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मध्‍यप्रदेश पुलिस द्वारा राष्ट्रीय एकता दिवस 31 अक्टूबर को जिलों में ‘एकता दौड़

भोपाल लौह पुरुष एवं देश के पहले गृह मंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के अवसर पर 31 अक्टूबर 2025 को पूरे देश में राष्ट्रीय एकता दिवस मनाया जाएगा। इस उपलक्ष्य में मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा राज्य के सभी जिलों और थाना स्तर पर सुबह 8 बजे “एकता दौड़ (Run for Unity)” का आयोजन किया जाएगा। पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाणा ने सभी जिलों को निर्देश जारी किए हैं। कार्यक्रम का उद्देश्य राष्ट्रीय एकता, अखंडता और समरसता का संदेश जन-जन तक पहुँचाना है। “एकता दौड़” में युवा, खिलाड़ी, नगर एवं ग्राम रक्षा समिति के सदस्य, विद्यालय और महाविद्यालयों के विद्यार्थी, एनसीसी एवं एनएसएस कैडेट्स, सृजन समूह की बालिकाएँ, अभिमन्यु सामुदायिक पुलिस के बालक, पुलिस कर्मी और विसबल वाहनियों के पुलिस कर्मी भाग लेंगे। दौड़ का मार्ग लगभग 3 किलोमीटर का होगा और निर्धारित रूट को नो-व्हीकल जोन घोषित किया जायेगा। पुलिस महानिदेशक ने निर्देश दिए हैं कि कार्यक्रम स्‍थल पर पानी, ग्लूकोज़, फर्स्ट एड बॉक्स तथा एम्बुलेंस जैसी आवश्यक व्यवस्थाएँ सुनिश्चित की जाएं। प्रारंभिक और समापन स्थल पर राष्ट्रीय एकता दिवस से संबंधित पोस्टर, बैनर और हॉर्डिंग्स लगाए जाएं। पुलिस अधीक्षक मुख्यालय में रहकर कार्यक्रम में भाग लेंगे जबकि अन्य अधिकारी अपने-अपने थाना क्षेत्रों में उपस्थित रहेंगे। डीजीपी श्री मकवाणा ने उप पुलिस महानिरीक्षक एवं विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी, पुलिस मुख्यालय, भोपाल श्री विनीत कपूर, (मो. नं. 9425150465) को प्रदेश स्तर पर कार्यक्रम का नोडल अधिकारी नियुक्‍त किया है। जिला स्तर पर नोडल अधिकारी संबंधित जिला पुलिस अधीक्षक रहेंगे। डीजीपी श्री कैलाश मकवाणा ने कहा कि “Run for Unity” कोई प्रतियोगिता नहीं, बल्कि राष्ट्रीय एकता का संदेश फैलाने का जन-अभियान है। उन्‍होंने नागरिकों से आयोजन में अनुशासित और उत्साहपूर्ण सहभागिता करने की अपील की है।  

राष्ट्रीय एकता दिवस पर प्रदेशभर में शपथ कार्यक्रम, प्रशासन ने की तैयारियां पूरी

भोपाल  प्रदेश में एकता, अंखडता और सुरक्षा की भावना को मजबूती प्रदान करने के लिए ''राष्ट्रीय एकता दिवस की शपथ  31 अक्टूबर को दिलायी जायेगी। शपथ कार्यक्रम के बाद प्रत्येक जिले में कम से कम एक स्थान पर ''रन फॉर यूनिटी'' का आयोजन स्थानीय जनप्रतिनिधियों के नेतृत्व में आमजन की सहभागिता से किया जायेगा। जिले के समस्त पुलिस स्टेशनों में शुभारंभ समारोह, एकता शपथ ग्रहण समारोह, स्कूलों व पुलिस स्टेशनों में सरदार पटेल फोटो प्रदर्शनी, एकता वृक्षारोपण (''एकता वृक्ष'' अभियान) का आयोजन किया जायेगा।  सामान्य प्रशासन विभाग ने जिलों में आयोजित शपथ कार्यक्रम में पुलिस महानिदेशक, समस्त संभागायुक्त, कलेक्टर एवं अधिकारियों तथा कर्मचारियों को उपस्थित रहने के निर्देश दिये हैं। मंत्रालय स्थित वल्लभ भाई पटेल पार्क में दिलायी जायेगी राष्ट्रीय एकता की शपथ मंत्रालय स्थित वल्लभ भाई पटेल पार्क में प्रात: 10 बजे एकता, अंखडता और सुरक्षा की भावना को मजबूती प्रदान करने के लिए ''राष्ट्रीय एकता दिवस'' की शपथ दिलायी जायेगी। शपथ में मंत्रालय, सतपुड़ा एवं विंध्याचल भवन के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहेंगे। सामान्य प्रशासन विभाग ने इस संबंध में सभी अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव एवं विभागाध्यक्षों को उपस्थित रहने के निर्देश दिये हैं।  

एसर से जुड़ा नया स्मार्टफोन ब्रैंड 19 नवंबर को करेगा भारत में एंट्री

नई दिल्ली  भारत के स्‍मार्टफोन मार्केट में एक नए ब्रैंड की एंट्री होने जा रही है। बंगलूरू की कंपनी इंडकुल टेक्‍नॉलजीज ने बताया है कि वह 19 नवंबर को Wobble ब्रैंड का स्‍मार्टफोन लॉन्‍च करेगी। दावा है कि यह पहला मेड इन इंडिया, मेड फॉर द वर्ल्‍ड स्‍मार्टफोन होगा। भारत के साथ-साथ इस फोन को कई और देशों में भी लॉन्‍च किया जाएगा। Wobble ब्रैंड के तहत कंपनी वियरेबल्‍स जैसे-ईयरबड्स पहले से बेच रही है। अब वो इसे स्‍मार्टफोन में भुनाने की तैयारी कर चुकी है। इस फोन का कनेक्‍शन एसर स्‍मार्टफोन से भी है। Wobble का एसर कनेक्‍शन दरअसल, इंडकुल टेक्‍नॉलजीज के पास एसर की ब्रैंड लाइसे‍ंसिंग है। भारत में इस साल आए एसर स्‍मार्टफोन को इंडकुल ने ही लॉन्‍च किया था। कंपनी एसर ब्रैंड वाले टीवी और एसी भी बेचा करती है। बताया गया है कि Wobble स्‍मार्टफोन को पूरी तरह से भारत में डिजाइन और मैन्‍युफैक्‍चर किया गया है। कंपनी Wobble ब्रैंड के तहत भारत का सबसे बड़ा 116.5 इंच का टीवी- Wobble Maximus भी लॉन्‍च कर चुकी है। फोन का नाम और फीचर्स अभी सीक्रेट Wobble ब्रैंड के तहत आने वाले स्‍मार्टफोन का नाम क्‍या होगा और उसमें कौन सी फीचर्स होंगे, यह सामने आना बाकी है। फोन को किस प्राइस रेंज में लाया जाएगा, यह भी अभी तक सस्‍पेंस है। हालांकि कंपनी ने कहा है कि वह एक बोल्‍ड, पावरफुल और युवा के लिए स्‍मार्टफोन लेकर आएगी। इंडकुल ने एसर ब्रैंड के जिन फोन्‍स को पेश किया था, उनकी चर्चा तो हुई लेकिन ऐसा लगता है कि बिक्री के मामले में कंपनी को ज्‍यादा फायदा नहीं हुआ। दोनों एसर स्‍मार्टफोन्‍स को 20 हजार रुपये की प्राइस रेंज में लाया गया था। माना जाना चाहिए कि कंपनी Wobble स्‍मार्टफोन को भी इसी प्राइस कैटिगरी में लेकर आएगी। 2025 में 3 नए स्‍मार्टफाेन ब्रैंड 19 नवंबर को Wobble स्‍मार्टफोन लॉन्‍च होने के बाद भारत में 2025 में नए स्‍मार्टफोन ब्रैंड की संख्‍या बढ़कर 3 हो जाएगी। इनमें एसर के अलावा एआई प्‍लस भी शामिल है जिसे रियलमी के पूर्व सीईओ माधव सेठ ने पेश किया है। इसी साल एक और ब्रैंड अल्‍काटेल ने भी भारत में वापसी की है, लेकिन अबतक कोई खास उपलब्‍ध‍ि देखने को नहीं मिली।

Indian Railways Update: अब नहीं छूटेगी ट्रेन, मास्टर लिस्ट फीचर से मिलेगी तुरंत सीट

नई दिल्ली  भारतीय रेलवे (Indian Railways) में ट्रेन का कंफर्म टिकट मिलना कई बार मुश्किल साबित होता है, खासकर त्योहारों या छुट्टियों के दौरान। लेकिन अब आईआरसीटीसी (IRCTC) ने यात्रियों की सुविधा के लिए एक बेहद उपयोगी फीचर ‘मास्टर लिस्ट’ शुरू किया है। इसकी मदद से टिकट बुकिंग का समय कम होता है और कंफर्म टिकट मिलने की संभावना कई गुना बढ़ जाती है। क्या है IRCTC की मास्टर लिस्ट सुविधा? अक्सर ऑनलाइन टिकट बुक करते समय सबसे ज्यादा समय यात्रियों का नाम, उम्र, जेंडर और अन्य जानकारी भरने में चला जाता है। ऐसे में अगर आप पहले से मास्टर लिस्ट बना लेते हैं, तो ये सारी डिटेल्स सेव रहती हैं। टिकट बुकिंग के दौरान बस यात्री का नाम सिलेक्ट करना होता है, जिससे बुकिंग प्रक्रिया बेहद तेज हो जाती है।   मास्टर लिस्ट कैसे बनाएं? 1. सबसे पहले IRCTC की वेबसाइट या मोबाइल ऐप पर जाएं। 2. Login पर क्लिक करके अपने अकाउंट में साइन इन करें। 3. My Account सेक्शन में जाकर My Profile चुनें। 4. यहां Add/Modify Master List का विकल्प मिलेगा। 5. यात्री का नाम, जन्मतिथि, जेंडर, मोबाइल नंबर और आधार नंबर भरें। 6. आधार वेरिफिकेशन पूरा होते ही यात्री की जानकारी आपकी मास्टर लिस्ट में जुड़ जाएगी। क्या है इसका फायदा? अब हर बार टिकट बुकिंग के समय आपको यात्री की जानकारी दोबारा नहीं भरनी पड़ेगी। बस मास्टर लिस्ट से नाम चुनें और तुरंत बुकिंग पूरी करें।     बुकिंग प्रक्रिया तेज होगी     कंफर्म टिकट मिलने की संभावना बढ़ेगी     वेटिंग लिस्ट की झंझट से राहत मिलेगी आईआरसीटीसी के वरिष्ठ कार्यपालक नवीन कुमार का कहना है कि 'मास्टर लिस्ट फीचर से यात्रियों का समय बचेगा और तेज बुकिंग के कारण कंफर्म सीट मिलने की संभावना भी बढ़ेगी।' पेमेंट में भी बचाएं समय यदि आप IRCTC वॉलेट से भुगतान करते हैं या QR कोड स्कैन करके पेमेंट करते हैं, तो कार्ड डिटेल्स भरने का समय बच जाता है। चूंकि टिकट बुकिंग के दौरान कुछ ही सेकंड का अंतर तय करता है कि टिकट कंफर्म होगा या नहीं, इसलिए हर सेकंड कीमती है।

तुलसी के पास ये एक गलती बना सकती है दरिद्रता का कारण, जानें सही उपाय

धर्म में तुलसी के पौधे को अत्यंत पवित्र, पूजनीय और देवी लक्ष्मी का रूप माना जाता है। इसे घर में लगाने से सकारात्मकता, सुख-समृद्धि और शांति आती है। हालांकि, वास्तु शास्त्र और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, तुलसी के पौधे के पास कुछ ऐसी चीजें रखना वर्जित माना गया है, जिन्हें रखने से घर की समृद्धि पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है और दरिद्रता आ सकती है। जूते-चप्पल जूते-चप्पल अशुद्ध माने जाते हैं और इनका सीधा संबंध गंदगी से होता है। तुलसी का पौधा पूजनीय है। इसके पास जूते-चप्पल या उनसे संबंधित कोई भी वस्तु रखने से लक्ष्मी का अपमान होता है, जिससे घर में आर्थिक तंगी आ सकती है।  कांटेदार पौधे या सूखे पौधे तुलसी के पास कभी भी कैक्टस या अन्य कांटेदार पौधे नहीं रखने चाहिए। कांटेदार पौधे नकारात्मक ऊर्जा लाते हैं और घर में कलह का कारण बन सकते हैं। इसी तरह, तुलसी के गमले के आस-पास सूखे या मुरझाए हुए पौधे भी नहीं रखने चाहिए। सूखी तुलसी या सूखे पौधे दुर्भाग्य और धन हानि का संकेत देते हैं। टूटी हुई या खंडित वस्तुएं पूजा-पाठ से संबंधित टूटी हुई मूर्तियां, दीपक, या अन्य खंडित सामग्री को तुलसी के पास नहीं रखना चाहिए। खंडित वस्तुएं वास्तु दोष पैदा करती हैं और घर की बरकत में रुकावट डालती हैं। लोहे का सामान तुलसी के गमले के आस-पास लोहे से बनी अनावश्यक वस्तुएं नहीं रखनी चाहिए। लोहा नकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित करता है, जो तुलसी की सकारात्मकता को कम कर सकता है और समृद्धि में कमी ला सकता है।

भोपाल में शुरू होगा ड्रोन तकनीक एक्सपो-2025, मुख्यमंत्री डॉ. यादव देंगे स्टार्टअप्स को नई उड़ान

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद् के मुख्य सभागृह में "ड्रोन तकनीक कार्यशाला एवं एक्सपो-2025” का 11:45 बजे शुभारंभ करेंगे। कार्यशाला का आयोजन मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद्, मध्यप्रदेश राज्य इलेक्ट्रॉनिक्स विकास निगम एवं आई. आई. टी, इंदौर द्वारा किया जा रहा है। मध्यप्रदेश स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित यह दो दिवसीय कार्यशाला एवं एक्सपो राज्य में ड्रोन तकनीक के विकास, उपयोग और नवाचारको को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। ड्रोन टेक वर्कशॉप एवं एक्सपो-2025 का मुख्य उद्देश्य राज्य में ड्रोन तकनीक की समझ, उपयोगिता और क्षमता निर्माण को बढ़ावा देना है। कार्यशाला से युवाओं, शोधकर्ताओं, स्टार्टअप्स, उद्योगों और नीति निर्माताओं को एक साझा मंच मिलेगा जिससे ड्रोन तकनीक के व्यावहारिक, सामाजिक और औद्योगिक उपयोग को बढ़ावा दिया जा सकेगा। कार्यक्रम में ड्रोन प्रदर्शनी एवं हैंड्स ऑन वर्कशॉप आयोजित की जाएगी। एक्सपो में राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय विशेषज्ञों के प्रेरक व्याख्यान, ड्रोन उड़ान के लाइव डेमो एवं टेक्निकल शोकेस, इनोवेशन चैलेंज एवं प्रतियोगिताएँ,सहभागी संस्थाओं, विद्यार्थियों को डिजिटल सहभागिता प्रमाण पत्र वितरण किया जायेगा। कार्यशाला में विज्ञान एवं प्रौद्योगिक के अपर मुख्य सचिव श्री संजय दुबे, मुख्यमंत्री के संस्कृति सलाहकार श्रीराम तिवारी, स्कूल ऑफ प्लानिंग एण्ड आर्किटेक्चर के निदेशक डॉ. कैलासा राव, म.प्र. विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद के महानिदेशक डॉ. अनिल कोठारी उपस्थित रहेंगे।  

बिजली की बर्बादी पर लगेगी लगाम — सरकारी स्कूलों में शुरू होगी प्री-पेड मीटर व्यवस्था

पटना जिले के सभी सरकारी विद्यालयों में बिजली आपूर्ति को लेकर प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगाने का निर्देश दिया गया है। इसको देखते हुए शिक्षा विभाग स्तर पर प्रारंभिक, माध्यमिक व उच्च माध्यमिक विद्यालयों में बिजली के बकाया राशि के भुगतान की कार्रवाई की जा रही है। बिजली की बकाया राशि भुगतान किए जाने के बाद स्कूलों में स्मार्ट मीटर प्री-पेड मीटर लगाया जाएगा। जिले के वैसे सरकारी स्कूल जहां अब तक प्रीपेड स्मार्ट मीटर नहीं लगा है, वहां प्रीपेड मीटर लगाने को कहा गया है। जिला शिक्षा कार्यालय के अनुसार स्कूलों में स्मार्ट प्री-पेड मीटर की राशि का भुगतान विभागीय स्तर पर किया जा रहा है। स्कूलों में बिजली की खपत के अनुसार बिजली बिल का भुगतान किया जाएगा। इसके अलावा जिन स्कूलों में सोलर पैनल लगे हैं वहां विभाग उसी आधार पर बिजली विभाग को क्लेम कर राशि का भुगतान करेगी।   जिला शिक्षा पदाधिकारी ने कहा है स्मार्ट प्री-पेड मीटर लगाए जाने से बिजली की खपत भी कम होगी। बच्चों को बिजली की बचत के लिए शिक्षक भी जागरूक करेंगे। इससे होगा कि बच्चे स्कूल के साथ-साथ अपने घर के बिजली के खपत पर ध्यान देंगे। स्कूलों में स्मार्ट प्री-पेड मीटर लगाए जाने के बाद स्कूलों के प्रधानाध्यापक की यह जिम्मेवारी होगी, वे बिजली की खपत पर नजर रखें। इसके साथ ही शिक्षक भी विद्यार्थियों को बिजली की बचत के लिए जागरूक करेंगे। एवरेज से अधिक बिजली खपत होने पर प्रधानाध्यापक यह सुनिश्चित करेंगे कि कहीं गलत कनेक्शन तो नहीं हुआ है। इसके साथ ही स्कूल में लगने वाले मीटर के साथ-साथ कोई किसी तरह का छेड़-छाड़ न हो इसको ध्यान में प्रधानाध्यापक रखेंगे।  

विशेष आर्टिकल :गांव से ग्लोबल तक: विकसित भारत 2047 में उत्तर प्रदेश की प्रेरक कहानी

लखनऊ 'समर्थ उत्तर प्रदेश – विकसित उत्तर प्रदेश @2047' अभियान केवल कागजी योजना नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश के हर कोने में बदलाव की जीवंत कहानी है। 57 लाख से अधिक सुझावों से तैयार यह विजन डॉक्यूमेंट अब ग्रामीण स्मार्ट गांव, सोलर सिटी, डिजिटल कृषि, और महिला उद्यमिता के रूप में जमीन पर उतर रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में यह अभियान आर्थिक शक्ति, सृजन शक्ति और जीवन शक्ति के तीन स्तंभों पर खड़ा है। आइए, उत्तर प्रदेश के वास्तविक उदाहरणों से जानें कैसे यह अभियान लोगों की किस्मत बदल रहा है, और कैसे भाजपा सरकार का यह कदम लाखों को लाभ पहुंचा रहा है। 1. अयोध्या: सोलर सिटी का मॉडल – धार्मिक पर्यटन + हरित ऊर्जा • उदाहरण: अयोध्या को भारत की पहली सोलर सिटी बनाने का लक्ष्य। • क्या हुआ? o 2025 तक 10,000 सोलर रूफटॉप लगाए गए। o राम मंदिर परिसर 100% सोलर पावर्ड। o नॉन-टैक्स रेवेन्यू दोगुना – ₹500 करोड़+ वार्षिक। o पर्यटक संख्या: 2017 में 50 लाख → 2025 में 5 करोड़+। • लोगों की किस्मत बदली: मेयर गिरीश पति त्रिपाठी कहते हैं, "अभियान ने हमें सुझाव दिया – सोलर + साफ-सफाई। अब स्थानीय युवा सोलर टेक्नीशियन बन रहे हैं, 5,000+ नौकरियां पैदा हुईं।" • विकसित यूपी कनेक्शन: सृजन शक्ति (हरित ऊर्जा) + आर्थिक शक्ति (पर्यटन)। 2. मथुरा (महावन): ग्रामीण स्मार्ट गांव – डिजिटल क्रांति गांव में • उदाहरण: महावन नगर पंचायत को स्मार्ट विलेज मॉडल बनाया। • क्या हुआ? o Wi-Fi हॉटस्पॉट 50 गांवों में। o डिजिटल हेल्थ कार्ड हर परिवार को। o ऑनलाइन कृषि बाजार – किसान सीधे दिल्ली को बेच रहे। o प्रति व्यक्ति आय: 2017 में ₹8,000/माह → 2025 में ₹25,000/माह। • लोगों की किस्मत बदली: नगर पंचायत अध्यक्ष मंजू देवी कहती हैं, "अभियान के सुझाव से हमने डिजिटल कियोस्क लगाए। अब बेटियां ऑनलाइन पढ़ रही हैं, किसान ऐप से मौसम जान रहे हैं।" किसान रामू (28): पहले मजदूरी, अब ड्रोन से खेती, मासिक ₹40,000 कमाई। • विकसित यूपी कनेक्शन: जीवन शक्ति (स्वास्थ्य + शिक्षा) + सृजन शक्ति (डिजिटल इंफ्रा)। 3. गोरखपुर: ODOP + मुद्रा + विकसित यूपी = टेराकोटा निर्यातक • उदाहरण: गोरखपुर का टेराकोटा ODOP उत्पाद अब अमेरिका-जापान जा रहा। • क्या हुआ? o मुद्रा ऋण: ₹3 लाख → मशीनरी। o विकसित यूपी सुझाव: डिजाइन ट्रेनिंग + ई-कॉमर्स लिंक। o निर्यात: 2017 में शून्य → 2025 में ₹50 करोड़। o रोजगार: 2,000+ महिलाएं जुड़ीं। • लोगों की किस्मत बदली: सीता देवी (42): पहले मिट्टी के बर्तन बनाती थीं, अब 'गोरखपुर क्राफ्ट' ब्रांड की मालकिन। मासिक आय ₹1 लाख। "अभियान ने कहा – लोकल को ग्लोबल बनाओ। आज मेरा उत्पाद टोक्यो में बिकता है।" • विकसित यूपी कनेक्शन: आर्थिक शक्ति (ODOP + निर्यात)। 4. वाराणसी: डिजिटल स्वास्थ्य + काशी विश्वनाथ कॉरिडोर • उदाहरण: काशी मॉडल – स्वास्थ्य + पर्यटन। • क्या हुआ? o डिजिटल हेल्थ कार्ड: 25 लाख लोगों को। o काशी विश्वनाथ कॉरिडोर: 3 करोड़+ यात्री/वर्ष। o मेडिकल टूरिज्म: आयुर्वेदिक सेंटर शुरू। • लोगों की किस्मत बदली: डॉक्टर अनीता शर्मा: पहले छोटा क्लिनिक, अब आयुर्वेदिक वेलनेस सेंटर, 50 स्टाफ। युवा गाइड राहुल: पहले बेरोजगार, अब डिजिटल टूर गाइड ऐप, मासिक ₹30,000। • विकसित यूपी कनेक्शन: जीवन शक्ति (स्वास्थ्य) + आर्थिक शक्ति (पर्यटन)। 5. नोएडा: ग्लोबल निवेश हब – सेमीकंडक्टर + डेटा सेंटर • उदाहरण: नोएडा इलेक्ट्रॉनिक्स सिटी। • क्या हुआ? o 2025 में 10 डेटा सेंटर शुरू। o ₹50,000 करोड़ निवेश, 1 लाख नौकरियां। o सेमीकंडक्टर यूनिवर्सिटी की नींव। • लोगों की किस्मत बदली: इंजीनियर प्रिया (24): ग्रामीण पृष्ठभूमि, अब डेटा सेंटर में जॉब, सैलरी ₹80,000/माह। "अभियान ने कहा – स्किल इंडिया। मुझे मुफ्त AI ट्रेनिंग मिली।" • विकसित यूपी कनेक्शन: सृजन शक्ति (टेक्नोलॉजी) + आर्थिक शक्ति (निवेश)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रेरक उद्गार • 3 सितंबर 2025 (लॉन्च): "अयोध्या सोलर सिटी बनेगी, मथुरा डिजिटल विलेज बनेगा, गोरखपुर टेराकोटा का ग्लोबल हब बनेगा – यही विकसित यूपी है।" • 14 अगस्त 2025 (विधानसभा): "2047 तक उत्तर प्रदेश 6 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनेगा। हर गांव में स्मार्ट स्कूल, हर घर में सोलर लाइट – यह हमारा संकल्प है।" • 26 सितंबर 2025 (ग्राम प्रधान सम्मेलन): "57 लाख सुझाव आए। यह जनता का विजन है। ग्रामोदय से राष्ट्रोदय तक – हर गांव अब विकसित यूपी का हिस्सा है।" भाजपा सरकार का ऐतिहासिक कदम: लाखों लाभार्थी लाभ संख्या सुझाव 57 लाख+ स्मार्ट गांव 5,000+ सोलर रूफटॉप 1 लाख+ डिजिटल हेल्थ कार्ड 2 करोड़+ रोजगार 40 लाख+ यह अभियान भ्रष्टाचार मुक्त, डिजिटल और जन-केंद्रित है – भाजपा की समावेशी नीति का प्रमाण। निष्कर्ष: विकसित यूपी @2047 – हर गांव, हर शहर, हर सपना अयोध्या की सोलर लाइट से मथुरा का डिजिटल कियोस्क, गोरखपुर की टेराकोटा से नोएडा का डेटा सेंटर तक – विकसित भारत @2047 उत्तर प्रदेश में साकार हो रहा है। योगी सरकार ने साबित किया: जब जनता साझेदार बने, तो 22 साल में क्रांति संभव है। आप भी सुझाव दें: viksitup2047.up.gov.in #ViksitUP2047 #YogiHaiToVikasHai #SamriddhiKaShatabdi

अब बिना रुकावट पहुंचे दूसरे देश! यूपी में बनेगा 102 KM लंबा फोर लेन हाईवे

लखनऊ जल्द ही लखनऊ से बाराबंकी-बहराइच होते हुए नेपाल तक का सफर आसान हो जाएगा। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआइ) ने बाराबंकी से जरवल होते हुए बहराइच तक बनने जा रहे फोर लेन हाईवे को नेपाल सीमा पर स्थित रूपईडीहा तक विस्तार देने की तैयारी की है। इस प्रस्ताव को शीघ्र ही मंजूरी मिल जाने की उम्मीद है। एनएचएआइ द्वारा बाराबंकी-जरवल-बहराइच तक 102 किमी. लंबे फोर लेन हाईवे के निर्माण का काम मार्च तक शुरू किया जाएगा। एनएचएआइ सूत्रों के मुताबिक इस परियोजना की लागत करीब 3600 करोड़ रुपये है। काम शुरू करने के लिए टेंडर की प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी। हाईवे निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण की कार्यवाही चल रही है। बाराबंकी-जरवल-बहराइच तक की फोर लेन हाईवे परियोजना का काम शुरू कराने के साथ ही बहराइच से रूपईडीहा तक हाईवे को विस्तारित किए जाने के मुद्दे पर एनएचएआइ कई बैठकें कर चुका है। नेपाल से जुड़ने के कारण इस हाईवे का महत्व बहुत अधिक होगा। अभी यह मार्ग दो लेन का है। परियोजना का उद्देश्य भारत व नेपाल के बीच होने वाली व्यापारिक गतिविधियों को सुगम करना है। परियोजना का काम पूरा होने पर लखनऊ के साथ ही मध्य और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिलों से नेपाल तक की यात्रा सुगम हो जाएगी।  

विशेष आर्टिकल : बेटियों को सशक्त बनाने की राह: कन्या सुमंगला योजना की अनोखी कहानी

विशेष आर्टिकल : कन्या सुमंगला योजना: बेटियों के सपनों को पंख लगाने वाली क्रांतिकारी पहल लखनऊ उत्तर प्रदेश में महिलाओं और बालिकाओं के सशक्तिकरण की दिशा में मिशन शक्ति फेज-5.0 एक मील का पत्थर साबित हो रहा है। इस अभियान का अभिन्न हिस्सा है मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, जो बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ के संकल्प को साकार करने वाली एक ऐसी योजना है। इस योजना ने न केवल कन्या भ्रूण हत्या जैसी कुरीतियों पर अंकुश लगाया है, बल्कि लाखों बेटियों को शिक्षा और आत्मनिर्भरता की राह दिखाई है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, योजना के तहत अब तक 26 लाख से अधिक बेटियों को लाभ पहुंचाया गया है, जो उत्तर प्रदेश को महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। योजना का उद्देश्य और संरचना: एक विस्तृत नजर मिशन शक्ति के स्वावलंबन स्तंभ के तहत संचालित कन्या सुमंगला योजना का मुख्य उद्देश्य बेटियों के जन्म से लेकर उच्च शिक्षा तक वित्तीय सहायता प्रदान करना है, ताकि परिवारों पर आर्थिक बोझ कम हो और बेटियां बिना रुकावट पढ़ सकें। योजना को छह चरणों में विभाजित किया गया है, जिसमें कुल 25,000 रुपये की धनराशि दी जाती है: • प्रथम चरण: बेटी के जन्म पर 5,000 रुपये (1 अप्रैल 2019 या उसके बाद जन्मी बेटियों के लिए)। • द्वितीय चरण: पूर्ण टीकाकरण पर 2,000 रुपये। • तृतीय चरण: कक्षा-1 में प्रवेश पर 3,000 रुपये। • चतुर्थ चरण: कक्षा-6 में प्रवेश पर 3,000 रुपये। • पंचम चरण: कक्षा-9 में प्रवेश पर 5,000 रुपये। • षष्ठम चरण: कक्षा-10/12 उत्तीर्ण करने पर 7,000 रुपये (स्नातक या 2 वर्षीय डिप्लोमा में प्रवेश के लिए)। पात्रता के मानदंड सरल हैं: लाभार्थी परिवार उत्तर प्रदेश का स्थायी निवासी हो, वार्षिक आय 3 लाख रुपये से कम हो, और परिवार में अधिकतम दो बेटियां लाभार्थी हो सकें। आवेदन ऑनलाइन (mksy.up.gov.in) या ऑफलाइन दोनों तरीकों से किया जा सकता है। योजना ने लिंगानुपात में सुधार लाया है और बाल विवाह जैसी प्रथाओं को कम किया है, जिससे उत्तर प्रदेश का लिंगानुपात राष्ट्रीय औसत से बेहतर हो गया है। प्रेरणादायक कहानी: वाराणसी की प्रिया – योजना की जीवंत मिसाल कन्या सुमंगला योजना की सच्ची ताकत तो उसके लाभार्थियों की सफलता कहानियों में झलकती है। ऐसी ही एक प्रेरक कहानी है वाराणसी की प्रिया सिंह की, जो एक साधारण किसान परिवार से ताल्लुक रखती हैं। प्रिया का जन्म 2020 में हुआ, जब उनके परिवार की आर्थिक स्थिति इतनी कमजोर थी कि बेटी की पढ़ाई का खर्च उठाना मुश्किल था। लेकिन मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना ने उनके परिवार को नई उम्मीद दी। प्रिया को योजना के पहले चरण में जन्म पर 5,000 रुपये मिले, जिससे परिवार ने टीकाकरण और पोषण पर खर्च किया। कक्षा-1 में प्रवेश पर 3,000 रुपये से स्कूल फीस और किताबें खरीदी गईं। कक्षा-6 में 3,000 रुपये ने यूनिफॉर्म और स्टेशनरी का इंतजाम किया, जबकि कक्षा-9 में 5,000 रुपये ने अतिरिक्त ट्यूशन की सुविधा प्रदान की। अब कक्षा-10 उत्तीर्ण करने के बाद उन्हें 7,000 रुपये मिल चुके हैं, जिसका उपयोग आईएएस की तैयारी के लिए कोचिंग में किया जा रहा है। प्रिया बताती हैं, "यह पैसा मेरे लिए सिर्फ धन नहीं, बल्कि सपनों का ईंधन है। योजना ने मुझे साबित किया कि बेटी भी परिवार का सहारा बन सकती है।" आज प्रिया न केवल अपनी कक्षा में टॉपर हैं, बल्कि गांव की अन्य लड़कियों को पढ़ाई के लिए प्रेरित भी कर रही हैं। उनकी कहानी मिशन शक्ति के उस विजन को दर्शाती है, जहां हर बेटी एक भविष्य की नारी शक्ति है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का दूरदर्शी नेतृत्व: तारीफ के काबिल योगदान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की दूरदृष्टि के बिना कन्या सुमंगला योजना इतनी सफल न होती। उन्होंने 25 अक्टूबर 2019 को योजना का उद्घाटन किया और इसे मिशन शक्ति का मजबूत स्तंभ बनाया। हाल ही में मिशन शक्ति 5.0 के लॉन्च पर लखनऊ में दिए गए अपने भाषण में सीएम योगी ने कहा, "बेटी के जन्म से स्नातक तक 25,000 रुपये का पैकेज देकर हम नारी शक्ति को मजबूत कर रहे हैं। यह योजना बेटियों को आत्मनिर्भर बनाएगी और समाज की कुरीतियों को जड़ से उखाड़ फेंकेगी।" उनके नेतृत्व में योजना ने 26 लाख बेटियों को जोड़ा, जो एक रिकॉर्ड है। योगी जी का यह प्रयास न केवल प्रशासनिक कुशलता का प्रतीक है, बल्कि संवेदनशील शासन का भी उदाहरण। उन्होंने नवरात्रि के कन्या पूजन के दौरान भी जोर दिया कि "कन्या पूजन से हम भविष्य की नारियों को सम्मान दे रहे हैं, और कन्या सुमंगला जैसी योजनाएं इसे साकार कर रही हैं।" योगी आदित्यनाथ का यह समर्पण उत्तर प्रदेश को 'बेटी-रक्षक' राज्य बनाने में मीलों आगे ले गया है। भाजपा सरकार का सराहनीय कदम: महिला सशक्तिकरण की नई मिसाल भाजपा सरकार के इस कदम की सराहना किए बिना न्याय नहीं होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ' अभियान को मजबूत करने वाली यह योजना उत्तर प्रदेश में भाजपा शासन की प्राथमिकता को दर्शाती है। गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए वरदान साबित हुई कन्या सुमंगला ने न केवल आर्थिक सहायता दी, बल्कि सामाजिक परिवर्तन भी लाया। सरकार ने योजना को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाकर पारदर्शिता सुनिश्चित की, जिससे भ्रष्टाचार मुक्त वितरण संभव हुआ। यह कदम नारी सम्मान और समानता की दिशा में भाजपा की प्रतिबद्धता का प्रमाण है, जो पूरे देश के लिए प्रेरणा स्रोत बनेगा। निष्कर्ष: योगी सरकार की दूरदर्शी सोच से सशक्त बेटियां, समृद्ध उत्तर प्रदेश मिशन शक्ति और कन्या सुमंगला योजना मिलकर उत्तर प्रदेश को एक ऐसा राज्य बना रही हैं, जहां हर बेटी सुरक्षित, शिक्षित और आत्मनिर्भर हो। प्रिया जैसी लाखों कहानियां साबित करती हैं कि यह योजना सिर्फ कागजी नहीं, बल्कि जीवन बदलने वाली है। योगी आदित्यनाथ सरकार की यह पहल न केवल प्रशंसनीय है, बल्कि ऐतिहासिक भी है। • 2017 से पहले की अराजकता को याद करें, जब बेटियां घर से बाहर निकलने में डरती थीं। आज योगी सरकार ने महिला पुलिस बीट ऑफिसर, पिंक पेट्रोलिंग, महिला हेल्प डेस्क और 1090 हेल्पलाइन जैसे ठोस कदम उठाकर सुरक्षा का मजबूत कवच तैयार किया है। • कन्या सुमंगला योजना ने 26 लाख बेटियों को सीधे वित्तीय सहायता दी, जिससे लिंगानुपात में 50 अंकों का सुधार हुआ। • डिजिटल पारदर्शिता के जरिए हर पैसा सही हाथों तक पहुंच रहा है … Read more