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24 अक्टूबर 2025 राशिफल: मकर राशि के लिए भाग्यशाली दिन, देखें आपकी राशि का फल

मेष आज के दिन बात-चीत में भाग लें और अपनी पर्सनालिटी को सामने लाएं। जल्दबाजी में डीसीजन लेने से बचें और दूसरे व्यक्ति के दृष्टिकोण पर विचार करने के लिए तैयार रहें। हेल्दी लाइफस्टाइल बनाए रखें। वृषभ आज के दिन चीजों के कंट्रोल से बाहर जाने से पहले ही प्यार से जुड़ी हर समस्या को सॉल्व करें। आधिकारिक चुनौतियों के बावजूद, आप पेशेवर रूप से सफल होंगे। वित्तीय मामलों पर नजर रखें। मिथुन आज के दिन किसी भी नकारात्मक विचार को त्याग दें और सोल्यूशन की मानसिकता के साथ अपना पक्ष रखें। आपके लिए परीक्षाओं का दिन हो सकता है। अपने शब्दों का प्रयोग सावधानी से और शांत एवं क्लियर लहजे में करें। कर्क आज के दिन नया प्यार दिन का मुख्य आकर्षण है। फीलिंग्स को शेयर करने के लिए प्रेमी के साथ अधिक वक्त बिताएं। नई जिम्मेदारियां कार्यालय में आपके दरवाजे पर दस्तक देंगी। सिंह आज के दिन आपकी पेशेवर कमिटमेंट आपको काम पर चुनौतियों से निपटने में मदद करेगी। धन और स्वास्थ्य दोनों ही आपके लिए एकदम सही और लाभकारी साबित होंगे। तनाव कम लें। कन्या आज के दिन पॉजिटिव नोट पर प्यार से संबंधित मुद्दों का ध्यान रखें। आपका आधिकारिक प्रदर्शन शानदार होगा और इससे आपके करियर में अधिक अवसरों को बढ़ने का रास्ता मिलेगा। तुला आज के दिन बिजनेस करने वाले नए व्यावसायिक आइडिया को लॉन्च कर सकते हैं। अच्छे स्वास्थ्य के साथ-साथ वित्तीय स्टेबिलिटी भी आपके पक्ष में रहेगी। सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ प्यार से संबंधित समस्याओं को तुरंत सॉल्व करें। वृश्चिक आज के दिन आर्थिक रूप से आप आज अच्छे हैं। कोई बड़ी बीमारी आपको परेशान नहीं करेगी। जब प्यार से संबंधित मुद्दों की बात आती है तो सकारात्मक रहें। पेशेवर जीवन को लगन से संभालें। धनु आज के दिन अपने रिश्ते में ईमानदार रहें और इससे आपको खुशी मिलेगी। व्यावसायिक रूप से आप सफलता का स्वाद लेंगे। मामूली मौद्रिक मुद्दे हो सकते हैं। मकर आज के दिन आप व्यक्तिगत और पेशेवर दोनों जीवन में सफलता को गले लगाएं। एक समृद्ध दिन होता है, जब आप महत्वपूर्ण निवेश निर्णय लेते हैं। आपका स्वास्थ्य भी सकारात्मक रहेगा। कुंभ आज के दिन समृद्धि आपके पास आएगी। स्वास्थ्य सामान्य रहने वाला है। कार्यालय में आपका प्रदर्शन नए पदों को प्राप्त करने में मदद करेगा। आज प्रमुख निवेशों के लिए दिन अच्छा है लेकिन अपने स्वास्थ्य के बारे में सावधान रहें। मीन आज के दिन पैसों को सही तरीके से मैनेज किया जाए। आज स्वास्थ्य भी अच्छा है। नौकरी खोजने के विकल्प खुले रखें, क्योंकि हो सकता है कि आपको कुछ बेहतर पाने का मौका मिले।

चांद-तारे नहीं, जनता के बीच किया निशाना: नीतीश ने तेजस्वी के वादे पर साधा निशाना

पटना बिहार विधानसभा चुनाव के बीच जीविका योजना को लेकर वादों और दावों का दौर चल पड़ा है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के नेता तेजस्वी यादव के जीविका दीदी को लेकर किए गए चुनावी वादे पर तंज कसा है। सीएम ने गुरुवार को कहा कि वो चांद तारे तोड़ लाने के लिए बात कर रहे हैं। जीविका दीदियों और बिहार की महिलाओं का हितैषी दिखने की कोशिश कर रहे हैं। मगर सच यह है कि जीविका दीदियों के नाम पर ये लोग अपने परिवार की आजीविका तलाश रहे हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गुरुवार को एक लंबा सोशल मीडिया पोस्ट शेयर किया। इसमें आरजेडी और तेजस्वी यादव का नाम लिए बिना सीएम ने कहा कि बिहार की जनता ने इन लोगों को भी मौका दिया था लेकिन तब इनका ध्यान सेवा करने से ज्यादा मेवा खाने पर लगा हुआ था। इनके कार्यकाल में महिलाओं का विकास सिर्फ इनके परिवार तक ही सीमित था। इन लोगों के राज में बिहार की महिलाओं ने जो दुख- दर्द और जंगलराज का दंश झेला है, वह किसी से छिपा नहीं है। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि ऐसे लोगों को पता होना चाहिए कि ये 2005 से पहले वाला बिहार नहीं है। बिहार की बहन-बेटियां पढ़ रही हैं, आगे बढ़ रही हैं, नौकरियां कर रही हैं, स्वरोजगार में लगी हैं, नौकरियां दे रही हैं, बिहार और देश का नाम रोशन कर रही हैं। बिहार की बहन-बेटियों को पता है कि उनके उत्थान और सम्मान के लिए किसने काम किया है। नीतीश ने अपने पोस्ट में अपनी सरकार में महिलाओं के लिए लाई गई योजनाओं का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि बिहार में 1.40 करोड़ से अधिक जीविका दीदियां अलग-अलग कामों से बिहार और देश की अर्थव्यवस्था में बड़ी भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने कहा, "हमने देश में पहली बार पंचायत और नगर निकाय चुनावों में महिलाओं के लिए 50 फीसदी आरक्षण की व्यवस्था की। हमने सरकारी नौकरियों में महिलाओं के लिए 35 फीसदी आरक्षण की व्यवस्था की। महिलाओं के लिए डोमिसाइल नीति लागू की। हमारी सरकार ने प्राथमिक शिक्षक भर्ती में महिलाओं के लिए 50 फीसदी आरक्षण लागू किया।" तेजस्वी का जीविका दीदी को 30000 रुपये सैलरी देने का वादा आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने बुधवार को जीविका दीदियों को लेकर बड़ा चुनावी वादा किया। उन्होंने कहा कि महागठबंधन की सरकार बनने पर जीविका दीदियों को स्थायी नौकरी दी जाएगी और उन्हें हर महीने 30000 रुपये वेतन दिया जाएगा। इसके अलावा उन्होंने जीविका दीदियों के लिए 5 लाख रुपये का बीमा और 2000 रुपये अलग से भत्ता देने का भी वादा किया।  

सरकार ने शुरू की CJI की नियुक्ति प्रक्रिया, अगले चीफ जस्टिस बनने वाले चेहरे पर लगी नज़र

नई दिल्ली  सीजेआई बीआर गवई के बाद देश का अगला चीफ जस्टिस कौन होगा, इसकी प्रक्रिया केंद्र सरकार ने शुरू कर दी है। सीजेआई गवई 23 नवंबर को रिटायर हो रहे हैं। इससे पहले तक नए सीजेआई के नाम का चयन हो जाना है। जस्टिस सूर्यकांत अगले सीजेआई के रेस में हैं और उनका बनना लगभग तय है। सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के जजों की नियुक्ति की प्रक्रिया से वाकिफ लोगों ने बताया कि जस्टिस गवई से उनके उत्तराधिकारी का नाम बताने वाला लेटर आज शाम या शुक्रवार को दिया जाएगा। मेमोरेंडम ऑफ प्रोसीजर के अनुसार, जो सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट जजों की नियुक्ति, ट्रांसफर और पदोन्नति को गाइड करने वाले डॉक्यूमेंट्स का एक सेट है, उसमें कहा गया है कि भारत के चीफ जस्टिस के पद पर नियुक्ति सुप्रीम कोर्ट के सबसे सीनियर जज की होनी चाहिए, जिन्हें पद संभालने के लिए फिट माना जाए। केंद्रीय कानून मंत्री सही समय पर भारत के जाने चीफ जस्टिस से उनके अगले चीफ जस्टिस की नियुक्ति के लिए सिफारिश मांगेंगे। आमतौर पर, यह लेटर मौजूदा सीजेआई के 65 साल की उम्र में रिटायर होने से एक महीने पहले भेजा जाता है। जस्टिस सूर्यकांत सीजेआई गवई के बाद सबसे सीनियर जज हैं और अगले सीजेआई बनने की सबसे ज्यादा संभावना है। एक बार नियुक्त होने के बाद, जस्टिस सूर्यकांत 24 नवंबर को अगले सीजेआई बन जाएंगे और 9 फरवरी, 2027 तक लगभग 15 महीने तक इस पद पर रहेंगे।  

भैया दूज की अनोखी जश्न: जेल अधीक्षक को तिलक लगाकर ड्रम वाली मुस्कान ने मनाई खुशी

मेरठ  चर्चित सौरभ राजपूत हत्याकांड की आरोपी मुस्कान रस्तोगी ने जेल में भैया दूज मनाया है। गुरुवार को भाई दूज के मौके पर मेरठ कारागार के वरिष्ठ जेल अधीक्षक डॉ. वीरेश राज शर्मा ने उन 27 महिला बंदियों से तिलक लगवाया, जिनके भाई मुलाकात के लिए नहीं पहुंचे। पति सौरभ की हत्या के आरोप में प्रेमी साहिल के साथ जेल में बंद मुस्कान के घर से उसका भाई भी जेल नहीं पहुंचा था। ऐसे में जेल अधीक्षक ने मुस्कान से भाई दूज का तिलक लगवाया। नीले ड्रम हत्याकांड से मुस्कान सुर्खियों में आई थी। उसकी मां कविता ने बताया है कि परिवार अब मुस्कान से कोई संबंध नहीं रखना चाहता। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब किसी त्योहार पर वह उससे नहीं मिलेंगे, क्योंकि मुस्कान उनके जीवन का हिस्सा नहीं रही। वहीं, भैया दूज पर जेल परिसर में रोली, चावल, मिठाई और जलपान की विशेष व्यवस्था की गई। बहनों के लिए छायादार पंडाल लगाए गए, ताकि वह सहजता से पर्व मना सकें। सुबह से ही बंदियों और उनके परिजनों में उत्साह देखने को मिला और देर शाम तक तिलक का क्रम जारी रहा। डेरा सच्चा सौदा की ओर से फ्री भोजन की आयोज भैया दूज के अवसर पर मेरठ जिला कारागार परिसर में डेरा सच्चा सौदा के नेतृत्व में निशुल्क भोजन शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में बंदियों से मिलने आने वाली महिलाओं और बच्चों के लिए भोजन और पेयजल की व्यवस्था की गई। चार टुकड़ों में थी लाश; शव का पंचनामा भरने वाले दारोगा का बयान सौरभ हत्याकांड में शव का पंचनामा भरने वाले दारोगा धर्मेंद्र कुमार के जिला जज कोर्ट में 6 अक्टूबर को बयान दर्ज कराया था। दारोगा ने कोर्ट को बताया कि नीले ड्रम में लाश को सीमेंट से जमाया हुआ था। कटर से ड्रम और सीमेंट को काटकर मोर्चरी पर शव को बाहर निकाला गया। लाश टुकड़ों में मिली थी। सिर को धड़ से काटकर अलग किया गया था। दोनों हाथों को भी कलाई से काटकर अलग किया हुआ था। दोनों कटे हुए हाथ एक पॉलीथिन में बंद मिले थे। चाकू भी ड्रम के अंदर ही मिला था।  

चीन का सैन्य दांव: ताइवान के खिलाफ बढ़ती चुनौती, फाइटर जेट्स और नौसैनिक घेरा

ताइवान चीन और ताइवान के बीच तनाव एक बार फिर तेज हो गया है। ताइवान के समुद्री क्षेत्रों से लेकर हवाई सीमाओं तक चीनी लड़ाकू विमान और नौसैनिक जहाजों की मौजूदगी देखी जा रही है। इसी क्रम में ताइवान के रक्षा मंत्रालय (एमओडी) ने गुरुवार सुबह (स्थानीय समयानुसार) अपने जलक्षेत्र के निकट तीन चीनी सैन्य विमानों की उड़ानों तथा चार चीनी नौसेना के जहाजों की गतिविधियों का पता लगाया। इनमें एक विमान ने मध्य रेखा को पार करते हुए ताइवान के उत्तरी हवाई रक्षा पहचान क्षेत्र (एडीआईजेड) में प्रवेश कर लिया। एक्स पर जारी एक पोस्ट में एमओडी ने बताया कि सुबह 6 बजे (यूटीसी+8) तक ताइवान के आसपास पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) के तीन विमानों की उड़ानें और चार पीपुल्स लिबरेशन आर्मी नेवी (पीएलएएन) के जहाजों की उपस्थिति दर्ज की गई। इनमें एक उड़ान ने मध्य रेखा पार की और उत्तरी एडीआईजेड में दाखिल हो गई। हम स्थिति पर नजर रखे हुए हैं और जरूरी उपाय कर रहे हैं। दरअसल, पिछले बुधवार को भी ताइवान के रक्षा मंत्रालय (एमएनडी) ने अपने आसपास दो पीएलए विमानों, चार पीएलएएन जहाजों और एक आधिकारिक चीनी जहाज की गतिविधियां महसूस की थीं। एक्स पर पोस्ट में एमएनडी ने बताया कि सुबह 6 बजे (यूटीसी+8) तक ताइवान के परिवेश में दो पीएलए विमान, चार पीएलएएन जहाज तथा एक आधिकारिक जहाज सक्रिय थे। इनमें दोनों उड़ानें मध्य रेखा को पार कर उत्तरी एडीआईजेड में प्रवेश कर गईं। हमने परिस्थिति की निगरानी की और समुचित कार्रवाई की। यह घुसपैठ चीन के ताइवान पर निरंतर सैन्य दबाव की रणनीति का एक हिस्सा मानी जा रही है, जहां बीजिंग ताइवान को अपना अभिन्न हिस्सा घोषित करता है। ये लगातार होने वाली हवाई व समुद्री अतिक्रमणें ताइवान-चीन संबंधों में उभरते तनाव को रेखांकित करती हैं, जो वर्षों से भू-राजनीतिक विवादों से जूझ रहे हैं। उधर, चीन की परमाणु क्षमताओं में हो रही तेज प्रगति और विविधीकरण ने चिंताएं और बढ़ा दी हैं कि यदि पश्चिमी राष्ट्र ताइवान विवाद में हस्तक्षेप करते हैं, तो बीजिंग उनके खिलाफ 'परमाणु धमकी' या यहां तक कि पूर्ण परमाणु युद्ध का सहारा ले सकता है।

पुतिन की ‘विषकन्या’ पर फिर से लगी नजरें, रूस की लाल बालों वाली हसीना को मिला नया टास्क

रूस रूस की मशहूर जासूस अन्ना चैपमैन एक बार फिर सुर्खियों में हैं। उन्हें रूस से एक नया और महत्वपूर्ण मिशन सौंपा गया है, और अब वह 'म्यूजियम ऑफ रशियन इंटेलिजेंस' की प्रमुख के पद पर आसीन हो गई हैं। यह म्यूजियम रूस की प्रमुख विदेशी जासूसी एजेंसी SVR (जो पहले KGB के नाम से जानी जाती थी) से सीधे जुड़ा हुआ है। बता दें कि अन्ना चैपमैन (उम्र 43 वर्ष) का वास्तविक नाम 'अन्ना रोमानोवा' है। वह पहले यूनाइटेड किंगडम (UK) की नागरिक थीं। 2010 में अमेरिका में गिरफ्तारी के बाद वह वैश्विक मीडिया की सुर्खियों में छाई रहीं, लेकिन एक हाई-प्रोफाइल जासूसी अदला-बदली के समझौते के तहत उन्हें मॉस्को वापस भेज दिया गया था। बता दें कि जिस म्यूजियम से अन्ना चैपमैन जुड़ी हैं, वह रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की विदेशी जासूसी एजेंसी SVR के प्रेस कार्यालय के अंतर्गत रजिस्टर्ड है, जो मॉस्को के गोर्की पार्क के निकट स्थित है। इसका उद्देश्य रूसी जासूसी के गौरवशाली इतिहास और 'उपलब्धियों' को जनता के सामने लाना है। SVR के वर्तमान प्रमुख और पुतिन के करीबी सहयोगी सर्गेई नारीश्किन की निगरानी में यह म्यूजियम रूसी जासूसों की विरासत का उत्सव मनाएगा और उनकी सफलताओं को वैश्विक पटल पर प्रदर्शित करेगा। अन्ना चैपमैन कौन हैं? रूस की इस लाल बालों वाली 'ब्लैक विडो' पर पश्चिमी देशों की गोपनीय सूचनाएं हासिल करने का आरोप लगा था। लंदन में उन्हें पहली बार प्रसिद्धि मिली, जहां उनके करिश्माई व्यक्तित्व ने उन्हें प्रभावशाली व्यापारियों, राजनेताओं और हाई-प्रोफाइल लोगों के बीच घुसपैठ करने में सहायता की। 'द सन' अखबार की एक रिपोर्ट के मुताबिक, लंदन में एक रूसी एजेंट ने उनके नेटवर्किंग कौशल पर नजर रखी और उन्हें भर्ती कर लिया। उनकी कहानी इतनी रोमांचक थी कि सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने उन्हें मार्वल कॉमिक्स की लोकप्रिय किरदार 'ब्लैक विडो' से तुलना करने लगे। बाद में उन्होंने एलेक्स चैपमैन से शादी के माध्यम से ब्रिटिश नागरिकता प्राप्त की, हालांकि यह शादी उतनी ही अचानक खत्म हो गई जितनी अचानक शुरू हुई थी। पिछले साल जारी अपनी किताब 'बॉन्डीअन्ना: टू रशिया विद लव' में चैपमैन ने खुद को वास्तविक जिंदगी की महिला जेम्स बॉन्ड (007) के रूप में प्रस्तुत किया। उन्होंने दावा किया कि उनकी खूबसूरती और आत्मविश्वास ने उन्हें शक्तिशाली व्यक्तियों तक पहुंचाने में मदद की। किताब में उन्होंने लिखा कि मुझे मालूम था कि पुरुषों पर मेरा प्रभाव कैसा होगा। प्रकृति ने मुझे उदारतापूर्वक आवश्यक गुण प्रदान किए थे। पतली कमर, उभरी हुई छाती और लहराते लाल बाल। बस, इन गुणों को उभारना था। मैंने सादे लेकिन सेक्सी आउटफिट्स, हल्के मेकअप और सहजता का सहारा लिया। सबसे महत्वपूर्ण, मैंने उन्हें खुश करने की अधिक कोशिश नहीं की। और यह जादू की तरह असरदार साबित हुआ। गिरफ्तारी और अमेरिका से निर्वासन चैपमैन 2010 में न्यूयॉर्क में FBI द्वारा एक रूसी 'स्लीपर सेल' के सदस्य के रूप में पकड़ी गईं। यह एक दशक लंबी जांच का हिस्सा था, जिसमें अमेरिका में अवैध रूप से सक्रिय गुप्तचरों का पर्दाफाश हुआ। हालांकि, बाद में एक जासूसी अदला-बदली के सौदे के तहत उन्हें रिहा कर दिया गया। इस सौदे में ब्रिटेन के डबल एजेंट सर्गेई स्क्रिपल को भी शामिल किया गया था, जो बाद में ब्रिटेन लौटे। रूस लौटने के बाद चैपमैन ने अपनी छवि को नया रूप दिया। उन्होंने एक सफल व्यवसायी के रूप में शुरुआत की और फिर टेलीविजन और सोशल मीडिया पर छा गईं। वह आज भी व्लादिमीर पुतिन की कट्टर समर्थक हैं और अब एक बच्चे की मां हैं। अब वह अपने असली नाम 'अन्ना रोमानोवा' से सार्वजनिक मंचों पर एक्टिव हो रही हैं।

योगी सरकार ने किया बड़ा फैसला: यूपी में 1022 नए अग्निशमन कर्मियों की भर्ती और हर जिले में फायर चौकी

लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक्सप्रेसवे पर हर 100 किमी की दूरी पर फायर टेंडर युक्त एक छोटी फायर चौकी बनाने के निर्देश दिए हैं। आग लगने पर इससे गोल्डन ऑवर में राहत दी जा सकेगी। इसके साथ ही अग्निकांड को रोकने और हादसा होने पर त्वरित राहत देने के लिए फायर महकमे में 1022 पद (98 राजपत्रित और 922 अराजपत्रित) बढ़ाए जाएंगे। राज्य अग्निशमन प्रशिक्षण महाविद्यालय में भी पद बढ़ाए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने गुरुवार को उत्तर प्रदेश अग्निशमन तथा आपात सेवा विभाग में पदों के सृजन व अभियोजन संवर्गीय अधिकारियों के कैडर रिव्यू के संबंध में बैठक की। इस दौरान उन्होंने कहा कि हर मंडल में विशेष यूनिट गठित की जाए। केमिकल, बायोलॉजिकल और रेडियोलॉजिकल हादसा होने पर विशेष यूनिट सहायक साबित होगी। बहुमंजिला इमारतों में हादसा होने पर भी इस यूनिट की मदद ली जा सकेगी। फायर सर्विस को केवल आग बुझाने तक सीमित न रखकर इसे आपदा प्रबंधन, रेस्क्यू ऑपरेशन और आपात सेवाओं में काम करने के लिए भी विकसित किया जाए। उन्होंने कहा कि फायर महकमे को अति आधुनिक उपकरणों और ट्रेनिंग के जरिए मजबूत किया जाए। बैठक में कुछ बड़े हादसों का भी जिक्र हुआ। अफसरों को समय-समय पर बड़े प्रतिष्ठानों, मॉल व मल्टीप्लेक्स के साथ बहुमंजिला अपार्टमेंट का निरीक्षण करने के भी निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री ने विभाग की प्रशासनिक क्षमता और वित्तीय पारदर्शिता बढ़ाने के लिए हर जिले में लेखा कैडर स्थापित करने के भी निर्देश दिए। विभाग की नई ऑपरेशनल इकाइयों के रूप में कुशीनगर, आजमगढ़, श्रावस्ती, कानपुर नगर, अयोध्या, अलीगढ़, मुरादाबाद, चित्रकूट और सोनभद्र एयरपोर्ट पर अग्निशमन सेवाओं की यूनिट तैनात की जा चुकी है। अग्निशमन विभाग में बढ़ेंगे 1022 पद मुख्यमंत्री योगी ने विभागीय कैडर रिव्यू की आवश्यकता पर चर्चा करते हुए कहा कि नए पद भी सृजित होने चाहिए। राज्य अग्निशमन प्रशिक्षण महाविद्यालय में अतिरिक्त पद सृजित कर प्रशिक्षण एवं अनुसंधान की गुणवत्ता को और बेहतर बनाने को भी कहा। इस निर्देश के साथ ही विभाग में राजपत्रित और अराजपत्रित स्तर के नए 1022 पदों के सृजित होने का रास्ता भी साफ हो गया।  

H-1B वीज़ा विवाद तेज़: कानूनी अड़चन के बाद संसद में भी तनाव

वॉशिंगटन  अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन द्वारा H-1B वीजा आवेदनों पर शुल्क बढ़ाकर 1 लाख डॉलर करने का अब सत्ता पक्ष और विपक्ष यानी रिपब्लिकन और डेमोक्रेट सांसदों ने विरोध किया है और राष्ट्रपति से इस फैसले पर फिर से विचार करने का अनुरोध किया है। अमेरिकी सांसदों के एक समूह ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से नए H-1B वीजा आवेदनों पर लगाए गए नए 1,00,000 डॉलर के शुल्क पर पुनर्विचार करने का आग्रह करते हुए चेतावनी दी है कि यह नीति अमेरिकी नवाचार और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को नुकसान पहुंचा सकती है। 21 अक्टूबर को वाइट हाउस और वाणिज्य विभाग को भेजी गई चिट्ठी में डेमोक्रेट और रिपब्लिकन दोनों दलों समेत अमेरिसी संसद कांग्रेस के सात सांसदों ने नाराजगी और चिंता जताई है। पत्र में कहा गया है कि वीजा पर लगाया गया भारी भरकम शुल्क शुरुआती स्तर के नियोक्ताओं और छोटी कंपनियों, खासकर उन कंपनियों पर विपरीत प्रभाव डालेगा जो अभी तक लाभ कमाने वाली कंपनियों के दायरे में नहीं आ सकी हैं। चिट्ठी में कहा गया है कि नया वीजा शुल्क स्टार्टअप्स और छोटी कंपनियों को तबाह कर सकता है क्योंकि ये कंपनियां बड़ी कंपनियों की तरह भारी वीजा शुल्क का बोझ वहन नहीं कर सकती हैं। सांसदों ने ये चिट्ठी तब लिखी है, जब ट्रंप प्रशासन का यह कदम पहले ही कानूनी अड़चनें झेल रहा है। चैंबर ऑफ कॉमर्स ने वीजा आवेदनों पर लगाए गए शुल्क के खिलाफ मुकदमा दायर किया है, जिस पर अभी सुनवाई जारी है। किस-किस ने किए चिट्ठी पर दस्तखत दरअसल, यह भारी भरकम शुल्क वीज़ा कार्यक्रम की निगरानी को कड़ा करने और उसमें सुधार लाने की रिपब्लिकन की योजना के तहत लाया गया था लेकिन यह विवादों में घिर गई है।न्यूजवीक की रिपोर्ट में कहा गया है कि राष्ट्रपति ट्रंप को भेजे गए पत्र पर कैलिफोर्निया के सांसद सैम लिकार्डो, कैलिफोर्निया के सांसद जे ओबरनोल्टे, फ्लोरिडा की सांसद मारिया एल्विरा सलाजार, नेब्रास्का के सांसद डॉन बेकन, वर्जीनिया के सुहास सुब्रमण्यम और एरिजोना के ग्रेग स्टैंटन ने हस्ताक्षर किए हैं। प्रतिस्पर्धा कमजोर होगी दोनों दलों के सांसदों ने राष्ट्रपति ट्रंप को लिखी चिट्ठी में कहा, “हम इस बात से सहमत हैं कि एच-1बी वीज़ा कार्यक्रम में सुधार किया जा सकता है और इस प्रणाली को अमेरिका के मूल्यों और कार्यबल की ज़रूरतों के साथ बेहतर ढंग से संरेखित करने के लिए उसमें सुधार जरूरी है। साथ ही, हम इस बात से भी चिंतित हैं कि एच-1बी वीज़ा आवेदनों से संबंधित हालिया घोषणा अमेरिकी नियोक्ताओं के लिए गंभीर चुनौतियाँ पैदा करेगी और कुल मिलाकर हमारी प्रतिस्पर्धात्मकता को कमजोर करेगी।” द्विदलीय समाधान योजना पर जोर सांसदों ने यह भी चेतावनी दी है कि अगर अमेरिकी कंपनियों को आवश्यक प्रतिभाएँ नहीं मिल पातीं हैं, तो कई उच्च कुशल कर्मचारी भारत, चीन, इजरायल या यूरोप जैसे देशों में वापस लौटकर ऐसी कंपनियाँ शुरू कर सकते हैं जो सीधे अमेरिकी कंपनियों से मुकाबला करेंगी। सांसदों ने चिट्ठी में ट्रंप प्रशासन को आव्रजन सुधार के लिए द्विदलीय समाधान पर जोर देने के लिए आमंत्रित किया है।

दिल्ली में महिलाओं को बड़ी राहत: नाइट शिफ्ट की मिली इजाजत, लेकिन माननी होंगी ये सख्त शर्तें

नई दिल्ली दिल्ली सरकार ने गुरुवार को जारी एक अधिसूचना में दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में महिला कर्मचारियों को उनकी अनिवार्य लिखित सहमति के साथ नाइट शिफ्ट में काम करने की अनुमति दे दी है। अधिसूचना में यह भी कहा गया है कि दिल्ली दुकान एवं प्रतिष्ठान अधिनियम के अनुसार, प्रत्येक कर्मचारी को ओवरटाइम के लिए दोगुना वेतन और अधिकतम 48 घंटे प्रति सप्ताह ड्यूटी का अधिकार होगा। इसके अलावा, आंतरिक शिकायत समितियां (ICCS) भी गठित की जानी होंगी। दुकानों और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में नाइट शिफ्ट में महिला कर्मचारियों को नियुक्त करने के नगर सरकार के प्रस्ताव को इस वर्ष के प्रारंभ में उपराज्यपाल वी.के. सक्सेना द्वारा मंजूरी दी गई थी। दिल्ली सरकार के श्रम विभाग द्वारा हाल ही में जारी अधिसूचना में दिल्ली दुकान एवं स्थापना अधिनियम, 1954 के तहत महिलाओं को रोजगार देने तथा उनके रोजगार की शर्तों से संबंधित दो प्रविष्टियां जोड़ी गईं। इसमें यह भी प्रावधान किया गया है कि महिला कर्मचारियों को नाइट शिफ्ट में काम करने की अनुमति होगी, लेकिन इसके लिए उनकी लिखित सहमति अनिवार्य होगी।   अधिसूचना में कहा गया है कि किसी भी कर्मचारी को किसी भी दिन नौ घंटे (भोजन और आराम के समय सहित) से अधिक और सप्ताह में 48 घंटे से अधिक काम करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। इसमें कहा गया है कि नियोक्ता उन सभी कर्मचारियों के लिए सुरक्षा, संरक्षा और परिवहन के संबंध में उपयुक्त व्यवस्था करेंगे, जिन्हें ओवरटाइम या नाइट शिफ्ट में काम करने के लिए कहा गया है। इसके अलावा, किसी भी कर्मचारी को लगातार पांच घंटे से अधिक काम करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। अधिसूचना में कहा गया है, "पात्र कर्मचारियों को दिल्ली दुकान एवं स्थापना अधिनियम, 1954 की धारा 8 के तहत सामान्य दर से दोगुनी दर पर ओवरटाइम मजदूरी का भुगतान किया जाएगा। शिफ्ट में काम, यदि कोई हो, इस तरह से किया जाएगा कि किसी भी कर्मचारी को केवल रात की शिफ्ट में काम करने के लिए मजबूर न किया जाए।" महत्वपूर्ण बात यह है कि महिला श्रमिकों को नियुक्त करने वाले प्रत्येक नियोक्ता को कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न (रोकथाम, निषेध और निवारण) अधिनियम, 2013 के तहत आईसीसी का गठन करना होगा।  

टीटीपी का सीधे शब्दों में चैलेंज — अगर मां का दूध पिया है तो आकर लड़ो: आसिम मुनीर ललकारे गए

काबुल अफगानिस्तान और पाकिस्तान में तनाव चरम पर है। भले ही सीजफायर को आगे बढ़ाया गया हो, लेकिन बीच-बीच में संघर्ष के मामले सामने आ ही जाते हैं। इस बीच, तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP या पाकिस्तानी तालिबान) ने पाकिस्तानी आर्मी चीफ आसिम मुनीर को धमकी दी है। पाकिस्तानी तालिबान ने मुनीर से कहा है कि अगर तुम मर्द हो तो हमारा सामना करो। टीटीपी के सामने आए वीडियोज में उसके कमांडर का कहना है कि मुनीर को अपने सैनिकों को मरने के लिए भेजने के बजाए, अपने टॉप अधिकारियों को जंग के मैदान में भेजना चाहिए। खबर के अनुसार, तमाम वीडियोज में आठ अक्टूबर को खैबर पख्तनूख्वा के कुर्रम इलाके में हुए हमले के फुटेज भी शामिल हें। इसमें टीटीपी ने 22 पाकिस्तानी सैनिकों को मार गिराया था, जिससे हड़कंप मच गया। हालांकि, पाकिस्तान ने संख्या को छिपाते हुए सिर्फ 11 सैनिकों के मारे जाने की ही बात स्वीकारी। एक वीडियो में टीटीपी का सीनियर कमांडर जिसकी पहचान कमांडर काजिम से हुई है, वह पाकिस्तानी आर्मी चीफ मुनीर को धमकी देते हुए दिखाई दे रहा। वीडियो में काजिम कहता है, ''अगर तुम मर्द हो तो हमारा सामना करो।'' वीडियो में आगे कहता है कि अगर तुमने अपनी मां का दूध पिया है, तब हमसे लड़ाई करो। इस वीडियो से पाकिस्तानी सेना में दहशत व्याप्त हो गई है। पाकिस्तान ने काजिम पर दस करोड़ (पाकिस्तानी रुपये) का इनाम रख दिया है। माना जा रहा है कि काजिम हाल ही में पाक सेना के एक लेफ्टिनेंट कर्नल और एक मेजर की हत्या में शामिल था। पाकिस्तान के एक अधिकारी ने बताया कि काजिम, जो कुर्रम जिले का रहने वाला है, पाराचिनार जा रहे मिलिट्री काफिलों और शिया समुदाय की गाड़ियों पर हमलों के पीछे भी था। उस पर कुर्रम के डिप्टी कमिश्नर जावेदुल्लाह महसूद की हत्या की कोशिश की साज़िश रचने का भी आरोप है। पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच रिश्ते 2023 से ही खराब हैं, लेकिन अब ज्यादा तनाव पैदा हो गया है। इस्लामाबाद ने बार-बार इस बात पर चिंता जताई है कि आतंकवादी बॉर्डर पार से हमले करने के लिए अफगान जमीन का इस्तेमाल कर रहे हैं।