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शिवलिंग से जुड़ी मान्यताएं, इसलिए शिवलिंग घर में नहीं रखना चाहिए

शिव ने योग की शिक्षा, पहले चरण में अपनी पत्नी पार्वती को दी। दूसरे चरण में सप्त ऋषियों को दी। और उन सप्त ऋषियों ने पूरे संसार को यह ज्ञान दिया। जब हम ‘योग‘ कहते हैं तो सृजन के संपूर्ण विज्ञान की बात कर रहे हैं। ‘शिव‘ शब्द का अर्थ है ‘वह जो नहीं है‘ यानी ‘शून्य‘, और ‘सब कुछ‘ यानी पूरा ब्रह्मांड स्वयं ‘शून्य‘ से निकला है और वह फिर लौट कर ‘शून्य‘ में चला जाता है। यही जीवन का सत्य है। ‘बिग-बैंग‘ सिद्धान्त और आज के भौतिक विज्ञानी भी यही कह रहे हैं। हम जिसे ‘शून्य‘ कहते हैं, वही शिव है। ‘शिव‘ से हमारा मतलब एक और मूर्ति, एक और देवता को स्थापित करना नहीं है, जिससे हम अधिक समृद्धि, बेहतर चीजों की भीख मांग सकें। यहां आपकी बुद्धि कोई काम नहीं आएगी। इसका अनुभव करना होता है, न कि तर्क के आधार पर समझना। शिव बुद्धि और तर्क के परे हैं। तो शिव का यह ऊर्जा-स्वरूप आपके विसर्जन के लिए है, जिससे कि आप अपनी सर्वोच्च ऊंचाइयों तक पहुंच सकें। इसके लिए, आप जो अभी हैं, उसे विसर्जित होना होगा। आपके अहं, आपके इस ‘मैं‘ को नष्ट होना होगा। यह ऊर्जा भीख मांगने के लिए नहीं है, यह ऊर्जा, जीवन से थोड़ा और फायदा उठाने के लिए नहीं है। यह ऊर्जा, सिर्फ उन लोगों के लिए है जिनमें अपनी चेतना के शिखर तक पहुंचने की चाहत है। यह ईश्वर की सत्ता को महसूस करना है। अगर आप अस्तित्व की चरम सत्ता तक पहुंचना चाहते हैं, तो वहां आपको चरम संभावना की याचना के साथ जाना होगा। इसीलिए लोग कहते हैं कि शिव को अपने घर में मत रखो। लेकिन अगर आप सर्वोच्च प्राप्त करना चाहते हैं, तभी आप ऐसा करें।  

राज्य स्तरीय एथलेटिक्स में बीजापुर का जलवा: 8 स्वर्ण सहित कुल 11 पदकों पर कब्जा

रायपुर राज्य स्तरीय एथलेटिक्स प्रतियोगिता में शानदार उपलब्धि दर्ज कराते हुए बीजापुर खेल अकादमी के खिलाड़ियों ने पहली बार 8 स्वर्ण, 2 रजत एवं 1 कांस्य सहित कुल 11 पदक अपने नाम किए। बीजापुर जिले की यह उपलब्धि खेल इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय के रूप में अंकित हो गई है। बिलासपुर के बहतराई एथलेटिक्स स्टेडियम में 5 से 7 सितम्बर 2025 तक छत्तीसगढ़ एथलेटिक्स संघ द्वारा आयोजित 22वीं राज्य स्तरीय एथलेटिक्स प्रतियोगिता में बीजापुर अकादमी के कुल 20 खिलाड़ियों (13 बालिका एवं 7 बालक) ने हिस्सा लिया। खिलाड़ियों ने श्रेष्ठ प्रदर्शन कर जिले का नाम पूरे प्रदेश में गौरवान्वित किया। प्रतियोगिता में लक्ष्मण हपका ने ट्रायथलॉन (60 मीटर रन, ऊंची कूद, लंबी कूद) एवं किड्स जैवलिन में स्वर्ण पदक अर्जित किए। नताशा तेलामी ने ट्रायथलॉन (60 मीटर रन, लंबी कूद, शॉटपुट बैक थ्रो) में स्वर्ण पदक हासिल किया। सविता कुहरामी ने ट्रायथलॉन (60 मीटर रन, लंबी कूद, 600 मीटर रन) में स्वर्ण पदक जीता। निर्मती तेलम ने ऊंची कूद में स्वर्ण पदक प्राप्त किया। संतोषी भंडारी ने 60 मीटर एवं 600 मीटर रन में स्वर्ण पदक जीता। अंजली कारम ने पेंटाथलॉन (60 मीटर रन, लंबी कूद, 60 मीटर हर्डल, शॉटपुट, 600 मीटर रन) में स्वर्ण पदक तथा लंबी कूद में रजत पदक हासिल किया। भूमिका कुरसम ने जैवलिन थ्रो में रजत तथा पूजा वाचम ने 1000 मीटर रन में कांस्य पदक प्राप्त किया। इस प्रतियोगिता में श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले बीजापुर अकादमी के 5 खिलाड़ी एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के एन्ट्री स्टैंडर्ड को क्वालीफाई कर 10 से 14 अक्टूबर 2025 तक कालिंगा स्टेडियम, भुवनेश्वर (ओडिशा) में आयोजित होने वाली 40वीं नेशनल जूनियर एथलेटिक्स चैम्पियनशिप में छत्तीसगढ़ राज्य का प्रतिनिधित्व करेंगे। ये सभी खिलाड़ी बीजापुर स्पोर्ट्स अकादमी से जुड़े हुए हैं तथा शासकीय नवीन कन्या हाई स्कूल एवं एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय के विद्यार्थी हैं। इस उपलब्धि पर कलेक्टर श्री संबित मिश्रा एवं प्रभारी खेल अधिकारी श्री नारायण प्रसाद गवेल ने सभी खिलाड़ियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस अवसर पर सहायक आयुक्त श्री देवेंद्र सिंह, प्राचार्य एकलव्य श्री अनिल मिश्रा, पीईटी कुमारी अमिता गुर्जर एवं एथलेटिक्स टीम के कोच श्री संदीप कुमार गुप्ता उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री साय ने 24 नए छात्रावास भवनों के निर्माण के लिए 41 करोड़ 59 लाख रुपए की दी मंजूरी

रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दी जिले को 24 नए छात्रावास भवनों की बड़ी सौगात मुख्यमंत्री साय ने 24 नए छात्रावास भवनों के निर्माण के लिए  41 करोड़ 59 लाख रुपए की दी मंजूरी जल्द शुरू होगा निर्माण कार्य रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जशपुर जिले को 24 नए छात्रावास भवनों की बड़ी सौगात दी है।  शिक्षा और विद्यार्थियों के हित में निर्णय लेते हुए अनुसूचित जनजाति वर्ग के विद्यार्थियों के लिए जिले के विभिन्न विकासखंडों एवं ग्रामों में नए छात्रावास भवनों के निर्माण की स्वीकृति दी है। छात्रावास भवनों के निर्माण से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा क्योकि विशेष रूप से दूरदराज के क्षेत्रों और वंचित वर्गों के छात्रों को एक सुरक्षित और अनुकूल वातावरण मिलेगा । जिले में 24 नए छात्रावास भवनों के निर्माण के लिए  41 करोड़ 59 लाख रुपए की स्वीकृति दी गई है।              प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने छात्रावास भवनों के निर्माण में पूर्ण गुणवत्ता और समयसीमा का पालन करने निर्देश दिए हैं। निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी के लिए विभागीय अधिकारियों और सहायक आयुक्तों को निर्देशित किया है। छात्रावास भवनों के निर्माण के लिए मंजूरी से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और विद्यार्थियों के लिए सुरक्षित आवासीय सुविधा सुनिश्चित करने की दिशा में ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है। जिले में नए छात्रावास भवन निर्माण के लिए पोस्ट मैट्रिक अनुसूचित जनजाति बालक छात्रावास जशपुर के लिए 1 करोड़ 92 लाख रूपए, पोस्ट मैट्रिक अनुसूचित जनजाति बालक छात्रावास लोदाम के लिए 1 करोड़ 53 लाख रूपए, प्री मैट्रिक अनुसूचित जनजाति बालक छात्रावास पैकु के लिए 1 करोड़ 53 लाख रूपए, पोस्ट मैट्रिक अनुसूचित जनजाति बालक छात्रावास मनोरा के लिए 1 करोड़ 92 लाख रूपए, पोस्ट मैट्रिक अनुसूचित जनजाति बालक छात्रावास बगीचा के लिए 1 करोड़ 92 लाख रूपए, प्री मैट्रिक अनुसूचित जनजाति बालक छात्रावास रौनी के लिए 1 करोड़ 53 लाख,पोस्ट मैट्रिक अनुसूचित जनजाति बालक छात्रावास कांसाबेल के लिए 2 करोड़ 89 लाख रूपए, पोस्ट मैट्रिक अनुसूचित जनजाति बालक छात्रावास दोकड़ा के लिए 1 करोड़ 92 लाख रूपए, पोस्ट मैट्रिक अनुसूचित जनजाति कन्या छात्रावास पतराटोली के लिए 1 करोड़ 92 लाख रूपए, पोस्ट मैट्रिक अनुसूचित जनजाति बालक छात्रावास भवन दुलदुला  के लिए 1 करोड़ 92 लाख रूपए की स्वीकृति जारी की गई है।                इसी प्रकार प्री मैट्रिक अनुसूचित जनजाति बालक छात्रावास दुलदुला 1 करोड़ 53 लाख रूपए, प्री मैट्रिक अनुसूचित जनजाति बालक छात्रावास कुनकुरी वार्ड 2 में 1 करोड़ 53 लाख,पोस्ट मैट्रिक अनुसूचित जनजाति बालक छात्रावास पंडरीपानी 1 करोड़ 92 लाख,पोस्ट मैट्रिक अनुसूचित जनजाति बालक छात्रावास तपकरा 1 करोड़ 92 लाख रूपए, प्री मैट्रिक अनुसूचित जनजाति बालक छात्रावास लवाकेरा 1 करोड़ 53 लाख रूपए की स्वीकृति शामिल हैं। प्री मैट्रिक अनुसूचित जनजाति बालक छात्रावास पंडरीपानी 1 करोड़ 53 लाख रूपए, प्री मैट्रिक अनुसूचित जनजाति बालक छात्रावास कांसाबेल 1 करोड़ 53 लाख रूपए, प्री मैट्रिक अनुसूचित जनजाति बालक छात्रावास बटाईकेला 1 करोड़ 53 लाख रूपए, प्री मैट्रिक अनुसूचित जनजाति बालक छात्रावास दोकड़ा 1 करोड़ 53 लाख रूपए, पोस्ट मैट्रिक अनुसूचित जनजाति बालक छात्रावास कोतबा 1 करोड़ 92 लाख रूपए, प्री मैट्रिक अनुसूचित जनजाति बालक छात्रावास कोतबा 1 करोड़ 53 लाख रूपए, प्री मैट्रिक अनुसूचित जनजाति बालक छात्रावास बागबहार 1 करोड़ 53 लाख रूपए, प्री मैट्रिक अनुसूचित जनजाति बालक छात्रावास भवन गाला के लिए 1 करोड़ 53 लाख रूपए की स्वीकृति दी गई है,जिसका निर्माण कार्य जल्द प्रारंभ किया जाएगा। जर्जर भवन से विद्यार्थियों को मिलेगी मुक्ति, सर्व सुविधायुक्त भवन का किया जाएगा निर्माण                 इन छात्रावास भवनों के बन जाने से जशपुर जिले के हजारों छात्र-छात्राओं को सुरक्षित और आधुनिक आवासीय सुविधा मिलेगी। खासतौर पर आदिवासी एवं सुदूर अंचल के बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ रहने और भोजन की सुविधा भी बेहतर ढंग से उपलब्ध होगी। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का जिले वासियों ने जताया आभार           जिले के जनप्रतिनिधियों, ग्रामीणा,  विद्यार्थियों  के अभिभावकों और सामाजिक संगठनों ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का आभार जताया है। उनका कहना है कि यह निर्णय शिक्षा के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होगा और आदिवासी बच्चों के भविष्य को नई दिशा प्रदान करेगा।

आयुष विभाग की बड़ी उपलब्धि: स्कॉच अवॉर्ड 2025 से होगा सम्मानित

आयुष विभाग को उत्कृष्ट कार्यों के लिए मिलेगा प्रतिष्ठित "स्कॉच अवॉर्ड – 2025" भोपाल आयुष विभाग को प्रतिष्ठित "स्कॉच अवार्ड-2025" सम्मान आयुष ई-मॉनिटरिंग सिस्टम' परियोजना के सफल क्रियान्वयन एवं उत्कृष्ट परिणाम के लिए प्रदान किया गया है। यह अवार्ड तीन चरणों की विस्तृत प्रस्तुतियाँ और दो चरणों की सार्वजनिक डिजिटल वोटिंग के बाद प्रदान किया गया, जो इस उपलब्धि की पारदर्शिता और गुणवत्ता की और अधिक प्रमाणित करता है। "स्कॉच अवॉर्ड-2025" का वितरण नई दिल्ली में आयोजित होने वाले स्कॉच समिट में मिलेगा। आयुष विभाग, राज्य सरकार की मंशानुरूप परंपरागत चिकित्सा पद्धति को मुख्य धारा में लाने के लिए प्रतिबद्धता के साथ क्रियाशील है। आयुष विभाग, आयुर्वेद जैसी भारतीय चिकित्सा पद्धति को आधुनिक चिकित्सा पद्धति के समकक्ष स्थापित करने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहा है। आयुष विभाग को देश के प्रतिष्ठित स्कॉच अवॉर्ड 2025 से नवाजा जाना, इसका प्रत्यक्ष प्रमाण है। यह अवॉर्ड, टीम भावना, नवाचार और उत्कृष्ट कार्यों सहित विविध मानको पर खरा उतरने पर दिया जाता है। आयुष ई-मॉनिटरिंग के मुख्य उद्देश्य आयुष ई-मॉनिटरिंग के मुख्य उद्देश्य प्रदेश के आयुष चिकित्सालयों और चिकित्सा महावि‌द्यालयों में OPD में अधिकतम वृद्धि करना, अधिक से अधिक नागरिकों की आयुष सुविधा कवरेज में लाना, लोगों को स्वस्थ एवं रोगमुक्त बनाने के लिए गुणवत्तापूर्ण आयुष सेवाएं उपलब्ध कराना है। आयुष विभाग में इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए प्रत्येक माह में दो बार वीडियो कॉन्फ्रेसिंग (VC) कर सभी आयुष चिकित्सा अधिकारियों एवं आयुष मेडिकल कॉलेज के साथ अनुभव साझा करना एवं समस्याओं का समाधान, कठोर निगरानी और मूल्यांकन हर केंद्र के प्रदर्शन की नियमित समीक्षा अनुभव करना एवं श्रेष्ठ प्रथाओं को बढ़ावा देना, प्रत्येक आयुष सुविधा की रैंकिंग प्रकाशित करना, प्रतिस्पर्धात्मक वातावरण तैयार कर गुणवत्ता बढ़ाना, आयुष अवसंरचना को सुदृढ़ बनाना, अस्पतालों और कॉलेजों में आधुनिक सुविधाओं का विकास करना जैसे अनेक नवाचार अपनाए है। उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री इन्दर सिंह परमार ने आयुष विभाग को प्रतिष्ठित स्कॉच अवाई- 2025 मिलने पर हर्ष व्यक्त करते आयुष विभाग को स्कॉप अवॉर्ड 2025" मिलना, प्रदेश के लिए गौरव की बात बताई है। मंत्री परमार ने विभाग की इस उपलब्धि के पीछे टीम भावना नवाचार और उत्कृष्ट कार्यों का क्रियान्वयन बताया है, जिससे नागरिकों को समय पर और बेहतर स्वास्थ्य सेवा प्राप्त हो रही है। प्रमुख सचिव आयुष डी.पी. आहूजा ने बताया कि "आयुष ई-मॉनिटरिंग ने पारदर्शिता और जवाबदेही को मजबूत किया है तथा राज्य के स्वास्थ्य तंत्र में आयुष चिकित्सा की सुलभता और गुणवत्ता को नई ऊंचाईयों तक पहुंचाया है। आहूजा ने बताया कि अपर सचिव आयुष संजय मिश्रा की सतत निगरानी एवं समन्वय ने विभाग की इस सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उनके प्रयासों से ई-मानिटरिंग सिस्टम के सभी घटकों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित हुआ जिससे राज्यभर में आयुष सेवाओं की पहुंच और गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार हुआ हैं।  

रीवा में पुनर्घनत्वीकरण कार्यों की समीक्षा बैठक: उप मुख्यमंत्री शुक्ल रहे उपस्थित

रीवा उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने मंत्रालय में रीवा जिले में मध्यप्रदेश गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल के पुनर्घनत्वीकरण योजना के अंतर्गत चल रहे और प्रस्तावित कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने केंद्रीय जेल रीवा, बीहर रिवर फ्रंट, वॉटर स्पोर्ट्स, बोट क्लब सहित अन्य परियोजनाओं का अवलोकन करते हुए अधिकारियों को योजनानुसार समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि विकास कार्यों में भविष्य की आवश्यकताओं और जन-सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि प्रत्येक योजना का क्रियान्वयन आधुनिक शहरी अधोसंरचना और नागरिकों की सुविधा को ध्यान में रखकर किया जाए। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने नगर निगम रीवा में अमृत 2.0 अंतर्गत पेय जल व्यवस्था के कार्यों की भी समीक्षा की। बैठक में अपर मुख्य सचिव नगरीय विकास एवं आवास संजय दुबे, आयुक्त एमपीएचआईडीबी राहुल हरिदास फटिंग, आयुक्त नगर निगम रीवा डॉ. सौरभ सोनवड़े सहित विभागीय वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

प्रधानमंत्री मोदी का व्यक्तित्व विश्वभर में बना आदर्श – राजेन्द्र शुक्ल

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के जन्मदिवस के अवसर पर विशेष प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का व्यक्तित्व पूरे विश्व का प्रेरणा स्रोत • राजेन्द्र शुक्ल भोपाल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी का व्यक्तित्व आज पूरे विश्व में प्रेरणा का स्रोत है। उनके नेतृत्व में भारत ने अभूतपूर्व गति से प्रगति पथ पर कदम बढ़ाए हैं। उनके जन्मदिवस पर हम सभी कृतार्थ अनुभव कर रहे हैं और उनके उत्तम स्वास्थ्य व दीर्घायु की कामना करते हैं। उन्होंने भारत को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने के साथ ही भारतीय संस्कृति, परंपरा और मूल्यों को वैश्विक स्तर पर प्रतिष्ठित किया है। “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” का उनका मंत्र आज राष्ट्र निर्माण का सबसे बड़ा आधार बन चुका है। प्रधानमंत्री मोदी जी का नेतृत्व उस समय और अधिक प्रभावी सिद्ध हुआ जब दुनिया अनेक चुनौतियों से जूझ रही थी। विषम परिस्थितियों में उन्होंने भारत को न केवल सुरक्षित रखा बल्कि प्रगति की नई दिशा भी दी। आज भारत दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में मजबूती से अग्रसर है। यह उपलब्धि केवल आर्थिक दृष्टि से नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी अमूल्य धरोहर है। वास्तव में प्रधानमंत्री जी के प्रयास भारत को विश्वगुरु के स्थान तक ले जाने वाले हैं। उनकी सोच वसुधैव कुटुम्बकम की भावना को साकार करती है, जो आज के वैश्विक परिदृश्य में शांति और सामूहिक प्रगति का मार्ग प्रशस्त कर रही है। स्वास्थ्य के क्षेत्र में प्रधानमंत्री मोदी जी के कार्य ऐतिहासिक हैं। पहले कोई यह कल्पना भी नहीं कर सकता था कि कोई सरकार 60 करोड़ से अधिक लोगों को स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान कर सकती है। लेकिन आयुष्मान भारत योजना ने इसे साकार कर दिखाया। करोड़ों गरीब परिवारों को आयुष्मान कार्ड प्रदान कर उन्हें निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिला है। 70 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्गों के लिए ‘वयवंदना योजना’ के तहत 5 लाख रुपये तक की स्वास्थ्य सुरक्षा ने उन्हें नई आशा और आत्मविश्वास दिया है। कोविड-19 महामारी के कठिन समय में स्वदेशी वैक्सीन का निर्माण और देशव्यापी टीकाकरण अभियान ने भारत को दुनिया के अग्रणी राष्ट्रों की पंक्ति में खड़ा कर दिया। जनकल्याण के क्षेत्र में भी प्रधानमंत्री जी का योगदान असाधारण है। किसानों, गरीबों, महिलाओं और युवाओं के विकास के लिए उन्होंने ऐसी योजनाएँ शुरू कीं, जो सीधे उनकी जिंदगी बदलने वाली सिद्ध हुईं। जल जीवन मिशन के माध्यम से हर घर तक स्वच्छ पेयजल पहुँचाने का अभियान केवल स्वास्थ्य और स्वच्छता ही नहीं बल्कि ग्रामीण जीवन की गुणवत्ता सुधारने का भी प्रतीक है। यह पहल उतनी ही परिवर्तनकारी है जितनी अटल जी की प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना थी, जिसने देश के गाँवों को नई पहचान दी थी। आर्थिक मोर्चे पर मोदी जी के नेतृत्व ने भारत को नई ऊँचाइयों पर पहुँचाया है। एक समय 11वें स्थान पर रही भारतीय अर्थव्यवस्था आज चौथे स्थान पर पहुँच गई है और जापान जैसी बड़ी अर्थव्यवस्था को पीछे छोड़ चुकी है। ‘मेक इन इंडिया’, ‘स्टार्टअप इंडिया’ और ‘डिजिटल इंडिया’ जैसे अभियानों ने न केवल भारत को आत्मनिर्भर बनाया है, बल्कि देश को नवाचार और प्रौद्योगिकी का केंद्र भी स्थापित किया है। अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की प्रतिष्ठा अभूतपूर्व रूप से बढ़ी है। जी-20 की अध्यक्षता और वैश्विक मंचों पर भारत की सशक्त भूमिका ने यह प्रमाणित कर दिया है कि भारत अब केवल उभरती हुई शक्ति नहीं, बल्कि दुनिया का पथप्रदर्शक है। प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में भारत “विकसित भारत” के लक्ष्य की ओर दृढ़तापूर्वक अग्रसर है। वर्ष 2047 तक विकसित भारत का जो सपना प्रधानमंत्री जी ने रखा है, वह केवल एक लक्ष्य नहीं बल्कि राष्ट्रीय संकल्प है। यह संकल्प आर्थिक, सामाजिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक सभी क्षेत्रों में भारत को विश्वगुरु बनाने वाला है। आज पूरा देश गर्व और उत्साह से इस यात्रा में सहभागी है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के जन्मदिवस पर उन्हें हार्दिक शुभकामनाएँ अर्पित करता हूँ। उनका नेतृत्व भारत को निरंतर नई ऊँचाइयों पर ले जा रहा है और आने वाले वर्षों में भारत निश्चित रूप से विश्वगुरु के रूप में स्थापित होगा।  

मुख्यमंत्री साय आज 65.16 करोड़ की डीबीटी राशि श्रमिकों के खातों में करेंगे अंतरित

कार्यक्रम की अध्यक्षता श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन करेंगे     रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय 17 सितम्बर को अपरान्ह 2 बजे राजधानी रायपुर स्थित इंडोर स्टेडियम में विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर श्रम विभाग  द्वारा प्रदेश के एक लाख 84 हजार 220 श्रमिकों को 65 करोड़ 16 लाख 61 हजार 456 रूपए की सहायता राशि डीबीटी के माध्यम से भुगतान करेंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता श्रम मंत्री श्री लखन लाल देवांगन करेंगे। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह एवं अन्य जनप्रतिनिधि भी रहेंगे। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में प्रदेश के श्रमवीरों को आर्थिक मदद एवं उन्हें संबल बनाने के लिए छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल द्वारा विभिन्न योजनाओं का संचालन किया जा रहा है। मंडल द्वारा 01 लाख 77 हजार 049 निर्माण श्रमिकों को 58 करोड़ 32 लाख 38 हजार 136 रूपए, छत्तीसगढ़ असंगठित कर्मकार राज्य सामाजिक सुरक्षा मंडल द्वारा 3 हजार 839 हितग्राहियों के खाते में 4 करोड़ 77 लाख 50 हजार 750 तथा छत्तीसगढ़ श्रम कल्याण मंडल द्वारा 3 हजार 332 हितग्राहियों के खाते में 2 करोड़ 06 लाख 72 हजार 570 रूपए डीबीटी के जरिए अंतरित करेंगे।

नि:शुल्क स्वास्थ्य जांच सांदीपनि सभागार में प्रात: 11 बजे से होगी

भोपाल  प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के जन्म दिवस के अवसर पर राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल द्वारा राजभवन में आज रक्तदान और नि:शुल्क स्वास्थ्य परीक्षण शिविर आयोजित किया जाएगा। इस संबंध में राजभवन में आवश्यक तैयारियां पूर्ण हो गई है। रक्तदान और नि:शुल्क स्वास्थ्य जाँच की व्यवस्था राजभवन के सांदीपनि सभागार में की गई है। शिविर प्रातः 11 बजे से अपराह्न 1:30 बजे तक रहेगा। आमजनों के लिए राजभवन के गेट नम्बर 02 से प्रवेश की सुविधा रहेगी। राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी ने बताया कि शिविर का आयोजन राजभवन और रेडक्रॉस के संयुक्त तत्वावधान में किया गया है। शिविर अवधि में आमजन स्वेच्छा से रक्तदान कर सकते हैं। स्त्रीरोग और नेत्ररोग की आमजन निःशुल्क जाँच करा सकते हैं। श्री कोठारी ने नागरिकों से राजभवन में आयोजित हो रहे शिविर में भाग लेने का अनुरोध किया है।  

Motorola Flip स्मार्टफोन पर बंपर ऑफर, कीमत 40K से नीचे

नई दिल्ली मोटोरोला ने Flipkart Big Billion Days सेल के लिए अपने सबसे बेस्ट स्मार्टफोन्स पर बंपर छूट का ऐलान किया है। 22 सितंबर 2025 से शुरू होने वाली इस सेल में मोटोरोला के फ्लैगशिप से लेकर बजट फोन्स तक सभी में भारी डिस्काउंट मिलेगा। बता दें कि Plus मेंबर्स के लिए यह सेल 22 सितंबर से शुरू होगी। इतना ही नहीं मोटोरोला के फोन्स पर डिस्काउंट के अलावा HDFC और ICICI बैंक कार्ड्स पर अलग से छूट भी मिलेगी। यह कंपनी की सबसे बड़ी फेस्टिव सेल है जिसमें प्रीमियम से लेकर मिड-रेंज तक के सभी पॉपुलर मॉडल्स शामिल हैं। Motorola Edge 60 Pro पर मिलेगा बड़ा डिस्काउंट इस सेल में Motorola Edge 60 Pro पर खास डील देखने को मिलेगी। 29,999 रुपये में मिलने वाला Motorola Edge 60 Pro इस सेल में 24,999 में खरीदा जा सकेगा। Motorola Edge 60 Pro Pantone™ वैलिडेटेड ट्रिपल रियर 50MP कैमरा सिस्टम के साथ आता है। इसमें 50MP अस्ट्रालाइड और मैक्रो लेंस के साथ 10MP का टेलिफोटो 3X ऑप्टिकल जूम कैमरा भी मिलता है। इसका सेल्फी कैमरा भी 50MP का है। Motorola Edge 60 Pro में MediaTek Dimensity 8350 Extreme प्रोसेसर दिया गया है और इसमें 6000mAh की बैटरी मिलती है, जो कि 90W की फास्ट चार्जिंग के साथ आती है। इतना सस्ता मिलेगा Motorola Razr 60 India Motorola Razr 60 पर भी इस सेल में भारी छूट देखने को मिलेगी। आमतौर पर Motorola Razr 60 को 49,999 रुपये में खरीदा जा सकता है लेकिन सेल में यह 39,999 में उपलब्ध होगा। Motorola Razr 60 अपने gesture-controlled वीडियो रिकॉर्डिंग फीचर के लिए खासा पॉपुलर रहा है। इसका टाइटेनियम हिंज 500,000 से ज्यादा flips के लिए टेस्ट किया गया है और 3.6" इंच pOLED कवर डिस्प्ले के साथ आता है। इसमें motoAI और Google Gemini का सपोर्ट भी मिलता है। इसमें मेन डिस्प्ले के तौर पर 6.9 इंच का क्रिसलेस LTPO पैनल मिलता है, जो 3000 निट्स की पीक ब्राइटनेस और 120Hz के रिफ्रेश रेट के साथ आता है। इसमें Pantone वैलिडेटेड ट्रू कलर कैमरा सिस्टम का भी इस्तेमाल किया गया है जो प्रोफेशनल फोटोग्राफी के लिए बेहतरीन है। Motorola Edge 60 Fusion पर इतनी छूट Motorola Edge 60 Fusion को आप नॉर्मली 22,999 रुपये में खरीद पाते हैं। इस सेल में यह 19,999 रुपये का मिलेगा। इसमें 1.5K ट्रू टोन क्वाड कर्वड डिस्प्ले मिलता है। जो कि 4500 निट्स की पीक ब्राइटनेस और 96.3% स्क्रीन टू बॉडी रेशियो के साथ आता है। इसके अलावा इसमें 50MP का मेन और 13MP का अल्ट्रा वाइड और मैक्रो कैमरा मिलता है। इस फोन में 32MP का सेल्फी कैमरा भी दिया गया है। इस फोन की खासियत है कि इसके सभी कैमरा 4K रिकॉर्डिंग को सपोर्ट करते हैं। 15 हजार से कम में मिलेगा Moto G96 5G Moto G96 5G बजट सेगमेंट में तगड़ी डील के साथ मिलेगा। 17,999 रुपये में मिलने वाला यह फोन सेल के दौरान 14,999 रुपये में खरीदा जा सकेगा। इस फोन में 144Hz रिफ्रेश रेट वाला 6.67 इंच का pOLED कर्व्ड डिस्प्ले मिलेगा। यह 1600 निट्स की पीक ब्राइटनेस और 50MP के Sony LYTIA 700C कैमरा के साथ आता है। इसमें Snapdragon® 7s Gen 2 प्रोसेसर और 5500mAh बैटरी का सपोर्ट भी मिलता है, जो कि 33W चार्जिंग को सपोर्ट करती है।

बिहार सरकार की सौगात: 42 कोर्स के लिए ब्याज मुक्त स्टूडेंट लोन

पटना बिहार में सीएम नीतीश कुमार की अगुवाई वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) सरकार विधानसभा चुनाव की घोषणा से पहले हर कैबिनेट बैठक में अलग-अलग तबके पर तोहफे की बरसात कर रही है। नीतीश सरकार ने अब बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना से उच्च शिक्षा के लिए मिलने वाले लोन पर ब्याज खत्म कर दिया है और कर्ज चुकाने की समय सीमा 2 से 3 साल तक बढ़ा दी है। एजुकेशन लोन लेने वाले स्टूडेंट्स को अब सूद नहीं देना होगा और कर्ज लौटाने की मियाद बढ़ने से मासिक किस्त (EMI) भी कम हो जाएगी। कैबिनेट ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है, जिसकी जानकारी खुद नीतीश ने एक ट्वीट में दी है। बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के तहत साधारण बीए, बीएससी, बीकॉम से लेकर मेडिकल, इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट जैसे 42 तरह के कोर्स (कोर्स लिस्ट की पीडीएफ कॉपी नीचे है) को पूरा करने के लिए राज्य सरकार बिहार राज्य शिक्षा वित्त निगम लिमिटेड के जरिए 4 लाख रुपये तक का कर्ज देती है। इसका लाभ बिहार से बोर्ड या पॉलिटेक्निक पास स्टूडेंट्स को मिलता है। साथ ही झारखंड, पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश के संस्थानों से इसी तरह की डिग्री वाले बिहार मूल के छात्र-छात्राओं को भी योजना का फायदा मिलता है। सामान्य तौर पर उम्र सीमा 25 साल है, लेकिन पीजी कोर्स के लिए 30 साल तक के स्टूडेंट आवेदन कर सकते हैं। बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड स्कीम के तहत 4 लाख रुपये तक का एजुकेशन लोन मिलता है। इस कर्ज पर 4 परसेंट की इंटरेस्ट रेट से ब्याज लगता था। महिला, दिव्यांग और ट्रांसजेंडर को मात्र 1 फीसदी सूद देना होता था। सरकार ने अब इस ब्याज को पूरी तरह खत्म करने का फैसला लिया है, जिसका लाभ आवेदकों को आगे मिलेगा। 2 लाख तक का लोन लौटाने के लिए पहले 5 साल की मियाद थी, जिसे सरकार ने अब 7 साल कर दिया है। 2 लाख से ऊपर का कर्ज वापस करने के लिए पहले 7 साल की मियाद थी, जिसे अब 10 साल कर दिया गया है। नौकरी मिलने के छह महीने या पढ़ाई खत्म होने के एक साल बाद कर्ज लौटाना शुरू होता है। नौकरी नहीं हो या आय नहीं हो तो जून और दिसंबर में शपथ पत्र दाखिल कर कर्ज वापसी को टाला जा सकता है। नीतीश सरकार ने उच्च शिक्षा में बिहार की सकल नामांकन दर (GER) को बढ़ाने के लिए सात निश्चय के तहत 2015 से 2020 वाले कार्यकाल में स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना को लागू करने का फैसला किया था। 2021-22 में बिहार का जीईआर बढ़कर 17.1 फीसदी तक पहुंचा है जो एक साल पहले 15.9 परसेंट था। जब योजना की शुरू हुई थी, तब बिहार का जीईआर 14.3 फीसदी था। इस समय उच्च शिक्षा में सकल नामांकन दर का राष्ट्रीय औसत 28.4 फीसदी है जो योजना की शुरुआत के वक्त 24 प्रतिशत था।