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राशिफल 15 सितंबर: मेष से मीन तक हर राशि का दिन कैसा बीतेगा, पढ़ें पूरी जानकारी

मेष- आज पूजा-पाठ और अच्छे कामों में मन लगेगा। पढ़ाई या विदेश से जुड़ी कोई अच्छी खबर मिल सकती है। सेहत का ध्यान रखें। पैतृक संपत्ति से फायदा होगा। चुनौतियों को तुम आत्मविश्वास से संभाल लोगे। ऑफिस में आपके कार्यों की प्रशंसा होगी। धन लाभ के योग भी बनेंगे। वृषभ- स्टूडेंट्स को सफलता मिलने के आसार हैं। नौकरी में प्रमोशन और नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। जमीन–गाड़ी से फायदा हो सकता है। लेकिन भावुक होकर जल्दी-जल्दी फैसले न लें। धैर्य से काम करें। आज खर्चों पर भी नजर रखें। मिथुन – काफ़ी समय से रुके काम पूरे होंगे। पैसों की स्थिति सुधरेगी। दुश्मनों पर जीत और ऑफिस में प्रमोशन के योग हैं। घर-परिवार से सहयोग मिलेगा। वैवाहिक जीवन भी बेहतर रहेगा। आपका स्वास्थ्य भी अच्छा रहेगा। कर्क – व्यापार में अच्छे रिजल्ट्स मिलेंगे। कला-संगीत में रुचि बढ़ेगी, लेकिन मन किसी अज्ञात डर से परेशान रह सकता है। घर के मामलों को शांति से सुलझाएं। स्वास्थ्य में सुधार होगा। भाई-बहन की मदद करनी पड़ सकती है। सिंह – आज गुस्से पर नियंत्रण रखें। आपके रिश्ते सुधरेंगे। पढ़ाई में सफलता मिलेगी लेकिन खर्चे भी बढ़ सकते हैं। प्रोफेशनल लाइफ में जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं। आज काम के सिलसिले में बाहर जाना पड़ सकता है। कन्या – लव लाइफ अच्छी रहेगी। रिलेशनशिप की दिक्कतें कम होंगी। नौकरी तलाशने वालों को कॉल आ सकता है। कान, गले या नाक की तकलीफ से बचने के लिए सतर्क रहें। डाइट और एक्सरसाइज पर ध्यान दें। आज आर्थिक स्थिति भी सामान्य रहेगी। तुला – कामकाज में नई उपलब्धियां हासिल होंगी। वाणी में मिठास आएगी। बच्चों की सेहत का ध्यान रखें। घर-परिवार में खुशियों का माहौल रहेगा। पुराने दोस्तों से मुलाकात होगी। स्वास्थ्य में सुधार के योग हैं। आज आपकी आर्थिक स्थिति भी अच्छी रहेगी। वृश्चिक – दिन सामान्य रहेगा। काम पर फोकस करें। ऑफिस में बेवजह के वाद-विवाद से दूर रहें। कुछ लोग जॉब स्विच कर सकते हैं। कुछ को प्रमोशन मिलेगा। हेल्दी खाना खाएं और जंक फूड से बचें। धनु – काम की जिम्मेदारियां बढ़ेंगी। जीवनसाथी से हल्की अनबन हो सकती है, इसलिए भावनाओं और गुस्से पर काबू रखें। रहन-सहन और स्वास्थ्य पर ध्यान दें। कार्यक्षेत्र में बदलाव संभव है लेकिन माहौल ठीक रहेगा। मकर – भौतिक सुख-सुविधाओं में वृद्धि होगी। आत्मविश्वास से लबरेज़ रहेंगे। रुका हुआ धन वापस मिल सकता है। अनियोजित खर्च भी बढ़ सकते हैं। नौकरी और कारोबार के लिए दिन अच्छा रहेगा। माता के स्वास्थ्य पर ध्यान दें। कुंभ – आर्थिक मामलों में परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। नई चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा। नए निवेश के लिए शुभ समय, लेकिन जल्दबाज़ी न करें। रिस्क न लें। बजट देख कर ही फैसले करें। हेल्थ और लाइफस्टाइल में पॉजिटिव बदलाव शुरू करने का अच्छा दिन। मीन – काम की चुनौतियों का सामना आत्मविश्वास से करें। जिम्मेदारियों को सावधानी से संभालें। बड़े बदलावों के लिए तैयार रहें। पॉजिटिव माइंडसेट के साथ अपने सपनों पर काम करते रहें। व्यापारियों के लिए दिन अच्छा रहेगा।

मेट्रो का नया विस्तार: गुरुग्राम से पचगांव तक सीधा कनेक्शन, साइबर सिटी आएंगे खुश

गुरुग्राम सेक्टर-56 रैपिड मेट्रो स्टेशन से पचगांव चौक तक मेट्रो विस्तार की व्यवहार्यता रिपोर्ट तैयार हो गई है। राज्य सरकार रिपोर्ट का अध्ययन कर रही है। उम्मीद है कि इस महीने के अंत तक रिपोर्ट को हरी झंडी मिल जाएगी। इसके बाद डीपीआर तैयार करने की प्रक्रिया शुरू होगी। नए रूट में एचएसआईडीसी की भी सहयोगी भूमिका होगी, यानी वह बजट साझा करेगी। नए रूट से एचएसआईडीसी को काफी फायदा होगा क्योंकि मानेसर और आसपास के इलाकों में उसके कई बड़े प्रोजेक्ट आ रहे हैं। सभी प्रोजेक्ट्स में बेहतर मेट्रो कनेक्टिविटी होगी। साथ ही साइबर सिटी और आसपास के इलाकों के लाखों लोगों को सुविधा मिलेगी। इस रूट के बनने के बाद गुरुग्राम जिले के ज्यादातर इलाके सीधे मेट्रो से जुड़ जाएंगे। राज्य सरकार की योजना साइबर सिटी और आसपास के सभी इलाकों को मेट्रो से जोड़ने की है। इस दिशा में पुराने गुरुग्राम में मेट्रो के विस्तार के साथ-साथ सेक्टर-56 से पचगांव चौक और पालम विहार से दिल्ली के द्वारका तक मेट्रो का विस्तार किया जाएगा। सेक्टर-56 से पचगांव चौक तक की फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार हो गई है। सेक्टर-56 रैपिड मेट्रो का आखिरी स्टेशन है। वहाँ एक इंटरचेंज बनाया जाएगा और आगे एक नया कॉरिडोर जोड़ा जाएगा। कॉरिडोर पर कितने स्टेशन होंगे और कहां होंगे, इसकी पूरी जानकारी डीपीआर से सामने आएगी। सभी भीड़-भाड़ वाले इलाकों में स्टेशन बनाने का प्रयास किया जाएगा। मानेसर के आसपास विकसित कई सोसायटियों को सीधे मेट्रो से जोड़ा जाएगा। 30 से ज़्यादा गाँव सीधे मेट्रो से जुड़ेंगे। इससे सड़कों पर यातायात का दबाव कम होगा और क्षेत्र में विकास की गति भी तेज़ होगी। पचगांव चौक पर आरआरटीएस कॉरिडोर से जुड़ेगा मेट्रो कॉरिडोर पचगांव चौक पर मेट्रो कॉरिडोर को रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (आरआरटीएस) कॉरिडोर से जोड़ा जाएगा। यह चौक आरआरटीएस कॉरिडोर का जंक्शन होगा। आरआरटीएस कॉरिडोर दिल्ली के सराय काले खां से राजस्थान के अलवर तक विकसित किया जाएगा। इस तरह, अलवर तक मेट्रो यात्रियों का सफ़र आसान हो जाएगा। रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) को हीरो होंडा चौक के पास पुराने गुरुग्राम के लिए विकसित किए जा रहे मेट्रो कॉरिडोर से जोड़ा जाएगा। इससे किसी भी क्षेत्र से मेट्रो सुविधाओं का लाभ उठाया जा सकेगा। बताया जा रहा है कि केंद्र सरकार ने आरआरटीएस कॉरिडोर विकसित करने की योजना को हरी झंडी देने की तैयारी कर ली है। जल्द ही कैबिनेट से इसे मंजूरी मिलने की उम्मीद है। केंद्रीय शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल ने कुछ दिन पहले गुरुग्राम में आयोजित एक समारोह में इसके संकेत दिए थे। आरआरटीएस कॉरिडोर के विकसित होने के बाद अलवर तक की तस्वीर बदल जाएगी। दिल्ली और गुरुग्राम में काम करने वाले लोग न केवल आस-पास रहना पसंद करेंगे, बल्कि वे अलवर तक भी रह सकेंगे, क्योंकि कॉरिडोर पर हर 10 से 15 मिनट में नमो ट्रेन चलने की सुविधा उपलब्ध होगी। आरआरटीएस कॉरिडोर तीन चरणों में विकसित  आरआरटीएस कॉरिडोर का विकास राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (एनसीआरटीसी) द्वारा तीन चरणों में किया जाएगा। पहले चरण में, दिल्ली-गुरुग्राम-एसएनबी (शाहजहांपुर-नीमराना-बहरोड़) 106 किलोमीटर, दूसरे चरण में बहरोड़ से सोतानाला और तीसरे चरण में सोतानाला से अलवर तक कॉरिडोर विकसित किया जाएगा। इस कॉरिडोर पर नमो भारत ट्रेनें 160 किलोमीटर प्रति घंटे तक की गति से दौड़ सकेंगी। औसत गति 100 किलोमीटर होगी। 10 से 15 मिनट के अंतराल पर ट्रेन की सुविधा उपलब्ध होगी।

20 महिला सरपंचें पहुंचीं इस गांव, जानने पंचकूला की सरपंच से सफलता की कहानी

बरवाला पंचकूला जिले की ग्राम पंचायत बुंगा। यहां की सरपंच कविता चौधरी अपनी दूरदर्शिता और प्रतिबद्धता के साथ गांव को आगे बढ़ाया है, जोकि पूरे प्रदेश की महिला सरपंचों के लिए प्रेरणास्रोत है। पंचायत को महिला फ्रेंडली का दर्जा मिला हुआ है। यही वजह है कि महिला हितैषी पंचायत के तहत आयोजित एक्सपोजर विजिट कार्यक्रम में यमुनानगर जिले की 20 महिला सरपंच बूंगा गांव की पंचायत के कामकाज करने के तरीके को देखने पहुंचीं। सरपंच कविता चौधरी ने बुंगा गांव को महिला सशक्तिकरण और विकास कार्यों की मिसाल के रूप में प्रस्तुत किया। उन्होंने गांव में अब तक हुए विकास कार्यों और आगामी योजनाओं की जानकारी दी। प्रतिभागी महिला सरपंचों ने गांव में बने महिला सांस्कृतिक केंद्र, आंगनवाड़ी, डेम और सामुदायिक केंद्र का निरीक्षण किया और पंचायत की कार्यशैली की सराहना की। गांव बुंगा में हुए विकास कार्यों पर आधारित एक डॉक्यूमेंट्री भी दिखाई गई, जिसमें बताया गया कि किस तरह ग्राम पंचायत बूंगा को एक महिला फ्रेंडली पंचायत के रूप में विकसित किया जा रहा है। महिला सरपंचों ने कहा कि सरपंच कविता चौधरी ने जिस दूरदर्शिता और प्रतिबद्धता के साथ गांव को आगे बढ़ाया है, वह पूरे प्रदेश की महिला सरपंचों के लिए प्रेरणास्रोत है। पहले भी लिया था बड़ा फैसला, बुंगा गांव में वाहनों पर लाउड म्यूजिक पर रोक सरपंच कविता चौधरी ने काफी समय पहले ही बुंगा गांव में एक सराहनीय पहल करते हुए वाहनों पर तेज आवाज में म्यूजिक बजाने पर पाबंदी लगा दी थी। यह कदम उस समय चर्चा का विषय बना था, क्योंकि आमतौर पर ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसी सख्ती देखने को नहीं मिलती। ग्रामीण बताते हैं कि इस फैसले से गांव में शांति और अनुशासन कायम हुआ है। खासकर पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों और बुजुर्गों को राहत मिली। आज यह फैसला कविता चौधरी की दूरदर्शिता और मजबूत नेतृत्व क्षमता की मिसाल बनकर सामने आ रहा है, जिसे अब दूसरी पंचायतों के लिए भी मॉडल के तौर पर देखा जा रहा है।

भूकंप से सिलीगुड़ी में हड़कंप, घरों और दफ्तरों से उमड़ी लोगों की भीड़

नई दिल्ली सिलीगुड़ी में शाम 4.41 बजे भूकंप के झटके महसूस किए गए। इसका केंद्र असम के धेकियाजुली से 16 किलोमीटर दूर था। वहां शाम 4:41 बजे 5.9 तीव्रता का भूकंप दर्ज हुआ। इस भूकंप का असर भारत के साथ-साथ नेपाल, बांग्लादेश, भूटान, म्यांमार और चीन तक महसूस किया गया। झटकों से लोग दहशत में घरों और दफ्तरों से बाहर निकल आए। बता दें कि 2 सितंबर को भी असम के सोनितपुर में 3.5 तीव्रता का भूकंप आया था। इस खबर को लगातार अपडेट किया जा रहा है। हम अपने सभी पाठकों को पल-पल की खबरों से अपडेट करते हैं। हम लेटेस्ट और ब्रेकिंग न्यूज को तुरंत ही आप तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। प्रारंभिक रूप से प्राप्त जानकारी के माध्यम से हम इस समाचार को निरंतर अपडेट कर रहे हैं। ताजा ब्रेकिंग न्यूज़ और अपडेट्स के लिए जुड़े रहिए जागरण के साथ।

युवाओं की भागीदारी बढ़ाने उतरी यूथ कांग्रेस, चंडीगढ़ में उठाएगी प्रमुख मुद्दे

चंडीगढ़ यूथ कांग्रेस की एक महत्वपूर्ण राज्य स्तरीय बैठक में संगठनात्मक मजबूती, युवाओं की राजनीतिक भागीदारी और आगामी रणनीतियों पर व्यापक चर्चा की गई। महंगाई, बेरोजगारी और शिक्षा जैसे मुद्दों पर जन-जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। बैठक की अध्यक्षता चंडीगढ़ यूथ कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष दीपक लुबाना ने की, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव और चंडीगढ़ प्रभारी अयाज चौधरी, प्रदेश कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष एचएस लक्की, उपाध्यक्ष गुरप्रीत सिंह उपस्थित रहे। अयाज चौधरी ने युवाओं को राजनीति में सक्रिय भागीदारी की प्रेरणा दी और कहा कि देश के निर्माण में युवाओं की भूमिका सबसे अहम है। उन्होंने संगठन को जमीनी स्तर पर और अधिक सशक्त बनाने की आवश्यकता पर बल दिया और युवाओं से आह्वान किया कि वे शिक्षा, रोजगार, महिला सुरक्षा, पर्यावरण और सामाजिक न्याय जैसे मुद्दों पर जनता के बीच जाकर काम करें।  प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एचएस लक्की ने कांग्रेस पार्टी हमेशा से युवाओं की शक्ति में विश्वास रखती है और यूथ कांग्रेस को हर स्तर पर पूरा सहयोग मिलेगा। उन्होंने युवाओं को पार्टी की विचारधारा और नीतियों को जनता तक पहुंचाने का आह्वान किया। प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष एवं पार्षद गुरप्रीत सिंह ने अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने नगर निगम और स्थानीय प्रशासन के कार्यों में युवाओं की भूमिका पर विशेष जोर दिया और युवाओं से आग्रह किया कि वे जमीनी मुद्दों को समझें और उनका समाधान करने में सक्रिय भूमिका निभाएं। दीपक लुबाना ने बताई योजना अध्यक्ष दीपक लुबाना ने आगामी योजना की जानकारी देते हुए बताया कि कालेजों और यूनिवर्सिटी में बड़े स्तर पर युवाओं से संवाद कार्यक्रम होंगे। महंगाई, बेरोजगारी और शिक्षा जैसे मुद्दों पर जन-जागरूकता अभियान चलेगा। सदस्यता अभियान से संगठन का विस्तार होगा। नए कार्यकर्ताओं के लिए प्रशिक्षण शिविर और कार्यशालाएं होंगी। सोशल मीडिया के माध्यम से युवा संवाद और डिजिटल सशक्तिकरण को बढ़ावा दिया जाएगा।

बिहार विधानसभा चुनाव में हिंदुत्व का नया समीकरण, शंकराचार्य ने घोषित किए ‘गो भक्त’ प्रत्याशी

मधुबनी बिहार की राजनीति में सनातन आस्था और गौ रक्षा का मुद्दा एक नया मोड़ आ गया है। जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी महाराज ने रविवार को ऐलान किया कि आगामी विधानसभा चुनाव में बिहार की सभी 243 सीटों पर गौ भक्त निर्दलीय प्रत्याशी मैदान में उतरेंगे। उन्होंने साफ कहा कि अब समय आ गया है कि सनातन धर्म की रक्षा और गौ माता के सम्मान के लिए राजनीति में भी गौ भक्त अपनी ताक़त दिखाएं। शंकराचार्य महाराज ने गौ मतदाता संकल्प यात्रा निकालकर इस अभियान की औपचारिक शुरुआत की। इसी कड़ी में मधुबनी के रांटी चौक स्थित एक होटल के सभागार में आयोजित सभा में उन्होंने कहा सनातन धर्म की रक्षा तभी संभव है जब हम गौ माता का संरक्षण करेंगे। गौ रक्षा केवल हमारी आस्था का विषय नहीं है, बल्कि यह हमारी संस्कृति और समाज की आधारशिला भी है। उन्होंने राजनीतिक दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि वे स्वयं राष्ट्रीय पार्टियों के दिल्ली स्थित कार्यालयों में गए और सभी नेताओं से मांग की कि गौ माता को राष्ट्र माता घोषित करने के लिए संसद में अपना पक्ष रखें। लेकिन आज तक किसी भी राजनीतिक दल ने इस विषय पर अपना स्पष्ट रुख नहीं बताया। उन्होंने कहा जब किसी भी दल ने गौ माता को लेकर अपनी स्थिति नहीं स्पष्ट की, तब हमें विवश होकर बिहार में अपने प्रत्याशी खड़े करने का निर्णय लेना पड़ा। उन्होंने कहा कि बिहार विधानसभा की सभी सीटों पर उनके समर्थक गौ भक्त चुनाव लड़ेंगे। नामांकन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद औपचारिक रूप से प्रत्याशियों की सूची सार्वजनिक की जाएगी। शंकराचार्य ने कहा कि देश में जीतने भी बुचरखाने हैं उन्हें बंद करें सरकार नहीं तो नोटिस भेजा जाएगा। गो माता को राष्ट्र माता घोषित करने की अपील सभा को संबोधित करते हुए शंकराचार्य जी ने सनातनी हिन्दुओं से अपील की कि वे आगामी चुनाव में केवल उन्हीं उम्मीदवारों को वोट दें, जो गौ रक्षा और गौ माता को राष्ट्र माता घोषित करने की प्रतिबद्धता दिखाते हों। उन्होंने कहा हमारी लड़ाई किसी दल या व्यक्ति से नहीं, बल्कि उस व्यवस्था से है, जो हमारी आस्था और संस्कृति की उपेक्षा करती रही है। मौके पर राधवाचार्य, भाजपा प्रदेश नेता अमरनाथ प्रसाद , कुंदन सिंह, साजन सिंह शिवम, रामलखन दास, , चंदन ठाकुर, अरुण झा, अनुपम झा उर्फ राजा सहित कई लोग थे।

नशे के कारोबार पर DRI का शिकंजा, मास्टरमाइंड समेत 10 गिरफ्तार, 26 करोड़ की खेप बरामद

कोलकाता राजस्व आसूचना निदेशालय (डीआरआई) ने नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ एक बड़ी सफलता हासिल की। डीआरआई की कोलकाता क्षेत्रीय इकाई ने 12 सितंबर को चलाए गए बहुआयामी अभियान में लगभग 26 करोड़ रुपए के मादक पदार्थ जब्त किए और रैकेट के मास्टरमाइंड सहित कुल 10 लोगों को गिरफ्तार किया। अधिकारियों के अनुसार, सुबह के शुरुआती घंटों में तीन अलग-अलग स्थानों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया गया। इनमें नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतर्राष्ट्रीय (एनएससीबीआई) हवाई अड्डा और जादवपुर के बिजॉयगढ़ इलाके के दो आवासीय परिसर शामिल थे। रैकेट के मास्टरमाइंड के आवास से भारी मात्रा में हाइड्रोपोनिक वीड, कैनाबिस और कोकीन बरामद किया गया है। मास्टरमाइंड द्वारा किराए पर लिए गए और संचालित एक अन्य आवास से, 'वितरण के लिए तैयार' रूप में भारी मात्रा में गांजा बरामद किया गया। कोलकाता में ऐसी नशीली दवाओं की बिक्री और स्थानीय वितरण के लिए काम कर रहे मास्टरमाइंड के चार सहयोगियों को भी उसी स्थान से गिरफ्तार किया गया। अधिकारियों ने उक्त स्थानों से नकदी भी जब्त की, जो नशीले पदार्थों की बिक्री से प्राप्त हुई थी। सिंडिकेट का एक अन्य सदस्य, जो विदेशों में आपूर्तिकर्ताओं की व्यवस्था करने में शामिल है, को भी उसी दिन गिरफ्तार किया गया। इस बीच, दमदम स्थित नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतर्राष्ट्रीय (एनएससीबीआई) हवाई अड्डे पर एक अलग अभियान में, बैंकॉक से आ रहे उक्त गिरोह से जुड़े चार मालवाहकों (जिनमें तीन महिलाएं भी शामिल थीं) को पकड़ा गया है। उनके पास से भारी मात्रा में नशीले पदार्थ भी बरामद किए गए। कुल मिलाकर अभियान में कुल 32.466 किलोग्राम गांजा, 22.027 किलोग्राम हाइड्रोपोनिक वीड, 345 ग्राम कोकीन और नकदी जब्त की गई है। मास्टरमाइंड, विदेशी वाहक, खुदरा वितरक और बिचौलियों सहित दस लोगों (सभी भारतीय नागरिक) को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत के लिए अदालत में पेश किया गया है। सभी जब्ती और गिरफ्तारियाँ नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (एनडीपीएस) एक्ट, 1985 की संबंधित धाराओं के तहत की गई हैं। आगे की जांच जारी है।

जनता को राहत: सरकार ने 12% टैक्स स्लैब घटाकर 5% किया, 99% वस्तुएं होंगी सस्ती

चेन्नई वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को कहा कि सरकार ने 12 प्रतिशत टैक्स स्लैब वाली 99 प्रतिशत वस्तुओं पर कर को घटाकर 5 प्रतिशत कर दिया है। इससे लोगों पर कर का बोझ कम होगा। ट्रेड एडं इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के ज्वाइंट कॉन्क्लेव में लोगों को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री ने कहा, "सरकार ने जीएसटी सुधार के तहत टैक्स स्लैब की संख्या को चार (5 प्रतिशत, 12 प्रतिशत, 18 प्रतिशत और 28 प्रतिशत) से घटाकर दो (5 प्रतिशत और 18 प्रतिशत) कर दिया गया है।" वित्त मंत्री ने आगे कहा, "जब लोगों को लगा कि सरकार ज्यादा टैक्स लगा रही है तो प्रधानमंत्री मोदी ने टैक्स के बोझ को घटाने के लिए कदम उठाए। जीएसटी में कटौती का हमारे 140 करोड़ नागरिकों पर दूरगामी प्रभाव पड़ेगा। प्रधानमंत्री दिवाली से पहले देश को यह छूट देना चाहते थे, लेकिन हमें नवरात्रि से पहले ही इसकी घोषणा करते हुए बेहद खुशी हो रही है। यह सभी भारतीयों की जीत है।" वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार ने 18 प्रतिशत टैक्स स्लैब वाली 90 प्रतिशत वस्तुओं पर कर को घटाकर 5 प्रतिशत या शून्य कर दिया है। इसके अतिरिक्त, वित्त मंत्री ने बताया कि 2017 में केवल 65 लाख लोग की जीएसटी का भुगतान कर रहे थे, लेकिन आज यह संख्या बढ़कर 1.5 करोड़ पर पहुंच गई है। साथ ही जीएसटी कलेक्शन बढ़कर 22.08 लाख करोड़ रुपए पहुंच गया है, जो कि 2018 में 7.18 लाख करोड़ रुपए था। जीएसटी में कटौती का श्रेय राज्यों के साथ साझा करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि राज्य के मंत्री जीएसटी परिषद की शुरुआत से ही इसका हिस्सा रहे हैं, और यह निर्णय सामूहिक रूप से लिया गया है। इस सफलता में राज्य सरकारों की भी भूमिका है। हमने 350 से ज्यादा वस्तुओं पर कर कम किया है और कर ढांचे को केवल दो स्लैब तक सीमित कर दिया है। नए जीएसटी सुधार 22 सितंबर से लागू होंगे। नए जीएसटी ढांचे में सरकार ने 5 प्रतिशत और 18 प्रतिशत के दो स्लैब रखे हैं। वहीं, लग्जरी और सिन गुड्स पर 40 प्रतिशत का अलग से टैक्स लगाया जाएगा।

नए युग की ओर यूपी: हाई-टेक उद्योग देंगे राज्य को विश्वस्तरीय पहचान

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार 'विकसित उत्तर प्रदेश-समर्थ उत्तर प्रदेश @2047' विजन को साकार करने के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार कर रही है। इस रूपरेखा में तीन मिशन- समग्र विकास, आर्थिक नेतृत्व और सांस्कृतिक पुनर्जागरण तथा तीन थीम- अर्थ शक्ति, सृजन शक्ति और जीवन शक्ति पर जोर दिया गया है। मुख्यमंत्री का स्पष्ट मत है कि अगले 22 साल में उत्तर प्रदेश की ग्लोबल पहचान भविष्योन्मुखी उद्योगों पर ध्यान केंद्रित किए बगैर नहीं प्राप्त की जा सकती है। इसके लिए सरकार का विशेष ध्यान एआई, बायोटेक, ग्रीन एनर्जी और एग्रीटेक आधारित उद्योगों पर है। इसके साथ ही सरकार प्रदेश के 12 प्रमुख सेक्टर (कृषि, औद्योगिक विकास, आईटी व इमर्जिंग टेक, स्वास्थ्य, शिक्षा, समाज कल्याण, नगर व ग्राम्य विकास, सतत विकास, पशुधन, पर्यटन, अवस्थापना और सुरक्षा-सुशासन) के जरिए भविष्य के उद्योगों की रूपरेखा तैयार करने में जुटी हुई है। इस व्यापक खाके का आर्थिक लक्ष्य 2030 तक प्रदेश को 1 ट्रिलियन डॉलर और 2047 तक 6 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाना है। 2017 से पूर्व उत्तर प्रदेश की गिनती बीमारू और विकास की दौड़ में पिछड़े राज्य की बन चुकी थी। सुरक्षा तंत्र की कमजोरी, निवेश के लिए असुरक्षित माहौल, हाई-टेक इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी और कौशल विकास की अनुपस्थिति के कारण निवेशकों का विश्वास घटा हुआ था। पुलिस सशक्तिकरण और स्मार्ट मॉनिटरिंग का ढांचा न होने से अपराध पर नियंत्रण ढीला था। यही कारण था कि रोजगार और उद्योग दोनों ही सीमित स्तर पर ठहर गए थे। यहां तक कि अधिकांश उद्यमी अन्य राज्यों की ओर पलायन कर चुके थे। योगी सरकार ने 2017 के बाद से कानून-व्यवस्था में बड़े पैमाने पर सुधार किए। पुलिस भर्ती और आधुनिकीकरण, स्मार्ट निगरानी नेटवर्क, कमांड-एंड-कंट्रोल सेंटर और अपराधियों पर कड़ी कार्रवाई से प्रदेश का सुरक्षा वातावरण पूरी तरह बदल गया। ‘ऑपरेशन कन्विक्शन’ जैसी पहलों ने सजा दर बढ़ाई और निवेशकों के लिए विश्वासपूर्ण माहौल तैयार किया। इसका सीधा असर उद्योग और व्यापार पर पड़ा और प्रदेश निवेश का सुरक्षित गढ़ बन सका। यही वजह रही कि 2023 में आयोजित यूपी ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में देश-विदेश की नामचीन कंपनियों ने यूपी में 45 लाख करोड़ से अधिक के निवेश का प्रस्ताव सरकार के समक्ष रख दिया। इसमें से 15 लाख करोड़ के निवेश धरातल पर उतर भी चुके हैं। यूपी ने ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (जीसीसी) नीति लागू करके नोएडा और लखनऊ जैसे शहरों को अंतरराष्ट्रीय कंपनियों का नया केंद्र बनाने की पहल की है। इस नीति का उद्देश्य फॉर्च्यून 500 कंपनियों को आकर्षित करना है ताकि प्रदेश में उच्च वेतन वाली नौकरियां, आरएंडडी, डेटा एनालिटिक्स और साइबर सिक्योरिटी जैसी उच्च मूल्य सेवाएं विकसित हो सकें। राज्य सरकार द्वारा प्रदान की जा रही जमीन, टैक्स छूट और बुनियादी ढांचे की सुविधा ने घरेलू और विदेशी निवेशकों का भरोसा और मजबूत किया है। प्रदेश अब कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), बायोटेक, अक्षय ऊर्जा, एग्रीटेक, क्वांटम, साइबर सिक्योरिटी और मेटावर्स जैसे भविष्य के उद्योगों को अपनी अर्थव्यवस्था का आधार बना रहा है। एआई से उत्पादकता बढ़ेगी, जबकि अक्षय ऊर्जा और ग्रीन टेक्नोलॉजी में नए विनिर्माण क्लस्टर और रोजगार सृजित होंगे। बायोटेक और हेल्थ-टेक पार्क राज्य को फार्मा और मेडिकल रिसर्च का हब बनाएंगे। एग्रीटेक और वर्टिकल फार्मिंग किसानों की आय बढ़ाकर ग्रामीण समृद्धि को मजबूत करेंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि उच्च मूल्य सेवाएं, ग्रीन मैन्युफैक्चरिंग और एग्रीटेक सुधार प्रदेश को 6 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था की ओर ले जाएंगे। जीसीसी और आईटी-एआई हब से सेवाओं का निर्यात बढ़ेगा, रिन्यूएबल और ई-मोबिलिटी क्लस्टर से विनिर्माण व एक्सपोर्ट में तेजी आएगी और कृषि आधारित प्रोसेसिंग से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। बायोटेक और मेडिकल आरएंडडी से विशेषीकृत रोजगार और निर्यात अवसर खुलेंगे। योगी सरकार का यह विजन रोजगार सृजन पर केंद्रित है। प्रत्यक्ष तौर पर लाखों उच्च-वेतन नौकरियां ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स और आईटी हब से मिलेंगी। वहीं, रिन्यूएबल, स्मार्ट सिटी इंफ्रास्ट्रक्चर और सप्लाई चेन में लाखों मध्यम और निम्न-कुशल नौकरियां बनेंगी। ग्रामीण क्षेत्रों में एग्रीटेक और कोल्ड चेन से स्थानीय स्तर पर रोजगार मिलेगा और शहरी पलायन कम होगा। स्किल-विकास योजनाएं और प्राइवेट पार्टनरशिप इस रोजगार रोडमैप को व्यवहार्य बनाएंगी। 2047 तक उत्तर प्रदेश को 6 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य है। इसके लिए राज्य को लगातार 16 प्रतिशत वार्षिक वृद्धि दर बनाए रखनी होगी। इस विज़न के अंतर्गत प्रति व्यक्ति आय में उल्लेखनीय वृद्धि होगी और राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था में प्रदेश का योगदान लगभग 20 प्रतिशत तक पहुंचेगा। यह केवल तभी संभव होगा जब निजी और सार्वजनिक निवेश, क्लस्टर-बिल्डिंग, मानव संसाधन विकास और सुरक्षित निवेश माहौल निरंतर बनाए रखा जाए।

अमित शाह बोले – राजभाषा सम्मेलन देश में नई प्रेरणा और उत्साह का संचार कर रहा

गांधीनगर हिंदी दिवस के अवसर पर गुजरात की राजधानी गांधीनगर में 5वां अखिल भारतीय राजभाषा सम्मेलन आयोजित हुआ। इस कार्यक्रम में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शिरकत की और देशभर से आए राजभाषा और भारतीय भाषाओं के विद्वानों का स्वागत किया। अपने संबोधन में केंद्रीय गृह मंत्री शाह ने कहा कि आज का दिन मेरे लिए विशेष अवसर है, क्योंकि पूरे देश से राजभाषा और भारतीय भाषा के उत्साही लोग एकत्रित हुए हैं। यह मेरा संसदीय क्षेत्र भी है और मैं आप सभी का हार्दिक स्वागत करता हूं। उन्होंने सम्मेलन के महत्व को रेखांकित करते हुए बताया कि यह समारोह पहले हमेशा दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित किया जाता था, लेकिन पिछले पांच वर्षों से इसे देश के अलग-अलग हिस्सों में आयोजित करने की परंपरा शुरू की गई है। उन्होंने कहा कि 2021 के बाद 5वां अखिल भारतीय राजभाषा सम्मेलन दिल्ली के बाहर हो रहा है। पिछले चार सम्मेलनों के अपने अनुभव से हम जानते हैं कि यह नए दृष्टिकोण, ऊर्जा और प्रेरणा लेकर आता है। केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि इस बदलाव से हमें राजभाषा और अन्य भारतीय भाषाओं के बीच संवादिता और आदान-प्रदान का शानदार अवसर मिला है। उन्होंने गुजरात की विशेषताओं का उल्लेख करते हुए कहा कि भले ही यह हिंदी भाषी राज्य नहीं है, लेकिन यहां हिंदी को हमेशा से अपनाने और आगे बढ़ाने की परंपरा रही है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि दयानंद सरस्वती, महात्मा गांधी और सरदार वल्लभभाई पटेल जैसी महान विभूतियों ने न केवल हिंदी को स्वीकार किया, बल्कि इसके प्रचार-प्रसार में भी अग्रणी भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि जब सारा कामकाज जनता की भाषा में होता है तो जनता के साथ संपर्क अपने आप बढ़ जाता है। सारथी एक अनुवाद की प्रणाली है। यह हिंदी से भारत की सभी भाषाओं में सरलता से अनुवाद करने की व्यवस्था है। मैं गर्व के साथ देशभर की सभी सरकारों को कहना चाहता हूं कि आप अपनी भाषा में हमें पत्र दीजिए और गृह मंत्रालय आपकी ही भाषा में जवाब देगा, हम यह व्यवस्था कर चुके हैं। आने वाले दिनों में हम इसे और समृद्ध करेंगे। गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने अपने संबोधन में कहा कि आज हिंदी दिवस के अवसर पर, मैं आप सभी का हार्दिक अभिनंदन करता हूं और गुजरात की पावन धरती पर आपका स्वागत करता हूं। आज गांधीनगर में 5वां अखिल भारतीय राजभाषा सम्मेलन आयोजित हो रहा है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में राजभाषा विभाग ने डिजिटल हिंदी शब्दकोश 'सिंधु' जैसे प्रयास किए हैं। इन प्रयासों के माध्यम से शब्दकोश 'सिंधु' में 7 लाख से अधिक शब्द शामिल किए गए हैं।