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लोक एवं जनजातीय संस्कृति, परम्पराओं और रंगों से सजा शहर

राजधानी के मार्गों पर गूंजा अभ्युदय मध्यप्रदेश’ का उद्घोष लोक एवं जनजातीय संस्कृति, परम्पराओं और रंगों से सजा शहर 70वें मध्यप्रदेश स्थापना दिवस समारोह अभ्युदय मध्यप्रदेश के पूर्वरंग अंतर्गत भोपाल के विभिन्न मार्गों से निकाली गईं सांस्कृतिक यात्राएं भोपाल 70वें मध्‍यप्रदेश स्‍थापना दिवस समारोह ‘’अभ्‍युदय मध्‍यप्रदेश’’ के पूर्वरंग अंतर्गत भोपाल के विभिन्न मार्गों, स्‍थलों एवं चौराहों पर गुरुवार को भव्‍य सांस्‍कृतिक यात्राएं निकाली गईं। मध्‍यप्रदेश के लोक अंचलों एवं जनजातीय क्षेत्रों के कलाकारों ने अपनी कला प्रस्‍तुत करते हुए आम नागरिकों से अपने प्रदेश के गरिमापूर्ण स्‍थापना दिवस समारोह में सहभागिता का आह्वान किया। सांस्‍कृतिक यात्राओं में अपनी पारंपरिक वेशभूषा पहनकर लोक एवं जनजातीय नृत्‍य कलाकारों को देख लोग बहुत उत्‍साहित दिखे। यात्राओं के साथ चल रहे अश्‍व एवं उनके वाद्ययंत्रों को देख युवा वर्गों आकर्षण देखने को मिला। लोग कलाकारों के साथ सेल्‍फी लेते नजर आए। लोगों ने मध्‍यप्रदेश की विविधतापूर्ण संस्‍कृति को देख सराहना की और समारोह में सहभागिता का आमंत्रण स्‍वीकार किया। सांस्‍कृतिक यात्रा के अंतर्गत दोपहर 2 बजे भोपाल के विभिन्‍न रूट से यात्राओं का शुभारंभ हुआ। इसके तहत बैरागढ़ से प्रारंभ होकर लालघाटी चौराहा- हलालपुरा- गुफा मंदिर- द्रौणाचल आर्मी कैंट- एयरपोर्ट रोड़ चौराहा – शाहजहांनाबाद होते हुए यात्रा हमीदिया अस्पताल चौराहा तक पहुंची। इस यात्रा में मालवा का पारंपरिक लोक नृत्‍य मटकी सु स्‍वाति उखले एवं साथी, उज्‍जैन द्वारा प्रस्‍तुत किया गया। मालवा अंचल का यह पारंपरिक नृत्‍य शुभ अवसरों पर महिलाओं द्वारा किया जाता है। इसके अलावा  अर्जुन बाघमारे एवं साथी, बैतूल ने ठाठ्या नृत्‍य की प्रस्‍तुति दी। यह नृत्‍य दिवाली के अवसर पर गोण्‍ड जनजाति द्वारा किया जाता है। सीपेट जेके रोड़ से प्रारंभ हुई यात्रा क्वालिटी स्वीट्स पिपलानी- भेल कॉलेज- आइएसबीटी – डीआरएम ऑफिस चौराहा तक पहुंची। इस यात्रा में  लालबहादुर घासी एवं साथी, सीधी द्वारा घासी जनजातीय का घसियाबाजा नृत्‍य की प्रस्‍तुति दी गई। इसके अलावा  संतोष कुमार यादव एवं साथी, सीधी के कलाकारों ने अहिराई नृत्‍य की प्रस्‍तुति देते हुए आम नागरिकों स्‍थापना दिवस समारोह में सहभागिता का आह्वान किया और विविधतापूर्ण संस्‍कृति से भी परिचित कराया। कोलार डीमार्ट से प्रारंभ हुई यात्रा मंदाकिनी चौराहा – सर्वधर्म कॉलोनी निशाल मेगा मार्ट- शाहपुरा चौराहा – बिट्टन मार्केट होते हुए 10 नंबर मार्केट तक पहुंची। जहां बड़ी संख्‍या में लोगों ने इन नृत्‍यों को देखा और स्‍थापना दिवस समारोह के आयोजन से भी परिचित हुए। इसमें मालवांचल का गणगौर लोक नृत्‍य सु अनुजा जोशी एवं साथी, खंडवा द्वारा और धुलिया जनजातीय गुदुमबाजा नृत्य  तुलेश्वर भार्वे एवं साथी, डिण्‍डोरी द्वारा प्रस्‍तुत किया गया। इसी प्रकार सूरज नगर चौराहा से एकांत पार्क चौराहा, 6 नंबर मार्केट से प्रभात चौराहा और अशोका गार्डन से कोहेफिजा चौराहा तक बधाई, अहिराई, ढिमरायाई नृत्‍य की प्रस्‍तुतियों ने सम्‍पूर्ण भोपाल शहर के मार्गों को लोक की संस्‍कृति और रंगों से सजा दिया।  

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने स्वच्छता और चिकित्सकों की समय पर उपलब्धता के दिए निर्देश

जेपी अस्पताल के नवनिर्मित भवन में शीघ्र चिकित्सा सेवाएं प्रारंभ करें: उप मुख्यमंत्री  शुक्ल उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने स्वच्छता और चिकित्सकों की समय पर उपलब्धता के दिए निर्देश चिकित्सालय परिसर का निरीक्षण कर चिकित्सकों से की वन-टू-वन चर्चा भोपाल उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल जयप्रकाश जिला चिकित्सालय भोपाल का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने अस्पताल परिसर का निरीक्षण कर विभिन्न विभागों में दी जा रही स्वास्थ्य सेवाओं का प्रत्यक्ष अवलोकन किया। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने चिकित्सालय में स्वच्छता व्यवस्था, दवाओं की उपलब्धता, मरीजों के उपचार की प्रक्रिया और चिकित्सकों की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने अस्पताल के सभी प्रमुख विभागों के चिकित्सकों से वन-टू-वन चर्चा कर सेवाओं की गुणवत्ता का फीडबैक लिया और मरीजों की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की बात कही। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने निर्देश दिए कि अस्पताल के नवनिर्मित भवन में चिकित्सा सेवाएं शीघ्र प्रारंभ की जाएं, जिससे मरीजों को और अधिक सुसंगठित एवं आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हो सकें। उन्होंने कहा कि नवनिर्मित भवन का शीघ्र उपयोग प्रारंभ किया जाए और आवश्यक संसाधन एवं उपकरण की समय पर व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने अस्पताल में संचालित प्रसूति सेवाओं, बच्चों के उपचार के लिये पी.आई.सी.यू. एवं एस.एन.सी.यू., जनरल सर्जरी, ईएनटी, आर्थोपेडिक सर्जरी, दंत सेवाओं, नेत्र सेवाओं और जनरल मेडिसिन विभाग की कार्यप्रणाली की जानकारी ली। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने टेलीमेडिसिन सेवाओं को और सुदृढ़ बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों के मरीजों को विशेषज्ञ चिकित्सकों से परामर्श की सुविधा उनके नजदीकी आयुष्मान आरोग्य मंदिरों पर ही उपलब्ध कराई जाए, जिससे उन्हें उच्चस्तरीय चिकित्सा परामर्श के शहरों पर निर्भर न रहना पड़े। निरीक्षण के दौरान मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी भोपाल डॉ. मनीष शर्मा, सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक डॉ. संजय जैन, आर.एम.ओ. डॉ. प्रेमेंद्र शर्मा सहित सभी विभागों के चिकित्सक उपस्थित रहे। उप मुख्यमंत्री को अस्पताल प्रबंधन ने आउटसोर्स व्यवस्था के माध्यम से संचालित निशुल्क पैथोलॉजी, सी.टी. स्कैन और एम.आर.आई. सेवाओं की जानकारी दी। बताया गया कि वर्तमान में अस्पताल के ब्लड बैंक में होल ब्लड की सुविधा उपलब्ध है और इसके विस्तार के लिए कंपोनेंट सेपरेटर यूनिट की स्थापना की जा रही है, जिससे मरीजों को रक्त के सभी आवश्यक घटक (ब्लड कॉम्पोनेंट्स) अस्पताल से ही उपलब्ध हो सकेंगे।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने माँ नर्मदा नदी के पावन जल में 6 मगरमच्छों का कराया जलप्रवेश

 जलीय वन्यजीव संरक्षण राज्य सरकार जीवों के संरक्षण के लिए है संकल्पबद्ध : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने माँ नर्मदा नदी के पावन जल में 6 मगरमच्छों का कराया जलप्रवेश जलीय पारिस्थितिक तंत्र एवं जल प्रवाह होगा सुदृढ़: मुख्यमंत्री डॉ. यादव भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राज्य सरकार जीवों के संरक्षण के लिए संकल्पबद्ध है। माँ नर्मदा का वाहन माने जाने वाले मगरमच्छों को उनके नैसर्गिक आवास में पुनर्स्थापित करना हमारी सांस्कृतिक और पर्यावरणीय जिम्मेदारी है। मगरमच्छों के आवास के लिए यह अत्यंत अनुकूल है और उनकी उपस्थिति से नदी का पारिस्थितिक तंत्र एवं जल प्रवाह और अधिक सुदृढ़ होगा। यह महत्वपूर्ण पहल प्रदेश में चल रहे व्यापक वन्यजीव संरक्षण कार्यक्रमों की श्रृंखला का एक हिस्सा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरूवार को खंडवा जिले के नर्मदानगर (पुनासा) में विधिवत रूप से पूजन कर वन विहार भोपाल से लाये गये 6 मगरमच्छों को मां नर्मदा नदी के सलिल जल में स्वच्छंद छोड़ा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में वन्यजीवों के साथ ही मगरमच्छ जलीय जीवों के संरक्षण एवं संवर्धन में निरंतर वृद्धि होगी। प्रदेश में सभी प्रकार के जीवों के संरक्षण अभियान के तहत भारतीय संस्कृति में मनुष्य एवं वन्यजीव परस्पर एक दूंसरे पर निर्भर हैं। मगरमच्छ जलीय पारिस्थितिक तंत्र की अहम कड़ी है। इंदिरा सागर परियोजना के बैक वाटर क्षेत्र में माँ नर्मदा के वाहन के संरक्षण एवं संवर्धन की दृष्टि से पूर्ण अनुकुल माहौल उपलब्ध है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के समक्ष वन विभाग के अधिकारियों ने प्रस्तावित ओंकारेश्वर अभयारण्य के संबंध में विस्तृत कार्ययोजना एवं जानकारी दी। उल्लेखनीय है कि सामान्य वनमण्डल खण्डवा के कुल वनक्षेत्र- 283773.23 हेक्टेयर अंतर्गत प्रस्तावित ओंकारेश्वर अभ्यारण्य का कुल क्षेत्रफल 61407.09 हेक्टेयर है। जिसमें खंडवा वनमंडल अंतर्गत पुनासा, मूंदी, चांदगढ़, बलडी परिक्षेत्र शामिल हैं, वहीं देवास वनमंडल के सतवास, कॉटाफोड, पुंजापुरा, उदयनगर आदि परिक्षेत्र शामिल हैं। इस अवसर पर जनजातीय कार्य मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह, सांसद  ज्ञानेश्वर पाटिल, खंडवा की विधायक मती कंचन मुकेश तन्वे, मांधाता विधायक  नारायण पटेल, पंधाना विधायक मती छाया मोरे, खंडवा की महापौर मती अमृता अमर यादव, जिला पंचायत अध्यक्ष मती पिंकी सुदेश वानखेड़े सहित जनप्रतिनिधि, संभागायुक्त  सुदाम खाड़े, आईजी  अनुराग, डीआईजी  सिद्धार्थ बहुगुणा, कलेक्टर  ऋषव गुप्ता, मुख्य वन्य प्राणी अभिरक्षक  शुभ रंजन सेन, मध्यप्रदेश के वन बल प्रमुख  वी.एन. अंबाड़े, वन संरक्षक खंडवा सु वासु कनौजिया, वन मंडल अधिकारी  राकेश डामोर और अधिकारी उपस्थित रहे।  

विशेष आर्टिकल: बदलता उत्तर प्रदेश: ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ से सशक्त हो रही हैं नई पीढ़ी की बेटियाँ

विशेष आर्टिकल: बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ: उत्तर प्रदेश में बेटियों की सुरक्षा और शिक्षा की अनुपम क्रांति लखनऊ उत्तर प्रदेश सरकार की मिशन शक्ति फेज-5.0 के अंतर्गत बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ (BBBP) अभियान ने बेटियों के जीवन को नई दिशा दी है। यह योजना न केवल कन्या भ्रूण हत्या और लिंग भेद को रोक रही है, बल्कि बेटियों को शिक्षा, सुरक्षा और स्वावलंबन का मजबूत आधार प्रदान कर रही है। मिशन शक्ति के सुरक्षा और सम्मान स्तंभ का यह अभियान अब तक 75 जिलों में 100% कवरेज हासिल कर चुका है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 2014 से 2025 तक उत्तर प्रदेश का लिंगानुपात 878 से बढ़कर 928 प्रति 1,000 हो गया है – जो राष्ट्रीय औसत से भी बेहतर है। योजना का उद्देश्य और कार्यप्रणाली: एक संरचित दृष्टिकोण बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना का मुख्य उद्देश्य है: • कन्या भ्रूण हत्या रोकना • लिंगानुपात में सुधार • बेटियों की शिक्षा को बढ़ावा • सामाजिक जागरूकता और कानूनी कार्रवाई उत्तर प्रदेश में BBBP के प्रमुख कदम: कार्यक्रम प्रभाव PC-PNDT एक्ट का सख्ती से पालन 2025 में 1,200+ अल्ट्रासाउंड सेंटर सील कन्या पूजन अभियान नवरात्रि में 5 लाख+ बालिकाओं का सम्मान स्कूल एनरोलमेंट ड्राइव 98% बेटियों का प्राथमिक स्कूल में दाखिला महिला सशक्तिकरण मेला 75 जिलों में 1,500+ आयोजन प्रेरणादायक कहानी: बहराइच की राधा – बेटी बचाओ की जीवंत मिसाल बहराइच जिले के एक छोटे से गांव की राधा यादव (16 वर्ष) की कहानी BBBP की सफलता का प्रतीक है। राधा के जन्म के समय (2009) उनके परिवार पर तीसरी बेटी होने के कारण सामाजिक दबाव था। लेकिन बेटी बचाओ अभियान के तहत गांव में आयोजित जागरूकता सभा ने उनके पिता को समझाया कि "बेटी बोझ नहीं, वरदान है"। राधा को मिले लाभ: 1. जन्म के समय सम्मान: गांव पंचायत ने कन्या जन्मोत्सव मनाया, परिवार को 5,000 रुपये का प्रोत्साहन दिया। 2. शिक्षा में सहायता: BBBP के तहत मुफ्त किताबें, यूनिफॉर्म और साइकिल प्रदान की गई। 3. सेल्फ-डिफेंस ट्रेनिंग: मिशन शक्ति 5.0 में शामिल होकर कराटे सीखा, अब ब्लैक बेल्ट धारक। 4. स्कॉलरशिप: कक्षा 10 में 92% अंक लाने पर 25,000 रुपये की छात्रवृत्ति। 5. करियर गाइडेंस: अब NEET की तैयारी कर रही हैं, मेडिकल कॉलेज में दाखिला पक्का। राधा कहती हैं: “पहले गांव में लोग कहते थे – ‘बेटी पढ़ाओगी तो क्या डॉक्टर बनेगी?’ आज मैं उसी गांव की पहली लड़की हूँ जो मेडिकल की तैयारी कर रही हूँ। बेटी बचाओ ने मुझे बचाया, बेटी पढ़ाओ ने मुझे उड़ान दी।” मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का ऐतिहासिक योगदान: तारीफ के काबिल नेतृत्व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने BBBP को उत्तर प्रदेश में जन आंदोलन बना दिया। उनके नेतृत्व में: • हर पंचायत में ‘बेटी बचाओ समिति’ गठित। • महिला बीट ऑफिसर ने घर-घर जाकर जागरूकता फैलाई। • PC-PNDT एक्ट के तहत 1,200+ क्लीनिक बंद, 800+ डॉक्टरों पर मुकदमा। • नवरात्रि 2025 में 5 लाख कन्या पूजन, योगी जी ने स्वयं 100 बालिकाओं को सम्मानित किया। सीएम योगी का ताजा बयान (गोरखपुर, 27 अक्टूबर 2025): “2017 से पहले बेटियां घर में कैद थीं। आज मिशन शक्ति और BBBP ने उन्हें आसमान दिया है। हमारा संकल्प है – हर बेटी पढ़ेगी, हर बेटी आगे बढ़ेगी।” योगी जी का यह संवेदनशील और सशक्त नेतृत्व उत्तर प्रदेश को ‘बेटी-मैत्री राज्य’ बनाने में मील का पत्थर साबित हुआ है। भाजपा सरकार का सराहनीय कदम: राष्ट्रीय मॉडल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 2015 में शुरू बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ को उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार ने मिशन शक्ति के साथ जोड़कर क्रांतिकारी परिणाम दिए हैं। • डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम से हर जिले का लाइव डेटा। • पिंक टॉयलेट, पिंक बसें, पिंक पेट्रोलिंग – बेटियों के लिए समर्पित। • 26 लाख+ बेटियों को कन्या सुमंगला योजना से जोड़ा। यह कदम न केवल सामाजिक सुधार है, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है – क्योंकि सशक्त बेटी ही सशक्त भारत बनाएगी। निष्कर्ष: योगी सरकार की दूरदर्शिता से बेटियाँ बन रही हैं राष्ट्र की शान बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ और मिशन शक्ति फेज-5.0 ने उत्तर प्रदेश को बेटियों का स्वर्ग बनाने की दिशा में अभूतपूर्व सफलता हासिल की है। राधा जैसी लाखों बेटियाँ आज डॉक्टर, इंजीनियर, पुलिस अधिकारी बनने की राह पर हैं। योगी आदित्यनाथ सरकार की यह पहल ऐतिहासिक है क्योंकि: • 2017 से पहले अराजकता थी – आज हर गांव में बेटी का जन्म उत्सव। • लिंगानुपात में 50 अंकों का सुधार – भाजपा शासन की देन। • PC-PNDT एक्ट का सख्त पालन – भ्रष्टाचार मुक्त, पारदर्शी शासन। • शिक्षा दर में बेटियों का 98% एनरोलमेंट – विश्व स्तर पर मिसाल। • महिला सशक्तिकरण मेला, कन्या पूजन, सेल्फ-डिफेंस – सांस्कृतिक और आधुनिक का सुंदर संगम। योगी सरकार ने साबित कर दिया है – जब इच्छाशक्ति हो, तो असंभव भी संभव हो जाता है। बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ कोई सरकारी योजना नहीं, उत्तर प्रदेश की बेटियों का भविष्य है। आइए, हम सब मिलकर इस क्रांति का हिस्सा बनें! 📞 हेल्पलाइन: 181 | 1090 🌐 वेबसाइट: upmissionshakti.in 🎯 #BetiBachaoBetiPadhao #MissionShakti5 #YogiHaiToBetiSafeHai

इंट्रा स्टेट कनेक्टिविटी स्थापित करने वाला देश का पहला राज्य मध्यप्रदेश

प्रदेश के तीन सेक्टरों में 20 नवम्बर से होगा नियमित संचालन मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड द्वारा लोक-निजी भागीदारी से शुरू होगी सेवा भोपाल  मध्यप्रदेश के 70वें स्थापना दिवस पर प्रदेश को पर्यटन के क्षेत्र में नई सौगात मिलने जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 1 नवंबर को राजा भोज एयरपोर्ट भोपाल से ‘पीएम श्री हवाई पर्यटन हेलीकॉप्टर सेवा’ का शुभारंभ करेंगे। इस अवसर पर केंद्रीय नागर विमानन मंत्री श्री किंजरापु राममोहन नायडू, भारत के विधि और न्याय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री अर्जुन राम मेघवाल, पर्यटन, संस्कृति एवं धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी भी उपस्थित रहेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के फ्लैगऑफ़ के साथ तीनों हेलीकॉप्टर उज्जैन के लिए प्रस्थान करेंगे। हेलीकॉप्टर सेवा का नियमित संचालन 20 नवम्बर 2025 से होगा। पर्यटन, संस्कृति एवं धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी ने कहा कि मध्यप्रदेश पर्यटन विभाग द्वारा राज्य के पर्यटन स्थलों के बीच हवाई संपर्क को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से ‘पीएम श्री हवाई पर्यटन हेलीकॉप्टर सेवा’ प्रारंभ की जा रही है। लोक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल के अंतर्गत यह सेवा मध्यप्रदेश के पर्यटन को नई उड़ान देगी।  अपर मुख्य सचिव पर्यटन, संस्कृति, गृह और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व तथा प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड श्री शिव शेखर शुक्ला ने कहा कि मध्यप्रदेश देश में इंट्रा स्टेट एयर कनेक्टीविटी संचालित करने वाला प्रथम राज्य है। ‘पीएम श्री हवाई पर्यटन हेलीकॉप्टर सेवा’ प्रदेश में प्रमुख धार्मिक, वन्यजीव एवं प्राकृतिक पर्यटन स्थलों के बीच यात्रा अधिक सुविधाजनक और आकर्षक बनेगी। यह पहल मध्यप्रदेश को एक नए पर्यटन आयाम की ओर अग्रसर करेगी, जिससे राज्य के एडवेंचर, हेरिटेज, और स्पिरिचुअल टूरिज्म को नई पहचान मिलेगी तथा देशी-विदेशी पर्यटकों के लिए यात्रा अनुभव और भी समृद्ध होगा। ‘पीएम श्री हवाई पर्यटन हेलीकॉप्टर सेवा’ का संचालन प्रत्येक सेक्टर में सप्ताह में पांच दिन किया जाएगा। सेवा संचालन के लिए सेक्टर-1 में मेसर्स ट्रांस भारत एविएशन तथा सेक्टर-2 और सेक्टर-3 में मेसर्स जेट सर्व एविएशन प्राइवेट लिमिटेड के साथ तीन वर्ष की अवधि के लिए अनुबंध निष्पादित किए गए हैं। प्रारंभिक चरण में निजी ऑपरेटर द्वारा प्रत्येक सेक्टर में हेलीकॉप्टर संचालित किए जाएंगे जिनमें कम से कम छह यात्री सीटें होंगी। इन तीन सेक्टरों में होगा हेलीकॉप्टर सेवा का संचालन सेक्टर 1: इंदौर – उज्जैन – ओंकारेश्वर सेक्टर 2: भोपाल – मढ़ई – पचमढ़ी सेक्टर 3: जबलपुर – बांधवगढ़ – कान्हा  

विशेष आर्टिकल: ODOP ने बदली तस्वीर: यूपी के कारीगरों ने स्थानीय हुनर को बनाया वैश्विक पहचान

विशेष आर्टिकल: एक जिला एक उत्पाद (ODOP): सफलता की अनगिनत कहानियां – उत्तर प्रदेश के कारीगरों की वैश्विक उड़ान लखनऊ उत्तर प्रदेश सरकार की एक जिला एक उत्पाद (ODOP) योजना ने न केवल राज्य के पारंपरिक उद्योगों को नई जान फूंकी है, बल्कि हजारों कारीगरों, किसानों और छोटे उद्यमियों की जिंदगी को हमेशा के लिए बदल दिया है। 2018 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा शुरू की गई यह योजना अब 75 जिलों में 74 उत्पादों को कवर कर रही है, और इसके तहत अब तक 40 लाख से अधिक लोगों को रोजगार मिल चुका है। निर्यात में 76% की वृद्धि हो चुकी है, जो ₹2 लाख करोड़ को पार कर गया है। लेकिन ODOP की असली ताकत तो उसके लाभार्थियों की प्रेरणादायक कहानियों में छिपी है। आइए, विस्तार से जानें कैसे यह योजना साधारण लोगों को उद्यमी बना रही है, और कैसे योगी सरकार का यह कदम लाखों परिवारों का सहारा बन गया है। ODOP की सफलता: आंकड़ों से परे, जिंदगियों का बदलाव ODOP ने उत्तर प्रदेश को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के साथ-साथ सामाजिक सशक्तिकरण को भी बढ़ावा दिया है। योजना के तहत 80,000 से अधिक कारीगरों को कौशल प्रशिक्षण दिया गया, ₹50,000 से ₹5 लाख तक के बिना गारंटी ऋण वितरित किए गए, और GI टैग प्राप्त 15 उत्पादों को वैश्विक बाजार में पहचान मिली। लेकिन ये आंकड़े सिर्फ संख्याएं नहीं – ये उन कारीगरों की कहानियां हैं जो कभी बाजार की मार झेलते थे, आज अंतरराष्ट्रीय मंचों पर चमक रहे हैं। योजना ने महिलाओं और ग्रामीण युवाओं को विशेष रूप से सशक्त किया, जिससे पलायन रुक गया और स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत हुई। अब ODOP उत्पाद अमेज़न, फ्लिपकार्ट जैसे प्लेटफॉर्म पर बिक रहे हैं, और G20 जैसे वैश्विक आयोजनों में उपहार के रूप में भेजे जा रहे हैं। सफलता की प्रेरक कहानियां: कारीगरों की यात्रा से प्रेरणा ODOP की सफलता लाखों कहानियों में बिखरी हुई है। यहां कुछ चुनिंदा उदाहरण हैं, जो दर्शाते हैं कि कैसे योजना ने लोगों की किस्मत पलट दी: 1. झांसी की सॉफ्ट टॉयज क्रांति: रानी लक्ष्मीबाई की धरती पर खिलौनों का साम्राज्य झांसी जिले का ODOP उत्पाद सॉफ्ट टॉयज है, जो भारतीय खिलौना उद्योग का महत्वपूर्ण हिस्सा है। स्थानीय कारीगर शिवानी शर्मा (28 वर्ष) की कहानी इसका जीवंत उदाहरण है। एक साधारण सिलाई मशीन पर घर से काम करने वाली शिवानी को ODOP के तहत ₹2 लाख का ऋण और 45-दिवसीय डिजाइन ट्रेनिंग मिली। पहले उनकी मासिक आय ₹5,000 थी, लेकिन आज वे 'झांसी क्राफ्ट टॉयज' ब्रांड के तहत 20 महिलाओं को रोजगार दे रही हैं। मासिक टर्नओवर ₹3 लाख हो गया है, और उनके उत्पाद दिल्ली के क्राफ्ट म्यूजियम में बिक रहे हैं। "ODOP ने मुझे सिर्फ पैसा नहीं, आत्मविश्वास दिया। अब मेरी बेटी भी इसी व्यवसाय में हाथ बंटाएगी," शिवानी बताती हैं। योजना ने झांसी में 500+ कारीगरों को जोड़ा, जिससे जिले का खिलौना निर्यात 40% बढ़ा। 2. देवरिया की बांस उत्पाद: पूजा शाही की 'ग्रीन क्राफ्ट' कंपनी – पर्यावरण और रोजगार का संगम देवरिया का ODOP उत्पाद बांस से बने हस्तशिल्प (जैसे थ्रेड्स, कैरी बैग्स और ऑर्गेनिक कंपोस्ट) है। पूजा शाही (32 वर्ष), एक ग्रामीण महिला उद्यमी, ने ODOP के तहत ₹3 लाख सब्सिडी प्राप्त की और देवरिया डिजाइनर प्राइवेट लिमिटेड शुरू की। पहले वे खेतों में मजदूरी करती थीं, आय ₹4,000 मासिक। अब उनकी कंपनी 30 महिलाओं को प्रशिक्षण देकर मासिक ₹8 लाख का कारोबार कर रही है। उत्पाद फ्लिपकार्ट पर बिकते हैं, और पर्यावरण-अनुकूल होने से अंतरराष्ट्रीय ऑर्डर आ रहे हैं। पूजा कहती हैं, "ODOP ने बांस को कचरा से खजाने में बदल दिया। अब मेरा गांव आत्मनिर्भर है।" यह कहानी योजना की सस्टेनेबल डेवलपमेंट को दर्शाती है, जहां 200+ परिवार लाभान्वित हुए। 3. हार्दोई का हथकरघा जादू: इकबाल हुसैन – बुनकर से निर्यातक तक हार्दोई का ODOP उत्पाद हथकरघा वस्त्र (कुर्ता-पजामा) है। इकबाल हुसैन (45 वर्ष) एक पारंपरिक बुनकर थे, जिनकी दुकान बाजार की कमी से बंद होने को थी। ODOP ने उन्हें ₹10 लाख ऋण और मार्केटिंग सपोर्ट दिया। आज वे 50 बुनकरों की टीम के साथ मासिक ₹15 लाख का टर्नओवर कर रहे हैं। उनके उत्पाद ODOP मार्ट पोर्टल पर उपलब्ध हैं, और यूरोप में निर्यात हो रहा है। "पहले चीनी कपड़ों से हम हार जाते थे, अब ODOP ने हमें ब्रांड बना दिया," इकबाल कहते हैं। हार्दोई में योजना से 1,000+ नौकरियां पैदा हुईं। 4. मुरादाबाद का पीतल शिल्प: कारीगरों का वैश्विक बाजार मुरादाबाद का ODOP उत्पाद पीतल के हस्तशिल्प है। मोहम्मद शाहिद (38 वर्ष) ने ODOP के कॉमन फैसिलिटी सेंटर (CFC) से मशीनरी सब्सिडी ली। पहले उनकी आय ₹6,000 मासिक थी, अब 25 कारीगरों को रोजगार देकर ₹20 लाख वार्षिक कमाते हैं। उनके उत्पाद G20 समिट में उपहार बने। योजना ने मुरादाबाद के पीतल निर्यात को दोगुना कर दिया। 5. सिद्धार्थनगर का कलानामक चावल: किसानों की सुनहरी फसल सिद्धार्थनगर का ODOP उत्पाद कलानामक चावल (GI टैग प्राप्त) है। रामप्रसाद यादव (50 वर्ष), एक किसान, ने ODOP ट्रेनिंग से जैविक खेती सीखी और ₹1.5 लाख ऋण से प्रोसेसिंग यूनिट लगाई। पहले फसल बर्बाद हो जाती थी, अब मासिक ₹2 लाख कमाते हैं। 100+ किसान जुड़े, और चावल राष्ट्रीय बाजार में बिक रहा है। 6. गोरखपुर की टेराकोटा: स्थानीय कला का पुनरुत्थान गोरखपुर का ODOP उत्पाद टेराकोटा है। सीता देवी (42 वर्ष) ने योजना से ₹75,000 टूलकिट प्राप्त की। अब वे 15 महिलाओं को प्रशिक्षित कर रही हैं, मासिक आय ₹1 लाख। उनके उत्पाद पर्यटन स्थलों पर बिकते हैं। 7. मुजफ्फरनगर का गुड़ पाउडर: माधुरमीठास ब्रांड की मिठास मुजफ्फरनगर का ODOP उत्पाद रासायनिक-मुक्त गुड़ पाउडर है। माधुरमीठास ब्रांड की संस्थापक अंजली वर्मा ने ODOP से मार्केटिंग सहायता ली। अब राष्ट्रीय स्तर पर बिक्री हो रही है, और 50 किसानों को लाभ। ये कहानियां साबित करती हैं कि ODOP ने न केवल आय बढ़ाई, बल्कि महिलाओं को सशक्त किया और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रेरक उद्गार: ODOP को आत्मनिर्भरता का आधार मुख्यमंत्री योगी ने ODOP को बार-बार 'आत्मनिर्भर भारत' का आधार बताया है। 24 जनवरी 2024 को उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस पर अवध शिल्पग्राम में बोलते हुए उन्होंने कहा, "पहले निर्यात ₹86,000 करोड़ था, ODOP ने इसे ₹2 लाख करोड़ कर दिया। चीनी नकली उत्पादों की जगह अब ODOP … Read more

स्वास्थ्य शिक्षा में बड़ा कदम: झारखंड के चार जिलों में खुलेंगे नए मेडिकल कॉलेज

रांची झारखंड के जिलों में 4 नए मेडिकल कॉलेज खोले जाएंगे। झारखंड सरकार को राज्य में सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल के तहत चार मेडिकल कॉलेज स्थापित करने के प्रस्ताव पर केंद्र की मंजूरी मिल गई है। केंद्र सरकार ने दी मंजूरी खूंटी में 50 एमबीबीएस सीट की क्षमता के साथ, जामताड़ा, धनबाद और गिरिडीह में 100-100 सीटों की क्षमता के साथ नए मेडिकल कॉलेज खोले जाएंगे। यह मंजूरी केंद्र की 'पीपीपी मोड में मेडिकल कॉलेज की स्थापना योजना' के तहत दी गई है, जिसका उद्देश्य देश भर में चिकित्सा शिक्षा का विस्तार करना और स्वास्थ्य देखभाल सेवाओं को मजबूत करना है। जारी बयान में कहा गया है कि मंगलवार को नयी दिल्ली में आर्थिक मामलों के विभाग (डीईए) के अधिकारियों के साथ बैठक में झारखंड के स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने प्रस्तुति दी थी। बयान में कहा गया, ‘‘प्रस्तुति के बाद केंद्र ने राज्य के प्रस्ताव को अपनी मंजूरी दे दी।'' सिंह ने कहा, "पीपीपी मोड के तहत मेडिकल कॉलेज खुलने से राज्य में चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य देखभाल सेवाओं में सुधार होगा, साथ ही स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।" उन्होंने कहा कि राज्य में नये कॉलेज ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता को बढ़ावा देंगे, चिकित्सा शिक्षा तक पहुंच का विस्तार करेंगे और स्वास्थ्य अवसंरचना को मजबूत करेंगे।  

पंजाब में स्टील उद्योग को नई उड़ान! ₹342 करोड़ का निवेश, 1,500 रोजगार के अवसर खुलेंगे

चंडीगढ़ पंजाब सरकार, मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के दूरदर्शी नेतृत्व में, राज्य को औद्योगिक निवेश का प्रमुख केंद्र बनाने में लगातार सफल हो रही है। कभी किसानों का गढ़ रहा पंजाब आज उद्योगों का मजबूत आधार बन चुका है। यह सफलता घरेलू चैंपियंस और भारतीय बहुराष्ट्रीय कंपनियों के बड़े ग्रीनफील्ड निवेशों और विस्तारों से मिल रही है। पंजाब सरकार की निवेशक-अनुकूल नीतियों और सक्रिय सहयोग से ये कंपनियां नई फैक्ट्रियां लगा रही हैं और मौजूदा इकाइयों का विस्तार कर रही हैं, जिससे हजारों नौकरियां पैदा हो रही हैं और राज्य की अर्थव्यवस्था को नई गति मिल रही है। यह विकास पंजाब सरकार के औद्योगिक विकास और रोजगार बढ़ाने के विजन से पूरी तरह मेल खाता है। राज्य की सक्रिय नीतियां, निवेशक-अनुकूल पहलें और बुनियादी ढांचे के विकास के प्रति प्रतिबद्धता ऐसे बड़े निवेशों के लिए अनुकूल माहौल तैयार करती हैं। लुधियाना की वर्धमान स्पेशल स्टील्स लिमिटेड इसका जीता-जागता उदाहरण है। पंजाब सरकार की सुविधाओं का लाभ उठाते हुए इस घरेलू चैंपियन ने मिश्रधातु स्टील और विशेष स्टील क्षेत्र में 342 करोड़ रुपये का नया ग्रीनफील्ड निवेश किया है। यह प्रोजेक्ट 1,469 नई नौकरियां पैदा करेगा, जिससे स्थानीय युवाओं को अच्छी रोजगार के अवसर मिलेंगे। आधुनिक तकनीक से लैस यह नई फैक्ट्री न केवल देश की स्टील मांग को पूरा करेगी, बल्कि पंजाब सरकार के प्रयासों से पंजाब को भारत के स्टील उद्योग में अग्रणी राज्य के रूप में स्थापित करेगी। यह निवेश पंजाब सरकार की क्षमता को दर्शाता है कि वह उच्च मूल्य वाले घरेलू निवेश को कैसे आकर्षित कर रहा है, बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन कर रहा है और स्टील सहित विभिन्न क्षेत्रों में औद्योगिक ढांचे को मजबूत बना रहा है। यह उपलब्धि पंजाब सरकार की व्यापक विकास कहानी का हिस्सा है। पिछले 32 महीनों में पंजाब सरकार की 'इन्वेस्ट पंजाब' पहल के तहत 5,265 निवेश हुए हैं, जिनकी कुल राशि लगभग 89,000 करोड़ रुपये है। इससे पूरे राज्य में 3,87,806 नौकरियां पैदा होने की उम्मीद है। पंजाब सरकार का ऑनलाइन निवेश पोर्टल 28 राज्यों में प्रथम स्थान पर है और 58,000 से अधिक छोटे-मध्यम उद्यमों (एसएमई) का पंजीकरण हुआ है, जो उद्योगी उद्यमिता का नया रिकॉर्ड है। वर्धमान स्पेशल स्टील्स के अलावा अन्य बड़े प्रोजेक्ट्स भी पंजाब सरकार के मार्गदर्शन में पंजाब को चमका रहे हैं। टाटा स्टील ने लुधियाना में द्वितीयक स्टील उत्पादन के लिए 2,600 करोड़ रुपये का विस्तार किया है। होशियारपुर में सोनालिका ट्रैक्टर्स ने विनिर्माण और फाउंड्री यूनिट्स में 1,300 करोड़ रुपये का निवेश किया है। चंडीगढ़ क्षेत्र में बीएमडब्ल्यू ग्रुप ऑटोमोटिव क्षेत्र में नई ग्रीनफील्ड फैक्ट्री लगा रहा है, जो हजारों नौकरियां पैदा करेगी। ये सभी निवेश पंजाब सरकार की नीतियों से पंजाब को घरेलू और अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के लिए आकर्षक बना रहे हैं और पंजाब सरकार की निवेशक-अनुकूल नीतियों का प्रमाण हैं। पंजाब सरकार ने 100 प्रतिशत भूमि उपयोग बदलाव (सीएलयू) में छूट और एसजीएसटी की वापसी (निश्चित पूंजी निवेश के 125% तक) जैसी सुविधाएं प्रदान की हैं, जिससे निवेशकों को आसानी हो रही है। पंजाब सरकार की 'सरकार आपरे द्वार' पहल के जरिए प्रशासन उद्योगपतियों के द्वार पर पहुंच रहा है, मुद्दों का तुरंत समाधान कर रहा है और प्रोजेक्ट्स को सुचारू रूप से आगे बढ़ा रहा है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "यह तो शुरुआत मात्र है। पंजाब सरकार के नेतृत्व में पंजाब व्यवसाय के लिए हमेशा खुला है। हम अपने युवाओं और निवेशकों के लिए टिकाऊ और समृद्ध औद्योगिक माहौल बनाने के प्रति पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध हैं।"वर्धमान स्पेशल स्टील्स जैसे निवेशों और अन्य औद्योगिक प्रोजेक्ट्स से पंजाब सरकार के प्रयासों से पंजाब एक नए युग में प्रवेश कर रहा है, जहां उच्च मूल्य वाले निवेश, बड़े स्तर पर रोजगार और औद्योगिक नवाचार साथ-साथ चल रहे हैं। पंजाब सरकार की अच्छी शासन व्यवस्था और निवेशक-अनुकूल नीतियों से राज्य निवेश का पसंदीदा गंतव्य बन रहा है।

भारत की शेरनियाँ गरजीं! जेमिमा-हरमन की ताबड़तोड़ पारी से टूटा ऑस्ट्रेलिया का घमंड, 8 रिकॉर्ड एक साथ

नवी मुंबई  नवी मुंबई का मैदान, तारीख 30 अक्टूबर और मौका था भारत और ऑस्ट्रेल‍िया के बीच महिला वर्ल्ड कप 2025 सेमीफाइनल का… यह मुकाबला भारत के लिए ऐसा था, जहां उसके सामने 7 बार की वर्ल्ड चैम्प‍ियन थी. मुकाबले में भारत के सामने एक मुश्किल रन चेज था. लेकिन जेमिमा रॉड्रिग्स और हरमनप्रीत कौर की साझेदारी से टीम ने वापसी की जीत दिलाई. भारत ने 9 गेंद शेष रहते हुए 5 विकेट से जीत दर्ज की.  जब भारत ने इतिहास रचते हुए फाइनल में जगह बनाई, तो जेमिमा रोड्रिग्स दौड़कर अमनजोत कौर के पास पहुंचीं. उन्होंने उन्हें उठाया और फिर पिच के पास लेट गईं. कुछ ही सेकंड में बाकी खिलाड़ी भी बिजली की रफ्तार से मैदान पर दौड़ आए, जैसे उन्हें यकीन ही नहीं हो रहा था कि भारत तीसरी बार और 2017 के बाद पहली बार वर्ल्ड कप फाइनल में पहुंच गया है. ऑस्ट्रेलिया का 16 मैचों से चला आ रहा जीत का सिलसिला टूटा  339 रनों के रिकॉर्ड लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत ने रॉड्रिग्स (नाबाद 127) और हरमनप्रीत (89) की शानदार पारियों के दम पर लक्ष्य 9 गेंदें शेष रहते ही हासिल कर लिया. इस जीत के साथ पहली बार वनडे वर्ल्ड कप फाइनल में ऑस्ट्रेलिया या इंग्लैंड में से कोई भी टीम नहीं होगी. भारत अब रविवार को दक्षिण अफ्रीका से भिड़ेगा. DY पाटिल स्टेडियम में मौजूद 34,651 दर्शकों ने क्रिकेट का यादगार दिन देखा. महिला विश्व कप में सबसे लंबी जीत का सिलसिला 15 – ऑस्ट्रेलिया (2022-2025) – 30 अक्टूबर 2025 को यह सिलसिला टूट गया 15 – ऑस्ट्रेलिया (1997-2000) 12 – ऑस्ट्रेलिया (1978-1982) 11 – न्यूज़ीलैंड (1988-1993) 10 – इंग्लैंड (1993-1997) विश्व कप में ऑस्ट्रेलिया की पिछली हार भी भारत के खिलाफ ही हुई थी: 2017 के डर्बी सेमीफाइनल में.  विश्व कप सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया मैच: 6, जीत: 4, हार 2 (दोनों भारत के खिलाफ) वहीं इस मुकाबले को जीतकर भारतीय टीम ने कई नायाब कीर्तिमान अपनी झोली में दर्ज कर लिए. आइए उन पर भी एक नजर डाल लेते हैं. वैसे महिला क्रिकेट के इतिहास में 30 अक्टूबर 2025 का दिन स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाएगा. भारत ने ऑस्ट्रेलिया को हराकर न केवल वर्ल्ड कप फाइनल में जगह बनाई, बल्कि कई अविश्वसनीय रिकॉर्ड्स भी अपने नाम किए.  ऐसी रही भारत की बैटिंग 339 रनों के जवाब में उतरी भारत की शुरुआत अच्छी नहीं रही. शेफाली वर्मा जो प्रतीका रावल की इंजरी के बाद टीम से जुड़ी थीं. वो कमाल नहीं कर सकीं. शेफाली के बल्ले से केवल 10 रन आए. इसके बाद 10वें ओवर में स्मृति मंधाना का विकेट गिर गया. मंधाना ने 24 रन बनाए. हालांकि, इसके बाद हरमनप्रीत और जेमिमा के बीच अच्छी साझेदारी हो रही है. दोनों ने 18वें ओवर में भारत का स्कोर 100 के पार पहुंचा दिया. दोनों के बीच शतकीय साझेदारी हुई. लेकिन 36वें ओवर में भारत को तीसरा झटका लगा जब कप्तान हरमनप्रीत 89 रन बनाकर आउट हुईं. हरमनप्रीत और जेमिमा के बीच 167 रनों की साझेदारी हुई थी. इसके बाद दीप्ति शर्मा ने अच्छी पारी खेली लेकिन 41वें ओवर में वह 24 रन बनाकर रन आउट हो गईं. लेकिन दूसरे छोर पर जेमिमा टिकी रहीं. उन्होंने 115 गेंदों में शतक लगाया. इसके बाद 46वें ओवर में ऋचा का विकेट गिरा. ऋचा ने 16 गेंद में 26 रन बनाए. जब ऋचा आउट हुईं तो भारत को जीत के लिए 24 गेंद में 29 रनों की जरूरत थी. लेकिन इसके बाद अमनजोत और जेमिमा ने भारत को 49वें ओवर में ही जीत दिला दी. भारत का फाइनल मैच अब 2 नवंबर को साउथ अफ्रीका के साथ होगा. जेमिमा ने 127 रनों की नाबाद पारी में 14 चौके लगाए.   ऐसी रही ऑस्ट्रेलिया की पारी पहले बल्लेबाजी करने उतरी ऑस्ट्रेलिया की शुरुआत बहुत अच्छी नहीं रही. कप्तान एलिसी हीली केवल 5 रन बनाकर आउट हो गईं. लेकिन इसके बाद लिचफील्ड और एलिस पेरी के बीच शतकीय साझेदारी हुई. लिचफील्ड ने तूफानी अंदाज में बल्लेबाजी की. 20 ओवर के बाद ऑस्ट्रेलिया का स्कोर 130 के पार पहुंच गया. लेकिन लिचफील्ड एक छोर पर टिकीं रहीं. उन्होंने 77 गेंदों पर तूफानी शतक जड़ा. हालांकि, 28वें ओवर में ऑस्ट्रेलिया को दूसरा झटका लगा, जब अमनजोत कौर ने लिचफील्ड को बोल्ड किया. लिचफील्ड ने 93 गेंद में 119 रन बनाए. लिचफील्ड ने 17 चौके और 3 छक्के लगाए. 34वें ओवर में ऑस्ट्रेलिया को तीसरा झटका लगा जब बेथ मूनी का विकेट श्री चरणी ने झटका. मूनी ने 24 रन बनाए.  इसके बाद 36वें ओवर में फिर श्रीचरणी ने भारत को सफलता दिलाई और सदरलैंड को आउट किया. 40वें ओवर में भारत को 5वीं सफलता मिली, जब एलिस पेरी का विकेट राधा ने झटका. पेरी ने 77 रन बनाए. इसके बाद 43वें ओवर में मैकग्रा रन आउट हुईं. इसके बाद एश्ली गार्डनर ने तूफानी फिफ्टी जड़ी. लेकिन ऑस्ट्रेलिया की पूरी टीम 49.5 ओवर में 338 के स्कोर पर सिमट गई. 1- पहला तो यह कि यह किसी व‍िश्वकप में एक मैच का सबसे ज्यादा एग्रीगेट स्कोर है…  महिला वनडे में सर्वाधिक मैच कुल योग (एग्रीगेट स्कोर) 781 – भारत बनाम ऑस्ट्रेलिया, दिल्ली, 2025 679 – भारत बनाम ऑस्ट्रेलिया, मुंबई वनडे, 2025 विश्व कप 678 – इंग्लैंड बनाम साउथ अफ्रीका, ब्रिस्टल, 2017 विश्व कप 661 – भारत बनाम ऑस्ट्रेलिया, विशाखापत्तनम, 2025 विश्व कप 651 – भारत  बनाम दक्षिण अफ्रीका-विजेता, कोलंबो रॉयल्स, 2025 2- भारत ने 339 रन का पीछा कर महिला वर्ल्ड कप इतिहास में सबसे बड़ा सफल चेज पूरा किया 300+ टारगेट चेज महिला वर्ल्ड कप कप में  339 – भारत vs ऑस्ट्रेलिया, मुंबई (2025 WC) 331 – ऑस्ट्रेलिया vs भारत, विशाखापट्टनम (2025) 302 – श्रीलंका vs साउथ अफ्रीका, पोटचेफस्ट्रूम (2024) 3- यह पहली बार है जब किसी ODI वर्ल्ड कप नॉकआउट (पुरुष या महिला) में 300+ टारगेट चेज किया गया 4- भारत का 341/5 स्कोर महिला ODI में दूसरा सबसे बड़ा सफल रन चेज (369/10 vs AUS, दिल्ली, 2025 के बाद) है. इससे पहले भारत का सर्वाधिक सफल चेज़ 265 रन था (vs ऑस्ट्रेलिया, मैके, 2021) 5- जेमिमा रॉड्रिग्स बनीं महिला वर्ल्ड कप नॉकआउट मैच में शतक लगाने वाली दूसरी बल्लेबाज (पहली थीं नैट सिवर-ब्रंट – 148*, 2022 फाइनल में) 6- भारत तीसरी बार महिला वनडे वर्ल्ड कप … Read more

सट्टा बाजार का रुझान: NDA आगे, महागठबंधन पिछड़ा — नीतीश कुमार की किस्मत चमकने को तैयार?

पटना बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में राजनीतिक पारा चढ़ चुका है, लेकिन असली हलचल राजस्थान के मशहूर फलोदी सट्टा बाजार में देखने को मिल रही है। यहां के भाव अक्सर चुनावी नतीजों से पहले ही रुझान बता देते हैं। अगर इस बार के बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की बात करें तो यहां के ताज़ा भावों के अनुसार, NDA को बढ़त मिल रही है और महागठबंधन  पिछड़ता नजर आ रहा है। NDA पर सबसे ज्यादा दांव, रिटर्न भी डबल! फलोदी सट्टा बाजार में NDA के पक्ष में तेजी से दांव लग रहे हैं। अगर कोई व्यक्ति NDA की जीत पर ₹1000 का दांव लगाता है, तो उसे ₹2000 तक रिटर्न मिल सकता है। इसका मतलब है कि सटोरियों के अनुसार NDA की सरकार बनने की संभावना सबसे अधिक है। सीटों का अनुमान NDA: 128–132 सीटें (कभी-कभी 135–138 तक भी रुझान) महागठबंधन: 93–100 सीटों तक सीमित स्पष्ट है कि महागठबंधन का ग्राफ नीचे जा रहा है, जबकि NDA लगातार मजबूती पा रहा है।  नीतीश कुमार के भाव सबसे मजबूत मुख्यमंत्री पद को लेकर सट्टा बाजार में नीतीश कुमार का नाम सबसे आगे है। उनके भाव 40–45 पैसे पर टिके हैं, यानी सटोरियों का मानना है कि नीतीश ही NDA का चेहरा  बने रहेंगे। महागठबंधन के लिए बढ़ीं मुश्किलें महागठबंधन की बात करें तो उनके लिए यह चुनाव चुनौतीपूर्ण होता दिख रहा है। सटोरियों के अनुसार, गठबंधन की सीटें 93–96 तक सीमित रह सकती हैं। हालांकि प्रचार तेज़ हो रहा है, लेकिन बाजार के भावों में फिलहाल सुधार नहीं दिख रहा। वोटिंग डेट्स और आगे का ट्रेंड बिहार में वोटिंग 6 और 11 नवंबर को होगी। विशेषज्ञों का कहना है कि जैसे-जैसे प्रचार अपने चरम पर पहुंचेगा, वैसे-वैसे सट्टा बाजार में सीटवार भाव और भी स्पष्ट होंगे। फलोदी बाजार का मूड तेजी से बदलता है, इसलिए आखिरी हफ्ते के ट्रेंड निर्णायक हो सकते हैं।