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दिवाली का माहौल बिगाड़ने की कोशिश, जबलपुर पुलिस ने तीनों युवकों को किया गिरफ्तार

जबलपुर शहर के गौरीघाट क्षेत्र में देर रात लगे एक विवादास्पद पोस्टर ने हड़कंप मचा दिया। पोस्टर पर लिखा था “MILK IS NOT VEGETARIAN (दूध शाकाहार नहीं है)” शनिवार रात जबलपुर पुलिस ने तत्काल एक्शन लेते हुए तीन युवकों को पोस्टर चिपकाते हुए पकड़ लिया और करीब 50 से अधिक पोस्टर जब्त कर लिए। बिना अनुमति लगाए जा रहे थे पोस्टर जानकारी के मुताबिक, ये पोस्टर भोपाल की एक विज्ञापन एजेंसी द्वारा मजदूरों से लगवाए जा रहे थे। पुलिस को रात करीब 1 से 2 बजे के बीच इसकी सूचना मिली, जिसके बाद सीएसपी महादेव नगोतिया और थाना प्रभारी सुभाषचंद्र बघेल मौके पर पहुंचे। उन्होंने देखा कि एक छोटा हाथी वाहन में पोस्टर रखे हुए थे और तीन युवक उन्हें सड़क किनारे चिपका रहे थे। जब उनसे नगर निगम की अनुमति मांगी गई तो वे कोई दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। भोपाल की एजेंसी से जुड़ा मामला पुलिस पूछताछ में एक युवक राजेश अहिरवार ने बताया कि वे भोपाल के कोलार क्षेत्र के रहने वाले हैं और यह काम उन्हें विपुल पांडे नामक व्यक्ति ने दिया था, जो प्रिंस इंटरप्राइजेस (भोपाल) के मालिक हैं। उन्हें निर्देश दिया गया था कि जबलपुर के गौरीघाट क्षेत्र में ये पोस्टर लगाए जाएं। पुलिस ने इनके पास से 50 से अधिक पोस्टर जब्त किए हैं। युवकों ने बताया कि इससे पहले वे फ्लाईओवर उद्घाटन के समय भी शहर में पोस्टर लगाने का काम कर चुके हैं। पोस्टर की सामग्री से बढ़ा विवाद पोस्टर पर लिखा था “MILK IS NOT VEGETARIAN, दूध शाकाहार नहीं है। भारत दुनिया में बीफ के सबसे बड़े निर्यातकों में से एक है और अधिक जानने के लिए ‘मां का दूध’ यूट्यूब पर देखें।” पोस्टर पर किसी प्रकाशक या संस्था का नाम नहीं था, जिससे इसकी प्रामाणिकता और उद्देश्य पर सवाल उठने लगे हैं। सीएसपी महादेव नगोतिया ने बताया कि रविवार शाम को गौरीघाट पर दीपोत्सव 2025 का आयोजन होना है, जिसमें हजारों की संख्या में श्रद्धालु और जनप्रतिनिधि शामिल होंगे। ऐसे में इस तरह के भड़काऊ और भ्रम फैलाने वाले पोस्टर लगाना शहर की फिजा बिगाड़ने की साजिश माना जा रहा है। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई कर पूरे क्षेत्र से पोस्टर हटवा दिए हैं और विज्ञापन एजेंसी की भूमिका की जांच शुरू कर दी है।

खतरे में युद्धविराम! गाजा में हमले की तैयारी में हमास, अमेरिका ने दी सख्त चेतावनी

वाशिंगटन  अमेरिका के विदेश मंत्रालय ने शनिवार को कहा कि उसके पास ‘‘विश्वसनीय रिपोर्ट'' है कि हमास गाजा में फिलीस्तीनी आम नागरिकों पर हमला करके युद्धविराम का उल्लंघन कर सकता है। बयान में कहा गया है कि अगर हमला होता है तो यह अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा इजराइल और हमास के बीच दो साल से जारी युद्ध को समाप्त करने के लिए किए गए समझौते का ‘‘प्रत्यक्ष और गंभीर उल्लंघन'' होगा। संभावित हमले के बारे में और कोई जानकारी नहीं दी गई। अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने कहा, ‘‘अगर हमास यह हमला करता है तो गाजा के लोगों की सुरक्षा और संघर्षविराम को बनाए रखने के लिए कदम उठाए जाएंगे।'' ट्रंप ने इससे पहले सोशल मीडिया पर चेतावनी दी थी कि ‘‘अगर हमास समझौते के विपरीत, गाजा में हिंसा जारी रखता है तो हमारे पास वहां जाकर उन्हें मारने के अलावा कोई विकल्प नहीं होगा।'' अमेरिका के राष्ट्रपति ने बाद में स्पष्ट किया कि वह गाजा में अमेरिकी सेना नहीं भेजेंगे। उन्होंने पत्रकारों से कहा, ‘‘यह हम नहीं करेंगे। हमें ऐसा करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। उनके नजदीक बहुत लोग हैं जो अंदर जाएंगे और वे आसानी से काम कर देंगे, लेकिन हमारी छत्रछाया में।''   

आसमान में भड़की आग: उड़ते विमान में धुआं भर गया, 160 जानें खतरे में!

बीजिंग  चीन के हांगझोउ से दक्षिण कोरिया के सियोल के लिए उड़ान भर रही एयर चाइना फ्लाइट CA139 शनिवार को डरावनी घटना का सामना कर रही थी। उड़ान के लगभग 40 मिनट बाद, ओवरहेड केबिन (सीट के ऊपर कैरी-ऑन बैग रखने वाली जगह) में रखी लिथियम बैटरी में विस्फोट हो गया, जिससे आग लग गई और यात्रियों में दहशत फैल गई। फ्लाइट सुबह 9:47 बजे (स्थानीय समय) हांगझोउ एयरपोर्ट से रवाना हुई थी और दोपहर 12:20 बजे इंचियोन इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर पहुंचने वाली थी। घटना के तुरंत बाद क्रू ने आग पर काबू पाने की कोशिश शुरू की। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में दिखाई दे रहा है कि केबिन क्रू आग बुझाने के लिए पूरी कोशिश कर रहे हैं और यात्री डर के मारे सीटों पर बैठकर स्थिति को संभालने की कोशिश कर रहे थे। वी   डियो में कोरियाई भाषा में ‘जल्दी करो’ जैसी आवाजें भी सुनाई दे रही हैं। एयर चाइना ने चीनी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म वीबो पर बयान जारी किया, जिसमें बताया गया कि क्रू ने तुरंत कार्रवाई कर आग पर नियंत्रण पाया। सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विमान को शंघाई पुडोंग इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई। फ्लाइटराडार24 के अनुसार विमान ने समुद्र के ऊपर एक पूरा चक्कर लगाया और सुबह 11 बजे के करीब शंघाई में सुरक्षित उतरा। विमान में 160 यात्री और क्रू मेंबर्स सवार थे और सभी सुरक्षित हैं।   यह घटना लिथियम बैटरियों से जुड़े जोखिमों को फिर से उजागर करती है। हाल के वर्षों में कई एयरलाइन फ्लाइटों में ऐसी घटनाएं हुई हैं।मई 2025 में हांगझोउ से शेनझेन जा रही चाइना सदर्न एयरलाइंस की फ्लाइट टेकऑफ के 15 मिनट बाद लिथियम कैमरा बैटरी और पावर बैंक से धुएं के कारण वापस एयरपोर्ट पर लौट गई। इससे पहले जनवरी 2025 में एयर बुसान की फ्लाइट में स्पेयर पावर बैंक में विस्फोट हुआ, जिसमें 169 यात्री और 7 क्रू मेंबर्स सवार थे। 7 लोग मामूली रूप से घायल हुए थे। विशेषज्ञों का कहना है कि लिथियम बैटरियों में गर्मी या शॉर्ट सर्किट से आग लगने की संभावना रहती है। एयरलाइन कंपनियां यात्री बैटरियों को सही तरीके से पैक करने और सुरक्षित रखने के निर्देश देती हैं, लेकिन इस तरह की घटनाएं कभी-कभी नियंत्रित नहीं हो पातीं। घटना के बाद कई यात्रियों ने सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया साझा की। कुछ ने विमान क्रू की तत्परता और आपातकालीन प्रशिक्षण की तारीफ की। वहीं, कुछ यात्रियों ने लिथियम बैटरियों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई। वीडियो में यात्री केबिन से उठती आग और क्रू की सक्रियता को देख सकते हैं, जिससे घटना की गंभीरता स्पष्ट होती है।

कांग्रेस MLA का बड़ा बयानः क्या मुसलमानों को नमाज के लिए भी लेना पड़ेगा परमिशन?

कर्नाटक  कर्नाटक कांग्रेस विधायक के. एन. राजन्ना ने शनिवार को सरकार के उस नए आदेश पर सवाल उठाए, जिसमें सरकारी संस्थानों और सार्वजनिक स्थलों पर बिना अनुमति आरएसएस की गतिविधियों पर रोक लगाई गई है। राजन्ना ने कहा कि देखना होगा यह आदेश व्यवहार में कितना लागू हो सकता है। उन्होंने कहा, “हमें देखना होगा कि यह आदेश वास्तव में कितना लागू किया जा सकता है।” पूर्व मंत्री राजन्ना को कुछ महीने पहले मंत्रिमंडल से हटाया गया था। उन्होंने कहा कि सिर्फ वही नियम बनाए जाने चाहिए जो लागू किए जा सकें, वरना वे सिर्फ किताबों तक ही सीमित रह जाते हैं। राजन्ना ने यह भी कहा कि सरकार का आदेश मंत्री प्रियंक खड़गे के पत्र पर आधारित है, जिसमें उन्होंने सिर्फ इतना कहा था कि आरएसएस को सार्वजनिक स्थानों पर कार्यक्रम करने से पहले अनुमति लेनी चाहिए, लेकिन कहीं भी पूर्ण प्रतिबंध की बात नहीं की गई थी। उन्होंने आगे सवाल उठाया, “अब हमारे पास ईदगाह है। वे (मुस्लिम समुदाय) सड़क पर ही नमाज अदा करते हैं। क्या वे अनुमति लेते हैं? या अगर उन्हें अनुमति लेने के लिए कहा जाएगा तो क्या वे मानेंगे?” गौरतलब है कि कर्नाटक मंत्रिमंडल ने गुरुवार को निर्णय लिया था कि आरएसएस की गतिविधियों, जिनमें मार्च और सरकारी संपत्तियों या सार्वजनिक सड़कों पर आयोजित कार्यक्रम शामिल हैं, के लिए नए नियम बनाए जाएंगे, ताकि ऐसी गतिविधियों को नियंत्रित किया जा सके।  

बिना सुनवाई के निरस्त हुई रेलवे भू-अर्जन आपत्ति, नागरिकों में रोष

रायपुर/बिलासपुर रेलवे की ओर से भूमि का अधिग्रहण करने के मामले में पेश आपत्ति को भू-अर्जन अधिकारी ने बिना सुनवाई किए निरस्त कर दिया. इस प्रकरण पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने रेलवे बोर्ड सहित राज्य शासन को नोटिस जारी कर जवाब प्रस्तुत करने का आदेश दिया है. दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे महाप्रबंधक द्वारा विद्युत सब स्टेशन निर्माण हेतु ग्राम बेलगहना में भू-अर्जन की कार्यवाही प्रारंभ की गई. रेलवे प्रशासन की मांग पर भू-अर्जन अधिकारी द्वारा कार्यवाही प्रकरण संस्थित कर कार्यवाही प्रारंभ की गई तथा प्रारंभिक अधिसूचना प्रकाशित की गई. अधिसूचना प्रकाशित होने पर भू-स्वामी द्वारा विस्तृत आपत्ति दर्ज की गई. आपत्ति में आधार लिया गया कि अर्जित भूमि कृषि भूमि है तथा भूस्वामी इसी पर आश्रित है. यह भी बताया गया कि, रेलवे विभाग के पास उसी क्षेत्र में भूमि उपलब्ध है. भू-अर्जन अधिकारी द्वारा बगैर समुचित सुनवाई के आपत्ति खारिज की गई. इसके विरुद्ध याचिकाकर्ता प्रदीप अग्रवाल द्वारा अधिवक्ता सुशोभित सिंह के माध्यम से याचिका दायर की गई. याचिका में बताया गया कि, रेलवे अधिनियम की धारा 20 डी के अनुसार भू अर्जन अधिकारी को भू-अर्जन के विरुद्ध आपत्ति पर विचार कर समुचित सुनवाई का अवसर दिया जाना चाहिए. आपत्ति निरस्त करना विधि विरुद्ध है, याचिका पर संज्ञान लेते हुए हाईकोर्ट ने रेलवे बोर्ड सहित राज्य शासन को नोटिस जारी कर जवाब प्रस्तुत करने का आदेश दिया है.

मासूम शर्मा के लाइव कंसर्ट में हंगामा, दर्शकों के गैरजिम्मेदाराना व्यवहार पर गुस्साए सिंगर

मेलबर्न  ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न में हरियाणवी सिंगर मासूम शर्मा के लाइव शो के दौरान विवाद हुआ। शो में देरी से आने पर कुछ युवकों ने मंच के सामने आकर मासूम शर्मा को अश्लील इशारे किए, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया। मासूम शर्मा ने युवकों से बात करने की कोशिश की, लेकिन वहां मौजूद अन्य युवकों ने गाली-गलौज शुरू कर दी। मासूम शर्मा ने जताई नाराजगी मासूम शर्मा गुस्से में हरियाणवी में बोले, "सुन ले ओ हेल्लो, डाट गात (रुक जा), गलत बात नहीं सहेंगे।" फिर उन्होंने अपशब्द भी कहे। इसके बाद वह शो बीच में छोड़कर जाने लगे, तब दर्शक चिल्लाने लगे। जाते-जाते मासूम शर्मा ने भी युवकों को अश्लील इशारा किया। यह शो 18 अक्टूबर को दिवाली के मौके पर आयोजित किया गया था। इस घटना के कई वीडियो वायरल हो चुके हैं, लेकिन मासूम शर्मा या उनकी टीम की ओर से अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। घटना का वीडियो और मासूम का जवाब  शो के दौरान मासूम शर्मा "बोल तेरे मीठे-मीठे" गाना गा रहे थे। मंच के सामने काली शर्ट पहने एक युवक ने अश्लील इशारे शुरू किए, जबकि अन्य लोग युवकों को शांत रहने का संकेत दे रहे थे। हंगामा बढ़ने पर मासूम ने कहा, "मैंने डेढ़-डेढ़ लाख लोगों के सामने शो किया है। यहां 150 आदमी हैं, प्रोग्राम खराब मत करो। हम तुम्हारे प्यार में आए हैं, प्लीज खराब मत करो।" जब एक युवक उनसे बहस करने लगा, तो मासूम ने कहा, "हट, भगत सिंह की टीशर्ट पहन रखी है और सबसे ज्यादा बकवास कर रहा है। गलत बात है यार।" विवादित इतिहास मासूम शर्मा के शो में यह पहली बार विवाद नहीं है। 22 मार्च को गुरुग्राम में एक लाइव शो के दौरान मंच पर सेल्फी लेने वाले युवक का कॉलर पकड़ने और गाली देने का मामला सामने आया था। उस घटना के बाद प्रवेस बाघोरिया नामक युवक ने पुलिस कमिश्नर को शिकायत दी थी। विवाद बढ़ने पर मासूम शर्मा खुद युवक के घर पहुंच माफी मांगने गए थे और कहा था कि वे अपने और फैंस के बीच मनमुटाव नहीं चाहते।  

अपनी ही पार्टी पर बरसे BJP नेता, बोले – कश्मीरी पंडितों के नाम पर हुई सियासत

जम्मू अपनी ही पार्टी पर विस्थापित कश्मीरी पंडितों का पॉलिटिकल फायदे के लिए इस्तेमाल करने का आरोप लगाते हुए, नाराज बीजेपी नेता जहांजैब सिरवाल ने रविवार को पार्टी लीडरशिप से समुदाय के साथ लंबे समय से हो रहे अन्याय को दूर करने के लिए सही कदम उठाने की अपील की। पिछले साल अप्रैल में कांग्रेस छोड़ने के बाद बीजेपी में शामिल हुए सिरवाल ने कहा, “यह समुदाय BJP के लिए सबसे मजबूत, फिर भी बिना पैसे वाले, बिना पहचाने और बिना पहचाने कैंपेन करने वालों में से रहा है। बीजेपी लीडरशिप ने पॉलिटिकल फायदे के लिए पार्लियामेंट में उनकी तकलीफ का 500 से ज्यादा बार जिक्र किया है और हर पॉलिटिकल दुश्मन के खिलाफ एक टूल के तौर पर इस्तेमाल किया है।” उन्होंने कहा, “मैं पार्टी लीडरशिप से (कश्मीरी पंडित समुदाय के साथ) लंबे समय से हो रहे अन्याय को दूर करने के लिए पक्के और सही कदम उठाने की अपील करता हूं। वे सिर्फ दिखावे या पार्लियामेंट्री बहसों में बार-बार जिक्र से ज्यादा के हकदार हैं।” इससे पहले, 3 अक्टूबर को, सिरवाल ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मुसलमानों के खिलाफ पुलिस के बदले वाले रवैये का हवाला देते हुए पार्टी से इस्तीफा देने की धमकी दी थी। बीजेपी नेता ने कहा कि लीडरशिप को ऐसी पॉलिसी को प्राथमिकता देनी चाहिए जो कश्मीरी पंडितों की उनके वतन सुरक्षित वापसी पक्की करें, उनके अधिकार वापस दिलाएं, और उन्हें वह सुरक्षा और मौके दें जिनसे उन्हें बहुत लंबे समय से वंचित रखा गया है। सिरवाल ने यहां एक बयान में कहा, "वे ठोस कार्रवाई के हकदार हैं, जिसकी शुरुआत सीनियर नेताओं द्वारा उनके कैंपों का दौरा करके उनके संघर्षों को खुद देखने से हो, उसके बाद समुदाय के प्रतिनिधियों, जिनमें पार्टी के कुछ सदस्य भी शामिल हैं, के साथ मिलकर बातचीत हो, ताकि उनके सम्मानजनक पुनर्वास के लिए एक पूरा रोडमैप बनाया जा सके।" सिरवाल ने कहा कि उनके कैंपों के हालात, जिनमें सही घर, हेल्थकेयर और आर्थिक और सामाजिक तौर पर फिर से जुड़ने के मौके नहीं हैं, यह तीन दशकों से ज्यादा समय से चले आ रहे मानवीय संकट को सुलझाने में नाकामी को दिखाता है। कश्मीरी पंडितों के जाने को गहरी मानवीय त्रासदी बताते हुए, उन्होंने जोर देकर कहा कि यह सिर्फ एक आर्थिक मुद्दा नहीं था। सिरवाल ने बयान में कहा, “परिवारों को उनके घरों से निकाल दिया गया, उनकी सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत को उखाड़ फेंका गया, और उन्हें अपने ही देश में देश निकाला में रहने के लिए मजबूर किया गया, और अपर्याप्त सुविधाओं और अनदेखी वाले कैंपों में दशकों तक मुश्किलें झेलनी पड़ीं।” उन्होंने समुदाय की शिकायतों को दूर करने या उनके पुनर्वास की दिशा में काम करने के लिए उनके साथ सार्थक बातचीत की कमी की निंदा की।

ऑस्ट्रेलिया ने भारत को हराया, सीरीज में 1-0 की बढ़त हासिल की

पर्थ  इंडिया वर्सेस ऑस्ट्रेलिया तीन मैच की वनडे सीरीज का पहला मैच आज यानी रविवार, 19 अक्टूबर को पर्थ में खेला गया। ये मैच बारिश से बाधित रहा, जिसमें टीम इंडिया को हार का सामना करना पड़ा। ऑस्ट्रेलिया ने 7 विकेट से इस मैच को जीतकर सीरीज में 1-0 की बढ़त हासिल की। ये मैच बारिश के कारण 26-26 ओवर का हुआ। भारत ने 9 विकेट खोकर 136 रन बनाए। डीएलएस मेथड की वजह से ऑस्ट्रेलिया को 131 रनों का लक्ष्य मिला, जिसे कप्तान मिचेल मार्श की 46 रनों की पारी की बदौलत 3 विकेट खोकर हासिल कर लिया। इस मैच में टॉस हारकर पहले बैटिंग करने उतरी टीम इंडिया की शुरुआत अच्छी नहीं रही। सलामी बल्लेबाज रोहित शर्मा 8 तो विराट कोहली बिना खाता खोले आउट हुए। वहीं, कप्तान शुभमन गिल ने भी निराश किया और 10 रन बनाकर आउट हुए। इसके बाद श्रेयस अय्यर भी कुछ कमाल नहीं दिखा पाए। केएल राहुल ने 38 और अक्षर पटेल ने 31 रन बनाए। 19 रन नितीश रेड्डी ने बनाए। जोश हेजलवुड, मिचेल ओवेन और मैथ्यू कुहनेमन को 2-2 विकेट मिले, जबकि मिचेल स्टार्क और नाथन एलिस को 1-1 विकेट मिला। ऑस्ट्रेलिया के लिए मार्श ने 46, जोश फिलिप ने 37 और रेन शॉ ने 21 रन बनाए। ऑस्ट्रेलिया ने भारत को हराया टीम इंडिया को पर्थ वनडे मैच में करारी हार का सामना करना पड़ा। बारिश से बाधित मैच में ऑस्ट्रेलिया ने 7 विकेट से जीत दर्ज की। इसी के साथ तीन मैचों की सीरीज में ऑस्ट्रेलिया ने 1-0 की बढ़त हासिल कर ली है। बारिश की वजह से गिल एंड कंपनी का गणित बिगड़ गया।

केंद्र का तोहफा: दिवाली से पहले कर्मचारियों के खाते में 60 दिन का बोनस

नई दिल्ली  दिवाली से पहले केंद्र सरकार ने अपने कर्मचारियों के लिए बड़ा तोहफा दिया है। संचार मंत्रालय के डाक विभाग ने एक आधिकारिक आदेश जारी करते हुए वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए उत्पादकता-लिंक्ड बोनस का ऐलान किया है। आदेश के अनुसार, डाक विभाग के कर्मचारियों को 60 दिनों के वेतन के बराबर बोनस दिया जाएगा। बता दें कि सरकार का यह कदम कर्मचारियों की मेहनत को मान्यता देने के साथ-साथ त्योहारी सीजन में उन्हें वित्तीय राहत भी प्रदान करता है। किन कर्मचारियों को मिलेगा यह बोनस? डाक विभाग के आदेश के अनुसार, यह बोनस निम्नलिखित श्रेणी के कर्मचारियों को दिया जाएगा- 1. नियमित कर्मचारी — ग्रुप C, मल्टी-टास्किंग स्टाफ (MTS) और गैर-राजपत्रित ग्रुप B के कर्मचारी। 2. ग्रामीण डाक सेवक — जो नियमित रूप से कार्यरत हैं। 3. अस्थायी और पूर्णकालिक अनौपचारिक (कैजुअल) कर्मचारी इसके अलावा, जो कर्मचारी 31 मार्च 2025 के बाद सेवानिवृत्त, इस्तीफा दे चुके हैं या प्रतिनियुक्ति पर चले गए हैं, वे भी इस बोनस के पात्र होंगे। आदेश में कहा गया है कि ऐसे सभी कर्मचारियों के लिए उत्पादकता-लिंक्ड बोनस, संबंधित प्रावधानों के अनुसार देय होगा। बोनस की गणना कैसे होगी? डाक विभाग ने बोनस की गणना का स्पष्ट फार्मूला भी बताया है। नियमित कर्मचारियों के लिए – बोनस = (औसत वेतन × 60 दिन ÷ 30.4) हालांकि, बोनस की गणना के लिए वेतन की अधिकतम सीमा ₹7,000 प्रति माह निर्धारित की गई है। ग्रामीण डाक सेवकों (GDS) के लिए- बोनस उनकी टाइम रिलेटेड कंटिन्युटी अलाउंस (TRCA) और महंगाई भत्ता के आधार पर तय किया जाएगा। अस्थायी या पूर्णकालिक कैजुअल श्रमिकों के लिए- उन्हें ₹1,200 के अनुमानित वेतन के आधार पर एड-हॉक बोनस दिया जाएगा। सेवा छोड़ने वाले कर्मचारी भी होंगे लाभान्वित आदेश में यह भी कहा गया है कि जो कर्मचारी 31 मार्च 2025 के बाद विभाग से सेवानिवृत्त, इस्तीफा देने वाले या स्थानांतरित हो गए हैं, उन्हें भी प्रो-राटा आधार पर बोनस दिया जाएगा।  

कांग्रेस में टिकट की ‘घोड़ा-दौड़’! पप्पू यादव-अल्लावरू का धमाकेदार ऑडियो मचा रहा हड़कंप

पटना  बिहार चुनाव से पहले टिकटों की खरीद-फरोख्त को लेकर कांग्रेस पर गंभीर इल्जाम लग रहे हैं। गंभीर बात यह है कि यह आरोप कोई और नहीं बल्कि कांग्रेस के ही विधायक अफाक आलम लगा रहे हैं। अफाक आलम कस्बा से कांग्रेस विधायक हैं। कस्बा से कांग्रेस विधायक आफाक आलम और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम के बीच हुई बातचीत का एक ऑडियो भी वायरल हुआ है। इसमें आफाक आलम के पूछने पर राजेश राम कह रहे हैं कि आपके टिकट पर हम साइन कर दिए हैं। अब प्रभारी के पास है। लेकिन कोई मुकतु और इरफान है। खेल, हाथी, घोड़ा सब हो रहा है। बता दें कि कस्बा से कांग्रेस ने इरफान को टिकट दिया है। अफाक आलम का कहना है कि घोड़ा कृष्णा अल्लावरू हैं और हाथी पप्पू यादव। सबसे पहले हम आपको बताते हैं कि अफाक आलम और राजेश राम के बीच क्या बातचीत हुई। हालांकि, लाइव हिन्दुस्तान इस ऑडियो की पुष्टि नहीं करता है। जो ऑडियो वायरल हुआ है उसमें अफाक आलम कहते हैं कि अध्यक्ष जी बताइए ना क्या करें, बैठे हए हैं। इसपर राजेश राम कहते हैं कि यहां पर एक मुत्थु हैं, कोई इरफान हैं। उसके लिए बहुत है, आपका ओके है लेकिन अभी सिंबल रोके हुए है। इसके बाद अफाक आलम ने कहा कि तो हमको दे दिजिए। इसपर राजेश राम ने कहा कि हम तो साइन कर के दे ही दिए हैं वहां, हम चले आए क्षेत्र पर। अफाक आलम राजेश राम से कहते हैं कि धन्यवाद आपका सर। खेल, हाथी-घोड़ा हो रहा – राजेश राम इसपर राजेश राम ने कहा कि हम साइन, वगैरह जितना था उतना कर दिए हैं। लेकिन अब ये जो है वो प्रभारी जी के पास है। अफाक आलम कहते हैं कि आप अध्यक्ष है सर। इसपर राजेश राम कहते हैं कि अध्यक्ष हैं तो हम अनुमति तक सबकुछ कर दिए हैं। अफाक आलम ने इसपर पूछा कि तो फिर ये क्या खेल हो रहा है सर। इसपर राजेश राम ने कहा कि खेल, हाथी-घोड़ा सब हो रहा है। हमने कहा था कि किसी भी विधायक का टिकट नहीं कटना चाहिए। इसपर अफाक आलम ने कहा कि आप ऊपर खबर कर दीजिए सर। इसपर कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि अभी पप्पू यादव लगा हुआ है ना। तब अफाक आलम ने कहा कि किसके पीछे लगा हुआ है पप्पू यादव, पप्पू यादव क्या चीज है, पप्पू यादव क्या है? पप्पू यादव हमलोग की पार्टी का क्या है? इसपर राजेश राम कहते हैं कि यह तो आप ऊपर पूछिएगा ना सर। हमने आपका नाम आगे बढ़ा दिया। बाद में आकर टिकट रूका है। अफाक आलम ने पूछा कि किसने रोक दिया? इसपर राजेश राम ने कहा कि ये सब तो पप्पू जी, वेणु जी सब बैठ कर क्या-क्या कर रहे हैं। हमलोग तो पहले ही साइन करके दे चुके हैं। अफाक आलम इसे बाद कहते हैं कि क्या सर इससे पार्टी चलेगा? तब राजेश राम कहते हैं कि पार्टी एकदम नहीं चलेगा। इससे हम भी बहुत परेशान हैं। आप एक साफ-सुथरा आदमी हैं। आपके बनने से एक मैसेज है कि आपके होने से हमलोग बातचीत कर सकते हैं। आप हमारे अध्यक्ष हैं आपको अड़ना होगा सर। इधर इस ऑडियो क्लिप के वायरल होने के बाद अफाक आलम ने न्यूज 18 से बातचीत में माना कि यह बातचीत उनके और राजेश राम के बीच की ही है। इन लोगों ने टिकट बेचा है और टिकट बेचकर वैसे लोगों को बेचा गया है जो हारा हुआ है। कांग्रेस में टिकट बेचे जाने की बात पर अड़े अफाक आलम अफाक आलम ने कहा कि जो बिहार कांग्रेस के प्रभारी अल्लावरू और अध्यक्ष राजेश राम और शकील खान इन तीनों की जिम्मेदारी थी टिकट देने की। हम लगातार फोन करते रहे लेकिन अल्लावरू साहब ने फोन नहीं उठाया। हमने कहा कि दूसरे चरण में हमलोगों को टिकट मिलना है। हमलोगों को टिकट दिया जाए। उसके बाद हमको धीरे-धीरे पता चला कि पप्पू यादव जी ने पैसे की उगाही कराई और इन लोगों दबाव में लाकर वैसे लोगों को टिकट दिया गया जिनका कोई जनाधार नहीं है और जो समिति में हारा हुआ है। पैसा लेकर टिकट दिया गया है। अफाक आलम ने कहा कि मनमाने ढंग से कांग्रेस पार्टी को बर्बाद करने के लिए कई लोग लगे हुए हैं। अफाक आलम ने कहा कि हम अपनी बात को राहुल गांधी, खरगे और केसी वेणुगोपाल तक पहुंचाया है। यहां बिहार में ये लोग टिकट बेचने का काम कर रहे हैं। किशनगंज में भी फ्रॉड करने की कोशिश की गई है। कसम खाकर कहें कि पैसा दिया गया या नहीं – अफाक आलम कस्बा विधायक ने अपनी अगली रणनीति को लेकर कहा कि हमारे समर्थक हमारे साथ हैं। कई हजार लोग यहां आ गए हैं। हम उनसे राय लेने के बाद ही कदम उठाएंगे। हम इंसाफ मांगते हैं कि आखिर ऐसा क्यों हआ? लोकतंत्र में ईमानदार लोगों को ही क्यों रोका जाता है? ऐसे तो लोकतंत्र में कोई आगे नहीं बढ़ेगा। वहीं दलाल, फ्रॉड लोग आगे आएंगे। अफाक आलम ने कहा कि मुझसे पप्पू यादव ने पूछा कि आप जीतिएगा कि वो जीतेंगे? यह सारा खेल वहीं से हुआ है। पैसा लिया गया है। वो रामायण-पुराण की कसम खाकर कहें कि पैसे दिया गया है नहीं। रातोंरात पैसा कैसे पहुंचा है और पैसा मिलने के बाद टिकट ओके किया गया है।