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तीसरे टी20 में नहीं खेलेंगे हेज़लवुड, टीम इंडिया के बल्लेबाजों के लिए खुला मौका बड़ा स्कोर बनाने का

होबार्ट तेज गेंदबाज जोश हेजलवुड की अनुपस्थिति में भारतीय बल्लेबाजों को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ रविवार को यहां होने वाले तीसरे टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच में थोड़ी राहत मिलेगी और वह पहले से बेहतर प्रदर्शन करने की कोशिश करेंगे लेकिन यह देखना दिलचस्प होगा कि बाएं हाथ के तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह को अंतिम एकादश में जगह मिल पाती है या नहीं क्योंकि उनको लगातार बाहर रखने पर सवाल उठने लग गए हैं। सही लंबाई पर गेंद डालने में हेजलवुड की सटीकता और उछाल, भारतीय बल्लेबाजों के लिए दुःस्वप्न बन गई। ऑस्ट्रेलिया को इस महीने के आखिर में इंग्लैंड के खिलाफ पांच टेस्ट मैच की श्रृंखला खेलनी है और उसे देखते हुए हेजलवुड को विश्राम दिया गया है। स्टार सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा ने मेलबर्न में खेले गए दूसरे मैच के बाद कहा था, ‘‘यह निश्चित रूप से राहत की बात होगी। मैंने ऐसी गेंदबाजी का सामना पहले कभी नहीं किया।’’ ⁠ऐसी स्थिति में भारतीय बल्लेबाजों को राहत मिलना स्वाभाविक है और वे जेवियर बार्टलेट, नाथन एलिस या सीन एबॉट जैसे गेंदबाजों का सामना करते समय अधिक आश्वस्त महसूस करेंगे। कप्तान सूर्यकुमार यादव और शुभमन गिल दोनों को अतिरिक्त उछाल और अच्छी सीम मूवमेंट वाली गेंदों से निपटने में दिक्कत हो रही है। सूर्यकुमार और गिल ने कैनबरा में बारिश से प्रभावित मैच में अच्छी बल्लेबाजी की थी और वह उसको दोहराने के लिए प्रतिबद्ध होंगे। यह मैच बारिश के कारण पूरा नहीं हो पाया था। होबार्ट स्थित बेलेरिव ओवल एक ऐसा मैदान है, जहां दोनों तरफ की सीमा रेखा छोटी है और ऐसे में शार्ट पिच गेंद पर कवर, प्वाइंट, स्क्वायर लेग या मिड-विकेट पर लंबे शॉट लगाए जा सकते हैं। बेलेरिव ओवल वह मैदान है जहां विराट कोहली ने 2012 में श्रीलंका के खिलाफ 321 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए 86 गेंदों में नाबाद 133 रन की शानदार पारी खेली थी। बेलेरिव ओवल की पिच पारंपरिक रूप से सफेद गेंद से होने वाले मैचों के लिए उपयुक्त मानी जाती है। यह तेज गेंदबाज एलिस का बीबीएल में घरेलू मैदान भी है, जो स्थानीय फ्रेंचाइजी होबार्ट हरिकेंस के कप्तान हैं। इस दौरे पर बल्लेबाजी की गहराई को लेकर भारतीय टीम प्रबंधन का जुनून चर्चा का विषय रहा है और एमसीजी में 125 रन के मामूली स्कोर पर आउट होने के बाद उसकी इस रणनीति पर सवाल उठने लग गए हैं। अतिरिक्त उछाल वाली पिच पर भारत तीन स्पिनरों के साथ उतरा और एक बार फिर अर्शदीप को अंतिम एकादश में जगह नहीं मिली, जबकि वह टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 100 विकेट लेने वाले एकमात्र भारतीय गेंदबाज हैं। भारत के पूर्व ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने अर्शदीप सिंह को बाहर रखने के फैसले पर हैरानी व्यक्त करते हुए अपने यूट्यूब चैनल पर कहा था, ‘‘अगर जसप्रीत बुमराह खेल रहे हैं, तो अर्शदीप सिंह का नाम सूची में दूसरे स्थान पर होना चाहिए। अगर बुमराह नहीं खेल रहे हैं, तो अर्शदीप सिंह का नाम सूची में पहले स्थान पर होगा।‘‘ अगर आंकड़ों पर गौर करें तो स्पष्ट हो जाता है कि पिछले 15 से 20 मैचों में भारत के आठवें नंबर के बल्लेबाज ने प्रति पारी औसतन पांच गेंदों का सामना किया है और यही वजह है कि टीम प्रबंधन की इस रणनीति पर सवाल उठने लग गए हैं। भारतीय टीम प्रबंधन अर्शदीप के बजाय हर्षित राणा को प्राथमिकता दे रहा है जिन्होंने पिछले मैच में 33 गेंदों पर तीन चौकों और एक छक्के की मदद से 35 रन बनाए। यदि चार गेंदों पर बाउंड्री से बनाए गए 18 रन को हटा दिया जाए, तो दिल्ली के इस ऑलराउंडर ने 29 गेंदों पर 17 रन बनाए। उन्होंने ऐसे समय में गेंद बर्बाद की जबकि दूसरे छोर पर अभिषेक शर्मा खड़े थे और उन्हें स्ट्राइक लेने का मौका नहीं मिल रहा था। जहां तक गेंदबाजी का सवाल है तो हर्षित की गेंदबाजी में निरंतरता का अभाव है। अब यहां देखना दिलचस्प होगा कि अर्शदीप को उनकी जगह अंतिम एकादश में शामिल किया जाता है या नहीं। अगर टीम प्रबंधन हर्षित को टीम में बनाए रखने की रणनीति पर कायम रहता है तब भी अर्शदीप को किसी एक स्पिनर के स्थान पर अंतिम एकादश में रखना चाहिए क्योंकि यहां के विकेट से स्विंग मिलने की संभावना है। टीम इस प्रकार हैं: भारत: सूर्यकुमार यादव (कप्तान), अभिषेक शर्मा, शुभमन गिल, तिलक वर्मा, संजू सैमसन (विकेटकीपर), शिवम दुबे, अक्षर पटेल, हर्षित राणा, कुलदीप यादव, जसप्रीत बुमराह, वरुण चक्रवर्ती, जितेश शर्मा (विकेटकीपर), अर्शदीप सिंह, रिंकू सिंह, वाशिंगटन सुंदर। ऑस्ट्रेलिया: मिशेल मार्श (कप्तान), सीन एबॉट, जेवियर बार्टलेट, महली बियर्डमैन, टिम डेविड, बेन ड्वार्शिस, नाथन एलिस, ग्लेन मैक्सवेल, ट्रैविस हेड, जोश इंग्लिस, मैथ्यू कुहनेमन, मिशेल ओवेन, जोश फिलिप, तनवीर संघा, मैथ्यू शॉर्ट और मार्कस स्टोइनिस। मैच भारतीय समयानुसार दोपहर 1:45 पर शुरू होगा।  

सहारनपुर से लखनऊ अब वंदे भारत में सफर, रेलवे ने दी बड़ी सौगात — देखें पूरा शेड्यूल

लखनऊ  उत्तर प्रदेश के यात्रियों के लिए बड़ी खुशखबरी है। रेलवे ने सहारनपुर–लखनऊ वंदे भारत एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या 26503/26504) को मंजूरी दे दी है। इस सेमी-हाईस्पीड ट्रेन के शुरू होने से पश्चिमी और मध्य उत्तर प्रदेश के यात्रियों को तेज, आरामदायक और सुरक्षित यात्रा का नया विकल्प मिलने जा रहा है। रेल मंत्रालय के अनुसार, यह ट्रेन सप्ताह में छह दिन (सोमवार को छोड़कर) चलेगी। उद्घाटन की तारीख जल्द ही घोषित की जाएगी। रेलवे अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि सभी तैयारियां तय समय पर पूरी कर ली जाएं। सहारनपुर से लखनऊ तक तेज और आरामदायक सफर सहारनपुर, मुरादाबाद, बरेली, शाहजहांपुर, सीतापुर और लखनऊ के बीच यह ट्रेन यात्रियों और कारोबारियों के लिए वरदान साबित होगी। अब तक इस रूट पर सीधी तेज ट्रेन की कमी महसूस की जा रही थी, जिसे वंदे भारत पूरा करेगी। कुछ महीने पहले सहारनपुर के विधायक राजीव गुंबर ने केंद्रीय रेल मंत्री को पत्र लिखकर इस ट्रेन की मांग की थी। बता दें कि सहारनपुर पहले से ही दिल्ली–देहरादून वंदे भारत एक्सप्रेस से जुड़ा हुआ है। वंदे भारत एक्सप्रेस का टाइम टेबल  ट्रेन संख्या              रूट                     प्रस्थान समय               आगमन समय आवृत्ति 26504    लखनऊ जंक्शन → सहारनपुर  सुबह 5:55 बजे दोपहर 12:45 बजे     मंगलवार से रविवार 26503    सहारनपुर → लखनऊ जंक्शन  दोपहर 3:00 बजे      रात 9:55 बजे  मंगलवार से रविवार प्रमुख ठहराव लखनऊ जंक्शन, सीतापुर, शाहजहांपुर, बरेली, मुरादाबाद, नजीबाबाद और सहारनपुर। ट्रेन का रखरखाव और सफाई कार्य लखनऊ जंक्शन पर होगा। पानी की आपूर्ति मुरादाबाद स्टेशन पर की जाएगी। यात्रियों के लिए नया तोहफा रेलवे के अनुसार, वंदे भारत एक्सप्रेस में अत्याधुनिक सुविधाएं होंगी, जैसे कि GPS आधारित सूचना प्रणाली, स्वचालित दरवाजे, आरामदायक सीटें और उच्च सुरक्षा मानक। इस ट्रेन से लखनऊ से सहारनपुर की दूरी मात्र 6 घंटे से कम समय में पूरी की जा सकेगी। 

GitHub पर भारत का जलवा: कोडिंग में अमेरिका को पछाड़ा, बने नंबर वन डेवलपर हब

भारत ने एक खास ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। GitHub की ऑक्टोवर्स 2025 रिपोर्ट के मुताबिक, भारत पहली बार अमेरिका को पीछे छोड़ते हुए दुनिया का सबसे बड़ा ओपन-सोर्स योगदान देने वाला देश बन गया है। यह सिर्फ एक तकनीकी उपलब्धि नहीं, बल्कि इस बात का सबूत है कि भारत अब ग्लोबल स्तर पर कोडिंग और सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट का हब बनता जा रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक 2025 में अकेले भारत से 50 लाख से ज्यादा नए डेवलपर्स GitHub से जुड़े। इससे साफ होता है कि देश में टेक्नोलॉजी के प्रति युवाओं की रुचि और स्किल्स कितनी तेजी से बढ़ रहे हैं। GitHub क्या है? भारत की उपलब्धी के बारे में जानने से पहले बता दें कि GitHub एक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म है जहां प्रोग्रामर्स और डेवलपर्स कोड लिखते, शेयर करते हैं और साथ मिलकर सॉफ्टवेयर बनाते हैं। दरअसल यह एक ओपन-सोर्स सिस्टम पर काम करता है, जहां कोई भी कोड देख सकता है, सुधार सकता है और उसमें अपना योगदान दे सकता है। यह दुनियाभर के डेवलपर्स का सबसे बड़ा कम्युनिटी प्लेटफॉर्म है। तेजी से बढ़ रहा भारत GitHub की रिपोर्ट के मुताबिक, 2025 में भारत से 5.2 मिलियन यानी कि 52 लाख नए डेवलपर्स जुड़े। यह GitHub पर बनाए गए सभी नए अकाउंट्स का करीब 14% हिस्सा है। यानी हर सात में से एक नया डेवलपर भारत से है। वहीं अगर इसकी 2020 से तुलना करें, तो भारत की ग्रोथ चार गुना से ज्यादा हो चुकी है। रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत अब GitHub पर पब्लिक और ओपन-सोर्स रिपोजिटरीज में सबसे ज्यादा योगदान करने वाला देश बन गया है। यह बदलाव दिखाता है कि भारतीय डेवलपर्स अब सिर्फ अपने देश में ही नहीं बल्कि दुनियाभर के तकनीकी विकास का हिस्सा बन चुके हैं। उज्ज्वल है भविष्य GitHub ने अपनी रिपोर्ट में अनुमान लगाया है कि 2030 तक भारत में 5.7 करोड़ से ज्यादा डेवलपर्स होंगे। यानी दुनिया में बनने वाले हर तीन में से एक नया डेवलपर भारत से होगा। यह आंकड़ा भारत को सॉफ्टवेयर इनोवेशन और कोडिंग के भविष्य का लीडर बना देगा। हालांकि, योगदान के मामले में अमेरिका अभी भी एक्टिविटी लेवल में आगे है। हालांकि ऐसा अनुमान है कि भारत की बढ़ती संख्या और ताकत आने वाले सालों में इस फर्क को कम कर सकती है। AI से बढ़ी रफ्तार भारत में डेवलपर्स की यह तेजी AI टूल्स, इंटरनेट एक्सेस और सरकारी प्रोग्राम्स की वजह से संभव हुई है। रिपोर्ट बताती है कि 80% नए डेवलपर्स GitHub Copilot जैसे AI टूल्स का इस्तेमाल अपने पहले ही हफ्ते में करने लगते हैं। इससे कोडिंग सीखना आसान और तेज हो गया है। इसके अलावा सस्ते इंटरनेट, डिजिटल इंडिया जैसे अभियानों और नई टेक्नोलॉजी अपनाने की मानसिकता ने भारत को ग्लोबल डेवलपर हब बना दिया है।

वंदे भारत एक्सप्रेस का विस्तार: पंजाब के इन रूट्स पर शुरू होगी नई ट्रेन सेवा, जानें पूरा शेड्यूल

फिरोजपुर  रेलवे विभाग द्वारा घोषित फिरोजपुर- दिल्ली वंदे भारत एक्सप्रेस जल्द पटड़ी पर दौड़ने जा रही है। रेल विभाग की ओर से इस गाड़ी का टाईमटेबल जारी कर दिया है और जल्द ही इसके चलने की तिथि घोषित हो जाएगी। यह ट्रेन बुधवार को छोड़कर सप्ताह में 6 दिन चला करेगी। फिरोजपुर कैंट से ट्रेन चलने का समय सुबह 7:55 बजे रखा गया है जो बाद दोपहर 2:35 दिल्ली पहुंचा करेगी। वहां से वापसी ट्रेन चलने का समय सायं 4 बजे है और रात 10:35 बजे यह गाड़ी फिरोजपुर पहुंचा करेगी। इस ट्रेन का दोनों दिशाओं में ठहराव फरीदकोट, बठिंडा, धूरी, पटियाला, अंबाला कैंट, कुरूक्षेत्र, पानीपत स्टेशनों पर होगा। वहीं गुरुपर्व के अवसर पर रेलवे द्वारा फिरोजपुर को एक ओर नया तोहफा दिया गया है। रेलवे बोर्ड द्वारा मोगा से नई दिल्ली जाने वाली इंटरसिटी गाड़ी को फिरोजपुर से चलाने के निर्णय पर हरी झंडी दी गई है और यह गाड़ी नवंबर महीने में फिरोजपुर से चलने शुरू हो जाएगी। इस बात का खुलासा भाजपा के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य डा. राणा गुरमीत सिंह सोढी ने किया है। उन्होंने कहा कि सप्ताह में दो दिन चलने वाली इस गाड़ी का फिरोजपुर सहित आसपास के लोगो को काफी लाभ मिलेगा। राणा सोढ़ी ने कहा कि रेलवे बोर्ड के निर्देशक कोचिंग संजय आर नीलम द्वारा जारी पत्र में यह गाड़ी सुबह 7 बजे नई दिल्ली स्टेशन से चलेगी और जाखल, लुधियाना, मोगा से होते हुए दोपहर 3 बजे फिरोजपुर पहुंचेगी। इस तरह फिरोजपुर से दोपहर 3:35 पर चलकर रात्रि 11:35 पर नई दिल्ली स्टेशन पहुंचेगी। सप्ताह में दो दिन सोमवार और शुक्रवार चलने वाली इस ट्रेन को लेकर विभाग द्वारा सभी तैयारिया पूरी कर ली गई है। केन्द्र सरकार का फिरोजपुर के विकास में विशेष ध्यान है। सोढी ने कहा कि मार्च 2026 से पहले पी.जी.आई. सैटेलाइट सैंटर की सौगात भी यहां की जनता को मिल जाएगी और ओ.पी.डी. शुरू हो जाएगी। 

मतदाता सूची अपडेट करने का मौका: 4 नवंबर से बीएलओ पहुंचेंगे हर घर

जयपुर/कोटा भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार राजस्थान में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान का दूसरा चरण 4 नवंबर से शुरू होगा, जो 4 दिसंबर तक चलेगा। इस दौरान बीएलओ घर-घर जाकर मतदाताओं से संपर्क करेंगे, ईएफ वितरित करेंगे और भरे हुए फॉर्म एकत्र करेंगे। अभियान का उद्देश्य मतदाता सूची को अद्यतन, सटीक और त्रुटिरहित बनाना है ताकि कोई पात्र नागरिक छूटे नहीं और कोई अपात्र व्यक्ति सूची में शामिल न हो। डोर-टू-डोर सत्यापन कोटपूतली-बहरोड़ जिले में इस अभियान की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। जिला निर्वाचन अधिकारी एवं कलेक्टर प्रियंका गोस्वामी ने बताया कि 4 नवंबर से 4 दिसंबर तक बीएलओ घर-घर जाकर मतदाताओं को परिगणना प्रपत्र वितरित करेंगे, जिसमें मतदाता का नाम, पता, विधानसभा क्षेत्र और भाग संख्या जैसी जानकारियां पहले से अंकित रहेंगी। मतदाता को अपनी नवीनतम रंगीन फोटो इस फॉर्म पर चिपकानी होगी। बीएलओ प्रत्येक मतदाता के घर कम से कम तीन बार जाएंगे और फॉर्म भरने में सहयोग करेंगे। इस चरण में किसी प्रकार के दस्तावेज प्रस्तुत करने की आवश्यकता नहीं होगी। उन्होंने बताया कि जिले में यह कार्य तेजी से चल रहा है और 9 दिसंबर को ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी की जाएगी। इसके बाद 9 दिसंबर से 9 जनवरी तक दावे और आपत्तियां ली जाएंगी और 7 फरवरी 2026 को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी। प्रियंका गोस्वामी ने नागरिकों से अपील की कि वे बीएलओ से संपर्क कर अपने नाम की पुष्टि करें ताकि मतदान अधिकार सुरक्षित रह सके। राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ हुई समीक्षा बैठक टोंक जिले में भी विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान की तैयारियों की समीक्षा की गई। जिला निर्वाचन अधिकारी कल्पना अग्रवाल की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में कांग्रेस, भाजपा, बसपा, सीपीएम सहित अन्य दलों के प्रतिनिधि शामिल हुए। कल्पना अग्रवाल ने बताया कि मतदाता सूची को शुद्ध और त्रुटिरहित बनाने के लिए यह अभियान आवश्यक है। उन्होंने कहा कि बीएलओ 2002 की मतदाता सूचियों के आधार पर निर्वाचक मैपिंग कर रहे हैं, ताकि पुराने और नए मतदाताओं का मिलान व लिंकिंग सुनिश्चित की जा सके। मतदाता अपने विवरणों की जांच और फॉर्म भरने का कार्य ऑनलाइन माध्यम से भी कर सकते हैं। राज्य निर्वाचन आयोग की वेबसाइट पर मतदाता सूची की जानकारी उपलब्ध कराई गई है। उन्होंने राजनीतिक दलों से अपने बूथ लेवल एजेंट नियुक्त करने और मतदाताओं तक इस अभियान की जानकारी पहुंचाने का आग्रह किया। जिला निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि यह प्रक्रिया लोकतंत्र की पवित्रता बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है और सभी दलों का सहयोग अपेक्षित है। जिला निर्वाचन अधिकारी ने नेताओं को दी एसआईआर ट्रेनिंग वहीं कोटा जिले में जिला निर्वाचन अधिकारी एवं कलेक्टर पीयूष समारिया की अध्यक्षता में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की बैठक आयोजित की गई। उन्होंने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार 4 नवंबर से 4 दिसंबर तक गणना प्रपत्र भरे जाएंगे और 9 दिसंबर 2025 को मतदाता सूची का प्रारूप प्रकाशित किया जाएगा। 9 दिसंबर से 8 जनवरी तक दावे और आपत्तियों की प्रक्रिया चलेगी और 7 फरवरी 2026 को अंतिम मतदाता सूची जारी की जाएगी। उन्होंने बताया कि जिले में मतदाताओं की मैपिंग का कार्य 65 प्रतिशत से अधिक पूरा हो चुका है। बीएलओ प्रत्येक मतदाता को घर-घर जाकर फॉर्म वितरित करेंगे और उन्हें भरने में सहयोग देंगे। कलेक्टर समारिया ने बताया कि वृद्ध, दिव्यांग और वंचित वर्ग के मतदाताओं की सुविधा के लिए वॉलिंटियर्स और हेल्पडेस्क स्थापित किए जा रहे हैं ताकि वे आसानी से फॉर्म भर सकें और अपने नाम की पुष्टि कर सकें। तीनों जिलों में प्रशासन ने मतदाताओं से अपील की है कि वे बीएलओ के संपर्क में रहें, परिगणना प्रपत्र भरें और अपने नाम की पुष्टि करें ताकि आगामी चुनावों में हर पात्र मतदाता अपना मतदान अधिकार सुनिश्चित कर सके। निर्वाचन विभाग का कहना है कि यह विशेष पुनरीक्षण अभियान लोकतांत्रिक प्रक्रिया की पारदर्शिता और विश्वसनीयता को सशक्त करेगा।

देव दिवाली कब है 2025 में — 4 या 5 नवंबर? जानें सटीक तारीख और पूजा का शुभ समय

कार्तिक पूर्णिमा के दिन काशी नगरी यानी बनारस में देव दीपावली का भव्य पर्व मनाया जाता है. मान्यता है कि इस दिन देवता खुद पृथ्वी पर उतरते हैं और गंगा मां की आरती करते हैं. इस दौरान गंगा तटों पर लाखों दीपों की रोशनी से पूरा बनारस भव्य दिखाई देता है.देव दीपावली केवल दीपों का त्योहार नहीं, बल्कि अंधकार पर प्रकाश की विजय और अहंकार पर भक्ति की जीत का प्रतीक है. यह पर्व हमें सिखाता है कि जब जीवन में श्रद्धा और सेवा का दीप जलता है तभी सच्चा प्रकाश पर्व होता है. द्रिक पंचाग के मुताबिक, देव दीपावली को देव दिवाली भी कहा जाता है. यह पर्व भगवान शिव की त्रिपुरासुर नामक दैत्य पर विजय को चिह्नित करने के लिए मनाया जाता है. इसलिए देव दीपावली उत्सव को त्रिपुरोत्सव अथवा त्रिपुरारी पूर्णिमा के रूप में भी जाना जाता है, जो कार्तिक पूर्णिमा के शुभ अवसर पर मनाई जाती है. वहीं, देव दिवाली मनाने को लेकर लोगों में असमंजस की स्थिति है क्योंकि पूर्णिमा तिथि 4 नवंबर से शुरू हो रही है. द्रिक पंचाग के मुताबिक, पूर्णिमा तिथि की शुरुआत 4 नवंबर को रात 10:36 बजे से हो रही है और समापन 5 नवंबर को शाम 6:48 बजे हो रहा है, ऐसे में देव दीवाली 5 नवंबर को मनाई जाएगी. देव दिवाली मनाने का शुभ मुहूर्त शाम पांच बजे से 7:50 बजे तक है, यानी 2 घंटे 35 मिनट का समय मिलेगा, जिसमें त्योहार को शुभ घड़ी में मनाया जा सकता है. गंगा स्नान और दान से मिलता है सौ गुना फल देव दिवाली पर भक्त कार्तिक पूर्णिमा के शुभ दिन गंगा में पवित्र डुबकी लगाते हैं और शाम के समय मिट्टी के दीप प्रज्ज्वलित करते हैं. शाम के समय गंगा के तट लाखों मिट्टी के दीयों से जगमगा उठते हैं. यही नहीं, बनारस में गंगा घाट के अलावा सभी मंदिरों में भी देव दिवाली मनाई जाती है. मान्यता है कि इस दिन गंगा स्नान करने और दान-पुण्य करने का विशेष महत्व है. इस दिन किया गया गंगा स्नान और दान सौ गुना फलदाई होता है. जो व्यक्ति इस दिन गंगा में दीप प्रवाहित करता है, उसे समस्त पापों से मुक्ति मिलती है.  

आधार कार्ड वालों के लिए जरूरी खबर! UIDAI ने बदले नियम, समय रहते कर लें ये काम

नई दिल्ली  UIDAI ने आधार कार्ड अपडेट करने की प्रक्रिया को लेकर एक ऐतिहासिक बदलाव किया है। आज यानि 1 नवंबर 2025 से नागरिकों के लिए नाम, पता, जन्मतिथि और मोबाइल नंबर जैसे सभी ज़रूरी अपडेट पूरी तरह से ऑनलाइन और घर बैठे करना संभव हो गया है। अब लोगों को लंबी लाइनों में लगने या आधार केंद्र जाने की कोई ज़रूरत नहीं होगी। अब आप घर बैठे ही डिजिटली इस प्रक्रिया को पूरा कर सकते हैं। आइए जानते हैं कि क्या- क्या बदलाव हुए हैं।   क्या-क्या हुए हैं बड़े बदलाव? UIDAI की इस 'डिजिटल-फर्स्ट' रणनीति से नागरिकों को अपनी आधार जानकारियों को स्वयं प्रबंधित करने की स्वतंत्रता मिलेगी और सेवाओं में पारदर्शिता बढ़ेगी। पैन-आधार लिंक करवाने की डेडलाइन UIDAI ने अलर्ट देते हुए कहा कि 31 दिसंबर 2025 तक अपने पैन कार्ड को आधार से लिंक करना अनिवार्य है। ऐसा न करने पर 1 जनवरी 2026 से आपका पैन कार्ड बंद हो जाएगा। इसके परिणामस्वरूप आपके टैक्स और बैंक लेनदेन सहित सभी बड़े वित्तीय कार्य रुक सकते हैं। वहीं नए पैन कार्ड बनवाने वालों के लिए भी अब आधार वेरिफिकेशन ज़रूरी कर दिया गया है।

वुमेंस वर्ल्ड कप फाइनल में बारिश का खतरा, इंडिया vs साउथ अफ्रीका: कौन लेगा ट्रॉफी? पूरी गणना

Women's WC: बारिश से रद्द होने पर भारत या साउथ अफ्रीका में कौन बनेगी चैंपियन? जानें मैच के गणित वुमेंस वर्ल्ड कप फाइनल में बारिश का खतरा, इंडिया vs साउथ अफ्रीका: कौन लेगा ट्रॉफी? पूरी गणना अगर फाइनल रद्द हुआ तो कौन बनेगी विजेता? वुमेंस WC में भारत-साउथ अफ्रीका की चैंपियनशिप का गणित नवी मुंबई आईसीसी महिला क्रिकेट वर्ल्ड कप 2025 के फाइनल में रविवार (2 नवंबर) को भारतीय टीम का सामना साउथ अफ्रीका से होना है. दोनों टीमों के बीच यह मुकाबला नवी मुंबई के डॉ. डीवाई पाटिल स्पोर्ट्स एकेडमी में खेला जाएगा. इंग्लैंड ने पहले सेमीफाइनल में इंग्लैंड को 125 रनों से पराजित किया था. वहीं हरमनप्रीत कौर की अगुवाई में भारतीय टीम ने दूसरे सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया को 5 विकेट से पराजित करके खिताबी मुकाबले में एंट्री ली है. दोनों ही टीम्स ने अब तक महिला वर्ल्ड कप खिताब नहीं जीता है. ऐसे में जो भी टीम खिताबी मुकाबला जीतेगी, वो इतिहास रच देगी. फाइनल भारतीय समयानुसार दोपहर 3 बजे शुरू होगा. भारत और साउथ अफ्रीका के बीच होने वाले खिताबी मुकाबले में बारिश का खतरा भी मंडरा रहा है. accuweather.com के मुताबिक 2 नवंबर को नवी मुंबई में बारिश का पूर्वानुमान 63 प्रतिशत है. रविवार को नवी मुंबई में सुबह के समय बादल छाए रहेंगे. फिर दोपहर में बादलों और धूप के बीच आंख मिचौली का खेल सकता है, साथ ही बारिश भी हो सकती है. क्या फाइनल के लिए है रिजर्व डे? अब फैन्स के मन में सवाल है कि यदि रविवार को मैच धुलता है तो क्या होगा. बता दें कि यदि 2 नवंबर को फाइनल का नतीजा नहीं निकल पाता है तो घबराने की जरूरत नहीं है. आईसीसी (अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद) ने खिताबी मकाबले लिए रिजर्व डे रखा है. बारिश या अन्य वजहों के चलते यदि रविवार को 20-20 ओवरों का खेल संभव नहीं हो पाता है, तो मुकाबला रिजर्व डे (3 नवंबर) में जाएगा. हालांकि नवी मुंबई में 3 नवंबर यानी सोमवार को बरसात का अनुमान 55 प्रतिशत है. सोमवार को नवी मुंबई में अधिकांश समय बादल छाए रहेंगे और कभी-कभार बारिश होने की भी संभावना जताई गई है. मुकाबला रिजर्व डे में वहीं से शुरू होगा, जहां पर रुका था. फाइनल में एक बार टॉस हो गया तो मैच को लाइव माना जाता है. अगर बारिश का खलल रिजर्व डे में भी पड़ता है और मिनिमम 20-20 ओवर्स का खेल संभव नहीं हो पाता है, तो भारत और साउथ अफ्रीका को संयुक्त विजेता घोषित कर दिया जाएगा. 2002 में हुई आईसीसी मेन्स चैम्पियंस ट्रॉफी में भारत और श्रीलंका की टीम्स को संयुक्त विजेता घोषित किया गया था. वर्ल्ड कप जीतने वाली टीम को मिलेगी रिकॉर्डतोड़ प्राइज मनी आईसीसी महिला क्रिकेट वर्ल्ड कप 2025 के फाइनल में 2 नवंबर (रविवार) को भारत और साउथ अफ्रीका की टक्कर होनी है. यह मुकाबला नवी मुंबई के डीवाई पाटिल स्पोर्ट्स एकेडमी में भारतीय समयानुसार दोपहर 3 बजे शुरू होगा. भारत और साउथ अफ्रीका दोनों ने ही अब तक महिला वर्ल्ड कप नहीं जीता है. ऐसे में विजेता बनने वाली टीम के लिए ये ऐतिहासिक पल होगा. खिताबी मुकाबले के रोमांचक होने की पूरी संभावना है.         वर्ल्ड कप में इस बार चैम्पियन बनने वाली टीम पर पैसों की बारिश होगी. महिला वर्ल्ड कप के 13वें संस्करण की विजेता टीम को 4.48 मिलियन डॉलर (लगभग 40 करोड़ रुपये) मिलेंगे. यह राशि 2022 में ऑस्ट्रेलिया को मिली इनामी रकम (1.32 मिलियन डॉलर) से 239 प्रतिशत ज्यादा है.        वहीं रनर अप (दूसरे स्थान पर रहने वाली टीम) को 2.24 मिलियन डॉलर (लगभग 20 करोड़ रुपये) मिलेंगे. यह राशि 2022 में इंग्लैंड को मिली 600000 डॉलर से 273 प्रतिशत ज्यादा है.      सेमीफाइनल में हारने वाली दोनों टीम्स (ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड) को एकसमान 1.12 मिलियन डॉलर (लगभग 9.3 करोड़ रुपये) की रकम मिली है. पिछले संस्करण में ये राशि केवल 300000 डॉलर थी.  अंकतालिका में 5वें और 6वें स्थान पर आने वाली टीम्स (श्रीलंका और न्यूजीलैंड) को एकसमान 700000 डॉलर (लगभग 5.8 करोड़ रुपये) मिले हैं.  इसके अलावा 7वें और 8वें स्थान पर रहने वाली टीम्स (बांग्लादेश और पाकिस्तान) को 280000 डॉलर (लगभग 2.3 करोड़ रुपये) मिले हैं. इस टूर्नामेंट में भाग लेने के लिए प्रत्येक टीम को 250000 डॉलर (लगभग 2 करोड़ रुपये) की गारंटी मनी अलग से दी जा रही है. यही नहीं ग्रुप स्टेज के दौरान हर मैच में जीत पर टीम्स को 34,314 डॉलर (लगभग 28 लाख रुपये) मिले हैं. भारत का फुल स्क्वॉड: शेफाली वर्मा, स्मृति मंधाना, अमनजोत कौर, हरमनप्रीत कौर (कप्तान), जेमिमा रोड्रिग्स, दीप्ति शर्मा, ऋचा घोष (विकेटकीपर), राधा यादव, क्रांति गौड़, श्री चरणी, रेणुका सिंह ठाकुर, स्नेह राणा, अरुंधति रेड्डी, हरलीन देओल, उमा छेत्री (विकेटकीपर). साउथ अफ्रीका का स्क्वॉड: लौरा वोलवॉर्ड (कप्तान), ताजमिन ब्रिट्स, सुने लुस, एनेरी डर्कसेन, एनेके बॉश, मारिजाने कैप, सिनालो जाफ्ता (विकेटकीपर), क्लो ट्रायोन, नादिन डिक्लर्क, अयाबोंगा खाका, नॉनकुलुलेको म्लाबा, तुमी सेखुखुने, नोंदुमिसो शांगसे, कराबो मेसो, मसाबाता क्लास.  

मोहन भागवत ने आदेश दिया: RSS के स्वयंसेवक एसआइआर में करेंगे सक्रिय योगदान

RSS स्वयंसेवक एसआइआर में देंगे सहयोग, मोहन भागवत ने जारी किया निर्देश मोहन भागवत ने आदेश दिया: RSS के स्वयंसेवक एसआइआर में करेंगे सक्रिय योगदान एसआइआर में RSS का हाथ: स्वयंसेवक करेंगे सहयोग, मोहन भागवत ने लिया निर्णय जबलपुर  राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की बैठक में दूसरे दिन देश के विभिन्न राज्यों में शुरू हुए विशेष सघन पुनरीक्षण (एसआइआर) अभियान में सहयोग करने पर चर्चा हुई। राष्ट्रहित से जुड़े मुद्दे पर स्वयंसेवकों को बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने को कहा गया ताकि घुसपैठियों की पहचान उजागर हो सके। खासतौर पर रोहिंग्या और बांग्लादेशी घुसपैठ को लेकर संघ चिंतित है। शुक्रवार को बैठक तीन सत्रों में हुई, जिसमें पंच परिवर्तन के विषयों समेत जनसंख्या असंतुलन, गो हत्या जैसे मामलों पर बात की गई। बैठक में सरसंघचालक डा. मोहन भागवत और सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले की मौजूदगी में प्रस्तावों पर चर्चा हुई। संघ ने साफ किया कि पंच परिवर्तन का विषय व्यापक है, जिसका कार्य होना है। इसके जरिए मजबूत राष्ट्र और समाज का निर्माण संभव है। पंच परिवर्तन के पांच आयाम के बल पर समाज में सकारात्मक और स्थायी बदलाव संभव है। बैठक में सरकार्यवाह द्वारा श्री गुरुतेगबहादुर के 350वें बलिदान दिवस और भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती पर वक्तव्य जारी किए गए।स्वदेशी पर दें जोरराष्ट्र को सशक्त बनाने के लिए संघ ने पंच परिवर्तन के चौथे मूल स्व-भाव जागरण के तहत विशेष अभियान चलाने पर जोर दिया। प्रस्ताव में तय हुआ कि स्वदेशी उत्पादों को गौरव से जोड़कर लोगों को भी प्रेरित किया जाए ताकि देश का पैसा देश में रहे। ये हैं पंच परिवर्तन के मूल सामाजिक समरसता: मंदिर, श्मशान और जलस्त्रोत जैसे सार्वजनिक स्थान सभी के लिए समान हों। जाति और भेदभाव की दीवारों को मिटाकर, समाज को एक परिवार के रूप में जोड़ना ही इसका मुख्य लक्ष्य है। कुटुंब प्रबोधन: व्यस्त जिंदगी में परिवार टूट रहे हैं। संघ चाहता है कि परिवारों में मूल्य आधारित जीवन, आपसी सम्मान और संवाद कायम रहे, ताकि अगली पीढ़ी को अच्छे संस्कार मिलें। पर्यावरण संरक्षण: पौधारोपण, जल संरक्षण और प्लास्टिक के कम उपयोग जैसी पहल को बढ़ावा देना। लक्ष्य है हर व्यक्ति में पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी और प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता पैदा करना। स्व-भाव जागरण: लोग आत्मनिर्भर बनें और भारतीय संस्कृति पर गर्व करें। विदेशी प्रभाव से हटकर देशी उत्पादों को अपनाना और अपनी परंपराओं को सम्मान देना ही सच्चा राष्ट्र गौरव है। नागरिक कर्तव्य: कर भुगतान, सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा और स्वच्छता जैसे कर्तव्यों पर जोर दिया गया है। संघ का मानना है कि देश तब आगे बढ़ता है जब हर नागरिक अपने कर्तव्य को समझकर निभाता है।  

भारतीय मूल के CEO पर धोखाधड़ी का आरोप, अमेरिका में 4000 करोड़ का घोटाला उजागर

अमेरिका में 4000 करोड़ का घोटाला! भारतीय मूल के CEO पर लगे बड़े फर्जीवाड़े के आरोप भारतीय मूल के CEO पर धोखाधड़ी का आरोप, अमेरिका में 4000 करोड़ का घोटाला उजागर अमेरिका में हड़कंप: भारतीय मूल के CEO पर 4000 करोड़ रुपये के फ्रॉड का आरोप वाशिगटन  अमेरिका में भारतीय मूल के टेलीकॉम कंपनी के CEO बैंकिम ब्रह्मभट्ट पर 500 मिलियन डॉलर (4,000 करोड़ रुपये से ज्यादा) के बड़े वित्तीय घोटाले का आरोप लगा है. वॉल स्ट्रीट जर्नल (WSJ) की रिपोर्ट के अनुसार, ब्रह्मभट्ट ने फर्जी ग्राहक खातों और राजस्व के दस्तावेज तैयार कर अमेरिकी बैंकों से भारी कर्ज हासिल किया. ब्रह्मभट्ट ब्रॉडबैंड टेलीकॉम और ब्रिजवॉइस नामक कंपनियों के मालिक हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने कई निवेशकों को यह विश्वास दिलाया कि उनके व्यवसायों की आय और ग्राहक आधार बहुत मजबूत है, जबकि असल में वह कई गैर-मौजूद ग्राहकों और फर्जी लेन-देन पर आधारित थी. इस घोटाले में प्रमुख निवेश फर्म HPS इन्वेस्टमेंट पार्टनर्स और वैश्विक एसेट मैनेजमेंट दिग्गज BlackRock के समर्थित फंड भी शामिल हैं. WSJ की रिपोर्ट में कहा गया है कि अगस्त 2024 में लेनदारों ने मुकदमा दायर किया, जिसमें आरोप लगाया गया कि ब्रह्मभट्ट ने गैर-मौजूद राजस्व स्रोतों को कर्ज की गारंटी के रूप में गिरवी रखा. 2020 से कंपनी को मिल रहे थे लोन HPS ने सितंबर 2020 में ब्रह्मभट्ट की एक कंपनी को कर्ज देना शुरू किया और यह राशि धीरे-धीरे बढ़कर 2021 की शुरुआत तक 385 मिलियन डॉलर और अगस्त 2024 तक 430 मिलियन डॉलर तक पहुंच गई. इन कर्जों का लगभग आधा हिस्सा BNP Paribas बैंक द्वारा वित्तपोषित किया गया था. कंपनी ने दिवालियापन के लिए दायर की याचिका अब उनकी कंपनियों ने Chapter 11 दिवालियापन संरक्षण के तहत अदालत में आवेदन किया है, जो अमेरिकी कानून के तहत कंपनियों को पुनर्गठन का मौका देता है. इसी दिन ब्रह्मभट्ट ने निजी दिवालियापन की याचिका भी दाखिल की थी. रिपोर्ट के अनुसार, जब पत्रकार न्यूयॉर्क के गार्डन सिटी स्थित उनके कार्यालय पहुंचे, तो वहां ताला लटका मिला और पड़ोसियों ने बताया कि कई हफ्तों से कोई वहां नहीं दिखा. जांच से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, संभावना है कि ब्रह्मभट्ट अमेरिका छोड़कर भारत लौट आए हों. उनके वकील ने हालांकि सभी आरोपों को निराधार बताया है.