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बैंक सखी बालेश्वरी 11 करोड़ रुपए का कर चुकी हैं ट्रांजेक्शन

रायपुर, बैंक सखी ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में बैंकिंग सेवाओं को सुलभ बनाने के लिए स्वयं सहायता समूह की एक प्रशिक्षित महिला सदस्य होती है, जो सखी के रूप में काम करती है, वह बैंक के प्रतिनिधि के रूप में कार्य करती है । सरगुजा जिले के विकासखण्ड लखनपुर के ग्राम पंचायत लोसंगी की रहने वाली बालेश्वरी यादव बैंक सखी के रूप में कार्य कर रहीं हैं। उनके द्वारा पांच पंचायतों लोसंगी, लोसगा, रेमहला, लब्जी, कटिन्दा में लोगों तक बैंकिंग सुविधाएं पहुंचाई जा रहीं हैं,  ग्रामीण उन्हें बैंक वाली दीदी कहते हैं। क्योंकि बैकिंग सम्बन्धी जिन कार्यों के लिए लोगों को पहले बैंक तक जाना पड़ता था, वो काम अब उनके गांव में ही हो जाते हैं। बैंक वाली दीदी गांव में आती हैं और लोगों के बैंकिंग लेन-देन के कार्य करके जाती हैं।           बालेश्वरी यादव ने बताया कि वे वृद्धा पेंशन, दिव्यांग पेंशन, मनरेगा मजदूरी भुगतान, स्व- सहायता समूह की राशि का लेनदेन सहित अन्य बैंकिंग कार्य कर रहीं हैं। विगत पांच वर्षों में उन्होंने लगभग 11 करोड़ रुपए से अधिक की राशि का लेनदेन किया है। बालेश्वरी बताती हैं कि वे अपने पुत्र के साथ लोसंगी में रहती हैं, इससे पहले उनकी आय का जरिया मेहनत मजदूरी था, मजदूरी से प्राप्त पैसों से ही गुजर-बसर करना पड़ता था।         उन्होंने बताया कि वर्ष 2014 में  जब गांव में स्व-सहायता समूह का गठन हुआ, तो मुझे भी उसमें सदस्य बनने की इच्छा हुई और मुझे रानी लक्ष्मी बाई स्व-सहायता समूह का अध्यक्ष बनाया गया। इसके बाद मैंने ग्राम संगठन एवं क्लस्टर संगठन में भी अध्यक्ष के रूप में काम किया। इसके बाद सक्रिय महिला एवं आरवीके बुक कीपर का काम करने का भी मौका मिला। इसके बाद मुझे एनआरएलएम के द्वारा  बैंक सखी के बारे में बताया गया, इस कार्य के लिए मुझे काफी उत्सुकता हुई। हमें आरसेटी के द्वारा बैंक सखी का प्रशिक्षण दिया गया।         वर्ष 2021 से मैंने बैंक सखी का काम करना शुरू किया, उन्होंने कहा कि इस कार्य से मुझे प्रतिमाह लगभग 15 हजार रुपए तक कमीशन मिल जाता है। बैंक सखी के कार्य से आर्थिक सशक्तिकरण के साथ मुझे समाज में अलग पहचान मिली है, वहीं लोगों की मदद करके बहुत खुशी मिलती है। लोगों को जब जरूरत होती है, तो वे स्वयं मुझे बुलाते हैं। वहीं बुजुर्गों, दिव्यांगजनों एवं जरूरतमंदों के घर पर भी मैं बैंकिंग सेवा प्रदान करती हूं।  उन्होंने बताया कि कियोस्क के माध्यम से अब तक लभगभ 513 ग्रामीणों के जनधन खाते खोले हैं। वहीं बीमा योजनाओं से भी हितग्राहियों को जोड़ा है, जिसमें प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना 713, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना 556, अटल पेंशन योजना 600 हुए हैं।

शिक्षा में डिजिटल क्रांति- 1100 विद्यालयों को मिलेगी स्मार्ट टीवी की सौगात

  बिल्हा के 25 स्कूलों में स्मार्ट टीवी वितरण, डिजिटल एवं ई-क्लास को मिलेगा बढ़ावा    रायपुर, शासकीय विद्यालयों में विशेष कर प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षा को बढ़ावा देने एवं उसे रुचि कर बनानें के उद्देश्य से जन सहयोग के माध्यम से जिले के लगभग 1100 विद्यालयों में स्मार्ट टी०व्ही उपलब्ध कराया जाएगा। शिक्षा में डिजिटल क्रांति के तहत बिलासपुर जिले के विकासखण्ड बिल्हा के 25 स्कूलों में स्मार्ट टीवी वितरण किया गया, जिससे बच्चे मनोरंजक ढंग से शिक्षा प्राप्त कर सकेगें।            बिल्हा विकासखण्ड में 50 स्मार्ट टी०व्ही श्री नरेश अग्रवाल प्रबंधक मंगल पावर एवं इस्पात बिल्हा के द्वारा प्रदान किया गया है, जिसके प्रथम चरण में आज 25 स्मार्ट टी०व्ही विद्यालयों को प्रदान किया गया है। इस प्रकार शेष विद्यालयों को शीघ्र ही स्मार्ट टी०व्ही० उपलब्ध कराया जायेगा। शिक्षा को बढ़ावा देने एवं उसे बच्चों में रुचि कर बनानें के उद्देश्य से जन सहयोग के माध्यम से जिले  मार्ट टी०व्ही सेट उपलब्ध्ण कराया जा रहा है। बच्चों को डिजिटल एवं ई-क्लास के माध्यम से रुचिकर कर शिक्षा प्रदान की जायेगी, जिससे बच्चों का विद्यालय ओर अध्ययन के प्रति रुचि बढ़ेगी।           सम्पर्क फॉउडेशन नई दिल्ली द्वारा लगभग 1100 विद्यालयों को निःशुल्क सम्पर्क टी०व्ही डिवाईस भी उपलब्ध कराया जा रहा हैं, जिसके माध्यम से बच्चे मनोरंजक ढंग से शिक्षा प्राप्त कर सकेगें। इस कार्यक्रम में सीईओ जिला पंचायत बिलासपुर,  कमिश्नर नगर निगम बिलासपुर प्रबंधक मंगल पावर एवं इस्पात बिल्हा, डी०एम०सी० समग्र शिक्षा बिलासपुर सहित अधिकारी उपस्थित रहे ।            ज्ञातव्य है कि इसके पूर्व 7 अक्टूबर को प्रथम चरण में नगर पालिक निगम बिलासपुर द्वारा शहरी क्षेत्र के 31 शासकीय प्राथमिक शालाओं को स्मार्ट टी०व्ही० का वितरण किया गया।  कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल की पहल से जन सहयोग द्वारा विद्यालयों को लगातार स्मार्ट टी० व्ही० उपलब्ध लगातार कराया जा रहा है। बच्चों को डिजिटल एवं ई-क्लास के माध्यम से रुचिकर कर शिक्षा प्रदान की जायेगी जिससे बच्चों का विद्यालय के प्रति रुचि बढ़ेगी।

MLC चुनाव अपडेट: जानिए सपा ने किसे कहां से मैदान में उतारा

लखनऊ   यूपी में स्नातक और शिक्षक विधानपरिषद (एमएलसी) चुनाव के लिए प्रत्याशियों के ऐलान के मामले में अखिलेश यादव की समाजवादी पार्टी ने बाजी मार ली है। पांच सीटों के लिए प्रत्याशियों का गुरुवार को ऐलान कर दिया गया। शिक्षक एमएलसी के लिए दो और स्नातक एमएलसी के लिए तीन प्रत्याशियों का ऐलान कर दिया गया। यूपी में कुल 11 सीटें खाली हो रही हैं। इन सीटों पर फरवरी में चुनाव संभावित है। वोटर लिस्ट पुनरीक्षण का कार्य शुरू हो चुका है। सपा ने शिक्षक एमएलसी के लिए वाराणसी-मिर्जापुर से लाल बिहारी यादव को टिकट दिया है। लाल बिहारी यादव इस समय विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष भी हैं। इसी तरह गोरखपुर-फैजाबाद क्षेत्र से कमलेश को मैदान में उतारा गया है। स्नातक एमएलसी के लिए इलाहाबाद-झांसी से डॉक्टर मान सिंह को उतारा गया है। वाराणसी-मिर्जापुर से आशुतोष सिन्हा को दोबारा मौका दिया गया है। लखनऊ से श्रीमति कांति सिंह को टिकट मिला है। यूपी में स्नातक और शिक्षक एमएलसी चुनाव अगले साल फरवरी में संभावित है। इसके लिए वोटर लिस्ट का पुनरीक्षण 30 सितंबर से शुरू हो चुका है। स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की पांच और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की छह एमएलसी सीटें खाली हो रही हैं। विधान परिषद में स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की आठ व शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की आठ सीटें हैं। जिन पांच स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों से चुने गए एमएलसी का कार्यकाल पूरा होगा उनमें लखनऊ, मेरठ, आगरा, वाराणसी और इलाहाबाद-झांसी निर्वाचन क्षेत्र शामिल है। ऐसे ही छह शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों से चुने गए एमएलसी का कार्यकाल पूरा होगा, उनमें लखनऊ, मेरठ, आगरा, वाराणसी, बरेली-मुरादाबाद एवं गोरखपुर-फैजाबाद निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं। पुनरीक्षण के लिए अर्हता की तारीख एक नवंबर 2025 तय की गई है। स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की मतदाता सूची में उन्हीं लोगों को शामिल किया जाएगा, जिन्होंने इस अर्हता तिथि से कम से कम तीन वर्ष पूर्व किसी भी विश्वविद्यालय से स्नातक की डिग्री हासिल की हो। शिक्षक निर्वाचन मतदाता सूची में उन्हीं लोगों का नाम शामिल किया जाएगा जो माध्यमिक स्कूलों में विगत छह वर्षों के भीतर शिक्षण कार्य में न्यूनतम तीन वर्ष की अवधि से कार्यरत हों। निर्वाचन आयोग के मानक के अनुसार अधिकतम 16 किलोमीटर की दूरी का पालन करते हुए मतदान केंद्र निर्धारित किए जाएंगे। मतदेय स्थलों का चयन इस प्रकार किया जाएगा जिससे मतदाताओं को कम से कम दूरी तय करनी पड़े। अगर दोनों के ही मतदाता तो मतदान केंद्र एक ऐसे लोग जो स्नातक व शिक्षण निर्वाचन क्षेत्र दोनों के मतदाता हैं तो उनका मतदान केंद्र एक ही जगह होगा। ऐसा नहीं किया जाएगा कि उन्हें अलग-अलग वोट डालना पड़े। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने सभी निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी एवं सहायक निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वह मूलभूत सुविधाओं को ध्यान में रखकर ही मतदान केंद्र बनाएं। किस सीट पर कौन-कौन से जिले लखनऊ स्नातक व शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में लखनऊ, हरदोई, खीरी, सीतापुर, बाराबंकी, रायबरेली व प्रतापगढ़ जिले शामिल हैं। ऐसे ही वाराणसी स्नातक व निर्वाचन क्षेत्र में बलिया, गाजीपुर, जौनपुर, वाराणसी, चंदौली, भदोही, मिर्जापुर व सोनभद्र जिले हैं। आगरा स्नातक व शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से आगरा, फिरोजाबाद, मथुरा, अलीगढ़, हाथरस, एटा, मैनपुरी, इटावा, कन्नौज, औरैया, फर्रुखाबाद एवं कासगंज जिले हैं। मेरठ स्नातक व शिक्षक स्नातक क्षेत्र में बुलंदशहर, गाजियाबाद, गौतमबुद्ध नगर, मेरठ, बागपत, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, शामली व हापुड़ जिले हैं। इलाहाबाद-झांसी स्नातक व शिक्षक क्षेत्र में प्रयागराज, कौशांबी, फतेहपुर, बांदा, चित्रकूट, हमीरपुर, महोबा, जालौन, झांसी व ललितपुर जिले हैं। बरेली-मुरादाबाद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर, बदायूं, रामपुर, मुरादाबाद, अमरोहा, बिजनौर व संभल जिले हैं। गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में बहराइच, श्रावस्ती, गोंडा, बलरामपुर, बस्ती, सिद्धार्थनगर, संत कबीर नगर, गोरखपुर, महाराजगंज, देवरिया, कुशीनगर, आजमगढ़, मऊ, सुल्तानपुर, अयोध्या, अमेठी व अंबेडकरनगर जिले शामिल हैं।  

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने विकास कार्यों की समीक्षा की

भोपाल उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने रीवा शहर में संचालित विकास कार्यों की समीक्षा के दौरान निर्देश दिये कि सड़क निर्माण सहित अन्य सभी विकास के कार्य गुणवत्ता के साथ नियत समय सीमा में पूरा करना सुनिश्चित करें। उन्होंने करहिया मंडी से बनकुइंया तिराहा तक बनाई जा रही सड़क के शेष कार्य को आगामी 15 दिनों में पूर्ण करने के निर्देश निर्माण एजेंसी को दिये। उन्होंने रतहरा तिराहे में जल भराव के कारण होने वाले व्यवधान को तत्काल दूर करने के लिए निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि रतहरा तिराहे में जल भराव स्थल से पानी की निकासी के लिए व्यवस्था सुनिश्चित करें तथा फ्लाई ओवर के किनारे आवागमन मार्ग को चौड़ा करने का भी कार्य करायें। बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती नीता कोल, कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

तालिबान-भारत कूटनीति में नई हलचल: आमिर मुत्तकी ने की भारत यात्रा, संयुक्त राष्ट्र की अनुमति जरूरी

अफगानिस्तान अफगानिस्तान के विदेश मंत्री मौलवी आमिर खान मुत्तकी गुरुवार को छह दिवसीय भारत यात्रा पर नई दिल्ली पहुंचे। यह यात्रा खास इसलिए है क्योंकि तालिबान शासन के चार साल बाद किसी वरिष्ठ अफगान मंत्री की भारत में यह पहली उच्चस्तरीय आधिकारिक यात्रा है। पूर्व राष्ट्रपति अशरफ गनी के सत्ता से हटने और तालिबान द्वारा शासन संभालने के बाद से अब तक भारत और तालिबान के बीच सीधा संवाद सीमित था। मुत्तकी की यह यात्रा दोनों देशों के संबंधों में एक नया कूटनीतिक अध्याय जोड़ सकती है।   जयशंकर और  डोभाल से  वार्ता तय विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल से मुत्तकी की व्यापक वार्ता तय है। बातचीत में द्विपक्षीय संबंधों, क्षेत्रीय सुरक्षा मुद्दों, आर्थिक सहयोग और आतंकवाद विरोधी कदमों पर चर्चा होने की संभावना है।विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया पर कहा- “अफगानिस्तान के विदेश मंत्री मौलवी आमिर खान मुत्तकी का नयी दिल्ली आगमन पर हार्दिक स्वागत है। हम द्विपक्षीय संबंधों और क्षेत्रीय मुद्दों पर उनके साथ चर्चा को लेकर उत्सुक हैं।” सूत्रों के अनुसार, मुत्तकी के कार्यक्रमों में दारुल उलूम देवबंद की यात्रा और आगरा में ताजमहल का दौरा भी शामिल है। यह कदम भारत और अफगानिस्तान के सांस्कृतिक एवं धार्मिक संबंधों को नए सिरे से उजागर करने का संकेत माना जा रहा है।   संयुक्त राष्ट्र से लेनी पड़ी विशेष अनुमति  मुत्तकी की यह यात्रा पहले सितंबर में तय थी, लेकिन यूएनएससी के यात्रा प्रतिबंधों के कारण रद्द करनी पड़ी थी। अब संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की समिति ने 30 सितंबर को 9 से 16 अक्टूबर तक के लिए अस्थायी छूट दी, जिससे उनका भारत दौरा संभव हो सका। यूएन ने तालिबान के सभी वरिष्ठ नेताओं पर यात्रा और आर्थिक प्रतिबंध लगाए हुए हैं, जिनके लिए विदेश यात्राओं हेतु विशेष अनुमति आवश्यक होती है। भारत ने अब तक तालिबान शासन को औपचारिक मान्यता नहीं दी है, लेकिन व्यावहारिक संवाद जारी रखा है।15 मई को विदेश मंत्री जयशंकर और मुत्तकी के बीच फोन पर पहली बातचीत हुई थी जो तालिबान शासन के बाद भारत-अफगानिस्तान के बीच सबसे उच्च स्तर का संपर्क माना गया। भारत का पक्ष भारत लगातार यह दोहराता रहा है कि: अफगानिस्तान की भूमि का उपयोग किसी भी देश के खिलाफ आतंकवाद के लिए नहीं होना चाहिए और काबुल में एक समावेशी सरकार का गठन होना चाहिए, जो सभी जातीय और धार्मिक समूहों को प्रतिनिधित्व दे। अफगान विदेश मंत्री मुत्तकी ने जनवरी में भारत को “एक महत्वपूर्ण क्षेत्रीय और आर्थिक शक्ति”बताते हुए सहयोग बढ़ाने की इच्छा जताई थी। काबुल की सरकार अब भारत के साथ शिक्षा, व्यापार और मानवतावादी परियोजनाओं पर सहयोग चाहती है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह यात्रा भारत और तालिबान के बीच सावधानीपूर्वक लेकिन सकारात्मक संवाद की शुरुआत है।भारत अपनी सुरक्षा चिंताओं को प्राथमिकता देते हुए अफगानिस्तान में स्थिरता सुनिश्चित करने की दिशा में यह कदम बढ़ा रहा है।  

पंडाल और गेट हटाने का अल्टीमेटम: प्रशासन ने पूजा समितियों को दो दिन दिए

रांची झारखंड की राजधानी रांची जिला प्रशासन ने दुर्गा पूजा पंडाल, गेट एवं तोरण द्वार दो दिनों में हटाने का निर्देश दिया है। जिला प्रशासन ने कहा कि दुर्गा पूजा 2025 का पर्व दिनांक 02 अक्टूबर एवं विसर्जन 03 अक्टूबर को संपन्न हो चुका है, बावजूद इसके कई पूजा समितियों द्वारा बनाए गए अस्थायी पूजा पंडाल, गेट एवं तोरण द्वार अब तक नहीं हटाए गए हैं। इससे शहर में यातायात बाधित हो रहा है तथा दुर्घटनाओं की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता। उक्त परिस्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन द्वारा पूजा समितियों को निर्देश जारी किया गया है कि वे तत्काल प्रभाव से दो दिनों के भीतर अपने-अपने क्षेत्रों में बनाए गए अस्थायी पूजा पंडालों, गेट एवं तोरण द्वारों को खोलकर हटा दें। ज्ञातव्य है कि कि झारखंड उच्च न्यायालय ने डब्ल्यू.पी. (पीआइएल) न. 4838/2025 में दिनांक 23 सितंबर 2025 को अपने आदेश में यह स्पष्ट निर्देश दिया है कि पूजा समाप्ति के पश्चात सभी पूजा पंडालों एवं तोरण द्वारों को हटाकर भूमि को पूर्ववत समतल बना दिया जाए। जिला प्रशासन द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि सार्वजनिक हित एवं यातायात की सुगमता को ध्यान में रखते हुए सभी पूजा समितियों के अध्यक्ष/सचिव यह सुनिश्चित करें कि निर्धारित अवधि में सभी अस्थायी संरचनाओं को हटा दिया जाए तथा संबंधित स्थानों को समतल एवं सुव्यवस्थित कर दिया जाए।  

केन्द्र सरकार की अतिरिक्त सचिव पहुंची कांकेर, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों और मूक बधिर बच्चों से की बातचीत

रायपुर, भारत सरकार सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय की अतिरिक्त सचिव सुश्री कैरेलिन खोंगवार देशमुख आज आकांक्षी जिला कांकेर पहुंची। उन्होंने यहां शुरू किए गए मावा मोदोल कोचिंग संस्थान और सेंट्रल लाइब्रेरी का अवलोकन किया। तदुपरांत वे ग्राम कोदाभाट स्थित शासकीय श्रवण बाधितार्थ विशेष विद्यालय पहुंची जहां उन्होंने निःशक्त, मुक-बधिर बच्चों से बातचीत की। भारत सरकार की अतिरिक्त सचिव सुश्री देशमुख ने कांकेर की सेंट्रल लाइब्रेरी का अवलोकन किया और वहां आने वाले विद्यार्थियों से बातचीत की। कांकेर में स्थानीय युवाओं को विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए अनुकूल वातावरण एवं स्टडी मटेरियल उपलब्ध कराने के उद्देश्य को लेकर यह सेंट्रल लाइब्रेरी बनाई गई है। इस लाइब्रेरी में प्रतिदिन महाविद्यालयीन छात्र-छात्राएं विभिन्न विषयों पर आधारित पुस्तकों का अध्ययन करते हैं। अतिरिक्त सचिव ने राज्य सरकार की इस पहल की सराहना की। उन्होंने लाइब्रेरी के विजिटर्स रजिस्टर में अपने हस्ताक्षर भी किए। अतिरिक्त सचिव सुश्री देशमुख मावा मोदोल कोचिंग संस्थान भी गई। यहां उन्होंने  अध्ययन कक्ष में जाकर विद्यार्थियों से चर्चा की। सुदूर आदिवासी अंचल के विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की बेहतर ढंग से तैयारी करने व कैरियर गाइडेंस देने के लिए इस कोचिंग संस्थान को शुरू किया गया है। कोचिंग संस्थान में कांकेर जिले के प्रतिभाशाली युवाओं को सीजी पीएससी, एसएससी, व्यापम सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराई जा रही है। अतिरिक्त सचिव सुश्री देशमुख ने इसकी भी सराहना की। उन्होंने कहा कि यूपीएससी, राज्य पीएससी और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए पढ़ने की सुविधा देना जिले की प्रतिभाओं को गढ़ने का अच्छा प्रयास है। उन्होंने सभी प्रतिभागियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि कांकेर के विद्यार्थियों का न सिर्फ प्रदेश की लोक सेवाओं में चयन हो, बल्कि वे अपनी मेहनत और संस्थान के मार्गदर्शन में देश और विदेशों में भी सेवाओं के जरिए अपनी पहचान स्थापित करें। सुश्री देशमुख ने विभिन्न कक्षाओं में जाकर विद्यार्थियों से उनकी पढ़ाई एवं प्रतियोगी परीक्षाओं के माध्यम से उनके भविष्य की रणनीति के बारे में जानकारी लेते हुए उन्हें अपनी शुभकामनाएं दीं।   अतिरिक्त सचिव ने मूक-बधिर विद्यार्थियों के बीच गुजारा समय कांकेर प्रवास के दौरान भारत सरकार की अतिरिक्त सचिव सुश्री देशमुख ग्राम कोदाभाट स्थित शासकीय श्रवण एवं दृष्टि बाधितार्थ विशेष विद्यालय भी पहुंचीं। यहां विशेष आवश्यकता वाले दिव्यांग विद्यार्थियों ने साइन लैंग्वेज से उनका स्वागत किया। इस दौरान दिव्यांग बच्चों ने स्वागत गीत गाया तथा खुद के द्वारा तैयार की गई पेंटिंग्स उन्हें भेंट की। यह विशेष विद्यालय 50 सीटर है। विद्यालय में बारहवीं तक की कक्षाएं संचालित हैं तथा कुल 45 छात्र अध्ययनरत हैं, जिनमें 33 श्रवण बाधित और 12 दृष्टिबाधित बच्चे सम्मिलित हैं। विशेष विद्यालय परिसर में सभी छात्रों के लिए निःशुल्क आवासीय एवं भोजन सुविधा उपलब्ध है। इस विद्यालय में निकट भविष्य में स्मार्ट क्लासेस शुरू करने की भी योजना है। अतिरिक्त सचिव सुश्री देशमुख ने यहां उपलब्ध साधनों एवं संसाधनों की सराहना करते हुए शिक्षा के साथ-साथ बच्चों की रूचि के अनुरूप विभिन्न विधाओं का प्रशिक्षण देने की बात भी कही, ताकि निः शक्त और दृष्टि तथा श्रवण बाधित बच्चे बड़े होकर आत्मनिर्भर बन सकें।

श्रेया घोषाल, बादशाह और विशाल ददलानी ने ज़ुबिन गर्ग को दी भावपूर्ण श्रद्धांजलि, इंडियन आइडल 16 के मंच पर

मुंबई,  श्रेया घोषाल, बादशाह और विशाल ददलानी ने इंडियन आइडल 16 के मंच पर ज़ुबिन गर्ग को भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी है। इंडियन आइडल सीज़न 16 के मंच पर इस शो के जज श्रेया घोषाल, बादशाह और विशाल ददलानी ने दिवंगत पार्श्वगायक ज़ुबिन गर्ग को भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी। यह पल और भी खास बन गया क्योंकि प्रदर्शन करने वाली कंटेस्टेंट ज़ुबिन गर्ग का गृह राज्य असम से थी। आसामी, हिंदी और बांग्ला संगीत में अपनी मधुर आवाज़ और चार्टबस्टर गीतों के लिए प्रसिद्ध ज़ुबिन गर्ग ने अपनी बहुमुखी प्रतिभा और जुनून से पीढ़ियों के गायकों को प्रेरित किया है। मंच पर दी गई श्रद्धांजलि तब और खास बन गई जब कंटेस्टेंट ने श्रेया, बादशाह और विशाल के साथ मिलकर ज़ुबिन गर्ग के एक प्रतिष्ठित गीत पर प्रस्तुति दी, जिसके बाद “मन बावरा” जैसे भावनात्मक गीत का प्रदर्शन हुआ। इस परफ़ॉर्मेंस ने न केवल ज़ुबिन के संगीत की महानता को उजागर किया, बल्कि यह भी दिखाया कि उनके गीत आज भी देशभर के श्रोताओं के दिलों में कितनी गहराई से बसे हुए हैं। विशाल ददलानी ने कहा, “यह वाकई अद्भुत है।असम सबसे संगीतमय स्थानों में से एक है। ज़ुबिन वहीं पैदा हुए और पले-बढ़े, और वे वहां के सबसे बड़े सितारों में से एक हैं। एक असमिया के रूप में ज़ुबिन को खोना बहुत बड़ी बात है, लेकिन ज़ुबिन अपने समय के सबसे महान गायकों में से एक थे। ज़ुबिन हमेशा हमारे दिलों में रहेंगे।” इंडियन आइडल सीज़न 16 का प्रीमियर 18 अक्टूबर को होगा। यह शो हर शनिवार और रविवार रात आठ बजे, केवल सोनी एंटरटेनमेंट टेलीविज़न और सोनी लिव पर प्रसारित होगा।  

परेश रावल की फिल्म ‘द ताज स्टोरी’ का टीज़र रिलीज़

मुंबई, स्वर्णिम ग्लोबल सर्विसेज प्रा. लि. और सीए सुरेश झा प्रस्तुत फिल्म “द ताज स्टोरी” का टीज़र रिलीज़ हो गया है। फिल्म द ताज स्टोरी के लेखक और निर्देशक तुषार अमरीश गोयल हैं, इसमें दिग्गज अभिनेता परेश रावल मुख्य भूमिका में नज़र आएंगे, जबकि फिल्म के क्रिएटिव प्रोड्यूसर विकास राधेश्याम हैं। टीज़र की शुरुआत एक प्रभावशाली दृश्य से होती है, जहां परेश रावल ताजमहल के सामने बैठे हैं। उनका व्यक्तित्व उस स्मारक जितना ही भव्य और गंभीर दिखाई दे रहा है और उसी दौरान परेश रावल की गूंजती आवाज़ सुनाई देती है, “ताजमहल दुनिया के महानतम स्मारकों में से एक है। कुछ लोगों के लिए यह एक मकबरा है… और कुछ के लिए यह एक मंदिर।” परेश रावल के साथ इस फिल्म में ज़ाकिर हुसैन, अमृता खानविलकर, स्नेहा वाघ और नमित दास जैसे प्रतिभाशाली कलाकार नज़र आएंगे।“द ताज स्टोरी” सिनेमाघरों में 31 अक्टूबर को रिलीज़ होगी।  

Rare Earths संकट: चीन की नई नीति से अमेरिकी इंडस्ट्री को बड़ा झटका!

बेजिंग  चीन ने गुरुवार को रेयर अर्थ्स (दुर्लभ खनिज तत्वों) और उनसे जुड़ी तकनीकों के निर्यात पर सख्त नियंत्रण लागू करने की घोषणा की है। यह कदम ऐसे समय पर उठाया गया है जब इस महीने के अंत में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मुलाकात होने वाली है। चीन के वाणिज्य मंत्रालय द्वारा जारी नए नियमों के तहत अब विदेशी कंपनियों को उन वस्तुओं के निर्यात के लिए विशेष अनुमति लेनी होगी, जिनमें चीन से प्राप्त रेयर अर्थ तत्वों की थोड़ी भी मात्रा शामिल है। मंत्रालय ने यह भी कहा कि रेयर अर्थ्स की माइनिंग (खनन), स्मेल्टिंग (गलन), रीसाइक्लिंग और मैग्नेट निर्माण से जुड़ी तकनीकों के निर्यात पर भी परमिट प्रणाली लागू की जाएगी। दुनिया में रेयर अर्थ्स के उत्पादन में चीन का दबदबा है। यह वैश्विक रेयर अर्थ्स खनन का लगभग 70 प्रतिशत और प्रसंस्करण (प्रोसेसिंग) का करीब 90 प्रतिशत हिस्सा नियंत्रित करता है। ये खनिज जेट इंजन, रडार सिस्टम, इलेक्ट्रिक वाहनों, कंप्यूटरों और मोबाइल फोन जैसे उत्पादों के निर्माण में अहम भूमिका निभाते हैं। रेयर अर्थ्स को लेकर अमेरिका और चीन के बीच लंबे समय से तनाव बना हुआ है। जैसे-जैसे अमेरिका ने चीन से आने वाले कई उत्पादों पर टैरिफ बढ़ाए हैं, बीजिंग ने भी इन रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण खनिजों पर नियंत्रण को और सख्त कर दिया है। वाणिज्य मंत्रालय ने कहा कि नए नियंत्रण “राष्ट्रीय सुरक्षा की बेहतर रक्षा” के लिए लगाए जा रहे हैं और यह सुनिश्चित करने के लिए कि चीन से प्राप्त रेयर अर्थ्स या तकनीक का इस्तेमाल “संवेदनशील सैन्य क्षेत्रों” में न हो।   मंत्रालय ने आरोप लगाया कि कुछ विदेशी कंपनियां और व्यक्ति चीन से रेयर अर्थ्स तकनीक को सैन्य या अन्य संवेदनशील उपयोगों के लिए बाहर भेज रहे हैं, जिससे “राष्ट्रीय सुरक्षा को गंभीर नुकसान” पहुंचा है।रेयर अर्थ्स की आपूर्ति पर चीन की सख्ती से अमेरिका और अन्य देशों में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को झटका लग सकता है। इन खनिजों के बिना इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों, गाड़ियों और रक्षा उपकरणों का निर्माण प्रभावित हो सकता है। एशिया ग्रुप के विशेषज्ञ जॉर्ज चेन के अनुसार, “रेयर अर्थ्स आने वाले महीनों में अमेरिका और चीन के बीच वार्ता का अहम हिस्सा बने रहेंगे। दोनों देश स्थिरता चाहते हैं, लेकिन असली सौदा अगले साल ही हो पाएगा।” यह कदम उस समय उठाया गया है जब ट्रंप और शी जिनपिंग की मुलाकात अक्टूबर के अंत में दक्षिण कोरिया में होने वाले एशिया-पैसिफिक इकोनॉमिक कोऑपरेशन (APEC) फोरम के दौरान तय है। माना जा रहा है कि चीन का यह फैसला वार्ता से पहले दबाव की रणनीति का हिस्सा है।इससे पहले अप्रैल में चीन ने सात रेयर अर्थ तत्वों के निर्यात पर नियंत्रण लगाया था, जब ट्रम्प प्रशासन ने चीन सहित कई देशों पर भारी टैरिफ लगाने की घोषणा की थी।हालांकि, जून में बीजिंग ने कुछ निर्यात परमिट जारी किए और प्रक्रिया में तेजी लाने का आश्वासन दिया था।विशेषज्ञों का कहना है कि चीन का यह कदम केवल आर्थिक नहीं, बल्कि रणनीतिक और राजनीतिक रूप से भी अहम है। इससे अमेरिका और उसके सहयोगी देशों के लिए आपूर्ति संकट गहरा सकता है और वैश्विक तकनीकी उद्योग पर असर पड़ सकता है।