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मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय राजनीतिक दल बीएलए की अनिवार्य रूप से करें नियुक्ति : मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी झा

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी की मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण 2025 के बारे में दी गई जानकारी भोपाल  मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री संजीव कुमार झा ने मंगलवार को मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ निर्वाचन सदन भोपाल में बैठक की। इस दौरान मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री झा ने मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण 2025 की प्रक्रिया के बारे में अवगत कराया। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री झा ने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग ने दूसरे चरण की एसआईआर की तारीखों की घोषणा कर दी है इसमें मध्यप्रदेश भी शामिल हैं। प्रदेश में एसआईआर की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से उन्होंने आग्रह किया है कि वे अनिवार्य रूप से बीएलए की नियुक्त कर दें। उन्होंने कहा कि प्रदेश में मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण शुरू होते ही मतदाता सूची फ्रीज कर दी गई है। भारत निर्वाचन आयोग की वेबसाइट वोटर्स.डॉट.ईसीआई.इन पर जाकर 2003 की मतदाता सूची को देखा जा सकता है। इसके अलावा मतदाता सूची मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी की वेबसाइट पर भी उपलब्ध है। विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान तीन बार बीएलओ घर घर जाकर सर्वे करेगा। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए फॉर्म 6, हटवाने के लिए फॉर्म 7 और सुधार या संशोधन के लिए मतदाता को फॉर्म 8 भरना होगा। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री झा ने बताया कि एन्यूमरेशन फार्म भरने में यदि कोई व्यक्ति मिथ्या घोषणा करता है तो जुर्माने या कारावास के लिए दंडनीय होगा। बैठक के दौरान संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री राम प्रताप सिंह जादौन, उप मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री संजय श्रीवास्तव, श्रीमती सुरभि तिवारी और राजेश यादव सहित कांग्रेस पार्टी से श्री जेपी धनोपिया, भाजपा से श्री भगवानदास सबनानी एवं एसएस उप्पल, आम आदमी पार्टी से श्री सुमित चौहान उपस्थित रहे। 28 अक्टूबर से 7 फरवरी 2026 तक चलेगी प्रक्रिया मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री संजीव कुमार झा ने बताया कि एसआईआर की प्रक्रिया 28 अक्टूबर से शुरू होकर 8 फरवरी 2026 तक चलेगी। इस बीच 28 से 3 नवंबर तक बीएलओ को ट्रेनिंग दी जाएगी। बीएलओ द्वारा 4 नवंबर से 4 दिसंबर तक घर घर जाकर सर्वे किया जाएगा। मतदाता सूची के प्रारूप का प्रकाशन 9 दिसंबर को किया जाएगा। दावा आपत्तियों के आवेदन 9 दिसंबर से 9 जनवरी 2026 तक लिए जाएंगे। दस्तावेजों का सत्यापन 9 दिसंबर से 31 जनवरी 2026 तक किया जाएगा। इसके बाद 7 फरवरी 2026 को फाइनल मतदाता सूची का प्रकाशन होगा। एसआईआर के दौरान लगने वाले सांकेतिक दस्तावेज (सम्पूर्ण नहीं)     केंद्रीय / राज्य सरकार / सार्वजनिक उपक्रम द्वारा नियमित कर्मचारी / पेंशनर को जारी पहचान पत्र / पेंशन भुगतान आदेश     भारत में किसी सरकारी / स्थानीय निकाय / बैंक / डाकघर / एलआईसी / सार्वजनिक उपक्रम द्वारा 01.07.1987 से पूर्व जारी कोई पहचान पत्र / प्रमाण-पत्र / दस्तावेज़     सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी जन्म प्रमाण-पत्र     पासपोर्ट     किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड / विश्वविद्यालय द्वारा जारी मैट्रिक/शैक्षणिक प्रमाण-पत्र     सक्षम राज्य प्राधिकारी द्वारा जारी स्थायी निवास प्रमाण-पत्र     -वन अधिकार प्रमाण-पत्र     सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी ओबीसी/एससी/एसटी या अन्य जाति प्रमाण-पत्र।     राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (जहाँ उपलब्ध हो)     राज्य/स्थानीय निकाय द्वारा तैयार पारिवारिक रजिस्टर     सरकार द्वारा जारी भूमि / मकान आवंटन प्रमाण-पत्र     आधार के लिए, आयोग के पत्र संख्या 23/2025-ERS/Vol.II दिनांक 09.09.2025 (अनुलग्नक II) द्वारा जारी निर्देश लागू होंगे।  

अखिलेश यादव का बिहार मिशन शुरू, तय हुई जनसभाओं की तारीखें — जानिए कहाँ-कहाँ जाएंगे

लखनऊ  लोकसभा उपचुनाव और आगामी सियासी समीकरणों के बीच समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव अब बिहार में चुनावी बिगुल फूंकने जा रहे हैं। 3 नवंबर को अखिलेश यादव बिहार के दौरे पर रहेंगे और इंडिया गठबंधन के प्रत्याशियों के समर्थन में तीन जनसभाएं करेंगे। सूत्रों के मुताबिक, अखिलेश यादव की पहली जनसभा पूर्वी चंपारण में होगी, जहां वे गठबंधन प्रत्याशी के पक्ष में प्रचार करेंगे। इसके बाद वे सिवान पहुंचेंगे, जहां दूसरी जनसभा निर्धारित है। तीसरी जनसभा कैमूर जिले में होगी, जहां अखिलेश यादव अजीत सिंह के समर्थन में जनता से वोट की अपील करेंगे। यह दौरा न सिर्फ गठबंधन को मजबूती देने की दिशा में अहम माना जा रहा है, बल्कि सपा की बिहार में सियासी उपस्थिति दर्ज कराने की रणनीति का हिस्सा भी बताया जा रहा है। इंडिया गठबंधन के तहत समाजवादी पार्टी, आरजेडी, कांग्रेस और वाम दल मिलकर एक साझा मोर्चे के रूप में मैदान में हैं। अखिलेश यादव की यह जनसभाएं बिहार की सियासत में गठबंधन के लिए एकजुटता का संदेश मानी जा रही हैं।

दो वर्ष में अर्जित विशेष उपलब्धियां दिखेंगी विकास प्रदर्शनी में: मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव

राजधानी भोपाल सहित जिलों में भी होंगे कार्यक्रम भोपाल मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने मंगलवार को मंत्रालय में मंत्रिपरिषद की बैठक प्रारंभ होने के पहले मंत्रीगण को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश के स्थापना दिवस पर राजधानी और जिलों में विशेष कार्यक्रम होंगे। प्रदेश में गत 2 वर्ष में अर्जित महत्वपूर्ण उपलब्धियों की जानकारी विकास प्रदर्शनी के माध्यम से दी जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि लाल परेड ग्राउंड और रवीन्द्र भवन परिसर इन कार्यक्रमों के केंद्र होंगे। एक नवंबर को रवीन्द्र भवन में जहां 2 वर्ष में निवेश संवर्धन सहित अन्य महत्वपूर्ण उपलब्धियां प्रदर्शनी के माध्यम से प्रदर्शित की जाएंगी वहां ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में प्राप्त निवेश से अर्जित उपलब्धियों की जानकारी भी प्रदर्शित की जाएगी। इस अवसर पर डिजिटल सेवाओं, मध्यप्रदेश ई-सेवा और इन्वेस्ट एमपी 3.0 पोर्टल का लोकार्पण होगा। उद्योग एवं रोजगार वर्ष 2025 के तहत हुए कार्यों का प्रस्तुतिकरण किया जाएगा। वर्ष 2026 के लिए आगामी वर्ष की थीम की घोषणा भी की जाएगी। समृद्ध मध्यप्रदेश@ 2047 दृष्टि पत्र का विमोचन भी होगा। यह दृष्टिपत्र सुखद मध्यप्रदेश, संपन्न मध्यप्रदेश और सांस्कृतिक मध्यप्रदेश की परिकल्पना पर आधारित है। लाल परेड मैदान भोपाल में महानाट्य सम्राट विक्रमादित्य का मंथन एवं प्रसिद्ध पार्श्वगायक श्री जुवैन नोटियाल का गायन होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि यह दृष्टि पत्र मिशन "ज्ञान" अर्थात गरीब, युवा ,अन्नदाता और नारी सहित प्रदेश के सर्वांगीण विकास पर केन्द्रित है। अंगदान से मिल रहा लोगों को नया जीवन, देहदान करने वालों को गार्ड ऑफ ऑनर मुख्यमंत्री डॉ यादव ने जानकारी दी कि मध्यप्रदेश में अंगदान और देहदान की भावना विकसित हो रही है। हाल ही में भोपाल के एक ऑटो चालक श्री गणेश की दो किडनियां और दिल तीन लोगों को प्रत्यारोपित किया गया। साथ ही उनके कार्निया से भी दो लोगों को रोशनी मिलेगी। ऑटो ड्राइवर के परिवार का यह योगदान सराहनीय है। इस भावना को प्रोत्साहित करने के लिए अंगदान करने वाले व्यक्तियों के अंतिम संस्कार में गार्ड ऑफ ऑनर दिया जा रहा है। हाल ही में उज्जैन के श्री किशन सिंह भाटिया के परिवार और अन्य कई परिवारों द्वारा देहदान की पहल की गई है जो समाज के लिए प्रेरक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रीगण से आग्रह किया कि अपने प्रभार के जिलों में देहदान की भावना के प्रचार प्रसार में सहयोग करें ताकि अपने किसी परिजन की मृत्यु के बाद दिवंगत व्यक्ति के अंग अन्य जरूरतमंद लोगों को प्रत्यारोपित करने की प्रेरणा मिलेगी। जीवनकाल में ही अंगदान या देहदान के संकल्प को सार्वजनिक कर ऐसे दान के माध्यम से व्यक्ति जीवन के बाद भी परिवार सहित समाज में याद रखा जाता है। भगवान बिरसा मुंडा जयंती पर मनाएंगे जनजातीय गौरव दिवस मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जानकारी दी कि आगामी 15 नवंबर को जनजातीय गौरव दिवस भव्य रूप से मनाया जाएगा। धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की 150 वीं जयंती के समापन पर प्रदेश में एक से 15 नवंबर तक राजधानी से ग्राम पंचायत तक विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन होगा। स्वतंत्रता के संघर्ष में भगवान बिरसा मुंडा के योगदान पर शिक्षण संस्थानों में विभिन्न गतिविधियों का आयोजन भी किया जाएगा। 

डोनाल्ड ट्रंप को मिला बड़ा समर्थन, जापान की पीएम ने दिया नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नामांकन

जापान  जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची (Sanae Takaichi) ने मंगलवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को अगले साल के नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नामांकित किया है. उन्होंने यह जानकारी ट्रंप को टोक्यो में हुई द्विपक्षीय बैठक के दौरान दी, जहां दोनों नेताओं ने अमेरिका-जापान गठबंधन को 'Golden Age' घोषित करने वाले दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर किए. व्हाइट हाउस के एक अधिकारी के मुताबिक, ताकाइची ने ट्रंप को निजी तौर पर बताया कि उन्होंने उन्हें नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नामांकित किया है और औपचारिक कागजात भी सौंपे. यह कदम ट्रंप के लिए एक बड़ी राजनीतिक और व्यक्तिगत उपलब्धि मानी जा रही है. क्या है जापान- US का ‘Golden Age’ समझौता  ट्रंप और ताकाइची की इस बैठक में दोनों देशों ने नए दौर के सहयोग की घोषणा की है. साथ ही जुलाई में हुई ट्रेड डील की पुष्टि की गई, जिसके तहत जापानी वस्तुओं पर अमेरिकी टैरिफ 15% कर दिए गए हैं. साथ ही रेयर-अर्थ और क्रिटिकल मिनरल्स के क्षेत्र में साझेदारी को मजबूत करने का संकल्प लिया गया. इसे चीन के निर्यात प्रतिबंधों के जवाब के रूप में देखा जा रहा है. गाज़ा संघर्षविराम के लिए सराहना ताकाइची ने अपने सार्वजनिक संबोधन में ट्रंप की इज़राइल-हमास संघर्षविराम में भूमिका की प्रशंसा की. उन्होंने कहा, 'बहुत कम समय में दुनिया ने जमीन पर अधिक शांति देखी है. मैं आपके शांति और स्थिरता के प्रति समर्पण को अत्यधिक महत्व देती हूं.' जापान की पहली महिला प्रधानमंत्री ताकाइची ने घोषणा की कि अमेरिका की 250वीं वर्षगांठ (2026) पर जापान की ओर से 250 चेरी ब्लॉसम के पेड़ और 4 जुलाई के आतिशबाज़ी समारोह का उपहार दिया जाएगा. ट्रंप ने भी उनकी तारीफ करते हुए कहा कि दिवंगत पूर्व प्रधानमंत्री शिंज़ो आबे ने ताकाइची को हमेशा अपना सबसे विश्वसनीय सहयोगी बताया था. कई देश कर चुके हैं ट्रंप को नॉमिनेट  बताते चलें कि ट्रंप को नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नामित करने की यह अकेली पहल नहीं है. इससे पहले कंबोडिया के पीएम हुन मानेत ने थाईलैंड के साथ सीमा युद्ध खत्म कराने के लिए उन्हें नामांकित किया. पाकिस्तान के पीएम शहबाज़ शरीफ ने गाज़ा और भारत-पाक संघर्ष विराम के लिए नामांकन की घोषणा की थी. वहीं आर्मेनिया और अज़रबैजान के नेताओं ने भी अपने साझा पत्र में ट्रंप को शांति प्रयासों के लिए सिफारिश की. इज़रायल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने ईरान युद्ध खत्म कराने के लिए उनका नाम प्रस्तावित किया. इसके अलावा रवांडा और अफ्रीकी देशों के नेताओं ने भी क्षेत्रीय संघर्षों के समाधान में ट्रंप की भूमिका का समर्थन किया. शांति मेरा शौक नहीं, जुनून है- ट्रंप इससे पहले ट्रंप ने सोमवार को कहा, 'मैं नहीं कहूंगा कि यह मेरा शौक है, क्योंकि यह उससे कहीं गंभीर है. लेकिन यह वो काम है जो मुझे अच्छा लगता है और मैं इसमें माहिर हूं.' उन्होंने कहा कि अब उनका ध्यान रूस-यूक्रेन युद्ध और पाकिस्तान-अफगानिस्तान सीमा विवाद सुलझाने पर है. ट्रंप का दावा है कि उन्होंने इस साल 8 अंतरराष्ट्रीय संघर्षों में शांति स्थापित करने में भूमिका निभाई है. कौन देता है नोबेल पुरस्कार गौरतलब है कि नोबेल शांति पुरस्कार नॉर्वे की संसद द्वारा नियुक्त पांच सदस्यीय समिति देती है. पुरस्कार हर साल अक्टूबर में घोषित होता है और यह पिछले कैलेंडर वर्ष के योगदान पर आधारित होता है. इस साल यह पुरस्कार वेनेज़ुएला की विपक्षी नेता मारिया कोरीना माचादो को दिया गया, जिन्होंने अपनी जीत को ट्रंप के शांति प्रयासों को समर्पित बताया.

फ्लाइट कैओस इन अमेरिका: तकनीकी गड़बड़ी से ठप्प हवाई सेवा, FAA ने यात्रियों को किया अलर्ट

वाशिंगटन  अमेरिका में चल रहे 27वें दिन के सरकारी शटडाउन ने देशभर में हवाई सेवाओं को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। सोमवार को 4,000 से अधिक उड़ानें विलंबित हुईं और करीब 118 उड़ानें रद्द करनी पड़ीं, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी। रिपोर्टों के मुताबिक, रविवार को ही 8,700 से ज्यादा उड़ानें देर से रवाना हुई थीं। हवाई अड्डों और एयर ट्रैफिक कंट्रोल टावरों में कर्मचारियों की भारी कमी देखी जा रही है। लगभग 13,000 एयर ट्रैफिक कंट्रोलर और 50,000 ट्रांसपोर्टेशन सिक्योरिटी एडमिनिस्ट्रेशन (TSA) अधिकारी बिना वेतन काम कर रहे हैं, जिससे पूरे सिस्टम पर दबाव बढ़ गया है। फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन (FAA) ने बताया कि स्टाफ की कमी के कारण दक्षिणपूर्वी राज्यों और न्यूर्क लिबर्टी इंटरनेशनल एयरपोर्ट (न्यू जर्सी) में उड़ानों पर खासा असर पड़ा है। वहीं, लॉस एंजिल्स इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उड़ानों को औसतन 25 मिनट तक रनवे पर रोका गया। अमेरिकी परिवहन सचिव शॉन डफी ने बताया कि हजारों कर्मचारी मानसिक और आर्थिक दबाव में हैं। उन्होंने कहा, “कई अधिकारी तनख्वाह से तनख्वाह पर जीवनयापन करते हैं। अब वे ईंधन और बच्चों की देखभाल के खर्च को लेकर चिंतित हैं।” परिवहन विभाग ने चेतावनी दी है कि जब तक सरकारी गतिरोध खत्म नहीं होता, उड़ानों में देरी और रद्दीकरण जारी रहेंगे। एयरलाइनों ने यात्रियों से यात्रा से पहले फ्लाइट स्टेटस जांचने और लंबे इंतजार के लिए तैयार रहने की सलाह दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि शटडाउन समाप्त होने के बाद भी स्थिति सामान्य होने में कई दिन या हफ्ते लग सकते हैं, क्योंकि स्टाफ की कमी और परिचालन बाधाओं ने हवाई यातायात व्यवस्था को बुरी तरह प्रभावित किया है।

विभागीय पारदर्शिता, दक्षता और सेवा वितरण को सुदृढ़ करेगी नवीन वेबसाइट : आयुष मंत्री परमार

आयुष विभाग की नवीन वेबसाइट का शुभारम्भ भोपाल  उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री श्री इन्दर सिंह परमार ने मंगलवार को भोपाल निवास स्थित कार्यालय में आयुष विभाग की नवीन वेबसाइट का शुभारम्भ किया। उन्होंने कहा कि नई वेबसाइट विकसित होने से विभागीय सेवाओं को तेजगति मिलेगी। साथ ही विभागीय गतिविधियों एवं सेवाओं की जानकारी आमजन तक सुलभ एवं पारदर्शी रूप से उपलब्ध होगी। आयुष मंत्री श्री परमार ने कहा कि आयुर्वेद, भारतीय ज्ञान परम्परा से जुड़ा विषय है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में आयुर्वेद पुनः विश्वमंच पर स्वास्थ्य सेवाओं की दृष्टि से व्यापक रूप से आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के संकल्प के अनुरूप विभाग आयुष चिकित्सा सेवाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि यह वेबसाइट आयुष विभाग की पारदर्शिता, दक्षता और सेवा वितरण को और अधिक सुदृढ़ करेगी। उल्लेखनीय है कि एमपीएसईडीसी द्वारा विकसित यह वेबसाइट, भारत सरकार की वेबसाइट गाइडलाइन और मानकों के अनुरूप विकसित की गई है। इस अवसर पर आयुक्त आयुष श्रीमति उमा आर माहेश्वरी, विशेष कर्त्तव्यस्थ अधिकारी संचालनालय आयुष डॉ. कीर्ति राठौर एवं संयुक्त संचालक एमपीएसईडीसी श्री धर्मेन्द्र कोष्ठा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।  

लाडो लक्ष्मी योजना में महिलाओं की घटती भागीदारी पर CM सैनी सख्त, कहा- जागरूकता की कमी चिंता का विषय

चंडीगढ़  हरियाणा सरकार ने गरीब महिलाओं के कल्याण के लिए लाडो लक्ष्मी योजना शुरू की थी, जिसके तहत पात्र महिलाओं को 2100 रुपए मासिक दिए जाने हैं लेकिन महिलाएं गुलाबी और पीला राशनकार्ड कट जाने के डर से इस योजना में रुचि नहीं दिखा रही। इसके चलते मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने विभागीय अधिकारियों के समक्ष नाराजगी और चिंता जाहिर की। हरियाणा दिवस पर एक नवम्बर को इन महिलाओं को मासिक भत्ते की पहली किस्त दी जानी है। प्रदेश सरकार के पास उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक एक लाख रुपए वार्षिक तक आय वाली 23 से 60 साल की उम्र की महिलाओं की संख्या 19 लाख 62 हजार है, मगर 25 अक्तूबर तक सिर्फ 6 लाख 20 हजार महिलाओं ने भत्ता प्राप्त करने के लिए आवेदन किया है।  अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को रिपोर्ट दी है कि महिलाओं में इस बात का डर है कि उनके खातों में 2100-2100 रुपए मासिक आते ही परिवारों की वार्षिक आय 25-25 हजार रुपए बढ़ जाएगी, जिससे वह अंत्योदय परिवारों की सूची से बाहर हो सकते हैं। ऐसे परिवारों की महिलाएं जागरूकता के अभाव में और डर की वजह से लाडो लक्ष्मी योजना का भत्ता प्राप्त करने के लिए आवेदन नहीं कर रही हैं।  समाज कल्याण विभाग, पंचायत विभाग और क्रिड के अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को सूचना दी कि महिलाओं में गुलाबी व पीले राशनकार्ड कट जाने का डर है। 25 से 50 हजार रुपए वार्षिक आय वाले अंत्योदय परिवारों के गुलाबी कार्ड बनाए जाते हैं, जबकि 50 हजार से 1.80 लाख रुपए वार्षिक तक आय वाले परिवारों के पीले बी.पी.एल. कार्ड बनाने का प्रावधान है। 1.80 लाख रुपए से अधिक वार्षिक आय वाले परिवारों के हरे (ए.पी.एल.) कार्ड बनते हैं। गुलाबी कार्डधारकों की सरकार 35 किलो गेहूं हर माह प्रदान करती है। गुलाबी व पीले राशनकार्ड धारकों को मिलने वाली सुविधाएं भी काफी हैं।   women are not showing interest in Lado Laxmi Yojana, haryana hindi news, Haryana news, Hindi news, अधिकारियों से मिली रिपोर्ट के बाद मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन परिवारों की वार्षिक आय 1.40 लाख रुपए वार्षिक तक है, उनकी महिलाओं को भी लाडो लक्ष्मी योजना के तहत 2100-2100 रुपए प्राप्त करने के लिए आवेदन करने के लिए प्रेरित किया जाए। अब पंचायत सचिवों और क्रिड में कार्यरत सी.पी.एल.ओ. को लिस्ट देकर गांवों में भेजा जा रहा है, ताकि वे पात्र महिलाओं को चिन्हित कर उनके मौके पर ही लाडो लक्ष्मी योजना के तहत आवेदन करा सकें। हरियाणा के समाज कल्याण विभाग ने अभी तक जो सीमा निर्धारित की है, उसके मुताबिक जिन महिलाओं ने 25 अक्तूबर तक आवेदन कर दिया है, उन्हें ही एक नवम्बर को 2100-2100 रुपए मिल पाएंगे लेकिन मुख्यमंत्री ने 25 अक्तूबर की इस सीमा को हटाने के लिए कहा है, ताकि 31 अक्तूबर तक भी आवेदन करने वाली महिलाओं को शगुन की राशि प्रदान की जा सके। 31 अक्तूबर तक आवेदन करने वालों को यदि सरकार ने भते की राशि प्रदान की तो यह संख्या आठ से 10 लाख भी हो सकती।    

गेहूं पर स्टॉक सीमा तय, 31 मार्च 2026 तक लागू रहेगा आदेश

खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग के पोर्टल पर दर्ज करनी होगी स्टॉक की जानकारी भोपाल भारत सरकार के उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय द्वारा आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत विशिष्ट खाद्य पदार्थों पर लाइसेंसी अपेक्षाएं, स्टॉक सीमाएं और संचलन प्रतिबंध हटाना (संशोधन) आदेश, 2025 जारी किया गया है। इस आदेश के अनुसार देशभर में गेहूं पर नई स्टॉक सीमा 31 मार्च 2026 तक के लिए लागू की गई है। मध्यप्रदेश के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया कि भारत सरकार ने सभी राज्यों और संघ राज्य क्षेत्रों में गेहूं के लिए अधिकतम स्टॉक सीमा निर्धारित की है। मंत्री श्री राजपूत ने बताया कि व्यापारी / थोक विक्रेता के अधिकतम स्टॉक सीमा 2000 मीट्रिक टन, प्रत्येक रिटेल आउटलेट के लिए 8 मीट्रिक टन, बिग चेन रिटेलर में प्रत्येक आउटलेट के लिए 8 मीट्रिक टन, बशर्ते अधिकतम मात्रा कुल दुकानों की संख्या 8 गुणा होना चाहिए। यह अधिकतम स्टॉक होगा जो उनके सभी रिटेल आउटलेट और डिपो पर एक साथ रखा जा सकता है। इसी प्रकार प्रोसेसर के लिए मासिक स्थापित क्षमता के 60 प्रतिशत को 2025-26 के शेष महीनों से गुणा के बराबर रखना होगा। मंत्री श्री राजपूत ने बताया कि आदेश के तहत संबंधित विधिक इकाइयों को अपने स्टॉक की जानकारी खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग के पोर्टल पर दर्ज करनी होगी। यदि किसी के पास निर्धारित सीमा से अधिक स्टॉक है, तो उसे अधिसूचना जारी होने की तारीख से 15 दिनों के भीतर निर्धारित सीमा तक लाना होगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा मध्यप्रदेश गेहूं (अधिकतम स्टॉक सीमा एवं स्टॉक घोषणा, नियंत्रण आदेश – संशोधन, 2025) का प्रारूप तैयार कर लिया गया है। इस आदेश के माध्यम से विभागीय और जिला प्रशासन के अधिकारी जांच तलाशी और अभिग्रहण की कार्यवाही करने में सक्षम होंगे। मंत्री श्री राजपूत ने यह भी स्पष्ट किया कि भारत सरकार द्वारा यदि भविष्य में स्टॉक सीमा की अवधि या मात्रा में कोई परिवर्तन किया जाता है, तो राज्य में वह संशोधन स्वतः प्रभावी हो जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा करना और अनावश्यक जमाखोरी व कृत्रिम मूल्य वृद्धि पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित करना है।   

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का ऐलान: 2050 तक भारत होगा सौर ऊर्जा सुपरपावर, इनोवेशन बनेगा आधार

नई दिल्ली  राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मंगलवार को कहा कि 2050 तक भारत न केवल अपने क्लीन एनर्जी टारगेट्स को पूरा करना चाहता है, बल्कि एक ऐसा हब भी बनना चाहता है जो ग्लोबल सोलर मांग को एकीकृत करे और इनोवेशन, मैन्युफैक्चरिंग और नॉलेज के आदान-प्रदान को बढ़ावा दे। राष्ट्रीय राजाधानी में भारत मंडपम में इंटरनेशनल सोलर एलायंस (आईएसए) की असेंबली के आठवें सत्र को संबोधित करते हुए, राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि भारत एक ग्लोबल सोलर एनर्जी हब बनने की राह पर है। उन्होंने समय से पहले रिन्यूएबल एनर्जी टारगेट्स को प्राप्त करने में देश की प्रगति पर प्रकाश डाला और ग्लोबल सोलर डिमांड को एकीकृत करने और क्लीन एनर्जी इनोवेशन को बढ़ावा देने के लिए एक दृष्टिकोण की रूपरेखा प्रस्तुत की। राष्ट्रपति ने कहा कि आईएसए मानवता की साझा आकांक्षा का प्रतीक है, जिसमें समावेशिता, सम्मान और सामूहिक समृद्धि के स्रोत के रूप में सोलर एनर्जी का उपयोग करना शामिल है। राष्ट्रपति ने सभी सदस्य देशों से इन्फ्रास्ट्रक्चर से आगे सोचने और लोगों के जीवन पर ध्यान केंद्रित करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि इस असेंबली को एक सामूहिक कार्य योजना विकसित करनी चाहिए जो सोलर एनर्जी को रोजगार सृजन, महिला नेतृत्व, ग्रामीण आजीविका और डिजिटल समावेशन से जोड़े। राष्ट्रपति ने कहा, "हमारी प्रगति केवल मेगावाट से नहीं, बल्कि रोशन हुए जीवन, मजबूत हुए परिवारों और समुदायों में आए बदलाव से भी मापी जानी चाहिए। टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट और अधिकतम लाभ के लिए नवीनतम और उन्नत तकनीकों को सभी के साथ साझा करने पर भी ध्यान केंद्रित किया जाना चाहिए।" राष्ट्रपति ने कहा कि जलवायु परिवर्तन पूरी दुनिया को प्रभावित कर रहा है। इस खतरे से निपटने के लिए तत्काल और ठोस कदम उठाए जाने की आवश्यकता है। भारत जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए प्रतिबद्ध है और दृढ़ संकल्पित कदम उठा रहा है। उन्होंने आगे कहा कि आईएसए सोलर एनर्जी को अपनाने और उपयोग को प्रोत्साहित करके इस वैश्विक चुनौती से निपटने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस कार्यक्रम में बोलते हुए, उपभोक्ता मामले और नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री, प्रल्हाद जोशी ने भारत की रिन्यूएनबल एनर्जी यात्रा के बारे में बताया। उन्होंने आगे कहा कि देश में रिन्यूएबल एनर्जी का उत्पादन बढ़कर 257 गीगावाट हो गया है, जो कि पहले 2014 में 81 गीगावाट था। केंद्रीय मंत्री ने संबोधन में कहा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में, भारत ने 2030 के लक्ष्य से 5 साल पहले ही गैर-जीवाश्म स्रोतों से 50 प्रतिशत ऊर्जा क्षमता प्राप्त करने का लक्ष्य हासिल कर लिया है, जिससे स्वच्छ ऊर्जा सुलभ और सस्ती हो गई है।" जोशी ने आगे कहा कि पीएम-कुसुम, पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना, पीएम-जनमन और 'एक सूर्य, एक विश्व, एक ग्रिड' जैसी परिवर्तनकारी पहलों के माध्यम से, भारत ऊर्जा न्याय सुनिश्चित करने, सबसे गरीब लोगों को सशक्त बनाने और दक्षिण-दक्षिण सहयोग को मजबूत करने के प्रयासों का नेतृत्व कर रहा है।

आसमान में ऊँची उड़ान: यूपी बना नया एविएशन हब, यात्रियों और कार्गो ट्रैफिक दोनों में जबरदस्त ग्रोथ

लखनऊ  यूपी की हवाई कनेक्टिविटी और यात्री संख्या में तेजी से वृद्धि हो रही है। अप्रैल से अगस्त 2025 की अवधि में उत्तर प्रदेश के हवाई अड्डों पर यात्रियों की संख्या पिछले वर्ष की तुलना में 14.6% बढ़कर 60.02 लाख हो गई है। वहीं इस अवधि में भारत के कुल हवाई यातायात में राज्य की हिस्सेदारी 3.52% तक पहुंच गई, जो 2024 की तुलना में 34 बेसिस पॉइंट्स अधिक है। यानि अब देश के हर 30 में से एक हवाई यात्री उत्तर प्रदेश से यात्रा कर रहा है। वहीं नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के शुभारंभ के साथ इस रफ्तार में और भी वृद्धि होगी और सिर्फ यूपी ही नहीं बल्कि पड़ोसी राज्यों को भी कनेक्टिविटी के नए अवसर प्राप्त होंगे। साल 2016-17 में जहां यूपी के हवाई अड्डों से 59.97 लाख यात्री यात्रा करते थे, वहीं FY2024-25 में यह संख्या बढ़कर 142.28 लाख तक पहुंच गई। इनमें 129.29 लाख घरेलू और 12.99 लाख अंतरराष्ट्रीय यात्री शामिल रहे। इस दौरान राज्य का कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) 10.1% रहा, जो एविएशन सेक्टर में तेजी से बढ़ती मांग को दर्शाता है। कोविड-19 महामारी के दौरान FY2020-21 में यात्री संख्या 48.35 लाख तक गिर गई थी। 2023-24 की तुलना में 2024-25 में हवाई यात्रियों की संख्या में 25.9 प्रतिशत का ग्रोथ दर्ज किया गया है, जबकि 2023-24 और 2024-25 में अप्रैल-अगस्त माह के बीच तुलना करें तो यह ग्रोथ 14.6% रही। इस दौरान डॉमेस्टिक एयर पैसेंजर्स में 15.7% और इंटरनेशनल पैसेंजर्स की संख्या में 4.3% ग्रोथ दर्ज की गई। अयोध्या, प्रयागराज और वाराणसी बने स्टार परफॉर्मर 2023-24 से 2024-25 के बीच वाराणसी में 34.4%, प्रयागराज में 76.4%, गोरखपुर में 27.6% और कानपुर में 13.3% की वृद्धि दर्ज की गई। 2023-24 में जहां 2 लाख से ज्यादा पैसेंजर्स ने यहां से हवाई उड़ान भरी थी तो वहीं 2024-25 में यह आंकड़ा बढ़कर 11 लाख से अधिक पहुंच गया। वहीं, प्रयागराज और वाराणसी से भी धार्मिक और व्यावसायिक उड़ानों की संख्या लगातार बढ़ रही है। प्रयागराज में 2023-24 में 6 लाख से अधिक एयर पैसेंजर्स ने यात्रा की तो वहीं 2024-25 में यह संख्या 10.77 लाख से अधिक पहुंच गई। इसी तरह वाराणसी में 2023-24 में करीब 30 लाख एयर पैसेंजर्स यात्रा कर रहे थे तो वहीं 2024-25 यह संख्या 40 लाख का आंकड़ा पार कर गई। गोरखपुर में 2023-24 में 6.8 लाख की तुलना में 2024-25 में 8.67 लाख से अधिक हवाई यात्रियों ने सफर किया। लखनऊ ने भी अपनी रफ्तार में इजाफा किया है, जहां 2023-24 की तुलना में 2024-25 में 4.1% की वृद्धि हुई है। कार्गो ट्रैफिक में भी जबरदस्त वृद्धि एयर कार्गो की बात करें तो FY2016-17 से FY2024-25 तक राज्य में 19.1% का CAGR दर्ज किया गया है। यह 5.89 हजार मीट्रिक टन से बढ़कर 28.36 हजार मीट्रिक टन तक पहुंच गया है, जो कि अब तक का सर्वाधिक है। FY2024-25 में लखनऊ एयरपोर्ट ने 22,099 मीट्रिक टन कार्गो हैंडल किया, जबकि वाराणसी में 27.7% और प्रयागराज में 50% की बढ़ोतरी दर्ज हुई। 2023-24 से 2024-25 के बीच टोटल ग्रोथ 9.4% रही और इस दौरान एयर कॉर्गो 25,915 मीट्रिक टन से 28,356 मीट्रिक टन पहुंच गया। अप्रैल-अगस्त 2025 में कानपुर (165%) और आगरा (247%) में रिकॉर्ड ग्रोथ दर्ज हुई जो बताता है कि राज्य के इंडस्ट्रियल क्लस्टर अब अंतरराष्ट्रीय सप्लाई चेन से जुड़ रहे हैं। अप्रैल-अगस्त 2025 में राज्य का भारत के कुल एयर कार्गो में हिस्सा 0.79% हो गया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 1 बेसिस पॉइंट अधिक है।