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डोंगरगढ़ में ट्रेन सुविधाएं बढ़ीं: नवरात्रि के लिए 1 मेमू स्पेशल, 2 मेमू ट्रेनें अब गोंदिया तक

 रायपुर भारत में नवरात्र का पर्व एक विशेष धार्मिक अवसर है, जिसे भक्तों के लिए यात्रा करना अक्सर चुनौतीपूर्ण हो सकता है। इस समय हर साल रेलवे प्रशासन भक्तों की सुविधा के लिए विशेष ट्रेनों की व्यवस्था करता है।इस बार भी, 22 सितंबर से 1 अक्टूबर तक डोंगरगढ़ देवीधाम रेलवे स्टेशन पर 10 एक्सप्रेस ट्रेनों को 9 दिनों के लिए स्टापेज दिया गया है, जिससे यात्रियों को बहुत राहत मिल सकेगी। इसके साथ ही, 2 मेमू ट्रेनों का गोंदिया तक विस्तार भी किया गया है और 1 स्पेशल मेमू ट्रेन चलाई जाएगी। दो मेमू का किया विस्तार नवरात्र के दौरान ही गाड़ी संख्या 68741 दुर्ग-गोंदिया मेमू का रायपुर तक विस्तार किया गया है। यह शाम 5.15 बजे रायपुर से रवाना होगी। 68742 गोंदिया-दुर्ग मेमू रात रायपुर रात 10.40 बजे आएगी। इसी तरह रायपुर-डोंगरगढ़ मेमू का गोंदिया तक विस्तार किया गया है। मेमू 68729 रात 11.40 बजे डोंगरगढ़ से रवाना होकर 1.20 गोंदिया पहुंचेगी। 68730 डोंगरगढ़-गोंदिया मेमू 1.45 गोंदिया से रवाना होकर 3.20 बजे डोंगरगढ़ पहुंचेगी। डोंगरगढ़ रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों का ठहराव रेलवे प्रशासन ने नवरात्र पर्व के दौरान डोंगरगढ़ माता मंदिर पहुंचने वाले भक्तों की संख्या को ध्यान में रखते हुए पांच जोड़ी एक्सप्रेस ट्रेनों को डोंगरगढ़ रेलवे स्टेशन पर ठहराव देने की घोषणा की है। इन ट्रेनों में शामिल हैं: दुर्ग-डोंगरगढ़ के बीच स्पेशल श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए रेलवे डोंगरगढ़-दुर्ग के बीच मेमू स्पेशल चलाएगा। यह मेमू 06886 डोंगरगढ-दुर्ग 1 बजे डोंगरगढ़ से निकलेगी, जो कि 1.05 जतकनहार, 1.11 मुसरा, 1.19 बकल, 1.30 राजनांदगांव, 1.40 परमलकसा, 1.50 मुरहीपार, 1.57 रसमरा, 2.20 बजे दुर्ग पहुंचेगी। इसी प्रकार 06885 दुर्ग- डोंगरगढ़ मेमू दुर्ग से 2.40 बजे निकलेगी, जो कि 2.45 रसमरा, 2.53 मुरहीपार, 3.01 परमलकसा, 3.09 राजनांदगांव, 3.19 बकल, 3.28 मुसरा, 3.35 जतकनहार और 4 बजे      बिलासपुर-भगत की कोठी-बिलासपुर एक्सप्रेस     बिलासपुर-बीकानेर-बिलासपुर एक्सप्रेस     बिलासपुर-चेन्नई-बिलासपुर एक्सप्रेस     बिलासपुर-पुणे-बिलासपुर एक्सप्रेस     रायपुर-सिकंदराबाद-रायपुर एक्सप्रेस डोंगरगढ़ स्टेशन पर 10 एक्सप्रेस ट्रेनों का ठहराव: 22 सितंबर से 1 अक्टूबर तक डोंगरगढ़ स्टेशन पर 10 एक्सप्रेस ट्रेनों का ठहराव दो मिनट के लिए दिया गया है, जिससे यात्रियों को राहत मिलेगी। मेमू ट्रेनों का विस्तार: गोंदिया-दुर्ग मेमू ट्रेन का फेरा 9 दिनों के लिए रायपुर तक बढ़ाया गया है, जबकि रायपुर-डोंगरगढ़ मेमू ट्रेन को गोंदिया तक बढ़ाया गया है। स्पेशल मेमू ट्रेन: दुर्ग और डोंगरगढ़ के बीच 9 दिनों के लिए एक स्पेशल मेमू ट्रेन चलाई जाएगी, जो यात्रियों के लिए अतिरिक्त सुविधा प्रदान करेगी। नवरात्र के दौरान रेलवे प्रशासन की तैयारी: रेलवे प्रशासन ने नवरात्र के पर्व के दौरान यात्रियों की बढ़ती मांग को ध्यान में रखते हुए विशेष ट्रेन सेवाओं की व्यवस्था की है। विभिन्न एक्सप्रेस ट्रेनों का ठहराव: बिलासपुर-भगत की कोठी, बिलासपुर-बीकानेर, बिलासपुर-चेन्नई, बिलासपुर-पुणे और रायपुर-सिकंदराबाद एक्सप्रेस ट्रेनों को डोंगरगढ़ स्टेशन पर 9 दिनों के लिए ठहराव दिया गया है। गोंदिया-दुर्ग मेमू का फेरा रायपुर तक बढ़ाया गया नवरात्र के दौरान गोंदिया से दुर्ग तक चलने वाली मेमू ट्रेन को रायपुर तक बढ़ाया गया है। यह ट्रेन गोंदिया से दुर्ग तक पहुंचने के बाद भिलाई नगर, भिलाई पावर हाउस, भिलाई, देव बलौदा चरौदा, डी-केबिन, कुम्हारी, सरोना होते हुए रायपुर पहुंचेगी। वापसी में यह वही मार्ग अपनाते हुए गोंदिया लौटेगी। यह ट्रेन नवरात्र के दौरान भक्तों के लिए एक महत्वपूर्ण कनेक्शन बनेगी, जिससे वे आसानी से यात्रा कर सकेंगे और अपनी धार्मिक यात्रा का आनंद ले सकेंगे।  रायपुर-डोंगरगढ़ मेमू को गोंदिया तक बढ़ाया गया दूसरी ओर, रायपुर से डोंगरगढ़ के बीच चलने वाली मेमू ट्रेन को भी 9 दिनों के लिए गोंदिया तक बढ़ा दिया गया है। यह ट्रेन डोंगरगढ़ से गुदमा, आमगांव, धानौली, सालेकसा, दरेकसा, बोरतलाव, पनिया-जोब होते हुए गोंदिया पहुंचेगी। वापसी में यह गोंदिया से डोंगरगढ़ होते हुए रायपुर तक पहुंचेगी। यह विस्तार न केवल धार्मिक यात्रियों के लिए एक सुविधा है, बल्कि इससे इस क्षेत्र के अन्य यात्रियों को भी यात्रा में आसानी होगी।  दुर्ग और डोंगरगढ़ के बीच मेमू स्पेशल इसके अतिरिक्त, दुर्ग और डोंगरगढ़ के बीच 9 दिनों के लिए एक विशेष मेमू ट्रेन भी चलायी जाएगी। यह ट्रेन दुर्ग से रसमरा, मुरहीपार, परमलकसा, राजनांदगांव, बकल, मुसरा, जटकन्हार होते हुए डोंगरगढ़ पहुंचेगी। यह स्पेशल ट्रेन नवरात्र पर्व के दौरान यात्रियों की बढ़ती मांग को ध्यान में रखते हुए चलाई जाएगी। नवरात्र पर रेलवे की तैयारी: भक्तों के लिए विशेष ट्रेनों की व्यवस्था भारतीय रेलवे ने हर साल की तरह इस बार भी नवरात्र के दौरान यात्रियों की सुविधा का पूरा ध्यान रखा है। डोंगरगढ़ स्टेशन पर 9 दिनों के लिए 10 एक्सप्रेस ट्रेनों का ठहराव, गोंदिया-दुर्ग और रायपुर-डोंगरगढ़ मेमू ट्रेनों का विस्तार, साथ ही विशेष मेमू ट्रेनें चलाई जा रही हैं। इन सभी उपायों से यह सुनिश्चित किया गया है कि यात्रियों को न केवल धार्मिक यात्रा का आनंद मिले, बल्कि उन्हें यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।   छत्तीसगढ़ के डोंगरगढ़ देवी धाम की विशेषताऐं छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव ज़िले में स्थित डोंगरगढ़ देवी धाम को मां बम्लेश्वरी मंदिर के नाम से जाना जाता है। यह 1,600 फीट ऊँची पहाड़ी पर स्थित एक प्रसिद्ध शक्तिपीठ है, जहां लाखों भक्त हर साल दर्शन के लिए आते हैं। मंदिर तक पहुँचने के लिए भक्तों को लगभग 1,100 सीढ़ियां चढ़नी पड़ती हैं, और जो सीढ़ियां नहीं चढ़ सकते, उनके लिए रोपवे की सुविधा भी उपलब्ध है।  मां बम्लेश्वरी मंदिर की मुख्य बातें:     स्थान: यह मंदिर छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव ज़िले के डोंगरगढ़ शहर में स्थित है।      ऊंचाई: यह 1,600 फीट ऊँची पहाड़ी की चोटी पर बना है।     इतिहास: इस शक्तिपीठ का इतिहास करीब 2,000 वर्ष पुराना माना जाता है।     छोटी बम्लेश्वरी: पहाड़ी के समतल पर एक और मंदिर है जिसे छोटी बम्लेश्वरी के नाम से जाना जाता है।     पहुँच: भक्तों के लिए मंदिर तक पहुँचने के लिए लगभग 1,100 सीढ़ियाँ चढ़नी पड़ती हैं।     रोपवे: सीढ़ियाँ न चढ़ पाने वाले भक्तों के लिए रोपवे की सुविधा भी उपलब्ध है।     मेला: नवरात्रि के समय यहाँ विशाल मेले का आयोजन होता है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु भाग लेते हैं। इन ट्रेनों के डोंगरगढ़ में ठहरने का समय दो मिनट के लिए निर्धारित किया गया है। यह यात्रियों को मंदिरों के दर्शन करने के … Read more

कल लगेगा अंतिम सूर्य ग्रहण 2025, इन राशियों पर होगा खास असर

नई दिल्ली  सूर्य ग्रहण एक अद्भुत खगोलीय घटना है। सूर्य ग्रहण तब होता है, जब चंद्रमा सूर्य और पृथ्वी के बीच आ जाता है और सूर्य का कुछ या पूरा हिस्सा ढक जाता है। वहीं धार्मिक दृष्टिकोण से सूर्य ग्रहण तब होता है, जब राहु और केतु सूर्य को अपना ग्रास बना लेते हैं, जिससे कुछ समय के लिए सूर्य का प्रकाश पृथ्वी तक नहीं पहुंच पाता। 21 सितंबर 2025 को साल का आखिरी सूर्य ग्रहण लगेगा। यह आंशिक सूर्य ग्रहण होगा। भारतीय समयानुसार यह ग्रहण रात 10 बजकर 59 मिनट पर शुरू होगा। मध्यकाल रात 1 बजकर 11 मिनट पर आएगा और समाप्ति सुबह 3 बजकर 23 मिनट पर होगी। हालांकि, यह खगोलीय घटना भारत में दिखाई नहीं देगी, क्योंकि उस समय भारत में रात होगी। यह ग्रहण मुख्य रूप से दक्षिणी गोलार्ध के क्षेत्रों जैसे ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, अंटार्कटिका और कुछ प्रशांत द्वीपों में दिखाई देगा। चूंकि भारत में ग्रहण दिखाई नहीं देगा, इसलिए सूतक नहीं लगेगा, जो आमतौर पर ग्रहण से 12 घंटे पहले लगता है। धार्मिक दृष्टि से सूर्य ग्रहण को अशुभ माना जाता है। इस समय भोजन नहीं करना, नए कार्य की शुरुआत न करना, पूजा और ध्यान करना शुभ माना जाता है। ग्रहण के दौरान तुलसी, जल, अक्षत और अन्य पवित्र वस्तुओं से तर्पण करना अत्यंत लाभकारी होता है। ज्योतिषीय दृष्टि से सूर्य ग्रहण का प्रभाव विभिन्न राशियों पर अलग-अलग पड़ता है। इस ग्रहण का प्रभाव विशेष रूप से सिंह, कन्या और मीन राशियों पर पड़ सकता है, जिनके लिए स्वास्थ्य और वित्तीय मामलों में सतर्क रहना आवश्यक है। अन्य राशियों के जातकों को भी ग्रहण के दौरान अनावश्यक कार्यों से बचना चाहिए। सूर्य ग्रहण के तीन प्रकार होते हैं। पहला है पूर्ण सूर्य ग्रहण, जिसमें चंद्रमा सूर्य को पूरी तरह ढक देता है और दिन के समय कुछ समय के लिए अंधेरा छा जाता है। दूसरा है आंशिक सूर्य ग्रहण, जिसमें चंद्रमा केवल सूर्य के कुछ हिस्से को ढकता है। तीसरा है वृत्ताकार सूर्य ग्रहण, जिसमें चंद्रमा सूर्य को पूरी तरह ढकने में छोटा रह जाता है और सूर्य के किनारों पर चमक दिखाई देती है।

नवरात्रि पर मांस बेचने व काटने-पकाने पर रोक लगे, दिल्ली BJP विधायक ने उठाई मांग

नई दिल्ली  देशभर में त्योहारों की शुरुआत हो चुकी है। नवरात्रि भी जल्द ही शुरू होने वाले हैं। ऐसे में एक बार फिर खुले में मांस की बिक्री पर रोक लगने की मांग उठाई जा रही है। दिल्ली में ये मांग बीजेपी विधायक अजय महावर ने की है। उनका कहना है कि नवरात्रि के दौरान 9 दिनों का समय सनातन धर्म बहुत पवित्र समय होता है। ऐसे में खुले में मीट की बिक्री पर रोक लगनी चाहिए। उन्होंने कहा है कि इसके लिए सोमवार को एक पत्र भी लिखेंगे। उन्होंने आगे कहा, किसी को अपना रेस्टोरेंट चलाना होतो वह शीशे के अंदर पका सकता है, हमें कोई आपत्ति नहीं है। लेकिन खुले में मांस काटने-पकाने और बेचने पर पाबंदी होनी चाहिए। इससे पहले सावन मास में कांवड़ यात्रा के दौरान भी इस तरह की मांग करते हुए पत्र लिखा गया था। इससे पहले दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने दिवाली के दौरान राष्ट्रीय राजधानी में पटाखों पर प्रतिबंध को लेकर संतुलित रुख अपनाने का आह्वान कियाथा । सिरसा ने कहा था कि लोगों को पर्यावरण को नुकसान पहुंचाए बिना त्योहार मनाने की अनुमति दी जानी चाहिए। पर्यावरण मंत्री ने कहा कि दिवाली न केवल एक धार्मिक त्योहार है, बल्कि लाखों लोगों के लिए एक भावनात्मक अवसर भी है, जो अपनी परंपराओं और संस्कृति से गहराई से जुड़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि दिवाली का त्योहार उत्सव और खुशी का समय है, जो लोगों की भावनाओं और सांस्कृतिक पहचान से गहराई से जुड़ा हुआ है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता ने कहा कि जब पूरा देश पटाखे फोड़कर इस अवसर का जश्न मनाता है, तो अकेले राष्ट्रीय राजधानी में पूर्ण प्रतिबंध का सामना करना कोई मायने नहीं रखता।

वीवीएस लक्ष्मण बोले – ऑस्ट्रेलिया दौरा वैभव सूर्यवंशी के करियर के लिए सुनहरा अवसर

नई दिल्ली   वैभव सूर्यवंशी के ऑस्ट्रेलिया में पहली बार खेलने की उलटी गिनती शुरू है. बस कुछ घंटे और फिर ऑस्ट्रेलियाई जमीन पर शुरू हो जाएगा वैभव सूर्यवंशी के बल्ले का जोर दिखना. वैभव सूर्यवंशी भारत की अंडर 19 टीम के साथ ऑस्ट्रेलिया पहुंचे हैं, जिसे वहां पर व्हाइट बॉल और रेड बॉल की सीरीज खेलनी है. भारत की अंडर 19 टीम और वैभव सूर्यवंशी के ऑस्ट्रेलिया रवाना होने से पहले BCCI के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस यानी NCA के हेड वीवीएस लक्ष्मण ने उन्हें गुरुमंत्र दिया. लक्ष्मण ने वैभव समेत सभी खिलाड़ियों से ऑस्ट्रेलिया दौरे को उनके लिए बड़ा मौका बताया है. वीवीएस लक्ष्मण ने दिया गुरुमंत्र भारत के पूर्व क्रिकेटर रहे वीवीएस लक्ष्मण का खुद भी ऑस्ट्रेलिया फेवरेट शिकार रहा है. उन्हें ऑस्ट्रेलिया में और ऑस्ट्रेलिया की टीम के खिलाफ खेलना हमेशा पसंद रहा है. और, अब अपनी उसी पसंदीदा टीम के खिलाफ कैसे खेलना है, ये बात वीवीएस लक्ष्मण ने वैभव सूर्यवंशी और भारत की अंडर 19 टीम को बतलाई है. ऑस्ट्रेलिया है बड़ा मौका- लक्ष्मण भारत की अंडर 19 टीम ने ऑस्ट्रेलिया जाने से पहले BCCI के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में जी-तोड़ मेहनत की थी. पसीना बहाया था. उनके उसी एफर्ट को देखने के बाद वीवीएस लक्ष्मण ने सोशल मीडिया के जरिए उन्हें ऑस्ट्रेलिया में खेलने के महत्व और तरीके के बारे में बताया. वीवीएस लक्ष्मण ने पहले तो ऑस्ट्रेलिया में सीरीज के लिए वैभव सूर्यवंशी और अंडर-19 टीम को मुबारकबाद दी. फिर कहा कि ऑस्ट्रेलिया में खेलना एक बड़ा मौका है, जहां चुनौती बड़ी होगी और जिनका सामना आपको पूरे विश्वास के साथ करना होगा. ऑस्ट्रेलिया की पिचों पर सिर्फ आपका इम्तिहान नहीं होगा बल्कि वो आपको आगे बढ़ने और अपने खेल को नई ऊंचाई तक ले जाने में भी मदद करेगा. वीवीएस लक्ष्मण ने आखिर में 3 बातें और कही. उन्होंने कहा कि अपनी काबिलियत को बैक करो, एक दूसरे पर भरोसा करो, और जो सफर चल रहा है उसके पूरे मजे लो.   ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ भारत की सीरीज ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ भारत की अंडर 19 टीम के सीरीज की शुरुआत 21 सितंबर से होनी है. पहले वनडे सीरीज होगी, जिसके 3 मुकाबले 21, 24 और 26 सितंबर को खेले जाएंगे. जबकि उसके बाद 30 सितंबर से मल्टी डे मैच खेले जाएंगे. भारत की अंडर 19 टीम को ऑस्ट्रेलिया में 2 मल्टी डे मैच खेलने हैं. ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वनडे में पहली बार खेलेंगे वैभव सूर्यवंशी वैभव सूर्यवंशी के पास ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ रेड बॉल सीरीज यानी मल्टी डे मैच खेलने का तो अनुभव है, जो कि उन्होंने पिछले ही साल अपनी जमीन पर खेला था. मगर वनडे सीरीज में ऑस्ट्रेलिया का सामना पहली बार करते दिखेंगे.  

सर्वपितृ अमावस्या: यहां जलाएं दीपक और पाएं धन-समृद्धि व पितरों का आशीर्वाद

सर्वपितृ अमावस्या साल 2025 में 21 सितंबर को पड़ रही है. सर्वपितृ अमावस्या पितृपक्ष का आखिरी दिन है, इस दिन पितरों की विदाई होती है. पितृपक्ष का आखिरी दिन सबसे महत्वपूर्ण होता है. इस दिन सभी पितरों का श्राद्ध किया जाता है और उनका तर्पण कर उन्हें मोक्ष प्राप्त कराते हैं. सर्वपितृ अमावस्या के दिन किए गए उपाय से पितरों की आत्मा को शांति मिलती है और वंशजों को सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है. साथ ही, लक्ष्मी जी की कृपा से धन-धान्य की वृद्धि होती है. श्राद्ध पक्ष का आखिरी दिन सर्वपितृ अमावस्या होता है. इस दिन पितरों की आत्मा की शांति के लिए श्राद्ध, पिंडदान और तर्पण का विशेष महत्व है. मान्यता है कि इस दिन किए गए श्राद्ध कर्म से पितर प्रसन्न होकर परिवार पर कृपा बरसाते हैं और घर में सुख-समृद्धि आती है. सर्वपितृ अमावस्या के दिन बहुत से ऐसे कार्य हैं जिनको करने से पितृ प्रसन्न होते हैं और मां लक्ष्मी का आशीर्वाद प्राप्त होता है. जानते हैं इस दिन घर में किन जगह दीपक जलाने से जीवन से अंधकार दूर होता है और जीवन में खुशहाली आती है. इन जगहों पर जलाएं दीपक     घर में दक्षिण दिशा को पितरों का स्थान माना गया है. घर के मुख्य द्वार पर दक्षिण दिशा में दीपक जलाएं. शाम के समय घर के मुख्य द्वार पर 1-3 दीपक जलाएं.यह दीपक तिल के तेल का जलाएं,     एक दीपक तुलसी के पौधे के पास जलाएं. तुलसी में घी के तेल का दीपक जलाएं.     पीपल के पेड़ में पितरों का वास माना गया है. सर्वपितृ अमावस्या के दिन पीपल के पेड़ के नीचे दीपक जलाएं.     घर में जहां पितरों की तस्वीर लगी हो उनकी तस्वीर के सामने दीपक जलाएं. ऐसा करने से पितरों की कृपा प्राप्त होती है.     पितरों का तर्पण करने के बाद बहते नदी के जल में 1 दीपक जलाकर बहाएं.  

मुरैना में सोलर-स्टोरेज प्रोजेक्ट से ग्रीन एनर्जी को मिली नई रफ्तार: CM डॉ. यादव

देश की पहली ‘सोलर-प्लस-स्टोरेज’ परियोजना बनी मिसाल, मिला ऐतिहासिक न्यूनतम 2.70 रुपये प्रति यूनिट टैरिफ रेट पीक-ऑवर्स में 440 मेगावॉट की सप्लाई होगी सुनिश्चित भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि “प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत स्वच्छ और सस्ती ऊर्जा के क्षेत्र में नई ऊँचाइयाँ छू रहा है। मुरैना की यह परियोजना ‘सेवा पखवाड़ा’ के दौरान राष्ट्र को समर्पित है। उन्होंने कहा कि ”मुरैना सोलर प्लस स्टोरेज परियोजना से पूरे देश में ग्रीन ऊर्जा उत्पादन और स्टोरेज की नई राह खुलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुरैना परियोजना में प्राप्त की गई सफलता के आधार पर लंबे समय की ऊर्जा भंडारण परियोजनाओं के लिए संकल्प व्यक्त किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि परियोजना में प्राप्त किया गया कम टैरिफ प्रदर्शित करता है कि नवकरणीय ऊर्जा भी डिस्कॉम के लिए अधिक किफायती हो सकता है। मध्यप्रदेश ने नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में गत् दिवस प्राप्त निविदा में ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज की है। मुरैना में विकसित हो रही प्रदेश की पहली ‘सोलर-प्लस-स्टोरेज’ परियोजना में 2.70 रुपये प्रति यूनिट, अब तक की सबसे कम टैरिफ दर प्राप्त हुई है। यह देश की पहली परियोजना है, जिसमें 3 रुपये प्रति यूनिट से कम पर फर्म और डिस्पैचेबल रिन्यूएबल एनर्जी उपलब्ध होगी। यह परियोजना 95 प्रतिशत वार्षिक उपलब्धता के साथ भारत की पहली ‘सोलर-प्लस-स्टोरेज’ परियोजना बन गई है। अब तक देशभर की परियोजनाओं में केवल 50% पीक ऑवर्स उपलब्धता और 85% वार्षिक उपलब्धता सुनिश्चित हो पाती थी। मुरैना परियोजना इस ट्रेंड को बदलते हुए पीएम ऑवर्स में 95% आपूर्ति के नए मानक स्थापित करेगी। परियोजना की संरचना और क्षमता मुरैना सोलर पार्क को रीवा अल्ट्रा मेगा सोलर लिमिटेड द्वारा क्रियान्वित किया गया है, जिसने पहले भी प्रतिष्ठित नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं को विकसित किया है। मुरैना परियोजना से उत्पादित बिजली राज्य द्वारा खरीदी जाएगी। मुरैना सोलर पार्क में 2 यूनिट स्थापित की जा रही हैं, प्रत्येकइकाई से तीनों चरणों में 220 मेगावॉट क्षमता ऊर्जा का उत्पादन होगा।         पहला चरण: वास्तविक समय पर सौर ऊर्जा (220 मेगावॉट तक)         दूसरा चरण: शाम के पीक ऑवर्स में 2 घंटे (बैटरी में संचित सौर ऊर्जा से)         तीसरा चरण: सुबह के पीक ऑवर्स में 2 घंटे (रात्रि में ग्रिड से चार्ज बैटरी से) इस नवाचार से बैटरी का उपयोग दिन में दो बार संभव होगा, जिससे लागत में उल्लेखनीय कमी आएगी। कुल मिलाकर सुबह और शाम के पीक ऑवर्स में 440 मेगावॉट सप्लाई सुनिश्चित होगी। मुरैना परियोजना दो परियोजनाओं का मिश्रण है, जिसमें पहलाएक सामान्य सिंगल-चार्ज कम्पोजिट सोलर प्रोजेक्ट,जिसमें बैटरी को सोलर एनर्जी से चार्ज जाता है।दूसरा स्टोरेज एज ए सर्विस प्रोजेक्ट है, जिसमें अतिरिक्त ग्रिड पॉवर से रात के समय बैटरी दोबारा चार्ज की जाएगी। इससे सुबह के पीक ऑवर्स की आपूर्ति की जाएगी। इस परियोजना का सबसे बड़ा लाभ यह है कि बैटरी, दिन में दो बार उपयोग की जाएगी। यह परियोजना सुनिश्चित करती है कि राज्य ग्रिड में उपलब्ध रात के समय अतिरिक्त बिजली का उपयोग सुबह की पीक ऑवर्समें विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए किया जाएगा। मुरैना परियोजना पीक ऑवर्सऔर दिन के समय में समान स्तर की आपूर्ति (प्रत्येक इकाई से 220 मेगावाट) के लिए एक बेंचमार्क स्थापित करती है। यह महत्वपूर्ण है क्योंकि यह द्वारा नियोजित भविष्य की परियोजनाओं का मार्ग प्रशस्त करता है जो दिन और रात के समय एक फ्लेटप्रोफाईलकी बिजली की आपूर्ति करते हुए एक ऐसीपरियोजना की आधारशिला रखेगी जो पूरे 24 घंटों के लिए समान स्तर की बिजली की आपूर्ति करे। यह नवकरणीय ऊर्जा को पारंपरिक ऊर्जा के समान निश्चितता प्रदान करेगा और इसे तकनीकी और व्यावसायिक रूप से समतुल्य बना देगी वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा ई-रिवर्स नीलामी 19 सितंबर, 2025 को 25 वर्षों के लिए निर्धारित2.70 रूपये प्रति यूनिटके ऐतिहासिक टैरिफ के साथ संपन्न हुई, नीलामी प्रक्रिया लगभग 12 घंटे चली। यह पूरे भारत में एफडीआरईनिविदाओं के लिए एक मील का पत्थर है,परियोजना के ई-रिवर्स ऑक्शन में 16 राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कंपनियों ने भाग लिया। यह क्षमता की तुलना में लगभग 10 गुना अधिक सब्सक्रिप्शन था। ऑक्शन में अडानी रिन्यूएबल्स, एनटीपीसी रिन्यूएबल्स, रिन्यू सोलर, एसीएमई, एंजी एनर्जी, दिलीप बिल्डकॉन, एमबी पॉवर जैसी कंपनियाँ शामिल थीं।     यूनिट-1 के लिए Ceigall India Ltd ने 2.70 रूपये प्रति यूनिट।     यूनिट-2 के लिए Acme Solar Holding Ltd ने 2.764 रूपये प्रति यूनिट की दर पर यह निविदा हासिल की।इस ऑक्शनमें प्राप्त टैरिफ से स्पष्ट है कि डिस्पेजेबल नवकरणीय ऊर्जा (बैटरी भंडारण के साथ सौर ऊर्जा के संयोजन से सक्षम) कोयला आधारित बिजली की तुलना में अधिक किफायती हो गई है। निवेशकों के लिए भरोसेमंद मॉडल परियोजना का विकास रीवा अल्ट्रा मेगा सोलर लिमिटेड द्वारा किया जा रहा है, जिसने रीवा और आगर जैसी परियोजनाओं को सफलतापूर्वक विकसित किया है। RUMSL द्वारा  परियोजना को निविदा से पहले निवेश के लिए तैयार किया गया। International Finance Corporation द्वारा Transaction Advisor के रूप में मध्यप्रदेश में तैयार की गई जोखिम मुक्त परियोजनाओं ने समय-समय पर साबित किया है कि बैंकेएबल अनुबंध, पूरी तरह से भूमि एकत्रीकरण, सक्रिय पारेषण योजना, वित्तपोषण और अनुबंध सहित साइट तैयार करना, पर्यावरण और सामाजिक जोखिमों को पर्याप्त रूप से कम करना, साथ ही एक पारदर्शी और विकासक अनुकूल निविदा प्रक्रिया के परिणामस्वरूप बेहतर मूल्य निर्धारण से उल्लेखनीय बचत होती है। पार्क डेवलपर के रूप में RUMSL भूमि और आंतरिक बिजली निकासी का बुनियादी ढांचा प्रदान करेगा, जबकि MP Transco परियोजना के लिए आवश्यक बाहरी विद्युत निकासी हेतु बुनियादी ढांचे का विकास कर रहा है। इस परियोजना में एक मजबूत 3-स्तरीय payment security mechanism है, जिसमें बेहतर bankability के लिए राज्य गारंटी शामिल है तथा procurer default और assured procurement of excess energy के लिए उचित termination compensation और reduced offtake तथा ग्रिड अनुपलब्धता के लिए compensation दिया गया है। परियोजना, चंबल क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री  राकेश शुक्ला ने चंबल क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास के लिए मुरैना परियोजना को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। इस परियोजना से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के अवसर पैदा होंगे और क्षेत्र के औद्योगिक विकास को बढ़ावा मिलेगा। एनर्जी ट्रांजिशन में मील का पत्थर मुरैना भारत की एनर्जी ट्रांजिशनमें एक नया मोड़ है; उम्मीद … Read more

दरभंगा में दर्दनाक हादसा, तालाब में डूबकर 3 मासूमों की मौत; परिजनों को 4-4 लाख मुआवज़ा

दरभंगा बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने दरभंगा जिले के जाले प्रखण्ड के मुरेठा गांव में तालाब में डूबने से तीन बच्चियों की हुई मौत पर गहरा दुख व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री कुमार ने इस हादसे को अत्यंत दुखद बताया और मृतकों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है। उन्होंने दुख की इस घड़ी में मृतकों के शोक संतप्त परिजनों को धैर्य धारण करने की शक्ति प्रदान करने की ईश्वर से प्रार्थना की है। मुख्यमंत्री ने इस हादसे में मृत तीन बच्चियों के परिजनों को चार-चार लाख रूपये अविलंब अनुग्रह अनुदान देने का निर्देश दिया है।  

कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में संकट के समय स्वास्थ्य मंत्री बने सहारा, 23 छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित

रांची झारखंड के जामताड़ा जिले के नारायणपुर में बीते शुक्रवार की शाम को कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय में शॉर्ट सकिर्ट से अचानक आग लगने की घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला गई। धुएं के कारण विद्यालय की 23 छात्राओं की तबीयत बिगड़ गई जिन्हें आनन-फानन में सीएचसी नारायणपुर भर्ती कराया गया। जैसे ही घटना की सूचना, स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी को मिली उन्होंने अपने सारे कार्यक्रम रद्द कर तत्काल नारायणपुर अस्पताल पहुंचकर छात्राओं से मुलाकात की और उनका हाल-चाल जाना। मंत्री के पहुंचते ही पूरा अस्पताल अलर्ट मोड में आ गया और चिकित्सा व्यवस्था में और तेज़ी से जुट गई। डॉ. अंसारी ने कहा कि उपचार के बाद सभी बच्चियों की हालत पूरी तरह से स्थिर है। जरूरत पड़ी तो उन्हें बेहतर इलाज के लिए बड़े अस्पताल भेजा जाएगा। मैं सभी छात्राओं के माता-पिता से मिला हूं और हर संभव मदद का भरोसा देता हूं।   डॉ. अंसारी ने आगे कहा कि यह घटना प्राकृतिक आपदा जैसी थी, भारी बारिश और ठनका गिरने की वजह से छात्राएं बेहोश हुईं, लेकिन नारायणपुर की जनता, स्वास्थ्यकर्मियों और समाजसेवियों की तत्परता से बड़ा हादसा टल गया। मंत्री ने मीडिया बंधुओं को भी धन्यवाद दिया जिन्होंने तुरंत सूचना साझा की। डॉ. अंसारी ने अस्पताल का निरीक्षण करते हुए स्वास्थ्य सेवाओं की कमियों का जायजा लिया और कहा कि विभाग के पास पर्याप्त फंड है। अस्पताल की हर जरूरत पूरी की जाएगी, लेकिन इलाज और स्वास्थ्य व्यवस्था में जरा सी भी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रभारी को सख्त निर्देश दिए गए हैं। मंत्री ने साफ-साफ संदेश दिया कि सरकार जनता की सुरक्षा और स्वास्थ्य के लिए पूरी तरह समर्पित है।  

MMRDA का कड़ा कदम: अटल सेतु की खामियों पर ठेकेदार को 1 करोड़ का दंड, कांग्रेस ने उठाया सवाल

मुंबई  मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (एमएमआरडीए) ने नए खुले अटल सेतु पर सतही क्षति दिखाने वाला एक वीडियो वायरल होने के बाद ठेकेदार पर एक करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया है. मुंबई ट्रांस हार्बर लिंक, जिसका आधिकारिक नाम अटल बिहारी वाजपेयी सेवरी-न्हावा शेवा अटल सेतु है, का उद्घाटन पीएम नरेंद्र मोदी ने 12 जनवरी, 2024 को किया था. 17,840 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित, 21.8 किलोमीटर लंबा यह पुल भारत का सबसे लंबा समुद्री पुल और दुनिया का 12वां सबसे लंबा पुल है. नए खुले अटल सेतु पर सतही क्षति दिखाने वाला एक वीडियो वायरल हुआ, जिसके बाद एमएमआरडीए ने कार्रवाई की. कांग्रेस ने बीजेपी पर साधा निशाना महाराष्ट्र कांग्रेस ने भी अपने एक्स पर अटल सेतु के गड्ढों का वायरल वीडियो पोस्ट करके बीजेपी पर निशाना साधा है. इसमें एक तस्वीर और वीडियो शेयर किया गया हैं. पहली जब पीएम मोदी ने इस अटल सेतु का उद्घाटन किया था और दूसरा अटल सेतु पर गड्ढों और टेम्पररी पैचिंग का वायरल वीडियो सामने आया जो किसी नागरिक ने निकाला था.   MMRDA का बयान मेट्रोपॉलिटन आयुक्त डॉ. संजय मुखर्जी के निर्देश पर शुक्रवार को 22 किलोमीटर लंबे अटल सेतु (दोनों अप और डाउन कैरिजवे) का व्यापक निरीक्षण अतिरिक्त मेट्रोपॉलिटन आयुक्त एवं परियोजना प्रभारी विक्रम कुमार ने किया. निरीक्षण के दौरान एमएमआरडीए टीम ने पुष्टि की कि नवी मुंबई की ओर जाने वाले कैरिजवे के केवल सीमित 2 किलोमीटर हिस्से (किमी 14 से किमी 16 के बीच) पर कुछ पैचों में हल्की सतही क्षति देखी गई. इसका कारण मानसून के दौरान मौसम की चरम स्थिति और लगातार ट्रैफिक बताया गया. ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई एमएमआरडीए टीम ने इस प्रोजेक्ट के ठेकेदार को निर्देश दिया है कि प्रभावित हिस्से की री-सर्फेसिंग पांच दिनों के भीतर पूरी की जाए. यह स्पष्ट कर दिया गया कि अगर कार्य निर्धारित समय में पूरा नहीं हुआ तो ठेकेदार के खिलाफ आगे की कार्रवाई की जाएगी. पहले से उठाए गए प्रवर्तन कदमों के तहत ठेकेदार पर ₹1 करोड़ का जुर्माना लगाया गया है. उनकी डिफेक्ट लाइबिलिटी पीरियड (DLP), जो जनवरी 2026 में खत्म होनी थी, उसे एक वर्ष के लिए बढ़ा दिया गया है. कड़ी निगरानी के लिए प्रतिबद्ध मानसून के बाद पूरी सड़क को घने बिटुमिनस मैकाडम (DBM) और डामर कंक्रीट (AC) का उपयोग कर, ठेकेदार के अपने खर्च पर स्थायी रूप से पुनर्निर्मित और फिर तैयार किया जाएगा. एमएमआरडीए टीम ने दोहराया कि अटल सेतु संरचनात्मक रूप से मजबूत और सुरक्षित है तथा नागरिकों को आश्वस्त किया कि एमएमआरडीए इस महत्वपूर्ण परियोजना की गुणवत्ता और विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए त्वरित कार्रवाई और कड़ी निगरानी के लिए प्रतिबद्ध है.  

युवाओं की भावनाओं से खिलवाड़ कर रहे बाबूलाल मरांडी: पांडेय का आरोप

रांची झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) महासचिव विनोद पांडेय ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी द्वारा जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा को लेकर हेमंत सोरेन सरकार पर लगाए गए आरोपों को 'सस्ते राजनीतिक हथकंडे' बताया है। पांडेय ने कहा कि भाजपा को हर मुद्दे में साजिश दिखती है, क्योंकि जनता ने उन्हें नकार दिया है। बाबूलाल मरांडी बार-बार झूठ बोलकर युवाओं की भावनाओं से खिलवाड़ कर रहे हैं। सरकार ने इस प्रकरण की पारदर्शी जांच के लिए पहले दिन से सख्त कदम उठाए हैं। जिम्मेदार पाए जाने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जा रही है। सीजीएल परीक्षा का मामला कोर्ट में है और हेमंत सरकार न्यायालय के आदेशानुसार आगे बढ़ रही है। पांडेय ने कहा कि भाजपा के नेता यह भूल जाते हैं कि उनकी ही सरकारों में प्रतियोगी परीक्षाओं में घोटाले हुए, तब वे चुप्पी साधे बैठे रहे। हेमंत सोरेन सरकार ने देश के भविष्य नौजवानों के उज्जवल भविष्य के लिए परीक्षाओं में नकल रोकने के लिए सख्त से सख्त कानून बनाया है। भाजपा नेताओं ने इस बिल का सदन में विरोध किया था। यह भी जगजाहिर है कि परीक्षाओं को डिस्टर्ब करने में एक खास राजनीतिक दल के लोगों का नाम आता है। यही लोग अपने राजनीतिक लाभ के लिए परीक्षा प्रक्रिया को प्रभावित करने के उद्देश्य से कोर्ट जाते हैं। पांडेय ने कहा कि हेमंत सरकार की नीयत की हकीकत को समझने के लिए पिछले दिनों जारी हुए जेपीएससी के अंतिम परीक्षा परिणाम पर गौर किया जा सकता है। उसमें गरीबी रेखा से नीचे जीवन बसर करने वाले कई परिवारों के अभ्यर्थियों का चयन हुआ है। इसकी सराहना हर तरफ की जा रही है। पांडेय ने सवाल उठाया कि अगर बाबूलाल मरांडी को युवाओं की इतनी चिंता है तो वे बताएं कि जब उनकी सरकारों में नियुक्ति परीक्षाओं में धांधली हुई थी, तब वे कहां थे? सच्चाई यह है कि भाजपा के पास न नीति है, न नीयत। केवल झूठ बोलकर राजनीतिक रोटियां सेंकना उनका काम है। पांडेय ने कहा कि हेमंत सरकार बेरोजगार युवाओं के प्रति पूरी तरह संवेदनशील है। उन्होंने भाजपा नेताओं से अपील की कि वे अदालत और जांच एजेंसियों को काम करने दें, न कि लगातार गुमराह करने की कोशिश करें। भाजपा के नेता जान लें – युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, लेकिन झूठे आरोप लगाकर सरकार को बदनाम करने की साजिश भी कामयाब नहीं होगी।