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जोधपुर जेल: लॉरेंस बिश्नोई से सलमान तक, अब वांगचुक का नया पड़ाव

जोधपुर लद्दाख के सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के आने के साथ जोधपुर सेंट्रल जेल दुनिया भर में सुर्खियों में है। सोनम वांगचुक को शुक्रवार की शाम को जोधपुर सेंट्रल जेल लाया गया। इसके बाद शनिवार को जेल के बाहर वांगचुक के समर्थन में लोग जुटने शुरू हो गए। इसे देखते हुए जेल के भीतर और बाहर सुरक्षा को कड़ा कर दिया गया है। जेल के बाहर करीब 100 मीटर पर बैरिकेडिंग की गई है। जोधपुर सेंट्रल जेल पहले भी कई बार हाई प्रोफाइल कैदियों को लेकर सुर्खियों में रही है। पूरे देश में तिहाड़ जेल के बाद सबसे सुरक्षित जेल जोधपुर को माना जाता है। जोधपुर सेंट्रल जेल रातानाडा इलाके में स्थित है और 20 फीट ऊंची दीवारों से घिरी है। जेल में त्रिस्तरीय सुरक्षा घेरा है, दीवारों के ऊपर कंटीले तार लगे हैं जिनमें करंट रहता है जिसके चलते इसे अभेद माना  जाता है। जेल के बाहर मुख्य द्वार पर सुरक्षा जांच होती है। इसके बाद जेल में प्रवेश करने के दौरान आरएसी के जवानों के द्वारा सुरक्षा जांच की जाती है। वहीं सामान की जांच स्कैनर की मदद से की जाती है। उसके बाद मुख्य जेल के दोनों गेट खोलकर कैदी को अंदर लिया जाता है। जेल के भीतर की सुरक्षा भी सख्त है, जेल में जगह-जगह वॉच टावर भी लगाए गए हैं। लद्दाख के सोशल एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक को 26 सितंबर को जोधपुर सेंट्रल जेल में शिफ्ट किया गया था। आज (शनिवार) सुबह सवा दस बजे उनके समर्थन में एक युवक तिरंगा लिए जोधपुर सेंट्रल जेल के बाहर पहुंच गया। भारत माता की जय के नारे लगाने लगा। युवक ने अपना नाम विजयपाल बताया। वह चूरू जिले के सुजानगढ़ का रहने वाला है। उसे पुलिस ने हिरासत में लिया है। पुलिस उससे पूछताछ कर रही है। जोधपुर की सेंट्रल जेल में जम्मू कश्मीर के अलगाववादियों के अलावा बब्बर खालसा से जुड़े आतंकियों को भी रखा गया था। जोधपुर में पकड़ी गई आतंकियों की स्लीपर सेल के आरोपियों को भी इसी जेल में रखा गया। वहीं, इस जेल में भंवरी देवी अपहरण और हत्या के मामले में तत्कालीन कांग्रेस के मंत्री महिपाल मदेरणा सहित बड़े राजनेता भी रह चुके हैं। साल 2017 में लॉरेंस बिश्नोई को जोधपुर के सेंट्रल जेल में ही कैद किया गया था। हालांकि फिलहाल लॉरेंस बिश्नोई साबरमती जेल में कैद है। वहीं, बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान भी काला हिरण शिकार मामले में 2018 में जोधपुर सेंट्रल जेल में कैदी रह चुके हैं। सलमान को यहां कैदी नंबर 106 का बिल्ला दिया गया था। अभी इसी जेल में आसाराम बापू कैद है, वह दुष्कर्म मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहा है। आसाराम फिलहाल जमानत पर बाहर है।

नगरीय निकायों में खुलेंगे आदर्श सुविधा केंद्र, मुख्यमंत्री साय और उप मुख्यमंत्री साव ने भारत सरकार को दिया धन्यवाद

पहले चरण में सभी नगर निगमों और नगर पालिकाओं में शुरू होगी सुविधा सभी सेवाओं के लिए एकीकृत केन्द्र की तरह कार्य करेगा आदर्श सुविधा केंद्र, नागरिकों को होगी सहूलियत रायपुर. उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री  अरुण साव की विशेष पहल पर केंद्रीय आवास और शहरी कार्य मंत्रालय ने राज्य के नगरीय निकायों में आदर्श सुविधा केंद्र खोलने के लिए 50 करोड़ रुपए स्वीकृत किए हैं। पहले चरण में सभी 14 नगर निगमों और सभी 55 नगर पालिकाओं में ये केंद्र प्रारंभ किए जाएंगे। ये सुविधा केंद्र नागरिकों को विभिन्न तरह के प्रमाण पत्र और लाइसेंस प्राप्त करने तथा पंजीयन व शिकायत निवारण जैसी सेवाओं के लिए एकीकृत केंद्र की तरह काम करेंगे। भारत सरकार ने नगरीय निकायों से जुड़ी सभी तरह की सेवाओं पर आधारित आदर्श सुविधा केन्द्र खोलेने के लिए म्यूनिसिपल शेयर्ड सर्विसेस सेंटर (Municipal Shared Services Centre) के अंतर्गत सिटीजन एक्सपिरियंस सेंटर (Citizen Experience Centre) के लिए यह राशि मंजूर की है। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने नगरीय निकायों में आदर्श सुविधा केंद्र स्थापित किए जाने के राज्य सरकार के प्रस्ताव पर मंजूरी देने के लिए केंद्र सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि यह पहल हमारी सुशासन की प्रतिबद्धता को दर्शाती है, जिसके तहत हम प्रदेश के नागरिकों को पारदर्शी, समयबद्ध और सुगम सेवाएँ उपलब्ध कराने के लिए कटिबद्ध हैं। छत्तीसगढ़ के प्रत्येक नागरिक को बेहतर सुविधाएँ और जीवन स्तर प्राप्त हो, यह हमारी सरकार का लक्ष्य है। आदर्श सुविधा केंद्र इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो नगरीय प्रशासन को और अधिक प्रभावी बनाएगा। उप मुख्यमंत्री  अरुण साव ने बताया कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के विजन के अनुसार मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय की सुशासन की सरकार नगरीय निकायों के नागरिकों को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने के लिए सुनियोजित कार्ययोजना बनाकर कार्य कर रही है। नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा राज्य शहरी विकास अभिकरण (SUDA) के माध्यम से केन्द्रीय आवास और शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा प्रदेश में सिटीजन एक्सपिरियंस सेंटर स्थापित करने के लिए म्यूनिसिपल शेयर्ड सर्विसेस सेंटर के अंतर्गत प्रस्ताव प्रेषित किया गया था। भारत सरकार ने छत्तीसगढ़ के इस प्रस्ताव को स्वीकृति एवं अनुशंसा प्रदान करते हुए इसके लिए 50 करोड़ रुपए मंजूर किए हैं। ये सिटीजन एक्सपीरियंस सेंटर नगरीय निकायों से संबंधित सेवाओं (म्यूनिसिपल सर्विसेस) के लिए वन-स्टॉप हब के रूप में काम करेंगे।  साव ने प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान करने के लिए केन्द्रीय आवास और शहरी कार्य मंत्री  मनोहर लाल को धन्यवाद ज्ञापित करते हुए प्रदेश के नागरिकों को बधाई दी है।          उप मुख्यमंत्री  साव ने बताया कि आदर्श सुविधा केंद्रों (Citizen Experience Centers) के माध्यम से ‘‘वन स्टेट – वन पोर्टल‘‘ सिंगल प्लेटफार्म की तर्ज पर नागरिकों को जन्म, मृत्यु, विवाह जैसे आवश्यक प्रमाण पत्र, व्यापार, वेंडिंग, विज्ञापन के लिए लाइसेंस सेवाएं, संपत्ति कर, जल/सीवरेज, ठोस अपशिष्ट सेवाएँ, नगर निगम संपत्ति बुकिंग के लिए  पंजीकरण, शिकायत निवारण की सुविधा तथा डिजिटल समावेशन सेवाओं का लाभ सुलभ और समयबद्ध रूप से प्राप्त होगा। उन्होंने कहा कि ये केन्द्र नागरिक सेवाओं को सरल और मानकीकृत करने के साथ ही प्रशासनिक बाधाओं को भी दूर करेगी, जिससे लोगों और नगरीय निकायों के अधिकारियों के मध्य पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी। इसके साथ ही यह पहल पूरे राज्य में समावेशिता को बढ़ावा देगी तथा इज ऑफ लिविंग (Ease of Living) में उल्लेखनीय सुधार सुनिश्चित करेगी। क्या है आदर्श सुविधा केन्द्र आदर्श सुविधा केन्द्र नगरीय निकायों में जनसुविधाओं से संबंधित समस्त सेवाओं के लिए एकीकृत केन्द्र की तरह कार्य करेगी। इस केन्द्र के माध्यम से नगरीय निकायों में नागरिकों को आवश्यक दस्तावेज व सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही प्रदेश में संचालित अन्य नागरिक सुविधा पोर्टल जैसे निदान-1100, मोर संगवारी, संपत्ति कर तथा नगरीय प्रशासन से संबंधित अन्य सेवाओं व सुविधाओं को भी आदर्श सुविधा केन्द्र के साथ जोड़ा जाएगा। कैसे मिलेगी नागरिकों को सुविधाएं आदर्श सुविधा केन्द्र के माध्यम से सेवाएं प्राप्त करने के लिए नागरिकों को अपनी इच्छित सेवाओं से संबंधित आवेदन सुविधा केन्द्र में जाकर दर्ज/जमा करानी होगी। नागरिकों से प्राप्त आवेदन की प्रकृति एवं गुण-दोष के आधार पर नगरीय निकाय द्वारा आदर्श सुविधा केन्द्र के माध्यम से निराकरण निर्धारित समय-सीमा के भीतर किया जाएगा। यह पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन प्रणाली से जुड़ी होगी और इसकी मॉनिटरिंग राज्य शहरी विकास अभिकरण में स्थापित राज्य स्तरीय कमाण्ड एंड कण्ट्रोल सेंटर के माध्यम से की जाएगी।  

संजू सैमसन का जलवा – सबके सामने मिला मेडल और बड़ा सम्मान

दुबई  भारतीय टीम ने शुक्रवार को श्रीलंका को एशिया कप 2025 के आखिरी सुपर फोर मुकाबले में हराया। टूर्नामेंट में भारत की ये छठी जीत थी। हालांकि भारत के लिए एशिया कप 2025 का ये सबसे मुश्किल मुकाबला रहा। पिछले पांच मैचों में भारतीय टीम ने आसानी से विरोधी टीम को मात दी थी लेकिन इस मैच में श्रीलंका ने भारत को कड़ी टक्कर दी और मैच का नतीजा सुपर ओवर में निकला। हाई स्कोरिंग मैच में भारत के लिए अभिषेक शर्मा, तिलक वर्मा और संजू सैमसन ने दमदार पारी खेली। हालांकि गेंदबाज उम्मीदों पर खरे नहीं उतरे। वहीं मैच खत्म होने के बाद ड्रेसिंग रूम में संजू सैमसन इम्पैक्ट प्लेयर ऑफ द मैच का अवॉर्ड अपने नाम करने में कामयाब रहे। विकेटकीपर बल्लेबाज संजू सैमसन ने शुक्रवार को बल्ले से दमदार प्रदर्शन किया। उन्होंने 23 गेंद में 39 रन की पारी खेली। तिलक के साथ उन्होंने बीच के ओवरों में अच्छी साझेदारी भी की। उन्होंने कुसल परेरा को स्टंप आउट किया, जिससे भारत मैच में वापसी करने में सफल रहा। इस शानदार प्रदर्शन के लिए संजू सैमसन को इम्पैक्ट प्लेयर ऑफ द मैच का मेडल दिया गया है। सैमसन को फिजियोथेरेपिस्ट योगेश परमार ने इम्पैक्ट प्लेयर मेडल प्रदान किया। संजू सैमसन ने मेडल मिलने के बाद कहा, "यह वाकई बहुत मायने रखता है। यह छोटी सी सराहना हम सभी के लिए बहुत मायने रखती है और मुझे व्यक्तिगत रूप से इस ड्रेसिंग रूम में होने पर बहुत गर्व है। यह आसान नहीं है और हम सभी करते हैं और मुझे इसमें योगदान देने और अपना सर्वश्रेष्ठ देने में बहुत खुशी हो रही है, जैसा कि हम सभी करते हैं। बहुत-बहुत धन्यवाद।'' सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा के टूर्नामेंट में तीसरे अर्धशतक की मदद से भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में पांच विकेट पर 202 रन बनाये । जवाब में पथुम निसांका के शतक की मदद से श्रीलंका ने जीत की ओर लगभग कदम रख दिया था । हर्षित राणा के आखिरी ओवर में उसे 12 रन और आखिरी गेंद पर तीन रन चाहिये थे जिस पर दासुन शनाका दो ही रन ले पाये और मैच सुपर ओवर में चला गया । सुपर ओवर पूरी तरह से अर्शदीप के नाम रहा जिन्होंने पांच गेंद में दो रन देकर दो विकेट लिये । भारत को तीन रन का लक्ष्य मिला जो कप्तान सूर्यकुमार यादव ने पहली ही गेंद पर हासिल कर लिया ।  

गरबा सीखने के लिए खूब मेहनत करती हैं आशी सिंह

मुंबई, सोनी सब के शो ‘उफ्फ… ये लव है मुश्किल’ में काम कर रही आशी सिंह का कहना है कि गरबा उन्हें बहुत आकर्षित करता है और वह इसे सीखने के लिए खूब मेहनत करती हैं। सोनी सब के ‘उफ्फ… ये लव है मुश्किल’ में आशी सिंह ,कैरी शर्मा का किरदार निभा रही हैं। कैरी एक जीवंत, संवेदनशील और सहज युवती है, जिसकी यात्रा प्यार की जटिलताओं को दर्शाते हुए रोज़मर्रा की ज़िंदगी की मासूमियत और खूबसूरती को सामने लाती है। आशी अपनी बारीक अदाकारी से कैरी के किरदार को जीवंत बना देती हैं, जिससे दर्शक तुरंत उससे जुड़ जाते हैं। नवरात्रि के माहौल में डूबी हुई पूरी देशभर की रौनक के बीच, आशी सिंह ने इस त्योहार के महत्व और अपने अनोखे जुड़ाव के बारे में बात की। उनके लिए नवरात्रि का उत्सव उनकी जड़ों और रंगीन परंपराओं का खूबसूरत संगम है। आशी सिंह ने कहा, “मैं उत्तर भारत से हूं और वहां नवरात्रि का मतलब हमेशा माता का जागरण, पूजा और सारे रीति-रिवाज होते थे। लेकिन मुझे हमेशा गरबा और डांडिया ने आकर्षित किया। जब मैं मुंबई आई, तो मैंने गरबा सीखने की खूब कोशिश की। आज भी सीख रही हूं क्योंकि ये साल में सिर्फ नौ दिन आता है, इसलिए आसान नहीं है! मुंबई का नवरात्रि वाला माहौल ग़ज़ब होता है, जब आप देखते हो कि सब लोग वही रंग पहने होते हैं जो आप पहने हो, नौ दिनों के लिए नौ रंगों का पालन करते हैं। मुझे ये कॉन्सेप्ट बहुत अच्छा लगता है। आज भी मैं वो पूजा और व्रत करती हूं, जिनके साथ मैं बड़ी हुई हूं। शाम को मैं अपने परिवार के साथ, कभी-कभी दोस्तों के साथ, गरबा ग्राउंड्स जाती हूं – कभी गरबा खेलने, तो कभी सिर्फ दूसरों को आनंद लेते देखने। वहां का माहौल सचमुच बेहद खुशहाल और रंगीन होता है।” ये लव है मुश्किल’, सोमवार से शनिवार, रात आठ बजे सिर्फ सोनी सब पर प्रसारित होता है।  

HC ने उठाए सवाल: 10 साल के बच्चे को 9वीं में दाख़िला क्यों नहीं, NEP 2020 पर भी की टिप्पणी

जबलपुर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने 10 साल के एक बच्चे को 9वीं कक्षा में दाखिला देने से इनकार करने पर सीबीएसई की कड़ी आलोचना की। कोर्ट की पीठ ने सीबीएसई से कहा कि आपकी राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) पर पुनर्विचार करने की आवश्यकता है। कोर्ट ने नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। लाइव लॉ की रिपोर्ट के अनुसार, मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने प्रतिभाशाली बच्चों के लिए नीति पर केंद्र सरकार का रुख पूछा है। कोर्ट ने एकल पीठ के आदेश के खिलाफ सीबीएसई द्वारा दायर अपील पर सुनवाई की। इसमें 10 साल के लड़के को 9वीं कक्षा में अस्थायी प्रवेश देने का निर्देश दिया गया था। बच्चे के पिता ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। उन्होंने दावा किया था कि उनके प्रतिभाशाली बेटे ने कक्षा 1 से 8 तक की पढ़ाई पूरी कर ली है, लेकिन सीबीएसई नियमों के तहत उम्र संबंधी प्रतिबंधों के कारण उसे कक्षा 9 में प्रवेश नहीं दिया गया। एकल पीठ ने अस्थायी प्रवेश की अनुमति तो दे दी, लेकिन सीबीएसई ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) का हवाला देते हुए इस आदेश को चुनौती दी। एनईपी 9वीं कक्षा में 10 साल के बच्चे के प्रवेश की अनुमति नहीं देता है। सीबीएसई की याचिका पर सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की खंडपीठ ने सीबीएसई के रवैये पर कड़ी आपत्ति जताई। पीठ ने कहा, "तो आपने प्रतिभाशाली बच्चों के बारे में नहीं सुना जो 14 साल की उम्र में एमबीबीएस डॉक्टर बन जाते हैं। आप बुद्धिमत्ता पर अंकुश लगाना चाहते हैं? आप उसे 9वीं कक्षा में नहीं चाहते?" पीठ ने उल्लेख किया कि असाधारण छात्र विश्व स्तर पर उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल करते हैं। अगर ऐसे छात्रों को जल्दी पदोन्नत किया जाता है तो सरकार पर क्या प्रभाव पड़ेगा। सीबीएसई की ओर से पेश हुए वकील ने तर्क दिया कि उक्त नीतियां विशेषज्ञों द्वारा तैयार की गई थीं। इन नीतियों के पीछे एक उद्देश्य और तर्क था। पीठ ने इस बात पर जोर दिया कि भारत में सात साल की उम्र में एक व्यक्ति सर्जन बन जाता है। फिर 12 साल की उम्र में एक भारतीय शतरंज का ग्रैंडमास्टर बन जाता है। 13 साल की उम्र में एक व्यक्ति ने एक लॉजिस्टिक कंपनी स्थापित की। पीठ ने सीबीएसई से कहा कि आपकी राष्ट्रीय शिक्षा नीति पर पुनर्विचार की आवश्यकता है। उन्होंने स्कूली दिनों में दोहरी पदोन्नति के उदाहरणों को भी याद किया। जब पूछा गया कि बच्चे को कब तक इंतजार करना होगा, तो सीबीएसई ने जवाब दिया कि दो साल। इस पर कोर्ट ने कहा कि दुनिया भर में प्रतिभाशाली बच्चे हैं। आप इसे स्वीकार करने को तैयार नहीं हैं। कोर्ट ने नोटिस जारी कर केंद्र सरकार से पूछा है कि कृपया हमें बताएं कि आप प्रतिभाशाली बच्चों के बारे में क्या करना चाहते हैं। आप बुद्धिमत्ता पर अंकुश लगाना चाहते हैं। कोर्ट ने नोटिस का जवाब 6 अक्टूबर तक देने को कहा है।  

अचानक आदेश: 3 दिन की छुट्टी, शराब की दुकानों को बंद रखने का सख्त निर्देश

बठिंडा  पंजाब के जिला बठिंडा में 3 दिन सरकारी छुट्टी का ऐलान हुआ है। जिले के एक खास मेले को देखते हुए छुट्टी की घोषणा की गई है। डिप्टी कमिश्नर बठिंडा, राजेश धीमान ने जानकारी देते हुए कहा कि माईसरखाना गांव में 28 सितंबर को होने वाले वार्षिक धार्मिक मेले को ध्यान में रखते हुए 27 से 29 सितंबर तक विशेष प्रबंध किए गए हैं। इस दौरान माईसरखाना के सरकारी एलीमेंट्री स्कूल, सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल और माता माईसरखाना कॉलेज ऑफ एजुकेशन (फॉर गर्ल्स) में सरकारी छुट्टी का ऐलान किया गया है। यह फैसला उप-मंडल मजिस्ट्रेट मौड़ की सिफारिश पर लिया गया है। उन्होंने बताया कि हर साल लाखों श्रद्धालु इस धार्मिक मेले में शामिल होने आते हैं। भारी भीड़ के कारण कस्बे में भीड़भाड़ हो जाती है, इसलिए प्रशासन ने अमन-शांति बनाए रखने के लिए छुट्टी की घोषणा की है। इसके अलावा, जिला मजिस्ट्रेट के रूप में अपने अधिकारों का प्रयोग करते हुए आबकारी एक्ट, 1914 की धारा 54 के अंतर्गत आदेश जारी किए हैं। इसके अनुसार 27 से 29 सितंबर तक माईसरखाना गांव की सीमा के भीतर सभी देसी और विदेशी शराब की दुकाने पूरी तरह बंद रहेंगी। किसी को भी शराब का भंडार रखने या बेचने की अनुमति नहीं होगी। डिप्टी कमिश्नर ने कहा कि मेले के दौरान शराब या किसी नशे का प्रयोग धार्मिक माहौल में व्यवधान डाल सकता है और लोगों की भावनाओं को आहत कर सकता है। इससे अमन और शांति भंग होने का खतरा रहता है। इसलिए मेले के समय शराब की बिक्री पर रोक लगाना जरूरी समझा गया है। 

रजत जयंती महोत्सव एवं सेवा पखवाड़ा: दिव्यांगजन के लिए स्वास्थ्य परीक्षण और सहायक उपकरण वितरण शिविर सफलतापूर्वक आयोजित

सूरजपुर, रजत जयंती महोत्सव एवं सेवा पखवाड़ा दिवस के अवसर पर आज शनिवार को जनपद पंचायत सूरजपुर के साधु राम सेवा कुंज में दिव्यांगजन एवं वृद्धजनों हेतु विशेष स्वास्थ्य परीक्षण एवं सहायक उपकरण वितरण शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में जिला अस्पताल से मेडिकल बोर्ड तथा पीपीआरसी रायपुर के विशेषज्ञों द्वारा दिव्यांगजनों की जांच की गई। इस दौरान 7 कृत्रिम अंगों का मापन, 39 मेडिकल प्रमाण पत्र जारी किए गए तथा कुल 89 पंजीयन सम्पन्न हुए। कार्यक्रम में जनपद पंचायत सूरजपुर की अध्यक्ष माननीय श्रीमती स्वाति सिंह, अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। शिविर में दिव्यांगजनों और वृद्धजनों को 17 सहायक उपकरण वितरित किए गए, जिनमें 4 ट्रायसायकल, 3 व्हीलचेयर, 3 श्रवण यंत्र एवं 7 छड़ियां शामिल हैं।

महेश भट्ट और सुहृता दास ने अरहान पटेल को ‘तू मेरी पूरी कहानी’ से किया लॉन्च

मुंबई, बॉलीवुड फिल्मकार महेश भट्ट और निर्देशक सुहृता दास ने अरहान पटेल को फिल्म 'तू मेरी पूरी कहानी' से लॉन्च किया है। मध्य प्रदेश के सीहोर की खेतों से लेकर बॉलीवुड की चमचमाती दुनिया तक, अरहान पटेल का सफर सपनों की ताकत का असली सबूत है। किसान पिता के बेटे अरहान ने संघर्ष और धैर्य के वर्षों बाद महेश भट्ट की फिल्म 'तू मेरी पूरी कहानी' से अब बड़े पर्दे पर बतौर लीडिंग मैन डेब्यू किया है। अरहान ने कहा, "सुहृता मैम की हमारी अधूरी कहानी एक बेहद काव्यात्मक और आत्मा को छू लेने वाली फिल्म है। उसी फिल्म के बाद उन्होंने मुझमें वह क्षमता और चिंगारी देखी, जिसकी वजह से मुझे यह ब्रेक मिला। उन्होंने ही सोचा कि मैं रोहन के किरदार में फिट बैठ सकता हूँ। वे एक कमाल की स्टोरीटेलर हैं और मैं खुद को भाग्यशाली मानता हूँ कि मुझे अपनी पहली फिल्म में उनके मार्गदर्शन और महेश भट्ट जैसे निर्माता के साथ काम करने का मौका मिला।" अरहान के करियर के इस बड़े मौके को गढ़ने में महेश भट्ट और निर्देशक सुहृता दास की अहम् भूमिका रही है। भट्ट कैंप का नया टैलेंट खोजने का लंबा इतिहास रहा है।सीहोर के छोटे-से कस्बे से निकलकर बॉलीवुड का हीरो बनने का अरहान पटेल का सफर, देशभर के सपने देखने वालों के लिए एक प्रेरणा है: मेहनत, जज़्बे और सही मार्गदर्शन से कोई भी सपना हकीकत में बदला जा सकता है। फिल्म 'तू मेरी पूरी कहानी' 26 सितंबर को सिनेमाघरों में रिलीज़ हो चुकी है।  

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने पूजा पंडाल से दी शुभकामनाएं, बोले – विकास की राह पर चलता रहेगा झारखंड

रांची झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने आज आर0आर0 स्पोर्टिंग क्लब, रातू रोड एवं पंच मंदिर दुर्गा पूजा समिति हरमू, रांची स्थित दुर्गा पूजा पंडाल का विधिवत अनावरण किया। इस अवसर पर सोरेन ने मां दुर्गा के दरबार में शीश नवाकर समस्त राज्यवासियों की सुख, समृद्धि, उन्नति एवं खुशहाली की कामना की। मौके पर मुख्यमंत्री सोरेन ने कहा कि हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी दुर्गा पूजा का उत्साह चरम पर है। रिमझिम बारिश के बीच सभी मातारानी के भक्तजन काफी उमंग और उत्साह के साथ दशहरे का यह पावन त्यौहार मना रहे हैं। सोरेन ने कहा कि मैं अपनी ओर से समस्त झारखंड वासियों एवं दुर्गा पूजा समिति के सदस्यों को दुर्गा उत्सव की हार्दिक शुभकामनाएं देता हूं। सभी के जीवन में मां दुर्गा की कृपा सदैव बनी रहे। झारखंड प्रगति के पथ पर निरंतर आगे बढ़ता रहे।  

कांस्टेबल भर्ती प्रक्रिया निरस्त, झारखंड पुलिस अब नए नियमों से करेगी बहाली

रांची झारखंड पुलिस में सिपाही पदों पर नियुक्ति की जो प्रक्रिया चल रही थी, उसे पुलिस मुख्यालय ने रद्द कर दिया है। कुल 4919 रिक्त पदों पर भर्ती होनी थी, जिनमें 3799 पद नियमित स्तर के और 1120 पद बैकलॉग स्तर के थे। हालांकि, इस भर्ती प्रक्रिया के तहत अभी तक परीक्षा कोई भी स्तर पर शुरू नहीं हो पाई थी। अब इस भर्ती को नई संयुक्त भर्ती नियमावली-2025 के तहत पुनः: शुरू किया जाएगा। पुलिस मुख्यालय ने झारखंड आरक्षी प्रतियोगिता परीक्षा-2023 के लिए पूर्व में जारी विज्ञापन संख्या-17/2023 को तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया है। इसके साथ ही इस परीक्षा के लिए जारी अधियाचन को भी वापस ले लिया गया है। इससे पहले ऑनलाइन आवेदन 15 जनवरी से 28 फरवरी 2024 तक लिए गए थे, जिनमें हजारों अभ्यर्थियों ने भाग लिया था, लेकिन अब नई नियमावली के मुताबिक ही भर्ती प्रक्रिया पूरी की जाएगी। नई नियमावली के तहत आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों को पहले से भुगतान की गई फीस को फिर से नहीं देना होगा। जिन अभ्यर्थियों ने झारखंड आरक्षी प्रतियोगिता परीक्षा-2023 के लिए आवेदन शुल्क दिया था, उन्हें पुन: आवेदन के समय कोई भी शुल्क नहीं देना पड़ेगा। इसके लिए झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) विकल्प उपलब्ध कराएगा जिससे आवेदन करना आसान हो जाएगा। अधिकारियों ने आज यह भी स्पष्ट किया है कि अभ्यर्थियों को अधिकतम आयु सीमा में विशेष छूट दी जाएगी ताकि वे पिछले विज्ञापन के साथ-साथ नए विज्ञापन के अंतर्गत भी योग्य बने रहें। आयु की गणना के लिए पूर्व में विज्ञापित आयु सीमा ही मान्य होगी। इस फैसले से अभ्यर्थियों को बड़ी राहत मिली है क्योंकि अब उनकी पात्रता के आधार पर बिना अतिरिक्त शुल्क के आवेदन स्वीकार किए जाएंगे।