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राज्यपाल और CM पहुंचे डिप्टी CM के घर, NDA-INDIA गठबंधन में राजनीतिक रार बढ़ी

पटना  बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा के सरकारी आवास पर नवरात्रि के अवसर पर महाआरती एवं फलाहार का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय झा, मंत्री विजय कुमार चौधरी, जनक राम, केदार गुप्ता आदि शामिल हुए. कार्यक्रम में बड़ी संख्या में एनडीए गठबंधन के जन प्रतिनिधि एवं NDA गठबंधन के प्रदेश स्तर के कई पदाधिकारी शामिल हुए. कार्यक्रम में विभिन्न कलाकारों द्वारा भारतीय सनातन संस्कृति से जुड़े कई प्रस्तुतियां हुई. असत्य पर सत्य की विजय के रूप में मां काली के द्वारा महिसासुर मर्दन की अलौकिक प्रस्तुति भी हुई. उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि आज का यह आयोजन सभी सनातन परिवारों में ऊर्जा का संचार करेगा और सत्य के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित करेगा. उपमुख्यमंत्री ने कहा कि राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री ने इस आयोजन में उपस्थित होकर बिहार के आमजनों को सनातन-संस्कृति के विचारों को जीवन में आत्मसात करने के लिए प्रेरित किया है. बिहार विधानसभा का चुनाव निकट है. ऐसे में मां दुर्गा सभी आसुरी शक्तियों का नाश करेंगी और NDA को आगामी विधानसभा चुनाव में प्रचंड जीत मिलेगी. चुनाव के वक्त लगता है ऐसा आरोप, शांभवी का जवाब जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर द्वारा मंत्री अशोक चौधरी और अन्य लोगों पर लगाये गये आरोप के बाद अशोक चौधरी की पुत्री और समस्तीपुर से सांसद शांभवी चौधरी ने अपना बयान दिया. शांभवी ने कहा कि विशेष रूप से जब चुनाव आता है. आरोप और प्रत्यारोप हर समय, हर किसी के ऊपर लगता है. यह कोई नहीं बात नहीं है. जो आरोप प्रशांत किशोर ने लगाया है. मेरे पिताजी और मेरी मां, दोनों लोग अपना अपना पक्ष दे चुके हैं. उनके आराेप का कोई आधार नहीं है. यह सब बेबुनियाद है. सारे आरोप झूठे हैं. शांभवी ने कहा कि प्रेस कॉन्फ्रेंस में पर्सनल अटैक किया है. ससुर, सास का भी नाम उन्होंने लिया है. ट्रस्ट के बारे में भी उन्होंने बोला है. हमारे ससुर पर पर्सनल अटैक किया है. हमारे ससुर, सास कोई राजनीतिक परिवार से नहीं है, जो प्रेस कॉन्फ्रेंस करके सफाई देंगे. ट्रस्ट में कुछ भी गलत नहीं हुआ है. बोलने को बहुत कुछ बोल सकते हैं, लेकिन हम इधर से बोलेंगे, वह उधर से बोलेंगे. इसका कोई अंत नहीं होगा. जहां तक ट्रस्ट का बात है. ट्रस्ट अपना पक्ष रखेगी.पहले भी हम लोग मीडिया में आ चुके हैं, जो आरोप लगे वह बेबुनियाद और झूठे हैं. पीके बहेलिया और राजनीतिक नटवरलाल: बीजेपी भाजपा प्रवक्ता कुंतल कृष्ण ने जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर को घेरते हुए कहा कि पीके बहेलिया है और राजनीतिक नटवरलाल है. प्रशांत किशोर बिहार की राजनीति के सबसे बड़ा फ्रॉड हैं और अपने बयानों को लेकर यही कर रहे हैं. भाजपा नेता ने कहा कि प्रशांत किशोर हर उस आदमी पर सवाल उठा रहे हैं, जो लालू के जंगलराज के खिलाफ लड़ाई लड़ रहा है. सही अर्थों में कहें तो वे महागठबन्धन की सरकार बनाने में लगे हुए हैं. यही कारण है कि वे अनाप शनाप आरोप लगा रहे हैं. भाजपा के नेता ने सीधा सवाल करते हुए कहा कि प्रशांत किशोर दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं, लेकिन खुद पर लगे आरोपों का जवाब नहीं दे रहे हैं. उन्होंने कहा कि उन्हें यह तो बताना होगा कि उनकी पार्टी को मिले पैसे उनके निजी खाते में कैसे जमा हुए हैं? कांग्रेस-राजद ने पिछड़ा-अति पिछड़ा समाज को ठगा: बीजेपी बिहार सरकार के मंत्री और भाजपा के नेता प्रेम कुमार ने राजद और कांग्रेस पर पिछड़े और अति पिछड़े समाज को ठगने का आरोप लगाते हुए कहा कि जब दोनों दल सत्ता में रहे, तो इस समाज को न अधिकार देने का काम किया, न कभी सम्मान दिया. मंत्री प्रेम कुमार ने राजद के ‘कर्पूरी अतिपिछड़ा अधिकार सम्मेलन’ को लेकर कहा कि इसमें तेली, कानू, दांगी और चौरासिया जाति के लिए नो एंट्री कर दी जाती है. तेली समाज से राजद के बड़े नेता और ‘बिहार तैलिक साहू समाज’ के अध्यक्ष, विधायक रणविजय साहू और कानू समाज के नेता और राजद व्यावसायिक प्रकोष्ठ के अध्यक्ष गोपाल गुप्ता को इस कार्यक्रम से लौटा दिया गया. उन्होंने कहा कि तेजस्वी यादव आज ‘जननायक’ के नाम पर अतिपिछड़ा का वोट बटोरने की कोशिश कर रहे हैं और उनके पिता लालू यादव कर्पूरी ठाकुर को हमेशा अपमानित करते रहे हैं. अति-पिछड़ों से लालू यादव को इतनी घृणा थी कि वो कर्पूरी ठाकुर को ‘कपटी ठाकुर’ कहते थे. सम्राट चौधरी के मामले पर नेतृत्व चुप क्यों? राजद राजद ने प्रशांत किशोर द्वारा डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी पर लगाये गये आरोप पर बयान दिया है. पार्टी प्रवक्ता एजाज अहमद ने कहा कि सम्राट चौधरी पर जो आरोप लगे हैं, उस संबंध में वह पब्लिक के बीच आकर अपनी स्थिति स्पष्ट करें, क्योंकि उन पर जो हत्या के मामले में बरी होने कि बातें सामने आई है, उसमें फर्जी तरीके से दस्तावेज लगाकर बरी होने का मामला सामने आया है. यह बहुत ही गंभीर मामला है. इस तरह के मामले पर मुख्यमंत्री और भाजपा का शीर्षस्थ नेतृत्व चुप क्यों है? यह बात समझ से परे है.  

उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो-2025 को दिव्य और भव्य बनाने में यूपी पुलिस की रही अहम भूमिका

पुलिस की मुस्तैदी और स्मार्ट पुलिसिंग से जीरो इंसिडेंट इवेंट बना यूपीआईटीएस 2025 उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो-2025 को दिव्य और भव्य बनाने में यूपी पुलिस की रही अहम भूमिका यूपी पुलिस ने ड्रोन, सीसीटीवी और कंट्रोल कमांड सेंटर की मदद से पूरे आयोजन को जीरो-इंसिडेंट इवेंट बनाया 9 जोन और 20 सेक्टर में रहा सख्त सुरक्षा कवच, 550 सीसीटीवी कैमरों और 24×7 एक्टिव कंट्रोल रूम ने आयोजन स्थल और आसपास की सुरक्षा को बनाया अभेद्य महिला सुरक्षा पर रहा खास ध्यान, 150 महिला कांस्टेबल और 40 महिला सब-इंस्पेक्टर की तैनाती ने महिला सुरक्षा सुनिश्चित की हैसल-फ्री ट्रैफिक मैनेजमेंट किया एक्टिव, ट्रैफिक इंस्पेक्टर, टीएसआई और 450 ट्रैफिक कांस्टेबल की तैनाती से आगंतुकों को बिना जाम परेशानी के पहुंचने का मिला अवसर एंटी-ड्रोन सिस्टम और डिजिटल डायवर्जन प्लान से विदेशी डेलीगेट्स और लाखों आगंतुकों के लिए बनी सुरक्षित और व्यवस्थित व्यवस्था ग्रेटर नाेएडा   उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो-2025 (UPITS-2025) को सफल, सुरक्षित और भव्य बनाने में उत्तर प्रदेश पुलिस का योगदान भी काफी सराहनीय रहा। इस आयोजन के दौरान सुरक्षा, ट्रैफिक प्रबंधन और जन सुरक्षा सुनिश्चित करने में यूपी पुलिस की स्मार्ट पुलिसिंग की व्यवस्था ने एक नई मिसाल कायम की। पुलिस अधिकारियों की तैनाती और आधुनिक सुरक्षा उपायों ने इस कार्यक्रम को न सिर्फ व्यवस्थित बल्कि दिव्य और भव्य भी बना दिया। इस बड़े आयोजन में आने वाले फॉरेन और वीआईपी डेलीगेट्स की सुरक्षा हो या फिर प्रतिदिन लाखों की संख्या में पहुंच रहे आगंतुकों की सुरक्षा और ट्रैफिक की जिम्मेदारी, हर मोर्चे पर पुलिस चौकन्नी रही। किसी तरह की मिसहैपनिंग न हो, इसके लिए 24 घंटे कंट्रोल कमांड सेंटर से पूरे वेन्यू की मॉनीटरिंग की गई। अत्याधुनिक तकनीक से लैस ड्रोन, सीसीटीवी कैमरों और अन्य माध्यमों से आयोजन को जीरो इंसिडेंट इवेंट बनाने में सफलता प्राप्त की गई। बड़े पैमाने पर तैनात की गई फोर्स एडिशनल पुलिस कमिश्नर ग्रेटर नोएडा राजीव नारायण मिश्र ने आयोजन के दौरान सुरक्षा के लिए किए गए व्यापक इंतजामों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आयोजन स्थल के आसपास सुरक्षा के कड़े इंतजाम करते हुए, पुलिस विभाग ने सुरक्षा के लिए सात डीसीपी (डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस), चौदह एडीसीपी (एडिशनल डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस), 38 एसीपी (असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ पुलिस), 80 इंस्पेक्टर, तीन सौ सब इंस्पेक्टर, चालीस महिला सब इंस्पेक्टर, कुल एक हजार चार सौ कांस्टेबलों को तैनात किया। इसके साथ ही, महिला सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए, एक सौ पचास महिला कांस्टेबल भी तैनात की गई थीं। सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए, सात कंपनियां पीएसी (प्रांतीय सशस्त्र कांस्टेबुलरी) और एक कंपनी आरएएफ (रैपिड एक्शन फोर्स) को भी तैनात किया गया था। ट्रैफिक रहा चुस्त दुरुस्त यूपी पुलिस के इस बड़े प्रयास में ट्रैफिक प्रबंधन का विशेष ध्यान रखा गया था। ट्रैफिक जाम और भीड़-भाड़ से बचने के लिए, दस ट्रैफिक इंस्पेक्टर, बीस टीएसआई (ट्रैफिक सब इंस्पेक्टर), चार सौ पचास ट्रैफिक कांस्टेबल और तीन एसीपी ट्रैफिक को नियुक्त किया गया। इन सभी कर्मचारियों ने सुनिश्चित किया कि ट्रैफिक सुचारु रूप से चले और यात्री बिना किसी परेशानी के इवेंट स्थल तक पहुंच सकें। इसका असर भी देखने को मिला और हर कोई हैसल फ्री ट्रैफिक के माध्यम से आयोजन स्थल पर पहुंच सका।  9 जोन और 20 सेक्टर्स में बांटा गया आयोजन स्थल आयोजन स्थल और आसपास के क्षेत्रों की सुरक्षा व्यवस्था को बढ़ाने के लिए शहर को नौ जोन और बीस सेक्टरों में बांट दिया गया था। इसके अलावा, एक कंट्रोल रूम भी स्थापित किया गया था, जो पूरे समय 24 घंटे एक्टिव था और सुरक्षा के सभी पहलुओं की निगरानी करता था। इस कंट्रोल रूम में 550 सीसीटीवी कैमरों द्वारा पूरे क्षेत्र की पल-पल की निगरानी की जाती थी, जिससे किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई की जा सके। 15 हजार की रही पार्किंग क्षमता पार्किंग की व्यवस्था भी इस इवेंट की अहम जरूरत थी। इसके लिए सात पार्किंग स्थल बनाए गए, जहां पंद्रह हजार से अधिक गाड़ियों की पार्किंग की सुविधा उपलब्ध कराई गई थी। इसमें सर्वाधिक क्षमता नासा पार्किंग की रही, जहां 10 हजार वाहन एक साथ खड़े किए जा सकते थे। यही नहीं, यहां से लोगों को आयोजन स्थल तक ले जाने के लिए शटल बसों की भी व्यवस्था की गई थी। यह व्यवस्था इवेंट में आने वाले आगंतुकों को आसानी से पार्किंग का विकल्प प्रदान कर रही थी। फिर दिखी स्मार्ट पुलिसिंग  स्मार्ट पुलिसिंग के तहत पुलिस ने एक डिजिटल दृष्टिकोण अपनाया था। इवेंट में आने वाले लोगों को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से डायवर्जन प्लान की जानकारी दी गई, ताकि वे इवेंट स्थल तक सही मार्ग पर पहुंच सकें। यह स्मार्ट पुलिसिंग की प्रणाली दर्शाती है, जहां टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर जनता तक सटीक जानकारी पहुंचाई गई और यातायात व्यवस्था को बेहतर तरीके से नियंत्रित किया गया। शहर भर में लगाए गए साइन बोर्ड  आगंतुकों, विशेषकर विदेशी डेलीगेट्स और गेस्ट्स के लिए उच्च स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। उन्हें इवेंट स्थल तक पहुंचने के लिए होटल से यूपीआईटीएस स्थल तक सुरक्षित और सुविधाजनक परिवहन की व्यवस्था की गई। साथ ही, इवेंट स्थल और शहरभर में साइन बोर्ड लगाए गए, ताकि लोग आसानी से इवेंट स्थल तक पहुंच सकें। एंटी ड्रोन भी किया गया तैनात  इसके अलावा, सुरक्षा के और भी कड़े उपाय किए गए थे। ड्रोन और एंटी-ड्रोन तकनीक का इस्तेमाल किया गया था ताकि आसमान से भी सुरक्षा को सुनिश्चित किया जा सके। यह आधुनिक तकनीकी उपाय इस बात का प्रमाण हैं कि यूपी पुलिस ने स्मार्ट पुलिसिंग को पूरी तरह से अपनाया और इस इवेंट को एक सुरक्षित और व्यवस्थित अनुभव बनाने में अहम भूमिका निभाई।

एमपी की पहली तेजस ट्रेन का संचालन बढ़ा, इंदौर-मुंबई रूट पर अब 29 नवंबर तक सेवा

इंदौर  मध्य प्रदेश की औद्योगिक नगरी इंदौर और मुंबई के बीच चलने वाली तेजस ट्रेन संचालित हो रही है। मध्य प्रदेश की पहली तेजस सुपरफास्ट स्पेशल ट्रेन को लेकर बड़ा अपडेट आया है। यात्रियों की बढ़ती मांग और सुविधा को देखते हुए इसके संचालन को तीसरी बार बढ़ा दिया गया है। रतलाम मंडल के जनसंपर्क अधिकारी खेमराज मीना ने जानकारी दी कि मुंबई सेंट्रल से इंदौर के बीच चलने वाली गाड़ी संख्या 09085/09086 मुंबई सेंट्रल-इंदौर तेजस सुपरफास्ट स्पेशल ट्रेन के फेरों का विस्तार किया गया है। गाड़ी संख्या 09085 मुंबई सेंट्रल-इंदौर तेजस स्पेशल ट्रेन जो पहले 29 सितंबर 2025 तक चलनी थी। वह अब 28 नवंबर 2025 तक मुंबई सेंट्रल से इंदौर के लिए रवाना होगी। ट्रेन संख्या 09085 हर सोमवार, बुधवार और शुक्रवार को रात 11:20 बजे रवाना होगी और अगले दिन दोपहर 1 बजे इंदौर पहुंचेगी। इसी तरह, इंदौर से मुंबई के लिए ट्रेन संख्या 09086 हर मंगलवार, गुरुवार और शनिवार को शाम 5 बजे चलेगी और दूसरे दिन सुबह 7:10 बजे मुंबई पहुंचेगी। ट्रेन का अंतिम फेरा अब 29 नवंबर तक होगा। इन जगहों पर रहेगा स्टॉपेज तेजस एक्सप्रेस मुंबई और इंदौर के बीच बोरिवली, वापी, सूरत, वडोदरा, दाहोद, रतलाम और उज्जैन स्टेशनों पर ठहरेगी। ट्रेन में फर्स्ट एसी, सेकंड एसी और थर्ड एसी की सुविधा रहेगी। किराया अन्य ट्रेनों से ज्यादा तेजस एक्सप्रेस का किराया इस रूट की दुरंतो एक्सप्रेस और अवंतिका एक्सप्रेस से अधिक रखा गया है। थर्ड एसी का किराया 1805, सेकंड एसी का किराया 2430 जबकि फर्स्ट एसी का किराया 3800 है। जबकि दुरंतो एक्सप्रेस में फर्स्ट एसी का किराया 3425 और अवंतिका एक्सप्रेस में 2870 है। यात्रा का समय भी ज्यादा तेजस ट्रेन, दुरंतो ट्रेन और अवंतिका की तुलना में अधिक समय लेगी। दुरंतो एक्सप्रेस इंदौर से मुंबई का सफर 11 घंटे 10 मिनट में पूरा करती है। वही अवंतिका एक्सप्रेस 12 घंटे 15 मिनट में पहुंचती है। जबकि तेजस एक्सप्रेस को 14 घंटे 10 मिनट का समय लगेगा। तेजस ट्रेन की खासियत तेजस एक्सप्रेस देश की पहली कॉर्पोरेट ट्रेन है जिसे आईआरसीटीसी संचालित करता है। इसमें एलसीडी स्क्रीन, वाई-फाई, स्वचालित दरवाजे, बायो-वैक्यूम टॉयलेट और आरामदायक सीटें जैसी आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी। बुकिंग शुरू और सीटें उपलब्ध तेजस ट्रेन की बुकिंग 21 जुलाई से शुरू हो चुकी है।मुंबई से 23 जुलाई की ट्रेन में थर्ड एसी में 338, सेकंड एसी में 112 और फर्स्ट एसी में 81 सीटें उपलब्ध हैं। इंदौर से 24 जुलाई की ट्रेन में थर्ड एसी में 317 सीटें, सेकंड एसी में 101 और फर्स्ट एसी में 77 सीटें खाली हैं।

दर्दनाक बस हादसा: पंजाब में यात्रियों की चीख-पुकार से मचा कोहराम

तलवाड़ा/ हाजीपुर प्राइवेट कंपनी की एक मिनी बस अनियंत्रित होकर सफेदे के पेड़ से टकरा गई। इसमें 7 सवारियों को चोटें आई हैं। जानकारी के अनुसार यह मिनी बस दसूहा से तलवाड़ा आ रही थी कि वह झीर दा खूह बस स्टाफ से पीछे ही कुछ दूरी पर सफेदे के पेड़ से टकरा गई। बस के एक भाग को काफी क्षति पहुंची है। यह मिनी बस जब पेड़ से तो बीच सवारियों की चीखें निकलनी शुरू हो गईं। आसपास से लोग हादसा स्थल पर पहुंचे। बस में सवार घबराई कुछ सवारियों ने तो जैसे-तैसे बाहर आ निकलने में हिम्मत जुटा ली, लेकिन जो सवारियां घबराहट की परिस्थितियों में बीच ही सहारा ढूढ़ रही थीं उन्हें लोगों ने बड़ी हिम्मत से बाहर निकाला। हादसे की सूचना मिलते ही एम्बुलैंस गाड़ी भी घटनास्थल पर पहुंच गईं। पुलिस ने भी मौके पर आकर हादसे के कारणों को जानना शुरू कर दिया। कुछ के घायल सवारियों को अस्पताल उपचार हेतु भेजा गया। ड्राइवर सहित जिन 7 सवारियों को हल्की चोटें आईं उनमें तारा चंद पुत्र महिंदर सिंह वहीफतो (ड्राइवर), ममता रानी पत्नी निर्मल सिंह कराडी, प्रीतपाल सिंह पुत्र तरसेम लाल श्रीपन्डायान, सुरेश कुमारी जालंधर, अमरजीत कौर पत्नी गुरदीप सिंह मीर दसूहा, सुरजीत सिंह पुत्र शिव सिंह पंडोरी, कमलजीत कौर पत्नी सुरजीत सिंह शामिल हैं। चोटिल सवारियां इलाज के बाद अपने गंतव्य स्थानों को चली गईं।  

चुनाव आयोग अलर्ट मोड में, चीफ इलेक्शन कमिश्नर करेंगे ग्राउंड रिपोर्ट की जांच

पटना   बिहार विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर चुनाव आयोग ने सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष फोकस किया है. इसी क्रम में आज मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करेंगे. यह बैठक सुबह 9:30 बजे से शुरू होकर शाम 3 बजे तक चलेगी. इसमें राज्य के सभी कमिश्नर, आईजी, डीआईजी, जिलाधिकारी और एसएसपी शामिल होंगे. दो सत्रों में आयोजित होगी बैठक बैठक दो सत्रों में आयोजित हो रही है. पहला सत्र सुबह 9:30 बजे से प्रारंभ हुआ जबकि दूसरा सत्र दोपहर 1:30 बजे से शुरू होगा. इस दौरान मुख्य निर्वाचन आयुक्त राज्य में सुरक्षा बलों की जरूरत का आकलन करेंगे और संभावित संवेदनशील क्षेत्रों को लेकर रणनीति तैयार की जाएगी. चुनावी दृष्टिकोण से यह बैठक बेहद अहम मानी जा रही है, क्योंकि बिहार जैसे बड़े राज्य में शांति और निष्पक्षता के साथ मतदान सुनिश्चित करना चुनाव आयोग की प्राथमिकता है. 4 अक्टूबर को पटना का दौरा कर सकते हैं चीफ इलेक्शन कमिश्नर सूत्रों के अनुसार, मुख्य निर्वाचन आयुक्त आगामी 4 अक्टूबर को पटना का दौरा भी कर सकते हैं. इस दौरान वे सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक करेंगे और उनकी चिंताओं और सुझावों पर चर्चा करेंगे. इसके अगले दिन यानी 5 अक्टूबर को वे बिहार के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, जिलाधिकारियों, आईजी और एसएसपी के साथ विस्तृत समीक्षा बैठक करेंगे. इस बैठक में कानून-व्यवस्था की मौजूदा स्थिति, सुरक्षा बलों की तैनाती और संवेदनशील बूथों की पहचान जैसे मुद्दों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा. आज जारी होगी अंतिम वोटर लिस्ट बिहार में विधानसभा चुनाव की आहट तेज हो चुकी है. चुनाव आयोग मतदाता सूची से लेकर सुरक्षा इंतज़ाम तक हर स्तर पर सक्रिय है. आज मंगलवार को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन भी किया जाएगा और अब सुरक्षा पर गहन मंथन हो रहा है. विशेषज्ञ मानते हैं कि आयोग का यह कदम चुनाव को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने की दिशा में बड़ा कदम है. 

पश्चिमी यूपी में 1 अक्टूबर से शुरू होगी धान खरीद, 23,500 से ज्यादा किसानों ने किया रजिस्ट्रेशन

पश्चिमी यूपी में पहली अक्टूबर से होगी धान खरीद, साढ़े 23 हजार से अधिक किसानों ने कराया पंजीकरण पहली नवंबर से पूर्वी उत्तर प्रदेश में की जाएगी खरीद  लखनऊ संभाग के हरदोई, लखीमपुर खीरी, सीतापुर जनपद में भी बुधवार से की जाएगी खरीद  धान (कॉमन)-2369 और (ग्रेड ए) का 2389 रुपये प्रति कुंतल एमएसपी तय पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 31 जनवरी और पूर्वी उत्तर प्रदेश में 28 फरवरी 2026 तक चलेगी खरीद 3300 क्रय केंद्रों के माध्यम से 60 लाख मीट्रिक टन धान खरीद का लक्ष्य   48 घंटे के भीतर किसानों को भुगतान कराएगी योगी सरकार लखनऊ खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के अंतर्गत पहली अक्टूबर से पश्चिमी उत्तर प्रदेश और लखनऊ संभाग के हरदोई, लखीमपुर खीरी, सीतापुर जनपद में धान खरीद प्रारंभ होगी। पहली नवंबर से पूर्वी उत्तर प्रदेश और लखनऊ संभाग के लखनऊ, रायबरेली व उन्नाव में खरीद होगी। मंगलवार (30 सितंबर) सुबह 11 बजे तक साढ़े 23 हजार से अधिक किसानों ने पंजीकरण करा लिया है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 31 जनवरी और पूर्वी उत्तर प्रदेश में 28 फरवरी 2026 तक धान खरीद होगी। सरकार ने इस वर्ष धान के न्यूनतम समर्थन मूल्य में वृद्धि भी की है। धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य (कॉमन)-2369 और (ग्रेड ए) का 2389 रुपये प्रति कुंतल तय किया गया है। योगी सरकार ने 48 घंटे के भीतर किसानों को भुगतान का निर्देश दिया है। क्रय केंद्र सुबह 9 से शाम पांच बजे तक खुले रहेंगे।  fcs.up.gov.in या UP KISAN MITRA  पर पंजीकरण अनिवार्य  धान बिक्री के लिए किसानों का पंजीकृत होना अनिवार्य है। किसानों को खाद्य व रसद विभाग की वेबसाइट fcs.up.gov.in या मोबाइल ऐप UP KISAN MITRA  पर पंजीकरण कराना होगा। खरीद पंजीकृत किसानों से ही होगी। खाद्य व रसद विभाग के मुताबिक किसान किसी भी सहायता या जानकारी के लिए टोल फ्री नंबर 18001800150 नंबर पर कॉल याा अपने जनपद के जिला खाद्य विपणन अधिकारी, तहसील के क्षेत्रीय विपणन अधिकारी व ब्लॉक के विपणन निरीक्षक से भी संपर्क साध सकते हैं।  पश्चिम उत्तर प्रदेश व लखनऊ के इन जनपदों में पहली अक्टूबर से होगी खरीद पश्चिम उत्तर प्रदेश के संभागों में पहली अक्टूबर से धान खरीद शुरू होगी, जो 31 जनवरी 2026 तक चलेगी। यह खरीद पश्चिम उत्तर प्रदेश के मेरठ, सहारनपुर, मुरादाबाद, बरेली,आगरा, अलीगढ़, झांसी संभाग में होगी। वहीं लखनऊ संभाग के हरदोई, लखीमपुर खीरी, सीतापुर जनपद में भी धान खरीद इसी अवधि में होगी। पूर्वी उत्तर प्रदेश व लखनऊ संभाग के इन जनपदों में पहली नवंबर से शुरू होगी खरीद पूर्वी उत्तर प्रदेश के संभागों में पहली नवम्बर से धान खरीद शुरू होगी। यह खरीद पूर्वी उत्तर प्रदेश के चित्रकूट, कानपुर, अयोध्या, गोरखपुर, देवीपाटन, बस्ती, आजमगढ़, वाराणसी, मीरजापुर व प्रयागराज संभाग में होगी। इसके साथ ही लखनऊ संभाग के लखनऊ, रायबरेली व उन्नाव में भी पहली नवंबर से खरीद होगी, जो 28 फरवरी 2026 तक चलेगी।   साढ़े 23 हजार से अधिक किसानों ने करा लिया पंजीकरण  30 सितंबर (सुबह 11 बजे) तक साढ़े 23 हजार से अधिक किसानों ने धान विक्रय के लिए पंजीकरण कर लिया है। विभाग के मुताबिक धान की बिक्री के लिए ओटीपी आधारित सिंगल पंजीकरण की व्यवस्था की गई है। किसान मोबाइल पर एसएमएस से मिले ओटीपी को भरकर पंजीकरण करा सकते हैं। वहीं किसानों को भुगतान सीधे आधार लिंक्ड बैंक खाते में किया जाएगा। बिचौलियों को रोकने व पारदर्शिता बरतते हुए क्रय केंद्रों पर धान की खरीद ई-पॉप (इलेक्ट्रॉनिक प्वॉइंट ऑफ परचेज) डिवाइस के माध्यम से पहले की भांति किसानों के बायोमीट्रिक सत्यापन के जरिए ही होगी। 

47 साल बाद सहारा का साम्राज्य संकट में, लखनऊ में प्रशासन की सख्ती से मचा हलचल

लखनऊ  लखनऊ में कभी शहर की पहचान रहा सहाराश्री सुब्रत रॉय का साम्राज्य अब ढहने की कगार पर है. सुब्रत रॉय के निधन के बाद सरकारी एजेंसियों ने समूह की संपत्तियों पर कार्रवाई तेज कर दी है. इसी कड़ी में अब नगर निगम सहारा शहर की 130 एकड़ जमीन को सील करने की तैयारी में है.  आपको बता दें कि लखनऊ में सहारा इंडिया का साम्राज्य अब अंत की तरफ बढ़ रहा है. सुब्रत रॉय के निधन के बाद सरकारी एजेंसियां सहारा समूह की संपत्तियों पर तेजी से कार्रवाई कर रही हैं. इसी क्रम में लखनऊ नगर निगम जल्द ही गोमती नगर में स्थित सहारा शहर की 130 एकड़ जमीन को सील करेगा.  नगर आयुक्त गौरव कुमार ने बताया कि सहारा ने लाइसेंस डीड की शर्तों का उल्लंघन किया है, जिस कारण यह कार्रवाई की जा रही है. नगर निगम ने सुप्रीम कोर्ट में कैविएट भी दायर करने की तैयारी की है.  क्या है मामला? नगर निगम ने 1994-95 में मुलायम सिंह यादव सरकार के समय सहारा को 170 एकड़ जमीन लीज पर दी थी, जिसमें से 130 एकड़ जमीन लाइसेंस डीड के तहत आवासीय और व्यावसायिक परियोजनाओं के लिए थी. लेकिन सहारा समूह ने नियमों का उल्लंघन करते हुए यहां लग्जरी बंगले, ऑडिटोरियम, स्टेडियम और हेलीपैड जैसी सुविधाएं बना लीं. नगर निगम ने सहारा के नोटिस का जवाब खारिज कर दिया है और अब कार्रवाई शुरू हो गई है.  कार्रवाई के दौरान क्या होगा? सीलिंग की कार्रवाई के दौरान सहारा शहर के सभी गेट सील कर दिए जाएंगे. फिलहाल परिसर में रह रहे कर्मचारियों, सुरक्षा गार्डों और केयरटेकर को बाहर निकाला जाएगा. केवल एक गेट आवाजाही के लिए खुला रहेगा, जिसे बाद में बंद कर दिया जाएगा. इसके बाद नगर निगम पूरे परिसर को अपने कब्जे में लेकर अपनी सुरक्षा तैनात करेगा. 

कृषि को मिलेगा संबल: रायपुर में सिंचाई परियोजनाओं के लिए 5.56 करोड़ की मंजूरी

कृषि को मिलेगा संबल: रायपुर में सिंचाई परियोजनाओं के लिए 5.56 करोड़ की मंजूरी रायपुर के किसानों को राहत, कंजी और लोकल नाला सिंचाई कार्यों पर खर्च होंगे 5.56 करोड़ रायपुर छत्तीसगढ़ शासन, जल संसाधन विभाग द्वारा जांजगीर-चांपा जिले की दो सिंचाई योजनाओं के कार्यों के लिए 5 करोड़ 56 लाख 99 हजार रूपए स्वीकृत किए गए है। विकासखण्ड जैजेपुर के अंतर्गत लोकल नाला पर जुनवानी स्टापडेम सह रपटा निर्माण कार्य के लिए दो करोड़ 7 लाख 32 हजार रूपए स्वीकृत किए गए है। योजना के कार्य पूर्ण हो जाने पर निस्तारी, भू-जल संवर्धन के साथ ही 50 हेक्टेयर क्षेत्र में कृषकों द्वारा स्वयं के साधन से सिंचाई की जा सकेगी। विकासखण्ड पामगढ़ के अंतर्गत कंजी नाला में भवतरा एनीकट कम काजवे का निर्माण कार्य हेतु 3 करोड़ 49 लाख 67 हजार रूपए स्वीकृत किए गए है। योजना से निस्तारी भू-जल सवर्धन के साथ ही 35 हेक्टेयर खरीफ एवं 53 हेक्टेयर रबी कुल 88 हेक्टेयर क्षेत्र में किसानों द्वारा स्वयं के साधन से सिंचाई किया जाना प्रस्तावित है। जल संसाधन विभाग मंत्रालय महानदी भवन से सिंचाई योजनाओं के कार्यों को पूर्ण कराना मुख्य अभियंता मिनीमाता (हसदेव) बांगो परियोजना जल संसाधन विभाग बिलासपुर को प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है।

युवाओं के उग्र आंदोलन से हिली मेडागास्कर सरकार, बुनियादी सुविधाओं की कमी बनी बड़ी वजह

अंतानानारिवो अफ्रीका के दक्षिण-पूर्वी तट पर स्थित द्वीपीय राष्ट्र मेडागास्कर में युवाओं के नेतृत्व में भड़के हिंसक विरोध प्रदर्शनों ने सरकार को भंग करने पर मजबूर कर दिया। बिजली और पानी की किल्लत से तंग आ चुके युवाओं ने पिछले हफ्ते शुरू हुए आंदोलन में राजधानी अंतानानारिवो के सड़कों पर उतरकर सरकार के खिलाफ खुला विद्रोह किया। संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, इन प्रदर्शनों में कम से कम 22 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 100 से अधिक लोग घायल हुए हैं। राष्ट्रपति एंड्री रजोएलिना ने सोमवार को टेलीविजन पर संबोधन में पूरी सरकार को भंग करने की घोषणा की और जनता से माफी मांगी। विशेषज्ञों का कहना है कि यह 2023 में रजोएलिना के फिर से चुने जाने के बाद उनकी सत्ता के लिए सबसे गंभीर चुनौती है और हाल के वर्षों में द्वीप राष्ट्र में देखी गई सबसे बड़ी अशांति है। प्रदर्शनों की शुरुआत और हिंसा का दौर विरोध प्रदर्शन पिछले हफ्ते शुरू हुए और सोमवार, 29 सितंबर को चरम पर पहुंच गए। राजधानी अंतानानारिवो के मुख्य विश्वविद्यालय में सैकड़ों युवा इकट्ठा हुए, जहां उन्होंने प्लेकार्ड थामे राष्ट्रीय गान गाया और शहर के केंद्र की ओर मार्च करने की कोशिश की। प्रदर्शनकारियों ने नेपाल के हालिया आंदोलनों से प्रेरित होकर वहां के झंडे का इस्तेमाल किया, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। फेसबुक जैसे प्लेटफॉर्म्स पर एकजुट हुए ये युवा मुख्य रूप से बेरोजगारी, आर्थिक संकट और दैनिक जीवन की बुनियादी समस्याओं से जूझ रहे थे। हालांकि, मार्च के दौरान पुलिस ने आंसू गैस और रबर की गोलियां चलाकर भीड़ को तितर-बितर कर दिया। इससे स्थिति और बिगड़ गई। राजधानी में लूटपाट की घटनाएं बढ़ गईं, जिसमें सुपरमार्केट, उपकरण की दुकानें, बैंक और राजनेताओं के घरों को निशाना बनाया गया। अंतानानारिवो की आबादी 14 लाख है, लेकिन इन दंगों ने पूरे शहर को अराजकता की चपेट में ला दिया। पिछले हफ्ते से ही शाम ढलते ही सुबह तक कर्फ्यू लगा हुआ है, जिसे सुरक्षा बल सख्ती से लागू कर रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार उच्चायुक्त कार्यालय ने मृतकों की संख्या 22 बताई है, जिसमें प्रदर्शनकारी, राहगीर और लूटपाट के दौरान मारे गए लोग शामिल हैं। घायलों की संख्या 100 से अधिक है। हालांकि, मेडागास्कर के विदेश मंत्रालय ने इन आंकड़ों को खारिज करते हुए कहा कि ये "अफवाहों या गलत सूचनाओं" पर आधारित हैं। मौतों में कुछ गुटों द्वारा की गई हिंसा भी शामिल है, जो प्रदर्शनों से अलग थीं। बिजली-पानी की कमी: आंदोलन की जड़ प्रदर्शनकारियों का मुख्य गुस्सा बिजली की बार-बार होने वाली कटौती और पानी की भारी कमी पर केंद्रित था। मेडागास्कर अफ्रीका के सबसे गरीब देशों में से एक है। यह लंबे समय से आर्थिक संकट से जूझ रहा है। विश्व बैंक के अनुसार, 2022 में इसकी 3 करोड़ आबादी का लगभग 75 प्रतिशत गरीबी रेखा से नीचे जी रहा था। युवा बेरोजगारी और महंगाई ने हालात को और बदतर बना दिया है। प्रदर्शनकारी राष्ट्रपति रजोएलिना की सरकार को इन बुनियादी सुविधाओं में सुधार न करने का दोषी ठहरा रहे थे। ये आंदोलन केन्या, नेपाल और मोरक्को के युवा-नेतृत्व वाले हालिया प्रदर्शनों से प्रेरित दिखे, जहां सोशल मीडिया ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। प्रदर्शनकारियों ने सरकार की नाकामी को "दैनिक जीवन पर हमला" करार दिया। राष्ट्रपति की प्रतिक्रिया: सरकार भंग, माफी और संवाद का वादा राष्ट्रपति एंड्री रजोएलिना 2023 में फिर से चुने गए थे। उन्होंने इन घटनाओं को अपनी सत्ता के लिए सबसे बड़ा खतरा माना। सोमवार को टेलीविजन संबोधन में उन्होंने कहा, "हम मानते हैं और माफी मांगते हैं यदि सरकार के सदस्यों ने उन्हें सौंपी गई जिम्मेदारियां पूरी नहीं कीं।" उन्होंने आगे कहा, "मैं गुस्से, उदासी और बिजली कटौती तथा पानी की आपूर्ति की समस्याओं से उत्पन्न कठिनाइयों को समझता हूं। मैंने पुकार सुनी, दर्द महसूस किया, दैनिक जीवन पर प्रभाव को समझा।" रजोएलिना ने सरकार को तत्काल भंग करने की घोषणा की और लूटपाट से प्रभावित व्यवसायों को सहायता देने का वादा किया। उन्होंने युवाओं से संवाद खोलने की इच्छा जताई, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों। यह कदम मेडागास्कर में वर्षों बाद सबसे बड़ा राजनीतिक उथल-पुथल का संकेत देता है। मेडागास्कर की राजनीतिक पृष्ठभूमि मेडागास्कर लंबे समय से राजनीतिक अस्थिरता से ग्रस्त रहा है। 2009 में रजोएलिना खुद एक तख्तापलट के जरिए सत्ता में आए थे, लेकिन 2023 के चुनावों में वे फिर जीते। देश की अर्थव्यवस्था कृषि और खनन पर निर्भर है, लेकिन जलवायु परिवर्तन, चक्रवात और वैश्विक महामारी ने इसे बुरी तरह प्रभावित किया है। युवा आबादी, जो कुल जनसंख्या का बड़ा हिस्सा है, वह बदलाव की मांग कर रही है, लेकिन सरकार की नीतियां अपेक्षाओं पर खरी नहीं उतरीं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संयुक्त राष्ट्र ने हिंसा की निंदा की है, लेकिन कोई विशेष प्रतिक्रिया अभी सामने नहीं आई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह घटना क्षेत्रीय अस्थिरता को बढ़ा सकती है, यदि मूल समस्याओं का समाधान न हो।

मुख्यमंत्री साय रायपुर शहर के विभिन्न गरबा महोत्सव में हुए शामिल, मातारानी का दर्शन कर लिया आशीर्वाद

रायपुर : उत्साह, उमंग और सद्भावना बढ़ाने का पर्व है नवरात्रि : मुख्यमंत्री  साय मुख्यमंत्री  साय रायपुर शहर के विभिन्न गरबा महोत्सव में हुए शामिल, मातारानी का दर्शन कर लिया आशीर्वाद रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय नवरात्रि के पावन पर्व पर विगत रात्रि राजधानी रायपुर स्थित विभिन्न गरबा समारोहों में शामिल हुए। उन्होंने मातारानी का दर्शन कर प्रदेश की सुख, समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की। इस अवसर पर रायपुर शहर गरबा के रंग में सराबोर दिखाई दिया और हर तरफ़ उत्सव का उल्लास वातावरण में व्याप्त था। मुख्यमंत्री  साय भानपुरी स्थित  कच्छ कड़वा पाटीदार समाज, आशीर्वाद भवन में  गुजराती लोहाणा महाजन समाज द्वारा आयोजित "झणकारो 2025", इनडोर स्टेडियम में "रंगीलो रास 2025" तथा ओमाया पार्क में "रास गरबा उत्सव" में सम्मिलित हुए। इन आयोजनों में समाजजनों ने मुख्यमंत्री का पारंपरिक कच्छ पगड़ी पहनाकर और तिलक लगाकर आत्मीय स्वागत किया। गरबा की धुनों और रंगारंग माहौल में मुख्यमंत्री की उपस्थिति ने जनसमूह में उत्साह और ऊर्जा का संचार किया। प्रदेशवासियों को शारदीय नवरात्र की शुभकामनाएँ देते हुए मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि नवरात्रि उत्साह, उमंग और सद्भावना बढ़ाने का पर्व है। यह पर्व सामाजिक समरसता को और मजबूत करता है तथा जन-जन में ऊर्जा का संचार करता है। उन्होंने कहा कि हमारे छत्तीसगढ़ में देवी को विभिन्न स्वरूपों में पूजा जाता है और मातृशक्ति के आशीर्वाद से प्रदेश निरंतर उन्नति के पथ पर अग्रसर है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि दंतेवाड़ा में मां दंतेश्वरी, धमतरी में मां अंगारमोती एवं बिलईमाता, सरगुजा और रतनपुर में मां महामाया, डोंगरगढ़ में मां बम्लेश्वरी जैसे अनेक स्वरूपों में माता प्रदेश में विराजमान हैं। इन सभी शक्तिपीठों का आध्यात्मिक महत्व न केवल प्रदेश की आस्था को मजबूत करता है बल्कि सांस्कृतिक धरोहर के रूप में भी छत्तीसगढ़ को विशिष्ट पहचान प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि नवरात्र के प्रथम दिन ही यशस्वी प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी जी ने जीएसटी रिफॉर्म लागू कर देश की आर्थिक गतिविधियों को नई गति प्रदान की है। यह सुधार न केवल व्यापार को सुगम बनाएगा बल्कि उपभोक्ताओं को प्रत्यक्ष लाभ भी देगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज ‘बचत उत्सव’ के माध्यम से आम नागरिकों की जेब में पैसों की उल्लेखनीय बचत हो रही है और यह अर्थव्यवस्था में नई ऊर्जा का संचार कर रही है। मुख्यमंत्री  साय ने लोगों से आह्वान किया कि जब भी बाजार जाएँ तो स्वदेशी वस्तुओं की खरीदी को प्राथमिकता दें। स्वदेशी से न केवल देश की आर्थिक स्थिति मजबूत होती है बल्कि स्थानीय स्तर पर उत्पादन और स्वरोजगार के अवसर भी सृजित होते हैं। उन्होंने कहा कि स्वदेशी को अपनाना आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में बड़ा कदम है और यही देश की समृद्धि का आधार बनेगा। इस अवसर पर रायपुर सांसद  बृजमोहन अग्रवाल, विधायक  मोतीलाल साहू,  पुरंदर मिश्रा,  सुनील सोनी, आरंग विधायक  अनुज शर्मा, पूर्व विधायक  देवजी भाई पटेल, स्थानीय जनप्रतिनिधि, मंडल आयोग के अध्यक्ष सहित कच्छ कड़वा पाटीदार समाज और  गुजराती लोहाणा महाजन समाज के वरिष्ठजन एवं गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित थे।