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राजनीतिक घमासान: तेज प्रताप को RJD समर्थकों ने खदेड़ा, तेजस्वी जिंदाबाद के नारों से हुआ विरोध

पटना  बिहार के महनार विधानसभा क्षेत्र में चुनावी सभा करने पहुंचे लालू यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव को भारी विरोध का सामना करना पड़ा. राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के समर्थक तेज प्रताप को खदेड़ना शुरू कर दिए. भीड़े ने जमकर 'तेजस्वी यादव जिंदाबाद' और 'लालटेन छाप जिंदाबाद' के नारे लगाए. यह घटना तब हुई, जब तेज प्रताप यादव जनशक्ति जनता दल (JJD) के उम्मीदवार जय सिंह राठौर के लिए वोट मांगने पहुंचे थे.  महनार से JJD उम्मीदवार जय सिंह राठौर ने इस घटना को RJD के गुंडों द्वारा अंजाम देने की बात कही है. राठौर ने पूरा आरोप यहां के RJD उम्मीदवार रविंद्र सिंह पर लगाया है. सभा वाली जगह पर फजीहत  तेज प्रताप यादव महनार विधानसभा क्षेत्र के हीरानंद उच्च विद्यालय के प्रांगण में जनसभा करने पहुंचे थे. शाम 5:00 बजे से लेकर 6:00 के आसपास तक उन्होंने सभा को संबोधित किया. इसी दौरान RJD समर्थकों ने तेज प्रताप के सामने जमकर 'लालटेन छाप जिंदाबाद', 'तेजस्वी यादव जिंदाबाद' के नारे लगाए. आक्रोशित समर्थकों ने तेज प्रताप के काफिले को कुछ दूर तक खदेड़ कर भगाया. तेज प्रताप हेलीकॉप्टर से पहुंचे थे, लेकिन वक्त ज्यादा होने की वजह से हेलीकॉप्टर उन्हें उतार कर फिर उड़ान भर लिया. इसके बाद तेज प्रताप सड़क के रास्ते से सभा वाली जगह पहुंचे थे और बाइ रोड ही अपने इलाके महुआ के लिए रवाना हो रहे थे, जब RJD समर्थकों ने उनका विरोध किया. JJD उम्मीदवार ने लगाया साजिश का आरोप… JJD उम्मीदवार जय सिंह राठौर ने पूरे घटना को लेकर बताया कि जनसभा के दौरान उन्हें कोई दिक्कत नहीं हुई, लेकिन सभा कर लौटते वक्त आरजेडी के समर्थकों ने नारेबाजी की. राठौर ने कहा कि RJD उम्मीदवार रविंद्र सिंह ने साजिश की तरह इस घटना को अंजाम देने की बात कही है. टिकट खरीदने और जंगलराज का आरोप जय सिंह राठौर ने आरोप लगाया कि रविंद्र सिंह ने 15-16 करोड़ रुपए में टिकट खरीदा है और 5-6 करोड़ रुपया चुनाव में खर्च करेंगे, लोगों को पैसा और दारू देंगे. उन्होंने कहा कि जीत नहीं होगी तो इसी तरीके का हमला करवाएंगे और जंगल राज स्थापित करना चाहते हैं, लेकिन जनता सब जान चुकी है. राठौर ने प्रशासन से सुरक्षा की मांग भी की है. परिवार में गहराता तनाव… पिछले कुछ दिनों से लालू यादव के परिवार में तनाव चल रहा है. तेज प्रताप के द्वारा पार्टी बनाए जाने के बाद तनाव और ज्यादा गहरा हो गया. हाल ही में 'जन नायक' विवाद पर भी तेज प्रताप ने तेजस्वी के खिलाफ बयानबाजी की थी. तेज प्रताप यादव ने कहा, ''तेजस्वी यादव लालू प्रसाद यादव की छत्रछाया में रहकर खुद को जननायक बता रहे हैं, जबकि सच्चे जननायक वे होते हैं जो जनता से सीधे जुड़कर उनके बीच में काम करते हैं. लालू प्रसाद यादव, कर्पूरी ठाकुर, डॉ. भीमराव अंबेडकर और महात्मा गांधी जैसे लोग असली जननायक हैं.' इसके अलावा, चुनाव कैंपेन को लेकर भी बयानबाजी हुई थी. पिछले दिनों तेज प्रताप ने कहा था कि अगर तेजस्वी उनके खिलाफ प्रचार करने महुआ आएंगे, तो वो भी राघोपुर प्रचार करने जाएंगे.

मोदी सरकार के लेबर पॉलिसी ड्राफ्ट में विवाद, कांग्रेस बोली- RSS की मंशा के अनुरूप

नई दिल्ली अकसर राजनीतिक बहस का कारण बनने वाली मनुस्मृति एक बार फिर से चर्चा में है। इसकी वजह यह है कि केंद्र सरकार की ओर से तैयार की गई लेबर पॉलिसी, 2025 के ड्राफ्ट में इसका जिक्र किया गया है। इस ड्राफ्ट में बताया गया है कि मनुस्मृति में भी इस बात का उल्लेख किया गया है कि कैसे मजदूरी तय होनी चाहिए और कैसे श्रमिकों के हितों की रक्षा होनी चाहिए। ड्राफ्ट में कई ग्रंथों का जिक्र किया गया है, लेकिन मनुस्मृति को लेकर जिस तरह का विवाद रहा है, उससे आशंका है कि इस पर चर्चा छिड़ सकती है। ड्राफ्ट में लिखा गया है कि श्रम के बारे में भारत की समझ इसके आर्थिक आयाम से कहीं आगे तक जाती है। यह एक पवित्र और नैतिक कर्तव्य का प्रतीक है जो सामाजिक सद्भाव, आर्थिक कल्याण और सामूहिक समृद्धि को बनाए रखता है। भारतीय विश्वदृष्टि में काम केवल आजीविका का साधन नहीं है बल्कि धार्मिक कर्तव्य के रूप में इसकी व्याख्या की गई है। इसके माध्यम से धर्म की व्यापक व्यवस्था में योगदान की बात भी कही गई है। यह दृष्टिकोण प्रत्येक श्रमिक को सामाजिक सृजन के चक्र में एक अनिवार्य भागीदार के रूप में मान्यता देता है। चाहे वह कारीगर हो, किसान हो, शिक्षक हो या औद्योगिक मजदूर हो, सभी को व्यवस्था के अंग के रूप में स्वीकार किया गया है। ड्राफ्ट पॉलिसी में किन-किन ग्रंथों का हुआ है जिक्र इसके आगे ग्रंथों का जिक्र करते हुए लिखा गया है, 'मनुस्मृति, याज्ञवल्क्यस्मृति, नारदस्मृति, शुक्रनीति और अर्थशास्त्र जैसे प्राचीन ग्रंथों ने राजधर्म की अवधारणा के माध्यम से श्रम की परिभाषा तय की है। इनमें न्याय, उचित मजदूरी और श्रमिकों को शोषण से बचाने के लिए कर्तव्यों पर जोर दिया गया है। इन प्रारंभिक सूत्रों ने आधुनिक श्रम कानून के उदय से सदियों पहले भारत के सभ्यतागत ताने-बाने में श्रम शासन के नैतिक आधार को अंतर्निहित कर दिया था। इस ड्राफ्ट में कहा गया है कि हमारे ग्रंथों में शुल्क न्याय की बात थी। इसमें बताया गया था कि कैसे किसी मजदूर को समय पर उसका वेतन मिलना जरूरी है और यह एक न्याय है। ऐसा ना किया जाना अन्याय की श्रेणी में रखा गया था। कांग्रेस बोली- RSS को मनुस्मृति सबसे ज्यादा पसंद है इसके अलावा शुक्रनीति का उल्लेख करते हुए लिखा गया है कि किसी कर्मचारी को सुरक्षित और मानवीय माहौल प्रदान करना नियोक्ता का कर्तव्य है। वहीं इस मामले पर विपक्ष हमलावर हो गया है। कांग्रेस के कई नेताओं ने इस पर आपत्ति जताई है और कहा कि जातिभेद करने वाली मनुस्मृति का जिक्र करना गलत है। इससे पता चलता है कि इनके मूल्य क्या हैं और ये कैसा समाज बनाना चाहते हैं। कांग्रेस के सीनियर लीडर जयराम रमेश ने हमला बोलते हुए कहा कि मनुस्मृति के सिद्धांतों की ओर यह वापसी आरएसएस की सबसे प्रिय परंपराओं के अनुरूप है। आख़िरकार, संविधान के अपनाए जाने के तुरंत बाद आरएसएस ने इस आधार पर संविधान पर हमला किया था कि भारतीय संविधान मनुस्मृति में निहित मनु के आदर्शों और मूल्यों से प्रेरणा नहीं लेता है।

OYO होटल में छापेमारी, वाराणसी में वेश्यावृत्ति गिरोह का खुलासा

वाराणसी  वाराणसी पुलिस ने कैंटोनमेंट क्षेत्र स्थित होटल टाउन हाउस में बुधवार की दोपहर छापेमारी कर सेक्स रैकेट का खुलासा किया। देह व्यापार की सूचना पर पहुंची पुलिस टीम ने पांच युवतियों को अलग-अलग कमरों से आपत्तिजनक स्थिति में पकड़ा। छापेमारी के दौरान होटल का मैनेजर और कुछ अन्य कर्मचारी मौके से भाग निकले। हालांकि पुलिस ने होटल के एक अन्य मैनेजर अमन राय को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़ी गई युवतियों में एक रशियन युवती भी शामिल थी। पुलिस के पहुंचते ही उसने खुद को कमरे में बंद कर लिया। पुलिस ने काफी देर तक दरवाजा खुलवाने की कोशिश की, लेकिन जब युवती ने बात नहीं मानी तो टीम ने दरवाजे का लॉक तोड़ दिया। कमरा खुलने पर पता चला कि युवती मौके का फायदा उठाकर फरार हो गई। फिलहाल पुलिस उसकी तलाश में पूरे होटल की छानबीन कर रही है। OYO फ्रेंचाइजी के तहत चल रहा था होटल जानकारी के मुताबिक, वाराणसी निवासी पीयूष जायसवाल के पास शहर में OYO के तहत चार होटल हैं, जिनमें होटल टाउन हाउस भी शामिल है। यहां गाजीपुर निवासी उमेश यादव को मैनेजर बनाया गया था, जो पुलिस की कार्रवाई से पहले ही भाग गया। पुलिस को शक है कि इन होटलों में लंबे समय से देह व्यापार का धंधा चलाया जा रहा था। इस मामले पर एडीसीपी नीतू कादयान ने बताया कि होटल में मानकों के विपरीत गतिविधियां हो रही थीं। यहां देह व्यापार जैसी अवैध गतिविधियों को अंजाम दिया जा रहा था। उन्होंने बताया, होटल से चार युवतियों को आपत्तिजनक स्थिति में पकड़ा गया है। होटल का मालिक, संचालक और स्टाफ फिलहाल फरार हैं। सभी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है। होटल को किया गया सील फिलहाल पुलिस ने होटल को सील कर दिया है और फरार आरोपियों की तलाश में टीमों को लगाया गया है। साथ ही शहर के अन्य होटलों पर भी निगरानी बढ़ा दी गई है, ताकि इस तरह की अवैध गतिविधियों पर पूरी तरह अंकुश लगाया जा सके।  

श्रेयस अय्यर चोट के कारण बाहर, SA के खिलाफ वनडे मुकाबलों में टीम इंडिया से अनुपस्थित

नई दिल्ली ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीसरे वनडे में कैच करते वक्त गिरे श्रेयस अय्यर कम से कम दो महीने तक क्रिकेट से दूर रहेंगे. 25 अक्टूबर को सिडनी में भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच तीसरे वनडे के दौरान आंतरिक चोट लगने के बाद से ही श्रेयस अय्यर हॉस्पिटल में भर्ती हैं. रेवस्पोर्ट्ज की रिपोर्ट के मुताबिक अय्यर को दोबारा एक्शन में लौटने आठ हफ्ते का समय लग सकता है. वह दो महीने तक प्रतिस्पर्धी क्रिकेट से बाहर रह सकते हैं. इसका मतलब है कि वह नवंबर-दिसंबर में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ तीन मैच की घरेलू वनडे सीरीज से बाहर हो गए हैं. 11 जनवरी से शुरू होने वाली न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज में भी उनके खेलने में सस्पेंस बरकरार है क्योंकि उन्हें मैच अभ्यास का मौका नहीं मिलेगा. राहत की बात ये है कि भारत के वनडे उप-कप्तान की हालत लगातार बेहतर हो रही है. पता चला है कि श्रेयस की तिल्ली में चोट लगने के बाद आंतरिक रक्तस्राव को रोकने के लिए उन्हें इंटरवेंशनल ट्रांस-कैथेटर एम्बोलाइजेशन से गुजरना पड़ा. यह एक मानक प्रक्रिया है जिसमें धमनी में एक छोटा कैथेटर डाला जाता है और रक्तस्राव वाले क्षेत्र को अवरुद्ध कर दिया जाता है. यह शरीर में कहीं भी रक्तस्राव वाले क्षेत्र को रोकने के लिए किया जाता है. यह प्रक्रिया एक ऑपरेशन थियेटर में इमेज कंट्रोल के तहत की जाती है. यह चोट तब लगी जब श्रेयस ने एलेक्स कैरी का कैच लेने के लिए डाइव लगाई थी. 28 अक्टूबर को बीसीसीआई ने श्रेयस की चोट पर एक बयान जारी किया, जिसमें कहा गया, ‘श्रेयस अय्यर को 25 अक्टूबर को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीसरे वनडे के दौरान पेट में गंभीर चोट लगी और आंतरिक रक्तस्राव हुआ. चोट की तुरंत पहचान कर ली गई और रक्तस्राव तुरंत बंद कर दिया गया उनकी हालत अब स्थिर है और उन्हें निगरानी में रखा गया है. श्रेयस की हालत में सुधार हो रहा है. बीसीसीआई की मेडिकल टीम सिडनी और भारत के विशेषज्ञों के सलाह से उनकी हालत पर नजर रखेगी.’  

लोरमी का मानस मंच नया स्वरूप पाकर तैयार — उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने किया उद्घाटन

रायपुर : उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने लोरमी के भव्य मानस मंच के जीर्णोद्धार कार्य का किया लोकार्पण लोरमी के लिए 123 करोड़ रुपए के विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया लोरमी के चौक-चौराहों में लगे सीसीटीवी कैमरों से होगी निगरानी, अपराध में आएगी कमी, ट्रैफिक व्यवस्था होगी दुरुस्त : उप मुख्यमंत्री अरुण साव दीवारों पर उकेरे गए रामचरितमानस की चौपाइयों को पढ़कर जीवन में उतारेंगे तो जीवन में सुख, शांति का होगा संचार : अरुण साव "लोरमी का मानस मंच धर्म और संस्कृति का अनूठा केंद्र साबित होगा" कार्यक्रम में आए वरिष्ठजनों को उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने बेर से बनी प्रभु राम की प्रतिमा भेंट की रायपुर उप मुख्यमंत्री एवं स्थानीय विधायक अरुण साव ने आज लोरमी के भव्य मानस मंच के जीर्णोद्धार कार्य का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने कुल 123 करोड़ रुपए की लागत से पांच सड़कों के निर्माण कार्य, चौक-चौराहों में लगाए गए सीसीटीवी कैमरों का लोकार्पण, तथा एक सड़क निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया। साथ ही लोरमी के निजी अस्पताल में सोनोग्राफी मशीन समर्पित किया। साव ने कार्यक्रम में आए वरिष्ठजनों को बेर से बनी प्रभु राम की प्रतिमा भेंट की। आगामी 2 नवंबर को भव्य कलश यात्रा के साथ प्रसिद्ध कथा वाचक चिन्मयानंद बाबू जी मानस मंच पर राम कथा का वाचन करेंगे। 10 नवंबर को कथा का समापन होगा। साव ने समस्त लोरमी वासियों को कथा श्रवण के लिए आमंत्रित किया। कार्यक्रम में साव ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि लोरमी के मानस मंच का लोकार्पण मेरे लिए अत्यंत हर्ष का विषय है। यह मंच लोरमी नगर की आस्था, श्रद्धा और भक्ति का प्रतीक है। 1982 में स्थापित यह मंच पिछले 45 वर्षों से सतत कथा आयोजन का केंद्र रहा है, जहां नगरवासी और श्रद्धालु बड़े-बड़े विद्वानों से राम कथा का श्रवण करते आए हैं। उन्होंने कहा कि दीवारों पर रामचरितमानस के चित्रों के साथ अंकन का उद्देश्य समाज में धार्मिक, नैतिक और सांस्कृतिक मूल्यों का प्रसार करना है। जब लोग इन चौपाइयों को पढ़ेंगे और जीवन में उतारेंगे, तो निश्चित रूप से उनके जीवन में सुख, शांति और सदाचार का संचार होगा। हमारे भगवान राम जीवन को सतमार्ग की ओर ले जाने वाले आदर्श हैं। इस अवसर पर नगरवासियों ने दीप प्रज्ज्वलन कर अयोध्या के स्वरूप में प्रभु राम के प्रति श्रद्धा भाव प्रकट किया। मानस मंच परिसर की दीवारों पर राम जन्म से लेकर राजतिलक तक के प्रसंगों का चित्रण किया गया है, जिसकी चौपाइयों को पढ़ने में घंटों लगेंगे। मानस मंच का सौंदर्यीकरण कार्य 1 करोड़ 71 लाख रुपए की लागत से पूर्ण किया गया है। वहीं 45 लाख 47 हजार रुपए की लागत से सार्वजनिक स्थलों एवं चौक-चौराहों में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इसके अतिरिक्त 24 करोड़ 14 लाख रुपए की लागत से मुंगेली-लोरमी मार्ग (ग्राम तुलसाघाट से लपटी रपटा तक), 2 करोड़ 62 लाख रुपए में तुलसाघाट से लपटी रपटा मार्ग, 1 करोड़ 99 लाख रुपए में तिलकपुर से झलरी पहुंच मार्ग, 1 करोड़ 37 लाख रुपए में ग्राम अखरार श्मशान घाट पहुंच मार्ग, 1 करोड़ 14 लाख रुपए में ग्राम नवरंगपुर डिंडोरी डी-3 नहर से आवास मोहल्ला तक ब्रिज निर्माण, तथा 70 लाख रुपए में कारीडोंगरी सीसी रोड निर्माण कार्य का लोकार्पण किया गया। इसके साथ ही 88 करोड़ 65 लाख रुपए की लागत से बनने वाले लोरमी–पंडरिया मार्ग (शासकीय कॉलेज से गोड्खाम्ही तक फोरलेन सड़क) का भूमिपूजन किया गया। इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष सुजीत वर्मा, उपाध्यक्ष अशोक जायसवाल, जनपद अध्यक्ष मती वर्षा सिंह, गुरमीत सलूजा, विनय साहू और सुशील यादव उपस्थित रहे। कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने वरिष्ठ जन पं. सच्चिानंद तिवारी (राजपुरोहित), विवेक गिरी महराज, गौरकापा, पूर्व विधायक ठाकुर भूपेन्द्र सिंह, कोमल गिरी, राधेश्याम अग्रवाल, रामलाल जायसवाल, रतनमणी केशरवानी, पवन अग्रवाल, रामावतार ध्रुव, बंशी साहू, विद्या दुबे, नवरंगपुर, परमानंद तिवारी, उदय साहू, लाखासार, सत्यनारायण तिवारी, शारधा, जगदीश सोनी, अध्यक्ष राम कथा समिति महेत्तर कश्यप, बटहा, शिवकुमार पाण्डेय, पिपरखुटी, दर्शन महराज, कोतरी, अशोक उपाध्याय, नवागॉव जैत, मणिककांत पाठक, मसनी, राजाराम, लालपुर कला, विश्राम तिवारी, लोरमी, मती लक्ष्मी शर्मा, लोरमी, कुमारी अदिति तिवारी, शिवकुमार पाठक, विनोद तिवारी, रमाकांत मिश्र, गौरकापा, मूलचंद तिवारी, अशोक शर्मा, शिक्षक फणेश्वर पाटले, सुदर्शन साई तेली, खाम्ही सहित अन्य लोगों को लोरमी में बेर से बनी प्रभु राम की प्रतिमा भेंट की।

रायपुर में अरुण साव बोले — बुलंद हौसले ही सफलता की सबसे बड़ी कुंजी

रायपुर : बुलंद हौसलों के साथ आगे बढ़ने वालों को मिलती है सफलता –  अरुण साव उप मुख्यमंत्री ने युवा उत्सव का किया शुभारंभ तीन दिनों तक नृत्य, संगीत, साहित्य, थिएटर और फाइन आर्ट्स में युवा अपने हुनर का करेंगे प्रदर्शन रायपुर युवा अपने लिए दिशा निर्धारित करें, मंजिल निर्धारित कर खुद को सीमाओं में न बांधे। उड़ने के लिए सारा आकाश खुला है। अपने जीवन और करियर में सर्वोच्च स्थान पर पहुंचने का प्रयास करें। बुलंद हौसलों के साथ आगे बढ़ने वालों को ही सफलता मिलती है। उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री  अरुण साव ने आज रायपुर के पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय में अंतर-महाविद्यालयीन युवा उत्सव का शुभारंभ करते हुए ये बातें कहीं। 29 अक्टूबर से 31 अक्टूबर तक आयोजित इस तीन दिवसीय युवा महोत्सव में विश्वविद्यालय और इससे संबद्ध कॉलेजों के 953 छात्र-छात्राएं भाग ले रहे हैं। वे अगले तीन दिनों तक नृत्य, संगीत, साहित्य, थिएटर और फाइन आर्ट्स में अपने हुनर का प्रदर्शन करेंगे। उप मुख्यमंत्री ने युवा उत्सव का किया शुभारंभ उप मुख्यमंत्री  अरुण साव ने अंतर-महाविद्यालयीन युवा उत्सव के शुभारंभ समारोह में युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ का शिक्षा का बड़ा केंद्र रहा है। एक समय पूरा छत्तीसगढ़ इसका कार्यक्षेत्र हुआ करता था। यहां पढ़े अनेक लोग देश-विदेश में प्रतिष्ठित पदों पर काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज पूरा विश्व भारत की ओर देख रहा है और देश की उम्मीदें नवजवानों से है। इस युवा उत्सव के दौरान आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताएं आपकी सांस्कृतिक, साहित्यिक और कलात्मक प्रतिभाओं को परिष्कृत करेंगी। युवा उत्सव का यह मंच आपकी प्रतिभा को निखारेंगी। उन्होंने महाविद्यालयीन छात्र-छात्राओं को आह्वान करते हुए कहा कि यहां आप अपनी प्रतिभा का शत-प्रतिशत प्रदर्शन करें, परिणाम की चिंता न करें। आप जीते या हारे… लेकिन इस भागीदीरी से आप बहुत कुछ सीखकर जाएंगे। यह उत्सव आप सभी का हौसला और आत्मविश्वास बढ़ाएगा। उप मुख्यमंत्री ने युवा उत्सव का किया शुभारंभ पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सच्चिदानंद शुक्ला ने अपने संबोधन में कहा कि विश्वविद्यालय अपने कैंपस और संबद्ध कॉलेजों में उत्कृष्ट शैक्षणिक वातावरण निर्मित करने के लिए प्रतिबद्ध है। इस साल अगस्त माह में नैक (NAAC) के मूल्यांकन में विश्वविद्यालय को ए-प्लस ग्रेड मिला है जो कि पूरे राज्य के लिए गर्व का विषय है। विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए अध्ययन के साथ-साथ अन्य गतिविधियों पर भी जोर दिया जा रहा है। नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप वर्ष 2023-24 से विश्वविद्यालय में संचालित सभी पाठ्यक्रमों में इंटर्नशिप अनिवार्य किया गया है। पिछले ढाई वर्षों में यहां 16 नए रोजगारमूलक पाठ्यक्रम प्रारंभ किए गए हैं। नवाचार और अनुसंधान को बढ़ावा देने राज्य शासन के सहयोग से इनोवेशन एंड इन्क्युबेशन सेंटर भी स्थापित किया गया है। विगत ढाई वर्षों में विश्वविद्यालय के 32 प्राध्यापकों को विभिन्न एजेंसीज की शोध परियोजनाएं प्राप्त हुई हैं। प्रो. शुक्ला ने बताया कि अंतर-महाविद्यालयीन युवा उत्सव के विजेता प्रतिभागी एसोसिएशन ऑफ इंडियन यूनिवर्सिटिज द्वारा आयोजित अखिल भारतीय प्रतियोगिता में हिस्सेदारी करेंगे। युवा उत्सव के शुभारंभ कार्यक्रम को छात्र कल्याण के अधिष्ठाता एवं आयोजन के समन्वयक प्रो. राजीव चौधरी और कुल सचिव प्रो. अम्बर व्यास ने भी संबोधित किया। कुल अनुशासक (प्रॉक्टर) प्रो. ए.के. वास्तव और सह-प्राध्यापक डॉ. सुनील कुमेटी सहित विश्वविद्यालय तथा विभिन्न कॉलेजों से अपनी टीम लेकर आए प्राध्यापकगण, प्रतिभागी छात्र-छात्राएं एवं अधिकारी-कर्मचारी बड़ी संख्या में शुभारंभ कार्यक्रम में मौजूद थे। विभिन्न कॉलेजों के 953 युवा ले रहे हिस्सा पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित तीन दिवसीय अंतर-महाविद्यालयीन युवा उत्सव में विभिन्न कॉलेजों के 953 युवा हिस्सेदारी कर रहे हैं। इस दौरान आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं में से गीत-संगीत में 177, नृत्य में 373, साहित्यिक आयोजनों में 82, फाइन आर्ट्स में 107 और थिएटर में 204 विद्यार्थी भाग ले रहे हैं।   

निर्यात में नई उड़ान: मध्यप्रदेश बना आर्थिक प्रगति का अग्रदूत

निर्यात में नई उड़ान: मध्यप्रदेश बना आर्थिक प्रगति का अग्रदूत वैश्विक बाजार में मध्यप्रदेश की धमक: निर्यात में रिकॉर्ड सफलता भोपाल  मध्यप्रदेश ने निर्यात क्षेत्र में उल्लेखनीय सफलता प्राप्त करते हुए अब तक का सर्वोच्च निर्यात 66,218 करोड़ रु. दर्ज किया है। Federation of Indian Export Organisations (FIEO) की नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार, प्रदेश का मर्चेंडाइज एक्सपोर्ट 66,218 करोड़ रु. और आईटी कंपनियों (SEZs) का निर्यात 4,038 करोड़ रु. रहा। निरंतर औद्योगिक विकास और आर्थिक सशक्तिकरण के परिणामस्वरूप मध्यप्रदेश की राष्ट्रीय निर्यात रैंकिंग 15वें से बढ़कर 11वें स्थान पर पहुँची है। यह उपलब्धि इसलिए भी विशेष है क्योंकि प्रदेश के अनेक निर्यातक अपने उत्पादों का निर्यात गुजरात और महाराष्ट्र के बंदरगाहों के माध्यम से करते हैं, जिससे उनके आँकड़े प्रायः अन्य राज्यों के खाते में दर्ज हो जाते हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की मौजदगी में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा हाल ही में मध्यप्रदेश एक्सपोर्ट प्रमोशन पॉलिसी का शुभारंभ किया। इस नीति के तहत निर्यातकों को प्रोत्साहन, वित्तीय सहायता और विभिन्न सुविधाएँ प्रदान की जा रही हैं, जिससे प्रदेश के उत्पादों को वैश्विक बाजारों तक पहुँचाने में नई गति मिली है। प्रदेश सरकार और मध्यप्रदेश औद्योगिक विकास निगम (MPIDC) द्वारा निर्यात वृद्धि के उद्देश्य से वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ODOP) एवं एक्सपोर्ट प्रमोशन विषयक कार्यशालाएँ और प्रदर्शनियाँ निरंतर आयोजित की जा रही हैं। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य प्रदेश के कारीगरों, किसानों, उद्यमियों और MSME इकाइयों को अंतरराष्ट्रीय मानकों, निर्यात प्रक्रियाओं और वैश्विक अवसरों से जोड़ना है। इसी क्रम में 28 अक्टूबर को सागर में कृषि उपकरणों के निर्यात पर कार्यशाला हुई। अगर मालवा में 29 अक्टूबर को संतरा उत्पादों के प्रसंस्करण पर, 30 अक्टूबर को बैतूल में सागौन उत्पादों के वैश्विक बाजार पर, 31 अक्टूबर को इंदौर में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग पर और 4 नवम्बर को श्योपुर में टमाटर प्रसंस्करण और निर्यात संभावनाओं पर आयोजित की जाएँगी। इन कार्यशालाओं में APEDA, उद्यानिकी विभाग, हस्तशिल्प निर्यात संवर्धन परिषद, कंटेनर कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया, ECGC, SBI, EXIM Bank, भारतीय डाक विभाग और प्रमुख ई-कॉमर्स मंचों के विशेषज्ञ भाग लेंगे। विशेषज्ञ ब्रांडिंग, पैकेजिंग, GI टैगिंग, गुणवत्ता परीक्षण, वित्तीय सहायता, बीमा, लॉजिस्टिक्स और डिजिटल मार्केटिंग जैसे विषयों पर व्यावहारिक मार्गदर्शन देंगे। मध्यप्रदेश की असली पहचान उसकी कृषि, परंपरा और हुनर में निहित है। प्रदेश जहाँ फलों, सब्जियों, मसालों, अनाज और वनोपज के उत्पादन में अग्रणी है, वहीं चंदेरी साड़ी, जरदोज़ी कढ़ाई, लकड़ी के खिलौने, गोंड चित्रकला, रत्न और कृषि आधारित उत्पाद प्रदेश की वैश्विक पहचान बन रहे हैं। मध्यप्रदेश स्थापना दिवस (1 नवम्बर 2025) पर एक भव्य प्रदर्शनी और लाइव डेमोंस्ट्रेशन का आयोजन किया जाएगा, जिसमें प्रदेश के विविध ODOP उत्पाद प्रदर्शित होंगे। कारीगर अपने उत्पादों का लाइव निर्माण कर आगंतुकों को प्रदेश की परंपरा, परिश्रम और कौशल से परिचित कराएँगे। यह आयोजन प्रदेश की सांस्कृतिक और आर्थिक समृद्धि का जीवंत उदाहरण होगा। उज्जैन स्थित एकता मॉल इस पहल का उत्कृष्ट उदाहरण है, जहाँ देशभर के GI टैग और ODOP उत्पाद एक ही छत के नीचे प्रदर्शित और विक्रय किए जा रहे हैं। यह मॉल स्थानीय कारीगरों को मंच प्रदान करने के साथ उनके उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खरीदारों तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। "एक जिला – एक उत्पाद (ODOP)" केवल एक योजना नहीं, बल्कि मध्यप्रदेश की आत्मा, परंपरा और आर्थिक शक्ति का उत्सव है। यह पहल प्रदेश को एक सशक्त एक्सपोर्ट हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक निर्णायक कदम है, जो हर जिले, हर गाँव और हर कारीगर की कहानी को वैश्विक मंच तक पहुँचा रही है।  

जनजातीय समाज के उत्थान के लिए समर्पित जीवन — मुख्यमंत्री ने याद किया बाबा कार्तिक उरांव को

रायपुर, जनजातीय समाज के महान शिक्षाविद्, समाजसेवी एवं राष्ट्रनायक बाबा कार्तिक उरांव की जन्म शताब्दी समारोह के अवसर पर आज अंबिकापुर में भूमि पूजन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। मुख्यमंत्री  साय ने बाबा कार्तिक उरांव जी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि बाबा कार्तिक उरांव समाज के गौरव हैं। उन्होंने विदेशों में उच्च शिक्षा प्राप्त करने के बावजूद अपनी धर्म, संस्कृति और सभ्यता को कभी नहीं छोड़ा। उन्होंने पुरखों के बताए हुए मार्ग पर चलते हुए उच्चतम शिक्षा अर्जित की और समाज को दिशा दी। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि बाबा कार्तिक उरांव का यह कथन-“जितना ज्यादा पढ़ेंगे, उतना ही समाज को गढ़ेंगे”- आज भी हमें प्रेरित करता है। उन्होंने जनजातीय समाज के उत्थान, शिक्षा के प्रसार और सामाजिक एकता के लिए अपना सम्पूर्ण जीवन समर्पित किया। हमें उनके दिखाए मार्ग पर चलकर समाज के सर्वांगीण विकास का संकल्प लेना चाहिए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने नगर निगम कार्यालय के समीप बनने वाले बाबा कार्तिक उरांव चौक का भूमि पूजन किया तथा मूर्ति एवं चौक निर्माण के लिए ₹40.79 लाख की राशि की घोषणा की। उन्होंने कहा कि यह चौक बाबा कार्तिक उरांव के आदर्शों, विचारों और योगदान की स्मृति को सहेजने का प्रतीक बनेगा। कृषि मंत्री  रामविचार नेताम ने कहा कि बाबा कार्तिक उरांव हमारे लिए प्रेरणास्रोत हैं। उन्होंने समाज के उत्थान और विकास के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित किया। हमें उनके बताए हुए मार्ग पर चलने की आवश्यकता है। उन्होंने समाज की संस्कृति, सभ्यता, परंपरा और रीति-रिवाजों को सम्मान देते हुए समाज को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। सांसद  चिंतामणि महाराज ने कहा कि बाबा कार्तिक उरांव ने सदैव समाज में एकता, शिक्षा और जागरूकता का संदेश दिया। आज यह आवश्यक है कि हम उनके आदर्शों और बताए मार्ग पर चलकर समाज को संगठित करें और एकता के सूत्र में बांधें, जिससे जनजातीय समाज सशक्त एवं आत्मनिर्भर बनकर देश के विकास में अपनी भागीदारी निभा सके। इस अवसर पर सामरी विधायक मती उद्धेश्‍वरी पैकरा, जशपुर विधायक मती रायमुनी भगत, सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

रायपुर बनेगा सिनेमा का नया हब — अत्याधुनिक फिल्म सिटी का होगा निर्माण

रायपुर : राजधानी रायपुर में अत्याधुनिक सुविधाओं के साथ तैयार होगी फिल्म सिटी स्थानीय कलाकारों और युवाओं को मिलेगा अवसरों का मंच छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम की नवनियुक्त अध्यक्ष सु मोना सेन ने छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड कार्यालय का किया दौरा रायपुर छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम की नवनियुक्त अध्यक्ष (राज्य मंत्री दर्जा प्राप्त) सु मोना सेन ने छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड कार्यालय का दौरा किया। इस अवसर पर पर्यटन बोर्ड के प्रबंध संचालक  विवेक आचार्य द्वारा फिल्म सिटी परियोजना और फिल्म नीति से संबंधित विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई।  आचार्य ने नया रायपुर में प्रस्तावित फिल्म सिटी के निर्माण का विस्तृत खाका साझा करते हुए उसका प्रेजेंटेशन भी प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि इस परियोजना का उद्देश्य छत्तीसगढ़ को फिल्म निर्माण के क्षेत्र में नई पहचान दिलाना है, जिससे पर्यटन, रोजगार और संस्कृति तीनों को नई मजबूती मिलेगी। प्रेजेन्टेशन देखने के बाद सु मोना सेन ने कहा कि रायपुर में अत्याधुनिक तकनीक और सृजनात्मक सुविधाओं से युक्त फिल्म सिटी का निर्माण राज्य की ऐतिहासिक उपलब्धि होगी। उन्होंने यह भी कहा कि इस परियोजना से स्थानीय युवाओं को रोजगार के साथ-साथ प्रशिक्षण और तकनीकी दक्षता के अवसर मिलेंगे। सु सेन ने छत्तीसगढ़ी फिल्म उद्योग को प्रोत्साहित करने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि यह समय है जब प्रदेश के कलाकारों और तकनीशियनों को राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करने के लिए एक मजबूत प्लेटफॉर्म मिले। फिल्म सिटी इस दिशा में एक ठोस कदम साबित होगी। बैठक में छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के महाप्रबंधक  वेदव्रत सिरमौर, उपमहाप्रबंधक मती पूनम शर्मा अन्य अधिकारी और कंसलटेंट उपस्थित थे।

संविदा पंचायत कर्मियों का मानदेय अब समय पर: मंत्री पटेल ने दिए सख्त निर्देश

मंत्री  पटेल ने संविदा पंचायत कर्मियों के समय पर मानदेय भुगतान के दिए निर्देश पंचायत और ग्रामीण विकास की विभागीय समीक्षा बैठक हुई भोपाल  पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री  प्रहलाद सिंह पटेल ने मंत्रालय में पंचायत और ग्रामीण विकास की विभागीय समीक्षा बैठक ली।उन्होंने ग्राम पंचायत भवन, सामुदायिक भवन, जनपद एवं जिला पंचायत भवनों के निर्माण कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। कई जिलों में कार्य तीव्र गति से प्रगति पर हैं। जिन स्थानों पर पोर्टल पर अपडेट शेष हैं, वहां शीघ्र फील्ड निरीक्षण एवं पोर्टल अद्यतन के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी भवनों की प्रगति समय-सीमा में पोर्टल पर अपलोड करें। मनरेगा अंतर्गत कार्यरत संविदा कर्मियों के मानदेय भुगतान की समीक्षा के दौरान यह पाया गया कि तकनीकी कारणों से भुगतान प्रक्रिया प्रभावित हुई। मंत्री  पटेल ने निर्देश दिए कि संबंधित विभागों के समन्वय से आरबीआई स्तर की तकनीकी अड़चनें दूर कर एक सप्ताह के भीतर सभी लंबित भुगतान सुनिश्चित किए जाएं। मंत्री  पटेल ने ग्राम रोजगार सहायकों से संबंधित लंबित मामलों को शीघ्र निराकरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी ब्लॉक स्तर पर लंबित वेतन एवं सेवा संबंधी मामलों की सूची तैयार कर 15 दिवस के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उप-यंत्रियों से संबंधित वेतन, नियमितीकरण एवं सेवा शर्तों के बिंदुओं पर चर्चा की गई। मंत्री  पटेल ने कहा कि EPF/NPS जैसे मुद्दों पर श्रम मंत्रालय एवं वित्त विभाग से स्पष्ट दिशा-निर्देश प्राप्त कर नीति स्तर पर आवश्यक सुधार शीघ्र किए जाएंगे। बैठक में मंत्री  पटेल ने कहा कि विभागीय कार्यों में पारदर्शिता और गति लाना प्राथमिकता है। उन्होंने यह भी कहा कि तकनीकी पोर्टल अपडेट, भुगतान प्रक्रियाएं और मानव संसाधन से जुड़े मुद्दे समय-सीमा में करें, जिससे योजनाओं का लाभ समय पर ग्रामीणों तक पहुंचे। मंत्री  पटेल ने निर्देश दिए कि सभी जिलों में भवन निर्माण की प्रगति रिपोर्ट नियमित रूप से पोर्टल पर अपडेट की जाएं। संविदा कर्मियों एवं रोजगार सहायकों के लंबित भुगतान शीघ्र निपटाए जाएं। उप-यंत्रियों के ज्ञापन बिंदुओं पर विभागीय समन्वय स्थापित कर नीति सुधार किया जाए। आगामी समीक्षा बैठक में प्रत्येक बिंदु की अद्यतन प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। बैठक में अपर मुख्य सचिव, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग मती दीपाली रस्तोगी, आयुक्त मनरेगा  अवि प्रसाद, संचालक पंचायत  छोटे सिंह एवं मिशन संचालक राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन मती हर्षिका सिंह और अधिकारी उपस्थित रहे।