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गंगा एक्सप्रेसवे का निर्माण दिसम्बर तक पूरा करने का लक्ष्य, मुख्यमंत्री ने दिए गति बढ़ाने के निर्देश

उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था और औद्योगिक तरक्की की रीढ़ हैं एक्सप्रेसवे: मुख्यमंत्री गंगा एक्सप्रेसवे का निर्माण दिसम्बर तक पूरा करने का लक्ष्य, मुख्यमंत्री ने दिए गति बढ़ाने के निर्देश मुख्यमंत्री ने की यूपीडा के परियोजनाओं की समीक्षा, कहा समयबद्धता और गुणवत्ता सुनिश्चित हो मेरठ-हरिद्वार, नोएडा-जेवर, चित्रकूट-रीवा और विंध्य-पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेसवे के रूट पर हुई गहन चर्चा, मुख्यमंत्री ने एनएचएआई के साथ रूट समन्वय पर दिया बल डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के सभी नोड्स पर स्किल डेवलपमेंट सेंटर स्थापित होंगे: मुख्यमंत्री भूमि आवंटन के तीन वर्ष में निवेश न होने पर आवंटन रद्द किया जाए: मुख्यमंत्री लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को उत्तर प्रदेश इंडस्ट्रियल एक्सप्रेसवे डेवलपमेंट अथॉरिटी (यूपीडा) की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में कहा कि एक्सप्रेसवे केवल सड़कों का जाल नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था और औद्योगिक भविष्य की रीढ़ हैं। उन्होंने निर्देश दिया कि गंगा एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य दिसम्बर तक हर हाल में पूरा कराने के लक्ष्य के साथ तेज गति से आगे बढ़ाया जाए, ताकि राज्य के पश्चिमी और पूर्वी अंचलों के बीच सहज कनेक्टिविटी स्थापित हो सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक परियोजना की प्रगति की साप्ताहिक समीक्षा हो और कार्य की गुणवत्ता पर किसी प्रकार का समझौता न हो। बैठक में गंगा एक्सप्रेसवे के विस्तार स्वरूप प्रस्तावित मेरठ-हरिद्वार लिंक एक्सप्रेसवे, नोएडा-जेवर लिंक एक्सप्रेसवे, चित्रकूट-रीवा लिंक एक्सप्रेसवे तथा प्रयागराज, मिर्जापुर, वाराणसी, चंदौली और सोनभद्र तक प्रस्तावित विंध्य एक्सप्रेसवे व विंध्य-पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेसवे के रूट पर विस्तृत चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन नए एक्सप्रेसवे की योजना बनाते समय भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) द्वारा प्रस्तावित एक्सप्रेसवे और हाइवे नेटवर्क का पूरा ध्यान रखा जाए, ताकि दोहराव से बचते हुए राज्य में एकीकृत और समन्वित सड़क तंत्र विकसित हो सके। मुख्यमंत्री ने डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर से जुड़े सभी नोड्स (लखनऊ, कानपुर, झांसी, आगरा, अलीगढ़ और चित्रकूट) में स्किल डेवलपमेंट सेंटर की स्थापना के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन केंद्रों के माध्यम से स्थानीय युवाओं को तकनीकी प्रशिक्षण देकर रक्षा उद्योग से जोड़ना चाहिए, जिससे रोजगार सृजन के साथ ही क्षेत्रीय आत्मनिर्भरता को बल मिलेगा। बैठक में बताया गया कि डिफेंस कॉरिडोर के लिए अब तक लगभग 30,819 करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिल चुके हैं। 5039 एकड़ भूमि अधिग्रहीत की जा चुकी है। विभिन्न कंपनियों द्वारा कार्य प्रारंभ भी किया जा चुका है। मुख्यमंत्री ने भूमि आवंटन नीति पर विशेष बल देते हुए कहा कि भूमि आवंटन के तीन वर्ष के भीतर यदि निवेशक द्वारा यथोचित उपयोग नहीं किया जाता है तो ऐसा आवंटन स्वतः निरस्त किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि भूमि उपयोग की निगरानी की पारदर्शी व्यवस्था बनाई जाए और निवेशक को केवल वास्तविक प्रगति की स्थिति में ही आगे की सुविधाएँ दी जाएँ। बैठक में यह भी बताया गया कि एक्सप्रेसवे के किनारे विकसित हो रहे औद्योगिक क्लस्टर और लॉजिस्टिक पार्कों में निवेश आकर्षित करने के लिए यूपीडा ने बिजली, जलापूर्ति, ट्रक टर्मिनल और हेल्थ-इमरजेंसी सुविधाओं की व्यवस्था हेतु समयबद्ध योजना बनाई है।

पर्यटन में बड़ा दांव! पंजाब में शुरू हुए 6 मेगा प्रोजेक्ट्स, PPP मॉडल से होगी विकास की रफ्तार तेज

चंडीगढ़ पंजाब के पर्यटन और मेहमान नवाज़ी (Hospitality) के क्षेत्र को नई ऊँचाइयों पर ले जाने के लिए राज्य सरकार ने एक साहसिक और दूरदर्शी कदम उठाया है! यह पहल न केवल पर्यटन को बढ़ावा देगी, बल्कि यह भी सुनिश्चित करेगी कि पंजाब के लोगों को बेहतर सुविधाएँ मिलें और राज्य की अर्थव्यवस्था मज़बूत हो। ओएसडी टू सीएम अमनजोत सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में, पंजाब बुनियादी ढांचा विकास बोर्ड (पी.आई.डी.बी.) ने चंडीगढ़ में एक ऐतिहासिक निवेशक सम्मेलन आयोजित किया, जिसका मकसद सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पी.पी.पी.) मॉडल के ज़रिए निवेश आकर्षित करना और राज्य की पर्यटन क्षमता को वैश्विक स्तर पर लाना है। यह कदम दर्शाता है कि पंजाब सरकार राज्य के गौरवशाली इतिहास को आधुनिक विकास के साथ जोड़कर एक 'नया पंजाब' बनाने के लिए कितनी प्रतिबद्ध है।  ओएसडी टू सीएम अमनजोत सिंह ने बताया कि इस महत्वपूर्ण बैठक में, सरकार ने देशभर के प्रमुख निवेशकों, डेवलपर्स और सलाहकारों के सामने छह महत्वाकांक्षी परियोजनाओं की रूपरेखा पेश की, जो पंजाब के हर कोने में पर्यटन के लिए नए रास्ते खोलेंगी। अमृतसर की धार्मिक और ऐतिहासिक गलियों में अब अर्बन रोपवे (Urban Ropeway) परियोजना शुरू होगी, जिससे न केवल यातायात आसान होगा, बल्कि शहर का नजारा भी शानदार दिखेगा। वहीं, हमारी सदियों पुरानी विरासतों जैसे सरहिंद के आम-खास बाग और कपूरथला के दरबार हाल को पुनर्जीवित कर उन्हें लक्ज़री विरासती होटलों में बदला जाएगा। इसके अलावा, रोपड़ के आम-खास बाग में पिंकासिया टूरिस्ट कॉम्प्लेक्स बनाकर पर्यटकों की सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। ओएसडी टू सीएम अमनजोत सिंह ने बताया कि व्यापारिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए, मोहाली और लुधियाना जैसे औद्योगिक केंद्रों में अत्याधुनिक कन्वेंशन सेंटर कम प्रदर्शनी केंद्र बनाए जाएंगे। ये केंद्र पंजाब को उत्तर भारत का व्यापार और सम्मेलन हब बनाकर नए निवेश के अवसर खोलेंगे। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य इन परियोजनाओं को 'अधिक निवेशक-अनुकूल' बनाना था। पी.आई.डी.बी., पर्यटन एवं सांस्कृतिक मामले विभाग और आवास निर्माण एवं शहरी विकास विभाग के अधिकारियों ने निवेशकों के साथ गहन विचार-विमर्श किया। परियोजनाओं की संभावनाओं, समय-सीमाओं और कानूनी स्वीकृतियों पर चर्चा हुई। ओएसडी टू सीएम अमनजोत सिंह ने बताया कि सरकार ने निवेशकों को आश्वस्त किया कि पी.पी.पी. फ्रेमवर्क के तहत प्रतिस्पर्धी बोली की प्रक्रिया और राजस्व-साझा (Revenue-Sharing) मॉडल पूरी तरह पारदर्शी होंगे। निवेशकों को खुलकर अपनी प्रतिक्रिया साझा करने के लिए प्रोत्साहित किया गया ताकि परियोजना से संबंधित शर्तों को भरोसेमंद और निवेशक-अनुकूल बनाया जा सके। यह पहल स्पष्ट करती है कि सरकार निजी क्षेत्र के साथ एक सार्थक संवाद और सहयोग के लिए मंच तैयार कर रही है। ओएसडी टू सीएम अमनजोत सिंह ने बताया कि राज्य सरकार ने अपनी प्रतिबद्धता दोहराई कि वह निवेशकों के लिए एक पारदर्शी और अनुकूल वातावरण सुनिश्चित करेगी, ताकि विश्व-स्तरीय पर्यटन और आतिथ्य बुनियादी ढांचे का विकास किया जा सके। सरकार ने कहा कि यह जन और निजी क्षेत्रों की साझेदारी, पंजाब आने वाले पर्यटकों को बेहतर अनुभव प्रदान करने और पर्यटन क्षेत्र में सतत विकास को प्रोत्साहित करने के लिए आवश्यक है। ओएसडी टू सीएम अमनजोत सिंह ने बताया कि यह पहल स्पष्ट करती है कि पंजाब सरकार एक समृद्ध, पारदर्शी और प्रगतिशील राज्य बनाने के लिए प्रतिबद्ध है, जहां निवेश का स्वागत है और विकास की गति तेज़ है। पंजाब, अब पर्यटन और विकास के मानचित्र पर तेज़ी से आगे बढ़ रहा है!

प्रदूषित हवा कर रही है आंखों पर वार, बचाव के लिए अपनाएं ये सरल टिप्स

आज के समय में वायु प्रदूषण एक गंभीर समस्या बन चुका है, जो हमारे स्वास्थ्य पर कई तरह से बुरा प्रभाव डाल रहा है। हमारी आंखें शरीर का सबसे सेंसिटिव हिस्सा है और प्रदूषण का सीधा असर उन पर पड़ता है। धूल, धुआं, और जहरीली गैसों के कारण आंखों में जलन, खुजली, रेडनेस, ड्राईनेस और एलर्जी जैसी समस्याएं   आम हो गई हैं। ऐसे में आंखों की सुरक्षा बेहद जरूरी है। आइए जानें वायु प्रदूषण से अपनी आंखों को सुरक्षित रखने के लिए किन-किन बातों का ध्यान रखना जरूरी है। वायु प्रदूषण से कैसे बचाएं आंखें?     धूप के चश्मे का इस्तेमाल- बाहर निकलते समय हमेशा धूप का चश्मा पहनें। यह न सिर्फ सूरज की हानिकारक किरणों से बचाता है, बल्कि धूल और धुएं के सीधे संपर्क में आने से भी रोकता है। एंटी-ग्लेर और यूवी प्रोटेक्शन वाले चश्मे सबसे अच्छे रहते हैं।     आंखों को धोएं- दिन भर के बाद आंखों को ठंडे और साफ पानी से जरूर धोएं। इससे आंखों में जमे प्रदूषण के कण निकल जाते हैं और आंखें साफ रहती हैं। हालांकि, आंखों को रगड़ें नहीं।     कॉन्टेक्ट लेंस से सावधानी- प्रदूषण भरे माहौल में कॉन्टेक्ट लेंस पहनने से बचें, क्योंकि इन पर धूल के कण चिपक सकते हैं और आंखों में इन्फेक्शन पैदा कर सकते हैं। अगर पहनना जरूरी हो, तो साफ-सफाई का पूरा ध्यान रखें और चश्मे के ऊपर से लगा सकने वाले प्रोटेक्टिव गॉगल्स का इस्तेमाल करें। आंखों को मलने से बचें- आंखों में खुजली या जलन होने पर उन्हें मलने की गलती न करें। इससे प्रदूषण के कण आंखों के अंदर घुसकर नुकसान पहुंचा सकते हैं। बेहतर है कि आंखों को साफ पानी से धो लें या डॉक्टर से सलाह लेकर आई ड्रॉप्स का इस्तेमाल करें।     स्वच्छता का ध्यान रखें- आंखों को छूने से पहले हाथों को अच्छी तरह साबुन से धोएं। गंदे हाथों से आंखों को छूने पर इन्फेक्शन का खतरा बढ़ जाता है।     हाइड्रेशन जरूरी- शरीर में पानी की कमी आंखों की ड्राईनेस का कारण बन सकती है। इसलिए भरपूर मात्रा में पानी पिएं और आंखों को नम रखने के लिए आई ड्रॉप्स का इस्तेमाल करें, लेकिन डॉक्टर की सलाह के बाद।     घर के अंदर की हवा शुद्ध रखें- घर के अंदर की हवा को शुद्ध रखने के लिए एयर प्यूरीफायर का इस्तेमाल करें। इंडोर प्लांट्स लगाएं, जो हवा को शुद्ध करते हैं और स्मोकिंग से परहेज करें।     हेल्दी डाइट- विटामिन-ए, सी और ई से भरपूर डाइट लें। हरी पत्तेदार सब्जियां, गाजर, संतरे और नट्स आंखों की सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होते हैं।  

मौसम विभाग की चेतावनी: झारखंड में मोंथा तूफान से भारी बारिश के आसार

रांची भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने बीते मंगलवार को बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवात के प्रभाव के कारण 31 अक्टूबर तक झारखंड के कुछ हिस्सों में भारी से बहुत भारी वर्षा होने का अनुमान जताया है। आईएमडी ने एक बुलेटिन में बताया कि चक्रवाती तूफान ‘मोंथा' मंगलवार सुबह साढ़े पांच बजे तक एक भीषण चक्रवाती तूफान में तब्दील हो गया। थाई भाषा में ‘मोंथा' का अर्थ सुगंधित फूल होता है। तूफान सुबह साढ़े पांच बजे मछलीपत्तनम से 190 किमी दक्षिण-पूर्व में, काकीनाडा से 270 किमी दक्षिण-पूर्व में तथा आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम से 340 किमी दक्षिण-दक्षिण पूर्व में केंद्रित था। बुलेटिन में कहा गया है, ‘इसके उत्तर-उत्तर पश्चिम की ओर बढ़ने और शाम और रात के दौरान भीषण चक्रवाती तूफान के रूप में मछलीपत्तनम और कलिंगापत्तनम के बीच काकीनाडा के आसपास आंध्र प्रदेश के तट को पार करने की आशंका है। इस दौरान हवा की अधिकतम गति 90-100 किमी प्रति घंटा होगी और हवाएं 110 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती हैं।' मौसम वैज्ञानिकों ने झारखंड के लिए चेतावनी जारी करते हुए कहा कि बुधवार को चतरा, गढ़वा, लातेहार और पलामू के कुछ हिस्सों में बहुत भारी बारिश हो सकती है। उन्होंने कहा कि आज और 31 अक्टूबर को गिरिडीह, कोडरमा, लोहरदगा, बोकारो, रामगढ़, हजारीबाग, रांची, खूंटी, गुमला, दुमका, गोड्डा, पाकुड़ और साहेबगंज के कुछ हिस्सों में भी भारी बारिश की आशंका है।  

इस दिन होगा तुलसी विवाह, शुभ समय और विधि का पूर्ण विवरण

कार्तिक महीने के शुक्ल पक्ष की द्वादशी पर तुलसी विवाह किया जाता है। इस दिन तुलसी जी और शालिग्राम जी का विवाह कराया जाता है। पंचांग के अनुसार, कार्तिक शुक्ल द्वादशी तिथि की शुरुआत 2 नवंबर 2025 को सुबह 7 बजकर 31 मिनट पर होगी और इसका समापन 3 नवंबर को सुबह 5 बजकर 7 मिनट पर होगा। शुभ मुहूर्त के अनुसार, तुलसी विवाह 2 नवंबर (रविवार) को ही मनाया जाएगा, लेकिन सही विधि और शुभ मुहूर्त में ही पूजा करनी चाहिए। इन मुहूर्तों में तुलसी विवाह करना सबसे शुभ माना जाता है — ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:59 से 5:49 तक प्रातः संध्या: सुबह 5:24 से 6:39 तक अमृत काल: सुबह 9:29 से 11:00 तक अभिजित मुहूर्त: दोपहर 11:59 से 12:45 तक गोधूलि मुहूर्त: शाम 6:04 से 6:30 तक तुलसी विवाह के दिन गन्ने से ही मंडप बनाना चाहिए। कहा जाता है कि तुलसी जी को गन्ना बहुत प्रिय है, इसलिए विवाह का मंडप गन्ने से सजाया जाता है। तुलसी विवाह पूजा विधि 1. सुबह स्नान कर घर के आंगन या छत पर तुलसी के पौधे के पास स्थान को साफ करें। 2. तुलसी माता को लाल साड़ी, चुनरी, चूड़ी, सिंदूर और श्रृंगार की वस्तुएं अर्पित करें। 3. पौधे के दाहिनी ओर शालिग्राम (भगवान विष्णु) को स्थापित करें। 4. तुलसी और शालिग्राम दोनों को गंगाजल से स्नान कराएं और चंदन, रोली से तिलक करें। 5. फल, फूल, मिठाई और तुलसीदल का भोग लगाकर विवाह मंत्रों के साथ तुलसी-शालिग्राम का विवाह कराएं। 6. विवाह के बाद आरती करें और प्रसाद का वितरण करें। तुलसी विवाह का महत्व बता दें कि तुलसी विवाह के दिन माता तुलसी का विवाह भगवान शालिग्राम से किया जाता है। भगवान शालिग्राम को दूल्हे की तरह सजाया जाता है और माता तुलसी को दुल्हन की तरह सजाया जाता है। भगवान शालिग्राम ईश्वर की शक्ति के प्रतीक हैं, जबकि तुलसी माता प्रकृति का प्रतिनिधित्व करती हैं। इस विवाह से प्रकृति और भगवान के बीच के संतुलन का संदेश मिलता है। ऐसा माना जाता है कि जो व्यक्ति पूरे विधि-विधान से तुलसी विवाह करता है, उसके वैवाहिक जीवन में सुख और शांति बनी रहती है। साथ ही घर में समृद्धि, स्वास्थ्य और खुशहाली का वास होता है। तुलसी विवाह करने से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और आध्यात्मिक लाभ भी मिलते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान विष्णु के चार महीने की योग निद्रा के बाद जागरण एकादशी (देवउठनी एकादशी) के अगले दिन तुलसी विवाह संपन्न कराया जाता है। ऐसा माना जाता है कि तुलसी विवाह कराने से —वैवाहिक जीवन में प्रेम, शांति और समृद्धि आती है। अविवाहित कन्याओं को मनचाहा वर प्राप्त होता है और सबसे बड़ा लाभ, यह कन्यादान के समान पुण्यफल प्रदान करता है।  

आवाज़ की रफ्तार से तेज, लेकिन जमीन पर बिल्कुल शांत – X-59 ने किया फ्लाईट

कैलिफोर्निया नासा का नया एक्सपेरिमेंटल जेट X-59 आखिरकार उड़ान भर चुका है. यह कोई आम जेट नहीं, बल्कि एक ऐसा जेट है जो आवाज की रफ़्तार तोड़ते हुए भी वो जोरदार “धमाका” यानी सॉनिक बूम नहीं करता, जो आमतौर पर सुपरसोनिक विमानों के साथ सुनाई देता है. कैलिफोर्निया के पामडेल रीजनल एयरपोर्ट से  सुबह 10:13 बजे X-59 ने उड़ान भरी. यह उड़ान नासा के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है. बिना शोर के टूटी ‘साउंड बैरियर’ आमतौर पर जब कोई विमान आवाज़ की रफ़्तार (Speed of Sound) से तेज़ उड़ता है, तो ज़मीन पर ज़बरदस्त धमाका सुनाई देता है. इसे ही सॉनिक बूम कहा जाता है, जो इमारतों के शीशे तक हिला सकता है. यही वजह है कि 1973 से अमेरिका में आबादी वाले इलाकों के ऊपर सुपरसोनिक उड़ानें प्रतिबंधित हैं. लेकिन X-59 को खास इसी समस्या को हल करने के लिए बनाया गया है. इसे इस तरह डिज़ाइन किया गया है कि ये तेज़ उड़ान के बावजूद हवा में पैदा होने वाले झटकों और शोर को कम कर दे. नासा का मानना है कि अगर ये प्रयोग सफल रहा, तो आने वाले समय में दुनिया के सबसे “शांत” सुपरसोनिक फ्लाइट्स का दौर शुरू हो सकता है. चुपचाप हुई पहली उड़ान दिलचस्प बात ये है कि नासा ने इस टेस्ट फ्लाइट की कोई औपचारिक घोषणा नहीं की. न ही कोई प्रेस रिलीज़ जारी की गई. इसकी एक वजह अमेरिका में चल रहा सरकारी शटडाउन भी बताया जा रहा है. हालांकि विमान प्रेमियों और फोटोग्राफरों ने इस उड़ान के वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर शेयर कर दीं. तस्वीरों में X-59 को आसमान की ओर ऊंची उड़ान भरते और मोजावे डेजर्ट के ऊपर से गुजरते देखा गया. फ्लाइट ट्रैकिंग वेबसाइट्स के मुताबिक, विमान करीब एक घंटे तक हवा में रहा और एडवर्ड्स एयर फोर्स बेस के ऊपर गोल-गोल घूमता रहा. अब होगी लंबी टेस्टिंग पहली उड़ान के बाद X-59 को अब नासा के आर्मस्ट्रॉन्ग फ्लाइट रिसर्च सेंटर में ले जाया गया है. यहीं से आने वाले महीनों में इसकी लंबी टेस्टिंग की जाएगी. इस दौरान नासा की टीम इसे कई बार उड़ाएगी और ज़मीन पर लगे सैकड़ों माइक्रोफोन से इसकी आवाज़ और कंपन को मापा जाएगा. इसके अलावा, कुछ खास तरह के सेंसर लगे दूसरे विमानों को भी इसके साथ उड़ाया जाएगा ताकि यह समझा जा सके कि ये जेट हवा में कैसा व्यवहार करता है. ‘स्कंक वर्क्स’ में हुआ डिजाइन इस जेट को नासा ने लॉकहीड मार्टिन के साथ मिलकर तैयार किया है. इसे कंपनी के मशहूर “स्कंक वर्क्स” यूनिट में डिज़ाइन किया गया है, जहां दुनिया के कई सबसे गुप्त और एडवांस्ड विमान बनाए गए हैं. X-59 का पूरा स्ट्रक्चर और आकार इस तरह तैयार किया गया है कि हवा में चलते वक्त झटके और शोर बेहद कम रहें. इसका आगे का हिस्सा काफी लंबा और पतला है, जिससे हवा के टकराने का असर कम हो जाता है. क्यों है X-59 इतना अहम? नासा का मकसद सिर्फ एक नया जेट बनाना नहीं, बल्कि दुनिया को यह साबित करना है कि सुपरसोनिक उड़ानें बिना शोर के भी संभव हैं. अगर यह प्रयोग सफल रहा, तो अमेरिका में लगभग 50 साल बाद फिर से सुपरसोनिक उड़ानों पर लगा प्रतिबंध हट सकता है. इससे न सिर्फ कमर्शियल फ्लाइट्स तेज़ होंगी, बल्कि डिज़ास्टर रिलीफ, मेडिकल ट्रांसपोर्ट और दूसरे ज़रूरी कामों के लिए भी तेज़ मदद पहुंचाई जा सकेगी.  

Car Loan में छूट: ब्याज दर, प्रोसेसिंग फीस और LTV अनुपात में बढ़ोतरी

नई दिल्ली  क्या आप अपनी ड्रीम कार खरीदने का सपना देख रही हैं? तो आपके लिए बड़ी खबर है! भारतीय बैंक अब महिला कार खरीदारों को खास तवज्जो दे रहे हैं, जिसका सीधा फायदा आपको लोन डील्स में मिल सकता है. एक समय था जब हर किसी के लिए लोन की शर्तें लगभग एक जैसी होती थीं, लेकिन अब जेंडर इक्वालिटी को बढ़ावा देने और महिलाओं की वित्तीय भागीदारी बढ़ाने के लिए बैंकों ने अपने दरवाजे खोल दिए हैं, वह भी खास छूट के साथ. महिलाओं को क्या खास फायदा मिल रहा है? महिला कार लोन आवेदकों को मानक दरों की तुलना में लगभग 5-10 आधार अंक तक कम ब्याज दर की पेशकश की जा रही है. इसका मतलब है कि आपको कम ईएमआई भरनी पड़ेगी, जिससे आपकी जेब पर बोझ कम होगा. लेकिन फायदा सिर्फ ब्याज दर तक सीमित नहीं है. बैंक प्रोसेसिंग फीस में भी कटौती कर रहे हैं और सबसे महत्वपूर्ण—लोन-टू-वैल्यू (LTV) अनुपात बढ़ा रहे हैं. कैनरा बैंक जैसे सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक 0.50% तक कम दरें और सड़क पर कीमत (ऑन-रोड प्राइस) का 90% तक फंडिंग दे रहे हैं! कुछ मामलों में तो यह फंडिंग ऑन-रोड कीमत तक भी बढ़ सकती है, जिससे आपकी डाउन पेमेंट की चिंता काफी कम हो जाती है. इन लाभों का फायदा कैसे उठाएं? अगर आप इन विशेष लाभों का फायदा उठाना चाहती हैं, तो कुछ शर्तें पूरी करनी होंगी: प्राथमिक आवेदक: लोन के लिए महिला को ही प्राथमिक आवेदक होना चाहिए. रजिस्ट्रेशन: वाहन का रजिस्ट्रेशन भी महिला के नाम पर होना चाहिए. एलिजिबिलिटी: एलिजिबिलिटी मानदंड लगभग सामान्य ही हैं. उम्र: 21 से 65 वर्ष. दस्तावेज: वैध केवाईसी (KYC) और आय का प्रमाण. क्रेडिट स्कोर: 750 से ऊपर का अच्छा क्रेडिट स्कोर होना बेहतर है. ये शर्तें यह सुनिश्चित करती हैं कि वित्तीय लाभ और स्वामित्व दोनों ही महिला उधारकर्ता के पास रहें. इसके अलावा, आवेदन प्रक्रिया को भी सरल बनाया जा रहा है, जिसमें कम दस्तावेज़ और तेज़ अनुमोदन शामिल हैं. बैंक क्यों दे रहे हैं ये आकर्षक स्कीम? अमित सेठिया बताते हैं कि इन विशेष योजनाओं को शुरू करने के पीछे बैंकों का मुख्य उद्देश्य वित्तीय स्वतंत्रता को बढ़ावा देना है. बैंक महिलाओं की विश्वसनीयता को जिम्मेदार उधारकर्ता के रूप में पहचानते हैं. इन पहलों से महिलाओं को संपत्ति मालिक (Asset Owners) के रूप में सशक्तिकरण मिलता है और उनकी वित्तीय समावेशन (Financial Inclusion) में वृद्धि होती है. आरबीआई की रेपो दर स्थिर होने के बावजूद, बैंक इन लिंग-विशिष्ट ऑफर्स और त्योहारी छूट का उपयोग करके क्रेडिट पहुंच बढ़ा रहे हैं, जो सीधे तौर पर महिलाओं की आर्थिक गतिशीलता को समर्थन देता है. 

पाकिस्तान युद्ध की ओर? तालिबान से न बनने वाली वार्ता में भारत को दोषी ठहराया

इस्लामाबाद  अफगानिस्तान के साथ तनाव का ठीकरा पाकिस्तान अब भारत पर फोड़ता नजर आ रहा है। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ के आरोप हैं कि अफगानिस्तान भारत के लिए काम कर रहा है। हालांकि, इसे लेकर भारत या अफगानिस्तान सरकार की तरफ से प्रतिक्रिया नहीं आई है। उनका बयान ऐसे समय पर आया है, जब पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच तुर्की में हुई शांति वार्ता बगैर किसी समाधान के खत्म हो गई है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, आसिफ के आरोप हैं कि काबुल का नेतृत्व भारत की धुन पर नाच रहा है। उन्होंने कहा, 'काबुल में बैठे लोग जो कठपुतली का तमाशा कर रहे हैं, उनका नियंत्रण दिल्ली से किया जा रहा है।' उन्होंने कहा कि भारत पश्चिमी सीमा पर अपनी हार की भरपाई के लिए अफगानिस्तान का इस्तेमाल कर रहा है। आसिफ ने कहा कि अफगानिस्तान के चार या पांच बार पलटने के बाद तुर्की में हुई शांति वार्ता असफल हो गई। उन्होंने कहा, 'जब भी हम समझौते के करीब होते हैं और वार्ताकार काबुल को खबर करते हैं, तो बीच में कोई दखल होती है और समझौता वापस ले लिया जाता है।' उन्होंने कहा, 'भारत पाकिस्तान के साथ धीमा युद्ध लड़ना चाहता है। इसे पूरा करने के लिए वह अफगानिस्तान का इस्तेमाल कर रहे हैं।' अफगानिस्तान की तरफ से दी जा रही जवाबी कार्रवाई की धमकी पर आसिफ ने कहा, 'अगर अफगानिस्तान ने इस्लामाबाद की तरफ देखा, तो हम उनकी आंखें निकाल लेंगे।' उन्होंने कहा, 'इस बात में कोई शक नहीं है कि पाकिस्तान में आतंकवाद के लिए काबुल जिम्मेदार है।' साथ ही उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर बातचीत से बात नहीं बनती है, तो अफगानिस्तान के साथ युद्ध छिड़ सकता है। वार्ता बेनतीजा, बढ़ सकता है तनाव अफगानिस्तान और पाकिस्तान के प्रतिनिधिमंडलों के बीच तुर्की की राजधानी इस्तांबुल में चल रही वार्ता किसी नतीजे के खत्म हो गयी। दोनों पक्षों के बीच अविश्वास की गहरी खाई और परस्पर शत्रुता के कारण यह वार्ता बेनतीजा रही। एजेंसी वार्ता ने पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्टों के हवाले से बताया, क्षेत्रीय मध्यस्थता प्रयासों के बावजूद कोई प्रगति नहीं हुई है। इससे दोनों देशों के बीच तनाव गहराने और क्षेत्रीय अस्थिरता की चिंताएं और बढ़ी हैं। तुर्की और कतर ने दोनों पक्षों के नेताओं से संवाद बनाए रखने और तनाव को कम करने का आग्रह किया है ताकि पहले से अस्थिर क्षेत्र में हिंसा और न बढ़े। रिपोर्ट में कहा गया है कि मध्यस्थों ने स्वीकार किया है कि किसी भी पक्ष के बीच किसी भी मुद्दे पर सहमति नहीं बन सकी। दोनों देशों की प्राथमिकताएं और अपेक्षाएं एक-दूसरे के बिल्कुल विपरीत रहीं, जिससे वार्ता आगे नहीं बढ़ पाई। अफगान तालिबान ने पाकिस्तान पर आरोप लगाया कि वह किसी गंभीर वार्ता के लिए प्रतिबद्ध नहीं है। एजेंसी के अनुसार, इस सहयोग की कमी ने आगे संभावित तनाव बढ़ने की आशंका को जन्म दिया है। पाकिस्तान ने स्पष्ट किया है कि 'तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान' (टीटीपी) की गतिविधियों को रोकना और इस समूह के लड़ाकों को अफगानिस्तान में पनाह लेने से रोकना किसी भी समझौते की मुख्य शर्त है। पाकिस्तान टीटीपी विद्रोह को अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए सीधा खतरा मानता है। हाल में सीमा पर हुई झड़पों के बाद पाकिस्तान ने चेतावनी दी है कि यदि टीटीपी के हमले जारी रहे तो वह अफगान क्षेत्र में लक्षित सैन्य अभियान चलाना जारी रखेगा। पाकिस्तानी सुरक्षा अधिकारियों का कहना है कि सीमावर्ती नागरिकों और सैन्य चौकियों की सुरक्षा के लिए निर्णायक कार्रवाई आवश्यक है। इसके जवाब में अफगानिस्तान ने भी चेतावनी दी है कि यदि पाकिस्तान ने काबुल क्षेत्र में कोई हमला किया तो वह इस्लामाबाद के प्रमुख ठिकानों पर 'गंभीर जवाबी कार्रवाई' करेगा। अफगानिस्तान पक्ष ने यहां तक कहा कि उसकी सेना 'पाकिस्तान के महत्वपूर्ण इलाकों तक वार करने की क्षमता रखती है।'

शकीरा की युवा एनर्जी का राज: 48 में भी दिखती 26 की तरह, डाइट और रूटीन सामने

लंदन  वाका वाका (एस्टो एस अफ्रीका)… ये गाना तो अधिकतर लोगों ने सुना ही होगा और इस पर कभी ना कभी डांस भी किया होगा. इस सॉन्ग की डांसर शकीरा के किलिंग मूव्स के तो लोग आज भी दीवाने हैं. वैसे कोलंबियन सिंगर शकीरा सिर्फ अपनी आवाज और डांस मूव्स के लिए ही नहीं, बल्कि अपनी फिट और टोंड बॉडी के लिए भी जानी जाती हैं. 48 साल की उम्र में भी उनकी एनर्जी, स्टैमिना और फ्लैट एब्स देखकर लोग हैरान रह जाते हैं, लेकिन इसके पीछे एक खास रूटीन और डाइट प्लान छिपा है, जिसे उनकी ट्रेनर, अन्ना कैसर ने शेयर किया है. डांस वर्कआउट से मिलती है टोंड बॉडी शकीरा का डांस हर बार लोगों का ध्यान अपनी तरफ खींच ही लेता है, इसकी सबसे बड़ी बात ये है कि उनकी फिटनेस का राज भी उनका डांस ही है. अन्ना कैसर के मुताबिक, शकीरा का वर्कआउट रूटीन डांस और स्ट्रेंथ ट्रेनिंग का परफेक्ट कॉम्बिनेशन है. वो कहती हैं कि शकीरा ज्यादातर डांस-कार्डियो करती हैं, जिससे उनका पूरा शरीर एक्टिव रहता है और फैट तेजी से बर्न होता है. हालांकि अगर किसी दिन वह बहुत बिजी होती हैं तो वो मशीन पर कार्डियो कर लेती हैं. मगर ज्यादातर दिन वो डांस मूव्स के जरिए ही एक्सरसाइज करती हैं. अन्ना बताती हैं, 'मैं उन्हें नई रूटीन सिखाती हूं, जिन्हें वो अपने परफॉर्मेंस में भी शामिल करती हैं. डांस करते समय उन्हें खूब पसीना आता है और वर्कआउट के बाद वो नारियल पानी पीती हैं ताकि बॉडी को एनर्जी मिले.'  स्ट्रेंथ और स्टैमिना पर फोकस     सिर्फ डांस ही नहीं, फिट रहने के लिए शकीरा स्ट्रेंथ सेशन भी करती हैं, जिसमें वो 3 से 4 किलो के वजन उठाती हैं. यह वर्कआउट उनके मसल्स को टोन करता है और मेटाबॉलिज्म को मजबूत बनाता है.     अन्ना बताती हैं कि शकीरा को ऐसे मूव्स पसंद हैं, जिनसे ब्रेन और बॉडी दोनों एक्टिव रहें. वो लो-इम्पैक्ट कार्डियो करती हैं, जिसमें चोट का खतरा कम होता है लेकिन स्टैमिना बहुत बढ़ता है.     वर्कआउट खत्म करने के बाद वो फिर से डांस करती हैं ताकि शरीर में दोबारा एनर्जी आए और मूड अच्छा रहे. यही वजह है कि उनकी फिटनेस में डांस का बहुत बड़ा रोल है. सिंपल डाइट लेकिन पोषण भरपूर शकीरा का फिटनेस मंत्र सिर्फ एक्सरसाइज तक लिमिट नहीं है, बल्कि उनकी डाइट भी बहुत बैलेंस्ड है.     ट्रेनर के अनुसार, शकीरा ब्रेकफास्ट में ऑमलेट और हरी सब्जियां खाती हैं.     लंच में सलाद और प्रोटीन जैसे चिकन या फिश लेती हैं.     शकीरा डिनर को लाइट रखती हैं जिसमें प्रोटीन और स्टीम सब्जियां होती हैं.     इसके अलावा वो जंक फूड और शुगर से दूरी रखती हैं और शरीर को हाइड्रेट रखने के लिए खूब सारा पानी और नारियल पानी पीती हैं. शकीरा का फिटनेस रूटीन दिखाता है कि उम्र सिर्फ एक नंबर है, सही डाइट, डांस वर्कआउट और लगातार मेहनत से 48 की उम्र में भी वो उतनी ही एनर्जेटिक हैं जितनी अपने शुरुआती दिनों में थीं. उनका सीक्रेट है डिसिप्लिन, डांस और डिटॉक्स है, यही वजह है कि दुनिया भर की महिलाएं शकीरा को फिटनेस इंस्पिरेशन मानती हैं.

33.21 करोड़ की लागत से खातेगांव जल प्रदाय परियोजना का कार्य तेजी से प्रगति पर

खातेगांव जल प्रदाय परियोजना का कार्य तेजी से जारी परियोजना की लागत 33 करोड़ 21 लाख रूपये खातेगांव देवास जिले की खातेगांव जल प्रदाय परियोजना का कार्य एशियन डेवलपमेंट बैंक के सहयोग से तेजी से किया जा रहा है। परियोजना के तहत नर्मदा नदी से जल लेकर 7.9 एमएलडी क्षमता वाले जल शोधन संयंत्र में शुद्ध किया जाएगा। वर्तमान में 4.75 एमएलडी क्षमता का नया जल शोधन संयंत्र बनाया जा रहा है, जबकि 3.75 एमएलडी क्षमता का संयंत्र पहले से ही कार्य कर रहा है। जल संग्रहण के लिए 1000 किलोलीटर क्षमता का नया ओवरहेड टैंक बनाया जा रहा है। साथ ही एक मौजूदा ओवरहेड टैंक का उपयोग भी किया जाएगा। परियोजना के अंतर्गत कुल 6 हजार 300 घरों में नल कनेक्शन दिए जाने का कार्यक्रम बनाया गया है, इनमें से अब तक 3 हजार 526 घरों को जल प्रदाय नेटवर्क से जोड़ा जा चुका है। इस योजना से खातेगांव की लगभग 18 हजार से अधिक की आबादी को शुद्ध पेयजल की सुविधा प्राप्त होगी। परियोजना की कुल लागत करीब 33 करोड़ 21 लाख रुपये है और कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। परियोजना के पूर्ण होने से क्षेत्र में पेयजल संकट का स्थायी समाधान होगा तथा नागरिकों के जीवन स्तर में उल्लेखनीय सुधार आएगा। उल्लेखनीय है कि कार्य के अंतर्गत नर्मदा नदी पर निर्माणाधीन इंटेक वेल का कार्य भी पंप के फ्लोर लेवल तक पूर्ण होकर एपोर्च ब्रिज का कार्य जारी है। वहीं खातेगॉव नगर परिषद के पुराने ट्रेंचिंग ग्राउंड पर जल शोधन संयंत्र के विभिन्न घटकों का निर्माण भी तेज गति से जारी है। नेमावर इनटेक वेल से खातेगॉव तक रॉ वॉटर पाइप लाइन बिछाने का कार्य भी शीघ्र प्रारंभ किया जा रहा है। नगरीय विकास एवं आवास विभाग के अंतर्गत मध्यप्रदेश अर्बन डेवलपमेंट कंपनी की उज्जैन इकाई के अंतर्गत यह कार्य किया जा रहा है। कंपनी द्वारा कार्य की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि यह परियोजना लंबे समय तक जनहित में उपयोगी सिद्ध हो सके। परियोजना की खास बात यह है कि सभी कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप किए जा रहे हैं और शीघ्र ही खातेगांव को नियमित एवं स्वच्छ पेयजल आपूर्ति का लाभ मिलेगा।