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गढ़मुक्तेश्वर मेला बनेगा श्रद्धा, अनुशासन और स्वच्छता का प्रतीक: मुख्यमंत्री

  सीएम ने पशुपालन विभाग को दिया निर्देशः गढ़ गंगा मेले में पशु मेला भी लगता है, पशुओं के लिए पर्याप्त मात्रा में हरा चारा, भूसा आदि रहे उपलब्ध सीएम योगी ने किया गंगा पूजन, सदर बाजार का किया अवलोकन 30 अक्टूबर से पांच नवंबर तक चलेगा मेला लखनऊ/गढ़मुक्तेश्वर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को हापुड़ जनपद के गढ़मुक्तेश्वर में लगने वाले वार्षिक कार्तिक पूर्णिमा मेले और अमरोहा के तिगरी मेले की तैयारियों का निरीक्षण किया और सभी संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। मेला स्थल का हवाई सर्वेक्षण करने के बाद समीक्षा बैठक में उन्होंने कहा कि इस पावन अवसर पर हर वर्ष लगभग 40 से 45 लाख श्रद्धालु गंगा तट पर स्नान और दीपदान के लिए पहुँचते हैं, इसलिए सभी व्यवस्थाएँ समयबद्ध और समन्वित हों ताकि किसी को असुविधा न हो।  मुख्यमंत्री ने यातायात, सुरक्षा, स्वच्छता, स्वास्थ्य, पेयजल और प्रकाश व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। बता दें कि इस वर्ष 30 अक्टूबर से पांच नवंबर तक चलने वाले इस मेले को ‘मिनी कुंभ’ के रूप में आयोजित करने की योजना बनाई गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोपरि है। गंगा घाटों पर एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की तैनाती, सीसीटीवी व ड्रोन निगरानी, रेस्क्यू बोट और हेल्पलाइन सेंटर की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि मेले को स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण के संदेश से जोड़ा जाए तथा एकल-उपयोग प्लास्टिक पर पूर्ण प्रतिबंध लागू किया जाए। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि घाटों पर पर्याप्त चेकर प्लेट लगाई जाएं, पैंटून ब्रिज की व्यवहार्यता का परीक्षण किया जाए और कटान क्षेत्रों में सिंचाई विभाग द्वारा ड्रेजिंग कार्य शीघ्र पूर्ण किया जाए। उन्होंने कहा कि मेले के दौरान गहराई वाले जल क्षेत्रों में एनडीआरएफ/एसडीआरएफ और फ्लड यूनिट लगातार सतर्क रहें और आवश्यक बैरिकेडिंग की जाए। श्रद्धालुओं को अनुशासित व्यवहार हेतु प्रेरित करने के लिए काउंसलिंग सत्र आयोजित किए जाएं। पूरे मेले क्षेत्र में सीसीटीवी, पब्लिक एड्रेस सिस्टम और इंटीग्रेटेड कंट्रोल सेंटर की सतत निगरानी सक्रिय रहे। पार्किंग स्थलों पर वाहनों की सुरक्षा, प्रसारण व्यवस्था और साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाए। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि अस्थायी शौचालयों में ज़ीरो लिक्विड डिस्चार्ज की प्रणाली लागू की जाए और किसी भी प्रकार की लीकेज को रोका जाए। घाटों पर भीड़ नियमन, चेंजिंग रूम, स्वच्छ शौचालय, सिंगल यूज प्लास्टिक पर प्रतिबंध, और कचरा एवं बोतल संग्रहण प्रणाली को सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने विद्युत विभाग को निर्बाध बिजली आपूर्ति और सभी स्थलों पर इलेक्ट्रिक सेफ्टी का ध्यान रखने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि मेले में आकर्षक सजावट की जाए तथा शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रचार-प्रसार हेतु होर्डिंग्स लगाई जाएं। साथ ही फायर सेफ्टी सिस्टम, अस्थायी अस्पताल, एंटी-स्नेक वैनम और एंटी-रेबीज़ वैक्सीन की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। जल में स्नान के दौरान पुलिस और एनडीआरएफ की पेट्रोलिंग बढ़ाई जाए, और 20 से 25 किलोमीटर के दायरे में यातायात डायवर्जन योजना प्रभावी रूप से लागू की जाए ताकि किसी प्रकार का जाम न लगे। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि श्रद्धालुओं से कोई अतिरिक्त शुल्क न वसूला जाए और पशुओं के चारे तथा भोजन-पेयजल की व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि ड्यूटी पर तैनात स्वयंसेवकों के खान-पान की उचित व्यवस्था की जाए और सभी विभाग आपसी समन्वय से कार्य करें, ताकि गढ़मुक्तेश्वर का यह ऐतिहासिक मेला न केवल आस्था का केंद्र बने, बल्कि व्यवस्था, स्वच्छता और अनुशासन का आदर्श उदाहरण भी प्रस्तुत करे। मुख्यमंत्री ने कहा कि गढ़मुक्तेश्वर का यह आयोजन उत्तर प्रदेश की आस्था, अध्यात्म और सांस्कृतिक विरासत का जीवंत प्रतीक है। सरकार का लक्ष्य है कि यह मेला श्रद्धा, अनुशासन और स्वच्छता के साथ सम्पन्न हो, ताकि हर आगंतुक इस पावन तीर्थ से शांति और आशीर्वाद लेकर लौटे। इससे पहले मुख्यमंत्री ने मेला क्षेत्र में गंगा पूजन किया फिर गढ़ मेला क्षेत्र में स्थापित सदर बाजार का निरीक्षण भी किया। मुख्यमंत्री ने गढ़ मुक्तेश्वर में बनाए जा रहे मोढ़े के स्टोर का भी अवलोकन किया और मोढ़े की क्वालिटी की प्रशंसा की। मालूम हो कि गढ़मुक्तेश्वर का धार्मिक और पौराणिक महत्व अत्यंत प्राचीन है। मान्यता है कि महाभारत के युद्ध के बाद युधिष्ठिर, अर्जुन और भगवान श्रीकृष्ण ने अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए यहीं गंगा में स्नान किया था। यही वह स्थान है जहाँ भगवान परशुराम ने मुक्तेश्वर महादेव की स्थापना की थी। स्कंद पुराण और महाभारत में गढ़मुक्तेश्वर का उल्लेख एक ऐसे तीर्थ के रूप में मिलता है, जहाँ गंगा स्नान और तर्पण से मोक्ष की प्राप्ति होती है। यहाँ का कार्तिक पूर्णिमा मेला केवल धार्मिक आस्था का नहीं, बल्कि सांस्कृतिक परंपरा और लोक जीवन का भी प्रतीक है। ब्रिजघाट और मुक्तेश्वर घाट पर हर वर्ष लाखों श्रद्धालु स्नान, दीपदान और पितृ-तर्पण के लिए पहुँचते हैं।

जगत है आद्याशक्ति प्रकट रूप

दुर्गा या देवी विश्व की मूलभूत शक्ति की संज्ञा है। विश्व की मूलभूत चिति शक्ति ही यह देवी है। देवों की माता अदिति इसी का रूप है। यही एक इडा, भारती, सरस्वती इन तीन देवियों के रूप में विभक्त हो जाती है। वेदों में जिसे वाक् कहा जाता है, वह भी देवी या शक्ति का ही रूप है। वसु, रुद्र, आदित्य इन तीन देवों या त्रिक के रूप में उस शक्ति का संचरण होता है। ऋग्वेद के वागम्भृणी सूक्त में इस शक्ति की महिमा का बहुत ही उदात्त वर्णन पाया जाता है-मित्र और वरुण, इन्द्र और अग्नि, दोनों अश्विनीकुमार इनको मैं ही धारण करती हूं। विश्वदेव मेरे ही रूप हैं। वसु, रुद्र, आदित्य इस त्रिक का संचरण मेरे ही द्वारा होता है। ब्रह्मणस्पति, सोम, त्वष्टा, पूषा और भग इनका भरण करने वाली मैं हूं। राष्ट्र की नायिका मुझे ही समझो। मैं ही वसुओं का संचय करने वाली वसुपत्नी हूं। जितने यज्ञीय अनुष्ठान हैं, सबमें प्रथम मेरा स्थान है। सबका ज्ञान मेरा स्वरूप है। देवों ने मुझे अनेक स्थानों में प्रतिष्ठित किया है। अपने अनेक आवास स्थानों में मैं अपने पुष्कलरूप से भर रही हूं। जो देखता, सुनता और सांस लेता है, वह मेरी शक्ति से ही अन्न खाता है। यद्यपि लोग इसे नहीं जानते, पर वह सब मेरे ही अधीन है। यह सत्य है, जो मैं तुमसे कहती हूं। इसे सुनो। देव और मनुष्य दोनों को जो प्रिय है, उस शब्द का उच्चारण मुझसे ही होता है। मैं जिसका वरण करती हूं, उसे ही उग्र, ब्रह्मा, ऋषि और मेधावी बना देती हूं। रुद्र के धनुष में मेरी शक्ति प्रविष्ट है, जो ब्रह्मद्रोही का हरण करती है। मनुष्यों के लिए संघर्ष का विधान करने वाली मैं ही हूं। मैं ही द्यावा-पृथिवी के अंतराल में प्रविष्ट हूं। पिता द्युलोक का प्रसव करने वाली मैं ही हूं। मेरा अपना जन्मस्थान जलों के भीतर पारमेष्ठ्य समुद्र में है। वहां से जन्म लेकर मैं सब लोकों में व्याप्त हो जाती हूं। मेरी ऊंचाई द्युलोक का स्पर्श करती है। झंझावात की तरह सांस लेती हुई मैं सब भुवनों का आरम्भण या उपादान हूं। द्युलोक और पृथिवी से भी परे मेरी महिमा है। इस सूक्त में जिस वाक् तत्त्व का वर्णन है, वह देवी का ही रूप है। प्रायः समझा जाता है कि ऋग्वेद में पुरुष संज्ञक देवों का प्राधान्य है, किन्तु तथ्य यह है कि मित्र, वरुण, इन्द्र, अग्नि आदि जितने प्रधान देव हैं, उन सबको जन्म देने वाली मूलभूत शक्ति देवमाता अदिति है। उसका वर्णन सैकड़ों प्रकार से ऋग्वेद में आता है। वही अमृत की अधिष्ठात्री और यज्ञों की विधातृ विश्वरूपा कामदुधा शक्ति है, जिसे गौ भी कहते हैं। द्यौ, अन्तरिक्ष और पृथिवी, माता, पिता और पुत्र, विश्वेदेव और पञ्चजन, देश और काल सब उस अदिति के ही रूप हैं। उसके वरदानों का कोई अन्त नहीं है। वह वाक् शक्ति मूलरूप में एकपदी या अपदी हैय अर्थात् वह शुद्ध स्थिति तत्त्व है। स्थिति ही उसकी पर या अव्यक्त अवस्था है, किन्तु उसी सेत्रिगुणात्मक विश्व जन्म लेता है, जो उसका अवर या मूर्त रूप है। वैदिक शक्तितत्त्व की यह परम्परा पुराणों में भी आई है। यह पुराण विद्या का एक महत्त्वपूर्ण अंग है। देवी भागवत के अनुसार शक्तिः करोति ब्रह्माण्डम अर्थात् शक्ति ब्रह्माण्ड को रचती है। वेदों में जिसे ब्रह्म कहा है, वही परमात्मिका शक्ति है- ते वै शक्तिं परां देवीं परमाख्यां परमात्मिकाम्। ध्यायन्ति मनसा नित्यं नित्यां मत्वा सनातनीम्।। (देवी भागवत 1.8.47) विष्णु में सात्विकी शक्ति, ब्रह्मा में राजसी शक्ति और शिव में तामसी शक्ति का रूप है। निर्गुण शक्ति ही ब्रह्मा, विष्णु और शिव के रूप में सगुण रूप धारण करती है। शक्ति से युक्त होकर ही देवता अपना-अपना कार्य करते हैं। ब्रह्मा का विवेक सर्वगत शक्ति का ही रूप है (एवं सर्वगता शक्तिः सा ब्रह्मेति विविच्यते)। ब्रह्मा में सृष्टि शक्ति, विष्णु में पालन शक्ति, रुद्र में संहार शक्ति, सूर्य में प्रकाशिका शक्ति, अग्नि में दाह शक्ति, वायु में प्रेरणा शक्ति ये सब आद्या शक्ति के ही रूप हैं। जो शक्ति से हीन है, वह असमर्थ है। शिव भी शक्ति के बिना शव बन जाते हैं। यही सर्वशास्त्रों का निश्चय है। पुराणों में इस शक्ति के अनेक नाम हैं। इसे ही अम्बिका, दुर्गा, कात्यायनी, महिषासुरमर्दिनी कहा गया है।  

बिहार की राजनीति में बयानबाजी का नया ट्विस्ट: केशव मौर्य ने तेजस्वी यादव पर बोला हमला

लखनऊ यूपी में भी बिहार विधानसभा चुनाव का सियासी असर देखने को मिल रहा है। यूपी के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने रविवार को बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) नेता तेजस्वी यादव पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि 'नौकरी के बदले जमीन योजना' का जो दावा यादव कर रहे हैं, वह वास्तव में बिहार की जनता को ठगने और राज्य की संपत्ति पर कब्जा करने की साज़िश है। इससे पूरे बिहार की जमीन पर लालू परिवार का कब्जा हो जाएगा। मौर्य ने बिहार विधानसभा चुनाव के बीच रविवार को सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा, यादव के मुताबिक़ उनकी सरकार बनने पर नौकरी के बदले जमीन योजना के तहत हर एक घर से अगर एक व्यक्ति को सरकारी नौकरी दी जाएगी, तब तो पूरे बिहार की सारी ज़मीन पर बैनामा उनके परिवार का हो जाएगा। गौरतलब है कि जमीन के बदले नौकरी घोटाला 2004-2009 के बीच का है और उस समय लालू प्रसाद यादव संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) सरकार में रेल मंत्री थे। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के अनुसार, इस दौरान रेलवे में ग्रुप डी की नौकरियों के बदले में उम्मीदवारों से उनकी जमीन या संपत्ति को कम कीमत पर लालू परिवार के नाम करवाया गया था।  

सांसद रूपकुमारी चौधरी और जनप्रतिनिधि होंगे पदयात्रा में शामिल, कलेक्टर ने सहभागिता का किया आग्रह

7 नवम्बर को नागाबुड़ा से गरियाबंद तक निकलेगी एकता पदयात्रा सरदार पटेल की प्रतिमा पर श्रद्धांजलि व आत्मनिर्भर भारत शपथ का आयोजन गरियाबंद, लौह पुरूष सरदार वल्लभ भाई पटेल की 150 वीं जयंती 31 अक्टूबर के अवसर पर आयोजित होने वाले विविध गतिविधियों एवं कार्यक्रमों के सफल क्रियान्वयन एवं सफलतापूर्वक आयोजन के लिए कलेक्टर श्री बी एस उइके एवं जिला पंचायत सीईओ श्री प्रखर चन्द्राकर ने नागाबुड़ा, कोकड़ी सहित अन्य स्थलों का निरीक्षण किया। उल्लेखनीय है कि 7 नवम्बर को पदयात्रा सुबह 9 बजे नागाबुड़ा से प्रारम्भ होकर जिला मुख्यालय गरियाबंद तक लगभग 9 किलोमीटर चलेगा। पदयात्रा से पहले स्थानीय लोगों में जागरूकता के लिए विविध कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। इसके साथ ही युवाओं के बीच नशामुक्त भारत शपथ, संस्थानों में स्वदेशी मेलों का आयोजन एवं गर्व से स्वदेशी संकल्प भी दिलवाए जाएंगे। इस दौरान योग एवं हेल्थ शिविरों के साथ क्षेत्र में स्वच्छता अभियान का भी आयोजन किया जाएगा। सरदार पटेल के उद्धरण और राष्ट्रीय एकता दिवस पदयात्रा से संबंधित संदेशों वाले साइन बोर्ड लगाये जायंगे। यात्रा पथ पर सार्वजनिक सुविधा स्थल बनवाएँ जिसमें पानी, शौचालय, हल्का भोजन आदि मूलभूत सुविधाएं शामिल किया जाएगा। यात्रा के दौरान सरदार वल्लभ भाई पटेल जी की प्रतिमा पर श्रद्धांजलि, आत्मनिर्भर भारत शपथ और सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन होगा। कार्यक्रम में महासमुंद लोकसभा क्षेत्र की सांसद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी, राजिम विधायक श्री रोहित साहू सहित अन्य जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक, अधिकारी-कर्मचारी एवं ग्रामीणजन शामिल होंगे। उल्लेखनीय है कि सरदार वल्लभ भाई पटेल की 150वीं जयंती को समर्पित इस राष्ट्रव्यापी कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं में एकता, देशभक्ति और कर्तव्य भावना को जागृत करना है। यह पदयात्रा नहरगांव, कोकड़ी होते हुए गरियाबंद में वृहद कार्यक्रम कर समापन किया जायेगा। कलेक्टर ने गणमान्य नागरिक, जनप्रतिनिधियों एवं मीडियाकर्मियों को शामिल होने का आग्रह किया है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के अनुरूप बना फ्यूचर-रेडी एयरपोर्ट

लखनऊ,  जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट उत्तर प्रदेश में डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर का नया मानक स्थापित करने जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के अनुरूप बनकर तैयार हुआ यह एयरपोर्ट जल्द ही अपनी सेवाएं शुरू कर देगा। यह न केवल देश का सबसे आधुनिक हवाई अड्डा होगा, बल्कि फ्यूचर-रेडी टेक्नोलॉजी सिस्टम से सुसज्जित डिजिटल कनेक्टिविटी का केंद्र भी बनेगा। यह एयरपोर्ट ड्यूल फाइबर ऑप्टिक नेटवर्क से लैस होगा, जिससे डेटा कनेक्टिविटी पूरी तरह निर्बाध और सुरक्षित रहेगी। दो स्वतंत्र डेटा सेंटर अलग-अलग स्थानों पर स्थापित किए जा रहे हैं। संपूर्ण एयरपोर्ट इन्फ्रास्ट्रक्चर एकीकृत नेटवर्क से जुड़ा होगा। एयरपोर्ट परिसर में वीडियो सर्विलांस सिस्टम लगाया जा रहा है। जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट अब सिर्फ उड़ानों का नहीं, बल्कि डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर के नए युग का प्रतीक बनने जा रहा है। सुरक्षा और सुविधा दोनों का मिलेगा लाभ यह एयरपोर्ट किसी पारंपरिक हवाई अड्डे की तरह नहीं, बल्कि एक स्मार्ट, फ्यूचर-रेडी डिजिटल नेटवर्क के रूप में आकार ले रहा है। यहां ड्यूल फाइबर ऑप्टिक कनेक्टिविटी होगी — दो स्वतंत्र नेटवर्क, जो सुनिश्चित करेंगे कि किसी भी तकनीकी अड़चन के बावजूद डेटा प्रवाह कभी न रुके। दो अलग-अलग स्थानों पर बनाए जा रहे स्वतंत्र डेटा सेंटर पूरे सिस्टम का डिजिटल हृदय होंगे। इनकी मदद से टर्मिनल से लेकर रनवे, पार्किंग से लेकर सुरक्षा तंत्र सब कुछ एकीकृत नेटवर्क से जुड़ा रहेगा। हर गतिविधि, हर मूवमेंट, हर सूचना रियल टाइम में मॉनिटर और नियंत्रित होगी। एयरपोर्ट की दीवारों के पीछे एक और अदृश्य व्यवस्था होगी — वीडियो सर्विलांस सिस्टम। यह सिस्टम एयरपोर्ट के हर कोने पर नजर रखेगा। आगमन और प्रस्थान मार्गों पर लगे लाइसेंस प्लेट रिकग्निशन और ड्राइवर इमेजिंग कैमरे वाहनों की स्मार्ट ट्रैकिंग करेंगे, जिससे सुरक्षा और सुविधा दोनों बढ़ेंगी। तीन प्रमुख डिजिटल कंट्रोल हब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के डिजिटल विजन के अनुरूप, एयरपोर्ट में तीन प्रमुख डिजिटल कंट्रोल हब तैयार किए गए हैं। पहला एयरपोर्ट ऑपरेशंस सेंटर (AOC) जो पूरे एयरपोर्ट का मस्तिष्क होगा, जहां से हर गतिविधि का रियल-टाइम कंट्रोल होगा। दूसरा, सिक्योरिटी ऑपरेशंस कंट्रोल सेंटर (SOCC) जो एयरपोर्ट की सुरक्षा पर निरंतर नजर रखेगा। और तीसरा, एयरपोर्ट इमरजेंसी ऑपरेशंस सेंटर (AEOC। यह किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित करेगा। डिजिटल कनेक्टिविटी के स्तर पर जेवर एयरपोर्ट को इस तरह डिजाइन किया गया है कि वायरलेस नेटवर्क कवरेज पूरे एयरपोर्ट परिसर, रनवे और रिमोट स्टैंड्स तक विस्तृत रहेगा। यात्रियों और स्टाफ के लिए स्मार्ट डिजिटल एक्सेस और रियल-टाइम सूचना प्रणाली भी उपलब्ध कराई जाएगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के तहत इस एयरपोर्ट को टेक्नोलॉजी-ड्रिवन इंफ्रास्ट्रक्चर के रूप में विकसित किया जा रहा है, जो न केवल आज की जरूरतों को पूरा करेगा, बल्कि भविष्य की एआई आधारित सुरक्षा और स्वचालित संचालन प्रणाली का भी समर्थन करेगा। यह परियोजना उत्तर प्रदेश को डिजिटल एविएशन नेटवर्क का प्रमुख केंद्र बनाएगी। जेवर एयरपोर्ट न केवल राज्य की कनेक्टिविटी को नई ऊंचाई देगा, बल्कि तकनीकी उत्कृष्टता, सुरक्षा और दक्षता के क्षेत्र में भारत की पहचान को भी मजबूत करेगा।

भारत के खिलाफ मुकाबले से पहले हीली की स्थिति अनिश्चित

नवी मुंबई ऑस्ट्रेलिया को महिला विश्व कप के सेमीफाइनल मुकाबले से पहले झटका लग सकता है। टीम की कप्तान एलिसा हीली का भारत के खिलाफ खेलना मुश्किल है। हीली 22 अक्तूबर को इंग्लैंड के खिलाफ मैच में नहीं खेल सकी थीं। हीली को पिंडली की चोट लगी है जिस कारण वह टीम के दो मैचों में खेल नहीं सकी हैं और अब उनका सेमीफाइनल में हिस्सा लेना भी मुश्किल है। अभ्यास सत्र में हीली को लगी थी चोट हीली को बांग्लादेश के खिलाफ मैच के बाद अभ्यास सत्र के दौरान चोट लगी थी। हीली विश्व कप में शानदार फॉर्म में चल रही हैं और उन्होंने भारत और बांग्लादेश के खिलाफ शतक लगाए थे। शनिवार को दक्षिण अफ्रीका पर टीम की शानदार जीत के बाद मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में ऑस्ट्रेलिया के मुख्य कोच शेली निश्चे से कप्तान हीली की फिटनेस के बारे में पूछा गया। निश्चे ने कहा कि इस समय हीली की फिटनेस का आकलन किया जा रहा है और ऑस्ट्रेलिया को उम्मीद है कि वह भारत के खिलाफ सेमीफाइनल खेलने के लिए फिट हो जाएंगी। हालांकि, उनके बयान से संकेत मिले कि हीली का इस महत्वपूर्ण मुकाबले में खेलना तय नहीं है। उन्होंने कहा कि अंतिम निर्णय नवी मुंबई में होने वाले मैच के करीब आने पर लिया जाएगा। निश्चे ने कहा, 'जाहिर है वह पूरी तरह से फिट नहीं थी, लेकिन उसका मूल्यांकन जारी रहेगा। हमें सेमीफाइनल के लिए पूरी उम्मीद है, लेकिन उससे पहले अभी कुछ दिन और बाकी हैं। हमें फिर भी उम्मीद है और जैसे-जैसे मैच नजदीक आएगा, उसका मूल्यांकन जारी रहेगा।' भारत के खिलाफ आगामी मैच के बारे में बात करते हुए निश्चे ने मेजबान टीम की एक मज़बूत प्रतिद्वंदी के रूप में प्रशंसा की और स्वीकार किया कि ऑस्ट्रेलिया के सामने एक बड़ी चुनौती है। दोनों टीमों के बीच ग्रुप चरण में एक रोमांचक मुकाबला हुआ था, जहां ऑस्ट्रेलिया ने विश्व कप के एक मैच में 331 रनों के रिकॉर्ड लक्ष्य का सफलतापूर्वक पीछा किया था। हीली को 107 गेंदों में 142 रनों की शानदार पारी के लिए प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया था।  

46 साल की खामोशी के बाद संभल में गूंजे जयकारे, 24 कोसी परिक्रमा ने भरा नगर

संभल  46 साल की लंबी खामोशी, डर और असुरक्षा के बाद अब संभल एक बार फिर जयकारों से गूंज उठा है। जय श्री कल्कि, जय श्री राम और हर हर महादेव के जयकारों के बीच जिले की सड़कों पर आस्था का अद्भुत नजारा देखने को मिला। मौका था संभल के प्राचीन 68 तीर्थ 19 कूप की दो दिवसीय 24 कोसीय वार्षिक तीर्थ परिक्रमा का। भक्ति में डूबे लाखों श्रद्धालुओं ने दो दिन में 24 कोसीय परिक्रमा पूरी की। इस दौरान पूरे परिक्रमा मार्ग पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम रहे। जगह-जगह पुलिस, पीएसी और अन्य बलों के जवान तैनात रहे। ‘भगवान कल्कि की नगरी’ के रूप में संभल में इस बदले माहौल को योगी सरकार बड़ी उपलब्धि के तौर पर देख रही है। परिक्रमा का शुभारंभ प्राचीन तीर्थ बेनीपुरचक स्थित श्रीवंशगोपाल से लाखों श्रद्धालुओं की मौजूदगी में हुआ। एसपी डॉ. कृष्ण विश्नोई ने दावा किया कि इस दौरान करीब साढ़े तीन लाख श्रद्धालु यहां जुटे। पहले दिन यात्रा का चंद्रेश्वर मंदिर पर विश्राम हुआ। रविवार को भोर से मंदिर से फिर यात्रा शुरू हुई। शंखनाद, भजन और जयघोषों के बीच निकली यह परिक्रमा 1978 में सांप्रदायिक दंगों के कारण रुक गई थी। योगी सरकार के प्रयासों से 2024 में यह परंपरा फिर से जी उठी। धार्मिक मान्यता है कि इस परिक्रमा से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और जीव को मोक्ष की प्राप्ति होती है। यह परिक्रमा श्रीवंशगोपाल तीर्थ से प्रारंभ होकर भुवनेश्वर, क्षेमनाथ और चंदेश्वर तीर्थों से होते हुए पुनः वंशगोपाल तीर्थ पर लौटती है। इन तीन प्रमुख तीर्थों के मध्य 87 देवतीर्थ स्थित हैं, जो सम्भल की समृद्ध आध्यात्मिक विरासत का प्रतीक हैं। बदला-बदला सा है माहौल 1978 के दंगों के बाद संभल में जो भय, अविश्वास और पलायन का माहौल बना, उसने दशकों तक यहां के सामाजिक ताने-बाने को चोट पहुंचाई। हिंदू परिवारों ने अपने घर, दुकानें और जमीनें छोड़ीं; मंदिरों पर कब्जे हुए और धर्मिक आयोजनों पर रोक लग गई। लेकिन अब माहौल काफी बदला-बदला सा है। बताया जाता है कि संभल पर सीएम योगी लगातार नजर रहती है। संभल पर गठित न्यायिक आयोग की रिपोर्ट में कई बातें उजागर हुईं। कहा जाता है कि इन सच्चाइयों को वर्षों तक दबाए रखा गया था। संभल में जनसंख्या संतुलन बिगाड़ने की कोशिशों की भी चर्चा हुई। हिंदुओं के सुनियोजित पलायन का मुद्दा भी उठा। योगी सरकार ने इन सभी मामलों को लेकर कार्रवाई की है। संभल दंगों की साजिश में शामिल होने के आरोप में कई लोगों को जेल भेजा गया है। इसके साथ ही अवैध कब्जों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की गई है। धार्मिक धरोहरों का हुआ पुनरुद्धार योगी सरकार ने संभल में बड़े पैमाने पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की है। मिली जानकारी के अनुसार संभल में उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता-2006 की धारा-67 के तहत 495 वाद दर्ज हुए। इनमें से 243 मामलों का निस्तारण कर 1067 अतिक्रमण हटाए गए। इस प्रक्रिया में 68.94 हेक्टेयर भूमि कब्जामुक्त कराई गई। यही नहीं, धार्मिक स्थलों पर हुए अवैध कब्जों पर भी कार्रवाई हुई। विशेष अभियान के तहत 37 अवैध कब्जे हटाए गए। इनमें 16 मस्जिदें, 12 मजारें, 7 कब्रिस्तान और 2 मदरसे शामिल थे। कुल 2.623 हेक्टेयर भूमि को मुक्त कराया गया। साथ ही 68 पौराणिक तीर्थस्थलों और 19 प्राचीन कूपों के संरक्षण और सौंदर्यीकरण की प्रक्रिया भी शुरू की गई है। कल्कि अवतार मंदिर समेत अनेक प्राचीन स्थलों पर पुनरुद्धार के काम चल रहे हैं। दो नए थाने, 45 नई चौकियां बनीं संभल में योगी सरकार ने बीते कुछ वर्षों में 2 नए थाने और 45 नई चौकियां स्थापित की हैं। संवेदनशील इलाकों में सीसीटीवी निगरानी और ड्रोन सर्वे की व्यवस्था की गई है। आंकड़ों के अनुसार बिजली चोरी रोकने के लिए चलाए गए अभियानों से लाइन लॉस 82% से घटकर 18% पर पहुंच गया है। इससे 84 करोड़ रुपये की राजकीय धनराशि की बचत हुई। आर्थिक दृष्टि से भी संभल ने छलांग लगाई है। 2405 करोड़ रुपए के निर्यात के साथ यह अब प्रदेश में 10वें स्थान पर है। ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ योजना के तहत संभल के मेटैलिक, वुडन और हैंडीक्राफ्ट उत्पाद अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अपनी पहचान बना रहे हैं।  

अस्पताल में काम कर रही थी पंजाब की बेटी, कनाडा में हुई मौत

चंडीगढ़  पंजाब के संगरूर से बेहतर भविष्य की तलाश में कनाडा गई 27 वर्षीय अमनप्रीत कौर सैनी की ओंटारियो के लिंकन में हत्या कर दी गई है। कत्ल करने वाले की पहचान मनप्रीत सिंह के रूप में की गई, जिसकी उम्र 27 साल बताई जा रही है। कनाडा पुलिस ने इस मामले में मनप्रीत सिंह के खिलाफ कत्ल का मामला दर्ज किया है और उसकी तलाश जारी है। 2021 में कनाडा गई थी अमनप्रीत अमनप्रीत कौर सैनी का शव पुलिस को गहन छानबीन के बाद लिंकन, ओंटारियो में बरामद हुआ। संगरूर में अमनप्रीत के परिवार को जब इस दुखद घटना की जानकारी मिली तो उन पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। अमनप्रीत के पिता इंद्रजीत सिंह ने मीडिया से बातचीत में बताया कि उनकी बेटी बहुत होनहार थी और वह कनाडा के एक अस्पताल में काम कर रही थी। अमनप्रीत 2021 में कनाडा गई थी और जल्द ही उसे स्थायी निवासी (PR) का दर्जा मिलने वाला था। मृतका के पिता इंद्रजीत सिंह ने बताया कि अमनप्रीत ने कभी भी उन्हें अपनी जिंदगी की किसी अंदरूनी परेशानी के बारे में नहीं बताया। वह हमेशा परिवार के साथ खुश होकर बातें करती थी। उन्होंने कहा कि अमनप्रीत अपनी मेहनत के दम पर कनाडा में कार भी खरीद चुकी थी और एक अच्छी जिंदगी जी रही थी। भारत आने के लिए थी उत्साहित पिता ने यह भी बताया कि अमनप्रीत भारत आने के लिए बहुत उत्साहित थी। उसने कहा था कि जैसे ही वह पीआर हो जाएगी, वह सबसे पहले भारत आएगी। लापता होने के दो दिन बाद मिली लाश अमनप्रीत के चाचा ने जानकारी दी कि 20 तारीख को कनाडा में उसके लापता होने की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। पुलिस की छानबीन के बाद पता चला कि उसका कत्ल कर दिया गया है और उसका शव दो दिन बाद बरामद हुआ। परिवार ने सरकार से मांगी मदद शोकाकुल परिवार ने अब पंजाब सरकार से मदद की अपील की है। वहीं, कनाडा पुलिस द्वारा आरोपी मनप्रीत सिंह की तलाश की जा रही है।

मनीष पॉल दिवाली की छुट्टियां बिताकर एनर्जेटिक अंदाज़ में ‘वन’ की शूटिंग पर लौटे

मुंबई,  अपनी जबरदस्त एनर्जी और बेहतरीन चार्म के लिए मशहूर मनीष पॉल दिवाली की छुट्टियों के बाद एक बार फिर अपनी अगली फिल्म ‘वन’ की शूटिंग पर लौट आए हैं। मनीष पॉल ने इस बात की जानकारी अपने सोशल मीडिया पर एक तस्वीर के ज़रिये शेयर करते हुए अपने दर्शकों तक पहुंचाई है। मनीष पॉल फिल्म “वन” में एक बेहद दिलचस्प और रहस्यमयी किरदार में नज़र आएंगे, जो हाल ही में रिलीज़ हुई 'सनी संस्कारी की तुलसी कुमारी' में उनके निभाए गए किरदार से बिल्कुल अलग होगा। बालाजी टेलीफिल्म्स की आगामी फिल्म ‘वन’ में मनीष पॉल के साथ सिद्धार्थ मल्होत्रा और तमन्ना भाटिया भी नज़र आएंगे। मनीष पॉल की दिवाली ब्रेक के बाद फिल्म सेट पर वापसी उनके दमदार करियर का एक और रोमांचक अध्याय साबित होने जा रही है। ‘वन’ और ‘है जवानी तो इश्क होना है’ जैसी फिल्मों के साथ मनीष एक बार फिर अपनी बहुमुखी प्रतिभा से पर्दे पर चमक बिखेरने के लिए तैयार हैं।  

पंजाब के रोपड़ जिले के चमकौर साहिब के जुझार सिंह ने आबूधाबी में हुए पावर स्लैप प्रतियोगिता में रचा इतिहास

पंजाब  पंजाब के रोपड़ जिले के चमकौर साहिब के जुझार सिंह ने आबूधाबी में हुए पावर स्लैप प्रतियोगिता में इतिहास रच दिया। 24 अक्टूबर को आयोजित इस मुकाबले में जुझार ने अपने रशियन प्रतिद्वंदी एंटली ग्लुशका को तीसरे राउंड में एक जोरदार थप्पड़ में हिला कर भारत का नाम रोशन किया। जुझार ने अपनी जीत का वीडियो अपने फेसबुक पेज पर साझा किया, जिसमें वह जीत का जश्न मनाते हुए नजर आए। वीडियो में जुझार ने भंगड़ा करते हुए कहा, “I am winner।” प्रतियोगिता के पहले राउंड में जुझार को 9 और ग्लुशका को 10 अंक मिले। दूसरे राउंड में ग्लुशका के थप्पड़ से जुझार की आंख में चोट लगी, लेकिन जुझार ने हार नहीं मानी और तीसरे राउंड में प्रतिद्वंदी को पूरी तरह हिला दिया। अंतिम स्कोर में जुझार ने 29 और ग्लुशका ने 27 अंक हासिल किए। चोट लगने के बावजूद जुझार ने हिम्मत दिखाई और अपने कोच के सलाह पर आंख पर मरहम लगवाया। उन्होंने अपनी मूंछों को ताव देते हुए कहा, “दसदा मैं तैनूं,” और पूरे जोश के साथ मुकाबला जारी रखा। जीत के बाद जुझार ने स्टेज पर भंगड़ा किया और सिद्धू मूसेवाला स्टाइल में पट्ट पर थापी मारी। जुझार की यह जीत भारतीय पावर स्लैप खेल के लिए गर्व का पल साबित हुई है।