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मध्य प्रदेश पर्यटन ने IFTM Top Resa पेरिस और टूरिज्म एक्सपो जापान 2025 में लहराया परचम

वैश्विक मंच पर और सशक्त हुई ‘अतुल्य भारत का हृदय’ की पहचान अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर मध्यप्रदेश का दमदार प्रदर्शन भोपाल  म.प्र. टूरिज्म बोर्ड ने अंतर्राष्ट्रीय पर्यटन जगत के दो प्रतिष्ठित ट्रैवल मार्ट—IFTM Top Resa 2025 (पेरिस, फ़्रांस) और Tourism Expo Japan 2025 (आईची स्काई एक्सपो, जापान) में मध्यप्रदेश की विशिष्ट और प्रभावशाली उपस्थिति दर्ज कराई। इन वैश्विक मंचों पर अतुल्य भारत का हृदय मध्यप्रदेश ने अपनी सांस्कृतिक गहराई, प्राकृतिक सुंदरता और पर्यटन की विविध संभावनाओं को सजीव कर दिया। इन ट्रैवल मार्ट और एक्सपो में बने आकर्षक एमपी पवेलियन ने मध्यप्रदेश को अंतर्राष्ट्रीय यात्रियों के लिए एक आकर्षक और अपरिहार्य गंतव्य के रूप में पुनः प्रतिष्ठित किया। पर्यटन, संस्कृति और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी ने कहा कि मध्यप्रदेश ने वैश्विक पर्यटन जगत में अपनी अलग पहचान बनाई है। पेरिस और जापान जैसे प्रतिष्ठित अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर ‘अतुल्य भारत का हृदय’ के रूप में हमारे राज्य की विविधता, सांस्कृतिक गहराई और प्राकृतिक धरोहर को प्रदर्शित करना हमारे लिए गर्व का विषय है। इन आयोजनों से हमें न केवल नए बाज़ारों तक पहुंच मिली है, बल्कि फ्रांस, यूरोप और जापान जैसे प्रमुख देशों के साथ साझेदारी को भी मजबूती मिली है। मुझे विश्वास है कि इन प्रयासों से मध्य प्रदेश एक अंतर्राष्ट्रीय पर्यटन केंद्र के रूप में और अधिक स्थापित होगा। अपर मुख्य सचिव पर्यटन, संस्कृति, गृह और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व तथा प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड श्री शिव शेखर शुक्ला ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ यादव का विज़न है कि मध्य प्रदेश के समृद्ध सांस्कृतिक परिदृश्य की सुगन्ध वैश्विक स्तर पर फैले और पर्यटन विभाग इस दिशा में दिन रात काम कर रहा है। मध्य प्रदेश की अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर सक्रिय भागीदारी हमारी इसी रणनीति का हिस्सा है। इन आयोजनों ने यह संदेश दिया कि मध्य प्रदेश केवल घूमने की जगह नहीं, बल्कि एक अनुभव है जो आगंतुकों की स्मृतियों में बस जाता है। हमारे प्रयास राज्य को वैश्विक यात्रा मानचित्र पर प्रमुख गंतव्य के रूप में स्थापित करने और पर्यटकों को प्रामाणिक, अनुभवात्मक यात्राएं प्रदान करने की दिशा में निरंतर जारी रहेंगे। IFTM Top Resa 2025 : मध्यप्रदेश बना आकर्षण का केंद्र फ्रांस के पेरिस में 23-25 सितंबर 2025, के दौरान Porte de Versailles exhibition center में मध्य प्रदेश के पैवेलियन का उद्घाटन भारतीय दूतावास, पेरिस के आर्थिक एवं वाणिज्यिक विंग के काउंसलर और हेड ऑफ़ चांसरी श्री नवीन कुमार ने किया। इस अवसर पर मध्य प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम के प्रबंध संचालक डॉ. इलैयाराजा टी. और मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड के उप संचालक (इवेंट्स एवं मार्केटिंग) श्री युवराज पाडोले सहित कई प्रमुख हितधारक उपस्थित रहे। इस विशेष पैवेलियन ने वैश्विक यात्रा व्यापार समुदाय का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया और राज्य की धरोहर, प्राकृतिक सौंदर्य तथा आधुनिक पर्यटन पहलों का प्रभावशाली परिचय कराया। टोक्यो में टूरिज्म एक्सपो जापान 2025 : पूर्वी एशिया में बनी प्रदेश की पहचान जापान के आईची स्काई एक्सपो में 25 सितंबर 2025 से शुरू हुए टूरिज्म एक्सपो जापान 2025 में भी मध्य प्रदेश पर्यटन ने अपनी दमदार उपस्थिति दर्ज कराई। यहां पैवेलियन का उद्घाटन भारतीय दूतावास, टोक्यो की मंत्री (वाणिज्य एवं आर्थिक) श्रीमती देबजानी चक्रवर्ती ने किया। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड की अपर प्रबंध संचालक सुश्री बिदिशा मुखर्जी ने किया। उनके साथ सहायक प्रबंधक श्री राकेश गोलिया और पर्यटन उद्योग के प्रमुख साझेदार श्री अतुल सिंह (एमपी इनकमिंग) भी मौजूद रहे। इस अवसर पर मध्य प्रदेश का पैवेलियन जापानी पर्यटकों और उद्योग प्रतिनिधियों के लिए आकर्षण का केंद्र बना, जिसने राज्य की आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक विविधताओं को अंतर्राष्ट्रीय मंच पर उजागर किया। ‘अतुल्य भारत का हृदय’ की वास्तविक झलक पेश करता एमपी पवेलियन दोनों मेलों में मध्य प्रदेश का पैवेलियन ‘अतुल्य भारत का हृदय’ की वास्तविक झलक पेश करता रहा। इसमें राज्य की तीनों यूनेस्को विश्व धरोहर स्थलों—खजुराहो के मंदिरों की अद्वितीय शिल्पकला, सांची के स्तूपों की बौद्धिक शांति और भीमबेटका की प्राचीन शैलाश्रयों की ऐतिहासिक गहराई—को विशेष रूप से प्रदर्शित किया गया। इसके साथ ही कान्हा, बांधवगढ़ और पेंच जैसे विश्वप्रसिद्ध बाघ अभयारण्यों के वन्यजीव पर्यटन ने रोमांच और संरक्षण का संदेश दिया। उज्जैन, ओंकारेश्वर और महेश्वर जैसे पवित्र नगरों की झलकियों ने राज्य की आध्यात्मिक प्रवाह को दर्शाया, जबकि जनजातीय परंपराओं, हस्तशिल्प और ग्रामीण पर्यटन की पहलों ने सतत विकास और सामुदायिक सहभागिता की दिशा में मध्य प्रदेश की प्रतिबद्धता को स्पष्ट किया। फ्रांस, यूरोप और जापान के ट्रैवल बाजार में मध्यप्रदेश की पहुंच मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड ने इन आयोजनों के माध्यम से फ्रांस, यूरोप और जापान जैसे प्रमुख बाज़ारों में टूर ऑपरेटरों, ट्रैवल एजेंटों और मीडिया प्रतिनिधियों के साथ रणनीतिक संबंधों को सुदृढ़ किया। यह पहल बोर्ड की दीर्घकालिक वैश्विक पहुंच रणनीति का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य मध्य प्रदेश को विश्व पर्यटन मानचित्र पर एक अनिवार्य गंतव्य के रूप में स्थापित करना और अनुभवात्मक, प्रामाणिक यात्राओं के प्रति आकर्षित अंतर्राष्ट्रीय पर्यटकों तक पहुंचना है।  

कमला नेहरू सांदीपनि विद्यालय में लोकतांत्रिक प्रक्रिया से हुए छात्र परिषद के चुनाव

भोपाल  कमला नेहरू सांदीपनि विद्यालय भोपाल में छात्र परिषद का निर्वाचन लोकतांत्रिक प्रक्रिया से शनिवार को संपन्न हुए। इस अवसर पर विद्यालय प्रांगण में देश की चुनाव प्रक्रिया के वास्तविक स्वरूप के साथ संपूर्ण चुनाव प्रक्रिया, भारतीय निर्वाचन प्रणाली के अनुरूप संपादित की गई। मतदान के लिये विद्यालय में सुसज्जित मतदान केंद्र बनाए गए।जहाँ श्रेणीवार पीठासीन अधिकारी, P1,P2,P3, पहचानकर्ता, ईवीएम मशीन एवं तर्जनी अंगुली पर अमिट स्याही का निशान एवं पंक्तिबद्ध मतदाता—सभी व्यवस्थाएँ बिल्कुल आम चुनाव की तरह रहीं। मतदाता छात्राओं ने सेल्फी बूथ में फ़ोटो भी खिंचवाए। चुनाव प्रक्रिया के अंतर्गत अधिसूचना जारी होना, प्रत्याशी नामांकन, प्रचार-प्रसार, मतदान एवं परिणाम की घोषणा तक की सभी प्रशिक्षण विद्यार्थियों को कराए गएं। इसके लिये निर्वाचन अधिकारी, सेक्टर मजिस्ट्रेट, सुरक्षा अधिकारी तथा अन्य आवश्यक पदाधिकारियों की नियुक्ति भी की गई थी। मतदान प्रातः 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक संपन्न हुआ। विद्यालय की प्राचार्या श्रीमती संगीता सक्सेना ने बताया कि इस पूरी प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को लोकतांत्रिक चुनाव की विधि से परिचित कराना तथा मतदान के महत्व को समझाना था। मतदान प्रक्रिया में लगभग 600 विद्यार्थियो ने मतदान किया। जब ईवीएम से मतगणना प्रारंभ हुई तो सर्वाधिक मतों के साथ हेड गर्ल शाला नायक पद पर कुमारी स्नेहा नन्दमेहर कक्षा 12वीं, डिप्टी हेड गर्ल के लिए कु. सालेहा खान कक्षा 11वीं, सचिव पद के लिए रूपिका परते कक्षा 10वीं , उप सचिव पद के लिए भावना पथे कक्षा 9 वीं चुनी गई। इस अभिनव प्रयोग ने विद्यालय के सभी विद्यार्थियों में लोकतंत्र के प्रति जागरूकता और सहभागिता की भावना को और सशक्त बनाया।  

जानिए कैसे मोदी सरकार की नई योजना से मिलेगा रिटायरमेंट में आरामदायक जीवन

नई दिल्ली  आम आदमी की सबसे बड़ी चिंता अपने बुढ़ापे को लेकर होती है। कामकाजी जीवन के दौरान तो किसी तरह खर्च पूरे हो जाते हैं लेकिन रिटायरमेंट बाद जब आय का कोई स्थायी साधन नहीं होता, तब आर्थिक संकट खड़ा हो जाता है। ऐसे समय में सरकार की अटल पेंशन योजना (APY) काम आ सकती है। अटल पेंशन योजना के तहत 18 वर्ष से लेकर 40 वर्ष तक का कोई भी भारतीय नागरिक जुड़ सकता है। योजना में निवेशक को हर महीने एक तय राशि जमा करनी होती है, जो उनकी उम्र और चुनी गई पेंशन राशि के हिसाब से निर्धारित होती है। निवेशक 60 वर्ष की आयु पूरी करने के बाद इस योजना से ₹1000, ₹2000, ₹3000, ₹4000 या ₹5000 प्रति माह पेंशन प्राप्त कर सकता है। योजना की सबसे खास बात यह है कि यदि किसी निवेशक की मृत्यु हो जाती है तो उसके पति या पत्नी को उतनी ही पेंशन मिलती रहेगी। वहीं, पति-पत्नी दोनों के निधन के बाद उनके नॉमिनी को वापस कर दी जाती है। अटल पेंशन योजना का एक और फायदा यह है कि इसमें सरकार की गारंटी होती है। यानी निवेशक को भविष्य में तय पेंशन निश्चित रूप से मिलेगी। किस उम्र में निवेश करना सही? अगर कोई व्यक्ति 18 साल की उम्र में अटल पेंशन योजना से जुड़ता है और उसे भविष्य में ₹5000 की पेंशन चाहिए तो उसे हर महीने लगभग ₹210 का योगदान करना होगा। इसी तरह अगर 30 साल की उम्र में जुड़ता है तो योगदान राशि लगभग ₹577 होगी। 40 साल की उम्र में जुड़ने वाले को यह योगदान ₹1454 तक करना पड़ सकता है। मतलब जितनी जल्दी योजना से जुड़ेंगे, उतना ही कम निवेश करना होगा। अटल पेंशन योजना खासतौर पर उन लोगों के लिए बेहद उपयोगी है जो असंगठित क्षेत्र में काम करते हैं, जैसे- किसान, मजदूर, छोटे दुकानदार, ठेला-रेहड़ी चलाने वाले लोग आदि। इस योजना से उन्हें बुढ़ापे में भी स्थायी आय का स्रोत मिल सकता है।  

मुख्यमंत्री साय का उपहार: जिले की दो सड़कों के निर्माण के लिए 11.44 करोड़ की मंजूरी

झारखंड राज्य को जोड़ेगे यह मार्ग, आवागमन की बढ़ेगी सुविधा रायपुर, मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के नेतृत्व में ग्रामीण अंचलों के विकास की दिशा में लगातार ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। इसी कड़ी में जशपुर जिले के दुलदुला क्षेत्र के लिए दो महत्वपूर्ण सड़क निर्माण कार्यों को मंजूरी दी गई है।पहला मार्ग छेरडांड से टुकुटोली पहुँच मार्ग है, जिसकी लागत 5 करोड़ 48 लाख रुपए स्वीकृत हुई है। यह सड़क बनने से ग्रामीण अंचल के लोगों को आने-जाने में बड़ी सुविधा होगी और क्षेत्र के कृषि एवं व्यापारिक गतिविधियों को भी मजबूती मिलेगी। वहीं दूसरा मार्ग टुटिअम्बा से कादोपानी, झारखंड पहुँच मार्ग तक का निर्माण है, जिसके लिए 5 करोड़ 96 लाख रुपए की मंजूरी दी गई है। यह सड़क न केवल छत्तीसगढ़ के ग्रामीणों को सुविधा प्रदान करेगी बल्कि सीधे झारखंड राज्य को भी जोड़ेगी, जिससे दोनों राज्यों के बीच आवागमन, व्यापार और सामाजिक संपर्क और सुदृढ़ होगा।ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय को इस सौगात के लिए आभार जताया और कहा कि सड़कों का जाल बिछने से क्षेत्र का समग्र विकास होगा। जिले में बिछ रहा है सड़कों का जाल मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के निर्देश पर जिले को एक के बाद एक सौगातें मिल रही हैं,सड़क निर्माण के लिए मिली नई मंजूरियों से अब गांव–गांव तक आवागमन सुगम होगा। ग्रामीणों को कीचड़ और धूल से निजात मिलेगी, वहीं मुख्य मार्ग से सीधी कनेक्टिविटी मिलने से लोगों की यात्रा आसान होगी।जिले में बिछने वाले सड़कों का यह जाल आने वाले समय में विकास की नई तस्वीर गढ़ेगा।  

सोनम वांगचुक के समर्थन में प्रदर्शन, जोधपुर में शख्स हिरासत में

जोधपुर लद्दाख में राज्य का दर्जा और छठी अनुसूची में शामिल करने की मांग को लेकर हुए हिंसक प्रदर्शन के दो दिन बाद पुलिस ने जलवायु कार्यकर्ता और प्रदर्शनकारी नेता सोनम वांगचुक को गिरफ्तार कर जोधपुर सेंट्रल जेल भेज दिया है। इसी बीच शनिवार (27 सितंबर) सुबह जेल के बाहर एक व्यक्ति तिरंगा लेकर पहुंचा और भारत माता की जय के नारे लगाने लगा। यह व्यक्ति सोनम वांगचुक का समर्थन कर रहा था और कह रहा था कि सोनम वांगचुक देशभक्त हैं। उसने यह भी कहा कि लेह और लद्दाख के सभी नागरिक देशभक्त हैं, जिन्होंने कारगिल की घुसपैठ के बारे में भारतीय सेना को जानकारी दी थी। प्रदर्शनकारी ने अपना नाम और पता सुजानगढ़ निवासी विजयपाल बताया। पुलिस ने उसे डिटेन कर लिया है और मामले की जांच जारी है। इस घटना के दौरान जेल परिसर में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। प्रशासन ने बताया कि फिलहाल किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं है और स्थिति नियंत्रण में है। बता दें कि सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी के बाद लेह में मोबाइल और इंटरनेट सेवाएं बाधित हैं। यहां चौथे दिन भी कर्फ्यू जारी रहा और स्कूल व शैक्षणिक संस्थान बंद हैं। प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस और अर्द्धसैनिक बल तैनात किए हैं। हालांकि शुक्रवार को किसी भी जगह हिंसक घटनाओं की खबर नहीं आई और प्रशासन ने हालात धीरे-धीरे सामान्य होने की जानकारी दी।

अमेरिका से भारत डिपोर्ट हुई सिख महिला ने कहा, ‘मुझे गोमांस खाने को दिया गया था

नई दिल्ली  अमेरिका में तीन दशक से अधिक समय बिताने के बाद हाल ही में वहां से निर्वासित की गई 73 वर्षीय सिख महिला हरजीत कौर ने शनिवार को कहा कि किसी को भी उस कष्ट से नहीं गुजरना चाहिए, जिससे वह गुजरी हैं। उन्होंने अमेरिका में अपने परिवार से फिर से मिलने की इच्छा भी व्यक्त की। कौर ने अमेरिका में शरण के लिए आवेदन किया था, लेकिन वह स्वीकार नहीं किया गया। कौर को कैलिफोर्निया में आव्रजन अधिकारियों द्वारा हिरासत में लिए जाने के बाद भारत भेज दिया गया था, ऐसा उनके वकील ने पहले कहा था। उन्होंने कहा कि उन्हें खाने के लिए गोमांस दिया गया, जो वह नहीं खा सकती थीं। कैलिफोर्निया में आव्रजन अधिकारियों ने आठ सितंबर को उन्हें उस समय हिरासत में ले लिया, जब वह नियमित जांच के लिए गई थीं, जिसके बाद उनके परिवार और समुदाय के सदस्यों ने विरोध प्रदर्शन किया और उनकी स्थिति को लेकर चिंता जतायी थी। कौर 1992 में दो बेटों के साथ अकेली मां के रूप में अमेरिका पहुंचीं। उनके शरण के आवेदन को 2012 में अस्वीकार कर दिया गया था, लेकिन तब से, वह 13 साल से भी ज्यादा समय तक हर छह महीने में सैन फ्रांसिस्को स्थित आव्रजन एवं सीमा शुल्क प्रवर्तन (आईसीई) में “निष्ठापूर्वक रिपोर्ट” करती रहीं, यह बात उनकी पुत्रवधू मंजी ने उनके निर्वासन के बाद कही। मोहाली में अपनी बहन के घर पर पत्रकारों से बात करते हुए, तरनतारन जिले के पंगोटा गांव की रहने वाली कौर ने कहा, “मैं हर छह महीने में अपनी उपस्थिति दर्ज कराने वहां (आईसीई कार्यालय) जाती थी। आठ सितंबर को, मैं अपनी उपस्थिति दर्ज कराने वहां गई थी, लेकिन उन्होंने बिना कुछ बताए मुझे गिरफ्तार कर लिया।” कौर ने राज खोलते हुए यह भी बताया कि उन्हें उनके परिवार के करीबी सदस्यों को अलविदा कहने का भी मौका दिए बिना वापस भेज दिया गया। कौर ने कहा, “मेरे परिवार ने मुझे भारत लाने के लिए संबंधित अधिकारियों से अनुमति मांगी और हवाई जहाज का टिकट भी दिखाया। लेकिन वे नहीं माने।” उन्होंने अफसोस जताते हुए कहा, “मेरे पास वर्क परमिट, आईडी और लाइसेंस था। मेरे पास सब कुछ था।” जब उनसे पूछा गया कि आव्रजन अधिकारियों ने उनके साथ कैसा व्यवहार किया, तो उन्होंने आंखों में आंसू भरकर कहा, “मैं क्या कहूं? किसी को भी उस तकलीफ से नहीं गुजरना चाहिए, जिससे मुझे गुजरना पड़ा।” 'मुझे गोमांस परोसा गया, जो मैं नहीं खा सकती थी' विवरण साझा करते हुए कौर ने बताया कि सैन फ्रांसिस्को में हिरासत में लिए जाने के बाद उन्हें एक कमरे में ले जाया गया। दोनों घुटने की सर्जरी करा चुकीं कौर ने कहा, “उन्होंने मेरी तस्वीर ली और मुझे पूरी रात कमरे में ही रखा। बहुत ठंड थी और मैं लेट भी नहीं पा रही थी।” उन्होंने कहा, “जब वे मुझे सैन फ्रांसिस्को से बेकर्सफील्ड ले गए, तो मुझे हथकड़ी और बेड़ियां पहना दी गईं।” यह पूछे जाने पर कि क्या उन्हें दवाइयां लेने की इजाजत थी, कौर ने सिर हिलाते हुए कहा, “मेरी सारी मिन्नतें अनसुनी कर दी गईं।” कौर ने कहा, “मैं शाकाहारी होने के कारण उनका दिया हुआ खाना भी नहीं खा सकी। उन्होंने गोमांस परोसा, जो मैं नहीं खाती।” कौर के अनुसार, उन्हें विमान में सवार 132 लोगों के साथ निर्वासित किया गया, जिनमें 15 कोलंबियाई नागरिक भी शामिल थे। यह पूछे जाने पर कि क्या विमान में उन्हें हथकड़ी लगाई गई थी, कौर ने कहा, “नहीं। विमान में दो अच्छे अधिकारी थे, जिन्होंने मुझे हथकड़ी नहीं लगाई, हालांकि अन्य निर्वासितों को हथकड़ी और बेड़ियां लगाई गई थीं।” कौर ने कहा, “मेरा पूरा परिवार अमेरिका में बसा हुआ है, जिसमें मेरे बच्चे, पोते-पोतियां भी शामिल हैं। जब मैं उनकी आवाज़ सुनती हूं, तो मैं कुछ बोल नहीं पाती। मैंने उनकी देखभाल की है।” महिला ने ट्रंप को ठहराया जिम्मेदार यह पूछे जाने पर कि क्या वह अमेरिका लौटना चाहेंगी, कौर ने कहा, “जरूर। मेरा पूरा परिवार वहीं है।” उन्होंने हाल के महीनों में बड़ी संख्या में भारतीयों के निर्वासन के लिए पूरी तरह से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को जिम्मेदार ठहराया। कौर ने कहा, “मैं 1992 से अमेरिका में थी, लेकिन मैंने अधिकारियों द्वारा ऐसी कोई कार्रवाई कभी नहीं देखी। किसी को भी वापस जाने के लिए नहीं कहा गया।” उनकी हिरासत के बाद कैलिफोर्निया में विरोध प्रदर्शन हुए और प्रदर्शनकारियों ने कौर की रिहाई की मांग की तथा उनके हाथों में तख्तियां थीं जिन पर लिखा था, “हमारी दादी को हाथ मत लगाओ” और “दादी को घर लाओ”।  

अशासकीय विद्यालयों की मान्यता नवीनीकरण की तिथि बढ़ी

भोपाल प्रदेश में शिक्षण सत्र 2025-26 में अशासकीय विद्यालयों के मान्यता नवीनीकरण की तिथि में वृद्धि की गई है। अब अशासकीय विद्यालय मान्यता नवीनीकरण के लिये विशेष विलंब शुल्क 10 हजार रूपये की राशि सहित आवेदन कर सकेंगे। मान्यता नवीनीकरण का पोर्टल 29 सितम्बर से प्रारंभ किया जा रहा है। इसकी अंतिम तिथि 10 अक्टूबर निर्धारित की गई है। उक्त जानकारी स्कूल शिक्षा के अंतर्गत संचालित राज्य शिक्षा केन्द्र द्वारा दी गई है।  

मुख्यमंत्री ने किया 7 करोड़ 36 लाख रूपये की हिनौता बांध परियोजना का लोकार्पण

किसानों के लिये शुरू की भावांतर योजना राज्य सरकार के पास किसानों की बेहतरी के लिये राशि की कोई कमी नहीं विदिशा जिले के कुरवाई में दी 258 करोड़ के विकास कार्यों की सौगातें कुरवाई में आयोजित कार्यक्रम एवं रोड-शो में हुए शामिल भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि गरीब कल्याण के साथ चहुँमुखी विकास के लिये राज्य सरकार योजनाबद्ध तरीके से कार्य कर रही है। प्रदेशवासियों का जीवन बेहतर बनाने और किसानों की बेहतरी के लिये राशि की कमी नहीं होने दी जायेगी। आज बदलते दौर में भारत और भारत की ताकत को दुनिया देख रही है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में विकास के हर क्षेत्र में नए कीर्तिमान बन रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव विदिशा जिले के कुरवाई में शनिवार आयोजित हिनौता सिंचाई परियोजना अंतर्गत जाजपोन पुनर्वास कॉलोनी एवं विभिन्न निर्माण कार्यों के लोकार्पण- शिलान्यास कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कुरवाई एवं विदिशा जिले के विकास के लिए 258 करोड रुपए की सौगात दी। मुख्यमंत्री ने 92 करोड़ 70 लाख रुपए की लागत के 46 विकास कार्यों का भूमिपूजन एवं 165 करोड रुपए की लागत के 34 कार्यों का लोकार्पण किया। इसमें 7 करोड़ 36 लाख रुपए की महत्वपूर्ण हिनौता बांध परियोजना भी शामिल है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम स्थल पर प्रदर्शित केन-बेतवा लिंक परियोजना के मॉडल का अवलोकन भी किया। किसानों के लिए जो कहते हैं वह करके दिखाते हैं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार किसानों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। केंद्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान से चर्चा कर प्रदेश में भावांतर योजना लागू कर दी गई है। इस साल सोयाबीन की फसल की बिक्री पर 5328 रुपए प्रति क्विंटल की राशि मिलेगी। किसानों को अंतर की राशि सरकार देगी, जिसका भुगतान उनके बैंक खातों में 15 दिन के अंदर कर दिया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विदिशा जिले में खराब हुई किसानों की फसलों का सर्वे कराया जाएगा। किसानों को राहत राशि, बीमा आदि का लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि हम किसानों के लिए जो कहते हैं वह करके दिखाते हैं। किसानों को सिंचाई के लिए कोई परेशानी नहीं आने दी जाएगी। केन- बेतवा लिंक परियोजना के माध्यम से सिंचाई और उद्योगों को पानी मिलेगा। भाई-दूज पर बहनों को मिलेगा विशेष उपहार मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि राज्य सरकार लाड़ली बहना योजना में दीपावली के बाद भाई दूज पर लाड़ली बहनों को 1500 रुपए की राशि देगी। राज्य सरकार बच्चों को अच्छी शिक्षा देने के लिए भी प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। बच्चों को स्कूटी, नि:शुल्क पाठ्य पुस्तकें, साईकिल, छात्रवृत्ति सहित छात्रावास की सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं। प्रदेश में सांदीपनि विद्यालय भी अच्छे बन रहे हैं। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने सुदामा से दोस्ती निभाकर गरीब -अमीर की मित्रता की शिक्षा दी थी। भगवान श्रीकृष्ण की जहां लीलाएं हुई उन्हें तीर्थ स्थल के रूप में विकसित किया जा रहा है। स्वदेशी को दें प्रोत्साहन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी ने हमें स्वदेशी वस्तुओं के उपयोग करने का मंत्र दिया है, जिसे प्रोत्साहन देने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि जीएसटी कम करने से कई वस्तुएं सस्ती हुई हैं। प्रदेश में सड़क सुरक्षा सप्ताह मनाया जा रहा है। किसी घायल की जान बचाने के लिए सरकार ने राहवीर योजना में 25 हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि देने का निर्णय लिया है। गंभीर रोगियों के उच्च स्तरीय उपचार के लिए प्रदेश में एयरलिफ्ट की सुविधा भी प्रदान की जा रही है। प्रबुद्धजन से संवाद और हितलाभ वितरण मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्थानीय प्रबुद्धजनों से संवाद भी किया। संवाद के दौरान उन्होंने ग्राम विकास से संबंधित विषयों पर सुझाव भी लिये। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, कृषक कल्याण योजना और महिला एवं बाल विकास की योजनाओं में हितग्राहियों को हितलाभ, मार्गदर्शिका का विमोचन और हितग्राहियों को नियुक्ति-पत्र वितरित किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्ज्वलित एवं कन्या पूजन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उन्होंने विभिन्न विभागों की विकास प्रदर्शनी का विभिन्न स्टालों पर जाकर अवलोकन किया। कुरवाई प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव रोड-शो में भी शामिल हुए और नागरिकों का पुष्प वर्षा कर अभिवादन किया। स्थानीय नागरिकों ने भी पूरे उत्साह के साथ मुख्यमंत्री का स्वागत किया। कार्यक्रम में विदिशा जिले के प्रभारी मंत्री श्री लखन सिंह पटेल, सांसद श्रीमती डॉ. लता वानखेड़े, विधायक गण श्री हरि सिंह सप्रे, श्री सूर्य प्रकाश मीणा, श्री हरि सिंह रघुवंशी, श्री उमाकांत शर्मा, श्री मुकेश टंडन सहित जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में आमजन मौजूद थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की प्रमुख घोषणाएं     नगर परिषद कुरवाई के विकास कार्यों के लिए 2 करोड़ की राशि दी जाएगी।     पठारी में महाविद्यालय खोला जाएगा।     कुरवाई में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का उन्नयन कर 50 बिस्तर का बनाया जाएगा।     बीना रिफाइनरी के सहायक उत्पादों के लिए औद्योगिक क्षेत्र का विकास किया जाएगा।     कुरवाई, लटेरी और नटेरन में 50-50 बिस्तर के नए छात्रावास खोले जाएंगे।     कुरवाई और विदिशा में 10 करोड़ की लागत से जनपद पंचायत भवन बनाए जाएंगे।     सिरोंज एवं अन्य स्थानों पर 6 करोड़ की लागत से हाई स्कूल भवन बनाए जाएंगे।     लटेरी और ग्यारसपुर में 87 करोड रुपए की लागत से सांदीपनि स्कूल एवं क्रिटिकल केयर अस्पताल खोले जाएंगे।  

गौ हत्या टिप्पणी पर बवाल: शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद को अदालत का समन

जबलपुर मध्यप्रदेश की जबलपुर जिला अदालत ने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को तलब करते हुए 12 नवंबर को न्यायालय में पेश होने के निर्देश दिए हैं। यह आदेश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रपति और जगद्गुरु स्वामी रामभद्राचार्य के खिलाफ अभद्र और भ्रामक टिप्पणी करने के मामले में आया है। जानकारी के अनुसार, शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को “गौ हत्यारा” बताया था। इसके साथ ही उन्होंने राष्ट्रपति के आदेशों पर सवाल खड़े किए थे और जगद्गुरु रामभद्राचार्य के बारे में भ्रामक जानकारी फैलाने का आरोप भी उन पर लगाया गया है। इस मामले में रिटायर्ड कर्मचारी नेता रामप्रकाश अवस्थी ने याचिका दायर की थी। याचिका में कहा गया कि शंकराचार्य ने न केवल प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति पर अभद्र टिप्पणी की, बल्कि जगद्गुरु रामभद्राचार्य के खिलाफ भी गलत जानकारी फैलाई। अदालत ने इस मामले में धारा 256, 399, 302 और आईटी एक्ट 66A व 71 के तहत सुनवाई करते हुए समन जारी किया है। अब 12 नवंबर को शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को अदालत में हाजिर होना होगा।  

रेमो डिसूज़ा ने ‘बोल कफारा क्या होगा’ में सोनम बाजवा के शानदार प्रदर्शन की तारीफ की

मुंबई,  जानेमाने कोरियोग्राफर रेमो डिसूज़ा ने फिल्म 'एक दीवाने की दीवानीयत' में अभिनेत्री सोनम बाजवा के शानदार प्रदर्शन की तारीफ की है। गाना 'बोल कफारा क्या होगा' रिलीज़ हो गया है। रिलीज़ होते ही यह गाना अपने शानदार विजुअल्स और दिल को छू लेने वाली धुन के कारण चर्चा में आ गया है। गाने में सोनम बाजवा और हर्षवर्धन राणे नज़र आ रहे हैं।इस गाने की कोरियोग्राफी मशहूर कोरियोग्राफर रेमो डिसूज़ा ने की है। उन्होंने इसमें क्लासिक अदाओं को गहरे इमोशंस के साथ जोड़ा है। सोनम के परफॉर्मेंस की तारीफ करते हुए रेमो ने कहा, "सोनम बेहद मेहनती आर्टिस्ट हैं। इस गाने की कोरियोग्राफी आसान नहीं थी, इसमें बहुत कंट्रोल और एक्सप्रेशन की जरूरत थी। लेकिन, सोनम ने इसे बेहद फोकस और समर्पण के साथ सीखा। उन्होंने किरदार की भावनाओं को हर स्टेप में ढाला, जिससे गाने का प्रभाव और बढ़ गया।" इस गाने को नेहा कक्कड़ और फरहान साबरी ने गाया है। इसका संगीत डीजे चेतस और लिजो जॉर्ज ने तैयार किया है, जबकि इसके बोल आसिम रज़ा और समीर अंजान ने लिखे हैं। फिल्म 'एक दीवाने की दीवानीयत' का निर्देशन मिलाप मिलन ज़वेरी ने किया है और इसे अंशुल गर्ग ने राघव शर्मा के साथ मिलकर प्रोड्यूस किया है। यह फिल्म इस दीवाली, 21 अक्टूबर को सिनेमाघरों में रिलीज़ होगी।