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इस शारदीय नवरात्र में भारत को मिलेगी सामरिक, आर्थिक और कूटनीतिक सफलता: शुभ संकेत

उज्जैन  अश्विन शुक्ल प्रतिपदा पर 22 सितंबर को सोमवार के दिन शारदीय नवरात्र का आरंभ हो रहा है। इस बार नवरात्र नौ के बजाय दस दिन के रहेंगे। देवी आराधना के पर्वकाल में तिथि वृद्धि का यह योग विश्व पटल पर भारत को सामरिक, आर्थिक, कूटनीतिक मोर्चों पर सफलता दिलाने वाला माना जा रहा है। ज्योतिष के जानकारों के अनुसार 81 साल में अब तक चार बार दस दिन के नवरात्र का योग बना है और इस योग ने हर बार भारत को विजयश्री का वरण कराया है। ज्योतिषाचार्य  ने बताया श्रीमद् भागवत देवी पुराण के अनुसार देवी दुर्गा की आराधना के नवरात्र के नौ दिन विशेष माने गए हैं। वर्षभर में चार बार नवरात्र का योग बनता है। इनमें दो गुप्त व दो प्राकट्य नवरात्र माने जाते हैं। चैत्र व अवश्विन मास की नवरात्र प्रकट तथा माघ व आषाढ़ मास के नवरात्र गुप्त नवरात्र माने गए हैं। आमतौर पर नवरात्र आठ या नौ दिन के होते हैं। लेकिन बीते 81 साल में चार बार ऐसा संयोग बना है, जब नवरात्र दस दिन के हुए हैं। अब तक ऐसा संयोग वर्ष 1944, 1971, 1998 तथा इस बार वर्ष 2025 में बनने जा रहा है। यह संयोग ही है कि जब-जब दस दिन के नवरात्र आए हैं, इसके आसपास युद्ध की स्थिति निर्मित हुई है। 1944 में विश्व युद्ध, 1971 में पड़ोसी देश से युद्ध, 1998 के बाद कारगिल वार तथा हाल ही में कुछ दिनों पहले आपरेशन सिंदूर की स्थिति निर्मित हो चुकी है। इन सभी के परिणाम किसी ना किसी दृष्टिकोण से भारत के अनुकूल रहे हैं। यह समय अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की छवि को सुदृढ़ करने वाला भी रहा है। पंचांग के पांच अंगों की स्थिति एक समान 81 साल में चार बार जब-जब दस दिन के नवरात्र योग बना है, पंचांग के पांच अंग तिथि,वार,योग,नक्षत्र, करण एक समान रहा है। इस बार भी अश्विन शुक्ल प्रतिपदा, सोमवार का दिन, उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र, शुक्ल योग, किंस्तुघ्न करण व कन्या राशि के चंद्रमा की साक्षी में नवरात्र का आरंभ होगा। प्रतिपदा तिथि के अधिपति अग्निदेव, सोमवार के अधिपति भगवान शिव, उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र के अधिपति अर्यमा, शुक्ल योग की अधिष्ठात्री माता पार्वती तथा किंस्तुघ्न करण के स्वामी वायु देवता हैं। हर बार वैश्विक ऐतिहासिक परिवर्तन जब भी पंचांग के पांच अंगों का एक विशेष तिथि अथवा विशेष पर्वकाल के शुभारंभ पर संयुक्त योग बनता है, वह इतिहास बदल देता है। क्योंकि पंचांग के पांच अंगों का देवत्व अपनी विशिष्ट स्थितियों से यह परिवर्तन चक्र को प्रदर्शित करते हैं और आगाह करते हैं कि सावधानी के साथ सुरक्षा के आयामों को स्थापित करते हुए आगे बढ़ें। विदेश नीति में दूरदर्शिता की आवश्यकता भारत को इस समय संचार, तकनीक व सामरिक नीति के साथ साथ विदेश नीति में दूरदर्शिता रखना चाहिए। यह समय प्रतिद्वंदियों से संभलकर रहने और नए अंतरराष्ट्रीय संबंधों पर चिंतन का है। हालांकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अब तक अपनी सूझबूझ से भारत पर किसी भी आर्थिक दबाव को आने नहीं दिया है। फिर भी पड़ोसी देशों से संभलकर रहने की आवश्यकता है, क्योंकि धोखे की संभावना बन सकती है।  

निगम कर्मचारी संघ के नए पदाधिकारी 22 को लेंगे शपथ, समारोह की धूम

गाजियाबाद नगर निगम कर्मचारी संघ का शपथ समारोह 22 सितंबर को कराया जाएगा। नेहरू नगर स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में दोपहर तीन बजे शपथ समारोह होगा। मुख्य चुनाव अधिकारी ब्रज मोहन सिंघल ने बताया कि निगम कर्मचारी संघ चुनाव में अनुराग गुट ने जीत दर्ज की है।  अनुराग को कर्मचारी संघ का अध्यक्ष चुना गया है। शपथ ग्रहण कराने की सभी तैयारी पूरी हो गई है। उन्होंने बताया कार्यक्रम में महापौर सुनीता दयाल मुख्य अतिथि मौजूद रहेंगी। नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक विशिष्ट अतिथि रहेंगे।

आपातकालीन सेवा में आगे: मान सरकार की एम्बुलेंस लोगों के लिए हमेशा तैयार

पंजाब  पंजाब में भगवंत मान सरकार ने बड़ी पहल कर लोगों की जान बचाने का काम किया है. आपात स्थिति हो या आपदा, पंजाब की एम्बुलेंस सेवा हर समय लोगों की जिंदगी बचाने के लिए तैयार है. पिछले साल से अब तक प्रदेश में बड़ी संख्या में आधुनिक, GPS एनेबल एम्बुलेंस को सेवा में उतारा है. हाई टेक एम्बुलेंस सर्विस जुलाई 2024 में CM मान ने 58 नई हाई-टेक एम्बुलेंस को हरी झंडी दिखाई थी, जबकि इसी साल जून 2025 में 46 और अत्याधुनिक एम्बुलेंस राज्य के बेड़े में जोड़ी गई हैं. इससे पंजाब में कुल 371 सरकारी एम्बुलेंस हर जिले और कस्बे में मरीजों को तुरंत मदद पहुंचा रही हैं. 80 बच्चों का सुरक्षित जन्म सरकार ने तय समय सीमा भी सख्ती से लागू की है. शहरी क्षेत्रों में 15 मिनट और ग्रामीण क्षेत्रों में 20 मिनट के भीतर एम्बुलेंस पहुंच रही है. आंकड़ों के अनुसार, जनवरी-जुलाई 2024 के बीच ही 1 लाख से ज्यादा मरीजों को सुरक्षित अस्पताल पहुंचाया गया है. जिनमें 10,737 दिल के मरीज और 28,540 गर्भवती महिलाएं शामिल रहीं. इन एम्बुलेंसों में 80 बच्चों का सुरक्षित जन्म भी हुआ.    मददगार बनीं बोट एम्बुलेंस सरकार की संवेदनशीलता का बड़ा उदाहरण हाल ही में आए बाढ़ संकट के दौरान देखने को मिला. जब पानी ने सड़कों और गांवों को डुबा दिया, तब सरकार ने नावों, ट्रेक्टरों और अस्थायी फ्लोट्स को भी बोट एम्बुलेंस में तब्दील कर दिया. इनसे गांव-गांव तक दवाइयां पहुंचाईं गईं, जबकि जरूरतमंद मरीजों को सुरक्षित अस्पताल पहुंचाया गया. ऐसे कठिन हालातों में भी चार बच्चों का सुरक्षित जन्म हुआ. कईं लोगों की जान समय रहते बचाई गई. मिल रही है भरोसेमंद सेवा जीपीएस आधारित आधुनिक एम्बुलेंस, सड़क सुरक्षा बल और 108 हेल्पलाइन के साथ मिलकर अब पंजाब वासियों को हर आपात स्थिति में तुरंत और भरोसेमंद सेवा मिल रही है. मुख्यमंत्री मान ने कहा है कि हमारी सरकार का मकसद एक ही है- हर पंजाबी की जान की रक्षा. पंजाब की एम्बुलेंस सेवा हर कठिन घड़ी में जनता के साथ है.  

सवालों से बचने के लिए पाकिस्तान ने रद्द की भारत मैच की प्रेस कॉन्फ्रेंस

नई दिल्ली भारत और पाकिस्तान की टीमें एक बार फिर टकराने जा रही हैं। रविवार को एशिया कप-2025 के सुपर-4 मैच में दोनों टीमें दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में आमने-सामने होंगी। इस मैच से पहले शनिवार को पाकिस्तान टीम में खौफ का माहौल है और इसी डर से उसने एक हैरान करने वाला फैसला किया है। भारत और पाकिस्तान की टीमें बीते रविवार को भी टकराई थीं जिसमें टीम इंडिया ने बाजी मारी थी। मैच के बाद भारतीय टीम ने पाकिस्तानी टीम से हाथ नहीं मिलाया था। इसे लेकर पाकिस्तान ने काफी हंगामा किया था। हालांकि, उसके हाथ कुछ नहीं लगा और उसने अपनी बेइज्जती ही कराई। अब उसने एक और हैरान करने वाला कदम उठाया है। पाकिस्तान ने कैंसिल की प्रेस कॉन्फ्रेंस हर मैच से पहले टीमें प्रेस कॉन्फ्रेंस करती हैं। भारत की टी20 टीम के कप्तान सूर्यकुमार यादव भी शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस करने आए थे, लेकिन पाकिस्तान ने प्रेस कॉन्फ्रेंस नहीं की। उसने इसे रद कर दिया। कुछ ऐसा ही पाकिस्तान ने यूएई के खिलाफ किया था। जाहिर है इस कॉन्फ्रेंस में पाकिस्तान से कई तरह के सवाल किए जाते जिनके जवाब उसके पास होते नहीं। पाकिस्तान ने भारत के हाथ न मिलाने के फैसले की शिकायत आईसीसी में भी की थी लेकिन कुछ हुआ नहीं था। वहीं मैच रैफरी एंडी पायक्रॉफ्ट की भी उसने शिकायत की थी। रैफरी से मुलाकात को बाद में पाकिस्तान टीम के मीडिया मैनेजर ने वीडियो भी बनाया था और इसे लेकर भी उसे मुंह की खानी पड़ी थी क्योंकि ये नियमों के खिलाफ है। प्रेस कॉन्फ्रेंस होती तो इन सभी मुद्दों पर पाकिस्तान से सवाल किए जाते और इससे बचने के लिए उसने ये कदम उठाया। मोटिवेशनल स्पीकर को किया हायर टीम ने साथ ही एक मोटिवेशनल स्पीकर को हायर किया है जो खिलाड़ियों में जान फूंकेगा। इस शख्स का नाम डॉ राहील है। पाकिस्तान के हौसले इस समय पस्त हैं। उसे भारत के खिलाफ हार मिली थी और फिर जो इस टीम ने किया वो पूरे विश्व ने देखा जिससे इस टीम की पूरे क्रिकेट जगत में थू-थू हुई। इसी का दबाव पाकिस्तान पर है और इसी से बाहर निकलने के लिए टीम ने मोटिवेशनल स्पीकर हायर किया है।  

सरकार ने बढ़ाया धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य, पहली नवंबर से पूर्वी उत्तर प्रदेश में की जाएगी खरीद

धान (कॉमन)-2369 और (ग्रेड ए) का 2389 रुपये प्रति कुंतल एमएसपी तय पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 31 जनवरी और पूर्वी उत्तर प्रदेश में 28 फरवरी 2026 तक चलेगी खरीद लखनऊ, खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के अंतर्गत पहली अक्टूबर से पश्चिमी उत्तर प्रदेश में धान खरीद शुरू होगी, जबकि पूर्वी उत्तर प्रदेश के संभागों में धान खरीद पहली नवंबर से होगी। इसके लिए पहली सितंबर से पंजीकरण प्रारंभ हो चुका है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 31 जनवरी और पूर्वी उत्तर प्रदेश में 28 फरवरी 2026 तक धान खरीद होगी। सरकार ने इस वर्ष धान के न्यूनतम समर्थन मूल्य में वृद्धि भी की है। धान (कॉमन)-2369 और (ग्रेड ए) का 2389 रुपये प्रति कुंतल तय किया गया है। fcs.up.gov.in या UP KISAN MITRA  पर कराना होगा पंजीकरण धान बिक्री के लिए किसानों का पंजीकृत होना अनिवार्य है। किसानों को खाद्य व रसद विभाग की वेबसाइट fcs.up.gov.in या मोबाइल ऐप UP KISAN MITRA  पर पंजीकरण कराना होगा। धान की खरीद पंजीकृत किसानों से ही होगी। खाद्य व रसद विभाग के मुताबिक किसी भी सहायता या जानकारी के लिए किसान टोल फ्री नंबर 18001800150 नंबर पर कॉल कर सकते हैं। साथ ही अपने जनपद के जिला खाद्य विपणन अधिकारी, तहसील के क्षेत्रीय विपणन अधिकारी व ब्लॉक के विपणन निरीक्षक से भी संपर्क साध सकते हैं। पश्चिम उत्तर प्रदेश व लखनऊ के इन जनपदों में पहली अक्टूबर से होगी खरीद पश्चिम उत्तर प्रदेश के संभागों में पहली अक्टूबर से धान खरीद शुरू होगी, जो 31 जनवरी 2026 तक चलेगी। यह खरीद पश्चिम उत्तर प्रदेश के मेरठ, सहारनपुर, मुरादाबाद, बरेली,आगरा, अलीगढ़, झांसी संभाग में होगी। वहीं लखनऊ संभाग के हरदोई, लखीमपुर खीरी, सीतापुर जनपद में भी धान खरीद इसी अवधि में होगी। पूर्वी उत्तर प्रदेश व लखनऊ संभाग के इन जनपदों में पहली नवंबर से शुरू होगी खरीद पूर्वी उत्तर प्रदेश के संभागों में पहली नवम्बर से धान खरीद शुरू होगी। यह खरीद पूर्वी उत्तर प्रदेश के चित्रकूट, कानपुर, अयोध्या, गोरखपुर, देवीपाटन, बस्ती, आजमगढ़, वाराणसी, मीरजापुर व प्रयागराज संभाग में होगी। इसके साथ ही लखनऊ संभाग के लखनऊ, रायबरेली व उन्नाव में भी पहली नवंबर से खरीद होगी, जो 28 फरवरी 2026 तक चलेगी।   करीब 10 हजार किसानों ने करा लिया पंजीकरण धान खरीद के लिए पंजीकरण प्रारंभ हो गया है। 20 सितंबर (दोपहर एक बजे) तक करीब 10 हजार किसानों ने धान विक्रय के लिए खाद्य विभाग के पोर्टल पर पंजीकरण कर लिया है। विभाग के मुताबिक धान की बिक्री के लिए ओटीपी आधारित सिंगल पंजीकरण की व्यवस्था की गई है। किसान मोबाइल पर एसएमएस से मिले ओटीपी को भरकर पंजीकरण करा सकते हैं। वहीं किसानों को भुगतान सीधे आधार लिंक्ड बैंक खाते में किया जाएगा। बिचौलियों को रोकने व पारदर्शिता बरतते हुए क्रय केंद्रों पर धान की खरीद ई-पॉप (इलेक्ट्रॉनिक प्वॉइंट ऑफ परचेज) डिवाइस के माध्यम से पहले की भांति किसानों के बायोमीट्रिक सत्यापन के जरिए ही होगी।

अब दिल्ली के स्टेडियम में इवेंट आयोजित करना हुआ सस्ता और सुविधाजनक

नई दिल्ली  दिल्ली के बड़े स्टेडियमों को लेकर सरकार ने एक अहम फैसला लिया है. दिल्ली के पर्यटन मंत्री कपिल मिश्रा ने बताया कि स्पोर्ट्स ऑथोरिटी ऑफ इंडिया (SAI) ने बड़े स्टेडियमों की बुकिंग की राशि में भारी कटौती की है, जिससे अब स्टेडियमों में कार्यक्रम का आयोजन कराना बहुत आसान हो जाएगा. उन्होंने कहा कि इस निर्णय का उद्देश्य दिल्ली को लाइव इवेंट्स और कॉन्सर्ट इकोनॉमी का हब बनाना है. दरअसल, इससे पहले भी मंत्री कपिल मिश्रा स्टेडियम के अधिक किराए को लेकर आपत्ति जता चुके हैं. उन्होंने हाल ही में कहा था कि इंदिरा गांधी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स और JLN के किराए में 100% से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई है. इस वजह से आयोजकों को कार्यक्रमों, म्यूजिक कॉन्सर्ट और लाइव शो के आयोजन के लिए अहमदाबाद और मुंबई जैसे दूसरे शहरों में जाना पड़ रहा है, जिसकी वजह से दिल्ली टूरिज्म रेवेन्यू भी खो रही है. उन्होंने स्टेडियमों के किराए को कम करने के लिए केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजा था. कपिल मिश्रा ने सोशल मीडिया के जरिए दी जानकारी दिल्ली के पर्यटन मंत्री कपिल मिश्रा ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर SAI के नोटिस को शेयर करते हुए लिखा कि दिल्ली के बड़े स्टेडियमों में अब कार्यक्रमों का आयोजन बहुत आसान हो गया है. स्पोर्ट्स ऑथोरिटी ऑफ इंडिया (SAI) ने इन स्टेडियमों के बुकिंग की राशि में भारी कमी की घोषणा की है. इसके आगे उन्होंने लिखा कि यह निर्णय दिल्ली को लाइव इवेंट्स और कॉन्सर्ट इकोनॉमी का हब बनाने को लेकर प्रधानमंत्री मोदी के विजन को साकार करेगा.   तीन कैटेगरी में डिवाइड किए आयोजक SAI द्वारा जारी नोटिस में स्टेडियम में किसी भी कार्यक्रम को आयोजित करने वाले आयोजकों को तीन कैटेगरी में डिवाइड किया गया है. हर एक कैटेगरी के लिए स्टेडियम का शुल्क अलग-अलग होगा. पहली कैटेगरी में सरकारी संस्थाओं द्वारा किए जाने वाले आयोजन आएंगे, जिसमें सरकारी स्कूल या कॉलेज, भारत मंत्रालय, और MYAS द्वारा मान्यता प्राप्त संस्थाएं, जो लड़कियों या दिव्यांग लड़कों के लिए खेल का आयोजन करते हैं, के कार्यक्रम शामिल हैं. दूसरी कैटेगरी में वे खेल प्रतियोगिताएं या आयोजन आएंगे, जो किसी निजी स्कूल या कॉलेज, रजिस्टर्ड सोसाइटी जो पिछले 5 साल से खेलों के विकास में काम कर रही हों, लड़कियों और दिव्यांग खिलाड़ियों के लिए प्रतियोगिताएं जो कैटेगरी 1 में शामिल न हों, ऐसे कार्यक्रम कैटेगरी 2 में आएंगे. इसके अलावा, बाकी सभी आयोजन जो कैटेगरी 1 या 2 में नहीं आते हैं, उन्हें कैटेगरी 3 में शामिल किया जाएगा. नोटिस में कहा गया कि सबसे पहले, जब भी कोई खेल आयोजन के लिए बुकिंग होगी, तो एडमिन स्टाफ को यह देखना होगा कि आयोजक किस कैटेगरी में आते हैं और उसी के आधार पर शुल्क लागू होगा. किस कैटेगिरी का कितना शुल्क है? अगर दिल्ली के प्रमुख स्टेडियम जवाहर लाल नेहरू (JLN) की बात करें तो कैटेगिरी 1 के लिए इसके मेन एरिया का किराया 40 हजार रुपये है. वहीं कैटेगिरी 2 के लिए इस स्टेडियम के मेन एरिया का किराया 1 लाख रुपये है और कैटेगिरी 3 के लिए इसका किराया 25 लाख रुपये है. हालांकि, लाइट का बिल इसमें नहीं जोड़ा गया है, जिसे अलग से देना पड़ेगा. वहीं पहले जवाहर लाल नेहरू स्टेडियम के मेन एरिया का किराया 50 लाख रुपये होता था.इसके अलावा SAI ने कई और स्टेडियमों के किराए के बारे में विस्तार से बताया, जिसमें JLN, मेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम, इंदिरा गांधी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स आदि स्टेडियम शामिल हैं.  

कई दिल्ली स्कूलों को मिली बम की धमकी, केजरीवाल बोले- सुरक्षा का सवाल, अभिभावक चिंतित

नई दिल्ली  दिल्ली के कई स्कूलों को शनिवार सुबह बम से उड़ाने की धमकी मिली, जिसके बाद स्कूलों को तुरंत खाली करवाया गया और बड़े पैमाने पर सुरक्षा की जांच की जा रही है. स्कूलों को मिली धमकी को लेकर अरविंद केजरीवाल ने बीजेपी सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि चार इंजन वाली BJP सरकार दिल्ली की सुरक्षा नहीं संभाल पा रही है. बच्चों के मां-बाप हर रोज डर के जीते हैं. स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी एक फोन कॉल के जरिए मिली. जिन स्कूलों को धमकियां मिलीं उनमें द्वारका का दिल्ली पब्लिक स्कूल (DPS), कृष्णा मॉडल पब्लिक स्कूल और सर्वोदय विद्यालय शामिल हैं. सूचना मिलने पर पुलिस और बम स्क्वाड घटनास्थल पर पहुंचे और सर्च अभियान शुरू किया. चार इंजन वाली सरकार नहीं संभाल पा रही दिल्ली: केजरीवाल दिल्ली के स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल ने अपनी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा कर बीजेपी पर निशाना साधा. केजरीवाल ने लिखा, ‘दिल्ली के स्कूलों को बार-बार बम धमकी मिल रही है. हर तरफ अफरा-तफरी हो जाती है, स्कूलों की छुट्टी होती है, बच्चों और अभिभावकों में डर फैलता है. लेकिन एक साल से न कोई पकड़ा गया, न कोई कार्रवाई हुई.’ इसके आगे उन्होंने लिखा कि चार इंजन वाली BJP सरकार राजधानी की सुरक्षा तक नहीं संभाल पा रही. माता-पिता रोज डर में जी रहे हैं. स्कूल प्रबंधक ने अभिभावकों को दी सूचना द्वारका के डीपीएस स्कूल के प्रबंधक ने तत्काल ऐलान किया कि स्कूल आज बंद रहेगा. इसके अलावा, शनिवार को स्कूल में होने वाली परीक्षाएं भी रद्द कर दी गई. स्कूल ने बच्चों के अभिभावकों को जारी एक नोटिस में लिखा कि कुछ कारणों की वजह से आज यानी 20 सितंबर को स्कूल बंद रहेगा. स्कूलों की सभी बसों और वैन को तुरंत वापस भेजा जा रहा है. सभी अभिभावक अपने बच्चों को लेने स्टॉप पर पहुंच जाएं. इसके आगे लिखा गया कि आज होने वाली परीक्षा स्थगित कर दी गई है. नई तारीखों की सूचना जल्द दी जाएगी. इस महीने में ऐसा दूसरी बार नहीं हुआ है जब किसी शिक्षण संस्थान को बम से उड़ाने की धमकी मिली हो. इससे पहले 9 सितंबर को नई दिल्ली के यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ मेडिकल साइंसेज को ईमेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकी मिली थी. धमकी मिलने के बाद कॉलेज कैंपस को खाली करा दिया गया था. इसके अलावा, मौलाना आज़ाद मेडिकल कॉलेज और मुख्यमंत्री सचिवालय को भी ऐसी धमकियां मिल चुकी हैं. हालांकि, ये सारी धमकियां झूठ साबित हुईं.  

दिल्ली को मिली नई सौगात: स्वच्छ हवा के साथ बढ़ेगा राजस्व भी

दिल्ली दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शनिवार को शहरवासियों को एक बड़ी सौगात देते हुए नांगली डेयरी इलाके में राष्ट्रीय राजधानी के पहले बड़े बायोगैस संयंत्र का उद्घाटन किया। उन्होंने इसे बेहद गर्व का क्षण बताते हुए कहा कि शहर को मवेशियों के गोबर और नगरपालिका के कचरे से मुक्त बनाने के लिए ऐसे कई संयंत्रों की जरूरत पर बल दिया। उन्होंने बताया कि यह संयंत्र ना केवल शहर को कचरे से मुक्ति दिलाएगा, बल्कि इससे सरकार को राजस्व की प्राप्ति भी होगी। प्राप्त जानकारी के अनुसार करीब 2.72 एकड़ जमीन पर फैले इस संयंत्र की क्षमता 200 टन प्रतिदिन (TPD) है। यह संयंत्र मवेशियों के गोबर और बायो-डिग्रेडेबल कचरे को कंप्रेस्ड बायोगैस (CBG) और खाद में बदलेगा और प्रतिदिन लगभग 14,000 घन मीटर कच्ची बायोगैस का उत्पादन करेगा। इसके बाद इससे 5.6 टन कंप्रेस्ड बायोगैस प्राप्त होगी, जिसकी आपूर्ति इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (IGL) को की जाएगी। सह-उत्पाद के रूप में संयंत्र से खाद भी तैयार की जाएगी। मुख्यमंत्री ने इस संयंत्र को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने के ड्रीम प्रोजेक्ट का हिस्सा बताया। इस मौके पर सीएम रेखा गुप्ता ने कहा, 'यह संयंत्र न केवल नालों की सफाई और यमुना में प्रदूषण कम करने में मदद करेगा, बल्कि हरित ऊर्जा और राजस्व भी उत्पन्न करेगा। दिल्ली में प्रतिदिन लगभग 1,500 मीट्रिक टन गोबर का उत्पादन होता है और एक संयंत्र पर्याप्त नहीं है। शहर को भविष्य में ऐसे कई और संयंत्रों की आवश्यकता होगी।' गुप्ता ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिवस के अवसर पर चल रहे सेवा पखवाड़े के अंतर्गत दिल्ली को यह ऐतिहासिक सौगात मिली है। यह बायोगैस प्लांट न केवल गोबर और डेयरी अपशिष्ट के प्रबंधन का स्थायी समाधान देगा, बल्कि हजारों गौशालाओं और डेयरियों की समस्याओं का हल भी बनेगा। अब गोबर से हरित ऊर्जा बनेगी। पर्यावरण स्वच्छ होगा, यमुना का प्रदूषण घटेगा और किसानों और पशुपालकों को भी सहारा मिलेगा। आगे उन्होंने कहा, ‘यह परियोजना प्रधानमंत्री के हरित ऊर्जा अभियान को सशक्त बनाते हुए, दिल्ली को स्वच्छ, आत्मनिर्भर और हरित राजधानी बनाने की दिशा में एक निर्णायक कदम और मील का पत्थर साबित होगी।’ इस मौके पर दिल्ली के ऊर्जा मंत्री आशीष सूद, सांसद कमलजीत सहरावत, महापौर राजा इकबाल सिंह, विधायक संदीप सेहरावत समेत अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम में पिछली आम आदमी पार्टी सरकार पर हमला बोलते हुए गुप्ता ने आरोप लगाया कि इस संयंत्र के लिए साल 2018 में ही धनराशि स्वीकृत कर दी गई थी, लेकिन इसके बावजूद परियोजना में सालों की देरी हुई। उन्होंने कहा, 'इस परियोजना को पूरा होने में आठ साल लग गए क्योंकि पिछली सरकार काम करने के बजाय मोदी जी को दोष देती रही। वे हर बात पर राजनीति करते रहे। जब केंद्र सरकार और ट्रिपल इंजन वाली सरकार ने मिलकर काम किया, तभी यह परियोजना आगे बढ़ पाई।'

पितृपक्ष में गयाजी पहुंची राष्ट्रपति, पुरखों की मोक्ष प्राप्ति के लिए किया पिंडदान

गयाजी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू शनिवार को देश और दुनिया में मोक्ष स्थली के रूप में चर्चित बिहार के गयाजी पहुंची। यहां उन्होंने अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति और मोक्ष प्राप्ति की कामना के साथ पिंडदान किया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू गया अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर विशेष विमान से पहुंची। इसके बाद सड़क मार्ग से विष्णुपद मंदिर पहुंची। गया हवाई अड्डा पहुंचने पर बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान और केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने उनका स्वागत किया। राष्ट्रपति के पिंडदान के लिए जिला प्रशासन के जरिए विष्णुपद मंदिर परिसर में ही विशेष व्यवस्था की गई थी और सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध किए गए थे। गयापाल पुरोहित राजेश लाल कटरियाल ने वैदिक क्रियाओं के साथ कर्मकांड कराया। उन्होंने पूरे विधि विधान के साथ पिंडदान किया। राष्ट्रपति के आगमन को लेकर विष्णुपद मंदिर और आसपास के इलाकों में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। उल्लेखनीय है कि शुक्रवार को प्रसिद्ध व्यवसायी मुकेश अंबानी भी अपने परिवार के अन्य सदस्यों के साथ गयाजी पहुंचे थे और अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति और मोक्ष की प्राप्ति को लेकर पिंडदान किया था। प्रत्येक वर्ष पितृपक्ष में बड़ी संख्या में श्रद्धालु सनातन धर्म की परंपराओं के अनुसार अपने पितरों के मोक्ष तथा शांति के लिए पिंडदान करने के लिए गयाजी आते हैं। यहां विष्णुपद मंदिर, फल्गु नदी, अक्षय वट एवं अन्य कई पवित्र स्थानों पर स्थित वेदियों पर श्रद्धापूर्वक पूजा-अर्चना की जाती है। मान्यता है कि मृत्यु के पश्चात मनुष्य की आत्मा इस भौतिक जगत में ही विचरण करती रहती है। केवल शरीर नष्ट होता है, आत्मा अमर रहती है। यदि व्यक्ति का परिवार पिंडदान करता है, तो उस आत्मा को इस लोक से मुक्ति मिलती है और वह सदैव के लिए बंधनों से मुक्त हो जाती है। पितृपक्ष में देश-विदेश से हजारों पिंडदानी अपने पितरों की मोक्ष प्राप्ति के लिए गयाजी पहुंचते हैं। पिंडदानियों और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए जिला प्रशासन और पर्यटन विभाग की ओर से व्यापक तैयारी की गई है। पितृपक्ष मेला 21 सितंबर तक चलेगा।

नालों की सफाई और प्लास्टिक प्रतिबंध: मंदाकिनी में सरकारी कार्रवाई बढ़ी

चित्रकूट मंदाकिनी नदी के संरक्षण और स्वच्छता को लेकर जिला गंगा समिति, पर्यावरण समिति और वृक्षारोपण समिति की संयुक्त बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित की गई। मुख्य विकास अधिकारी अमृतपाल कौर ने कहा कि मंदाकिनी की स्वच्छता और अविरलता को बनाए रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। इसके लिए सभी विभागों को समयबद्ध कार्य सुनिश्चित करने होंगे। मंदाकिनी नदी में गिरने वाले नालों की स्थिति की समीक्षा की गई। अधिशासी अधिकारी कर्वी ने बताया कि नालों की टैपिंग के लिए टेंडर की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, और कार्य जल्द प्रारंभ होगा। सीडीओ ने निर्देश दिए कि नदियों के किनारे बसे गांवों में बनाई गई स्थायी समितियां स्वच्छता अभियान को सक्रिय रूप से चलाएं। उन्होंने नदियों के किनारे स्थित आश्रमों में प्लास्टिक के प्रयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का निर्देश दिया और भंडारों में वृक्षों के पत्तों से बने पत्तलों के उपयोग को अनिवार्य करने को कहा। साथ ही सिंगल यूज़ प्लास्टिक और थर्माकोल के उत्पादों की बिक्री व उपयोग पर जुर्माना लगाने और दुकानों पर छापेमारी अभियान चलाने के आदेश दिए। सीडीओ ने सभी खंड विकास अधिकारियों से क्षेत्र में नियमित भ्रमण कर निरीक्षण करने को कहा। उन्होंने जनजागरूकता अभियानों को और अधिक प्रभावी बनाने पर बल दिया, ताकि लोग नदियों में कचरा न डालें और स्वच्छता में भागीदार बनें। एसडीओ वन ने बताया कि पंचायती राज विभाग द्वारा ग्राम स्तरीय समितियों का गठन किया जा चुका है। बैठक में प्रभागीय वनाधिकारी प्रत्यूष कटिहार, प्रशिक्षु आईएफएस पृथ्वीराज, उप कृषि निदेशक राजकुमार, अधिशासी अभियंता अखिलेश सिंह, आशीष सिंह रघुवंशी व विवेक श्रीवास्तव रहे।