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‘देश संकट में है’— सुप्रीम कोर्ट में PM के प्रतिनिधि की बड़ी दलील, नेशनल इमरजेंसी की गुहार

नई दिल्ली  राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली समेत देश के कई हिस्सों और शहरों में बढ़ते प्रदूषण और दमघोंटू हवा के मद्देनजर सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका (PIL) दायर की गई है और वायु प्रदूषण के स्तर को नियंत्रित करने की मांग की गई है। इतना ही नहीं याचिकाकर्ता ने अपनी अर्जी में राष्ट्रीय स्तर पर "सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल" (National Health Emergency) लागू करने की भी मांग की है। ताकि ग्रामीण से लेकर शहरी स्तर तक लोगों को प्रदूषण के गंभीर परिणामों से बचाया जा सके। यह याचिका ल्यूक क्रिस्टोफर कॉउटिन्हो ने दायर की है, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के फिट इंडिया मूवमेंट के वेलनेस चैंपियन यानी दूत रहे हैं। याचिका में उन्होंने तर्क दिया है कि एक व्यापक नीतिगत ढाँचे के बावजूद, ग्रामीण और शहरी भारत के बड़े हिस्से में वायु की गुणवत्ता लगातार खराब बनी हुई है और कई मामलों में यह बदतर स्तर को भी पार कर गई है। संविधान के अनुच्छेद 21 का हवाला लाइव लॉ की रिपोर्ट के मुताबिक, याचिकाकर्ता ने संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत जीवन और स्वास्थ्य के अधिकार का हवाला देते हुए, कोर्ट से अधिकारियों को वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के ठोस उपाय करने का निर्देश देने की माँग की है। याचिका में इस बात पर प्रकाश डाला गया है कि दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, बेंगलुरु आदि प्रमुख भारतीय शहरों में PM₂.₅ और PM₁₀ जैसे प्रदूषकों का वार्षिक औसत केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा अधिसूचित राष्ट्रीय परिवेशी वायु गुणवत्ता मानकों (NAAQS), 2009 के तहत निर्धारित सीमा से लगातार अधिक बना हुआ है। मानकों का घोर उल्लंघन याचिकाकर्ता ने अपनी याचिका में इस बात पर जोर दिया है कि भारतीय मानक पहले से ही एक उच्च सीमा निर्धारित करते हैं, क्योंकि विश्व स्वास्थ्य संगठन के 2021 वायु गुणवत्ता दिशानिर्देश PM₂.₅ के लिए 5 μg/m³ और PM₁₀ के लिए 15 μg/m³ की वार्षिक औसत सीमा निर्धारित करते हैं। उन्होंने कोर्ट को बताया है कि दिल्ली में PM₂.₅ का वास्तविक वार्षिक औसत स्तर लगभग 105 μg/m³ दर्ज किया गया है, जबकि कोलकाता में लगभग 33 μg/m³ और लखनऊ में लगभग 90 μg/m³ दर्ज किया गया है, जो भारतीय मानकों का उल्लंघन है। इस समस्या से निपटने में अधिकारियों की विफलता को उजागर करते हुए याचिकाकर्ता ने दावा किया है कि 1.4 अरब से ज़्यादा नागरिक हर दिन जहरीली हवा में साँस लेने को मजबूर हैं। उन्होंने आगे कहा कि वायु गुणवत्ता निगरानी कार्यक्रमों से ग्रामीण क्षेत्रों का बहिष्करण एक बुनियादी ढाँचागत कमज़ोरी को दर्शाता है। कौन हैं क्रिस्टोफर? ल्यूक क्रिस्टोफर कॉउटिन्हो एक भारतीय जीवनशैली गुरु और एकीकृत एवं जीवनशैली चिकित्सा के क्षेत्र में थिंकर हैं, जो स्वास्थ्य के प्रति लोगों को जागरूक करते रहे हैं। वह उत्तम स्वास्थ्य के लिए पोषण, व्यायाम, नींद, इमोशनल डिटॉक्स और अध्यात्म जैसे पांच स्तंभों पर जोर देते रहे हैं। वे यू केयर वेलनेस प्रोग्राम के संस्थापक हैं और स्वास्थ्य पर बेस्टसेलिंग पुस्तकें लिखने के लिए जाने जाते हैं। वह वायु प्रदूषण जैसे सामाजिक मुद्दों के समाधान के लिए भी सक्रिय रहे हैं।

बिहार को शिक्षा का नया केंद्र बनाने का ऐलान, राहुल बोले — ‘हम लाएंगे देश का सबसे बड़ा विश्वविद्यालय’

पूर्णिया कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने पूर्णिया के कसबा विधानसभा क्षेत्र में आयोजित एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए बिहार की बदहाली के लिए एनडीए सरकार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने न सिर्फ राज्य की शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल उठाए, बल्कि महाबंधन के लिए केंद्र और राज्य में निर्णायक जीत का आह्वान भी किया। सभा का सबसे भावुक क्षण तब आया जब कसबा विधानसभा क्षेत्र से महागठबंधन के प्रत्याशी मो. इरफान आलम मंच पर रो पड़े। राहुल गांधी ने तुरंत आगे बढ़कर उन्हें ढांढस बंधाया। इस दौरान राहुल गांधी ने कहा है कि जब मैं यहां आया, तो इरफान आलम रो रहे थे। आप MLA के बेटे नहीं हैं, लेकिन आप एक डाकिया के बेटे भी हैं। हमें आपके संघर्ष पर गर्व है। यह चुनाव आपका नहीं, बल्कि बिहार के हर युवा और हर गरीब का चुनाव है। लोग आपको इस बार विधायक बना रहे हैं, आप बस इन्हें (जनता को) अपना पूरा समर्थन दें। गांधी ने इरफान आलम के माध्यम से आम लोगों के संघर्ष और सादगी को सम्मानित करने की कोशिश की, जिससे स्थानीय जनता में एक भावनात्मक जुड़ाव पैदा हो सके। राहुल गांधी ने बिहार की मूलभूत समस्याओं पर सीधा प्रहार करते हुए 'इंडिया' गठबंधन की सरकार बनने पर बड़े सुधारों का वादा किया है। राहुल गांधी ने संबोधित करते हुए पूर्णिया सदर से महागठबंधन समर्पित कांग्रेस प्रत्याशी जितेंद्र कुमार और कसबा से इरफान आलम क पक्ष में अपना वोट मांगा। उन्होंने ऐतिहासिक घोषणा करते हुए कहा कि केंद्र इंडिया गठबंधन की सरकार बनते ही बिहार में देश का सबसे बड़ा और विश्वस्तरीय विश्वविद्यालय खोला जाएगा, ताकि बिहार के युवाओं को शिक्षा के लिए पलायन न करना पड़े। उन्होंने राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं की दुर्दशा पर दुख व्यक्त किया। बिहार में आज लोग अस्पताल में जीने नहीं, बल्कि मरने जाते हैं, उन्होंने वोट चोरी का आरोप दोहराया है। दिल्ली में लगाए गए आरोपों को दोहराते हुए राहुल गांधी ने बीजेपी पर लोकतंत्र को खत्म करने का प्रयास करने का आरोप लगाया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि मौजूदा सरकार संविधान पर आक्रमण कर रही है और वोट चोरी करके चुनाव जीतने की साजिश रच रही है। वोट चोरी का जिक्र उन्होंने केंद्र और नीतीश कुमार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि बिहार में 20 साल से नीतीश कुमार मुख्यमंत्री है, लेकिन वे बिहार के युवाओं को मजदूर बनाया है। बिहार में उद्योग के लिए जमीन नहीं है, लेकिन अडाणी के लिए सरकार के पास जमीन है। राहुल गांधी ने आगे कहा कि, हरियाणा का चुनाव वोट चोरी करके जीता गया। हरियाणा के वोटर लिस्ट में दो बूथ में एक महिला का चेहरा 200 बार दिखाया गया। वहीं, दूसरी महिला का 100 बार। हजारों लोग यूपी में वोट करते हैं। वहीं हरियाणा में वोटिंग करते हैं। ब्राजील की एक महिला हरियाणा की वोटर हैं, उसने वहां वोट दिया। महाराष्ट्र, हरियाणा और लोकसभा चुनाव में वोट चोरी करने के बाद बिहार में वोट चोरी किया जा रहा है। उन्होंने जनता से खासकर जनरेशन जेड से अपने भविष्य को बचाने के लिए आगे आने और संविधान की रक्षा के लिए इंडिया गठबंधन को वोट देने की अपील की। दुबई जैसी जगह को आपने अपने खून पसीने से बनाया राहुल गांधी ने कहा, मैं बिहार के युवाओं से सवाल पूछना चाहता हूं। मैं देश के किसी भी प्रदेश में जाता हूं तो वहां मुझे बिहार के लोग दिखाई देते हैं। दुबई जैसी जगह को आपने अपने खून पसीने से बनाया है। मेरा आपसे सवाल है कि जब आप दुबई और बेंगलुरु जैसा शहर बना सकते हो तो ये बिहार में क्यों नहीं कर पाते हो। एक समय होता था जब नालंदा की यूनिवर्सिटी पूरी दुनिया में मशहूर थी। जापान, कोरिया, इंग्लैंड से लोग पढ़ाई करने आते थे। दुनिया की शिक्षा का सेंटर नालंदा था। आज बिहार की यूनिवर्सिटी के बार में दूसरे लोगों से पूछिए। कहते हैं यहां सिर्फ पेपर लीक होता है। जिनकी सेटिंग है उन्हें पेपर मिल जाता है। यहां परीक्षा के एक दिन पहले पेपर लीक हो जाता बिहार के बाकी युवा देखते रह जाते हैं। बिहार का युवा सपना देखता है कि इंजीनियर बनूंगा, डॉक्टर बनूंगा। मां-पिता के पास जाता है और कहता है कि मुझे पढ़ाई करनी है। महीनों की मेहनत के बाद परीक्षा के एक दिन पहले पेपर लीक हो जाता है और बिहार का ईमानदार युवा देखता रह जाता है। राहुल ने कहा नीतीश कुमार कहते हैं कि 20 साल में बिहार को बदल दिया, लेकिन मैं पूछता हूं कि क्या बिहार में अच्छी शिक्षा, स्वास्थ्य मिल सकता है। बिहार के अस्पतालों में लोग जीने नहीं, मरने जाते हैं। दूसरी तरफ PM मोदी खड़े हैं। PM के हाथ में नीतीश का रिमोट है। नीतीश से जो करवाना है PM करवा देंगे। बिहार को नीतीश नहीं चलाते हैं। सरकार अमित शाह-मोदी चलाते हैं।

मोबाइल ट्रैकिंग में जबलपुर पुलिस नंबर वन: 151 गुम मोबाइल मिले, खुशी से खिल उठे चेहरे

जबलपुर पुलिस अधीक्षक जबलपुर श्री सम्पत उपाध्याय (भा.पु.से.) के आदेशानुसार एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अपराध श्री जितेन्द्र सिंह के निर्देशन में गुम हुये मोबाइल तलाशे जा रहे हैं। 6 नवंबर को पुलिस अधीक्षक कार्यालय में पुलिस अधीक्षक जबलपुर श्री सम्पत उपाध्याय (भा.पु.से.) के निर्देशन में अतरिक्त पुलिस अधीक्षक अपराध श्री जितेन्द्र सिंह द्वारा CEIR PORTAL के माध्यम से जबलपुर पुलिस द्वारा तलाशे गये गुम हुए 151 मोबाईल, जिनकी अनुमानित कीमत लगभग 28 लाख रूपये हैं, मोबाईल धारकों को पुलिस अधीक्षक कार्यालय में वापस किये गए।   सायबर सेल जबलपुर द्वारा लगातार सायबर जागरूकता संबंधी आयोजन किये जा रहे है, वर्तमान वर्ष 2025 में सायबर जागरुकता कार्यक्रम आयोजित कर नागरिकों व स्कूल-कॉलेज के छात्र-छात्रा को सायबर संबंधी आपराधो से बचने के उपायों से अवगत कराया जाकर सायबर जागरूकता कार्यक्रम संचालित किये गये है।   पुलिस अधीक्षक जबलपुर श्री सम्पत उपाध्याय (भा.पु.से.) द्वारा संस्कारधानी वासियों से अपील की गई कि सायबर फ्रॉड से संबंधित व गुमें हुए मोबाईल की शिकायत संबंधित थाने में करने के साथ साथ सायबर फ्रॉड संबंधी शिकायत हेतु नेशनल सायबर हेल्पलाईन नम्बर 1930 व वेबसाईट WWW.cybercrime.gov.in एवं गुम हुए मोबाईलो कि शिकायत हेतु वेबसाईट WWW,ceir.gov.in पर अपनी शिकायत दर्ज करें।

‘कोरोना वॉरियर’ अब परेशान! MPHW कर्मचारियों ने उठाई वेतन-स्थायीकरण की मांग

रेवाड़ी बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कर्मचारी एसोसिएशन रेवाड़ी की ओर से सरकारी अस्पताल परिसर में एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया गया। कर्मचारियों ने सरकार से 4,200 रुपए वेतन बढ़ोतरी और अन्य लंबित मांगों को जल्द पूरा करने की अपील की। धरने की अगुवाई एसोसिएशन के जिला पदाधिकारियों ने की।  धरने को संबोधित करते हुए MPHW एसोसिएशन के जिला जनरल सचिव सहदेव आर्य ने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान सरकार ने हमें कोरोना योद्धा का दर्जा देते हुए सम्मानित किया और फूल बरसाए, लेकिन आज वही सरकार हमारी मांगों को अनदेखा कर रही है। उन्होंने कहा कि कई कर्मचारी 30 से 35 वर्ष से स्वास्थ्य विभाग में अपनी सेवाएं दे रहे हैं फिर भी अभी तक पक्का कर्मचारी का दर्जा नहीं दिया गया।  उन्होंने आरोप लगाया कि विभागीय अधिकारी कर्मचारियों पर वर्दी पहनने का दबाव बनाते हैं, जबकि विभाग ने आज तक ड्रेस उपलब्ध ही नहीं करवाई। इसके अलावा उन्होंने रिटायरमेंट के बाद कर्मचारियों को एक समान राशि देने की मांग की, ताकि सेवाकाल का सम्मान बना रहे। सहदेव आर्य ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकार की कुंभकर्णी नींद अब नहीं टूटी, तो एसोसिएशन बड़े आंदोलन की ओर बढ़ेगी और उसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी। एक दिवसीय धरने के बाद एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने सीएमओ को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा, जिसमें मांगों को तुरंत लागू करने की अपील की गई। कर्मचारियों ने स्पष्ट कहा कि अगर मांगे जल्द नहीं मानी गईं तो आंदोलन चरणवार तरीके से और तेज किया जाएगा। 

AAP का राज्यपाल से बड़ा सामना: केंद्र को कड़ी चेतावनी, कहा- लोकतंत्र नहीं दबेगा

चंडीगढ़ पंजाब यूनिवर्सिटी के मुद्दे को लेकर आज आम आदमी पार्टी (AAP) के प्रतिनिधिमंडल ने कैबिनेट मंत्री हरपाल सिंह चीमा की अगुवाई में राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया से मुलाकात की। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने यूनिवर्सिटी की सीनेट और सिंडिकेट को भंग करने के फैसले पर चर्चा की। जानकारी देते हुए हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि केंद्र सरकार ने लोकतांत्रिक प्रणाली को कमजोर किया है, जिससे लाखों विद्यार्थी प्रभावित हुए हैं और पंजाब के करीब 200 कॉलेजों को नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार पंजाब से दिल से नफरत करती है। हरपाल चीमा ने आगे कहा कि पहले केंद्र सरकार ने भाखड़ा ब्यास मैनेजमेंट बोर्ड (BBMB) पर कब्जा करने की कोशिश की थी, और अब उनकी नजर पंजाब की यूनिवर्सिटियों पर है। उन्होंने कहा कि पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार मिलकर इस लड़ाई को लड़ेगी। इस मौके पर AAP सांसद मीट हेयर ने कहा कि पंजाब यूनिवर्सिटी से पंजाब के लोग भावनात्मक रूप से गहराई से जुड़े हुए हैं, लेकिन फिर भी असंवैधानिक तरीके से इसे अपने कब्जे में लेने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि हर बार पंजाब के साथ भेदभाव किया जाता है। उन्होंने केंद्र को चेतावनी देते कहा कि बार-बार पंजाब को परखना बंद कर दें।  

हवस की भेंट चढ़ी मासूम: चॉकलेट खिलाने के बहाने वारदात, पुलिस ने दादी-पोते को दबोचा

  सूरजपुर  प्रतापपुर थानाक्षेत्र में 5 वर्षीय मासूम बालिका के साथ हुए दुष्कर्म मामले में पुलिस ने नानी-पोते को गिरफ्तार किया है. पुलिस ने मामले की गंभीरता को समझते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया है, जहां से दोनों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है. क्या है पूरा मामला? जानकारी के मुताबिक, घटना प्रतापपुर थानाक्षेत्र की है. मंगलवार को आरोपी पड़ोसी (उम्र 25 वर्ष लगभग) मासूब बच्ची को चॉकलेट खिलाने के बहाने अपने घर ले गया. अपने घर पर ही उसने बच्ची के साथ दुष्कर्म की जघन्य वारदात को अंजाम दिया. सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि इस हैवानियत को अंजाम देने के बाद, आरोपी की नानी ने अपने पोते की गलती को छुपाने और साक्ष्य नष्ट करने में पूरी मदद की. मासूम की हालत गंभीर वारदात के बाद बच्ची की हालत बेहद गंभीर हो गई, जिसके बाद परिजनों ने उसे तत्काल इलाज के लिए अंबिकापुर के अस्पताल में भर्ती कराया. पुलिस ने पीड़ित बच्ची के परिजनों की शिकायत पर तत्काल कार्रवाई करते हुए, मुख्य आरोपी और उसकी नानी दोनों को गिरफ्तार किया. पुलिस ने दोनों आरोपियों को न्यायालय में प्रस्तुत किया, जिसके बाद अदालत ने दोनों हैवानों को जेल भेज दिया है. पुलिस का कहना है कि वे इस मामले में जल्द से जल्द चालान पेश कर दोषियों को कड़ी सजा दिलाने की कोशिश करेंगे.

लियोनेल मेसी 2025 एमएलएस बेस्ट इलेवन टीम के कप्तान चुने गए

मियामी फुटबॉल सुपरस्टार लियोनेल मेसी को इस सीज़न के मेजर लीग सॉकर (एमएलएस) की सर्वश्रेष्ठ टीम (बेस्ट इलेवन) का कप्तान चुना गया है। इस सूची में नौ अलग-अलग क्लबों के खिलाड़ियों को जगह मिली है। इंटर मियामी के इस अर्जेंटीनी फॉरवर्ड ने इस सीज़न में 29 गोल और 19 असिस्ट किए, यानी कुल 48 गोल योगदान दिए — जो 2019 में कार्लोस वेला द्वारा बनाए गए 49 योगदानों के रिकॉर्ड से बस एक कम है। मेसी अब लीग इतिहास में लगातार दो बार एमवीपी पुरस्कार जीतने वाले पहले खिलाड़ी बनने की राह पर हैं। बुधवार को एमएलएस द्वारा घोषित इस सूची में सात देशों के खिलाड़ी शामिल हैं, जिनमें से छह खिलाड़ी पहली बार बेस्ट इलेवन में जगह बना पाए हैं। फिलाडेल्फिया यूनियन (जेकब ग्लेसनेस और काई वाग्नर) और वैंकूवर व्हाइटकैप्स (ट्रिस्टन ब्लैकमोन और सेबेस्टियन बर्हाल्टर) ऐसी दो टीमें हैं जिनके दो-दो खिलाड़ी इस सूची में शामिल हैं। बेस्ट इलेवन का चयन हर साल मीडिया, एमएलएस खिलाड़ियों और क्लब टेक्निकल स्टाफ के वोटों से किया जाता है। 2025 एमएलएस बेस्ट इलेवन टीम गोलकीपर: डेन सेंट क्लेयर (मिनेसोटा यूनाइटेड एफसी)। डिफेंडर: ट्रिस्टन ब्लैकमोन (वैंकूवर व्हाइटकैप्स), एलेक्स फ्रीमैन (ऑरलैंडो सिटी), जेकब ग्लेसनेस (फिलाडेल्फिया यूनियन), काई वाग्नर (फिलाडेल्फिया यूनियन)। मिडफील्डर: सेबेस्टियन बर्हाल्टर (वैंकूवर व्हाइटकैप्स), इवांडर (एफसी सिनसिनाटी), क्रिस्टियन रोल्डन (सिएटल साउंडर्स)। फॉरवर्ड: डेनिस बुआंगा (एलएएफसी), एंडर्स ड्रेयर (सैन डिएगो एफसी), लियोनेल मेसी ( कप्तान) (इंटर मियामी सीएफ)।  

ब्रेन हेमरेज से गई जान, पर रिश्वत की मांग नहीं रुकी! मध्यप्रदेश में दिल दहला देने वाली घटना

भोपाल मध्य प्रदेश में मनरेगा योजना के अंतर्गत कार्यरत रहे संविदा उपयंत्री नवीन खरे की मौत ने फिर प्रशासनिक संवेदनहीनता की गहराई को उजागर कर दिया है। वर्ष 2006 में जनपद पंचायत शिवपुरी में संविदा उपयंत्री के रूप में नियुक्त नवीन खरे को वर्ष 2012 में सेवा से पृथक कर दिया गया। इस निर्णय के खिलाफ उन्होंने ग्वालियर हाईकोर्ट में याचिका दायर की। न्यायालय ने जुलाई 2024 में उनके पक्ष में निर्णय देते हुए पुनः पदस्थापना के निर्देश दिए, लेकिन जिला प्रशासन ने न्यायालय के आदेश की अवहेलना करते हुए उन्हें ज्वाइनिंग नहीं दी। मनरेगा अभियंता संघ के प्रांत अध्यक्ष सतीश कुमार समेले ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि शिवपुरी जिले के अधिकारियों द्वारा ज्वाइनिंग दिलाने के नाम पर एक लाख की रिश्वत की मांग की गई थी। इस कथित मांग और लगातार प्रशासनिक उपेक्षा से नवीन खरे मानसिक रूप से टूट गए थे। तनाव और निराशा की इसी स्थिति में उन्हें ब्रेन हेमरेज हुआ और इलाज के दौरान भोपाल एम्स में उनकी मृत्यु हो गई। 55 वर्षीय खरे अपने पीछे माता-पिता, सासू मां और दो बच्चों को छोड़ गए हैं।   कोर्ट के आदेश का पालन ही नहीं हुआ परिवार का कहना है कि यदि न्यायालय के आदेश का पालन किया गया होता, तो आज नवीन जीवित होते। मृतक के परिजनों और साथियों ने विदिशा के दुर्गा चौक पर शव रखकर विरोध प्रदर्शन किया तथा शिवपुरी कलेक्टर, जिला पंचायत सीईओ और मनरेगा आयुक्त पर कार्रवाई की मांग की। उधर, राज्यभर में 1335 संविदा उपयंत्री अपनी आठ सूत्रीय मांगों को लेकर 85 दिनों से आंदोलनरत हैं। आंदोलन के दौरान अब तक चार संविदा उपयंत्रियों की मौत हो चुकी है, जबकि वर्ष 2010 से अब तक 49 अभियंता असमय मौत का शिकार बने हैं।

बड़ी साज़िश का शक? कांग्रेस के दो दिग्गज नेताओं को मिली मौत की धमकी, हड़कंप

तरनतारन  वरिष्ठ कांग्रेस नेता राजबीर सिंह भुल्लर और पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष एवं सांसद अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग को परिवार समेत जान से मारने की धमकी मिलने का मामला सामने आया है। गैंगस्टर रिंदा द्वारा दी गई इस धमकी के बाद, तरनतारन सिटी थाने की पुलिस ने रिंदा समेत 2 अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है। गौरतलब है कि तरनतारन विधानसभा क्षेत्र में होने वाले उप-चुनाव को लेकर जहां राजनीति गरमाई हुई है, वहीं गैंगस्टर और शरारती तत्व मतदाताओं को धमकाने के लिए फोन कर रहे हैं और राजनेताओं को भी निशाना बनाया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, तरनतारन निवासी वरिष्ठ कांग्रेसी नेता राजबीर सिंह भुल्लर द्वारा जिले के एस.एस.पी. को लिखित शिकायत दर्ज कराई गई थी कि 31 अक्तूबर को उनके मोबाइल फोन पर एक विदेशी नंबर से फोन आया, जिसमें फोन करने वाले ने अपना नाम गैंगस्टर रिंदा बताया था। उसी दिन, आने वाली कॉल में फिर से एक वॉयस मैसेज भेजा गया, जिसमें कहा गया कि हमें पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष व मौजूदा सांसद अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग और उनके परिवार को तो मारना ही है तथा इस के साथ हमने तुम्हें और तुम्हारे परिवार को भी मारना है। राजबीर सिंह भुल्लर, जो तरनतारन विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस पार्टी के संभावित उम्मीदवार भी थे, को इस धमकी भरे फोन कॉल के माध्यम से 11 नवम्बर तक चुनाव प्रचार में भाग न लेने की चेतावनी भी दी गई थी। राजबीर सिंह भुल्लर ने शिकायत में यह भी कहा कि पहले भी उन्हें कई बार जान से मारने की धमकियां मिल चुकी हैं। इस बीच, राजबीर सिंह भुल्लर ने अपनी और अपने परिवार की जान को खतरा बताते हुए पुलिस सुरक्षा की भी मांग की है। इस धमकी भरे कॉल के बाद, थाना सिटी तरनतारन की पुलिस ने राजबीर सिंह भुल्लर के बयानों पर गैंगस्टर रिंदा और दो अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है। 

SC ने नहीं दी राहत! अब्दुल्ला आज़म पर फर्जी दस्तावेज़ केस में होगी आगे जांच

रामपुर  समाजवादी पार्टी के नेता और पूर्व विधायक अब्दुल्ला आजम खान को सुप्रीम कोर्ट से करारा झटका लगा है। शीर्ष अदालत ने उनके खिलाफ दर्ज फर्जी दस्तावेज मामले में एफआईआर रद्द करने की याचिका खारिज कर दी है। FIR रद्द करने का कोई ठोस कानूनी आधार नहीं: SC जस्टिस एम.एम. सुंदरेश और जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा की बेंच ने कहा कि अब्दुल्ला आजम की याचिका में एफआईआर रद्द करने का कोई ठोस कानूनी आधार नहीं है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि जांच एजेंसी को अपना काम करने दिया जाना चाहिए और इस स्तर पर अदालत का हस्तक्षेप उचित नहीं होगा। फर्जी दस्तावेज मामले में सुप्रीम कोर्ट सख्त बता दें कि अब्दुल्ला आजम पर आरोप है कि उन्होंने पासपोर्ट बनवाने के लिए गलत जन्मतिथि और फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल किया। इसके अलावा, उनके पास दो पैन कार्ड होने के आरोप भी हैं। इसी मामले को लेकर उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में एफआईआर रद्द करने की मांग की थी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जांच प्रक्रिया को रोका नहीं जा सकता और इस मामले में हस्तक्षेप करने का कोई कारण नहीं है। गौरतलब है कि अब्दुल्ला आजम पहले से ही कई मामलों का सामना कर रहे हैं, जिनमें कुछ में जांच जारी है।