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29 अक्टूबर का राशिफल: सिंह और तुला राशि के लिए शुभ संकेत, जानें सभी राशियों का भविष्यफल

मेष आज का दिन जिम्मेदारियों से भरा रहेगा, लेकिन मन में आत्मविश्वास रहेगा। कामकाज में सकारात्मक नतीजे मिलेंगे। जो लोग नौकरी बदलना चाहते हैं, उन्हें अच्छी खबर मिल सकती है। रिश्तों में सच्चाई और भरोसा बनाए रखें। स्वास्थ्य बेहतर रहेगा, लेकिन तनाव से दूरी रखें। परिवार के साथ वक्त बिताना मानसिक सुकून देगा। वृषभ दिन वित्तीय रूप से लाभदायक रहेगा। निवेश या किसी पुराने सौदे से फायदा हो सकता है। ऑफिस में सीनियर का सहयोग मिलेगा। पारिवारिक माहौल खुशनुमा रहेगा। रिश्तों में पारदर्शिता बढ़ेगी। जो लोग कला, मीडिया या डिजाइन से जुड़े हैं, उनके लिए दिन रचनात्मकता से भरपूर रहेगा। शाम का समय मनोरंजन और खुशी लेकर आएगा। मिथुन काम में संतुलन रहेगा, लेकिन किसी सहयोगी के साथ गलतफहमी से बचें। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। प्रेम जीवन में समझ और संवेदनशीलता बढ़ेगी। हेल्थ में सुधार के संकेत हैं, पर नींद का ख्याल रखें। जो लोग स्टूडेंट हैं, उनके लिए पढ़ाई में फोकस बढ़ेगा। कर्क आज का दिन ऊर्जा और आत्मविश्वास से भरा रहेगा। किसी अधूरे काम को पूरा करने का सही समय है। निजी जीवन में प्यार और अपनापन बढ़ेगा। परिवार से जुड़ी जिम्मेदारियों को लेकर व्यस्तता बढ़ेगी, लेकिन सब संतुलित रहेगा। सेहत सामान्य रहेगी। शाम का समय आत्ममंथन या ध्यान के लिए अच्छा है। सिंह आज काम के साथ-साथ रिश्तों पर भी ध्यान देना होगा। ऑफिस में नई जिम्मेदारी मिल सकती है। बॉस या सीनियर आपकी मेहनत से प्रभावित होंगे। प्यार में किसी पुरानी गलतफहमी का अंत होगा। आर्थिक स्थिति सामान्य रहेगी। हेल्थ में पेट या डाइजेशन से जुड़ी तकलीफ आ सकती है, सतर्क रहें। कन्या दिन मेहनत और व्यस्तता से भरा रहेगा, लेकिन नतीजे उम्मीद से बेहतर रहेंगे। टीमवर्क से जुड़े कामों में सफलता मिलेगी। किसी पुराने दोस्त से मुलाकात हो सकती है जो मन को हल्का कर देगी। सेहत अच्छी रहेगी। आज जरूरत है खुद को थोड़ा वक्त देने की।संगीत, पढ़ाई या शांति में समय बिताना मानसिक आराम देगा। तुला सूर्य का प्रभाव आपको आत्मविश्वासी बनाए हुए है। आज किसी बड़े निर्णय का दिन है। बिजनेस या करियर से जुड़ी नई दिशा मिल सकती है। परिवार का सहयोग मिलेगा। प्रेम जीवन में नजदीकियां बढ़ेंगी। आर्थिक रूप से स्थिति मजबूत होगी। यात्रा के योग भी बन रहे हैं, जो लाभकारी साबित होंगे। वृश्चिक आज भावनाएं गहरी रहेंगी। किसी पुराने रिश्ते या याद से मन विचलित हो सकता है, लेकिन काम में ध्यान रखें। ऑफिस या बिजनेस में मेहनत का फल जल्द ही दिखाई देगा। सेहत ठीक रहेगी। दिन के दूसरे भाग में कोई अप्रत्याशित खुशखबरी मिल सकती है। धनु दोस्तों और सहकर्मियों से जुड़ाव मजबूत होगा। आज का दिन नेटवर्किंग और नए अवसरों का है। जो लोग मीडिया, पब्लिक रिलेशन या ट्रैवल से जुड़े हैं, उन्हें लाभ मिलेगा। प्रेम जीवन स्थिर रहेगा। आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। बस जल्दबाजी में कोई कदम न उठाएं। मकर करियर में प्रगति के मजबूत संकेत हैं। बॉस से तारीफ मिल सकती है। मेहनत के बल पर नए अवसर बनेंगे। परिवार और काम के बीच संतुलन बनाए रखें। सेहत सामान्य रहेगी, लेकिन नींद की कमी असर डाल सकती है। रिश्तों में विश्वास बनाए रखें। कुंभ भाग्य का साथ मिलेगा। जो लोग विदेश या किसी बड़ी परीक्षा से जुड़े हैं, उन्हें सफलता के संकेत हैं। पारिवारिक जीवन अच्छा रहेगा। कोई पुराना विवाद खत्म हो सकता है। सेहत अच्छी रहेगी। ध्यान और मेडिटेशन करने से मन शांत रहेगा। मीन आज का दिन पॉजिटिव रहेगा। आर्थिक मामलों में लाभ होगा। रिश्तों में भावनाएं गहरी होंगी, पर अति संवेदनशीलता से बचें। सेहत को लेकर ध्यान रखें। खासकर खानपान में संतुलन जरूरी है। शाम का समय रिलैक्स करने वाला रहेगा।

भूपेंद्र चौधरी का पलटवार! SIR को लेकर विपक्ष पर बोला हमला, कही ये बड़ी बात

बरेली मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग ने विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (Special Intensive Revision-SIR) के द्वितीय चरण में देश के 12 राज्यों में विशेष प्रगाढ पुनरीक्षण कराने का निर्णय लिया है. इन राज्यों में उत्तर प्रदेश भी शामिल है. एसआईआर को लेकर भाजपा अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी का बड़ा बयान सामने आया है. भूपेंद्र चौधरी का कहना है कि एसआईआर से मतदाता सूची अधिक पारदर्शी होगी. एसआईआर से प्रक्रिया हुई निष्पक्ष, जनभागीदारी बढ़ेगी. विपक्ष भ्रम फैलाने का एजेंडा चला रहा. यूपी में 15.44 करोड़ मतदाता उत्तर प्रदेश में वर्तमान में लगभग 15.44 करोड़ मतदाता तथा 1,62,486 मतदेय स्थल है. प्रदेश में 75 जिला निर्वाचन अधिकारी, 403 निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी, 2,042 सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी और 1,62,486 बूथ लेवल अधिकारी कार्यरत हैं. 28 अक्टूबर से शुरू होगा पुनरीक्षण प्रदेश में इसके पहले विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण वर्ष 2003 में हुआ था. लगभग 22 वर्ष के अंतराल के बाद पुनः भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार की जा रही है. उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची को शुद्ध व समावेशी बनाने के लिए विशेष प्रगाढ पुनरीक्षण (SIR) का कार्य 28 अक्टूबर, 2025 दिन मंगलवार से शुरू होगा. सर्वप्रथम 28 अक्टूबर से 3 नवम्बर, 2025 तक विशेष प्रगाढ पुनरीक्षण (SIR) से संबंधित तैयारी, प्रशिक्षण एवं गणना प्रपत्रों का मुद्रण किया जाएगा. 4 नवम्बर से 4 दिसम्बर 2025 तक बीएलओ द्वारा घर-घर जाकर गणना प्रपत्रों का मतदाताओं को वितरण किया जाएगा और प्रपत्रों को भरवाकर प्राप्त किया जाएगा. 9 दिसम्बर, 2025 को आलेख्य मतदाता सूची का प्रकाशन होगा.

RSS को सरकारी परिसरों में कार्यक्रम की इजाजत पर रोक, हाईकोर्ट ने सरकार को लगाई लगाम

बेंगलुरु  कर्नाटक की सिद्धारमैया सरकार को हाई कोर्ट से एक बड़ा झटका लगा है। हाई कोर्ट ने राज्य सरकार के उस आदेश पर रोक लगा दी, जिसमें प्राइवेट संगठनों को सरकारी परिसरों में कार्यक्रम आयोजित करने के लिए पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य किया गया था। इस आदेश को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की गतिविधियों को निशाना बनाने वाला कदम माना जा रहा था। जस्टिस नागप्रसन्ना की सिंगल-जज बेंच ने सरकार के निर्देश पर अंतरिम रोक लगा दी और मामले की अगली सुनवाई 17 नवंबर को तय की। सरकार के निर्देश को किसने दी थी चुनौती? सरकार के निर्देश को चुनौती देने वाली याचिका पुनश्चैतन्य सेवा संस्था ने दायर की थी, जिसने यह तर्क दिया कि इस कदम से प्राइवेट संगठनों के कानूनी काम करने के अधिकारों का उल्लंघन होता है। कर्नाटक के मंत्री ने क्या कहा? इससे पहले, कर्नाटक के संसदीय मामलों के मंत्री एच.के. पाटिल ने साफ किया था कि सरकार का यह कदम किसी खास संगठन को टारगेट करके नहीं उठाया गया है। उन्होंने कहा, “इस संगठन या उस संगठन के बारे में कुछ भी खास नहीं है। सरकारी या संस्थागत प्रॉपर्टी का इस्तेमाल सिर्फ सही इजाज़त और सही मकसद के लिए किया जाएगा। किसी भी उल्लंघन पर मौजूदा कानूनों के तहत कार्रवाई की जाएगी।”

ITOT लखनऊ ने लिखा सफलता का इतिहास, 10 में से 9 ट्रेड्स में प्रशिक्षु रहे प्रथम — CM योगी के विजन को मिला बल

लखनऊ उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ मंगलवार को एक अद्भुत दृश्य की गवाह बनी, जब आईटीओटी अलीगंज के प्रशिक्षार्थियों ने पूरे प्रदेश को गौरव का अहसास कराया. राष्ट्रीय स्तर पर अपने कौशल का परचम लहराने वाले इन युवा प्रशिक्षकों का सम्मान समारोह औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान परिसर में धूमधाम से आयोजित किया गया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन “स्किल्ड इंडिया” और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रतिबद्धता “कौशलयुक्त उत्तर प्रदेश” को साकार करने की दिशा में यह एक बड़ी उपलब्धि रही. अखिल भारतीय CITS परीक्षा 2025 में राष्ट्रीय स्तर पर शीर्ष स्थान पाने वाले 16 प्रशिक्षार्थियों और संस्थान स्तर पर चयनित 15 प्रशिक्षुओं को राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने प्रशस्ति पत्र और प्रतीक चिह्न देकर सम्मानित किया. प्रधानमंत्री द्वारा सम्मानित प्रशिक्षार्थियों की गौरवगाथा आईटीओटी अलीगंज के प्रशिक्षार्थियों ने इस वर्ष फिर इतिहास रचा है. भारत सरकार द्वारा आयोजित अखिल भारतीय प्रतियोगिता में 10 ट्रेड्स में से 9 ट्रेड्स के प्रशिक्षुओं ने प्रथम स्थान प्राप्त किया. इनमें कु. साक्षी चौरसिया (C.S.A.) और कु. प्रीति कांडू (इलेक्ट्रीशियन) को गत 4 अक्टूबर को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा सम्मानित किया गया. जब साक्षी और प्रीति के नाम राष्ट्रीय मंच से पुकारे गए, तो पूरा लखनऊ गर्व से झूम उठा. यह न सिर्फ संस्थान की, बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश की जीत थी. आईटीओटी लखनऊ ने देश में रचा मानक समारोह के मुख्य अतिथि कपिल देव अग्रवाल ने प्रशिक्षार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के विज़न और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संकल्प को आईटीओटी लखनऊ ने साकार किया है. उन्होंने कहा कि भारत के 151 CITS संस्थानों में उत्तर प्रदेश का आईटीओटी लखनऊ राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम स्थान पर आना केवल उपलब्धि नहीं, बल्कि यह हमारे युवाओं की प्रतिभा और अनुशासन की पहचान है. प्रधानमंत्री द्वारा सम्मानित हमारे प्रशिक्षार्थी प्रदेश के लिए प्रेरणा हैं. अब उत्तर प्रदेश के युवा प्रशिक्षक पूरे देश में कौशल विकास का स्तर ऊंचा उठा रहे हैं. मंत्री ने संस्थान के निदेशक (प्राविधिक) डी.के. सिंह और उनके प्रशिक्षक दल की सराहना करते हुए कहा कि यह सफलता उनके नेतृत्व, परिश्रम और निरंतर गुणवत्ता सुधार के प्रयासों का परिणाम है. गुणवत्ता का पर्याय बना आईटीओटी लखनऊ इस अवसर पर प्रमुख सचिव डॉ. हरिओम ने कहा कि आईटीओटी लखनऊ ने जिस गुणवत्ता के साथ प्रशिक्षकों को तैयार किया है, वह अन्य औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों के लिए एक आदर्श है. उन्होंने कहा कि यहां से प्रशिक्षित प्रशिक्षक जब देशभर के आईटीआई में जाएंगे, तो उनकी मेहनत और दक्षता भारत में प्रशिक्षण की नई ऊंचाइयां तय करेगी. संस्थान के निदेशक (प्राविधिक) डी.के. सिंह ने कहा कि यह उपलब्धि हमारे प्रशिक्षकों, अधिकारियों और स्टाफ के सामूहिक परिश्रम का नतीजा है. उन्होंने कहा कि आईटीओटी लखनऊ प्रदेश सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप कार्य कर रहा है. नए प्रशिक्षकों को प्रशिक्षण देने के साथ-साथ जिला स्तर पर भी सभी कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी निभाई जा रही है. सम्मान, प्रेरणा और भविष्य की उड़ान कार्यक्रम के अंत में सम्मानित प्रशिक्षुओं को प्रमाणपत्र और प्रतीक चिह्न प्रदान किए गए. उनके चेहरों पर गर्व और आत्मविश्वास की चमक थी, मानो कह रहे हों कि उत्तर प्रदेश का कौशल अब किसी से कम नहीं. आईटीओटी अलीगंज की यह उपलब्धि सिर्फ एक संस्थान की नहीं, बल्कि उस नई दिशा की कहानी है, जिसमें उत्तर प्रदेश के युवा ‘रोजगार मांगने वाले नहीं, बल्कि रोजगार देने वाले’ बन रहे हैं. प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के अनुरूप, आईटीओटी लखनऊ आज उस भारत की नींव तैयार कर रहा है, जो कौशल, आत्मनिर्भरता और उत्कृष्टता पर टिका है.

शमी का तूफान! सिर्फ 2 मैचों में 15 विकेट लेकर सेलेक्टर्स को दिया सख्त संदेश

नई दिल्‍ली मोहम्‍मद शमी ने रणजी ट्रॉफी में शानदार गेंदबाजी करके अपने आलोचकों को करारा जवाब दिया है। शमी ने बंगाल का प्रतिनिधित्‍व करते हुए केवल दो मैचों में 15 विकेट चटकाए। इस तरह शमी ने टीम इंडिया में वापसी की दावेदारी पेश की, जिसे अगले महीने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टेस्‍ट सीरीज खेलनी है। शमी की फिटनेस को लेकर काफी बखेड़ा हुआ। प्रमुख चयनकर्ता अजीत अगरकर ने शमी के बारे में कहा था कि उनकी फिटनेस पर कोई अपडेट नहीं है और तेज गेंदबाज को खुद को साबित करने के लिए ज्‍यादा मैच खेलने की दरकार है। तब शमी ने अगरकर पर पलटवार करते हुए कहा कि चयनकर्ताओं की तरफ से संवाद की कमी रही।   ईडन गार्डन्‍स पर शमी का कहर ऐसे में मोहम्‍मद शमी और अजीत अगरकर के बीच विवाद किसी से छिपा नहीं। बहरहाल, शमी ने ईडन गार्डन्‍स पर गुजरात के खिलाफ शानदार प्रदर्शन किया और बंगाल को 141 रन की जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई। 35 साल के गेंदबाज ने दूसरी पारी में 10 ओवर में एक मेडन सहित 38 रन देकर पांच विकेट झटके। गुजरात की टीम 327 रन के लक्ष्‍य का पीछा करते हुए 185 रन पर ढेर हो गई। इससे पहले शमी ने पहली पारी में 44 रन देकर तीन विकेट झटके थे, जिससे बंगाल ने मैच पर शिकंजा कसा था। याद दिला दें कि शमी ने पहले राउंड के मुकाबले में उत्‍तराखंड के खिलाफ सात विकेट झटके थे, जिसमें बंगाल ने आठ विकेट से जीत दर्ज की थी। तीसरे स्‍थान पर शमी मौजूदा रणजी ट्रॉफी सीजन में शमी दो मैचों में 15 विकेट के साथ सबसे ज्‍यादा विकेट लेने वाले गेंदबाजों में तीसरे स्‍थान पर काबिज हैं। जम्‍मू-कश्‍मीर के आकिब नबी दर (17) और सर्विसेज के अर्जुन शर्मा (16) उनसे आगे हैं। शमी आखिरी बार चैंपियंस ट्रॉफी में भारत के लिए खेलते हुए नजर आए थे। इसके बाद से वो अंतरराष्‍ट्रीय क्रिकेट से दूर हैं। उन्‍होंने अपना आखिरी टेस्‍ट 2023 विश्‍व टेस्‍ट चैंपियनशिप फाइनल खेला था। शमी ने अपनी गेंदबाजी से साबित किया कि उन्‍हें नजरअंदाज करने के लिए चयनकर्ताओं के पास कोई विकल्‍प नहीं बचा है। देखना दिलचस्‍प होगा कि दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ दो मैचों की टेस्‍ट सीरीज के लिए शमी की भारतीय टीम में वापसी हो पाती है या नहीं।  

राष्ट्रीय सुरक्षा को नई ढाल: सीआईएसएफ ने संभाली भाखड़ा बांध परियोजना की जिम्मेदारी

चंडीगढ़ भारत की सबसे महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में से एक भाखड़ा बांध परियोजना की सुरक्षा की सुरक्षा अब केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) करेगी। सीआईएसएफ यूनिट बीडीपी नंगल का भाखड़ा बांध परियोजना (बीडीपी), नंगल में एक आधिकारिक अधिष्ठापन समारोह हुआ। इस अवसर पर नवज्योति गोगोई, महानिरीक्षक, सीआईएसएफ (उत्तरी खंड), एम. के. यादव, उप महानिरीक्षक, सीआईएसएफ (उत्तरी क्षेत्र-II) तथा मनोज त्रिपाठी, अध्यक्ष, भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (बीबीएमबी) सहित सीआईएसएफ यूनिट बीडीपी नंगल के कमांडेंट प्रतीक रघुवंशी उपस्थित रहे। यह समारोह बांध की सुरक्षा को राज्य पुलिस से औपचारिक रूप से सीआईएसएफ को हस्तांतरित करने का प्रतीक बना। भाखड़ा बांध, हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले में सतलुज नदी पर स्थित एक विशाल कंक्रीट गुरुत्वाकर्षण बांध है, जिसकी ऊंचाई 226 मीटर और लंबाई 518 मीटर है। यह बांध गोबिंद सागर जलाशय का निर्माण करता है, जो 168 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला हुआ है और 9.34 बिलियन क्यूबिक मीटर जल संग्रहण क्षमता रखता है। सीआईएसएफ के एक प्रवक्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि अब तक भाखड़ा बांध की सुरक्षा संबंधित राज्य पुलिस बलों द्वारा बीबीएमबी की देखरेख में की जा रही थी। किन्तु तोड़फोड़ और आतंकवादी गतिविधियों के बढ़ते खतरों को ध्यान में रखते हुए गृह मंत्रालय ने मई 2025 में 296 सशस्त्र कर्मियों वाली सीआईएसएफ की एक समर्पित इकाई की तैनाती को स्वीकृति प्रदान की थी। उन्होंने बताया कि सीआईएसएफ अब भाखड़ा बांध के मुख्य दीवारों, जलद्वारों, बिजलीघरों, नियंत्रण कक्षों तथा प्रवेश द्वारों की निगरानी एवं सुरक्षा का दायित्व संभालेगी। राज्य पुलिस बलों को बीबीएमबी की समग्र सुरक्षा व्यवस्था में सहायक भूमिका में रखा गया है ताकि समन्वित सुरक्षा तंत्र सुनिश्चित हो सके। उन्होंने बताया कि सीआईएसएफ की तैनाती से भाखड़ा बांध परियोजना की सुरक्षा व्यवस्था को नई मजबूती मिली है और यह कदम भारत की जल, ऊर्जा एवं राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक मील का पत्थर सिद्ध होगा।

समुद्री शक्ति पर मोदी का फोकस: 29 अक्टूबर को मुंबई में ‘इंडिया मैरीटाइम वीक 2025’ में देंगे संबोधन

मुंबई प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार को मुंबई के नेस्को प्रदर्शनी केंद्र में इंडिया मैरीटाइम वीक-2025 (आईएमडब्ल्यू 2025) के मैरीटाइम लीडर्स कॉन्क्लेव को संबोधित करेंगे और ग्लोबल मैरीटाइम सीईओ फोरम की अध्यक्षता करेंगे। यह आयोजन भारत को वैश्विक समुद्री केंद्र और ब्लू इकोनॉमी में अग्रणी बनाने की रणनीति को प्रदर्शित करेगा। 27 से 31 अक्टूबर तक चलने वाले इस आयोजन का विषय 'महासागरों का एकीकरण, एक समुद्री दृष्टिकोण' है, जो भारत के मैरीटाइम अमृत काल विजन 2047 को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।  आईएमडब्ल्यू 2025 में 85 से अधिक देशों के 1,00,000 से ज्यादा प्रतिनिधि, 500 से अधिक प्रदर्शक और 350 से अधिक अंतर्राष्ट्रीय वक्ता हिस्सा लेंगे। ग्लोबल मैरीटाइम सीईओ फोरम में वैश्विक समुद्री कंपनियों के सीईओ, निवेशक, नीति-निर्माता और नवप्रवर्तक एक मंच पर जुटेंगे। यह फोरम सतत समुद्री विकास, हरित नौवहन, लचीली आपूर्ति श्रृंखलाओं और समावेशी ब्लू इकोनॉमी पर केंद्रित रहेगा। प्रधानमंत्री की उपस्थिति इस आयोजन को वैश्विक स्तर पर और मजबूती प्रदान करेगी, जो भारत को विश्व की अग्रणी समुद्री शक्तियों में स्थापित करने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। मैरीटाइम अमृत काल विजन 2047 चार रणनीतिक स्तंभों पर आधारित है: बंदरगाह-आधारित विकास, नौवहन और जहाज निर्माण, निर्बाध रसद और समुद्री कौशल निर्माण। यह विजन भारत को 2047 तक वैश्विक समुद्री व्यापार का केंद्र बनाने का लक्ष्य रखता है। आईएमडब्ल्यू 2025 इस दृष्टिकोण को लागू करने का प्रमुख मंच है, जो नौवहन, बंदरगाहों, जहाज निर्माण, क्रूज पर्यटन और ब्लू इकोनॉमी के वित्तपोषण से जुड़े हितधारकों को जोड़ता है। आयोजन में भारत की समुद्री क्षमताओं, जैसे विश्वस्तरीय बंदरगाह, पर्यावरण-अनुकूल जहाज निर्माण और डिजिटल रसद समाधानों को प्रदर्शित किया जाएगा। प्रधानमंत्री का यह दौरा भारत की समुद्री नीति को वैश्विक मंच पर रेखांकित करेगा। हाल ही में मुंबई में 55,969 करोड़ रुपए के 15 समझौता एएमयू पर हस्ताक्षर हुए, जिनमें अदाणी पोर्ट्स, जेएसडब्ल्यू इन्फ्रास्ट्रक्चर और गोवा शिपयार्ड जैसी कंपनियां शामिल थीं। ये समझौते बंदरगाह विकास, जहाज निर्माण और हरित नौवहन में निवेश को बढ़ावा देंगे।

यूपी का ये शहर बना ‘स्मॉग सिटी’ — दिल्ली से ज्यादा प्रदूषित, जानिए क्या है वजह

मुजफ्फरनगर वायु प्रदूषण की स्थिति जिले में नियंत्रण से बाहर हो गई है। सोमवार को मुजफ्फरनगर का एक्यूआइ (वायु गुणवत्ता सूचकांक) 313 पर पहुंच गया, जो दिल्ली के 301 से भी अधिक है। हालत यह है कि अब प्रदेश में सबसे प्रदूषित शहरों में दूसरे स्थान पर है, जबकि देश में सातवें स्थान पर पहुंच गया है। जनपद की हवा में निरंतर जहरीले तत्व घुल रहे हैं, जिस कारण हवा में दबाव बढ़ रहा है। प्रदूषण के बारीक कण सांस के माध्यम से फेफड़ों तक पहुंच रहे हैं। इससे अस्थमा रोगियों के अलावा बच्चों, वृद्धों को खतरा हो सकता है। दीपावली में पटाखों के शोर-शराबा और धूम-धड़ाका के कारण वायु प्रदूषण की मात्रा निरंतर बढ़ रही है। दिल्ली-एनसीआर में शामिल मुजफ्फरनगर पर भी वायु प्रदूषण का साया मंडरा रहा है। पिछले एक सप्ताह से स्थिति में उतार-चढ़ाव बना है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने सोमवार को चार बजे वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआइ) का बुलेटिन जारी किया। उसके अनुसार उत्तर प्रदेश में पहले स्थान पर गौतमबुद्धनगर का एक्यूआइ 327 रहा, जबकि दूसरे स्थान पर मुजफ्फरनगर का एक्यूआइ 313 रहा, जो खतरनाक श्रेणी है। जिले में पीएम-2.5 की मात्रा 150 माइक्रोघन मीटर से अधिक रही है। ऐसी ही स्थिति पीए-10 की रही है। लगातार खराब हो रही हवा में सुधार के प्रयास कमतर किए जा रहे हैं। ग्रेप-2 की पाबंदियों को लागू कराने में विभाग दिलचस्पी नहीं ले रहे हैं। जिस कारण निरंतर प्रदूषण की मात्रा बढ़ रही है। जहरीली होती हवा के कारण सांस लेना मुश्किल हो सकता है। इसका प्रभाव सबसे अधिक अस्थमा रोगियों पर पड़ता है। कड़ाई से लागू की जाएं पाबंदी तो बने बात : क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रेप)-2 की पाबंदियां लागू की है। खुले में पड़ी निर्माण सामग्री, सड़कों से उड़ती धूल तथा कोयला भट्ठियों का संचालन के साथ पुराने वाहन भी खूब दौड़ रहे हैं। जिसके चलते स्थिति अधिक घातक सिद्ध हो सकती है। ग्रेप में शामिल सरकारी विभाग पाबंदियों को लागू कराने में हीलाहवाली कर रहे हैं। क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी गीतेशचंद्रा ने बताया कि ग्रेप में शामिल सभी विभागों को निरंतर उनके हिस्से में आने वाले कार्यों को करने के निर्देश दिए गए हैं। औद्योगिक इकाइयों का निरीक्षण भी शुरू कराया गया है। सभी इकाइयों को वायु प्रदूषण नियंत्रण करने के निर्देश दिए हैं। देश में सातवां सबसे प्रदूषित शहर बहादुरगढ़ : 387 धारुहेड़ा : 334 मानेसर : 330 गौतमबुद्धनगर : 327 फतेहाबाद : 323 बल्लभगढ़ : 319 मुजफ्फरनगर : 313 दिल्ली : 301 दस दिन में एक्यूआइ की बढ़त तिथि : एक्यूआइ 18 अक्टूबर : 276 19 अक्टूबर : 237 20 अक्टूबर : 197 21 अक्टूबर : 210 22 अक्टूबर : 273 23 अक्टूबर : 295 24 अक्टूबर : 185 25 अक्टूबर : 205 26 अक्टूबर : 191 27 अक्टूबर : 313

रायसेन जिले में लगाए जाएंगे 78 हजार से अधिक स्‍मार्ट मीटर

रायसेन में 808 स्मार्ट मीटर उपभोक्‍ताओं को सितंबर माह में मिली एक लाख 97 हजार से अधिक की रियायत भोपाल मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा स्‍मार्ट मीटर अभियान के तहत रायसेन जिले में 78 हजार 854 स्‍मार्ट मीटर स्‍थापित किये जाएंगे। इसमें से अब तक एक हजार 919 से अधिक स्‍मार्ट मीटर स्‍थापित किये जा चुके हैं। स्‍मार्ट मीटर उपभोक्ता के लिए फायदेमंद है इसलिए सभी को स्‍मार्ट मीटर लगाने में कंपनी का सहयोग करना चाहिए। स्‍मार्ट मीटर से अनेक फायदे हैं, जैसे रीडिंग में कोई गड़बड़ी नहीं होती है, मीटर रीडर भी घर पर रीडिंग लेने नहीं आता है, ऑटो‍मैटिक सटीक व पारदर्शी रीडिंग होती है। उपभोक्‍ता रियल टाइम खपत का डाटा भी देख सकते हैं।अगले महीने कितना बिल आ सकता है, यह फॉरकास्‍ट भी उपाय एप के माध्‍यम से देख सकते हैं। यह बात मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के निदेशक (पीडीटीसी) श्री अनिल कुमार खत्री ने स्‍मार्ट मीटर से होने वाले लाभ तथा मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा उपभोक्‍ता हित में चलाई जा रही शासन की योजनाओं को आम लोगों तक पहुंचाने के उद्देश्य से मंगलवार को कलेक्ट्रेट कार्यालय सभागार रायसेन में आयोजित मीडिया कार्यशाला में कही। महाप्रबंधक (स्‍मार्ट मीटरिंग सेल) श्री सी.के.पवार ने बताया कि रायसेन वृत्‍त में 808 स्‍मार्ट मीटर उपभोक्‍ताओं को सितंबर 2025 माह में एक लाख 97 हजार 200 रूपए की छूट प्रदान की गई है। स्‍मार्ट मीटर उपभोक्‍ताओं को नए टैरिफ आर्डर के अनुसार अब खपत के आधार पर दिन के टैरिफ में सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक उपयोग की गई बिजली पर 20 प्रतिशत की छूट मिल रही है। इसके तहत इनमें से स्‍मार्ट मीटर उपभोक्‍ताओं के लिए यह सभी छूट अथवा प्रोत्साहन की गणना सरकारी सब्सिडी (यदि कोई हो) को छोड़कर की जा रही है। यह उपभोक्ता श्रेणियों के लिए विशिष्ट नियमों और शर्तों के आधार पर दिन के विभिन्न समय के दौरान खपत की अवधि के अनुसार ऊर्जा शुल्क पर लागू होगी।  

पवन खेड़ा का हमला — 20 साल का हिसाब अब जनता लेगी, महागठबंधन का घोषणा पत्र बना ‘जनता का न्याय पत्र’

पटना  कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पवन खेड़ा ने मंगलवार को दावा किया है कि 20 साल में एनडीए ने जनता को सिर्फ धोखा दिया है। इस बिहार चुनाव में महागठबंधन का घोषणा पत्र जनता के साथ हुए धोखे को सुधारने का रास्ता होगा। बिहार विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के चुनावी अभियान का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी 29 अक्टूबर को बिहार आ रहे हैं। इसके बाद सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा और पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के कई कार्यक्रम तय हैं। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी को 'जननायक' कहे जाने पर उपजे विवाद पर खेड़ा ने कहा कि कर्पूरी ठाकुर से कोई मुकाबला नहीं है, वह देश के महान नेता हैं। हम उनसे कोई तुलना नहीं कर रहे। यह विवाद पैदा करने की कोशिश भाजपा करती है। भाजपा के पास दूसरा मुद्दा नहीं है। उन्होंने भाजपा पर तंज कसते हुए कहा कि हर जगह विवाद करना भाजपा के वैचारिक दिवालियापन को दिखाता है। उनके पास कुछ ठोस नहीं है, सिर्फ संकीर्णता है। केंद्रीय मंत्री किरेण रिजिजू के तेजस्वी यादव पर दिए बयान पर खेड़ा ने कहा कि जो ये कह रहा है, वो खुद अपरिपक्व हैं। राष्ट्रीय स्तर पर होने वाले एसआईआर को लेकर खेड़ा ने कहा कि बिहार में जो एसआईआर हुआ, उसके लिए बार-बार सुप्रीम कोर्ट को हस्तक्षेप करना पड़ा, क्योंकि चुनाव आयोग की नियत पर शक था। आयोग ने डोर-टू-डोर कैंपेन नहीं किया, नए वोटर नहीं जोड़े, जबकि 65 लाख वोट काटे। 2003 में जारी एसआईआर के दिशा-निर्देश सार्वजनिक करने और उन पर अमल करना चाहिए। बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर महागठबंधन घोषणा पत्र जारी करने वाला है। इस घोषणा पत्र को लेकर महागठबंधन ने दावा किया है कि यह बिहार की तस्वीर को बदलने वाला होगा। महागठबंधन का दावा है कि इस घोषणा पत्र में सभी वर्गों का ध्यान रखा गया है।