samacharsecretary.com

BCCI की नाराज़गी: एशिया कप ट्रॉफी न मिलने पर ICC से करेगा शिकायत

नई दिल्ली  भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के सचिव देवजीत सैकिया ने कहा है कि बोर्ड आईसीसी की तिमाही बैठक में पुरुष टी20 एशिया कप 2025 की ट्रॉफी सौंपने में हुई देरी पर औपचारिक रूप से आपत्ति दर्ज कराएगा। यह बैठक 4-7 नवंबर तक दुबई में आयोजित की जाएगी। बीसीसीआई सचिव ने शनिवार को आईएएनएस को बताया, "मैंने बीसीसीआई की ओर से अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी है कि हम अगले 2-3 दिन और इंतजार करेंगे। अगर हमें ट्रॉफी वापस नहीं मिलती, तो हम 4 नवंबर से शुरू होने वाली आईसीसी बैठक में यह मुद्दा उठाएंगे। फिलहाल हम अगले दो दिनों का इंतजार कर रहे हैं।" उन्होंने कहा, "हमने 10 दिन पहले एसीसी को एक पत्र भेजा है। अगर ट्रॉफी नहीं आती, तो हम आईसीसी के सामने अपनी शिकायत रखेंगे, क्योंकि वह क्रिकेट की सर्वोच्च संस्था है।" सूर्यकुमार यादव की अगुवाई वाली भारतीय टीम ने 28 सितंबर को एशिया कप 2025 के खिताबी मैच में पाकिस्तान को 5 विकेट से मात दी थी। इसके बाद टीम इंडिया ने एशियन क्रिकेट काउंसिल (एसीसी) के अध्यक्ष और पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी के हाथों एशिया कप ट्रॉफी लेने से इनकार कर दिया। नौवां एशिया कप खिताब जीतने के बाद जब भारत ने मोहसिन नकवी के हाथों ट्रॉफी लेने से इनकार किया, तो अफरा-तफरी मच गई। कुछ देर बाद अधिकारी ट्रॉफी वापस अपने साथ ले गए। इसके बाद भारतीय खिलाड़ियों ने ट्रॉफी के बगैर ही जीत का जश्न मनाया। पिछले महीने ऐसी खबरें आई थीं कि मोहसिन नकवी ने 10 नवंबर को ट्रॉफी सौंपने के अपने इरादे की जानकारी दी थी। एसीसी अध्यक्ष ने कथित तौर पर इस महीने दुबई में एक कार्यक्रम आयोजित करने की पेशकश की है, जहां एशिया कप भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम को सौंपा जा सके। यह कार्यक्रम महाद्वीपीय संस्था और बीसीसीआई के बीच पत्रों के आदान-प्रदान के बाद प्रस्तावित किया गया था। भले ही बीसीसीआई ने ट्रॉफी और विजेताओं के पदकों के मुद्दे को सुलझाने के लिए एसीसी को औपचारिक रूप से पत्र लिखा था, लेकिन मामला अभी तक अनसुलझा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, नकवी ने ट्रॉफी को एसीसी मुख्यालय से किसी अज्ञात स्थान पर स्थानांतरित कर दिया है।

हरियाणा में पारा लुढ़का, बढ़ा प्रदूषण का कहर — जानिए किस जिले की हवा सबसे खराब

हरियाणा  हरियाणा में मौसम ने करवट ले ली है। सूबे में सुबह और शाम ठंड लग रही है।  अब दिन के तापमान में भी गिरावट देखी जा रही है। कुछ दिन पहले तापमान 35 डिग्री सेल्सियस के बीच था, अब यह घटकर 31 डिग्री तक पहुंच गया है। तापमान में गिरावट के साथ प्रदूषण का स्तर भी बढ़ रहा है। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक इस सप्ताह के बाद से ठंड और बढ़ेगी। वहीं भिवानी में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 406 दर्ज किया गया, जो देश के सबसे प्रदूषित शहरों में से एक रहा। इसके अलावा फतेहाबाद में AQI 309, सोनीपत में 317 और बल्लभगढ़ में 320 दर्ज किया गया। बताया जा रहा है कि 4 जिलों में हवा सांस लेने लायक नहीं है। जिनमें चार शहर भिवानी, सोनीपत, फतेहाबाद और बल्लभगढ़ रेड जोन में शामिल हैं। वहीं मौसम विभाग ने बताया है कि कल तक मौसम शुष्क रहेगा।   

EPFO का पूरा बैलेंस निकालना अब हुआ आसान, मोबाइल से करें सिर्फ कुछ मिनटों में

नई दिल्ली ईपीएफओ ने कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत दी है। अब पीएफ सदस्य अपने खाते से 100% राशि निकाल सकते हैं। ईपीएफओ की वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन क्लेम किया जा सकता है। आगे आप इस प्रोसेस को स्टेप-बाय-स्टेप समझ सकते हैं। हाल ही में EPFO ने एक बड़ा बदलाव करते हुए कर्मचारियों को राहत दी है। अब कर्मचारी भविष्य निधि संगठन यानी कि EPFO के सदस्य अपने पीएफ खाते से 100% राशि निकाल पाएंगे। ऐसे में अगर आप भी एक नौकरी पेशा शख्स हैं, तो आपके लिए भी जान लेना जरूरी है कि किस तरह से पीएस से पैसा निकाला जा सकता है। इससे पहले कि हम मोबाइल से EPFO का सारा पैसा निकालने का तरीका समझें, इस बात पर ध्यान दें कि नौकरी छूटने के बाद पूरी राशि निकालने की समय सीमा अब 2 महीने से बढ़ाकर 12 महीने कर दी गई है। चलिए अब हम EPFO से पैसे निकालने का तरीका समझ लेते हैं। EPFO से सारा पैसा निकालने के स्टेप्स अपने PF अकाउंट से सारा पैसा निकालने के लिए आपको सबसे पहले आपको EPFO की ऑफीशियल साइट पर जाना होगा और अपने UAN नंबर और पासवर्ड की मदद से अपने अकाउंट में लॉग-इन करना होगा।     लॉग इन करने के बाद डैश बोर्ड पर दिख रहे Online Services के ऑप्शन पर क्लिक करें और Claims ऑप्शन पर क्लिक करें।     इसके बाद आपके सामने एक फॉर्म खुलेगा। यहां कुछ फील्ड्स पहले से भरी हुई होंगी और कुछ फील्ड्स में आपको अपनी डिटेल्स भरनी होंगी।     इस फॉर्म पर आपको अपना बैंक अकाउंट नंबर डालना होगा और नियमों और शर्तों को स्वीकार करना होगा।     इसके बाद आपको अपनी आखिरी जॉब की डिटेल्स दिखाई देंगी और साथ ही डेट ऑफ एग्जिट का भी जिक्र उसमें होगा। डेट ऑफ एग्जिट का मतलब आपकी पिछली जॉब के लास्ट वर्किंग डे से होता है। आगे के स्टेप्स     इसके बाद Proceed For Online Claim पर क्लिक करके अगले स्टेप्स पर जाएं।     इसके बाद आपको I want to apply for में Form 19 को चुनना होगा और इसी के साथ आपके सामने एक और फॉर्म खुल जाएगा।     इस ऑप्शन के नीचे आपको Form 15G जमा करने का ऑप्शन मिलेगा। इस फॉर्म को तब भरकर सबमिट किया जाता है जब विड्रॉल की जा रही अमाउंट 50 हजार से ज्यादा हो और आप न चाहते हों कि उस पर आपसे 10% टीडीएस या टैक्स लिया जाए।     इसके बाद आपको अपने आधार कार्ड पर दिया पता भरना होगा और फिर मांगा जाए, तो कैंसिल चेक की फोटो अपलोड करनी होगी।     इसके बाद शर्तों को स्वीकार करके Get Aadhaar OTP पर टैप करें और OTP वेरिफाई करके अपने फॉर्म को सबमिट कर दें।     इसके बाद कुछ ही दिन में आपको अपने अकाउंट में आपका PF का पैसा मिल जाएगा।  

11 साल के मासूम की किस्मत चमकी, पंजाब दिवाली बंपर लॉटरी में बना करोड़पति

होशयारपुर लुधियाना में 31 अक्टूबर को पंजाब स्टेट डियर लॉटरी दिवाली बंपर 2025 का ड्रा निकाला गया, जिसमें होशियारपुर के डीलर की किस्मत चमक गई। होशियारपुर के एक डीलर का 1 करोड़ रुपए का इनाम निकला है। बता दें कि इस बार कुल 38 करोड़ के इनाम निकाले गए हैं। जानकारी के अनुसार, होशियारपुर से लुधियाना अपने रिश्तेदारों के घर आए एक व्यक्ति ने अपने बेटे की जिद्द पर कुछ घंटे पहले ही दिवाली बंपर का टिकट खरीदा था और उसी टिकट पर 1 करोड़ रुपए का इनाम निकल आया। खुशी में लॉटरी स्टॉल के मालिक ने लड्डू बांटे और ढोल-नगाड़ों पर भांगड़ा भी किया।  1 करोड़ रुपए की लॉटरी लगी होशियारपुर के डीलर को अधिकारियों ने बताया कि पंजाब स्टेट लॉटरी विभाग द्वारा दिवाली बंपर 2025 के लिए ₹38 करोड़ के इनामों का ड्रा निकाला गया। दूसरी ओर, लुधियाना में रिश्तेदारों के घर आए व्यक्ति ने शाम के समय घंटा घर चौक स्थित गांधी ब्रदर्स से लॉटरी टिकट खरीदे। ड्रॉ से लगभग ढाई घंटे पहले खरीदी गई टिकट पर ही उसे 1 करोड़ रुपए का इनाम मिला। विजेता ने बताया कि उनका 11 वर्षीय बेटा दिवाली बंपर लेने की जिद्द कर रहा था, और जब उन्होंने पांच आखिरी बची टिकटें खरीदीं, तो उन्हीं में से एक टिकट पर यह 1 करोड़ का इनाम निकल आया। ड्रा की तारीख और स्थान: पंजाब स्टेट दिवाली बंपर 2025 का लाइव ड्रा 31 अक्टूबर 2025 को रात 8:00 बजे लुधियाना के कैंप कार्यालय में निकाला गया। पंजाब स्टेट डियर दिवाली बंपर 2025 की इनामी संरचना इस प्रकार है:      पहला पुरस्कार (पुरस्कारों की संख्या – 1) – ₹11,00,00,000     दूसरा पुरस्कार (पुरस्कारों की संख्या – 3) – ₹1,00,00,000     तीसरा पुरस्कार (पुरस्कारों की संख्या – 3) – ₹50,00,000     चौथा पुरस्कार (पुरस्कारों की संख्या – 9) – ₹10,00,000     पांचवां पुरस्कार (पुरस्कारों की संख्या – 9) – ₹5,00,000     छठा पुरस्कार (पुरस्कारों की संख्या – 2,400) – ₹9,000     सातवां पुरस्कार (पुरस्कारों की संख्या – 2,400) – ₹5,000     आठवां पुरस्कार (पुरस्कारों की संख्या – 2,400) – ₹3,000     नवां पुरस्कार (पुरस्कारों की संख्या – 1,20,000) – ₹1,000 इस वर्ष कुल 24 लाख टिकटें तीन सीरीज — A, B और C में छपी हैं, जिनके सीरियल नंबर 200000 से 999999 तक हैं। यहां पर आपको रियल टाइम लाइव अपडेट्स और सभी विजेता नंबरों की पूरी सूची मिलेगी।  

भारत का बड़ा कदम: कल लगेगा ‘समुद्र की आँख’ का लॉन्च — ऑपरेशन सिंदूर 2.0 और भी खतरनाक

बेंगलुरु  कल यानी 2 नवंबर 2025 को भारत का प्रसिद्ध लॉन्च व्हीकल LVM3 रॉकेट अपनी पांचवीं उड़ान भरेगा. यह उड़ान LVM3-M5 के नाम से जाना जाएगा. इस उड़ान में भारत का सबसे भारी संचार उपग्रह CMS-03 अंतरिक्ष में भेजा जाएगा. यह उपग्रह भारतीय नौसेना के लिए बहुत खास है. यह न केवल समुद्री इलाकों में संचार को मजबूत करेगा, बल्कि ऑपरेशन सिंदूर जैसे महत्वपूर्ण अभियानों से सीखे गए सबकों को भी मजबूत करेगा. LVM3: भारत का विश्वसनीय रॉकेट LVM3 भारत के अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन ISRO का सबसे ताकतवर लॉन्च व्हीकल है. इसका पूरा नाम लॉन्च व्हीकल मार्क-3 है. यह रॉकेट भारी सामान को अंतरिक्ष में ले जाने के लिए बनाया गया है. अब तक की चार उड़ानों में इसने शानदार काम किया है. सबसे हाल की उड़ान चंद्रयान-3 की थी, जिसमें भारत चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के पास पहली बार सफल लैंडिंग करने वाला देश बना. अब LVM3-M5 की बारी है. यह रॉकेट पूरी तरह तैयार है. 26 अक्टूबर 2025 को इसे उपग्रह के साथ जोड़कर लॉन्च पैड पर ले जाया गया. अब अंतिम जांच चल रही है. लॉन्च शाम 5:26 बजे श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से होगा. आप इसे ISRO के यूट्यूब चैनल पर लाइव देख सकते हैं. CMS-03: भारत का सबसे भारी संचार उपग्रह CMS-03 का पूरा नाम कम्युनिकेशन सैटेलाइट मिशन-03 है. यह एक मल्टी-बैंड संचार उपग्रह है, यानी यह कई तरह की रेडियो तरंगों पर काम करेगा. इसका वजन करीब 4400 किलोग्राम है. यह भारत से जियोसिंक्रोनस ट्रांसफर ऑर्बिट (जीटीओ) में भेजा जाने वाला सबसे भारी संचार उपग्रह होगा. जीटीओ एक ऐसी कक्षा है जहां से उपग्रह आसानी से जियोस्टेशनरी ऑर्बिट में पहुंच जाता है. वहां यह पृथ्वी के ऊपर घूमता रहता है. लगातार संपर्क रखेगा. यह उपग्रह सात साल तक काम करेगा. यह भारतीय मुख्यभूमि और बड़े समुद्री इलाकों को कवर करेगा. इसमें इंटरनेट कनेक्टिविटी, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग और सुरक्षित डेटा ट्रांसमिशन जैसी सुविधाएं होंगी. खास बात यह है कि यह दूरदराज के इलाकों, जहाजों और हवाई जहाजों को मजबूत कनेक्शन देगा. पहले के संचार उपग्रहों से यह ज्यादा क्षमता वाला है, यानी ज्यादा डेटा तेजी से भेज सकेगा. भारतीय नौसेना के लिए क्यों खास है CMS-03? CMS-03 मुख्य रूप से भारतीय नौसेना के लिए बनाया गया है. इसे GSAT-7R भी कहा जाता है. नौसेना के जहाज, पनडुब्बियां और विमान समुद्र में दूर-दूर तक जाते हैं. वहां सिग्नल कमजोर हो जाते हैं. यह उपग्रह नौसेना को सुरक्षित और तेज संचार देगा.  उदाहरण के लिए…     सुरक्षा बढ़ेगी: नौसेना के अधिकारी रीयल-टाइम में दुश्मन की गतिविधियों पर नजर रख सकेंगे.     समन्वय आसान: अलग-अलग जहाजों के बीच बातचीत तेज होगी, जिससे अभियान सफल होंगे.     समुद्री सुरक्षा: हिंद महासागर, अरब सागर और बंगाल की खाड़ी जैसे इलाकों में निगरानी मजबूत होगी. यह उपग्रह नौसेना को 'समुद्री आंख' देगा. मतलब, समुद्र में हर चाल पर नजर रहेगी. इससे भारत की समुद्री सीमाओं की रक्षा और मजबूत होगी. ऑपरेशन सिंदूर से कैसे जुड़ा है यह उपग्रह? अब बात करते हैं ऑपरेशन सिंदूर की. यह भारत का एक महत्वपूर्ण सैन्य अभियान था, जो मई 2025 में हुआ. यह अभियान सिर्फ चार दिनों का था, लेकिन इसने भारत की सैन्य ताकत दिखाई. लेकिन इस ऑपरेशन से एक बड़ा सबक मिला: संचार और निगरानी में कमी न हो. ऑपरेशन के दौरान वायुसेना, सेना और नौसेना को एक-दूसरे से तुरंत संपर्क की जरूरत पड़ी. समुद्री इलाकों में जहाजों को वायुसेना के साथ समन्वय करना पड़ा. लेकिन पुराने उपग्रहों की वजह से कुछ देरी हुई.  ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत सरकार ने सैन्य संचार को मजबूत करने का फैसला लिया. इसके तहत 3 अरब डॉलर का स्पाई सैटेलाइट प्रोजेक्ट तेजी से चलाया जा रहा है. CMS-03 इसी का हिस्सा है. यह नौसेना को ऐसे संचार देगा जो दुश्मन जाम न कर सके. अगर भविष्य में 'ऑपरेशन सिंदूर २.०' जैसा कुछ हो, तो नौसेना इस उपग्रह से वायुसेना और सेना के साथ बेहतर तालमेल बिठा सकेगी.  ऑपरेशन सिंदूर ने दिखाया कि समुद्री संचार कितना जरूरी है. CMS-03 इसी कमजोरी को दूर करेगा. यह नौसेना को डिजिटल कवच देगा, जो युद्ध में जीत की कुंजी बनेगा. प्री-लॉन्च तैयारियां: सब कुछ तयशुदा 20 अक्टूबर को रॉकेट और उपग्रह का एकीकरण पूरा हुआ. 26 अक्टूबर को इसे लॉन्च पैड पर ले जाया गया. अब मौसम की जांच, ईंधन भरना और अंतिम टेस्ट हो रहे हैं. ISRO के वैज्ञानिक दिन-रात काम कर रहे हैं. अगर सब ठीक रहा, तो कल भारत का नया गौरव अंतरिक्ष में चमकेगा.

रामभद्राचार्य का बयान: भारत में रहना है तो बोलना होगा ‘जय श्री राम’

रायपुर  छत्तीसगढ़ के पेंड्रा में हो रही श्रीमद्भागवत कथा के दौरान जगद्गुरु स्वामी रामभद्राचार्य ने एक बड़ा बयान दिया. उन्होंने कहा, "अगर भारत में रहना है तो जय श्री राम कहना होगा." उन्होंने आगे कहा कि जो लोग सनातन धर्म के खिलाफ हैं, वे भारत में नहीं टिक पाएंगे. आस्तिक बनकर रहो, नहीं तो बच नहीं पाओगे. वे श्री राम के विरोध को लेकर भी इमोशनल दिखे. उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के स्वर्गीय पिता नंदकुमार बघेल का उदाहरण देते हुए कहा कि उनकी श्रीराम की निंदा ने उन्हें दुखी किया था. वहीं उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पत्नी कौशल्या साय की भी तारीफ की. छत्तीसगढ़ में रामभद्राचार्य का तीखा बयान दरअसल, पेंड्रा में आयोजित श्रीमद्भागवत महाकथा में वक्ता जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने कहा कि अगर भारत में रहना है तो जय श्री राम बोलना होगा. सनातन से बगावत करके कोई भारत में नहीं रह सकता. पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पिता नंदकुमार बघेल का जिक्र करते हुए जगद्गुरु ने कहा कि वे अब जीवित नहीं हैं, लेकिन जब उन्होंने श्री राम की आलोचना की थी, तो उन्हें बहुत दुख हुआ था. उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णु दे साय की पत्नी कौशल्या साय की तारीफ करते हुए कहा कि आदिवासी इलाके में पैदा होने के बावजूद उनके संस्कार बहुत अच्छे हैं. 'गली के कुत्ते भी नहीं पूछेंगे' श्रीमद्भागवत कथा में जब भगवान कृष्ण के वंश और द्वारिका के अंत का प्रसंग आया तो स्वामी रामभद्राचार्य जी ने कथा के दौरान एक बड़ी बात कही जिसमें उन्होंने कहा कि भारत में रहना है तो आस्तिक बने रहो वरना मर जाओ, सनातन धर्म से बगावत करके कोई भारत में नहीं रह सकता. पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के दिवंगत पिता नंदकुमार बघेल को याद करते हुए उन्होंने कहा कि जब बड़े लोगों से जुड़े लोग सनातन धर्म की आलोचना करते हैं तो बहुत पीड़ा होती है. हालांकि वे अब नहीं रहे. उन्होंने राम जी की आलोचना की, उन्होंने अपने ही भतीजे की आलोचना की. क्या राम जी की आलोचना करके कोई यहां रह पाएगा. भारत में रहना है तो जय श्री राम बोलना होगा. यहां जय श्री राम न कहने वालों को जनता ऐसे भगाएगी कि गली के कुत्ते भी नहीं पूछेंगे. 

सगाई से पहले उठा बवाल! दुल्हन के पिता भागे दूल्हे की मां के साथ, दोनों परिवारों में मचा हंगामा

उज्जैन  उज्जैन जिले में एक अनोखा मामला सामने आया है, जहां एक अधेड़ व्यक्ति और उसकी होने वाली समधन के बीच प्रेम संबंध हो गए। दोनों ने अपने परिवारों को छोड़कर साथ रहने का फैसला किया है। यह मामला तब सामने आया जब सगाई की तैयारियां चल रही थीं और दुल्हन का पिता लड़के की मां को भगा ले गया। दोनों की प्रेम कहानी का खुलासा 8 दिन बाद हुआ जब पुलिस ने महिला को खोज निकाला और फिर अधेड़ को भी पकड़ा गया। अब दोनों परिवार को छोड़कर साथ रहने पर अड़ गए हैं। अधेड़ उम्र में प्यार यह मामला युवाओं से जुड़ा नहीं है, बल्कि अधेड़ उम्र के लोगों के बीच पनपा है। एक व्यक्ति अपनी बेटी के लिए दामाद देखने गया था, लेकिन इस दौरान उसकी मुलाकात दूल्हे की मां से हुई और दोनों के बीच प्रेम संबंध स्थापित हो गए। जो लोग कभी रिश्ते में समधी-समधन बनने वाले थे, वे अब खुद को पति-पत्नी बता रहे हैं। सगाई तय होने के बाद भागे दोनों दोनों की प्रेम कहानी का खुलासा भी काफी नाटकीय ढंग से हुआ। लड़का और लड़की देखने के बाद जब शादी की बातचीत अंतिम चरण में थी और सगाई तय हो गई थी, उसी बीच लड़की का पिता लड़के की मां को भगा ले गया। इस घटना के आठ दिन बाद दोनों के बारे में पता चला। पुलिस ने गुरुवार को महिला को खोज निकाला, जिसके बाद अधेड़ व्यक्ति को भी पकड़ा गया। 8 दिन पहले लापता हुई महिला जानकारी के अनुसार, बड़नगर रोड स्थित ऊंटवासा गांव की 45 वर्षीय महिला आठ दिन पहले बड़नगर से लापता हो गई थी। महिला के बेटे ने गुमशुदगी दर्ज करवाई थी, जिसके बाद पुलिस उसकी तलाश कर रही थी। खोजबीन के दौरान गुरुवार को महिला चिकली गांव में मिली। महिला को थाने लाकर पूछताछ की गई, जहां यह पता चला कि महिला के बड़े बेटे की शादी चिकली गांव के 50 वर्षीय किसान की बेटी से तय हुई थी। घर में चल रही थीं तैयारियां दोनों परिवारों में सगाई की तैयारियां चल रही थीं। इसी दौरान दूल्हे की मां और दुल्हन के पिता के बीच प्रेम संबंध हो गए। इस वजह से बच्चों की सगाई से पहले ही एक-दूसरे के होने वाले समधी-समधन एक साथ भाग गए। वहीं, अधेड़ किसान अपनी महिला के मिलने के बाद परिवार ने उसे बहुत समझाया, लेकिन वह अपने प्रेमी किसान के साथ जाने पर अड़ गई।  

ड्राइवरों के लिए खुशखबरी! बस इंस्टॉल करें ये ऐप और चालान से पाएँ छुटकारा

आजकल ऑनलाइन पेमेंट के चलन की वजह से लोगों ने पॉकेट में पर्स रखना बंद कर दिया है। इसकी वजह से ड्राइविंग करते समय साथ में ड्राइविंग लाइसेंस और आरसी रखना मुश्किल हो जाता है। अगर आप फोन में आरसी और डीएल की फोटो क्लिक करके रख भी लें, तो पुलिस उसे वैलिड नहीं मानती। ऐसे में आपके काम आती है एक सरकारी ऐप, जिसका नाम mParivahan है। अगर आप इस ऐप में अपना डीएल और आरसी रखते हैं, तो पुलिस भी आपके डीएल और आरसी को एक वैलिड डॉक्यूमेंट की तरह लेती है। चलिए फिर आज आपको बताते हैं कि किस तरह से आप mParivahan ऐप में अपना DL और RC स्टोर रख सकते हैं। ताकि कभी इस वजह से आपका चालान न कटे। mParivahan ऐप में अकाउंट बनाएं mParivahan ऐप में DL और RC रखने के लिए जरूरी है कि वह ऐप आपके फोन में हो और उस ऐप पर आपका अकाउंट हो। इसके लिए प्ले स्टोर या ऐप स्टोर से mParivahan ऐप को डाउनलोड कर लें।     इसके बाद ऐप पर अपना अकाउंट बना लें। इसके लिए आपको साइन-अप ऑपशन पर टैप करना होगा।     अकाउंट बनाते समय आपसे कुछ डिटेल्स मांगी जाएंगी जैसे कि आपका राज्य, मोबाइल नंबर, RC या DL के अनुसार लिखा नाम और mPin। इसके बाद आपके नंबर पर एक OTP आएगा।     OTP दर्ज करते के बाद आप अपने अकाउंट में लॉग-इन हो जाएंगे। RC ऐसे जोड़ें mParivahan ऐप पर आपको My Virtual RC और My Virtual DL का ऑप्शन नजर आएगा। इन पर क्लिक करके ही आपको अपना DL और RC ऐप में जोड़ना होगा।     My Virtual RC पर टैप करते ही आप से कुछ डिटेल्स मांगी जाएंगी। यहां अपना गाड़ी का नंबर , चेसिस नंबर और इंजन नंबर बताना होगा।     इसके बाद आपके नंबर पर एक OTP आएगा। वेरिफिकेशन के बाद आपका RC, mParivahan ऐप में जुड़ जाएगा।     जब आप इस ऐप में जोड़े गए RC को देखेंगे, तो RC की डिटेल के साथ एक QR कोड दिखाई देगा। इसे स्कैन ट्रैफिक पुलिस वाले आपकी RC को जांच सकते हैं। DL ऐसे जोड़ें     My Virtual DL पर टैप करें।     अपना ड्राइविंग लाइसेंस नंबर और डेट ऑफ बर्थ दर्ज करें।     इसके बाद आपको अपने नंबर पर एक OTP मिलेगा। उसे वेरिफाई करने के बाद आपका वर्चुअल डीएल ऐप में दिखने लग जाएगा।  

जनता की सेवा ही धर्म है: सीएम योगी ने कहा, यूपी सरकार जनता की हर समस्या के समाधान के लिए प्रतिबद्ध

गोरखपुर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर प्रवास के दौरान शनिवार सुबह जनता दर्शन में लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। इस दौरान उन्होंने कहा कि उनकी सरकार जनता की समस्याओं के समाधान को संकल्पबद्ध है और किसी के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।  उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया वे तत्परता और संवेदनशीलता से यह सुनिश्चित करें कि हर पात्र व्यक्ति को जन कल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिले, जबरन जमीन कब्जाने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई हो। उन्होंने कहा कि अपराधियों पर सख्त कार्रवाई की जाए और बिना भेदभाव सबको न्याय मिले। एक बयान के मुताबिक जनता दर्शन कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने करीब 200 लोगों की समस्याएं सुनीं। बयान में कहा गया है कि आदित्यनाथ ने लोगों को भरोसा दिलाया कि सरकार हर पीड़ित की समस्या का समाधान कराने के लिए दृढ़ संकल्पित है। अपराध से संबंधित शिकायतों पर मुख्यमंत्री ने पुलिस अधिकारियों को अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। बयान में कहा गया है कि हर बार की तरह इस बार भी जनता दर्शन में कई लोग गंभीर बीमारियों के उपचार के लिए आर्थिक मदद की गुहार लेकर आए थे और मुख्यमंत्री ने उनसे कहा कि धन के अभाव में किसी का इलाज नहीं रुकेगा।   

हरियाणा दिवस विशेष: जहां कुरुक्षेत्र से शुरू हुई गीता की वैश्विक गूंज

चंडीगढ़   59 वर्ष के हरियाणा प्रदेश ने आध्यात्म के क्षेत्र में भी काफी प्रभावी कदम उठाए हैं। जहां भगवान श्रीकृष्ण की भूमि कुरुक्षेत्र को मथुरा व वृंदावन की तर्ज पर विकसित किया जा रहा है और अब लगातार देश के साथ-साथ विदेशों से भी पर्यटक इस धर्मक्षेत्र की ओर आकर्षित हो रहे हैं तो वहीं कृष्ण की इस धरा से उठी श्रीमद् भागवत गीता के संदेश की गूंज अब वैश्विक स्तर पर भी सुनाई देने लगी है।  2016 में तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने ऐतिहासिक धरा कुरुक्षेत्र से अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव मनाए जाने की पहल की। इसके बाद से हर साल यह महोत्सव आयोजित किया जाता है। इस कड़ी में विदेशों में भी गीता महोत्सव का आयोजन किया गया। अब तक लंदन, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, मॉरीशस, श्रीलंका व इंडोनेशिया सहित कई देशों में अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव का आयोजन किया जा चुका है।  इंडोनिशया में गीता मनीषी महामंडलेश्वर स्वामी ज्ञानानंद महाराज के सान्निध्य में हरियाणा से विश्व के कोने-कोने तक गीता का संदेश पहुंचाया गया। इस दौरान इंडोनेशिया के बाली के सीनेटर डा. आर्य वेदा करणा को जब स्वामी ज्ञानानंद महाराज ने गीता की प्रति भेंट की तो उन्होंने गीता जी को ससम्मान अपने सिर पर विराजमान कर लिया।