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CBI की राडार पर 14 नए नाम! DIG भुल्लर प्रकरण में बढ़ी हलचल

पंजाब  पंजाब पुलिस के डीआईजी हरचरन सिंह भुल्लर से जुड़े कथित रिश्वत केस की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे राज्य की ब्यूरोक्रेसी में हलचल तेज होती जा रही है। सीबीआई (CBI) की जांच टीम से जुड़े टॉप सूत्रों ने खुलासा किया है कि एजेंसी को ऐसे 4 IAS और 10 IPS अफसरों के नाम मिले हैं, जो कथित तौर पर अपने काले धन को प्रॉपर्टी में निवेश कर रहे थे। जांच में इन अफसरों की गतिविधियों का लिंक पटियाला के प्रॉपर्टी डीलर भूपिंदर सिंह से जुड़ा पाया गया है। CBI ने मंगलवार को भूपिंदर सिंह के ठिकानों पर छापेमारी (रेड) की थी, जिसमें कई दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड बरामद किए गए। माना जा रहा है कि भूपिंदर सिंह के जरिए ही इन अफसरों का पैसा विभिन्न रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स में लगाया जा रहा था, जिससे ब्लैक मनी को व्हाइट किया जा सके।   सूत्र बताते हैं कि जिन 10 IPS के नाम सामने आए हैं, उनमें से 8 अधिकारी इस समय फील्ड ड्यूटी पर हैं, जबकि 2 अफसरों को साइड पोस्टिंग दी गई है। वहीं जिन 4 IAS अफसरों के नाम संदिग्ध बताए जा रहे हैं, उनका किसी न किसी रूप में मंडी गोबिंदगढ़ से संबंध रहा है — यही इलाका कथित रूप से इस नेटवर्क का वित्तीय केंद्र माना जा रहा है।CBI के अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि DIG हरचरन सिंह भुल्लर की कल होने वाली पेशी के दौरान इन अफसरों के नाम  उजागर किए जा सकते हैं। संभावना जताई जा रही है कि CBI कोर्ट से प्रॉपर्टी डीलर भूपिंदर सिंह का अरेस्ट वारंट भी मांग सकती है, ताकि पूरे नेटवर्क को जोड़कर पूछताछ की जा सके।  

आस्था का महापर्व: हनुमान गढ़ी मंदिर में कार्तिक पूर्णिमा पर भक्तों की भारी भीड़

अयोध्या हिंदू धर्म के सबसे पवित्र त्योहारों में से एक कार्तिक पूर्णिमा 5 नवंबर यानी बुधवार को मनाई जा रही है। प्रयागराज, हरिद्वार, रायबरेली और कई धार्मिक स्थलों पर भक्त आस्था की डुबकी लगाने पहुंच रहे हैं। प्रयागराज के घाटों पर तो श्रद्धालुओं का तांता लगा ही हुआ है, स्नान के बाद भक्त हनुमान गढ़ी मंदिर में भी पहुंच रहे हैं और पुलिस प्रशासन भक्तों पर पुष्प वर्षा कर रहा है। कार्तिक पूर्णिमा पर हनुमान गढ़ी मंदिर में बड़ी संख्या में भक्तों का आगमन हुआ है। बाबा हनुमान जी के दर्शन के लिए मंदिर के बाहर तक लाइन लगी है और पुलिस प्रशासन भक्तों को अलग-अलग कतारों के जरिए मंदिर के भीतर प्रवेश दे रहे हैं। भले ही मंदिर में भीड़ है, लेकिन भक्त लंबा इंतजार करने के साथ-साथ भगवान हनुमान के जयकारे भी लगा रहे हैं। मंदिर में दर्शन करने के लिए आई महिला भक्त ने बताया कि “भीड़ को देखते हुए पुलिस-प्रशासन की व्यवस्था बहुत अच्छी है, सभी भक्तों को अच्छे से दर्शन कराया जा रहा है, भले ही भीड़ ज्यादा है लेकिन पुलिस-प्रशासन ने सब संभाल रखा है और दर्शन के समय किसी तरह की कोई परेशानी नहीं हुई। सीएम योगी के नेतृत्व में मंदिर प्रशासन और पुलिस प्रशासन मिलकर सब कुछ कर रहे हैं।” एक अन्य महिला श्रद्धालु ने बताया कि दर्शन करके बहुत अच्छा लगा और दर्शन करने आए भक्तों पर फूलों की वर्षा भी की गई। सुरक्षा में तैनात एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि मंदिर में दर्शन करने के लिए बहुत भीड़ आ रही है और इसलिए दर्शन के लिए दो रास्तों को खोला गया है। कोई अनहोनी न हो, उसका पूरा ध्यान रखा जा रहा है और दर्शन करने के बाद तुरंत भक्तों को मंदिर से बाहर की तरफ भेजा जा रहा है, जिससे बाकी श्रद्धालु आराम से दर्शन कर सकें। सुबह लगातार 3 बजे ही भक्त मंदिर में दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं और ऐसा शाम तक चलने वाला है। बता दें कि अयोध्या के बाकी मंदिरों में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु आ रहे हैं। ब्रह्म मुहूर्त में स्नान करने के बाद श्रद्धालु भगवान का आशीर्वाद लेने के लिए मंदिरों की तरफ बढ़ रहे हैं।  

टीम इंडिया की बॉर्डर-गावस्कर ट्रायल रन! भारत A और SA A में बड़ी परफॉर्मेंस की उम्मीद

बेंगलुरु भारत ए के कप्तान ऋषभ पंत पहले मैच की तरह अपनी फॉर्म और फिटनेस बरकरार रखने के इरादे से मैदान पर उतरेंगे जबकि मोहम्मद सिराज और कुलदीप यादव जैसे खिलाड़ी गुरुवार से यहां तेम्बा बावुमा की अगुवाई वाली दक्षिण अफ्रीका ए के खिलाफ होने वाले दूसरे चार दिवसीय मैच में लाल गेंद से महत्वपूर्ण मैच अभ्यास हासिल करने की कोशिश करेंगे। पंत ने बीसीसीआई सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस के इसी मैदान पर पिछले सप्ताह खेले गए पहले मैच में विकेटकीपर के रूप में 139.3 ओवर बिना किसी परेशानी के खेले और साथ ही बल्लेबाज के रूप में 133 गेंदें खेली। उन्होंने दूसरी पारी में 90 रन बनाकर अपनी बल्लेबाजी फॉर्म का भी अच्छा परिचय दिया। फिटनेस की चिंता पूरी तरह से पीछे छूट जाने के बाद बाएं हाथ का यह बल्लेबाज अब 14 नवंबर से दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ शुरू हो रही दो मैचों की टेस्ट श्रृंखला से पहले एक बार फिर अपने खेल के चरम पर पहुंचने की कोशिश करेगा। सिराज, केएल राहुल और कुलदीप स्वदेश लौटने से पहले भारत के ऑस्ट्रेलिया के मौजूदा सफेद गेंद के दौरे का हिस्सा थे और अब वे दक्षिण अफ्रीका ए जैसी प्रतिस्पर्धी टीम के खिलाफ अपने लाल गेंद के कौशल को निखार सकते हैं। पहले मैच में भारतीय टीम ने तीन विकेट से जीत हासिल की थी और दक्षिण अफ्रीका की टीम अब श्रृंखला बराबर करने के इरादे से मैदान पर उतरेगी। बल्लेबाजों के नजरिए से, दक्षिण अफ्रीका ए के तेज गेंदबाजों ने पहले मैच के अंतिम दिन शॉर्ट पिच गेंद की रणनीति का अच्छा इस्तेमाल किया और पंत सहित अधिकतर भारतीय बल्लेबाजों को परेशान किया था। दक्षिण अफ्रीका की सीनियर टीम 14 नवंबर से शुरू होने वाली टेस्ट श्रृंखला में इस रणनीति पर चलती है या नहीं यह तो समय ही बताएगा लेकिन उसके कप्तान बावुमा यहां फिर से इसको परखने की कोशिश कर सकते हैं। यहां की पिच से तेज गेंदबाजों को लगातार उछाल के रूप में काफी मदद मिल रही है और अगर दक्षिण अफ्रीका अपनी रणनीति पर कायम रहता है तो फिर यहां खेलने वाले भारतीय बल्लेबाजों को दो सप्ताह बाद कागिसो रबाडा और मार्को यानसन जैसे तेज गेंदबाजों का सामना करने से पहले अच्छी तैयारी का मौका मिलेगा। भारत ए के पास भी प्रसिद्ध कृष्णा जैसे तेज गेंदबाज हैं और आकाश दीप भी टेस्ट टीम में वापसी के लिए तैयार हैं। वेस्टइंडीज के खिलाफ घरेलू श्रृंखला के लिए भारतीय टीम में शामिल प्रसिद्ध और आकाश ने अपना अंतिम टेस्ट मैच ओवल में इंग्लैंड के खिलाफ पांचवें टेस्ट मैच में खेला था। जहां तक दक्षिण अफ्रीका का सवाल है तो पिंडली में खिंचाव के कारण हाल ही में पाकिस्तान दौरे से बाहर रहे बावुमा लय हासिल करने के लिए बेताब होंगे। टीम इस प्रकार है: भारत ए: ऋषभ पंत (कप्तान, विकेटकीपर), केएल राहुल, ध्रुव जुरेल (विकेटकीपर), साई सुदर्शन (उपकप्तान), देवदत्त पडिक्कल, रुतुराज गायकवाड़, हर्ष दुबे, तनुष कोटियन, मानव सुथार, खलील अहमद, गुरनूर बराड़, अभिमन्यु ईश्वरन, प्रसिद्ध कृष्णा, मोहम्मद सिराज, आकाश दीप, कुलदीप यादव। दक्षिण अफ्रीका ए: मार्केस एकरमैन, तेम्बा बावुमा (कप्तान), ओकुहले सेले, जुबैर हमजा, जॉर्डन हरमन, रुबिन हरमन, रिवाल्डो मूनसामी, त्शेपो मोरेकी, मिहलाली मपोंगवाना, लेसेगो सेनोकवाने, प्रेनेलन सुब्रायेन, काइल सिमंड्स, त्सेपो नदवांडवा, जेसन स्मिथ, तियान वान वुरेन, कोडी यूसुफ। मैच सुबह 9.30 बजे शुरू होगा।  

मार्गशीर्ष मास 2025: क्या करें और किन बातों से बचें इस पवित्र माह में

मार्गशीर्ष मास को अग्रहायण और अगहन मास का महीना भी कहते हैं. यह हिंदू पंचांग का नौवें महीना होता है, जिसका नाम पूर्णिमा के दिन चंद्रमा की स्थिति के कारण ‘मृगशीर्ष’ नक्षत्र से लिया गया है. धर्म शास्त्रों में मार्गशीर्ष मास को सर्वाधिक पवित्र महीना माना गया है. मान्यता है कि इसी महीने से सतयुग की शुरुआत मानी जाती है. इस लेख में आपको बताते हैं कि यह महीना इतना शुभ क्यों माना जाता है और कब से कब तक चलेगा. मार्गशीर्ष महीना शुभ क्यों माना जाता है? मार्गशीर्ष के महीने में भगवान विष्णु, भगवान श्रीकृष्ण और देवी लक्ष्मी की पूजा की जाती है. इस महीने को “मार्गशीर्ष” इसलिए कहा जाता है, क्योंकि भगवान कृष्ण ने स्वयं इसे महीनों में सबसे श्रेष्ठ बताया है. इसी वजह से यह महीना भगवान कृष्ण की पूजा के लिए विशेष रूप से समर्पित माना जाता है. मार्गशीर्ष महीना कब से कब तक है? मार्गशीर्ष मास की शुरुआत कार्तिक पूर्णिमा के अगले दिन से हो जाती है. पंचांग के मुताबिक, मार्गशीर्ष का महीना 6 नवंबर 2025 से शुरू होगा और इसका समापन 4 दिसंबर 2025 को हो जाएगा. मार्गशीर्ष माह में क्या करना चाहिए? मार्गशीर्ष मास में विष्णुसहस्त्र नाम, भगवतगीता और गजेन्द्रमोक्ष का पाठ करना चाहिए. इसके अलावा, मार्गशीर्ष मास के दौरान भगवान कृष्ण, श्रीहरि और देवी लक्ष्मी की पूजा करना शुभ माना जाता है. इस माह में स्नान करने के बाद ब्राह्मण के माध्यम से पितृ तर्पण और पितृ पूजा करनी चाहिए. मार्गशीर्ष महीने में क्या नहीं करना चाहिए मार्गशीर्ष महीने में तामसिक भोजन (मांस-मदिरा) नहीं करना चाहिए और गुस्सा, आलस, छल-कपट और ईर्ष्या जैसे दुर्गुणों से दूर रहना चाहिए. इसके अलावा, गुरुजनों, माता-पिता या बड़ों का अपमान नहीं करना चाहिए और किसी को भी कटु वचन नहीं बोलने चाहिए. मार्गशीर्ष मास में सूर्यास्त के बाद झाड़ू-पोंछा और नाखून काटना भी वर्जित है. मार्गशीर्ष महीने में क्या नहीं खाना चाहिए? मार्गशीर्ष महीने में तामसिक भोजन (जैसे मांसाहार, प्याज, लहसुन) नहीं खाना चाहिए और जीरे का सेवन भी नहीं करना चाहिए. इसके अलावा, अगहन मास में बासी भोजन और कुछ सब्जियों जैसे बैंगन, मूली आदि से भी परहेज करने की सलाह दी जाती है. इस महीने के दौरान सात्विक भोजन का सेवन करना चाहिए.

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरु नानक जयंती पर गुरुद्वारा में टेका मत्था, सबके कल्याण की कामना की

नानक नाम जहाज है, चढ़े सो उतरे पार… गुरु नानक जी का उपदेश मानवता की सेवा का है सर्वोच्च मार्ग : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरु नानक जयंती पर गुरुद्वारा में टेका मत्था, सबके कल्याण की कामना की मुख्यमंत्री ने की घोषणा – गुरु तेगबहादुर जी का 350वां जयंती वर्ष और शहीदी दिवस धूमधाम से मनाया जाएगा भोपाल  नानक नाम जहाज है, चढ़े सो उतरे पार… मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को गुर नानक जयंती के अवसर पर अरेरा कॉलोनी स्थित प्रसिद्ध गुरुद्वारा पहुंचकर मत्था टेका। शबद कीर्तन (गुरुवाणी) का श्रवण किया और सभी देशवासियों को गुरुपरब की शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने वाहेगुरु जी से प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि एवं सबके कल्याण की मंगलकामना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गुरु नानक देव जी सामाजिक एकता, सद्भावना और सेवा भाव की मिसाल थे। उन्होंने मानवता की सेवा और सबके प्रति समानता का भाव रखने का जो संदेश दिया है, वह आज भी सर्व समाज के लिए प्रकाशपुंज है। उन्होंने कहा कि गुरु नानक जी का जीवन सत्य, करुणा और परोपकार का प्रतीक है। उनका जीवन संदेश समय की सीमाओं से भी परे है और मानवता की सेवा के लिए हमेशा प्रेरणा-स्रोत रहेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समाजजनों की मांग पर घोषणा करते हुए कहा कि म.प्र. सरकार गुरु तेग बहादुर जी का 350वां जयंती वर्ष और शहीदी दिवस समाज की मंशा अनुसार धूमधाम से मनायेगी। मध्यप्रदेश सरकार सत्य के मार्ग पर चलने वाले गुरु तेग बहादुर जी के सम्मान लिए हर जरूरी प्रयास करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने श्री गुरू नानक देव जी के 556वें प्रकाश पर्व के अवसर पर सभी को बधाई दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरू नानक देव जी साक्षात ईश्वर समान थे, उन्होंने संसार को मानवता, सेवा और कीर्तन की शिक्षा और सिख धर्म की स्थापना की। उन्होंने भारत में पदयात्रा तो की ही, यहां से बाहर निकलकर पाकिस्तान, अफगानिस्तान और अरब तक सिख धर्म का प्रकाश पहुंचाया। उस दौर में अरब में गुरू नानक देव जी का जो भाव था, वो बाबर के सामने भी रहा। हम सभी ओंमकार रूपी ध्वनि से सचेतन रहें। जातिगत भेदभाव को दूर करते हुए एक संगत में रहें। समाज में दूरियों को मिटाने के लिए किसी भी दिखावे की जरूरत नहीं है। मनुष्य, मनुष्य के काम आए और अन्याय के खिलाफ लड़ें। अफगानी, मुगल और अंग्रेजों के सामने गुरूजी के मार्ग पर चलते हुए हमारे वीरों ने अपना बलिदान तक कर दिया। उन्होंने कहा कि कार्तिक मास की पूर्णिमा पर प्रकाश पर्व अद्भुत है। गुरू नानक देव जी द्वारा सेवा और देश भक्ति के लिए दिया संदेश सभी के लिए प्रेरित करेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गुरु नानक देव जी की अमरवाणी हमें सिखाती है कि सच्चे अर्थों में धर्म वही है जो सबके हित में हो। हमारी सरकार भी गुरुनानक जी की उसी नेक भावना के अनुरूप जनकल्याण और सबके समुत्थान की राह पर अग्रसर है। गुरु नानक देव जी कहते थे – एक नूर से सब जग उपज्या, कौन भले, कौन मंद? एक ही साजे सब सुरतें, एक ही ज्योति अखंड। अर्थात् ईश्वर एक है, उसी का प्रकाश हर जीव में है। जब हम सबमें उसी एक नूर को देखते हैं, तब भेदभाव मिट जाता है और सच्चा प्रेम प्रकट होता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरुद्वारा परिसर में आयोजित विशेष दीवान सभा में सिक्ख श्रद्धालुओं के साथ शबद कीर्तन में शामिल हुए और श्री सतनाम वाहेगुरु जी का आशीर्वाद प्राप्त किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि गुरु नानक देव जी ने मनुष्य को जीवन का जो मार्ग दिखाया है, वह केवल उपदेश नहीं, एक सम्पूर्ण जीवन दर्शन है। उनका मानना था कि ईश्वर के नाम जप से आध्यात्मिक और मानसिक शक्ति मिलती है, तेज बढ़ता है। उन्होंने हमें ईमानदारी से जीवन यापन करना, मेहनत से काम करना और मिल-बांटकर खाना सिखाया। गुरु नानक देव जी ने लंगर की परंपरा शुरू की, जो सामाजिक समरता और भाईचारे का संदेश देता है। लंगर में कोई छोटा-बड़ा नहीं होता। गुरु नानक देव का जीवन सिख समुदाय के साथ हर भारतीय के लिए प्रेरणा पुंज हैं। उनके संदेशों में हमेशा विश्व को समता, सद्भावना, सदाचार और बंधुत्व पर जोर दिया है। आज के समय में गुरु नानक देव जी की शिक्षाएं मानवता के लिए मार्गदर्शक हैं। "गुरुग्रंथ साहिब" के रूप के हमारे पास जो गुरुजी की अमृतवाणी है, उसकी महिमा ही अपार है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वाहे गुरु जी की कृपा से हम सभी हमेशा सद्मार्ग पर चलें, सद्भावना, करुणा, प्रेम हमारे आचार-विचारों में रहे। उन्होंने कहा कि गुरु नानक देव जी की शिक्षाओं से प्रेरणा लेते हुए हमारी सरकार सेवा को समर्पित है। हमारा उद्देश्य है कि प्रदेश का हर नागरिक सम्मान, सुविधा और अवसर से जुड़ सके। हम सबको एक समान मानते हुए शिक्षा, स्वास्थ्य, भोजन और रोजगार जैसी मूलभूत सुविधाएं हर घर तक पहुंचाने के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं। समाज के आखिरी पंक्ति के आखिरी व्यक्ति तक सरकार की योजनाओं का लाभ पहुंचे, इस संकल्प की सिद्धि के लिए हम दिन रात एक कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि गुरु नानक देव जी के दिखाए मार्ग पर चलते हुए हम सेवा, समानता और संवेदनशीलता के साथ प्रदेश को प्रगति के मार्ग पर आगे बढ़ा रहे हैं। इस अवसर पर विधायक श्री भगवान दास सबनानी, श्री रविन्द्र यति, श्री राहुल कोठारी, गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष श्री बलजिन्दर सिंह, श्री पी.एस. बिन्द्रा, ग्रंथी, जनप्रतिनिधि सहित बड़ी संख्या में सिक्ख समाज के सेवादार एवं श्रद्धालु उपस्थित थे। शबद कीर्तन में संगतकारों ने प्रदेश की उन्नति और समाज में भाईचारे की भावना के विस्तार की प्रार्थना की। इससे पहले सिक्ख श्रद्धालुओं ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव का गुरुद्वारे में आत्मीय स्वागत-अभिनंदन किया और उन्हें सरोपा भेंटकर सम्मानित किया।  

हाईकोर्ट ने आदेश दिया: प्रत्यारोपित पेड़ों की GPS लोकेशन पेश करने को कहा, भोजपुर-बैरसिया रोड पेड़ कटाई मामले में सख्त रवैया

जबलपुर  भोपाल के समीप भोजपुर-बैरसिया रोड निर्माण के लिए 488 पेड़ों की कटाई से संबंधित जनहित याचिका की सुनवाई करते हुए मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की युगलपीठ के मुख्य न्यायाधीश संजीव सचदेवा और न्यायमूर्ति विनय सर्राफ ने राज्य सरकार के पक्ष से प्रस्तुत जवाब पर असंतोष व्यक्त किया। युगलपीठ ने अपने आदेश में स्पष्ट कहा कि जिन पेड़ों के प्रत्यारोपण का दावा किया गया है, वास्तव में उन्हें काटा गया है। अदालत ने प्रत्यारोपित किए गए 253 पेड़ों की तस्वीरें जीपीएस लोकेशन सहित प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही हस्तक्षेपकर्ता बनाए जाने के आवेदन को स्वीकार करते हुए भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग को भी नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। मामले की अगली सुनवाई 20 नवंबर को होगी। गौरतलब है कि हाईकोर्ट ने भोजपुर-बैरसिया रोड चौड़ीकरण के दौरान बिना अनुमति 488 पेड़ काटे जाने संबंधी अखबार में प्रकाशित खबर पर संज्ञान लेते हुए इसे जनहित याचिका के रूप में दर्ज किया था। प्रकाशित खबर में यह तथ्य उजागर हुआ था कि लोक निर्माण विभाग, रायसेन ने नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के दिशा-निर्देशों का उल्लंघन करते हुए पेड़ों की कटाई की अनुमति लिए बिना ही कार्य कराया। नियमों के अनुसार राज्य सरकार को पेड़ों की कटाई से संबंधित मामलों में एक समिति का गठन करना आवश्यक है, जिसकी अनुमति के बाद ही कटाई की जा सकती है। इस मामले में सरकार ने 9 सदस्यीय समिति या वृक्ष अधिकारी से अनुमति नहीं ली थी। सुनवाई के दौरान मंगलवार को राज्य सरकार की ओर से बताया गया कि कलेक्टर ने 448 पेड़ों के स्थानांतरण की अनुमति दी थी और जो पेड़ स्थानांतरित नहीं किए जा सके, उनकी भरपाई के लिए 10 गुना अधिक पेड़ लगाए जाएंगे। इसके अलावा 253 पेड़ों का प्रत्यारोपण किया गया है। सरकार की इस दलील पर हाईकोर्ट ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि प्रस्तुत तस्वीरों से स्पष्ट है कि पेड़ों का प्रत्यारोपण नहीं हुआ, बल्कि उन्हें पूरी तरह काटकर उनके तनों को जमीन में गाड़ दिया गया है। कुछ तनों में नए अंकुर भी दिखाई दे रहे हैं। सुनवाई के अंत में युगलपीठ ने हस्तक्षेपकर्ता नितिन सक्सेना के आवेदन को स्वीकार करते हुए आदेश जारी किया और राज्य सरकार से इस संबंध में विस्तृत जवाब मांगा है।  

किसानों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है हमारी सरकार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

किसानों का हित सर्वोपरि : मुख्यमंत्री डॉ. यादव किसानों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है हमारी सरकार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव किसानों को हर हाल में मिलेगी 10 घंटे निर्बाध बिजली  : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निरस्त किया विवादित सर्क्यूलर हटाए गए संबंधित चीफ इंजीनियर भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि अन्नदाता (किसानों) का हित हमारे लिए सर्वोपरि है। किसानों के कल्याण के लिए हमारी सरकार पूरी प्रतिबद्धता से काम कर रही है। किसानों को हर हाल में 10 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति की जाएगी।मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुधवार को जारी संदेश में यह बात कही। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जिस सर्क्यूलर को लेकर जनसामान्य में गलतफहमी पैदा हुई है, उस विवादित सर्क्यूलर को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया गया है। साथ ही विवादित सर्क्यूलर मामले से जुड़े संबंधित चीफ इंजीनियर को भी तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि प्रदेश में संवेदनशील और किसान हितैषी सरकार काबिज है। किसानों के समग्र उत्थान के लिए हमारी सरकार ने कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बिजली आपूर्ति से संबंधित विवादित सर्क्यूलर को रद्द कर दिया गया है और इसे जारी करने वाले संबंधित अधिकारी पर भी विधि अनुरूप कार्रवाई की जा रही है।  

VIP परिवार में दर्दनाक हादसा: राज्यसभा सदस्य के बेटे की कार अनियंत्रित होकर पलटी

पटियाला/राजपुरा पंजाब से राज्यसभा सदस्य और देश के प्रसिद्ध औद्योगिक समूह ट्राइडेंट ग्रुप के प्रमुख राजिंदर गुप्ता के बेटे अभिषेक गुप्ता की कार के साथ एक भयानक हादसा हुआ। यह हादसा मंगलवार देर रात राजपुरा जी.टी. रोड पर हुआ। अच्छी बात यह रही कि अभिषेक गुप्ता और कार में सवार सभी लोग पूरी तरह सुरक्षित हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार अभिषेक गुप्ता अपनी लेक्सस LX570 कार से दिल्ली से लौट रहे थे। इसी दौरान जब उनकी कार राजपुरा जी.टी. रोड पर थी, तभी पीछे से आ रही एक अन्य गाड़ी ने उनकी कार को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि कारों को काफी नुकसान हुआ, लेकिन गनीमत रही कि सभी सवार सुरक्षित रहे। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। 

महिला वर्ल्ड कप में बांग्लादेश टीम में थप्पड़कांड, कप्तान निगार सुल्ताना पर जूनियर खिलाड़ियों के उत्पीड़न का आरोप

ढाका  बांग्लादेश महिला टीम की अनुभवी तेज गेंदबाज जहानारा आलम ने टीम की कप्तान निगार सुल्ताना जोती (Nigar Sultana Joty) पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने दावा किया कि न‍िगार जूनियर खिलाड़ियों को मारती हैं. हालांकि, बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (बीसीबी) ने इन आरोपों को खारिज कर दिया है.  आलम ने पिछले साल दिसंबर में आयरलैंड के खिलाफ अपना आखिरी मैच खेला था. उन्होंने यह बयान बांग्लादेश के दैनिक अखबार कालेर कंठो (Kaler Kantho) को दिए एक इंटरव्यू में दिया है. आलम ने कहा- यह कोई नई बात नहीं है, वो जूनियर्स को काफी मारती हैं.  उन्होंने आगे बताया- यहां तक कि इस वर्ल्ड कप के दौरान भी जूनियर्स ने मुझसे कहा नहीं, मैं यह फिर नहीं करूंगी, वरना मुझे फिर थप्पड़ खाना पड़ेगा.  कुछ लोगों ने बताया कि मुझे कल मारा गया. दुबई दौरे के दौरान भी उसने एक जूनियर को कमरे में बुलाकर थप्पड़ मारा था.  32 वर्षीय जहानारा आलम ने बांग्लादेश के लिए 52 वनडे में 48 और 83 टी20 मैचों में 60 विकेट लिए हैं. उन्होंने कहा टीम टीम का माहौल पिछले कुछ वर्षों में और खराब हो गया है, जिसके चलते उन्होंने अपनी मानसिक सेहत के लिए क्रिकेट से दूर होने का फैसला किया था.  उन्होंने कहा- असल में मैं अकेली नहीं हूं, बांग्लादेश टीम में लगभग हर कोई किसी न किसी रूप में पीड़ित है, हर किसी की तकलीफ अलग है, यहां एक या दो खिलाड़ियों को ही बेहतर सुविधाएं मिलती हैं, और कुछ मामलों में तो सिर्फ एक खिलाड़ी को ही सबकुछ दिया जाता है.  बांग्लादेश क्रिकेट ने थप्पड़कांड पर क्या कहा? जहानआरा आलम ने साल 2021 में कोविड के बाद शुरू हुए कैम्प के दौरान मुझ जैसे सीनियर खिलाड़ियों को हटाने का प्रोसेस शुरू क‍िया था, तब मुझे बांग्लादेश की 3 टीमों से एक एक की कप्तान बनाया गया था,  बाकी दो टीमों की कप्तान जोती (निगार सुल्ताना) और शारमिन सुल्ताना थीं. तभी से सीनियर खिलाड़ियों पर दबाव बनना शुरू हो गया था.   हालांकि, बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (बीसीबी) ने इन आरोपों को तुरंत खारिज करते हुए इन्हें “बेसिर-पैर और दुर्भाग्यपूर्ण” बताया है.  बीसीबी ने अपने बयान में कहा, “बोर्ड इन आरोपों को सिरे से खारिज करता है, ये बेबुनियाद, मनगढ़ंत और पूरी तरह झूठे हैं.  बयान में आगे कहा गया, “यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि ऐसे अपमानजनक और विवादित दावे उस समय किए गए हैं जब बांग्लादेश महिला टीम इंटरनेशनल लेवल पर शानदार प्रदर्शन और एकजुटता दिखा रही है. जांच में इन आरोपों का सपोर्ट करने वाला कोई सबूत नहीं मिला है. 

टीम इंडिया को मिलती है करोड़ों की ट्रॉफी? वर्ल्ड कप कप की असली कीमत जानकर चौंक जाएंगे

नई दिल्ली  आईसीसी महिला वर्ल्ड कप में शानदार प्रदर्शन के बाद बीसीसीआई ने महिला टीम को 51 करोड़ रुपये का इनाम देने का ऐलान किया। यह फैसला सोशल मीडिया पर पुरुष और महिला खिलाड़ियों को बराबर पुरस्कार देने की चर्चाओं के बीच आया। इसके पहले पुरुष टीम को टी20 वर्ल्ड कप 2024 जीतने पर 125 करोड़ रुपये का इनाम दिया गया था। ट्रॉफी की कीमत हालांकि, इस ट्रॉफी की निर्माण लागत या मूल्य का कोई आधिकारिक खुलासा नहीं हुआ। 2017 में इंग्लैंड से फाइनल हारने पर हर खिलाड़ी को 50 लाख रुपये का इनाम मिला था। महिला क्रिकेटरों की सैलरी स्ट्रक्चर बीसीसीआई ने मार्च 2025 में महिला खिलाड़ियों को तीन ग्रेड में बांटा है:     ग्रेड A: हरमनप्रीत कौर, स्मृति मंधाना, दीप्ति शर्मा — सालाना ₹50 लाख     ग्रेड B: रेनुका ठाकुर, जेमिमा रॉड्रिग्स, रिचा घोष, शैफाली वर्मा — सालाना ₹30 लाख     ग्रेड C: राधा यादव, अमनजोत कौर, उमा चे़त्री, स्नेह राणा समेत 9 खिलाड़ी — सालाना ₹10 लाख पुरुष और महिला खिलाड़ियों में अंतर, पुरुष क्रिकेटरों के ग्रेड:     A+: ₹7 करोड़     A: ₹5 करोड़     B: ₹3 करोड़     C: ₹1 करोड़ मैच फीस अब दोनों को समान दी जाती है: टेस्ट: ₹15 लाख वनडे: ₹6 लाख टी20: ₹3 लाख फर्क सिर्फ इतना है कि पुरुष टीम अधिक मैच खेलती है, इसलिए उनकी कुल कमाई ज्यादा होती है।