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भगवंत मान ने की ऐतिहासिक पहल, भगत सिंह का अनदेखा वीडियो लाने की तैयारी

पंजाब  पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने शहीद-ए-आज़म भगत सिंह की दुर्लभ वीडियो फुटेज प्राप्त करने में राज्य सरकार की सहायता के लिए ब्रिटेन के कानूनविदों से समर्थन की अपील की। अपने सरकारी निवास पर इंग्लैंड और वेल्स की बार काउंसिल के प्रतिनिधिमंडल से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत में इस महान शहीद की कोई भी वीडियो रिकॉर्डिंग उपलब्ध नहीं है। उन्होंने बताया कि जानकारी के अनुसार स्कॉटलैंड यार्ड के पास भगत सिंह की दुर्लभ वीडियो फुटेज, विशेष रूप से उनकी गिरफ्तारी और मुकदमे की सुनवाई से संबंधित वीडियो, मौजूद हो सकती हैं। भगवंत सिंह मान ने कहा कि ये वीडियो पूरे भारतवासियों के लिए, विशेष रूप से पंजाबियों के लिए, अत्यंत महत्वपूर्ण हैं क्योंकि भगत सिंह सभी के दिलों में अपार सम्मान रखते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार पहले से ही इन वीडियो फुटेज को प्राप्त करने के प्रयास कर रही है ताकि आने वाली पीढ़ियां उनसे प्रेरणा ले सकें। उन्होंने इंग्लैंड और वेल्स की बार काउंसिल से अपील की कि वे शहीद भगत सिंह की गौरवशाली विरासत को युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत बनाने के इस मानवीय और जनकल्याणकारी प्रयास में पंजाब सरकार का सहयोग करें। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस राष्ट्रीय महत्व के मुद्दे की पैरवी में कोई कसर नहीं छोड़ेगी। एक अन्य मसले पर बात करते हुए मुख्यमंत्री ने ब्रिटिश निवेशकों को पंजाब में निवेश के लिए प्रेरित करने हेतु बार काउंसिल से सहयोग मांगा। उन्होंने बताया कि पंजाब में सूचना प्रौद्योगिकी, खाद्य प्रसंस्करण और ऑटोमोबाइल जैसे क्षेत्रों में निवेश की व्यापक संभावनाएँ हैं, जिनका निवेशक भरपूर लाभ उठा सकते हैं। भगवंत सिंह मान ने ब्रिटिश निवेशकों को आगामी मार्च में होने वाले ‘इन्वेस्ट पंजाब सम्मेलन’ में भाग लेने का निमंत्रण दिया। इस अवसर पर इंग्लैंड और वेल्स की बार काउंसिल की चेयर बारबरा मिल्स के.सी., बार की चेयर की सलाहकार प्रीन ढिल्लों-स्टार्किंग्स, कंसल्टेंट मेलिशा चार्ल्स, और बैरिस्टर 4पी.बी. बलजिंदर बाठ सहित अन्य सदस्यों ने मुख्यमंत्री को पूर्ण सहयोग और समर्थन का आश्वासन दिया। उन्होंने भगवंत सिंह मान द्वारा राज्य की आर्थिक उन्नति और जनकल्याण सुनिश्चित करने के लिए उठाए गए महत्वपूर्ण कदमों की भी सराहना की।

सुरक्षा के साथ सौगात: दंतेवाड़ा पुलिस ने धनतेरस पर नागरिकों को लौटाए 107 मोबाइल

जगदलपुर धनतेरस के अवसर पर दंतेवाड़ा पुलिस ने लोगों को सौगात देते हुए उनके गुम मोबाइल लौटाए. लगभग 22,00,000 रुपए मूल्य के 107 मोबाइल को पड़ोसी राज्य ओडिशा के अलावा पड़ोसी जिले जगदलपुर, सुकमा, बीजापुर और कोंडागांव से बरामद किया गया था. पुलिस अधीक्षक आईपीएस गौरव राय, एएसपी आईपीएस राम कुमार वर्मन, एएसपी आईपीएस उदित पुष्कर एवं सायबर सेल नोडल अधिकारी डीएसपी ठाकुर गौरव सिंह के मार्गदर्शन में जिले में गुम मोबाइल तलाश अभियान चलाया गया था. गुम मोबाइल को CEIR पोर्टल के माध्यम से तलाश कर ‘‘इया आपलो सामान निया’’ कार्यक्रम के माध्यम से उनके वास्तविक मालिकों को सौंपा गया. दन्तेवाड़ा पुलिस ने आम नागरिकों की सुगमता के लिए सायबर हेल्पलाइन नम्बर 9479151665 जारी किया है. इसके साथ भारत सरकार द्वारा जारी 1930 हेल्पलाइन नम्बर और cybercrime@gov.in में भी शिकायत दर्ज करा सकते हैं. सायबर हेल्पलाइन दन्तेवाड़ा के नाम से व्हाटसप अकाउंट भी बनाया गया है, जिसमें आम नागरिक अपने शिकायत व्हाटसप के माध्यम से दर्ज करा सकते हैं. सायबर अपराध होने की स्थिति में 24X7 सायबर हेल्पलाइन दन्तेवाड़ा 9479151665 एवं क्यूआर कोड को स्केन कर घर बैठे सम्पर्क कर अपने साथ हुए किसी भी तरह के सायबर अपराध की शिकायत दर्ज करने हेतु सम्पर्क कर सकते हैं, ताकि उनकी शिकायत सीधे सायबर पोर्टल में दर्ज कर दी जाए. प्रार्थी को व्हाटसप के माध्यम से ही एकनालेजमेंट नम्बर प्रदाय कर दिया जाएगा. इसके साथ दन्तेवाड़ा जिले के आमजन को सायबर अपराध व इसके रोकथाम के लिए जागरूक करने ‘‘सायबर संगवारी दन्तेवाड़ा’’ नामक व्हाटस्अप चैनल बनाया गया है, जिसमें प्रत्येक दिन सायबर अपराध एवं उसके रोकथाम संबंधी जानकारी प्रेषित की जाएगी, यही नहीं अननोन काल, संदिग्ध व्हाटसप काल, मेसेज, लिंक या आपके बैंक अकाउंट या सोशल मीडिया अकाउंट पर किसी भी तरह की संदिग्ध गतिविधि होने पर साइबर हेल्पलाईन दन्तेवाड़ा 9479151665 से सम्पर्क कर शिकायत कर सकते हैं.

2 से 3 की हो गई कड़ी टक्कर, JLKM ने घाटशिला उपचुनाव में किया ऐलान

घाटशिला घाटशिला विधानसभा उपचुनाव के लिए भाजपा और झामुमो के बाद झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा ने अपने उम्मीदवार की घोषणा कर दी है। झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा ने रामदास मुर्मू को अपना उम्मीदवार बनाया है। बता दें कि पहले भाजपा प्रत्याशी बाबूलाल सोरेन और झामुमो प्रत्याशी सोमेश सोरेन के बीच कांटे की टक्कर थी, लेकिन अब झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा ने मैदान में अपना उम्मीदवार उतारा है तो यह मुकाबला और टक्कर का हो गया है। देखना ये है कि तीनों में से किसके सिर ताज सजेगा और किसे हार मिलेगी। मालूम हो कि नयी दिल्ली में 15 अगस्त को रामदास सोरेन के निधन के बाद से यह सीट रिक्त हो गई थी। झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने बीते बुधवार को पूर्व शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन के बेटे सोमेश चंद्र सोरेन को घाटशिला विधानसभा सीट के उपचुनाव के लिए अपना उम्मीदवार बनाया, जबकि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन के बेटे बाबूलाल सोरेन को इस सीट से चुनाव मैदान में उतारा है। बाबूलाल सोरेन ने 2024 का विधानसभा चुनाव इस सीट से लड़ा था, लेकिन वह रामदास सोरेन से 22,464 मतों के अंतर से हार गये थे।  

मंदिर प्रबंधन की मनमानी: आदेश के बावजूद गर्भगृह के पास दीपदान, श्रद्धालुओं में सवाल

वृंदावन  यूपी के वृंदावन में ठाकुर श्री बांकेबिहारी मंदिर में शुक्रवार को गर्भ गृह के बाहर जगमोहन में निर्धारित से अधिक दीये जलाकर हाई पावर्ड टेम्पल मैनेजमेंट कमेटी के आदेश को दरकिनार किया गया। बताया जा रहा है कि कमेटी ने मंदिर के बाहर अर्धनिर्मित हॉल में केवल सात दीपक जलाने की अनुमति दी थी। मंदिर की व्यवस्थाओं के सुधार को गठित मैनेजमेंट कमेटी ने पट खुलने से पूर्व सेवायत गोस्वामी के साथ यजमान की मंदिर में प्रवेश रोकने, वीआईपी पर्ची से दर्शन बंद करने के साथ मंदिर परिसर में दीपदान रोक दिया। गोस्वामियों ने कमेटी से सात अक्तूबर से पांच नवंबर तक चलने वाले कार्तिक मास में मंदिर परिसर में किसी भी स्थान पर दीपदान करने की अनुमति मांगी। कमेटी द्वारा मंदिर के अर्धनिर्मित हॉल में केवल सात दीपक जलाने की अनुमति दी। साथ ही यह भी निर्देश जारी किये कि एक दीपक में 50 ग्राम तेल ही प्रयोग में लिया जायेगा। दीपदान की प्रक्रिया सूर्यास्त के समय ही प्रारम्भ होगी तथा ठाकुरजी की आरती से पूर्व समाप्त हो जायेगी। शुक्रवार को मंदिर में गर्भ गृह के सामने जगमोहन में दीयों का स्टैंड लगाकर दो दर्जन से अधिक दीपक रख जलाये गये। इसके आसपास पुजारी बैठते हैं। इस दौरान जगमोहन के दोनों और श्रद्धालुओं की भीड़ थी। दीपदान की अनुमति मांगने वाले गोस्वामी कमेटी पर सवाल खड़ा कर रहे हैं। उनका कहना है कि हमको दीपदान की अनुमति नहीं दी जबकि मंदिर के अंदर गर्भ गृह में ही दीपदान कराया जा रहा है। अशोक गोस्वामी ने बताया कि जगमोहन में दीपदान होता आया है, लेकिन कमेटी ने मंदिर के अंदर दीपदान पर रोक लगाकर अर्धनिर्मित हॉल में ही सिर्फ सात दीपक जलाने के आदेश दीये, जिसका उल्लंघन हो रहा है और हमारे द्वारा की गई मांग पर गौर नहीं किया गया। इस बारे में कमेटी को पत्र लिखकर जानकारी की जाएगी।  

‘भारत की गोद में तालिबान’, बौखलाया पाकिस्तान बोला – अब कोई रिश्ता नहीं!

इस्लामाबाद अफ़ग़ानिस्तान के साथ तनाव के बीच, पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने भी ज़हर उगला है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच पुराने रिश्तों का दौर खत्म हो गया है। आसिफ ने शुक्रवार को कहा कि पाकिस्तान में रह रहे अफ़ग़ान नागरिकों को तुरंत अपने देश लौट जाना चाहिए। उन्होंने कहा, "अब उनकी अपनी सरकार है। हमारी ज़मीन और संसाधन सिर्फ़ 25 करोड़ पाकिस्तानियों के लिए हैं।" गौरतलब है कि पाकिस्तान के हवाई हमले के बाद दोनों देशों के बीच तनाव काफ़ी बढ़ गया था। सीमा पर गोलीबारी में दोनों पक्षों के लोग हताहत हुए थे। इसके बाद 48 घंटे का युद्धविराम हुआ। शुक्रवार शाम 6 बजे युद्धविराम समाप्त होने से पहले ही यह घोषणा कर दी गई कि दोहा में वार्ता समाप्त होने तक इस अस्थायी युद्धविराम को बढ़ाया जा रहा है। इसके बावजूद, पाकिस्तान ने अफ़ग़ानिस्तान के पटिका प्रांत में हवाई हमला किया। तालिबान अधिकारियों ने कहा कि दोनों देशों के बीच समझौता टूट गया है। ख्वाजा आसिफ ने कहा कि पाकिस्तान ने अफ़गानिस्तान को 836 विरोध पत्र भेजे हैं। इसके अलावा, पाकिस्तान पर 13 माँगें रखी गई हैं, जो सभी सीमा पार आतंकवाद से संबंधित हैं। उन्होंने कहा कि अब कोई भी प्रतिनिधिमंडल काबुल नहीं जाएगा। अब कोई विरोध पत्र या शांति की अपील नहीं होगी। उन्होंने कहा कि जहाँ भी आतंकवाद पनपता है, उसे उसकी कीमत चुकानी पड़ती है। भारत का भी ज़िक्र किया गया आसिफ ने भारत का भी ज़िक्र करते हुए कहा कि तालिबान सरकार भारत की ओर से काम कर रही है और पाकिस्तान के ख़िलाफ़ साज़िश रच रही है। उन्होंने कहा, "काबुल के शासक अब भारत की गोद में आ गए हैं। वे कभी हमारे संरक्षण में रहते थे।" ख्वाजा आसिफ ने कहा कि अगर अफ़गानिस्तान सीमा पर कोई भड़काऊ गतिविधि करता है, तो उसका मुँहतोड़ जवाब दिया जाएगा। गौरतलब है कि अफ़गान विदेश मंत्री के भारत दौरे के दौरान पाकिस्तान ने काबुल पर हवाई हमला किया था। यह साफ़ दर्शाता है कि पाकिस्तान आतंकवादी घटनाओं से ज़्यादा भारत और अफ़गानिस्तान के बीच बढ़ती नज़दीकियों को लेकर चिंतित है।

आपके शहर की हवा कितनी सुरक्षित? पंजाब के AQI ने बढ़ाई अलर्ट!

पंजाब पंजाब में मौसम इन दिनों साफ है, लेकिन उत्तर-पश्चिमी हवाओं के चलते रातें ठंडी होने लगी हैं। वहीं, राज्य के कई हिस्सों में प्रदूषण का स्तर चिंताजनक बना हुआ है। बीते 24 घंटों में अधिकतम तापमान में करीब 0.5 डिग्री की हल्की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जबकि न्यूनतम तापमान लगभग 0.7 डिग्री गिरा है। राज्य के वायु प्रदूषण स्तर में खास सुधार नहीं देखा गया। स्थिति स्वास्थ्य के लिए हानिकारक मानी जा रही है। वायु गुणवत्ता जांच केंद्रों के आंकड़ों के अनुसार, पंजाब के केवल अमृतसर और बठिंडा में AQI 100 से नीचे रहा, जिससे वहां की हवा अपेक्षाकृत बेहतर रही। इसके विपरीत, रूपनगर में प्रदूषण खतरनाक स्तर तक पहुंच गया, जहां अधिकतम AQI 500 दर्ज किया गया। अन्य शहरों की हवा मध्यम श्रेणी (येलो जोन) में रही।  जालंधर:  एवरेज 135, अधिकतम-247 खन्ना:   एवरेज 151, अधिकतम-245 लुधियाना:  एवरेज-110, अधिकतम-120 मंडी गोबिंदगढ़:  एवरेज-185, अधिकतम-224 अमृतसर:  एवरेज-63, अधिकतम-59 पटियाला:  एवरेज-109, अधिकतम-120 रूपनगर:  एवरेज-101, अधिकतम-500 बठिंडा:  एवरेज-88, अधिकतम-127 इसके अलावा पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आंकड़ों के मुताबिक 15 सितंबर से 16 अक्टूबर 2025 तक राज्य में पराली जलाने के केवल 188 मामले दर्ज किए गए हैं। इसके साथ ही अगर हम गर्मी की बात करें तो बठिंडा  राज्य का सबसे गर्म शहर बना हुआ है और गुरदासपुर सबसे ठंडा इलाका बना हुआ है। लेकिन मौसम साफ होने के बावजूद प्रदूषण का स्तर चिंताजनक बना हुआ है। 

कारोबारी पर हमला, रांची पुलिस की बड़ी कार्रवाई—6 गिरफ्तार

रांची  झारखंड के रांची के पुंदाग इलाके में सीमेंट-छड़ कारोबारी राधेश्याम साहू पर हुए फायरिंग मामले में पुलिस ने संदेह के आधार पर 6 लोगों को हिरासत में लिया है। पुलिस सूत्रों ने बताया कि इनमें से दो रांची के बिल्डर और जमीन कारोबारी बताए जा रहे हैं। पुलिस हिरासत में लिए लोगों से पूछताछ कर रही है और हमलावरों को पकड़ने के लिए आसपास के जिलों में तलाशी अभियान भी चला रही है। पीड़ित कारोबारी राधेश्याम साहू के बेटे सज्जन कुमार ने नगड़ी थाना में इस मामले को लेकर प्राथमिकी दर्ज कराई है। उनकी शिकायत में दो नामजद अभियुक्त पुरुषोत्तम कुमार और शशि शेखर हैं। सज्जन के अनुसार, उनके पिता का इन दोनों के साथ ढाई एकड़ जमीन को लेकर लंबा विवाद चल रहा था, जो अब न्यायालय में लंबित है। यह विवाद इस हिंसक घटना की वजह बताया जा रहा है। सज्जन कुमार ने पुलिस को बताया कि करीब दो महीने पहले पटना निवासी शशि शेखर ने उनके पिता को धमकी दी थी कि यदि यह मामला जल्दी सुलझाया नहीं गया तो उनकी जान को खतरा रहेगा। फायरिंग के समय राधेश्याम साहू के स्टाफ सदस्य संजय सिन्हा, नागेन्द्र दुबे और सोमरा उरांव भी मौके पर मौजूद थे, जिन्होंने घटना का तुरंत पुलिस को सूचना दी। रांची पुलिस इस हाई-प्रोफाइल मामले के खुलासे के लिए कई टीमें बना कर हमलावरों की खोज में जुटी हुई है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए आसपास के जिलों में भी पुलिस दल भेजे गए हैं, ताकि अपराधियों को पकड़कर न्याय दिलाया जा सके।  

पर्यटन प्रेमियों के लिए खुशखबरी: झारखंड में टाइगर सफारी की तैयारी शुरू

रांची झारखंड अपनी पहली ‘टाइगर सफारी' परियोजना शुरू करने की तैयारी कर रहा है और यह राज्य के वन्यजीव पर्यटन तथा वन्यजीव संरक्षण प्रयासों में एक महत्वपूर्ण कदम होगा। एक अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। अधिकारी ने बताया कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने प्रस्तावित ‘टाइगर सफारी' परियोजना की विस्तृत प्रस्तुति की शुक्रवार शाम रांची स्थित अपने सरकारी आवास में समीक्षा की। इस महत्वाकांक्षी परियोजना को पलामू बाघ अभयारण्य के बाहर स्थित लातेहार जिले के पुटुवागढ़ क्षेत्र में विकसित करने का प्रस्ताव है।  

राहुल-प्रियंका की जोड़ी उतरेगी बिहार रण में, कांग्रेस ने जारी की 40 स्टार प्रचारकों की सूची

पटना बिहार में विधानसभा चुनाव प्रचार का दौर शुरू हो गया है। कांग्रेस पार्टी ने शुक्रवार को बिहार चुनाव के प्रथम चरण के मतदान के लिए अपने 40 स्टार प्रचारकों की सूची जारी कर दी है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, पार्टी सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, सोनिया गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा इसमें शामिल हैं। इनके अलावा कांग्रेस शासित राज्यों के मुख्यमंत्री,उपमुख्यमंत्री समेत विभिन्न राज्यों के प्रदेश अध्यक्ष भी बिहार में प्रचार की कमान संभालेंगे। पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव को भी इसमें जगह दी गई है। इनके अलावा कन्हैया कुमार, अखिलेश प्रसाद सिंह, रंजीता रंजन, राजेश राम, शकील अहमद खान, मदन मोहन झा, कृष्णा अल्लावरु के भी नाम हैं। ये हैं स्टार प्रचारक केसी वेणुगोपाल, सुखविंदर सिंह सुखु, अशोक गहलोत, भूपेश बघेल, दिग्विजय सिंह, अधीर रंजन चौधरी, मीरा कुमार, सचिन पायलट, रणदीप सिंह सुरजेवाला, सैयद नासिर हुसैन, चरणजीत सिंह चन्नी, गौरव गगोई, तारिक अनवर, मोहम्मद जावेद, मनोज राम, अलका लांबा, पवन खेड़ा, इमरान प्रतापगढ़ी, शकील अहमद, जीतू पटवारी, सुखदेव भगत, राजेश कुमार राम, शकील अहमद खान, मदन मोहन झा, अजय राय, जिग्नेश मेवानी, अनिल जयहिंद, राजेंद्र पाल गौतम, फुरकान अंसारी, उदय भानु चिब, सुबोध कांत सहाय का नाम भी स्टार प्रचारकों में है। बिहार में दो चरणों में विधानसभा के चुनाव होने वाले हैं। 6 नवंबर को पहले चरण जबकि दूसरे चरण में 11 नवंबर को मतदान होंगे। इसमें महागठबंधन के किस पार्टी के कितने उम्मीदार मैदान में उतरेंगे इस पर क्लियर पिक्चर अभी तक नहीं आई है। कई सीटों पर दोस्ताना संघर्ष है। दरअसल महागठबंध में सीट का पेंच अभी तक फंसा है। शनिवार को पटना में कांग्रेस पार्टी की महत्वपूर्ण बैठक होने वाली है। राहुल गांधी की वोटर अधिकार यात्रा के बाद बिहार में कांग्रेस की ताकत बढ़ी है। इसके मद्देनचह पार्टी अधिक सीटों पर चुनाव लड़ना चाहती है। लेकिन आरजेडी कांग्रेस की मांग पर सहज और सहमत नहीं है। वैशाली की दो सीटों पर कांग्रेस और राजद ने अपने उम्मीदवारों को टिकट देकर नामांकन भी करवा दिया है।  

योगी के दीपोत्सव ने नई ऊंचाई पर पहुंचाया भारत-रूस के संबंध

दीपोत्सव- 2025:अयोध्या में रूस के राम को समर्पित होगी मास्को की रामलीला योगी के दीपोत्सव ने नई ऊंचाई पर पहुंचाया भारत-रूस के संबंध रूस-भारतीय मैत्री संघ के द्वारा दीपोत्सव 2025 के दौरान किया जाएगा रामलीला का मंचन रूस के राम पद्मश्री गन्नादी मिखाइलोविच पेचनिकोव की स्मृति को समर्पित होगी रामलीला 18-19 अक्टूबर को अयोध्या में रूस के साथ विभिन्न देशों के कलाकार प्रभु श्रीराम के आदर्शों को जीवंत करेंगे अयोध्या  राम की नगरी अयोध्या एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक एकता का प्रतीक बनने जा रही है। अयोध्या शोध संस्थान के आमंत्रण पर रूस-भारतीय मैत्री संघ के द्वारा दीपोत्सव 2025 के दौरान “दिशा रामलीला मॉस्को” अपनी विशेष नाट्य प्रस्तुति का मंचन करेगी। यह प्रस्तुति पद्मश्री गन्नादी मिखाइलोविच पेचनिकोव की स्मृति को समर्पित होगी, जिन्हें स्नेहपूर्वक “रूस का राम” कहा जाता था। आयोजन 18-19 अक्टूबर को अयोध्या में होगा, जहां रूस के साथ विभिन्न देशों के कलाकार प्रभु श्रीराम के आदर्शों को जीवंत करेंगे।   1960 के दशक में रूस के प्रसिद्ध अभिनेता और रंगमंच निर्देशक गन्नादी पेचनिकोव ने भगवान श्रीराम के जीवन पर आधारित रामलीला का मंचन शुरू किया था। भारत के प्रति उनके प्रेम और समर्पण के लिए उन्हें भारत सरकार ने बाल मित्र पदक और पद्मश्री सम्मान से अलंकृत किया था। वे लगभग दो दशकों तक भारतीय संस्कृति के दूत के रूप में जाने गए। चार दशक बाद योगी सरकार में रूसी-भारतीय मैत्री संघ “दिशा” ने पेचनिकोव की स्मृति में “दिशा रामलीला” की परंपरा को पुनर्जीवित किया है। इसका पहला मंचन 4-6 नवंबर 2018 को अयोध्या में हुआ, दूसरा कुम्भ मेला 2019 प्रयागराज में और उसके बाद अयोध्या के दीपोत्सव में प्रस्तुत किया गया। इस वर्ष दीपोत्सव 2025 में यह मंचन फिर से रूस की ओर से सांस्कृतिक प्रतिनिधित्व करेगा। दीपोत्सव में भारत-रूस की मित्रता एक नई ऊँचाई पर पहुंचाया रूस-भारतीय मैत्री संघ “दिशा” के अध्यक्ष डॉ. रमेश्वर सिंह ने कहा कि हम उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, भारत के रूस में राजदूत माननीय श्री विनय कुमार, रूस के भारत में राजदूत माननीय श्री डेनिस एवगेनियेविच अलीपोव, और जवाहरलाल नेहरू कल्चरल सेंटर (JNCC) मॉस्को की निदेशक श्रीमती मधुर कंकना रॉय के आभारी हैं। इन सभी के सहयोग से रामलीला की परंपरा फिर से जीवंत हुई है और भारत-रूस की मित्रता एक नई ऊँचाई पर पहुँची है।  उन्होंने कहा कि अयोध्या दीपोत्सव का यह आयोजन केवल एक नाट्य प्रस्तुति नहीं, बल्कि भारत और रूस के बीच आत्मिक जुड़ाव का जीवंत प्रतीक है। “दिशा रामलीला मॉस्को” के मंच पर जब रूसी कलाकार भगवान श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण के रूप में संवाद करेंगे, तब वह अभिनय सीमाओं को पार कर दोनों देशों के साझा मूल्यों आस्था, आदर्श और मानवता को एक सूत्र में बाँध देगा। यह मंच केवल कला का नहीं, बल्कि संस्कृति, श्रद्धा और मित्रता का सेतु बनेगा जो भारत और रूस के संबंधों को नई आध्यात्मिक ऊँचाई देगा। गन्नादी मिखाइलोविच पेचनिकोव: रूस के राम 8 सितंबर 1926 को मॉस्को में जन्मे गन्नादी मिखाइलोविच पेचनिकोव वह कलाकार थे जिन्होंने भारतीय संस्कृति को रूस की आत्मा में बसाया। रामायण पढ़ने के बाद उनमें भगवान श्रीराम के आदर्शों को मंच पर जीवंत करने की प्रेरणा जगी और उन्होंने स्वयं रामलीला में श्रीराम की भूमिका निभानी शुरू की। यह भूमिका उनके जीवन का ध्येय बन गई और वे “रूस के राम” कहलाए। 1947 में मॉस्को आर्ट थियेटर से स्नातक होने के बाद उन्होंने अभिनय और निर्देशन को अपना जीवन बना लिया। यर्शोफ थियेटर के माध्यम से उन्होंने बच्चों और कलाकारों को भारतीय मूल्यों से जोड़ा। उनके योगदान के लिए भारत सरकार ने उन्हें “बाल सम्मान” और “पद्मश्री” से सम्मानित किया। 27 अप्रैल 2018 को उनका निधन हुआ, लेकिन उनका राम-स्वरूप आज भी जीवित है। उन्होंने कहा था, “अभिनय ही जीवन है और राम भारतीयता का प्रतीक।” सचमुच, गेनादी पेचनीकोव इस युग में भारत और रूस के सांस्कृतिक सेतु बनकर अमर हो गए।