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अभिषेक शर्मा ने पारी की शुरुआत में मारा छक्का, क्रिकेट की दुनिया में किया कमाल

नई दिल्ली  एशिया कप में बुधवार को यूएई के खिलाफ भारत के पहले मैच में ओपनर अभिषेक शर्मा ने इतिहास रच दिया। उन्होंने वो कर दिखाया जो टी20 इंटरनेशनल में आज तक किसी दूसरे भारतीय बल्लेबाज नहीं किया था। उन्होंने पारी की शुरुआत की और पहली ही गेंद पर छक्का जड़ दिया। इस तरह वह T20I में लक्ष्य का पीछा करते हुए पारी की पहली ही गेंद पर छक्का जड़ने वाले भारत के पहले बल्लेबाज बन गए। वैसे टी20 इंटरनेशनल में इससे पहले भी तीन भारतीयों ने पारी की पहली ही गेंद पर छक्का जड़ने का करिश्मा किया है। लेकिन तीनों ही बार भारत पहले बल्लेबाजी कर रहा था, लक्ष्य का पीछा नहीं। भारत ने बुधवार को एशिया कप में अपने अभियान की शुरुआत की। कप्तान सूर्यकुमार यादव ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया। बाएं हाथ के लेग स्पिनर कुलदीप यादव की कातिलाना गेंदबाजी की बदौलत यूएई की पूरी टीम 13.1 ओवर में महज 57 रन बनाकर आउट हो गई। यादव ने 4 विकेट झटके। शिवम दुबे ने 3 विकेट लिए। जसप्रीत बुमराह, अक्षर पटेल और वरुण चक्रवर्ती के खाते में 1-1 विकेट आए। भारत को जीत के लिए सिर्फ 58 रन का लक्ष्य मिला। अभिषेक शर्मा और शुभमन गिल की सलामी जोड़ी मैदान में आई। यूएई की तरफ से हैदर अली ने गेंदबाजी की शुरुआत की। शर्मा ने उनकी पहली ही गेंद को मिड ऑफ के ऊपर से सिक्स के लिए भेज दिया। इस तरह अभिषेक शर्मा भारतीय क्रिकेट इतिहास के पहले ऐसे बल्लेबाज बन गए जिन्होंने लक्ष्य का पीछा करते हुए टी20 पारी की पहली ही गेंद पर छक्का जड़ा। टी20 में भारतीय पारी की पहली ही गेंद पर छक्का जड़ने का कारनामा करने वाले वह चौथे बल्लेबाज बने। इससे पहले 2021 में रोहित शर्मा ने इंग्लैंड के खिलाफ अहमदाबाद में पारी की पहली ही गेंद पर छक्का जड़ा था। उसके बाद यशस्वी जायसवाल ने 2024 में हरारे में जिम्बाब्वे के खिलाफ ऐसा किया। संजू सैमसन ने इसी साल मुंबई में इंग्लैंड के खिलाफ पारी की पहली ही गेंद पर सिक्स लगाया। रोहित, जायसवाल और सैमसन ने जब ये कारनामा किया तब भारत लक्ष्य का पीछा नहीं कर रहा था, बल्कि मैच में पहले बल्लेबाजी कर रहा था। अभिषेक शर्मा ने सिर्फ 16 गेंदों में 30 रन कूटे। उन्होंने अपनी पारी में 2 चौके और 3 छक्के जड़े। उनके आउट होने के बाद उपकप्तान शुभमन गिल और कप्तान सूर्यकुमार यादव ने नाबाद रहते हुए भारत को पांचवें ओवर में ही 9 विकेट से जीत दिला दी। अभिषेक शर्मा ने पिछले साल ही जुलाई में टी20 इंटरनेशनल में डेब्यू किया था। थोड़े ही समय में उन्होंने खुद को भारत के सबसे विध्वंसक ओपनर के तौर पर स्थापित कर दिया। टी20 इंटरनेशनल में सबसे बड़ी पारी खेलने का भारतीय रिकॉर्ड भी उनके ही नाम है। इसी साल उन्होंने मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में इंग्लैंड के खिलाफ टी20 में 135 रन की विस्फोटक पारी खेली थी। शर्मा ने इस तरह टी20 में भारत की तरफ से सबसे बड़ी पारी के शुभमन गिल (नाबाद 126 रन) के रिकॉर्ड को तोड़ दिया था।  

रुकी हुई बालों की ग्रोथ में? ये 5 हेयर ऑयल देंगे जादुई परिणाम

घने, लंबे और चमकदार बाल सभी की चाहत होते हैं। लेकिन प्रदूषण, गलत खान-पान, तनाव और केमिकल वाले हेयर प्रोडक्ट्स के इस्तेमाल से बालों का गिरना, रूसी और ग्रोथ रुकना आम समस्याएं बन गई हैं। ऐसे में बालों को पोषण देने और उनकी ग्रोथ को बढ़ावा देने के लिए हेयर ऑयल सबसे कारगर तरीका है। रोजाना तेल लगाने से सिर के स्कैल्प में ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है, बालों की जड़ों को पोषण मिलता है और बाल टूटने से बचते हैं। आइए जानते हैं उन 5 ऐसे हेयर ऑयल्स के बारे में जो बालों की ग्रोथ को तेजी से बढ़ाने में मददगार साबित हो सकते हैं। नारियल का तेल नारियल का तेल बालों के लिए सबसे फायदेमंद तेल माना जाता है। यह प्रोटीन की कमी से होने वाले बालों के झड़ने को रोकने में बेहद असरदार है। इसमें मौजूद लॉरिक एसिड बालों में आसानी से घुस जाता है और बालों को अंदर से मजबूत बनाता है। यह स्कैल्प को हाइड्रेट रखता है और रूसी को दूर भगाता है। इसके लिए हल्का गुनगुना नारियल तेल स्कैल्प और बालों पर लगाएं। अच्छी तरह मसाज करें और कम से कम एक घंटे या रातभर के लिए छोड़ दें। फिर हल्के शैम्पू से धो लें। कैस्टर ऑयल बालों की ग्रोथ बढ़ाने के मामले में अरंडी के तेल को किसी जादू से कम नहीं माना जाता। यह गाढ़ा होता है और इसे किसी दूसरे ऑयल के साथ मिलाकर इस्तेमाल किया जाता है। इसमें रिसिनोलेइक एसिड नामक फैटी एसिड भरपूर मात्रा में होता है, जो स्कैल्प में ब्लड सर्कुलेशन को बढ़ावा देता है। यह बालों के फॉलिकल्स को एक्टिव करता है, जिससे नए बालों की ग्रोथ तेज होती है और बाल मोटे होते हैं। इसके गाढ़ेपन के कारण इसे नारियल या बादाम के तेल जैसे किसी हल्के तेल के साथ मिलाकर लगाएं, जैसे- जैसे 1 भाग कैस्टर ऑयल और 2 भाग नारियल तेल। बादाम का तेल बादाम का तेल विटामिन-ई, मैग्नीशियम, ओमेगा-3 फैटी एसिड और एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होता है, जो बालों और स्कैल्प के लिए बेहद फायदेमंद है। दरअसल, विटामिन ई बालों को ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस और सूरज की हानिकारक किरणों से बचाता है। यह बालों को नेचुरल चमक देता है, डैंड्रफ को कम करता है और बालों के टूटने को रोकता है। इसे सीधे स्कैल्प और बालों पर लगाकर अच्छे से मसाज करें। इसे 30-45 मिनट के लिए लगा रहने दें और फिर धो लें। जोजोबा ऑयल जोजोबा ऑयल तकनीकी रूप से एक तेल नहीं बल्कि एक वैक्स एस्टर है, लेकिन इसके गुण इसे बालों के लिए इसे परफेक्ट ऑप्शन बनाते हैं। इसकी संरचना हमारे स्कैल्प के नेचुरल सीबम के समान होती है। यह स्कैल्प को मॉइश्चराइज करने, डैंड्रफ कंट्रोल करने और बालों के फॉलिकल्स को बंद होने से रोकने का काम करता है। इसे सीधे बालों पर लगाया जा सकता है या अपने रेगुलर हेयर ऑयल में कुछ बूंदें मिलाकर इस्तेमाल कर सकते हैं। भृंगराज तेल आयुर्वेद में बालों के लिए भृंगराज तेल को "राजा" माना जाता है। यह भृंगराज नाम की जड़ी बूटी को तिल या नारियल के तेल में उबालकर बनाया जाता है। भृंगराज में मौजूद तत्व बालों के फॉलिकल्स को मजबूत करते हैं, समय से पहले बाल सफेद होने की समस्या को रोकते हैं और बालों का झड़ना कम करते हैं। यह स्कैल्प को शांत करके नए सेल्स के विकास को बढ़ावा देता है। इसे गुनगुना करके स्कैल्प पर लगाएं और 5-10 मिनट तक मालिश करें। कम से कम एक घंटे बाद धो लें।  

छतरपुर के परिवारों की नेपाल से सुरक्षित वापसी के लिए CM मोहन ने किया एक्शन, हालात पर रखी नजर

भोपाल भारत के पड़ोसी देश नेपाल में हालात इन दिनों खराब है । वहां पर सरकार के खिलाफ जनता ने मोर्चा खोल दिया और माहौल अराजक हो गया है । वहीं इसी बीच खबर ये है कि नेपाल में मध्यप्रदेश के छतरपुर के कुछ परिवार फंसे हुए है । इसको लेकर सीएम मोहन यादव गंभीर हो गए है। मुख्यमंत्री ने संवेदना दिखाते हुए मामले पर  संज्ञान लिया है। नेपाल में फंसे हुए छतरपुर के 4 परिवारों के सदस्यों की घर वापसी के लिए सीएम मोहन ने प्रतिबद्धता दिखाई हैऔर केंद्र सरकार के माध्यम से प्रयास किए जा रहे हैं। सीएम मोहन यादव ने X पर पोस्ट करते हुए लिखा है कि छतरपुर के कुछ परिवारों के सदस्य नेपाल में हैं। इनकी चिंता करते हुए मैंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। भारत सरकार के अधिकारियों से समन्वय स्थापित कर उनकी सकुशल भारत वापसी के लिए प्रयास किये जा रहे हैं। संकट की इस घड़ी में हम सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ नागरिकों की हरसंभव मदद के लिए तत्पर हैं।   MP के 14 लोग नेपाल हिंसा में फंसे, PM मोदी से लगाई सुरक्षित निकालने की गुहार नेपाल में जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच भारत के हजारों लोग फंसे हुए और भारत के PM मोदी से सुरक्षित निकालने की गुहार लगा रहे हैं तो वह छतरपुर एमपी के भी 4 परिवार नेपाल में फंसे हुए हैं जिसमें बच्चों सहित 14 लोग शामिल है। छतरपुर के परिवार ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सुरक्षित बाहर निकलवाने की गुहार लगाई है। नेपाल में लगातार हिंसा, विद्रोह बढ़ता जा रहा है और फंसे हुए लोगों में डर का माहौल भी बना हुआ है। हिंसा के दौरान भीषण आगजनी तोड़फोड़ के साथ कई लोगों के मरने की खबरें भी आ रही है। छतरपुर के ये लोग नेपाल में फंसे नेपाल घूमने गए छतरपुर के 4 परिवार हिंसा के बीच एक होटल में फंसे हुए हैं। जिसमें छतरपुर कोतवाली इलाके के गल्ला मंडी ने रहने बाले व्यापारी पप्पू मातेले पिता स्व.सुक्कू मातेले, ट्रांसपोर्ट कारोबारी निर्देश अग्रवाल, गुड्डू अग्रवाल पिता जयनारायण अग्रवाल गल्ला मंडी, एक कुशवाहा परिवार भी इसी ग्रुप के साथ मौजूद है जो नेपाल के काठमांडू में फंस चुके हैं और अब उन्हें लगातार डर सता रहा है। तो वहीं काठमांडू के होटल में फंसे छतरपुर के निर्देश अग्रवाल ने होटल की खिड़की से बाहर हो रही हिंसा आग जनी का वीडियो बनाकर भी भेजा है। इनमें आठ यात्री भोपाल के और इंदौर के निवासी यहां 98 यात्री फंसे हुए है। इसमें भोपाल से अनिल अग्रवाल, शुभा अग्रवाल, हेम कुमार गोयल, रजनी गोयल, संजय कुमार, सुबोध सिंह, अर्चना सिंह, सौम्या मिश्रा और इंदौर से विवेक जैन शामिल है। इसी प्रकार राजस्थान, महाराष्ट्र, गुजरात सहित अलग-अलग स्थानों से भी यात्री साथ है। सभी यात्री एक दूसरे को ढांढस बंधा रहे हैं। इन यात्रियों का परमिट नेपाल होते हुए है। जहां यात्री रुके हैं। वहां से नेपाल बार्डर लगभग 25 किमी दूर है। ऐसे में यात्री चाहते हैं कि उन्हें उत्तराखंड बार्डर के रास्ते से निकाला जाए। यात्री सोशल मीडिया के जरिए भी सरकार से अपील कर रहे हैं। CM मोहन यादव ने किया ट्वीट उक्त मामले में प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भी ट्वीट किया है, उन्होंने लिखा है कि- मेरे संज्ञान में आया है कि प्रदेश के छतरपुर के कुछ परिवारों के सदस्य नेपाल में हैं। इनकी चिंता करते हुए मैंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। भारत सरकार के अधिकारियों से समन्वय स्थापित कर उनकी सकुशल भारत वापसी के लिए प्रयास किये जा रहे हैं। संकट की इस घड़ी में हम सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ नागरिकों की हरसंभव मदद के लिए तत्पर हैं। छतरपुर विधायक ने की वीडियो कॉलिंग पर बात मामले में छतरपुर विधायक ललिता यादव ने भी नेपाल में फंसे छतरपुर के लोगों/परिवारों से बात की और उनकी मदद का हर संभव का प्रयास करने की बात कही है। उन्होंने कहा है कि मामले की जानकारी प्रदेश के मुख्यमंत्री को है, मैनें भी नेवाल में फंसे लोगों से बात की है, इससे पहले भी छतरपुर, प्रदेश और देश के लोग विदेशों में फंसे थे पर हमारी सरकार हमारे देश के प्रधानमंत्री उन्हें सकुशल वापस लाये ऐसे ही उन्हें वापिस लाया जायेगा, वे और उनके परिवार के लोग चिंता न करें सरकार हर संभव मदद और उन्हें लाने के प्रयास में लगी हुई है।

उज्जैन :उच्च सुरक्षा के बीच बेगम बाग में बुलडोजर कार्रवाई, 11 अवैध निर्माण ध्वस्त

उज्जैन  विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर के पास बेगम बाग क्षेत्र में 11 अवैध बिल्डिंगों पर बुलडोजर चला है। यह मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्र है जो कि महाकाल मंदिर की पहुंच मार्ग पर है। कार्रवाई महाकाल मंदिर के नीलकंठ द्वार के पास हो रही है। यह प्रॉपर्टी उज्जैन विकास प्राधिकरण की है, जिसे 30 वर्ष की लीज पर आवासीय उपयोग के लिए दिया गया था। बावजूद इसके यहां धर्म विशेष के लोगों ने नियम विरुद्ध इसका व्यावसायिक उपयोग किया। लीज का नवीनीकरण नहीं हुआ वहीं, लीज समाप्ति के बाद भी इसका नवीनीकरण नहीं हो सका है। जब उज्जैन विकास प्राधिकरण ने नोटिस दिए तो संबंधित लोग न्यायालय पहुंच गए। लोअर कोर्ट, हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट से स्टे खारिज होने के बाद अवैध अतिक्रमण पर अब यह कार्रवाई की जा रही है। सुबह नौ बजे से कार्रवाई शुरू सुबह 9 बजे शुरू हुई कार्रवाई में किसी प्रकार का कोई विरोध प्रदर्शन देखने को नहीं मिला। दरअसल यहां पिछले 3 माह के भीतर इसी प्रकार 13 बिल्डिंग को जमीदोंज किया गया था, तब जरूर विरोध हुआ था। आज कार्रवाई शांतिपूर्ण चल रही है। यहां 100 से अधिक पुलिस अधिकारी और जवान तैनात किए गए है। जिनमें सीएसपी, टीआई व जवान मौजूद है। वहीं, करीब 100 की संख्या में प्रशासन का भी अमला भी मौजूद है। जिसमे विकास प्राधिकरण सीईओ, नगर निगम उपायुक्त, तहसीलदार, पटवारी और निगमकर्मी शामिल है। महाकाल मंदिर के पास है एरिया जिस जगह कार्रवाई चल रही है, यह महाकाल मंदिर के पास है। मुस्लिम बाहुल्य होने के कारण अति संवेदनशील क्षेत्र माना गया है। इसलिए एक ओर से रास्ता पूरी तरह बंद कर दिया गया है। उज्जैन विकास प्राधिकरण का है इलाका दरअसल, पूरा मामला इस प्रकार है कि उज्जैन विकास प्राधिकरण ने वर्ष 1985 में बेगम बाग क्षेत्र में करीब 30 भूखंड आवासीय तौर पर 30 साल की लीज पर दिए थे। भूखंड धारकों ने इन भूखंडों का उपयोग आवासीय तौर पर करने की बजाए पूरी तरह व्यावसायिक तौर पर कर लिया। जो कि नियम विरुद्ध था। इसके साथ ही वर्ष 2014-15 में लीज भी समाप्त हो गई । जिसे नवीनीकरण भी नहीं कराया गया। भूखंडों को लेकर उज्जैन विकास प्राधिकरण ने लगातार नोटिस दिए। वर्ष 2023-24 में उज्जैन विकास प्राधिकरण ने भूखंड धारकों की लीज समाप्त कर दी । जिसको लेकर भूखंड धारक न्यायालय पहुंचे जहां उन्हें स्टे मिल गया। इन भूखंडों का अलग-अलग न्यायालय में मामला विचाराधीन रहा। न्यायालय का स्टे हटते ही तोड़ने की कार्यवाही शुरू कर दी गई । यहां पूर्व में भी तीन चरणों मे करीब तीन माह के भीतर 13 बिल्डिंगों को हटाया गया था। बड़े-बड़े हैं प्लॉट खास बात तो यह है कि उज्जैन विकास प्राधिकरण ने यहां 30 भूखंड आवंटित किए थे। जिनमें प्रत्येक की साइज करीब 2400 स्क्वायर फीट थी। भूखंड धारकों ने इनके अलग-अलग टुकड़े कर करीब 65 बिल्डिंग बना ली। आज दिनांक तक 65 में से 24 बिल्डिंग को जमीदोंज किया गया है। शेष 41 बिल्डिंगों को भी कानूनी प्रक्रिया के तहत तोड़ा जाएगा। आज जिन 11 बिल्डिंगों पर कार्रवाई की जा रही है न्यायालय ने इनका स्टे खारिज कर दिया था । इसके बाद विकास प्राधिकरण की ओर से नोटिस दिया गया था, जिनकी समय सीमा समाप्त हो गई। भवन मालिकों से बातचीत की गई और उन्हें न्यायालय प्रक्रिया के बारे में समझाया गया। इसके बाद उन्होंने स्वतः अपनी बिल्डिंग खाली करना शुरू कर दी। इसलिए यह कार्रवाई शांतिपूर्ण तरीके से चल रही है। इनलोगों के हैं मकान आज जिन 11 बिल्डिंग को जमीदोंज किया जा रहा है उनकी विस्तृत जानकारी यह है कि इसका भूखंड क्रमांक 15, 18, 29, 59 और 65 है। इन 5 भूखंडों पर 11 बिल्डिंग बना ली गई थी। जो कि वर्तमान में शेर बानो नागौरी, मोहम्मद अकरम, शहीदुर रहमान, सरफराज, मुबारिक, मोहम्मद तौसीब, अब्दुल लतीफ, सैय्यद कमर अली, मोहम्मद सिद्दीकी कुरेशी, नासिर अली, मोहम्मद सलीम के नाम पर है। उज्जैन विकास प्राधिकरण सीईओ संदीप कुमार सोनी ने बताया कि माननीय न्यायालय से स्टे खारिज होने के बाद यह कार्रवाई की जा रही है । भूखंड धारक को भूखंड आवासीय तौर पर दिए गए थे जिसे उन्होंने व्यावसायिक उपयोग किया। इसके अलावा लीज समाप्त होने के बाद लीज नवीनीकरण भी नहीं हो सका है। इसलिए यह कार्रवाई की गई।

मां की सवारी और संकेत: इस बार क्या लेकर आएंगी देवी माता?

शारदीय नवरात्रि को हिंदू धर्म में बहुत खास और महत्वपूर्ण माना जाता है. इस दौरान मां दुर्गा के नौ रूपों की आराधना की जाती है. माता रानी हर साल अलग वाहन पर सवार होकर आती हैं. साल 2025 में मां दुर्गा के आगमन और प्रस्थान का वाहन क्या रहेगा, और किस प्रकार से शुभ और अशुभ फल प्रदान करेगा ,जानें इससे जुड़ी जानकारी. हर बार मां दुर्गा के पृथ्वी पर आगमन और प्रस्थान की सवारी अलग होती है. साल 2025 में शारदीय नवरात्रि की शुरुआत 22 सितंबर 2025, सोमवार के दिन से हो रही है. इस दिन घटस्थापना के साथ नवरात्रि का पवन उत्सव 10 दिनों तक मनाया जाएगा. साल 2025 में मां दुर्गा का आगमन हाथ पर होगा. मां दुर्गा का आगमन मां दुर्गा के आगमन और प्रस्थान को दिन और वार के हिसाब से तय किया जाता है. माता का हाथी या गज पर आगमन बहुत शुभ माना जाता है. मान्यता है अगर मां दुर्गा हाथी पर सवार होकर आती हैं तो यह सुख-समृद्धि, व्यापार और कृषि के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है. अगर मां दुर्गा का आगमन रविवार, सोमवार के दिन होता है तो यह कृषि, धन-धान्य के लिए शुभ होता है. मां दुर्गा का प्रस्थान साथ ही माता रानी के प्रस्थान की बात करें तो माता रानी नर यानी मनुष्य के कंधे पर प्रस्थान करेंगी. माता रानी का प्रस्थान गुरुवार के दिन 2 अक्टूबर को होगा. जो सुख, शांति, व्यापार में वृद्धि और पड़ोसी देशों से अच्छे संबंधों का प्रतीक है. माता रानी का आगमन पर हाथी और प्रस्थान मनुष्य के कंधे पर शुभ प्रभाव डालेगा. इसे कुल मिलाकर सुख-समृद्धि, शांति और उन्नति का प्रतीक माना जा है. इसका कोई प्रमुख अशुभ प्रभाव नहीं है; बल्कि यह आने वाले समय में शुभ फलदायक माना जाता है.

IND vs PAK का मुकाबला होगा एशिया कप में, सुप्रीम कोर्ट ने नहीं लगाई रोक

नई दिल्ली  सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को उस जनहित याचिका (PIL) पर तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया, जिसमें 14 सितंबर को होने वाले एशिया कप T20 टूर्नामेंट के भारत–पाकिस्तान मैच को रद्द करने की मांग की गई थी। मामला जब जस्टिस जे.के. माहेश्वरी और जस्टिस विजय बिश्नोई की पीठ के समक्ष पहुंचा तो अदालत ने इसे गंभीरता से लेने से इनकार कर दिया। जस्टिस माहेश्वरी ने साफ कहा, “इतनी भी क्या जल्दबाजी है? यह तो एक मैच है, होने दीजिए।” जब वकील ने दलील दी कि रविवार को मैच है और अगर शुक्रवार को भी सुनवाई नहीं हुई तो याचिका निरर्थक हो जाएगी तो जस्टिस माहेश्वरी ने दो टूक जवाब दिया, “मैच इस रविवार है? हम इसमें क्या कर सकते हैं? रहने दीजिए, मैच होना चाहिए।” याचिका में क्या कहा गया? यह याचिका चार कानून के छात्रों ने दाखिल की है। उनका कहना है कि हाल ही में हुए पहलगाम आतंकी हमले और ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान के साथ मैच खेलना राष्ट्रीय हित के खिलाफ है। इससे शहीद हुए जवानों और नागरिकों के बलिदान का अपमान होगा। याचिका के मुताबिक, “जब हमारे सैनिक अपनी जान दे रहे हैं, उसी देश के साथ क्रिकेट खेलना गलत संदेश देता है और शहीदों के परिवारों की भावनाओं को ठेस पहुंचाता है।” याचिका में कहा गया कि मनोरंजन को राष्ट्र की सुरक्षा और गरिमा से ऊपर नहीं रखा जा सकता। याचिकाकर्ताओं ने कोर्ट से यह भी अपील की है कि केंद्र सरकार राष्ट्रीय खेल शासन अधिनियम, 2025 (National Sports Governance Act, 2025) को लागू करे। सीजन बॉल क्रिकेट को मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय खेल महासंघ (National Sports Federation) के दायरे में लाया जाए। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) को खेल मंत्रालय के अधीन लाया जाए। याचिका का नेतृत्व कर रही छात्रा उर्वशी जैन ने कहा, “अब समय आ गया है कि बीसीसीआई को खेल मंत्रालय के अधीन लाया जाए। एक बार राष्ट्रीय खेल शासन अधिनियम लागू हो गया तो बोर्ड को राष्ट्रीय खेल बोर्ड के तहत आना ही पड़ेगा।”  

धनवान बनने के रहस्य: 3 आदतें जो जल्दी बनाती हैं इंसान को अमीर

भारत के इतिहास में कई ऐसे प्रकांड विद्वान हुए जिनका लोहा आज भी माना जाता है। जनमानस के बीच उनकी बातें आज भी उतना महत्व रखती हैं कि लोग जरूरत पड़ने पर उनका ही अनुसरण करते हैं। इन्हीं विद्वानों में से एक थे आचार्य चाणक्य, जिन्हें जीवन के हर एक क्षेत्र के बारे में अद्भुत ज्ञान था। इसी ज्ञान को लोगों से साझा करने के लिए उन्होंने अपनी नीतियां लिखीं, जिनमें जीवन के हर एक पहलू को मानों खोलकर रख दिया। उन्होंने जीवन में सफलता कैसे पाई जाए, इसपर भी बहुत विस्तार में लिखा। आज उन्हीं की नीतियों से हम आपको व्यक्ति की ऐसी तीन आदतों के बारे में बता रहे हैं जो उसे कम उम्र में ही सफलता के उच्च शिखर पर पहुंचाने की ताकत रखती हैं। आचार्य के मुताबिक जिन लोगों में ये आदतें होती हैं, वो कम उम्र में भी धनवान बन जाते हैं। तो चलिए जानते हैं वो आदतें क्या हैं। जो समझें समय का सही महत्व आचार्य चाणक्य के अनुसार जो व्यक्ति समय का महत्व समझ जाता है, उसे तरक्की करने से कोई नहीं रोक सकता। हर इंसान को गिनकर चौबीस घंटों का ही समय मिलता है, जहां कोई इन्हें यूं ही बर्बाद कर देता है तो कोई इन चौबीस घंटों में भी बहुत कुछ बड़ा कर जाता है। आचार्य के मुताबिक मानव जीवन का हर एक क्षण बहुत कीमती होता है। जो इसका सही मोल समझ जाए, वो बहुत ही कम समय में कामयाबी का उच्च शिखर हासिल कर लेता है। मेहनत से ना भागने वाले लोग आचार्य चाणक्य के अनुसार सफलता पाने का एक ही सूत्र है और वो है कड़ी मेहनत करना। जो व्यक्ति जीवन भर मेहनत से भागता आया है, उसकी सफलता भी उससे उतनी ही कोसों दूर भागती है। अपनी नीति में आचार्य कहते हैं कि मेहनती इंसान से तो माता लक्ष्मी भी प्रसन्न रहती हैं। हालांकि मेहनत का मतलब गधा मजदूरी बिल्कुल भी नहीं है। सही दिशा में किया गया प्रयास ही सफलता की ओर ले जाता है। जिस व्यक्ति में शुरू से ही मेहनत से ना भागने वाला गुण होता है, वो कम समय में ही तरक्की हासिल कर लेता है। जो जान लें वाणी का सही इस्तेमाल आचार्य चाणक्य के अनुसार व्यक्ति की वाणी यानी उसकी जुबान भी उसकी सफलता में बड़ी अहम भूमिका निभाती है। जिस व्यक्ति को वाणी का खेल आता हो, वो अपने लिए रास्ता निकाल ही लेता है। आचार्य कहते हैं कि मीठा बोलने वाला तो अपने दुश्मनों को भी दोस्त बना लेता है। किस समय पर क्या बोलना उचित रहेगा यह जाने वाले और अपनी वाणी पर संयम रखने वाले लोग, विपरीत परिस्थितियों को भी अपने अनुकूल मोड़ लेते हैं। ऐसे लोग बाकी लोगों के मुकाबले जीवन में ज्यादा और जल्दी सफल होते हैं।  

एमपी कांग्रेस में संगठनात्मक बदलाव, जिला अध्यक्षों को अधिकार, 1004 ब्लॉक अध्यक्ष बनाए जाएंगे

भोपाल  वरिष्ठ कांग्रेस नेता राहुल गांधी की मंशा के अनुरूप मध्य प्रदेश में जिला कांग्रेस अध्यक्षों को ब्लॉक अध्यक्षों की नियुक्तियों के लिए फ्री-हैंड यानी सर्वाधिकार दिया गया है। वे संगठन सृजन अभियान के माध्यम से क्षेत्रों के जातीय और स्थानीय समीकरणों को ध्यान में रखते हुए नियुक्तियां करेंगे। इसके लिए प्रदेश कांग्रेस ने उन्हें जिले के जातिगत समीकरण का डेटा भी भेजा है। प्रदेश में कांग्रेस के 1,004 ब्लॉक हैं नियुक्ति प्रक्रिया पूरी करने के लिए 40 दिन का समय दिया गया है। प्रदेश में कांग्रेस के 1,004 ब्लॉक हैं। विधानसभा और लोकसभा चुनाव में भाजपा के हाथों कांग्रेस को मिली करारी हार का बड़ा कारण संगठन की कमजोरी को माना गया था। संगठन को सशक्त बनाने के लक्ष्य को लेकर वर्ष 2025 को संगठन वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। जिला इकाइयों को मजबूत बनाने के लिए जिला अध्यक्षों का चयन किया गया। अब इन अध्यक्षों को अब अपने नीचे की इकाइयां बनानी हैं। कांग्रेस की प्रदेश इकाई ने जिला अध्यक्षों से कहा है कि वे स्थानीय परिस्थितियों को देखते हुए ऐसी टीम बनाएं जो विपरीत परिस्थितियों में भी विचारधारा से डिगे नहीं। संघर्षशील हो और भाजपा व सरकार का डटकर मुकाबला करे। जिला इकाई सबसे महत्वपूर्ण मध्य प्रदेश कांग्रेस के संगठन महामंत्री संजय कामले का कहना है कि संगठन में सबसे महत्वपूर्ण जिला इकाई है। इस नाते जिला अध्यक्षों की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है। ब्लाक अध्यक्षों की नियुक्ति के लिए जिला अध्यक्ष नाम निर्धारित करके प्रदेश कांग्रेस को भेजेंगे और यहां से सूची जारी की जाएगी। जिला अध्यक्षों की पहली परीक्षा ब्लॉक स्तर पर नियुक्तियां जिला अध्यक्षों की पहली परीक्षा होगी। इसमें उन्हें न केवल वरिष्ठ नेताओं के साथ जातीय और स्थानीय समीकरणों को साधना होगा बल्कि ऐसी टीम तैयार करनी होगी जो राहुल गांधी की मंशा के अनुरूप हो यानी जिनके लिए नेता नहीं पार्टी प्रथम हो। इस काम में जिला अध्यक्षों का सहयोग समन्वय समिति करेंगी, जिनकी बैठकें 26 सितंबर तक करने के निर्देश प्रदेश कांग्रेस ने दिए हैं।  

घर में सुख-समृद्धि के लिए अपनाएं ये वास्तु हिनट्स, तस्वीरें बनेंगी लकी चार्म

अगर आप अपने घर में वास्तु नियमों का ध्यान रखते हैं, तो इससे आपके घर में सुख-समृद्धि का माहौल बना रहता है और सकारात्मक ऊर्जा का संचार भी बना रहता है। वास्तु शास्त्र में यह भी बताया गया है कि आपको घर में किस तरह की तस्वीरें  लगाने से फायदा मिल सकता है। चलिए जानते हैं इसके बारे में। कहां लगाएं घोड़ों की पेंटिंग वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर में 7 दौड़ते हुए घोड़ों की तस्वीर लगाना काफी शुभ माना जाता है। वास्तु में इस तस्वीर को लगाने के लिए दक्षिण दिशा को सबसे उत्तम माना गया है। माना जाता है कि यह तस्वीर घर में सकारात्मक ऊर्जा के संचार को बढ़ाती है। साथ ही इससे घर-परिवार में सुख-शांति का माहौल बना रहता है। वास्तु शास्त्र में यह भी माना गया है कि प्राकृतिक दृश्य जैसे पहाड़, झरने, हरे-भरे खेतों आदि की तस्वीर भी घर में लाना काफी शुभ माना गया है। इन तस्वीरों को लगाने से सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बना रहता है और खुशहाली आती है। वास्तु शास्त्र में कुछ पशु-पक्षियों की फोटो या पेंटिंग भी घर में लाना काफी शुभ माना गया है। हंस को शांति और समृद्धि के प्रतीक के रूप में देखा जाता है। ऐसे में घर में हंस की तस्वीर लगाने से आपको धन-समृद्धि की प्राप्ति हो सकती है। इसी के साथ आप उड़ते हुए पक्षियों की तस्वीर भी अपने घर में लगा सकते हैं। देवी-देवताओं की तस्वीरें आपने अधिकतर घरों में देवी-देवताओं की तस्वीर लगी देखी होगी। वास्तु की दृष्टि से भी इस काफी शुभ माना गया है। वास्तु शास्त्र की मान्यताओं के अनुसार, भगवान गणेश, लक्ष्मी, सरस्वती और अन्य देवी-देवताओं की तस्वीर घर में लगाने से सुख-समृद्धि और शांति आती है। न लगाएं ऐसी तस्वीरें वास्तु शास्त्र में कुछ ऐसी तस्वीरें भी बताई गई हैं, जो घर में लगाना बिल्कुल भी शुभ नहीं होता। जैसे कि हिंसक जानवर, डूबता हुआ सूरज और जहाज आदि की तस्वीर भी लगाने से बचना चाहिए, वरना आपको बुरे परिणाम मिल सकते हैं।  

कांग्रेस का नया अभियान: प्रभात फेरी और गौ सेवा, भाजपा ने साधा निशाना

भोपाल   मध्य प्रदेश में कांग्रेस को मजबूत करने के लिए तरह-तरह के प्रयोग किया जा रहे हैं। प्रदेश में अब कांग्रेस प्रभात फेरी निकालेगी साथ ही गौ सेवा और श्रमदान भी करेंगी। यह राहुल गांधी के संगठन सृजन अभियान से जोड़ा गया हिस्सा माना जा रहा है। हालही में नवनियुक्त 71 ग्रामीण और शहर जिला अध्यक्षों को इसकी ट्रेनिंग दी जाएगी। प्रदेश के सभी जिला अध्यक्षों को 10 दिन की ट्रेनिंग देने की तैयारी कांग्रेस कर रही है। जिसमें राहुल गांधी से लेकर कांग्रेस की कई दिग्गज नेता शामिल होंगे। इस दौरान जिला अध्यक्षों को इसकी ट्रेनिंग दी जाएगी। और उन्हें प्रैक्टिकल भी कराया जाएगा। इधर भाजपा ने इसे लेकर तंज कसा है। मंत्री विश्वास सारंग में कहा है कि कांग्रेस की यह महज चुनावी नौटंकी है। कांग्रेस की पहले से रही है परंपरा एमपी कांग्रेस के संगठन प्रभारी डॉ. संजय कामले ने बताया कि यह कोई नया नहीं है। कांग्रेस की पहले से परंपरा रही है। हमारा सेवादल इस पर पहले से काम कर रहा है। उन्होंने बताया कि कांग्रेस जिला अध्यक्षों 10 दिन की ट्रेनिंग में सिखाया जाएगा कि किस समय प्रभात फेरी निकालना है।  क्या गीत रहेंगे। साथ ही श्रमदान और गौ सेवा की भी जानकारी दी जाएगी। सभी जिलाध्यक्षों को प्रेक्टिकल कराया जाएगा और उसके बाद वे  अपने-अपने जिले में करने के लिए का जाएगा। बीजेपी के एजेंडें पर कांग्रेस कर रही काम गौरतलब है कि एमपी में कांग्रेस 2003 के बाद के 22 साल में से 2 साल छोड़ दे तो सत्ता से बाहर है। यही वजह है कि लंबे वनवास के बाद कांग्रेस अब राहुल गांधी की महत्वाकांक्षी संगठन सृजन अभियान के तहत चुने गए जिला अध्यक्षों के द्वारा गांव-गांव शहर प्रभात फेरी निकालना श्रमदान और गौ सेवा कराने जा रही है। बतादें कि कांग्रेस जन जन तक पहुंचने के लिए उन कार्यक्रमों का सहारा ले रही है जो बरसों से बीजेपी का एजेंडा रहे हैं। गौ सेवा और प्रभात फेरी के जरिये भाजपा ने गांव से लेकर शहर तक हिंदुत्व और सनातन का झंडा फहराया है यही वजह है।