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एमपी ट्रांसको के 412 सब स्टेस्शन में कैपेसिटर बैंक क्रियाशील : ऊर्जा मंत्री तोमर

भोपाल ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया कि विद्युत उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एम.पी. ट्रांसको) अपने अधिकांश एक्स्ट्रा हाईटेंशन सबस्टेशनों में कैपेसिटर बैंकों की स्थापना कर चुकी है। कंपनी के 417 सबस्टेशन में से 412 सबस्टेशन में विभिन्न क्षमताओं के कैपेसिटर बैंक क्रियाशील हैं। इसके अतिरिक्त पुराने सबस्टेशनों में भी आवश्यकता अनुसार नए कैपेसिटर बैंकों की स्थापना के साथ मौजूदा क्षमता में वृद्धि की जा रही है। उन्होंने एमपी ट्रांसको के इस अभियान की प्रशंसा करते हुए कहा कि इससे प्रदेश के विद्युत उपभोक्ताओं को मानक वोल्टेज की गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जा सकेगी। 9278.5 एम.व्ही.ए.आर.की स्थापित क्षमता वर्तमान में राज्य में स्थित एम.पी. ट्रांसको के 220 के.व्ही. सबस्टेशनों पर 145 के.व्ही. स्तर के 32 कैपेसिटर बैंक एवं 132 के.व्ही. सबस्टेशनों पर 36 के.व्ही. स्तर के 719 कैपेसिटर बैंक क्रियाशील हैं। कुल मिलाकर प्रदेश में एम.पी. ट्रांसको 751 कैपेसिटर बैंकों तथा 9278.5 एम.व्ही.ए.आर. की संयुक्त स्थापित क्षमता के साथ उपभोक्ताओं को मानक वोल्टेज पर उच्च गुणवत्ता की विद्युत आपूर्ति उपलब्ध करा रही है। 52 पुराने कैपेसिटर बैंकों की क्षमता वृद्धि ट्रांसमिशन कंपनी ने प्रदेश में 52 ऐसे पुराने कैपेसिटर बैंकों की पहचान की है, जिनकी समयावधि आयु पूर्ण हो चुकी है और वे अब अपेक्षित कैपेसिटिव लोड प्रदान करने में सक्षम नहीं हैं। इन सबस्टेशनों में अधिक एमवीएआर क्षमता के कैपेसिटर बैंकों की आवश्यकता महसूस की जा रही थी। इस आवश्यकता की पूर्ति के लिये कंपनी ने अभियान चलाकर इन स्थानों पर कैपेसिटर बैंकों का प्रतिस्थापन एवं क्षमता वृद्धि की जा रही है, ताकि एमपी ट्रांसकों के सभी सबस्टेशनों से गुणवत्तापूर्ण और मानक वोल्टेज में विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके। कैपेसिटर बैंक से मिलता है लाभ एक्स्ट्रा हाई टेंशन सबस्टेशनों से विद्युत आपूर्ति के दौरान पॉवर ट्रांसफार्मर्स पर प्रायः इंडक्टिव लोड (सिंचाई मोटरें एवं घरेलू उपकरण) होता है, जिससे वोल्टेज में कमी आती है और विद्युत गुणवत्ता प्रभावित होती है। इस समस्या के समाधान के लिये कैपेसिटर बैंक लगाए जाते हैं, जो अपने कैपेसिटिव लोड के माध्यम से उस इंडक्टिव प्रभाव को संतुलित कर देते हैं। इसके परिणामस्वरूप पॉवर फैक्टर में सुधार होता है और उपभोक्ताओं को मानक वोल्टेज पर विश्वसनीय विद्युत आपूर्ति होती है।  

कांग्रेस घुसपैठियों की रक्षक, देश विरोधियों की हमदर्द – पीएम मोदी का आरोप

असम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को असम के दरांग में एक जनसभा को संबोधित करते हुए जनता को कांग्रेस के प्रति आगाह किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के लोग हमारी सेना की बजाय आतंकियों को पालने वालों के एजेंडों को आगे बढ़ाते हैं। पाकिस्तान का झूठ कांग्रेस का एजेंडा बन जाता है। इसलिए आपको कांग्रेस के प्रति हमेशा सतर्क रहना चाहिए। पीएम मोदी ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा, "जब कांग्रेस सत्ता में थी, तब पूरा देश आतंक से लहूलुहान होता था और कांग्रेस चुपचाप खड़ी रहती थी। आज हमारी सेना 'ऑपरेशन सिंदूर' चलाती है, पाकिस्तान के कोने-कोने से आतंक को उखाड़ फेंकती है, लेकिन कांग्रेस के लोग पाकिस्तान की सेना के साथ खड़े हो जाते हैं। कांग्रेस के लोग हमारी सेना की बजाय आतंकियों को पालने वालों के एजेंडों को आगे बढ़ाते हैं। पाकिस्तान का झूठ कांग्रेस का एजेंडा बन जाता है, इसलिए आपको कांग्रेस के प्रति हमेशा सतर्क रहना चाहिए।" उन्होंने आगे कहा, "कांग्रेस के लिए अपने वोट बैंक का हित सबसे बड़ा है। कांग्रेस देशहित की कभी परवाह नहीं करती है। आज कांग्रेस देशविरोधियों और घुसपैठियों की भी रक्षक बन चुकी है। जब कांग्रेस सत्ता में थी, तब वह घुसपैठ को बढ़ावा देती थी और आज कांग्रेस चाहती है कि घुसपैठिए हमेशा के लिए भारत में बस जाए और भारत का भविष्य घुसपैठिए तय करें।" प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, "दशकों तक कांग्रेस ने असम पर शासन किया, फिर भी उन्होंने 60-65 वर्षों में ब्रह्मपुत्र नदी पर केवल तीन पुल बनाए। इसके विपरीत, जब आपने हमें अवसर दिया, तो हमने केवल एक दशक में छह नए पुल बनाए। यह स्वाभाविक है कि आप हमारे प्रयासों की सराहना करेंगे और हमें अपना समर्थन देंगे। केवल नौ दिनों में नवरात्रि के पहले दिन, जीएसटी दरों में उल्लेखनीय गिरावट आने वाली है, जिससे देश के लोगों को काफी लाभ होगा। इस कमी से सीमेंट, बीमा, मोटरसाइकिल और कारों की कीमतों में भारी कमी आएगी।"

प्रदेश में कचरे के निष्पादन के लिये नगरीय निकायों को किया जा रहा है प्रोत्साहित

भोपाल में बेकार कपड़े को रिसायकल करके उच्च गुणवत्ता का तैयार किया जा रहा है फाइबर पीपीपी मॉडल पर तैयार किया गया है अत्याधुनिक प्लांट भोपाल  नगरीय विकास एवं आवास विभाग नगरीय निकायों को कचरे के उचित निष्पादन के लिये लगातार प्रोत्साहित कर रहा है। प्रदेश के अनेक नगरीय निकायों ने इस दिशा में अभिनव पहल भी की है। इसके बेहतर परिणाम सामने आ रहे हैं। भोपाल नगर निगम ने कपड़े के रूप में अपशिष्ट प्रबंधन के लिये पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी मॉडल) टेक्सटाइल रिकवरी फेसिलिटी (टीआरएफ) सेंटर स्थापित किया है। यह पहल वस्त्र अपशिष्ट प्रबंधन और पुनर्चक्रण (रिसायकल) को बढ़ावा देने दी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। नगर निगम भोपाल की इस परियोजना का संपूर्ण खर्च कंपनी द्वारा वहन किया गया है और लगभग 2 करोड़ रूपये की लागत से यह अत्याधुनिक प्लांट तैयार किया गया है। निगम को इसके एवज में प्रति माह 22 हजार रूपये की रायल्टी प्राप्त होगी। यह टीआरएफ यूनिट प्रति घंटा एक टन बेकार कपड़ा अपशिष्ट प्रोसेस करने की क्षमता रखता है। इस यूनिट में एकत्रित पुराने कपड़ों को छटाई और 7-स्टेज डीथ्रेडिंग यूनिट की आधुनिक प्रक्रिया से गुजार कर उच्च गुणवत्ता का कॉटन और फाइबर तैयार किया जा रहा है। इस प्लांट के सॉफ्ट टायज, किक बैग्स, क्रिकेट पैड्स, रंगीन कॉटन, सफेद कॉटन और पॉलीएस्टर फाइबर जैसे उपयोगी उत्पाद तैयार किये जा रहे हैं। इससे न केवल राजधानी भोपाल में केवल कपड़ा अपशिष्ट का पुन: उपयोग संभव हुआ है, बल्कि अनेक लोगों को रोजगार भी मिल रहा है। पर्यावरण संरक्षण फाइबर सायकल टेक्सटाइल प्राइवेट लिमिटेड की यह पहल पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास की दिशा में एक बड़ा कदम है। यह परियोजना भोपाल को स्वच्छ और हरित शहर बनाने में अहम भूमिका निभा रही है। यह यूनिट प्रदेश के अन्य नगरों के लिये भी एक प्रेरक मॉडल बन गयी है। इस इकाई की कुल क्षमता 10 टन प्रति दिन है। भोपाल नगर निगम महापौर श्रीमती मालती राय ने भी इकाई का दौरा कर इसकी कार्यप्रणाली की जानकारी प्राप्त की है। इस इकाई को नगर निगम ने सिर्फ जमीन उपलब्ध कराई है। सारा निवेश कंपनी की तरफ से किया गया है।  

शिक्षा किसी भी समाज की प्रगति और विकास के लिए सबसे महत्वपूर्ण : उप मुख्यमंत्री देवड़ा

मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित कर दी शुभकामनाएं भोपाल उप मुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा ने कहा कि शिक्षा किसी भी समाज की प्रगति और विकास के लिए सबसे महत्वपूर्ण घटक है। ऐसे में जीनगर समाज द्वारा विद्यार्थियों को शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करने के लिये किए जा रहे कार्य प्रशंसनीय और सराहनीय हैं। समाजहित में किये जा रहे इस कार्य में राज्य सरकार आपके साथ है। उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने रविवार को भोपाल में अखिल भारतीय जीनगर समाज द्वारा आयोजित प्रतिभावान विद्यार्थी सम्मान समारोह में सहभागिता की। उन्होंने मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन किया एवं उपस्थित विद्यार्थियों, अभिभावकों तथा समाज बंधुओं को संबोधित किया। सामाजिक बंधुओं ने उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा का भी सम्मान किया। उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने कहा कि समाज के बच्चों से मैं यह विशेष तौर पर कहना चाहता हूँ कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के कुशल नेतृत्व में राज्य सरकार शिक्षा के लिए पूर्ण समर्पित और संकल्पित है। उन्होंने विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।  

खाद्य निगम घोटाले पर गिरी गाज: बिहार सरकार ने 12 अफसरों को किया सस्पेंड

पटना खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने राज्य खाद्य निगम के छह सहायक प्रबंधक एवं छह गुणवत्ता नियंत्रक को खराब गुणवत्ता के खाद्यान्न की आपूर्ति किए जाने के संबंध में विभागीय जांचोपरांत निलंबन की कार्रवाई की है। इससे पूर्व विभाग द्वारा कल छह आपूर्ति निरीक्षकों/प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारियों को निलंबित किया गया था।  खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग पूरे राज्य में सार्वजनिक वितरण प्रणाली दुकानों में खाद्यान्नों की गुणवत्ता, मात्रा एवं समय पर खाद्यान्न की उपलब्धता के संबंध में राज्यव्यापी 'जीरो ऑफिस डे 'अभियान के तहत निरीक्षण अभियान चला रहा है। अब तक राज्य में राज्य के कुल 53,869 सार्वजनिक वितरण प्रणाली की दुकानों में से 49,209 सार्वजनिक वितरण प्रणाली की दुकानों का निरीक्षण कार्य संपन्न कर लिया गया है।  इस निरीक्षण अभियान के तहत खाद्यान्न की मात्रा, गुणवत्ता एवं सही समय पर खाद्यान्न की उपलब्धता के संबंध में शिकायत निरीक्षण रिपोर्ट के आधार पर अब तक कुल 10,735 सर्वजानिक जन वितरण प्रणाली दुकानों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है, 108 प्राथमिक की दर्ज की गई है तथा 178 सार्वजनिक वितरण प्रणाली दुकानों का लाइसेंस रद्द किया गया है।   

इजरायल पर खाड़ी देशों का पलटवार! कतर हमले के बाद सऊदी-UAE का नया गठबंधन तैयार

दोहा  कतर की राजधानी दोहा पर इजरायल के हालिया हमले ने पूरे अरब जगत को झकझोर दिया है। इस हमले को लेकर सऊदी अरब, यूएई, बहरीन, ओमान और कुवैत जैसे खाड़ी देशों ने कड़ी नाराज़गी जताई है। अब इन देशों में विचार हो रहा है कि वे एकजुट होकर इजरायल को कड़ा जवाब दें । चाहे वह कूटनीतिक, सैन्य या  आर्थिक मोर्चे पर क्यों न हो। कई विशेषज्ञ इसे  ‘इस्लामिक नाटो’ जैसे गठबंधन की दिशा में पहला कदम मान रहे हैं। कतर पर हमले ने बढ़ाई खाड़ी की बेचैनी   जून 2025 में  ईरान ने कतर स्थित अमेरिकी बेस  को निशाना बनाया था। सितंबर में इजरायल ने दोहा में हमास के राजनीतिक ठिकानों  पर हमला कर दिया। कतर के प्रधानमंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान अल थानी ने कहा-“यह सिर्फ कतर पर नहीं, पूरे अरब पर हमला है। जवाब सामूहिक होगा।”  दोहा में होने वाले अरब और इस्लामी शिखर सम्मेलन में इस पर बड़ा फैसला संभव है।   खाड़ी देशों की प्रतिक्रियाएं  सऊदी अरब ने कहा कि यह हमला अस्वीकार्य है। यूएई राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद 24 घंटे के भीतर दोहा पहुँचे और तुरंत कूटनीतिक हलचल शुरू कर दी। विशेषज्ञ मानते हैं कि खाड़ी देश अब ऐसे कदम उठाना चाहते हैं जिससे “भविष्य में इजरायली हमलों की संभावना ही खत्म हो जाए।” कुवैत विश्वविद्यालय के प्रोफेसर बदर अल-सैफ ने कहा –“अगर हम अब एकजुट नहीं हुए तो अगला निशाना अन्य खाड़ी देश होंगे।”    कूटनीतिक विकल्प  यूएई अब्राहम समझौते में अपनी भागीदारी घटा सकता है, जिसके तहत इजरायल और अरब देशों के बीच रिश्ते सामान्य हुए थे। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद  में कतर पहले ही इजरायली हमलों की निंदा का सर्वसम्मत प्रस्ताव पास करवा चुका है। कतर यह भी सोच रहा है कि वह  अमेरिका और उसके विरोधियों के बीच मध्यस्थ की भूमिका से हट जाए।    क्या बनेगा 'इस्लामिक नाटो'? खाड़ी देशों के बीच पहले से ही पारस्परिक रक्षा संधि  है। 1980 के दशक का Peninsula Shield Force  समझौता अब सक्रिय किया जा सकता है। वायु और मिसाइल डिफेंस सिस्टम को एकीकृत  करने की तैयारी पर विचार हो रहा है। अधिकांश खाड़ी देश अमेरिकी हथियारों पर निर्भर हैं, लेकिन अब वे अपनी रक्षा क्षमता में विविधता लाने  की कोशिश कर सकते हैं।    इजरायल के खिलाफ सबसे बड़ा हथियार  सऊदी अरब, कतर, कुवैत और यूएई के पास  खरबों डॉलर के संप्रभु धन कोष  हैं। इनका इस्तेमाल इजरायल की सप्लाई चेन और अर्थव्यवस्था को चोट पहुँचाने के लिए किया जा सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि अरब देश उन कंपनियों का  बहिष्कार  कर सकते हैं, जिनकी इजरायल की अर्थव्यवस्था में बड़ी हिस्सेदारी है। यह संदेश भी दिया जा सकता है कि  “अगर हम असुरक्षित हैं और इसका कारण इजरायल है, तो हमारा पैसा कहीं और जाएगा।”  

सुभाष घई ने कश्मीर को बताया गौरव, फिल्मकारों से की घाटी में फिल्म शूटिंग की अपील

मुंबई,  मशहूर फिल्म निर्माता सुभाष घई हाल ही में कश्मीर गए थे, जहां उन्होंने कश्मीर के एक प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की थी। इसकी एक तस्वीर सोशल मीडिया पर शेयर करते हुए उन्होंने कश्मीर को देश का गौरव बताया और दूसरे फिल्म निर्माताओं से घाटी में शूटिंग करने की अपील की। सोशल मीडिया पोस्ट में सुभाष घई ने सिनेमा के जरिए कश्मीर घाटी में पर्यटन को बढ़ावा देने का अनुरोध किया। उन्होंने बताया कि कश्मीर की मनमोहक सुंदरता को पर्दे पर दिखाकर फिल्म और पर्यटन दोनों को सपोर्ट कर सकते हैं। रविवार को निर्देशक सुभाष घई ने इंस्टाग्राम पर फोटो शेयर करते हुए लिखा, “कश्मीर में सिनेमा और फिल्म शूटिंग के जरिए पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कश्मीर के एक प्रतिनिधिमंडल से मिलना मेरे लिए सुखद अनुभव रहा। कश्मीर के लोग और सरकार पूरी तरह समर्पित हैं कि वे भारत और दुनियाभर के फिल्म निर्माताओं को आमंत्रित कर अपने खूबसूरत कश्मीर और भारत के गौरव को फिल्मों में दिखाएं।” इससे पहले सुभाष घई ने सोशल मीडिया पर साची बिंद्रा के लिए पोस्ट लिखी थी। इसमें उन्होंने साची की खूब तारीफ की और बताया कि परिवार का हिस्सा होने के बावजूद कभी भी फिल्मों में काम के लिए मदद नहीं मांगी, न ही कभी संपर्क किया। उन्होंने पोस्ट में लिखा, “कृपया इसे नेपोटिज्म न कहें। ये अभिनेत्री साची बिंद्रा हैं, जो अपनी पहली फिल्म ‘मन्नू क्या करेगा’ की मुख्य अभिनेत्री हैं, और वह मेरी पारिवारिक सदस्य हैं, लेकिन यकीन मानिए, साची आज तक फिल्मों में अभिनय के लिए मुझसे कभी किसी तरह की मदद के लिए नहीं मिलीं। जब मैंने परिवार के साथ उनकी फिल्म देखी, तो मैं पर्दे पर उनका शानदार अभिनय देखकर दंग रह गया। मुझे उन पर गर्व है। इतनी मनोरंजक फिल्म के लिए उन्हें और उनकी टीम को बधाई। मेरा आशीर्वाद सदैव तुम्हारे साथ है।” सुभाष घई ‘कालीचरण’, ‘विश्वनाथ’, ‘कर्ज’, ‘हीरो’, ‘विधाता’, ‘मेरी जंग’, ‘कर्मा’, ‘राम लखन’, ‘सौदागर’, ‘खलनायक’, ‘परदेस’, और ‘ताल’ जैसी फिल्मों के लिए जाने जाते हैं। कमर्शियल सिनेमा में सफलता के अपने अनुभव साझा करते हुए उन्होंने कुछ दिनों पहले कहा था कि सही कास्टिंग और निर्देशक का विषय पर गहरी समझ होना सबसे महत्वपूर्ण है।  

विद्यालयों को अकादमिक दृष्टि से मजबूत करने के लिये विमर्श पोर्टल

भोपाल  स्कूल शिक्षा विभाग प्रदेश में सरकारी स्कूलों, शिक्षकों और विद्यार्थियों को अकादमिक रूप से मजबूत करने और शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिये डिजिटल प्लेटफार्म के रूप में विमर्श पोर्टल का संचालन कर रहा हैं। विमर्श पोर्टल में संभाग, जिला, विकासखंड और विद्यालयों के लॉगइन उपलब्ध है। विद्यालयों द्वारा दर्ज जानकारी के आधार पर संभाग, जिला और राज्य स्तर पर रिपोर्ट से मॉनिटरिंग की जा रही है। विमर्श पोर्टल पर विद्यार्थियों का विषयवार नामांकन, ब्रिज कोर्स, स्कूल एमआईएस इन्फ्रास्ट्रक्चर संबंधित जानकारी, विषयमान से अध्यापन करने वाले शिक्षकों और प्राचार्यों की जानकारी, त्रैमासिक, अर्द्धवार्षिक परीक्षा परिणाम और स्थानीय परीक्षा की जानकारी विद्यालयों द्वारा अपने लॉगइन से प्रत्येक सत्र में दर्ज की जाने की सुविधा है। आईसीटी@स्कूल अंतर्गत विद्यालयों में स्थापित की गई आईसीटी लैब, मॉनिटरिंग सिस्टम और विद्यालयों में कार्यरत व्यावसायिक शिक्षकों की मॉनिटरिंग संबंधित जानकारी प्रत्येक माह में विमर्श पोर्टल पर दर्ज की जा रही है।  

इतिहास रचा BJP ने! जेपी नड्डा ने बताया करोड़ों में पहुंचा पार्टी का सदस्य आधार

नई दिल्ली  भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने रविवार को कहा कि 14 करोड़ सदस्यों के साथ बीजेपी दुनिया की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी बन गई है। उन्होंने कहा कि भाजपा में दो करोड़ सक्रिय सदस्य हैं। जेपी नड्डा ने बताया कि पार्टी के देश भर में 240 लोकसभा सदस्य, लगभग 1,500 विधायक और विधान परिषदों में 170 से ज्यादा सदस्य हैं। केंद्रीय मंत्री ने आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में पार्टी की एक रैली को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) सरकार की सराहना की। "13 राज्यों में भाजपा की सरकारें"   उन्होंने कहा, "हम (बीजेपी) 14 करोड़ सदस्यों के साथ दुनिया की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी हैं। भारत के 20 राज्यों में एनडीए और 13 राज्यों में भाजपा की सरकारें हैं। हम देश की सबसे बड़ी प्रतिनिधि पार्टी हैं। हमारे 240 सांसद (लोकसभा) हैं। हमारे लगभग 1,500 विधायक हैं। हमारे विधान परिषदों में 170 से ज्यादा सदस्य हैं।”  नड्डा ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में 11 साल में कार्य-निष्पादन और जवाबदेह सरकार की राजनीति हुई है, जबकि पिछली सरकारों में अकार्य-निष्पादन की राजनीति थी और उन्होंने विकास कार्य नहीं किए। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारें घोषणापत्रों में किए गए वादों को भी भूल गई थीं। "पहले तुष्टीकरण की राजनीति थी" केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि पहले परिवारवाद, भ्रष्टाचार और तुष्टीकरण की राजनीति थी। भाजपा अध्यक्ष ने कहा, "हम एक ऐसी पार्टी से आते हैं जिसका एक वैचारिक आधार है।" नड्डा ने आंध्र प्रदेश में किए गए विकास कार्यों का जिक्र करते हुए कहा कि केंद्र ने राजधानी अमरावती के निर्माण के लिए 15,000 करोड़ रुपये प्रदान किए हैं। 

पीएम मित्रा पार्क में 91 कम्पनियों को आवंटित हुई लगभग 1300 एकड़ भूमि : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भूमि आवंटन की प्रक्रिया निरंतर रहेगी जारी म.प्र. के कॉटन कैपिटल बनने की ऐतिहासिक छलांग भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि धार जिले के भैंसोला में स्थापित होने वाले देश के पहले पीएम मित्रा पार्क के शिलान्यास के पहले ही देश की अग्रणी 114 टेक्सटाइल कम्पनियों से 23 हजार करोड़ रूपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो चुके है। इन प्रस्तावों में से 91 कम्पनियों और इकाइकों के आवेदन स्वीकृत किये जाकर 1294 एकड़ से अधिक भूमि आवंटित किये जाने की अनुशंसा की जा चुकी है। जिन कम्पनियों को भूमि आवंटित की गई है, उनमें 20 हजार करोड़ रूपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इससे 72 हजार से अधिक रोजगार सृजित होंगे। पार्क परियोजना पूर्ण विकसित होने पर रोजगार का आंकड़ा तीन लाख तक पहुँचने का अनुमान है। यह केवल संख्या नहीं, बल्कि लाखों परिवारों के जीवन में आने वाला ठोस बदलाव है। प्रमुख निवेश प्रस्ताव देश की जिन अग्रणी टेक्सटाइल कंपनियों को पीएम मित्रा पार्क में भूमि आवंटित की गई है, उनके द्वारा बड़े स्तर पर निवेश के प्रस्ताव दिए गये हैं। इसमें प्रमुख रूप से वर्धमान टेक्सटाइल्स लिमिटेड 2000 करोड़ रूपये का निवेश कर 190 एकड़ भूमि पर इकाई स्थापित करेगा। जैन कॉर्ड इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड 2515 करोड़ रूपये का निवेश 58 एकड़ भूमि पर करेगा। एबी कॉटस्पिन इंडिया लिमिटेड 1300 करोड़ रुपये का निवेश 45 एकड़ भूमि पर, ट्राइडेंट लिमिटेड कंपनी 180 एकड़ भूमि पर 4,881 करोड़ रूपये का निवेश, ऑरा सिक्योरिटीज प्रा.लि. 105 एकड़ भूमि पर 1204 करोड़ रुपये, बेस्ट लाइफस्टाइल अपैरल प्रा.लि. 75 एकड़ भूमि पर 981 करोड़ रूपये का निवेश, नासा फाइबर टू फैशन प्रा.लि. 30 एकड़ भूमि पर 472 करोड़ का निवेश, डोनियर सिंथेटिक लि. 20 एकड़ भूमि पर 220 करोड़ का निवेश, महालक्ष्मी प्रोसेसिंग हाउस प्रा.लि. 30 एकड़ भूमि पर 300 करोड़ रूपये का निवेश, कमर्शियल सिन बैग्स लिमिटेड 8 एकड़ भूमि पर 134 करोड़ रूपये का निवेश और नावकार टेकटेक्स लिमिटेड 8 एकड़ भूमि पर 135 करोड़ रूपये का निवेश करेगी। पीएम मित्रा पार्क में शार्मनजी यार्न्स प्राइवेट लिमिटेड ने 836.70 करोड़, सनातन पॉलिकॉट प्राइवेट लिमिटेड ने 1000 करोड़, सिद्धार्थ प्योरस्पन प्राइवेट लिमिटेड ने 380 करोड़, फैबियन टेक्सटाइल प्राइवेट लिमिटेड ने 308 करोड़, पासा पॉलिटेक्स प्राइवेट लिमिटेड ने 270 करोड़, दादी मां फाइबर्स ने 280 करोड़, ओसीएम फ्लोरिंग प्राइवेट लिमिटेड ने 250 करोड़, सोनिया सिंथेटिक्स एलएलपी ने 240 करोड़, वंश टेक्नोफैब प्राइवेट लिमिटेड ने 233 करोड़, डोनियर रिटेल प्रा. लिमिटेड ने 240 करोड़, तनमय प्योर स्पन ने 220 करोड़, महाशक्ति टेक्सटाइल मिल्स ने 202 करोड़, जिनेन्द्रम टेक्सस्पिन प्राइवेट लिमिटेड ने 200 करोड़, जे.के. क्वालिटी कॉटन इंडस्ट्रीज ने 180 करोड़, लक्ष्मीनाथ कल्पना मिल्स प्राइवेट लिमिटेड ने 155 करोड़, टिकमसा दुलीचंद नैचुरल फाइबर लिमिटेड ने 142 करोड़, मोहिनी एक्टिव लाइफ प्राइवेट लिमिटेड ने 190 करोड़, एल्पाइन टेक्सवर्ल्ड लिमिटेड ने 140.04 करोड़, टैनफैक अपैरल्स लिमिटेड ने 125 करोड़, महावीर स्पिनफैब प्राइवेट लिमिटेड ने 125 करोड़, रमेश टेक्सटाइल्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड ने 115 करोड़, कैनडेक्स फिलामेंट प्राइवेट लिमिटेड ने 113.79 करोड़, अनीका टेक्सफैब ने 100 करोड़, न्यू जील फैशन वेयर प्राइवेट लिमिटेड ने 100 करोड़, मराल ओवरसीज लिमिटेड ने 100 करोड़, श्री पैकर्स (एमपी) प्राइवेट लिमिटेड ने 100 करोड़, आर.आर. जैन इंडस्ट्रीज ने 101.25 करोड़, मैस्कॉट फैशन्स प्राइवेट लिमिटेड ने 80 करोड़, ऋचा ग्लोबल एक्सपोर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड ने 77.88 करोड़, कोटली क्रिएशन प्राइवेट लिमिटेड ने 60 करोड़, वाइब्रेंट पॉलिमर्स एलएलपी ने 50.61 करोड़, बॉन एंड कंपनी ने 50 करोड़, गोल्डन सीम्स इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड ने 45 करोड़, शंकारी फूड इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड ने 45 करोड़, के.जी. एक्सपोर्ट्स ने 43.35 करोड़, ऑरम विनाइल्स प्राइवेट लिमिटेड ने 40 करोड़, राघवेंद्र स्पिनटेक्स प्राइवेट लिमिटेड ने 37.60 करोड़, ग्रीन स्टिच एपरेल प्राइवेट लिमिटेड ने 30 करोड़, सिद्धि विनायक पॉलीप्लास्ट ने 33 करोड़, राजदीप इंडस्ट्रीज एलएलपी ने 29 करोड़, मंत्रम टेक्नोफैब प्राइवेट लिमिटेड ने 25 करोड़, केटीएफ फैशन प्राइवेट लिमिटेड ने 25 करोड़, पुनीत अपैरल्स प्राइवेट लिमिटेड ने 25 करोड़, बीकेके पॉलीप्रोडक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड ने 20 करोड़, युग फैशन लिमिटेड ने 20 करोड़, श्री गुरूकृपा फैब्रिक्स ने 16.25 करोड़, गुरूकृपा टारपॉलिन्स प्राइवेट लिमिटेड ने 16.25 करोड़, शिव्यश अपैरल्स एन्त्रप्रेन्योर्स एलएलपी ने 14 करोड़, ट्रैक निटवेयर ने 12 करोड़, बुक अ बॉक्स ने 12 करोड़, दित्वि एक्सपोर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड ने 10 करोड़, श्याम अपैरल्स ने 10 करोड़, जीटारा टेक्सटाइल्स प्राइवेट लिमिटेड ने 25 करोड़, ट्रैम्पेरी ग्लोबल एलएलपी ने 10 करोड़, एनटीपी सॉल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड ने 8 करोड़, पी.पी. एंड संस ने 4 करोड़, एस.आर. नांगालिया एंड संस (सिंटेक्स) प्राइवेट लिमिटेड ने 10 करोड़, श्री नकौड़ा टेक्सफैब प्राइवेट लिमिटेड ने 50 करोड़, नवकार टेकटेक्स लिमिटेड ने 135 करोड़, गजश्री फिलामेंट ने 4 करोड़, शिप्सी वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड ने 3.42 करोड़, अमित जैन ने 3 करोड़, गम्भीर गारमेंट्स ने 3.50 करोड़, चौधरी इंफ्रा प्रोजेक्ट ने 2.20 करोड़, मणि एंटरप्राइजेज ने 2.10 करोड़, एकागद वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड ने 2 करोड़, प्रोप्लेक्स इन्फोटेक प्राइवेट लिमिटेड ने 1.50 करोड़, अमोडे गारमेंट्स प्राइवेट लिमिटेड ने 1.50 करोड़, सिंध क्लोदिंग कंपनी ने 1.50 करोड़, श्रीजी फाइन स्टोन एंड कटिंग सप्लायर ने 1.30 करोड़, एडवांस एलायंस ने 1.20 करोड़, गट्टीमैन पैकेजिंग ने 1.15 करोड़,