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नवरात्रि की शुरुआत: कल से कलश स्थापना कैसे करें और इसका आध्यात्मिक महत्व

शारदीय नवरात्रि 22 सितंबर से शुरू है. शारदीय नवरात्रि के पहले दिन कलश स्थापना करते हैं. उसके साथ ही मां दुर्गा की पूजा प्रारंभ होती है. कलश स्थापना का मुहूर्त सुबह और दोपहर दोनों समय है. कलश स्थापना के लिए पूजा सामग्री की व्यवस्था आज ही कर लें. आइए जानते हैं शारदीय नवरात्रि में कलश स्थापना की विधि, सामग्री और महत्व के बारे में. शारदीय नवरात्रि 22 सितंबर सोमवार से शुरू है. इस दिन नवरात्रि का पहला दिन है. हिंदू कैलेंडर के अनुसार, आश्विन शुक्ल प्रतिपदा के दिन शारदीय नवरात्रि की शुरूआत होती है. उस दिन दिन कलश स्थापना करके मां दुर्गा की पूजा करते हैं. नवरात्रि के 9 दिनों तक कलश पूजा स्थान पर ही रहता है. दुर्गा विसर्जन के दिन कलश को हटाया जाता है. नवरात्रि के प्रथम दिन कलश स्थापना के बाद मां दुर्गा के प्रथम स्वरूप शैलपुत्री की पूजा करते हैं. तिरुपति के ज्योतिषाचार्य डॉ. कृष्ण कुमार भार्गव से जानते हैं शारदीय नवरात्रि में कलश स्थापना कैसे करें? कलश स्थापना का मुहूर्त क्या है? शारदीय नवरात्रि शुभ मुहूर्त आश्विन शुक्ल प्रतिपदा तिथि का शुभारंभ: 22 सितंबर, सोमवार, 01:23 ए एम से आश्विन शुक्ल प्रतिपदा तिथि का समापन: 23 सितंबर, मंगलवार, 02:55 ए एम पर शुक्ल योग: प्रात:काल से लेकर शाम 07:59 पी एम तक ब्रह्म योग: शाम 07:59 पी एम से पूर्ण रात्रि तक उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र: प्रात:काल से 11:24 ए एम तक हस्त नक्षत्र: 11:24 ए एम से पूरे दिन कलश स्थापना शुभ मुहूर्त 1. अमृत-सर्वोत्तम मुहूर्त: सुबह में 06:09 बजे से सुबह 07:40 बजे तक 2. शुभ-उत्तम मुहूर्त: सुबह 09:11 बजे से सुबह 10:43 बजे तक 3. कलश स्थापना अभिजीत मुहूर्त: 11:49 बजे से दोपहर 12:38 बजे तक कलश स्थापना सामग्री मिट्टी या पीतल का कलश, गंगाजल, जौ, आम के पत्ते, अशोक के पत्ते, केले के पत्ते, सात प्रकार के अनाज, जटावाला नारियल, गाय का गोबर, गाय का घी, अक्षत्, धूप, दीप, रोली, चंदन, कपूर, माचिस, रुई की बाती, लौंग, इलायची, पान का पत्ता, सुपारी, फल, लाल फूल, माला, पंचमेवा, रक्षासूत्र, सूखा नारियल, नैवेद्य, मां दुर्गा का ध्वज या पताका, दूध से बनी मिठाई आदि. नवरात्रि कलश स्थापना कैसे करें? शारदीय नवरात्रि के पहले दिन स्नान के बाद व्रत और पूजा का संकल्प करें. फिर पूजा स्थान पर ईशान कोण में एक चौकी रखें और उस पर पीले रंग का कपड़ा बिछा दें. उसके बाद उस पर सात प्रकार के अनाज रखें. फिर उस पर कलश की स्थापना करें. कलश के ऊपर रक्षासूत्र बांधें और रोली से तिलक लगाएं. इसके बाद कलश में गंगा जल डालें और पवित्र जल से उसे भर दें. उसके अंदर अक्षत्, फूल, हल्दी, चंदन, सुपारी, एक सिक्का, दूर्वा आदि डाल दें और सबसे ऊपर आम और अशोक के पत्ते रखें. फिर एक ढक्कन से कलश के मुंख को ढंक दें. उस ढक्कन को अक्षत् से भरें. सूखे नारियल पर रोली या चंदन से तिलक करें और उस पर रक्षासूत्र लपेटें. फिर इसे ढक्कन पर स्थापित कर दें. उसके बाद प्रथम पूज्य गणेश जी, वरुण देव समेत अन्य देवी और देवताओं का पूजन करें. इस प्रकार से कलश स्थापना करें. उसके पास मिट्टी डालकर उसमें जौ डालें और पानी से उसे सींच दें. इस जौ में पूरे 9 दिनों तक पानी डालना है. ये जौ अंकुरित होकर हरा भरा हो जाएगा. हरा जौ सुख और समृद्धि का प्रतीक होता है. कलश के पास ही एक अखंड ज्योति भी जलाएं, जो महानवमी तक जलनी चाहिए. कलश स्थापना का महत्व नवरात्रि में कलश स्थापना करने के बाद मां दुर्गा का आह्वान करते हैं. कलश स्थापना करके ही त्रिदेवों ब्रह्मा, विष्णु और महेश के साथ अन्य देवी और देवताओं को इस पूजा का साक्षी बनाते हैं. धर्म शास्त्रों में कलश को मातृ शक्ति का प्रतीक मानते हैं. नवरात्रि के 9 दिनों में कलश में सभी देवी और देवताओं का वास होता है.

बचत का बड़ा मौका: कल से शुरू हो रहा ‘बचत उत्सव’, पीएम मोदी का बड़ा बयान

नई दिल्ली  कल यानी सूर्योदय के साथ ही नेक्सट जनरेशन जीएसटी दरें लागू हो जाएंगी। पीएम नरेंद्र मोदी ने रविवार को देश के नाम संबोधन में यह बात कही। पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि कल, नवरात्री के पहले दिन से ‘बचत उत्सव’ शुरू हो रहा है। इस बचत उत्सव से त्योहारों के सीजन में सबका मुंह मीठा होगा। पीएम ने अपने संबोधन में कहा है कि आज की जरूरतों और भविष्य को ध्यान में रखते नेक्सट जनरेशन रिफॅार्म लागू किया जा रहा है। पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि इनकम टैक्स और जीएसटी में मिली छूट की वजह से अब लोग 2.5 लाख रुपये की सालाना बचत कर पाएंगे। प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में स्वदेशी सामानों के प्रयोग पर भी जोर दिया। 99% सामान अब 5% टैक्स के दायरे में पीएम नरेंद्र मोदी ने अपने भाषण में कहा कि जो सामान पहले 12 प्रतिशत टैक्स के दायरे में आते थे। उसमें से 99 प्रतिशत सामान अब 5 प्रतिशत के दायरे में आ गए हैं। पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि कल से हो रहे बदलावों से अब महिलाओं, युवाओं, मिडिल क्लास, नियो मिडिल क्लास को बड़ी बचत होगी। उनके लिए अपने सपनों को पूरा करना अब और आसान हो जाएगा। क्या-क्या हो रहा 22 सितंबर से सस्ता रसोई में इस्तेमाल के सामान से लेकर इलेक्ट्रॉनिक्स, दवाइयां और उपकरणों से लेकर वाहन तक लगभग 375 वस्तुएं सोमवार यानी 22 सितंबर से सस्ती हो जाएंगी। घी, पनीर, मक्खन, नमकीन, केचप, जैम, सूखे मेवे, कॉफी और आइसक्रीम जैसी आम इस्तेमाल की चीजें और टीवी, एयर कंडीशनर (एसी), वॉशिंग मशीन जैसे महंगे उत्पाद भी सस्ते हो जाएंगे। सीमेंट होगा सस्ता अधिकांश दवाओं और फॉर्मूलेशन और ग्लूकोमीटर और डायग्नॉस्टिक किट जैसे मेडिकल उपकरणों पर जीएसटी दर को घटाकर पांच प्रतिशत कर दिया गया है, जिससे आम आदमी को दवाएं सस्ती मिलेंगी। सीमेंट पर जीएसटी 28 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया गया है, जिससे घर बनाने वालों को भी फायदा होगा। जीएसटी दर में कटौती से सबसे बड़ा फायदा वाहन खरीदारों को होगा, क्योंकि छोटी और बड़ी कारों पर कर दरें क्रमशः 18 प्रतिशत और 28 प्रतिशत कर दी गई हैं। अब रह जाएंगे सिर्फ 2 जीएसटी स्लैब कल 22 सितंबर से 4 की जगह अब सिर्फ दो जीएसटी स्लैब ही प्रभावी रहेंगे। बीते दिनों हुई जीएसटी काउंसिल की मीटिंग में 12 प्रतिशत और 18 प्रतिशत के जीएसटी स्लैब को समाप्त करने का फैसला किया गया था। कल से अब 5 प्रतिशत और 12 प्रतिशत के जीएसटी स्लैब ही रह जाएंगे। कुछ लक्जरी सामान और तम्बाकू प्रोडक्ट्स पर सरकार ने 40 प्रतिशत टैक्स लगाया है। देश के नाम अपने संबोधन में पीएम मोदी ने देश के लोगों से स्वदेशी चीजें अपनाने का आह्वान किया। पीएम मोदी ने कहा कि रोजमर्रा की चीजों में बहुत सी चीजें विदेशी जुड़ गई हैं, हमें इनसे भी मुक्ति पानी होगी। मेड इन इंडिया सामान खरीदना होगा। जिसमें हमारे देश के नौजवानों की मेहनत लगी है। हमें हर घर को स्वदेशी का प्रतीक बनाना है। हर दुकान को स्वदेशी से सजाना है। गर्व से कहो मैं स्वदेशी खरीदता हूं। गौरतलब है कि पीएम मोदी का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब अमेरिका में ट्रंप सरकार के आने के बाद व्यापारिक डील में परेशानी सामने आ रही है।

दिल्लीवासियों के लिए राहत: 6 दिन तक मौसम रहेगा साफ, मगर पड़ोसी राज्यों में बरसात जारी

नई दिल्ली  दिल्ली में बारिश का दौर थम सा गया है और तेज धूप निकल रही है. ऐसे में लोगों को गर्मी का सामना करना पड़ रहा है. शनिवार को भी दिल्ली में चिलचिलाती धूप ने लोगों की हालत खराब कर दी. आगे भी गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद नहीं है. क्योंकि दिल्ली में अगले 6 दिन तक बारिश का कोई अलर्ट जारी नहीं किया गया है. 21 से 26 सितंबर तक दिल्ली में मौसम साफ रहेगा. दिल्ली में आज अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है. आने वाले दिनों में भी इतना ही तापमान रहने का अनुमान है. वहीं 21 सितंबर को दक्षिण-पश्चिम मध्य प्रदेश, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम, उत्तर प्रदेश, बिहार में भारी बारिश होने की संभावना है. 21 से 24 सितंबर को अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, छत्तीसगढ़, ओडिशा में भारी बारिश होने की संभावना है.   उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश का मौसम पहाड़ी राज्यों पर बारिश का कहर लगातार जारी है. उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में आगे भी मौसम विभाग की ओर से बारिश होने की संभावना जताई गई है. इसके अलावा 21 सितंबर को मराठवाड़ा और गुजरात क्षेत्र में कुछ स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना है. 21 और 22 सितंबर को कोंकण और गोवा, मध्य महाराष्ट्र में भारी बारिश होने की संभावना है. इन राज्यों में बारिश की संभावना अगले 5 दिनों के दौरान पूर्वी भारत में गरज के साथ छीटें पड़ने और तेज रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है. 21 से 24 सितंबर के दौरान असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिज़ोरम और त्रिपुरा में भारी बारिश होने की संभावना है. 21 सितंबर को पूर्वी उत्तर प्रदेश, पूर्वी राजस्थान में भारी बारिश हो सकती है. अगले 4 से 5 दिनों के दौरान उत्तराखंड और पूर्वी राजस्थान में बिजली कड़कने के साथ छींटे पड़ने की संभावना है. 21 और 22 सितंबर को तमिलनाडु, रायलसीमा, उत्तरी आंतरिक कर्नाटक में भारी बारिश होने की संभावना है. 21, 24-26 सितंबर के दौरान तटीय आंध्र प्रदेश, यनम और तेलंगाना में भारी बारिश होने की संभावना है. अगले 5 दिनों के दौरान तटीय आंध्र प्रदेश, यनम और रायलसीमा में तेज रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है. 21 से 25 सितंबर के दौरान इन क्षेत्रों में कई स्थानों पर बारिश होने की संभावना है.

फिलीपींस में भारी विरोध प्रदर्शन: जनता ने सरकार के फैसलों के खिलाफ किया जोरदार विरोध

मनिला नेपाल के बाद अब फिलीपींस में भी सरकार के खिलाफ लोगों में जबरदस्त आक्रोश व्याप्त हो गया है। हजारों की संख्या में लोग सड़कों पर उतर आए हैं। रविवार को फिलीपींस की राजधानी मनिला में हज़ारों प्रदर्शनकारियों ने सड़कों पर उतरकर अपना गुस्सा जताया। प्रदर्शनकारियों की भीड़ इतनी अधिक थी कि पुलिस के लिए उनको संभाल पाना मुश्किल हो गया। फिलीपींस में क्यों सड़क पर उतरे लोग फिलीपींस में यह विरोध एक बड़े भ्रष्टाचार घोटाले के खिलाफ था, जिसमें सांसदों, सरकारी अधिकारियों और व्यापारियों पर आरोप है कि उन्होंने बाढ़-नियंत्रण परियोजनाओं में भारी घूसखोरी की और गरीब व आपदा-प्रवण देश में सरकारी धन को लूटा। किसी भी तरह की हिंसा को रोकने के लिए पुलिस और सेना को अलर्ट पर रखा गया है। मनिला के एक ऐतिहासिक पार्क और राजधानी क्षेत्र के मुख्य EDSA हाईवे के पास लोकतंत्र स्मारक के निकट हुए अलग-अलग प्रदर्शनों की सुरक्षा के लिए हज़ारों पुलिसकर्मी तैनात किए गए। अंतरराष्ट्रीय चेतावनी जारी फिलीपींस में भारी विरोध प्रदर्शन और हिंसा को देखते हुए अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया के दूतावासों ने अपने नागरिकों को प्रदर्शन से दूर रहने की सलाह दी है। प्रदर्शनकारियों ने फिलीपींस के झंडे लहराए और एक बड़ा बैनर दिखाया जिस पर लिखा था, "अब और नहीं, बहुत हो गया, इन्हें जेल भेजो"। छात्र नेता अल्थिया ट्रिनिडाड ने कहा, "मुझे दुख होता है कि हम गरीबी में जीते हैं, हमारे घर और भविष्य बर्बाद हो जाते हैं, जबकि ये लोग हमारे टैक्स के पैसे से आलीशान कारें, विदेश यात्राएं और बड़ी व्यापारिक डील्स करते हैं।" बाढ़ परियोजनाओं में बड़ा घोटाला लोगों को आरोप है कि फिलीपींस की बाढ़ परियोजनाओं में बड़ा घोटाला किया गया। वह बुलाकान प्रांत की निवासी हैं, जो बाढ़ से प्रभावित इलाका है और जहा, बाढ़-नियंत्रण परियोजनाओं को या तो घटिया बताया गया है या कहा गया है कि वे वास्तव में कभी हुई ही नहीं। कैथोलिक बिशप सम्मेलन के प्रमुख कार्डिनल पाब्लो वर्जिलियो डेविड ने कहा, "हमारा उद्देश्य अस्थिरता नहीं, बल्कि लोकतंत्र को मज़बूत करना है।" हिंसा न फैलाने की अपील कैथोलिक बिशप सम्मेलन के प्रमुख कार्डिनल पाब्लो वर्जिलियो डेविड ने लोगों से शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने और जवाबदेही की मांग करने की अपील की। आयोजकों ने कहा कि उनका ध्यान भ्रष्ट लोक निर्माण अधिकारियों, सांसदों और निर्माण कंपनियों के मालिकों को बेनकाब करने पर है। वे राष्ट्रपति फर्डिनेंड मार्कोस जूनियर से इस्तीफे की मांग नहीं कर रहे हैं। कैसे हुआ घोटाला? राष्ट्रपति मार्कोस जूनियर ने जुलाई में अपने राष्ट्र संबोधन में इस बाढ़ नियंत्रण परियोजनाओं में भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाया था।इसके बाद उन्होंने एक स्वतंत्र जांच आयोग गठित किया, जिसने उन 9,855 परियोजनाओं की जांच शुरू की, जिनकी कीमत 545 अरब पेसो (लगभग 9.5 अरब डॉलर) बताई गई थी। उन्होंने इस भ्रष्टाचार को “भयानक” करार दिया और लोक निर्माण सचिव का इस्तीफा स्वीकार कर लिया। 

आसपास की राखो साफ सफाई इसी मैं है सबकी भलाई

 देवपुर सेवा पखवाड़ा स्वच्छ ग्राम कलेक्टर पार्थ जैसवाल के निर्देशन मैं जिले भर मैं सेवा पखवाड़ा अंतर्गत विभिन्न गतिविधियां की जा रही साथ ही ग्राम पंचायत निकाय स्तर पर स्वच्छता ही सेवा अभियान मैं स्वच्छता कार्य किए जा रहे है इसी क्रम मैं ग्राम पंचायत देवपुर प्रथम पंचायत भवन से लेकर शासकीय माध्यमिक शाला देवपुर तक रास्ते मैं जितने कचरे घूरे रोड के किनारे से सभी को साफ किया गया और ग्राम के आस पास बंद नालियों को साफ किया गया जिससे ग्राम को सुंदर और स्वच्छ बनाया जाए साथ ही सरपंच महोदय के द्वारा ग्राम के सभी ग्राम वासियों से अपील की गई की कोई भी ग्राम वासी गांव के आस पास गंदगी करते या कचरा के ढेर या  रोड के किनारे घूरे लगाए पाए जाते हैं तो उसके खिलाफ कायवाही की जायेगी अपने ग्राम को सुंदर और स्वच्छ बनाए रखे जिससे ग्राम की रौनक और सुंदरता बनी रहे इस अवसर पर ग्राम पंचायत देवपुर प्रथम के सरपंच कुंवर शिवाजी शाह बुंदेला ग्राम पंचायत सचिव प्रेमलाल यादव सहा सचिव परमलाल यादव राकेश यादव जसरथ यादव बिदुर शाह बुंदेला लक्ष्मण सिंह प्रकाश यादव पत्रकार राकेश कुमार एवम समस्त ग्राम वासी मौजूद रहे

धनबाद में दुर्गा पूजा से पहले सुरक्षा पुख्ता, पुलिस ने किया आपातकालीन मॉक ड्रिल

धनबाद झारखंड के धनबाद में दुर्गा पूजा जैसे बड़े त्योहार पर सुरक्षा और आपात स्थितियों से निपटने के लिए धनबाद पुलिस ने शुक्रवार को पुलिस केंद्र परिसर में मॉक ड्रिल का आयोजन किया। इस प्रशिक्षण शिविर में पुलिस बल को दंगा नियंत्रण और आपदा प्रबंधन के तहत विभिन्न परिस्थितियों से निपटने की बारीकी से ट्रेनिंग दी गई। मॉक ड्रिल का उद्देश्य त्योहार के दौरान शहर में बढ़ी भीड़-भाड़ और संभावित संकट से निपटना तैयार रहना है। एसएसपी प्रभात कुमार के नेतृत्व में आयोजित इस मॉक ड्रिल में ग्रामीण एसपी कपील चौधरी, सिटी एसपी रित्विक श्रीवास्तव, प्रशिक्षु आईपीएस राघवेंद्र शर्मा, और अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी भी मौजूद थे। जवानों ने अनुशासन के साथ वाटर कैनन से पानी की बौछार कर भीड़ नियंत्रण में प्रशिक्षण लिया, साथ ही लाठी चार्ज और आंसू गैस के उपयोग का भी अभ्यास किया गया। एसएसपी प्रभात कुमार ने बताया कि दुर्गा पूजा के दौरान शहर के मुख्य चौक-चौराहों, पंडालों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में विशेष पुलिस तैनाती की जाएगी। पुलिस के जवान सादे लिबास में भी तैनात रहेंगे और हर मेला स्थल पर वॉच टावर से निगरानी की जाएगी। कुमार ने महिलाओं की सुरक्षा को विशेष महत्व देते हुए बताया कि मनचलों और शरारती तत्वों पर पुलिस की कड़ी नजर रहेगी। कुमार ने मॉक ड्रिल को जवानों का आत्मविश्वास बढ़ाने वाला बताया और कहा कि यह अभ्यास किसी भी आपात स्थिति में पुलिस बलों को जिम्मेदारी और तत्परता से काम करने के लिए तैयार करता है। आम नागरिकों से अपील की कि वे पूजा-पर्व को शांति और भाईचारे से मनाएं और संदिग्ध गतिविधि देखें तो तुरंत पुलिस या डायल 112 को सूचित करें। इसके अलावा, यातायात जाम से बचने के लिए वाहन कम उपयोग करें और पंडाल से दूर सुरक्षित स्थानों पर ही वाहन पार्क करें।

44 वां उपपुलिस अधीक्षक प्रशिक्षण बैंच के 10 प्रशिक्षु डीएसपी पहुंचे मैहर, पुलिस अधीक्षक मैहर से की शिष्टाचार भेंट

मेला बंदोबस्त व्यवस्था में पुलिस की भूमिका के संबंध में प्राप्त की जानकारी मैहर मध्यप्रदेश पुलिस अकादमी भौरी ,भोपाल द्वारा संचालित 44 वां उपपुलिस अधीक्षक प्रशिक्षण बैंच के 10 प्रशिक्षु डीएसपी अनुमोदित पाठ्यक्रम अनुसार मध्य प्रदेश दर्शन अंतर्गत मेला बंदोबस्त व्यवस्था में पुलिस की भूमिका संबंधी जानकारी प्राप्त करने मैहर पहुंचे , जिनके द्वारा  पुलिस अधीक्षक मैहर श्री अवधेश प्रताप सिंह से शिष्टाचार भेंट की गई । पुलिस अधीक्षक द्वारा ट्रेनी डीएसपी को मां शारदा मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था के संबंध में जानकारी देते हुए  ब्रीफ किया गया। तत्पश्चात अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ चंचल नागर द्वारा ट्रेनी डीएसपी को प्रेजेंटेशन के माध्यम से संपूर्ण मेला जोन के विभिन्न स्थानों की जानकारी देते हुए मेले के दौरान भीड़ की स्थिति के संबंध में चर्चा की गई। साथ ही  ड्यूटी  के दौरान आने वाली चुनौतियों और उनसे निपटने हेतु पुलिस द्वारा अपनाए गए समाधान के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई। मध्य प्रदेश दर्शन योजना के अंतर्गत प्रशिक्षु डीएसपी को मध्यप्रदेश के विभिन्न जिलों में भेजा जाता है, जहां वे स्थानीय प्रशासन, पुलिस व्यवस्था और अन्य महत्वपूर्ण पहलुओं के बारे में जानकारी प्राप्त करते हैं।

सड़क पर बिखरे नए ट्रॉली बैग: रायपुर में ड्रग्स तस्करी का बड़ा सुराग?

रायपुर राजधानी रायपुर में रविवार सुबह सनसनीखेज मामला सामने आया है। स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट जाने वाले एक्सप्रेस-वे पर लावारिस हालत में कई ट्रॉली बैग मिले हैं। बताया जा रहा है कि सभी बैग बिल्कुल नए हैं, लेकिन उन्हें ब्लेड से काटा गया है। इस वजह से इन बैगों को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। मामला माना थाना क्षेत्र का है। शुरुआती आशंका जताई जा रही है कि इन बैगों का इस्तेमाल गांजा या अन्य नशे की तस्करी में किया गया हो सकता है, वहीं कैश की सप्लाई से भी इनका कनेक्शन होने की आशंका जताई जा रही है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि कहीं बैगों को किसी वारदात के बाद सबूत मिटाने के उद्देश्य से तो नहीं फेंका गया। खास बात यह है कि जिस जगह बैग फेंके गए हैं, वहां आसपास कोई सीसीटीवी कैमरा मौजूद नहीं है। ऐसे में पुलिस को आरोपियों की पहचान करने में मुश्किलें आ रही हैं। हालांकि, पुलिस एक्सप्रेस-वे से गुजरने वाले वाहनों के फुटेज खंगालने की कोशिश कर रही है। गौरतलब है कि एक दिन पहले ही दुर्ग में 6 करोड़ रुपए नकदी बरामद हुई थी। लगातार हो रही इन घटनाओं से पुलिस की सतर्कता और बढ़ गई है। पिछले दिनों रायपुर में पुलिस ने ड्रग्स तस्कर गिरोह का भी पर्दाफाश किया है। ऐसे में इस तरह सदिग्ध हालत में ट्रॉली बैग्स के मिलने से कई सवाल खड़े हो रहे हैं। इस तरह की घटना से किसी बड़ी साजिश की बू आ रही है।

VHP का विवादित फैसला: सिर्फ हिंदुओं को गरबा में प्रवेश, केंद्रीय मंत्री अठावले ने चेताया

नई दिल्ली  नवरात्रि शुरू होने से पहले ही विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के गरबा कार्यक्रमों को लेकर दिए गए बयान ने नया विवाद खड़ा कर दिया है. VHP ने आयोजकों को सलाह दी है कि केवल हिंदुओं को ही प्रवेश दिया जाए और पहचान सुनिश्चित करने के लिए आधार कार्ड चेक किए जाएं. इस पर केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने सख्त आपत्ति जताई है. उन्होंने कहा कि इस तरह के आह्वान से समाज में हिंसा फैल सकती है और त्योहार का माहौल खराब हो सकता है. विश्व हिंदू परिषद शनिवार को बयान जारी किया था, जिसमें आयोजकों से कहा गया था कि गरबा कार्यक्रमों में केवल हिंदुओं को ही आने दिया जाए. साथ ही यह भी कहा गया कि लव जिहाद जैसी घटनाओं से बचने के लिए आधार कार्ड की जांच होनी चाहिए. VHP ने कहा कि लव जिहाद जैसी घटनाएं न हों पाए इसलिए गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर रोक लगाना आवश्यक है.   गरबा-डांडिया कार्यक्रमों पर नया विवाद नवरात्रि का त्योहार 22 सितंबर से शुरू हो रहा है और यह 1 अक्टूबर तक मनाया जाएगा. मुंबई समेत महाराष्ट्र के कई नवरात्रि मंडलों में इस बार बड़ा विवाद खड़ा हो गया है. बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद ने गरबा और डांडिया कार्यक्रमों के आयोजकों से कहा है कि पंडालों में केवल हिंदुओं को ही प्रवेश दिया जाए. संगठनों ने आयोजकों को कुछ नियम बताए हैं, जिसमें गरबा में आने वाले युवाओं से आधार कार्ड दिखाने को कहा जाए, प्रवेश से पहले सभी को तिलक लगवाकर देवी की पूजा करनी होगी, पंडाल के गेट पर वराह अवतार की तस्वीर रखी जाए और पूजा करने के बाद ही प्रवेश दिया जाना शामिल है. VHP और बजरंग दल का आरोप मुंबई के मालाड वेस्ट के डायमंड मार्किट के नवरात्रि उत्सव मंडल ने इस साल पूरे प्रांगण में ऐसे पोस्टर्स और बैनर्स लगाए है, जिसमें मुस्लिमों के बैन, लव जिहाद और हिन्दू वाहिनी के मैसेजेस लिखे हुए है. इन पोस्टर्स में साफ लिखा गया है कि लव जिहाद करने वाले मुस्लिमों की एंट्री बैन है, जो भी गरबा प्रेमी गरबा खेलने इस पंडाल में आएगा उसे एक तिलक लगाया जाएगा, मुख्यद्वार पर इस तिलक को गौमूत्र के साथ चंदन और कुमकुम में मिलाकर बनाया जाएगा. बजरंग दल और विहिप का आरोप है कि गैर हिंदू खासकर मुस्लिम युवक नकली नाम से गरबा में आते हैं और हिंदू लड़कियों से दोस्ती कर उन्हें लव जिहाद के जाल में फंसाते हैं. पकड़े जाने पर पुलिस को सौंपा जाएगा संगठनों ने चेतावनी दी है कि अगर कोई मुस्लिम युवक गरबा में पकड़ा गया तो उसे तुरंत पुलिस को सौंपा जाएगा. गरबा नवरात्रि पंडाल के आसपास मटन और मीट की दुकानों को बंद रखने की मांग भी की है और कहा है कि मीट की दुकानें जबरन बंद कराएंगे. विपक्षी दलों का विरोध जहां कुछ लोग इन नियमों का समर्थन कर रहे हैं वहीं विपक्षी दलों और समाज के एक हिस्से ने इसे भेदभाव और विभाजन की राजनीति बताया है, उनका कहना है कि संविधान सबको समान अधिकार देता है, ऐसे में किसी धार्मिक कार्यक्रम में जाति-धर्म देखकर रोक लगाना गलत है. कई पंडाल समितियों ने पुलिस से अनुमति ली है, लेकिन अगर किसी जगह तनाव बढ़ा तो प्रशासन हस्तक्षेप कर सकता हैॉ. फिलहाल पुलिस और स्थानीय अधिकारी स्थिति पर नजर रखे हुए हैं ताकि त्योहार शांतिपूर्ण ढंग से मनाया जा सके.  

मराठा आंदोलन के बाद महाराष्ट्र में आरक्षण पर सुप्रिया सुले का सख्त रुख

मुंबई  महाराष्ट्र में मराठा आरक्षण आंदोलन के कुछ दिन बाद ही राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) की सांसद सुप्रिया सुले ने कहा कि आरक्षण केवल उन लोगों के लिए होना चाहिए जिन्हें इसकी असल में आवश्यकता है, उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति शिक्षित है और उसकी आर्थिक स्थिति अच्छी है तो फिर उसके लिए आरक्षण की मांग करना उचित नहीं है. सुले ने उदाहरण देते हुए कहा कि अगर उनका बच्चा मुंबई के अच्छे स्कूल में पढ़ रहा है तो शायद चंद्रपुर के किसी गरीब बच्चे को ऐसी शिक्षा की ज्यादा आवश्यकता है. सुप्रिया सुले ने लोगों से इस मुद्दे पर खुलकर चर्चा करने की भी अपील की, उन्होंने कहा कि आइए हम सब इस पर बहस करें. हर मंच पर, कॉलेजों और समाज में इसे लेकर बातचीत होनी चाहिए. हमें जानना चाहिए कि आम जनता इस पर क्या सोचती है. आर्थिक आधार Vs. जाति आधार सुप्रिया सुले ने यह भी पूछा कि आरक्षण आर्थिक बैकग्राउंड पर आधारित होना चाहिए या जाति पर. इस दौरान दर्शकों के बीच सर्वे किया गया, जिसमें ज्यादातर लोग आर्थिक आधार पर आरक्षण के पक्ष में दिखाई दिए. इस पर प्रतिक्रिया देते हुए सुले ने कहा कि उन्हें युवा पीढ़ी खासकर जेन जेड के साथ जुड़ाव महसूस होता है और यही उन्हें प्रेरित करता है कि वह हर हितधारक की राय जानें. मराठा आंदोलन के बाद की प्रतिक्रिया सुले की यह टिप्पणी महाराष्ट्र में हाल ही में हुए मराठा आरक्षण आंदोलन के कुछ दिनों बाद आई है. कार्यकर्ता मनोज जरांगे और उनके समर्थकों ने मराठाओं के लिए नौकरियों और शिक्षा में आरक्षण की मांग को लेकर पूरे महाराष्ट्र में बड़े विरोध प्रदर्शन किए थे. महाराष्ट्र सरकार ने उनकी ज्यादातर मांगें मान लीं, जिसमें योग्य मराठों को कुनबी जाति प्रमाण पत्र प्रदान करना भी शामिल था. इसके बाद इस महीने की शुरुआत में आंदोलन को वापस ले लिया गया, जिससे अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) को मिलने वाले आरक्षण लाभों का सास्ता साफ हो गया.