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डॉक्टर समेत चार लोग फंसे साइबर जालसाज़ों के जाल में, खाते से उड़ाए लाखों रुपये

लखनऊ  लखनऊ में साइबर ठगी के मामले सामने आए हैं। कस्टमर केयर और ट्रेडिंग के नाम पर जालसाजों ने इंदिरानगर मड़ियांव कृष्णा नगर और गाजीपुर के चार लोगों को 3.56 लाख रुपये का चूना लगाया। पीड़ितों में एक डॉक्टर भी शामिल हैं जिन्होंने कस्टमर केयर पर शिकायत की थी। पुलिस ने मामले दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।   संपर्क करने पर ट्रेडिंग का झांसा देकर जालसाज ने जाल में फंसाया। मुनाफा दिलाने के नाम पर जालसाज ने क्यूआर कोड भेजकर जीएसटी चार्ज व यूएसडीटी समेत अन्य मदों के नाम पर 1,58,373 रुपये ट्रांसफर करा लिया। कृष्णानगर के नारायणपुरी निवासी श्रीकांत वर्मा ने बताया कि साइबर जालसाज ने खाते से दो बार में 99,998 रुपये निकाल लिए। इसके अलावा गाजीपुर के पटेल नगर निवासी सावित्री मिश्रा ने मीशो से खरीदारी कर 1315 रुपये का भुगतान किया था।  

फर्जी जन्म प्रमाणपत्र मामले में कांकेर पुलिस ने पकड़े दो बांग्लादेशी, आदिवासी समुदाय की सख्त प्रतिक्रिया

कांकेर जिले के पखांजूर क्षेत्र में अवैध रूप से रह रहे 2 बांग्लादेशियों की गिरफ्तारी के बाद आदिवासी समाज मोर्चा खोलने वाला है. समाज लंबे समय से पखांजूर क्षेत्र में बांग्लादेशियों के अवैध रूप से रहने का लगातार मुद्दा उठाते आ रहा है. इस बीच पखांजूर क्षेत्र में 2 बांग्लादेशियों ने अवैध रूप से रहते जन्म प्रमाण पत्र बनवा लिया था. हालांकि तहसीलदार की शिकायत पर दोनों बांग्लादेशियों को गिरफ्तार कर वीजा जब्त कर लिया गया है. सर्व आदिवासी समाज के जिला अध्यक्ष कन्हैया उसेंडी ने कहा कि हम लगातार आवाज उठाते आए हैं कि पखांजूर क्षेत्र में अवैध रूप से बांग्लादेशी रह रहे हैं और यहां के निवासी बनने की कोशिश कर रहे हैं. प्रशासन को क्षेत्र में जांच करनी चाहिए और उन पर कार्रवाई करनी चाहिए. अभी दो लोग गिरफ्तार हुए हैं, उनके जन्म प्रमाण पत्र बनाने वाले संलिप्त व्यक्तियों और अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए. गौरतलब हो कि प्रशांत बैरागी एवं उसके पुत्र सुकृक्ति बैरागी ग्राम पीव्ही 127 अनुपपुर अवैध रूप से भारत में रह रहे हैं. जांच के दौरान पता चला कि दोनों आरोपी प्रशांत बैरागी एवं सुकृति वैरागी वीजा अवधी समाप्त होने के पश्चात भी अवैध रूप से ग्राम पीव्ही 127 अनुपपुर तहसील पखांजूर में निवासरत थे. प्रशांत बैरागी अपने पुत्र सुकृति बैरागी का जन्म प्रमाण पत्र बनवाने तहसील न्यायालय पखांजूर को गुमराह करते हुए गलत जानकारी दी और फर्जी दस्तावेज प्रस्तुत किए थे. वीजा को पुलिस ने जब्त कर लिया है. आरोपी प्रशांत वैरागी एवं सुकृति बैरागी निवासी ग्राम औसखली पोस्ट कंचन नगर थाना बोटियाघाट जिला खुलना (बांग्लादेश) को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है.

यूपीआईटीएस-2025: ट्रेड शो के हाल नंबर चार के स्टॉल 9 पर साचीज द्वारा प्रदेश की स्वास्थ्य उपलब्धियों और सशक्त स्वास्थ्य संरचना का किया गया प्रदर्शित

उत्तर प्रदेश के पड़ोसी राज्य के लोग प्रदेश की उत्तम स्वास्थ्य सेवाओं को अपने प्रदेश में लागू करने के लिए जानकारी लेते नजर आए ग्रेटर नोएडा उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो-2025 में प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाएं भी चर्चा का केंद्र रहीं, जो उत्तर प्रदेश आठ साल पहले बीमारू राज्य के नाम से जाना जाता था, वर्तमान में उसी उत्तर प्रदेश की उत्तम स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी लोग लेते दिखे। इनमें सबसे अधिक उत्तर प्रदेश के पड़ोसी राज्य के लोग जानकारी लेते हुए दिखाई दिये ताकि वह प्रदेश के उत्तम स्वास्थ्य सेवाओं को अपना यहां भी लागू कर सकें। इस दौरान पूरे देश में सबसे अधिक आयुष्मान भारत योजना के तहत हेल्थ कार्ड बनाने की प्रक्रिया की भी जानकारी ले रहे थे। अब तक 5.38 करोड़ आयुष्मान कार्ड बनाए गए, देश में उत्तर प्रदेश कार्ड बनाने में अव्वल ट्रेड शो के हाल नंबर चार के स्टॉल नंबर 9 पर में स्टेट एजेंसी फॉर कॉम्प्रिहेंसिव हेल्थ एंड इंटीग्रेटेड सर्विसेज (साचीज) ने आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (पीएमजेएआई) के तहत उत्तर प्रदेश की ऐतिहासिक उपलब्धियों और सशक्त स्वास्थ्य संरचना का प्रदर्शन किया गया। इस दौरान साचीज़ ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा शुरू किए गए स्वास्थ्य सुधारों और उनके नेतृत्व में राज्य में किए जा रहे क्रांतिकारी प्रयासों को साझा किया।आयुष्मान भारत योजना के तहत अब तक उत्तर प्रदेश में लगभग 9 करोड़ लक्षित लाभार्थियों में से 5.38 करोड़ लाभार्थियों के आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं। यह एक ऐतिहासिक उपलब्धि है, जिसके चलते उत्तर प्रदेश पूरे देश में इस मामले में प्रथम स्थान पर है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य गरीब और वंचित परिवारों को मुफ्त इलाज और स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ प्रदान करना है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति पर किसी भी तरह का दबाव न पड़े। उत्तर प्रदेश में अब तक 87 प्रतिशत पात्र परिवारों में से कम से कम एक सदस्य का आयुष्मान कार्ड बन चुका है, जो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा स्वास्थ्य क्षेत्र में किए गए प्रयासों का प्रत्यक्ष परिणाम है। अस्पतालों, चिकित्सा उपकरण निर्माताओं और औषधि उद्योग से जुड़े निवेशकों को निवेश के लिए किया आमंत्रित प्रदर्शनी में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य के स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार के लिए कई महत्वपूर्ण पहल की हैं। उन्होंने आयुष्मान भारत योजना को प्राथमिकता दी और राज्य के सभी नागरिकों को इससे जोड़ने के लिए कठोर प्रयास किए। योगी सरकार की नीतियों और योजनाओं के चलते उत्तर प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं में तेजी से सुधार हुआ है। उनके नेतृत्व में राज्य ने स्वास्थ्य अवसंरचना में वृद्धि की है और जन स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक नई दिशा दिखाई है। मुख्यमंत्री ने आयुष्मान भारत योजना को राज्य के प्रत्येक नागरिक तक पहुंचाने के लिए विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम और अभियान चलाए हैं। इसके साथ ही, उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों को हर संभव सहायता और प्रशिक्षण प्रदान किया ताकि योजना का पूरा लाभ सुनिश्चित किया जा सके। प्रदर्शनी में साचीज़ के सीईओ अर्चना वर्मा ने उत्तर प्रदेश में स्वास्थ्य क्षेत्र में हो रहे व्यापक बदलावों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि आयुष्मान भारत योजना ने गरीब और वंचित परिवारों को न केवल मुफ्त इलाज दिया है, बल्कि उनकी ज़िंदगी में भी सकारात्मक परिवर्तन लाए हैं। योजना के तहत बनाए गए आयुष्मान कार्डों ने लाभार्थियों को सस्ती और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की हैं। साचीज़ के सीईओ ने यह भी रेखांकित किया कि उत्तर प्रदेश में स्वास्थ्य क्षेत्र में निवेश की बड़ी संभावनाएं हैं। उन्होंने अस्पतालों, चिकित्सा उपकरण निर्माताओं और औषधि उद्योग से जुड़े निवेशकों को प्रदेश में निवेश के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने आश्वासन दिया कि स्वास्थ्य विभाग एवं साचीज़ द्वारा निवेशकों को हर संभव सहयोग प्रदान किया जाएगा। योगी सरकार के नेतृत्व में पिछले आठ वर्षों में प्रदेश में निवेशकों के लिए पैदा हुए नए अवसर प्रदर्शनी में यह भी बताया गया कि उत्तर प्रदेश की चिकित्सा अवसंरचना का सुदृढ़ीकरण दोहरी सफलता का प्रतीक है। एक ओर जहां गरीबों को सस्ती और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएँ मिल रही हैं, वहीं दूसरी ओर स्वास्थ्य क्षेत्र के हितधारकों के लिए विकास और निवेश के नए रास्ते खुल रहे हैं। इस पहल से न केवल राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं का स्तर बढ़ा है, बल्कि निवेशकों के लिए नए अवसर भी पैदा हुए हैं। साचीज़ के वरिष्ठ अधिकारियों ने यह भी कहा कि उत्तर प्रदेश को देश के सबसे बड़े स्वास्थ्य बाज़ार के रूप में देखा जा सकता है, जो निवेशकों के लिए एक सशक्त और भरोसेमंद पारिस्थितिकी तंत्र उपलब्ध कराता है। प्रदेश की बढ़ती स्वास्थ्य अवसंरचना ने ना केवल लाभार्थियों को उत्कृष्ट सेवाएं प्रदान की हैं, बल्कि इसने चिकित्सा क्षेत्र में नए आयामों का भी निर्माण किया है। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के मुख्य चिकित्सा अधिकारी, गौतमबुद्ध नगर, डायरेक्टर डीजीएमआईएस, नोडल अधिकारी साचीज़ डॉ. सचिन वैश्य, अमरेन्द्र सिंह महाप्रबंधक पॉलिसी एवं पब्लिक हेल्थ साचीज़, डॉ. रविकांत सिंह महाप्रबंधक संचालन साचीज़ और डॉ. नितिन गुप्ता टीम लीड टेक्निकल सपोर्ट यूनिट सहित साचीज़ के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। निवेशकों की पहली पसंद बन रहा उत्तर प्रदेश प्रदर्शनी में आयुष्मान भारत योजना और योगी सरकार द्वारा स्वास्थ्य क्षेत्र में किए गए प्रयासों से प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था में हुए बदलाव को प्रदर्शित किया गया। बता दें कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं, जिनसे प्रदेश के गरीब और वंचित वर्ग को फायदा हुआ है। अब उत्तर प्रदेश न केवल एक सशक्त स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे के निर्माण की दिशा में अग्रसर है, बल्कि यह निवेशकों के लिए भी एक आकर्षक गंतव्य बन चुका है।  

लद्दाख DGP का खुलासा: सोनम वांगचुक के विदेश संबंधों की जांच जारी

लेह  लद्दाख के पुलिस महानिदेशक एस.डी. सिंह जामवाल ने शनिवार को कहा कि कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के विरोध-प्रदर्शनों के वीडियो सीमा पार भेजने वाले एक पाकिस्तानी खुफिया एजेंट की पिछले माह हुई गिरफ्तारी के संदर्भ में, पुलिस वांगचुक के पाकिस्तान से कथित संबंधों की जांच कर रही है। जामवाल ने सोनम वांगचुक को बुधवार को हुई हिंसा का जिम्मेदार बताया। इस हिंसा में चार लोगों की मौत हो गई थी और कई अन्य घायल हुए थे। वांगचुक को शुक्रवार को राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के तहत हिरासत में लेकर राजस्थान के जोधपुर की एक जेल में भेज दिया गया। जामवाल ने संवाददाताओं को बताया, ‘‘जांच (वांगचुक के खिलाफ) में क्या पाया गया है, यह अभी सार्वजनिक नहीं किया जा सकता। प्रक्रिया जारी है। अगर आप उनका यूट्यूब पर उपलब्ध प्रोफाइल और इतिहास देखें, तो उनके भाषण लोगों को उकसाने वाले प्रतीत होते हैं, क्योंकि उन्होंने अरब क्रांति और नेपाल, बांग्लादेश एवं श्रीलंका में हाल की अशांति का जिक्र किया था।’’ उन्होंने कहा, ‘‘उनका (वांगचुक का) अपना एक एजेंडा था। उनके खिलाफ विदेशी चंदा और विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम (एफसीआरए) के उल्लंघन की जांच जारी है। एक पाकिस्तानी खुफिया एजेंट हमारी हिरासत में है, जो वांगचुक के नेतृत्व में हुए प्रदर्शनों के वीडियो सीमा पार भेज रहा था।’’ पुलिस प्रमुख ने वांगचुक की कुछ विदेश यात्राओं को संदिग्ध बताते हुए कहा, ‘‘उन्होंने पाकिस्तान में द डॉन (पाकिस्तानी समाचार पत्र) के एक कार्यक्रम में भाग लिया और बांग्लादेश भी गए।’’ वांगचुक, लद्दाख को राज्य का दर्जा देने और केंद्रशासित प्रदेश को संविधान की छठी अनुसूची में शामिल करने की मांग को लेकर ‘लेह एपेक्स बॉडी’ और ‘करगिल डेमोक्रेटिक अलायंस’ द्वारा चलाए जा रहे आंदोलन का मुख्य चेहरा रहे हैं। जामवाल ने कहा कि वांगचुक ने आंदोलन के मंच को अपने नियंत्रण में लेने और केंद्र सरकार व लद्दाख के प्रतिनिधियों के बीच जारी संवाद को कमजोर करने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने लद्दाख के नेताओं को छह अक्टूबर को बातचीत के एक नए दौर के लिए आमंत्रित किया है। जामवाल ने बताया कि वांगचुक जानते थे कि दोनों पक्षों के बीच 25 सितंबर को एक अनौपचारिक बैठक होने वाली है, इसके बावजूद उन्होंने अपना अनशन जारी रखा। जामवाल ने आरोप लगाया, ‘‘अनौपचारिक बैठक से ठीक एक दिन पहले, भड़काऊ वीडियो और बयानों के जरिए शांतिपूर्ण माहौल को बिगाड़ने की कोशिश की गई। इसी के चलते बुधवार को हिंसा हुई, जिसमें कई जानें गईं।’’ उपराज्यपाल कविंदर गुप्ता द्वारा बुधवार की हिंसा में विदेशी साजिश के बारे में दिए गए बयान पर जामवाल ने कहा कि गोली लगने से घायल तीन नेपाली नागरिकों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, और कुछ अन्य विदेशी नागरिकों की संलिप्तता भी सामने आई है। उन्होंने बताया कि बुधवार की हिंसा के सिलसिले में अब तक कुल 50 लोगों को हिरासत में लिया गया है, जिनमें से कम से कम छह लोगों के हिंसा में शामिल होने का संदेह है। डीजीपी ने कहा, ‘‘यह बिल्कुल स्पष्ट है कि मामले में मुख्य रूप से लोगों को उकसाने वाले वांगचुक को लद्दाख से बाहर की जेल में रखा गया है।’’

पंजाब जाते वक्त सड़क हादसे में कोल व्यापारी अमन बाजवा और मां की जान गई

कोरबा गेवरा–दीपका क्षेत्र के प्रमुख कोल ट्रांसपोर्टर और व्यवसायी अमन बाजवा उर्फ तलविंदर सिंह (34) की सड़क हादसे में मौत हो गई. इस दर्दनाक दुर्घटना में उनकी मां की भी मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनके मौसा गंभीर रूप से घायल हैं. अमन बाजवा अपने पत्नी और बच्चों से मिलने पंजाब जा रहे थे, इसी दौरान मध्य प्रदेश के चित्रकूट के पास बुंदेलखंड नेशनल हाईवे पर वे हादसे का शिकार हो गए. पंजाब परिवार से मिलने जा रहे थे अमन जानकारी के अनुसार, अमन बाजवा अपनी मां और मौसा के साथ स्कॉर्पियो कार से पंजाब जा रहे थे. परिवार से मिलने की खुशी में वे सफर पर निकले थे, लेकिन रास्ते में हादसे ने उनकी जिंदगी छीन ली. बताया गया कि उनकी पत्नी और बच्चे फिलहाल पंजाब में रह रहे हैं, जहां से उन्हें लाने के लिए वे रवाना हुए थे. मौके पर ही मां-बेटे की मौत चित्रकूट के समीप नेशनल हाईवे पर हुए इस हादसे में गाड़ी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई. टक्कर इतनी भीषण थी कि अमन और उनकी मां ने मौके पर ही दम तोड़ दिया. उनके मौसा को गंभीर चोटें आई हैं और उन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है. कोयलांचल क्षेत्र में शोक की लहर अमन बाजवा दीपका थाना क्षेत्र के झाबर निवासी थे और कोरबा के नामी ट्रांसपोर्ट व्यवसायी माने जाते थे. उनकी असामयिक मृत्यु की खबर मिलते ही गेवरा–दीपका क्षेत्र के ट्रक मालिक एसोसिएशन और कोयला कारोबारियों में शोक की लहर दौड़ गई.

शहबाज शरीफ का हिंदुत्व पर विवादित बयान, भारत ने यूएन में पलटकर कर दिया हड़ताल

इस्लामाबाद  पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने यूएन में भारत के खिलाफ जितनी डींगें हांकी हैं, अब उन्हें उतनी ही फजीहत झेलनी पड़ रही है। संयुक्त राष्ट्र महासभ में वह जोश-जोश में थोथे दावे करते चले गए लेकिन जब भारत ने चुन-चुनकर जवाब देना शुरू किया तो सारी दुनिया के सामने एक बार फिर पाकिस्तान की हवा निकल गई। शहबाज शरीफ ने जब ऑपरेशन सिंदूर के बाद अपनी जीत का दावा किया तो भारत ने तंज करते हुए कह दिया कि अगर जले हुए एयरबेस से उसकी जीत साबित होती है तो वह इसका आनंद ले सकता है। हिंदुत्व पर क्या बोल गए शहबाज शहबाज शरीफ ने भारत ही नहीं हिंदुत्व पर भी हमला किया। उन्होंने कहा कि भारत में कट्टरपंथी हिंदुत्व दुनिया के लिए चुनौती बन गया है। इस बार पर भारत ने पाकिस्तान की बखिया उधेड़कर रख दी। यूएन में भारत के परमानेंट मिशन के फर्स्ट सेक्रेटरी पेटल गहलोत ने कहा कि यह वही देश है जो कि ओसामा बिन लादेन जैसे आतंकी को शरण देता है और दुनियाभर में आतंक का व्यापार करता है। शहबाज शरीफ ने कहा, हेट स्पीच की कहीं भी कोई जगह नहीं है। यह किसी भी धर्म या व्यक्ति के खिलाफ हिंसा की तरह है। भारत में हिंदुत्व की कट्टरपंथी विचारधारा हिंसा भड़काती है। इससे सारी दुनिया को खतरा है।उन्होंने कश्मीर का जिक्र करते हुए कहा, मैं कश्मीरियों से कहना चाहता हूं कि हम उनके साथ खड़े हैं। ए ना एक दिन कश्मीर में अत्याचार जरूर रुकेगा। इसपर भारत ने कहा, जो देश आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई लड़ने का दावा करता है वही ओसामा बिन लादेन जैसे आतंकी को पनाह दे रहा था। वही देश आतंकियों के कैंप चलाता है। पेटल गहलोत ने कहा कि पाकिस्तान को अपने आतंकी कैंप बंद करने होंगे और भारत में वॉन्टेड आतंकियों को प्रत्यर्पित करना होगा। पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में सात मई को शुरू किए गए इस अभियान के दौरान भारत ने पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आतंकी ढांचों को निशाना बनाया था। पहलगाम आतंकी हमले में 26 लोग मारे गए थे, जिनमें अधिकतर पर्यटक थे। वहीं भारत के ऑपरेशन सिंदूर में केवल आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया था। वहीं शरीफ ने दावा किया कि भारत के हमले में आम नागरिक मारे गए और फिर उसने जवाबी कार्रवाई शुरू की। हालांकि इसमें कोई शक नहीं है कि पाकिस्तान आतंकियों को भी आम नागरिक ही मानता है।  

छात्र की हत्या से हिल गई दिल्ली: मंगोलपुरी में सात नाबालिग आरोपी हिरासत में

नई दिल्ली दिल्ली के मंगोलपुरी इलाके में अन्य नाबालिगों के साथ हुई झड़प में एक नाबालिग की मौत के बाद दिल्ली पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। अधिकारियों ने बताया कि इस मामले में 7 छात्रों को हिरासत में भी लिया गया है। जानकारी सामने आई कि स्कूल से छुट्टी होने के बाद स्कूली छात्रों के बीच झड़प हुई थी। कुछ छात्रों ने मिलकर एक छात्र को बुरी तरह से पीटा था। इससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। बाद में छात्र को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक और आरोपी, दोनों अलग-अलग स्कूलों में पढ़ाई करते थे। इस मामले में पुलिस अधिकारियों ने कहा कि छात्र का शुक्रवार सुबह आरोपी से झगड़ा हुआ था। बाद में आरोपी ने कुछ लड़कों के साथ मिलकर उसकी पिटाई की थी। बाहरी दिल्ली के डीसीपी ने पुष्टि की है कि मामले में 7 नाबालिगों को हिरासत में लिया गया है। इस बीच, एक अन्य मामले में दिल्ली पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उन्होंने कथित तौर पर ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी के साथ मारपीट की थी। दिल्ली पुलिस के अनुसार, तिमारपुर थाना क्षेत्र में आरोपी स्कूटी पर जा रहे थे। उन्होंने यातायात नियमों का उल्लंघन किया। इस पर ट्रैफिक पुलिस के एसआई सूरज पाल रुकने का इशारा किया, लेकिन वे आरोपी सिग्नेचर ब्रिज की ओर भाग निकले। इसके बाद, पीछा करके एक पुलिसकर्मी ने उन्हें रोक लिया। आरोप है कि अपराधियों ने मिलकर अकेले पुलिसकर्मी के साथ मारपीट की। मामले में तुरंत एक्शन लेते हुए सीसीटीवी की मदद से पुलिस ने 4 आरोपियों की पहचान की। बाद में इन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। फिलहाल, पुलिस आगे की कार्रवाई में जुटी हुई है।  

हाईकोर्ट में भाषण देते हुए जज माहेश्वरी ने चुनी मातृभाषा हिंदी

  बिलासपुर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट की रजत जयंती का अवसर सोमवार को इतिहास के सुनहरे पन्नों में दर्ज हो गया. न्याय और आस्था के इस संगम को और गरिमामय बनाने मंच पर राज्यपाल रमेन डेका, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस जे.के. माहेश्वरी और जस्टिस प्रशांत मिश्रा, तेलंगाना हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस पी. सैम कोशी तथा पूर्व जज मनींद्र मोहन श्रीवास्तव की उपस्थिति रही. इस कार्यक्रम को सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस जे.के. माहेश्वरी ने संबोधित करते हुए कहा कि मैं छत्तीसगढ़ आया हूं तो हिंदी में ही बोलूंगा… जस्टिस माहेश्वरी का आत्मीय संबोधन जस्टिस जे.के. माहेश्वरी ने अपने संबोधन में कहा कि “मैं छत्तीसगढ़ आया हूं तो हिंदी में ही बोलूंगा. मैं मध्यप्रदेश का हूं और छत्तीसगढ़ से मेरा आत्मीय जुड़ाव है. बेंच और बार एक रथ के दो पहिए हैं, और कर्म ही सच्चा धर्म है.”  उन्होंने आगे कहा- “न्यायालय इमारतों से नहीं, बल्कि आम जनता को मिलने वाले न्याय से पहचाना जाएगा. आने वाले 25 वर्ष न्यायपालिका की उपलब्धियों और सबकी सहभागिता से तय होंगे.” चीफ जस्टिस सिन्हा ने गिनाई उपलब्धियां छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा ने रजत जयंती अवसर पर संबोधित करते हुए कहा कि बीते 25 वर्षों में हाईकोर्ट ने लंबित मामलों को घटाने और न्यायिक ढांचे को सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं. जनता की आस्था अटूट रहेगी: तोखन साहू समारोह में केंद्रीय मंत्री तोखन साहू ने भरोसा जताया कि न्यायपालिका पर जनता की आस्था हमेशा अटूट रहेगी. उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट ने 25 वर्षों की यात्रा में जिस तरह से न्याय के नए आयाम गढ़े हैं, वह आने वाले समय में और भी प्रेरणादायी साबित होंगे.

‘आई लव मोहम्मद’ पर विवाद: गिरिराज सिंह ने राहुल-तेजस्वी पर लगाया देशद्रोह का आरोप

पटना  अररिया में ‘आई लव मोहम्मद’ विवाद पर बिहार की सियासत का पारा भी हाई हो गया है। केंद्रीय मंत्री और बेगूसराय से बीजेपी सांसद गिरिराज सिंह ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव पर बड़ा हमला बोला। उन्होने कहा कि कांग्रेस देश के अंदर गृह युद्ध करवाना चाहती है। आरजेडी के लोगों ने भी यही विषय को उठाया था, जिस समय नेपाल और बांग्लादेश में घटना घटी थी, इसका दुष्परिणाम हुआ। राहुल गांधी ने इतना भड़काया था कि लेह के अंदर हिंसा भड़क गई। उसी का यह भी नतीजा है। गिरिराज सिंह ने आरोप लगाते हुए कहा कि राहुल गांधी और तेजस्वी यादव ‘आई लव मोहम्मद’ के पीछे खड़े हैं। यही नहीं गिरिराज ने असदुद्दीन ओवैसी को भी लपेट लिया। उन्होने कहा कि ओवैसी और मुफ्ती महबूबा जैसे लोगों को भारत और बिहार का विकास नहीं दिख रहा है। यह लोग सत्ता के लिए भारत में लोगों को लड़वाने में लगे हुए हैं। इसमें पहला नाम असदुद्दीन ओवैसी का है। वहीं तेजस्वी के नीतीश कुमार पर लगातार हमलों को लेकर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि बिहार के विकास के लिए सीएम नीतीश कुमार और पीएम नरेंद्र मोदी निरंतर लगे हुए हैं। ये लोग नरेंद्र मोदी के बराबर होना चाहते हैं। लेकिन नरेंद्र मोदी कर्मवीर प्रधानमंत्री हैं और अवतारी पुरुष हैं। वो दुनिया में भारत को विश्व गुरु बनाने के लिए पैदा हुए हैं।  

अंबाला-राजस्थान के लिए नई रेल लाइन की सौगात, जाने Time Table, यात्रियों को बड़ी सुविधा

अंबाला अंबाला रेल मंडल की तरफ से चंडीगढ़ से राजस्थान के लिए नई ट्रेन चलाई गई है। पिंक सिटी जयपुर के उदयपुर से चंडीगढ़ के लिए चलाई गई विशेष ट्रेन नंबर 09671 का ट्रायल रन सफल रहा। ट्रेन लगभग 1:05 मिनट की देरी से अंबाला कैंट रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर एक पर पहुंची। यहां पर अंबाला रेल मंडल के वरिष्ठ वाणिज्य प्रबंधक नवीन कुमार झा सहित अन्य विभागीय अधिकारियों ने ट्रेन का स्वागत किया और लगभग सात मिनट के ठहराव के बाद ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर चंडीगढ़ की तरफ रवाना किया।  वहीं, वापसी में ट्रेन नंबर 09672 सुबह 11:20 बजे चंडीगढ़ स्टेशन से रवाना हुई और ठीक 12 बजे अंबाला कैंट रेलवे स्टेशन पर पहुंची। यहां पांच मिनट के ठहराव के बाद ट्रेन को उदयपुर के लिए रवाना कर दिया गया।  अंबाला मंडल के वरिष्ठ वाणिज्य प्रबंधक नवीन कुमार झा ने बताया कि 25 सितंबर को ट्रायल रन के दौरान उदयपुर से ही ट्रेन लगभग एक घंटे की देरी से चली थी और बीच रास्ते ट्रेन का कई जगह स्वागत किया गया। इस कारण ट्रेन लगभग एक घंटा लेट हो गई थी, हालांकि वापसी में ट्रेन अपने निर्धारित समय पर चंडीगढ़ से रवाना होकर अंबाला पहुंची और फिर उदयपुर की तरफ रवाना हो गई। ट्रेन का नए नंबर से संचालन 27 व 28 सितंबर से आरंभ हो जाएगा।