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आज किस राशि की चमकेगी किस्मत? 10 अक्टूबर का राशिफल एक नज़र में

मेष राशि- आज के दिन खर्च बढ़ सकते हैं। आप अनजाने में कुछ ऐसे काम कर सकते हैं, जो आपके रिश्ते को नुकसान पहुंचा सकते हैं। गलतफहमियां या बहस से बचना बेहतर है। बैलेंस बनाएं। वृषभ राशि- आज के दिन इमोशनल दूरी आपके रिश्ते को चुनौती दे सकती है। खुला दिमाग रखने और अपनी फीलिंग पर भरोसा करने की चुनौती महसूस होगी। हर अवसर आपके लॉंग टर्म लक्ष्य के अनुरूप नहीं होगा। मिथुन राशि- आज नेचर में कुछ समय बिताएं। सिरियस बातचीत में इनवॉल्व होंगे। आज की एनर्जी आपको वर्तमान में रहने, अपनी इच्छाओं के साथ तालमेल बिठाने और उन्हें वास्तविकता में लाने के लिए प्रोत्साहित करती है। कर्क राशि- आज के दिन नए लोगों से मिलने के लिए तैयार रहें। रोमांस के दरवाजे खुल सकते हैं। धन के मामले में इरादों को क्लियर तौर पर समझे बिना कोई भी निर्णय नहीं लेना चाहिए। सिंह राशि- आज के दिन अपनी दिल का ध्यान रखें। अपने मोबाईल फोन और स्क्रीन के बिना रहने के लिए कुछ समय जरूर निकालें। अपनी पसंद को लेकर सावधान रहना चाहिए। टास्क समय पर करें। कन्या राशि- आज के दिन नए शौक और एक्टिविटी खोजें, जो आपको खुशी दें। अपनी पसंद-नापसंद पर ध्यान दें। नई चीजों के लिए खुले रहें, लेकिन जिसके आप योग्य हैं उसके अलावा किसी और चीज के लिए समझौता न करें। तुला राशि- आज के दिन सही दिशा अपनाने और सही लोगों से मिलने में मदद के लिए अपने इंट्यूशन पर भरोसा करें। काम पर फोकस बनाए रखें। सेहत व डाइट पर ध्यान देना बहुत जरूरी है। वृश्चिक राशि- आज के दिन अपने व्यस्त कार्यक्रम के बावजूद, सामाजिक समारोह और डेटिंग के लिए टाइम निकालना जरूरी है। वर्तमान पर विचार करें और नए नेटवर्क बनाएं। अपनी जीवनशैली को स्टेबल करने पर ध्यान दें। धनु राशि- आज के दिन आपका पास्ट या आपके आस-पास के लोग कुछ प्रॉब्लम पैदा कर सकते हैं। सोल्यूशन पर फोकस करें और सुनिश्चित करें कि आप अपने करीबियों से खुलकर बात करें। मकर राशि- आज के दिन अपने दिल की राह पर चलें। गहरी बातचीत या गतिविधियों में इन्वॉल्व हों। बिजी शेड्यूल आपके रिश्ते को प्रभावित कर सकता है। सावधानी से धन को खर्च करें। कुंभ राशि- आज के दिन अपने विचारों और भावनाओं को अपने साथी के सामने खुलकर जाहिर करें। आप आसानी से अपने विचारों में खो सकते हैं। नए कनेक्शन बनाते समय सावधान रहें। मीन राशि- आज के दिन विचारों को अपने डीसीजन पर हावी न होने दें। अपने प्रेम जीवन को लेकर संदेह का अनुभव कर सकते हैं। खुद पर ध्यान केंद्रित करें और अपनी खुशी पर फोकस रखें।

कांग्रेस नेता के कार्यक्रम में पहले कुरान, फिर पार्टी झंडा — भाजपा बोली ‘यही असली चेहरा’

नई दिल्ली कर्नाटक के हुबली में 5 अक्टूबर को आयोजित एक सरकारी कार्यक्रम के दौरान कुरान पढ़े जाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। भाजपा ने इस मामले पर आपत्ति जताई है। उन्होंने इसे सरकारी मंच का दरुपयोग करार देते हुए कांग्रेस की आलोचना की है। उन्होंने आरोप लगाया है कि कांग्रेस नेताओं और अधिकारियों ने इस कार्यक्रम को एक पार्टी शो में बदल दिया। दरअसल, 05 अक्टूबर को हुबली में हुए कार्यक्रम के कुरान पाठ का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। भाजपा ने आपत्ति जताते हुए कहा यह प्रोटोकॉल का उल्लंघन है। वहीं, कांग्रेस ने आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। साथ ही यह भी दावा किया है कि यह एक सरकारी कार्यक्रम था। सरकारी कार्यक्रम में कांग्रेस के झंडे इस घटना को लेकर भाजपा विधायक अरविंद बेलाड ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स किए एक पोस्ट में बताया, "यह एक सरकारी समारोह था। वे किसी इमाम को बुलाकर कुरान कैसे पढ़वा सकते हैं. एक सरकारी कार्यक्रम में कांग्रेस के झंडे लहरा रहे थे और मौजूद अधिकारी पार्टी कार्यकर्ताओं की तरह व्यवहार कर रहे थे।" उन्होंने आगे लिखा कि हुबली-धारवाड़ नगर आयुक्त रुद्रेश घाली और जिला पंचायत के सीईओ भुवनेश पाटिल ने सरकारी प्रोटोकॉल का पालन करने के बजाय पार्टी के मेहमानों की तरह भाग लिया। यह प्रशासनिक नैतिकता का गंभीर उल्लंघन और करदाताओं के पैसे का दुरुपयोग है। मैंने मुख्य सचिव @shalinirajnish को पत्र लिखकर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ जांच और तत्काल कार्रवाई की मांग की है। अगर सरकार कार्रवाई नहीं करती है, तो आगामी विधानसभा सत्र में इस मुद्दे को जोरदार तरीके से उठाया जाएगा। कांग्रेस के झंडे फहराने में कुछ भी गलत नहीं वहीं, इसको लेकर राज्य मंत्री संतोष लाड ने कहा यह कोई सरकारी कार्यक्रम नहीं था। कार्यक्रम से केवल यह विशेष वीडियो लिया है और इसे दिखा रहे हैं। इसमें कुरान का पाठ था। लेकिन हिंदू देवी-देवताओं के लिए अन्य पाठ भी थे… हिंदू धर्म से संबंधित बहुत सारे पाठ थे। इसलिए उन्हें आपत्ति क्यों है, मुझे नहीं पता। लाड ने कहा कि यह कांग्रेस के पार्षदों द्वारा आयोजित किया गया था। ऐसे आयोजन में कांग्रेस के झंडे फहराने में कुछ भी गलत नहीं है।  

अब UK में भी हर नागरिक को मिलेगा यूनिक डिजिटल पहचान पत्र, क्या है पीएम स्टारमर का प्लान?

नई दिल्ली ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर बुधवार को मुंबई पहुंचे। भारत पहुंचाते ही सबसे पहले उन्होंने इंफोसिस के सह-संस्थापक और भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण के अध्यक्ष नंदन नीलेकणि से मुलाकात की। दरअसल कीर आधार कि तर्ज पर ही ब्रिटेन में डिजिटल पहचान प्रणाली कि योजना पर विचार कर रहे हैं। स्टार्मर के प्रवक्ता ने बताया कि नीलेकणी के साथ उनकी बैठक इंफोसिस के साथ किसी वाणिज्यिक समझौते के बारे में नहीं थी, बल्कि ब्रिटेन सरकार का लक्ष्य आधार योजना कि तर्ज पर अपना डिजिटल संस्करण तैयार करना है। क्या चाहते हैं पीएम स्टारमर ? ब्रिटिश पीएम स्टारमर ने अपनी मंशा जाहिर की है कि वे अपने देश में भी आधार की तर्ज पर स्मार्टफोन आधारित डिजिटल पहचान आईडी शुरू करने पर विचार कर रहे हैं। ब्रिटेन में ये शुरुआत पूरी तरीके से भारतीय तकनीक पर आधारित होगी। इस पहचान आईडी को बनाने का मुख्य उद्देश्य ब्रिटेन में गैरकानूनी रूप से आने वाले अप्रवासियों पर बंदिश लगाना है। स्टारमर के प्रवक्ता ने बताया इसलिए वो भारत जैसे देशों से बात कर रहे हैं जो पहले से इस तरह की डिजिटल आईडी सेवा को शुरू कर चुके हैं। बता दें भारत में 2009 में आधार सेवा शुरू की गई थी।   ब्रिटेन में हो रहा जमकर विरोध जहां एक ओर ब्रिटिश पीएम स्टारमर भारत में आधार सेवा पर चर्चा कर रहे हैं वहीं दूसरी ओर ब्रिटेन में डिजिटल पहचान पत्र के प्रति समर्थन में भारी गिरावट आ रही है। विपक्षी दलों ने कहा है कि वे इस योजना का विरोध करेंगे। हालांकि, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री अपनी योजना को लेकर बेहद उत्साहित हैं। मुंबई रवाना होने से पहले उन्होंने मीडिया से कहा, "हम भारत जा रहे हैं, जहां पहले से ही पहचान पत्र जारी किया जा रहा है जहां उसे भारी सफलता मिली है। इसलिए मेरी एक बैठक पहचान पत्र से संबंधित होगी।"  

ग्लोबल इन्वेस्टर्स की पहली पसंद बना पंजाब, उद्योगों में दिखा विश्वास

चंडीगढ़ पंजाब, गुरुओं की पवित्र धरती और भारत का गौरवशाली ‘अन्नदाता’, आज मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान सरकार की प्रेरक नेतृत्व में वैश्विक मंच पर चमक रहा है। विश्व की सबसे बड़ी कंपनियाँ – जापान, अमेरिका, जर्मनी, नीदरलैंड्स, यूके – पंजाब की उपजाऊ मिट्टी और प्रगतिशील नीतियों में अपने सपनों का सुनहरा भविष्य देख रही हैं। सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि मार्च 2022 से अब तक ₹1.23 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव और 4.7 लाख रोजगार अवसरों ने पंजाब को नई ऊँचाइयों पर पहुँचाया है। यह है नया पंजाब – आपके सपनों का पंजाब, जहाँ हर गाँव, हर शहर, हर परिवार में खुशहाली की लहर दौड़ रही है! “पंजाब वह धरती है, जहाँ मेहनत फलती है और हिम्मत फूलती है। हमारी सरकार हर पंजाबी के लिए रोजगार, सम्मान और समृद्धि का वादा लेकर आई है, और हम इसे हर घर तक पहुँचा रहे हैं,” मुख्यमंत्री भगवंत मान ने गर्व और जोश के साथ कहा। सरकार ने दावा किया है कि पंजाब ने 2021 से अब तक ₹18,000 करोड़ से अधिक का विदेशी निवेश हासिल किया, जिसमें 2025 में ही ₹8,000 करोड़ से ज्यादा की नई परियोजनाएँ शामिल हैं।  Amazon, Nissan-Renault, Siemens, De Heus और PepsiCo जैसे वैश्विक दिग्गजों ने पंजाब को विश्व का अगला बड़ा निवेश गंतव्य चुना है, जो हर पंजाबी के लिए गर्व की बात है। पंजाब के हर कोने में विकास की रोशनी फैल रही है। पटियाला के राजपुरा में नीदरलैंड्स की सदी पुरानी कंपनी De Heus ने ₹150 करोड़ का अत्याधुनिक पशु आहार प्लांट शुरू किया, जो सिर्फ दो साल में बनकर तैयार हुआ। यह 300 से अधिक युवाओं को नौकरियाँ देगा और पंजाब, हरियाणा, राजस्थान के किसानों को नया बाजार देगा, जिससे उनके चेहरों पर मुस्कान खिल रही है। मोहाली में Amazon Web Services ने ₹7,000 करोड़ के AI और डेटा सेंटर्स की घोषणा की, जो 500 से अधिक युवाओं को हाई-टेक नौकरियाँ देगा, और पंजाब को डिजिटल इंडिया का सितारा बना रहा है। लुधियाना में जापान-फ्रांस की Nissan-Renault ने ₹500 करोड़ का इलेक्ट्रिक वाहन प्लांट शुरू किया, जो 300 युवाओं के लिए रोजगार और पंजाब की सड़कों पर हरित भविष्य लाएगा। बठिंडा और फाजिल्का में जर्मनी की Siemens Energy ने ₹450 करोड़ के सोलर-विंड प्रोजेक्ट से 200 नौकरियाँ और पर्यावरण की नई उम्मीद जगाई है। संग्रूर में PepsiCo ने ₹150 करोड़ के फूड प्रोसेसिंग विस्तार से 100 नौकरियाँ और टिकाऊ पैकेजिंग को बढ़ावा दिया है। Nestlé, Hindustan Unilever, Cargill और Freudenberg जैसे ब्रांड्स ने भी 2023 से ₹3,000 करोड़ और 3,000 नौकरियाँ दी हैं, जिससे पंजाब का हर परिवार खुशहाली की राह पर है। मान सरकार ने पंजाब को कारोबार का स्वर्ग बना दिया है। फास्टट्रैक पंजाब पोर्टल, जो भारत का सबसे तेज़ सिंगल-विंडो सिस्टम है, 150 से अधिक सेवाएँ देता है और कागजी झंझट को इतिहास बना चुका है। पंजाब राइट टू बिजनेस एक्ट के तहत ₹125 करोड़ तक की परियोजनाओं को 5 दिन में मंजूरी और 45 दिन में पूर्ण अनुमति मिलती है, जो निवेशकों का दिल जीत रहा है। सस्ती बिजली, जमीन और टैक्स छूट ने पंजाब को निवेश का पहला प्यार बनाया है। “हमने ब्यूरोक्रेसी को जड़ से उखाड़ फेंका। पंजाब अब हर युवा के सपनों को पंख दे रहा है,” CM मान ने गर्व से कहा। पंजाब अब सिर्फ खेतों की कहानी नहीं। भारत के 17% गेहूँ उत्पादन का लाभ उठाकर Nestlé और PepsiCo जैसे ब्रांड्स इसे फूड प्रोसेसिंग का हब बना रहे हैं। लुधियाना-रूपनगर में Freudenberg और Nissan-Renault के ऑटो क्लस्टर चमक रहे हैं। Siemens और AWS के साथ पंजाब सोलर और टेक्नोलॉजी में देश का सिरमौर है। अमृतसर में प्रस्तावित फिल्म सिटी और पर्यटन नीतियाँ नई संभावनाओं के द्वार खोल रही हैं। पंजाब का GSDP ₹8.91 लाख करोड़ तक पहुँचा, जो 9% की वार्षिक वृद्धि का प्रतीक है। केवल 1.5% भूमि के साथ, पंजाब देश की अर्थव्यवस्था में शानदार योगदान दे रहा है। ये निवेश न केवल नौकरियाँ ला रहे हैं, बल्कि निर्यात को बढ़ा रहे हैं और जल-बचत तकनीकों से पर्यावरण को सहेज रहे हैं। सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि हर पंजाबी के लिए रोजगार और सम्मान अब एक हकीकत है, जो ‘आप’ सरकार का वादा और उसकी मेहनत का नतीजा है। CM भगवंत मान ने विश्व को 13-15 मार्च 2026 को मोहाली में होने वाले प्रोग्रेसिव पंजाब इन्वेस्टर्स समिट में बुलाया है। “यह समिट पंजाब की ताकत का उत्सव है। AI, सेमीकंडक्टर और हरित ऊर्जा में ₹20,000 करोड़ से अधिक निवेश लाएँगे। आइए, मिलकर नया पंजाब गढ़ें!” CM भगवंत मान और ‘आप’ सरकार ने दिखाया कि पंजाब हर दिल की धड़कन है। यहाँ हर युवा को नौकरी, हर किसान को सम्मान, और हर परिवार को खुशहाली मिल रही है। पंजाब अब विश्व का निवेश गंतव्य है – एक ऐसी धरती, जो गुरुओं की प्रेरणा और पंजाबियों की मेहनत से नए भारत का स्वप्न साकार कर रही है।

बड़ी पहल: कर्नाटक सरकार ने मंजूर किया पीरियड लीव, निजी कंपनियों पर भी लागू होगा नियम

बेंगलुरु  कर्नाटक में कांग्रेस के नेतृत्व वाली सरकार ने गुरुवार को सभी क्षेत्रों में कामकाजी महिलाओं को हर महीने पेड पीरियड लीव देने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। कैबिनेट बैठक के बाद बेंगलुरु स्थित विधान सौध में मीडिया से बात करते हुए, विधि एवं संसदीय कार्य मंत्री एच.के. पाटिल ने इसका ऐलान किया। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया की अध्यक्षता में हुई राज्य कैबिनेट बैठक में यह निर्णय लिया गया। मंत्री पाटिल ने बताया कि मासिक धर्म अवकाश राज्य भर के सरकारी कार्यालयों, कारखानों, बहुराष्ट्रीय कंपनियों (एमएनसी), आईटी फर्मों और निजी औद्योगिक क्षेत्रों में लागू होगा। चार राज्यों में अपनाई जा रही इस नीति के बारे में पूछे जाने पर, मंत्री पाटिल ने कहा कि सरकार द्वारा कोई अध्ययन नहीं किया गया है। चूंकि यह नीति अन्य राज्यों में उपयोगी और सफल रही है, इसलिए इसे कर्नाटक में भी अपनाया गया है। राज्य के श्रम मंत्री संतोष लाड ने कहा, "हम पिछले एक साल से मासिक धर्म अवकाश देने का नियम लागू करने के लिए काम कर रहे हैं। महिलाओं पर कई जिम्मेदारियां होती हैं। घर के काम के साथ-साथ वे बच्चों की देखभाल भी करती हैं। मासिक धर्म के दौरान उन्हें शारीरिक और मानसिक दोनों तरह का तनाव होता है। इसलिए, हमने मासिक धर्म अवकाश देने पर विचार-विमर्श के लिए एक समिति बनाई। समिति ने सालाना छह दिन की छुट्टी की सिफारिश की थी। सरकार ने अब सालाना 12 दिन की छुट्टी देने का फैसला किया है।" श्रम मंत्री ने आगे कहा, "हमें नहीं पता कि इसे दूसरे राज्यों में कैसे लागू किया गया, लेकिन कर्नाटक में हम इसे लागू करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। यह सरकारी और निजी, सभी क्षेत्रों में लागू होगा।" मंत्रिमंडल ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए उर्वरक भंडारण के लिए 200 करोड़ रुपये आवंटित करने पर भी सहमति व्यक्त की। राज्य सरकार ने बताया कि 2,000 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से पुलों के पुनर्निर्माण और नवीनीकरण के लिए सैद्धांतिक मंजूरी दे दी गई है। कर्नाटक भवन एवं अन्य निर्माण श्रमिक कल्याण बोर्ड के अंतर्गत पंजीकृत श्रमिकों के बच्चों के लिए दूसरे चरण में 405.55 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से 11 श्रमिक आवासीय विद्यालय स्थापित करने की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई है।

8.5 लाख कर्मियों की तैनाती के साथ बिहार चुनाव की तैयारी पूरी, मतदान प्रक्रिया होगी सख्त निगरानी में

नई दिल्ली बिहार विधानसभा चुनाव और छह राज्यों के आठ विधानसभा क्षेत्रों और जम्मू-कश्मीर के लिए उपचुनावों की घोषणा के बाद, इन चुनावों को सुचारू रूप से कराने की तैयारियां शुरू हो गई हैं। चुनाव आयोग ने गुरुवार को बताया कि बिहार में चुनाव के विभिन्न चरणों की सुचारू और व्यवस्थित प्रगति सुनिश्चित करने के लिए लगभग 8.5 लाख चुनाव अधिकारियों को तैनात किया गया है। आयोग ने कहा कि तैनात किए जाने वाले कर्मियों में लगभग 4.53 लाख मतदान कर्मी, 2.5 लाख पुलिस अधिकारी, 28,370 मतगणना कर्मी, 17,875 माइक्रो ऑब्जर्वर, 9,625 सेक्टर अधिकारी, मतगणना के लिए 4,840 माइक्रो ऑब्जर्वर और 90,712 आंगनवाड़ी सेविकाएं भी तैनात की जा सकती हैं। 90,712 बीएलओ और 243 ईआरओ सहित चुनाव मशीनरी मतदाताओं के लिए फोन कॉल पर और ईसीआईनेट ऐप पर बुक-ए-कॉल टू बीएलओ सुविधा के माध्यम से उपलब्ध है। आयोग ने प्रेस बयान में कहा कि डीईओ/आरओ स्तर पर कोई भी शिकायत/प्रश्न दर्ज करने के लिए कॉल सेंटर नंबर +91 (एसटीडी कोड) 1950 भी उपलब्ध है। चुनाव आयोग ने आगे कहा कि तैनात सभी कार्मिकों को जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 28ए के प्रावधानों के अनुसार चुनाव आयोग में प्रतिनियुक्ति पर माना जाएगा। चुनाव आयोग ने बिहार की 243 विधानसभा सीटों के लिए एक-एक जनरल ऑब्जर्वर नियुक्त किया है, जो आयोग के लिए निगरानी का काम करेंगे। इसके अलावा, 38 पुलिस ऑब्जर्वर और 67 खर्च ऑब्जर्वर भी तैनात किए गए हैं। ऑब्जर्वर अपने-अपने क्षेत्रों में रहेंगे और राजनीतिक दलों व उम्मीदवारों से नियमित रूप से मिलकर उनकी समस्याओं का समाधान करेंगे। बुधवार को चुनाव आयोग ने घोषणा की कि बिहार विधानसभा चुनाव में 85 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्ग मतदाता, दिव्यांगजन और सेवा मतदाता अपने वोट डाक मतपत्र (पोस्टल बैलट) के जरिए डाल सकेंगे। चुनाव आयोग के एक प्रेस नोट के अनुसार, यह सुविधा जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 60(सी) के तहत प्रदान की जाएगी।

श्रीकृष्ण गुरूकुल शिक्षा यात्रा ज्ञान-संस्कार और भक्ति का अद्भुत संगम

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने श्रीकृष्ण गुरूकुल शिक्षा यात्रा में शामिल सभी संतों, तीर्थ पुरोहित महासंघ, धर्म यात्रा महासंघ और विश्व हिंदू परिषद का अभिनंदन करते हुए कहा कि आज उज्जैन एक अद्भुत क्षण का साक्षी बन रहा है। यात्रा में सम्मिलित सभी सहभागी उस मार्ग पर चलकर आए हैं, जिस पर हमारे आराध्य श्रीकृष्ण शिक्षा ग्रहण करने के लिए मथुरा से उज्जैन स्थित आचार्य सांदीपनी के आश्रम पधारे थे। संतगण को उस पावन मार्ग से गुजरने का अवसर मिला, जहां श्रीकृष्ण की चरणरज पड़ी थी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मथुरा से आरंभ श्रीकृष्ण गुरूकुल शिक्षा यात्रा के उज्जैन में आयोजित समापन समारोह को भोपाल स्थित मुख्यमंत्री निवास से वर्चुअली संबोधित कर रहे थे। उल्लेखनीय है कि मथुरा से 5 अक्टूबर को आरंभ हुई यात्रा जयपुर, कोटा, झालावाड़ और आगरा होते हुए उज्जैन पहुंची थी। उज्जैन के समापन कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद श्री उमेशनाथ महाराज, विश्व हिन्दू परिषद के केन्द्रीय मंत्री श्री गजेन्द्र सिंह, तीर्थ पुरोहित महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री प्रयागनाथ चतुर्वेदी उपस्थित रहे। हमारी संस्कृति हमें समाज और सृष्टि के कल्याण के लिए जीना सिखाती है मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सांदीपनी आश्रम गुरू-शिष्य परम्परा की अनादि महिमा का साक्षात प्रतीक है। जहां हर कण में श्रीकृष्ण की विनम्रता, बलराम की शक्ति और सुदामा की भक्ति समाई हुई है। हमारे गुरूकुल आदि काल से भारतीय ज्ञान परम्परा का अभिन्न अंग हैं। सांदीपनी आश्रम में भगवान श्रीकृष्ण ने शिक्षा पाई और संसार को गीता का उपदेश देकर योगीराज बने। हमारी सनातन संस्कृति का परम ज्ञान परमार्थ है। हमारी संस्कृति हमें समाज और सृष्टि के कल्याण के लिए जीना सिखाती है। भगवान श्रीकृष्ण ने गोवर्धन पर्वत उठाकर ग्रामवासियों की रक्षा की और कुरूक्षेत्र में अर्जुन को गीता के माध्यम से धर्म और कर्तव्य का मार्ग दिखाया। उनका सारा जीवन समाज और धर्म की रक्षा के लिए था। दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश में बनेंगे वृंदावन गांव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि श्रीकृष्ण गुरूकुल शिक्षा यात्रा ज्ञान, संस्कार और भक्ति का अद्भुत संगम है। यह यात्रा नई पीढ़ी में नैतिकता, आत्मविकास और भारतीय संस्कृति का दीप प्रज्जवलित करने का प्रयास है। राज्य सरकार भगवान श्रीकृष्ण की स्मृतियों को संजोने का कार्य कर रही है। श्रीकृष्ण की शिक्षा स्थली उज्जैन, श्रीकृष्ण और सुदामा का मैत्री स्थल ग्राम नारायणा, रूक्मिणी वरण के स्थल धार जिले के अमझेरा और विनम्रता का संदेश देने वाले स्थल जानापाव (इंदौर) को तीर्थ के रूप में विकसित किया जाएगा। श्रीकृष्ण पाथेय के मार्ग पर आने वाले वन, जल संरचनाओं और उद्यानों का भी संरक्षण किया जाएगा। प्रदेश में दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए वृंदावन गांव बनाने का निर्णय लिया गया है। राज्य में गीता जयंती भी मनाई जाएगी। सिंहस्थ-2028 का आयोजन अद्वितीय वैभव के साथ होगा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन में वेद-वेदान्त विश्वविद्यालय की स्थापना की जाएगी। अमझेरा में चित्रकला, मूर्तिकला और पारम्परिक नृत्य-संगीत कला की शिक्षा दी जाएगी तथा इसे श्रीकृष्ण-रूक्मणी लोक के नाम से जाना जाएगा। जानापाव में सुदर्शन लोक की स्थापना की जाएगी, जहां आयुध कौशल के साथ-साथ पारम्परिक और आधुनिक युद्ध शैली का ज्ञान दिया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा‍कि सिंहस्थ-2028 का आयोजन अद्वितीय वैभव के साथ किया जाएगा। राज्य सरकार प्रदेश में सनातन संस्कृति के प्रचार-प्रसार में कोई कमी नहीं रहने देगी। उन्होंने प्रदेशवासियों से भगवान श्रीकृष्ण की शिक्षा परम्परा को जीवन में आत्मसात करने का आव्हान भी किया। उज्जैन में आयोजित समापन कार्यक्रम में बड़ी संख्या में संतगण की उपस्थित रही। इनमें महामण्डलेश्वर श्री शांतिस्वरूपानंद जी सरस्वती, महामण्डलेश्वर श्री आचार्य शेखर जी, महामण्डलेश्वर श्री शैलेषानंद जी गिरी, जूना अखाड़ा, महामण्डलेश्वर श्री ज्ञानदास जी महाराज निर्मोही अखाड़ा, महामण्डलेश्वर श्री भागवतानंद गिरी जी, अंवतिका पीठाधीश्वर, श्री रंगानाथाचार्य जी महाराज, महामण्डलेश्वर श्री मनीष महाराज ददुवा आश्रम तथा तिरूपतिधाम युवराज राघवेन्द्र जी प्रमुख है। इस अवसर पर धर्मयात्रा महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री प्रमोद अग्रवाल, प्रदेश अध्यक्ष श्री अशोक कोटवाणी, तीर्थ पुरोहित महासंघ के राष्ट्रीय महामंत्री श्री सुरेन्द्र चतुर्वेदी तथा प्रदेश अध्यक्ष श्री मनीष उपाध्याय और कांवड़ यात्रा संयोजक श्री रतनलाल अग्रवाल भी उपस्थित रहे।

शादीशुदा महिलाओं के लिए खास: करवा चौथ चंद्र उदय 8:12 PM, पूजा का समय नोट करें

ग्वालियर सौभाग्यवती महिलाएं अपने सौभाग्य की कामना करने के लिए करवा चौथ व्रत के लिए सज-संवरकर तैयार हैं। हाथों में मेहंदी, नैनों में काजल, दोनों हाथों में रंग-बिरंगी चूड़ियां पहनकर 10 अक्टूबर शुक्रवार को निर्जल व्रत का संकल्प सरगी के साथ तड़के लेंगीं। पहले सूर्यास्त और फिर चांद का इंतजार रहेगा। भगवान चंद्र देव भी व्रतधारी महिलाओं के संकल्प को पूरा करने के लिए रात आठ बजकर 12 मिनट पर उदय होंगे। भगवान चंद्र देव को अर्घ्य देकर पति के माथे पर चंदन और अक्षत से तिलक कर उनके हाथों से जल ग्रहण कर व्रत का पारण करेंगीं। व्रत को लेकर उत्साहित नवविवाहिताएं विवाह के उपरांत पहली बार करवा चौथ व्रत रखने वाली नवविवाहिताएं व्रत को लेकर अधिक उत्साहित हैं। वे माता करवा से भी प्रार्थना कर रहीं हैं कि उनके निर्जल व्रत के संकल्प पूरा करने के लिए आशीष दें। एक पखवाड़े से चल रही करवा चौथ व्रत की तैयारियां एक पखवाड़े से महिलाएं करवाचौथ व्रत की तैयारियां कर रहीं हैं। इस व्रत में महिलाएं 16 शृंगार करके सजती-संवरती हैं। व्रत के लिए परिधान तैयार करने से लेकर पति और स्वजन के लिए व्यंजन बनाती हैं। पिछले एक सप्ताह से करवाचौथ के लिए खरीदारी की जा रही है।   व्रत की पूर्व संध्या पर दोनों हाथों में मेहंदी लगवाई। ब्यूटी पार्लर भी पहले बुक कर रखा था। पार्लरों पर भी गुरुवार को भारी भीड़ रही। मेहंदी और चूड़ी पहनाने वालों के यहां भी कतार लगी थी। ऐसी मान्यता है कि व्रत के साथ सुहाग का सामान सौभाग्यवती महिलाओं को दान करने से पति की दीर्घायु आशीर्वाद प्रदान करते हैं। करवा चौथ पर बनेगा ग्रहों का दुर्लभ संयोग ज्योतिषाचार्य सुनील चोपड़ा ने बताया कि करवाचौथ पर इस बार ग्रहों का अद्भुत संयोग बनने जा रहा है। दरअसल, इस दिन शनि-मीन राशि में रहेंगे, गुरु और चंद्रमा मिथुन राशि में रहेंगे। शुक्र, सूर्य कन्या राशि में एक साथ रहेंगे। इसके अलावा इस बार कृतिका नक्षत्र में पूजन होगा। वहीं यह पर्व शुक्रवार का दिन है तो इस वजह से भी व्रती महिलाओं को गणेश भगवान और मां लक्ष्मी दोनों का आशीर्वाद भी प्राप्त होगा। पूजा का शुभ समय पंचांग के मुताबिक कार्तिक माह की कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि नौ अक्टूबर की रात 10 बजकर 54 मिनट से शुरू होगी और 10 अक्टूबर की शाम सात बजकर 38 मिनट इसका समापन होगा। करवाचौथ की पूजा करने का शुभ समय सुबह पांच बजकर 16 मिनट से शाम छह बजकर 29 मिनट बजे तक रहने वाला है। वहीं चंद्रमा का उदय रात्रि आठ बजकर 12 मिनट पर होगा।

Amritsar में बदलेगा जीवन, केंद्र सरकार ने किया विशेष ऐलान

अमृतसर भारत सरकार के केंद्रीय रेल एवं जल शक्ति राज्य मंत्री वीरना सोमन्ना ने अमृतसर रेलवे स्टेशन का दौरा किया और 300 करोड़ रुपये की लागत से स्टेशन के सौंदर्यीकरण के संबंध में रेलवे अधिकारियों से मुलाकात की। अमृतसर पहुंचने पर भाजपा जिलाध्यक्ष हरविंदर सिंह संधू ने अपने पदाधिकारियों के साथ केंद्रीय मंत्री का फूलों का गुलदस्ता और शॉल भेंट कर स्वागत किया। भाजपा जिलाध्यक्ष हरविंदर सिंह संधू ने अमृतसर में रेगो ब्रिज का निर्माण पूरा करने और 'वंदे भारत' एक्सप्रेस ट्रेन को शाम से सुबह तक चलाने की मांग को लेकर एक ज्ञापन सौंपा। केंद्रीय मंत्री वी. सोमन्ना ने भाजपा जिलाध्यक्ष हरविंदर सिंह संधू, भाजपा अमृतसर ग्रामीण जिलाध्यक्ष अमरपाल सिंह बोनी अजनाला और गुरप्रताप सिंह टिक्का के साथ श्री दरबार साहिब में मत्था टेका और गुरु का आशीर्वाद लिया। गुरु नगरी रेलवे स्टेशन को विश्वस्तरीय बनाने के लिए निरीक्षण किया  उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पंजाब के विकास के लिए प्रतिबद्ध हैं और उन्होंने पंजाब को कई बड़ी परियोजनाएं दी हैं, जैसे अमृतसर में आईआईएम, बठिंडा में एम्स, फिरोजपुर और संगरूर में पीजीआई के सैटेलाइट सेंटर, 2 नए हवाई अड्डे, दिल्ली-अमृतसर-कटरा राजमार्ग, शाहपुर कंडी परियोजना का विस्तार, सभी प्रमुख मार्गों पर नए राजमार्गों का निर्माण और 27 रेलवे स्टेशनों का विश्वस्तरीय आधुनिकीकरण। अमृतसर रेलवे स्टेशन, जहाँ देश-विदेश से हज़ारों पर्यटक प्रतिदिन गुरु नानक नगरी में धार्मिक स्थलों के दर्शन और रिट्रीट समारोहों में भाग लेने आते हैं, और यहीं से जम्मू-कश्मीर में माता वैष्णो देवी के दर्शन करने जाते हैं, का निरीक्षण किया गया ताकि इस स्टेशन को विश्वस्तरीय बनाया जा सके। रेगो ब्रिज का काम अगले साल तक हर हाल में पूरा करने के निर्देश केंद्रीय मंत्री ने अधिकारियों से अमृतसर में रेगो ब्रिज के बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त की और उन्हें अगले साल तक हर हाल में इसका काम पूरा करने के निर्देश दिए। गौरतलब है कि केंद्रीय रेल एवं जल शक्ति राज्य मंत्री वी सोमन्ना ने हाल ही में अजनाला के बाढ़ प्रभावित गांवों का दौरा किया था, जहां उन्होंने भाजपा अमृतसर ग्रामीण जिला अध्यक्ष अमरपाल सिंह बोनी, अजनाला के साथ बाढ़ प्रभावित गांवों का जायजा लेने के बाद इन गांवों को मोदी सरकार की ओर से हर संभव सहायता का आश्वासन दिया था। 

दिल्ली सरकार निकालेगी शिक्षकों के 5000+ पद, जानें कब से भर सकते हैं फॉर्म

नई दिल्ली दिल्ली सरकार के स्कूलों में अरसे से चल रही शिक्षकों की कमी दूर करने के प्रयास तेज हो गए हैं। दिल्ली सरकार ने 5346 शिक्षकों की भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया है। इससे पहले सितंबर में 1180 शिक्षकों की भर्ती निकली जा चुकी है। ये भर्ती प्रक्रिया उस योजना का हिस्सा है जिसके तहत सरकारी स्कूल में 18,000 शिक्षकों की नियुक्ति जानी है। इस तारीख से शुरू होगी आवेदन की प्रक्रिया दिल्ली अधीनस्थ सेवा चयन बोर्ड ने रिक्तियों का विज्ञापन दिया है और 9 अक्टूबर से ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। दिल्ली सरकार का शिक्षा निदेशालय 1075 स्कूल चलाता है, जिसमें 8,24,225 छात्र नामांकित हैं। इसके अलावा निदेशालय से सहायता प्राप्त 199 स्कूलों में 74,563 छात्र नामांकित हैं। अधिकारियों ने बताया कि शिक्षकों के 18,000 से अधिक पदों में से शिक्षकों की बड़ी संख्या में पद रिक्त हैं, जिन्हें पिछले कुछ वर्षों में अतिथि शिक्षकों से भरा गया है।