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हरियाणा की स्पेशल ट्रेनें त्योहारी सीजन में, जानें तारीख और समय

चंडीगढ़  त्योहारी सीजन को देखते हुए ट्रेनों में यात्रियों की भारी भीड़ हो जाती है। हरियाणा में इन दिनों यात्रियों भारी भीड़ बढ़ जाती है। इसके चलते रेलवे ने स्पेशल ट्रेन चलाने का फैसला लिया है। रेलवे का कहना है कि इन ट्रेनों को अक्टूबर और नवंबर के महीने में संचालित किया जाएगा। इन ट्रेनों का संचालन होने से यात्रियों को काफी सहूलियत होगी और उनका सफर भी सुगम बनेगा। इसे लेकर उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी शशि किरण ने जानकारी दी है। ये स्पेशल ट्रेन संचालित चलेंगी     मदार-रोहतक स्पेशल (गाड़ी नंबर 09639)- 1 अक्टूबर से 30 नवंबर तक रोज संचालित होगी।     रोहतक-मदार स्पेशल (गाड़ी नंबर 09640)- 1 अक्टूबर से 30 नवंबर तक रोजाना चलाई जाएगी।     हिसार-खड़की साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन (गाड़ी नंबर 04725)- 12 अक्टूबर से 9 नवंबर तक हर रविवार को संचालित होगी।     खड़की-हिसार साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन (गाड़ी नंबर 04726)- 13 अक्टूबर से 10 नवंबर तक हर सोमवार संचालित की जाएगी। ये साप्ताहिक स्पेशल ट्रेनें चलेंगी     तिरुपति-हिसार (गाड़ी नंबर 07717)- 1 अक्टूबर से 26 नवंबर तक हर बुधवार चलेगी।     हिसार-तिरुपति (गाड़ी नंबर 07718)- 5 अक्टूबर से 31 नवंबर तक प्रत्येक रविवार चलेगी।     ओखा-शकूरबस्ती सुपरफास्ट (गाड़ी नंबर 09523)- 23 अक्टूबर से 25 नवंबर तक हर मंगलवार संचालित होगी।     शकूरबस्ती-ओखा सुपरफास्ट (गाड़ी नंबर 09524)- 26 नवंबर तक हर बुधवार को चलेगी।     भावनगर-शकूरबस्ती (गाड़ी नंबर 09257)- 28 नवंबर तक हर शुक्रवार चलाई जाएगी।     शकूरबस्ती-भावनगर (गाड़ी नंबर 09258)- 29 नवंबर तक प्रत्येक शनिवार संचालित होगी। उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी शशि किरण ने कहा कि स्पेशल ट्रेनों के संचालन से फेस्टिव सीजन में यात्रियों को काफी राहत मिलने की संभावना है। रेवाड़ी, हिसार, रोहतक जैसे प्रदेश के कई शहरों से लोगों का सफर आसान बनेगा।

नकली पनीर की खेप पकड़ी गई फर्रूखनगर में, फूड सेफ्टी विभाग ने मारा छापा

गुड़गांव फर्रूखनगर में फूड सेफ्टी विभाग ने सीएम फ्लाइंग के साथ मिलकर पनीर की दुकानों पर रेड की है। यहां टीम ने रेड के बाद 700 किलो से भी अधिक संदिग्ध पनीर पकड़ा है। टीम ने यह कार्रवाई सूचना के आधार पर की है।  फूड सेफ्टी ऑफिसर डॉ रमेश चौहान की मानें तो उन्हें सूचना मिली थी कि फर्रूखनगर एरिया में नकली पनीर बेचा जा रहा है। यहां गाड़ियाें के जरिए कई क्विंटल नकली पनीर दुकानों पर दिया जा रहा है जिसे खाकर लोगों के बीमार होने की संभावना बनी हुई है। इस पर टीम ने फर्रूखनगर में यादव डेयरी पर रेड कर करीब 700 किलो संदिग्ध पनीर पकड़ा। यहां से पनीर का सैंपल लेकर जांच के लिए लैब भेज दिया है। वहीं, प्रवीण डेयरी में रेड कर यहां से 96 किलो संदिग्ध पनीर और खोया पकड़ा है। टीम ने दोनों ही खाद्य पदार्थों के सैंपल लेकर जांच के लिए लैब में भेज दिए हैं। वहीं, यहां पनीर सप्लाई करने आई गाड़ी को काबू कर उसमें से भी पनीर के संदिग्ध सैंपल जांच के लिए लैब भेजे हैं। अधिकारियों ने बताया कि लैब में जांच के बाद जो भी रिपोर्ट आएगी उसके आधार पर आगामी कार्रवाई की जाएगी।   

UP-बिहार से गुजरात तक बारिश का अलर्ट, दुर्गा पूजा पर दिल्ली में हल्की फुहारें!

नई दिल्ली  देश की राजधानी दिल्ली में बीते दो दिनों से लगातार बादलों की आवाजाही देखी जा रही है. धूप के तीखेपन और उमस में बहुत कमी आई है. हालांकि अब भी प्रदेश में लोग गर्मी से परेशान हैं. तापमान में भी कोई बड़ा बदलाव नहीं आया है. इसी बीच दिल्ली वालों के लिए मौसम खुशखबरी लेकर आया है. पिछले 10 दिनों में पड़ रही गर्मी और उमस से लोगों को राहत मिल सकती है. आज और कल दिल्ली में बारिश देखने को मिल सकती है, यानी कि नवरात्रि पर दिल्ली का मौसम बारिश से सुहाना हो सकता है. मौसम विभाग ने आज और कल दिल्ली में बादल छाए रहने और हल्की बारिश या बूंदाबांदी की संभावना जताई गई है. कल यानी एक अक्टूबर को भी दिल्ली में बारिश होने का पूर्वानुमान भारत मौसम विज्ञान विभाग ने जारी जारी किया है. बारिश के साथ ही तापमान में भी गिरावट आएगी, जिससे लोगों को राहत मिलेगी. यूपी में भीषण गर्मी यूपी में दिन के समय भीषण गर्मी पड़ रही है. हालांकि मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी और पूर्वी यूपी में कहीं-कहीं पर बारिश और गरज चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं. इस दौरान प्रदेश में कहीं भी भारी बारिश की संभावना नहीं है. 1 अक्टूबर को भी पश्चिमी यूपी में कहीं-कहीं और पूर्वी यूपी में कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है. इस तरह प्रदेश में अगले एक हफ्ते कहीं भी बारिश की संभावना नहीं है. आज बिहार में मौसम मिला जुला रहने वाला है. कहीं धूप तो कहीं हल्की फुल्की बारिश हो सकती है. पूर्णिया, कटिहार, सुपौल, अररिया, किशनगंज, सहरसा और मधेपुरा में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है. पटना, गया जी समेत दक्षिण बिहार के ज्यादातर जिलों में ठनका गिर सकता है, जबकि 1 से 4 अक्टूबर के दौरान बिहार मेंमूसलाधार बारिश हो सकती है. इन राज्यों में बारिश 2 से 4 अक्टूबर के दौरान झारखंड, 2 से 4 अक्टूबर के बीच पश्चिम बंगाल और सिक्किम, 4 से 5 अक्टूबर के बीच मध्य प्रदेश, विदर्भ, 3 अक्टूबर को छत्तीसगढ़ और ओडिशा में मूसलाधार बारिश होने की संभावना मौसम विभाग ने जताई है. पश्चिमी भारत में गुजरात के सौराष्ट्र और कच्छ क्षेत्र में आज भारी बारिश हो सकती है. कोंकण और गोवा में भी आज भारी बारिश की संभावना है. मुंबई में बारिश हो सकती है. उत्तराखंड में हल्की बारिश मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, में 1 से 5 अक्टूबर तक हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है. साथ 2 से 3 अक्टूबर को भारी बारिश की चेतावनी मौसम विभाग ने जारी की गई है. उत्तराखंड में आज पिथौरागढ़ के साथ ही बागेश्वर के कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है. इन इलाकों में गर्जन के साथ बौछारें पड़ सकती हैं, जबकि शेष पर्वतीय जिलों कहीं-कहीं हल्की से बहुत हल्की बारिश देखने को मिल सकती है.

सेवा की नई पहचान: डॉ. बलबीर सिंह का घर बनेगा आम आदमी क्लिनिक

पंजाब  पंजाब की ईमानदार सरकार ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि उसके नेता जनता की भलाई के लिए अपने निजी हितों से ऊपर उठकर सोचते हैं। इसकी सबसे बड़ी मिसाल स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह द्वारा अपने पैतृक घर और उससे जुड़ी दुकानों की इमारत सरकार को समर्पित करना है, ताकि गांव भौरा (जिला नवांशहर) में आम आदमी क्लिनिक बनाया जा सके। यह कदम न केवल उनकी ईमानदारी और जनता के प्रति समर्पण को दर्शाता है, बल्कि पंजाब की राजनीति में एक अनोखा संदेश भी देता है कि सच्चे जन–प्रतिनिधि कौन होते हैं। डॉ. बलबीर सिंह के इस प्रेरणादायक फैसले से गांव भौरा के लोगों को बहुत लाभ मिलेगा। अब उन्हें उच्च स्तरीय स्वास्थ्य सेवाओं के लिए दूर-दराज़ के शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा। क्लिनिक बनने से लोगों को नज़दीक ही इलाज की सुविधाएँ मिलेंगी, जिससे उनका समय और पैसा दोनों बचेगा। यह सरकार के उस वादे को पूरा करता है कि स्वास्थ्य सेवाओं को हर गांव और हर मोहल्ले तक पहुँचाया जाए। आम आदमी क्लिनिकों में जनता को मुफ्त इलाज, मुफ्त दवाइयां और मुफ्त लैब टेस्ट की सुविधाएँ मिलती हैं। ये वही सुविधाएँ हैं जो पहले केवल बड़े शहरों के अस्पतालों में ही उपलब्ध थीं। डॉ. बलबीर सिंह के इस कदम से अब ये सेवाएँ गांव स्तर पर भी आसानी से लोगों तक पहुँचेंगी। यह जनता–केंद्रित सोच पंजाब सरकार की स्वास्थ्य नीति को और अधिक मजबूत करती है। स्वास्थ्य मंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि उनका उद्देश्य सिर्फ यह है कि कोई भी पंजाबी इलाज से वंचित न रह जाए। हर वर्ग के लोग, चाहे गरीब हों या अमीर, स्वास्थ्य सेवाओं के लिए बराबर हकदार हैं। सरकार द्वारा चलाए जा रहे ये क्लिनिक जनता के बीच भरोसा बढ़ाते हैं कि सरकार उनकी सेहत के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। गांव भौरा में क्लिनिक बनाने के लिए अपनी निजी संपत्ति देना किसी आम राजनेता की बात नहीं, यह केवल वही कर सकता है जो जनता की ज़रूरतों को अपने स्वार्थ से ऊपर रखता हो। डॉ. बलबीर सिंह का यह कदम केवल स्वास्थ्य सेवाओं के लिए क्रांतिकारी नहीं है, बल्कि पंजाब की राजनीति के लिए भी एक मिसाल है। यह जनता को यह संदेश देता है कि यदि नेता चाहें तो वे अपनी संपत्ति भी जनता की भलाई के लिए समर्पित कर सकते हैं। यह कदम सिर्फ गांव भौरा तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे पंजाब के लिए एक प्रेरणा है। इससे साबित होता है कि पंजाब सरकार की सोच जनता–केंद्रित है और वह अपने हर फैसले में जनता की भलाई को सबसे ऊपर रखती है। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह की यह पहल लोगों के दिलों में सरकार के प्रति विश्वास को और अधिक मजबूत कर रही है।  

CJI की मां RSS शताब्दी कार्यक्रम में आमंत्रित, भाई ने बताई ये खास बात

नई दिल्ली  राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के अमरावती में 5 अक्टूबर को होने वाले कार्यक्रम के लिए सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश भूषण गवई की माताजी को निमंत्रण मिला है. मुख्य न्यायाधीश भूषण गवई के छोटे भाई ने कहा कि उनकी मां को आरएसएस के कार्यक्रम का निमंत्रण मिला है. उन्हें यह कार्यक्रम अटेंड करना चाहिए, जबकि कमलबाई गवई को लेकर एक पत्र वायरल हो रहा है, जिसमें वो हिंदू धर्म की आइडियोलॉजी के खिलाफ बात करती नजर आ रही है. हालांकि ये पत्र कमलबाई गवई का लिखा है या नहीं. इसकी पुष्टि नहीं हुई है, जबकि उनके बेटे राजेंद्र गवई की मानें तो उनकी मां ये कार्यक्रम अटेंड करने वाली हैं. कार्यक्रम का निमंत्रण पत्र भी सार्वजनिक हुआ है, जिसमें कमलबाई गवई का नाम लिखा हुआ है. 5 अक्टूबर को अमरावती में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) का विजयादशमी और आरएसएस के 100 साल पूरे होने पर शताब्दी वर्ष का विशेष कार्यक्रम होने जा रहा है. क्या कार्यक्रम में शिरकत करेंगी CJI की मां? सूत्रों का कहना है कि कमलताई गवई ने इस कार्यक्रम में शामिल होने से साफ इंकार किया है और वो खुद को अंबेडकरी विचारधारा और भारतीय संविधान के प्रति प्रतिबद्ध बताती हैं और किसी भी परिस्थिति में संघ के आयोजन में हिस्सा नहीं लेंगी. वहीं उनके पुत्र और रिपब्लिकन पार्टी के नेता राजेंद्र गवई ने दावा किया है कि उनकी मां ने निमंत्रण स्वीकार कर लिया है और वे कार्यक्रम में उपस्थित होंगी. राजेंद्र गवई ने कहा कि संघ का कार्यक्रम अमरावती में हो रहा है और उसका निमंत्रण मेरी माताजी को मिला है, जिसे उन्होंने स्वीकार किया है. पहले भी नागपुर में संघ के मुख्य कार्यक्रमों में दिवंगत रिपब्लिकन पार्टी के नेता राजाभाऊ खोब्रागडे और दादासाहेब गवई शामिल हो चुके हैं. दादासाहेब गवई के इंदिरा गांधी और विदर्भ के नेता गंगाधर फडणवीस से भी घनिष्ठ संबंध थे. जानें CJI के भाई ने क्या कहा उन्होंने आगे कहा, रिश्ते भाईचारे के हैं, लेकिन विचारधाराएं अलग-अलग हैं. किसी कार्यक्रम में जाने का मतलब यह नहीं कि विचारधारा बदल जाएगी. हमारी मित्रता रहेगी, पर विचारधारा हमारी पक्की है. वहीं, सोशल मीडिया पर हो रही आलोचनाओं पर प्रतिक्रिया देते हुए राजेंद्र गवई ने कहा कि, भूषणजी गवई बड़े पद पर पहुंचे हैं, इस कारण विरोधी जानबूझकर टीका-टिप्पणी कर रहे हैं. कुछ सकारात्मक प्रतिक्रियाएं भी आ रही हैं, लेकिन हम उस पर अधिक ध्यान नहीं दे रहे. उन्होंने कहा कि आईसाहेब ने जो निर्णय लिया है, मैं उनके साथ मजबूती से खड़ा हूं. हम सर्वधर्मसमभाव को मानने वाले हैं और यह रास्ता हमने पहले भी अपनाया था, आज भी मानते हैं और भविष्य में भी मानते रहेंगे.  

लाड़ली बहना आवास योजना की पहली लिस्ट जारी, 5 लाख महिलाओं को मिलेगा घर का सपना

भोपाल  मध्य प्रदेश की 1.27 करोड़ से ज्यादा लाड़ली बहनों के लिए प्रदेश की सीएम मोहन यादव सरकार ने बड़ी राहत दी है। इस योजना से जुड़ी महिलाओं को लाड़ली बहना आवास योजना के तहत आवास दिए जाएंगे। प्रदेश सरकार ने ऐसी 5 लाख महिलाओं की सूची जारी कर दी है। आइए जानते हैं कि इस योजना का लाभ कैसे मिलेगा, आवेदन कैसे करें, अपना नाम कैसे चेक करें और कैसे नाम जोड़वाएं। कौन कर सकता है आवेदन?  इस योजना का लाभ उन्हें मिलेगा जो मध्यप्रदेश के निवासी हैं और जो कच्चे मकान में रह रही हैं। इसके अलावा, जो महिलाएं प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ नहीं प्राप्त कर पाईं, वे भी लाड़ली बहना आवास योजना का लाभ ले सकेंगी। योजना में पात्र महिलाएं वे हैं जिनके खातों में हर महीने 1250 रुपये की किस्त आती है। लाड़ली बहना योजना का मुख्य उद्देश्य महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देना है। मोहन सरकार का मानना है कि जब महिला के पास पक्का मकान होगा, तो उसे न केवल सुरक्षा मिलेगी बल्कि उसका आत्मसम्मान भी बढ़ेगा। इससे वह आत्मनिर्भर बन सकेगी और अपनी स्थिति को सशक्त रूप से सुधार सकेगी। लाड़ली बहनों को मिलेगा पक्का मकान मध्य प्रदेश की लाड़ली बहना योजना की पात्र महिलाएं अब खुद के घर का सपना सच होते देख सकेंगी। सीएम मोहन यादव ने घोषणा की है कि सभी पात्र महिलाओं को सरकार की ओर से पक्का घर दिया जाएगा। इसकी प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। सरकार लाड़ली बहनों को छत का आसरा देने के लिए उन्हें आर्थिक सहायता देगी। जानें किन्हें मिलेगा इस योजना का लाभ? मध्यप्रदेश की बीजेपी सरकार पक्के घर के लिए आर्थिक सहायता राशि देने की इस योजना का लाभ उन महिलाओं को दे रही है, जो पहले से ही इस योजना (Ladli Behna Yojana) से जुड़ी हुई हैं। उनके खातों में हर महीने आने वाली किस्त के 1250 रुपए आते हैं। इसके लिए मध्यप्रदेश का निवासी होना जरूरी है। जो कच्चे मकान में रह रही हैं या फिर जिन महिलाओं को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ न मिला हो, वे ही इस योजना का लाभ ले सकेंगी। आवेदन प्रक्रिया और नाम चेक करने का तरीका  आवेदन प्रक्रिया बहुत सरल है। महिला को अपनी पात्रता की पुष्टि करने के लिए अपने गांव या नगर निगम कार्यालय में आवेदन करना होगा। इसके अलावा, वे ऑनलाइन माध्यम से भी अपने नाम की जांच कर सकती हैं और नाम जुड़वाने के लिए आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी प्राप्त कर सकती हैं। मोहन सरकार का ऐतिहासिक कदम इस योजना का नाम है लाड़ली बहना आवास योजना (Ladli Behna Awas yojana)। ये योजना महिला सशक्तिकरण की दिशा में मोहन सरकार का ऐतिहासिक कदम है। सरकार का मानना है कि जब महिला के पास पक्का मकान होगा, तो वह सुरक्षा के साथ ही आत्मसम्मान भी महसूस करेगी। आत्मनिर्भरता में उसकी भागीदारी बढ़ेगी। बताया जा रहा है किमध्य प्रदेश की लाड़ली बहना आवास योजना (Ladli Behna Awas yojana) के लिए ग्रामीण सूची भी जारी की गई है। इस योजना के तहत पहले चरण में प्रदेश की 5 लाख महिलाओं को इसका लाभ मिलेगा। जल्द ही अन्य महिलाओं के नाम की लिस्ट में इस आवास योजना के लिए जारी किए जाएंगे। ताकि ज्यादा से ज्यादा महिलाओं को इस योजना का लाभ मिल सके। पहले चरण के तहत पक्के मकानों का निर्माण कार्य जल्द ही शुरू होने जा रहा है। हितग्राही महिलाएं अपना नाम आधिकारिक वेबसाइट cmladlibehnayojana.com पर जाकर चैक कर सकती हैं। इसके लिए लाभार्थी सूची (cmladlibehnamp.gov.in list) का विकल्प चुनें। इसके बाद ब्लॉक और ग्राम पंचायत का चयन करना होगा। अब बॉक्स में अपना नाम टाइप करें, पति का नाम और कैप्चा कोड को फिल करें। इस जानकारी को भरते ही लिस्ट आपके सामने होगी, आप देख सकेंगी की लाभार्थियों की सूची में आपका नाम है या नहीं। जिनके पास नहीं इंटरनेट या स्मार्ट फोन, उन्हें भी मिलेगा लाभ योजना का लाभ उन महिलाओं को भी मिल सकेगा, जिनके पास इंटरनेट की सुविधा नहीं है या स्मार्ट फोन उपलब्ध नहीं है। अगर आप भी ऐसी ही महिलाओं में से एक हैं, तो अपने गांव के जनसेवा केंद्र, पंचायत कार्यालय और ग्राम सचिवालय में जाकर लाभार्थी सूची की जानकारी प्राप्त कर सकती हैं। वहां अधिकारी आपकी हर संभव मदद करेंगे। लिस्ट में नहीं नाम, तो करें ये काम अगर किसी महिला का नाम सूची (ladli behna awas yojana list) में नहीं आता है, जबकि उसने आवेदन दिया है, तो वह ग्राम पंचायत सचिव या जनसेवा केंद्र से संपर्क कर सकती है। इसके साथ ही आधिकारिक पोर्टल पर भी महिला सूची में अपना नाम देख सकती है। वह अपने द्वारा दिए गए आवेदन की स्थिति की जानकारी भी ले सकती है।

आत्माओं को तृप्त करने की अनोखी रिवायत, उज्जैन में मदिरा की 27KM लंबी धारा

उज्जैन उज्जैन में शारदीय नवरात्र की महाअष्टमी पर आज सुख-समृद्धि के लिए नगर पूजा हुई. कलेक्टर रौशन कुमार सिंह सुबह 7.30 बजे चौबीस खंभा स्थित माता महामाया व महालया को मदिरा का भोग लगाकर पूजा की शुरुआत की. इसके बाद शासकीय अधिकारी व कोटवारों का दल शहर के विभिन्न स्थानों में स्थित 40 से अधिक देवी व भैरव मंदिर में ढोल ढमाकों के साथ रवाना हुए. इस दौरान नगर के करीब 27 किलो मीटर लंबे नगर पूजा मार्ग पर मदिरा की धार लगाई जा रही है. साथ ही पूड़ी, भजिए, गेहूं व चने की घुघरी अर्पित की जाएगी. मान्यता है ऐसा करने से नगर में मौजूद अतृप्त आत्माएं तृप्त होती हैं तथा सुख-समृद्धि का आशीर्वाद प्रदान करती है. धर्मधानी उज्जैन में नगर पूजा की परंपरा सम्राट विक्रमादित्य के काल से चली आ रही है. आजादी के बाद से नगर पूजा करा रही सरकार कालांतर में राजा महाराजा इस परंपरा का निर्वहन करते आए हैं. स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद सरकार की ओर से नगर पूजा कराई जा रही है. आज नगर पूजा का शुभारंभ चौबीस खंभा माता मंदिर से हुआ. मान्यता है कि यह प्राचीन उज्जैन का मुख्य द्वार है. इस द्वार के दोनों ओर माता महामाया व महालया विराजित है. इसीलिए आज सुबह सर्वप्रथम कलेक्टर रोशन कुमार सिंह, एसपी प्रदीप शर्मा ने यही से पूजन की शुरुआत की. इसके बाद शहर के अन्य देवी व भैरव मंदिरों में पूजा की जा रही है. मान्यता है कि देवी भैरव आदि अनादिकाल से इस नगर की सुरक्षा कर रहे हैं. उन्हीं के आशीर्वाद से प्रजाजन सुखी व संपन्न रहते हैं. देवताओं की कृपा सदा सर्वदा बनी रहे, इसलिए प्रतिवर्ष शारदीय नवरात्र की महाअष्टमी पर राजा द्वारा देवी भैरव के पूजन की परंपरा है. आज सुबह चौबीस खंभा माता मंदिर से सुबह नगर पूजा की शुरुआत हुई. सुबह से शाम तक करीब 12 घंटे पूजा अर्चना का सिलसिला चलता है. रात 8 बजे गढ़कालिका माता मंदिर के समीप हांडी फोड़ भैरव मंदिर में पूजा अर्चना के साथ नगर पूजा संपन्न होती है. 14 घंटे चलती है नगर पूजा उज्जैन में की जाने वाली ये नगर पूजा लगभग 14 घंटों में पूरी होती है. सुबह 7.30 बजे सबसे पहले देवी महामाया और महालया का शराब को भोग लगाने से ये पूजा शुरू होती है. 40 मंदिरों में पूजा करते-करते रात करीब 7.30 बजे इस पूजा का समापन होता है. नगर पूजा के अंतर्गत देवी और भैरव मंदिरों में शराब का भोग लगाते हैं और हनुमान मंदिरों के मंदिर में ध्वजा अर्पित की जाती है. 40 अलग-अलग मंदिरों में पूजा करने के बाद शासकीय अधिकारियों व कर्मचारियों की टीम हांडी फोड़ भैरव मंदिर पहुंचती है. यहां इस पूजा का समापन होता है और शराब से भरी मटकी फोड़ दी जाती है. इस पूजा के लिए आबकारी विभाग 31 बोतल शराब अपनी ओर से देता है. इस पूजा में सिंदूर, कुंकुम, अबीर, मेहंदी, चूड़ी, नारियल, चना, सिंघाड़ा, पूरी-भजिए, दूध, दही, इत्र आदि 40 तरह की चीजों का उपयोग किया जाता है.

लाखों की लागत से बने सामुदायिक के शौचालयों में कई साल से लटक रहे ताले

जनकपुर  जनपदक्षेत्र मिली जानकारी के अनुसारभरतपुर में कई सामुदायिक शौचालय अपूर्ण हैं क्योंकि स्वच्छ भारत मिशन के तहत निर्माण तो हुआ है, लेकिन संचालन और रखरखाव की कमी है,जिससे कई शौचालय अनुपयोगी हैंभ्रष्टाचार के कारण भी निर्माण कार्य बाधित हुआ है, जिसके चलते शौचालयों में ताले लगे हैं एमसीबी जिला का है जहां अविभाजित कोरिया जिला अंतर्गत जनपद क्षेत्र भरतपुर में स्वच्छ भारत मिशन के तहत कुल 53 सामुदायिक शौचालय की स्वीकृति दिनांक 8 दिसम्बर 2020 को मिली थी। जहां प्रति सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र की लागत 4 लाख 40 हजार रूपए थी। जिसमें 3 दुकान के साथ सामुदायिक शौचालय भी बनना था। जिसकी निर्माण एजेंसी ग्राम पंचायत थी।  कागज़ों में निर्माण कार्य पूर्ण दिखाकर राशि ख़र्च कर दिया गया। मगर जमीनी हकीकत कुछ और ही है। क्षेत्र के  लोगों ने बताया कि जहां जनपद क्षेत्र भरतपुर अंतर्गत लगभग 50 सामुदायिक शौचालय का निर्माण कार्य आज भी अधूरा है क्योंकि किसी सामुदायिक शौचालय में पानी की सुविधा नहीं है क्योंकि किसी सामुदायिक शौचालय में पानी की टंकी नहीं लगाई गई। और बिना पानी के शौचालय का होना व्यर्थ है। जनकपुर,ककलेडी,मसर्रा,बेनीपुरा,चुटकी,तिलौली,चांटी, च्यूल, सेमरिया,जैंती,बरहोरी,फूलझर,कुवांरपुर,खमरौध , ,जुईली,घघरा , अक्तवार जैसे कई ग्राम पंचायत में बने सामुदायिक शौचालय का निर्माण कार्य आज भी अधूरा है। मुख्य कार्यपालन अधिकारी भरतपुर अजय सिंह राठौर का कहना है कि जांच करवाता हूं। निर्माण के समय जो सचिव ग्राम पंचायत पर पदस्थ थे उनसे जानकारी लेकर कार्य पूर्ण करवाने को कहा जाएगा।

हार्डकोर्ट के राजा: यानिक सिनेर ने फाइनल में की एंट्री, लगातार नौवां फाइनल खेलेंगे

बीजिंग चाइना ओपन टेनिस टूर्नामेंट में रोमांचक मुकाबले देखने को मिल रहे हैं। शीर्ष वरीयता प्राप्त यानिक सिनेर ने एलेक्स डि मिनौर को 6-4, 3-6, 6-2 से मात देकर फाइनल में जगह बनाई। यह हार्डकोर्ट पर उनका लगातार नौवां फाइनल है, जो उनके शानदार फॉर्म का सबूत है। अब फाइनल में सिनेर का सामना दानिल मेदवेदेव और उभरते खिलाड़ी लर्नर टियेन के बीच होने वाले सेमीफाइनल के विजेता से होगा। महिला वर्ग में दूसरी वरीयता प्राप्त अमेरिका की कोको गाफ ने स्विट्जरलैंड की बेलिंडा बेंचिच को 4-6, 7-6, 6-2 से हराकर क्वार्टर फाइनल में प्रवेश कर लिया। गाफ ने शुरुआती सेट गंवाने के बावजूद जबरदस्त वापसी करते हुए टाईब्रेकर जीता और निर्णायक सेट में दबदबा बनाया। इस जीत के साथ बेंचिच के खिलाफ उनका करियर रिकॉर्ड 4-2 हो गया है। टूर्नामेंट के आगे के चरणों में अब टॉप सीड खिलाड़ियों के बीच कड़ी टक्कर देखने की उम्मीद है, खासकर सिनेर और मेदवेदेव की संभावित भिड़ंत पर सभी की नजरें टिकी हैं।  

मुख्यमंत्री साय ने कहा- उत्साह, उमंग और सद्भावना बढ़ाने का पर्व है नवरात्रि

रायपुर  मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय नवरात्रि के पावन पर्व पर विगत रात्रि राजधानी रायपुर स्थित विभिन्न गरबा समारोहों में शामिल हुए। उन्होंने मातारानी का दर्शन कर प्रदेश की सुख, समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की। इस अवसर पर रायपुर शहर गरबा के रंग में सराबोर दिखाई दिया और हर तरफ़ उत्सव का उल्लास वातावरण में व्याप्त था। मुख्यमंत्री श्री साय भानपुरी स्थित श्री कच्छ कड़वा पाटीदार समाज, आशीर्वाद भवन में श्री गुजराती लोहाणा महाजन समाज द्वारा आयोजित "झणकारो 2025", इनडोर स्टेडियम में "रंगीलो रास 2025" तथा ओमाया पार्क में "रास गरबा उत्सव" में सम्मिलित हुए। इन आयोजनों में समाजजनों ने मुख्यमंत्री का पारंपरिक कच्छ पगड़ी पहनाकर और तिलक लगाकर आत्मीय स्वागत किया। गरबा की धुनों और रंगारंग माहौल में मुख्यमंत्री की उपस्थिति ने जनसमूह में उत्साह और ऊर्जा का संचार किया। प्रदेशवासियों को शारदीय नवरात्र की शुभकामनाएँ देते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि नवरात्रि उत्साह, उमंग और सद्भावना बढ़ाने का पर्व है। यह पर्व सामाजिक समरसता को और मजबूत करता है तथा जन-जन में ऊर्जा का संचार करता है। उन्होंने कहा कि हमारे छत्तीसगढ़ में देवी को विभिन्न स्वरूपों में पूजा जाता है और मातृशक्ति के आशीर्वाद से प्रदेश निरंतर उन्नति के पथ पर अग्रसर है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि दंतेवाड़ा में मां दंतेश्वरी, धमतरी में मां अंगारमोती एवं बिलईमाता, सरगुजा और रतनपुर में मां महामाया, डोंगरगढ़ में मां बम्लेश्वरी जैसे अनेक स्वरूपों में माता प्रदेश में विराजमान हैं। इन सभी शक्तिपीठों का आध्यात्मिक महत्व न केवल प्रदेश की आस्था को मजबूत करता है बल्कि सांस्कृतिक धरोहर के रूप में भी छत्तीसगढ़ को विशिष्ट पहचान प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि नवरात्र के प्रथम दिन ही यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने जीएसटी रिफॉर्म लागू कर देश की आर्थिक गतिविधियों को नई गति प्रदान की है। यह सुधार न केवल व्यापार को सुगम बनाएगा बल्कि उपभोक्ताओं को प्रत्यक्ष लाभ भी देगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज ‘बचत उत्सव’ के माध्यम से आम नागरिकों की जेब में पैसों की उल्लेखनीय बचत हो रही है और यह अर्थव्यवस्था में नई ऊर्जा का संचार कर रही है। मुख्यमंत्री श्री साय ने लोगों से आह्वान किया कि जब भी बाजार जाएँ तो स्वदेशी वस्तुओं की खरीदी को प्राथमिकता दें। स्वदेशी से न केवल देश की आर्थिक स्थिति मजबूत होती है बल्कि स्थानीय स्तर पर उत्पादन और स्वरोजगार के अवसर भी सृजित होते हैं। उन्होंने कहा कि स्वदेशी को अपनाना आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में बड़ा कदम है और यही देश की समृद्धि का आधार बनेगा। इस अवसर पर रायपुर सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल, विधायक श्री मोतीलाल साहू, श्री पुरंदर मिश्रा, श्री सुनील सोनी,  विधायक श्री अनुज शर्मा, पूर्व विधायक श्री देवजी भाई पटेल, स्थानीय जनप्रतिनिधि, मंडल आयोग के अध्यक्ष सहित कच्छ कड़वा पाटीदार समाज और श्री गुजराती लोहाणा महाजन समाज के वरिष्ठजन एवं गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित थे।