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मेट्रो परियोजना को रफ्तार: भोपाल में 100 एकड़ भूमि का अधिग्रहण शुरू

भोपाल भोपाल में मेट्रो रेल लाइन का काम तेजी से किया जा रहा है।जहां एक तरफ सुभाष नगर से एम्स तक मेट्रो जल्द से जल्द शुरू करने की कवायद तेज हो गई है तो वहीं करोंद से एम्स के बीच भी मेट्रो की आरेंज लाइन का काम भी तेजी से शुरू कर दिया गया है। बैरसिया रोड स्थित करोंद चौराहा पर ऑरेंज लाइन के पिलर तेजी से खड़े हो रहे हैं तो वहीं अब बोगदा पुल ऐशबाग से कृषि उपज मंडी करोंद तक मेट्रो लाइन बिछाने के लिए लगभग 100 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा। इसके लिए मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन द्वारा जिला प्रशासन के सहयोग से तैयारियां शुरू कर दी हैं। इस दौरान भूमि स्वामियों से आपसी क्रय नीति के तहत जमीन ली जाएगी। जानकारी के अनुसार बोगदा पुल ऐशबाग, भोपाल रेलवे स्टेशन, नादरा बस स्टैंड, सिंधी कालोनी, डीआईजी बंगला और कृषि उपज मंडी करोंद के बीच भी मेट्रो रेल लाइन के मार्ग में करीब 100 प्रापर्टी की करीब 100 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया जाना है। अब तक 30 लोगों ने आपसी क्रय नीति से जमीन देने की सहमति पेश की है। इनकी प्रापर्टी का मूल्यांकन कर उन्हें वर्तमान कलेक्टर गाइडलाइन दाम से दोगुना राशि दी जाएगी। जिसके तहत जमीन मालिक सीधे मेट्रो रेल कंपनी के नाम रजिस्ट्री करा देगा। एसडीएम स्तर पर प्रक्रिया शुरू ऐसा करने से अधिग्रहण की प्रक्रिया में लगने वाला एक साल से अधिक का समय बचाया जा सकेगा। वहीं ऐसे लोग जो आपसी सहमति से जमीन देने के लिए तैयार नहीं है, उनकी जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा। जिसके लिए एसडीएम स्तर पर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। नोटिफिकेशन जारी होने के बाद 60 दिन का समय दिया गया था, जो कि पूरा होने वाला है।इसके बाद से अगले दो महीने में अधिग्रहण की कार्रवाई शुरु होगी। इन जमीनों का किया जाएगा अधिग्रहण समा फारेजी कंपनी लिमिटेड नई दिल्ली, हर हाईनेस मेहताज नवाब शाजिया सुल्तान बेगम, कृषि उपज मंडी समिति सहित प्राइवेट जमीन का अधिग्रहण किया जाना है। रेलवे, शमशान, नाला, कब्रिस्तान, आबादी, जीएस आइल मिल, नवाब साजिदा सुल्तान बेगम, औकाफ, नर्मदा बैली प्रोडक्शन कंपनी, पुद्रा मिल, अलका गृह निर्माण सहकारी समिति, केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, मैदा मिल, परमाली वेलेस प्राइवेट लिमिटेड और पीडब्ल्यूडी की जमीन शामिल है।

पूर्व सांसद मोहिंदर केपी के बेटे की मौत, जालंधर में क्रेटा और फार्च्यूनर की भीषण टक्कर

पंजाब  शिरोमणि अकाली दल (SAD) के नेता और दो बार सांसद रह चुके मोहिंदर सिंह केपी के बेटे ऋचि केपी की कल रात जालंधर में एक दर्दनाक हादसे में मौत हो गई। 36 वर्षीय ऋचि केपी मोहिंदर केपी के इकलौते बेटे थे। ऋचि की कार को माता रानी चौक के पास एक तेज़ रफ्तार क्रेटा कार ने टक्कर मार दी। हादसे के बाद गंभीर रूप से घायल ऋचि को दो निजी अस्पतालों में ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हादसा रात 11 बजे के बाद हुआ। एक तेज़ रफ्तार क्रेटा कार ने माता रानी चौक पर तीन गाड़ियों को टक्कर मारी, जिनमें ऋचि की फॉर्च्यूनर भी शामिल थी। टक्कर के बाद क्रेटा चालक मौके से फरार हो गया। क्रेटा ने एक टैक्सी और एक ग्रैंड विटारा को भी टक्कर मारी। टक्कर इतनी भीषण थी कि गाड़ियां पास की एक दुकान की रेलिंग और सीढ़ियों से टकरा गईं, जिससे रेलिंग और सीढ़ियां क्षतिग्रस्त हो गईं। कारों के एयरबैग खुल गए, जिसमें ऋचि की फॉर्च्यूनर भी शामिल थी। ऋचि की गाड़ी का बोनट और एक साइड बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हादसा जालंधर के पॉश मॉडल टाउन इलाके में हुआ, जहां केपी का निवास भी पास में ही है। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, ऋचि किसी दोस्त को मोबाइल फोन लौटाने निकले थे। थाना नंबर 6 की पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने बताया कि इलाके के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। थाना नंबर 6 के एसएचओ ने कहा, “हादसा रात 11 से 11:30 बजे के बीच हुआ। क्रेटा कार एक व्यक्ति चला रहा था, जिसकी पत्नी और बेटी भी गाड़ी में मौजूद थीं। वे दोनों भी घायल हुई हैं। एक व्यक्ति की मौत की पुष्टि हुई है। मामले की जांच की जा रही है और दुकानों के खुलने के बाद सीसीटीवी फुटेज भी खंगाला जाएगा। जांच के बाद तुरंत एफआईआर दर्ज की जाएगी।”

मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने अंबिकापुर में की विभागीय समीक्षा बैठक

रायपुर, महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने सरगुजा संभाग के प्रवास के दौरान आज अंबिकापुर सर्किट हाउस में विभागीय समीक्षा बैठक ली। उन्होंने बैठक में महिला एवं बाल विकास और समाज कल्याण विभाग से संबंधित योजनाओं एवं कार्यक्रमों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। मंत्री राजवाड़े ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विभागीय योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों को समय पर मिलना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक के दौरान उन्होंने बालक-बालिका गृह, आंगनबाड़ी केंद्रों, विशेष विद्यालयों और समाज कल्याण से संबंधित संस्थाओं की कार्यप्रणाली पर भी विशेष जोर देते हुए पारदर्शिता एवं उत्तरदायित्व सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर विभागीय अधिकारी, जिला प्रशासन के अधिकारी और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

PM बनते ही सुशीला कार्की का बड़ा संदेश, हिंसा में शामिल लोगों पर कार्रवाई तय

नेपाल  नेपाल की राजनीति एक बार फिर अस्थिरता के दौर से गुजर रही है। हाल ही में हुए संसद भंग और सड़कों पर भड़की हिंसा के बीच देश की पहली महिला मुख्य न्यायाधीश रह चुकीं सुशीला कार्की ने रविवार को अंतरिम प्रधानमंत्री का कार्यभार संभाला। कार्की ने साफ कहा कि उनकी सरकार केवल संविधान और लोकतंत्र की रक्षा के लिए है न कि सत्ता में लंबे समय तक टिके रहने के लिए। प्रधानमंत्री पद संभालने के बाद कार्की ने अपने पहले संबोधन में Gen-Z को बड़ा झटका दिया है। उन्होंने साफ-साफ कहा है कि नेपाल में हाल में हुए हिंसक प्रदर्शन की जांच कराई जाएगी। प्रधानमंत्री पद संभालने के बाद कार्की ने अपने पहले संबोधन में कहा, “तोड़फोड़ की घटना में शामिल लोगों की जांच होगी। मेरा दल और मैं सत्ता का स्वाद चखने नहीं आए हैं। हम छह महीने से ज्यादा नहीं रुकेंगे और नई संसद के चुने जाने के बाद जिम्मेदारी सौंप देंगे। जनता के सहयोग के बिना हम सफल नहीं होंगे।” नेपाल में यह राजनीतिक संकट तब गहराया जब सत्ता में चल रही गठबंधन सरकार आंतरिक मतभेदों और भ्रष्टाचार के आरोपों के कारण गिर गई। संसद भंग होने के बाद विपक्षी दलों और नेपाल के युवाओं जिन्हें Gen-Z कहा गया, ने व्यापक विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिए। कई जगहों पर हिंसक झड़पें और सरकारी संपत्तियों की तोड़फोड़ की घटनाएं सामने आईं। इन्हीं हालातों को नियंत्रित करने और अगले आम चुनाव तक व्यवस्था चलाने के लिए सुप्रीम कोर्ट और संवैधानिक निकायों की सिफारिश पर कार्की को अंतरिम प्रधानमंत्री बनाया गया। कौन हैं सुशीला कार्की? सुशीला कार्की नेपाल की राजनीति और न्यायपालिका दोनों में ही एक चर्चित चेहरा रही हैं। वह 2016 में नेपाल की पहली महिला मुख्य न्यायाधीश बनीं और अपने कार्यकाल में भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़े फैसलों के लिए जानी गईं। कार्की की नियुक्ति को नेपाल की राजनीति में साफ-सुथरी छवि और महिला नेतृत्व को आगे लाने के प्रयास के तौर पर देखा जा रहा है। कार्की के सामने सबसे बड़ी चुनौती राजनीतिक स्थिरता बहाल करना और देश को चुनाव तक ले जाना है। हाल के वर्षों में नेपाल ने बार-बार सरकार बदलने का रिकॉर्ड बनाया है। केवल पिछले 10 वर्षों में देश में एक दर्जन से अधिक प्रधानमंत्रियों ने पदभार संभाला। इससे जनता का विश्वास कमजोर हुआ है और लोकतांत्रिक संस्थाएं दबाव में आई हैं। साथ ही, नेपाल इस समय आर्थिक संकट, बढ़ती बेरोजगारी और महंगाई से भी जूझ रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि नई सरकार को सिर्फ राजनीतिक संक्रमण संभालने तक सीमित न रहकर जनहित से जुड़े तात्कालिक मुद्दों पर भी ध्यान देना होगा। कार्की ने अपने बयान में कहा कि उनकी सरकार का प्राथमिक उद्देश्य निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव कराना है। उन्होंने नागरिक समाज और युवाओं से अपील की कि वे लोकतंत्र की रक्षा के लिए जिम्मेदारी निभाएं। नेपाल की जनता अब इस इंतजार में है कि क्या सुशीला कार्की का कार्यकाल वास्तव में राजनीतिक स्थिरता की दिशा में एक कदम साबित होगा या फिर यह भी नेपाल की राजनीति के अस्थिर अध्यायों में से एक बनकर रह जाएगा।  

एशिया कप 2025: भारत या पाकिस्तान मैच जीतते ही सुपर-4 का टिकट पक्का? जानिए स्थिति

नई दिल्ली टीम भारत और पाकिस्तान के बीच आज एशिया कप 2025 का छठा लीग मैच खेला जाना है। वैसे तो इंडिया और पाकिस्तान के बीच होने वाले मैच को महामुकाबले का दर्जा मिलता है, लेकिन इस बार ऐसा नहीं है। इसके अलग-अलग कारण हैं, लेकिन हम यहां बात करने वाले हैं कि क्या इस मैच को जीतने वाली टीम को एशिया कप 2025 के सुपर 4 में जगह मिल जाएगी या फिर जीतने के बावजूद नैया अधर में रहेगी? इंडिया और पाकिस्तान एशिया कप 2025 के ग्रुप ए में हैं। दोनों ने एक-एक मैच जीत लिया है। इस मैच के बाद एक-एक मुकाबला दोनों को और खेलना है। हालांकि, इस मैच को जो टीम जीतेगी, उसके सुपर 4 में पहुंचने के चांस 90 फीसदी से ज्यादा हो जाएंगे। कोई करिश्मा ही फिर जीतने वाली टीम को सुपर 4 की रेस से बाहर कर सकता है। फिलहाल के लिए ग्रुप ए के समीकरण क्या हैं? ये विस्तार से जानिए। दरअसल, इंडिया ने अपना पहला मुकाबला यूएई के खिलाफ खेला था और उसे 9 विकेट के अंतर से जीता था। पावरप्ले में ही टीम इंडिया ने मैच फिनिश कर दिया था। ऐसे में नेट रन रेट भारत का प्लस में 10.483 का है। भारतीय टीम अगर इस मैच को जीत जाती है तो खाते में 4 पॉइंट हो जाएंगे और नेट रन रेट तो बेहतर रहेगा ही। इस केस में होगा ये कि टीम सुपर 4 में अपना एक कदम रख लेगी, क्योंकि फिर बाकी टीमें भी 4 से ज्यादा अंक हासिल नहीं कर पाएंगी और नेट रन रेट भारत का बेहतर होगा तो फिर सुपर 4 का टिकट मिल जाएगा। हालांकि, भारतीय टीम का एक मुकाबला ओमान के खिलाफ है, जिसमें जीत मिलना तय है, क्योंकि ओमान की टीम भारत के मुकाबले काफी कमजोर है। हालांकि, ये भी नहीं भूलना चाहिए कि क्रिकेट अनिश्चितताओं का खेल है, लेकिन भारत और ओमान का क्रिकेट में कोई मुकाबला नहीं हैं। ये भी आपको मानना होगा। इस तरह पाकिस्तान को हराकर भारत सुपर 4 के दरवाजे पर पहुंच जाएगा। वहीं, अगर जीत पाकिस्तान को मिलती है तो भी पाकिस्तान का टिकट सुपर 4 के लिए कन्फर्म नहीं होगा और भारतीय टीम भी रेस में बनी रहेगी। इस केस में भी सभी टीमें कम से कम 4 अंकों तक पहुंच सकती हैं। अभी के लिए इंडिया और पाकिस्तान ग्रुप ए में क्रमशः नंबर एक और दो पर हैं, जबकि ओमान और यूएई की टीम तीसरे और चौथे नंबर पर हैं। ओमान और यूएई के बीच कल यानी 15 सितंबर को मुकाबला है। इस मैच को जो टीम हारेगी, उसके सुपर 4 में पहुंचने के चांस लगभग खत्म हो जाएंगे।  

इंतजार खत्म! मेट्रो ट्रेन और ‘नमो भारत’ जल्द दौड़ेंगी शहर की सड़कों पर, जानें पूरी डिटेल

मेरठ शहर में नमो भारत ट्रेन के संचालन का सपना जल्द पूरा होने वाला है। नई दिल्ली के सराय काले खां से मेरठ के मोदीपुरम तक इस ट्रेन का ट्रायल रन तेजी से चल रहा है। सराय काले खां और मोदीपुरम स्टेशन पर काम अंतिम चरण में है। यहां फिनिशिंग वर्क भी तेजी से चल रहा है। सोशल मीडिया पर भी उम्मीदों की ट्रेन दौड़ रही है। लोग सोशल मंच पर जल्द ही ट्रेन चलने के कयास लगा रहे हैं। अब नवरात्र से ट्रेन चलने की चर्चाएं तेज हो गई हैं। वहीं, नमो भारत की स्पीड बढ़ाकर ट्रायल रन तेज कर दिया गया है। फरवरी से शताब्दीनगर तक ट्रायल रन जारी है, जबकि 27 जून से सराय काले खां से मोदीपुरम तक ट्रायल रन शुरू हो चुका है। एनसीआरटीसी के मुताबिक अब पूरे ट्रैक पर नमो भारत और मेट्रो चलेगी। इसके लिए तैयारियां तेज कर दी गई हैं। माना जा रहा है कि नवरात्र से ट्रेन का संचालन शुरू हो सकता है। नमो भारत के शहर में संचालन शुरू होते ही तस्वीर बदल जाएगी। रैपिड और मेट्रो दोनों ही ट्रेनों का संचालन एक साथ शुरू करने की तैयारी है। नमो भारत के शहर में चार और मेट्रो के 13 स्टेशन हैं। अभी भूड़बराल स्थित मेरठ साउथ स्टेशन से दिल्ली के न्यू अशोक नगर तक ट्रेन का संचालन हो रहा है। मेरठ साउथ के बाद शहर में शताब्दीनगर, बेगमपुल और मोदीपुरम स्टेशन हैं। इन सभी स्टेशन पर काम तेजी से चल रहा है। एनसीआरटीसी के एमडी शलभ गोयल मेरठ साउथ से मोदीपुरम तक निरीक्षण कर चुके हैं। अधिकारी लगातार पूरे ट्रैक का मुआयना कर रहे हैं। अफसरों के मुताबिक चीफ ऑफ रेलवे सेफ्टी कमिश्नर (सीआरएस) का भी इंस्पेक्शन कराया जा रहा है। उनके निरीक्षण में मिली कमियों को लगातार सुधारा जा रहा है। एनसीआरटीसी के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी पुनीत वत्स का कहना है कि नमो भारत का मेरठ साउथ से आगे शहर में संचालन जल्द शुरू किया जाएगा। इसके लिए तैयारियां चल रही हैं।   रैपिड के स्टेशन और स्टॉपेज मेरठ मेट्रो कॉरिडोर की लंबाई 23 किमी है, जिसमें 18 किमी का हिस्सा एलिवेटेड है और 5 किमी का सेक्शन भूमिगत है। मेरठ में कुल 13 स्टेशन हैं, जिनमें से 9 स्टेशन एलिवेटेड और 3 स्टेशन भूमिगत स्टेशन हैं। एक स्टेशन (डिपो स्टेशन) ग्राउंड लेवल पर होगा। मेट्रो के स्टेशन और स्टॉपेज मेरठ मेट्रो के स्टेशन हैं- मेरठ साउथ (एलिवेटेड), परतापुर (एलिवेटेड), रिठानी (एलिवेटेड), शताब्दी नगर (एलिवेटेड), ब्रह्मपुरी (एलिवेटेड), मेरठ सेंट्रल (भूमिगत), भैंसाली (भूमिगत), बेगमपुल (भूमिगत), एमईएस कॉलोनी (एलिवेटेड), डौरली (एलिवेटेड), मेरठ नॉर्थ (एलिवेटेड), मोदीपुरम (एलिवेटेड), और मोदीपुरम डिपो (धरातल पर)।   रैपिड-मेट्रो के कॉमन स्टेशन और स्टॉपेज मेरठ में मेरठ साउथ, शताब्दी नगर, बेगमपुल और मोदीपुरम स्टेशनों पर आरआरटीएस के साथ मेट्रो सेवाएं उपलब्ध होंगी, जहां पर लोग अपनी सुविधानुसार आगे जाने के लिए अपनी ट्रेन बदल सकेंगे। मेरठ के अन्य स्टेशनों पर सिर्फ मेट्रो सेवाएं उपलब्ध होंगी। इन स्टेशनों को एक प्रमुख ट्रांजिट हब के रूप में विकसित किया जा रहा है, जहां से नमो भारत और मेट्रो के अलावा ऑटो, टैक्सी और बस तक की सुविधाएं उपलब्ध होंगी। मेरठ में अंडरग्राउंड सेक्शन का पहला स्टेशन फुटबॉल चौक के पास मेरठ सेंट्रल है जहां केवल मेट्रो का स्टॉप होगा। ये स्टेशन फुटबॉल चौक के नजदीक हैं।

भारत की अर्थव्यवस्था पर रघुराम राजन का विश्लेषण: विकास दर उत्साहजनक, मगर चुनौतियां बरकरार

नई दिल्ली  भारत की अर्थव्यवस्था की पहली तिमाही में 7.8% की जीडीपी वृद्धि दर्ज की गई है, जो पिछले पांच तिमाहियों में सबसे ऊंचा स्तर है। यह आंकड़ा सतही तौर पर उत्साहजनक दिखाई देता है, लेकिन पूर्व रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) गवर्नर रघुराम राजन का मानना है कि इस पर गहराई से विचार करने की आवश्यकता है। क्या है डिटेल स्पारएक्स (SparX) के मुकेश बंसल से बातचीत में रघुराम राजन ने कहा कि मजबूत वृद्धि के आंकड़े का स्वागत किया जाना चाहिए, लेकिन इसके पीछे की असल सच्चाई को समझना भी उतना ही जरूरी है। उन्होंने कहा, “जब भी आंकड़े ऊंचे आते हैं तो खुशी होना स्वाभाविक है, लेकिन असली सवाल यह है कि यह इतना ऊंचा क्यों है?” राजन ने खास तौर पर दो बड़ी चिंताओं की ओर इशारा किया। पहली, निजी निवेश का सुस्त रहना, जो लंबे समय तक टिकाऊ विकास के लिए बेहद अहम है। दूसरी, रोजगार सृजन की कमजोरी, जिससे विकास का लाभ आम जनता तक सीमित रूप से पहुंच पा रहा है। रघुराम राजन ने क्या कहा रघुराम राजन ने कहा कि भारत में महंगाई मापने का तरीका हकीकत को पूरी तरह नहीं दिखाता। उन्होंने समझाया, “क्या हम महंगाई सही तरीके से गिन रहे हैं? जब आप अर्थशास्त्रियों से बात करते हैं तो पता चलता है कि इसमें दिक्कतें हैं, क्योंकि यह असली महंगाई को पूरी तरह नहीं दिखाता। कभी यह हमारे लिए फायदे में होता है, कभी नुकसान में। अभी यह हमें फायदा दे रहा है, इसलिए हमारे आंकड़े अधिक अच्छे दिख रहे हैं।” राजन ने सिर्फ आंकड़ों की खामियों पर ही नहीं, बल्कि गहरी चिंताओं पर भी ध्यान दिलाया। उन्होंने कहा, “आजकल ज्यादातर निवेश सरकार कर रही है, चाहे केंद्र सरकार हो या राज्य सरकारें। लेकिन निजी क्षेत्र उतना निवेश नहीं कर रहा। पिछले 10–12 साल से यह एक बड़ी चिंता है। अगर हम सचमुच इतनी तेजी से बढ़ रहे हैं, तो फिर निजी क्षेत्र निवेश क्यों नहीं कर रहा? यही सवाल हर अर्थशास्त्री को परेशान करता है।” रघुराम राजन ने कहा कि हाल ही में ग्रामीण मांग अच्छी फसल की वजह से मजबूत रही है। यह एक अच्छी बात है क्योंकि इससे अमीर और गरीब के बीच असमानता थोड़ी कम होती है। लेकिन शहरी इलाकों में खपत अभी भी कमजोर है। उन्होंने कहा, “हमें लंबे समय तक टिकाऊ खपत चाहिए। इसके लिए घर-परिवारों को रोज़गार को लेकर भरोसा होना चाहिए। लेकिन शहरी परिवार इस मामले में ज़्यादा चिंतित हैं। आपने खबरें देखी होंगी—जैसे टीसीएस (TCS) नौकरियां घटा रहा है। असली समस्या यह है कि हमारी अर्थव्यवस्था उतनी अच्छी नौकरियां नहीं बना रही, जितनी जरूरत है ताकि मजदूरी की उम्र में आने वाले युवाओं को रोजगार मिल सके।” ट्रंप टैरिफ पर क्या बोले राजन अमेरिका की टैरिफ नीति पर राजन ने कहा कि इसका भारत पर असर सीमित होगा, लेकिन यह असर सब पर बराबर नहीं पड़ेगा। उन्होंने बताया कि भारत से अमेरिका को होने वाले करीब 85 अरब डॉलर के निर्यात में से लगभग 40 अरब डॉलर का मूल्य भारत में ही जोड़ा जाता है। अगर मान भी लें कि निर्यात पूरी तरह बंद हो जाए, तो भी भारत को लगभग 40 अरब डॉलर यानी करीब 1% जीडीपी का नुकसान होगा। हालांकि, उन्होंने साफ किया कि ऐसा पूरी तरह से रुकना संभव नहीं है। राजन ने चेतावनी दी कि कुछ क्षेत्रों पर असर ज्यादा हो सकता है, जैसे टेक्सटाइल और झींगा पालन। उन्होंने सुझाव दिया कि “हमारे झींगा किसान ज्यादा प्रभावित हो सकते हैं। ऐसे में हमें यह कोशिश करनी चाहिए कि अमेरिकी बाजार में हमारे व्यापारी और कंपनियां अमेरिकी पक्षों के साथ मिलकर लॉबिंग करें। मौजूदा अमेरिकी प्रशासन छूट देने को तैयार दिखता है। उदाहरण के लिए, ब्राज़ील को 50% टैरिफ के बावजूद कई छूटें मिल चुकी हैं।” राजन ने अनुमान लगाया कि अगर ये टैरिफ कुछ महीनों तक बने रहते हैं, तो भारत की जीडीपी पर 0.2% से 0.4% तक का असर पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार को चाहिए कि वह निर्यातकों की मदद करे ताकि वे अमेरिकी लॉबिंग का इस्तेमाल कर नुकसान को कम कर सकें। चीन को लेकर क्या बोले रघुराम राजन ने भारत और चीन के रिश्तों को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने साफ कहा कि भारत का “स्वाभाविक गठजोड़” चीन के साथ नहीं हो सकता, क्योंकि दोनों देशों के बीच गहरा ऐतिहासिक अविश्वास है।

पासपोर्ट बनवाना हुआ आसान: पोस्ट ऑफिस स्टाफ करेंगे आपके घर विज़िट : सिंधिया

मुरैना शनिवार को पासपोर्ट सेवा केंद्र भवन के भूमिपूजन अवसर पर केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि अब पासपोर्ट के लिए आपको कहीं चक्कर नहीं लगाना होगा, बल्कि पोस्ट ऑफिस के कर्मचारी आपके चक्कर लगाएंगे। अभी लोकसभा मुख्यालय पर सुविधा शुरू हो रही है, जल्द ही हर जिले में पासपोर्ट बनना शुरू होंगे। बता दें कि मुरैना में तीन माह में भवन बनकर तैयार होगा। यहां पासपोर्ट के 40 स्लाट मिलेंगे। सिंधिया ने इस दौरान आयोजित सुकन्या समृद्धि योजना सम्मेलन में 27 सुकन्या हितग्राहियों को उपहार आदि भेंट करते हुए कहा कि एक मई 2025 से एक मई 2026 तक उनके संसदीय क्षेत्र गुना, शिवपुरी व अशोक नगर में जितनी बेटियां जन्म लेंगी, उनके सुकन्या खातों में सिंधिया परिवार राशि जमा कराएगा। सिंधिया ने मुरैना सांसद शिवमंगल सिंह तोमर, कृषि मंत्री ऐंदल सिंह कंषाना, प्रभारी मंत्री करण सिंह वर्मा्, ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर व पूर्व विधायकों से भी कहा कि वह भी अपने-अपने क्षेत्र की सुकन्याओं के खातों में राशि जमा कराने का बीड़ा उठाएं। पत्रकारों से चर्चा के दौरान केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने कांग्रेस पर हमला करते हुए कहा कि कांग्रेस की आदत बन गई है कि देश को कैसे नीचा दिखाना है। सेना को कैसे नीचा दिखाना है। चुनाव आयोग, सुप्रीम कोर्ट पर कैसे प्रश्न उठाएं, उप राष्ट्रपति का कैसे असम्मान करें? यह कांग्रेस की नियति बन गई है।  

किसान नेताओं की रिहाई के बाद वड़िंग टोल प्लाजा बंद, आंदोलन की हलचल

संगरूर पंजाब सरकार के अधीन वड़िंग टोल प्लाजा को लेकर बेहद सख्त हो चुके प्रशासन ने यू-टर्न लेते हुए जिला जेल में बंद 66 प्रदर्शनकारियों को बिना शर्त रिहा कर दिया। हालांकि, प्रशासन ने वड़िंग टोल प्लाजा को फिर से पक्के तौर पर बंद कर दिया है, क्योंकि टोल कंपनी अभी भी नहरों पर पुल बनाने को लेकर आनाकानी कर रही है। प्रशासन हर बार पुल निर्माण का आश्वासन देकर विरोध प्रदर्शन हटा देता था। भारतीय किसान यूनियन एकता सिद्धूपुर ने धरना देकर टोल बंद करवाया तो प्रशासन ने दो दिन में संगठन के 66 नेताओं को केस दर्ज कर जेल भेज दिया था।  इस पर मामला प्रदेश स्तर तक पहुंचा तो प्रशासन ने यू-टर्न लेते हुए संगठन के प्रदेश अध्यक्ष जगजीत सिंह डल्लेवाल के साथ बैठक के बाद सभी प्रदर्शनकारियों को जेल से रिहा कर दिया। संगठन के नेता हरजिंदर सिंह ने बताया कि प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि पुल बनने तक टोल बंद रहेगा, लेकिन दूसरी ओर प्रशासन अभी भी असमंजस में है। गौरतलब है कि मुक्तसर-कोटकपूरा मार्ग पर राजस्थान फीडर और सरहिंद नहर नहरें गुजरती हैं। आठ साल पहले जब टोल शुरू हुआ था, तब पंजाब सरकार ने टोल कंपनी को नहरों पर पुल बनाने का आदेश भी दिया था। कंपनी ने काम भी शुरू कर दिया था। लेकिन बाद में टोल तो चलता रहा, लेकिन पुल नहीं बनाए गए।

देवास पुलिस का ऑपरेशन क्लीन: 21 थानों में कांबिंग गश्त, 275 बदमाशों पर निगरानी

देवास देवास जिले में शनिवार देर रात 21 थानों की पुलिस कांबिंग गश्त की है। इस दौरान पुलिसकर्मियों ने 150 से ज्यादा वारंट तामिल और 260 से ज्यादा निगरानीशुदा, जिला बदर और अन्य बदमाश चेक किए गए है। पुलिस ने इस दौरान जुआ और आबकारी एक्ट में 20 केस भी दर्ज किए। कई माह के अंतराल के बाद शनिवार देर रात पुलिस ने पूरे जिले में एक साथ कांबिंग गश्त की। पुलिस अधीक्षक से लेकर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, एसडीओपी, डीएसपी, टीआई सहित 200 से अधिक जवान गश्त पर निकले। इस दौरान 130 से अधिक स्थाई और गिरफ्तारी वारंट तामिल किए गए। वहीं जिलाबदर, निगरानीशुदा और गुंडा सूची में शामिल 275 से अधिक बदमाशों को चेक किया गया। जिस समय पुलिस इनकी चेकिंग करने पहुंची अधिकांश गहरी नींद में थे अचानक पुलिस आने से कुछ चौंक गए, बाद में पता चला चेकिंग करने के लिए टीम आई है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार 200 से अधिक पुलिस अधिकारी, कर्मचारी रात 12 बजे से सुबह 5 बजे तक लगातार गश्त में सक्रिय रहे। पुलिस अधीक्षक पुनीत गेहलोद स्वयं विभिन्न स्थानों पर मौजूद रहे, उन्होंने निगरानी बदमाशों की जांच की, नाकाबंदी प्वाइंट्स का निरीक्षण, रेलवे एवं बस स्टैंड्स की चेकिंग तथा डायल-112 वाहनों का निरीक्षण किया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर जयवीर सिंह भदौरिया ने बताया 57 स्थायी वारंट, 78 गिरफ्तारी वारंट तामिल किए गए। 12 आबकारी प्रकरण व 8 जुआ एक्ट प्रकरण दर्ज किये गए। इसके अलावा 15 जिलाबदर, 97 निगरानी बदमाश, 166 गुंड़े- बदमाश चेक किए गए।