भगवान लव-कुश जयंती की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि भगवान लव कुश और भगवान राम की महिमा से कोई अपरिचित नहीं है। प्रत्येक घर में रामचरितमानस का पाठ होता है और भगवान राम, लव और कुश की मर्यादा, शौर्य और पराक्रम की गाथाएं सभी के मन में बसी हैं। उन्होंने कहा कि भगवान लव और कुश ने वनवास के कठिन समय में भी धर्म, कर्तव्य और सच्चाई का पालन किया। उनकी वीरता का प्रमाण अश्वमेध यज्ञ के घोड़े को रोकने की कथा से मिलता है। उन्होंने समाजजनों से कहा कि कठिन परिस्थितियों में भी हमें अपने धर्म, कर्तव्य और सच्चाई का साथ कभी नहीं छोड़ना चाहिए। जनता के आशीर्वाद से हो रहा सुरखी में विकास मंत्री राजपूत ने कहा कि सुरखी विधानसभा क्षेत्र में हुए विकास कार्यों का श्रेय क्षेत्र की जनता के आशीर्वाद को जाता है। उन्होंने कहा, मैं केवल माध्यम हूं, विकास कार्य भगवान और आप सभी की प्रेरणा से संभव हुए हैं। काम करने वाला मैं हूं और कराने वाले आप सभी। उन्होंने बताया कि राहतगढ़, सिहोरा, जैसीनगर, बिलहरा और सुरखी में पेयजल आपूर्ति के लिए 40 किलोमीटर दूर मडिया डेम से पानी लाया गया है, जिसके लिए जनता का आशीर्वाद और सहयोग महत्वपूर्ण रहा।  

एयरपोर्ट पर प्रवेश न मिलने पर महिला कार्यकर्ता का रो-रो कर बुरा हाल, बीजेपी में मचा हलचल

छतरपुर. छतरपुर जिले के खजुराहो एयरपोर्ट के बाहर एक भाजपा महिला कार्यकर्ता का दर्द तब आंसुओं के रूप में सामने आ गया जब उसको एयरपोर्ट में अंदर प्रवेश नहीं दिया गया। यह वीडियो तीन दिन पहले खजुराहो आए सीएम के समय के बताया जा रहा है। सीएम मुख्यमंत्री मोहन यादव छतरपुर में अपनी ट्रांजिट विजिट पर आए हुए थे और भाजपा के पदाधिकारी सहित मंत्री और अन्य जनप्रतिनिधि उनका वेलकम करने के लिए खजुराहो एयरपोर्ट पर पहुंचे थे। जब महिला को प्रवेश नहीं दिया गया तो महिला का दर्द सामने आ गया। 'मुझे अंदर नहीं जाने दिया, अपमान किया' खुद को बीजेपी की महिला कार्यकर्ता बताते हुए रजनी यादव ने मीडिया से कहा कि मैं पूर्व विधान सभा प्रत्याशी, पार्टी की उपाध्यक्ष महिला मोर्चा से हूं। खजुराहो सांसद वीडी शर्मा सहित भाजपा के अन्य मंत्री गण मुझे लेकर भाजपा में आए थे। लेकिन अब इसी पार्टी में महिलाओं का कोई सम्मान नहीं हो रहा है। वह रोते हुए मीडिया के सामने कहती वीडियो के नजर आ रही हैं कि खजुराहो एयरपोर्ट पर मुझे अंदर नहीं जाने दिया, उनका अपमान किया गया। वह बहुत देर तक एयरपोर्ट के बाहर खड़ी रही। जब उनको प्रवेश नहीं दिया गया तो वो मीडिया के सामने आ गईं। जैसे ही महिला कार्यकर्ता का वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित हुआ तो कई तरह के कॉमेंट्स उसे वीडियो पर आने शुरू हो गए। कई कार्यकर्ताओं को प्रवेश नहीं मिल पाता इधर मामले को लेकर भाजपा के जिला अध्यक्ष चंद्रभान सिंह गौतम ने कहा की खजुराहो एयरपोर्ट अथॉरिटी की गाइडलाइन है वह सामान्य रूप से किसी को प्रवेश नहीं देते हैं जो भी पार्टी की ओर से वीआईपी या वीवीआइपी आते हैं तो उनसे मिलने के लिए पूर्व में एक लिस्ट बनती है और उसे लिस्ट के हिसाब से ही खजुराहो एयरपोर्ट में प्रवेश दिया जाता है। ऐसा कई बार होता है कि कई कार्यकर्ताओं को प्रवेश नहीं मिल पाता और उनको बाहर ही खड़ा रहना पड़ जाता है।

CM मोहन यादव ने लिया बड़ा फैसला: मंत्री-विधायकों के काम का करेंगे सटीक मूल्यांकन

भोपाल. मध्य प्रदेश के मंत्री-विधायकों ने दिसंबर 2023 में सरकार बनने के बाद 20 महीने में क्या काम किए, इसका हिसाब मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव लेंगे। वह मंत्रियों के साथ वन-टू-वन बैठक करेंगे और विभागवार उनके कामकाज की समीक्षा करेंगे। इसी के आधार पर मंत्रियों के प्रदर्शन का आकलन किया जाएगा। मंत्रिमंडल के अगले विस्तार में इसी के आधार पर मंत्रियों का भविष्य भी तय होगा। डॉ. मोहन यादव द्वारा अक्टूबर में मंत्रियों के साथ बैठकों का दौर शुरू करने की तैयारी है। विधायकों का काम देखेंगे सीएम इसमें मंत्रियों को विभागवार कामकाज की जानकारी प्रस्तुत करने के लिए भी कहा गया है। इसी तरह मुख्यमंत्री विधायकों का कामकाज भी देखेंगे। विधायकों को चार साल का रोडमैप बनाने के लिए कहा गया था। उन्होंने अपनी विधायक निधि का जनकल्याण में कितना उपयोग किया, इसकी रिपोर्ट भी तैयार की गई है। यह भी मुख्यमंत्री के समक्ष प्रस्तुत की जाएगी। सीएम ने पहले भी तैयार कराई थी रिपोर्ट तैयार बता दें, डा. मोहन यादव ने पहले भी मंत्रियों के कार्य प्रदर्शन की एक रिपोर्ट तैयार कराई थी, जो केंद्रीय नेतृत्व को भेजी गई। हाल ही में भोपाल में भाजपा के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष को भी यही रिपोर्ट दिखाई गई थी। गांव में रात्रि विश्राम और चौपाल की जानकारी भी ली जाएगी मुख्यमंत्री मंत्रियों से यह भी पूछेंगे कि उन्होंने कितने गांवों में रात्रि विश्राम किया और चौपाल लगाई। प्रभार के जिलों में प्रति माह दौरा कर रहे हैं या नहीं। यह भी देखा जाएगा कि मंत्रियों का अपने प्रभार के जिलों में अधिकारियों के साथ तालमेल कैसा है। पार्टी के दृष्टिकोण से यह भी देखा जाएगा कि संगठन के कामकाज में उनकी सहभागिता कैसी है। केंद्र से मिले अभियानों को सफल बनाने में कितने मंत्रियों का प्रदर्शन अच्छा रहा। इसके अलावा मंत्रियों से आमजन व पार्टी कार्यकर्ता की संतुष्टि के बारे में भी जानकारी लेकर इस पर चर्चा की जाएगी। मंत्रिमंडल विस्तार के भी संकेत डा. मोहन यादव जिस तरह से मंत्रियों के कामकाज पर नजर बनाए हुए हैं, उससे मंत्रिमंडल विस्तार के संकेत मिल रहे हैं। मंत्रिमंडल विस्तार होता है तो क्षेत्रीय संतुलन साधने के हिसाब कुछ पूर्व मंत्रियों को फिर मौका दिया जा सकता है। बता दें, रामनिवास रावत के चुनाव हारने और इस्तीफे के बाद मुख्यमंत्री सहित 31 मंत्री हैं। नियमानुसार 35 मंत्री हो सकते हैं।

PM मोदी 9 सितंबर को गुरदासपुर पहुंचेंगे, बाढ़ प्रभावित इलाकों का करेंगे निरीक्षण

गुरदासपुर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार 9 सितंबर को पंजाब का दौरा करने वाले हैं. इस दौरान वह बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा करेंगे. पंजाब में अब तक लगभग 2 हजार गांव पानी में डूबे हैं और 2 लाख हेक्टेयर की फसल पूरी तरह खत्म हो चुकी है. देश के कई राज्यों में इस भारी बारिश के कारण हालात खराब बने हुए हैं. खासतौर पर पंजाब में स्थिति बेहद खराब है. अब तक प्रदेश में बाढ़ के कारण ही 46 लोगों की जान जा चुकी है. इसके अलावा लाखों लोग प्रभावित हुए हैं. लगभग 2 हजार गांव बाढ़ की चपेट में हैं और 2 लाख हेक्टेयर फसल खराब हो चुकी है.  पीएम नरेंद्र मोदी 9 सितंबर को पंजाब जाएंगे और बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा करेंगे. वह गुरदासपुर पहुंचकर हालात देखेंगे. इस दौरे को हर पंजाबवासी आश की नजर से देख रहा है. ऐसा इसलिए क्योंकि पीएम मोदी पंजाब दौरे के दौरान किसी बड़े पैकेज की घोषणा कर सकते हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बाढ़ पीड़ितों के लिए आर्थिक पैकेज या मुआवजे की घोषणा कर सकते हैं. बाढ़ की चपेट में 2 हजार गांव पंजाब में 17 अगस्त के बाद से ही बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं. पिछले कई दिनों से हो रही लगातार बारिश के कारण प्रदेश के लगभग 2 हजार से ज्यादा गांव पूरी तरह जलमग्न हैं. गांवों के लोगों को दूसरी जगह शिफ्ट किया गया है. बाढ़ के कारण प्रदेश भर की 2 लाख हेक्टेयर से ज्यादा की फसल पूरी तरह खत्म हो चुकी है. मीडिया रिपोर्ट की मानें तो अब तक प्रदेश को 10 हजार करोड़ से ज्यादा का नुकसान हो चुका है. पीएम मोदी कर सकते हैं पैकेज का ऐलान पंजाब सरकार ने पहले ही राज्य को आपदाग्रस्त घोषित कर दिया है. इसके साथ ही सरकार की तरफ से केंद्र से 60 हजार करोड़ के फंड की मांग की गई है. पीएम मोदी के इस दौरे में ऐसा माना जा रहा है कि उनकी तरफ से किसी पैकेज की घोषणा की जा सकती है. पंजाब के कई जिले बाढ़ की चपेट में हैं. आर्मी इन क्षेत्रों में लगातार बचाव और राहत कार्यों में जुटी हुई है. पंजाब में बाढ़ की मार झेल रहे लोगों की मदद के लिए बॉलीवुड एक्टर सलमान खान आगे आए हैं. उनके अलावा भी कई एक्टर्स ने गांवों को गोद लिया है.