samacharsecretary.com

हर मां और बच्चा सुरक्षित: बाढ़ राहत में मान सरकार का मानवीय चेहरा

पंजाब  दशकों के बाद, पंजाब एक बार फिर से बाढ़ जैसी भयानक त्रासदी से जूझ रहा है जिसने पंजाब के लोगों का जीवन तहस नहस कर दिया है। इस मुश्किल घड़ी में, जहां मान सरकार अपने लोगों के साथ एक परिवार की तरह कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है और उनको जरूरत की हर चीज उपलब्ध करा रही है, वहीं महिलाओं की बुनियादी ज़रूरतों को भी पूरा करने में मान सरकार ने कोई कसर नहीं छोड़ी है और गर्भवती महिलाओं का भी ख़ास ख्याल रखा है। मान सरकार ने इन महिलाओं की देखभाल के लिए कई ज़रूरी निर्देश भी दिए हैं। आप पार्टी की युवा और महिला विंग ने भी बाढ़ प्रभावित इलाकों – नाभा, पठानकोट, गुरदासपुर और कई अन्य ज़िलों में राहत कार्य तेज़ कर दिए है। कार्यकर्ताओं ने गांव-गांव जाकर राहत सामग्री, राशन पहुंचाया और ख़ास तौर पर महिलाओं और बच्चों की ज़रूरतों का ध्यान रखा। इसके अलावा, फ़िरोज़पुर और फाज़िल्का के राहत शिविरों में महिलाओं को सैनिटरी पैड और मच्छरदानियां भी बांटी गईं। बाढ़ प्रभावित जिलों में तैनात 11,103 से अधिक आशा कार्यकर्ता घर-घर जाकर दवाइयाँ उपलब्ध करा रही हैं और जल एवं वेक्टर जनित बीमारियों के बारे में जागरूकता बढ़ा रही हैं। वे गर्भवती महिलाओं की ट्रैकिंग और देखभाल को भी प्राथमिकता दे रही हैं और यह सुनिश्चित कर रही हैं कि नियमित टीकाकरण मे कोई रुकावट ना आए । मान सरकार ने बाढ़ प्रभावित गांवों के लोगों और गर्भवती महिलाओं की सहायता के लिए लगभग 458 रैपिड रिस्पांस टीमें, 360 मोबाइल मेडिकल यूनिट और 424 एम्बुलेंस तैनात कीं और बोट एम्बुलेंस के ज़रिए प्रसव सुविधाएं प्रदान कीं। इतना ही नहीं, सवास्थ्य विभाग ने गर्भवती महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य की देखभाल के लिए कई चिकित्सा शिविर भी लगाए और महिलाओं के लिए विशेष सुविधाएं भी उपलब्ध करवाई। इन शिविरों में प्रसव पूर्व जांच और दवाइयां भी उपलब्ध करावाई गई। गुरदासपुर में, अधिकारियों ने गर्भवती महिलाओं सहित गंभीर रूप से बीमार मरीजों को आपातकालीन स्थिति में निकालने के लिए विशेष रूप से बोट एम्बुलेंस और एक हेलीकॉप्टर तैनात किया है। इन प्रयासों से आठ गर्भवती महिलाओं को बचाया गया है, जिनमें से एक महिला ने बोट पर ही चिकित्सकीय देखरेख में सुरक्षित डिलीवरी की और स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया एनडीआरएफ (NDRF) की टीमों को बचाव कार्यों के लिए सक्रिय किया एनडीआरएफ (NDRF) की टीमों को बचाव कार्यों के लिए सक्रिय किया गया। सतलुज नदी के पास भारत-पाक अंतरराष्ट्रीय सीमा पर बाढ़ प्रभावित सीमावर्ती गांवों के निवासियों के लिए स्वास्थ्य विभाग आशा की किरण बनकर उभरा है। सिविल सर्जन डॉ. राजविंदर कौर ने बताया कि पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने विभाग को बाढ़ पीड़ितों को हर संभव सहायता प्रदान करने, खासकर संकटग्रस्त गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित निकालने और डिलीवरी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। इन आदेशों का पालन करते हुए, स्वास्थ्य विभाग ने टेंडी वाला से मंजीत कौर और कालू वाला से मनप्रीत कौर को सफलतापूर्वक बचाया और उन्हें सिविल अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उन्होंने सुरक्षित रूप से अपने बच्चों को जन्म दिया। गर्भवती महिलाओं के लिए 108 एम्बुलेंस सेवा निःशुल्क उपलब्ध करवाई गई। सैनिटरी नैपकिन और प्रसूति देखभाल पर काम किया इस चुनौतीपूर्ण समय में स्वास्थ्य विभाग के विशेष चिकित्सा शिविरों ने महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की हैं और प्रभावित परिवारों को हौंसला दिया है। अधिकारियों से लेकर कर्मचारियों तक, स्वास्थ्य विभाग इस संकट में समुदाय के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा रहा है और उनका साथ दिया है। इसलिए, आप सरकार की ये पहल स्पष्ट रूप से दर्शाती है कि उन्होंने महिलाओं की बुनियादी जरूरतों पर ध्यान दिया है और सामाजिक सुरक्षा और स्वास्थ्य के महत्वपूर्ण पहलुओं – जैसे सैनिटरी नैपकिन, प्रसूति देखभाल – पर भी काम किया है, जो इस कठिन समय में महिलाओं के लिए बेहद ज़रूरी हैं। सतलुज नदी के पास के गांवों में चिन्हित 45 गर्भवती महिलाओं में से, पिछले सप्ताह चार डिलिवरियां हुई तीन सरकारी अस्पतालों में और एक निजी पैनल में।  

समाज में अनुशासन लाने में संत, महात्मा और मुनियों का अहम योगदान: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

समाज में अनुशासन लाने में संत, महात्मा और मुनियों का अहम योगदान: मुख्यमंत्री डॉ. यादव डॉ. यादव के अनुसार समाज को अनुशासित करने में संत-महात्माओं की महत्वपूर्ण भूमिका मुख्यमंत्री ने इंदौर में जैन श्वेतांबर मालवा महासंघ के अधिवेशन में की सहभागिता इंदौर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि समाज को अनुशासित रखने में संत महात्माओं और मुनियों की महती भूमिका रही है। धर्म गुरुओं के संदेश, उपदेशों से भारतीय संस्कृति अक्षुण्ण है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार को इंदौर में आयोजित जैन श्वेतांबर मालवा महासंघ के 14 वें अधिवेशन एवं श्रीसंघ मिलन समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिवस 17 सितंबर से प्रदेश में "सेवा पखवाड़ा अभियान" शुरू किया जा रहा है। अभियान सभी जिलों में विभिन्न गतिविधियाँ और कार्यक्रम आयोजित होंगे। उन्होंने सभी से अभियान में सहभागिता का आहवान किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में उद्योग विकास, निवेश और स्वरोजगार के अवसर बढ़ाए जा रहे हैं। गौमाताओं, गौशालाओं का संरक्षण, दुग्ध संघ के माध्यम से दुग्ध उत्पादन बढ़ाने में बेहतर कार्य हुए हैं। इन सब प्रयासों से प्रदेश आत्मनिर्भरता की ओर कदम बढ़ा रहा है। संघ मिलन समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आचार्य विश्वरत्न सागर का शुभाशीष प्राप्त किया। समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. यादव का मंगल कलश और शुभ अक्षतों की वर्षा कर स्वागत किया गया। इस दो दिवसीय समारोह में अन्य राज्यों व जिलों से धर्मावलंबी शामिल हुए। इस दौरान आचार्य विश्वरत्न सागर ने आशीष वचनों से उपस्थितजन को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार के मुखिया अपने सरल, सहज और समन्वय भाव से प्रदेश को विकास की ओर ले जा रहे हैं। नए उद्योग और रोजगार, धार्मिक न्यास को लेकर प्रदेश में जो कार्य हुए है वे अतुल्यनीय है। सरकार ने जन हितैषी कार्यों बढ़ावा दिया है। समारोह में जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, महापौर पुष्यमित्र भार्गव, विधायक गोलू शुक्ला, श्रीमती मालिनी गौड़, मधु वर्मा, रमेश मेंदोला, श्वेतांबर मालवा महासंघ के पदाधिकारी, सदस्य, एवं वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।  

सउदी अरब से तस्करी का बड़ा पर्दाफाश: अंडरवियर में छुपाकर लाया गया 2.18 करोड़ का सोना पकड़ा गया

जयपुर जयपुर एयरपोर्ट पर डायरेक्टोरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (DRI) ने शुक्रवार रात एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। सऊदी अरब के जेद्दा से आए एक पेसेंजर को 1.949 किलो सोना छिपाकर लाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। आरोपी ने सोना अपने अंडरवियर में पेस्ट के रूप में छिपाया था, जिसकी बाजार कीमत करीब 2.18 करोड़ रुपये आंकी गई है। DRI ने शुक्रवार की रात जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर पेसेंजर की सघन तलाशी ली, जिसमें यह भारी मात्रा में तस्करी कर लाया गया सोना बरामद हुआ। इस कार्रवाई के बाद शनिवार को आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव: पर्यटन को नई पहचान दिलाने के लिए जारी हैं सतत प्रयास

प्रदेश में पर्यटन को नई पहचान दिलाने हो रहे हैं निरंतर कार्य : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने चंबल नदी में बोटिंग कर जेट स्काय की सवारी की गांधी सागर के प्राकृतिक सौंदर्य का लिया आनंद गांधीसागर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को गांधीसागर में चंबल नदी के अद्भुत और आकर्षक प्राकृतिक नजारे का अनुभव करते हुए बोटिंग की। बोट में बैठकर उन्होंने नदी की मनोहारी छटा को निहारा और इस मनमोहक सफर का आनंद लिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में पर्यटन को नई पहचान दिलाने के लिए सरकार निरंतर कार्य कर रही है। चंबल नदी क्षेत्र में विकसित हो रही पर्यटन गतिविधियाँ न केवल स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजित करेंगी बल्कि देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों के लिए भी विशेष आकर्षण का केंद्र बनेंगी। बोटिंग के बाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने चंबल नदी में जेट स्काय की सवारी भी की। पानी की लहरों पर बाइक बोट चलाते हुए मुख्यमंत्री अत्यंत प्रसन्नचित और उत्साहित नजर आए। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की गतिविधियाँ न केवल पर्यटन को बढ़ावा देंगी बल्कि प्रदेश की प्राकृतिक धरोहरों को देखने-समझने का नया अवसर भी प्रदान करेंगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सफारी जीप में बैठकर टेंट सिटी का भी अवलोकन किया और यहां की पर्यटन सुविधाओं एवं आकर्षक व्यवस्थाओं की जानकारी ली। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के साथ सांसद सुधीर गुप्ता, गरोठ विधायक चंदर सिसोदिया, कमिश्नर आशीष सिंह, आईजी उमेश जोगा, कलेक्टर श्रीमती अदिती गर्ग, पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार मीणा सहित पर्यटक मौजूद रहे।  

बिल्डिंग मटेरियल हुआ सस्ता: अब घर बनाना पड़ेगा सस्ता, जानें कितना घटे रेट

नई दिल्ली जीएसटी काउंसिल ने बड़ा फैसला लेते हुए GST के दरों में बड़ा बदलाव किया है. अभी जीएसटी के तहत 4 स्‍लैब- 5%, 12%, 18% और 28% है, लेकिन बदलाव के बाद सिर्फ दो स्‍लैब 5 फीसदी और 18 फीसदी हो जाएगा. इस कारण तमाम जरूरत की चीजें सस्‍ती हो जाएगी, यहां तक कि घर बनवाने के लिए सीमेंट, ईंट और स्‍टील के दाम भी घटने वाले हैं. इन चीजों पर भी GST रेट में कटौती हुई है. 22 सितंबर से जीएसटी कटौती लागू होगी.  सीमेंट पर जीएसटी के रेट को 28 फीसदी की कैटेगरी से हटाकर 18% स्‍लैब में शामिल किया गया है. इसी तरह, ईंट और टाइल्‍स को 12% स्‍लैब से हटाकर 5 फीसदी स्‍लैब में रख दिया गया है. वहीं स्‍टील यानी सरिया पर भी GST को कम किया गया है, जो अब 28 फीसदी से घटकर 18 फीसदी हो जाएगा. आइए जीएसटी कैलकुलेशन से समझते हैं कि अब घर बनवाना कितना सस्‍ता हो सकता है.  सीमेंट के कितने कम होंगे दाम?  सीमेंट पर अभी जीएसटी 28% है, जो नई जीएसटी के बाद घटकर 18 फीसदी होगी यानी 10 फीसदी की कटौती होगी. अब मान लीजिए 50 किलो सीमेंट की बोरी ₹400 है. ऐसे में 10% GST कटौती के बाद 40 रुपये प्रति बोरी की कमी आएगी. वहीं 450 रुपये वाली बोरी पर 45 रुपये की कमी आएगी.  ईंट के दाम कितने घटेंगे?  ईंट पर जीएसटी रेट को 12 से कम करके 5 फीसदी किया गया है. ऐसे में इसपर जीएसटी रेट में 7 फीसदी की कमी आई है. अब मान लीजिए आप 1 लाख ईंट घर बनवाने के लिए मंगाते हैं और हर एक ईंट की कीमत 10 रुपये है तो कुल आपको 10 लाख रुपये का खर्च आएगा. ईंट पर जीएसटी 7% कम होने के बाद इसका कुल रेट घटकर 9 लाख 30 रुपये हो जाएंगे. यानी 1 लाख ईंट मंगाने पर आपको अब 70 हजार रुपये कम देने पड़ेंगे.  सरिया का रेट कितना कम होगा?  स्‍टील प्रोडक्‍ट्स पर जीएसटी रेट 28 फीसदी से कम करके 18 फीसदी किया गया है. ऐसे में 10 फीसदी रेट में कटौती हो सकता है. अब मान लीजिए 1 कुंतल सरिया का दाम 5000 रुपये है. ऐसे में प्रति कुंतल सरिया के दाम में 500 रुपये की कमी आएगी.  टाइल्‍स के रेट कितने घटेंगे?  टाइल्‍स जैसी चीजों पर जीएसटी को 12% से घटाकर 5% किया गया है. ऐसे में इसके दाम में भी 7 फीसदी की कटौती होने की उम्‍मीद है. अब 100 रुपये वर्ग फुट की एक टाइल्‍स पर 7 रुपये की कटौती होगी.  2500 वर्गफुट या 4BHK घर बनवाने में कितना खर्च आएगा?  एक अनुमान के मुताबिक, 2500 वर्गफुट घर बनवाने में करीब 1000 बोरी सीमेंट का यूज होता है. इसके अलावा, 25 हजार ईंट और सरिया 10 टन सरिया का इस्‍तेमाल हो सकता है. साथ ही लगभग 2200 वर्ग फुट टाइल्‍स का यूज भी मान लेते हैं. अब इसी अनुमान पर कैलकुलेशन करें तो…  पुरानी जीएसटी रेट पर      400 रुपये प्रति बोरी के हिसाब से 1000 सीमेंट के दाम- 4 लाख रुपये      10 रुपये प्रति ईंट के हिसाब से 25000 ईंट के दाम- 2 लाख 50 हजार रुपये      50 हजार रुपये प्रति टन सरिया के हिसाब से 10 टन सरिया का दाम- 5 लाख रुपये      100 रुपये वर्गफुट टाइल्‍स के हिसाब से 2200 वर्ग फुट टाइल्‍स के दाम- 2 लाख 20 हजार रुपये      कुल खर्च- 13.70 लाख रुपये  नई जीएसटी रेट पर     360 रुपये प्रति बोरी के हिसाब से 1000 सीमेंट के दाम- 3 लाख 60 हजार रुपये      9.3 रुपये प्रति ईंट के हिसाब से 25000 ईंट के दाम- 2 लाख 32.5 हजार रुपये      45 हजार रुपये प्रति टन सरिया के हिसाब से 10 टन सरिया का दाम- 4.50 लाख रुपये      93 रुपये वर्गफुट टाइल्‍स के हिसाब से 2200 वर्ग फुट टाइल्‍स के दाम- 2 लाख 4.6 हजार रुपये      कुल खर्च- 12.47 लाख रुपये  नई जीएसटी रेट लागू होने के बाद 2500 वर्ग फुट का घर बनवाने में 1.23 लाख रुपये की बचत हो सकती है. 

नेपाल की नई सत्ता का पहला वार, सुशीला कार्की ने केपी ओली पर कसा शिकंजा

काठमांडू सुशीला कार्की को नेपाल की सत्ता संभाले हुए अभी 24 घंटे भी नहीं हुए हैं और उन्होंने ताबड़तोड़ एक्शन लेना शुरू कर दिया है. नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली के ख़िलाफ़ 8 सितंबर को हुई पुलिस दमन के विरोध में एफआईआर दर्ज की गई है. ओली के खिलाफ जघन्य अपराध के आरोप में जांच की मांग करते हुए एफआईआर दर्ज की गई है.  Gen Z के आक्रोश को देखते हुए 9 सितंबर को केपी शर्मा ओली ने प्रधानमंत्री के पद से इस्तीफा दिया था. जुलाई 2024 में उन्होंने प्रधानमंत्री के तौर पर शपथ ली थी और एक साल दो महीने के बाद ही गद्दी छोड़नी पड़ी. अंतरिम सरकार की प्रधानमंत्री सुशीला कार्की कल कर सकती हैं कैबिनेट का विस्तार नेपाल में अंतरिम सरकार की प्रधानमंत्री सुशीला कार्की कल (रविवार) को अपने मंत्रिमंडल का विस्तार कर सकती हैं. सुशीला कार्की शनिवार को पूरे दिन Gen Z प्रतिनिधियों और विभिन्न अन्य राजनीतिक और सामाजिक दलों के साथ विचार-विमर्श में व्यस्त रहीं. उनके इस व्यापक संवाद का उद्देश्य आगामी कैबिनेट विस्तार के लिए सहयोग और समर्थन जुटाना बताया जा रहा है. कार्की के निकट सूत्रों के अनुसार, सरकार के मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने वाले नए सदस्यों के नामों पर कल तक अंतिम निर्णय लिया जाएगा. उम्मीद जताई जा रही है कि नामों के ऐलान के साथ उसी दिन नए मंत्रियों का शपथ ग्रहण भी हो जाएगा.  हालांकि, अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि इस कैबिनेट विस्तार में विभिन्न क्षेत्रीय और जातीय प्रतिनिधियों को शामिल करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इससे सरकार की स्थिरता और जनसमर्थन में ग्रोथ होने की उम्मीद है. सुशीला कार्की ने रचा इतिहास 12 सितंबर, 2025 का दिन नेपाल के लिए ऐतिहासिक रहा. क्योंकि पहली बार किसी महिला को नेपाल का सत्ता संभालने का मौका मिला. सुशीला कार्की नेपाल की पहली महिला अंतरिम प्रधानमंत्री बनीं. इससे पहले कभी भी कोई भी महिला ने नेपाल का नेतृत्व नहीं किया था.

राजू हिरानी ने दिखाई कहानी differently, संजू में यह घटना हुई सिर्फ स्क्रीन पर

मुंबई  साल 2018 में आई संजय दत्त की बायोपिक फिल्म 'संजू' सुपरहिट रही थी। राजकुमार हिरानी के निर्देशन में बनी इस फिल्म को काफी पॉजिटिव रिस्पॉन्स मिला और IMDb पर इसकी रेटिंग 7.4 है। फिल्म में रणबीर कपूर ने संजय दत्त का किरदार निभाया था और परेश रावल उनके पिता सुनील दत्त के किरदार में नजर आए थे। फिल्म की कहानी और इसके किरदार सत्य घटना पर आधारित थे, लेकिन इसमें एक सीन ऐसा भी था, जो संजय दत्त नहीं बल्कि निर्देशक राजकुमार हिरानी की जिंदगी पर आधारित था। संजू की जिंदगी का नहीं है किस्सा फिल्म में एक सीन है जिसमें संजय दत्त अंडरवर्ल्ड वालों से डरे हुए होते हैं और उनके पिता सुनील दत्त उन्हें गाड़ी से एक सुनसान जगह लेकर जाते हैं। दोनों बाप-बेटे इस बंदरगाह जैसी दिखने वाली जगह पर खड़े होते हैं। यहां पर सुनील दत्त अपने बेटे संजय दत्त को फिल्मी अंदाज में समझाते हैं और फिर इस तरह उसका डर निकल जाता है। लेकिन यह सीन असल में संजय दत्त की जिंदगी का है ही नहीं। यह किस्सा राजकुमार हिरानी की जिंदगी से लिया गया था क्योंकि सिचुएशन के हिसाब से फिट बैठता था। भूत के नाम पर हुई थी बहस खुद निर्देशक राजकुमार हिरानी ने अपने एक इंटरव्यू में बताया, "मेरे पापा ने मुझसे कहा कि कोई भूत-वूत नहीं होते हैं, और मैंने कहा- नहीं पापा भूत होते हैं। तब मेरे पापा ने मुझसे कहा कि ठीक है तो मुझे दिखाओ। अब मैं कुछ पल तक खामोश था, क्योंकि मैंने बस कहानियां सुनी थीं, मैंने कभी भूत देखा नहीं था। अब यह रात के 9-10 बजे बात हो रही थी तो फिर कुछ घंटे और बीतने के बाद वो मुझे शहर से बाहर कहीं लेकर गए।" राजकुमार हिरानी ने बताया कि 20-25 मिनट ड्राइव करके दोनों शहर से बाहर गए। पिता ने निकाला भूतों का डर संजू के निर्देशक ने बताया कि उनके पिता उन्हें जिस जगह लेकर पहुंचे वहां पर सुनसान था, बिलकुल अंधेरा और उनकी हालत खराब हो रही थी। राजकुमार हिरानी ने बताया कि उन्हें लगा कि आज तो भूत दिखेगा हर हालत में। डायरेक्टर ने बताया कि वह पीछे खड़े थे और उनके पिता वहां पर चिल्लाने लगे जोर-जोर से, कि कहां हो भूत भाई, आ जाओ, एक बार मिल लो। उन्होंने मुझसे कहा कि उतरो गाड़ी से बाहर। वह डरते-डरते उतरे, और उनके पिता ने उनसे भूत-भूत चिल्लाने को कहा। राजकुमार हिरानी ने किसी तरह डर-डरकर चिल्लाया भी, लेकिन जब वो लौटे तो यह डर हमेशा के लिए निकल चुका था उनके मन से।

इंग्लैंड के खिलाफ टी.20 सीरीज से बाहर हुए केशव महाराज

मेनचेस्टरए दक्षिण अफ्रीका के स्पिनर केशव महाराज इंग्लैंड के खिलाफ जारी टी20 सीरीज़ के बचे हुए दो मैचों से बाहर हो गए हैं। क्रिकेट साउथ अफ्रीका ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। महाराज को ग्रोइन ;जांघद्ध में चोट लगी है। उनकी जगह 30 वर्षीय बाएं हाथ के स्पिनर ब्योर्न फोर्टुइन को टीम में शामिल किया गया है। फोर्टुइन ने आखिरी बार सितंबर 2024 में टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबला खेला था। कार्डिफ़ में खेले गए वर्षा बाधित पहले टी20 मैच में दक्षिण अफ्रीका ने इंग्लैंड को 14 रन ;डीएलएस पद्धतिद्ध से हराया था। सीरीज़ के बाकी दो मुकाबले मैनचेस्टर और नॉटिंघम में खेले जाएंगे।  

टियर-2 और 3 शहर भारत के इंजीनियरिंग वर्कफोर्स को आकार देने में निभाएंगे बड़ी भूमिका : रिपोर्ट

नई दिल्ली एक लेटेस्ट रिपोर्ट के अनुसार, भारत के टियर-2 और टियर-3 शहर अगले कुछ वर्षों में देश के इंजीनियरिंग वर्कफोर्स को आकार देने में बड़ी भूमिका निभाते नजर आएंगे। एनएलबी सर्विसेज द्वारा संकलित आंकड़ों के अनुसार, पारंपरिक महानगरों के बाहर नए संस्थान, टेक्नोलॉजी पार्क और स्किलिंग हब तेजी से उभर रहे हैं। इसलिए अनुमान है कि 2028 तक भारत के एडवांस्ड इंजीनियरों में टियर-2 और टियर-3 शहरों का योगदान लगभग 35 प्रतिशत हो जाएगा। जयपुर, वडोदरा, कोयंबटूर, कोच्चि, पुणे और इंदौर जैसे शहर कम लागत और उच्च प्रभाव वाली प्रतिभाओं की तलाश करने वाले उद्यमों को लुभाते हुए तेजी से उनके लिए आकर्षक गंतव्य बन रहे हैं। रिपोर्ट में बताया गया है कि भारत पहले से ही हर वर्ष लगभग 15 लाख इंजीनियरिंग ग्रेजुएट्स तैयार करता है, जिनमें मैकेनिकल, सिविल, आईटी, सॉफ्टवेयर और मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्र शामिल हैं। हालांकि, वर्तमान में इनमें से केवल 45 प्रतिशत ही उद्योग मानकों को पूरा करते हैं, जबकि 60-72 प्रतिशत को व्यापक रूप से रोजगार योग्य माना जाता है। एआई, डेटा साइंस, इलेक्ट्रिक व्हीकल और सेमीकंडक्टर जैसे न्यू एज फिल्ड्स में स्किल्स गैप एक चुनौती साबित हो रहा है। रिपोर्ट इस बात पर भी जोर देती है कि भारत की अर्थव्यवस्था का भविष्य एसटीईएम-लेड इनोवेशन से संचालित होगा। आने वाली 70 प्रतिशत नौकरियों में एसटीईएम स्किल की आवश्यकता होने की उम्मीद है, ऐसे में एआई, मशीन लर्निंग, डेटा इंजीनियरिंग, एम्बेडेड सिस्टम और नैतिक एआई शासन जैसे क्षेत्रों में विशेषज्ञता महत्वपूर्ण होगी। रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत को 2026 तक 10 लाख एआई-ट्रेन्ड इंजीनियरों की आवश्यकता होने का अनुमान है, लेकिन वर्तमान आपूर्ति इस मांग का केवल 20 प्रतिशत ही पूरा कर पाती है। इसी प्रकार, ईवी इंडस्ट्री 30-40 प्रतिशत वार्षिक वृद्धि दर से बढ़ रही है। इस इंडस्ट्री को 2030 तक बैटरी टेक्नोलॉजी, ऑटोमोटिव इलेक्ट्रॉनिक्स और सस्टेनेबल डिजाइन जैसे क्षेत्रों में 10-20 लाख इंजीनियरों की आवश्यकता होने की उम्मीद है। भारत के पहले स्वदेशी 32-बिट माइक्रोप्रोसेसर, विक्रम 3201 के आत्मनिर्भरता की दिशा में एक कदम के बाद सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री भी नए अवसर पेश कर रही है। देश को चिप डिजाइन, प्रोसेस इंजीनियरिंग और टेस्टिंग के लिए हर वर्ष 25,000-30,000 स्किल्ड इंजीनियरों की आवश्यकता होने की उम्मीद है।  

भारत-पाक मैच पर उद्धव ठाकरे का बड़ा बयान, सड़क पर उतरने की चेतावनी

मुंबई  एशिया कप में भारत और पाकिस्तान के बीच 14 सितंबर को होने वाले क्रिकेट मैच को लेकर शिवसेना (UBT) चीफ उद्धव ठाकरे ने सड़क पर उतरने का ऐलान कर दिया है। उन्होंने कहा कि एक आतंकवादी देश के साथ मैच खेलने राष्ट्रीय भावना का अपमान है। उद्धव ठाकरे ने कहा कि शिवसेना के कार्यकर्ता पूरे महाराष्ट्र में सड़कों पर उतरेंगे और मैच का विरोध करेंगे। उद्धव ठाकरे ने कहा, हमारे सैनिक सीमा पर अपनी जान कुर्बान कर रहे हैं, इस स्थिति में क्या हमें पाकिस्तान के साथ क्रिकेट खेलना चाहिए। उन्होंने आगे कहा, 'मेरे पिता (बालासाहेब ठाकरे) ने जावेद मियांदाद से कहा था कि जब तक पाकिस्तान से भारत के खिलाफ आतंकवादी गतिविधियां जारी रहेंगी, तब तक क्रिकेट नहीं खेला जाएगा।' एक दिन पहले ही आदित्य ठाकरे ने कहा था कि बीजेपी ने अपनी विचारधारा बदल दी है। उन्होंने कहा कि खून और पानी एक साथ नहीं बह सकता लेकिन क्रिकेट मैच कैसे हो सकता है। कांग्रेस की महाराष्ट्र इकाई ने इसे पहलगाम आतंकी हमले में मारे गए लोगों के परिजनों और कर्तव्य निभाते हुए शहीद हुए सैनिकों का अपमान बताया। वहीं, शरद पवार के नेतृत्व वाली राकांपा (एसपी) ने कहा कि मैच की अनुमति देने से सरकार का दोहरा चरित्र उजागर हो गया है। आलोचना का जवाब देते हुए, महाराष्ट्र के मंत्री आशीष शेलार ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों को द्विपक्षीय राजनीतिक गतिरोधों से प्रभावित नहीं किया जा सकता। महाराष्ट्र कांग्रेस प्रवक्ता सचिन सावंत ने कहा कि इस क्रिकेट मैच की अनुमति देना एक कूटनीतिक विफलता है और पहलगाम आतंकवादी हमले में मारे गए लोगों के परिजनों और कर्तव्य निभाते हुए शहीद हुए सैनिकों का अपमान है। एनसीपी प्रवक्ता जितेंद्र आव्हाड ने कहा, ‘‘इस क्रिकेट मैच ने सरकार और सत्तारूढ़ पार्टी के दोहरे मानदंडों को उजागर कर दिया है, जिनकी राजनीति भारत-पाकिस्तान के इर्द-गिर्द घूमती है।’’ इस बीच, भाजपा मंत्री शेलार, जो एशिया क्रिकेट परिषद बोर्ड में बीसीसीआई के प्रतिनिधि भी हैं, ने शिवसेना (उबाठा) सांसद संजय राउत पर इस मुद्दे पर ‘‘भारत विरोधी’’ रुख अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, ‘‘हमारा रुख हमेशा से स्पष्ट रहा है कि भारतीय क्रिकेट टीम पाकिस्तान का दौरा नहीं करेगी और पाकिस्तान की टीम भी भारत नहीं आएगी। हालांकि, हम अपनी टीम को किसी अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में खेलने या भाग लेने से नहीं रोक सकते। यह कैसा रुख है? यह उचित रुख नहीं है?’’ शेलार ने कहा, ‘‘जो लोग अब भारत के मैच खेलने का विरोध कर रहे हैं, उन्हें याद रखना चाहिए कि (दिवंगत शिवसेना संस्थापक) बालासाहेब ठाकरे ने अपने आवास पर मियांदाद की मेजबानी की थी।’’